उत्तर प्रदेश
कोडरमा के खेतों में प्लास्टिक का जाल, खेती और पर्यावरण दोनों पर खतरा
4 Jul, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोडरमा। झारखंड के अभ्रक नगरी कहे जाने वाले कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड सहित आस-पास के ग्रामीण अंचलों में एक गंभीर संकट गहराने लगा है। यहाँ की उपजाऊ कृषि भूमि और खेतों में लगातार जमा हो रहे पॉलीथिन व प्लास्टिक के कचरे ने स्थानीय अन्नदाताओं (किसानों) की रातों की नींद उड़ा दी है। खेतों की मिट्टी में प्लास्टिक का यह जानलेवा जाल सीधे तौर पर भूमि की प्राकृतिक उर्वरा शक्ति (फर्टिलिटी) को नष्ट कर रहा है, जिससे आने वाले दिनों में खरीफ और रबी फसलों के कुल उत्पादन में भारी गिरावट आने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
मिट्टी की जलधारण क्षमता हो रही है खत्म, कृषि विशेषज्ञों ने जताई बड़ी चिंता
इस गंभीर समस्या को लेकर कृषि वैज्ञानिकों और भूमि विशेषज्ञों ने भी कड़ा अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पॉलीथिन एक ऐसा अजैविक कचरा है जो सैकड़ों सालों तक मिट्टी के भीतर गलता या नष्ट नहीं होता है। जब यह खेतों की मिट्टी में मिल जाता है, तो भूमि की प्राकृतिक जलधारण क्षमता (Water Retention Capacity) को पूरी तरह ब्लॉक कर देता है। इसके कारण बारिश का पानी जमीन के भीतर नहीं रिस पाता है, जिससे भूजल स्तर तो गिरता ही है, साथ ही पौधों को मिलने वाले आवश्यक प्राकृतिक पोषक तत्वों का संतुलन भी पूरी तरह बिगड़ जाता है।
हवा और बारिश के पानी के साथ खेतों में पहुंच रहा है बाजारों का कचरा
स्थानीय प्रगतिशील किसानों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों, स्थानीय बाजारों और घरों से निकलने वाला सिंगल-यूज प्लास्टिक व पॉलीथिन कचरा उचित प्रबंधन न होने के कारण खुले में फेंक दिया जाता है। यही कचरा तेज आंधी-तूफान और बारिश के पानी के तेज बहाव के साथ बहकर सीधे उनके उपजाऊ खेतों तक पहुंच जाता है। जब किसान खेतों की जुताई और बुआई शुरू करते हैं, तो ट्रैक्टरों के हल और कृषि उपकरणों में यह प्लास्टिक बुरी तरह फंस जाता है, जिससे खेती के रोजमर्रा के कामों में भारी तकनीकी और शारीरिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फसलों की जड़ों का रुक रहा है विकास, पैदावार पर मंडराया बड़ा खतरा
वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि खेतों में जमा यह रासायनिक प्लास्टिक मिट्टी के भीतर ऑक्सीजन और पानी के प्राकृतिक प्रवाह (एरिएशन) को पूरी तरह रोक देता है। जब हवा और नमी फसलों की जड़ों तक नहीं पहुंच पाती, तो पौधों का समुचित विकास रुक जाता है, जिससे बालियां छोटी रह जाती हैं और अनाज की गुणवत्ता व पैदावार बुरी तरह प्रभावित होती है। इससे किसानों की लागत तो बढ़ रही है, लेकिन मुनाफा आधा होता जा रहा है।
प्रशासन से सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध और सख्त जुर्माने की मांग
इस पर्यावरणीय और कृषि संकट से परेशान होकर क्षेत्र के कृषकों और जागरूक ग्रामीणों ने प्रखंड व जिला प्रशासन से सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और उपयोग पर जमीनी स्तर पर सख्ती से रोक लगाने की पुरजोर गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि बाजारों में पॉलीथिन बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए और गांवों में कचरा निस्तारण (Solid Waste Management) की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसानों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस मूक संकट पर नियंत्रण नहीं पाया, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में कोडरमा की उपजाऊ धरती पूरी तरह बंजर हो जाएगी और क्षेत्र में कृषि संकट खड़ा हो जाएगा।
बांका में पुलिस-माफिया आमने-सामने, पथराव और मारपीट के बाद ट्रैक्टर छुड़ाया गया
4 Jul, 2026 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोड्डा। अंतरराज्यीय बिहार-झारखंड सीमा पर सक्रिय बालू माफियाओं और अवैध खनन करने वाले अपराधियों ने देर रात जमकर उत्पात मचाया। अवैध बालू चोरी को रोकने और माफियाओं पर नकेल कसने पहुंचे बिहार के बांका जिले के धौरैया थाना में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) प्रदीप कुमार चौधरी पर बालू चोरों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया और उनकी बेरहमी से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, बेखौफ अपराधी पुलिसिया कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध खनन में जब्त किए गए अपने ट्रैक्टरों को भी जबरन छुड़ाकर रफूचक्कर हो गए। यह दुस्साहसिक वारदात गोड्डा सदर अंचल के सौर और बिहार के धौरैया थाना क्षेत्र के सीमावर्ती पहसाना गांव के पास स्थित गेरूवा नदी के घाट पर अंजाम दी गई।
रात के अंधेरे में नदी की छाती चीरने घुसे 30 खाली ट्रैक्टर, सीमा लांघकर मचाया तांडव
प्राप्त पुख्ता जानकारी के अनुसार, झारखंड के गोड्डा मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सौर गांव और उसके आस-पास के इलाकों से संगठित बालू चोरों का एक बड़ा गिरोह सक्रिय हुआ। देर रात करीब 11 बजे के आस-पास लगभग 30 खाली ट्रैक्टरों का एक विशाल काफिला बालू के अवैध उत्खनन (माइनिंग) के लिए सीमावर्ती गेरूवा नदी में उतारा गया। ये सभी वाहन अवैध रूप से सीमा लांघते हुए बिहार के धौरैया थाना क्षेत्र के पहसाना गांव की प्रशासनिक सीमा में प्रवेश कर गए और धड़ल्ले से नदी की छाती चीरकर अवैध बालू लोडिंग का काम शुरू कर दिया।
पुलिस टीम पर अचानक किया हमला, वर्दी का खौफ भूलकर की मारपीट
नदी में अवैध खनन की गुप्त सूचना मिलते ही धौरैया थाने के सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार चौधरी अपनी छोटी पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर छापेमारी करने पहुंचे। पुलिस को देखते ही बालू माफियाओं और ट्रैक्टर चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए अवैध बालू से लदे वाहनों को जब्त करना शुरू किया, जिससे माफिया बौखला गए।
कानून और वर्दी का खौफ भूलकर दर्जनों की संख्या में मौजूद बालू चोरों और उनके गुर्गों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। उन्होंने सब-इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार पर अचानक लाठी-डंडों से हमला बोल दिया और उनके साथ गंभीर मारपीट की। इस अफरातफरी और हिंसक हमले का फायदा उठाकर आरोपी पुलिस कस्टडी से अपने ट्रैक्टरों को जबरन छुड़ाकर झारखंड की सीमा की ओर भगा ले गए।
दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलाया हाथ, माफियाओं की धरपकड़ के लिए जॉइंट ऑपरेशन शुरू
इस दुस्साहसिक वारदात के बाद घायल सब-इंस्पेक्टर को तत्काल नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी पर हुए इस हमले के बाद बिहार और झारखंड, दोनों ही राज्यों के पुलिस महकमे में भारी आक्रोश है और इसे कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती माना जा रहा है। बांका (बिहार) और गोड्डा (झारखंड) जिले के वरिष्ठ पुलिस कप्तानों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी कर दी है। आरोपियों की शिनाख्त कर ली गई है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस द्वारा एक बड़ा संयुक्त तलाशी अभियान (जॉइंट ऑपरेशन) चलाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस पर हमला करने और अवैध खनन की धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए मुख्य सरगनाओं को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बक्सर में युवक की मौत का मामला, खेत से शव बरामद, दो युवतियां हिरासत में
