बिहार-झारखण्ड
पत्नी को गोली मारते ही भड़की भीड़, आरोपी पति की मौके पर मौत
7 May, 2026 02:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक पारिवारिक कलह का अंत बेहद खौफनाक और हिंसक रहा, जहाँ एक सनकी पति ने सरेराह अपनी पत्नी पर गोलियां बरसा दीं। इस वारदात के तुरंत बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए आरोपी पति को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह दुखद घटना सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवां गांव के निकट रेलवे फाटक के पास घटित हुई, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिल्मी अंदाज में वारदात और पत्नी पर जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवादा निवासी प्रदीप ठाकुर मोटरसाइकिल से कैथवां गांव पहुंचा और ई-रिक्शे से जा रही अपनी पत्नी प्रतिमा देवी को जबरन नीचे उतार लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्रदीप ने अपनी कमर से देशी पिस्तौल निकाली और अपनी पत्नी पर एक के बाद एक चार गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
आक्रोशित भीड़ का न्याय और आरोपी की मौके पर मौत
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए और भागने की कोशिश कर रहे प्रदीप को दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का गुस्सा इस कदर चरम पर था कि उन्होंने आरोपी से हथियार छीनकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घंटों चली इस हिंसा और मारपीट के कारण आरोपी पति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह मामला अब एक दोहरे हत्याकांड और मॉब लिंचिंग के रूप में तब्दील हो गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की तत्परता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं क्योंकि वारदात की जगह थाने से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि पुलिस समय रहते सूचना पाकर पहुंच जाती, तो शायद आरोपी को भीड़ के हाथों मरने से बचाया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कारतूस के खोखे बरामद कर लिए हैं, लेकिन अब तक इस सामूहिक हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी न होना प्रशासन की विफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच की दिशा और अधिकारियों का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और जल्द ही इस खूनी रंजिश व भीड़ द्वारा की गई हिंसा के वास्तविक दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।
मंत्री चयन में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश, कई नाम जुड़े और कटे
7 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजनीति में जातीय समीकरणों की अहमियत को देखते हुए हालिया मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक संतुलन साधने की पुरजोर कोशिश की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा और जदयू सहित सहयोगी दलों ने अपनी चुनावी बिसात को ध्यान में रखकर चेहरों का चयन किया है। जहाँ एक ओर भाजपा ने अपने अनुभवी चेहरों की जगह नए जातीय समीकरणों को तरजीह दी है, वहीं जदयू ने भी अपने कुनबे को विस्तार देते हुए कई चौंकाने वाले निर्णय लिए हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार अधिकतम 36 मंत्रियों की सीमा को ध्यान में रखते हुए इस बार कई कद्दावर नेताओं को सूची से बाहर रहना पड़ा है।
सत्ता के गलियारों में चौंकाने वाले बदलाव और नए उदय
बिहार के राजनैतिक घटनाक्रम में सबसे अधिक चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के मंत्री पद की शपथ लेने की रही, जिसे परिवारवाद के खिलाफ रहने वाली जदयू की रणनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा के दिग्गज नेता और पश्चिम बंगाल के प्रभारी मंगल पांडेय का नाम अंतिम सूची से कटना भी सबको हैरान कर गया। माना जा रहा है कि ब्राह्मण कोटे से नीतीश मिश्रा और मिथिलेश तिवारी के नाम शामिल होने के कारण जातीय संतुलन बिठाने के चक्कर में मंगल पांडेय को जगह नहीं मिल सकी।
राजधानी और कायस्थ समाज की प्रतिनिधित्व पर चर्चा
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पटना के शहरी क्षेत्र और कायस्थ समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन के पदभार संभालने के बाद रिक्त हुई मंत्री पद की जगह पर किसी कायस्थ चेहरे को मौका नहीं मिला है, जिससे सोशल मीडिया पर समाज के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। इस नए फेरबदल के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
शहरी प्रतिनिधित्व का अभाव: पटना शहर से नितिन नवीन के बाद अब मंत्रिमंडल में कोई भी स्थानीय चेहरा शामिल नहीं है।
कायस्थ भागीदारी शून्य: बिहार के निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कायस्थ समाज से इस बार एक भी विधायक को मंत्री पद नहीं मिला है।
संजीव चौरसिया की अनदेखी: पटना से प्रबल दावेदार माने जा रहे संजीव चौरसिया को भी इस विस्तार में जगह नहीं मिल पाई है।
सोशल मीडिया पर आक्रोश: प्रतिनिधित्व न मिलने से नाराज समर्थक और समाज के लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं।
दलों के भीतर जातीय भागीदारी का विस्तृत विवरण
मंत्रिमंडल के 36 सदस्यों के चयन में अति पिछड़ा वर्ग (EBC), दलित और पिछड़ा वर्ग (OBC) को विशेष प्राथमिकता दी गई है ताकि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने का संदेश दिया जा सके। गठबंधन के विभिन्न दलों की भागीदारी के प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं:
भाजपा का समीकरण: भाजपा के 16 मंत्रियों में रामकृपाल यादव (OBC), विजय कुमार सिन्हा (भूमिहार), श्रेयसी सिंह (राजपूत) और लखेंद्र पासवान (दलित) जैसे नाम शामिल हैं, जहाँ EBC चेहरों पर बड़ा दांव लगाया गया है।
जदयू की रणनीति: मुख्यमंत्री के दल ने 15 मंत्रियों के साथ अपना दबदबा बनाए रखा है, जिसमें निशांत कुमार और श्रवण कुमार (कुर्मी), अशोक चौधरी (दलित) और जमा खान (अल्पसंख्यक) को स्थान मिला है।
सहयोगी दलों का हिस्सा: चिराग पासवान की पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को जगह मिली है, जबकि संतोष मांझी (हम-से) और दीपक प्रकाश (रालोमो) ने भी अपने-अपने दलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।
संतुलन की कोशिश: पूरी सूची में राजपूत, भूमिहार, ब्राह्मण और विभिन्न पिछड़ी जातियों के बीच सत्ता की हिस्सेदारी को बारीकी से बांटने का प्रयास किया गया है।
