बिहार-झारखण्ड
घोटाले के बीच मगध विश्वविद्यालय में परिवर्तन, दिलीप केसरी बने नए प्रभारी
21 May, 2026 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मगध विश्वविद्यालय में 150 से 200 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले, अवैध फंड निकासी और नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियों के आरोपों के बाद राजभवन ने बड़ा प्रशासनिक चाबुक चलाया है। राज्यपाल ने कड़ा फैसला लेते हुए तत्कालीन प्रभारी कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही को उनके पद से बेदखल कर दिया है। उनकी जगह पर यूनिवर्सिटी के सबसे सीनियर प्रोफेसर दिलीप केसरी को नया प्रभारी वाइस चांसलर (कुलपति) नियुक्त किया गया है।
पूर्व सांसद ने पीएम मोदी को लिखी थी चिट्ठी, लगाया था करोड़ों की हेरफेर का आरोप
प्रशासनिक गलियारों में यह बड़ी हलचल तब शुरू हुई जब औरंगाबाद के पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। 15 मई 2026 को भेजे गए इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद भी पद पर जमे रहे प्रो. शाही ने यूनिवर्सिटी के खजाने से करीब 150 से 200 करोड़ रुपये की अवैध निकासी को अंजाम दिया। पत्र में कुछ प्रभावशाली चेहरों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए इसकी कॉपियां पीएमओ, निगरानी विभाग और राज्यपाल सचिवालय को भी भेजी गई थीं।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, राजभवन ने अधिकारों पर लगाई कैंची
यह पूरा विवाद अब कानूनी चौखट पर भी पहुंच चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (CWJC No-5762/2026) दाखिल की गई है, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हलफनामे के साथ गड़बड़ियों के सबूत सौंपे हैं। चौतरफा घिरने के बाद राजभवन ने प्रो. शाही को हटाने का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन साथ ही नए प्रभारी कुलपति प्रो. दिलीप केसरी के पर भी कतर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, नए कुलपति बिना राजभवन की पूर्व अनुमति के कोई भी बड़ा नीतिगत या संवैधानिक फैसला नहीं ले सकेंगे।
सियासी और शैक्षणिक गलियारों में भूचाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
मगध यूनिवर्सिटी के इस तख्तापलट ने बिहार के राजनीतिक और शैक्षणिक माहौल में गरमाहट पैदा कर दी है। विभिन्न छात्र संगठनों, शिक्षक संघों और विपक्षी दलों ने इस महाघोटाले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज कर दी है। हालांकि, अब तक पद से हटाए गए प्रो. शशि प्रताप शाही या निवर्तमान विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं।
बिहार में राशन कार्ड बनवाने का तरीका हुआ आसान, अब ऑनलाइन आवेदन संभव
21 May, 2026 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन कार्ड एक बेहद जरूरी दस्तावेज है, जो न केवल रियायती दरों पर खाद्यान्न सुनिश्चित करता है बल्कि कई सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का आधार भी बनता है। जनता को बड़ी राहत देते हुए बिहार सरकार ने अब राशन कार्ड से जुड़ी तमाम सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। ईपीडीएस (eEPDS) बिहार पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस डिजिटल पहल से राज्य के लाखों नागरिकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।
अब घर बैठे हो सकेंगे राशन कार्ड के सारे काम, दलालों से मिलेगी मुक्ति
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की इस नई व्यवस्था के बाद अब लोगों को नया राशन कार्ड बनवाने, उसमें परिवार के किसी नए सदस्य का नाम जुड़वाने, किसी का नाम हटवाने या अपना मौजूदा पता बदलवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालयों और आपूर्ति विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से घर बैठे ही इन सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार व बिचौलियों पर लगाम कसेगी।
ऑनलाइन ट्रैक होगी फाइल, मिनटों में डाउनलोड होगा डिजिटल राशन कार्ड
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थियों को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने आवेदन की मौजूदा स्थिति (Status) को ऑनलाइन ही ट्रैक कर सकेंगे। जैसे ही प्रशासन द्वारा आवेदन को मंजूरी दी जाएगी, हितग्राही अपना डिजिटल राशन कार्ड सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिजिटल कार्ड पूरी तरह से मान्य होगा, जिससे कागजी दस्तावेज प्राप्त करने की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी।
आवेदन के लिए ये जरूरी दस्तावेज रखने होंगे तैयार
इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए सरकार ने जरूरी कागजातों की सूची भी जारी की है। आवेदकों को फॉर्म भरते समय अपने पास निवास प्रमाण पत्र, एक्टिव मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, परिवार के सदस्यों के विवरण और पहचान से जुड़े आवश्यक सरकारी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। डिजिटल फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद सरल बनाई गई है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग बिना किसी तकनीकी परेशानी के खुद ही आवेदन कर सकें।
विभाग की अपील: सही जानकारी भरें ताकि न हो आवेदन निरस्त
खाद्य विभाग ने आम जनता से विशेष अपील की है कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय केवल सही व्यक्तिगत जानकारी और पूरी तरह से वैध (Valid) दस्तावेज ही अपलोड करें। यदि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की विसंगति या गलत जानकारी पाई जाती है, तो आवेदन को निरस्त किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि यह आधुनिक व्यवस्था सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के नागरिकों के समय और पैसे दोनों की बचत करने में गेम-चेंजर साबित होगी।