4 Jul, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। बिहार के बक्सर जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवपुरी मोहल्ले में शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक सूने और खाली प्लॉट से 22 वर्षीय एक युवक का रक्तरंजित शव बरामद किया गया। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मृतक की पहचान पड़ोसी जिले भोजपुर (आरा) के अरवल मोहल्ला निवासी कमलेश पांडेय के इकलौते युवा पुत्र ओम पांडेय के रूप में की गई है। पुलिस घटना को पहली नजर में ऑनर किलिंग या प्रेम प्रसंग से जुड़ा मर्डर मानकर चल रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में तफ्तीश आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने मोहल्ले की ही दो संदिग्ध युवतियों को हिरासत में ले लिया है।
सिर पर गहरे जख्म और नाक से बह रहा था खून, अकड़ चुका था शव
शनिवार की सुबह जब शिवपुरी मोहल्ले के कुछ स्थानीय लोग खाली पड़े एक प्लॉट के पास से गुजर रहे थे, तो उनकी नजर वहां पड़े एक युवक के शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय नगर थाना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब शव को पलटा तो दंग रह गई। प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच में मृतक ओम पांडेय के सिर के पिछले हिस्से और कनपटी के पास किसी भारी और धारदार वस्तु से प्रहार किए जाने के गहरे निशान मिले हैं।
उसके नाक से भी काफी खून बह चुका था और मौत कई घंटे पहले होने के कारण शव पूरी तरह से अकड़ (Rigor Mortis) चुका था। मृतक के शरीर पर केवल जींस और एक बनियान मौजूद थी। तलाशी लेने पर उसकी जेब से एक स्मार्टफोन बरामद हुआ। इसी बीच, लापता ओम की तलाश करते हुए उसके दो दोस्त भी वहां पहुंच गए और उन्होंने शव को देखते ही उसकी पहचान ओम पांडेय के रूप में की।
कॉलेज में दाखिला लेने आरा से बक्सर आया था ओम, दोस्त छोड़ आए थे प्रेमिका के घर
मृतक के दोस्तों ने पुलिस को दिए अपने बयान में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि ओम पांडेय बक्सर के ही एक प्रतिष्ठित कॉलेज में अपना नामांकन (एडमिशन) कराने के सिलसिले में आरा से यहां आया हुआ था और बक्सर के नया बाजार इलाके में स्थित उनके किराए के कमरे पर ही ठहरा हुआ था।
दोस्तों के मुताबिक, शुक्रवार की शाम ओम ने उन्हें बताया था कि वह शिवपुरी मोहल्ले में रहने वाली अपनी एक महिला मित्र (गर्लफ्रेंड) से मिलने जा रहा है। दोस्त उसे अपनी बाइक से उस युवती के घर के पास छोड़कर वापस लौट आए थे। जब देर रात तक ओम कमरे पर नहीं लौटा, तो दोस्तों ने उसके मोबाइल पर दर्जनों बार कॉल की, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। सुबह जब वे उसकी खोजबीन में निकले, तो उन्हें शिवपुरी में एक शव मिलने की बात पता चली।
प्रेम प्रसंग की आशंका: एफएसएल टीम ने जुटाए सबूत, दो युवतियां पुलिस कस्टडी में
बक्सर पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि यह पूरी वारदात एकतरफा या गुप्त प्रेम प्रसंग के चलते अंजाम दी गई है। हत्यारों ने मुफीद वक्त देखकर पहले ओम की बेरहमी से हत्या की और साक्ष्यों को छिपाने के उद्देश्य से उसकी लाश को खाली प्लॉट में फेंककर रफूचक्कर हो गए।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीपीओ (SDPO) गौरव पांडेय तुरंत दलबल और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक्सपर्ट टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने फिंगरप्रिंट्स और घटनास्थल के पास से कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।
नगर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की प्राथमिक कड़ियों को जोड़ते हुए शिवपुरी मोहल्ले की दो युवतियों को हिरासत में लेकर गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और युवतियों के बयानों के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर केस का चंद घंटों के भीतर पर्दाफाश कर मुख्य हत्यारों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
यूपी में अचानक धंसी जमीन, हिलने लगी इमारत; 55 लोगों की बाल-बाल बची जान
4 Jul, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कानपुर। काकादेव के नवीननगर एम ब्लॉक स्थित चार मंजिला हार्मनी डीलक्स अपार्टमेंट के बेसमेंट की फर्श धंसने से दीवार भरभराकर गिर गई। इस हादसे में कई बाइकें और स्कूटी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसा शुक्रवार सुबह तेज बारिश के दौरान हुआ। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस, दमकलकर्मियों और एसडीआरएफ की टीम ने करीब एक घंटे का सघन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर 13 फ्लैटों में रहने वाले 55 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
केडीए (कानपुर विकास प्राधिकरण) के विशेष कार्याधिकारी के अनुसार, अपार्टमेंट एक तरफ झुक गया है, जिसके चलते एहतियात के तौर पर इसे पूरी तरह खाली करा लिया गया है। वहीं, फ्लैट में रहने वाले लोगों का आरोप है कि बेसमेंट में कई दिनों से नियमों के विपरीत जाकर गहरी खोदाई की जा रही थी। इसके साथ ही अपार्टमेंट के नीचे किए गए मेट्रो निर्माण कार्य से भी जमीन कमजोर हो गई थी।
अचानक हिलने लगी इमारत, मलबे में दबी गाड़ियां
अपार्टमेंट निवासियों ने आरोप लगाया कि बेसमेंट में हो रही खोदाई और अंडरग्राउंड मेट्रो के विपरीत कार्य की शिकायत कई बार संबंधित विभागों से की गई थी, लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अचानक इमारत हिलने लगी और कुछ ही पलों में ग्राउंड फ्लोर की फर्श धंसने के साथ एक हिस्से की दीवार भरभराकर गिर गई। इससे वहां एक गहरा गड्ढा हो गया।
गड्ढे और मलबे में दबकर कई स्कूटी और बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं, जिन्हें बाद में क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। सूचना पर एसीपी कर्नलगंज आकांक्षा पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और उनके निर्देश पर राहत कार्य तेजी से शुरू किया गया।
आंसुओं में डूबे आशियाने, जांच के आदेश
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों से लोगों ने भारी नाराजगी जाहिर की। फ्लैट मालिकों का कहना था कि उन्होंने जीवनभर की गाढ़ी कमाई और बैंक से भारी-भरकम लोन लेकर यह आशियाना खरीदा था। अब किस्तें भी भरनी हैं और रहने के लिए घर भी नहीं बचा। अधिकारियों की लापरवाही के कारण उन्हें आज यह दिन देखना पड़ रहा है।
काकादेव थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने फ्लैट में रहने वाले सभी लोगों की सूची तैयार कर ली है। जांच रिपोर्ट और तकनीकी खामियों के आधार पर आगे की कार्रवाई केडीए और संबंधित विभागों द्वारा की जाएगी।
