मध्य प्रदेश
‘एमएसपी से कम कीमत पर खरीद हो अपराध’, जीतू पटवारी की मांग
14 May, 2026 04:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: जीतू पटवारी ने MSP बढ़ाए जाने का किया स्वागत, शिवराज सिंह से पूछा— "एमपी में जमीनी हकीकत क्या है?"
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार द्वारा 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में की गई बढ़ोतरी के फैसले का समर्थन किया है। पटवारी ने इसे किसानों के हित में एक सकारात्मक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। हालांकि, स्वागत के साथ ही उन्होंने इस व्यवस्था के क्रियान्वयन को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार पर तीखे सवाल भी दागे हैं।
शिवराज सिंह चौहान से पूछे तीखे सवाल
जीतू पटवारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को निशाने पर लेते हुए सवाल किया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में कितनी फसलों की खरीदी वास्तव में एमएसपी पर की जा रही है? उन्होंने कहा कि केवल घोषणा करना काफी नहीं है, सरकार को यह बताना चाहिए कि क्या किसानों को इस बढ़ी हुई कीमत का सीधा लाभ मिल रहा है। पटवारी ने मांग की कि सरकार को एमएसपी पर हो रही खरीदी का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) करना चाहिए ताकि कागजों और जमीनी हकीकत का अंतर साफ हो सके।
किसानों को मिली एमएसपी की सौगात
केंद्र सरकार ने हाल ही में 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में संशोधन किया है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
धान: नई एमएसपी 2,441 रुपये प्रति क्विंटल तय की गई है (72 रुपये की वृद्धि)।
तुअर दाल: इसकी कीमत में 450 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई है।
अन्य फसलें: धान और तुअर के अलावा उड़द, मूंग, मक्का, बाजरा, ज्वार, रागी, कपास, मूंगफली, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे मोटे अनाजों व दलहन फसलों की दरों में भी सुधार किया गया है।
कानूनी गारंटी की उठाई मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने एमएसपी के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि जब तक न्यूनतम मूल्य से कम पर खरीदी को अपराध घोषित नहीं किया जाता, तब तक किसानों का शोषण बंद नहीं होगा। उन्होंने पुरजोर मांग की कि बीजेपी सरकार को 'एमएसपी गारंटी कानून' बनाना चाहिए, जिससे एमएसपी से कम कीमत पर फसल खरीदना पूरी तरह प्रतिबंधित हो। पटवारी के अनुसार, ऐसा कानून ही किसानों को उनकी मेहनत का सही मोल दिला पाएगा।
सियासी गलियारों में चर्चा
जीतू पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर किसान और एमएसपी का मुद्दा गरमा गया है। जहाँ एक तरफ भाजपा इसे अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे केवल चुनावी और कागजी कवायद करार देकर कानूनी अमलीजामा पहनाने की मांग पर अड़ी है।
दूध के दाम में फिर बढ़ोतरी, सांची ने प्रति लीटर 2 रुपए बढ़ाए
14 May, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आम आदमी की जेब पर दूध का 'करंट', सांची ने बढ़ाए दाम; जानें अब कितनी होगी एक लीटर की कीमत
भोपाल। देशव्यापी महंगाई के बीच मध्य प्रदेश के आम उपभोक्ताओं के लिए एक और बुरी खबर सामने आई है। रसोई गैस और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के बाद अब दूध के दाम भी आसमान छूने लगे हैं। अमूल और मदर डेयरी द्वारा कीमतों में इजाफा किए जाने के बाद, प्रदेश के प्रतिष्ठित सहकारी ब्रांड 'सांची' ने भी अपने दूध के दामों में बढ़ोतरी की घोषणा कर दी है। दूध की ये नई दरें 15 मई 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।
सांची दूध की नई रेट लिस्ट (प्रति पैकेट)
दामों में हुए बदलाव के बाद सांची के विभिन्न प्रोडक्ट्स अब इस कीमत पर उपलब्ध होंगे:
फुल क्रीम दूध (गोल्ड) 500 ML: 35.00 रुपये
फुल क्रीम दूध (गोल्ड) 1 लीटर: 70.00 रुपये
स्टैण्डर्ड दूध (शक्ति) 500 ML: 32.00 रुपये
टोण्ड दूध (ताजा) 500 ML: 29.00 रुपये
डबल टोण्ड दूध (स्मार्ट) 500 ML: 27.00 रुपये
चाह दूध 1 लीटर: 62.00 रुपये
लगातार दूसरे साल बढ़ी कीमतें
गौरतलब है कि सांची ने इससे पहले मई 2025 में भी कीमतों में इजाफा किया था। अब ठीक एक साल बाद दोबारा दाम बढ़ने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों का बजट बिगड़ना तय है। लगातार दूसरे साल हुई इस वृद्धि ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि दूध रोजमर्रा की सबसे अनिवार्य जरूरत है।
महंगाई की चौतरफा मार
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि चारे की बढ़ती कीमतों और ट्रांसपोर्टेशन खर्च में इजाफे के चलते डेयरी कंपनियों पर बोझ बढ़ा है, जिसका सीधा असर अब ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में सांची दूध की खपत सबसे अधिक है, ऐसे में इस फैसले का व्यापक असर देखने को मिलेगा।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच उमा भारती ने किया सम्राट चौधरी का बचाव
14 May, 2026 02:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीएम सम्राट चौधरी की अंग्रेजी का मजाक उड़ाने वालों पर भड़कीं उमा भारती, कहा— "ये अंग्रेजों की छोड़ी जूठन हैं"
भोपाल। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उनके अंग्रेजी उच्चारण को लेकर मीम्स बनाए जा रहे हैं और उन्हें ट्रोल किया जा रहा है। हालांकि, इस मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिग्गज नेताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने सम्राट चौधरी के समर्थन में मोर्चा संभालते हुए ट्रोल करने वालों को खरी-खोटी सुनाई है।
उमा भारती का 'एक्स' पर कड़ा प्रहार
अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर उमा भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी की अंग्रेजी का उपहास उड़ाने वाले लोग अंग्रेजों की छोड़ी गई जूठन हैं और हीन भावना के शिकार हैं। रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अंग्रेजी नहीं बोलते, फिर भी वे दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में गिने जाते हैं। ऐसी अंग्रेज परस्त मानसिकता रखने वालों पर धिक्कार है।”
अंग्रेजी के वर्चस्व पर सवाल
भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने अंग्रेजी को विद्वत्ता का पैमाना मानने वालों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने इसे भारतीय स्वाभिमान के खिलाफ बताते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम है, न कि किसी की काबिलियत को आंकने का तरीका। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय भाषाओं और अपनी मातृभाषा में काम करना गर्व की बात होनी चाहिए, न कि उपहास का कारण।
सियासी घमासान तेज
सम्राट चौधरी के वायरल वीडियो पर शुरू हुई यह बहस अब एक बड़े विवाद में बदल चुकी है। जहाँ एक तरफ विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को साझा कर चुटकी ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पूरी भाजपा अपने मुख्यमंत्री के बचाव में उतर आई है। नेताओं का तर्क है कि जनता से जुड़े नेता की पहचान उनके काम से होती है, न कि किसी विदेशी भाषा के ज्ञान से।
भिंड में BJP का बड़ा संगठनात्मक फैसला, सज्जन सिंह यादव की नियुक्ति पर लगी रोक
14 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के आह्वान को गंभीरता से न लेना अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है। प्रधानमंत्री की इस विशेष अपील के बावजूद एक बड़ी वाहन रैली का आयोजन करना संगठन को रास नहीं आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश भाजपा संगठन ने त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित जिलाध्यक्ष को उनके पद से मुक्त करने का आधिकारिक फरमान जारी कर दिया है। यह कार्रवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के स्पष्ट निर्देशों पर की गई है, क्योंकि संगठन का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां न केवल पार्टी की कार्यप्रणाली के विरुद्ध हैं, बल्कि जनता के बीच शीर्ष नेतृत्व के संदेश का गलत प्रभाव भी डालती हैं।
मुख्यमंत्री की सादगी और कारकेड में कटौती का उदाहरण
इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के पीछे सरकार और संगठन द्वारा सादगी अपनाने की एक बड़ी पृष्ठभूमि है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं प्रधानमंत्री की अपील पर अमल करते हुए अपने सुरक्षा काफिले में वाहनों की संख्या 13 से घटाकर मात्र 8 कर दी थी, जो बुधवार को और भी सीमित होकर केवल 6 रह गई। मुख्यमंत्री ने न केवल स्वयं उदाहरण पेश किया, बल्कि प्रदेश के मंत्रियों और विभिन्न निगम-मंडलों के नवनियुक्त पदाधिकारियों से भी आग्रह किया था कि वे पदभार ग्रहण करते समय शालीनता बरतें और अपने काफिले में अनावश्यक वाहनों की भीड़ न जुटाएं। सरकार और पार्टी दोनों ही स्तरों पर ईंधन बचत और सादगी को एक अभियान की तरह लिया जा रहा है।
किसान मोर्चा की रैली बनी कार्रवाई का मुख्य आधार
इतनी स्पष्ट हिदायतों और मुख्यमंत्री के उदाहरण के बावजूद बुधवार को किसान मोर्चा द्वारा एक विशाल वाहन रैली निकाली गई, जिसने संगठन के अनुशासन की सीमाओं को लांघ दिया। जब एक ओर पूरी सरकार संसाधनों की बचत का संदेश दे रही थी, तब इस प्रकार का भव्य शक्ति प्रदर्शन पार्टी की नीतियों के विपरीत नजर आया। इसी अवहेलना को आधार बनाकर संगठन ने सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवाई की गाज गिरी। राजनीतिक विश्लेषक इस कदम को भाजपा संगठन की उस सख्त नीति के रूप में देख रहे हैं, जहां पार्टी की विचारधारा और प्रधानमंत्री के निर्देशों से ऊपर किसी भी व्यक्तिगत या इकाई के उत्साह को स्वीकार नहीं किया जाता।
सियासी गलियारों में सख्ती का बड़ा संदेश
इस बदलाव ने प्रदेश की राजनीति और भाजपा के भीतर एक स्पष्ट संकेत भेज दिया है कि प्रधानमंत्री के संदेशों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने यह साफ कर दिया है कि जनहित और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों, जैसे ईंधन संरक्षण, पर पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को सबसे पहले आगे आकर आदर्श प्रस्तुत करना होगा। जिलाध्यक्ष को पद से हटाना केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह भविष्य के लिए एक नजीर है कि सत्ता और संगठन में समन्वय और अनुशासन ही सर्वोपरि है।
बहू की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मल्टीपल इंजरी, परिजनों ने अंतिम संस्कार से किया इनकार
14 May, 2026 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रिटायर्ड जज की बहू की मौत पर बवाल, शरीर पर चोट के निशान; परिजनों ने लगाया 'दहेज हत्या' और गंभीर आरोप
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पूर्व न्यायाधीश (रिटायर्ड जज) की बहू, ट्विशा शर्मा की मौत का मामला गहराता जा रहा है। मृतका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें शरीर पर कई जगह चोट के निशान (मल्टीपल इंजरी) पाए गए हैं। हालांकि, रिपोर्ट में मौत का तात्कालिक कारण फांसी बताया गया है। दूसरी ओर, ट्विशा के मायके वालों ने इसे सोची-समझी हत्या करार देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इंसाफ की मांग को लेकर परिजन रातभर थाने में डटे रहे।
'पति ने गला घोंटकर मारा'— परिजनों का गंभीर आरोप
ट्विशा के परिवार का सीधा आरोप है कि उनके पति समर्थ सिंह ने गला दबाकर उनकी हत्या की है। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर दहेज हत्या का मामला है, लेकिन पुलिस प्रभाव के चलते कार्रवाई नहीं कर रही है। उनका आरोप है कि ट्विशा गर्भवती थी और उसे लगातार मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने मांग की है कि आरोपियों का घर सील किया जाए और तत्काल हत्या का मामला दर्ज हो।
निजी संबंधों और प्रताड़ना का खुलासा
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी पिछले कई दिनों से नरकीय जीवन जी रही थी। उन्होंने दामाद समर्थ सिंह के निजी आचरण और संबंधों को लेकर भी कई सवाल उठाए। पिता के अनुसार, घटना के बाद समर्थ की मां गिरिबाला सिंह ने बेहद सामान्य तरीके से फोन कर बस इतना कहा, "शी इज नो मोर" (वह अब नहीं रही)। परिजनों ने पुलिसिया थ्योरी को नकारते हुए पूछा कि यदि यह आत्महत्या है, तो मौके पर स्टूल या कुर्सी जैसी कोई चीज क्यों नहीं मिली? साथ ही ट्विशा का दूसरा मोबाइल फोन और फांसी में इस्तेमाल रस्सी का गायब होना भी संदेह पैदा कर रहा है।
थाने के बाहर प्रदर्शन: 'अंतिम संस्कार नहीं करेंगे'
ट्विशा की मां ने रोते हुए बताया कि मौत से महज पौन घंटा पहले उनकी बेटी से बात हुई थी। उसने फोन पर कहा था, "मैं बहुत परेशान हूं, अब बर्दाश्त नहीं होता, मुझे यहाँ से ले जाओ।" इसके कुछ देर बाद ही उसकी मौत की खबर आ गई।
फिलहाल, न्याय की मांग को लेकर परिजन भोपाल के थाने के बाहर हाथों में तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। परिजनों ने साफ कर दिया है कि जब तक पुलिस आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज नहीं करती, वे अपनी बेटी का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
जीतू पटवारी का सुझाव: सरकारी उत्सवों पर एक साल का प्रतिबंध लगे
14 May, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा जनता को दी जा रही मितव्ययिता की नसीहतों पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।
सत्ता के वैभव और जनता की बदहाली पर उठाए सवाल
जीतू पटवारी ने अपने पत्र के माध्यम से सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि एक ओर आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी और बिजली-पानी के भारी भरकम बिलों से जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर सत्ता के गलियारों में फिजूलखर्ची का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार वास्तव में प्रदेश के खजाने को लेकर चिंतित है, तो उसे सादगी का संदेश केवल जनता को देने के बजाय खुद के आयोजनों और विलासितापूर्ण खर्चों से इसकी शुरुआत करनी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर नजर आ रहा है।
सरकारी आयोजनों और उत्सवों पर रोक की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के समक्ष यह प्रस्ताव रखा है कि प्रदेश की विषम परिस्थितियों को देखते हुए अगले एक वर्ष तक सभी प्रकार के भव्य सरकारी समारोहों और उत्सवों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि जब राज्य के किसान और युवा संकट के दौर से गुजर रहे हों, तब करोड़ों रुपये के सरकारी इवेंट्स और राजनीतिक प्रचार तंत्र पर जनता का पैसा बहाना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने इन आयोजनों को जनसेवा के बजाय राजनीतिक इवेंट मैनेजमेंट करार देते हुए हेलीकॉप्टर, होर्डिंग्स और बड़े मंचों पर होने वाले खर्च को तुरंत रोकने का आग्रह किया है।
जनप्रतिनिधियों के वेतन और भत्तों में कटौती का सुझाव
वित्तीय अनुशासन का उदाहरण पेश करने के लिए जीतू पटवारी ने मंत्रियों, विधायकों और दर्जा प्राप्त मंत्रियों के वेतन, भत्तों तथा पेंशन पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता जताई है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि जब प्रशासन जनता से त्याग की उम्मीद रखता है, तब जनप्रतिनिधियों को भी आगे आकर अपने विशेषाधिकारों और सुविधाओं में कम से कम एक साल के लिए कटौती करनी चाहिए। उनके अनुसार, रैलियों और शक्ति प्रदर्शन में सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग बंद कर प्रशासन को केवल जनता के जरूरी कामों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
आधुनिक तकनीक और वीआईपी कल्चर पर अंकुश की आवश्यकता
प्रशासनिक सुधारों पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता ने सुझाव दिया है कि जब शिक्षा और न्यायपालिका जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं डिजिटल माध्यमों को अपना सकती हैं, तो सरकार को भी प्रचार के लिए महंगी यात्राओं और रैलियों के स्थान पर ऑनलाइन संवाद को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने विदेशी दौरों, बड़े डेलिगेशन, भारी-भरकम काफिलों और वीआईपी कल्चर पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि प्रदेश की जनता अब केवल खोखले भाषणों से संतुष्ट नहीं होने वाली है, बल्कि वह चाहती है कि सरकार वास्तविक वित्तीय अनुशासन लागू कर एक ठोस मिसाल पेश करे।
मऊगंज में अनोखी पहल, विधायक प्रदीप पटेल अब बस से कर रहे दौरा
14 May, 2026 12:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मऊगंज (मध्य प्रदेश): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन संरक्षण और पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए किए गए देशव्यापी आह्वान का प्रभाव अब मध्य प्रदेश के मऊगंज में धरातल पर दिखने लगा है। मऊगंज से भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से लेते हुए अपनी कार्यशैली में एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। उन्होंने अपनी लग्जरी स्कॉर्पियो और काफिले को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन (बस) को अपना लिया है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
स्कॉर्पियो का त्याग और बस का सफर
