छत्तीसगढ़
फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर नौकरी जॉइन करने पहुंची युवती, फिर हुआ बड़ा खुलासा
9 May, 2026 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कलेक्टोरेट में नौकरी के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी: फर्जी नियुक्ति पत्र देने वाला आरोपी जशपुर से गिरफ्तार
रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों को ठगने वाले एक शातिर अपराधी को पुलिस ने दबोच लिया है। सारंगढ़ कलेक्टोरेट में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर संविदा नियुक्ति का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी हरीश मिश्रा को पुलिस ने जशपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी ने पीड़िता को फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर करीब 3.38 लाख रुपये ऐंठ लिए थे।
ऐसे बुना ठगी का जाल
पुलिस के अनुसार, कोतरा निवासी कुमारी पद्मिनी यादव (27 वर्ष) ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान हरीश मिश्रा नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने सारंगढ़ कलेक्टोरेट में अच्छी पहुंच होने का दावा किया और कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने का भरोसा दिया।
लेन-देन: 9 फरवरी से 22 मार्च के बीच आरोपी ने पीड़िता से नकद और ऑनलाइन (Phone-Pe) के माध्यम से कुल 3,38,500 रुपये लिए।
फर्जी दस्तावेज: जब नियुक्ति में देरी होने लगी, तो आरोपी ने 'कॉल मी सर्विसेज' नामक संस्था का एक नियुक्ति पत्र पीड़िता को दिया।
खुलासा: जब पीड़िता उक्त पत्र लेकर रायगढ़ कलेक्टोरेट पहुंची, तो जांच में पता चला कि वह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी था। इसके बाद 3 अप्रैल को कोतरारोड़ थाने में मामला दर्ज कराया गया।
जशपुर में घेराबंदी कर पकड़ा गया आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और जशपुर में छिपे होने की पुष्टि होते ही टीम रवाना की। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने साइबर कैफे में फर्जी लेटरहेड का उपयोग कर नियुक्ति पत्र तैयार किया था और ठगी की अधिकांश राशि खर्च कर चुका है।
पूर्व में सरकारी विभाग में दे चुका है सेवाएं
जांच में एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी हरीश मिश्रा पहले रायगढ़ के श्रम विभाग में भृत्य (Peon) के पद पर कार्यरत रह चुका है। विभाग में काम करने के दौरान भी उसके व्यवहार और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर शिकायतें आती रही थीं।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन और कुछ नकदी बरामद की है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य युवाओं को भी अपना शिकार बनाया है।
पेमेंट विवाद में भड़का युवक, पंचायत भवन को बनाया निशाना
9 May, 2026 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेमेंट न मिलने से भड़का युवक: पंचायत भवन में लगाई आग, गुस्से में अपना ट्रैक्टर भी फूंका
जगदलपुर: कोतवाली थाना क्षेत्र के बोरपदर गांव में एक युवक के आक्रोश ने सरकारी संपत्ति के साथ-साथ खुद के वाहन को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। पंचायत से काम का भुगतान न मिलने से नाराज होकर एक शख्स ने पहले अपने ही ट्रैक्टर को आग के हवाले किया और फिर पंचायत भवन में डीजल डालकर उसे जलाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से हिरासत में ले लिया है।
क्या है पूरा विवाद?
पुलिस के अनुसार, बोरपदर निवासी अजय गोयल (36 वर्ष) ने कुछ माह पूर्व पंचायत के विकास कार्यों का ठेका लिया था। इस काम को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए उसने नया ट्रैक्टर भी खरीदा था। काम समय पर पूर्ण होने के बावजूद उसे भुगतान (पेमेंट) के लिए बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे थे। सरपंच और संबंधित अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब पैसा नहीं मिला, तो उसका सब्र टूट गया।
आधी रात को मचाया उत्पात
बीती रात अजय डीजल की केन लेकर पंचायत भवन पहुँचा और वहां आग लगा दी। इस घटना में:
संपत्ति का नुकसान: भवन के भीतर रखी कुर्सियां, आधिकारिक दस्तावेज और दीवारों पर लगी तस्वीरें जलकर खाक हो गईं।
ग्रामीणों की सतर्कता: धुआं और लपटें उठती देख ग्रामीणों ने फौरन पुलिस को सूचित किया और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
गुस्से में खुद की संपत्ति भी स्वाहा
हैरानी की बात यह रही कि पंचायत भवन को निशाना बनाने से पहले अजय ने अपने उसी ट्रैक्टर में आग लगा दी थी, जिसे उसने खास तौर पर इसी काम के लिए खरीदा था। कर्ज और भुगतान न मिलने के मानसिक दबाव के कारण उसने अपनी ही संपत्ति को नष्ट कर दिया, जो उसके गहरे असंतोष और गुस्से को दर्शाता है।
पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुँची और जांच पड़ताल के बाद आरोपी अजय गोयल को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस, ED और RBI का डर दिखाकर साइबर ठगों ने उड़ाए करोड़ों
9 May, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा खुलासा: 1 करोड़ की ठगी करने वाले राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में 'डिजिटल अरेस्ट' के जरिए एक बुजुर्ग महिला को अपना शिकार बनाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की चपत लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। बिलासपुर साइबर पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए राजस्थान से दो आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों ने महिला को आतंकवादी संगठन से जुड़ाव का डर दिखाकर करीब 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी। पुलिस इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लेकर आई है।
आतंकवाद और ईडी का डर दिखाकर किया 'डिजिटल अरेस्ट'
ठगी की यह वारदात बेहद शातिराना तरीके से अंजाम दी गई:
फर्जी पहचान: आरोपियों ने व्हाट्सएप कॉल के जरिए महिला से संपर्क किया और खुद को पुलिस अधिकारी 'संजय पीएसआई' बताया।
मानसिक दबाव: महिला को घंटों वीडियो कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया और उन पर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया गया।
नकली दस्तावेज: ठगों ने महिला को डराने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश, ईडी (ED) और आरबीआई (RBI) के नकली नोटिस भेजे।
धमकी: आरोपियों ने महिला के परिवार को भी गंभीर आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी, जिससे घबराकर महिला ने अलग-अलग खातों में कुल 1.04 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी ठगों ने 50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग जारी रखी।
बेटे की सतर्कता से खुली पोल
जब महिला ने अपने बेटे को इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ और तुरंत साइबर थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन के तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों का पीछा किया।
राजस्थान के चुरू से हुई गिरफ्तारी
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस की एक टीम राजस्थान के चुरू जिले पहुँची और वहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
रूपेंद्र सिंह (21 वर्ष) – निवासी ग्राम पोती, जिला चुरू।
विशाल सिंह (20 वर्ष) – निवासी ग्राम पोती, जिला चुरू।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालने में मदद की थी। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और पासबुक जब्त की है।
पुलिस की अपील
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती। यदि कोई अनजान व्यक्ति वीडियो कॉल पर डराकर पैसे की मांग करे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। फिलहाल गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
लाखों APL कार्डधारकों को अप्रैल में राशन से किया गया वंचित
9 May, 2026 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राशन वितरण में भारी लापरवाही: अप्रैल में शक्कर-नमक से वंचित रहे लाखों कार्डधारक, अब मई में होगा वितरण
रायपुर: प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) एक बार फिर अव्यवस्थाओं के घेरे में है। सरकारी दावों के विपरीत, अप्रैल महीने में करीब दो से तीन लाख एपीएल (APL) कार्डधारकों को उनके कोटे का चावल तो मिला, लेकिन शक्कर और नमक के लिए उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। इस अव्यवस्था का मुख्य कारण प्रदेश की सैकड़ों उचित मूल्य दुकानों तक समय पर राशन का भंडारण न हो पाना बताया जा रहा है। अब विभाग ने मई महीने में पिछले बचे हुए राशन को बांटने की प्रक्रिया शुरू की है।
सैकड़ों दुकानों में नहीं पहुँचा था राशन
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश की लगभग 365 उचित मूल्य दुकानों में समय पर खाद्यान्न की सप्लाई नहीं हो सकी। इसके चलते लाखों परिवार अपने हक के राशन से वंचित रह गए। इस गड़बड़ी को सुधारने के लिए खाद्य विभाग ने अब ई-पॉस (e-POS) मशीन के सॉफ्टवेयर में पिछले महीने का विकल्प फिर से खोला है, ताकि प्रभावित हितग्राहियों को अप्रैल का कोटा अब दिया जा सके।
राजधानी रायपुर की स्थिति सबसे ज्यादा खराब
राशन वितरण की यह समस्या राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में सबसे गंभीर रही।
80 दुकानों में संकट: अकेले रायपुर जिले की 80 दुकानों में एपीएल चावल, शक्कर और नमक की खेप नहीं पहुँच पाई।
क्षेत्रवार प्रभावित दुकानें: रायपुर शहर की 28, धरसींवा की 25, गोबरा-नेवरा की 6, आरंग की 4 और तिल्दा-अभनपुर की 1-1 दुकान में भंडारण शून्य रहा।
