लाइफ स्टाइल
यूपीएससी की तैयारी इस प्रकार करें
28 May, 2026 03:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) यानी की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। परीक्षा में अच्छा स्कोर पाने के लिए स्टूडेंट्स को खूब किताबें भी पढ़नी पड़ती हैं। इसके लिए छात्र एनसीईआरटी की किताबें भी पढ़ते हैं। माना जाता है कि एनसीईआरटी की किताबों से इन परीक्षाओं का आधार तैयार होता है। जिससे उम्मीदवारों को सभी विषय के बेसिक को समझने में आसानी होती है। हालांकि यूपीएससी की परीक्षा के लिए छात्रों को अलग-अलग तरह की किताबें पढ़नी पड़ती हैं। ऐसे में इतनी सारी किताबें ले पाना हर उम्मीदवार के बस की बात नहीं है। इसलिए अगर आप भी यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं । प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के लिए एनसीईआरटी की किताबों को पढ़े। इसके लिए आप इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर क्लास 6 से लेकर 12 तक की किताबें मुफ्त में पीडीएफ के जरिए पढ़ सकते हैं।ई-पाठशाला एक सरकारी प्लेटफॉर्म है। जहां पर आप यूपीएससी की तैयारी के लिए फ्री में अपनी किताबें प्राप्त कर सकते हैं। यहां पर एनसीआरटी की किताबें भी आपको फ्री में मिलेंगी। आप इन किताबों को ऑनलाइन पढ़ने के साथ डाउनलोड भी कर सकते हैं। ई-पाठशाला प्लेटफॉर्म पर आपको ऑडियो-विजुअल कंटेंट भी मिल जाएगा।
सरकारी लाइब्रेरी
यूपीएससी की तैयारी के लिए आप सरकारी लाइब्रेरी का भी लाभ उठा सकते हैं। आप अपने शहर की सरकारी लाइब्रेरी की मेंबरशिप ले लें। यहां सभी प्रकार की किताबें मिल जाएंगी।
सोशल मीडिया की लें मदद
अगर आप भी UPSC की तैयारी कर रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई ऑनलाइन ग्रुप्स बने हैं, जहां पर यूपीएससी के छात्र एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और स्टडी मटेरियल एक-दूसरे से शेयर करते हैं। ऐसे में आप आराम से प्रैक्टिस क्वेश्चन, वैल्युएबल नोट्स और करंट अफेयर्स मटेरियल प्राप्त कर सकते हैं।राज्य सरकारें और कई संगठन आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स को फ्री कोचिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
विदेश मंत्रालय में प्रतिनियुक्ति पर 60 अनुभाग अधिकारी के पदों पर भर्ती निकली
28 May, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकारी नौकरी में कार्यरत उन युवाओं और अधिकारियों के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है, जो करियर में नई दिशा तलाश रहे हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने अपने 20 क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (आरपीओ) में अनुभाग अधिकारी (सेक्शन ऑफिसर) या समकक्ष के 60 पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती शुरू में दो साल के लिए होगी, जिसे मौजूदा नियमों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है।
इन रिक्तियों के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 17 जुलाई, 2024 तय की गई है। ऐसे में पात्र और इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करें। इन पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों का केंद्र सरकार के किसी भी मंत्रालय, विभाग या कार्यालय में कार्यरत होना अनिवार्य है। वे उम्मीदवार जो वेतन मैट्रिक्स के स्तर 8/10 में समान पदों पर नियमित रूप से कार्यरत अधिकारी हैं, इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।आवश्यक योग्यता के तौर पर, अधिकारियों के पास उत्कृष्ट प्रबंधकीय और पारस्परिक कौशल होना चाहिए, जो उन्हें अन्य संगठनों, मंत्रालयों और विभागों के साथ प्रभावी ढंग से संपर्क स्थापित करने में सक्षम बनाता हो। इसके साथ ही, अच्छी नोटिंग और ड्राफ्टिंग कौशल के साथ-साथ मजबूत संचार क्षमता भी अपेक्षित है। उम्मीदवारों को भारत सरकार के मंत्रालयों, विभागों, संबद्ध या अधीनस्थ कार्यालयों में अनुभाग अधिकारी या समकक्ष पद पर कार्य करने का अनुभव होना चाहिए। विशेष रूप से प्रशासन एवं स्थापना, नीति, अदालती मामलों, सूचना एवं सूचना के अधिकार, वित्त एवं लेखा, लेखापरीक्षा और लोक व्यवहार से संबंधित मामलों को संभालने का पूर्व अनुभव भी मांगा गया है।आवेदकों की अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 1 जनवरी, 2024 के आधार पर की जाएगी। पद पर चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स का स्तर 8/10 (सातवें सीपीसी के अनुसार) प्रति माह वेतन मिलेगा, साथ ही अन्य सरकारी लाभ और भत्ते भी दिए जाएंगे।