विधायक बोले- जांच में जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा
क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी ने भी घटनास्थल का मुआयना किया और हालात का जायजा लिया। उन्होंने मेट्रो प्रोजेक्ट मैनेजर से इस संबंध में बात की। मेट्रो प्रशासन का दावा है कि उनका निर्माण कार्य सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है। उनकी प्राथमिक जांच के अनुसार, बेसमेंट में अत्यधिक खोदाई और उसमें पानी भरने से मिट्टी धंसने के कारण यह हादसा हुआ है।
विधायक ने केडीए उपाध्यक्ष को तत्काल तकनीकी टीम भेजकर विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में बिल्डर की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी और यदि मेट्रो परियोजना की कोई चूक पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर भी जवाबदेही तय की जाएगी।
आरोपों और दावों के बीच फंसा मामला
बिल्डर/प्राधिकरण पक्ष: बिल्डिंग का मानचित्र स्वीकृत है, फिर भी इसकी जांच कराई जा रही है। मेट्रो की खोदाई की वजह से बिल्डिंग नीचे से खोखली हो गई, जिस वजह से यह झुक गई।
मेट्रो प्रशासन का पक्ष: घटनास्थल पर मेट्रो का काम महीनों पहले (जनवरी 2026 में ही) खत्म हो चुका है। यूपीएमआरसी की टीम जब मौके पर पहुंची तो अपार्टमेंट के बेसमेंट में पानी भरा हुआ था और वहां अवैध खुदाई व निर्माण कार्य चल रहा था, जो इस हादसे की मुख्य वजह बना।
फिरौती के लिए अगवा किया मासूम, हत्या के बाद खंडहर में फेंका शव, आरोपी गिरफ्तार
4 Jul, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर। सहजनवा कस्बे के वार्ड-9 पिपरा नई कॉलोनी से लापता छह वर्षीय मासूम अंशुमान सिंह की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामले में आरोपी किराएदार कल्पेश को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि करीब एक माह पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। आर्थिक तंगी की वजह से उसने मासूम का अपहरण कर उसके पिता से फिरौती मांगने की साजिश रची थी।
आरोपी ने बताया कि साजिश के तहत वह बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और वार्ड-10 स्थित लुचुई रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक बंद मकान के पीछे बने खंडहरनुमा कमरे में पहुंचा। वहां वह बच्चे के हाथ-पैर बांधने लगा, इसी दौरान बच्चे का सिर दीवार से टकरा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद वह घबरा गया और शव को वहीं छोड़कर भाग निकला। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में यह भी बताया कि पूरी साजिश उसने अकेले रची थी और उसकी पत्नी की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
फुल्की खाने निकला था मासूम अंशुमान
पिपरा नई कॉलोनी निवासी विनय सिंह उर्फ कन्हैया का छह वर्षीय पुत्र अंशुमान यूकेजी का छात्र था। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे वह घर के बाहर फुल्की खाने के लिए निकला था। कुछ देर बाद वह लौटा और फिर बाहर चला गया। देर शाम तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और अपहरण की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई।
सीसीटीवी फुटेज और खोजी कुत्तों की मदद से मिला सुराग
पुलिस ने रातभर सीसीटीवी फुटेज खंगाले और खोजी कुत्तों की मदद से तलाश की। जांच में एक मैरिज हॉल के पास लगे कैमरे में बच्चा किराए पर रहने वाले कल्पेश के साथ जाता हुआ दिखाई दिया। इसी आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ में वह टूट गया और उसकी निशानदेही पर शुक्रवार को शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मासूम की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जूट मिल में हुई थी किराएदार से पहचान
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कल्पेश मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा क्षेत्र का रहने वाला है। वह पहले गीडा की एक फैक्टरी में काम करता था, लेकिन करीब एक माह पहले उसकी नौकरी छूट गई थी। प्रेम विवाह के बाद वह सहजनवा में रह रहा था और बीते 26 मई से विनय सिंह के मकान में किराएदार के रूप में रह रहा था।
घटनास्थल पर लोगों की बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए प्रशासन ने पूरी सतर्कता बरती और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद से ही पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी की जा रही है।
पति पर इन्फ्लुएंसर की हत्या का आरोप, मामले की इनसाइड स्टोरी आई सामने
4 Jul, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ| मेरठ के सरूरपुर थाना क्षेत्र के कस्बा हर्रा में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई। यहाँ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ब्यूटी पार्लर संचालिका निशा चौहान की उनके पति प्रदीप चौहान ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। बीच-बचाव करने आए उनके 17 वर्षीय बेटे देव भी चाकू लगने से घायल हो गए। वारदात को अंजाम देने के बाद प्रदीप ने खुद को भी चाकू मारकर जान देने की कोशिश की, जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने निशा के भाई अंकित की तहरीर पर प्रदीप चौहान, उसके चचेरे भाई विकास और मामा के बेटे राहुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच प्लॉट के बैनामे और गली में गेट लगाने को लेकर विवाद चल रहा था।
रास्ते के विवाद को लेकर हुई थी कहासुनी
निशा का पड़ोस में रहने वाले प्रदीप के चचेरे भाई विकास से गली के रास्ते पर गेट निकलवाने को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उन्होंने कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी पोस्ट किया, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। आरोप है कि बृहस्पतिवार रात विकास ने अपने रिश्तेदार राहुल के साथ मिलकर अपने घर का तीसरा गेट निशा के ब्यूटी पार्लर के सामने लगवा दिया। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे जब निशा ने नया गेट देखा तो उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद विकास और राहुल ने प्रदीप को उकसाया, जिसके बाद पति-पत्नी के बीच प्लॉट और गेट विवाद को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई।
गुस्से में आकर पति ने किए ताबड़तोड़ वार
आरोप है कि बहस के दौरान प्रदीप ने अपना आपा खो दिया। वह किचन से चाकू लेकर आया और निशा पर हमला कर दिया। उसने निशा के चेहरे, गर्दन, छाती और हाथ पर कई वार किए। बीच-बचाव करने आए उनके बेटे देव के हाथ में भी चाकू लग गया। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल देव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रदीप को कंकरखेड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां प्रदीप की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
निशा कर रही थीं नए गेट का विरोध
