बिहार-झारखण्ड
मिशन दिल्ली पर संजय झा और निशांत कुमार: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर जेडीयू खेमे में बड़ी बैठक की तैयारी
4 Jun, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर पहुंच गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हुए चार दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक किसी भी सियासी दल की ओर से एक भी उम्मीदवार ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया है। दिलचस्प बात यह है कि अभी तक किसी भी गठबंधन या दल ने अपने प्रत्याशियों के नामों का औपचारिक ऐलान तक नहीं किया है। इस कशमकश के बीच जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के भीतर गतिविधियों में काफी तेजी देखी जा रही है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुपुत्र और वर्तमान सरकार में मंत्री निशांत कुमार को लेकर दिल्ली रवाना हुए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि शुक्रवार की शाम तक दोनों नेताओं की पटना वापसी हो जाएगी, जिसके तुरंत बाद उम्मीदवारों की सूची जारी की जा सकती है। वैसे पार्टी सूत्रों का दावा है कि निशांत कुमार का उच्च सदन जाना लगभग तय है।
नीतीश कुमार ने अचानक किया पार्टी दफ्तर का दौरा, सुनीं जनसमस्याएं
इन तमाम चुनावी चर्चाओं के बीच, एक दिन पहले बुधवार को जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष नीतीश कुमार अचानक खुद व्हीलर रोड स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। वे वहां करीब 15 मिनट तक रुके। हालांकि उनके इस औचक दौरे के वक्त दफ्तर में कोई भी मंत्री मौजूद नहीं था। नीतीश कुमार ने कार्यालय में अपनी फरियाद लेकर आए आम लोगों और कार्यकर्ताओं से बेहद आत्मीयता से मुलाकात की और उनकी शिकायतों को सुना। जनता को ढांढस बंधाते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी बात की चिंता करने की जरूरत नहीं है, सभी लोग पूरी निष्ठा से अपना काम करते रहें, सब कुछ बेहतर हो रहा है।
जदयू की चार सीटों पर कार्यकाल खत्म, खाली सीट पर भी तैयारी
बिहार विधान परिषद की जिन नौ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से फिलहाल चार सीटें जनता दल यूनाइटेड के कोटे की हैं। जदयू के गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का कार्यकाल आगामी 28 जून को पूरा हो रहा है। इसके अतिरिक्त, जिस एक सीट पर उपचुनाव होना है, उस पर पहले खुद नीतीश कुमार विधान परिषद सदस्य चुने गए थे। परंतु, उनके राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद से यह सीट रिक्त चल रही है। अब इस खाली सीट पर भी जदयू अपने ही किसी कद्दावर चेहरे को मैदान में उतारने की रणनीति बना रही है।
दावेदारों की रेस में सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला, इन नामों पर मंथन
टिकट वितरण को लेकर जदयू के भीतर जातीय समीकरणों को साधने की पुरजोर कोशिश चल रही है। फिलहाल पार्टी के गलियारों में जिन चेहरों की सबसे ज्यादा चर्चा है, उनमें कुर्मी समाज से निशांत कुमार, कोईरी (कुशवाहा) जाति से राजीव कुमार सिंह, अति पिछड़ा वर्ग का प्रतिनिधित्व करने वाले ललन मंडल और अल्पसंख्यक कोटे से गुलाम रसूल बलियावी का नाम सबसे आगे चल रहा है। सियासी हलकों में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नीतीश कुमार सोशल इंजीनियरिंग के इस ताने-बाने में से किन नामों पर अपनी अंतिम मुहर लगाते हैं।
इंसाफ की मांग को लेकर कोडरमा में उग्र प्रदर्शन: ड्राइवर राजकुमार यादव की हत्या के बाद दो घंटे तक ठप रहा यातायात
4 Jun, 2026 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोडरमा | भूमि विवाद के चलते कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव के निजी ड्राइवर राजकुमार यादव की निर्मम हत्या के बाद पूरे इलाके में जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने कोडरमा थाने के ठीक सामने मुख्य मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। लगभग दो घंटे तक चले इस चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों तरफ गाड़ियों की मीलों लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और स्थानीय यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई।
मुआवजे और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग
सड़क पर उतरे उग्र प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि हत्याकांड में शामिल सभी नामजद आरोपियों को अविलंब सलाखों के पीछे भेजा जाए। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा देने और मामले की शुरुआत में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त एक्शन लेने की मांग भी उठाई गई। इस दौरान माहौल तब और गरमा गया जब ग्रामीणों ने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर इस जघन्य अपराध के दोषियों के मकानों पर बुलडोजर चलाने की पुरजोर मांग शुरू कर दी।
आला अफसरों ने दिया आश्वासन, चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार
चक्काजाम और बढ़ते हंगामे की खबर मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) निर्मल सोरेन और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अरविंद कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों और ग्रामीणों से काफी देर तक वार्ता की और उन्हें निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए अब तक चार मुख्य आरोपियों को दबोचा जा चुका है, जबकि बाकी बचे फरार अपराधियों को पकड़ने के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। इस पुख्ता आश्वासन के बाद ही ग्रामीण सड़क से हटने को राजी हुए।
थाना प्रभारी पर फूटा गुस्सा, लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप
समारोह और प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने कोडरमा के थाना प्रभारी विकास पासवान की कार्यशैली पर गंभीर उंगलियां उठाईं और उन्हें तुरंत पद से हटाने की मांग की। परिजनों का सीधा आरोप है कि जमीन से जुड़े इस विवाद को लेकर पहले भी थाने में लिखित शिकायतें दी गई थीं, लेकिन यदि समय रहते थाना प्रभारी ने उन पर ठोस कदम उठाए होते, तो आज राजकुमार की जान बच सकती थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अफसरों ने आश्वस्त किया है कि इस पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर पुलिसिया लापरवाही उजागर होती है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय गाज गिरेगी।
ग्राउंड जीरो पर पहुंचे गढ़वा उपायुक्त: दानरो नदी में गंदगी फैलाने वालों पर कसेगा शिकंजा, प्रशासन हुआ मुस्तैद
4 Jun, 2026 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा | जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली दानरो नदी को प्रदूषण की मार से बचाने और इसे पूरी तरह स्वच्छ रखने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने स्वयं जमीन पर उतरकर दानरो नदी का औचक निरीक्षण किया और वहां फेंके जा रहे कूड़े-कचरे की चिंताजनक स्थिति को देखा। इस दौरान नदी के विभिन्न घाटों और तटीय हिस्सों में बिना किसी वैज्ञानिक पद्धति के, बेहद लापरवाही से भारी मात्रा में कचरा डंप किया हुआ मिला। सबसे ज्यादा फिक्र की बात यह थी कि कई जगहों पर कचरे के इन ढेरों में आग सुलग रही थी, जिससे निकलने वाले जहरीले धुएं के कारण पूरे इलाके की हवा प्रदूषित हो रही थी।
नदी किनारे कचरा फेंकने पर पूर्ण पाबंदी, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
नदी की इस दुर्दशा को देखकर उपायुक्त ने संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष कड़ी नाराजगी और गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मौके पर मौजूद पूरी टीम को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि दानरो नदी के बहाव क्षेत्र और उसके आसपास के संवेदनशील किनारों पर किसी भी सूरत में दोबारा कचरा नहीं डाला जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण की सुरक्षा करना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इस काम में किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही को कतई सहन नहीं किया जाएगा।
सुखबाना डंपिंग यार्ड का मुआयना, कचरा निस्तारण के वैज्ञानिक तरीके अपनाने के निर्देश
नदी क्षेत्र का जायजा लेने के पश्चात उपायुक्त सीधे सुखबाना स्थित कचरा प्रबंधन (वेस्ट मैनेजमेंट) के लिए तय की गई जमीन पर पहुंचे। वहां की व्यवस्थाओं को परखने के बाद उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र से रोजाना कलेक्ट होने वाले तमाम गीले और सूखे कचरे को केवल और केवल इसी डंपिंग यार्ड में लाया जाए। इसके साथ ही, वहां पड़े कचरे को वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेस और नष्ट करने की आधुनिक व्यवस्था जल्द से जल्द चालू की जाए, ताकि शहर और नदी दोनों को प्रदूषण मुक्त रखा जा सके।
कचरा प्रबंधन प्रणाली होगी आधुनिक, आम जनता से सहयोग की अपील
उपायुक्त मिश्रा ने कहा कि आम जनता की सेहत, साफ-सफाई और पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने के लिए पूरे जिले की कचरा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक असरदार व आधुनिक रूप दिया जाएगा। उन्होंने मातहत अधिकारियों को डंपिंग साइट की नियमित निगरानी (मॉनिटरिंग) करने और तय मानकों के आधार पर ही काम आगे बढ़ाने का जिम्मा सौंपा है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने आम जनता से भी यह भावुक अपील की है कि वे गढ़वा को साफ-सुथरा बनाने में सहयोग करें और नदी-नालों या सड़कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से पूरी तरह परहेज करें।
गर्मी से राहत या आफत? झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश और तेज अंधड़ का मौसम विभाग का अलर्ट
4 Jun, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, सूबे के ज्यादातर इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। इस दौरान कई जनपदों में बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली चमकने के साथ ही हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा होने के आसार जताए गए हैं। इसके साथ ही प्रशासन ने राज्य में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की चेतावनी भी जारी की है।
तेज हवाओं के साथ वज्रपात की आशंका और मौसम का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, राज्य के पूर्वी और उससे लगे मध्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) के साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके अगले दिन पूरे प्रदेश में आंशिक रूप से बादल डेरा डाले रहेंगे। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तर-पश्चिमी और उससे सटे मध्य इलाकों को यदि छोड़ दिया जाए, तो झारखंड के बाकी सभी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बौछारें गिर सकती हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी।
राजधानी में छाए रहेंगे बादल, 6 और 7 जून को बारिश के आसार
रांची और इसके आसपास के इलाकों में आगामी समय तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरजने वाले बादलों के विकसित होने की प्रबल संभावना बनी हुई है। इसके बाद, 6 और 7 जून को राजधानी समेत नजदीकी क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इस मौसमी बदलाव के बीच क्षेत्र का अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
आगामी तीन दिनों में सताएगी गर्मी, पारा चढ़ने का अनुमान
