हरियाणा
दिनदहाड़े कोर्ट में फायरिंग, नीरज उर्फ कातिया को मार गिराया गया
16 May, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत। हरियाणा के खरखौदा अदालत परिसर में शनिवार को उस समय चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब पेशी के लिए आए एक युवक की सरेआम अंधाधुंध गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस दुस्साहसिक वारदात से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में भगदड़ मच गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद चारों तरफ खौफ का साया पसरा हुआ है और सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पारिवारिक विवाद के चलते कोर्ट पहुंचे युवक पर जानलेवा हमला
मूल रूप से झज्जर के गांव दूबलधन और वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर-37सी में रहने वाले नीरज उर्फ कातिया का अपनी पत्नी नीतू के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी द्वारा साल 2019 में दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में ही नीरज शनिवार को खरखौदा कोर्ट में हाजिर होने आए थे। जैसे ही वह अदालत की कार्यवाही निपटाकर परिसर से बाहर निकले और पास ही स्थित लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और फिर बिना संभलने का मौका दिए उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
कार सवार हमलावरों की अंधाधुंध फायरिंग और मौके पर ही मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हत्यारे एक ब्रेजा कार में सवार होकर बेहद आक्रामक अंदाज में आए थे, जिन्होंने नीरज को निशाना बनाते हुए करीब चार से पांच गोलियां उनके शरीर में उतार दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और नीरज लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। वारदात के समय नीरज के साथ मौजूद उनके कुछ दोस्तों और साथियों ने उन्हें बचाने तथा संभालने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद हमलावर अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस अधिकारियों का दौरा और साक्ष्य जुटाने की कवायद तेज
न्यायालय परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह की बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एसीपी जोगिंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील करके अपनी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत फोरेंसिक टीम की मदद से मौके से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हमलावरों के भागने के रूट और उनकी पहचान स्थापित करने के लिए कोर्ट और सचिवालय के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
राजनीतिक टकराव खत्म, CM की तारीफ के बाद बनी पार्टी में सौहार्द्र
16 May, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिरसा। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल पर राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा द्वारा की गई एक विवादित टिप्पणी से पैदा हुए सियासी तूफान को थामने के लिए खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी आगे आए हैं। इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक कद और प्रदेश के प्रति उनकी सेवाओं को रेखांकित किया, जिसके तत्काल बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख के बाद जहां एक तरफ सांसद रेखा शर्मा ने अपने विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया, वहीं दूसरी तरफ आहत चल रहे भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी तमाम गिले-शिकवे भुलाकर विवाद को खत्म करने का एलान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया सम्मानित नेता और नाराजगी की खबरों को नकारा
सिरसा रेलवे स्टेशन पर नांदेड़ साहिब के लिए एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस पूरे विवाद पर बेहद परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वर्गीय चौधरी भजनलाल हरियाणा की राजनीति के एक बेहद सम्मानित और कद्दावर नेता थे, जिन्होंने लंबे समय तक प्रदेश का कुशल नेतृत्व किया और राज्य को विकास की एक नई दिशा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी के भीतर कुलदीप बिश्नोई की किसी भी तरह की नाराजगी के कयासों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन में कोई भी व्यक्ति रुष्ट नहीं है और सभी लोग मिलकर सूबे को एक विकसित राज्य बनाने के सामूहिक लक्ष्य पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
सांसद रेखा शर्मा ने वीडियो जारी कर मांगी माफी और अपने विवादित शब्द लिए वापस
मुख्यमंत्री द्वारा चौधरी भजनलाल की जमकर सराहना किए जाने के तुरंत बाद राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर बैकफुट पर आते हुए इस पूरे मामले में क्षमा मांगी। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि पंचकूला में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था और उनकी मंशा किसी भी व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने की नहीं बल्कि केवल पुरानी राजनीतिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करने की थी। उन्होंने आगे कहा कि चौधरी भजनलाल हमेशा से जमीन से जुड़े एक आदरणीय जननेता रहे हैं और चूंकि उनका परिवार आज भी हमारी ही पार्टी का एक अहम हिस्सा है, इसलिए यदि उनके किसी भी समर्थक या परिजनों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह अपने शब्दों को सहर्ष वापस लेती हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने जताई संतुष्टि और समर्थकों से पुलिस केस वापस लेने की अपील
सांसद रेखा शर्मा की ओर से खेद जताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी एक वीडियो जारी कर इस विवाद के सम्मानजनक पटाक्षेप पर अपनी सहमति दे दी। उन्होंने सांसद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वह इस माफीनामे से पूरी तरह संतुष्ट हैं और संकट के इस दौर में पिता के स्वाभिमान के लिए खड़े होने वाले देश-प्रदेश के तमाम समर्थकों और शुभचिंतकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने अनुयायियों से भावनात्मक अपील की कि इस पूरे प्रकरण को यहीं समाप्त माना जाए और विरोध स्वरूप अलग-अलग थानों में दर्ज करवाई गई सभी प्राथमिकियों को भी तुरंत वापस ले लिया जाए ताकि दल के भीतर पूरी एकजुटता बनी रहे।
चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान से भड़का था भजनलाल समर्थकों का गुस्सा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई थी जब रेखा शर्मा ने पंचकूला के एक कार्यक्रम में पुराने दौर का जिक्र करते हुए चौधरी भजनलाल और चंद्रमोहन के चुनाव जीतने के तरीकों पर एक बेहद तल्ख टिप्पणी कर दी थी। इस बयान के सार्वजनिक होते ही पूरे हरियाणा में बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों के बीच भारी रोष फैल गया था, जिसके बाद हिसार में बिश्नोई महासभा ने आपात बैठक बुलाकर कड़ा रुख अपनाया था। कुलदीप बिश्नोई ने भी इस पर बेहद कड़ा पलटवार करते हुए इसे सोच की दुर्बलता बताया था और आलाकमान को अनुशासन के दायरे में रहकर एक बड़ी चेतावनी दी थी, जिसका समाधान अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद बेहद शांतिपूर्ण तरीके से निकाल लिया गया है।
घर के बाहर खड़े युवक की हत्या, 20 राउंड से अधिक फायरिंग
16 May, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के सुबाना गांव में आपसी दुश्मनी और रंजिश के चलते दिनदहाड़े एक युवक की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के रहने वाले हितेश उर्फ गुल्लू नामक युवक को निशाना बनाते हुए हमलावरों ने उस पर चौतरफा गोलियां बरसा दीं। वारदात के वक्त हितेश अपने घर के बाहर सामान्य रूप से खड़ा था, तभी अचानक एक बुलेरो गाड़ी में सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों की नीयत इतनी खतरनाक थी कि उन्होंने युवक को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं दिया और उस पर बीस से अधिक राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुरानी रंजिश के चलते रची गई खूनी साजिश
इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे की वजह पुरानी आपसी रंजिश को माना जा रहा है, जिसकी जड़ें कुछ साल पुरानी बताई जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले मृतक हितेश और आरोपी पक्ष के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद और झगड़ा हुआ था। उस समय का वह मनमुटाव समय के साथ शांत होने के बजाय और गहराता चला गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों ने इस खूनी खेल को अंजाम देने की पूरी साजिश रची और मौका पाकर हितेश की जान ले ली।
ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद आरोपी हुए फरार और गांव में दहशत
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर अपनी बुलेरो गाड़ी में सवार होकर बेहद तेजी से मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी की आवाज से पूरा सुबाना गांव दहल उठा और आसपास के इलाके में भारी दहशत व सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही हितेश के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, जिन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस खूनी वारदात की जानकारी दी।
दो नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज
सूचना पाकर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए बयानों और शिकायत के आधार पर गिरधरपुर गांव के रहने वाले दो युवकों को नामजद करते हुए उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या की विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में सुरक्षित रखवा दिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तेज की तलाश
इस जघन्य हत्याकांड के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। झज्जर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ-साथ डिजिटल इनपुट्स की भी मदद ले रही है ताकि फरार चल रहे दोनों नामजद आरोपियों और उनके मददगारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
डॉक्टर के सवालों से भड़की महिला स्टाफ, कंडोम इस्तेमाल पर उठाया सवाल
15 May, 2026 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: स्थानीय सेक्टर तीन में संचालित पॉली क्लीनिक में हाल ही में पदस्थ हुए एक डॉक्टर की कार्यप्रणाली और उनके कथित अशोभनीय व्यवहार को लेकर महिला कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। नवनियुक्त अतिरिक्त एसएमओ डॉक्टर नरेंद्र के खिलाफ संस्थान की महिला स्टाफ सदस्यों ने मानसिक प्रताड़ना और अश्लील टिप्पणियां करने के गंभीर आरोप लगाते हुए शुक्रवार की सुबह जमकर हंगामा किया। इस विरोध प्रदर्शन में पीड़ित महिलाओं के परिजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिन्होंने मीडिया के समक्ष डॉक्टर की हरकतों को उजागर किया। इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आरोपी डॉक्टर को तुरंत प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।
वैवाहिक स्थिति पर आपत्ति और दफ्तर की बातें गुप्त रखने का दबाव
महिला कर्मचारियों ने अपनी शिकायत में बताया कि वे इस स्वास्थ्य केंद्र में पिछले कई वर्षों से विभिन्न पदों पर ईमानदारी से अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन एक मई को कार्यभार संभालने वाले डॉक्टर नरेंद्र ने आते ही अजीबोगरीब निर्देश देने शुरू कर दिए। आरोप है कि ग्यारह मई को बुलाई गई एक बैठक में डॉक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच करते हुए महिला स्टाफ के नामों के आगे 'मिस' लिखे होने पर आपत्ति जताई और सभी की शादीशुदा जिंदगी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। महिलाओं द्वारा खुद को विवाहित बताए जाने पर डॉक्टर ने उनके नाम के आगे 'मिसेज' न होने को लेकर बहस की और बाद में पूरे स्टाफ को हिदायत दी कि दफ्तर के भीतर का माहौल पूरी तरह से दोस्ताना रहेगा और यहाँ होने वाली किसी भी बात की भनक उनके परिवार या घर तक नहीं पहुंचनी चाहिए।
स्वास्थ्य समीक्षा बैठक में अश्लील विमर्श और अमर्यादित शब्दों का प्रयोग