हापुड़ जिले के गढ़मुक्तेश्वर निवासी अंकित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 साल पहले उनकी बहन निशा की शादी हर्रा निवासी प्रदीप चौहान के साथ हुई थी। निशा घर से ही ब्यूटी पार्लर चलाती थीं। पड़ोस में रहने वाले विकास से उनका रास्ते को लेकर पुराना विवाद था। पूर्व में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ शांतिभंग की आशंका के तहत कार्रवाई भी की थी। निशा ने कुछ दिन पहले भी विकास और राहुल पर मारपीट का आरोप लगाया था। विकास ने पहले से दो गेट होने के बावजूद तीसरा गेट पार्लर के ठीक सामने लगवा दिया था, जिसका निशा लगातार विरोध कर रही थीं।
प्लॉट के बैनामे को लेकर भी था तनाव
प्रदीप और निशा ने मैनापूठी गांव में 137 गज का एक प्लॉट 17 लाख रुपये में खरीदा था, जिसका शुक्रवार को ही बैनामा होना था। निशा की बहन के अनुसार, इस प्लॉट को खरीदने में 80 प्रतिशत रकम निशा ने दी थी, इसलिए वह इसे अपने नाम कराना चाहती थीं। पुलिस के मुताबिक, इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद और बढ़ गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्लॉट नाम कराने के विवाद में ही यह हत्या की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से फुटेज और डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपी प्रदीप का इलाज चल रहा है, जबकि मामले में नामजद विकास और राहुल की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है।
पलामू में 100 रुपये के विवाद ने छीनी जान, युवक की इलाज के दौरान मौत
4 Jul, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेदिनीनगर। झारखंड के पलामू जिले से नशे की लत के कारण एक हंसते-खेलते परिवार के तबाह होने की बेहद दर्दनाक और सामाजिक रूप से झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपराही नावाडीह गांव में शुक्रवार की शाम एक मामूली और अजीबोगरीब घरेलू विवाद के बाद 25 वर्षीय युवक नंदू यादव ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
शराब पीने के लिए पैसे न मिलने पर उपजा था विवाद, गुस्से में उठाया आत्मघाती कदम
पारिवारिक सूत्रों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक नंदू यादव पिछले काफी समय से अत्यधिक शराब पीने का आदी (व्यसनी) हो चुका था, जिसके कारण अक्सर घर में आर्थिक तंगी और कलह की स्थिति बनी रहती थी। शुक्रवार की शाम उसने अपनी पत्नी से शराब की बोतल खरीदने के लिए 100 रुपये की मांग की। घर के हालात और पति की लत को देखते हुए पत्नी ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। पैसे न मिलने से बौखलाए नंदू का अपनी पत्नी के साथ तीखा विवाद और गाली-गलौज शुरू हो गई। यह कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से और नशे के आवेश में आकर नंदू ने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फांसी के फंदे पर झूल गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मेडिकल कॉलेज किया गया था रेफर, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
कमरे के भीतर अनहोनी की आशंका होते ही पत्नी और घर के अन्य सदस्य चीखने-चिल्लाने लगे, जिसके बाद आस-पास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से दरवाजा तोड़कर नंदू को फंदे से नीचे उतारा गया। उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं, जिसके चलते आनन-फानन में उसे बेहद नाजुक हालत में रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए मेदनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (MMCH) रेफर कर दिया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवा बेटे की मौत से परिवार में पसरा मातम, पुलिस ने शुरू की मर्ग जांच
महज 100 रुपये के विवाद और शराब की सनक में 25 साल के युवा बेटे की मौत की खबर मिलते ही बूढ़े माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस घटना के बाद से गहरा सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब के जानलेवा शौक ने एक और खुशहाल घर का चिराग बुझा दिया। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक जांच शुरू कर दी है।
गोपालगंज की कृतिका पांडेय ने DRDO में हासिल किया बड़ा मुकाम, बनीं ग्रुप-ए अधिकारी
4 Jul, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले अंतर्गत पंचदेवरी प्रखंड के एक छोटे से गांव गहनी की होनहार बेटी कृतिका पांडेय ने अपनी असाधारण प्रतिभा, कड़े संघर्ष और अटूट लगन के दम पर राष्ट्रीय पटल पर जिले का मान बढ़ाया है। कृतिका का चयन भारत सरकार के प्रतिष्ठित वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce and Industry) में 'पेटेंट अफसर' के बेहद महत्वपूर्ण पद पर हुआ है। इस शानदार कामयाबी के साथ ही उन्होंने ग्रुप-ए राजपत्रित अधिकारी (Class-1 Gazetted Officer) की श्रेणी में अपनी जगह पक्की कर ली है। कृतिका की इस ऐतिहासिक गौरवपूर्ण उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र में हर्ष और उल्लास का माहौल है।
रेलवे के सेवानिवृत्त चीफ लोको इंस्पेक्टर की बेटी ने रचा इतिहास
कृतिका पांडेय के पिता अनिल पांडेय भारतीय रेलवे में चीफ लोको इंस्पेक्टर जैसे जिम्मेदार पद से ससम्मान सेवानिवृत्त हो चुके हैं, जबकि उनकी माता उषा पांडेय एक कुशल गृहिणी हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली कृतिका के माता-पिता ने तमाम चुनौतियों के बावजूद शुरू से ही अपने बच्चों की उच्च शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता-पिता के इसी विजन और संस्कारों का सुखद परिणाम आज कृतिका की इस सुनहरी सफलता के रूप में पूरे समाज के सामने एक मिसाल बनकर उभरा है।
बीटेक और एमटेक के बाद डीआरडीओ (DRDO) में दे चुकी हैं सेवाएं
कृतिका ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) के एक नामचीन स्कूल से पूरी की, जहां से उन्होंने मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने तकनीकी शिक्षा की ओर कदम बढ़ाते हुए फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (रायबरेली) से बीटेक की डिग्री ली। अपनी शैक्षणिक योग्यता को और मजबूत करने के लिए उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान 'भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान' (IIEST), शिबपुर से एमटेक की उच्च डिग्री हासिल की। अपनी एमटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद कृतिका का चयन रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO), नई दिल्ली में जूनियर रिसर्च फेलो (JRF) के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने देश की रक्षा तकनीक को समझने में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) की तैयारी के दौरान मिली बड़ी सफलता
डीआरडीओ में फेलोशिप पूरी करने के बाद कृतिका देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 'भारतीय इंजीनियरिंग सेवा' (IES) की तैयारी में पूरी शिद्दत से जुटी हुई थीं। इसी कठिन परिश्रम के दौरान उन्होंने पेटेंट अफसर की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में भाग लिया और पहले ही गंभीर प्रयास में शीर्ष रैंक हासिल कर अपने माता-पिता और पूरे गोपालगंज जिले का नाम रोशन कर दिया।