आवेदन करने के लिए इच्छुक उम्मीदवार सबसे पहले विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर संबंधित पद के लिए जारी अधिसूचना लिंक पर क्लिक करें। अधिसूचना में दिए गए आवेदन पत्र को डाउनलोड कर उसका प्रिंट आउट निकाल लें। फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी सावधानीपूर्वक दर्ज करें और सभी संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां आवेदन के साथ संलग्न करें। अंत में, भरे हुए आवेदन पत्र और संलग्न दस्तावेजों को एक लिफाफे में डालकर उसे प्रशासनिक अधिकारी (कैडर), पीएसपी डिवीजन, विदेश मंत्रालय, कमरा नंबर 26, पटियाला हाउस, नई दिल्ली के पते पर स्पीड पोस्ट या पंजीकृत डाक के माध्यम से भेज दें।
हेल्थकेयर पेशेवरों की मांग बढ रही
28 May, 2026 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुनियाभर में हेल्थकेयर पेशेवरों की मांग बढ़ती जा रही है। मंदी के दौर में भी इस सेक्टर पर कोई असर नहीं पड़ता है। हर साल करोड़ों छात्र एमबीबीएस, बीडीएस, बीएचएमएस जैसे कोर्स की पढ़ाई करने के लिए मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेते हैं। इसी कारण दुनिया भर में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ती जा रही है पर इसमें भी भारत पहले नंबर पर है। दुनिया में सबसे ज्यादा मेडिकल कॉलेज भारत में हैं। भारत में मेडिकल एजुकेशन पर बहुत ध्यान दिया जाता है। साल 2024 तक, भारत में कुल 780 मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए थे। इसमें सरकारी और निजी, दोनों शामिल हैं। यह संख्या 2014 से पहले 387 थी, जो अब 102 फीसदी की दर के साथ 780 तक पहुंच गई है। भारत में हर साल करीब 1,18,137 एमबीबीएस ग्रेजुएट्स तैयार होते हैं। यह आंकड़ा 2024 के अनुसार है, जब मेडिकल सीटों की संख्या 51,348 (2014 से पहले) से बढ़कर 1,18,137 हो गई थी यानी 130 फीसदी की वृद्धि इसमें सिर्फ एमबीबीएस शामिल है। अगर पोस्टग्रेजुएट (एमडी और एमएस ) को जोड़ा जाए तो संख्या और बढ़ जाएगी। वहीं साल 2022-23 में पीजी सीटें 64,059 थीं। एमबीबीएस की सीटें सरकारी और निजी कॉलेजों में बंटी हुई हैं। निजी मेडिकल कॉलेज की फीस सरकारी कॉलेज की तुलना में ज्यादा होती है।
एमबीबीएस सीटें: 1,18,137 (2024 तक).
भारत के तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मेडिकल कालेज 74 हैं वहीं इसमें लगभग 11,000 से अधिक सीटें हैं।
उत्तर प्रदेश में 68 कॉलेज, सीटें लगभग 9,000 से अधिक हैं।
कर्नाटक में 70 कॉलेज में 11,745 से अधिक सीटें हैं।
वहीं चीन में 2018 तक चीन में 420 मेडिकल संस्थान थे। वहां हर साल लगभग 4,00,000 डॉक्टर तैयार होते हैं। कॉलेजों की संख्या भारत से कम है, लेकिन उनकी आबादी (1.4 अरब) और बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण के कारण डॉक्टरों की संख्या ज्यादा है।
अमेरिका में अमेरिका में 2023 तक कुल 171 मेडिकल स्कूल थे। यहां हर साल लगभग 20,000-25,000 डॉक्टर निकलते हैं।
आगे बढ़ने तकनीकी रुप से अपडेट रहें
28 May, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दूनियाभर में तेजी से हो रहे बदलावों को देखते हुए अब कैरियर बनाने के दौरान सब क्षेत्रों में पारंगत (ऑलराउंडर)
होना होगा। इसके साथ ही तकनीकी रुप से भी अपडेट रहना होगा। आज के बदलते परिवेश में अच्छा कैरियर हांसिल करने के लिए कई क्षेत्रों में परंपरागत होना पड़ता है। आज मेहनत या पसीना बहाने वालों को ही बेहतर काम नहीं मिलता। कैरियर की दौड़ में कछुआ चाल कामयाबी की गारंटी हरगिज नहीं हो सकती है। आज कछुआ नहीं बल्कि तेज-तर्रार खरगोश ही सफलता का पर्याय माना जाता है। कैरियर बनाने के लिए करें ये बदलाव
कौशल बढ़ाएं-
मौजूदा परिस्थिति में केवल डिग्रियों से ही सफलता की नहीं मिल सकती है। अपने अंदर झांककर अपनी प्रतिभा को टटोलें कि किन क्षेत्रों में आप अपनी दक्षता को विकसित कर बाजी मार सकते हैं। जो क्षेत्र आपको सर्वाधिक उपयुक्त लगे, उसमें विशेषज्ञों की सलाह लेकर अपना कौशल बढ़ाएं।
आत्मविश्वास बढ़ाए-
जीवन के कुरूक्षेत्र में आधी लड़ाई तो आत्मविश्वास द्वारा ही लड़ी जाती है। यदि योग्यता के साथ आत्मविश्वास विकसित किया जाए तो कैरियर के कुरूक्षेत्र में आपको कोई पराजित नहीं कर पाएगा। अध्ययन के साथ-साथ उन गतिविधियों में भी हिस्सा लें, जिनसे आपका आत्मविश्वास बढ़े। कार्यशालाओं और व्यक्तित्व विकास वाली संस्थाओं में यही सब तो किया जाता है।