उधर शपथ ग्रहण की तैयारी, इधर JDU नेता के परिवार पर पुलिस कार्रवाई
7 May, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले में प्रशासन ने भू-माफियाओं और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रभावशाली चेहरों के विरुद्ध एक अत्यंत आक्रामक अभियान छेड़ दिया है। कुचायकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलवा गांव में करोड़ों रुपये की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मामले में पुलिस ने बाहुबली सतीश पांडेय के नया गांव तुलसिया स्थित निवास पर ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचकर कानूनी इश्तहार चस्पा किया है। इस बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने जिले के रसूखदारों और राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के शिकंजे से कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाएगा।
करोड़ों की भूमि और हाई-प्रोफाइल साजिश का पर्दाफाश
इस समूचे विवाद की जड़ बेलवा गांव की लगभग 16 एकड़ मूल्यवान भूमि है, जिस पर रसूख और बाहुबल के दम पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी में जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी जैसे बड़े नामों को शामिल किया गया है। इन सभी पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने और जमीन हड़पने की गहरी साजिश रचने का आरोप है। पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
कानूनी शिकंजा और इश्तहार चस्पा होने की गूंज
पुलिस ने फरार आरोपियों की तलाश में उनके ठिकानों पर दबिश देना शुरू कर दिया है और कानूनी प्रक्रिया के तहत इश्तहार चस्पा कर उन्हें आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है। ढोल-नगाड़ों के साथ की गई इस कार्रवाई ने स्थानीय स्तर पर भारी चर्चा पैदा कर दी है, क्योंकि इससे पहले इतने बड़े स्तर पर रसूखदारों के विरुद्ध ऐसी सार्वजनिक कार्रवाई कम ही देखने को मिली थी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मामला चाहे कितना भी हाई-प्रोफाइल क्यों न हो, जांच की निष्पक्षता और न्याय की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
अदालती सुनवाई और रसूखदारों की बढ़ती मुश्किलें
इश्तहार की कार्रवाई के बाद अब सभी की निगाहें न्यायालय के आगामी आदेशों पर टिकी हुई हैं, जहां विधायक पप्पू पांडेय और सतीश पांडेय की जमानत याचिकाओं पर गुरुवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। यह दिन इस पूरे प्रकरण के लिए एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है क्योंकि कोर्ट का फैसला ही इन रसूखदारों के राजनीतिक और सामाजिक भविष्य की दिशा तय करेगा। फिलहाल गोपालगंज पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी कर रही हैं, जिससे जिले के भू-माफियाओं के बीच भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
देर रात लूटपाट की वारदात, विरोध करते ही युवक पर फायरिंग
7 May, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड में बुधवार की देर रात बेखौफ अपराधियों ने लूटपाट की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है, जहां एक युवक को गोली मारकर उसकी मोटरसाइकिल लूट ली गई। कांटी थाना क्षेत्र का रहने वाला यह युवक अपनी ड्यूटी पूरी कर घर वापस लौट रहा था, तभी रास्ते में घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे अपना निशाना बनाया। अपराधियों के दुस्साहस का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पहले युवक से चाबी छीनने की कोशिश की और प्रतिरोध करने पर उसके पैर में गोली मार दी। फिलहाल घायल युवक का उपचार अस्पताल में चल रहा है और इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में असुरक्षा और भय का माहौल व्याप्त है।
रूपौली चौक पर अपराधियों का तांडव और लूटपाट
वारदात की यह घटना करजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रूपौली चौक के समीप घटित हुई जब युवक शहर के जूरन छपरा इलाके से अपना काम खत्म कर देर रात घर वापस आ रहा था। चश्मदीदों और प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक चौक पर पान खाने के लिए रुका था, तभी दो बाइकों पर सवार होकर आए तीन बदमाशों ने उसे घेर लिया। अपराधियों ने पहले युवक को डराकर चाबी मांगी और जब उसने अपनी संपत्ति बचाने का प्रयास किया, तो अपराधियों ने क्रूरता दिखाते हुए उसके पैर में गोली दाग दी। युवक के जमीन पर गिरते ही बदमाश उसकी बाइक लेकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिसिया तफ्तीश और सीसीटीवी फुटेज का सहारा
घटना की जानकारी मिलते ही करजा थाना पुलिस सक्रिय हो गई और पुलिस बल ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जांच टीम घटनास्थल के आसपास लगे विभिन्न सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों के भागने के मार्ग और उनकी पहचान के पुख्ता सुराग मिल सकें। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी की मदद से लुटेरों के हुलिए का पता लगाकर उन्हें जल्द ही कानून के शिकंजे में ले लिया जाएगा। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गश्त तेज कर दी है और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
साक्ष्यों की बरामदगी और गिरफ्तारी के प्रयास
करजा थाना प्रभारी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है जो अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए हथियार का पुख्ता प्रमाण है। पुलिस ने घायल युवक का प्रारंभिक बयान दर्ज कर लिया है और अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर छापेमारी की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने दावा किया है कि इस लूटकांड में शामिल अपराधियों को चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और बहुत जल्द उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस बीच घायल युवक की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और चिकित्सक उसकी रिकवरी पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
दर्दनाक सड़क हादसे में मासूम ने तोड़ा दम, परिवार में पसरा मातम
