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भारत के सामने दोहरी चुनौती! रिपोर्ट में चीन-पाकिस्तान को बताया सबसे बड़ा खतरा
28 May, 2026 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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सिंगापुर: एशिया-प्रशांत (एशिया-पैसिफिक) क्षेत्र में भारत की पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां आने वाले समय में भी मुख्य रूप से पाकिस्तान और चीन के इर्द-गिर्द ही केंद्रित रहेंगी। सिंगापुर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रक्षा संवाद 'शांगरी-ला डायलॉग' (29 से 31 मई) से ठीक पहले जारी एक वैश्विक रिपोर्ट में यह बड़ा दावा किया गया है। लंदन स्थित मशहूर थिंक टैंक 'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज' (IISS) द्वारा तैयार की गई 'एशिया-पैसिफिक रीजनल सिक्योरिटी असेसमेंट' (APRSA) रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्य में यदि कोई पारंपरिक युद्ध होता भी है, तो उसकी प्रकृति बड़े पैमाने पर न होकर स्थानीय (लोकल) स्तर तक ही सीमित रहेगी। दो परमाणु संपन्न पड़ोसियों से हाइब्रिड चुनौती रिपोर्ट में भारत की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को 'न युद्ध, न शांति' वाली एक जटिल हाइब्रिड चुनौती के रूप में परिभाषित किया गया है। भारत अपने दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसी देशों—चीन और पाकिस्तान—के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवादों के कारण बड़े पैमाने पर पारंपरिक सैन्य अभियानों के लिए अपनी सेना को लगातार तैयार और आधुनिक कर रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ साल 2016, 2019 और हाल ही में 2025 में की गई सैन्य कार्रवाइयों (सर्जिकल स्ट्राइक) से मिले जमीनी अनुभवों ने भारत की सैन्य रणनीति और सिद्धांतों को बदलने और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। सैन्य रूप से संवेदनशील रहेंगी सीमाएं IISS की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के साथ भारत के सीमा विवाद अपेक्षाकृत पारंपरिक प्रकृति के हैं। चीन सीमा पर तनाव की तीव्रता उतनी अधिक होने की संभावना कम है, जितनी अमूमन भारत-पाकिस्तान संघर्षों के दौरान देखी जाती है। इसके बावजूद, भारत की चीन और पाकिस्तान दोनों के साथ लगने वाली सीमाएं सैन्य रूप से अत्यधिक संवेदनशील बनी रहेंगी। इसके अलावा, हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) से बाहर व्यापक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत द्वारा कोई सक्रिय या आक्रामक सैन्य भूमिका निभाने की संभावना काफी कम है। भारत खुद को ताइवान को लेकर संभावित अमेरिका-चीन संघर्ष से भी पूरी तरह दूर रखने की कोशिश करेगा। ताइवान और मलक्का जलडमरूमध्य पर भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा इस वैश्विक रिपोर्ट में अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती सैन्य होड़ का भी विस्तार से विश्लेषण किया गया है। वर्तमान में दोनों महाशक्तियों की रणनीतियों का मुख्य केंद्र ताइवान बना हुआ है; जहां अमेरिका ताइवान की सुरक्षा को मजबूत करने में जुटा है, वहीं चीन किसी भी संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप को रोकने की कूटनीति पर काम कर रहा है। इसके साथ ही, हिंद महासागर के प्रमुख और रणनीतिक समुद्री मार्गों, विशेष रूप से मलक्का जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) को लेकर भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। क्षेत्र में चीन की बढ़ती नौसैनिक ताकत और सैन्य उपस्थिति के कारण अन्य देशों के बीच भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की रेस तेज हो गई है।
ऑस्ट्रेलियाई PM अल्बनीज ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- मेजबानी करना सम्मान की बात
28 May, 2026 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे को लेकर एक बड़ा और बेहद सकारात्मक बयान दिया है। ऑस्ट्रेलियाई संसद को संबोधित करते हुए अल्बनीज ने कहा कि उन्हें जल्द ही प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करने का सौभाग्य मिलने वाला है। उन्होंने भारत को ऑस्ट्रेलिया का एक बेहद महत्वपूर्ण और भरोसेमंद साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों की खुलकर तारीफ की। ऑस्ट्रेलिया में भारत के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने प्रधानमंत्री अल्बनीज के इस संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर साझा किया। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि जब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भारत के बारे में इतने मजबूत इरादों और उत्साह के साथ बात करते हैं, तो भारत में उच्चायुक्त के रूप में काम करने का गौरव और ज्यादा बढ़ जाता है। भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था: अल्बनीज अपने संबोधन के दौरान एंथनी अल्बनीज ने भारत की आर्थिक ताकत का लोहा माना। उन्होंने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जो ऑस्ट्रेलिया के लिए क्षेत्रीय स्तर पर व्यापार और निवेश के नए रास्ते खोलता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऑस्ट्रेलिया सिर्फ प्रशांत महासागर तक सीमित देश नहीं है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र का भी एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। अल्बनीज के मुताबिक, दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के बाद से द्विपक्षीय