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कुरनूल हादसा: तीर्थयात्रियों से भरी बोलेरो ट्रक से टकराई, 8 की मौत, कई घायल
16 Apr, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती | आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। यहां मंत्रालयम मंडल के चिलकलदोना के पास एक बोलेरो गाड़ी और लॉरी के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में आठ लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर हडकंप मच गया और कई यात्री गाड़ी के भीतर ही फंस गए।
हादसे में आठ की मौंत
अधिकारियों ने बताया कि हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई है। इनमें से पांच लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। तीन अन्य लोगों की मौत अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। इस दुर्घटना में करीब 10 से 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों को एम्मिगनूर अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।शुरुआती जानकारी के मुताबिक सभी मृतक लोग कर्नाटक के रहने वाले थे। ये सभी श्रद्धालु मंत्रालयम मंदिर के दर्शन करके वापस लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। मामले में पुलिस की टीमों ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। इसके बाद उन्होंने घायलों को बाहर निकाला और सड़क से मलबे को साफ कराया। पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है। हादसे की असली वजह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी जानकारियां सामने आएंगी।
पहले भी हुई थी घटना
इससे पहले पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में भी एक बस हादसा हुआ था। उस हादसे में भी छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। मंगलवार को आनंदपुर साहिब से लौटते समय श्रद्धालुओं से भरी बस पलट गई थी। उस बस में करीब 40 लोग सवार थे। बैसाखी के मौके पर दर्शन करके लौटते समय बस में तकनीकी खराबी आ गई थी, जिससे वह दुर्घटना का शिकार हो गई। उस हादसे में करीब 20 लोग घायल हुए थे, जिनका इलाज चल रहा है।
बाल शोषण मामले में अमरावती पुलिस अलर्ट, चार गिरफ्त में, बाकी की तलाश तेज
16 Apr, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमरावती | महाराष्ट्र के अमरावती जिले के परतवाड़ा में नाबालिगों के साथ कथित शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अमरावती ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद सिंगुरी ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाया गया है। इस एसआईटी में कुल 11 अधिकारी और करीब 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिनमें दो महिला अधिकारी भी हैं। इसके अलावा लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) और साइबर सेल के अधिकारी भी इस टीम का हिस्सा हैं।पुलिस के अनुसार, अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी है। साथ ही, चार अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस ने पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पीड़ितों की पहचान गुप्त रखने की अपील
एसपी ने लोगों से अपील की है कि किसी भी हालत में पीड़ितों की पहचान उजागर न करें। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों से कहा है कि वे नियुक्त महिला अधिकारियों से गोपनीय तरीके से संपर्क करें और अपनी सुविधा के अनुसार बयान दर्ज कराएं। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सभी बयान पूरी तरह सुरक्षित और गोपनीय रखे जाएंगे।
सख्त कार्रवाई की मांग
दूसरी ओर इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल खराब नहीं किया जाना चाहिए और पुलिस को निष्पक्ष जांच करने दी जानी चाहिए।
आरोपी के घर पर कार्रवाई
बता दें कि इससे पहले मुख्य आरोपी अयान अहमद तनवीर की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने उसके घर के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की थी। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच और तेज कर दी गई है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सम्राट चौधरी को गृह समेत 29 विभागों की जिम्मेदारी
15 Apr, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद आज यानी 15 अप्रैल को सम्राट चौधरी ने सीएम पद की शपथ ले ली है. बिहार की राजनीति में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का कोई चेहरा सीएम बना है. चौधरी के साथ-साथ जेडीयू खेमे के दो नेताओं ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है. इसके अलावा अभी मंत्रिमंडल विस्तार का ऐलान नहीं किया गया है. ऐसे में सभी मंत्रालय तीनों मंत्री ही संभालेंगे। बिहार में अभी मंत्रिमंडल का ऐलान नहीं किया गया है. यही वजह है कि मंत्रियों के सभी विभाग और प्रभार फिलहाल सीएम सम्राट चौधरी और दोनों डिप्टी सीएम के पास ही रहने वाले हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कुल मिलाकर 29 विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं, इनमें सबसे खास गृह विभाग है, जो नीतीश सरकार में भी सम्राट चौधरी के पास ही। डिप्टी सीएम विजय चौधरी को 10 विभागों की कमान सौंपी गई है. तो वहीं बिजेंद्र यादव को 8 विभाग दिए गए हैं. जब तक राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होता है. पूरे प्रदेश को यही तीन नेता चलाने वाले हैं. विभागों से जुड़े आदेश भी उन्हीं की तरफ से दिए जाएंगे।
किसे कौन सा मिला विभाग?