लव मैरिज में खुशियों के नौ महीने बाद दर्दनाक हत्या, बाइक विवाद में पत्नी की मौत
21 May, 2026 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के बालिगांव थाना क्षेत्र स्थित भूसाही गांव से दहेज उत्पीड़न और हत्या का एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहिता को बुलेट मोटरसाइकिल न मिलने पर उसके ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से पीटने और जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मामले की बारीकी से तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्रेम प्रसंग के बाद हुई थी शादी, महज 9 महीने में उजड़ गई दुनिया
इस दर्दनाक घटना की शिकार 20 वर्षीय अमृता कुमारी थी, जिसकी शादी करीब नौ महीने पहले भूसाही गांव के रहने वाले प्रमोद पंडित के पुत्र मनीष कुमार से हुई थी। बताया जा रहा है कि अमृता और मनीष के बीच पहले प्रेम प्रसंग था, जिसके बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला किया। शुरुआत में अमृता के परिजन इस रिश्ते के हक में नहीं थे, लेकिन मनीष के परिवार के लगातार दबाव और रजामंदी के बाद दोनों की शादी करा दी गई थी।
बुलेट बाइक की मांग और मायके से बातचीत पर पाबंदी
मृतका की बड़ी बहन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति मनीष और उसकी सास अमृता को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। ससुराल वालों की तरफ से लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। परिजनों का दावा है कि अपनी इस मांग को मनवाने के लिए उन्होंने अमृता के मोबाइल से मायके वालों के सारे नंबर ब्लॉक कर दिए थे, ताकि वह अपना दर्द किसी से साझा न कर सके।
'बाद में दे देंगे बाइक' के आश्वासन पर भी नहीं पसीजा दिल
पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्होंने अमृता की खुशहाली और सुरक्षित भविष्य के लिए मनीष को समझाने का प्रयास भी किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे आने वाले समय में उसकी बुलेट गाड़ी की मांग को जरूर पूरा कर देंगे। इसके बावजूद मनीष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और वह लगातार अमृता के साथ मारपीट और क्रूरता करता रहा।
बेरहमी से पिटाई के बाद जहर देने का आरोप, FSL टीम ने जुटाए सबूत
परिजनों ने आरोप लगाया है कि गुरुवार की देर रात ससुराल वालों ने सारी हदें पार करते हुए अमृता को पहले बेरहमी से पीटा और फिर उसे जबरन जहर देकर मार डाला। ग्रामीणों के जरिए पुलिस को इस वारदात की भनक लगी, जिसके बाद बालिगांव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य और सैंपल इकट्ठा किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत विवाद के बाद भतीजी ने थाने पहुंचकर चाचा पर मामला दर्ज कराया
21 May, 2026 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद शर्मनाक और मानवीय रिश्तों को कलंकित करने वाली वारदात सामने आई है। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दथूआ गांव में एक नाबालिग किशोरी ने अपने ही रिश्ते के चाचा पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। हैरान करने वाली बात यह है कि शुरुआत में इस संगीन जुर्म को सामाजिक लोक-लाज और दबाव के चलते गांव की पंचायत में ही रफा-दफा करने का प्रयास किया गया था, लेकिन बात बिगड़ने के बाद मामला पुलिस स्टेशन तक पहुँच गया।
माता-पिता रहते हैं मुंबई, दादा-दादी के साथ रह रही किशोरी से दरिंदगी
पीड़िता द्वारा थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, उसके माता-पिता अपनी आजीविका चलाने के लिए मुंबई में मजदूरी करते हैं, जिसके कारण वह गांव में अपने वृद्ध दादा-दादी के साथ रहती है। बीते 23 अप्रैल की रात को जब वह घर में अकेली थी, तभी रिश्ते में चाचा लगने वाले आरोपी बसंत तांती ने मौके का फायदा उठाकर घर में घुसपैठ की और पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब पीड़िता ने शोर मचाना चाहा, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और वहां से भाग निकला।
पंचायत ने लगाया जुर्माना, रकम देने के बदले आरोपी पक्ष ने की मारपीट
घटना के बाद सहमे हुए परिवार ने समाज में बदनामी के डर से पहले कानूनी रास्ता नहीं चुना। गांव के कुछ लोगों की मौजूदगी में इस मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया और पीड़िता के परिवार को मुआवजा देने का हुक्म सुनाया। हालांकि, आरोपी पक्ष ने पंचायत का फैसला मानने से इनकार कर दिया और जुर्माने की रकम देने से मुकर गए। जब पीड़िता के परिवार ने विरोध किया, तो आरोपी पक्ष के लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिसमें पीड़िता के मौसा का सिर फट गया।
सरपंच पर भी धमकी देने का आरोप, न्याय के रास्ते में खड़े हुए रसूखदार
मारपीट की इस घटना से आहत होकर जब पीड़िता और उसका परिवार इंसाफ के लिए पुलिस के पास जाने लगा, तो उन्हें रास्ते में ही रोकने की कोशिश की गई। दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, गांव के सरपंच और आरोपी के करीबियों ने पीड़ित परिवार को बीच रास्ते में रोककर धमकाया कि यदि उन्होंने थाने में कदम भी रखा, तो पूरे परिवार को जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए घनश्यामपुर के थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन पर उचित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेजा गया है। पुलिस ने साफ किया है कि वारदात के बाद से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बेटा मिला, लेकिन असली माता-पिता से मिलने से किया इनकार