7 May, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड क्षेत्र में एक अत्यंत दुखद सड़क दुर्घटना घटित हुई है, जिसमें एक मासूम बच्ची की जान चली गई। लौकरिया थाना क्षेत्र के सिधाव गांव का एक परिवार जब खुशी-खुशी एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने जा रहा था, तभी रास्ते में काल बनकर आए एक ट्रैक्टर ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया। इस हृदयविदारक हादसे में आठ वर्षीय मासूम आश्मिता कुमारी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उसके परिवार के अन्य सदस्य जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस घटना के बाद से पूरे सिधाव गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस अनहोनी से स्तब्ध है।
मांगलिक कार्यक्रम की राह में पसरा सन्नाटा
हादसे का शिकार हुआ परिवार अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर पड़ोसी देश नेपाल के परसा जिला स्थित महुवन गांव की ओर जा रहा था, जहां उन्हें एक शादी समारोह में शिरकत करनी थी। जैसे ही उनकी बाइक इनरवा थाना क्षेत्र के पुढारी–नरकटियागंज मुख्य मार्ग पर पचामवा ईदगाह के निकट पहुंची, एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने ओवरटेक करने की कोशिश में उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक पर सवार मासूम बच्ची ने मौके पर ही दम तोड़ दिया और विवाह की खुशियां पल भर में चीख-पुकार में तब्दील हो गई। आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं।
घायलों की गंभीर स्थिति और चिकित्सा प्रयास
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए बच्ची के पिता उमेश साह, माता सिंधू देवी और भाई आर्यन कुमार को स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता से तत्काल नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती तीनों घायलों की स्थिति फिलहाल नाजुक बनी हुई है और चिकित्सक उन्हें बेहतर उपचार प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। परिवार के मुखिया और अन्य सदस्यों को लगी गंभीर चोटों के कारण उन्हें गहन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है। इस बीच अस्पताल परिसर में परिजनों और परिचितों की भीड़ जमा हो गई है, जो अपने स्वजनों के स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
प्रशासनिक जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया
हादसे की सूचना प्राप्त होते ही स्थानीय पुलिस बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मृतका के शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और टक्कर मारने वाले ट्रैक्टर की तलाश की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस मामले में गहन जांच की जाएगी और लापरवाह वाहन चालक के विरुद्ध सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे। इस भीषण सड़क हादसे ने एक बार फिर मुख्य मार्गों पर वाहनों की अनियंत्रित गति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार में आज मंत्रिमंडल विस्तार, भाजपा कोटे से कई नए चेहरे शामिल
7 May, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है क्योंकि राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नई सरकार के मंत्रिमंडल का भव्य विस्तार होने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से खराब मौसम और तेज आंधी-बारिश ने प्रशासन की चिंताएं बढ़ा दी थीं, लेकिन आज सुबह खिली धूप ने आयोजन के लिए राहत की खबर दी है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति बिहार के राजनीतिक भविष्य के लिए अत्यंत अहम मानी जा रही है, जहां वह भाजपा नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे।
ऐतिहासिक गांधी मैदान में नई कैबिनेट का उदय
दोपहर सवा बारह बजे के करीब गांधी मैदान में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट को उसका वास्तविक और पूर्ण स्वरूप प्राप्त होगा। हालांकि मुख्यमंत्री और उनके दो सहयोगियों ने पूर्व में ही शपथ ले ली थी, परंतु मंत्रिमंडल की रिक्तियों के कारण शासन की गतिविधियां सीमित चल रही थीं। आज प्रधानमंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा जैसे दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बिहार की सत्ता का यह नया समीकरण अपनी पूरी शक्ति के साथ धरातल पर उतरेगा।
दलगत सूचियां और संभावित चेहरों पर सस्पेंस
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सभी घटक दलों ने अपनी सूचियां मुख्यमंत्री को सौंप दी हैं, जिसमें जनता दल यूनाइटेड ने अपने पुराने विश्वसनीय चेहरों के साथ कुछ नए नामों को भी शामिल किया है। भाजपा की ओर से नामों को बेहद गोपनीय रखा गया है और परंपरा के अनुसार अंतिम क्षणों में ही इन चेहरों से पर्दा उठाया जाएगा। इस बार की सूची में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है ताकि आगामी शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाया जा सके।
प्रतीक्षित नामों की चर्चा और राजनैतिक कयास
संभावित मंत्रियों की फेहरिस्त में जदयू की ओर से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी और लेशी सिंह जैसे दिग्गजों के नाम तय माने जा रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के परिवार से जुड़े नामों की चर्चा ने भी सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। भाजपा खेमे से विजय कुमार सिन्हा और श्रेयसी सिंह जैसे नेताओं के पास राजभवन से बुलावा आने की सूचना है, जिससे कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार हुआ है। गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों जैसे लोजपा (रामविलास) और हम (एस) ने भी अपने कोटे से प्रमुख नामों को अंतिम रूप दे दिया है।
सत्ता का नया समीकरण और भविष्य की चुनौतियां
मंत्रिमंडल के इस विस्तार के साथ ही बिहार में शासन की बागडोर अब पूरी तरह से नई टीम के हाथों में होगी जो विकास और सुशासन के दावों को अमली जामा पहनाने का प्रयास करेगी। शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद नई कैबिनेट की औपचारिक बैठक होने की भी संभावना है जिसमें राज्य के विकास से जुड़े कुछ बड़े नीतिगत निर्णय लिए जा सकते हैं। डिजिटल माध्यमों पर भी इस पूरे घटनाक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा ताकि जनता अपने नए जन प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी संभालते हुए देख सके।
रोड शो के चलते कई मार्ग डायवर्ट, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