सीएम सम्राट चौधीर को सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग समेत कुल 29 प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी मिली है. वहीं विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-सम्पर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन, उच्च शिक्षा विभाग सौंपे गए हैं. बिजेंद्र यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ग्रामीण कार्य विभागों का काम सौंपा गया है।
कार्यभार संभालते ही एक्शन में चौधरी
बिहार की कमान अब सम्राट चौधरी के हाथों में आ चुकी है. शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने कार्यभार भी संभाल लिया है. इसके बाद उन्होंने अधिकारियों के साथ एक बैठक भी ली है. जिसमें उन्होंने कड़े निर्देश जारी किए हैं। बैठक में सम्राट चौधरी ने आदेश दिया है कि जो भी काम चल रहे हैं उन्हें दोगुनी स्पीड से किया जाए. इसके साथ ही समस्या का तेजी से निराकरण किया जाना चाहिए।
अधिकारियों को आदेश दिया कि राज्य से भ्रष्टाचार खत्म करने को लेकर भी काम किया जाए. इसके लिए टॉलरेंस नीति पालन कठोरता से किया जाना चाहिए.
सम्राट चौधरी ने आदेश दिया कि चाहे सीएम लेवल काम हो या फिर उसके नीचे काम हो. हर हाल में उसको पूरा करना ही हमारी जिम्मेदारी है. किसी भी काम को बीच में नहीं लटकाना है.
मुख्यमंत्री ने अपनी पहली बैठक में कहा कि आम जनता को किसी भी तरह की सुविधा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए प्रचांड से लेकर थाने में आम जनता की हर संभव मदद की जानी चाहिए.
बिहार को विकसित और समृद्ध प्रदेश बनाने के लिए एकजुट होकर अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ काम करें. मतलब साफ है कि लापरवाही किसी भी हालत में नहीं चलेगी.
जल्द होगा बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार
बिहार में नई सरकार का गठन हो चुका है. अब ऐसा माना जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार भी किया जा सकता है. सबकी निगाहें इस बार होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार पर टिकी रहने वाली हैं. देखना होगा कि नीतीश कुमार के जाने के बाद अब सरकार में उनके कितने विधायकों को मंत्री बनाया जाता है. हालांकि दो डिप्टी सीएम बनाकर नीतीश ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह भी किसी से कम नहीं हैं।
विदेश यात्राओं का ब्योरा साझा करने की दी खुली चुनौती
15 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने उनके पासपोर्ट और विदेश दौरों को लेकर सवाल उठाए हैं। सरमा ने कहा कि जो दूसरों पर आरोप लगाते हैं, उन्हें खुद भी पारदर्शिता दिखानी चाहिए। सरमा ने कहा कि वह अपने और अपने परिवार के पासपोर्ट सार्वजनिक करने को तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि वो भी अपने पासपोर्ट और विदेश यात्राओं का पूरा ब्योरा सामने रखें। तब पता चलेगा कि राहुल गांधी कहां-कहां गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 वर्षों में लगाए गए आरोपों पर राहुल गांधी को खुलकर जवाब देना चाहिए।
पासपोर्ट विवाद से बढ़ा राजनीतिक टकराव
यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप झूठे और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने दावा किया कि यह एक सोची-समझी साजिश है।
तीन पासपोर्ट के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
सरमा ने अपनी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा पर लगे तीन पासपोर्ट के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह आरोप फर्जी और AI से तैयार दस्तावेजों पर आधारित हैं। सरमा ने साफ किया कि वह इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी किया जिक्र
सरमा ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम सरकार इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर गई थी और अदालत ने अपना फैसला दिया है।
महिला आरक्षण बिल पर दिया समर्थन
सरमा ने संसद में चर्चा में आए महिला आरक्षण बिल का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए और सभी दलों को इस बिल का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से भी अपील की कि वह इस कानून के पक्ष में खड़ी हो। सरमा ने बिहार में बनी नई सरकार को भाजपा नहीं बल्कि एनडीए की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन की सरकार है, जिसमें सभी सहयोगी दलों की भूमिका है।