अपनी इस स्वर्णिम सफलता का श्रेय कृतिका ने अपने माता-पिता, नाना-नानी, भाइयों, मामाओं और अपने गुरुजनों के कुशल मार्गदर्शन व आशीर्वाद को दिया है। नई पीढ़ी के युवाओं और विशेषकर बेटियों को संदेश देते हुए कृतिका ने कहा, "अगर आपके भीतर निरंतर मेहनत करने का जज्बा, कड़ा अनुशासन और खुद पर अटूट आत्मविश्वास हो, तो दुनिया का कोई भी बड़ा लक्ष्य आपके कदमों में हो सकता है।" कृतिका की जॉइनिंग की खबर मिलते ही गहनी गांव स्थित उनके पैतृक निवास पर बधाई देने वाले शुभचिंतकों और ग्रामीणों का तांता लगा हुआ है।
किशनगंज में सनसनीखेज वारदात, युवक की हत्या के बाद इलाके में हड़कंप
4 Jul, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में आने वाले किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड से एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली हत्या की वारदात सामने आई है। यहाँ के बिशनपुर पंचायत अंतर्गत बिशनपुर गांव में शनिवार को एक व्यक्ति की उसके ही घर के भीतर अज्ञात हमलावरों द्वारा सिर कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई। वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव और सनसनी का माहौल है। घटना की भनक लगते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
हाईस्कूल चौक के पास घर में मिला लहूलुहान शव, इलाके में दहशत का माहौल
प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान रिजवान अहमद के रूप में की गई है। रिजवान मूल रूप से जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टंगटगी गांव का स्थाई निवासी था। स्थानीय ग्रामीणों और करीबियों ने बताया कि वह पिछले करीब 10 वर्षों से अपने पैतृक गांव को छोड़कर कोचाधामन के बिशनपुर हाईस्कूल चौक के पास अपना नया मकान बनाकर अपने पूरे परिवार के साथ शांतिपूर्वक रह रहा था। शनिवार को घर के अंदर ही उसका रक्तरंजित शव मिलने से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने शुरू की वैज्ञानिक जांच, आपसी रंजिश और लूटपाट के कोणों पर तफ्तीश तेज
किशनगंज पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए हर संभावित और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे थाना प्रभारी ने बताया कि शव के सिर पर किसी भारी वस्तु या हथियार से जोरदार प्रहार किया गया है, जिसके कारण अत्यधिक खून बहने से मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस आस-पास के लोगों से पूछताछ करने के साथ-साथ यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह वारदात किसी पुरानी आपसी रंजिश का नतीजा है या फिर लूटपाट के इरादे से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।
यूपी में पति हत्याकांड: नींद की गोलियों से हत्या का आरोप, बाथरूम में दफन मिली लाश
4 Jul, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगरा| आगरा के सिकंदरा (दहतोरा) में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक महिला ने पति की रोज-रोज की शराब और मारपीट से तंग आकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से शव को घर के बाथरूम में ही दफना दिया और ऊपर से मिस्त्री बुलाकर पक्का फर्श बनवा दिया। पुलिस के मुताबिक, महिला ने पति को खीर में 20 से अधिक नींद की गोलियां मिलाकर दी थीं।
हत्या के करीब डेढ़ महीने बाद, शुक्रवार को पुलिस ने बाथरूम का फर्श खुदवाकर शव का कंकाल बरामद किया और आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।
सत्यापन के लिए पहुंची पुलिस, तो खुला राज
यह पूरी घटना डेढ़ महीने पुरानी है। 18 मई को आरोपी पत्नी रूबी ने अपने जेठ अनिल को फोन कर मां और बच्चों को ले जाने को कहा था। अगले दिन उसने झूठ बोला कि उसका पति सुरेंद्र 3,000 रुपये लेकर कहीं चला गया है। शक न हो, इसलिए रूबी ने 26 मई को चौकी पर पति की गुमशुदगी भी दर्ज करा दी। जब भी पुलिस जांच के लिए आती, वह रोने का नाटक करने लगती।
बुधवार को पुलिस वर्ष 2017 के एक पुराने मामले में सत्यापन के लिए सुरेंद्र के घर पहुंची। सुरेंद्र के बारे में पूछने पर जब पुलिसकर्मियों ने रूबी की तस्वीरें लीं, तो वह बुरी तरह घबरा गई। उसे लगा कि उसका राज खुल चुका है। घबराहट में उसने शुक्रवार सुबह अपने जेठ अनिल को फोन कर बुलाया और जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद अनिल ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
बयान बदलती रही आरोपी पत्नी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला लगातार अपने बयान बदलती रही। पहले उसने नींद की गोलियां देने की बात कही, फिर दावा किया कि पति ने खुदकुशी की थी और डर के मारे उसने शव दफना दिया। चूंकि बाथरूम का फर्श कमरे से दो-तीन फीट नीचे था, इसलिए उसने शव को वहां डालकर ऊपर से मिट्टी और कंक्रीट डलवा दी। हालांकि, पुलिस को अंदेशा है कि इस खौफनाक साजिश में कोई और भी शामिल हो सकता है, क्योंकि एक अकेले व्यक्ति के लिए यह सब करना मुमकिन नहीं लगता।
24 साल पहले भरतपुर से आया था परिवार
मूल रूप से भरतपुर के रंजीत नगर निवासी राधेश्याम शर्मा (सेवानिवृत्त प्रवक्ता) 24 साल पहले आगरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम कॉलोनी में आकर बस गए थे। सुरेंद्र उनका छोटा बेटा था, जिसकी शादी 16 साल पहले रूबी से हुई थी। उनकी दो बेटियां हैं। सुरेंद्र की मां को मिलने वाली 32 हजार रुपये की पेंशन का एटीएम कार्ड और पासबुक भी रूबी के पास ही रहता था, जिसे लेकर हाल ही में परिवार में विवाद भी हुआ था।
नीचे दफन था पति, ऊपर रोज नहाती थी पत्नी
इस हत्याकांड का सबसे खौफनाक पहलू यह है कि सुरेंद्र की हत्या करने के बाद रूबी ने जिस बाथरूम में शव को दफनाया था, वह रोज उसी बाथरूम का इस्तेमाल करती थी और लाश के ऊपर ही नहाती थी। पड़ोसियों के पूछने पर वह अक्सर परेशान होने और रोने का ढोंग करती थी।
कड़े और रुद्राक्ष की माला से हुई शिनाख्त
जब पुलिस ने बाथरूम का फर्श खोदा, तो अंदर से गल चुका शव और कंकाल मिला। शव के हाथ में मौजूद कड़े और गले में पहनी रुद्राक्ष की माला को देखकर परिजनों ने सुरेंद्र की शिनाख्त की। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है।
पड़ोसियों को नहीं लगी भनक
पड़ोसियों का कहना है कि सुरेंद्र शराब पीने का आदी था और उसकी वजह से घर में अक्सर झगड़े होते थे। सुरेंद्र ने अपनी नौकरी भी छोड़ दी थी और रूबी कपड़े सिलकर जो पैसे कमाती थी, वह उन्हें भी छीन लेता था। लोगों ने कई बार उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि इस कलह का अंजाम इतना खौफनाक होगा।
अन्य सनसनीखेज मामलों की यादें हुईं ताजा
इस घटना ने हाल के कुछ अन्य खौफनाक मामलों की यादें ताजा कर दी हैं:
मेरठ (मार्च 2025): यहाँ मुस्कान नामक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मर्चेंट नेवी में कार्यरत पति सौरभ की हत्या कर दी थी और शव के टुकड़े कर सीमेंट के ड्रम में छिपा दिए थे।
आगरा, सैंया (1 अप्रैल 2026): सोमवती नामक महिला ने अपने प्रेमी महेश के साथ मिलकर पति लोकेंद्र की हत्या की और शव को खेत में जला दिया।
आगरा, लोधई (9 फरवरी 2026): गौरी नामक महिला ने अपने चचेरे देवर के साथ मिलकर पति लवकेश की हत्या कर दी थी और इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी।