7 May, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी का ऐतिहासिक गांधी मैदान आज एक गौरवशाली अध्याय का साक्षी बनने जा रहा है, जहां सम्राट सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित भाजपा और जदयू के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। समारोह से पूर्व प्रधानमंत्री द्वारा पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक एक भव्य रोड शो भी निकाला जाएगा, जिसकी सुरक्षा और सुचारू संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए सुबह से ही यातायात के नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि वीवीआईपी आवाजाही और आम जनता को किसी बड़ी असुविधा का सामना न करना पड़े।
राजधानी में सुरक्षा घेरा और प्रमुख मार्गों पर पाबंदी
प्रधानमंत्री के रोड शो और शपथ ग्रहण समारोह को देखते हुए शहर के मुख्य केंद्रों को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। गांधी मैदान और उसके आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है, साथ ही एयरपोर्ट से लेकर बेली रोड और पटना जंक्शन से डाकबंगला तक के मार्ग वाहनों के लिए बंद रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से जीपीओ, कोतवाली, पुलिस लाइन और अशोक राजपथ के महत्वपूर्ण मोड़ों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि पैदल यात्रियों और काफिले के मार्ग में कोई बाधा न आए। प्रशासन ने बाकरगंज और मौर्या होटल के निकटवर्ती रास्तों को भी प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है जिससे शहर के व्यस्ततम इलाकों में यातायात का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
यातायात डायवर्जन और पार्किंग की वैकल्पिक व्यवस्था
शपथ ग्रहण के दौरान ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए कई रूटों पर डायवर्जन लागू किया गया है, जिसके तहत डाकबंगला चौराहे से आने वाले वाहनों को न्यू डाकबंगला और राजेंद्र पथ की ओर मोड़ा जा रहा है। मुख्य सड़कों के किनारे किसी भी प्रकार के वाहन या ठेले खड़े करने पर सख्त पाबंदी है और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। आयोजन में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के वाहनों के लिए जेपी गंगा पथ और डबल डेकर ब्रिज के निचले हिस्से में विशेष पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। एसपी वर्मा रोड और एक्जीबिशन रोड जैसे संवेदनशील इलाकों में प्रवेश को नियंत्रित किया गया है ताकि समारोह स्थल के आसपास की सड़कों पर अनावश्यक भीड़ जमा न हो।
आपातकालीन सेवाओं के लिए समर्पित ग्रीन कॉरिडोर
आम नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने आयोजन के बीच एक विशेष 'सेफ पैसेज' की व्यवस्था की है। जेपी गोलंबर से चिल्ड्रेन पार्क के मध्य का रास्ता पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में एम्बुलेंस या मरीज को बिना किसी देरी के तारा हॉस्पिटल अथवा पीएमसीएच पहुंचाया जा सके। आपातकालीन सेवाओं के लिए बनाए गए इस ग्रीन कॉरिडोर पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध लागू नहीं होगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुरक्षा के कड़े पहरों के बीच भी स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहें। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे निर्धारित रूट चार्ट का पालन करें और इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें।
मुजफ्फरपुर में रेल हादसे में मजदूर की मौत, इलाके में शोक
6 May, 2026 03:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: ट्रेन से गिरकर कंस्ट्रक्शन कंपनी के कर्मचारी की दर्दनाक मौत, शादी समारोह से लौटते समय सीहो स्टेशन के पास हुआ हादसा
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक हृदयविदारक रेल दुर्घटना की खबर आई है, जहां चलती ट्रेन से असंतुलित होकर गिरने के कारण एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह दुखद घटना मुजफ्फरपुर-समस्तीपुर रेलखंड पर स्थित सीहो स्टेशन के समीप मंगलवार की देर शाम घटित हुई। जैसे ही इस हादसे की जानकारी रेल पुलिस को मिली, उन्होंने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए घटनास्थल का मुआयना किया और मामले की तहकीकात शुरू कर दी। मृतक की पहचान मुकेश कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो एक नामी निर्माण कंपनी में फेब्रिकेटर के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें पटरियों के पास से अत्यंत गंभीर अवस्था में बरामद किया था, परंतु दुर्भाग्यवश चिकित्सा प्रयासों के बाद भी उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती और उपचार के दौरान अंतिम सांस
दुर्घटना के तुरंत बाद रेल पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायल मुकेश कुमार सिंह को ट्रैक के किनारे से उठाकर उपचार हेतु मुजफ्फरपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया था। उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तत्काल चिकित्सा उपलब्ध कराई, क्योंकि उनके हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई थीं। अत्यधिक रक्तस्राव और शरीर के अंगों के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों द्वारा काफी मशक्कत किए जाने के बावजूद 45 वर्षीय मुकेश ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। इस सूचना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
खुशियों के माहौल के बीच पसरा मातम और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
जानकारी के मुताबिक मुकेश कुमार सिंह अपने परिवार में आयोजित एक विवाह समारोह में सम्मिलित होने के लिए छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। शादी की रस्में पूरी होने के बाद वे वापस अपने कार्यस्थल बरौनी जाने की तैयारी में थे और इसी उद्देश्य से उन्होंने मुजफ्फरपुर से ट्रेन पकड़ी थी। सफर के दौरान अचानक ट्रेन से गिरने की वजह से यह अनहोनी हो गई और खुशियों भरा घर अचानक मातम में तब्दील हो गया। उनके भांजे ने बताया कि मुकेश परिवार के प्रति अत्यंत समर्पित और परिश्रमी व्यक्ति थे, जिनका इस तरह चले जाना पूरे कुनबे के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शादी के जश्न की यादें अभी ताजी ही थीं कि इस भीषण हादसे ने परिवार के सदस्यों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
रेल पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम और दुर्घटना के कारणों की सघन जांच