पटना में बड़ा हादसा टला, CM मीटिंग से पहले BJP विधायक की कार दुर्घटनाग्रस्त, सुरक्षित बचे
15 Apr, 2026 05:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में सियासी सरगर्मी (Political activity in Bihar) के बीच एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कुम्हरार से भाजपा विधायक संजय गुप्ता (Sanjay Gupta) मंगलवार तड़के सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए, जब वे पश्चिम बंगाल से लौटकर पटना आ रहे थे।
तेज टक्कर के बाद कई बार पलटी कार
हादसा बेगूसराय के जीरो माइल थाना क्षेत्र के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार हवा में उछलकर दो-तीन बार पलटी खाते हुए सड़क किनारे जा गिरी।
एयरबैग बना ‘रक्षक’
बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब 3 बजे हुआ, जब अचानक ट्रक का टायर सामने आ गया और संतुलन बिगड़ गया। हालांकि, कार के एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे विधायक, उनकी पत्नी और बेटी की जान बच गई।
अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
घटना की सूचना मिलते ही भाजपा नेता अमरेंद्र कुमार अमर मौके पर पहुंचे और घायलों को बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें पटना रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक विधायक के सीने में चोट है, लेकिन सभी की हालत स्थिर और खतरे से बाहर है।
हादसे की वजह क्या?
प्रारंभिक जांच में ट्रक की तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि सड़क पर पहले से गिरी ट्रक की स्टेपनी के कारण चालक का संतुलन बिगड़ गया।
अहम समय पर हुआ हादसा
यह दुर्घटना ऐसे वक्त हुई जब बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर मंथन चल रहा है और सभी विधायकों को पटना बुलाया गया था। ऐसे में इस हादसे ने सियासी हलकों में भी चिंता बढ़ा दी। समय रहते एयरबैग खुलने से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि घटना ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।
सबरीमाला मंदिर विवाद पर नया मोड़: कुछ लोगों का हक पूरे समाज से ऊपर नहीं – मंदिर प्रशासन
15 Apr, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। मंदिर का मैनेजमेंट देखने वाले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के वकील एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, किसी धर्म की प्रथा सही है या नहीं, यह तय होगा उसी समुदाय की आस्था के आधार पर। जज खुद यह तय नहीं करेंगे कि धर्म के लिए क्या सही है, क्या गलत।'
उन्होंने कहा कि धर्म एक समूह या समुदाय की आस्था से जुड़ा है। इसलिए कुछ लोगों (महिलाओं की एंट्री) के अधिकार को पूरे समुदाय के अधिकारों पर हावी नहीं होने दिया जा सकता।
इससे पहले 7 से 9 अप्रैल तक 3 दिन सुनवाई के दौरान भी महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखी गईं। केंद्र सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है, इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
केरल हाईकोर्ट ने 1991 में सबरीमाला में 10 से 50 साल की महिलाओं की एंट्री पर बैन लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैन हटा दिया। इसके बाद दायर पुनर्विचार याचिकाओं के आधार पर 7 महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रश्न तय किए गए हैं, जिन पर अब बहस हो रही है।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर मोदी-ट्रंप की चर्चा, वैश्विक मुद्दों पर बनी सहमति
15 Apr, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। ईरान के साथ जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते बवाल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन पर लगभग 40 मिनट तक विस्तृत बातचीत हुई। नई दिल्ली में तैनात अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस उच्चस्तरीय वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की गंभीर स्थिति और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर गहन चर्चा हुई। बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति विशेष सम्मान व्यक्त करते हुए द्विपक्षीय संबंधों की प्रगाढ़ता पर जोर दिया।