21 May, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के गया जिले से एक ऐसा हैरान और भावुक कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनमानस की आंखें भी नम कर दी हैं। चार वर्ष पहले एक प्रसिद्ध मंदिर से गायब हुआ मासूम बच्चा जिस महिला को अपनी सगी मां समझकर बड़ा हो रहा था, डीएनए और पुलिस जांच में वह उसकी असली मां नहीं निकली। जब पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को उसके जन्म देने वाले माता-पिता को सौंपा, तो वह मासूम उन्हें पहचान भी नहीं पाया और पुरानी गोद में जाने के लिए रोता रहा।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर औरंगाबाद के मंदिर से हुआ था लापता
यह पूरा मामला साल 2022 का है, जब औरंगाबाद जिले के विख्यात ओबरा देवी मंदिर में दर्शन के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर चार साल का मासूम शिवा पांडे अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। परिजनों ने उसे ढूंढने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया था, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। बच्चे के गम में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था और पुलिस की शुरुआती जांच में भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा था।
गुप्त सूचना पर गया पुलिस का एक्शन, ऐसे मिला सुराग
वक्त गुजरने के साथ भले ही उम्मीदें धुंधली हो रही थीं, लेकिन हाल ही में गया पुलिस को एक बेहद अहम इनपुट मिला। पुलिस को खबर मिली कि खिजरसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला संदिग्ध रूप से एक बच्चे का पालन-पोषण कर रही है। सूचना की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने जब वहां छापेमारी की, तो बरामद हुए बच्चे का हुलिया और रिकॉर्ड चार साल पहले गायब हुए शिवा पांडे से हूबहू मैच कर गया।
गोद सूनी होने के दर्द में उठाई थी पराई संतान, महिला ने उगला राज
गिरफ्तार महिला ने पुलिसिया पूछताछ में जो कहानी बयां की, वह समाज के एक कड़वे सच को सामने लाती है। महिला ने रोते हुए बताया कि शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी जब उसे कोई संतान नहीं हुई, तो उसके पति ने उसे छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली। इस सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर वह संतान सुख के लिए तड़प रही थी। इसी पागलपन में वह मंदिरों में भटकने लगी और 2022 में ओबरा देवी मंदिर में अकेले घूम रहे शिवा को देखकर उसकी नीयत डोल गई और वह उसे चुपचाप अपने साथ ले आई। उसने बच्चे को बिल्कुल सगे बेटे की तरह लाड-प्यार से पाला।
अपनों को ही बेगाना समझ बैठा मासूम, अब कराई जा रही काउंसिलिंग
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब कोर्ट और पुलिस की मौजूदगी में शिवा को उसके असली माता-पिता के सामने लाया गया। चार साल के लंबे अंतराल के कारण बच्चा अपने सगे मां-बाप को पूरी तरह भूल चुका था और उसी महिला के पास जाने की जिद कर रहा था जिसने उसे चुराया था। बेटे के वापस मिलने की खुशी के बीच माता-पिता के लिए यह देखना बेहद कष्टकारी था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को मानसिक आघात से बचाने और नए माहौल में ढालने के लिए बाल मनोवैज्ञानिकों से उसकी विशेष काउंसिलिंग कराई जा रही है, वहीं आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बिहार का मौसम बदलू, एक तरफ आंधी-बारिश, दूसरी तरफ हीटवेव
21 May, 2026 07:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जिससे पूरा सूबा प्रभावित है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम के जिलों में चिलचिलाती धूप और भीषण लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी 24 घंटों के भीतर उत्तर और पूर्वी बिहार के ज्यादातर इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
5 जिलों में भीषण लू का रेड अलर्ट, कैमूर में पारा 43.4 डिग्री के पार
मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम बिहार के पांच जिलों—कैमूर, रोहतास, भोजपुर, बक्सर और औरंगाबाद के लिए हीटवेव (लू) का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। पिछले 24 घंटों में कैमूर 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि डेहरी में 43 डिग्री और औरंगाबाद में 41.5 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया। प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को दोपहर के समय बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने और लगातार ओआरएस या पानी पीते रहने की हिदायत दी है।
राजधानी पटना समेत कई हिस्सों में आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी
दूसरी तरफ, राजधानी पटना (अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री), गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने खराब मौसम के दौरान लोगों से अपील की है कि वे बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और खुले आसमान के नीचे शरण न लें।
22 से 26 मई तक का मौसम बुलेटिन: जानें अगले 5 दिनों का हाल
मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए जिलावार पूर्वानुमान जारी किया है:
22 मई: चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर और किशनगंज सहित उत्तर बिहार के लगभग सभी जिलों में वज्रपात और बारिश का येलो अलर्ट है।