घटना के उपरांत रेलवे पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मृतक के पार्थिव शरीर को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ या फिर कोई अन्य तकनीकी कारण जिम्मेदार था। पुलिस यह भी जानने का प्रयास कर रही है कि मुकेश किस बोगी में सवार थे और गिरने के समय वहां की स्थितियां क्या थीं। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया जाएगा, जबकि रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सतर्कता बरतने की बात कह रहा है।
डिप्टी सीएम की चर्चा के बीच अब मंत्री पद की संभावना, निशांत कुमार पर नजर
6 May, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार मंत्रिमंडल विस्तार के बीच निशांत कुमार के नाम पर अटकलें तेज, जदयू के भीतर मंत्री पद को लेकर छिड़ी बहस
जनता दल यूनाइटेड की सदस्यता ग्रहण करने के बाद से ही निशांत कुमार बिहार की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। हाल ही में जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री का पद छोड़ा और सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री घोषित किया गया, तब कयास लगाए जा रहे थे कि निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। हालांकि, पार्टी ने अपने अनुभवी नेताओं को वरीयता दी। अब जब राज्य में मंत्रिमंडल के विस्तार की प्रक्रिया चल रही है, तो एक बार फिर सियासी गलियारों में निशांत कुमार को मंत्री बनाए जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। इन चर्चाओं के बीच पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और रणनीतिकार इस संभावना को खारिज कर रहे हैं। उनका मानना है कि निशांत वर्तमान में बिहार की यात्रा पर हैं और वे जल्दबाजी में कोई भी प्रशासनिक पद स्वीकार करने के बजाय जमीनी स्तर पर राजनीतिक समझ विकसित करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री की दौड़ के बाद मंत्री पद स्वीकार करने पर पार्टी नेताओं की राय
निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर जदयू के भीतर अलग-अलग मत उभरकर सामने आ रहे हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं का तर्क है कि जब कुछ समय पहले तक निशांत कुमार का नाम उपमुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए चल रहा था, तो अब उनके लिए मंत्रिमंडल में एक साधारण मंत्री का पद स्वीकार करना उचित नहीं होगा। उनके अनुसार, पद के पदानुक्रम में यह एक कदम पीछे हटने जैसा होगा। नेताओं का कहना है कि निशांत कुमार ने स्वयं स्पष्ट किया था कि वह अगले कुछ समय तक पूरे बिहार का भ्रमण करेंगे ताकि वे जनता की समस्याओं को करीब से जान सकें और लोग भी उनके विचारों से अवगत हो सकें। ऐसी स्थिति में, सम्राट चौधरी की सरकार में फिलहाल शामिल होने के बजाय संगठन के लिए काम करना उनके लंबे राजनीतिक करियर के लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है।
पार्टी के आधिकारिक रुख और मीडिया की खबरों के बीच का अंतर
भले ही सोशल मीडिया और मीडिया के विभिन्न वर्गों में निशांत कुमार को मंत्री बनाए जाने की खबरें प्रमुखता से चल रही हों, लेकिन पार्टी के आंतरिक सूत्रों का कहना है कि आधिकारिक तौर पर ऐसी कोई चर्चा फिलहाल नहीं है। जदयू के पदाधिकारियों का मानना है कि इस तरह की खबरें केवल अटकलों पर आधारित हैं। पार्टी के भीतर यह स्पष्ट संदेश है कि इस संबंध में कोई भी अंतिम निर्णय केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ही लेंगे और अब तक उनकी ओर से ऐसा कोई संकेत या निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। पार्टी कार्यकर्ताओं का एक बड़ा हिस्सा यह भी मानता है कि निशांत को किसी पद पर बैठाने के बजाय उन्हें स्वतंत्र रूप से बिहार के दौरे पर रहने देना चाहिए ताकि वे भविष्य के लिए एक मजबूत और लोकप्रिय नेता के रूप में उभर सकें।
निशांत कुमार की आगामी रणनीति और संगठन में उनकी भूमिका पर नजर
निशांत कुमार फिलहाल किसी भी पद की दौड़ से दूर रहकर खुद को एक गंभीर छात्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं जो बिहार की जटिल राजनीति को करीब से देख रहा है। उनकी बिहार यात्रा को उनके राजनीतिक भविष्य की नींव माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार के विश्वसनीय सहयोगियों ने भी फिलहाल उन्हें किसी भी सरकारी जिम्मेदारी से दूर रखने की सलाह दी है ताकि उनके ऊपर सत्ता विरोधी लहर या शासन की विफलताओं का कोई दाग न लगे। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या निशांत कुमार अपनी यात्रा जारी रखते हैं या पार्टी की रणनीतियों के तहत उन्हें सरकार में कोई विशेष जिम्मेदारी सौंपी जाती है। फिलहाल, जदयू के अंदरूनी खेमे में शांति बनी हुई है और सभी की नजरें राष्ट्रीय अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हैं।
दिल दहला देने वाली वारदात, मासूम से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने
6 May, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: मदद के बहाने नाबालिग से दरिंदगी, चलती कार और सूने मकान में सामूहिक दुष्कर्म के बाद दो आरोपी गिरफ्तार
बिहार की राजधानी में मानवता को कलंकित करने वाला एक जघन्य मामला प्रकाश में आया है, जहाँ एक नाबालिग लड़की की लाचारी का फायदा उठाकर तीन युवकों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता विजयवाड़ा से ट्रेन के जरिए पटना जंक्शन पहुंची थी, जहाँ उसका मोबाइल चोरी हो जाने के कारण वह काफी परेशान थी। इसी बेबसी का लाभ उठाते हुए विकास नामक युवक ने उसे सहायता का भरोसा दिया और ऑटो में बैठाकर गांधी मैदान ले गया। वहां उसने अपने साथी अरविंद को कार के साथ बुला लिया और फिर दोनों ने जान से मारने का डर दिखाकर किशोरी को वाहन में खींच लिया। आरोपियों ने चलती कार में लड़की के साथ हैवानियत की और उसके बाद उसे एक सुनसान स्थान पर ले गए।
निर्माणाधीन भवन में रात भर हैवानियत और पीड़िता की चीखें
अपराधी शाम के समय नाबालिग को सरिस्ताबाद इलाके के एक निर्माणाधीन मकान में ले गए, जहाँ उन्होंने अपने तीसरे साथी पवन को भी मौके पर बुला लिया। उस वीरान मकान के एक कमरे में तीनों आरोपियों ने पूरी रात पीड़िता के साथ बारी-बारी से दरिंदगी की। किशोरी अपनी जान की भीख मांगती रही और दर्द से तड़पती रही, लेकिन उन दरिंदों का दिल नहीं पसीजा। रात भर चली इस बर्बरता के बाद आरोपियों ने अगले दिन पीड़िता को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इस पूरी घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और अपराधियों के बेखौफ हौसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जागरूक यात्रियों की सतर्कता से दबोचे गए अपराधी और पुलिस की कार्रवाई