सहकारी कारखानों से शक्कर मिलने में हुई देरी
जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा किल्लत शक्कर की रही। पूरा अप्रैल बीत जाने के बाद भी शक्कर दुकानों तक नहीं पहुँच सकी। विभागीय सूत्रों का कहना है कि सहकारी कारखानों से नागरिक आपूर्ति निगम को समय पर सप्लाई नहीं मिली, जिसके कारण यह संकट खड़ा हुआ। हालांकि, अब गोदामों में शक्कर आनी शुरू हो गई है और दुकानों तक भेजी जा रही है।
प्रशासन का पक्ष और बढ़ता आक्रोश
रायपुर के खाद्य नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने बताया कि जो भी हितग्राही अप्रैल में राशन नहीं ले पाए थे, वे अब मई में अपनी उचित मूल्य दुकानों से उसे प्राप्त कर सकते हैं।
उठते सवाल: एक तरफ जहां सरकार 'चावल उत्सव' मनाकर तीन महीने का राशन एक साथ देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी राशन सामग्री का समय पर न पहुँचना विभागीय तैयारियों की पोल खोल रहा है। हितग्राहियों का कहना है कि गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राशन सबसे जरूरी सहारा है, ऐसे में इस तरह की लापरवाही उनकी मुश्किलें बढ़ा देती है।
अब देखना होगा कि क्या मई महीने में सभी प्रभावित परिवारों को उनका पिछला और वर्तमान राशन बिना किसी परेशानी के मिल पाता है या नहीं।
कांकेर कलेक्ट्रेट में परिजनों का हंगामा, बेटियों की सुरक्षित वापसी की मांग
9 May, 2026 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांकेर की 16 युवतियां झारखंड में बंधक: परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर लगाई सुरक्षित वापसी की गुहार
कांकेर: छत्तीसगढ़ की युवतियों को रोजगार का झांसा देकर झारखंड ले जाने और वहां उन्हें बंधक बनाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। खबर फैलते ही पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित कांकेर जिले के 16 परिवारों के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई। परिजनों की आंखों में आंसू और चेहरों पर अपनी बेटियों के खो जाने का डर साफ दिखाई दे रहा था।
कलेक्टर से मदद की अपील
कलेक्ट्रेट पहुंचे राजकुमार दर्रो, माधव नेताम और बाबूलाल मंडावी सहित अन्य ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपते हुए बताया कि उनकी बेटियां काम की तलाश में झारखंड गई थीं, लेकिन अब उन्हें वहां से वापस नहीं आने दिया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि उन्हें झांसा देकर दूसरे राज्य ले जाया गया और अब वहां उन्हें कैद कर रखा गया है। उन्होंने मांग की कि:
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया जाए।
झारखंड प्रशासन से संपर्क कर सभी युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जाए।
कई दिनों से संपर्क न होने के कारण परिवारों में भारी तनाव और भय व्याप्त है।
एक संदेश से हुआ बड़ा खुलासा
इस पूरे गिरोह का राज तब खुला जब दुर्गूकोंदल क्षेत्र की एक युवती ने गुप्त रूप से अपने गांव के एक युवक को मोबाइल पर संदेश भेजकर मदद मांगी। उसने बताया कि उन्हें नौकरी के नाम पर बुलाया गया था, लेकिन अब वहां जबरन काम कराया जा रहा है और घर लौटने पर पाबंदी लगा दी गई है। इसके बाद सोशल मीडिया पर भी कुछ वीडियो और संदेश वायरल हुए, जिसमें युवतियां मदद मांगती नजर आ रही हैं।
मानव तस्करी के संगठित नेटवर्क का अंदेशा
सामाजिक कार्यकर्ता और युवा नेता ललित नरेटी ने इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि केवल कांकेर ही नहीं, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों की करीब 35 युवतियां झारखंड में फंसी हो सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, इन युवतियों को झारखंड के गढ़वा क्षेत्र के कुछ निजी संस्थानों में रखा गया है।
आशंका जताई जा रही है कि दलाल आदिवासी क्षेत्रों की गरीब युवतियों को ज्यादा वेतन का लालच देकर दूसरे राज्यों में ले जाते हैं और फिर उनका शोषण करते हैं। यह एक बड़े संगठित मानव तस्करी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
पलायन और बेरोजगारी मुख्य वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि बस्तर संभाग में पर्याप्त रोजगार न होने के कारण युवा मजबूरी में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करते हैं। दलाल इसी मजबूरी का फायदा उठाते हैं और अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से युवाओं को प्रताड़ित करते हैं। सरकार से मांग की गई है कि ऐसी एजेंसियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की तैयारी
मामला बढ़ता देख कांकेर जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि युवतियों से संपर्क साधने की कोशिश जारी है। जैसे ही उनकी लोकेशन की पुष्टि होती है, एक विशेष रेस्क्यू टीम झारखंड के लिए रवाना की जाएगी। पुलिस और श्रम विभाग को भी इस मामले में अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल, कई परिवार अपनी बेटियों की सुरक्षित घर वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