यह महत्वपूर्ण संवाद ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों पर नौसैनिक नाकेबंदी (नेवल ब्लॉकेड) का फैसला लिया है। इस कदम से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी कॉरिडोर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आवाजाही बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि भारत ने इस जलमार्ग को खुला और सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया है, क्योंकि विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ईरान द्वारा इस मार्ग पर पैदा की गई बाधाओं के कारण वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर भारत, कतर, यूएई और कुवैत जैसे देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है।
राजनयिक स्तर पर इस कॉल को भारत-अमेरिका संबंधों के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय में व्यापारिक शुल्कों (टैरिफ) को लेकर पैदा हुए तनाव को पीछे छोड़ते हुए दोनों नेताओं ने व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। राजदूत सर्जियो गोर ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में कुछ बड़े समझौतों (बिग-टिकट डील्स) की घोषणा की जा सकती है। इस बीच, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी लगातार संपर्क में हैं। रुबियो के अगले महीने भारत दौरे की संभावना है, जहां क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप और मोदी के बीच यह संवाद केवल तात्कालिक संकट को हल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बदलती वैश्विक परिस्थितियों में एक स्थिर और मजबूत साझेदारी का नया रोडमैप तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। यह साझा रुख न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को संतुलित करने में भी निर्णायक भूमिका निभाएगा।
फुल मैराथन में सैनिक सावन का कमाल, 48 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
15 Apr, 2026 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारतीय सेना के जवान ‘सावन बरवाल’ ने 48 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर देश का नाम रोशन किया है। हवलदार सावन बरवाल, जो प्रतिष्ठित 501 एफएसई ग्रुप (बंगाल इंजीनियर ग्रुप) का हिस्सा हैं, जिसे फाइल जीरो वन द ऑनली वन के नाम से जाना जाता है ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 12 अप्रैल 2026 को नीदरलैंड्स में आयोजित फुल मैराथन (42.195 किमी) को मात्र 2 घंटे 11 मिनट 58 सेकंड में पूरा कर लिया। इस शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने 1978 में महान एथलीट ‘शिवनाथ सिंह’ द्वारा बनाए गए 2:12:00 के राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। यह रिकॉर्ड पूरे 17,486 दिनों तक कायम रहा, जो भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास का सबसे लंबा चलने वाला रिकॉर्ड था।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सावन बरवाल की यह उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि यह भारतीय सेना, खासकर बंगाल सैपर्स और 501 एफएसई ग्रुप के अनुशासन, मेहनत और जज्बे का प्रतीक है। बंगाल सैपर्स सेंटर में मिली कठोर ट्रेनिंग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया, जहां उन्होंने यह साबित कर दिया कि सेना के जवान न सिर्फ सीमा पर, बल्कि खेल के मैदान में भी देश का नाम ऊंचा कर सकते हैं। उनका यह रिकॉर्ड भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर है और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सावन बरवाल की सफलता के पीछे एक लंबी और मेहनत भरी यात्रा रही है। सावन बरवाल पहली बार 2022 में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए, जब उन्होंने 2022 में 10000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। उसी साल उन्होंने गुजरात में आयोजित 5000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक 2023 में आया, जब उन्होंने दुबई में आयोजित 2023 दुबई में ब्रॉन्ज मेडल जीता। साल 2024 में सावन बरवाल ने फेडरेशन कप 2024 में 5000 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीतकर अपना पहला राष्ट्रीय खिताब हासिल किया था।