वारदात के बाद आरोपी विकास ने पीड़िता को डराने-धमकाने के उद्देश्य से दानापुर स्टेशन पर छोड़ दिया, लेकिन वह यह सुनिश्चित करने के लिए वापस आया कि लड़की पुलिस के पास न जाए। स्टेशन पर जब वह दोबारा किशोरी को धमका रहा था, तब वहां मौजूद रेल यात्रियों को उनकी बहस देखकर संदेह हुआ। यात्रियों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए दानापुर रेल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विकास को हिरासत में ले लिया और उसकी निशानदेही पर पवन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, कार का मालिक अरविंद अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण और फरार आरोपी की तलाश तेज
पुलिस ने घटना के संबंध में मामला दर्ज कर पीड़िता को चिकित्सीय जांच और उचित उपचार के लिए अस्पताल भेजा है। पकड़े गए दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की तह तक पहुँचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। फिलहाल, फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। शहर के लोगों ने इस घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
मेडिकल एंट्रेंस में सॉल्वर गैंग सक्रिय, चार आरोपी गिरफ्तार
6 May, 2026 07:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ: नीट परीक्षा में सेंधमारी की बड़ी साजिश नाकाम, 60 लाख की डील करने वाले चार नए आरोपी गिरफ्तार
नालंदा पुलिस ने नीट परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए चार और शातिर आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए इन आरोपियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने के लिए गिरोह के सरगनाओं के साथ 50 से 60 लाख रुपये का भारी-भरकम सौदा किया था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस सौदे को पक्का करने के लिए आरोपियों ने गिरोह को करीब दो लाख रुपये एडवांस के तौर पर पहले ही दे दिए थे। पूर्व में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपियों के मोबाइल डेटा और उनकी निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीमों ने अलग-अलग जिलों के परीक्षा केंद्रों से इन जालसाजों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद इस पूरे प्रकरण में अब तक कुल सात लोग सलाखों के पीछे पहुँच चुके हैं।
मोबाइल चैट और साक्ष्यों ने खोली अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की पोल
इस पूरे खेल का खुलासा तब हुआ जब राजगीर पुलिस ने पावापुरी चौक के पास चेकिंग के दौरान एक एमबीबीएस छात्र को उसके साथियों के साथ दबोचा था। पुलिस द्वारा मुख्य सरगना अवधेश कुमार के मोबाइल की गहन जांच करने पर ऐसे कई नंबर और चैट मिले, जिनसे नीट परीक्षा में होने वाली बड़ी धांधली का सुराग मिला। राजगीर डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई इस जांच से पता चला कि यह गिरोह सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और औरंगाबाद जैसे शहरों में अपना जाल फैला चुका था। पकड़े गए आरोपियों में से कई प्रतिष्ठित परिवारों और मेडिकल पृष्ठभूमि से जुड़े हैं, जिन्होंने शॉर्टकट से डॉक्टर बनने के चक्कर में लाखों रुपये दांव पर लगा दिए थे।
मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से फेल हुई सॉल्वर बैठाने की योजना
पुलिस की कड़ी पूछताछ में पकड़े गए चारों अभियुक्तों—हर्षराज, मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार—ने अपना गुनाह स्वीकार करते हुए बताया कि वे उज्जवल राज और अमन कुमार सिंह जैसे सरगनाओं के संपर्क में थे। उनकी योजना के मुताबिक परीक्षा केंद्रों पर उनकी जगह फर्जी सॉल्वर को बैठना था, लेकिन ऐन वक्त पर गिरोह के मुख्य सदस्यों की गिरफ्तारी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। अभियुक्तों ने कबूला कि मोटी रकम के लालच में उन्होंने परीक्षा से पहले ही डेढ़ से दो लाख रुपये का भुगतान कर दिया था। पुलिस की टीमें अब इस नेक्सस के अन्य फरार सदस्यों और गिरोह को आर्थिक मदद देने वाले अन्य लोगों की तलाश में जमुई और मुजफ्फरपुर सहित कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और आगामी कानूनी कार्यवाही
इस हाई-प्रोफाइल मामले को सुलझाने के लिए पावापुरी, छबीलापुर और कतरीसराय जैसे कई थानों की संयुक्त टीम बनाई गई थी, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस सिंडिकेट को ध्वस्त किया है। डीएसपी ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तार किए गए सभी सातों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है और अब पुलिस इनके अन्य बैंक खातों और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। विभाग का मानना है कि इस गिरोह के तार बिहार के बाहर अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी गहनता से तफ्तीश की जा रही है ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं की शुचिता बरकरार रखी जा सके और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी सजा मिल सके।
बिहार कैबिनेट में जनहित से जुड़े फैसलों पर रहेगी नजर
6 May, 2026 07:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज होगी कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक, विकास योजनाओं पर लग सकती है मुहर
बिहार की राजनीति और शासन के लिहाज से आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, छह मई को शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय में कैबिनेट की एक विशेष बैठक बुलाई है। मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहटों के बीच आयोजित हो रही इस बैठक को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री राज्य की जनता के लिए कई बड़ी घोषणाएं कर सकते हैं। इस उच्चस्तरीय बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के साथ-साथ मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के सचिव भी शिरकत करेंगे। माना जा रहा है कि सरकार इस बैठक के माध्यम से बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा के स्तर में सुधार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे सकती है।
पिछली बैठक के बड़े फैसले और पुलिस महकमे में व्यापक सुधार