CG News: जवानों ने दिन-रात मेहनत कर अबूझमाड़ में खड़ा किया पुल
9 May, 2026 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबूझमाड़ के दुर्गम इलाके में ITBP ने पेश की मिसाल: ग्रामीणों के साथ मिलकर बनाया 60 मीटर लंबा पुल
नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित और चुनौतीपूर्ण अबूझमाड़ क्षेत्र में आईटीबीपी (ITBP) के जवानों ने जनसेवा की एक नई इबारत लिखी है। आईटीबीपी की 38वीं बटालियन ने स्थानीय ग्रामीणों के कंधे से कंधा मिलाकर मात्र लकड़ी और बांस की मदद से लगभग 60 मीटर लंबा एक मजबूत पुल तैयार किया है। यह पुल ओरछा थाना क्षेत्र से करीब 20 किलोमीटर दूर कुड़मेल गांव के समीप बनाया गया है।
जवानों और ग्रामीणों के तालमेल का नतीजा
अबूझमाड़ जैसे कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्र में संसाधनों की कमी को देखते हुए आईटीबीपी ने हार नहीं मानी।
स्थानीय संसाधन: जवानों ने लकड़ी और बांस जैसे स्थानीय संसाधनों का उपयोग करने का फैसला लिया।
जनभागीदारी: ग्रामीणों ने भी इस निर्माण कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे सुरक्षा बल और आम जनता के बीच एक अटूट विश्वास और तालमेल का उदाहरण पेश हुआ।
मजबूती: यह पुल इतना सुदृढ़ बनाया गया है कि ग्रामीण न केवल पैदल, बल्कि अपनी मोटरसाइकिलों के साथ भी सुरक्षित तरीके से नदी पार कर पा रहे हैं।
विकास की ओर बढ़ते कदम
पुल का औपचारिक लोकार्पण 38वीं बटालियन के कमांडेंट रोशन सिंह असवाल और एसपी रॉबिसन गुरिया की उपस्थिति में किया गया।
पुल बनने के मुख्य फायदे:
सालों भर कनेक्टिविटी: अब बारिश के मौसम में भी ग्रामीणों और सुरक्षा बलों का संपर्क नहीं टूटेगा।
सुरक्षित आवागमन: ऊबड़-खाबड़ और खतरनाक रास्तों के बजाय अब ग्रामीणों के पास एक सुव्यवस्थित रास्ता उपलब्ध है।
विकास का मार्ग: दुर्गम इलाकों तक जरूरी सुविधाएं पहुँचाने में अब आसानी होगी।
किसानों को नहीं होगी खाद-बीज की कमी, मंत्री केदार कश्यप का बड़ा बयान
9 May, 2026 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खरीफ सीजन 2026: किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, मंत्री केदार कश्यप ने दिए पुख्ता इंतजाम के निर्देश
रायपुर: छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन 2026 की तैयारियों को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में किसानों को खाद, बीज और कृषि ऋण की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट कहा कि समितियों (पैक्स) में किसानों की मांग के अनुरूप समय पर सामग्री पहुंचनी चाहिए ताकि बुआई के समय कोई बाधा न आए।
ऋण और खाद वितरण का लक्ष्य
बैठक में बताया गया कि इस साल किसानों की आर्थिक मदद के लिए राज्य सरकार ने 8,800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अब तक का वितरण: अब तक किसानों को 741 करोड़ रुपये का ऋण दिया जा चुका है।
खाद का स्टॉक: राज्य में कुल 10 लाख मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य है, जिसके मुकाबले अब तक 5.42 लाख मीट्रिक टन (54 प्रतिशत) भंडारण पूरा हो चुका है।
वर्तमान में समितियों में उपलब्ध उर्वरक:
यूरिया: 2.56 लाख टन
डीएपी: 67 हजार टन
एनपीके: 1.01 लाख टन
पोटाश: 39 हजार टन
एसएसपी: 78 हजार टन
डीएपी की कमी से निपटने की तैयारी
वैश्विक स्तर पर डीएपी (DAP) की संभावित किल्लत को देखते हुए मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को दूरदर्शी रणनीति अपनाने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि बाजार में उपलब्ध वैकल्पिक उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए और किसानों को इनके उपयोग के प्रति जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए।
बीज आपूर्ति पर जोर
सीजन के लिए राज्य में कुल 4.95 लाख क्विंटल बीज की मांग है, जिसके विरुद्ध अब तक 81,640 क्विंटल प्रमाणित बीजों का भंडारण समितियों में किया जा चुका है। मंत्री ने बीज निगम को सख्त हिदायत दी है कि बाकी बचे हुए स्टॉक की आपूर्ति जल्द से जल्द पूरी की जाए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सहकारिता सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, मार्कफेड एमडी जितेंद्र शुक्ला, बीज निगम एमडी अजय अग्रवाल, अपेक्स बैंक एमडी के.एन. कांडे सहित कृषि और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के सीईओ मौजूद रहे।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस मानसून सत्र में प्रदेश का कोई भी किसान संसाधनों की कमी के कारण पीछे न छूटे।