अधिक से अधिक लोगों से मिलें -
याद रखें यह जमाना ही सूचना प्रौद्योगिकी का है। यहां जितनी जानकारी, जितनी संचनाएं आपके पास होंगी, कैरियरनिर्माण की राह उतनी ही आसान होगी। कूपमंडूकता छोड़ ज्यादा लोगों से मिलें, उन्हें अपनी जानकारी दें उनकी जानकारी लें। आपके जानने वालों का संजाल जितनी लंबा होगा सफलता उतनी ही आपके करीब होगी क्योंकी संपर्क सफलता में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता है।
वास्तविक बने-
झूठ ज्यादा देर टिकता नहीं है। अपने बारे में सही आकलन कर वास्तविक तस्वीर पेश करें। निष्ठापूर्ण व्यवहार की सभी कद्र करते हैं। अपने काम के प्रति आपकी ईमानदारी आपको कैरियर निर्माण से सर्वोच्च स्थान दिला सकती है। भूलें नहीं कार्य ही पूजा है।
अतिमहत्वाकांक्षी ठीक नहीं
प्रत्येक इंसान में महत्वाकांक्षा का होना जितना अच्छा है, उसकी अतिमहत्वाकांक्षा उतनी ही नुकनानदायक होती है क्योंकि अति सर्वत्र वर्जयेत। किसी करिश्में की उम्मीद न करें। सभी चीजें समय पर ही मिलती हैं। पहले अनुभव प्राप्त करें, फिर आकांक्षा करें।
तकनीक के साथ साथ चलें -
पुराना भले ही सुहाना माना जाता हो, लेकिन आज की प्रतिस्पर्धा में नई तकनीक महत्व नकारा नहीं जा सकता है। किसी भी क्षेत्र में प्रवेश से पहले पूछा जाजा है, क्या कंप्यूटर चलाना आता है? कंम्प्यूटर के आधारभूत ज्ञान के बजाय थोड़ी प्रैटिक्ली दिलचस्पी दिखाएं क्योंकि यही वह अलादीन है, जो कैरियर निर्माण की हर मांग को पूरा कर सकता है।
तनावमुक्त होकर कार्य करें-
अक्सर देखा गया है कि कैरियर निर्माण की चिंता में लोग घर परिवार को भूल जाते हैं। परेशानी और तकलीफ के वक्त परिवार ही काम आता है। इसलिए परिवार को पर्याप्त समय दें। पारिवारिक अमोद-प्रमोद से कैरियर का संघर्ष आसान हो जाता है। तथा आप तनावमुक्त होकर कैरियर निर्माण की राह पर अग्रसर हो सकते हैं।
मिलकर काम करें
जो सभी के साथ मिलकर काम करना सीख लेता है वह पीछे मुड़कर नहीं देखता क्योंकि टीमवर्क के रूप में कार्य करना ही मैनेजमेंट का मूलमंत्र है।
समय के अनुसार बदलें-
आज कैरियर निर्माण बाजार में उपलब्ध उपभोक्ता वस्तुओं की तरह हो गया है। प्रतिस्पर्धा के बाजार में वही वस्तु टिक सकती है जिसमें समयानुसार ढलने की प्रवृति हो। कैरियर के बाजार में अपना मूल्य समझे और स्वयं को बिकाऊ बनाने का प्रयास करें। ध्यान रहे परिवर्तन ही संसार का नियम है।
नई तकनीक अपनायें
नई तकनीक की कैयिर निर्माण में हमेशा मांग रहती है। इससे पहले की कोई नई तकनीक पुरानी हो जाए आप उसके उस्ताद बन जाएं। जैसे-जैसे तकनीक आती जाए उससे तालमेल करना सीख लें। अपने ज्ञान को परिमार्जित करते रहें। भविष्य उसी का होता है, जो अपने श्रेष्ठतम तरीके से अनुकूल रूप से ढाल लेता है।
साक्षात्कार का इस प्रकार सामना करें
28 May, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किसी भी नौकरी में साक्षात्कार सबसे अहम होता है। उससे नियोक्ता आपके बारे में अनुमान लगा लेता है। इसलिए जब भी हम किसी साक्षात्कार के लिए जाते तो सबसे पहले यही सवाल किया जाता है कि आप अपने बारे में कुछ बताएं। हालांकि इस सवाल के जवाब में आपको एक तरह से अपने रिज्यूमे को समझना होता है। भले ही यह सवाल आसान लगता है, लेकिन सिर्फ इस सवाल के जवाब से ही आप अपनी नौकरी पक्की कर सकते हैं। आप इस सवाल के जवाब में एक स्पष्ट और संक्षिप्त कहानी पर ध्यान केंद्रित करें। जिससे कि आपकी योग्यता प्रबंधकों के सामने साबित हो सके। वहीं नियोक्ता का ध्यान बनाए रखने के लिए आपको 2 मिनट के कम समय में उत्तर बताना जरूरी है।
अनुभव करें हाइलाइट
अगर आपका साक्षात्कार है तो आप काम का अनुभव बताने की बजाय नई भूमिका के अनुरूप अपने जवाब तैयार करें। आप जिस पद के लिए साक्षात्कार दे रहे हैं, उस पद से संबंधित अपनी पिछली उपलब्धियों, क्षमताओं और कौशल के बारे में बात करें। आप मेल खाती नौकरी के बारे में बताकर प्रबंधकों का ध्यान अपनी तरफ कर सकते हैं। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि आपके पास इस पद के लिए प्रासंगिक कार्य अनुभव है।
बदलाव की वजह स्पष्ट करें
अगर आप भी बार-बार नौकरी बदलते रहते हैं। तो ऐसा करने के पीछे के कारणों को पूरे आत्मविश्वास के साथ स्पष्ट करें। वहीं अगर आपको पिछली नौकरी से इसलिए निकाला गया, क्योंकि आप अपना प्रदर्शन नहीं कर पाए थे, तो इसको भी सकारात्मक पक्ष के तौर पर पेश करें।
अपनी क्षमताएं बताएं