इससे पहले 29 अप्रैल को हुई कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास की गति को तेज करते हुए कुल 63 प्रस्तावों को अपनी मंजूरी दी थी। उस बैठक के दौरान एक प्रमुख फैसला पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर 'पटना जू' करने का लिया गया था। इसके अतिरिक्त, गृह विभाग के अंतर्गत राज्य की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भागलपुर, मुजफ्फरपुर, नालंदा और गया जैसे प्रमुख शहरों में यातायात पुलिस के लिए 485 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई थी। साथ ही पूर्व से मौजूद 1606 पदों के पुनर्गठन को भी हरी झंडी दिखाई गई थी, जिससे शहरी क्षेत्रों में जाम की समस्या से निपटने में मदद मिल सके।
पदोन्नति के अवसरों और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की तैयारी
पिछली कैबिनेट में पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाने के लिए भी एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया गया था, जिसमें बिहार पुलिस अवर निरीक्षक और उसके समकक्ष सृजित 20,937 पदों में से आधे पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने के लिए चिन्हित करने की स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज होने वाली बैठक में इसी तरह के बड़े प्रशासनिक और ढांचागत फैसलों की उम्मीद की जा रही है। सचिवालय के गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से पहले और मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री कुछ ऐसे बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे सकते हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता और प्रदेश के विकास को मिले।
रोजगार और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित रह सकती है आज की चर्चा
आज शाम होने वाली इस बैठक का मुख्य एजेंडा राज्य में निवेश बढ़ाना और रोजगार के नए सृजन करना हो सकता है। मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में खाली पड़े पदों को भरने और नई परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन पर भी विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सभी विभागों के सचिवों को महत्वपूर्ण प्रस्तावों के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक फाइलों पर त्वरित निर्णय लिया जा सके। इस बैठक के परिणामों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि यह बैठक सरकार की भविष्य की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करने वाली साबित होगी।
विक्रमशिला सेतु खराब होने से संकट, नावों के भरोसे चल रहा आवागमन
6 May, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर: विक्रमशिला सेतु की क्षति से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण और मरम्मत के दिए सख्त निर्देश
भागलपुर जिले के महत्वपूर्ण विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद आम जनता की कठिनाइयां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। इस प्रमुख सेतु पर आवागमन बाधित होने के कारण प्रतिदिन हजारों मुसाफिरों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। संकट की इस घड़ी में जिला प्रशासन ने राहत प्रदान करने के उद्देश्य से गंगा घाटों पर नावों के संचालन की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है। इन घाटों पर सुरक्षा और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए दंडाधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन की प्राथमिकता वर्तमान में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नदी पार कराना और सेतु की मरम्मत के काम को गति देना है।
नाव के सफर में भारी भीड़ और अव्यवस्था से जूझ रहे मुसाफिर
यद्यपि प्रशासन ने नावों के जरिए लोगों को पार लगाने का प्रयास किया है, लेकिन धरातल पर स्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। प्रशासन ने नाव चालकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे क्षमता से अधिक सवारी न बैठाएं और निर्धारित दर पर ही किराया वसूलें, फिर भी यात्रियों को लंबी कतारों और अव्यवस्था से दो-चार होना पड़ रहा है। घाटों पर उमड़ती भारी भीड़ के कारण लोगों को नाव पकड़ने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है जिससे उनके दैनिक कार्य और व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि नाव का विकल्प केवल तात्कालिक है और इससे बड़ी आबादी की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया जायजा और बहाली के लिए दिए निर्देश
पुल की गंभीर स्थिति और जनता की परेशानी को देखते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। हवाई मार्ग से सेतु की स्थिति का जायजा लेने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बरारी पुल घाट के पास बैठक की। इस दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव सहित कई बड़े अधिकारी मौके पर उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा है कि पुल निर्माण विभाग की टीम के साथ समन्वय बिठाकर मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जाए ताकि प्रदेश के इस महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग को बिना किसी विलंब के दोबारा चालू किया जा सके।
स्थायी समाधान की प्रतीक्षा और प्रशासन की भविष्य की रणनीति
क्षेत्र के लोग वर्तमान में की गई वैकल्पिक व्यवस्थाओं को नाकाफी मान रहे हैं और जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कर स्थायी समाधान की गुहार लगा रहे हैं। जिलाधिकारी ने इस संबंध में जानकारी दी कि विभाग की तकनीकी टीम निरंतर कार्य कर रही है और विशेषज्ञों की राय के आधार पर बहाली की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि पुल की सुरक्षा से बिना कोई समझौता किए इसे जल्द से जल्द हल्के वाहनों के लिए खोला जाए। जब तक सेतु का संचालन सामान्य नहीं हो जाता, तब तक गंगा के विभिन्न घाटों पर सुरक्षा प्रबंधों को और अधिक सख्त करने और नावों की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
पुल निर्माण विभाग की सक्रियता और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर जोर
सेतु की मरम्मत के लिए पुल निर्माण विभाग के अभियंताओं की विशेष टीम दिन-रात तकनीकी खामियों को दूर करने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद काम की गति में तेजी आई है और आधुनिक मशीनों के जरिए क्षति का आकलन कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा के दृष्टिकोण से लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करें। सरकार की कोशिश है कि भविष्य में ऐसी तकनीकी खामियां दोबारा न आएं, इसके लिए पुल के बुनियादी ढांचे की मजबूती की भी गहन जांच की जा रही है ताकि लंबे समय तक सुगम यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