नौकरी का मौका! फायरमैन पदों के लिए इस तारीख तक करें अप्लाई
9 May, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ फायरमैन भर्ती: व्यापमं ने शुरू की आवेदन प्रक्रिया, जानें परीक्षा की पूरी डिटेल्स
रायपुर: छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। प्रदेश के नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा तथा SDRF में फायरमैन के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक उम्मीदवार 8 मई से अपना फॉर्म भर सकते हैं।
आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियाँ
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय पर आवेदन पूरा करें:
आवेदन की अंतिम तिथि: 5 जून 2026 (शाम 5 बजे तक)
त्रुटि सुधार का समय: 6 से 8 जून 2026 तक
प्रवेश पत्र (Admit Card) जारी होने की तिथि: 13 जुलाई 2026
लिखित परीक्षा की तिथि: 19 जुलाई 2026 (रविवार)
परीक्षा का समय: सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक
परीक्षा केंद्र और चयन प्रक्रिया
यह भर्ती परीक्षा रायपुर स्थित निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। चयन की प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों पर आधारित है:
शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test): जो पहले ही संपन्न हो चुकी है।
लिखित परीक्षा: यह ओएमआर (OMR) या सीबीटी (CBT) आधारित होगी।
दस्तावेज सत्यापन और चिकित्सा परीक्षण: लिखित परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच और मेडिकल टेस्ट किया जाएगा।
आवेदन शुल्क और पात्रता
आवेदन के लिए शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किया जाएगा। विवरण इस प्रकार है:
श्रेणी
आवेदन शुल्क
सामान्य वर्ग (General)
₹350
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)
₹250
SC / ST / दिव्यांग
₹200
योग्यता: आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (10+2) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। साथ ही, आवेदक के पास छत्तीसगढ़ का स्थायी निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।
लिफ्ट सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, बिल्डिंग संचालकों को निर्देश
9 May, 2026 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: लिफ्ट सुरक्षा को लेकर विद्युत विभाग सख्त, जारी की गई नई गाइडलाइन
रायपुर: राजधानी रायपुर की बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक परिसरों में लिफ्ट संचालन के दौरान सामने आ रही सुरक्षा चूकों को देखते हुए मुख्य विद्युत निरीक्षक (विद्युत सुरक्षा) विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। विभाग ने शहर के सरकारी, निजी और कमर्शियल भवनों के लिए नई और सख्त गाइडलाइन जारी की है, ताकि लिफ्ट के उपयोग को सुरक्षित और दुर्घटना मुक्त बनाया जा सके।
तकनीकी टीम और नियमित मेंटेनेंस अनिवार्य
हाल के दिनों में लिफ्ट में तकनीकी खराबी और यात्रियों के फंसने की बढ़ती शिकायतों को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है।
समर्पित तकनीकी टीम: अब हर उस संस्थान या भवन प्रबंधन को, जहाँ लिफ्ट का उपयोग होता है, एक समर्पित तकनीकी टीम रखनी होगी। यह टीम लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को तुरंत ठीक करने के लिए जिम्मेदार होगी।
ARD सिस्टम की जांच: लिफ्ट में लगे Automatic Rescue Device (ARD) की अब हर सप्ताह जांच करना अनिवार्य होगा। यह उपकरण बिजली जाने की स्थिति में लिफ्ट को नजदीकी फ्लोर तक पहुँचाने में मदद करता है।
आपात स्थिति के लिए नए सुरक्षा मानक
नई नियमावली में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:
ऑटो-सेफ्टी सिस्टम: बिजली गुल होने पर लिफ्ट अब बीच में नहीं रुकेगी, बल्कि स्वतः ही पास के फ्लोर पर जाकर दरवाजे खोल देगी, जिससे यात्रियों के फंसे रहने का डर खत्म हो जाएगा।
अनिवार्य पावर बैकअप: सभी ऊंची इमारतों के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था (Power Backup) रखना अब अनिवार्य होगा। इससे बिजली कटने पर भी लिफ्ट का संचालन बाधित नहीं होगा।
सुविधाओं का रख-रखाव: लिफ्ट के भीतर लाइट और पंखों का हमेशा चालू रहना सुनिश्चित करना होगा। किसी भी खराबी की स्थिति में भवन प्रबंधन को इसे तत्काल दुरुस्त करना होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों की अनदेखी करने वाले भवन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह कदम शहर के हजारों लिफ्ट उपयोगकर्ताओं के लिए राहत और सुरक्षा लेकर आएगा।
1 जून को मतदान, 4 जून को फैसला; छत्तीसगढ़ चुनाव का पूरा शेड्यूल जारी
9 May, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ चुनाव बिगुल: नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान, एक ही चरण में होगा मतदान