आप साक्षात्कार में उन कारणों को भी बताना चाहिए, जिन विशेषताओं के आधार पर आपको पिछली नौकरी मिली थी। ऐसा करने से प्रबंधक को आपके पेशेवर प्रतिष्ठा के बारे में जानकारी होगी। वहीं अगर आप अपने कॅरियर में बदलाव किया है, तो उनके बारे में भी बताएं कि यह किस तरह से आपके लिए रणनीतिक कदम साबित हुआ है।
अपना अनुभव व रुख साझा करें
अगर आप किसी अच्छी संस्था में काम करना चाहते हैं, तो खुद को अन्य उम्मीदवार की तुलना में बेहतर तरीके से पेश करें। आप प्रबंधन के सामने अपने अनुभव, कौशल और दृष्टिकोणों को साझा करें। वहीं आपके द्वारा अपनाई जाने वाली नई भूमिका में भी योगदान दे सकते हैं। आप अपने मूल्यों और रचनात्मकता के बारे में भी दिखा सकते हैं।
अब लाइन में लगने की जरूरत नहीं, घर से लें Aadhaar Update Appointment
23 May, 2026 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हमारे दैनिक जीवन के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए आधार कार्ड एक बेहद जरूरी दस्तावेज बन चुका है। लेकिन यदि इसमें दर्ज कोई भी जानकारी गलत हो, तो हमारे कई जरूरी काम बीच में ही अटक सकते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि आधार कार्ड की किसी भी त्रुटि (गलती) को समय रहते सुधार लिया जाए।यूं तो आधार कार्ड की कई जानकारियों को ऑनलाइन ही अपडेट किया जा सकता है, लेकिन कुछ बदलावों के लिए आज भी आधार सेवा केंद्र जाना अनिवार्य होता है। आधार केंद्र पर लगने वाली लंबी कतारों और समय की बर्बादी से बचने के लिए आप घर बैठे ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया:
आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और भाषा का चयन करें
आधार केंद्र के लिए अपॉइंटमेंट बुक करने की शुरुआत यूआईडीएआई (UIDAI) की ऑफिशियल वेबसाइट से होती है। सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर [https://uidai.gov.in/](https://uidai.gov.in/) लिंक को ओपन करें। वेबसाइट खुलने के बाद अपनी सुविधानुसार पसंदीदा भाषा (जैसे हिंदी या अंग्रेजी) का चुनाव करें। इसके बाद होमपेज पर दिखाई दे रहे 'My Aadhaar' (माय आधार) वाले विकल्प पर जाएं।
अपॉइंटमेंट का विकल्प चुनें और वेरिफिकेशन पूरा करें
'My Aadhaar' सेक्शन में जाने के बाद आपको 'Book an Appointment' (अपॉइंटमेंट बुक करें) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। इसके बाद खुले नए पेज पर आपको अपना नाम और आधार नंबर दर्ज करना होगा। जानकारी भरने के बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा, उसे तय बॉक्स में भरकर अपना वेरिफिकेशन पूरा करें।
नजदीकी केंद्र, समय और फीस का भुगतान करें
वेरिफिकेशन के बाद अपने क्षेत्र का पिन कोड डालकर नजदीकी आधार सेवा केंद्र को खोजें। केंद्र का चयन करने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और उपलब्ध टाइम स्लॉट (समय) को चुनें। इसके बाद आपको वह विकल्प चुनना होगा जिसमें आप सुधार करवाना चाहते हैं। अंत में, सुधार के लिए तय की गई सरकारी फीस का ऑनलाइन भुगतान करें। इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद आप तय समय पर सीधे आधार केंद्र जाकर बिना लाइन में लगे अपना काम करवा सकते हैं।
इग्नू से फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइन में बीएससी करें
21 May, 2026 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू से फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइन में बीएससी प्रोग्राम शुरु किया है। यह कोर्स 4 साल का स्नातक कार्यक्रम है। ये ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के तहत होगा। इसमें छात्र घर बैठे पढ़ाई करेंगे। इस पाठ्यक्रम का लक्ष्य है कि छात्रों को टेक्सटाइल, फैशन डिजाइन और कपड़ों के निर्माण की अच्छी समझ हो। इस कोर्स में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल स्किल्स पर भी जोर दिया गया है, जिससे छात्र आगे चलकर फैशन और टैक्सटाइल इंडस्ट्री में करियर बना सकें।
क्या योग्यता चाहिए?
फैब्रिक और अपैरल डिजाइन में बीएससी के लिए वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने अंग्रेजी माध्यम से विज्ञान विषय के साथ 12वीं कक्षा पास की हो।
अगर आप 12वीं पास किए हुए हैं और 3 से 6 वर्ष पूरे हो गए हैं, तो आवेदन के पात्र होंगे।
पंजीकरण और विकास शुल्क को छोड़कर, इस प्रोग्राम की फीस 11,000 रुपये प्रति वर्ष है। यह बीएससी प्रोग्राम कुल 120 क्रेडिट का है।
आपको बता दें कि, इस कोर्स की अवधि तीन साल है।
इस कोर्स के लिए परीक्षाएं हर साल आयोजित की जाएगी।
बीएससी प्रोग्राम में मल्टीपल एग्जिट विकल्प क्या है?