पुलिस का बयान: "आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने घरेलू कलह और शराब की लत से तंग आकर हत्या की बात कबूली है। मामले की हर एंगल से गहनता से जांच की जा रही है कि इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं था।"
गाजियाबाद के ब्रिज विहार में चार बिजली के पोल गिरे, दो घंटे तक दहशत का माहौल
4 Jul, 2026 07:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गाजियाबाद। सूर्या नगर स्थित ब्रिज विहार एमआईजी इलाके में शुक्रवार की सुबह करीब 5:30 बजे एक के बाद एक चार विद्युत पोल अचानक भरभराकर गिर गए। घटना के समय बड़ी संख्या में लोग सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर निकले हुए थे। पोल गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागे। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई व्यक्ति पोल या हाई वोल्टेज बिजली के तारों की चपेट में नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि, पोल गिरने से वहां खड़ी तीन कारें गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।
हादसे के करीब दो घंटे बाद तक गिरे हुए पोल और सड़कों पर फैले तारों में करंट दौड़ता रहा। इसे बंद कराने के लिए स्थानीय लोग संबंधित अधिकारियों को लगातार फोन मिलाते रहे, लेकिन लाइन व्यस्त आती रही। सुबह करीब साढ़े सात बजे जब बिजली आपूर्ति रोकी गई, तब तक लोग अपनी और वहां से गुजरने वाले अन्य राहगीरों की सुरक्षा के लिए खुद ही घटनास्थल पर मुस्तैद रहे।
दो घंटे तक दौड़ता रहा करंट, बिजली विभाग की लापरवाही से नाराजगी
प्रत्यक्षदर्शी पूनम त्यागी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद लोग ऊर्जा निगम के अधिकारियों और संबंधित शिकायत केंद्र पर लगातार फोन करते रहे, लेकिन करीब दो घंटे तक किसी भी अधिकारी की ओर से न तो फोन उठाया गया और न ही तुरंत बिजली आपूर्ति बंद की गई। अधिकारियों की इस घोर लापरवाही को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि सुबह 7:30 बजे बिजली काटने के बाद से इलाके में दिनभर आपूर्ति ठप रही, जो शाम करीब छह बजे जाकर बहाल हो सकी।
घटिया निर्माण और गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय निवासी कार्तिकेय व अन्य लोगों का कहना है कि जिन विद्युत पोलों के गिरने से यह घटना हुई, उन्हें करीब दो वर्ष पहले ही ऊर्जा निगम की तरफ से लगाया गया था। इतने कम समय में पोलों का इस तरह गिर जाना, उनकी गुणवत्ता और स्थापना कार्य पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
वहीं अजय त्यागी ने बताया कि हादसे में तीनों कारें पीछे से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गाड़ियों के पीछे के शीशे और दोनों लाइटें टूट गई हैं, जिससे वाहन स्वामियों को करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। स्थानीय निवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ऊर्जा निगम को इस घटना से सबक लेते हुए पूरे क्षेत्र में लगे विद्युत पोलों का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो।
पेड़ की डाल गिरने से हुआ हादसा: ऊर्जा निगम
बृजेश कुमार (मुख्य अभियंता, ऊर्जा निगम): "पास में स्थित एक पीपल के पेड़ की भारी डाल टूटकर बिजली की लाइन पर गिर गई थी। अत्यधिक वजन और खिंचाव के कारण ही ये पोल गिरे हैं। सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया था। इसके बाद युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य कराकर शाम करीब छह बजे तक क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य करा दी गई थी।"
मानसून की रफ्तार पड़ी धीमी, यूपी में तीन दिन तक झेलनी होगी उमस और गर्मी
4 Jul, 2026 07:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। प्रदेश में आमद के बाद मानसून अचानक ठिठक गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिन तक प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता में कमी के आसार हैं। केवल मध्य प्रदेश से सटे जिलों में बारिश की संभावना जताई जा रही है। बाकी जगह बादलों की आवाजाही के बीच हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश में 30 जून को मानसून की आमद हो चुकी है। इसके बाद तेज़ी से आगे बढ़ते हुए दो जुलाई को पूरे प्रदेश में इसका असर दिखा। इसके बाद उत्तरी उड़ीसा तट के पास उत्तरी पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दाब क्षेत्र के प्रभाव से मौसमी द्रोणी अपनी वर्तमान स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया है। इसके चलते प्रदेश में अन्य कोई सक्रिय मौसम तंत्र नहीं है।वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार तक प्रदेश में मानसूनी सक्रियता में कमी महसूस की जाएगी। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश के दक्षिणी भाग और इससे लगे जिलों में हो रही वर्षा के अतिरिक्त प्रदेश के अन्य भागों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहेंगी। तापमान में आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना है।मंगलवार से प्रादेशिक मानसूनी सक्रियता में बढ़ोत्तरी के परिणामस्वरूप बारिश में एक बार फिर से बढ़ोतरी के आसार जताए जा रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेश के ज्यादातर जिलों में अधिकतम तापमान में कमी महसूस की गई। सबसे अधिक तापमान फतेहगढ़ में 38.4 डिग्री दर्ज किया गया। उरई में 38.2, बस्ती में 38 डिग्री और लखनऊ में अधिकतम तापमान 37.6 डिग्री दर्ज किया गया।
मानसून अब भी सुस्त, 75 प्रतिशत से अधिक जिलों में सामान्य से कम बारिश
प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है। मौसम विभाग के तीन जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक जून से अब तक सामान्य के मुकाबले 50 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश स्तर पर भी मानसून सामान्य से काफी पीछे चल रहा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक है। वाराणसी में व मऊ में 74 फीसदी, जौनपुर में 91 फीसदी, संतकबीरनगर में 52 फीसदी, सिद्धार्थनगर में 68, लखनऊ में 60, कुशीनगर में 78, महाराजगंज में 29 और गोरखपुर में 51 फीसदी तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हालात और आगे का पूर्वानुमान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हालात बहुत बेहतर नहीं हैं। गाजियाबाद में 86 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 88 प्रतिशत, बागपत में 54 प्रतिशत, मुरादाबाद में 20 प्रतिशत और रामपुर में 34 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। हालांकि कुछ जिलों जैसे बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, शाहजानकारी और संभल में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तीन से चार जुलाई जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सप्ताह के दूसरे हिस्से में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
इंस्टा पर थी लोकप्रिय, अब हत्या से सुर्खियों में निशा; तीन बच्चों की मां की मौत
