बिहार-झारखण्ड
सम्राट चौधरी का बड़ा बयान, बिहार की बंद पड़ी तीन चीनी मिलें जल्द करेंगी काम शुरू
21 Jul, 2026 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार विधान परिषद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य की गोपालगंज, सकरी और रैयाम चीनी मिलों को शीघ्र ही दोबारा शुरू किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार की एक प्रमुख संस्था के साथ औपचारिक समझौता पत्र (एमओयू) हस्ताक्षरित किया जाएगा। विधान पार्षद शशि यादव के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि इन बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
नल-जल योजना के रखरखाव की जिम्मेदारी पर सदन में चर्चा
विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने नल-जल योजना के रखरखाव की जिम्मेदारी पुनः स्थानीय वार्ड सदस्यों को सौंपने की जोरदार मांग उठाई। सदस्यों का तर्क था कि करीब सवा दो सौ करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना की समझ बाहरी व्यक्तियों की तुलना में स्थानीय प्रतिनिधियों को बेहतर होती है। जदयू विधान पार्षद दिनेश प्रसाद सिंह ने भी इस मांग का समर्थन किया, जिसके बाद लोक स्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) मंत्री संजय कुमार सिंह ने वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी।
पंचायती राज और पीएचईडी विभाग की संयुक्त बैठक में होगा फैसला
सदन के सदस्यों द्वारा उठाई गई चिंताओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि इस मुद्दे पर जल्द ही उच्च स्तरीय निर्णय लिया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया कि पंचायती राज और पीएचईडी विभाग के अधिकारियों के साथ एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों और क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नल-जल योजना के सुचारू संचालन का अंतिम फैसला लिया जाएगा।
सूखे नशे के बढ़ते प्रभाव और मंदिर संबंधी टिप्पणी पर हंगामा
सदन में राज्य में सूखे नशे के बढ़ते चलन पर भी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए गंभीर चर्चा हुई। राजद विधान पार्षद सुनील कुमार सिंह ने गांजा, अफीम और हेरोइन जैसी नशीली वस्तुओं के बढ़ते प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए अपना पक्ष रखा। हालांकि, वक्तव्य के दौरान धार्मिक स्थलों को लेकर की गई एक टिप्पणी पर कला संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार सहित सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने कड़ा ऐतराज जताया और विरोध दर्ज कराया, जिसके बाद सदन का माहौल काफी गरमा गया।
फर्जी राशन कार्ड पर भी कार्रवाई, गड़बड़ी करने वाले डीलरों पर कसेगा शिकंजा
21 Jul, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत यदि कोई राशन डीलर कार्डधारकों को तय मात्रा से कम खाद्यान्न उपलब्ध कराता है, तो यह एक गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। शिकायत दर्ज होने पर दोषी डीलर के खिलाफ बेहद कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाती है। नियमों के मुताबिक कम राशन तोलने पर संबंधित डीलर पर 100 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से आर्थिक दंड लगाने का भी स्पष्ट प्रावधान किया गया है। हालांकि, इस व्यवस्था को पूरी तरह से प्रभावी बनाने और धांधली रोकने के लिए आम उपभोक्ताओं का जागरूक होना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।
ई-पॉश और इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन से जुड़ी प्रणाली, तौल में गड़बड़ी पर तुरंत करें शिकायत
राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी को समाप्त करने के लिए राज्य भर के सभी 25,000 पीडीएस डीलरों को इलेक्ट्रॉनिक वेइंग मशीन और ई-पॉश मशीनें उपलब्ध कराई हैं। ये दोनों आधुनिक मशीनें आपस में डिजिटल रूप से जुड़ी रहती हैं, जिससे वजन में किसी भी प्रकार की हेरफेर करना नामुमकिन हो जाता है। यदि इसके बावजूद भी कोई डीलर राशन में कटौती करता है, तो उपभोक्ता सरकार द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिस पर तुरंत संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध राशन कार्डधारकों पर कसेगा शिकंजा, वसूली के साथ 12 फीसदी ब्याज का नियम
खाद्य सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को ही राशन का लाभ मिलना चाहिए। केंद्र सरकार ने गहन जांच-पड़ताल के बाद 2,54,887 ऐसे लोगों की पहचान कर सूची सौंपी है, जिन्होंने गलत जानकारियां देकर या फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवा लिया था। ऐसे अवैध कार्डधारकों के खिलाफ अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। नियम के अनुसार, ऐसे लोगों द्वारा अब तक उठाए गए संपूर्ण राशन की कीमत पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर के साथ वसूली करने का सख्त प्रावधान लागू किया गया है।
पात्रता के तय मानकों का उल्लंघन करने पर रद्द होंगे कार्ड, 6 महीने न लेने पर भी कार्रवाई
राशन योजना के नियमों के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के पास तीन कमरों का पक्का मकान, पांच एकड़ सिंचित कृषि भूमि, चार पहिया वाहन उपलब्ध है या वह आयकरदाता है, तो वह सरकारी राशन प्राप्त करने का पात्र नहीं माना जाएगा। यदि किसी नागरिक की आर्थिक स्थिति में बाद में सुधार आता है, तो उसे स्वयं आगे आकर अपना कार्ड समर्पित कर देना चाहिए। इसके अतिरिक्त, यदि कोई कार्डधारक लगातार छह महीनों तक अपनी सरकारी राशन की दुकान से खाद्यान्न का उठाव नहीं करता है, तो उसका राशन कार्ड स्वतः रद्द कर दिया जाएगा।