व्यापार को एक नई रफ्तार मिली है। इसके अलावा शिक्षा, संस्कृति और क्रिकेट जैसे साझा हित दोनों देशों के नागरिकों को एक-दूसरे के और करीब ला रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों के योगदान को सराहा प्रधानमंत्री अल्बनीज ने ऑस्ट्रेलिया के विकास में वहां रह रहे भारतीय समुदाय (प्रवासियों) की भूमिका की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग ऑस्ट्रेलिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रवासी आबादी हैं। अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और समाज को समृद्ध बनाने में बहुत बड़ा योगदान दिया है। अल्बनीज ने उम्मीद जताई कि पीएम मोदी की आगामी यात्रा वहां के भारतीय समुदाय के कारण और भी भव्य और ऐतिहासिक होने वाली है। पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग की मुलाकात संसद में हुए इस संबोधन से ठीक पहले, भारत दौरे पर आईं ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और गहरा करने पर बेहद सकारात्मक चर्चा हुई। पीएम मोदी ने 'एक्स' पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में रक्षा, व्यापार, नई टेक्नोलॉजी और सुरक्षित सप्लाई चेन जैसे गंभीर मुद्दों पर बातचीत हुई। उन्होंने दोहराया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया एक स्वतंत्र, खुले, सुरक्षित और समृद्ध हिंद-प्रशांत (इन्डो-पैसिफिक) क्षेत्र के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। क्वाड बैठक में हिस्सा लेने भारत आई थीं पेनी वोंग बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग नई दिल्ली में आयोजित 'क्वाड' (Quad) विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आई थीं। इस दौरे के दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ 17वें 'विदेश मंत्री फ्रेमवर्क डायलॉग' की सह-अध्यक्षता भी की। इस उच्च स्तरीय बैठक में स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, स्पेस, क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम और कोबाल्ट) और खेल जैसे कई दूरगामी क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की यह बढ़ती सामरिक नजदीकी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगी।
बांग्लादेश में ‘डोनाल्ड ट्रंप’ को मिली नई जिंदगी! PM तारिक के हस्तक्षेप से टली कुर्बानी
28 May, 2026 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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ढाका: बांग्लादेश में सोशल मीडिया पर ‘डोनाल्ड ट्रंप’ नाम से मशहूर हुआ एक दुर्लभ एल्बिनो (सफेद) भैंसा अब कुर्बानी का शिकार नहीं होगा। आखिरी वक्त पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने दखल देते हुए उसकी कुर्बानी रुकवा दी है और उसे सीधे ढाका के नेशनल जू (राष्ट्रीय चिड़ियाघर) भेजने का फैसला किया है। करीब 700 किलो वजन वाले इस अनोखे भैंसे को ईद-उल-अजहा पर कुर्बानी के लिए पहले ही बेचा जा चुका था, लेकिन उसकी गजब की लोकप्रियता को देखते हुए सरकार को बीच में कूदना पड़ा। सिर के सुनहरे बालों ने बनाया इंटरनेट का 'डोनाल्ड ट्रंप' इस भैंसे की सबसे बड़ी यूएसपी और पहचान उसके सिर पर झूलते सुनहरे बाल हैं। लोगों को इसका अनोखा हेयरस्टाइल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जैसा लगा, जिसके बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट पर लोगों ने इसका नाम ही ‘डोनाल्ड ट्रंप’ रख दिया। नरायणगंज स्थित फार्म के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने बताया कि चार साल के इस एल्बिनो भैंसे को उन्होंने 10 महीने पहले खरीदा था। इसके सुनहरे बालों को सबसे पहले उनके छोटे भाई ने नोटिस किया था और मजाकिया अंदाज में इसका नाम 'ट्रंप' रख दिया था, जो बाद में पूरे देश में वायरल हो गया। सुरक्षा कारणों और राजनीतिक तनाव से बचने के लिए लिया फैसला भैंसे की वायरल वीडियो सामने आने के बाद फार्म पर उसे देखने के लिए हजारों लोगों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के आदेश के बाद सरकार ने खरीदार के पूरे पैसे लौटा दिए और भैंसे को सरकारी संरक्षण में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक जनहित और सुरक्षा चिंताओं की वजह से यह कदम उठाया गया है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति के नाम पर किसी जानवर की कुर्बानी देकर कोई अनावश्यक कूटनीतिक या सामाजिक तनाव नहीं चाहती थी। जानिए क्यों बेहद खास होते हैं एल्बिनो भैंसे? बांग्लादेश में एल्बिनो भैंसे मिलना बेहद दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि वहां अमूमन काले या गहरे ग्रे रंग के भैंसे ही पाए जाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एल्बिनिज्म एक दुर्लभ जेनेटिक (आनुवंशिक) स्थिति है, जिसमें शरीर के भीतर 'मेलानिन' नाम का पिगमेंट नहीं बनता। इसी वजह से जानवर की त्वचा का रंग हल्का, बाल सुनहरे या सफेद और नाक गुलाबी हो जाती है। अपनी इसी खासियत और शांत स्वभाव के कारण यह भैंसा आकर्षण का केंद्र बना हुआ था, जो अब चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों का मनोरंजन करेगा।
अर्चना गुप्ता को मिली हरियाणा भाजपा की नई अध्यक्षता
28 May, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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पानीपत:हरियाणा के सियासी गलियारों से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने एक अप्रत्याशित फैसले के तहत मोहन लाल बड़ौली को हटाकर सीनियर नेत्री डॉ. अर्चना गुप्ता को हरियाणा भाजपा का नया प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया है। आगामी चुनावों और सांगठनिक फेरबदल के लिहाज से हाईकमान के इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. अर्चना गुप्ता के नाम के एलान के बाद से ही सूबे के भाजपाइयों में भारी जोश देखा जा रहा है। केंद्रीय कमान को भरोसा है कि डॉ. गुप्ता के अनुभव से न सिर्फ संगठन को नई धार मिलेगी, बल्कि राज्य की राजनीति में आधी आबादी (महिला नेतृत्व) की भागीदारी भी मजबूत होगी। नितिन नवीन ने जारी किया आदेश, एकजुटता पर रहेगा नई अध्यक्ष का जोर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से बुधवार को इस नियुक्ति का आधिकारिक पत्र जारी किया गया, जिसके तहत यह आदेश फौरन लागू हो गया है। इस सर्वोच्च पद की कमान मिलने के बाद डॉ. अर्चना गुप्ता ने पार्टी के शीर्ष नेताओं का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा कि वे सभी गुटों, वरिष्ठ नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को एक साथ लेकर चलेंगी ताकि संगठन को और सशक्त किया जा सके। उन्होंने संकल्प जताया कि वे पूरी ईमानदारी से सरकार और पार्टी की जनकलयाणकारी नीतियों को राज्य के कोने-कोने तक पहुंचाएंगी। कमला वर्मा के बाद यह कीर्तिमान रचने वाली दूसरी महिला बनीं अर्चना पानीपत के सेक्टर-24 की निवासी डॉ. अर्चना गुप्ता ने इस नई जिम्मेदारी के साथ ही सूबे की सियासत में इतिहास रच दिया है। वे हरियाणा भारतीय जनता पार्टी के इतिहास में प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचने वाली दूसरी महिला नेत्री बन गई हैं। इससे पहले यह गौरवशाली रिकॉर्ड केवल यमुनानगर की डॉ. कमला वर्मा के नाम दर्ज था। आपको बता दें कि इस बड़ी जिम्मेदारी से पहले डॉ. अर्चना गुप्ता संगठन में प्रदेश महामंत्री का अहम जिम्मा संभाल रही थीं। विरासत में मिली देशभक्ति, पेशे से डॉक्टर हैं नई प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता का पारिवारिक बैकग्राउंड भी काफी समृद्ध रहा है। पानीपत के आट्टा गांव में जन्मीं अर्चना गुप्ता के दादा सूरजभान देश के जाने-माने स्वतंत्रता सेनानी थे। डॉ. अर्चना का विवाह जींद के डॉ. अनिल गुप्ता के साथ हुआ, जो फिलहाल पानीपत के हैदराबादी अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। राजनीति के साथ-साथ डॉ. अर्चना चिकित्सा क्षेत्र में भी सक्रिय हैं और पानीपत के सेक्टर-11 में अपना 'अर्चना डायग्नोस्टिक सेंटर' चलाती हैं। वे 'स्वयं अनुशासित रहकर दूसरों से बेहतर काम कराने' की कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। चुनौतियों और अंदरूनी विरोध को मात देकर हासिल किया यह मुकाम डॉ. अर्चना गुप्ता का राजनीतिक ग्राफ लगातार आगे बढ़ा है। वे विश्व हिंदू परिषद (VHP) की सक्रिय सदस्य रही हैं और समाज सेवा के लिए उन्होंने 'डॉक्टर हेल्पलाइन' भी शुरू की थी। साल 2016 में उन्हें पहली बार भाजपा महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसके बाद अगस्त 2020 में उन्हें पानीपत जिले की मुख्य कमान (भाजपा जिलाध्यक्ष) सौंपी गई, और वे इस पद पर बैठने वाली जिले की पहली महिला बनीं। हालांकि, इस सफर के दौरान उन्हें कई स्थानीय दिग्गज नेताओं के कड़े विरोध और नाराजगी का सामना करना पड़ा, लेकिन अपने पति डॉ. अनिल गुप्ता के निरंतर सहयोग से वे हर चुनौती को पार करती गईं। साल 2024 में प्रदेश महामंत्री बनने के बाद अब उन्होंने सीधे हरियाणा भाजपा के शीर्ष पद पर कब्जा जमाया है।
ट्रम्प का आक्रामक रुख: ‘होर्मुज पर कब्जा मंजूर नहीं, चुनाव की परवाह नहीं’
28 May, 2026 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर ईरान के बाद अब ओमान को भी सीधे शब्दों में सख्त चेतावनी दी है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने साफ किया कि होर्मुज स्ट्रेट एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और इस पर किसी भी एक देश का एकाधिकार या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया भर के सभी जहाजों को इस मार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजरने की पूरी आजादी होगी और अमेरिका इस पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रखेगा। ओमान को ट्रम्प की सख्त चेतावनी राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है, लेकिन ऐसा कभी नहीं होने दिया जाएगा। ओमान का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा कि ओमान को भी दुनिया के बाकी देशों की तरह ही सामान्य व्यवहार करना होगा, नहीं तो उसे गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और 'उसे उड़ा देंगे'। ट्रम्प के इस आक्रामक बयान के बाद खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रणनीतिक हलचल काफी तेज हो गई है। ईरान के पास समझौते के अलावा कोई रास्ता नहीं ईरान के साथ जारी तनातनी पर ट्रम्प ने दावा किया कि तेहरान को गलतफहमी थी कि वे बातचीत को लंबा खींचकर अमेरिकी प्रशासन को थका देंगे। ट्रम्प ने कहा, "ईरान को लगा था कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं और मैं दबाव में पीछे हट जाऊंगा, लेकिन मुझे इसकी कोई परवाह नहीं है। अब ईरान के पास समझौता करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है और वह खुद डील करना चाहता है।" अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पिछले 24 घंटे के बड़े घटनाक्रम इस पूरे विवाद के बीच पिछले 24 घंटों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर कई अहम बदलाव देखने को मिले हैं, जो इस प्रकार हैं: शांति समझौते के दावों को अमेरिका ने नकारा