3 Jul, 2026 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के अंतर्गत आने वाले सरूरपुर थाना क्षेत्र के हर्रा कस्बे से एक सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक कलयुगी पति ने मामूली संपत्ति (प्लॉट के बैनामे) के विवाद में अपनी ही पत्नी की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतका निशा चौहान इलाके की एक जानी-मानी ब्यूटीशियन होने के साथ-साथ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी थीं। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति ने कानून के शिकंजे से बचने के लिए उसी चाकू से खुद पर भी ताबड़तोड़ वार कर आत्महत्या (सुसाइड) करने की कोशिश की। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मच गया है।
सुबह-सुबह हुआ खूनी ड्रामा: प्लॉट को अपने नाम कराने की जिद पर अड़े थे दोनों
पुलिस और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदीप चौहान और उनकी पत्नी निशा चौहान हर्रा कस्बे में अपनी कोठी के पास ही स्थित एक अन्य कीमती प्लॉट को लेकर पिछले काफी समय से आपस में झगड़ रहे थे। दरअसल, दोनों ने मिलकर यह प्लॉट खरीदा था, लेकिन इसका 'बैनामा' (Registry) किसके नाम पर होगा, इसे लेकर घर में रोजाना कलह होती थी। निशा चौहान की जिद थी कि प्लॉट का मालिकाना हक उनके नाम पर रहे, जबकि प्रदीप हर हाल में बैनामा अपने खुद के नाम पर कराने पर अड़ा हुआ था।
शुक्रवार तड़के सुबह करीब 6:00 बजे इसी प्रॉपर्टी विवाद को लेकर दोनों के बीच एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच गाली-गलौज और हाथापाई होने लगी। इसी बीच गुस्से में अंधा हो चुका प्रदीप रसोई से एक बड़ा धारदार चाकू उठा लाया और उसने निशा पर एक के बाद एक कई जानलेवा वार कर दिए। चाकू के हमलों से निशा का पूरा शरीर छलनी हो गया और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने मौके पर ही तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
वारदात के बाद खुद की गर्दन पर भी चलाया चाकू, तीन मासूम बच्चों पर टूटा दुखों का पहाड़
अपनी पत्नी की जान लेने के बाद जब प्रदीप का गुस्सा शांत हुआ और उसे कानून का डर सताया, तो उसने खुद को भी खत्म करने का आत्मघाती कदम उठाया। उसने उसी खून से सने चाकू से अपने पेट और गर्दन पर गहरे वार कर लिए। बच्चों की चीख-पुकार और शोर सुनकर जब तक आसपास के पड़ोसी घर के भीतर दाखिल हुए, तब तक निशा मृत अवस्था में पड़ी थी और प्रदीप फर्श पर तड़प रहा था। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना सरूरपुर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल प्रदीप को तुरंत नजदीकी मेडिकल कॉलेज में आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया।
इस पूरे खूनी खेल ने एक हंसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया है। निशा चौहान अपने पीछे तीन मासूम बच्चों को छोड़ गई हैं, जिनमें सबसे बड़े बेटे की उम्र महज 16 वर्ष है। एक ही झटके में इन बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया और पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही निशा के मायके पक्ष के दर्जनों लोग रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। बेटी का शव देख उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दामाद प्रदीप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। बिगड़ते हालात और तनाव को देखते हुए गांव और अस्पताल में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
'मिस्त्री मान जाओ' रील से मिली थी बड़ी पहचान, इंस्टाग्राम पर थे हजारों दीवाने
निशा चौहान इलाके में सिर्फ एक कुशल ब्यूटीशियन के तौर पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी एक बड़ा नाम बन चुकी थीं। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) पर काफी सक्रिय रहती थीं और बेहतरीन रील व शॉर्ट वीडियोज बनाती थीं।
24 हजार फॉलोअर्स: उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लगभग 24 हजार से ज्यादा एक्टिव फॉलोअर्स थे, जो उनके वीडियोज का इंतजार करते थे।
वायरल वीडियो से मिली पहचान: कुछ समय पहले उनकी एक कॉमेडी रील 'मिस्त्री मान जाओ' सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुई थी, जिसके बाद मेरठ और आसपास के जिलों में उनकी लोकप्रियता रातों-रात बढ़ गई थी। उनके फैंस उनकी हत्या की खबर से गहरे सदमे में हैं।
एसपी देहात ने मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर लिया गया है। पुलिस ने घर के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों (चित्रांकन उपकरणों) की फुटेज और डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि वारदात की पूरी टाइमलाइन स्पष्ट हो सके। शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सम्राट सरकार का मेगा प्लान: HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ की ऐतिहासिक डील
3 Jul, 2026 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। बिहार में 12 अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' (नए सिरे से बसने वाले आधुनिक शहर) विकसित करने के लिए एक ऐतिहासिक सहमति बनी है। शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) लोन और वित्तीय सहायता के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुलश्रेष्ठ ने इस महा-समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में बसेंगे विश्वस्तरीय शहर
इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 3 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इन 12 आधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बसाया जाएगा। इन नए शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वहां विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं, बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, ग्रीन पार्क और आधुनिक आवास उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य की बढ़ती आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
लैंड पुलिंग मॉडल: किसानों को बनाया जाएगा प्रोजेक्ट पार्टनर
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका जमीन अधिग्रहण मॉडल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टाउनशिप के विकास में किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'लैंड पुलिंग मॉडल' अपनाया जाएगा, यानी किसान इस विकास में सीधे तौर पर भागीदार बनेंगे। इसके अलावा, जो किसान अपनी जमीन के बदले नकद मुआवजा लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आवेदन करने के महज 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
₹1 लाख करोड़ हुडको
पटना। बिहार के शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास को एक नई और आधुनिक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। बिहार में 12 अत्याधुनिक 'ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप' (नए सिरे से बसने वाले आधुनिक शहर) विकसित करने के लिए एक ऐतिहासिक सहमति बनी है। शुक्रवार को नगर विकास एवं आवास विभाग (UDHD) और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के बीच एक लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) लोन और वित्तीय सहायता के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में संकल्प सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और हुडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) संजय कुलश्रेष्ठ ने इस महा-समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