23 मई: दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य हिस्सों को छोड़ दें, तो राज्य के बाकी सभी इलाकों में बारिश का 'येलो और ऑरेंज अलर्ट' रहेगा।
24 से 26 मई: उत्तर, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी बिहार में लगातार बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति देखने को मिलेगी।
उत्तर बिहार में पारा कम, मगर उमस ने छुड़ाए पसीने
आंकड़ों के अनुसार, जहां दक्षिण बिहार गर्मी से तप रहा है, वहीं छपरा में 40.2 डिग्री, बक्सर में 39.9 डिग्री और गया में 39.2 डिग्री पारा दर्ज हुआ। इसके विपरीत, उत्तर बिहार के पूर्णिया (36.2 डिग्री) और दरभंगा (35.8 डिग्री) जैसे जिलों में तापमान भले ही थोड़ा कम रहा हो, लेकिन हवा में नमी के उच्च स्तर के कारण पैदा हुई भारी उमस (Humidity) ने लोगों को पसीने-पसीने कर दिया है। पूरे राज्य में तापमान का यह उतार-चढ़ाव इस हफ्ते जारी रहने की संभावना है।
बिहार पुलिस का एनकाउंटर ऑपरेशन, कुख्यात अपराधी पवन चिंटू घायल
21 May, 2026 07:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार के किशनगंज में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार की देर रात फरिंगगोला रेलवे गुमटी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना पवन कुमार उर्फ चिंटू पुलिस की गोली का शिकार होकर घायल हो गया। इस मुठभेड़ में अपराधी का सामना करते हुए दो जांबाज पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुप्त सूचना पर घेराबंदी, संदिग्ध ने पुलिस को देखते ही झोंक दी फायरिंग
पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि फरिंगगोला इलाके में कुछ शातिर अपराधी किसी बड़ी डकैती या संगीन वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने इलाके की घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार संदिग्ध युवक को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने जैसे ही पीछा किया, आरोपी ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वह बाइक सहित जमीन पर गिर पड़ा।
एसपी और आला अधिकारी पहुंचे मौके पर, घटनास्थल से हथियार जब्त
मुठभेड़ की गूंज सुनते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 और पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। पुलिस ने मुठभेड़ वाली जगह से बिना नंबर की मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्टल और कई जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए हैं। मामले की बारीकी से जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
बिहार-बंगाल में फैला था नेटवर्क, कटिहार का रहने वाला है चिंटू
पकड़े गए अपराधी की पहचान पवन कुमार उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कटिहार जिले के रौतारा क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, चिंटू एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह को ऑपरेट करता है, जिसके तार बिहार के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हुए हैं। यह गैंग मुख्य रूप से हाईवे पर लूटपाट, छिनतई (स्नैचिंग) और बड़ी चोरियों को अंजाम देता था।
कई जिलों की पुलिस को थी तलाश, बाकी साथियों के लिए छापेमारी तेज
गिरफ्तार चिंटू का लंबा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। वह पटना, अररिया, मधुबनी और किशनगंज सहित कई जिलों में दर्जनों लूट और डकैती के मामलों में लंबे समय से वांटेड चल रहा था। किशनगंज पुलिस अब चिंटू से मिली जानकारियों के आधार पर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को दबोचने और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
स्कूल में हुई घटना ने मचाया बवाल और आम लोगों में आक्रोश
20 May, 2026 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया (चंपानगर)। बिहार के पूर्णिया जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और घिनौनी वारदात सामने आई है। चंपानगर थाना क्षेत्र के सिंधिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) पर कक्षा एक में पढ़ने वाली महज 7 साल की मासूम छात्रा को कोल्ड ड्रिंक का झांसा देकर कथित तौर पर पेशाब पिलाने का आरोप लगा है। इस अमानवीय कृत्य की खबर जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की संख्या में लोग स्कूल परिसर में जमा हो गए।
कोल्ड ड्रिंक का दिया लालच, रोते हुए घर पहुंची मासूम
दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, पहली कक्षा की पीड़ित छात्रा रोज की तरह सुबह स्कूल पढ़ने गई थी। सुबह करीब 9:30 बजे वह अचानक रोती-बिलखती हुई अपने घर पहुंची और माँ को आपबीती सुनाई। डरी-सहमी बच्ची ने बताया कि हेडमास्टर ने उसे अपने कमरे में बुलाया और एक बोतल के ढक्कन में कोई लिक्विड (तरल पदार्थ) देते हुए कहा कि यह कोल्ड ड्रिंक है, इसे पी लो। मासूम ने जैसे ही उसे मुंह में डाला, तो उसे स्वाद और बदबू से अहसास हुआ कि वह पेशाब था।
परिजनों के पूछने पर गाली-गलौज, टेबल पर रखी बोतल से आई तेज दुर्गंध
मासूम की बात सुनकर हैरान-परेशान माँ परिजनों और ग्रामीणों को साथ लेकर तुरंत स्कूल पहुंची। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस घिनौनी हरकत पर प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा, तो वह अपनी गलती मानने के बजाय उलटा गाली-गलौज करने लगा और उन्हें धक्के देकर स्कूल से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी बीच पीड़ित बच्ची ने टेबल पर रखी एक प्लास्टिक की बोतल की तरफ इशारा किया। जब परिजनों ने उस बोतल को उठाकर सूंघा, तो उसमें से पेशाब की तीव्र दुर्गंध आ रही थी।