एक तरफ जहां ईरानी मीडिया ने दावा किया कि अमेरिका के साथ तनाव और युद्ध को खत्म करने के लिए एक शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हो चुका है—जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही सामान्य करने और अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी घटाने की बात कही गई है। वहीं दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया है। अमेरिका का कहना है कि दोनों देशों के बीच ऐसा कोई आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। लेबनान और गाजा में इजराइली हमले तेज पश्चिम एशिया के दूसरे मोर्चों पर भी युद्ध की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दक्षिणी लेबनान में इजराइल द्वारा किए गए ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई है और 40 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिसके कारण वहां से बड़े पैमाने पर लोगों का पलायन जारी है। वहीं, इजराइल ने गाजा सिटी की एक रिहायशी इमारत पर महीनों की निगरानी के बाद हमला कर हमास की सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मार गिराने का बड़ा दावा किया है। हिरासत में लिए गए 10 भारतीय नाविक हुए रिहा भारत के लिए इस बीच एक राहत भरी कूटनीतिक कामयाबी सामने आई है। ईरान ने लंबे समय के राजनयिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से अपनी हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया है। ये सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और जल्द ही भारत वापस लौटेंगे।
किसानों की महापंचायत में उठेंगे पेयजल और सिंचाई के मुद्दे
28 May, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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हांसी: हरियाणा के चानौत गांव में बिजली और पानी की किल्लत को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना अब बेहद आक्रामक रूप ले चुका है। बढ़ते तापमान के साथ ही ग्रामीणों और किसानों का आक्रोश भी सातवें आसमान पर है। पेयजल संकट के स्थायी समाधान की मांग को लेकर वीरवार को गांव में एक विशाल किसान महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें कई राजनैतिक दिग्गज और बड़े किसान नेता शामिल होंगे। इस बीच, महापंचायत को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट मोड पर है। दूसरी तरफ, महापंचायत से ठीक पहले हांसी शहर के निवासियों ने इस मांग पर कड़ा एतराज जताते हुए उपायुक्त (DC) से मुलाकात की है, जिससे यह पूरा मामला अब ग्रामीण बनाम शहरी विवाद में बदलता नजर आ रहा है। दिग्गज किसान नेताओं की मौजूदगी में तय होगी आगे की रणनीति वीरवार सुबह 11 बजे होने वाली इस महापंचायत में प्रख्यात किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी और अभिमन्यु कोहाड़ समेत कई बड़े चेहरों के पहुंचने की प्रबल संभावना है। इसके साथ ही इस आंदोलन को धार देने के लिए रोघी खाप और सात बास खाप सहित अन्य स्थानीय खापों के प्रतिनिधि भी यहां जुटेंगे। नारनौंद के विधायक जस्सी पेटवाड़ ने भी बुधवार को धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांगों को अपना खुला समर्थन दिया। इस महापंचायत में ही प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के लिए आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। लापरवाही पर SDO और JE सस्पेंड, पर ग्रामीण अड़े महापंचायत के दबाव के बीच, सूबे के जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने जलघर के निर्माण कार्य में बरती गई भारी लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। मंत्री ने संबंधित एसडीओ (SDO) आशीष कुंडु और जेई (JE) अमित पंघाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है। सरपंच प्रतिनिधि हिमांशु ने बताया कि गांव के जलघर की मरम्मत, नए वाटर टैंक और चहारदीवारी के निर्माण के लिए 7.86 करोड़ रुपये की ग्रांट 4-5 महीने पहले ही जारी हो चुकी थी, लेकिन अधिकारियों ने टेंडर ही जारी नहीं किया। हालांकि, धरने की अगुवाई कर रहे अनूप सिंह और अन्य ग्रामीणों का कहना है कि वे इस निलंबन से संतुष्ट नहीं हैं और उनका धरना तब तक खत्म नहीं होगा जब तक गांव को भाखड़ा की मुख्य पाइपलाइन से पानी का कनेक्शन नहीं मिल जाता। शहरवासियों ने खोला मोर्चा, DC से मिलकर दी आंदोलन की चेतावनी इधर, चानौत गांव की इस मांग के खिलाफ हांसी शहर के नागरिक भी लामबंद हो गए हैं। बुधवार को शहर के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त राहुल नरवाल से मुलाकात कर इस मांग का पुरजोर विरोध किया। शहरवासियों का तर्क है कि बरवाला रोड भाखड़ा नहर से जो पाइपलाइन बिछाई जा रही है, वह विशेष रूप से हांसी शहर की प्यास बुझाने के लिए है। शहर पहले ही भयंकर जल संकट और बढ़ती आबादी की मार झेल रहा है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पाइपलाइन से किसी गांव को कनेक्शन दिया गया, तो शहर के हिस्से का पानी कम हो जाएगा। ऐसी स्थिति में शहरवासी भी सड़कों पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रशासनिक स्तर पर सुलह की कोशिश जारी दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद जिला प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पानी के समान वितरण की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। नागरिकों की शिकायत और किसानों के तेवरों को देखते हुए उपायुक्त राहुल नरवाल ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाया है कि प्रशासन किसी के भी हितों से समझौता नहीं होने देगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं और तकनीकी नियमों की बारीकी से समीक्षा करने के बाद ही कोई न्यायसंगत और उचित फैसला लिया जाएगा।