3 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र में बसेंगे विश्वस्तरीय शहर
इस मेगा प्रोजेक्ट की जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में करीब 3 लाख एकड़ से अधिक भूमि पर इन 12 आधुनिक ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप को बसाया जाएगा। इन नए शहरों को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि वहां विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं, बेहतरीन ड्रेनेज सिस्टम, चौड़ी सड़कें, ग्रीन पार्क और आधुनिक आवास उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह समझौता बिहार के शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा, जो भविष्य की बढ़ती आबादी और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
लैंड पुलिंग मॉडल: किसानों को बनाया जाएगा प्रोजेक्ट पार्टनर
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका जमीन अधिग्रहण मॉडल है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि टाउनशिप के विकास में किसानों के हितों की रक्षा के लिए 'लैंड पुलिंग मॉडल' अपनाया जाएगा, यानी किसान इस विकास में सीधे तौर पर भागीदार बनेंगे। इसके अलावा, जो किसान अपनी जमीन के बदले नकद मुआवजा लेने का विकल्प चुनेंगे, उन्हें सरकार की तरफ से आवेदन करने के महज 30 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
₹1 लाख करोड़ हुडको से, ₹6 लाख करोड़ के निजी निवेश का बड़ा लक्ष्य
यह परियोजना बिहार के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि इन 12 नई टाउनशिप के शुरुआती विकास और बुनियादी ढांचे के लिए HUDCO के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस इंफ्रास्ट्रक्चर के बूते आने वाले समय में निजी और संस्थागत क्षेत्रों (Private Investors) से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश बिहार में आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
से, ₹6 लाख करोड़ के निजी निवेश का बड़ा लक्ष्य
यह परियोजना बिहार के आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री ने वित्तीय रोडमैप की जानकारी देते हुए बताया कि इन 12 नई टाउनशिप के शुरुआती विकास और बुनियादी ढांचे के लिए HUDCO के माध्यम से 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, इस इंफ्रास्ट्रक्चर के बूते आने वाले समय में निजी और संस्थागत क्षेत्रों (Private Investors) से करीब 6 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश बिहार में आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिससे राज्य में रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
राजेंद्र चौधरी की तबीयत बिगड़ने पर सक्रिय हुए अखिलेश यादव, अस्पताल पहुंचे
3 Jul, 2026 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के बेहद वरिष्ठ नेता, पूर्व कैबिनेट मंत्री और पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की शुक्रवार को अचानक तबीयत बिगड़ने से उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। उन्हें आनन-फानन में राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। प्राथमिक रूप से सामने आ रही चिकित्सकीय जानकारियों के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा (हार्ट अटैक) आने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। वर्तमान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक बड़ी टीम उनके स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण अंगों (वाइटल्स) पर लगातार पैनी नजर बनाए हुए है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन और वरिष्ठ डॉक्टरों की ओर से अभी तक हार्ट अटैक को लेकर कोई आधिकारिक या औपचारिक बुलेटिन जारी नहीं किया गया है।
तबीयत बिगड़ने के तुरंत बाद एक्शन में आए डॉक्टर, चल रही हैं सघन जांचें
पारिवारिक सूत्रों और अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र चौधरी को अचानक सीने में तेज दर्द, बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई थी। स्थिति को बिगड़ता देख उनके साथ मौजूद स्टाफ और परिजनों ने बिना एक पल गंवाए उन्हें सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में पहुंचाया।
अस्पताल के निदेशक और प्रमुख डॉक्टरों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी वास्तविक स्थिति और बीमारी के सटीक कारणों का आकलन करने के लिए ईसीजी (ECG), ब्लड टेस्ट और कार्डियक प्रोफाइल जैसी कई आवश्यक व सघन चिकित्सीय जांचें (मेडिकल टेस्ट) की जा रही हैं। अस्पताल प्रशासन ने मीडिया को आश्वस्त किया है कि मरीज की हालत पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और अस्पताल में उपलब्ध सर्वश्रेष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और फिजिशियन की देखरेख में उन्हें हर संभव उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, जाना हाल-चाल
राजेंद्र चौधरी समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के समय से पार्टी के सबसे भरोसेमंद और कद्दावर नेताओं में शुमार किए जाते हैं। उनके अचानक अस्वस्थ होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर जैसे ही फैली, पूरी समाजवादी पार्टी में चिंता की लहर दौड़ गई।
अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से की चर्चा: इस दुखद खबर को पाते ही सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने सभी वीआईपी कार्यक्रमों को बीच में छोड़कर तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचे।
इलाज की ली विस्तृत जानकारी: अखिलेश यादव ने सीधे इमरजेंसी वार्ड का रुख किया और वहां तैनात विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तथा अस्पताल प्रबंधन से मुलाकात की। उन्होंने राजेंद्र चौधरी के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और डॉक्टरों से उनके त्वरित स्वास्थ्य लाभ के लिए सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
अस्पताल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा, दीर्घायु की कामना
राजेंद्र चौधरी की तबीयत बिगड़ने की खबर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद सिविल अस्पताल के बाहर समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेताओं, विधायकों और सैकड़ों कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना शुरू हो गया है। पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों द्वारा उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने और दीर्घायु होने की कामना की जा रही है। अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल भी मौके पर मुस्तैद हो गया है ताकि इलाज में कोई बाधा न आए। डॉक्टरों के अनुसार, अगले कुछ घंटे उनकी सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे के इलाज की दिशा तय की जाएगी।
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