रायपुर: छत्तीसगढ़ में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में होने वाले आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों के लिए विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, चुनाव की पूरी प्रक्रिया 11 मई 2026 से 4 जून 2026 के बीच संपन्न होगी। खास बात यह है कि दोनों ही चुनाव एक ही चरण में कराए जाएंगे, जिसमें 4 नगर पंचायतों के पूर्ण चुनाव और एक नगर पंचायत में अध्यक्ष पद का उपचुनाव शामिल है।
नामांकन और महत्वपूर्ण तिथियाँ
निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार चुनावी गतिविधियाँ इस प्रकार रहेंगी:
नामांकन की शुरुआत: 11 मई 2026 (सोमवार)
नामांकन की अंतिम तिथि: 18 मई 2026 (सोमवार)
दस्तावेजों की जांच: 19 मई 2026 (मंगलवार)
नाम वापसी की अंतिम तिथि: 21 मई 2026 तक
मतदान की प्रक्रिया: EVM और मतपत्र का उपयोग
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नगरीय निकायों के 82 रिक्त पदों और पंचायतों के 1228 रिक्त पदों पर मतदान के लिए दो अलग-अलग विधियों का प्रयोग किया जाएगा:
नगरीय निकाय चुनाव: यह मतदान आधुनिक EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) के माध्यम से होगा।
पंचायत चुनाव: यहाँ मतदाता पारंपरिक मतपेटी (बैलेट बॉक्स) का उपयोग करेंगे।
मतदान का समय
दोनों चुनावों के लिए मतदान के समय में भिन्नता रखी गई है:
निकाय चुनाव: सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक।
पंचायत चुनाव: सुबह 7:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
महानदी से धड़ल्ले से रेत तस्करी, कमजोर हो रही पुल की नींव
9 May, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बलरामपुर: महान नदी पर रेत माफिया का कब्जा, खतरे में करोड़ों का पुल और नदी का अस्तित्व
राजपुर (बलरामपुर): छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्रशासनिक ढिलाई का फायदा उठाकर रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। राजपुर जनपद पंचायत के धंधापुर ग्राम पंचायत से गुजरने वाली महान नदी पर माफिया ने पूरी तरह कब्जा कर लिया है। सुबह 5:00 बजे से ही सैकड़ों ट्रैक्टर और भारी वाहन नदी के सीने को चीरकर रेत की तस्करी शुरू कर देते हैं, जो देर शाम तक अनवरत जारी रहती है।
प्रतिदिन लाखों की तस्करी, करोड़ों का काला कारोबार
धंधापुर के महान नदी घाट से निकाली गई अवैध रेत न केवल स्थानीय क्षेत्रों बल्कि अंबिकापुर तक भेजी जा रही है।
सक्रियता: प्रतिदिन बरियों, आरा, धौरपुर और लूड्रा जैसे इलाकों में करीब 200 वाहनों के जरिए रेत की निकासी की जा रही है।
अवैध कमाई: रोजाना लगभग 5 लाख रुपये की रेत तस्करी हो रही है। अनुमान है कि छिंदियाडांड घाट से पूरे गर्मी के सीजन में 8 से 10 करोड़ रुपये की अवैध रेत निकाली जाती है। इतने बड़े पैमाने पर हो रहे अवैध उत्खनन के बावजूद खनिज और राजस्व विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
पुलिस और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि माफिया सरकारी निर्माण कार्यों और प्रधानमंत्री आवास योजना की आड़ में अवैध खनन कर उसे ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। अंबिकापुर-प्रतापपुर मुख्य मार्ग से हर घंटे दर्जनों अवैध रेत लदे वाहन गुजरते हैं, लेकिन खड़गवा पुलिस और सूरजपुर जिले का प्रशासनिक अमला कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। चर्चा है कि माफिया की कुछ पुलिसकर्मियों के साथ "सेटिंग" की वजह से यह काला धंधा बेखौफ फल-फूल रहा है।
खतरे में 10 करोड़ की लागत से बना पुल
अंधाधुंध अवैध खनन का सबसे बुरा असर महान नदी पर बने पुल पर पड़ रहा है। करीब 5 साल पहले 10 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के खंभे (पीलर) अब कमजोर होने लगे हैं।
क्षति: अत्यधिक खनन के कारण पीलर का लगभग 5 फीट हिस्सा जमीन से बाहर आ गया है।
खतरा: भारी वाहनों के गुजरने पर अब पुल में कंपन महसूस होने लगा है। लोक निर्माण विभाग के सेतु संभाग की चुप्पी भविष्य में किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
प्रशासन का पक्ष
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजपुर SDM देवेंद्र प्रधान ने सख्त रुख अपनाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम गठित कर रेत तस्करी पर नकेल कसी जाएगी। उन्होंने माफियाओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि नदी के अस्तित्व को बचाने के लिए जल्द ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मौसम की आंख मिचौली जारी! IMD ने आंधी-बारिश का अलर्ट किया जारी
9 May, 2026 07:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: अगले 5 दिनों तक बारिश और आंधी का अलर्ट
रायपुर: छत्तीसगढ़ के निवासियों को फिलहाल भीषण तपिश से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और धूल भरी तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञों ने कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की आशंका भी जताई है।
तापमान का पूर्वानुमान
विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि, 11 मई के बाद मौसमी हलचल कम होने लगेगी, जिसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक बढ़ोतरी हो सकती है।
सुबह तीखी धूप, शाम को आंधी-बारिश
राजधानी रायपुर से लेकर बिलासपुर संभाग तक मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। दोपहर तक तेज धूप रहने के बाद शाम होते ही बादलों का डेरा जम रहा है और आंधी-तूफान के साथ बारिश की स्थिति बन रही है। बीते 24 घंटों में भी कई जिलों में हल्की फुहारें पड़ी हैं, जिससे वातावरण में नमी बनी हुई है।
इन जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी
मौसम विज्ञान केंद्र ने रायगढ़ और महासमुंद जिलों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है।
अनुमान: गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं।
सलाह: मौसम में आए अचानक बदलाव को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
प्रमुख शहरों का तापमान (पिछले 24 घंटे)
शहर
स्थिति
तापमान (डिग्री सेल्सियस)
राजनांदगांव
सबसे गर्म
41.0°C
अंबिकापुर
सबसे ठंडा (न्यूनतम)
20.9°C
रायपुर (लालपुर)
अधिकतम
39.2°C
रायपुर (माना)
अधिकतम
39.0°C
बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर जैसे शहरों में भी पारा सामान्य से नीचे बना हुआ है। बादलों की आवाजाही और नमी के चलते फिलहाल लू (Heatwave) जैसी स्थिति से राहत बनी रहेगी।
धमतरी में रेशम की चमक: 'सिल्क समग्र-2' से संवर रही ग्रामीणों की तकदीर, किसान बन रहे आत्मनिर्भर
8 May, 2026 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ के किसान शहतूत की पत्तियों का उपयोग रेशम के कीड़ों के पालन के लिए करते हैं, जिससे वे कोकून बेचकर अच्छी कमाई करते हैं, वहीं इसके फलों को बाजार में बेचकर भी मुनाफा कमाते हैं। किसानों के लिए आमदनी का एक बेहतरीन और आधुनिक विकल्प बनकर उभरी है, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अपनी आय भी दोगुनी कर रहे हैं। धमतरी जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की 'सिल्क समग्र-2' योजना एक गेम-चेंजर साबित हो रही है। परंपरागत खेती पर निर्भर रहने वाले किसान अब रेशम उत्पादन के जरिए अपनी आय को दोगुना कर रहे हैं। जिले में 37 किसानों ने सफलतापूर्वक शहतूत पौधरोपण कर रेशम पालन की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जो न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।
कम जमीन, अधिक मुनाफा: एक एकड़ में 1.5 लाख रुपए तक की आय
यह योजना विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों के लिए वरदान है। जिन किसानों के पास 5 एकड़ से कम भूमि है, वे मात्र 1 एकड़ में शहतूत की खेती कर साल भर में 5 से 6 बार कृमिपालन कर सकते हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, खर्च काटकर किसान सालाना 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक की शुद्ध आय प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना के तहत हितग्राहियों को 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से रेशम उत्पादन के लिए शासन द्वारा अनुदान दिया जा रहा है।पौधरोपण व सिंचाई के लिए 60-60 हजार के दो चरण में 1.20 लाख रुपए, कृमिपालन गृह निर्माण के लिए 3.25 लाख रुपए उपकरण एवं सामग्री के लिए 55 हजार रुपए दिया जाता है। इस तरह कुल सहायता राशि का 80% केंद्र सरकार और 20% राज्य सरकार वहन कर रही है।
टसर कोसा और धागाकरण:महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
शासकीय टसर विकास केन्द्र बिरेझर ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता का केंद्र बन गया है। यहाँ 15 से अधिक महिलाएं घर के कामकाज के साथ धागाकरण का कार्य कर रही हैं, जिससे उन्हें हर महीने लगभग 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। वहीं, 20 से अधिक ग्रामीण टसर कृमिपालन से जुड़कर सालाना 50 हज़ार रुपए तक की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। सिल्क समग्र-2 योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। इस योजना के तहत अधिक से अधिक युवाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को वैकल्पिक आय के स्रोत से जोड़ना है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ें।
आधुनिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक पद्धति