मौके पर तनाव, पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर को दबोचकर भेजा जेल
स्कूल परिसर में ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए चंपानगर थाना पुलिस तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था को संभाला। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक नंद किशोर राय को हिरासत में ले लिया, जो मूल रूप से श्रीनगर थाना क्षेत्र के खुट्टी धुनैली गांव का रहने वाला है। पुलिस ने पीड़ित बच्ची की माँ की लिखित तहरीर पर कांड संख्या-69/2026 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी हेडमास्टर को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई संदिग्ध बोतल, आरोपी ने दावों को नकारा
चंपानगर थानाध्यक्ष अनुपम राज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर पोक्सो एक्ट व अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनास्थल (हेडमास्टर के कमरे) से उस संदिग्ध बोतल को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है, जिसे रासायनिक और फॉरेंसिक (FSL) जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस कस्टडी में आरोपी प्रधानाध्यापक ने खुद को बेकसूर बताते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और साजिश का हिस्सा करार दिया है।
रोज़गार और वेतन से जुड़ी दुर्दशा, सेविकाओं में भारी आक्रोश
20 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करगहर (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के पास स्थित सिरसियां आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 27 पर बच्चों को केवल फोटो खिंचवाने के लिए पोशाक पहनाने और बाद में उसे वापस लेने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि यहाँ एक और बड़ा घोटाला सामने आ गया है। आंगनबाड़ी सेविकाओं से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिका (सुपरवाइजर) द्वारा हर महीने 3,500 रुपये की बंधी-बंधाई रिश्वत लेने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, ऑनलाइन भी लिया जाता है पैसा
क्षेत्र में इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक आंगनबाड़ी सेविका और उसके पति इस पूरे घूसकांड की कलई खोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि अधिकारियों तक रिश्वत पहुंचाने के लिए बकायदा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (डिजिटल पेमेंट) का भी सहारा लिया जाता है। इसके अलावा कुछ रसूखदार और रेंक की 'नेता' सेविकाएं इस पूरी अवैध वसूली के नेटवर्क को संचालित करने में बिचौलिए की भूमिका निभाती हैं, जिससे उनका अपना पैसा बच जाता है।
पैसे न देने पर वेतन रोकने की धमकी, राशन वितरण में भी धांधली
पीड़ित पक्षों का आरोप है कि जो भी सेविका हर महीने तय कमीशन देने से इनकार करती है, अधिकारी उसका नियमित मानदेय (वेतन) रोक देते हैं और केंद्र के लिए आने वाले अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति भी बाधित कर दी जाती है। वायरल वीडियो और सूत्रों के अनुसार, लेडी सुपरवाइजर (एलएस) के माध्यम से केंद्रों पर मिलने वाले सरकारी चावल और राशन के वितरण में भी बड़े पैमाने पर घालमेल किया जाता है। इस मामले पर जब संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य आला अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
मासूम बच्चों का निवाला छीनकर अधिकारियों की जेबें भरने का आरोप
नाम न छापने की शर्त पर कई अन्य आंगनबाड़ी सेविकाओं ने खुलकर बताया कि विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें बेहद गहरी हैं। पहले प्रति केंद्र 2,500 रुपये महीना घूस के तौर पर वसूला जाता था, लेकिन साल 2025 से इस 'कमीशन' की राशि को बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी आने वाले अबोध और कुपोषित बच्चों के हक का पैसा काटकर इन भ्रष्ट अधिकारियों की जेबें गर्म की जा रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
जांच से बचने के लिए गुपचुप तरीके से बदला गया सीडीपीओ कार्यालय
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की नीयत पर तब और शक गहरा गया जब यह बात सामने आई कि लगभग चार महीने पहले तक सीडीपीओ कार्यालय प्रखंड परिसर के अंदर ही संचालित होता था। लेकिन विभागीय निगरानी और स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की नजरों से बचने के लिए प्रभारी सीडीपीओ ने बिना किसी सूचना के कार्यालय को वहां से आधा किलोमीटर दूर 'सेमरी रोड' पर शिफ्ट कर दिया। इस सुनसान जगह पर वरिष्ठ अधिकारियों का आना-जाना न के बराबर होता है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि अगर इस वायरल वीडियो की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई बड़े अधिकारी सीधे जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
खौफनाक वारदात: पॉलिटेक्निक छात्रों पर हुई जानलेवा चोरी की कोशिश
20 May, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाढ़। अनुमंडल के बाढ़ थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए कुछ असामाजिक तत्वों ने राणाबीघा पॉलिटेक्निक कॉलेज के एक छात्र और उसके मित्र पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में दोनों युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
एक्स्ट्रा क्लास से लौटते समय अगवानपुर के पास घेरा