क्षेत्रीय दौरे के लिए अब तक एसयूवी (स्कॉर्पियो) का उपयोग करने वाले विधायक प्रदीप पटेल अब सरकारी और निजी बसों में यात्रा कर गांव-गांव पहुंच रहे हैं। विधायक का यह सादगी भरा अंदाज न केवल ईंधन की बचत कर रहा है, बल्कि आम जनता के बीच एक सकारात्मक संदेश भी भेज रहा है। लोग इसे 'मोदी मॉडल' की जमीन पर उतरती तस्वीर के रूप में देख रहे हैं, जहाँ एक जनप्रतिनिधि विलासिता को त्याग कर सादगी का उदाहरण पेश कर रहा है।
यात्रियों के बीच जनसुनवाई का नया जरिया
प्रदीप पटेल की इस बस यात्रा का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि वे सफर के दौरान आम यात्रियों के बगल में बैठकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। बस स्टैंडों और रास्तों पर विधायक को अचानक अपने बीच पाकर ग्रामीण और यात्री हैरान हैं। इस पहल से जनता और जनप्रतिनिधि के बीच की दूरी कम हुई है और लोगों को लग रहा है कि उनके विधायक केवल भाषण नहीं दे रहे, बल्कि खुद उदाहरण बनकर सामने आए हैं।
सादगी और साख: राजनीतिक गलियारों में चर्चा
आज के दौर में जहाँ नेताओं की पहचान भारी सुरक्षा और लंबे काफिलों से होती है, वहाँ प्रदीप पटेल की यह पहल चर्चा का विषय बन गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इससे न केवल ईंधन और सरकारी संसाधनों की बचत हो रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश को ऐसे ही नेताओं की जरूरत है जो जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझें।
परिवर्तन का संदेश: खुद से शुरुआत
मऊगंज की सड़कों पर विधायक की बस यात्रा अब एक मिसाल बन चुकी है। यह पहल स्पष्ट करती है कि यदि नेतृत्व करने वाले लोग स्वयं से बदलाव की शुरुआत करें, तो समाज पर उसका गहरा प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर मऊगंज से शुरू हुई यह 'ईंधन बचाओ' मुहिम अब प्रदेश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है।
मंत्री ने ट्रेन से किया सफर, कहा- PM मोदी की बात मानें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं
14 May, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह: मध्य प्रदेश के कैबिनेट और दमोह जिले के प्रभारी मंत्री इंदर सिंह परमार बुधवार रात राजरानी एक्सप्रेस से दमोह पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश की अर्थव्यवस्था और संसाधनों को बचाने के लिए किए गए विशेष आह्वान का समर्थन करते हुए मंत्री परमार ने वीआईपी संस्कृति छोड़ ट्रेन से यात्रा करने का विकल्प चुना। स्टेशन पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी की। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार, मंत्री परमार गुरुवार को जिला जेल में नवनिर्मित अतिरिक्त बैरक का विधिवत उद्घाटन करेंगे।
विदेशी मुद्रा और ईंधन बचाने के लिए 'शास्त्री मॉडल' की याद
मीडिया से चर्चा के दौरान प्रभारी मंत्री ने प्रधानमंत्री की अपील की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के दौर से की। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे शास्त्री जी ने खाद्यान्न संकट के समय देशवासियों से एक दिन का उपवास रखने का आग्रह किया था। मंत्री परमार ने कहा कि वर्तमान में ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर डीजल, पेट्रोल और गैस की आपूर्ति पर संकट मंडरा रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री ने उन ताकतों को जवाब देने के लिए देशवासियों से सहयोग मांगा है जो भारत को आर्थिक रूप से कमजोर देखना चाहते हैं। उन्होंने जोर दिया कि इस संकट के समय में अनावश्यक खर्चों में कटौती करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
डॉलर बचाने के लिए सोना और ईंधन के संयमित उपयोग की सलाह
मंत्री परमार ने आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश का धन डॉलर के रूप में विदेशों में न जाए, इसके लिए केंद्र सरकार सतर्क है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों से सोने के आयात को कम करने के लिए ही प्रधानमंत्री ने नागरिकों से फिलहाल सोना न खरीदने का आग्रह किया है, हालांकि देश के भीतर व्यापारियों के पास मौजूद स्टॉक की खरीद-बिक्री पर कोई रोक नहीं है। ईंधन संकट पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है, जहाँ से आपूर्ति में काफी कठिनाइयां आ रही हैं। ऐसे में आने वाली परेशानियों से बचने के लिए अभी से बचत करना अनिवार्य है।
सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील और स्वयं का उदाहरण
प्रभारी मंत्री ने संसाधनों के संरक्षण के लिए आम जनता से सार्वजनिक परिवहन (पब्लिक ट्रांसपोर्ट) का उपयोग करने की पुरजोर अपील की। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि वे स्वयं भी अपने काफिले को छोटा रखते हैं और भोपाल से अपने विधानसभा क्षेत्र की यात्रा के दौरान केवल एक ही गाड़ी का उपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि देश के आत्मसम्मान को अक्षुण्ण रखने के लिए प्रधानमंत्री ने जो आह्वान किया है, उसमें सक्रिय भागीदारी निभाना ही सच्ची देशभक्ति है। मंत्री ने आग्रह किया कि लोग उतना ही ईंधन खर्च करें जितना अत्यंत आवश्यक हो, ताकि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे।
राहुल गांधी का MP मिशन: जिले स्तर की नियुक्तियों से लेकर संगठन तक होगी समीक्षा
14 May, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल / उज्जैन: मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी करीब ढाई साल का समय शेष है, लेकिन कांग्रेस ने अभी से अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। पार्टी अब सत्ता में वापसी के लिए केवल रैलियों पर नहीं, बल्कि धरातल पर संगठन को फौलादी बनाने पर ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस के शीर्ष नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी स्वयं मध्य प्रदेश के संगठनात्मक ढांचे की कमान संभालने जा रहे हैं। अगले महीने राहुल गांधी मध्य प्रदेश के दौरे पर रहेंगे, जहां वे उज्जैन और रीवा संभाग में कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद करेंगे और संगठन के कामकाज की बारीक समीक्षा करेंगे।
