नारी विशेष
बार-बार भूख नहीं लगती? डाइट में शामिल करें दही, फल और छाछ
27 May, 2026 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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जेठ महीने के 'नौतपा' के दौरान जब सूर्यदेव का रौद्र रूप अपने चरम पर होता है, तब असहनीय गर्मी, उमस और लगातार चढ़ता पारा इंसान को शारीरिक रूप से पूरी तरह थका देता है। इस झुलसाने वाले मौसम में अक्सर अधिकांश लोग यह शिकायत करते हैं कि उन्हें बार-बार भूख नहीं लगती, कुछ भी गरिष्ठ या भारी भोजन करने की इच्छा नहीं होती और पेट हमेशा भरा-भरा या फूला हुआ सा महसूस होता है। आहार विशेषज्ञों (डाइटिशियंस) के अनुसार, गर्मियों के दिनों में हमारे शरीर का चयापचय (मेटाबॉलिज्म) कुदरती रूप से थोड़ा धीमा हो जाता है, जिसके कारण पाचन तंत्र भोजन की मांग कम कर देता है। परंतु, भूख न लगने का अर्थ यह कतई नहीं है कि आप भोजन करना ही छोड़ दें। इस भीषण तपन में भी मानव शरीर को सुचारू रूप से काम करने के लिए उचित पोषण और निरंतर हाइड्रेशन (पानी की पर्याप्त मात्रा) की सख्त आवश्यकता होती है। यदि आप इस मौसम में लापरवाही बरतते हुए अधिक ऑयली, मसालेदार या भारी पकवानों का सेवन जारी रखते हैं, तो इससे सुस्ती, एसिडिटी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी की समस्या कई गुना बढ़ सकती है। इसके विपरीत, हल्के, तासीर में ठंडे और आसानी से पचने वाले व्यंजन शरीर को बिना कोई नुकसान पहुंचाए दिनभर एक्टिव बनाए रखते हैं। आज के इस विशेष लेख में हम आपको कुछ ऐसे ही बेहतरीन 'लाइट समर मील' के विकल्पों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो नौतपा के इस दौर में आपके शरीर को अंदर से ठंडा रखेंगे, आपकी भूख को जगाएंगे और आपको पूरे दिन तरोताजा महसूस कराएंगे। आखिर समर सीजन में क्यों रूठ जाती है हमारी भूख? तेज गर्मी के कारण जब शरीर का आंतरिक तापमान बढ़ता है, तो हमारी पाचन क्रिया खुद को सुरक्षित रखने के लिए सुस्त हो जाती है। भारी और वसायुक्त भोजन को पचाने में शरीर को बहुत अधिक ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे शरीर का तापमान और बढ़ सकता है। यही वजह है कि हमारा मस्तिष्क हमें भारी भोजन से दूर रहने का संकेत देता है और भूख कम लगती है। नौतपा के लिए 5 सबसे बेहतरीन और हल्के भोजन विकल्प (Light Summer Meals): 1. अमृत समान दही-चावल (कर्ड राइस) क्यों है फायदेमंद: यह पेट की गर्मी को शांत करने का सबसे अचूक और पारंपरिक भोजन है। बनाने में आसान: इसे पचाना जितना सरल है, बनाना भी उतना ही आसान है। दोपहर की कड़कड़ाती धूप में घंटों किचन के चूल्हे के सामने खड़े रहने के बजाय, आप पके हुए चावलों को मीठे या हल्के नमकीन दही के साथ मिलाकर खा सकते हैं। यह आंतों के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है। 2. मूंग दाल की सुपाच्य खिचड़ी क्यों है फायदेमंद: पोषण से भरपूर मूंग दाल की खिचड़ी को सबसे सुरक्षित और ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है। मुख्य लाभ: यदि अत्यधिक गर्मी के कारण आपका कुछ भी खाने का मन न हो, तब भी देसी घी की कुछ बूंदों के साथ मूंग दाल की पतली खिचड़ी का सेवन शरीर की कमजोरी को तुरंत दूर करता है और आपको रिफ्रेश रखता है। 3. रसीला फ्रूट सलाद (फलों का कटोरा) क्यों है फायदेमंद: जब अन्न खाने की बिल्कुल इच्छा न हो, तो मौसमी फल सबसे उत्तम आहार हैं। मुख्य लाभ: पानी और विटामिंस से भरपूर ताजे फलों का सलाद न केवल शरीर में पानी के स्तर को बनाए रखता है, बल्कि पेट को शीतलता देकर आवश्यक मिनरल्स की कमी को भी पूरा करता है। 4. पुदीने वाली छाछ और मट्ठा क्यों है फायदेमंद: यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि गर्मियों का सबसे मुकम्मल आहार पूरक है। मुख्य लाभ: दोपहर के समय यदि भूख न भी हो, तो भुने जीरे, काले नमक और ताजे पुदीने के पत्तों से तैयार मटके की छाछ का एक बड़ा गिलास पेट को तुरंत तृप्ति देता है, गैस को शांत करता है और हाजमे को दुरुस्त रखता है। 5. जौ का दलिया या ओट्स क्यों है फायदेमंद: यह कम कैलोरी में लंबे समय तक शरीर को ऊर्जा देने वाला एक बेहतरीन मील है। उपयोग के तरीके: आप इसे अपनी पसंद के अनुसार नमकीन वेजीटेबल दलिया, सोक्ड ओट्स या दूध के साथ मीठा बनाकर खा सकते हैं। यह फाइबर से भरपूर होता है, जिससे पेट हल्का रहता है और कब्ज की शिकायत नहीं होती। गर्मी की डाइट से जुड़े कुछ जरूरी सवाल और उनके जवाब: Q. क्या समर सीजन में दही और मट्ठे का सेवन अमृत समान है? Ans. जी बिल्कुल। दही और छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स शरीर के भीतर एक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। ये पेट को ठंडा रखते हैं, डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) को रोकते हैं और लू के थपेड़ों से शरीर की रक्षा करते हैं। छाछ में थोड़ा सा पुदीना और जीरा मिला देने से इसकी गुणवत्ता चार गुना बढ़ जाती है। Q. नौतपा के दौरान किन फलों को डाइट में प्रमुखता से शामिल करना चाहिए? Ans. इस मौसम में ऐसे फल खाएं जिनमें जल की मात्रा 80% से अधिक हो, जैसे: तरबूज और खरबूजा (पानी का सबसे बड़ा स्रोत) खीरा और ककड़ी (त्वचा और पेट के लिए वरदान) पपीता (पाचन दुरुस्त रखने के लिए) पका हुआ आम (स्वाद के लिए, लेकिन बहुत ही सीमित मात्रा में) Q. गर्मियों में किन खाद्य पदार्थों से पूरी तरह तौबा कर लेनी चाहिए? Ans. शरीर में अंदरूनी गर्मी, एसिडिटी और घबराहट से बचने के लिए इन चीजों से सख्त दूरी बना लें: अत्यधिक तला-भुना, समोसे, कचौड़ी और फास्ट फूड। ज्यादा गरम मसाले, लहसुन और अदरक का अत्यधिक प्रयोग। चाय, कॉफी और कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स (ये शरीर को और सुखाते हैं)। कृत्रिम शुगर वाली अत्यधिक ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स। लंबे समय तक भूखे पेट रहना (इससे पित्त की समस्या बढ़ जाती है)।
Nautapa Special: बिना गैस के बनाएं स्वाद और सेहत से भरपूर रेसिपीज
26 May, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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इस चिलचिलाती गर्मी और झुलसाने वाली लू का असर सिर्फ घर के बाहर ही नहीं, बल्कि घर के भीतर रसोई (किचन) में भी साफ महसूस हो रहा है, जो दोपहर के समय किसी तंदूर जैसी सुलगने लगती है। ऐसे माहौल में जलते हुए गैस चूल्हे के सामने घंटों खड़े होकर खाना पकाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। भारी उमस और चढ़ते पारे के कारण इन दिनों लोगों का मन मसालेदार, गरिष्ठ और भारी भोजन से पूरी तरह उचटने लगा है। यही वजह है कि इस मौसम में हर कोई ऐसा आहार तलाश रहा है जो हल्का हो, पेट को ठंडक दे और झटपट तैयार हो जाए। विशेषकर गृहिणियों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए 'नो-कुक' (बिना आग जलाए बनने वाली) डिशेज इस मौसम में किसी वरदान से कम नहीं हैं। ये रेसिपीज न सिर्फ रसोई के समय को आधा कर देती हैं, बल्कि शरीर को भीतर से ठंडी ऊर्जा भी प्रदान करती हैं। दही, मौसमी फल, चिया सीड्स, अंकुरित अनाज, ककड़ी-खीरा और मेवों के इस्तेमाल से बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन मिनटों में मेज पर सजाए जा सकते हैं। अगर आप भी इस नौतपा में चूल्हे की गर्मी से बचना चाहते हैं और अपने परिवार को कुछ सेहतमंद व टेस्टी खिलाना चाहते हैं, तो बिना गैस जलाए बनने वाले ये आसान विकल्प आपके बेहद काम आएंगे। रसोई में बिना आग जलाए तैयार होने वाले 5 समर स्पेशल व्यंजन 1. ओवरनाइट ओट्स (रातभर भीगे हुए ओट्स) अपने दिन की शुरुआत एक बेहद पौष्टिक और ठंडे ब्रेकफास्ट से करें। बनाने का तरीका: एक कांच के जार या कटोरे में ओट्स, ठंडा दूध और थोड़े से चिया सीड्स को आपस में मिक्स कर लें। स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद और अपनी पसंद के बारीक कटे फल मिला दें। इसे रातभर के लिए फ्रिज में रख दें और सुबह निकालकर सीधे ठंडे-ठंडे विटामिंस से भरपूर ओट्स का आनंद लें। यह दिनभर शरीर को ऊर्जावान और शीतल रखता है। 2. रिफ्रेशिंग दही चाट दोपहर या शाम के नाश्ते के लिए यह एक बेहतरीन और पेट को तृप्त करने वाला विकल्प है। बनाने का तरीका: गाढ़े और ठंडे दही में पहले से उबले हुए चने, बारीक कटे खीरे और टमाटर के टुकड़े डालें। ऊपर से थोड़ा भुना जीरा, काला नमक और चाट मसाला बुरकें। रंगत और स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें ताजे अनार के दाने और हरी धनिया पत्ती मिलाएं। यह डिश पाचन तंत्र को एकदम दुरुस्त रखती है। 3. प्रोटीन से भरपूर स्प्राउट्स भेल कम कैलोरी में कुछ चटपटा और क्रंची खाने का मन हो तो यह भेल सबसे बेस्ट है। बनाने का तरीका: एक बड़े बर्तन में अंकुरित मूंग या चना लें। इसमें कटे हुए प्याज, टमाटर और ककड़ी मिलाएं। स्वाद के अनुसार थोड़ा सा नींबू का रस, हरी मिर्च और सेंधा नमक डालकर अच्छे से टॉस करें। आखिरी में ऊपर से थोड़ी कुरकुरी मूंगफली या बारीक सेव डालकर सर्व करें। 4. फ्रूट और योगर्ट कॉम्बो बाउल गर्मियों में शरीर में पानी का स्तर बनाए रखने के लिए फलों से बेहतर कुछ नहीं। बनाने का तरीका: तरबूज, खरबूजा, पका आम, केला और सेब जैसे मौसमी फलों को छोटे चौकोर टुकड़ों में काट लें। एक बड़े बाउल में इन फलों के साथ गाढ़ा मलाईदार ठंडा दही (योगर्ट) मिलाएं। मिठास के लिए हल्का सा शहद और ऊपर से काजू-बादाम की कतरन डालकर इसे परोसें। यह बॉडी को तुरंत हाइड्रेट करता है। 5. नो-फ्लेम इंस्टेंट वेज सैंडविच बिना टोस्ट किए भी एक शानदार और पेट भरने वाला सैंडविच बनाया जा सकता है। बनाने का तरीका: फ्रेश ब्रेड स्लाइस लें और उन पर पुदीने की हरी चटनी या मायोनीज़ की एक परत लगाएं। इसके बाद ब्रेड के बीच में खीरा, टमाटर, प्याज और पनीर (कॉटेज चीज) की पतली स्लाइस सजाएं। ऊपर से चुटकी भर काली मिर्च पाउडर और नमक छिड़कें। इसे तरबूज या पुदीने के ठंडे जूस के साथ परोसें। नौतपा और समर डाइट से जुड़े कुछ जरूरी सवाल-जवाब: नौतपा के दौरान भोजन की थाली में क्या शामिल करना सबसे सही है? इन दिनों ऐसा भोजन करें जो पचाने में बहुत हल्का हो, तासीर में ठंडा हो और जिसमें पानी की मात्रा अधिक हो; जैसे—मट्ठा, दही, सलाद, हरी सब्जियां और रसीले फल। बिना चूल्हा जलाए कौन-कौन सी सेहतमंद चीजें बन सकती हैं? बिना आंच के आप आसानी से मूसली बाउल, दही-चना चाट, फ्रूट कस्टर्ड (बिना उबाले), स्प्राउट्स सलाद और पनीर सैंडविच जैसी दर्जनों वैरायटी बना सकते हैं। क्या बिना पकाए खाया जाने वाला भोजन वास्तव में शरीर को शीतलता देता है? जी बिल्कुल। चूंकि इसमें प्रयुक्त होने वाली मुख्य सामग्रियां जैसे दही, खीरा और फल प्राकृतिक रूप से ठंडे और जल से भरपूर होते हैं, इसलिए ये बिना किसी अतिरिक्त हीट के शरीर के तापमान को नियंत्रित रखते हैं।
बालों से खूबसूरती निखारें: पार्टी के लिए आसान और आकर्षक हेयरस्टाइल
26 May, 2026 02:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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महिलाएं अपनी खूबसूरती के लिए हर संभव प्रयास करती हैं, और इसमें बालों का विशेष स्थान होता है। बाल ही हमारे व्यक्तित्व को निखारते हैं और पूरी खूबसूरती को सामने लाते हैं। हालांकि, किसी पार्टी या खास मौके पर जाने के लिए बालों की साफ-सफाई और उन्हें स्टाइलिश तरीके से संवारना एक चुनौतीपूर्ण काम हो सकता है, खासकर तब जब समय की कमी हो। व्यस्त दिनचर्या के बावजूद भी आप पार्टी में सबसे अलग और आकर्षक दिखना चाहती हैं, तो ये आसान और स्टाइलिश हेयरस्टाइल्स अपनाये। इन्हें आप आसानी से बना सकती हैं और किसी भी पार्टी में चार चाँद लगा सकती हैं।जूड़ा हेयरस्टाइल भारतीय महिलाओं के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। साड़ी या सूट के साथ यह क्लासिक और एलिगेंट लुक देता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले अपने सारे बालों को पीछे की ओर अच्छी तरह कंघी करके इकट्ठा कर लें। इसके बाद एक रबर बैंड की मदद से हाई पोनीटेल बना लें। अब पोनीटेल के बालों को धीरे-धीरे रोल करते हुए एक गोलाकार आकृति दें और यू-पिन या बॉबी पिन की मदद से इसे सुरक्षित कर लें। आप चाहें तो अपने जूड़े को और आकर्षक बनाने के लिए इसमें ताजे फूल, हेयर एक्सेसरीज या मोतियों वाले पिन भी लगा सकती हैं। यह हेयरस्टाइल न केवल पारंपरिक परिधानों के साथ बल्कि आधुनिक ड्रेसेस के साथ भी एक सोफिस्टिकेटेड लुक देता है।आजकल कर्ली हेयरस्टाइल्स का ट्रेंड बहुत बढ़ गया है और यह किसी भी आउटफिट के साथ बेहद आकर्षक लगते हैं। यह आपको एक ग्लैमरस और बोहेमियन लुक देते हैं। इस स्टाइल को बनाने के लिए सबसे पहले बालों को अच्छी तरह से सुलझा लें। इसके बाद अपने बालों के छोटे-छोटे सेक्शन करें और कर्लिंग मशीन की मदद से उन्हें धीरे-धीरे कर्ल करते जाएं। आप अपनी पसंद के अनुसार ढीले वेव्स या टाइट कर्ल्स बना सकती हैं। कर्ल करने के बाद, अपनी उंगलियों से बालों को हल्का सा खोलें ताकि वे अधिक प्राकृतिक दिखें। इस लुक को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए आप हल्के हेयरस्प्रे का उपयोग कर सकती हैं। यह हेयरस्टाइल वेस्टर्न ड्रेसेस के साथ कमाल का लगता है।जब समय बिल्कुल न हो और आप तुरंत पार्टी के लिए तैयार होना चाहती हों, तो खुले बाल सबसे बेहतरीन विकल्प हैं। यह हेयरस्टाइल किसी भी आउटफिट के साथ आसानी से मैच हो जाता है और आपको एक सहज और आकर्षक लुक देता है। खुले बाल उन महिलाओं के लिए आदर्श हैं जिनके बाल लंबे या मध्यम लंबाई के हैं। इसे और भी स्टाइलिश बनाने के लिए आप बालों में हल्का सा सीरम लगाकर उन्हें चमकदार बना सकती हैं, या फ्रंट सेक्शन को हल्का सा पफ देकर पिन कर सकती हैं। एक साइड पार्टिंग या सेंटर पार्टिंग के साथ भी खुले बाल बेहद खूबसूरत लगते हैं। यह प्राकृतिक खूबसूरती को उजागर करता है।फ्रेंच चोटी, जिसे अक्सर ट्रेडिशनल माना जाता है, आजकल फिर से चलन में है और यह आपको एक एलिगेंट और अट्रैक्टिव लुक देती है। यह हेयरस्टाइल न केवल पारंपरिक परिधानों के साथ बल्कि कैजुअल और पार्टी ड्रेसेस के साथ भी खूब जँचती है। फ्रेंच चोटी बनाने के लिए आपको बालों को सिर के ऊपरी हिस्से से लेना शुरू करना होता है और हर बार नीचे से बालों के सेक्शन को जोड़ते हुए गूथना होता है। आप इसे पीठ पर एक साधारण चोटी के रूप में बना सकती हैं, या इसे और भी आकर्षक बनाने के लिए फिशटेल लुक दे सकती हैं। फिशटेल फ्रेंच चोटी एक जटिल लेकिन बेहद खूबसूरत स्टाइल है, जो आपके बालों को एक अनोखा आयाम देती है। यह आपके चेहरे की विशेषताओं को उजागर करती है और आपको एक साफ-सुथरा, क्लासी लुक देती है।इन आसान और स्टाइलिश हेयरस्टाइल्स को अपनाकर आप कम समय में भी पार्टी के लिए तैयार हो सकती हैं और अपनी खूबसूरती से सबका ध्यान आकर्षित कर सकती हैं। याद रखें, सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप जिस भी स्टाइल को अपनाएं, उसमें आत्मविश्वास महसूस करें।
नारी सौंदर्य का अभिन्न अंग रहे हैं आभूषण
26 May, 2026 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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सदियों से नारी सौंदर्य का अभिन्न अंग रहे हैं आभूषण। ये केवल शारीरिक शोभा ही नहीं बढ़ाते, बल्कि भारतीय संस्कृति में इन्हें स्वास्थ्य और कल्याण से भी जोड़ा गया है। परंपरागत रूप से, आभूषणों को केवल एक सजावटी वस्तु के रूप में नहीं देखा गया है; बल्कि प्रत्येक आभूषण अपने भीतर एक गहरा सांस्कृतिक और नैतिक संदेश समेटे हुए है। इन प्रतीकात्मक अर्थों को हृदयंगम करना आवश्यक है, ताकि आभूषणों का धारण करना मात्र फैशन न रहकर एक सार्थक और उद्देश्यपूर्ण क्रिया बन सके और आभूषण नाम सार्थक हो सके।भारतीय परंपरा में, ये आभूषण नारी को न केवल बाहरी रूप से सुशोभित करते हैं, बल्कि उन्हें आंतरिक गुणों और आदर्शों का भी स्मरण कराते हैं। वे जीवन के उन महत्वपूर्ण सिद्धांतों को दर्शाते हैं जिन्हें धारण करके नारी अपने व्यक्तित्व को और भी गरिमामय बना सकती है। हर आभूषण का अपना महत्व और संदेश है, जिसे समझने से हम अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ते हैं और इन परंपराओं के पीछे छिपी ज्ञान की गहराई को पहचानते हैं।आँखों में लगाया जाने वाला काजल शील और पवित्रता का प्रतीक है, जो नारी को अपनी आँखों में विनम्रता और मर्यादा का जल रखने का संदेश देता है। नाक की नथ मन को नियंत्रित रखने और संयम बरतने का सुझाव देती है, ताकि व्यक्ति अपनी नाक यानी सम्मान को ऊँचा रख सके। माथे पर शोभायमान टीका बुराई को त्यागने और सदाचार का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। बिंदी इस बात पर ध्यान केंद्रित करने का संकेत है कि व्यक्ति अपने जीवन में केवल यश का ही टीका लगाए, अर्थात नेक कार्यों से ही ख्याति प्राप्त करे। सिर पर पहनी जाने वाली वंदनी पति और गुरुजनों के प्रति सम्मान और वंदना का भाव रखने का आह्वान करती है। कानों में पहने जाने वाले कर्ण फूल दूसरों की प्रशंसा सुनने और सकारात्मक बातों को ग्रहण करने की सीख देते हैं। गले का हार, नारी को अपने पति के लिए गले का हार बनने का अर्थात, उनके जीवन का आधार और सुख का स्रोत बनने का संदेश देता है। हाथों में खनकते कड़े इस बात की याद दिलाते हैं कि किसी से भी कड़ी बात या कटु वचन न बोलें। अंगुलियों के छल्ले हमें किसी से छल न करने और ईमानदारी बरतने की प्रेरणा देते हैं। कमर पर बंधा करधनी या कमरबंद हमेशा सत्कर्मों के लिए कमर कसकर तैयार रहने और सक्रिय रहने का प्रतीक है। पैरों की पायल, सभी बड़ी-बूढ़ी महिलाओं के पाँव (चरण) स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लेने और विनम्रता बनाए रखने की याद दिलाती है। हाथों की मेहंदी न केवल सौंदर्य बढ़ाती है, बल्कि लाज की लाली बनाए रखने, अर्थात मर्यादा और शालीनता का पालन करने का भी संदेश देती है।इस प्रकार, भारतीय आभूषण केवल धातु और रत्नों के टुकड़े नहीं, बल्कि सदियों पुरानी परंपराओं, नैतिक मूल्यों और जीवन जीने की कला के प्रतीक हैं। वे नारी को न केवल शारीरिक रूप से सुशोभित करते हैं, बल्कि उन्हें आंतरिक रूप से भी समृद्ध और सशक्त बनाते हैं, उन्हें जीवन के मूलभूत सिद्धांतों का निरंतर स्मरण कराते हैं।
चमचमाती त्वचा के लिए ब्लैकहेड्स को कहें अलविदा: अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे
26 May, 2026 02:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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खूबसूरती हर किसी को प्यारी होती है, लेकिन चेहरे और नाक पर नजर आने वाले ब्लैकहेड्स और व्हाइटहेड्स अक्सर इस खूबसूरती पर ग्रहण लगा देते हैं। इन जिद्दी निशानों से छुटकारा पाने के लिए महिलाएं महंगे पार्लर उपचारों और दर्दनाक प्रक्रियाओं का सहारा लेती हैं, जिनमें समय और पैसा दोनों खर्च होते हैं। हालांकि, अब आपको चिंतित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ बेहद ही आसान और प्राकृतिक घरेलू तरीकों से आप बिना किसी दर्द और बड़े खर्च के इन ब्लैकहेड्स से हमेशा के लिए निजात पा सकती हैं, और अपनी त्वचा को बेदाग और चमकदार बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ प्रभावी घरेलू उपायों के बारे में, जो आपकी त्वचा को ब्लैकहेड्स मुक्त बनाने में मददगार साबित होंगे।इस कड़ी में सबसे पहला और कारगर उपाय बेकिंग सोडा का इस्तेमाल है। बेकिंग सोडा में थोड़ा सा गुलाबजल या सामान्य पानी मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को उन जगहों पर लगाएं जहां ब्लैकहेड्स की समस्या है, जैसे नाक या ठुड्डी। पेस्ट के पूरी तरह सूख जाने का इंतजार करें। जब यह सूख जाए, तो वैक्सिंग की तरह हल्के हाथों से इसे धीरे-धीरे खींचते हुए उतारें। बेकिंग सोडा त्वचा को एक्सफोलिएट करने और छिद्रों को साफ करने में मदद करता है।आप अपने पुराने और खराब टूथब्रश को फेंकने की बजाय, उसे ब्लैकहेड्स हटाने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। बस, ब्रश पर थोड़ी सी मात्रा में टूथपेस्ट लगाएं और ब्लैकहेड्स वाली जगह पर बेहद हल्के हाथों से रगड़ें। ध्यान रहे कि बहुत जोर से न रगड़ें, वरना त्वचा को नुकसान हो सकता है। नियमित रूप से यह उपाय करने से आपको खुद-ब-खुद ब्लैकहेड्स निकलते हुए नजर आएंगे और त्वचा साफ होती जाएगी।शहद और चीनी का मिश्रण एक बेहतरीन प्राकृतिक एक्सफोलिएटर का काम करता है। एक कटोरी में शहद और चीनी को मिलाकर एक दरदरा पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को ब्लैकहेड्स से प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं और कम से कम दो मिनट तक हल्के हाथों से गोलाई में रगड़ें। रगड़ने के बाद, इसे लगभग पांच मिनट के लिए त्वचा पर ऐसे ही छोड़ दें। इसके बाद, गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। शहद त्वचा को नमी प्रदान करता है, जबकि चीनी मृत त्वचा कोशिकाओं और ब्लैकहेड्स को हटाने में मदद करती है।एक्टिवेटेड चारकोल भी ब्लैकहेड्स को हटाने का एक बहुत प्रभावी तरीका है। इसके लिए, रात को दो-तीन एक्टिवेटेड चारकोल कैप्सूल लेकर उन्हें अच्छी तरह पीस लें। अब इसमें एक चौथाई चम्मच जिलेटिन पाउडर और एक विटामिन ई कैप्सूल (कैप्सूल तोड़कर तेल निकालें) मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को ब्लैकहेड्स से प्रभावित जगह पर लगाएं। जब पेस्ट पूरी तरह से सूख जाए और एक परत बना ले, तो इसे नीचे से ऊपर की ओर खींचकर उतारें। चारकोल त्वचा से अशुद्धियों और अतिरिक्त तेल को सोख लेता है, जिससे ब्लैकहेड्स निकल जाते हैं।इन सभी घरेलू नुस्खों का नियमित और सही तरीके से इस्तेमाल करके आप न केवल ब्लैकहेड्स से छुटकारा पा सकती हैं, बल्कि अपनी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार भी बना सकती हैं। हालांकि, किसी भी नए उपाय को आजमाने से पहले अपनी त्वचा के छोटे से हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर करें, ताकि किसी भी संभावित एलर्जी या रिएक्शन से बचा जा सके। धैर्य और निरंतरता के साथ, ये प्राकृतिक उपाय आपको मनचाही बेदाग त्वचा प्रदान करेंगे।
केमिकल फ्री सनस्क्रीन घर पर कैसे तैयार करें? स्किन रहेगी सेफ और ग्लोइंग
23 May, 2026 02:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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गर्मियों की शुरुआत के साथ ही कड़क धूप और हानिकारक अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें त्वचा को नुकसान पहुँचाने लगती हैं। लंबे समय तक धूप के संपर्क में रहने के कारण सनबर्न, टैनिंग, रूखापन और वक्त से पहले बुढ़ापे के लक्षण दिखने जैसी दिक्कतें आम हो जाती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए लोग सनस्क्रीन का सहारा लेते हैं। मगर बाजार में बिकने वाले कई सनस्क्रीन प्रोडक्ट्स में हानिकारक केमिकल्स और कृत्रिम खुशबू होती है, जो संवेदनशील त्वचा पर एलर्जी या जलन की वजह बन सकती है। यही वजह है कि अब लोग नेचुरल और होममेड विकल्पों को तरजीह दे रहे हैं। घर पर प्राकृतिक चीजों से तैयार सनस्क्रीन त्वचा को हाइड्रेटेड रखने और धूप के प्रभाव को घटाने में मददगार होती है। हालांकि, यह पूरी तरह से डॉक्टरी या मेडिकल-ग्रेड सनस्क्रीन की जगह नहीं ले सकती, लेकिन रोजमर्रा के घरेलू इस्तेमाल और हल्की धूप के लिए एक बेहतरीन स्किन केयर ऑप्शन है। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका और जरूरी सावधानियां। प्राकृतिक सनस्क्रीन बनाने की सामग्री और आसान विधि घर पर केमिकल-फ्री सनस्क्रीन तैयार करने के लिए आपको बहुत कम चीजों की जरूरत होती है। आवश्यक सामग्री: नारियल तेल (त्वचा को नमी देने के लिए) एलोवेरा जेल (स्किन को ठंडक पहुंचाने के लिए) शीया बटर जिंक ऑक्साइड पाउडर (सूरज की किरणों से सुरक्षा के लिए) बनाने का तरीका: एक बर्तन में शीया बटर और नारियल तेल को धीमी आंच पर हल्का गर्म करके पिघला लें। इसके बाद इसमें ताजा एलोवेरा जेल मिलाएं। आखिरी में थोड़ा सा जिंक ऑक्साइड पाउडर डालकर पूरे मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें। जब यह स्मूद पेस्ट बन जाए, तो इसे ठंडा करके एक साफ डिब्बी या कंटेनर में सुरक्षित रख लें। इस्तेमाल करने का सही तरीका और स्किन केयर टिप्स घर पर बनी इस सनस्क्रीन का पूरा फायदा उठाने के लिए इसे सही तरीके से लगाना जरूरी है: समय का ध्यान रखें: घर से बाहर या धूप में निकलने से लगभग 15 से 20 मिनट पहले इसे अपने चेहरे, गर्दन और हाथों पर अच्छी तरह लगाएं। दोबारा लगाएं: अगर आपको ज्यादा पसीना आता है या आप अपना मुंह धोते हैं, तो बेहतर सुरक्षा के लिए इसे दोबारा अप्लाई करें। पैच टेस्ट और कड़क धूप में अतिरिक्त सावधानियां प्राकृतिक चीजें भी हर किसी की स्किन को सूट करें, यह जरूरी नहीं है। इसलिए इस्तेमाल से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें: पैच टेस्ट है जरूरी: हर व्यक्ति की स्किन टाइप अलग होती है। इस होममेड सनस्क्रीन को पूरे चेहरे पर लगाने से पहले हाथ की त्वचा पर पैच टेस्ट जरूर करें। अगर खुजली, लालिमा या जलन महसूस हो, तो इसका उपयोग न करें। तेज धूप से बचाव: चूंकि प्राकृतिक सनस्क्रीन की SPF क्षमता सीमित होती है, इसलिए बहुत तेज धूप में लंबे समय तक रहने के दौरान सिर्फ इसके भरोसे न रहें। कड़क धूप से बचने के लिए फुल स्लीव्स के कपड़े पहनें, सनग्लासेस (चश्मा) लगाएं और टोपी का इस्तेमाल करें।
5 मिनट में तैयार होगा ये आसान नाश्ता, स्वाद भी शानदार
22 May, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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दिनभर की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा के लिए सुबह का ब्रेकफास्ट सबसे जरूरी माना जाता है। मगर आज की व्यस्त जीवनशैली में लोगों के पास रसोई में लंबा वक्त बिताने का समय नहीं होता। कई बार घर में राशन या सब्जियां कम होने की वजह से लोग सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या बाहर का अनहेल्दी जंक फूड खा लेते हैं। हालांकि, न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बेहद सीमित सामग्री और कम समय में भी एक बेहतरीन व सेहतमंद नाश्ता तैयार किया जा सकता है। आजकल कामकाजी पेशेवर, छात्र और गृहिणियां ऐसे विकल्पों की तलाश में रहते हैं जो फटाफट बन जाएं, पौष्टिक हों और स्वाद में भी लाजवाब हों। अगर आपके किचन में सिर्फ केला और ओट्स हैं, या केवल सूजी और दही रखा है, तो आप चंद मिनटों में ऐसा हैवी नाश्ता बना सकते हैं जो पेट को तृप्त करने के साथ शरीर को तुरंत एनर्जी देगा। विकल्प 1: झटपट बनाना पैनकेक (Banana Pancake) यह डिश बच्चों से लेकर जिम जाने वाले फिटनेस फ्रीक्स तक सभी के लिए एक आदर्श मील है। इसमें मौजूद केला शरीर को तुरंत कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम देता है, जबकि ओट्स में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है जिससे बेवजह की भूख नहीं लगती। आवश्यक सामग्री: पका हुआ केला (1 या 2) ओट्स (आधा कप) बनाने का तरीका 1.केला मैश करें:2 मिनट. एक साफ बाउल में पके हुए केले को कांटे (फॉर्क) या मैशर की मदद से अच्छी तरह से मखमली होने तक मैश कर लें। 2.ओट्स मिलाएं:3-5 मिनट का आराम. मैश किए हुए केले में ओट्स को डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस गाढ़े मिश्रण को 5 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि ओट्स केले की नमी को सोखकर थोड़े सॉफ्ट (नरम) हो जाएं। 3.पैन गर्म करें:1 मिनट. एक नॉन-स्टिक तवे या पैन को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें। आप चाहें तो इस पर बिल्कुल मामूली सा बटर या गाय का घी लगा सकते हैं। 4.सिकाई करें:3-4 मिनट. तैयार गाढ़े बैटर को छोटी टिक्की या पैनकेक के आकार में तवे पर फैलाएं। इसे धीमी आंच पर दोनों तरफ से तब तक सेकें जब तक कि इसका रंग खूबसूरत गोल्डन ब्राउन (सुनहरा) न हो जाए। विकल्प 2: इंस्टेंट सूजी ब्रेड या इडली यह कम तेल में बनने वाला, सुपाच्य और बेहद हल्का नाश्ता है। गर्मियों के दिनों में जब किचन के चूल्हे के पास ज्यादा देर खड़े रहने का मन नहीं करता, तब यह रेसिपी एक बेहतरीन लाइफ-सेवर साबित होती है। आवश्यक सामग्री: सूजी (रवा) ताजा दही एक चुटकी नमक बनाने का तरीका 1.बैटर तैयार करें:30 मिनट का रेस्ट. एक बर्तन में सूजी और दही को बराबर मात्रा में मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें। इसे आधे घंटे के लिए ढककर रख दें ताकि सूजी अच्छी तरह फूल जाए। इसी से डिश स्पंजी और सॉफ्ट बनेगी। 2.इडली का विकल्प:10-12 मिनट स्टीम. आधे घंटे बाद मिश्रण में स्वादानुसार नमक मिलाएं। अगर आप पारंपरिक तरीका चाहते हैं, तो इस बैटर को इडली मोल्ड में डालकर भाप (स्टीम) में पका लें। 3.सैंडविच मेकर का नया प्रयोग:5 मिनट. अगर कुछ क्रिस्पी और नया खाना है, तो सैंडविच मेकर को हल्के तेल से ग्रीस करें। अब इस सूजी-दही के बैटर को मेकर के सांचे में अच्छे से फैला दें। 4.क्रिस्पी होने तक पकाएं:गोल्डन होने तक. सैंडविच मेकर को बंद करके ऑन कर दें। कुछ ही मिनटों में सूजी की बेहद क्रिस्पी और स्वादिष्ट 'बिना ब्रेड वाली सैंडविच ब्रेड' तैयार हो जाएगी। इसे हरी चटनी या सॉस के साथ गरमा-गरम परोसें। शेफ टिप: सूजी और दही के मिश्रण में फर्मेंटेशन (खमीर) को तुरंत बढ़ाने के लिए आप बैटर बनाते समय उसमें एक चुटकी बेकिंग सोडा या इनो (Eno) भी मिला सकते हैं, इससे इडली या सूजी ब्रेड अत्यधिक जालीदार और हल्की बनती है।
बार-बार दूध खराब हो रहा है? जानिए स्टोर करने का सही तरीका
20 May, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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चिलचिलाती गर्मी का मौसम शुरू होते ही रसोई में खाने-पीने की चीजों के जल्दी खराब होने का डर सताने लगता है। यदि भोज्य पदार्थों को सही ढंग से संभालकर न रखा जाए, तो वे चंद घंटों में ही सड़ जाते हैं। दूध भी एक ऐसी ही संवेदनशील चीज है, जो बढ़ते तापमान के कारण बहुत जल्दी रासायनिक बदलाव का शिकार होकर फट जाता है। कई बार तो सुबह लाया गया ताजा दूध शाम होने से पहले ही खराब हो जाता है, या फिर गैस पर चढ़ाते ही फट जाता है। दूध के इस तरह बर्बाद होने से न सिर्फ पैसों का नुकसान होता है, बल्कि घर का पूरा रूटीन भी बिगड़ जाता है। खासकर जिन परिवारों में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, वहाँ दूध की शुद्धता और ताजगी बनाए रखना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग दूध फटने का पूरा दोष उसकी क्वालिटी या दूधवाले पर मढ़ देते हैं, जबकि असल वजह हमारी ही कुछ छोटी-छोटी रोजमर्रा की लापरवाहियाँ होती हैं। गर्मियों के दिनों में हवा में बैक्टीरिया (जीवाणु) बहुत तेजी से पनपते हैं। ऐसे में दूध को सही तापमान पर न रखना, जूठे या गंदे बर्तन का इस्तेमाल करना, या उसे बार-बार उबालना उसकी शेल्फ लाइफ को खत्म कर देता है। अगर आप भी इस समस्या से आजिज आ चुके हैं, तो नीचे दिए गए आसान और असरदार घरेलू नुस्खों को अपनाकर अपने दूध को लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा रख सकते हैं। 1. जूठे, गंदे या गीले बर्तनों का इस्तेमाल दूध उबालने के लिए इस्तेमाल होने वाला बर्तन अगर पूरी तरह साफ नहीं है, तो दूध तुरंत फट जाएगा। बर्तन में पहले से लगी हल्की सी खटास, साबुन का अंश या गंदा पानी दूध के तत्वों को तुरंत बिगाड़ देता है। गर्मी में बैक्टीरिया बहुत सक्रिय होते हैं, इसलिए थोड़ी सी भी गंदगी पूरे दूध को बर्बाद कर सकती है। क्या करें: दूध पलटने से पहले बर्तन को एक बार साफ पानी से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। मुमकिन हो तो दूध उबालने के लिए एक अलग बर्तन ही तय रखें। 2. उबलने के बाद घंटों बाहर छोड़ देना अक्सर लोग दूध को गैस पर उबालने के बाद उसे ठंडा होने के नाम पर घंटों तक किचन के सामान्य तापमान में ही खुला छोड़ देते हैं। मई-जून की भीषण गर्मी में यह भूल सबसे भारी पड़ती है। गर्म वातावरण मिलते ही दूध में कीटाणु तेजी से बढ़ने लगते हैं। क्या करें: जैसे ही दूध उबल जाए और वह कमरे के तापमान (नॉर्मल) पर आ जाए, तो बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत फ्रिज के भीतर रख दें। उसे पूरी रात या कई घंटों तक बाहर रखने की गलती न करें। 3. बार-बार गैस पर खौलाते रहना कई गृहणियों की आदत होती है कि वे दूध को खराब होने से बचाने के चक्कर में दिनभर में तीन से चार बार उबालती हैं। ऐसा करने से फायदे की जगह नुकसान होता है। बार-बार तेज आंच पर गर्म करने से दूध के जरूरी पोषक तत्व और प्रोटीन नष्ट हो जाते हैं, जिससे उसकी थिकनेस खत्म होती है और वह जल्दी फट जाता है। क्या करें: दिन में एक या अधिकतम दो बार ही दूध उबालें। आपको चाय, कॉफी या पीने के लिए जितनी जरूरत हो, उतना ही दूध मुख्य बर्तन से अलग निकालकर गर्म करें। 4. फ्रिज के तापमान और कूलिंग का ध्यान न रखना यदि आपके फ्रिज का तापमान सही नहीं है या वह ठीक से कूलिंग नहीं कर रहा है, तो फ्रिज के अंदर रखने के बाद भी दूध फट सकता है। इसके अलावा, एक आम गलती यह होती है कि लोग दूध के पतीले या पैकेट को फ्रिज के दरवाजे वाली शेल्फ (डोर ट्रे) में रख देते हैं, जहाँ बार-बार गेट खुलने से तापमान बदलता रहता है। क्या करें: गर्मियों में फ्रिज का तापमान हमेशा 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम पर सेट रखें। दूध को हमेशा फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से यानी अंदरूनी मुख्य शेल्फ में पीछे की तरफ रखें। 5. पुराना या खराब क्वालिटी का दूध खरीदना कई बार समस्या हमारे रख-रखाव में नहीं, बल्कि दूध की खरीद में होती है। कई डेयरियों में दूध को सही कोल्ड चेन में नहीं रखा जाता, जिससे वह आपके घर पहुंचने से पहले ही खराब होने की कगार पर होता है। क्या करें: हमेशा किसी विश्वसनीय ब्रांड या भरोसेमंद डेयरी से ही दूध लें। अगर आप पैकेट वाला दूध इस्तेमाल करते हैं, तो उस पर लिखी 'यूज़ बाई' या एक्सपायरी डेट देखना कभी न भूलें। यदि दूध की गंध में जरा सा भी बदलाव या खटास लगे, तो उसे तुरंत इस्तेमाल में ले लें।
काले चने पोषण का पावरहाउस, सही सेवन से शरीर को मिलते हैं जबरदस्त फायदे
18 May, 2026 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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आज के दौर में लोग अपनी फिटनेस और सेहत को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क हो गए हैं। यही वजह है कि लोग अपने खानपान में ऐसी चीजों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जो पोषक तत्वों से भरपूर हों। सुपरफूड्स की इस लिस्ट में 'काले चने' को सबसे उत्तम और गुणकारी माना जाता है। लेकिन, सेहत का खजाना कहे जाने वाले इन चनों को लेकर एक बात समझना बेहद जरूरी है—इन्हें डाइट में शामिल करने के साथ-साथ खाने का सही तरीका पता होना भी उतना ही आवश्यक है।अगर काले चनों का सेवन गलत ढंग से किया जाए, तो यह फायदे की जगह पेट से जुड़ी कई परेशानियां खड़ी कर सकते हैं। वहीं, सही नियम से खाए जाने पर यह शरीर को गजब की ऊर्जा, ताकत और भरपूर पोषण प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं कि काले चने खाने का सही तरीका और इससे जुड़े फायदे-नुकसान क्या हैं। काले चने खाने का सही तरीका और उपयुक्त समय काले चनों से मिलने वाले न्यूट्रिएंट्स का शरीर को पूरा लाभ मिले, इसके लिए इन्हें हमेशा व्यवस्थित तरीके से खाना चाहिए। भिगोकर खाएं: चनों को हमेशा रातभर साफ पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इनका सेवन करें। भीगे हुए चने आसानी से पच जाते हैं और शरीर इनके पोषक तत्वों को जल्दी सोख लेता है। उबालकर खाएं: यदि आपको कच्चे चने पचाने में दिक्कत होती है, तो इन्हें उबाल लें। उबले हुए चनों में हल्का सा सेंधा नमक, नींबू का रस, टमाटर और हरी मिर्च मिलाकर एक हेल्दी सलाद के रूप में खाया जा सकता है। सबसे सही समय: काले चने खाने का सबसे बेहतरीन समय सुबह का माना जाता है। इसे सुबह खाली पेट या नाश्ते (ब्रेकफास्ट) में लेने से दिनभर शरीर में एनर्जी बनी रहती है। मांसपेशियों की मजबूती से लेकर शुगर कंट्रोल करने तक के बेमिसाल फायदे नियमित और सही तरीके से काले चने खाने से स्वास्थ्य को अनगिनत लाभ मिलते हैं: प्रोटीन का पावरहाउस: इसमें उच्च मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों (मशल्स) को मजबूत बनाने और शारीरिक विकास में बेहद मददगार है। वजन घटाने में मददगार: फाइबर से भरपूर होने के कारण चने खाने के बाद पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे असमय भूख नहीं लगती और वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है। बेहतर पाचन और शुगर कंट्रोल: यह पेट को साफ कर कब्ज और अपच जैसी समस्याओं को दूर करता है। साथ ही, इसका लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखता है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। गलत तरीके से सेवन करने पर झेलने पड़ सकते हैं ये नुकसान किसी भी चीज की अति या उसे गलत समय पर खाना सेहत को बिगाड़ सकता है, काले चने के साथ भी ऐसा ही है: अपच और पेट में भारीपन: चनों को बिना भिगोए या अधपका खाने से पेट में गैस, भारीपन, मरोड़ और डाइजेशन खराब होने की समस्या हो सकती है। अत्यधिक सेवन: एक बार में बहुत ज्यादा मात्रा में चने खाने से पेट फूलने (ब्लोटिंग) की शिकायत हो जाती है। रात में खाने से बचें: रात के समय या डिनर में भारी भोजन के साथ चने खाने से बचना चाहिए। चूंकि इन्हें पचने में अधिक समय लगता है, इसलिए रात में यह आपके मेटाबॉलिज्म पर दबाव डालते हैं, जिससे पेट खराब हो सकता है और आपकी नींद में भी खलल पड़ सकता है।
सिर्फ 10 मिनट में तैयार होगा मसालेदार आम का अचार, जानें आसान रेसिपी
18 May, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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गर्मियों की आहट के साथ ही बाजारों में कच्चे आम (कैरी) की खुशबू महकने लगती है। इसके साथ ही भारतीय घरों में पारंपरिक तरीके से आम का अचार डालने की तैयारियां भी जोर-पड़ लेती हैं। हमारी रसोई में आम का अचार महज एक व्यंजन नहीं, बल्कि देश की समृद्ध खानपान परंपरा और स्वाद का एक अहम हिस्सा है। दोपहर का सादा दाल-चावल हो, सुबह का गरमा-गरम पराठा या फिर साधारण पूरी-सब्जी, थाली में आम के अचार का एक टुकड़ा शामिल होते ही पूरे भोजन का जायका दोगुना हो जाता है।आज के इस दौर में लोग समय बचाने के लिए बाजार से डिब्बाबंद अचार खरीद लेते हैं, लेकिन घर के बने पारंपरिक अचार के स्वाद, सोंधेपन और शुद्धता का कोई मुकाबला नहीं है। कई लोग इसे बनाने की प्रक्रिया को बहुत पेचीदा समझते हैं, जबकि हकीकत में सही अनुपात और आसान तरीकों को अपनाकर इसे घर पर बेहद सरलता से तैयार किया जा सकता है। अचार बनाने की आवश्यक सामग्री और आम काटने का सही तरीका एक बेहतरीन और स्वादिष्ट अचार तैयार करने के लिए सबसे पहले बाजार से एकदम ताजे, कड़े और गूदेदार कच्चे आमों का चुनाव करें। इसके अलावा आपको निम्नलिखित सामग्रियों की आवश्यकता होगी: शुद्ध सरसों का तेल नमक और हल्दी पाउडर तीखी व कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर सौंफ, मेथी दाना, कलौंजी (मंगरेला) और पीली या काली राई (सरसों के दाने) तैयारी के दौरान बरतें ये सावधानी: कच्चे आमों को काटने से पहले उन्हें पानी में अच्छी तरह धो लें और फिर किसी साफ सूती कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि आमों में रत्ती भर भी नमी (पानी) नहीं रहनी चाहिए, क्योंकि नमी के कारण अचार बहुत जल्दी काले पड़ जाते हैं या उनमें फंगस लग जाती है। इसके बाद अपनी पसंद के अनुसार छोटे या मध्यम टुकड़ों में आम को काट लें। पारंपरिक विधि: ऐसे तैयार करें आम का तीखा और चटपटा अचार पहला चरण: सबसे पहले कटे हुए आम के टुकड़ों को एक बड़े और सूखे बर्तन में डालें। अब इसमें आवश्यकतानुसार नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं और कुछ घंटों या एक रात के लिए ढककर छोड़ दें। इससे आम का अतिरिक्त पानी निकल जाता है। दूसरा चरण: अब मेथी, सौंफ और राई को हल्का सा भूनकर दरदरा पीस लें। इस तैयार मसाले को कलौंजी और लाल मिर्च पाउडर के साथ आम के टुकड़ों में डाल दें। तीसरा चरण: एक अलग पैन में सरसों के तेल को धुआं उठने तक अच्छी तरह गर्म करें और फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इस तेल को आम और मसालों के मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। चौथा चरण: तैयार अचार को कांच या चीनी मिट्टी के एक साफ और सूखे मर्तबान (जार) में सुरक्षित भर दें। धूप दिखाने का महत्व और सालों-साल सुरक्षित रखने के सीक्रेट टिप्स धूप दिखाना क्यों जरूरी: जार में अचार भरने के बाद उसके मुंह पर एक साफ सूती कपड़ा बांधकर उसे कम से कम 3 से 4 दिनों तक रोजाना तेज धूप में रखें। दोपहर के वक्त एक सूखे और साफ चम्मच से अचार को ऊपर-नीचे चलाएं। धूप लगने से मसाले पूरी तरह पक जाते हैं, आम के टुकड़े गलते हैं और अचार की रंगत व खुशबू खिलकर बाहर आती है। सालों-साल चलाने की ट्रिक: यदि आप चाहते हैं कि आपका बनाया अचार सालों-साल खराब न हो और उसका स्वाद बरकरार रहे, तो कुछ नियमों का पालन करें। कभी भी अचार निकालने के लिए गीले हाथ या नमी वाले चम्मच का इस्तेमाल न करें। तेल का सही स्तर: जार में सरसों का तेल हमेशा आम के टुकड़ों के ऊपर तक भरा होना चाहिए। तेल और नमक प्राकृतिक प्रिजर्वेटिव (सुरक्षा कवच) का काम करते हैं, जो अचार को फंगस से बचाते हैं और उसे लंबे समय तक ताजा रखते हैं।
धूप से काले पड़ गए हाथ? अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खा
16 May, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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गर्मियों के मौसम में पारा चढ़ने के साथ ही तेज धूप, तपिश और धूल-प्रदूषण के कारण त्वचा (स्किन) झुलसने लगती है। ऐसे में चेहरे, गर्दन, हाथों और पैरों पर सन टैनिंग होना एक बेहद आम समस्या है। लंबे समय तक कड़कती धूप के संपर्क में रहने से त्वचा की प्राकृतिक रंगत और चमक खो जाती है, जिससे स्किन बेजान, रूखी और सांवली नजर आने लगती है। इस जिद्दी टैनिंग से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर बाजार में मिलने वाले महंगे और केमिकल युक्त कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं, लेकिन कई बार उनका कोई खास असर दिखाई नहीं देता। ऐसी स्थिति में घर की रसोई में मौजूद पारंपरिक और प्राकृतिक चीजें रामबाण साबित हो सकती हैं। ये घरेलू उपाय न केवल किफायती और आसान होते हैं, बल्कि त्वचा को बिना नुकसान पहुंचाए उसका खोया हुआ निखार वापस लाने में मदद करते हैं। अगर आप भी इस सीजन में टैनिंग से परेशान हैं, तो एक बेहद सरल और असरदार तरीका आपकी मदद कर सकता है। दही और बेसन का बेजोड़ संगम त्वचा की रंगत को प्राकृतिक रूप से सुधारने के लिए दही और बेसन का लेप बेहद गुणकारी माना जाता है। दही के फायदे: दही में प्रचुर मात्रा में 'लैक्टिक एसिड' मौजूद होता है, जो स्किन की गहराई से सफाई (डीप क्लींजिंग) करता है। यह त्वचा की मृत कोशिकाओं (डेड स्किन सेल्स) को हटाकर उसे पोषण देता है और मुलायम बनाता है। बेसन के फायदे: बेसन एक बेहतरीन प्राकृतिक एक्सफोलिएटर (स्क्रब) के रूप में काम करता है। यह त्वचा के रोमछिद्रों में जमा अतिरिक्त तेल (सीबम) और गंदगी को खींचकर बाहर निकालता है। इन दोनों का मिश्रण टैनिंग को तेजी से हल्का कर त्वचा में कुदरती चमक लाता है। घर पर कैसे तैयार करें यह खास फेस पैक? इस प्राकृतिक पैक को बनाने की विधि बेहद आसान है: मिश्रण बनाएं: एक साफ कटोरी में दो बड़े चम्मच बेसन लें और उसमें आवश्यकतानुसार एक से दो चम्मच ताजा गाढ़ा दही मिलाएं। अतिरिक्त निखार के लिए: पैक को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आप इसमें आधा चम्मच शहद या कुछ बूंदें शुद्ध गुलाब जल की भी डाल सकती हैं। पेस्ट तैयार करें: इस मिश्रण को अच्छी तरह फेंटकर एक गाढ़ा और स्मूद पेस्ट तैयार कर लें। ऐसे करें इस्तेमाल: अब इस लेप को अपने चेहरे, गर्दन, हाथों या धूप से प्रभावित अन्य हिस्सों पर समान रूप से लगाएं। लगाने का सही तरीका और नियम पैक को लगाने के बाद इसे लगभग 15 से 20 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें ताकि त्वचा इसके गुणों को सोख सके। जब यह हल्का सूखने लगे, तो हाथों को थोड़ा गीला करके सर्कुलर मोशन (गोलाकार) में हल्के से मसाज करते हुए चेहरे को साफ और ठंडे पानी से धो लें। इससे चेहरे का ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और त्वचा तुरंत तरोताजा महसूस करती है। बेहतर और स्थायी परिणामों के लिए इस घरेलू नुस्खे को सप्ताह में दो से तीन बार आजमाया जा सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले रखें ध्यान यह पूरी तरह से केमिकल-फ्री और हर्बल उपाय है, जो त्वचा को ठंडक देने और रंगत साफ करने में बेहद मददगार है। इसके कोई साइड-इफेक्ट्स नहीं होते, फिर भी जिन लोगों की स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव (संवेदनशील) है या जिन्हें किसी चीज से एलर्जी है, उन्हें चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले हाथ या कान के पीछे एक बार 'पैच टेस्ट' जरूर कर लेना चाहिए।
वट सावित्री व्रत में बनाएं खास मिठाई, पूजा थाली होगी पूरी
14 May, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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वट सावित्री व्रत पर ऐसे तैयार करें अपनी पूजा थाली, इन खास मिठाइयों का भोग लगाना होता है शुभ हिंदू धर्म में अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाने वाला 'वट सावित्री व्रत' सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु के लिए बरगद (वट) के वृक्ष की उपासना करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा की थाली में घर का बना शुद्ध और सात्विक भोजन शामिल करने से देवी सावित्री का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है। पूजा की थाली में क्या होना है जरूरी? वट सावित्री की पूजा वट वृक्ष की परिक्रमा, कच्चा सूत लपेटने, जल चढ़ाने और सावित्री-सत्यवान की पौराणिक कथा के बिना अधूरी मानी जाती है। पूजा सामग्री में मिठाई, ऋतु फल और पंचामृत का विशेष स्थान है। इस दिन महिलाएं पारंपरिक परिधान और पूर्ण श्रृंगार धारण कर पूजा संपन्न करती हैं। सात्विक वेज थाली का स्वरूप पूजा के लिए तैयार की जाने वाली भोजन की थाली पूरी तरह शुद्ध होनी चाहिए, जिसमें प्याज और लहसुन का प्रयोग वर्जित होता है। मुख्य व्यंजन: थाली में गरम पूड़ियां, आलू की रसेदार या सूखी सब्जी, ताजा दही और मौसमी फल शामिल किए जाते हैं। प्रसाद: पूजा संपन्न होने के बाद यही सात्विक भोजन परिवार के सदस्यों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इन मिठाइयों का भोग माना जाता है श्रेष्ठ व्रत के दौरान घर में बनी मिठाई का भोग लगाना अत्यंत शुभकारी है। अधिकतर घरों में चावल की खीर, बेसन के लड्डू या सूजी का हलवा बनाया जाता है। माना जाता है कि खीर का अर्पण करने से परिवार में शांति और समृद्धि का वास होता है। कुछ क्षेत्रों में पारंपरिक मालपुआ चढ़ाने की भी परंपरा है। खास रेसिपी: झटपट तैयार करें सूजी का हलवा आवश्यक सामग्री: आधा कप सूजी (रवा), आधा कप शुद्ध घी, आधा कप चीनी, डेढ़ कप पानी, इलायची पाउडर और बारीक कटे सूखे मेवे। बनाने की विधि: सबसे पहले कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें सूजी को धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। जब सूजी से सोंधी खुशबू आने लगे, तब इसमें पानी डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें। अब इसमें चीनी मिलाएं और तब तक पकाएं जब तक मिश्रण गाढ़ा होकर घी न छोड़ने लगे। अंत में इलायची पाउडर और ड्राई फ्रूट्स डालकर मिलाएं। ऊपर से एक चम्मच घी डालने से हलवे का स्वाद और रंगत निखर उठती है।
एक जैसी पूड़ी खाकर हो गए बोर? बनाएं ये टेस्टी और हेल्दी पूड़ियां
13 May, 2026 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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भारतीय घरों में त्योहार हो या रविवार का खास नाश्ता, गरमागरम पूड़ियों के बिना थाली अधूरी मानी जाती है। अक्सर लोग पूड़ी को 'अनहेल्दी' मानकर परहेज करते हैं, क्योंकि यह आमतौर पर मैदा या सादे गेहूं के आटे से बनी होती है। लेकिन अगर आप रसोई में थोड़ी सी रचनात्मकता दिखाएं, तो पूड़ी न केवल लजीज बनेगी, बल्कि यह सेहत का खजाना भी साबित हो सकती है। यदि आप एक ही तरह की पारंपरिक पूड़ी खाकर बोर हो चुके हैं, तो हम आपको बता रहे हैं पूड़ियों के ऐसे 8 हेल्दी विकल्प, जो पोषक तत्वों से भरपूर हैं और जिन्हें बच्चे भी बड़े चाव से खाएंगे। सेहत और स्वाद का शानदार संगम: ये 8 हेल्दी पूड़ियाँ 1. आयरन से भरपूर 'पालक पूड़ी' पालक को उबालकर उसका पेस्ट तैयार करें और उसे आटे में मिलाकर गूंथ लें। यह पूड़ी न केवल देखने में आकर्षक लगती है, बल्कि आयरन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत भी है। इसे दही या आलू की सब्जी के साथ परोसें। 2. रंगीली 'चुकंदर पूड़ी' एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर चुकंदर की पूड़ी का गहरा गुलाबी रंग डाइनिंग टेबल की शोभा बढ़ा देता है। चुकंदर को कद्दूकस करके या पीसकर आटे में मिलाएं। यह बच्चों को सब्जियां खिलाने का सबसे मजेदार तरीका है। 3. खुशबूदार 'मेथी पूड़ी' पाचन दुरुस्त रखने के लिए मेथी की पूड़ी सर्वोत्तम है। ताजी मेथी की पत्तियों को बारीक काटकर आटे में मिलाएं। इसे अचार और अदरक वाली चाय के साथ खाने का आनंद ही कुछ और है। 4. सुपरफूड 'बाजरा पूड़ी' जो लोग वजन घटाना चाहते हैं, उनके लिए बाजरे की पूड़ी एक शानदार विकल्प है। इसमें फाइबर और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। इसे लहसुन की चटनी के साथ ट्राई करें। 5. प्रोटीन पैक 'ओट्स और मूंग दाल पूड़ी' फिटनेस फ्रीक लोगों के लिए यह सबसे अच्छी रेसिपी है। भीगी हुई मूंग दाल और पिसे हुए ओट्स को आटे के साथ मिलाकर पूड़ी बनाएं। यह आपको दिन भर ऊर्जावान रखेगा। 6. क्रिस्पी 'चावल के आटे की पूड़ी' अगर आप कुछ कुरकुरा खाना चाहते हैं, तो चावल के आटे की पूड़ी बेहतरीन है। इसे मसालेदार टमाटर की चटनी या कद्दू की सब्जी के साथ पेश किया जा सकता है। 7. हाजमेदार 'अजवाइन-मेथी मसाला पूड़ी' जीरा, सौंफ, अजवाइन और भुने हुए मेथी दाने का मिश्रण तैयार करें। जब सब्जी बनाने का समय न हो, तो बस इस मसाले को आटे में मिलाएं और तल लें। यह पूड़ी सफर के लिए भी सबसे अच्छी मानी जाती है। 8. 'जूस फ्लेवर' पूड़ी यह एक अनोखा और हेल्दी प्रयोग है। यदि आप सुबह सब्जियों (जैसे लौकी, खीरा या गाजर) का जूस निकालते हैं, तो पानी के बजाय उस जूस से आटा गूंथें। इससे पूड़ियों में एक खास फ्लेवर आता है और पोषण की मात्रा भी बढ़ जाती है।
सांवली त्वचा पर भी आएगा नेचुरल ग्लो, अपनाएं ये असरदार टिप्स
13 May, 2026 01:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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सुंदरता का असली पैमाना रंग नहीं, बल्कि स्वस्थ और दमकती हुई त्वचा है। आज के दौर में प्रदूषण, धूल-मिट्टी और तनाव के कारण त्वचा अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगती है। अक्सर लोग सांवली रंगत को दबाने की कोशिश करते हैं, जबकि जरूरत इसे सही देखभाल से निखारने की है। महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बजाय आप अपनी जीवनशैली में थोड़े से बदलाव और घरेलू नुस्खों से 'नेचुरल ग्लो' पा सकते हैं। आइए जानते हैं वे 5 प्रभावी तरीके, जो आपकी त्वचा को स्वस्थ और खूबसूरत बनाने में मदद करेंगे: 1. गहराई से सफाई (क्लींजिंग) दिन भर की धूल और पसीना रोमछिद्रों को बंद कर देते हैं, जिससे त्वचा बेजान दिखने लगती है। दिन में कम से कम दो बार हल्के फेस वॉश का उपयोग करें। रात को सोने से पहले चेहरा साफ करना न भूलें। हफ्ते में एक बार स्क्रब (Exfoliation) जरूर करें ताकि मृत कोशिकाएं (Dead Skin) निकल सकें, लेकिन ध्यान रहे कि त्वचा को ज्यादा जोर से न रगड़ें। 2. रसोई में छिपा है खूबसूरती का राज आपकी रसोई प्राकृतिक औषधियों का खजाना है। दही और हल्दी: यह पैक टैनिंग को हटाकर त्वचा को कोमल बनाता है। बेसन और गुलाब जल: यह चेहरे के अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करता है और चमक लाता है। कच्चा दूध: यह एक बेहतरीन नेचुरल क्लींजर है। एलोवेरा: त्वचा को ठंडक देने के साथ-साथ दाग-धब्बे कम करने में सहायक है। (नोट: उपयोग से पहले गर्दन या हाथ पर पैच टेस्ट जरूर करें।) 3. धूप से सुरक्षा अनिवार्य सांवली त्वचा में मेलानिन अधिक होता है, लेकिन फिर भी सूरज की यूवी किरणें पिगमेंटेशन और टैनिंग बढ़ा सकती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय अच्छी क्वालिटी का सनस्क्रीन जरूर लगाएं। यदि आप लंबे समय तक धूप में हैं, तो हर 3-4 घंटे में इसे दोबारा लगाएं और दुपट्टे या कैप का उपयोग करें। 4. मॉइस्चराइजिंग से बढ़ाएं ग्लो रूखी त्वचा कभी भी चमकदार नहीं दिख सकती। अपनी स्किन टाइप के अनुसार एक अच्छे मॉइस्चराइजर का चुनाव करें। रात में बादाम या नारियल तेल की हल्की मालिश त्वचा को अंदर से पोषण देती है। खासकर सर्दियों में हाइड्रेशन का खास ख्याल रखें, जिससे रंगत में निखार बना रहे। 5. खान-पान और भरपूर नींद कहा जाता है कि आपकी त्वचा वही दर्शाती है जो आप खाते हैं। आहार: विटामिन-C से भरपूर फल जैसे संतरा, पपीता और अनार लें। सब्जियों में गाजर और पालक को शामिल करें। पानी: दिन भर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकल सकें। नींद: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें। नींद की कमी और तनाव सीधे चेहरे पर नजर आते हैं, इसलिए योग और ध्यान (Meditation) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
गर्मियों में टिफिन खराब होने से परेशान? अपनाएं ये आसान फूड ऑप्शंस
11 May, 2026 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
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मई और जून की चिलचिलाती गर्मी में सबसे बड़ी चुनौती होती है दोपहर के भोजन को खराब होने से बचाना। ऑफिस, स्कूल या यात्रा के दौरान अक्सर खाना कुछ ही घंटों में बेस्वाद और दूषित होने लगता है, जिससे सेहत बिगड़ने का डर बना रहता है। खासकर दही, क्रीम और अधिक ग्रेवी वाली चीजें इस मौसम में जल्दी खराब होती हैं। ऐसे में यह सवाल हर किसी को परेशान करता है कि टिफिन में ऐसा क्या पैक करें जो घंटों तक ताजा, स्वादिष्ट और सेहतमंद बना रहे। यदि आप भी रोजाना एक जैसा सूखा खाना खाकर बोर हो गए हैं, तो यहाँ कुछ बेहतरीन टिफिन विकल्प दिए जा रहे हैं जो भीषण गर्मी में भी लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं। गर्मी के लिए बेहतरीन टिफिन विकल्प मसाला पराठा और सूखी आलू की सब्जी: मसाला पराठा गर्मी के लिए सबसे टिकाऊ विकल्प है। इसमें नमी कम होने के कारण यह जल्दी खराब नहीं होता। आटे में अजवाइन और मसालों का प्रयोग इसे स्वादिष्ट बनाता है। इसके साथ बिना प्याज-टमाटर वाली सूखी आलू भुजिया पैक करें; यह मेल 6-7 घंटों तक आसानी से फ्रेश रहता है। सब्जियों वाला पुलाव: हल्का और पौष्टिक भोजन चाहने वालों के लिए वेज पुलाव एक शानदार चुनाव है। इसमें बीन्स, गाजर और मटर जैसी सब्जियां डालकर इसे हेल्दी बनाएं। ध्यान रखें कि पुलाव को पूरी तरह ठंडा करने के बाद ही ढक्कन बंद करें। साथ में भुनी हुई मूंगफली स्वाद और प्रोटीन दोनों बढ़ा देती है। बेसन चीला रोल: बेसन से बनी डिशेज गर्मी में ज्यादा सुरक्षित रहती हैं। आप बेसन के चीले में सूखी सब्जियां भरकर उसे रोल का रूप दे सकते हैं। यह बच्चों के लिए भी एक पसंदीदा विकल्प है। इसे गीली चटनी के बजाय सूखी लहसुन की चटनी के साथ रखना बेहतर होता है। इडली और सूखी चटनी: दक्षिण भारतीय व्यंजनों में इडली सबसे हल्का और सुपाच्य भोजन है। गर्मी में यह पेट को भी राहत देती है। चूंकि नारियल की गीली चटनी जल्दी खराब हो सकती है, इसलिए इसके साथ 'गन पाउडर' या नारियल की सूखी चटनी का इस्तेमाल करें। सत्तू का पराठा और अचार: उत्तर भारत में सत्तू का सेवन गर्मी से बचने का पारंपरिक तरीका है। सत्तू का पराठा न केवल लंबे समय तक सुरक्षित रहता है, बल्कि यह शरीर को ठंडक भी पहुँचाता है। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर यह पराठा सफर के लिए भी सबसे भरोसेमंद माना जाता है। खास टिफिन टिप्स: खाना हमेशा पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही पैक करें, ताकि भाप से नमी न बने। गर्मी में प्याज और टमाटर की ग्रेवी वाले खाने से परहेज करें। टिफिन के साथ एक छोटा कूलर बैग या इंसुलेटेड बैग इस्तेमाल करना खाने की लाइफ बढ़ा सकता है।
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