पीड़ित छात्र कन्हैया कुमार के अनुसार, यह वारदात उस समय हुई जब वह कॉलेज में चल रही विशेष अतिरिक्त कक्षा (एक्स्ट्रा क्लास) समाप्त होने के बाद शाम करीब 7 बजे अपने दोस्त के साथ बाढ़ स्थित किराए के कमरे पर वापस जा रहा था। जैसे ही वे दोनों अगवानपुर गांव के समीप पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे कुछ स्थानीय दबंग युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने बिना कोई बात किए दोनों पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
कीमती बुलेट बाइक और सोने की चेन लूटने का आरोप
घायल छात्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मारपीट के दौरान बदमाशों की नीयत उनकी कीमती बुलेट मोटरसाइकिल लूटने की थी। जब दोनों छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया और बाइक नहीं छोड़ी, तो हमलावरों ने कन्हैया कुमार के गले पर झपट्टा मारकर उसकी सोने की चेन छीन ली। सुनसान रास्ते पर छात्रों की चीख-पुकार सुनकर जब राहगीर और स्थानीय लोग उस ओर दौड़ पड़े, तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से रफूचक्कर हो गए।
अटेंडेंस शॉर्ट होने का कॉलेज विवाद हो सकता है वजह
इस हमले के तार कॉलेज के एक हालिया विवाद से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, अनिवार्य 75 फीसदी उपस्थिति (अटेंडेंस) पूरी न होने के चलते कॉलेज प्रशासन ने कई छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित कर दिया था, जिसे लेकर कैंपस में काफी हंगामा हुआ था। बाद में बीच का रास्ता निकालते हुए कॉलेज ने इन छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की थीं ताकि वे परीक्षा दे सकें। कन्हैया इसी क्लास से लौट रहा था, जिससे अंदेशा है कि विवाद के चलते उसे निशाना बनाया गया।
अस्पताल पहुंची पुलिस, मामला दर्ज कर जांच शुरू
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टरों की मौजूदगी में घायल छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए इलाके में छानबीन शुरू कर दी गई है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस में अनुशासनहीनता, प्रशासन ने ली सख्त कार्रवाई
20 May, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में पुलिसिया बर्बरता और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में बड़ी गाज गिरी है। एक बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थी को आधी रात को गैर-कानूनी तरीके से घर से उठाने, बेरहमी से प्रताड़ित करने और फिर रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) शिल्पी कुमारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सहरसा के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशु ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी महिला दारोगा पर तत्काल प्रभाव से यह निलंबन की कार्रवाई की है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
बिना किसी वारंट के आधी रात को छात्र का अपहरण, थाने में अपराधियों की तरह पीटा
मामला बीती 16 मई की रात का है, जब बलवाहाट थाने में तैनात एसआई शिल्पी कुमारी ने बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में छापेमारी कर बीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र प्रवेश कुमार को उसके घर से जबरन उठा लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास छात्र के खिलाफ न तो कोई शिकायत थी और न ही कोई गिरफ्तारी वारंट। इसके बावजूद उसे अपराधियों की तरह थाने ले जाया गया और बेरहमी से उसकी पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छोड़ने के बदले 50 हजार की डिमांड, 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर किया रिहा
इस पूरे वाकये में पुलिस की कार्यशैली पर सबसे बड़ा दाग तब लगा जब परिजनों ने अवैध वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, लॉकअप में बंद प्रवेश कुमार को छोड़ने के एवज में महिला दारोगा द्वारा 50,000 रुपये की मांग की गई थी। काफी मिन्नतें करने के बाद आखिरकार 10,000 रुपये की घूस लेकर छात्र को थाने से रिहा किया गया। इस घटना के बाद से ही पुलिस की छवि को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा था।
थानाध्यक्ष भी थे अनजान, सरकारी रोजनामचे (डायरी) में नहीं थी कोई एंट्री
मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह सामने आया है कि बलवाहाट थाना प्रभारी (थानाध्यक्ष) राजू कुमार को इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं थी। जब रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि थाने की स्टेशन डायरी (रोजनामचा) में छात्र को हिरासत में लेने या उसके खिलाफ किसी भी तरह का केस दर्ज होने का कोई जिक्र नहीं था। इससे यह साफ हो गया कि महिला सब-इंस्पेक्टर ने पूरी तरह अपनी मनमानी करते हुए निजी स्वार्थ के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
एसडीपीओ करेंगे विस्तृत जांच, एसपी ने दी सख्त लहजे में चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु ने सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ (SDPO) मुकेश कुमार ठाकुर को पूरे प्रकरण की गहनता से विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि मीडिया में मामला उछलने के बाद शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर निलंबन किया गया है और अब विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, एसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले और खाकी को बदनाम करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
कैबिनेट में कई प्रस्तावों पर सीएम सम्राट चौधरी करेंगे मुहर