शिकायत पत्र में डॉक्टर नरेंद्र पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाते हुए महिलाओं ने कहा कि एक अन्य विभागीय चर्चा के दौरान डॉक्टर ने ओपीडी पर्ची के मुख्य बिंदुओं को छोड़कर सीधे तौर पर शारीरिक संबंधों से जुड़े अश्लील शब्दों का प्रयोग करना शुरू कर दिया। आरोप है कि पुरुष और महिला संबंधों की अमर्यादित व्याख्या करते हुए डॉक्टर ने परिवार नियोजन के तहत आने वाले एक बिंदु पर चर्चा के दौरान बार-बार बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने महिला कर्मचारियों के सामने गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल के सही तरीकों पर अवांछित सवाल पूछे और चुप्पी साधने पर महिलाओं को खुलकर बात करने के लिए मजबूर करते हुए कहा कि वे सब कुछ जानती हैं पर बताना नहीं चाहतीं।
सिविल सर्जन के समक्ष तीखी नोकझोंक और दोनों पक्षों में हंगामा
डॉक्टर की इन कथित हरकतों से तंग आकर समस्त महिला स्टाफ न्याय की गुहार लगाने के लिए सिविल सर्जन डॉ. बुधराम के कार्यालय पहुंची, जहाँ पहले से मौजूद आरोपी डॉक्टर और पीड़ित महिलाओं के बीच करीब बीस मिनट तक बेहद तीखी नोकझोंक और बहस हुई। पीड़ित पक्ष के परिजनों ने भी डॉक्टर को उनकी इस अभद्रता के लिए जमकर खरी-खोटी सुनाई, जिससे मुख्य चिकित्सा अधिकारी के दफ्तर में काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। दोनों पक्षों के बीच चली इस हंगामेदार बैठक में डॉक्टर की ओर से कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं आने के कारण मामला और अधिक गरमा गया, जिससे दफ्तर के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
आरोपी डॉक्टर को पद से हटाया और स्थायी तबादले के लिए महानिदेशक को पत्र
मामले की संवेदनशीलता और महिला कर्मचारियों के तीव्र आक्रोश को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने त्वरित प्रशासनिक कदम उठाते हुए डॉक्टर नरेंद्र को पॉली क्लीनिक से हटाकर डेपुटेशन पर तुरंत भूना स्वास्थ्य केंद्र भेजने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही जिला स्वास्थ्य प्रशासन ने इस पूरे घटनाक्रम और महिला स्टाफ के बयानों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को प्रेषित की है, जिसमें आरोपी डॉक्टर के स्थायी स्थानांतरण और विभागीय जांच की सिफारिश की गई है। उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
IDFC बैंक घोटाला: CBI ने छापेमारी शुरू की, चंडीगढ़-पंचकूला में दबिश
15 May, 2026 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा में सरकारी खजाने को भारी चपत लगाने वाले एक बड़े घोटाले के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। देश की शीर्ष जांच एजेंसी ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े लगभग 590 करोड़ रुपये के सरकारी धन के गबन के मामले में चंडीगढ़ और पंचकूला में व्यापक छापेमारी की है। चौदह मई को की गई इस औचक कार्रवाई के दौरान जांच दल ने वित्तीय अनियमितताओं, जालसाजी और सरकारी कोष के दुरुपयोग से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज तथा डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं, जिससे इस पूरे सिंडिकेट का पर्दाफाश होने की उम्मीद बढ़ गई है।
सरकारी तंत्र और बैंक अधिकारियों की साठगांठ का खुलासा
यह पूरा मामला हरियाणा सरकार की सिफारिश पर सीबीआई को सौंपा गया था, जिसके बाद एजेंसी ने भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत अपनी तफ्तीश शुरू की। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुछ जिम्मेदार अधिकारियों ने राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में तैनात लोक सेवकों के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची थी। इस साठगांठ के जरिए जनता की भलाई और विकास कार्यों के लिए आवंटित सैकड़ों करोड़ रुपये की सरकारी राशि को नियमों को ताक पर रखकर निजी लाभार्थियों और संदिग्ध खातों में ट्रांसफर कर दिया गया।
आभूषण विक्रेताओं और संदिग्ध ठिकानों पर सघन छापेमारी
घोटाले की कड़ियों को जोड़ने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो ने चंडीगढ़ और पंचकूला क्षेत्र में कुल सात अलग-अलग स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दायरे में न केवल संदिग्धों के आवासीय परिसर शामिल थे, बल्कि बड़े ज्वैलर्स के शोरूम, निजी संस्थाओं के कार्यालय और संदिग्ध लाभार्थियों के ठिकाने भी रहे। सीबीआई के अनुसार इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उस धन के अंतिम निवेश और रूटिंग का पता लगाना था जिसे अवैध तरीके से ठिकाने लगाया गया है। इस दौरान जब्त किए गए वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल उपकरणों को आगे की फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रख लिया गया है।
दर्जनों गिरफ्तारियां और संदिग्ध वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल
इस बहुचर्चित वित्तीय घोटाले में जांच एजेंसी अब तक सोलह आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जिनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। सीबीआई की विशेष टीमें इस समय कई जटिल वित्तीय लेनदेन, शेल कंपनियों और संदिग्ध हवाला नेटवर्क की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे पकड़े गए आरोपियों और जब्त दस्तावेजों की कड़ियों को जोड़ा जाएगा, वैसे-वैसे इस घोटाले में शामिल कुछ और बड़े चेहरों और सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं, जिससे गिरफ्तारियों का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
सरकारी खजाने की सुरक्षा और सख्त कानूनी कार्रवाई का संकल्प
सीबीआई ने इस कार्रवाई के बाद साफ कर दिया है कि सरकारी धन के गबन और भ्रष्टाचार के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए हर कानूनी कदम उठाया जाएगा। एजेंसी का मुख्य ध्यान उस पूरी प्रणाली को समझने और बेनकाब करने पर है जिसके जरिए इतने बड़े पैमाने पर सरकारी राशि को बैंकों से निकालकर निजी हाथों में सौंप दिया गया। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े अन्य गवाहों और संदिग्धों को भी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है ताकि जनता की गाढ़ी कमाई के एक-एक पैसे का हिसाब लिया जा सके और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जा सके।
अविश्वास प्रस्ताव पास, वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा की कुर्सी हुई खाली
15 May, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़: स्थानीय नगर परिषद के सियासी गलियारों में एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिला है, जिसने शहर की राजनीति की दशा और दिशा बदल दी है। लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद आखिरकार नगर परिषद के वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम शर्मा को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। पार्षदों द्वारा उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत के साथ पारित हो गया है, जिसके चलते उन्हें अपने पद से तत्काल प्रभाव से हाथ धोना पड़ा। इस विशेष बैठक में शामिल हुए सभी छब्बीस पार्षदों ने एकजुट होकर निवर्तमान वाइस चेयरमैन के विरोध में मतदान किया, जिससे विपक्षी खेमे में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
प्रशासनिक पहरे और कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान की प्रक्रिया संपन्न
सत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए शुक्रवार, पंद्रह मई को नगर परिषद कार्यालय में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा और गुप्त मतदान के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई थी। इस पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह से निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) जगनिवास को विशेष तौर पर प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया था। अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा सुबह से ही नगर परिषद परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, जबकि शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें पल-पल बदलते घटनाक्रम पर टिकी हुई थीं।
चेयरपर्सन सहित छह पार्षदों ने बनाई महत्वपूर्ण बैठक से दूरी
इस बड़े सियासी शक्ति प्रदर्शन के दौरान संख्या बल का दिलचस्प गणित देखने को मिला, जहाँ बैठक में पहुंचे सभी छब्बीस पार्षदों ने बिना किसी मतभेद के अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में अपनी पर्ची डाली। दूसरी तरफ इस पूरे राजनैतिक ड्रामे के बीच नगर परिषद की चेयरपर्सन सरोज राठी ने अविश्वास प्रस्ताव की कार्यवाही से खुद को पूरी तरह दूर रखा। चेयरपर्सन के अलावा स्वयं निवर्तमान वाइस चेयरमैन राजपाल शर्मा, वार्ड छह के पार्षद राजेश तंवर, वार्ड आठ के पार्षद प्रवीन छिल्लर, वार्ड चौदह की पार्षद सविता सैनी और वार्ड बाईस के पार्षद प्रवीन ने भी इस अहम बैठक में हिस्सा नहीं लिया और अपनी अनुपस्थिति दर्ज कराई।
मार्च महीने में ही तैयार हो चुकी थी तख्तापलट की पूरी पटकथा
वाइस चेयरमैन की कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों के भीतर सुलग रही असंतोष की चिंगारी काफी समय पहले ही भड़क चुकी थी, जिसकी पटकथा मुख्य रूप से सत्रह मार्च को ही लिख दी गई थी। उस दौरान परिषद के पच्चीस पार्षदों ने एक राय होकर उपायुक्त को बकायदा एक कानूनी शपथ पत्र (हलफनामा) सौंपा था, जिसमें वर्तमान नेतृत्व पर अविश्वास जताते हुए विशेष बैठक बुलाने का आग्रह किया गया था। पार्षदों के इस सामूहिक कदम पर त्वरित संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नौ अप्रैल को अतिरिक्त उपायुक्त जगनिवास को इस पूरी चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी, जिसके तहत पंद्रह मई की तिथि मुकर्रर की गई थी।
मां की दवा लेने निकली युवती की हत्या का सच सामने आया
14 May, 2026 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला: शहर में मां की बीमारी की रिपोर्ट लेने निकली एक युवती के अचानक गायब होने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है, जिसमें उसके प्रेमी द्वारा ही हत्या कर शव को दूसरे राज्य के जंगलों में जलाने की खौफनाक बात सामने आई है।
प्रेम प्रसंग और शादी के दबाव में रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में यह दुखद खुलासा हुआ है कि अंबाला निवासी अमनदीप कौर का बराड़ा के रहने वाले संदीप के साथ पिछले छह वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था। आरोपी संदीप पहले से ही शादीशुदा था और जब अमनदीप ने उस पर विवाह के लिए दबाव बनाना शुरू किया, तो उसने इस रिश्ते से पीछा छुड़ाने के लिए एक जानलेवा योजना तैयार की। शातिर आरोपी ने युवती को यह कहकर अपने झांसे में लिया कि वे दोनों मिलकर जहर खाकर अपनी जान दे देंगे, लेकिन उसने युवती को जहरीला पदार्थ खिलाकर खुद को बचा लिया, जिससे अमनदीप की मौके पर ही मौत हो गई।
सीसीटीवी फुटेज और कार ट्रैकिंग से हुआ कातिल का पर्दाफाश
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने सबसे अहम भूमिका निभाई, जिसमें आरोपी अपने एक साथी और रेहड़ी चालक की मदद से एक भारी बोरे को कार में लादते हुए दिखाई दिया। परिजनों के शक के आधार पर जब पुलिस ने आरोपी की कार की लोकेशन को ट्रैक किया, तो उसकी स्थिति हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के जंगलों में पाई गई। हरियाणा पुलिस ने बिना समय गंवाए हिमाचल पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया और आरोपी को उस वक्त रंगे हाथों दबोच लिया जब वह सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को पेट्रोल डालकर जला रहा था।
किराए के कमरे में वारदात और साक्ष्य मिटाने का प्रयास
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी संदीप ने पिछले डेढ़ साल से एक कमरा किराए पर ले रखा था, जहां उसने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया और फिर शव को बोरे में भरकर करीब दो सौ किलोमीटर दूर पोंटा साहिब के जंगलों में ले गया। पुलिस ने मौके से युवती का अधजला शव बरामद कर लिया है और वारदात में इस्तेमाल की गई कार और अन्य सामान की बरामदगी के लिए आरोपी को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस अब उन अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है जिन्होंने शव को ठिकाने लगाने में आरोपी की मदद की थी।
परिवार में मातम और न्याय की गुहार
कैंसर पीड़ित मां की टेस्ट रिपोर्ट लेने निकली बेटी की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अमनदीप के मामा और अन्य रिश्तेदारों ने प्रशासन से मांग की है कि इस जघन्य अपराध के लिए दोषी को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि समाज में एक उदाहरण पेश हो सके। फिलहाल पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर ली है और मामले से जुड़े हर तकनीकी साक्ष्य को मजबूती से जुटाया जा रहा है ताकि आरोपी को कानून के कटघरे में खड़ा कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जा सके।
कड़ी मेहनत का फल: किसान की बेटी मानसी ने प्रदेश में तीसरा स्थान पाया
14 May, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल: जिले के गांव देबन की रहने वाली एक किसान की होनहार सुपुत्री मानसी ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में प्रदेश भर में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी सफलता का परचम लहराया है।
संघर्ष और समर्पण से हासिल किया प्रदेश में गौरवशाली स्थान
मानसी ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर 500 अंकों में से 497 अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया है बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। एक साधारण किसान परिवार से संबंध रखने वाली मानसी की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों तो संसाधनों की कमी सफलता के आड़े नहीं आती। मानसी की इस शानदार कामयाबी के बाद उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और पूरे क्षेत्र में हर्षोल्लास का माहौल बना हुआ है।
सोशल मीडिया से दूरी और नियमित अध्ययन बना सफलता का आधार
अपनी तैयारी के सफर के बारे में जानकारी देते हुए मानसी ने बताया कि परीक्षा के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के आकर्षण से खुद को पूरी तरह दूर रखा था। वह हर दिन करीब 8 घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई को देती थीं और कठिन विषयों पर पकड़ बनाने के लिए उन्होंने अपने शिक्षकों की मदद से एक विशेष समय-सारणी तैयार की थी। मानसी का मानना है कि पढ़ाई में निरंतरता और अनुशासन ही वह मुख्य कारण हैं जिन्होंने उन्हें मेरिट सूची में स्थान दिलाने में मदद की।
घर की जिम्मेदारियों के बीच सेल्फ-स्टडी का अनूठा तालमेल
मानसी की खूबी यह भी है कि वह केवल अपनी किताबों तक सीमित नहीं रहीं बल्कि घर के कामकाज में भी अपनी माता का पूरा सहयोग करती हैं। घरेलू जिम्मेदारियों को बखूबी निभाने के साथ-साथ उन्होंने पूरे साल अपनी पढ़ाई को कभी प्रभावित नहीं होने दिया और हर स्थिति में कम से कम 3 घंटे का समय स्वाध्याय के लिए अवश्य निकाला। अनुशासन और समय प्रबंधन के प्रति उनकी इसी प्रतिबद्धता ने उन्हें आज प्रदेश के टॉपर्स की कतार में लाकर खड़ा कर दिया है।
भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज सेवा करने का दृढ़ संकल्प
अपनी इस बड़ी जीत के बाद मानसी ने भविष्य के लिए अपने ऊंचे लक्ष्यों को भी साझा किया है और वह चिकित्सा के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हैं। उनका सपना एक काबिल डॉक्टर बनकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों की निस्वार्थ सेवा करना है ताकि वे स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहें। मानसी का यह लक्ष्य उनके सेवा भाव और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है जिससे प्रेरणा लेकर क्षेत्र के अन्य छात्र भी शिक्षा के प्रति उत्साहित हो रहे हैं।
भाजपा ने बढ़त बनाई, कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर – नतीजे बताते हैं सच
14 May, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक: हरियाणा के सात नगर निकायों के हालिया चुनावी नतीजों ने प्रदेश की सियासी तस्वीर को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए विपक्षी खेमे को आत्ममंथन के लिए मजबूर कर दिया है।
भाजपा की चुनावी मशीनरी और रणनीतिक आक्रामकता
हरियाणा के निकाय चुनावों में भाजपा की जीत महज एक संयोग नहीं बल्कि उसकी सूक्ष्म प्रबंधन शैली और चुनावी गंभीरता का परिणाम नजर आती है। सांपला जैसी नगर पालिकाओं में, जिसे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है, वहां भाजपा ने चुनाव के अंतिम दिनों में तीन कैबिनेट मंत्रियों सहित स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को प्रचार मैदान में उतारकर माहौल को पूरी तरह अपने पक्ष में कर लिया। पार्टी की यह कार्यशैली दर्शाती है कि वह किसी भी चुनाव को छोटा नहीं मानती और बूथ स्तर तक अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखकर विरोधियों के लिए घेराबंदी तैयार करने में माहिर हो चुकी है।
सत्ता पक्ष की नीतियों पर जनता का अटूट भरोसा
सात में से छह निकायों पर परचम लहराकर भाजपा ने यह सिद्ध कर दिया है कि प्रदेश की जनता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व और सरकार की जनहितैषी नीतियों पर मुहर लगा रही है। लगातार तीन विधानसभा चुनावों में जीत के बाद नगर निकायों और राज्यसभा सीटों पर कब्जा जमाना यह संकेत देता है कि मतदाता फिलहाल किसी नए राजनीतिक प्रयोग के मूड में नहीं हैं। इन परिणामों से यह भी साफ होता है कि सरकार के कामकाज को लेकर आम जनमानस में एक सकारात्मक स्वीकार्यता बनी हुई है, जिसे भेद पाने में विपक्ष के तमाम दावे फिलहाल नाकाम साबित हो रहे हैं।
कांग्रेस की सांगठनिक कमजोरी और गुटबाजी का संकट
दूसरी ओर, इन नतीजों ने कांग्रेस की अंदरूनी कलह और सांगठनिक शिथिलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है, जहां पार्टी चुनावी मैदान में पूरी ऊर्जा के साथ जुटने के बजाय बिखरी हुई नजर आई। विधानसभा चुनाव की हार के बाद उम्मीद की जा रही थी कि कांग्रेस एकजुट होकर वापसी करेगी, लेकिन सोनीपत और अंबाला जैसे अपने पारंपरिक प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी पार्टी अपनी पकड़ बचाने में संघर्ष करती दिखी। उकलाना में एक निर्दलीय की जीत को कांग्रेस समर्थित बताकर साख बचाने की कोशिश जरूर की जा रही है, परंतु वास्तविकता यह है कि गुटबाजी के चलते पार्टी का ढांचा धरातल पर उतना सक्रिय नहीं हो पा रहा है जितनी जरूरत थी।
भविष्य की राजनीति और नेतृत्व के सामने चुनौतियां
मौजूदा चुनावी रुझान बताते हैं कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी सौम्य छवि और त्वरित फैसले लेने की क्षमता से जनता के बीच जो पैठ बनाई है, उसने भाजपा को एक 'अजेय इलेक्शन मशीन' के रूप में स्थापित कर दिया है। इन निरंतर चुनावी झटकों के बाद अब कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और भविष्य की दिशा को लेकर नई बहस छिड़ना स्वाभाविक है क्योंकि पार्टी का पारंपरिक जनाधार धीरे-धीरे खिसकता जा रहा है। यदि विपक्ष ने अपनी रणनीति और आपसी समन्वय में समय रहते बड़े बदलाव नहीं किए, तो आगामी राजनीतिक सफर उसके लिए और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
दिलजीत दोसांझ मैनेजर के घर फायरिंग: AAP ने BJP पर निशाना साधा
13 May, 2026 05:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। हरियाणा के गोंदर गांव में मशहूर गायक दिलजीत दोसांझ के मैनेजर गुरप्रताप कांग के आवास पर कथित गोलीबारी का मामला गरमा गया है, जिसकी जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े सदस्यों द्वारा लिए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस तरह की किसी भी हिंसक वारदात से पूरी तरह इनकार किया है और इसे केवल अफवाह करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टायसन बिश्नोई और आरजू बिश्नोई के नाम से संचालित पेजों पर एक पोस्ट साझा की गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि मैनेजर के घर पर ऑस्ट्रिया-निर्मित हथियारों का इस्तेमाल कर फायरिंग की गई। पुलिस के मुताबिक, परिजनों से संपर्क करने पर उन्होंने भी ऐसी किसी घटना के होने की पुष्टि नहीं की है, जिसके चलते फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर संशय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी और गैंगस्टरों की चेतावनी
इंटरनेट पर प्रसारित पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित गुर्गों ने दावा किया है कि यह फायरिंग केवल एक चेतावनी है और इसके पीछे मुख्य कारण दिलजीत दोसांझ की टीम पर लगाए गए गंभीर आरोप हैं। पोस्ट में उल्लेख किया गया है कि सिंगर के मैनेजर और उनकी टीम के कुछ सदस्यों को पूर्व में भी संदेश भेजे गए थे, जिनमें महिला कर्मचारियों के शोषण और फर्जी कार्यक्रमों के नाम पर धोखाधड़ी करने की बातें कही गई थीं। गैंग की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पंजाब की एक युवती के साथ अभद्र व्यवहार किया गया था और बार-बार आगाह करने के बावजूद टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया, जिसके परिणामस्वरूप कथित तौर पर इस हमले को अंजाम दिया गया।
पुलिस प्रशासन का पक्ष और वारदात का खंडन
निसिंग थाना पुलिस और स्थानीय अधिकारियों ने गोंदर गांव में किसी भी प्रकार की गोलीबारी की सूचना को सिरे से खारिज कर दिया है। थाना प्रभारी कृष्ण कुमार के अनुसार, न तो पुलिस के पास इस संबंध में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है और न ही गांव में ऐसी किसी हलचल की जानकारी मिली है। पुलिस टीम ने मैनेजर के परिवार से भी चर्चा की है, जिसमें परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनके घर पर किसी ने भी गोलियां नहीं चलाई हैं। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही यह जानकारी भ्रामक हो सकती है और वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए जा रहे इन दावों की सत्यता की जांच करने में जुटे हैं ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी
इस घटनाक्रम के सामने आते ही सियासी गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं और विपक्षी दलों ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने इस मामले को लेकर सत्ताधारी दल पर तीखा हमला बोलते हुए इसे पंजाब विरोधी मानसिकता का हिस्सा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समय पहले सिंगर को एक राजनीतिक प्रस्ताव दिया गया था और उसे ठुकराने के बाद इस तरह की डराने-धमकाने वाली गतिविधियां की जा रही हैं। उन्होंने गैंगस्टर और सत्ता के बीच कथित सांठगांठ की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं के जरिए पंजाब से ताल्लुक रखने वाली हस्तियों को भयभीत करने का प्रयास किया जा रहा है।
अंबाला-सोनीपत में भाजपा की जीत, उकलाना में युवा चेहरे की सफलता
13 May, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में स्थानीय निकाय और नगर परिषद चुनाव 2026 के लिए मतों की गणना का कार्य बुधवार सुबह 8:00 बजे से कड़ी सुरक्षा के बीच प्रारंभ हो गया है। शुरुआती रुझानों और घोषित परिणामों ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिल रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से आ रहे परिणामों ने कहीं सत्ताधारी दल का उत्साह बढ़ाया है, तो कहीं निर्दलीय और विपक्षी उम्मीदवारों ने बड़े उलटफेर कर सत्ता के समीकरणों को चुनौती दी है।
उकलाना में युवा शक्ति का उदय और भाजपा को करारा झटका
उकलाना नगर पालिका के चुनाव परिणामों ने सभी को अचंभित कर दिया है, जहाँ मात्र 23 वर्षीय निर्दलीय उम्मीदवार रीमा सोनी ने इतिहास रचते हुए जीत का परचम लहराया है। कांग्रेस समर्थित रीमा सोनी ने भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी निकिता गोयल को कड़े मुकाबले में पराजित कर चेयरपर्सन की कुर्सी पर कब्जा किया है। यह परिणाम भाजपा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि इस सीट पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ-साथ पांच कैबिनेट मंत्रियों ने स्वयं मोर्चा संभालते हुए धुआंधार प्रचार किया था, इसके बावजूद युवा चेहरे ने बाजी मार ली।
रेवाड़ी और धारूहेड़ा में भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व
नगर परिषद रेवाड़ी के चुनावी रण में भाजपा ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है और 32 वार्डों में से 11 पर विजय हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। हालाँकि यहाँ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी अप्रत्याशित प्रदर्शन करते हुए प्रमुख दलों के लिए मुश्किलें खड़ी कीं और कई महत्वपूर्ण वार्डों पर अपनी जीत दर्ज कराई। वहीं धारूहेड़ा नगर पालिका से भाजपा के लिए सुखद खबर आई, जहाँ चेयरमैन पद के प्रत्याशी सत्यनारायण उर्फ अजय जांगड़ा ने जीत दर्ज की है, जिसकी घोषणा होते ही मतगणना केंद्रों के बाहर उत्साही कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया।
पंचकूला और सोनीपत में खिला कमल जबकि अंबाला में कांग्रेस की सेंध
पंचकूला जिले के विभिन्न वार्डों में भाजपा का क्लीन स्वीप जैसा प्रदर्शन नजर आया है, जहाँ वार्ड नंबर 6 से पार्थ गुप्ता, वार्ड 8 से राज कुमार जैन और वार्ड 9 से हरेंद्र मलिक ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की है। वहीं सोनीपत के वार्ड 13 से भी भाजपा के महेश लूथरा ने अपनी जीत का लोहा मनवाया है। इसके विपरीत, अंबाला में कांग्रेस ने भाजपा के किले में सेंध लगाने में सफलता प्राप्त की है, जहाँ वार्ड नंबर 8 से कांग्रेस की गुरजीत कौर ने भाजपा उम्मीदवार को 721 मतों के अंतर से पटखनी देकर पार्टी का मनोबल ऊँचा किया है।
सत्ता के गलियारों में हलचल और आगे की राजनीतिक दिशा
निकाय चुनावों के इन परिणामों ने प्रदेश की भावी राजनीति के संकेत देने शुरू कर दिए हैं, जिसमें स्थानीय मुद्दों और व्यक्तिगत छवि का प्रभाव स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया है। जहाँ भाजपा ने शहरी केंद्रों में अपनी संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन किया है, वहीं निर्दलीयों की भारी जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जनता ने कई स्थानों पर पारंपरिक दलीय राजनीति से हटकर नए विकल्पों को प्राथमिकता दी है। आने वाले घंटों में बाकी बचे वार्डों और नगर पालिकाओं के परिणाम पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद ही राज्य की स्थानीय सरकार का पूर्ण स्वरूप सामने आ पाएगा।
BJP का जोरदार प्रदर्शन, प्रवीण कोच सांपला नपा में विजयी
13 May, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्र सांपला में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए नगर पालिका की सत्ता पर कब्जा कर लिया है। भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी निर्दलीय अंकित ओहल्याण को 687 मतों के अंतर से शिकस्त देकर चेयरमैन का पद अपने नाम किया। इस मुकाबले में मुख्य रूप से भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे ने प्रवीण कोच की राह आसान कर दी। जीत की औपचारिक घोषणा के साथ ही भाजपा खेमे में उत्साह की लहर दौड़ गई और कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकालकर जश्न मनाया।
सांपला के चुनावी रण में भाजपा की रणनीति सफल
सांपला नगर पालिका चुनाव में भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, जिसके परिणामस्वरूप उसे यह बड़ी कामयाबी मिली है:
पार्टी ने पूर्व कांग्रेसी नेता प्रवीण कोच पर दांव खेला, जो रणनीतिक रूप से सही साबित हुआ।
चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी सहित प्रदेश सरकार के तीन मंत्रियों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने व्यक्तिगत रूप से मोर्चा संभाला।
विपक्ष की अनुपस्थिति और कांग्रेस के चुनाव से दूर रहने का सीधा फायदा भाजपा को मिला।
प्रवीण कोच की जीत ने यह साबित कर दिया कि भाजपा अब विरोधियों के गढ़ में भी सेंध लगाने में सक्षम है।
निर्दलीय प्रत्याशियों ने दी कड़ी टक्कर पर बिखराव पड़ा भारी
चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत स्तर पर काफी पसीना बहाया, लेकिन अंततः वोटों का बिखराव उनकी हार का कारण बना:
दूसरे स्थान पर रहे अंकित ओहल्याण ने निर्दलीय होने के बावजूद 3704 वोट हासिल कर भाजपा को कड़ी चुनौती दी।
सुधीर ओहल्याण 1984 वोटों के साथ तीसरे और टिकट न मिलने से नाराज होकर मैदान में उतरे पत्रकार अनिल शर्मा 1081 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच यह मत विभाजन न होता, तो चुनावी परिणाम बदल सकते थे।
प्रत्याशियों ने बिना किसी बड़े दलीय समर्थन के अपने दम पर प्रचार कर मतदाताओं को अपनी ओर खींचने का प्रयास किया।
मतदान के आंकड़े और चेयरमैन पद का विस्तृत परिणाम
10 मई को कड़ी सुरक्षा के बीच हुए मतदान में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिसके आंकड़े इस प्रकार रहे:
सांपला में कुल 15624 मतदाताओं में से 12372 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
विजेता प्रवीण कोच को सर्वाधिक 4391 मत प्राप्त हुए, जिससे उनकी जीत का मार्ग प्रशस्त हुआ।
अन्य उम्मीदवारों में विकास को 482, राकेश कुमार को 335 और मंजीत को 222 वोट मिले।
चुनाव में नोटा (NOTA) का विकल्प चुनने वाले मतदाताओं की संख्या 35 रही, जबकि सबसे कम 17 वोट सुनील कुमार को मिले।
सांपला नगर पालिका का नया राजनीतिक समीकरण
इस जीत के बाद सांपला की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं:
चेयरमैन बने प्रवीण कोच के सामने अब कस्बे के विकास कार्यों को गति देने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
हुड्डा के गढ़ में भाजपा की इस सेंधमारी ने आने वाले विधानसभा चुनावों के लिए भी भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है।
निर्दलीय उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर चेहरे की अपनी अहमियत होती है।
प्रशासन ने मतगणना के बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
कैथल का युवक नहर में छलांग, कुरुक्षेत्र में खोज अभियान जारी
12 May, 2026 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र: धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक युवक ने पुल पर अपनी कार खड़ी कर अचानक नहर में छलांग लगा दी। इस अप्रत्याशित घटना से मौके पर मौजूद राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक यह साफ नहीं हो पाया है कि युवक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
कैथल निवासी युवक के रूप में हुई पहचान
नहर में कूदने वाले युवक की शिनाख्त पुनीत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले कैथल के गांव कॉल का रहने वाला है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक अपनी कार में सवार होकर पुल तक आया था, जहाँ उसने अचानक गाड़ी रोकी और बाहर निकलकर बिना सोचे-समझे नहर के गहरे पानी में कूद गया।
नहर में गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया। युवक की तलाश के लिए तुरंत विशेषज्ञ गोताखोरों को बुलाया गया है। तेज बहाव के बावजूद गोताखोरों की टीम नहर के चप्पे-चप्पे को खंगाल रही है, ताकि युवक का सुराग लगाया जा सके। खबर लिखे जाने तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था।
पुलिस ने कब्जे में ली युवक की कार
पुलिस ने घटना स्थल पर लावारिस हालत में खड़ी युवक की कार को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि कार की तलाशी या उसमें रखे दस्तावेजों से इस घटना के पीछे की वजहों का कोई सुराग मिल सकता है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता युवक को नहर से सुरक्षित बाहर निकालना है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पुलिस ने घटना की जानकारी कैथल में रहने वाले पुनीत के परिजनों को दे दी है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है। पुलिस परिजनों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या पुनीत पिछले कुछ समय से किसी मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद से जूझ रहा था।
अदालत ने फतेहाबाद के चर्चित हत्याकांड में 3 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई
12 May, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद: शहर के बहुचर्चित योगेश गोस्वामी हत्याकांड में अदालत ने अपना कड़ा फैसला सुना दिया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक अग्रवाल की कोर्ट ने इस सनसनीखेज हत्या के मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों—पिता और उसके दो बेटों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 16,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पिता और दो बेटों को मिली उम्रकैद
अदालत ने हत्या के इस गंभीर मामले में विनोद उर्फ विनोदी और उसके दो बेटों, अरुण उर्फ काकू और गुलशन उर्फ कन्नू को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि इस मामले में नामजद विनोद की माता धन्नत की मौत अदालती कार्रवाई के बीच ही हो गई थी। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने तीनों को कड़ी सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया है।
उलाहना देने गए परिवार पर जानलेवा हमला
यह मामला 23 मई 2022 की रात का है, जब रामनिवास मोहल्ले में खूनी संघर्ष हुआ था। मृतक के भाई नवीन कुमार की शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब आरोपियों ने उनके भतीजे सिद्धार्थ के साथ बाजार से लौटते समय झगड़ा किया। जब योगेश गोस्वामी, अपनी पत्नी पूनम और बेटे सिद्धार्थ के साथ आरोपियों के घर शिकायत (उलाहना) देने जा रहे थे, तभी रास्ते में ही हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लाठियों व धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
चाकू के वार से गई योगेश की जान
हमले के दौरान दोषियों ने योगेश पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए। इस हमले में योगेश की पत्नी और भतीजे को भी चोटें आईं। योगेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जख्मों के ताव न सहते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए 24 मई 2022 को एफआईआर दर्ज की थी।
अदालत का कड़ा संदेश और जुर्माना
दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने पुलिस द्वारा पेश किए गए ठोस सबूतों को सही पाया। दोषियों को न केवल हत्या (धारा 302) बल्कि अन्य संबंधित धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया। उम्रकैद की सजा सुनाते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि समाज में हिंसा फैलाने वाले ऐसे कृत्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पंचमुखी हनुमान मंदिर जाते समय सड़क हादसा, परिवार को लगा बड़ा झटका
12 May, 2026 09:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर: जिले के जगाधरी स्थित गंगानगर कॉलोनी में मंगलवार की सुबह एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल दीं। मंदिर दर्शन के लिए निकले एक ही परिवार के तीन सदस्य तेज रफ्तार बस की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक टक्कर में महज 13 दिन पहले शादी के बंधन में बंधी नई नवेली दुल्हन और उसकी ननद की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल है।
शादी की खुशियों के बीच पसरा सन्नाटा
गंगानगर कॉलोनी निवासी शिवकुमार का विवाह बीते 29 अप्रैल को 25 वर्षीय खुशबू के साथ हुआ था। मंगलवार सुबह खुशबू अपने पति शिवकुमार और ननद पूजा के साथ पंचमुखी हनुमान मंदिर जाने के लिए बाइक पर निकली थी। बताया जा रहा है कि पूजा शादी के बाद से ही अपने भाई के घर आई हुई थी। मानकपुर इंडस्ट्रियल एरिया के पास पीछे से आ रही महर्षि मारकंडेश्वर यूनिवर्सिटी की बस ने उनकी बाइक को रौंद दिया, जिससे खुशबू और पूजा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एंबुलेंस की देरी और लोगों का गुस्सा
हादसे के बाद मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद कई बार एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन काफी देर तक कोई सहायता नहीं पहुंची। मदद न मिलने पर स्थानीय लोगों ने निजी वाहन का इंतजाम कर घायल शिवकुमार को यमुनानगर के सिविल अस्पताल पहुंचाया। लोगों में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की इस सुस्ती को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला।
तेज रफ्तार बस बनी काल
बस चालक का दावा है कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण यह हादसा हुआ और उस वक्त बस में करीब 15 बच्चे सवार थे। हालांकि, स्थानीय निवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह बस अक्सर अत्यधिक तेज गति से चलाई जाती है। लोगों का कहना है कि पूर्व में कई बार स्कूल प्रबंधन को इस संबंध में शिकायतें दी गई थीं, लेकिन लापरवाही पर कोई लगाम नहीं कसी गई, जिसका खामियाजा आज दो मासूम जिंदगियों को भुगतना पड़ा।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों महिलाओं के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को जब्त कर लिया गया है। पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और बस चालक की लापरवाही के एंगल से मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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