ऑरेंज अलर्ट जारी: हरियाणा में लू का प्रकोप, पारा 46.6 डिग्री के पार
28 May, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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रोहतक:हरियाणा में सूर्य देव के कड़े तेवरों के चलते भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को पूरे राज्य में गर्मी ने नए रिकॉर्ड बनाए, जहां प्रदेश के सभी 23 जिलों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया। इस दौरान रोहतक जिला राज्य में सबसे अधिक तपता हुआ नजर आया, जहां अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रोहतक के साथ-साथ अंबाला, हिसार, महेंद्रगढ़ और सिरसा जैसे जिलों में भी लोग दिनभर झुलसाने वाली लू के थपेड़ों से बेहाल रहे। मौसम विभाग का अलर्ट: आज हीटवेव, कल से आंधी-बारिश की उम्मीद मई के आखिरी हफ्ते में तप रहे हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दोहरे अलर्ट जारी किए हैं। मौसम विभाग ने 28 मई के लिए पूरे हरियाणा और दिल्ली क्षेत्र में प्रचंड लू को देखते हुए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। हालांकि, इसके बाद राहत की उम्मीद है; 29 से 31 मई के बीच तेज हवाओं, आंधी और हल्की बूंदाबांदी को लेकर भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य के उत्तरी जिलों में आंधी के साथ ओलावृष्टि की आशंका के चलते 'रेड अलर्ट' घोषित किया गया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) से बदलेगा मौसम का मिजाज मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वर्तमान में पूरा उत्तर भारत भीषण गर्मी की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, जहां रोहतक में पारा 46.6 डिग्री रहा, वहीं नारनौल में 45.5 डिग्री और हिसार में 45 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। वीरवार को भी तापमान में यह तल्खी बनी रहेगी। लेकिन राहत की बात यह है कि 28 मई की शाम से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिससे आसमान में बादलों की आवाजाही शुरू होगी और धूल भरी आंधी के साथ हल्की बारिश की संभावना बनेगी। 30 मई को एक और सिस्टम होगा एक्टिव, 50 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस बदलाव के तुरंत बाद 30 मई को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इन दोहरे सिस्टम्स के असर से 28 से 31 मई के दौरान हरियाणा, दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी हवाएं या अंधड़ चलने के आसार हैं। इस दौरान रुक-रुक कर होने वाली बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को तपती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। इन इलाकों में दिखेगा आंधी और ओलावृष्टि का ज्यादा असर विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में मौसम के इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर हरियाणा के उत्तरी, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में तेज आंधी के साथ कुछ जगहों पर ओलावृष्टि (ओले गिरना) भी हो सकती है। इसके विपरीत, राज्य के पश्चिमी जिलों में इस मौसमी सिस्टम का प्रभाव अपेक्षाकृत थोड़ा कम रहने की संभावना जताई गई है।
ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी हमला, कुवैत पर मिसाइल अटैक; क्षेत्र में बढ़ी युद्ध की आहट
28 May, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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कुवैत सिटी: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच कुवैत से एक बड़ी खबर सामने आई है। कुवैत की सेना ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि उनके एयर डिफेंस (वायु रक्षा प्रणाली) ने देश की हवाई सीमा में प्रवेश कर रहे एक संदिग्ध मिसाइल और कई ड्रोन्स के हमले का पता लगाया है। कुवैती सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन सभी मिसाइलों और घातक ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया। तेज धमाकों से दहला आसमान, अलर्ट जारी सेना के मुताबिक, एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा किए गए इस जवाबी एक्शन के कारण आसमान में बेहद तेज धमाके सुने गए। इन धमाकों के बाद कुवैत सरकार तुरंत हरकत में आ गई और उसने देश के सभी नागरिकों के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों व सलाह का कड़ाई से पालन करें। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने ली हमले की जिम्मेदारी दूसरी तरफ, ईरान के 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स' (IRGC) ने इस हमले को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ईरानी सेना ने बयान जारी कर स्वीकार किया है कि यह हमला उनकी तरफ से ही किया गया था। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हमलों का एक करारा जवाब है। अमेरिकी एयरबेस को बनाया निशाना ईरान के संगठन आईआरजीसी (IRGC) ने यह भी साफ किया कि इस हमले के दौरान उनका मुख्य निशाना उस इलाके में मौजूद अमेरिकी एयरबेस थे। हालांकि, ईरानी सेना ने अपने आधिकारिक बयान में इस बात का खुलासा नहीं किया है कि उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका के किस एयरबेस को निशाना बनाकर यह मिसाइल और ड्रोन दागे थे। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल और ज्यादा बढ़ गई है।
बीजिंग दौरे से क्या संदेश देना चाहते हैं बांग्लादेशी पीएम रहमान?