इस बीएससी फैब्रिक एंड अपरैल डिजाइन पाठ्यक्रम के तहत छात्रों को प्रिंट और डिजिटल दोनों रूपों में अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे देशभर के छात्र अब आसानी से पढ़ाई कर पाएंगे। इस प्रोग्राम में मल्टीपल एग्जिट ऑप्शन भी दिए गए हैं। पहले साल के बाद छात्रों को यूजी सर्टिफिकेट, दूसरे साल में यूजी डिप्लोमा, तीसरे साल के बाद बीएससी डिग्री और चौथे वर्ष के बाद बीएससी (ऑनर्स) की डिग्री दी जाएगी।
युवाओं के लिए करियर बनाने का सुनहरा अवसर बना ट्यूशन और कोचिंग
21 May, 2026 01:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिक्षा क्षेत्र में भी आजकर अच्छें अवसर है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही माध्यमों में ट्यूशन और कोचिंग की मांग इतनी बढ़ गई है कि यह युवाओं के लिए करियर बनाने का सुनहरा मौका बन गया है। पहले जहां ट्यूशन केवल अतिरिक्त आय का जरिया माना जाता था, वहीं अब यह एक स्थायी और प्रतिष्ठित पेशा बन चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार और प्रतियोगी परीक्षाओं की बढ़ती संख्या ने इस क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को कई गुना बढ़ा दिया है।
कोचिंग और ट्यूशन इंडस्ट्री की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें किसी भारी निवेश की जरूरत नहीं होती। यदि किसी के पास विषय का अच्छा ज्ञान, पढ़ाने की कला और छात्रों को समझने की क्षमता है, तो वह आसानी से इस क्षेत्र में करियर शुरू कर सकता है। आज स्कूल स्तर से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल, बैंकिंग, सिविल सर्विस और सरकारी नौकरी की तैयारी तक, हर स्तर पर कोचिंग की मांग बढ़ी है। इसके अलावा, अंग्रेजी बोलने, व्यक्तित्व विकास, कंप्यूटर शिक्षा, ग्राफिक डिजाइनिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्सों में भी प्रशिक्षक और ट्यूटर की जरूरत बढ़ रही है।डिजिटल शिक्षा ने इस क्षेत्र को नई दिशा दी है। अब शिक्षक न केवल अपने शहर में बल्कि देश और विदेश में भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए छात्रों को पढ़ा सकते हैं। वहीं, स्वतंत्र रूप से काम करने वाले ट्यूटर्स भी कई पोर्टल्स पर अपनी प्रोफाइल बनाकर पढ़ाने का अवसर पा रहे हैं। इससे घर बैठे अच्छा खासा सम्मान और आय दोनों अर्जित की जा सकती है।ट्यूशन और कोचिंग क्षेत्र में करियर के लिए किसी विशेष डिग्री की अनिवार्यता नहीं है, लेकिन विषय में गहराई और विद्यार्थियों के साथ संवाद कौशल बहुत जरूरी है। अच्छे शिक्षकों की कमाई आज लाखों रुपये सालाना तक पहुंच चुकी है। छोटे शहरों में भी एक सफल कोचिंग सेंटर चलाने वाले शिक्षकों को स्थिर आय और सामाजिक प्रतिष्ठा दोनों मिलती है।
ह्यूमन रिसॉर्स मैनेजमेंट में अच्छे अवसर
21 May, 2026 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
निजी क्षेत्र में आजकल सेल्स, ब्रैंड मैनेजमेंट या मार्केट रिसर्च में काफी संभावनाएं हैं हालांकि इसके लिए आपकी कम्यूनिकेशन स्किल्स (संवाद शैली) काफी बेहतर होनी चाहिए। मैनेजमेंट के क्षेत्र में ये विकल्प मौजूद हैंह्यूमन रिसॉर्स मैनेजमेंट में काम करने वाले लोगों पर पूरे ऑफिस के लोगों का मैनेजमेंट होता है। इसके लिए आपके पास अच्छा व्यक्तित्व, अच्छी तरह बात करने की क्षमता और रिश्ते बनाने की कला का होना बेहद जरूरी है।
स्पेशलाइज्ड एमबीए
कुछ इंस्टिट्यूस प्लेसमेंट्स को ध्यान में रखकर कोर्स ऑफर कर रहे हैं, जिनमें रूरल मैनेजमेंट, रिटेल मैनेजमेंट, टेलिकॉम मैनेजमेंट, इंश्योरेंस मैनेजमेंट, फॉरिन ट्रेड हैं।इस तरह के हैं कोर्स में एमबीए में दो साल की डिग्री के अलावा, एक साल का फुल टाइम प्रोग्राम, पार्ट टाइम एमबीए, डिस्टेंस लर्निंग एमबीए जैसे विकल्प हैं हालांकि हर विषय की अपनी-अपनी खूबी और खामियां हैं।
ऑपरेशंस मैनेजमेंट
अगर आप विपरीत परिस्थितियों को आसानी से हैंडल कर लेते हैं और तकनीक में आपकी रुचि है, तो आप यह स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। यह क्वॉलिटी कंट्रोल और प्रॉडक्टिविटी इंप्रूवमेंट में अहम भूमिका निभाता है।
फाइनैंस
ये लोग बैक एंड पर काम करते हैं और इंवेस्टमेंट बैंकिंग, मर्चेंट बैंकिंग, कॉरपोरेट फाइनेंस वगैरह की रीढ़ की हड्डी होते हैं।
सिस्टम मैनेजमेंट
यह स्पेशलाइजेशन आईटी से ताल्लुक रखता है और अच्छी टेक्निकल व बिजनेस समझ रखने वालों के लिए यह बेहतर रहता है। इसके बाद आपको सिस्टम कंसल्टेंसी, अकाउंट या प्रॉजेक्ट मैनेजमेंट वगैरह में प्लेसमेंट मिल सकता है।
कमर्शियल पायलट बनकर संवारे करियर
21 May, 2026 01:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अगर आप 12वीं के बाद अपने कॅरियर को नई दिशा देना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ शॉर्ट टर्म कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