सेंट्रिंग तख्ते बने शराब छिपाने का ठिकाना, बिहार पुलिस ने पकड़ी बड़ी चाल
21 Jul, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर:भागलपुर जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्थानीय पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। जिला पुलिस की विशेष टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए झारखंड सीमा से सटे सन्हौला-हनवारा मुख्य मार्ग पर पोठिया गांव के समीप घेराबंदी कर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस की मुस्तैदी से अवैध शराब की एक बड़ी और भारी खेप को जब्त किया गया है।
झारखंड सीमा से बिहार लाई जा रही थी शराब की बड़ी खेप
पुलिस को इस बात की सटीक गुप्त जानकारी मिली थी कि झारखंड राज्य की सीमा से सटे इलाकों के जरिए बिहार राज्य में शराब की एक विशाल खेप को अवैध रूप से सप्लाई करने का प्रयास किया जा रहा है। सूचना मिलते ही विशेष पुलिस टीम का गठन कर संदिग्ध रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी गई। जैसे ही संदिग्ध वाहन पोठिया गांव के नजदीक पहुंचा, पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई कर उसे चारों तरफ से घेर लिया और सफलता प्राप्त की।
तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनाया था अनोखा तरीका
कार्रवाई के दौरान यह बात सामने आई कि तस्करों ने कानून और पुलिस से बचने के लिए बेहद चालाकी भरा रास्ता चुना था। उन्होंने शराब को छुपाने के लिए एक जुगाड़ गाड़ी यानी ठेले का इस्तेमाल किया था। गाड़ी के ऊपर और चारों तरफ से लकड़ी के सेंट्रिंग तख्तों को इस तरह से सजाकर लादा गया था कि देखने में वह सामान्य निर्माण सामग्री लगे, लेकिन उन तख्तों के ठीक बीच में एक विशेष गुप्त बॉक्स तैयार किया गया था।
गुप्त बॉक्स से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त, पुलिस जांच में जुटी
जब पुलिस अधिकारियों ने संदेह के आधार पर उस जुगाड़ गाड़ी की गहन तलाशी ली, तो तख्तों के बीच में बने गुप्त बॉक्स का पर्दाफाश हुआ। उस बॉक्स के अंदर से अवैध शराब का भारी जखीरा बरामद किया गया। पुलिस ने तुरंत शराब और परिवहन में प्रयुक्त गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है तथा इस तस्करी के पीछे शामिल पूरे गिरोह और उनके संपर्कों की पड़ताल में जुट गई है।
दो ढाबा मालिकों की रंजिश में मैनेजर बना शिकार, अमानवीय व्यवहार के आरोप
21 Jul, 2026 10:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के करजा थाना क्षेत्र स्थित भागवतपुर गांव के पास एनएच-722 पर व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा को लेकर दो ढाबा संचालकों के बीच हिंसक झड़प हो गई। दोनों पक्षों में जमकर हुई मारपीट में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। इस दौरान एक ढाबा संचालक मौके से भागने में सफल रहा, लेकिन उसके मैनेजर को दूसरे पक्ष के लोगों ने दबोच लिया। आरोपी पक्ष पर मैनेजर के साथ गंभीर रूप से मारपीट करने और अमानवीय व्यवहार करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
बिजनेस की रंजिश में वारदात और अमानवीय व्यवहार का मामला
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हिंसक झड़प के बाद एक ढाबे के संचालक और उनके साथी मौके से निकल गए, लेकिन मैनेजर राम विनोद ठाकुर दूसरे पक्ष की पकड़ में आ गए। आरोप है कि दूसरे ढाबा संचालक और उनके सहयोगियों ने मैनेजर को जबरन बैठाकर लोहे के पाइप तथा लाठियों से बेरहमी से पीटा। इसके साथ ही पीड़ित बुजुर्ग के साथ अमानवीय हरकत करते हुए थूक चटवाने का भी गंभीर आरोप लगा है। हालांकि यह घटना तीन दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है।
ढाबे पर तोड़फोड़ और नकदी लूटने के आरोप
विवाद को लेकर एक ढाबा संचालक कर्नल प्रसाद यादव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिद्वंद्वी ढाबा संचालक देवेंद्र राय, जितेंद्र कुमार और अखिलेश राय ने देर रात उनके होटल में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की, कर्मचारियों को पीटा और वहां रखी नकदी लूटकर फरार हो गए। वहीं दूसरी तरफ विरोधी पक्ष ने भी यूपी ढाबा के संचालकों पर होटल में अनधिकृत रूप से घुसकर मारपीट करने, सामान फेंककर क्षति पहुंचाने और गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है।
दोनों पक्षों की ओर से थाने में मामला दर्ज
घटना के बाद दोनों ढाबा संचालकों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। घटना स्थल पर पहुंची पुलिस ने स्थिति का जायजा लिया और आसपास के लोगों से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्य जुटाए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच और वीडियो का सत्यापन
मामले की जानकारी देते हुए करजा थानाध्यक्ष राम एकबाल प्रसाद ने बताया कि दोनों पक्षों से प्राप्त आवेदनों के आधार पर सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो का सत्यापन कर रही है और उसमें दिख रहे लोगों की पहचान की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
RIMS में खाली पदों पर भर्ती का रास्ता साफ होने की उम्मीद, गवर्निंग बॉडी करेगी मंथन
21 Jul, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की बहुप्रतीक्षित गवर्निंग बॉडी (शासी परिषद) की बैठक मंगलवार को आयोजित होने जा रही है। संस्थान के नए प्रभारी निदेशक डॉ. डीके सिन्हा के पदभार ग्रहण करने के पश्चात यह पहली आधिकारिक बैठक होगी। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता शासी परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी करेंगे। बैठक में रिम्स के वरिष्ठ अधिकारियों और समिति के सदस्यों की मौजूदगी में संस्थान के भविष्य के खाके पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