20 May, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री, सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस कैबिनेट मीटिंग पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि सरकार इसमें नौकरी और रोजगार को लेकर कोई बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय ले सकती है।
एक करोड़ नौकरी और रोजगार के वादे पर नजर
एनडीए (NDA) सरकार ने आगामी पांच वर्षों में राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज इस चुनावी वादे को जमीन पर उतारने के लिए किसी बड़े प्रस्ताव या कार्ययोजना को मंजूरी दे सकते हैं। युवा वर्ग के लिए आज की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
पिछली बैठक में 18 प्रस्तावों को मिली थी हरी झंडी
इससे पहले 13 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक काफी चर्चा में रही थी। उस बैठक में सरकार ने कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी थी। पिछले फैसलों की निरंतरता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आज भी कई जनहित और प्रशासनिक योजनाओं पर मुहर लग सकती है।
कर्मचारियों को मिला था भत्ता, इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी
गौरतलब है कि 13 मई की कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दो फीसदी (2%) महंगाई भत्ता बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया था। इसके साथ ही बिहार में पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर एक लाख रुपये और इलेक्ट्रिक स्कूटर पर 12 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन (सहायता) राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी।
लूट-छिनतई के बदमाश पर पुलिस की कार्रवाई, पैर में लगी गोली
20 May, 2026 08:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। जिले में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। देर रात पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत दबोच लिया और इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां वह पुलिस कस्टडी में है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिला पुलिस को देर रात एक पुख्ता इनपुट (गुप्त सूचना) मिला था कि इलाके में लूटपाट और राहजनी की वारदातों को अंजाम देने वाला वांछित अपराधी प्रिंस कुमार अपने कुछ साथियों के साथ किसी नए अपराध की योजना बनाने के लिए क्षेत्र में घूम रहा है। इस सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन घेराबंदी करते हुए देर रात सघन छापेमारी अभियान शुरू किया।
पुलिस को सामने देख अपराधी ने शुरू कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान जैसे ही पुलिस टीम ने अपराधियों को ललकारा और प्रिंस कुमार ने खुद को चारों तरफ से घिरता पाया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी अपनी आत्मरक्षार्थ और अपराधियों को पकड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई की। इस क्रॉस फायरिंग के दौरान एक गोली प्रिंस के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और भागने में नाकाम रहा।
लूट और छिनतई के कई मामलों में पुलिस को थी लंबे समय से तलाश
गिरफ्तार किया गया प्रिंस कुमार जिले का एक चिह्नित अपराधी है, जो पिछले काफी समय से समस्तीपुर के अलग-अलग इलाकों में लूट, छिनतई और डकैती जैसी कई संगीन वारदातों में सक्रिय था। पुलिस को काफी वक्त से उसकी तलाश थी। इस मुठभेड़ को अपराधियों के खिलाफ पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब पुलिस प्रिंस के पूरे आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों का पता लगा रही है।
सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा, वरीय अधिकारी जुटे जांच में
मुठभेड़ की इस घटना के बाद जख्मी अपराधी को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच समस्तीपुर सदर अस्पताल के वार्ड में रखा गया है, जहां डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर पुलिस के आला अधिकारी अभी मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं, लेकिन इलाके में पुलिस का सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
शिक्षामंत्री का TRE-4 को लेकर बड़ा बयान, अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन
19 May, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधेपुरा। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की समय-सारणी यानी शेड्यूल बेहद जल्द घोषित कर दिया जाएगा। मधेपुरा पहुंचे शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक या अनावश्यक चर्चाओं में अपना समय बर्बाद करने के बजाय पूरी तरह अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा एनडीए ($NDA$) सरकार प्रदेश की जनता और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बाबा सिंहेश्वर नाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सहरसा के सहयोग शिविर के लिए हुए रवाना
अपनी मधेपुरा यात्रा के दौरान शिक्षा मंत्री मंगलवार को प्रसिद्ध सिंहेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे। वहाँ उन्होंने बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की और बिहार में सुख, समृद्धि तथा शांति की कामना की। मंदिर परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा एनडीए सरकार पर अटूट भरोसा जताया है और सरकार भी जन-आकांक्षाओं पर लगातार खरी उतर रही है। सिंहेश्वर में दर्शन-पूजन के बाद वे सहरसा के लिए रवाना हो गए, जहां वे बतौर जिला प्रभारी मंत्री 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत, संगठन की मजबूती पर हुई चर्चा