27 May, 2026 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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ढाका: भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ कभी बहुत मधुर संबंध हुआ करते थे, लेकिन पिछले कुछ समय में वहाँ हुए बड़े सियासी उलटफेर के बाद दोनों देशों के बीच तनातनी काफी बढ़ गई है। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से हटने और भारत में शरण लेने के बाद से ही ढाका और नई दिल्ली के रिश्तों में एक बड़ी खाई देखने को मिल रही है। बांग्लादेश में तारिक रहमान की नई सरकार के गठन के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आएगा, लेकिन हालिया रणनीतिक संकेत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि पड़ोसी देश में सिर्फ नेता बदला है, लेकिन भारत के प्रति पुराना रवैया आज भी वैसा ही है। भारत के न्योते को टालकर चीन जाएंगे तारिक रहमान खबरों के मुताबिक, बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान आगामी जून महीने के अंत में चीन के आधिकारिक दौरे पर जा सकते हैं। कार्यभार संभालने के बाद यह उनका पहला आधिकारिक विदेश दौरा होगा। कूटनीतिक हलकों में यह कदम बेहद चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही उन्हें भारत आने का निमंत्रण दे चुके थे। पहले चर्चा थी कि तारिक रहमान अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भूटान को चुन सकते हैं, लेकिन उन्होंने बीजिंग (चीन) यात्रा को प्राथमिकता दी। इससे साफ संकेत मिलता है कि बांग्लादेश फिलहाल भारत के साथ ठंडे पड़े रिश्तों को सुधारने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। चीन-बांग्लादेश के बीच बड़ी परियोजनाओं पर डील इस रणनीतिक कदम पर बांग्लादेश में चीन के राजदूत याओ वेन ने कहा है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान की यह चीन यात्रा दोनों देशों की साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। चीन ने बांग्लादेश में राजनीतिक स्थिरता और विकास के लिए हर संभव वित्तीय (Financial) और तकनीकी मदद देने का भरोसा जताया है। इस दौरे के दौरान बेल्ट एंड रोड पहल (Belt and Road Initiative) के तहत व्यापार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, जल संसाधन और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। तीस्ता नदी परियोजना से बढ़ी भारत की चिंता इस पूरे दौरे में भारत के लिए सबसे बड़ी रणनीतिक चिंता 'तीस्ता नदी प्रबंधन और पुनर्वास परियोजना' को लेकर है। बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने पुष्टि की है कि तीस्ता परियोजना को लेकर चीन के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही है। चीन का एक्सिम बैंक इस बड़ी परियोजना के लिए भारी-भरकम वित्तीय मदद दे सकता है। भारत की सीमा के इतने करीब चीन का आर्थिक और तकनीकी दखल बढ़ना, नई दिल्ली के लिए सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
दर्जनों ड्रोन हुए आउट ऑफ कंट्रोल! आसमान से गिरने की घटनाओं ने बढ़ाई टेंशन
27 May, 2026 06:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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सिडनी: दुनियाभर में आधुनिक मनोरंजन के रूप में 'ड्रोन शो' (Drone Show) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। रंग-बिरंगी रोशनियों से नहाए इन ड्रोनों को आसमान में कलाबाज़ियां करते देखने के लिए हज़ारों लोग जुटते हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में आयोजित एक ऐसा ही भव्य ड्रोन शो अचानक एक बड़े हादसे में बदल गया। शो के दौरान दर्जनों ड्रोन अचानक तकनीकी खराबी के कारण बेकाबू हो गए और सीधे नीचे गिरने लगे। इंटरनेट पर इस घटना का वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। आसमान से पानी में गिरे दर्जनों ड्रोन सिडनी फेस्टिवल में ड्रोन शो का संचालन करने वाली कंपनी के मुताबिक, सोमवार रात को प्रदर्शन के दौरान लगभग 90 ड्रोन नियंत्रण खोकर नीचे जा गिरे। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिडनी हार्बर के ऊपर आसमान में कुल 1,000 चमकते हुए ड्रोन अलग-अलग आकृतियां बना रहे थे, जिनमें से लगभग 83 ड्रोन सीधे नीचे समंदर के पानी में जा गिरे। इसके अलावा छह ड्रोन पैदल चलने वाले रास्ते (बोर्डवॉक) और एक पुल पर भी गिरे। क्यों बेकाबू हुए आधुनिक ड्रोन? शो का आयोजन करने वाली तकनीकी कंपनी ने इस हादसे के पीछे मुख्य वजह 'रेडियो इंटरफेरेंस' (Radio Interference) यानी रेडियो तरंगों में अचानक आए व्यवधान को बताया है। इस गंभीर घटना के बाद 'ऑस्ट्रेलियन ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो' ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है और इसकी बारीकी से जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह रही कि कोई भी ड्रोन निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र (सेफ्टी जोन) को पार करके दर्शकों के ऊपर नहीं गिरा, जिससे नीचे मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित रहे। अब पानी में गिरे ड्रोनों को बाहर निकालने का काम तेजी से किया जा रहा है, ताकि उनमें मौजूद लिथियम-आयन बैटरियों से पानी प्रदूषित न हो। पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे ड्रोन शो की बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ इस तरह की दुर्घटनाओं के मामले भी वैश्विक स्तर पर लगातार सामने आ रहे हैं: साल 2023: ऑस्ट्रेलिया के ही मेलबर्न में तेज हवाओं के कारण 400 से अधिक ड्रोन नीचे गिरकर नष्ट हो गए थे। साल 2024: अमेरिका के फ्लोरिडा में एक बेकाबू ड्रोन सीधे एक किशोर के चेहरे से जा टकराया था। साल 2025: वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी में भी तकनीकी गड़बड़ी के बाद ड्रोन दर्शकों के ऊपर गिर गए थे। ये लगातार होती घटनाएं अब ड्रोन तकनीकों की सुरक्षा, उनके सॉफ्टवेयर और उनकी मॉनिटरिंग पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं।
ट्रंप की विदेश नीति और QUAD का भविष्य, क्या गठबंधन पर पड़ेगा असर?
27 May, 2026 04:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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नई दिल्ली: नई दिल्ली में क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की एक बेहद अहम बैठक हुई है। इस बैठक के बीच जापानी रणनीतिक विशेषज्ञों ने अमेरिका की बदलती नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में 'इंडो-पैसिफिक क्षेत्र' (हिंद-प्रशांत क्षेत्र) पर अमेरिका का ध्यान कम हुआ है। इसकी वजह से भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया का यह मजबूत संगठन 'क्वाड' अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। दो साल बाद हुई बैठक, क्यों हुई देरी? क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की यह बैठक करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित हुई है। जानकारों के मुताबिक, इस देरी की मुख्य वजह ट्रंप प्रशासन की नीतियां और चीन के प्रति उनका बदलता रुख है। जापानी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब एशिया-पैसिफिक क्षेत्र को छोड़कर पश्चिमी देशों और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी एशिया की चिंता इस साल फरवरी में ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद, अमेरिका ने अपने कई युद्धपोत और सैन्य संसाधन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से हटाकर मिडिल ईस्ट में तैनात कर दिए हैं। अमेरिका के इस कदम से एशिया में उसके सहयोगी देश (जैसे जापान और ऑस्ट्रेलिया) काफी चिंतित हैं। उन्हें डर है कि अगर एशिया में कोई बड़ा संकट आया, तो क्या अमेरिका पहले की तरह उनकी सुरक्षा की गारंटी ले पाएगा? चीन के साथ ट्रंप की बढ़ती नजदीकियां इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के साथ रिश्ते सुधारने के लिए कदम बढ़ाए हैं। व्यापार समझौतों और बातचीत के जरिए वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं। इसने क्वाड के भविष्य पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, क्योंकि क्वाड संगठन को बनाने का मुख्य मकसद ही इस पूरे क्षेत्र में चीन के बढ़ते दबदबे को रोकना था। जापान इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स की वरिष्ठ विश्लेषक उमी अरिगा ने तो यहाँ तक कह दिया कि क्वाड अब सिर्फ "नुकसान कम करने की कोशिश" जैसा मंच बनकर रह गया है। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2025 में क्वाड का कोई बड़ा शिखर सम्मेलन नहीं हुआ और ट्रंप ने कभी इसकी बैठकों में खास दिलचस्पी नहीं दिखाई। क्या कमजोर पड़ रही है राजनीतिक इच्छाशक्ति? विशेषज्ञों का कहना है कि क्वाड ने वैक्सीन बांटने, नई टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और समुद्री सुरक्षा जैसे कामों में अच्छी पहल की है, लेकिन चीन को टक्कर देने के लिए जिस मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत थी, वह फिलहाल गायब दिख रही है। ऐसे में अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या बदलती दुनिया में क्वाड अपना असली मकसद पूरा कर पाएगा।
सड़क दुर्घटना में दो किसानों की जान गई, गांव में मातम
27 May, 2026 03:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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हिसार: जिला मुख्यालय के नजदीक चौधरीवास के पास पनिहार चौक पर बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों मृतक किसान थे और नलवा गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल भेज दिया है। इस दुखद घटना के बाद से पीड़ित परिवार और नलवा गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है। शोक सभा में शामिल होने जा रहे थे दोनों भाई, रास्ते में काल बनी कार पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, नलवा निवासी 68 वर्षीय राजपाल और उनके छोटे भाई 56 वर्षीय जिलेसिंह सुबह करीब साढ़े दस बजे बाइक पर सवार होकर एक रिश्तेदारी में शोक प्रकट करने रावलवास कलां गांव जा रहे थे। जैसे ही उनकी बाइक पनिहार चौक के समीप पहुँची, तभी हिसार से खाटूश्याम की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों भाइयों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। कार चला रही युवती परिजनों संग ऑटो से फरार, मामला दर्ज करने की तैयारी हादसे के बाद घटना स्थल पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त कार को एक युवती चला रही थी और गाड़ी में उसके परिवार के लोग भी सवार थे। बाइक से आमने-सामने की भीषण भिड़ंत होने के तुरंत बाद युवती और उसके परिजन अपनी कार को मौके पर ही छोड़कर एक ऑटोरिक्शा में सवार होकर वापस हिसार की तरफ भाग निकले। मृतकों के तीसरे भाई सुरेश ने पुलिस को दिए बयान में पूरी घटना की जानकारी दी है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी कार चालक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। नौतपे का तीसरा दिन: हरियाणा में गर्मी का सितम जारी, पारा 47 डिग्री पहुँचने के आसार इस दुखद हादसे के बीच पूरे राज्य में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का प्रकोप भी चरम पर है। नौतपे के तीसरे दिन हरियाणा के कई हिस्सों में सूर्यदेव की तपिश से आम जनजीवन बेहाल रहा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य का अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका है। चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और युवतियां व आम लोग चेहरों को ढककर ही बाहर निकल रहे हैं। मौसम विभाग ने 29 मई तक जारी किया ऑरेंज अलर्ट मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी को देखते हुए आगामी 29 मई तक पूरे हरियाणा में 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विभाग ने नागरिकों को दोपहर के समय बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलने और लगातार ओआरएस या पानी पीते रहने की सलाह दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक लू के थपेड़ों से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
जयशंकर की कूटनीति हिट, होर्मुज संकट के बावजूद भारत के लिए खुला राहत का रास्ता