'संगठन सृजन अभियान' की अग्निपरीक्षा
अगले महीने जून में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। गौरतलब है कि पिछले साल 3 जून को भोपाल के रवींद्र भवन से खुद राहुल गांधी ने इस महाभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत देश भर के वरिष्ठ नेताओं को पर्यवेक्षक बनाकर 71 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी। अब एक साल बाद राहुल गांधी यह देखने आ रहे हैं कि कागजों पर बनी ये कमेटियां जमीन पर कितनी सक्रिय हैं। पार्टी के भीतर इसे राहुल गांधी की 'अग्निपरीक्षा' के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि वे खुद धरातल पर नियुक्त पदाधिकारियों की उपयोगिता को परखेंगे।
रैंडम वेरिफिकेशन: फोन पर होगा पदाधिकारियों का 'टेस्ट'
राहुल गांधी का यह दौरा सामान्य राजनीतिक दौरों से अलग होने वाला है। संगठन में की गई नियुक्तियों की सत्यता जांचने के लिए राहुल 'रैंडम वेरिफिकेशन' तकनीक का सहारा ले सकते हैं। समीक्षा के दौरान वे किसी भी बूथ समिति, पंचायत या वार्ड समिति के सदस्य को अचानक फोन लगा सकते हैं या वहीं बुलाकर उनसे सवाल-जवाब कर सकते हैं। राहुल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन नेताओं के नाम सूची में दिए गए हैं, वे वास्तव में सक्रिय हैं या नहीं। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी भी इसी तैयारी में जुटी है कि राहुल गांधी के सामने संगठन की कोई भी कमजोरी उजागर न हो।
रीवा-उज्जैन से शुरू होगा समीक्षा का पहला चरण
कांग्रेस के संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के अनुसार, मध्य प्रदेश में लगभग सभी कमेटियां बनकर तैयार हैं और वर्तमान में विधानसभा प्रभारी भौतिक सत्यापन (Physical Verification) का काम कर रहे हैं। इस प्रक्रिया के बाद मंडलम स्तर तक के पदाधिकारियों को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। टीम के पूर्ण गठन और प्रशिक्षण के बाद पहले चरण में रीवा और उज्जैन संभाग में राहुल गांधी के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई है। पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी लगातार क्रॉस-चेकिंग कर रहे हैं ताकि राहुल गांधी के सामने संगठन की एक मजबूत और सच्ची तस्वीर पेश की जा सके।
मजदूरों की मौत के बाद शुरू हुआ फर्जीवाड़ा, करोड़ों के क्लेम पर EOW की जांच
14 May, 2026 09:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उज्जैन / भोपाल: मध्य प्रदेश में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बीमा पॉलिसी के नाम पर चल रहे एक सनसनीखेज और विशाल फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। जांच में सामने आया है कि जालसाजों ने गंभीर रूप से बीमार गरीब मजदूरों और किसानों को अपना निशाना बनाकर उनके नाम पर फर्जी तरीके से बीमा पॉलिसियां लीं और लगभग 16 करोड़ रुपये का अवैध क्लेम हड़प लिया। इस पूरे गिरोह का नेटवर्क इतना गहरा था कि कई मामलों में तो व्यक्ति की मृत्यु होने के बाद उसकी पॉलिसी करवाई गई और फिर कागजों में हेरफेर कर मोटी रकम निकाल ली गई। इस काले खेल के तार मध्य प्रदेश के साथ-साथ पड़ोसी राज्य गुजरात के एजेंटों से भी जुड़े हुए हैं, जो संगठित तरीके से सिस्टम को चूना लगा रहे थे।
साठगांठ से तैयार हुए मौत के फर्जी दस्तावेज
EOW की तफ्तीश में यह कड़वा सच सामने आया है कि बिना सरकारी तंत्र की मिलीभगत के इतना बड़ा घोटाला मुमकिन नहीं था। इस खेल में बीमा एजेंटों के साथ ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव भी शामिल थे, जिन्होंने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में मदद की। गिरोह का तरीका बेहद शातिराना था—मृत्यु के बाद बैक डेट (पुरानी तारीख) में एंट्री की जाती थी और दस्तावेजों को इस तरह तैयार किया जाता था जैसे मौत प्राकृतिक हो। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के माध्यम से जारी की गई इन पॉलिसियों के पैसे सीधे आरोपियों द्वारा संचालित खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। उज्जैन की जयकुंवार नाम की एक महिला का मामला सबसे चौंकाने वाला रहा, जिनकी मौत 2023 में हुई थी, लेकिन उनके नाम पर 2024 में पॉलिसी लेकर क्लेम भी उठा लिया गया।
उज्जैन बना घोटाले का मुख्य केंद्र
राज्यभर में फैले इस फर्जीवाड़े का सबसे बड़ा केंद्र धार्मिक नगरी उज्जैन बनकर उभरा है। अकेले उज्जैन जिले में ही करीब 8 करोड़ रुपये के फर्जी क्लेम के मामले उजागर हुए हैं। जांच एजेंसी ने यहां सबसे ज्यादा सक्रियता दिखाते हुए 27 मामले दर्ज किए हैं। उज्जैन के अलावा इंदौर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भी फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई है, जहां कुल मिलाकर 32 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक अन्य उदाहरण बालू सिंह नाम के व्यक्ति का सामने आया है, जिनकी पॉलिसी होने के महज 64 दिनों के भीतर ही मौत दिखा दी गई और फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए क्लेम की राशि हड़प ली गई।
प्रशासनिक मिलीभगत पर गिरी गाज, 39 पर मुकदमा
सिस्टम की इस बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए EOW ने अब तक 39 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। नामजद आरोपियों में सरपंच, पंचायत सचिव, बीमा एजेंट और कंपनी के कुछ संदेहास्पद कर्मचारी शामिल हैं। पुलिस अब उन खातों की तलाश कर रही है जिनमें क्लेम की यह भारी-भरकम राशि ट्रांसफर की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इसमें शामिल कुछ बड़े सफेदपोशों और बीमा कंपनी के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं। फिलहाल इस खुलासे के बाद पूरे प्रदेश के बीमा सेक्टर और ग्रामीण प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
भीषण गर्मी से हाल बेहाल: 12 शहरों में तापमान 44 पार, इंदौर-उज्जैन में लू का खतरा
14 May, 2026 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। पिछले दिनों हुई बारिश और आंधी का सिलसिला थमते ही तपिश ने जोर पकड़ लिया है, जिससे प्रदेश का आधा हिस्सा अब भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है। खजुराहो 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि राजधानी भोपाल समेत कई बड़े शहर सूरज की तीखी किरणों से तप रहे हैं। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं और गुरुवार को भी इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम जैसे जिलों में लू का कहर जारी रहने की आशंका है।
मालवा और निमाड़ में रिकॉर्ड तोड़ पारा
प्रदेश के कई जिलों में तापमान अब 45 डिग्री के स्तर को पार करने लगा है। खजुराहो के बाद रतलाम और धार में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर दर्ज किया गया, जिसने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके अलावा शाजापुर, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना और दतिया जैसे क्षेत्रों में भी तापमान 43 डिग्री के आसपास बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि गुरुवार को इन क्षेत्रों में गर्मी और बढ़ेगी, जिससे पारा 44 डिग्री के स्तर को छू सकता है। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 44.7 और इंदौर में 43.6 डिग्री तापमान दर्ज कर लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ा।
17 मई तक 'ऑरेंज अलर्ट' और वार्म नाइट का संकट
मौसम विभाग के अनुसार, तपिश का यह दौर कम से कम 17 मई तक जारी रहने वाला है। विशेष रूप से इंदौर और उज्जैन संभाग के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जहाँ लू का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा। राहत की बात केवल इतनी थी कि जबलपुर और सिवनी जैसे कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बादल देखे गए, लेकिन विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले पांच दिनों में ये जिले भी भीषण गर्मी की चपेट में आ जाएंगे। चिंता की बात यह भी है कि अब केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी गर्म रहने वाली हैं, जिसके लिए विभाग ने 'वार्म नाइट' का अलर्ट जारी किया है।
पचमढ़ी को छोड़ हर जगह गर्मी का पहरा
ग्वालियर और जबलपुर में भी पारा 42 डिग्री के ऊपर पहुंच गया है, जिससे पूरे प्रदेश में केवल पहाड़ी इलाकों को छोड़कर कहीं भी ठंडक का नामोनिशान नहीं है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है और लोग घरों में ही रहने को मजबूर हैं। मौसम केंद्र का कहना है कि राजस्थान की ओर से आ रही गर्म हवाओं ने प्रदेश के तापमान में अचानक उछाल ला दिया है। आने वाले तीन-चार दिनों तक लू के थपेड़ों और तेज धूप का सामना करने के लिए प्रशासन ने भी लोगों को सावधानी बरतने और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है।
सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें विश्वविद्यालय : मंत्री परमार
13 May, 2026 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : विद्यार्थियों का सर्वांगीण हित, हमारी प्राथमिकता है। विद्यार्थियों को सरलता और सुलभता से सुविधाएं उपलब्ध हो, इस दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। समस्त विश्वविद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों की अंकसूची, उपाधि एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों की डिजिलॉकर में उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, प्रमाणित एवं सरल डिजिटल सेवाओं का लाभ मिल सके। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन कराते हुए उन्हें उपलब्ध पाठ्यक्रमों में रुचि एवं आवश्यकता अनुसार चयन के लिए प्रेरित कर, शैक्षणिक उन्नयन से जोड़ा जाए। विश्वविद्यालयों के कार्यों का प्रभाव, सामाजिक परिवर्तन की अभिप्रेरणा बने। विश्वविद्यालय, सामाजिक परिवर्तन के वाहक बनें। यह बात उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने बुधवार को भोपाल स्थित निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के सभागार में, (एनएडी-डिजिलॉकर) एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन" विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारम्भ अवसर पर कही। मंत्री परमार ने एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के क्रियान्वयन में, देश भर में प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर संतोष व्यक्त किया एवं देश भर में प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए प्रोत्साहित भी किया।
उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के यशस्वी नेतृत्व में, हमारा प्रदेश उच्च शिक्षा को आधुनिक, नवाचारयुक्त, पारदर्शी एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य हर विद्यार्थी तक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाना है। मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में, यह एक महत्वपूर्ण पहल है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसरण में, नई शिक्षा व्यवस्था में तकनीक केवल सुविधा का ही माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का सशक्त आधार है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का प्रत्येक विद्यार्थी डिजिटल रूप से सक्षम, ज्ञानसम्पन्न एवं वैश्विक अवसरों के लिए तैयार बने। विश्वविद्यालयों में परीक्षा एवं परिणाम को पारदर्शितापूर्ण बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है। डिजिटल मूल्यांकन पद्धति से परीक्षा एवं परिणाम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
मंत्री परमार ने कहा कि विद्यार्थी को संवेदनशील एवं श्रेष्ठ नागरिक बनाना, विश्वविद्यालयों का दायित्व है। इसके लिए राष्ट्रहित एवं समाज हित में संस्कार रोपित करने की आवश्यकता हैं। मंत्री परमार ने कहा कि शिक्षकों के आचरण को विद्यार्थी आत्मसात करते हैं, इसलिए शिक्षण व्यावहारिक होना चाहिए। मंत्री परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने के लिए, भारतीय दृष्टि के साथ शैक्षणिक परिदृश्य सृजन करना होगा।
मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तकनीक आधारित शिक्षण, डिजिटल गवर्नेंस एवं गुणवत्तापूर्ण ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना, हमारी प्राथमिकताओं में समाहित है। एनएडी-डिजिलॉकर के माध्यम से विद्यार्थियों के शैक्षणिक दस्तावेज सुरक्षित, प्रमाणित एवं डिजिटल रूप में सहज उपलब्ध होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा समय और संसाधनों की बचत होगी। एनएडी-डिजिलॉकर, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को सुदृढ़ बना रहा है। वहीं (स्वयं) पोर्टल, युवाओं को देश के श्रेष्ठ शिक्षकों एवं संस्थानों से ऑनलाइन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, छात्र हित को प्राथमिकता देते हुए एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। राजन ने कहा कि विश्वविद्यालय, स्वयं पोर्टल के विनियमन को अपनाते हुए समस्त विद्यार्थियों का स्वयं पोर्टल पर पंजीयन एवं परीक्षा में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, अकादमिक कैलेंडर का शत प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें ताकि विद्यार्थियों के शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हों। राजन ने विश्वविद्यालयों को पारदर्शितापूर्ण प्रशासनिक प्रबंधन के लिए, समर्थ पोर्टल पर शिफ्ट करने के लिए भी प्रेरित किया।
उद्घाटन सत्र में स्वागत उद्बोधन देते हुए मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के चेयरमैन प्रो खेमसिंह डेहरिया ने, कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। विषयविद सुदीक्षा राजपूत संयुक्त सचिव विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली एवं अभिनव शर्मा क्षेत्रीय समन्वयक एनएडी-डिजिलॉकर ने, कार्यशाला की प्रासंगिकता, आवश्यकता एवं महत्ता के आलोक में अपने विचार साझा किए। कार्यशाला में विभिन्न तकनीकी सत्रों में विषयविद एनएडी-डिजिलॉकर एवं स्वयं पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत संवाद करेंगे और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी करेंगे।
कार्यशाला में आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा, मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के प्रशासनिक सदस्य महेशचंद चौधरी एवं आयोग के सचिव डॉ देवेंद्र सिंह गुर्जर सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलगुरु एवं प्रतिनिधि उपस्थित थे।
कौशल विकास गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग से युवाओं को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण और रोजगार : मंत्री टेटवाल
13 May, 2026 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास गतिविधियों को अधिक प्रभावी, परिणाममुखी और उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के साथ बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना राज्य शासन की प्राथमिकता है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कौशल विकास गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। मंत्री टेटवाल बुधवार को भोपाल स्थित संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक एवं “कौशलम संवाद” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों तथा उनकी भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। मंत्री टेटवाल ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभाग स्तर पर मॉनिटरिंग टीम गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैं निर्माण कार्यों की प्रति माह नियमित समीक्षा करूंगा।
मंत्री टेटवाल ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी एसओपी तैयार करने तथा राज्य स्तरीय टीम द्वारा प्रत्येक माह भौतिक निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कौशलम संवाद” में साझा हुए सफलता और नवाचार के अनुभव
“कौशलम संवाद” कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, पूरे प्रदेश की आईटीआई एवं ग्लोबल स्किल्स पार्क के प्रशिक्षण अधिकारियों, प्रशिक्षणार्थियों और पूर्व प्रशिक्षणार्थियों ने वर्चुअली सहभागिता कर मंत्री टेटवाल से अपने अनुभव और सफलता साझा की।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों एवं प्रशिक्षण अधिकारियों ने विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों, सफल प्लेसमेंट, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों तथा नवाचार आधारित पहलों की जानकारी साझा की। संवाद में उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण, 100 प्रतिशत प्लेसमेंट प्राप्त ट्रेड्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रशिक्षण, अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसर तथा नवाचार आधारित परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया।
कौशल विकास और तकनीकी तथा डिजिटल सहयोग के लिये हुआ एमओयू
कार्यक्रम में एमपी ऑनलाइन एवं एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के मध्य तकनीकी एवं डिजिटल तथा कौशल विकास सहयोग के लिए एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। साथ ही आईटीआई प्रवेश विवरणिका 2026 का विमोचन एवं प्रवेश प्रचार पोस्टर का अनावरण भी किया गया।
"वियरेवल इलेक्ट्रिकल सेफ्टी मॉनीटरिंग डिवाइस" जैसे पेटेंट आधारित नवाचार कॉन्सेप्ट की प्रस्तुति तथा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, इंदौर से ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम भी किया गया।
प्रदेश के युवाओं की उपलब्धियों ने बढ़ाया गौरव
कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को मंत्री टेटवाल से साझा किया। एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क की प्रशिक्षणार्थी सुवर्चश्वनी पाठक का चयन ट्राईडेंट ग्रुप, बुधनी में 12 लाख रूपये वार्षिक पैकेज पर हुआ है। मंत्री टेटवाल ने कहा कि यह प्लेसमेंट जीएसपी के लिये गर्व की बात है। प्रदेश की बेटियों की तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास का प्रेरणादायी उदाहरण है। अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट के अंतर्गत एडवांस रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग ट्रेड के 5 प्रशिक्षणार्थियों तथा एडवांस मैकेनिकल एवं इलेक्ट्रिकल सर्विसेज ट्रेड के एक प्रशिक्षणार्थी का चयन दुबई स्थित टीटीई इंजीनियरिंग में हुआ है।
मंत्री टेटवाल ने प्रशिक्षणार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश के युवा अपनी तकनीकी दक्षता और कौशल के बल पर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर पहचान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी संस्थाओं से निरंतर जुड़े रहें तथा अन्य युवाओं को भी कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने में सहयोग करें। उन्होंने सभी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
मंत्री टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके समर्पित प्रयासों से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर रोजगार अवसर प्राप्त हो रहे हैं। कार्यक्रम में संचालक कौशल विकास बसंत कुर्रे, सीईओ एमपीएसएसडीईजीबी एवं सीईओ एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क गिरीश शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आई.डी.बी.आई. बैंक द्वारा दो बोलेरो कैम्पर वाहन का प्रदाय एवं बाघ का किया अंगीकरण
13 May, 2026 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में वन्यप्राणी अंगीकरण योजना 01 जनवरी 2009 को प्रारंभ की गई थी। इस योजना अंतर्गत आई.डी.बी.आई. बैंक भोपाल ने पर्यावरण तथा वन्यप्राणियों के संरक्षण के प्रति प्रेम की ओर अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। बैंक द्वारा मांसाहारी एवं शाकाहारी वन्यप्राणियों को भोजन प्रदाय के लिये 2 बोलेरो कैम्पर वाहन प्रदाय किये गये एवं एक नर बाघ 'बाजीराव' को एक वर्ष के लिये गोद लिया।
आई.डी.बी.आई बैंक से महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल महेश चन्द्र कारी, उप महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल राजेश अग्रवाल, सहायक महाप्रबंधक क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल अचल जैन, सहायक महाप्रबंधक आंचलिक कार्यालय भोपाल ब्लेसियन डेनियल, प्रबंधक, आंचलिक कार्यालय भोपाल आदित्य अग्रवाल द्वारा सीएसआर अंतर्गत वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक विजय कुमार को 2 बोलेरो कैम्पर वाहन की चाबी प्रदाय की गई एवं नर बाघ 'बाजीराव को एक वर्ष के लिये अंगीकरण लिया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक एवं इकाई प्रभारी पर्यटन के.एन शर्मा भी उपस्थित रहे। संचालक वन विहार द्वारा आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों को अंगीकरण सम्बधी प्रमाण-पत्र प्रदाय किया। इस योजना में अब तक 107 वन्यप्राणियों को गोद लिया जा चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य मंत्री जायसवाल के पुत्र के विवाह समारोह में हुए शामिल
13 May, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल के सुपुत्र अभिशंख जायसवाल एवं पुत्रवधू स्तुति जायसवाल के पावन वैवाहिक बंधन मांगलिक अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं मंगल आशीष प्रदान किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से नवदंपति के सुखमय, समृद्ध एवं आनंदपूर्ण दाम्पत्य जीवन की कामना करते हुए कहा कि यह नवीन जीवन यात्रा प्रेम, विश्वास, सम्मान और अटूट साथ के पवित्र सूत्र से सदैव सुसज्जित रहे। उनके जीवन में सुख, शांति, वैभव, उत्तम स्वास्थ्य और उन्नति का प्रकाश निरंतर बना रहे तथा परिवार का आंगन सदैव खुशियों, सौभाग्य और मधुर संबंधों की सुगंध से महकता रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बिजुरी में आयोजित वैवाहिक समारोह में सम्मिलित हुए और नवविवाहित दंपति को अपने स्नेहिल आशीर्वचनों से अभिसिंचित कर उज्ज्वल एवं मंगलमय भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने राज्यमंत्री जायसवाल एवं उनके परिवारजन से आत्मीय भेंट कर इस सुखद अवसर की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं अतिथियों से भी मुख्यमंत्री ने आत्मीय चर्चा की।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके, शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री तथा अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, विधायक एवं पूर्व मंत्री बिसाहूलाल सिंह, विधायक जैतपुर जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह, कलेक्टर हर्षल पंचोली, उपाध्यक्ष जिला पंचायत अनूपपुर पार्वती राठौर, जिला पंचायत सदस्य भारती केवट नर्मदा सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
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