सिंहेश्वर आगमन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान मंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर भाजपा नमो ऐप के जिला संयोजक सुभाष चौहान ने कहा कि मंत्री के इस दौरे से स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नया जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है।
उर्दू शिक्षकों की बहाली और कॉलेजों में विषय शुरू करने की उठी मांग
मधेपुरा से सहरसा जाने के रास्ते में झिटकिया के पास बीएनएमयू ($BNMU$) के रिसर्च स्कॉलर इम्तियाज रहमानी ने शिक्षा मंत्री का अभिनंदन किया। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा को लेकर एक मांग पत्र सौंपते हुए मंत्री से आग्रह किया कि राज्य के नवसृजित (नए बने) डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय की पढ़ाई तुरंत शुरू करवाई जाए। साथ ही उन्होंने इन कॉलेजों में उर्दू भाषा के प्रोफेसरों और शिक्षकों की पर्याप्त बहाली करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
नेशनल हाईवे पार करने की मजबूरी; स्कूल को वापस मूल स्थान पर लाने के लिए सौंपा ज्ञापन
दौरे के अंत में भाजपा नेता सुभाष चौहान ने शिक्षा मंत्री को क्षेत्र की एक गंभीर समस्या से अवगत कराते हुए मांग पत्र सौंपा। इसमें बताया गया कि सिंहेश्वर प्रखंड की रुपौली पंचायत (वार्ड-2) के 'नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बेलदारी टोला' को वर्तमान में उत्क्रमित मध्य विद्यालय केटवान में शिफ्ट कर दिया गया है। इस कारण छोटे बच्चों को लगभग 3 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे ($NH-106$) पार करके स्कूल जाना पड़ता है, जिससे हादसों का डर बना रहता है और कई बच्चों ने डर के मारे स्कूल जाना छोड़ दिया है। ज्ञापन में मांग की गई कि पोषक क्षेत्र में ही पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, इसलिए बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस प्राथमिक विद्यालय को पुनः उसके मूल स्थान पर ही संचालित किया जाए।
दवा दुकानदारों का बड़ा फैसला, 20 मई को दुकानें रहेंगी बंद
19 May, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में बुधवार यानी 20 मई को दवाइयों की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। समस्तीपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ($AIOCD$) और बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ($BCDA$), पटना के संयुक्त आह्वान पर एक दिवसीय पूर्ण बंद रखने का फैसला किया है। इस देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में जिले के सभी थोक और खुदरा दवा व्यवसायी अपनी दुकानों के शटर डाउन रखेंगे।
ई-फार्मेसी और भारी डिस्काउंट से पारंपरिक व्यापार पर संकट, जीवन से खिलवाड़ का आरोप
दवा विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार और सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन दवाएं बेचना और उस पर बेतहाशा छूट (भारी डिस्काउंट) देना पारंपरिक दवा बाजार को पूरी तरह बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि दवाएं कोई आम उपभोक्ता वस्तु नहीं बल्कि जीवन रक्षक औषधियां हैं। ऑनलाइन सप्लाई के दौरान इन दवाओं के सुरक्षित रखरखाव और जरूरी तापमान (कोल्ड चेन) के मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे दवाओं का असर खत्म या कम हो सकता है। यह सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
नकली दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, केमिस्टों ने जताया विरोध
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि देश में बिना उचित डॉक्टरी पर्चे और बिना कड़े नियमों के चल रहे इस ऑनलाइन दवा कारोबार पर तुरंत कानूनी शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही संगठन ने बाजार में फैल रहे नकली और घटिया दवाओं के निर्माण व उनकी बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है।
मरीजों की सहूलियत के लिए आपातकालीन स्थिति में खुली रहेंगी ये चुनिंदा दुकानें
हड़ताल के दौरान आम नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने एक व्यावहारिक व्यवस्था भी की है। इसके तहत जिले के अलग-अलग प्रमुख इलाकों में आपातकालीन जरूरतों के लिए कम से कम एक-एक दवा दुकान को खुला रखने की अनुमति दी गई है। जनता की सुविधा के लिए निम्नलिखित मेडिकल स्टोर्स इस बंद के दौरान भी खुले रहेंगे:
समस्तीपुर शहर: भारत मेडिकल हॉल
ताजपुर: हिंदुस्तान मेडिकल हॉल
रोसड़ा: न्यू शिव मेडिकल हॉल
बिथान: शिवम मेडिकल हॉल
हसनपुर: रामा मेडिकल हॉल
पूसा रोड: महादेव Medical हॉल
कल्याणपुर: अमित मेडिकल हॉल
वारिसनगर: अमनदीप मेडिकल हॉल
प्रदेश कार्यालय में इन्दर सिंह परमार का संबोधन, कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह
दिल्ली एयरपोर्ट पर इबोला अलर्ट जारी, प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की होगी जांच
14 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप का मामला, सोशल मीडिया दोस्त आरोपी
आंखें तक निकलीं, तवे से पीटकर पति ने पत्नी की बेरहमी से हत्या की
राहुल गांधी के बयान पर भाजपा आक्रामक, पीयूष गोयल का तीखा बयान
डिजिटल ठगी का शिकार हुए दंपती, पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े
तपती मरुधरा में पानी की खुशी, जलाशयों में बहा नहरी पानी
Auqib Nabi की मेहनत पर फिरा पानी? अफगानिस्तान टेस्ट में नहीं मिला मौका
26 मौतों पर बड़ा खुलासा, NIA बोली- टूरिस्ट गाइड चाहते तो टल सकता था हमला
हत्यारे बने दोस्त, शव और वाहन खाई में फेंककर दिया दर्दनाक अंत