दो दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर लगेगी मुहर, प्रशासनिक ढांचे को मिलेगा बल
इस बार आयोजित होने वाली शासी परिषद की बैठक में लगभग दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण एजेंडों को शामिल किया गया है, जिन पर विस्तार से विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इनमें से प्रमुख प्रस्ताव संस्थान के प्रशासनिक ढांचे में सुधार, मानव संसाधन प्रबंधन, रिक्त पदों को भरने तथा वित्तीय मामलों से संबंधित हैं। इन फैसलों से न केवल संस्थान की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी, बल्कि दैनिक प्रशासनिक कार्यों को निष्पादित करने में भी तेजी देखने को मिलेगी।
चिकित्सा सेवाओं और विकास कार्यों को गति देने पर रहेगा मुख्य जोर
बैठक के प्रमुख एजेंडों में रिम्स की समग्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाना और संस्थान के भीतर जारी विभिन्न विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना शामिल है। अस्पताल में आधुनिक चिकित्सकीय उपकरणों की खरीद, नई तकनीकों के समावेश और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने से जुड़े प्रस्तावों पर सहमति बनने की पूरी संभावना है। इससे राज्य के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान में जारी आधारभूत संरचना के निर्माण कार्यों को नई गति मिलेगी।
मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं में विस्तार की उम्मीद, बेहतर इलाज का मिलेगा लाभ
शासी परिषद की इस बैठक का सीधा फायदा दूर-दराज से आने वाले हजारों मरीजों को मिलेगा। बैठक में मरीजों की सुविधाओं से जुड़े कई कल्याणकारी प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी, जिससे अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया को अधिक सुलभ और त्वरित बनाया जा सके। स्वास्थ्य मंत्री और नए प्रभारी निदेशक की पहल पर मरीजों को बेहतर चिकित्सा देखभाल देने और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
बेटी का जन्मदिन मातम में बदला, केक लेने निकले सैनिक की हादसे में मौत
21 Jul, 2026 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र में भीषण सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले भारतीय सेना के जवान अभिषेक आनंद को सोमवार शाम अंतिम विदाई दी गई। तिरंगे में लिपटे जवान के पार्थिव शरीर को सेना की टुकड़ी ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गमगीन हो गया। शहीद जवान को उनके 12 वर्षीय भतीजे अभिनव राज ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचते ही मचा कोहराम
सेना के जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक घर पहुंचा, वहां चीख-पुकार मच गई। पति के शव को देखते ही पत्नी अंशु अपनी तीन साल की मासूम बेटी को गोद में लिए उनसे लिपटकर बिलख-बिलख कर रोने लगीं। गांव की महिलाएं और परिवार के लोग उन्हें संभालने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इस दुखद दृश्य को देखकर सांत्वना देने पहुंचे हर व्यक्ति का कलेजा कांप उठा।
बेटी का जन्मदिन मनाने आए थे घर, रास्ते में हुआ हादसा
राजस्थान के बीकानेर में तैनात अभिषेक आनंद वर्ष 2014 में भारतीय सेना में शामिल हुए थे। वह अपनी तीन वर्षीय बेटी के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए 20 दिनों की छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। रविवार की शाम वह अपने दो साथियों के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से बाजार में केक का ऑर्डर देने जा रहे थे। इसी दौरान धबौलिया पुल के समीप सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिसमें जवान समेत तीनों सवारों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे में जान गंवाने वाले दो अन्य साथियों की भी विदाई
इस सड़क दुर्घटना में जवान अभिषेक के साथ अपनी जान गंवाने वाले पंकज राय और बादल यादव का भी सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। पंकज राय अपने पीछे पत्नी और पांच बच्चों का रोता-बिलखता परिवार छोड़ गए हैं, जबकि समाजसेवा और राजनीति से जुड़े बादल यादव अभी अविवाहित थे।
गांव और पूरे क्षेत्र में छाया गहरा शोक
पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों युवकों के पार्थिव शरीर एक साथ गांव पहुंचे, तो हर तरफ सिर्फ सन्नाटा और रोने की आवाजें सुनाई दे रही थीं। स्थानीय लोग और रिश्तेदार पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं। एक साथ तीन होनहार युवाओं को खो देने से पूरा क्षेत्र गहरे आघात में है और इस दर्दनाक घटना से हर कोई स्तब्ध है।
खेत से घर लौटना पड़ा भारी, मगरमच्छ के हमले में किसान की दर्दनाक मौत
20 Jul, 2026 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बगहा: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड स्थित नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव में रविवार शाम एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। खेत में काम निपटाकर घर लौट रहे 45 वर्षीय किसान केदार बैठा पर अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया और उन्हें खींचकर नाले के गहरे पानी में ले गया। इस दिल दहला देने वाले हादसे में किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से पूरे ग्रामीण क्षेत्र में भारी दहशत, अफरा-तफरी और गहरा शोक व्याप्त है।
खेत से लौटते समय नाले के पास हुआ अचानक हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार केदार बैठा रविवार को अपने साथियों के साथ खेत में सोहनी (निकौनी) का काम पूरा करके घर की ओर लौट रहे थे। बेलहवा-सिरिसिया मार्ग के पास स्थित गुलहरिया सरेह के भापसा नाला को पार करने के दौरान पानी में छिपे खूंखार मगरमच्छ ने अचानक उन पर झपट्टा मार दिया। जब तक किसान संभल पाते, मगरमच्छ उन्हें जबड़ों में दबोचकर पानी के भीतर खींच ले गया।
साथियों का बचाव का प्रयास और ग्रामीणों की भारी भीड़
किसान के साथ चल रहे कमल उरांव और नथुनी उरांव समेत अन्य साथी ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन मगरमच्छ के शिकंजे से उन्हें नहीं छुड़ाया जा सका। हादसे की खबर आग की तरह फैलते ही आसपास के दर्जनों गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और मृतक अपने पीछे पत्नी सीला देवी, दो पुत्रों तथा एक पुत्री से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
प्रशासन और वन विभाग की टीम ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना प्राप्त होते ही नौरंगिया थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और स्थिति को संभाला। अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी और चिकित्सकीय प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। वन कर्मियों द्वारा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि आसपास के अन्य ग्रामीणों और किसानों को किसी प्रकार के खतरे से बचाया जा सके।
मुआवजे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से मृतक के पीड़ित परिवार को अविलंब उचित सरकारी मुआवजा प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इसके साथ ही ग्रामीणों ने भापसा नाला क्षेत्र से हमलावर मगरमच्छ को पकड़ने और वहां स्थायी सुरक्षा इंतजाम करने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलस्रोत वाले क्षेत्रों में मगरमच्छों की मौजूदगी से किसानों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है, जिसका स्थायी समाधान आवश्यक है।
शादी के कुछ समय बाद उजड़ा घर, पति-पत्नी के शव फंदे से मिलने से मचा हड़कंप
20 Jul, 2026 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र स्थित नरियार गांव में रविवार देर रात उस समय भारी सनसनी फैल गई, जब एक नवविवाहित दंपति के शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर के दो अलग-अलग कमरों में फंदे से लटके पाए गए। इस हृदयविदारक घटना की खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई, जिससे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया और परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुँची और पूरे मामले की बारीकी से जांच-पड़ताल शुरू कर दी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य और पुलिस को रिपोर्ट का इंतजार
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया। वैज्ञानिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य आवश्यक भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों और अन्य सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, तथा मृत्यु के सटीक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के उपरांत ही हो सकेगा।
पति-पत्नी के बीच विवाद और घटनाक्रम की प्रारंभिक जानकारी
प्रारंभिक सूचना के अनुसार मृतकों की पहचान सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के हरसेर निवासी विजय कुमार और उनकी पत्नी अंजलि कुमारी के रूप में हुई है, जिनका विवाह इसी वर्ष 13 मार्च को संपन्न हुआ था। अंजलि बीते दो सप्ताह से अपने मायके नरियार गांव में रह रही थीं। घटना वाले दिन जब परिवार के सदस्य बाजार गए हुए थे, तभी दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी कहासुनी हुई। माना जा रहा है कि आवेश में आकर पहले अंजलि ने फांसी लगा ली, जिसके बाद विजय ने भी कथित तौर पर विषैले पदार्थ का सेवन कर फंदे से झूलकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।
लड़के पक्ष ने जताया हत्या का संदेह और लगाए संगीन आरोप
दूसरी ओर मृतक विजय कुमार के परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे सुनियोजित हत्या का मामला करार दिया है। उनका संगीन आरोप है कि अंजलि द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदम के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने विजय की हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने तथा घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए उसके शव को कमरे में फंदे से लटका दिया। लड़के पक्ष की इस शिकायत के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।
पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव और बहुआयामी जांच जारी
मोतीपुर थाना पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया हेतु मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला दंपत्ति द्वारा खुदकुशी करने का प्रतीत हो रहा है, फिर भी दोनों पक्षों के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर निष्पक्ष और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लालू यादव को अस्पताल से मिली छुट्टी, आज दिल्ली के लिए होंगे रवाना
20 Jul, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को अग्रिम तथा बेहतर चिकित्सकीय परामर्श के लिए सोमवार दोपहर नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया जा रहा है। वे दोपहर 1:10 बजे की नियमित व्यावसायिक उड़ान से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। इस यात्रा के दौरान उनके साथ बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी और पार्टी की वरिष्ठ सांसद मीसा भारती भी मौजूद रहेंगी।
पटना के आईजीआईएमएस अस्पताल में कराया गया था भर्ती
उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार की शाम स्वास्थ्य में अचानक गिरावट और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) में उतार-चढ़ाव की शिकायत के बाद उन्हें पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (आईजीआईएमएस) में आपातकालीन रूप से भर्ती कराया गया था। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनके स्वास्थ्य की गहन जांच की गई और आवश्यक उपचार प्रदान किया गया, जिसके बाद उनकी स्थिति में सुधार दर्ज किया गया था।
एम्स नई दिल्ली में विशेषज्ञों की निगरानी में होगा आगे का इलाज
लालू प्रसाद यादव की पुत्री एवं सांसद मीसा भारती ने स्वास्थ्य संबंधी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती इलाज के उपरांत उनकी हालत स्थिर हो गई थी और उन्हें चिकित्सालय से छुट्टी दे दी गई थी। चिकित्सकों ने उन्हें कुछ समय के लिए घर पर विश्राम और निगरानी की सलाह दी थी। हालांकि, अब स्वास्थ्य के सर्वांगीण मूल्यांकन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सीधी देखरेख में इलाज जारी रखने के लिए उन्हें दिल्ली एम्स ले जाने का निर्णय लिया गया है।
दो दशकों के बाद निजी आवास कौटिल्य नगर में स्थानांतरण
स्वास्थ्य संबंधी घटनाक्रम के बीच यह भी सामने आया है कि लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने लगभग बीस वर्षों तक 10 सर्कुलर रोड स्थित शासकीय आवास में निवास करने के बाद हाल ही में कौटिल्य नगर स्थित अपने निजी भवन में अपना ठिकाना बदला है। उनका पूर्ववर्ती सरकारी बंगला अब राज्य सरकार द्वारा पशुआहार एवं मत्स्य संसाधन मंत्री नंद किशोर राम के नाम आवंटित कर दिया गया है।
नए आवासीय क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
निजी आवास में शिफ्ट होने के उपरांत सांसद मीसा भारती ने कौटिल्य नगर क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं और स्वच्छता व्यवस्था पर चिंता प्रकट की थी। उन्होंने कहा कि नए रिहायशी इलाके में सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उनका यह भी मानना था कि यदि इस विषय को वे सार्वजनिक मंचों पर उठाती हैं, तो सत्ता पक्ष की ओर से इस मामले पर व्यर्थ का राजनीतिक तूल देने का प्रयास किया जा सकता है।
बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, तेतरावां PSS में खत्म होगी लो-वोल्टेज की समस्या
20 Jul, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ: तेतरावां पावर सब-स्टेशन (पीएसएस) से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है। विद्युत विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत बिजवनपर से तेतरावां तक 14 किलोमीटर लंबी 33 केवी की नई विद्युत लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इस नई लाइन का सफल परीक्षण करते हुए इसे चार्ज कर दिया गया है। वर्तमान में तेतरावां पीएसएस को बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जोड़ने की अंतिम चरण की प्रक्रिया जारी है, जिससे आगामी एक-दो दिनों के भीतर क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति आरंभ होने का दावा किया गया है।
ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की पुरानी समस्या से मिलेगी मुक्ति
अब तक तेतरावां पावर सब-स्टेशन को पड़ोसी जिले शेखपुरा स्थित शेखोपुरसराय ग्रिड से विद्युत आपूर्ति प्राप्त होती थी। ग्रिड की अत्यधिक दूरी और एक ही संचरण लाइन पर कतरीसराय, वादी, घोसरावां तथा तेतरावां जैसे अनेक पावर सब-स्टेशनों का दबाव होने से क्षेत्र में बार-बार ट्रिपिंग और ब्रेकडाउन की स्थिति उत्पन्न होती थी। भीषण गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग के कारण उपभोक्ताओं को अघोषित कटौती और कम वोल्टेज की भारी समस्या झेलनी पड़ती थी, जिससे अब पूरी तरह छुटकारा मिल जाएगा।
रिंग सिस्टम से निर्बाध आपूर्ति होगी सुनिश्चित
इस नई योजना का सबसे प्रमुख आकर्षण 'रिंग सिस्टम' की तकनीकी व्यवस्था है। इसके माध्यम से तेतरावां सब-स्टेशन को प्राथमिक रूप से बड़ी पहाड़ी ग्रिड से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। यदि भविष्य में किसी प्राविधिक खराबी के कारण इस लाइन में रुकावट आती है, तो वैकल्पिक स्रोत के रूप में शेखोपुरसराय ग्रिड से तुरंत आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। इस दोहरी व्यवस्था के लागू होने से क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली गुल रहने की संभावना न के बराबर रह जाएगी।
स्थानीय व्यापार और कृषि गतिविधियों को मिलेगी नई रफ्तार
बिजली की सुचारू और गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति प्रारंभ होने से आम नागरिकों के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों, लघु उद्योगों और कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचेगा। विशेषकर सिंचाई के लिए बिजली पर आश्रित किसानों को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलने से खेती-किसानी के कार्यों में सुगमता आएगी। इससे न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि समूचे ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का अधिकृत वक्तव्य
मामले की जानकारी देते हुए बिहारशरीफ के ग्रामीण कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने बताया कि तेतरावां सब-स्टेशन को बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जोड़ने हेतु 14 किलोमीटर लंबी 33 केवी नई लाइन का बुनियादी ढांचा तैयार कर उसका सफल परीक्षण कर लिया गया है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि बेहद जल्द तेतरावां पीएसएस को मुख्य ग्रिड से जोड़कर सभी संबद्ध उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाने लगेगी।