भले ही राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की चेतावनी हो, लेकिन मौसम की शुष्कता के कारण तपिश से पूरी तरह निजात नहीं मिलने वाली है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों के भीतर प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। ऐसे में उमस और बढ़ती गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती है, जिसके चलते विभाग ने नागरिकों को मौसम के खराब होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पीएम आवास योजना में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: हितग्राही से पैसे ऐंठते रंगे हाथों पकड़ा गया आवास सहायक
4 Jun, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवादा | बिहार के नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना में चल रहे भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने तत्परता दिखाते हुए प्रखंड कार्यालय के एक आवास सहायक को 10 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया। विजिलेंस की यह छापेमारी बुधवार को मेसकौर प्रखंड कार्यालय के पास ही अंजाम दी गई, जिसके बाद से पूरे दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल है।
गरीब लाभुक से मांगी थी कमीशन, पटना में हुई थी शिकायत
पकड़े गए आवास सहायक की पहचान बीरू कुमार के रूप में की गई है। आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृत राशि जारी करने और कागजी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के नाम पर एक जरूरतमंद ग्रामीण से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लाभुक सरकारी दफ्तर के चक्कर काटकर परेशान था, इसलिए उसने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर रिश्वतखोर को दबोचा
विजिलेंस विभाग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले गोपनीय तरीके से आरोपों का सत्यापन कराया। मामला पूरी तरह सही पाए जाने पर आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक बुधवार को जैसे ही आवास सहायक बीरू कुमार ने मेसकौर प्रखंड कार्यालय के समीप शिकायतकर्ता से केमिकल लगे 10 हजार रुपये के नोट पकड़े, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से तैयार बैठी निगरानी टीम ने उसे चारों तरफ से घेरकर रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से रिश्वत की पूरी रकम भी बरामद कर ली गई।
डीएसपी ने की पुष्टि, आरोपी को पूछताछ के लिए ले जाया गया पटना
निगरानी विभाग के डीएसपी मिथलेश कुमार ने इस पूरी कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ठोस सबूतों और सत्यापन के बाद ही जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा गया है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद विजिलेंस की टीम आरोपी कर्मचारी को अपने साथ पटना ले गई, जहां विशेष न्यायालय के समक्ष पेश करने से पहले उससे गहन पूछताछ की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने विजिलेंस टीम की जमकर सराहना की है। लोगों का कहना है कि गरीब कल्याण की योजनाओं में इस तरह की सख्ती से ही आम जनता को बिना किसी दलाली के उनका हक मिल सकेगा।
मुजफ्फरपुर में आग के तांडव के बाद अपनों की तलाश: अस्पताल प्रशासन पर लगे गंभीर आरोप, जानिए डीएम ने क्या कहा
4 Jun, 2026 10:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर | बिहार के चिकित्सा इतिहास में किसी अस्पताल के भीतर अग्निकांड की ऐसी भयावह और हृदयविदारक घटना पहली बार सामने आई है। यहां के प्रसाद हॉस्पिटल में देर रात करीब दो बजे अचानक आग भड़क उठी। हादसे के वक्त अस्पताल परिसर में इस कदर अफरा-तफरी मची कि दमकल विभाग को इसकी सूचना काफी देर बाद सुबह 3:55 बजे मिल सकी। राहत कार्य में जुटे अग्निशमन कर्मियों के मुताबिक, उन्होंने पांचवीं मंजिल से 10 से 15 ऐसे मरीजों को बाहर निकाला जो पूरी तरह अचेत थे; कई लोगों के चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क तक लगे हुए थे। अत्यधिक धुएं के कारण पांचवें तल्ले पर स्थित आईसीयू (ICU) की स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई थी। हादसे के बाद अस्पताल के बाहर परिजनों के पास चार शव मौजूद थे, जबकि आक्रोशित तीमारदारों ने अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस पर मौतों का वास्तविक आंकड़ा छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है।
शॉर्ट सर्किट से भड़की आग, दम घुटने से हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और दमकल कर्मियों के अनुसार, इस अग्निकांड में करीब 20 लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि अन्य अस्पतालों में भेजे गए मरीजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी। जिला कलेक्टर ने भी माना कि परिजनों द्वारा मरीजों के लापता होने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। शुरुआती तौर पर तीन शव परिसर के बाहर मिलने, एक को मृत हालत में रेस्क्यू करने और एक अन्य मरीज की इलाज के दौरान मौत की प्रामाणिक जानकारी मिली है। घटनास्थल पर मौजूद दमकल अधिकारियों ने प्राथमिक जांच के आधार पर बताया कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और धुएं के गुबार में दम घुटने की वजह से मरीजों की जान गई। इस बीच, अपनों को खो चुके पीड़ित परिवारों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और रोष व्यक्त किया है।
खिड़कियां तोड़कर निकाले गए बेसुध मरीज, हताहतों की संख्या बढ़ने का डर
मरीजों को बाहर निकालने के लिए दमकल कर्मियों ने बेहद विपरीत परिस्थितियों में काम किया। चौथे तल्ले के प्रतीक्षालय से लेकर पांचवीं मंजिल के आईसीयू तक गहरा धुआं होने के कारण पहुंचना नामुमकिन सा हो गया था। बचाव दल ने वार्डों की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन सपोर्ट पर निर्भर लाचार मरीजों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि अफरा-तफरी के माहौल में अस्पताल के कर्मचारी कई गंभीर मरीजों को आनन-फानन में नजदीकी चिकित्सालयों में शिफ्ट कर गए, जिसके चलते वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पा रहा है। जो मरीज पूरी तरह कृत्रिम सांस पर निर्भर थे, उनकी स्थिति को लेकर बेहद चिंता बनी हुई है, जिससे हताहतों का आंकड़ा बढ़ने का अंदेशा जताया जा रहा है।
मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख की सहायता, पांच शवों की हुई शिनाख्त
इस भीषण हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल में लगी आग से हुई जनहानि बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने शोक-संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करते हुए स्थानीय प्रशासन को पीड़ितों की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से मृतकों के आश्रितों को तत्काल चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि (मुआवजा) देने की घोषणा की गई है। साथ ही, घायलों के उचित इलाज के लिए सदर अस्पताल में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक, अब तक औराई के शशांक कुमार (30), कथैया की गीता देवी, शिवहर के उदय कुमार (57), कृष्ण नंदन और चंचला कुमारी के रूप में पांच शवों की पहचान की जा चुकी है।
गुमला में मासूम से दरिंदगी: चॉकलेट दिलाने के बहाने पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
3 Jun, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुमला | झारखंड के गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत एक गांव से इंसानियत को तार-तार कर देने वाली बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक महज दो वर्ष की दुधमुंही बच्ची के साथ दरिंदगी का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। इस घिनौनी वारदात के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पीड़ित मासूम बच्ची को नाजुक हालत में गुमला सदर अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उसका इलाज जारी है।
चॉकलेट दिलाने के बहाने ले गया पड़ोसी, भरोसे का फायदा उठाकर की हैवानियत
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात लगभग आठ बजे पड़ोस में रहने वाला एक परिचित युवक बच्ची को चॉकलेट दिलाने और घुमाने के बहाने अपनी गोद में लेकर गया था। आरोपी का पीड़िता के घर पर नियमित आना-जाना था, जिसके कारण परिवार को उस पर कोई शक नहीं हुआ और मां ने सहज भाव से बच्ची को उसके साथ भेज दिया। आरोप है कि युवक मासूम को गांव के एक सुनसान और अंधेरे कोने में ले गया और वहां इस खौफनाक कृत्य को अंजाम दिया। वारदात के करीब आधे घंटे बाद जब वह बच्ची को वापस घर छोड़कर भागने लगा, तब मासूम असहनीय दर्द के कारण लगातार चीख रही थी।
कपड़ों पर खून के धब्बे देख सहम गई मां, परिजनों में मचा कोहराम
बच्ची को इस कदर तड़पता और रोता देख उसकी मां बुरी तरह घबरा गई। जब उसने बच्ची को संभालते हुए जांच की, तो मासूम के शरीर और कपड़ों पर खून के गहरे निशान दिखाई दिए। यह भयावह मंजर देखते ही मां के होश उड़ गए और उसने तुरंत शोर मचाकर परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी, जिससे पूरे घर में कोहराम मच गया। घटना की भनक लगते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए और उन्होंने तुरंत आरोपी की तलाश में गांव के चारों तरफ घेराबंदी शुरू कर दी।
गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा, पुलिस ने कस्टडी में लेकर शुरू की वैज्ञानिक जांच
गांव वालों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कुछ ही देर में आरोपी युवक को ढूंढ निकाला और उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों की कड़ाई के आगे आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद वहां मौजूद लोगों का गुस्सा भड़क उठा। ग्रामीण उसे मौके पर ही सजा देने वाले थे, लेकिन इसी बीच सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति को संभाला और आरोपी को भीड़ से छुड़ाकर अपनी हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी को थाने ले जाकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है, साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) टीम की मदद से वैज्ञानिक जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आसमान में छाए काले बादल: झारखंड में प्री-मानसून एक्टिविटी तेज, आंधी और बारिश की चेतावनी
3 Jun, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने वाला है। स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के अधिकांश इलाकों में आंशिक रूप से बादलों का डेरा रहेगा। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम स्तर की वर्षा और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने की प्रबल आशंका जताई गई है। मौसम में आ रहे इस बदलाव के चलते पिछले कुछ समय से चिलचिलाती धूप और उमस झेल रहे प्रदेशवासियों को तपती गर्मी से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
अंधड़ को लेकर चेतावनी और पारे में आंशिक उछाल का अनुमान
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ राज्य में चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी हवाएं (अंधड़) चलने की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही तापमान को लेकर अनुमान जताया गया है कि आगामी तीन दिनों के भीतर प्रदेश के अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, इस शुरुआती उछाल के बाद अगले कुछ दिनों तक पारे में किसी बड़े या अचानक बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे मौसम मिलाजुला बना रहेगा।
सप्ताहभर के लिए येलो अलर्ट और संताल से रांची तक दिखेगा असर
बदलते हालातों को देखते हुए मौसम केंद्र ने तीन जून से आठ जून के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है। तीन जून को पूरे प्रदेश में तेज हवाओं और वज्रपात का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। इसके बाद चार और पांच जून को विशेष रूप से पूर्वी हिस्सों यानी संताल परगना और उससे सटे मध्य भागों, जिसमें राजधानी रांची और इसके आसपास के क्षेत्र शामिल हैं, में तेज हवाएं चलने की बात कही गई है। वहीं, छह जून को उत्तर-पूर्वी जिलों को छोड़कर राज्य के बाकी सभी हिस्सों में अंधड़ चलने की आशंका जताई गई है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक हिदायत और बरती जाने वाली सावधानियां
मौसम में अचानक होने वाले इस बदलाव और वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषकर ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम करने वाले किसानों और राहगीरों से अपील की गई है कि वे मेघ गर्जन या बिजली कड़कने के समय बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। इसके साथ ही खराब मौसम के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या जनहानि से बचा जा सके।
रास्ते में ही गूंजी किलकारी: कोडरमा में टोटो के अंदर महिला ने दिया ट्विंस को जन्म
3 Jun, 2026 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोडरमा | झारखंड के कोडरमा जिले के अंतर्गत आने वाले झुमरी तिलैया के राजगढ़िया मार्ग पर मंगलवार की रात मानवता की मिसाल पेश करने वाली एक बेहद अनोखी घटना सामने आई है। प्रसव के लिए अस्पताल जा रही एक गर्भवती महिला को रास्ते में ही अचानक तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति इतनी नाजुक हो गई कि महिला को अस्पताल पहुंचने का भी समय नहीं मिला और उसने चलती टोटो (ई-रिक्शा) के भीतर ही जुड़वा बच्चों को जन्म दे दिया।
राह गुजरती एएनएम ने संभाला मोर्चा, सूझबूझ से कराया सुरक्षित प्रसव
टोटो में अचानक शुरू हुई प्रसव पीड़ा के बाद जब चीख-पुकार मची, तो वहां से गुजर रही एएनएम प्रियंका कुमारी ने तत्परता दिखाई। उन्होंने बिना एक पल गंवाए स्थिति को संभाला और सड़क पर ही टोटो के भीतर सुरक्षित प्रसव प्रक्रिया को अंजाम दिया। एएनएम प्रियंका ने अपनी सूझबूझ और चिकित्सकीय अनुभव का परिचय देते हुए न केवल जुड़वा बच्चों का जन्म कराया, बल्कि प्रसूता महिला और नवजात शिशुओं को तत्काल जरूरी प्राथमिक स्वास्थ्य सहायता भी प्रदान की। एएनएम की इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण एक बड़ा जोखिम टल गया।
ई-रिक्शा चालक का धैर्य और स्थानीय लोगों की संवेदनशीलता
इस आपातकालीन परिस्थिति में टोटो चालक ने भी गजब के धैर्य और संवेदनशीलता का परिचय दिया। उसने घबराने के बजाय वाहन को सुरक्षित रूप से रोका और एएनएम तथा पीड़ित महिला की हरसंभव मदद की। इस अनोखी घटना को देखने के लिए आसपास के लोग भी एकत्र हो गए थे, जिन्होंने एएनएम प्रियंका कुमारी और टोटो चालक के मानवीय दृष्टिकोण की जमकर तारीफ की। चलती टोटो में जुड़वा बच्चों के सुरक्षित जन्म की यह सुखद कहानी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बनी हुई है।
मां और दोनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ, एम्बुलेंस से भेजा गया सदर अस्पताल
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे राहत की बात यह रही कि मां और उसके दोनों नवजात शिशु पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं। टोटो के भीतर प्राथमिक उपचार और प्रसव की प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से सरकारी एम्बुलेंस को कॉल किया गया। एम्बुलेंस के मौके पर पहुंचते ही मां और दोनों जुड़वा बच्चों को आगे की चिकित्सकीय निगरानी, जांच और बेहतर देखभाल के लिए कोडरमा के सदर अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी देखरेख कर रही है।
फायरिंग मामले में बड़ा एक्शन: खान सर की शिकायत पर कोचिंग संचालक रौशन आनंद हिरासत में
3 Jun, 2026 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार की राजधानी पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पटना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने खान सर के प्रतिद्वंदी माने जाने वाले 'ज्ञान बिंदु' कोचिंग संस्थान के निदेशक रौशन आनंद और उनके दो करीबियों को हिरासत में ले लिया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO-1) ने इस बात की पुष्टि की है कि पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि इस पूरे उपद्रव और हमले के पीछे छिपी मुख्य साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।
प्रतिद्वंद्वी कोचिंग के निदेशक हिरासत में, साजिश की कड़ियां जोड़ रही पुलिस
खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले के बाद पुलिस की सुई सीधे उनके व्यावसायिक प्रतिस्पर्धियों की ओर घूमी है। हिरासत में लिए गए ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद पर आरोप है कि उनके संस्थान से जुड़े तत्वों ने ही इस हिंसक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कोचिंग के बाहर हंगामा खड़ा करने और दहशत फैलाने की योजना किसने तैयार की थी। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि खान सर द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की निष्पक्षता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इसके साथ ही, पुलिस ने छात्रों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
सीसीटीवी फुटेज से हुई उपद्रवियों की पहचान, एक युवक घायल
इस पूरे घटनाक्रम पर सिटी एसपी दीक्षा ने बताया कि शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमले में शामिल लोग सड़क के दूसरी तरफ स्थित कोचिंग संस्थान से ही ताल्लुक रखते हैं। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया जा रहा है। अब तक करीब दस से बारह हुड़दंगियों की पहचान पुख्ता की जा चुकी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है, जिसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है।
कम फीस में पढ़ाने और छात्रों की सफलता से उपजा विवाद: खान सर
गौरतलब है कि दो जून की रात खान सर की कोचिंग के समीप अचानक हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। इस जानलेवा हमले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने सीधे तौर पर कहा कि कुछ लोगों को सबसे बड़ी समस्या इस बात से है कि हम इतनी कम फीस में गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा क्यों दे रहे हैं। जब हमारी कोचिंग से पढ़कर हजारों असहाय और निर्धन छात्र परीक्षाओं में सफलता हासिल करने लगते हैं, तो कुछ असामाजिक और रसूखदार तत्वों को अपने व्यापार का डर सताने लगता है। वे लोग गोलीबारी और डराने-धमकाने जैसी हरकतों से हमारी आवाज को दबाना चाहते हैं, लेकिन कानून के रहते वे अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होंगे।
मर्यादा तार-तार, गुस्सा खूनी: मौसी और भांजे को साथ देख नाना ने उठाया खौफनाक कदम, दहल गया इलाका
3 Jun, 2026 10:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली | बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने पूरे क्षेत्र में कौतूहल पैदा कर दिया है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के रोहुआ गांव में अपनी सगी मौसी से मिलने पहुंचे एक युवक को परिजनों ने आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया। इस वाकये के बाद गांव में काफी हंगामा हुआ और मामले को सुलझाने के लिए तुरंत पंचायत बुलाई गई। ग्रामीणों और समाज के लोगों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से दोनों का विवाह करवा दिया गया। इस अजीबोगरीब शादी का वीडियो अब इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है।
नाना ने पकड़ा तो सामने आया दो साल पुराना गुप्त प्रेम प्रसंग
पड़ताल में पता चला है कि वैशाली थाना क्षेत्र के रत्ती भगवानपुर के रहने वाले गोलू महतो का अपनी ही सगी मौसी के साथ पिछले करीब दो वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बचपन से एक-दूसरे से परिचित होने के कारण धीरे-धीरे दोनों का यह रिश्ता गहरे प्यार में बदल गया। कुछ दिन पहले जब गोलू अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर गया था, तभी उसके नाना जगलाल महतो ने दोनों को एक कमरे में देख लिया। अचानक पकड़े जाने पर दोनों असहज हो गए और घर में शुरू हुए विवाद की भनक धीरे-धीरे पूरे गांव को लग गई।
रिश्तों की दुहाई देकर घर के बाहर जमा हुए ग्रामीण
कमरे के भीतर मचे शोर-शराबे को सुनकर अड़ोस-पड़ोस के लोग भी इकट्ठा होने लगे। देखते ही देखते जगलाल महतो के मकान के बाहर ग्रामीणों का भारी मजमा लग गया। लोगों ने सगे रिश्तों की दुहाई देते हुए सामाजिक मर्यादाओं के उल्लंघन पर कड़ा ऐतराज जताया। गांव में इस बात को लेकर काफी देर तक तनाव और गहमागहमी का माहौल बना रहा और हर कोई इस अजीब स्थिति पर अपनी राय देने लगा।
घंटों चली सामाजिक पंचायत और हो गया फैसला
तनावपूर्ण माहौल को शांत करने के लिए गांव के बुजुर्गों और प्रबुद्ध नागरिकों ने बीच-बचाव किया और एक पंचायत बुलाई। पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और यह साफ हो गया कि दोनों ही किसी भी कीमत पर एक-दूसरे से अलग नहीं होना चाहते। सामाजिक बदनामी और भविष्य के संभावित झगड़ों को रोकने के लिए पंचायत ने अंततः दोनों की शादी कराने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रामीणों के सामने विवाह की रस्में पूरी की गईं, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
सरकारी अनाज का काला खेल: एफसीआई गोदाम में करोड़ों के राशन की हेराफेरी उजागर, प्रशासन ने कसी कमर
3 Jun, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान | बिहार के सीवान जिले में सरकारी राशन की कथित रूप से होने वाली कालाबाजारी को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एफसीआई गोदाम पर औचक छापा मारा है। जांच-पड़ताल के दौरान गोदाम परिसर से तीन सौ चौबीस क्विंटल अतिरिक्त खाद्यान्न बरामद किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके से अनाज से भरे एक ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और पूरे गोदाम परिसर को सील कर दिया है। इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के कालाबाजारियों में खलबली मच गई है और सरकारी राशन की वितरण प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
गोपनीय सूचना के बाद पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम
यह पूरा मामला गोरेयाकोठी प्रखंड के अंतर्गत बिंदबल में स्थित एफसीआई गोदाम का है। प्रशासन को काफी समय से इस गोदाम से सरकारी राशन की हेराफेरी और अवैध बिक्री किए जाने की गोपनीय जानकारियां मिल रही थीं। इन सूचनाओं के पुख्ता होने पर महाराजगंज की अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) अनीता सिन्हा, विपणन पदाधिकारी (एमओ) और पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) अमन भारी तादाद में पुलिस बल को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की इस संयुक्त टीम ने गोदाम परिसर को घेरकर वहां रखे अनाज के कुल स्टॉक और उपलब्ध कागजातों का गहराई से मिलान करना शुरू कर दिया।
परिसर में खड़े ट्रक से भारी मात्रा में मिला अतिरिक्त खाद्यान्न
गहन तलाशी के दौरान अधिकारियों को गोदाम परिसर के भीतर एक ट्रक खड़ा दिखाई दिया। संदेह होने पर जब उस ट्रक की सघन चेकिंग की गई, तो उसमें लदा सरकारी अनाज तय कागजी रिकॉर्ड और आवंटन से बहुत ज्यादा पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस ट्रक में कुल तीन सौ चौबीस क्विंटल अतिरिक्त खाद्यान्न चोरी-छिपे ले जाने के लिए रखा गया था। शुरुआती जांच में ही सरकारी स्टॉक और वास्तविक माल के बीच बड़े पैमाने पर हेरफेर की बात सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने बिना देर किए ट्रक और उस पर लदे पूरे अनाज को जब्त कर लिया।
लापरवाही पर गोदाम सील, दोषियों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान एक बेहद हैरान करने वाली बात यह भी रही कि जांच के वक्त गोदाम पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था। इस लापरवाही को बेहद गंभीर मानते हुए एसडीएम अनीता सिन्हा के आदेश पर पूरे गोदाम को तुरंत सील कर दिया गया। इसके साथ ही जब्त किए गए ट्रक और राशन को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए गोरेयाकोठी थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। एसडीएम ने इस पूरे रैकेट की गहराई से जांच करने और संलिप्त दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं, ताकि गरीबों के हक का अनाज हड़पने वालों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
डिजिटल मैपिंग और मचान से निगरानी: पलामू टाइगर रिजर्व के जलाशयों पर जुटे सैकड़ों वन्यजीव, 14 घंटे की गणना में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
2 Jun, 2026 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लातेहार | झारखंड के प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) के कोर और बफर जोन में एक दिवसीय 'वाटरहोल गणना 2026' का महत्वपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। कड़कड़ाती धूप और भीषण गर्मी के इस दौर में जंगल के भीतर मौजूद सभी प्राकृतिक और कृत्रिम जलाशयों पर प्यास बुझाने आने वाले वन्यजीवों की सटीक मैपिंग के लिए इस विशेष गणना का आयोजन किया गया था। इस बड़े पैमाने पर चलाए गए अभियान की सबसे बड़ी विशेषता अग्रिम पंक्ति के समर्पित वन कर्मियों के साथ-साथ पर्यावरण और प्रकृति से प्रेम करने वाले स्वयंसेवकों की सक्रिय जनभागीदारी रही।
मचानों से लगातार 14 घंटे निगरानी, डेटा शीट में दर्ज हुआ वन्यजीवों का पूरा ब्योरा
वन्यजीवों को बिना किसी व्यवधान या परेशानी के उनके प्राकृतिक आवास में गिनने के लिए यह चुनौतीपूर्ण अभियान लगातार 14 घंटों तक चलाया गया। गणना में जुटी टीमों को जंगलों में बने ऊंचे वॉचटावर (मचानों) और छलावरण (कैमफ्लाज) तकनीकों की मदद से तैनात किया गया था, ताकि जानवर इंसानी मौजूदगी से डरे बिना पानी पीने आ सकें। प्रत्येक जलस्रोत पर मुस्तैद वन रक्षकों, ट्रैकर्स और वालंटियर्स को एक विशेष वैज्ञानिक डेटा शीट सौंपी गई थी। इस शीट में वन्यजीवों के जलाशय पर पहुंचने का समय, उनकी सटीक प्रजाति, नर, मादा और शावकों का वर्गीकरण तथा संबंधित जलस्रोत के पानी के स्तर की पूरी जानकारी दर्ज की गई है।
हाथी, तेंदुआ और भालू समेत कई दुर्लभ स्तनधारी जीवों की भारी सक्रियता दर्ज
इस विशेष वाटरहोल गणना की शुरुआती रिपोर्ट से बेहद उत्साहजनक और सकारात्मक संकेत मिले हैं। भीषण गर्मी के कारण पानी की तलाश में निकले कई महत्वपूर्ण और दुर्लभ स्तनधारी जीवों की रिजर्व में भारी मौजूदगी रिकॉर्ड की गई है। इस 14 घंटे के निगरानी चक्र के दौरान पलामू के जंगलों में गजराज (हाथी), तेंदुआ, गौर (भारतीय बाइसन), चीतल, सांभर, कोटरा (भैंस जैसी प्रजाति), भालू और सियार जैसे वन्यजीवों को पानी पीते हुए लाइव ट्रैक किया गया है, जो रिजर्व के समृद्ध पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) को दर्शाता है।
वैज्ञानिक डेटा से तय होगा वाटरहोल मैनेजमेंट, शिकार विरोधी तंत्र को मिलेगी मजबूती
पलामू टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस गणना से मिले आंकड़े वन्यजीवों की मौसमी आवाजाही और उनकी आबादी का एक सटीक व्यावहारिक अनुमान प्रदान करते हैं। एकत्रित की गई डेटा शीट के वैज्ञानिक विश्लेषण से पीटीआर प्रशासन को यह समझने में मदद मिलेगी कि तपती गर्मियों में जंगल के कौन से हिस्से और कौन से वाटरहोल्स वन्यजीवों के लिए सबसे ज्यादा मददगार साबित हो रहे हैं। इस निष्कर्ष के आधार पर भविष्य में कृत्रिम जल आपूर्ति, नए जलाशयों के निर्माण और शिकार विरोधी (एंटी-पोचिंग) नेटवर्क को और अधिक चाक-चौबंद किया जाएगा।
रांची में 5 जून को सजेगा भाजपा का सियासी रणनीतिक मंच: विधायक दल की बैठक में राज्यसभा की सीटों को लेकर बनेगी तगड़ी प्लानिंग
2 Jun, 2026 04:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सत्ताधारी महागठबंधन और मुख्य विपक्षी खेमा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तमाम सिपहसालार अपने-अपने उम्मीदवारों को उच्च सदन भेजने के लिए गोटियां बिछाने में जुट गए हैं। इस सियासी महामुकाबले में एनडीए की मुख्य धुरी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूरी ताकत झोंक दी है। अंदरूनी सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, आगामी 5 जून को रांची में भाजपा विधायक दल की एक आपात और बेहद अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश भाजपा के सभी 21 विधायकों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है, जिसे चुनाव के लिहाज से टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
वोटिंग के गणित और संगठनात्मक एकजुटता पर होगा मंथन
भाजपा विधायक दल की इस महाबैठक के एजेंडे में राज्यसभा चुनाव की बारीकियां, मतदान की तकनीकी प्रक्रिया और क्रास वोटिंग के खतरे से बचने के उपायों पर विस्तार से माथापच्ची की जाएगी। इस बैठक के जरिए पार्टी आलाकमान अपने सभी विधायकों को एकजुट रहने और व्हिप के मुताबिक मतदान करने के कड़े दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा इस चुनाव को महज संसद की एक सीट के रूप में नहीं देख रही है, बल्कि इसके जरिए वह विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में अपनी संगठनात्मक ताकत और विपक्षी एकजुटता में सेंध लगाने की क्षमता का प्रदर्शन करना चाहती है।
नितिन नवीन का दो दिवसीय झारखंड दौरा, बढ़ेगा कार्यकर्ताओं का जोश
विधायक दल की इस रणनीतिक बैठक के ठीक अगले दिन, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन दो दिनों के संगठनात्मक दौरे पर झारखंड आ रहे हैं। उनके इस दौरे को राज्यसभा चुनाव की तैयारियों को अंतिम रूप देने और एनडीए खेमे में जोश फूंकने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान वे प्रदेश कोर कमेटी, प्रमुख पदाधिकारियों और सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ बंद कमरे में मैराथन बैठकें करेंगे। इस शीर्ष दौरे का मुख्य उद्देश्य चुनाव के वक्त पार्टी की कमान को पूरी तरह दुरुस्त रखना और जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर पहुंचाना है।
संख्या बल की कमी के बावजूद मैदान में उतरी भाजपा, सस्पेंस गहराया
इस समय झारखंड के राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा और कौतूहल इस बात को लेकर है कि पर्याप्त संख्या बल (बहुमत का आंकड़ा) न होने के बावजूद भाजपा ने इस रेस से पीछे हटने के बजाय चुनावी रण में उतरने का साहसिक फैसला क्यों किया। वर्तमान आंकड़ों के खेल में भाजपा के पास अपने दम पर जीत दर्ज करने के लिए जरूरी विधायकों की संख्या कम है, जिसके चलते सियासी हलकों में विधायकों की संभावित खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) या सत्तापक्ष के असंतुष्ट विधायकों के गुप्त समर्थन को लेकर अटकलों का बाजार बेहद गर्म है। अब सभी की निगाहें 5 जून को होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जहां से पार्टी के 'प्लान-बी' का खुलासा हो सकता है।
रांची विश्वविद्यालय के छात्रों को बड़ा झटका: एडमिशन के लिए लागू हो सकता है क्लस्टर सिस्टम, हाई कट-ऑफ से बढ़ेगी टेंशन
2 Jun, 2026 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | इंटरमीडिएट (12वीं) के परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अब हजारों छात्र-छात्राओं की नजरें कॉलेज स्तर पर होने वाली स्नातक (ग्रैजुएशन) नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं। हालांकि, इस साल रांची विश्वविद्यालय (RU) के कॉलेजों में दाखिला पाना पहले के मुकाबले काफी चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। राज्य सरकार की ओर से उच्च शिक्षा में अमूलचूल बदलाव के लिए लागू किए जा रहे 'क्लस्टर सिस्टम' के चलते इस बार स्नातक की सीटों में 10 से 15 फीसदी तक की बड़ी कटौती होने की आशंका जताई जा रही है।
क्लस्टर सिस्टम के पेच में फंसा दाखिला, इन्फ्रास्ट्रक्चर के हिसाब से तय होंगी सीटें
यही मुख्य वजह है कि रांची विश्वविद्यालय के अंगीभूत (कांस्टीट्यूएंट) और संबद्ध (एफिलिएटेड) कॉलेजों में अब तक एडमिशन पोर्टल नहीं खोला जा सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन फिलहाल क्लस्टर सिस्टम के पूर्ण रूप से धरातल पर उतरने और उसके बाद सीटों के नए सिरे से निर्धारण (पुनर्निर्धारण) की प्रतीक्षा कर रहा है। इस नई नीति के तहत अब किसी भी कॉलेज में मनमाने ढंग से सीटें नहीं बढ़ाई जा सकेंगी। सीटों का आवंटन पूरी तरह से संबंधित कॉलेज में कार्यरत प्राध्यापकों (शिक्षकों) की संख्या, क्लासरूम की उपलब्धता, लैब और अन्य जरूरी आधारभूत संसाधनों के भौतिक सत्यापन के बाद ही किया जाएगा।
40 हजार से घटकर 36 हजार रह सकती हैं सीटें, बढ़ेगी कट-ऑफ की मार
वर्तमान व्यवस्था की बात करें तो रांची विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न कॉलेजों में स्नातक स्तर पर करीब 40 हजार सीटों पर दाखिले होते रहे हैं। लेकिन नए नियमों की कैंची चलने के बाद यह आंकड़ा सिमटकर लगभग 36 हजार के आसपास पहुंच सकता है। सीटों की संख्या में इस गिरावट के कारण छात्र-छात्राओं के बीच एक-एक सीट के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा, जिससे नामचीन कॉलेजों की कट-ऑफ लिस्ट भी काफी ऊपर जा सकती है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों का तर्क है कि क्षमता से अधिक छात्रों के दाखिले से शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है। उदाहरण के लिए, जिस विषय में पहले 150 सीटें आवंटित थीं, वहां अब केवल 130 छात्रों को ही प्रवेश मिल सकेगा।
लाखों पास आउट विद्यार्थियों के सामने संकट, संसाधनों को मजबूत करने की मांग
इस वर्ष झारखंड में मैट्रिक (10वीं) में चार लाख से अधिक और इंटरमीडिएट के तीनों संकायों (विज्ञान, वाणिज्य और कला) को मिलाकर लगभग पौने तीन लाख छात्र सफल घोषित हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या में पास हुए छात्र-छात्राओं के भविष्य को देखते हुए सीटों में कटौती का यह फैसला अभिभावकों और छात्र संगठनों की चिंता बढ़ा रहा है। इस विषय पर डोरंडा कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. बी. एस. तिवारी ने अपनी राय रखते हुए कहा कि सीटों को कम करने से पहले सरकार को कॉलेजों में नए शिक्षकों की बहाली करनी चाहिए और भवनों का विस्तार करना चाहिए। वहीं, विश्वविद्यालय के डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश साहू ने स्पष्ट किया है कि सीटों की अंतिम संख्या पर जैसे ही राज्य सरकार का अंतिम दिशा-निर्देश प्राप्त होगा, बिना समय गंवाए नामांकन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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