इसमें अच्छा पैसा और काफी अवसर हैं। वहीं आज के दौर में इनकी काफी मांग है।
कमर्शियल पायलट
एविएशन सेक्टर में बढ़ती ग्रोथ देखते हुए कमर्शियल पायलट की भी मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि भारत में कमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने वालों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है।इसके लिए अभ्यर्थी को किसी भी डिग्री की जरूरत नहीं है। इस फील्ड में अपना कॅरियर बनाने के लिए साइंस स्ट्रीम से न्यूनतम 50% अंकों से 12वीं पास अभ्यर्थी कर्मशियल पायलट बन सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन के लिए एंट्रेस टेस्ट देना होगा और कर्मशियल पालयट का लाइसेंस भी लेना होगा।
इंटीरियर डिजाइनर की बढ़ी मांग
इंटीरियर डिजाइनिंग के फील्ड में जाने के लिए युवाओं को डिग्री की जरूरत नहीं है। इस फील्ड में कॅरियर बनाने के लिए अभ्यर्थी साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करने के बाद सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में इंटर्नशिप करने के बाद आप इस फील्ड में अपना शानदार कॅरियर बना सकते हैं।
ग्राफिक डिजाइनर
बता दें कि वर्तमान समय में ग्राफिक डिजाइनर्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ग्राफिक डिजाइनिंग में स्किल्ड और पेशेवर अभ्यर्थियों को अच्छा सैलरी पैकेज दिया जाता है। इस नौकरी के लिए भी आपको डिग्री या फिर डिप्लोमा की जरूरत नहीं होती है। ब्रांड इडेंटिटि, डिजाइनर, लोगो, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग जैसी कई अन्य जरूरतों के लिए ग्राफिक डिजाइनर्स की जरूरत होती है। ऐसे में अभ्यर्थी इंटर्नशिप करने जॉब पा सकते हैं।
ड्रोन तकनीक से रोजगार के नए विकल्प मिले
21 May, 2026 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तकनीक के इस आधुनिक युग में ड्रोन अब केवल मनोरंजन या वीडियो शूटिंग का साधन नहीं रह गया है। यह अब कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने का माध्यम बन चुका है। भारत में ड्रोन तकनीक के तेजी से विस्तार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोले हैं। सरकार की “ड्रोन शक्ति योजना” और “मेक इन इंडिया” पहल ने इस क्षेत्र में निवेश और नवाचार दोनों को प्रोत्साहित किया है। आज देश के कई उद्योग ड्रोन विशेषज्ञों और प्रशिक्षित पायलटों की तलाश में हैं, जिससे युवाओं के लिए हजारों नौकरियों के द्वार खुल रहे हैं।ड्रोन का सबसे अधिक उपयोग कृषि क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। किसान अब खेतों की निगरानी, फसलों की सेहत का विश्लेषण, कीटनाशक छिड़काव और सिंचाई प्रबंधन के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं। सरकार भी “कृषि ड्रोन योजना” के तहत युवाओं को सब्सिडी और प्रशिक्षण प्रदान कर रही है ताकि वे ड्रोन ऑपरेटर के रूप में काम कर सकें। यह न केवल किसानों की उत्पादकता बढ़ा रहा है, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का नया साधन बन रहा है।ड्रोन तकनीक का दूसरा बड़ा उपयोग सर्वेक्षण और मैपिंग में हो रहा है। सड़क, रेलवे, रियल एस्टेट, खनन और शहरी विकास परियोजनाओं में ड्रोन की मदद से सटीक डेटा और 3डी मैपिंग तैयार की जाती है। इससे इंजीनियरिंग और सर्वे एजेंसियों को विशेषज्ञ ड्रोन ऑपरेटरों की जरूरत पड़ती है। इसी तरह, आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों में भी ड्रोन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बाढ़, भूकंप या आग जैसी स्थिति में ड्रोन की मदद से प्रभावित इलाकों की रीयल-टाइम जानकारी मिलती है, जिससे राहत दलों को समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलती है।
फिल्म और मीडिया उद्योग में भी ड्रोन ने नई दिशा दी है। अब फिल्मों, विज्ञापनों, और लाइव इवेंट्स की हवाई शूटिंग के लिए प्रशिक्षित ड्रोन कैमरा ऑपरेटरों की मांग बढ़ गई है। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस विभाग और रक्षा संगठन सीमाओं, भीड़भाड़ वाले इलाकों और बड़े आयोजनों की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग कर रहे हैं, जिससे युवाओं को टेक्निकल सपोर्ट और सर्विलांस ऑपरेटर के रूप में नौकरी मिल रही है।ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियां भी ड्रोन डिलीवरी सेवाओं पर प्रयोग कर रही हैं। आने वाले वर्षों में दवाओं, दस्तावेजों और छोटे सामानों की डिलीवरी ड्रोन के जरिए की जाएगी, जिससे ड्रोन पायलट, मेंटेनेंस इंजीनियर और रूट मैनेजर जैसे नए पद सृजित होंगे।विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में 2030 तक ड्रोन उद्योग एक लाख से अधिक नौकरियां पैदा कर सकता है।
डेंटिस्ट के लिए हैं अच्छे अवसर
15 May, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हेल्थ के प्रति बढ़ती जागरुकता के चलते डेंटिस्ट की लगातार मांग बढ़ रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में भी अच्छे अवसर है। इसलिए जो छात्र डेंटिस्ट बनना चाहते हैं उनके पास अच्छे अवसर हैं। ऐसे में जो छात्र मेडिकल फील्ड में रुचि रखते हैं, तो उनके लिए ये लाभप्रद साबित हो सकता है। डेंटिस्ट की पढ़ाई के लिए कई अच्छे संस्थान है। इसके लिए बीडीएस का कोर्स करना पड़ा है। इसमें चयन मेडिकल प्रवेश प्ररीक्षा नीट के जरिये होता है। जैसे सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज , मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस, डी वाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे , किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ आदि सबसे पहले नंबर चेन्नई के सविता इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड टेक्निकल साइंसेज का नाम है। वहीं दूसरे नंबर पर मणिपाल कॉलेज ऑफ डेंटल साइंस और तीसरे नंबर पर डी वाई पाटिल विद्यापीठ, पुणे है। इस लिस्ट में चौथे नंबर पर लखनऊ में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी का नाम है। यह देश के चार सबसे अच्छे कालेज हैं। सभी छात्र चाहते हैं कि वे इन संस्थानों में इतनी आसानी से एडमिशन नहीं मिलता है। वहीं इन कॉलेजों में एडमिशन लेने के लिए काफी मेहनत करनी होती है।
ये कोर्स कर बनायें अच्छा करियर
15 May, 2026 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गर आप 12वीं के बाद अपने कॅरियर को नई दिशा देना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको कुछ शॉर्ट टर्म कोर्स या सर्टिफिकेट कोर्स कर सकते हैं।
इसमें अच्छा पैसा और काफी अवसर हैं। वहीं आज के दौर में इनकी काफी मांग है।
एयर होस्टेस
वहीं एयर होस्टेस की नौकरी भी अच्छी मानी जाती है। अच्छी बात यह है कि एयर होस्टेस की नौकरी के लिए आपको किसी खास तरह की डिग्री की जरूरत नहीं होती है। 12वीं पास करने के बाद और कुछ शारीरिक मापदंडों को पूरा करने के बाद आप यह नौकरी पा सकते हैं।
कमर्शियल पायलट
एविएशन सेक्टर में बढ़ती ग्रोथ देखते हुए कमर्शियल पायलट की भी मांग लगातार बढ़ रही है। यही कारण है कि भारत में कमर्शियल पायलट लाइसेंस लेने वालों की संख्या में साल दर साल इजाफा हो रहा है।इसके लिए अभ्यर्थी को किसी भी डिग्री की जरूरत नहीं है। इस फील्ड में अपना कॅरियर बनाने के लिए साइंस स्ट्रीम से न्यूनतम 50% अंकों से 12वीं पास अभ्यर्थी कर्मशियल पायलट बन सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को फ्लाइंग स्कूल में एडमिशन के लिए एंट्रेस टेस्ट देना होगा और कर्मशियल पालयट का लाइसेंस भी लेना होगा।
ग्राफिक डिजाइनर
बता दें कि वर्तमान समय में ग्राफिक डिजाइनर्स की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ग्राफिक डिजाइनिंग में स्किल्ड और पेशेवर अभ्यर्थियों को अच्छा सैलरी पैकेज दिया जाता है। इस नौकरी के लिए भी आपको डिग्री या फिर डिप्लोमा की जरूरत नहीं होती है। ब्रांड इडेंटिटि, डिजाइनर, लोगो, फोटोग्राफी, वीडियो एडिटिंग जैसी कई अन्य जरूरतों के लिए ग्राफिक डिजाइनर्स की जरूरत होती है। ऐसे में अभ्यर्थी इंटर्नशिप करने जॉब पा सकते हैं।
इंटीरियर डिजाइनर
इंटीरियर डिजाइनिंग के फील्ड में जाने के लिए युवाओं को डिग्री की जरूरत नहीं है। इस फील्ड में कॅरियर बनाने के लिए अभ्यर्थी साइंस स्ट्रीम से 12वीं पास करने के बाद सीधे इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स कर सकते हैं। इस क्षेत्र में इंटर्नशिप करने के बाद आप इस फील्ड में अपना शानदार कॅरियर बना सकते हैं।
ज्वेलरी डिजाइन के क्षेत्र में बनाये करियर
15 May, 2026 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अगर आप किसी अलग क्षेत्र में कॅरियर बनाना चाहते हैं तो ज्वेलरी डिजाइन का है। ज्वेलरी डिजाइन के क्षेत्र में उतरें। इसमें आप किसी बड़ी डिग्री के बिना भी एक अच्छा पैकेज हासिल कर सकते हैं। इसमें सुंदरता, कारीगरी और रचनात्मकता को अधिक महत्व दिया जाता है।ज्वेलरी डिजाइन कोर्स सिर्फ अंगूठी या नेकलेस का डिजाइन बनाने से कहीं ज्यादा है। इसमें ज्वेलरी के सांस्कृतिक महत्व को समझने के साथ, फंक्शन, मटेरियल, फॉर्म और मार्केट की मांग को ध्यान में रखना शामिल है। ज्वेलरी डिजाइन में कलात्मक अभिव्यक्ति का विशेष स्थान होता है। लेकिन इसके साथ तकनीकी ज्ञान होना भी बहुत जरूरी होता है। इन कोर्स में छात्रों को धातु-रत्नों से लेकर कंप्यूटर आधारित डिजाइन तकनीकों के बारे में शिक्षा दी जाती है। इसमें 3डी मॉडलिंग, जेमोलॉजी और बहुमूल्य धातुओं की केमेस्ट्री भी सिखाई जाती है। यह कोर्स छात्रों को तकनीकी ज्ञान और रचनात्मकता के बीच संतुलन बनाना सिखाता है। इसके जरिए छात्र खुद को मार्केट के हिसाब से तैयार करते हैं।