मानसून सत्र की शुरुआत के साथ बड़ा सियासी घटनाक्रम, स्पीकर से मिले निशांत कुमार
20 Jul, 2026 10:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। सत्र के प्रथम दिवस की कार्यवाही के दौरान नवनिर्वाचित सदस्यों के मनोनयन, विविध समितियों के गठन, शोक प्रस्ताव तथा वित्तीय विषयों से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूर्ण किए जाएंगे। एक तरफ जहाँ विपक्षी दल कानून-व्यवस्था, बाढ़ की स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी एवं जनहित से जुड़े ज्वलंत विषयों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर चुके हैं, वहीं सत्र प्रारंभ होने से पूर्व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार से शिष्टाचार भेंट कर उनका मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार मुलाकात
सत्र की शुरुआत से पहले स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार से मुलाकात कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर उन्होंने व्यक्त किया कि बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में मंत्री के रूप में उनका यह पहला दिवस है, इसलिए वे अध्यक्ष जी का स्नेहाशीष लेने पहुँचे हैं। उन्होंने कहा कि प्रेम कुमार एक अत्यंत अनुभवी एवं वरिष्ठ राजनेता हैं तथा उनके पिता के साथ भी उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं। उनके विस्तृत अनुभवों एवं कुशल मार्गदर्शन में दायित्वों का निर्वहन करना उनके लिए अत्यंत गौरव एवं सीखने का अवसर है।
विधानसभा की कार्यसूची और प्रारंभिक विधायी प्रक्रियाएं
सदन की निर्धारित कार्यसूची के अनुसार सत्र का प्रारंभ विधानसभा अध्यक्ष के प्रारंभिक संबोधन से हुआ। इसके पश्चात बिहार विधानसभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के प्रावधानों के अंतर्गत अस्थायी सदस्यों का मनोनयन पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में कार्य-मंत्रणा समिति के गठन से संबंधित प्रस्ताव को भी पटल पर रखा जाएगा। औपचारिक प्रक्रियाओं के अंतर्गत महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित किए गए अध्यादेशों की प्रतियों को विधिवत सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
समितियों के प्रतिवेदन और अनुपूरक मांगों का विवरण
सत्र के दौरान बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित किए गए अनुपूरक मांगों से संबंधित आधिकारिक संदेशों का विवरण सदन में पेश किया जाएगा। इसके अतिरिक्त विधानसभा की विभिन्न महत्वपूर्ण समितियों के प्रतिवेदनों को भी विचारार्थ पटल पर रखा जाएगा। इन विधायी प्रक्रियाओं के माध्यम से राज्य के प्रशासनिक एवं विधायी तंत्र को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रथम दिवस का सबसे महत्वपूर्ण वित्तीय कार्यसूची
मानसून सत्र के प्रथम दिन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम अनुपूरक व्यय विवरण का उपस्थापन रहेगा। सरकार द्वारा प्रस्तुत इस अनुपूरक बजट के माध्यम से राज्य की चालू विकास योजनाओं, लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों और आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया जाएगा। सदन में इस वित्तीय प्रस्ताव पर आने वाले दिनों में विस्तृत चर्चा एवं स्वीकृति की प्रक्रिया संपन्न होगी।
नालंदा में वज्रपात बना काल, मासूम समेत तीन की मौत से मातम
20 Jul, 2026 07:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ: नालंदा जिले में रविवार की देर शाम हुई अचानक बारिश कई परिवारों के लिए काल बनकर आई। जिले के तीन पृथक-पृथक थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में एक दस वर्षीय मासूम बच्चे सहित तीन लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। यह तीनों मृतक अपने-अपने खेतों में कृषि कार्यों में व्यस्त थे, तभी अचानक हुए वज्रपात की चपेट में आ गए। इन दर्दनाक हादसों के बाद संबंधित गांवों में मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
नूरसराय में मासूम बालक की वज्रपात से मौत
पहली दुखद घटना नूरसराय थाना क्षेत्र के दादपुर-विशंभर बिगहा गांव की है, जहां दस वर्षीय बालक पवन कुमार आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। सुबोध यादव का पुत्र पवन रविवार शाम खेत में कृषि कार्य में हाथ बंटा रहा था, तभी अचानक जोरदार कड़क के साथ ठनका गिर गया। आनन-फानन में ग्रामीण और परिजन उसे निकटतम अस्पताल ले गए, जहाँ चिकित्सकों ने परीक्षण के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय पुलिस ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूर्ण कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
थरथरी में कृषि कार्य कर रहे किसान ने गंवाई जान
दूसरी घटना थरथरी प्रखंड अंतर्गत चिन्तामनचक गांव से सामने आई, जहां 35 वर्षीय किसान ललित कुमार की जान चली गई। अरविंद प्रसाद के पुत्र ललित रविवार शाम झरहा बधार स्थित अपने खेत में काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान एकाएक मौसम बदला और तेज बारिश के साथ भीषण वज्रपात हुआ, जिसकी चपेट में आने से किसान की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से मृतक के परिवार में गहरा आघात पहुंचा है और गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
हिलसा में खेत की जुताई के दौरान युवक की गई जान