27 May, 2026 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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ईरान : ईरान में होर्मुज संकट के बीच भारत के लिए एक बहुत अच्छी खबर आई है। ईरान में हिरासत में लिए गए 10 भारतीय नाविकों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। यह भारत सरकार की लगातार की जा रही कूटनीतिक कोशिशों (Diplomacy) की एक बड़ी सफलता है। एक लंबी बातचीत के बाद इन नाविकों की सुरक्षित वापसी मुमकिन हो पाई है। भारतीय शिपिंग प्राधिकरण के मुताबिक, ये सभी नाविक 'एमवी हार्बर फीनिक्स' (MV Harbor Phoenix) नाम के एक तेल टैंकर (Oil Tanker) पर काम कर रहे थे। जुलाई 2025 से हिरासत में थे नाविक यह पूरा मामला जुलाई 2025 का है। ईरान के जास्क पोर्ट (Jask Port) के पास इस तेल टैंकर को रोका गया था और तभी से भारतीय नाविकों को हिरासत में रख लिया गया था। 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग' ने बयान जारी कर बताया है कि अब सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द ही वापस भारत लाने की तैयारी की जा रही है। भारत की 'शांत कूटनीति' आई काम इस पूरे मामले में सबसे खास बात यह रही कि भारत सरकार ने कोई भी जल्दबाजी या सार्वजनिक बयानबाजी नहीं की। सरकार ने बेहद शांति से पर्दे के पीछे रहकर ईरानी अधिकारियों से बातचीत जारी रखी। माना जा रहा है कि भारत की इसी 'साइलेंट डिप्लोमेसी' की वजह से नाविकों की रिहाई का रास्ता साफ हो पाया। भारत और ईरान के मजबूत संबंध भारत और ईरान के बीच हमेशा से ही मजबूत कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते रहे हैं। हालांकि, भारत के संबंध अमेरिका और इजरायल के साथ भी बहुत अच्छे हैं, इसलिए ऐसे संवेदनशील मामलों में नई दिल्ली हमेशा फूंक-फूंककर कदम रखती है। ईरानी सुरक्षा बल अक्सर खाड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से ईंधन ले जाने के शक में जहाजों को रोकते हैं। इस जहाज को क्यों रोका गया था, इसकी सटीक वजह अभी सामने नहीं आई है। शिप ट्रैकिंग वेबसाइट्स के मुताबिक, 'एमवी हार्बर फीनिक्स' पलाऊ (Palau) के झंडे वाला एक कमर्शियल जहाज है। फिलहाल, नाविकों की रिहाई से उनके परिवारों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
हरियाणा शिक्षा बोर्ड को मिला नया नेतृत्व, शंकर धुप्पड़ ने संभाली जिम्मेदारी
27 May, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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भिवानी: हरियाणा के शिक्षा विभाग से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता शंकर लाल धुप्पड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) का नया चेयरमैन (अध्यक्ष) नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर शाम सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत, तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा को तुरंत प्रभाव से उनके पद से कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया गया है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए कड़े आदेश हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया की ओर से इस संबंध में दो अलग-अलग आधिकारिक पत्र जारी किए गए हैं। पहले पत्र में डॉ. पवन कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि दूसरे पत्र के माध्यम से शंकर लाल धुप्पड़ को बोर्ड की कमान सौंपते हुए नए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। संगठन में लंबा अनुभव, भिवानी के मूल निवासी हैं धुप्पड़ हरियाणा शिक्षा बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष शंकर लाल धुप्पड़ भारतीय जनता पार्टी के एक कद्दावर और अनुभवी नेता हैं। उन्होंने लंबे समय तक भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे मूल रूप से भिवानी शहर के ही रहने वाले हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। भिवानी वासियों में जश्न का माहौल, स्थानीय लोगों ने जताई खुशी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का मुख्यालय भिवानी में ही स्थित है। ऐसे में एक स्थानीय और वरिष्ठ नेता को बोर्ड के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी मिलने से भिवानी के निवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। नियुक्ति की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की है और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में बोर्ड के कामकाज और छात्र हितों की नीतियों में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।
सेना के ऑपरेशन से आतंकियों में खौफ, 317 मारे गए; 221 लोग सुरक्षित निकाले गए
27 May, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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अबुजा: अफ्रीकी देश नाइजीरिया पिछले लंबे समय से आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए नाइजीरियाई सेना देशव्यापी स्तर पर लगातार कड़े सैन्य अभियान चला रही है। नाइजीरियाई रक्षा मुख्यालय ने मंगलवार को घोषणा की है कि मई महीने में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशंस में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 317 आतंकियों का खात्मा, 221 नागरिक बचाए गए अबुजा में आयोजित मासिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रक्षा मीडिया ऑपरेशंस के डायरेक्टर, मेजर जनरल माइकल ओनोजा ने बताया कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बेहतर तालमेल के कारण मई महीने में 317 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इसके साथ ही सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए आतंकियों और डकैतों के चंगुल से 221 निर्दोष नागरिकों को सुरक्षित छुड़ाया है। गौरतलब है कि नाइजीरिया में फिरौती के लिए आम लोगों को किडनैप (अपहरण) करना एक बड़ी समस्या बन चुका है। सैकड़ों संदिग्ध गिरफ्तार और भारी मात्रा में तेल जब्त इस महीने चले अभियान के दौरान सेना ने केवल आतंकियों को ढेर ही नहीं किया, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क पर चोट की है: 314 संदिग्धों की गिरफ्तारी: आतंकवाद और डकैती में शामिल होने के शक में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है। हथियारों की बरामदगी: आतंकियों के ठिकानों से 93 घातक हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया। 21,000 लीटर चोरी का तेल: अवैध रूप से तस्करी किया जा रहा 21 हजार लीटर से ज्यादा कच्चा तेल (पेट्रोलियम) भी सेना ने बरामद किया है। इस कार्रवाई में आतंकवादियों के कई गुप्त ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और सीमाओं के पार से होने वाली उनकी रसद (लॉजिस्टिक्स) सप्लाई को भी रोक दिया गया है। बोको हराम और डकैतों का दोहरा खतरा नाइजीरिया इस समय दोहरी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ देश के विभिन्न हिस्सों में 'बोको हराम' और 'आईएसडब्ल्यूएपी' (ISWAP) जैसे खूंखार इस्लामिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थानीय डकैतों और लुटेरों का आतंक बढ़ा है। ये गिरोह अक्सर गांवों पर हमला कर लूटपाट और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं। शांति बहाली तक जारी रहेगा सैन्य एक्शन मेजर जनरल ओनोजा ने विपरीत हालातों में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की बहादुरी की जमकर सराहना की। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति बोला टिनुबू के नेतृत्व में देश के सुरक्षा बल आतंकवाद और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। नाइजीरियाई सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश में पूरी तरह से शांति और स्थिरता बहाल होने तक यह सैन्य कार्रवाई इसी तरह आगे भी जारी रहेगी।
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फैंस बोले- क्या श्रद्धा कपूर ने रिश्ते को दिया नया हिंट?
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