2025 उनके करियर का सबसे शानदार साल साबित हुआ। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में आयोजित नेशनल गेम्स 2025 में 5000 मीटर और 10000 मीटर दोनों में गोल्ड मेडल जीते। इसके अलावा, उन्होंने फेडरेशन कप 2025 में 10000 मीटर में गोल्ड हासिल किया। इसी साल उन्होंने भुवनेश्वर में 5000 मीटर दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। सावन बरवाल की यह लगातार मेहनत और उपलब्धियां दिखाती हैं कि उन्होंने धीरे-धीरे खुद को लंबी दूरी के एक मजबूत धावक के रूप में स्थापित किया है, और अब वे भारतीय एथलेटिक्स के भविष्य के बड़े सितारों में गिने जा रहे हैं।
ED की बड़ी कार्रवाई: सांसद अशोक मित्तल के 9 ठिकानों पर रेड, जांच तेज
15 Apr, 2026 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जालंधर। पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के करीब नौ ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापे मारे हैं। ईडी के टीमों जालंधर में बुधवार सुबह नौ बजे राज्यसभा सांसद मित्तल के घर, यूनिवर्सिटी समेत अन्य ठिकानों पर पहुंचीं। जांच चल रही है। उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात की गई है। अशोक मित्तल इस वक्त अपने जालंधर स्थित घर में मौजूद हैं। उल्लेखनीय है कि लगभग 12 दिन पहले आप ने सांसद राघव चड्डा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। इसके बाद श्री मित्तल को उपनेता बनाया गया। श्री मित्तल पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। वह 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे।
जानकारी के मुताबिक ईडी की दिल्ली टीम ने जालंधर और फगवाड़ा में लवली ग्रुप के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघनों से जुड़े मामले में की जा रही है। छापेमारी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, लवली ऑटोज, लवली स्वीट्स और लवली डिस्टेंस एजुकेशन सेंटर समेत कई स्थानों पर चल रही है। इसके अलावा, मित्तल के परिवार से जुड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों पर भी जांच की जा रही है, जिनमें उनके भाई रमेश मित्तल और नरेश मित्तल के ठिकाने शामिल हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “भारतीय जनता पार्टी द्वारा पंजाब चुनाव की तैयारी शुरू… आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी में ईडी की रेड.. टिपिकल मोदी स्टाइल..। हम वो पत्ते नहीं, जो शाख से टूट कर गिर जाएँगे, आंधियो को कह दो अपनी औक़ात में रहें।”
समुद्र में त्रासदी: अंडमान सागर में नाव डूबी, 250 लोगों का अब तक सुराग नहीं
15 Apr, 2026 02:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्री विजयपुरम। अंडमान सागर में मलेशिया जा रही एक नाव के समुद्र में पलटने से कम से कम 250 लोग लापता हो गए हैं। लापता लोगों में म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थी और बांग्लादेशी नागरिक हैं। यह घटना एक बार फिर उन जोखिमों को उजागर करती है, जिन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में मजबूर लोग हर साल उठाते हैं। इस घटना के बाद किसी खोज अभियान की स्थिति बुधवार तक स्पष्ट नहीं हो सकी और न ही यह पता है कि नौका कब डूबी। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों ने दी है ।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह नाव टेकनाफ से रवाना हुई थी, जो बांग्लादेश के दक्षिणी जिले कॉक्स बाजार में स्थित है और इसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे जो मलेशिया जा रहे थे। एजेंसियों के मुताबिक ज्यादा भीड़, तेज हवाओं और उफनते समुद्र के कारण नाव का नियंत्रण बिगड़ गया और वह डूब गई। यूएनएचसीआर और आईओएम ने कहा कि यह घटना रोहिंग्या लोगों के लंबे समय से चले आ रहे विस्थापन और स्थायी समाधान के अभाव को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में जारी हिंसा के कारण रोहिंग्या शरणार्थियों की देश में सुरक्षित वापसी अनिश्चित बनी हुई है। साथ ही शरणार्थी शिविरों में सीमित मानवीय सहायता, शिक्षा और रोजगार तक सीमित पहुंच उन्हें जोखिम भरी समुद्री यात्राएं करने के लिए मजबूर कर रही है, जो अक्सर बेहतर वेतन और अवसरों के झूठे वादों पर आधारित होती है। यूएनएचसीआर और आईओएम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए जीवन रक्षक सहायता तय करने के लिए वित्तीय सहयोग और एकजुटता को मजबूत किया जाए। बांग्लादेश ने म्यांमार से आए 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण दी है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पवन खेड़ा को मिली राहत पर ब्रेक
15 Apr, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pawan Khera Supreme Court: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगाते हुए मामले में असम सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
दरअसल, तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। इस राहत के खिलाफ असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी। अदालत ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
असम सरकार का तर्क
असम सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, ऐसे में उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत जैसी राहत नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का कहना है कि मामले की जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया जाना आवश्यक है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद असम के मुख्यमंत्री हिमन्त और उनके परिवार से जुड़े आरोपों के बाद शुरू हुआ। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कथित तौर पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें विदेश से कुछ दस्तावेज मिले हैं, जो उनके अनुसार गंभीर राजनीतिक खुलासों की ओर इशारा करते हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री की पत्नी और खुद हिमंत बिस्वा सरमा ने सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने इन दावों को भ्रामक, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।
गरमाई राजनीति
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी ओर असम सरकार इसे गंभीर कानूनी और प्रशासनिक मामला बता रही है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।
श्रद्धालुओं की बस हादसे का शिकार, पंजाब में 6 की दर्दनाक मौत, कई घायल
15 Apr, 2026 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहगढ़ साहिब: हलका बस्सी पठाना के गांव मेनमाजरा के पास श्रद्धालुओं से भरी बस हादसे का शिकार हो गई. बैसाखी के त्योहार के मौके पर श्रद्धालुओं से भरी यह बस श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेकने गई थी, जहाँ से लौटते समय बीती रात यह दर्दनाक हादसा हुआ. पुलिस, स्थानीय सरपंच और विधायक मौके पर पहुँचे और राहत बचाव में जुटे. स्थानीय लोगों की मदद से बस हादसे के शिकार लोगों को बचाया गया.
कैसे हुआ हादसा?
एसएसपी फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया, 'यह बस बैसाखी के दिन श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेकने के बाद गाँव मेनमाजरा लौट रही थी. बस में करीब 40 श्रद्धालु सवार थे. इस हादसे में करीब 15 श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए मोरिंडा और श्री फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.'
बैसाखी के दिन सुबह (14 अप्रैल, मंगलवार) करीब 40 श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेकने गए थे. जब वे रात को लौट रहे थे, तो वे गांव से लगभग 2-3 km दूर ही थे कि बस का एक अंदरूनी हिस्सा, जिसे प्राइमरी एसी कहते हैं, खराब हो गया और बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
घायलों को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. शुभम अग्रवाल ने कहा कि कुल 6 मौतें हुई. श्री फतेहगढ़ साहिब के एक डॉक्टर ने बताया, 'चुन्नी मोरिंडा रोड पर बस एक्सीडेंट हुआ. अभी तक इस एक्सीडेंट में हमारे पास 9 मरीज आए हैं, जिनमें से 2 को पीजीआई रेफर किया गया है, बाकी का यहीं इलाज चल रहा है. उन्हें कोई बड़ी चोट नहीं आई है.
अभी तक कुल 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से 3 बॉडी बस्सी पठाना में और 3 बॉडी मोरिंडा में हैं. एक्सीडेंट के कुछ पीड़ित बस्सी, मोरिंडा में हैं और यहां एडमिट हैं.'
हरसिमरत कौर बादल ने दुख जताया
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बस एक्सीडेंट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा यह दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. गुरु साहिब दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में शांति दें और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना कीं.
श्री अमरनाथ यात्रा हेतु पंजीकरण आज से, देशभर की 556 बैंक शाखाओं में सुविधा
15 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू. श्री अमरनाथ यात्रा (Shri Amarnath Yatra) के लिए बुधवार से अग्रिम पंजीकरण (Registration) शुरू हो जाएगा। देशभर में नामित पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की 556 शाखाओं (556 branches) में पंजीकरण कराया जा सकेगा। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेगी।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुताबिक पंजीकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा और बालटाल व पहलगाम रूट से यात्रा के लिए दैनिक कोटा निर्धारित होगा। 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु यात्रा के लिए पात्र होंगे। छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
पंजीकरण आधार-आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा और परमिट ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को अधिकृत चिकित्सा संस्थानों की ओर से जारी वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यात्रा परमिट में चयनित मार्ग (बालटाल या पहलगाम) और यात्रा की तिथि का उल्लेख होगा।
जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण
श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में।
यहां भी होगा पंजीकरण
कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा
किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड
पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक
रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक
राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक
रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक
सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक
श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक
उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा
डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई
अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक
पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक
एकतरफा प्यार का खौफनाक अंजाम, दूल्हे को पसंद करती थी युवती, दुल्हन पर एसिड अटैक
15 Apr, 2026 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North-East Delhi) के गोकुलपुरी इलाके में शादी से ठीक पहले एक सनसनीखेज वारदात सामने आई. यहां पड़ोस में रहने वाली एक युवती (Girl) ने मेहंदी के बहाने घर पहुंचकर दुल्हन (Bride) बनने वाली लड़की के चेहरे पर तेजाब (Acid) फेंक दिया. जिस लड़के से पीड़िता की 19 अप्रैल को शादी होने वाली थी, उसी को आरोपी युवती भी पसंद करती थी. इसी से नाराज होकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
परिजनों के अनुसार, 19 अप्रैल को पीड़िता की बारात आने वाली थी. घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. इसी बीच पड़ोस में रहने वाली एक युवती, जो पहले से ही घर में आना-जाना रखती थी, मेहंदी लगाने के बहाने उनके घर पहुंची. परिवार को उस पर कोई शक नहीं था, लेकिन उसने अचानक पीड़िता के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया और वहां से फरार हो गई.
हमले में पीड़िता गंभीर रूप से झुलस गई. घटना के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. इस घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई. जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां माहौल गमगीन हो गया.
जिस युवक से पीड़िता की शादी तय हुई थी, उसे आरोपी युवती भी पसंद करती थी. इसी बात को लेकर वह नाराज थी और इसी के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि वो मेरे पड़ोस में रहती है. पहले भी घर आती जाती थी. उसकी बहन भी आती थी. वो मेहंदी के बहाने घर आई और तेजाब भी फेंककर गई. पता नहीं था वो ऐसा कर देगी. 19 को बारात आनी थी. पीड़िता की हालत ठीक नहीं है, वो पढ़ने में अच्छी है. जिसने तेजाब डाला है, वो भी पढ़ने में अच्छी है. अभी नौकरी के लिए उसने पेपर दिया है. उसे पुलिस पकड़कर ले गई है. हम इंसाफ चाहते हैं. उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है. परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि हम इंसाफ चाहते हैं, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनवाई तेज, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
15 Apr, 2026 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर जारी संघर्ष एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यह मामला न केवल किसानों के हितों से जुड़ा हुआ है, बल्कि देश की कृषि नीति, बाजार संरचना और आर्थिक संतुलन पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी दे। जब तक एमएसपी को कानून का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।वर्तमान व्यवस्था में सरकार कुछ फसलों के लिए एमएसपी घोषित करती है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है कि हर व्यापारी या निजी खरीददार उसी कीमत पर खरीददारी करे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि यह दोहरी मार है, क्योंकि एमएसपी कॉस्ट प्राइस से कम दिया जाता है, जबकि यह कॉस्ट प्राइस और उसके 50 प्रतिशत का योग होना चाहिए। याचिका के पक्ष में अपनी दलील रखते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार का जनता को फ्री राशन देना ठीक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसानों पर ऐसा असर पड़े कि उन्हें अपनी फसल का उचित दाम न मिले और वे सुसाइड कर लें। उन्होंने अदालत को बताया कि देश में हर साल 10 हजार से ज़्यादा किसान सुसाइड करते हैं।
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