तीसरा हादसा हिलसा थाना क्षेत्र के कृष्णा बिगहा गांव में घटित हुआ, जहां 24 वर्षीय युवक सुबोध कुमार ठनके की चपेट में आ गया। भुवनेश्वर प्रसाद का पुत्र सुबोध पावर टिलर मशीन से अपने खेत की जुताई कर रहा था, तभी अचानक गिरी बिजली से वह बुरी तरह झुलस गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों की सहायता से उसे तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया, किंतु चिकित्सकों ने उसे भी मृत घोषित कर दिया। अस्पताल परिसर में परिजनों के आक्रंदन से समूचा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
ग्रामीण अंचलों में भय का माहौल और प्रशासन की चेतावनी
एक ही शाम तीन अलग-अलग स्थानों पर हुए इन हादसों के बाद से संपूर्ण ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा भय और चिंता व्याप्त हो गई है। लगातार बिगड़ते मौसम और वज्रपात के खतरे को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया है। प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी जारी करते हुए अपील की है कि खराब मौसम, वर्षा या बिजली कड़कने के समय लोग खुले खेतों, ऊंचे स्थानों और बड़े वृक्षों के नीचे जाने से पूरी तरह बचें ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
राजेश राम ने जिला पर्यवेक्षकों को दिया निर्देश, संगठन को बनाएं धारदार, बूथ से पंचायत तक कांग्रेस को करें मजबूत
19 Jul, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय सदाकत आश्रम, पटना में आयोजित जिला पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए व्यापक रणनीति प्रस्तुत की। उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि वे संगठन को धारदार, सक्रिय और जनसरोकारों से जुड़ा बनाते हुए पार्टी की मजबूती के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अब जिला, प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर पर संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती देने के अभियान में जुट गई है। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और पार्टी की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने जिला पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि प्रत्येक जिले में संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा करें तथा प्रखंड समितियों के साथ-साथ पंचायत एवं बूथ समितियों का शीघ्र गठन एवं सशक्तीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता की सक्रिय भागीदारी से ही कांग्रेस संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। जिला पर्यवेक्षकों से कहा गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर संगठनात्मक कार्यों को पूरा कर इसकी नियमित रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय को उपलब्ध कराएं। बैठक मेें मिन्नत रहमानी, पंकज यादव, वैद्यनाथ शर्मा, डॉ.कमल कमलेश, कमलदेव नारायण शुक्ला, प्रेमचन्द सिंह, अरविन्द लाल रजक, मनोज शर्मा, नदीम अंसारी, मृणाल अनामय, विमलेश तिवारी, संजय महाराज, विनीता भगत, रीता सिंह, अनुराग चंदन, दौलत इमाम, प्रभाकर झा, प्रकाश चन्द्र झा, जितेन्द्र नाथ पटेल, सुरेश मुखिया, राहुल चौहान, विशाल मलहोत्रा, राम शंकर कुमार पान, मुन्द्रिका सिंह यादव, अरविन्द कुमार चौधरी, डॉ. दिवाकर सिंह, जितेन्द्र कुमार झा, शम्स तवरेज, सुबोध मडल, राजीव गुप्ता, कुमार भानू प्रताप, नरेश प्रसाद अकेला, नीरज यादव, डॉ.किशोरी लाल, रकटू प्रसाद, राजीव मिश्रा, इमरान आलम सहित सभी पर्यवेक्षक मौजूद थे।
बिहार की न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल क्रांति: पटना में न्यायश्रुति प्रणाली का पहला सफल मॉक ट्रायल, अब ऑनलाइन होगी गवाही
19 Jul, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पटना में न्यायश्रुति प्रणाली का पहला सफल मॉक ट्रायल आयोजित किया गया। इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के न्यायालयों में पुलिस अधिकारियों, जेल में बंद कैदियों, गवाहों और वैज्ञानिक विशेषज्ञों को गवाही देने के लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। वे सुरक्षित और प्रमाणित डिजिटल माध्यम से अपनी गवाही दर्ज करा सकेंगे।
- पटना कोर्ट में हुआ सफल परीक्षण
पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुक्रवार को पटना के जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-23 गौरव कुमार की अदालत में एक आपराधिक मामले का सफल मॉक ट्रायल किया गया। इस परीक्षण के दौरान अभियोजन कार्यालय, बेउर स्थित आदर्श केंद्रीय कारा, पटना स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) तथा अन्य संबंधित संस्थानों को एकीकृत कर न्यायश्रुति प्रणाली के माध्यम से डिजिटल गवाही की पूरी प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया। पूरे मॉक ट्रायल का तकनीकी संचालन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) द्वारा किया गया। परीक्षण के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म की कार्यक्षमता, सुरक्षा और समन्वय की सफलतापूर्वक जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, सभी चरण सुचारु रूप से संपन्न हुए और प्रणाली पूरी तरह सफल साबित हुई।
- अब सभी जिला न्यायालयों में होगा विस्तार
गृह विभाग ने बताया कि सफल परीक्षण के बाद न्यायश्रुति प्रणाली को चरणबद्ध तरीके से बिहार के सभी जिला न्यायालयों में लागू किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक तकनीकी संसाधन, डिजिटल नेटवर्क और आधारभूत संरचना को विकसित एवं मजबूत किया जाएगा, ताकि न्यायिक कार्यवाही बिना किसी बाधा के संचालित हो सके।
- न्यायिक प्रक्रिया होगी अधिक तेज और पारदर्शी