बता दें कि ज्वेलरी डिजाइनर सिर्फ आभूषण के डिजाइन पर ही नहीं बल्कि फैशन के रुझान और उपभोक्ता के व्यवहार की समझ होनी जरूरी है। इस कोर्स में वैश्विक बाजार, फैशन ट्रेंड्स और खरीददार की मानसिकता जैसी चीजों पर ध्यान दिया जाता है। इससे स्टूडेंट्स ऐसे आभूषण डिजाइन कर सकते हैं, जो दिखने में सुंदर और आकर्षक होने के साथ ही उपभोक्ता और बाजार के रुझानों में भी फिट हों।स्टूडेंट्स आभूषण स्टाइलिस्ट, जेमोलॉजिस्ट, आभूषण डिजाइनर, मर्चेंडाइजर और उद्यमी के तौर पर अपने कॅरियर को नई दिशा दे सकते हैं। स्टूडेंट्स डिजिटल मार्केटिंग और ई कॉमर्स के बढ़ते क्षेत्र के माध्यम से ज्वेलरी डिजाइनर ई-सेलर के तौर पर वैश्विक स्तर पर अपनी पहुंच बना सकते हैं। इसके जरिए छात्र न सिर्फ विदेश बल्कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने उत्पादों को बेच सकते हैं।
ट्रैवल जॉब्स के जरिये घूमने के साथ ही करें मोटी कमाई
15 May, 2026 04:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अगर आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं तो आजकल देश में कई ऐसे जॉब विकल्प हैं, जहां आप घूमते-घूमते अच्छी कमाई कर सकते हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रैवल जॉब्स में रहने, खाने, आने-जाने की सुविधा भी फ्री मिलती है। सबसे बढ़िया बात है कि ऐसी नौकरी के लिए अलग से छुट्टी लेने की भी कोई जरूरत नहीं।
ट्रैवल जॉब्स की खासियत है कि इन्हें फुल टाइम या पार्ट टाइम, अपनी सुविधा के हिसाब से कैसे भी कर सकते हैं। घूमने के साथ ही लिखने के भी शौकीन हैं तो ब्लॉग लिख सकते हैं या किसी ट्रैवल मैगजीन के साथ जुड़कर अपने सपने पूरे कर सकते हैं। वहीं कैमरा इको फ्रेंड्ली हैं तो वीडियो बनाकर दर्शकों को अपने साथ किसी अच्छी जगह पर घुमा सकते हैं। कई ऐसी ट्रैवल जॉब्स हैं, जिनमें लाखों की कमाई आसानी से की जा सकती है। टूर गाइड - ये टूरिस्ट स्पॉट्स पर उस जगह की खासियत और इतिहास बताते हुए नजर आते हैं। अगर आप घूमना पसंद करते हैं, इतिहास में दिलचस्पी है और संवाद शैली भी अच्छी है तो टूर गाइड बन सकते हैं। कई ट्रैवल एजेंसी टूर गाइड की वैकेंसी निकालती हैं। ट्रैवल एजेंसी यात्रियों के साथ अपना गाइड भेजती हैं। ट्रैवल गाइड के खाने और रहने का खर्च ट्रैवल एजेंसी की तरफ से दिया जाता है। कई यात्री इन्हें टिप भी देते हैं.इवेंट कोऑर्डिनेटर पिछले कुछ सालों में इवेंट कोऑर्डिनेटर की डिमांड काफी बढ़ गई है। मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन, ऑर्गनाइजेशनल, स्ट्रैटेजी बनाने जैसी स्किल्स में महारत हासिल है तो यह आपके लिए अच्छी नौकरी है। इसमें भी अगर आप वेडिंग प्लानर बन जाते हैं तो डेस्टिनेशन वेडिंग करवाने के बहाने अलग-अलग जगहों पर घूम सकते हैं। ट्रैवल व्लॉगर - दुनियाभर में बहुत लोगों ने ट्रैवल व्लॉगिंग को कमाई का जरिया बनाया हुआ है। ट्रैवल व्लॉगिंग ट्रेंडिंग करियर ऑप्शंस में शामिल है। अपनी हर यात्रा का वीडियो बनाकर यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि प्लेटफॉर्म्स पर शेयर करके आप ट्रैवल व्लॉगिंग की शुरुआत कर सकते हैं। आपके वीडियो पर जितने व्यूज आएंगे, उसी के हिसाब से आपको पेमेंट मिलेगी। यूट्यूब पर ट्रैवल व्लॉग पोस्ट करके लोग सालाना करोड़ों में कमाई कर रहे हैं।ईएसएल शिक्षक ()- अगर आपकी पढ़ाने में रुचि है और ईएसएल शिक्षक बनने की योग्यता है तो यह जॉब आपके लिए बेस्ट है। आप विदेश में रह रहे भारतीयों को अपनी मूल भाषा सिखा सकते हैं। इसके लिए स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। भारत में भी ईएसएल शिक्षकों की डिमांड बढ़ रही है। भारत में ईएसएल शिक्षक हर महीने 20-42 हजार रुपये की कमाई कर सकते हैं
'कोई चवन्नी चोर, तो कोई अठन्नी चोर': गोविंद सिंह डोटासरा का मंत्रियों पर सीधा और विवादित हमला, मर्यादा तार-तार
आग का तांडव: सिंगरौली में 6 दुकानें खाक, सिलेंडर फटने से हादसा
जब हौसले के आगे नतमस्तक हुआ सिस्टम: गंभीर बीमारी से जूझ रहे गर्वित ने एक दिन के लिए संभाली जिले की कमान
'स्टेडियम तोड़ने' के सवाल पर क्या बोले ललित मोदी? PM मोदी पर भी दिया जवाब
राजदूत ने घायलों से की बात, भारत की पूरी मदद का दिया भरोसा
सुरक्षा और आराम का डबल डोज: गीता जयंती एक्सप्रेस को मिले 22 एलएचबी कोच, जानें यात्रियों को क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं
ललित मोदी का दावा- 2008 का फैसला पड़ा महंगा, चुकानी पड़ी बड़ी कीमत
ललित मोदी के बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल, थरूर पर साधा निशाना
भारतीय वायुसेना का दमखम: नवी मुंबई एयरपोर्ट पर सुखोई की ऐतिहासिक लैंडिंग