रेशम विभाग न केवल संसाधन जुटा रहा है, बल्कि किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दे रहा है। वैज्ञानिक पद्धति से कीटपालन सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा दोनों में सुधार हुआ है। धमतरी जिले में सिल्क समग्र-2 के ये सकारात्मक परिणाम स्पष्ट करते हैं कि यदि सही योजना और सरकारी सहायता का मेल हो, तो ग्रामीण भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा सकता है।
त्वरित समाधान से बदली किसान की तकदीर
8 May, 2026 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सुशासन तिहार प्रदेश में जन केंद्रित, संवेदनशील और जवाबदेह शासन की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहा है। इस अभिनव अभियान के माध्यम से शासन-प्रशासन स्वयं आमजन के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित और प्रभावी समाधान भी सुनिश्चित कर रहा है। पारदर्शिता, तत्परता और जनसरोकार की भावना से परिपूर्ण यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विश्वास, संतोष और सकारात्मक बदलाव का वातावरण निर्मित कर रहा है।
कोरबा जिले के ग्राम नवापारा के किसान मंगल सिंह के जीवन में सुशासन तिहार सकारात्मक परिवर्तन लेकर आया है। सिंह एक मेहनतकश किसान हैं, जिनके पास तीन-चार एकड़ कृषि भूमि है। उनका संपूर्ण परिवार कृषि कार्य पर ही निर्भर है। वे मुख्यतः धान की खेती करते हैं, जो उनकी आय का प्रमुख स्रोत है। लंबे समय से उन्हें सिंचाई की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा था। पर्याप्त संसाधनों के अभाव में उन्हें खेतों की सिंचाई के लिए नदी और कुएं पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे समय, श्रम और लागत तीनों में वृद्धि होती थी। कई बार समय पर पानी उपलब्ध न हो पाने के कारण फसल की गुणवत्ता और उत्पादन भी प्रभावित होता था।
सुशासन तिहार के दौरान कृषि विभाग के माध्यम से उन्हें पेट्रोलचलित पंप उपलब्ध कराया गया, जिससे अब उनके खेतों की सिंचाई सुगमता से होगी। इस सुविधा के मिलने से न केवल उनकी पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हुआ है, बल्कि अब वे आधुनिक और प्रभावी ढंग से खेती कर पाएंगे। समय पर सिंचाई उपलब्ध होने से फसल की गुणवत्ता में सुधार होगा, उत्पादन में वृद्धि होगी और परिवार के जीवन स्तर में भी सुधार आएगा।
कृषक सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले सिंचाई को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती थी, जिससे खेती का कार्य प्रभावित होता था। अब पंप मिलने के बाद यह चिंता पूरी तरह समाप्त हो गई है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सरकार स्वयं गांव-गांव पहुंचकर आमजन की समस्याओं को सुन रही है और उनका समाधान कर रही है। यह पहल वास्तव में जनकल्याणकारी और किसान हितैषी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में खुशहाली और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।
बस्तर कमिश्नर ने ग्राम संबलपुर और बम्हनी में
8 May, 2026 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने आज कोंडागांव जिले के ग्राम संबलपुर और बम्हनी में आयोजित बस्तर मुन्ने शिविर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में पहुंचकर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया तथा ग्रामीणों से चर्चा कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
कमिश्नर डोमन सिंह ने शिविर में आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र एवं राशन कार्ड जैसे आवश्यक दस्तावेजों की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र ग्रामीणों के दस्तावेजों का शत-प्रतिशत निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने फ़ौती नामांतरण के लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के आधार कार्ड बनाने और त्रुटि सुधार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आधार कार्ड शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
शिविर में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। ग्राम संबलपुर में 06 हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र, 06 को आयुष्मान कार्ड, 10 को बी-1 खसरा, 03 को मतदाता परिचय पत्र, 15 को जाति प्रमाण पत्र तथा 03 हितग्राहियों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए। वहीं ग्राम बम्हनी में राजस्व विभाग द्वारा 07 बी-1 नकल एवं 02 डिजिटल किताब वितरित की गई। इसके अलावा मनरेगा के 04 जॉब कार्ड, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 आयुष्मान कार्ड, 02 जन्म प्रमाण पत्र, 05 मतदाता परिचय पत्र, 05 जाति प्रमाण पत्र तथा 02 विवाह प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। शिविर में गांव के प्रतिभावान स्कूली बच्चों को सम्मानित भी किया गया।
इस अवसर पर जनपद पंचायत उपाध्यक्ष टोमेंद्र ठाकुर, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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