न्यायश्रुति प्रणाली के लागू होने से अदालतों में लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद है। इसके माध्यम से पुलिस अधिकारियों, जेल में बंद आरोपियों, वैज्ञानिक विशेषज्ञों और गवाहों की डिजिटल उपस्थिति सुनिश्चित होगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी। साथ ही सुरक्षा संबंधी जोखिम भी कम होंगे और अनावश्यक आवागमन की जरूरत समाप्त हो जाएगी।
- आम लोगों को मिलेगा त्वरित और सुलभ न्याय
सरकार का मानना है कि इस तकनीक के जरिए न्यायिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध बनेगी। इससे न केवल अदालतों पर कार्यभार कम होगा, बल्कि आम नागरिकों को भी तेजी से न्याय मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि न्यायश्रुति प्रणाली बिहार की न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल परिवर्तन का एक महत्वपूर्ण अध्याय साबित हो सकती है और भविष्य में न्याय वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक एवं सुगम बनाएगी।
बिहार में उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान: 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के बनेंगे आधुनिक भवन, 2027 से शुरू होगी पढ़ाई
19 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के 211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए स्थायी भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने तय किया है कि सभी कॉलेजों का निर्माण एक समान आधुनिक डिजाइन के आधार पर किया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और सभी संस्थानों में छात्रों को समान स्तर की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक सत्र 2027 से इन कॉलेजों में नए भवनों से नियमित शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो जाएं।
- स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी होंगी सुविधाएं
नए कॉलेज भवनों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्मार्ट क्लासरूम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी, प्रशासनिक भवन, स्टाफ रूम, सेमिनार हॉल तथा छात्रों के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी शहरों जैसी गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराना है।
- हर कॉलेज पर करीब 5 करोड़ रुपये होंगे खर्च
राज्य सरकार ने प्रत्येक कॉलेज भवन के निर्माण के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया है। इस राशि से आधुनिक और सुविधासंपन्न परिसर तैयार किए जाएंगे। उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल ने बताया कि सभी भवन एक मानक डिजाइन के अनुसार बनाए जाएंगे, जिससे निर्माण की गुणवत्ता बनी रहेगी और परियोजना निर्धारित समय पर पूरी करने में आसानी होगी।
- 15 अगस्त तक जमीन की रिपोर्ट देने का निर्देश
कॉलेज भवनों के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को निर्देश दिया है कि वे 15 अगस्त तक अपने-अपने जिलों में उपलब्ध भूमि की रिपोर्ट विभाग को भेजें। प्रत्येक कॉलेज के लिए ब्लॉक मुख्यालय के आसपास ढाई से पांच एकड़ भूमि चिह्नित करने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, दो दर्जन से अधिक जिलों से प्रारंभिक स्तर पर भूमि उपलब्ध होने की सूचना प्राप्त हो चुकी है। जिन जिलों से पहले भूमि का प्रस्ताव मिलेगा, वहां निर्माण कार्य भी प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।
- ब्लॉक मुख्यालय के आसपास बनेंगे कॉलेज
सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए डिग्री कॉलेज ऐसे स्थानों पर बनाए जाएंगे जहां छात्रों और शिक्षकों की आवाजाही सुरक्षित और सुविधाजनक हो। इसलिए अधिकांश कॉलेज ब्लॉक मुख्यालय या आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास स्थापित किए जाएंगे। सुनसान या दूरस्थ स्थानों पर भवन निर्माण से बचा जाएगा, ताकि छात्र-छात्राओं को परिवहन और सुरक्षा संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण एजेंसियों को कार्य सौंप दिया जाएगा।
- जमीन दान करने वालों को मिलेगा सम्मान
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना में जनभागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किया है। यदि कोई व्यक्ति कॉलेज निर्माण के लिए अपनी भूमि स्वेच्छा से दान करता है, तो संबंधित कॉलेज का नाम दानदाता या उनके द्वारा सुझाए गए किसी व्यक्ति के नाम पर रखा जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से समाज के लोग शिक्षा के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे और भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी तेज होगी।
- कई सरकारी एजेंसियां करेंगी निर्माण
उच्च शिक्षा विभाग ने परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए निर्माण कार्य विभिन्न सरकारी एजेंसियों को सौंपने की तैयारी शुरू कर दी है। सभी एजेंसियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर भवन निर्माण पूरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि जुलाई 2027 के शैक्षणिक सत्र से छात्रों की पढ़ाई नए और स्थायी भवनों में शुरू कराई जा सके।
- उच्च शिक्षा के क्षेत्र में होगा बड़ा बदलाव
211 नए राजकीय डिग्री कॉलेजों के लिए आधुनिक स्थायी भवन बनने से बिहार में उच्च शिक्षा का ढांचा पहले की तुलना में अधिक मजबूत और व्यवस्थित होगा। इससे ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, उच्च शिक्षा में नामांकन बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। सरकार को उम्मीद है कि यह परियोजना बिहार के शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव साबित होगी और राज्य के युवाओं को बेहतर भविष्य की दिशा में नई संभावनाएं प्रदान करेगी।
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