बंगाल और असम में मिले जनादेश पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
5 May, 2026 03:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: पश्चिम बंगाल और असम के हालिया चुनावी परिणामों ने भारतीय राजनीति के गलियारों में एक नई वैचारिक चर्चा को जन्म दे दिया है। इन नतीजों को केवल सत्ता के समीकरणों के तौर पर न देखते हुए, राजकुमार चौबे ने इसे समाज के भीतर पनप रही एक गहरी सांस्कृतिक और वैचारिक चेतना के प्रतीक के रूप में परिभाषित किया है। उनके अनुसार, यह जनादेश विकास के साथ-साथ अपनी जड़ों और परंपराओं को सुरक्षित रखने की जन-इच्छा को मजबूती से प्रकट करता है।
सांस्कृतिक अस्मिता और सामाजिक एकजुटता का उदय
राजकुमार चौबे ने देश के वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि अब लोग अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासतों के संरक्षण को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक और संवेदनशील हो गए हैं। यह जागरूकता केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जनसमर्थन के रूप में भी परिवर्तित हो रही है। उनके दृष्टिकोण में, बंगाल के चुनावी नतीजे किसी एक दल की जीत से बढ़कर उन लोगों की एकजुटता का परिणाम हैं, जिन्होंने अपनी परंपराओं और मूल्यों को केंद्र में रखकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
असम का जनादेश और निरंतरता पर अटूट भरोसा
असम में मिली प्रभावी सफलता को चौबे ने शासन की स्थिरता और ठोस विकास कार्यों के प्रति जनता की सामूहिक स्वीकृति करार दिया है। उनका मानना है कि वहां के मतदाताओं ने कामकाज की राजनीति और सरकार की निरंतरता पर अपना भरोसा जताकर यह स्पष्ट कर दिया है कि वे भविष्य की प्रगति के लिए एक स्पष्ट विजन चाहते हैं। यह जीत इस बात की पुष्टि करती है कि जनता केवल नारों पर नहीं, बल्कि धरातल पर हुए बदलावों और अपनी पहचान की सुरक्षा के आधार पर अपना नेतृत्व चुन रही है।
भविष्य की राजनीति और वैचारिक परिवर्तन के संकेत
राजकुमार चौबे ने भारतीय जनता पार्टी को इस शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह जीत जनता की उन अपेक्षाओं और अटूट विश्वास का प्रतिबिंब है, जो उन्होंने संगठन की विचारधारा में दिखाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जनादेश केवल सरकारों के गठन का संकेत नहीं है, बल्कि यह समाज के भीतर चल रहे उस व्यापक वैचारिक बदलाव को भी दर्शाता है जो आने वाले समय में देश की राजनीतिक दिशा को प्रभावित करेगा। लोग अब अपने मूल्यों और पहचान के प्रति अधिक सजग होकर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं।
इलाज के दौरान बुझ गई विक्रम की जिंदगी, घर में पसरा मातम
5 May, 2026 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: जिले के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बीबीगंज रेलवे गुमटी के समीप पिछले दिनों हुई हिंसक झड़प की घटना ने मंगलवार को एक अत्यंत दुखद मोड़ ले लिया। मारपीट में बुरी तरह जख्मी हुए चौदह वर्षीय किशोर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। जैसे ही अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को मौत की सूचना दी, वहां उपस्थित लोगों का धैर्य जवाब दे गया और अस्पताल परिसर में करुण क्रंदन के साथ तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद हो गया है।
बेरहमी से पिटाई के बाद अस्पताल में तोड़ा दम
मृतक किशोर की पहचान रेलवे कॉलोनी निवासी प्रदीप राम के पुत्र विक्रम कुमार के रूप में की गई है, जो महज चौदह वर्ष का था। परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, करीब एक सप्ताह पूर्व मंगलवार की रात कुछ अज्ञात तत्वों ने विक्रम को घेर लिया था और उस पर जानलेवा हमला करते हुए उसे बेरहमी से पीटा था। लहूलुहान हालत में उसे तुरंत एसकेएमसीएच ले जाया गया, परंतु स्वास्थ्य में सुधार न होने और स्थिति और अधिक गंभीर होने के कारण उसे एक निजी चिकित्सा केंद्र में स्थानांतरित किया गया था, जहाँ अंततः वह जीवन की जंग हार गया।
पुलिस की कार्रवाई और फरार आरोपियों की तलाश
मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्रह्मपुरा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हिंसा के संबंध में पहले ही नामजद प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी थी और अब तक एक अभियुक्त को हिरासत में लिया गया है। शेष अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की विशेष टीमें विभिन्न संभावित ठिकानों पर सघन छापेमारी कर रही हैं। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस जघन्य कृत्य में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।
गाँव में पसरा मातम और परिजनों की मांग
विक्रम की असमय मृत्यु के बाद नीलकंठ मंदिर स्थित उसके निवास स्थान पर सन्नाटा पसरा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मृत्यु के कारणों की सटीक पुष्टि हो सके। स्थानीय लोगों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार चल रहे अन्य आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित न्याय दिलाया जाए, क्योंकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सिंहस्थ मेला की व्यापक तैयारियों को लेकर भोपाल में सुरक्षा सम्मेलन व संगोष्ठी आयोजित
23 मिनट में बदली तस्वीर, जांबाजों की कार्रवाई से कांपा पाकिस्तान
‘आरोप साबित करें या माफी मांगें’: BJP का भगवंत मान को नोटिस
सम्राट चौधरी के जिम्मे बड़ा काम, मंत्रियों के विभागों का होगा बंटवारा
सिजेरियन ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, प्रसूता की मौत से उठे सवाल
राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत की तत्परता का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूर: रक्षामंत्री
तमिलनाडु में सियासी ड्रामा: बहुमत साबित करने की शर्त पर अड़े राज्यपाल राजेंद्र
हाईटेंशन टावर पर चढ़े युवक को बचाने चला घंटों रेस्क्यू ऑपरेशन
केरल में CM रेस तेज, खड़गे के फैसले पर टिकी सबकी नजरें
नई रणनीति, नया जोश… पंजाब चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश
