हरियाणा
मंडियों में भीगा 'पीला सोना': बेमौसम बरसात ने रोकी गेहूं की खरीद, उठान न होने से बढ़ी दिक्कत।
18 Apr, 2026 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार | प्रदेश में सक्रिय हुए मध्यम तीव्रता के पश्चिमी विक्षोभ ने खेती-किसानी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शुक्रवार को हरियाणा के 17 जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं, जबकि 3 जिलों में ओलावृष्टि ने फसलों को चोट पहुंचाई है। इस अचानक आए बदलाव से मंडियों में खुले में रखा गेहूं भीग गया है, जिससे किसानों और आढ़तियों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
तापमान में गिरावट, पर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें मौसम के इस मिजाज से भीषण गर्मी से तो राहत मिली है और पूरे प्रदेश में पारा 41 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, लेकिन कृषि क्षेत्र के लिए यह नुकसानदेह साबित हो रहा है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, हिसार, दादरी और फतेहाबाद में ओले गिरे हैं। वहीं, सिरसा, भिवानी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक और एनसीआर के इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई है। अगले 24 घंटों में उत्तरी और पश्चिमी जिलों में हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं, जबकि 19 अप्रैल को एक और विक्षोभ दस्तक दे सकता है।
30 फीसदी फसल अब भी खेतों में जानकारों के अनुसार, प्रदेश के करीब 70 प्रतिशत हिस्सों में गेहूं की कटाई पूरी हो चुकी है, लेकिन शेष 30 प्रतिशत इलाकों में फसल अब भी खेतों में खड़ी है। इस बेमौसम बरसात से खड़ी फसल गिरने और दाने की चमक कम होने का डर है। मंडियों में उठान धीमा होने के कारण खुले में पड़ा अनाज भी बारिश की भेंट चढ़ गया है।
प्रमुख जिलों में दर्ज की गई वर्षा:
चरखी-दादरी: 7.0 मिलीमीटर
हिसार: 2.6 मिलीमीटर
रोहतक: 1.0 मिलीमीटर
सोनीपत व गुरुग्राम: 0.5 मिलीमीटर
सरकारी रिकॉर्ड में नहीं थे कैमरे: लावारिस सीसीटीवी के जरिए लाइव जासूसी का अंदेशा, FIR दर्ज।
18 Apr, 2026 01:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला | नेशनल हाईवे-44 और 152 के संगम पर स्थित देवीनगर फ्लाईओवर पर दो रहस्यमयी सीसीटीवी कैमरे मिलने से हड़कंप मच गया है। इन कैमरों के जरिए देश की सुरक्षा और संप्रभुता के साथ खिलवाड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात तत्वों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (देश की एकता-अखंडता को खतरा) और 61 (साजिश) के तहत यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
इत्तेफाक से हुआ बड़ा खुलासा
इस जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब एएसआई रविश कुमार 15 फरवरी को एक सड़क हादसे की तफ्तीश के लिए मौके पर पहुंचे थे। वहां पुल पर लगे कैमरों को देखकर उन्हें संदेह हुआ। हैरानी की बात यह रही कि NHAI, टोल प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस समेत किसी भी विभाग ने इन कैमरों को अपना मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद अधिकारियों के आदेश पर इन कैमरों को जब्त कर लिया गया।
हाईटेक सेटअप और सिम कार्ड बरामद
जांच में पता चला कि इन कैमरों को चलाने के लिए किसी बाहरी बिजली कनेक्शन की जरूरत नहीं थी; इन्हें लकड़ी के तख्तों और सोलर प्लेटों के जरिए बिजली दी जा रही थी। पुलिस को एक कैमरे से VI कंपनी का सिम कार्ड भी मिला है, जिसका इस्तेमाल संभवतः लाइव डेटा ट्रांसमिशन के लिए किया जा रहा था। दूसरा कैमरा बिना सिम के पाया गया है। पुलिस अब इस डेटा के 'रिसीवर' तक पहुंचने के लिए बैकअप की बारीकी से जांच कर रही है।
रणनीतिक ठिकानों पर नजर की आशंका
अंबाला अपनी भौगोलिक और सैन्य स्थिति (राफेल तैनात एयरफोर्स स्टेशन और सेना की यूनिट्स) के कारण हमेशा से संवेदनशील रहा है। अप्रैल में भी दिल्ली पुलिस ने मलौर गांव से ऐसा ही एक जासूसी कैमरा बरामद किया था। आशंका जताई जा रही है कि कोई बाहरी एजेंसी या देशद्रोही तत्व इन कैमरों के जरिए गुप्त जानकारी जुटाने की फिराक में हैं।
कुरुक्षेत्र एनआईटी में सन्नाटा: लगातार आत्महत्याओं के बाद ठप हुई पढ़ाई, 19 अप्रैल की डेडलाइन तय।
18 Apr, 2026 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) कुरुक्षेत्र इस समय गहरे शोक और आक्रोश के दौर से गुजर रहा है। महज आठ हफ्तों के भीतर चौथी छात्रा द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने के बाद संस्थान में हालात बेकाबू हो गए हैं। बिगड़ती स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के तमाम विद्यार्थियों के लिए तत्काल अवकाश की घोषणा कर दी है।
19 अप्रैल तक खाली करना होगा परिसर
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, सभी छात्र-छात्राओं को 19 अप्रैल 2026 तक अपने-अपने हॉस्टल खाली करने की समयसीमा दी गई है। हालांकि, मैनेजमेंट इसे आगामी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दी गई छुट्टियां बता रहा है, लेकिन कैंपस में मौजूद छात्र इसे विरोध की आवाज दबाने का तरीका मान रहे हैं। छात्रों का कहना है कि संस्थान ने पहले कभी इस तरह अचानक और इतनी लंबी छुट्टियां नहीं दीं।
न्याय के लिए रातभर सड़कों पर रहे छात्र
ताजा मामला छात्रा दिक्शा दुबे की मौत से जुड़ा है, जिसकी जांच अब पुलिस के हाथों में है। इस घटना के बाद बीती रात हजारों छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ठोस नीतियां बनाई जाएं, प्रोफेशनल काउंसलिंग की व्यवस्था हो और प्रशासन अपनी विफलताओं की जिम्मेदारी ले। विशेषज्ञों का मानना है कि संस्थान में बढ़ता मानसिक दबाव एक गंभीर संकट का रूप ले चुका है, जिस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।
राव नरेंद्र का बड़ा बयान, पार्टी में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं
17 Apr, 2026 02:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में पार्टी विरोधी गतिविधियों या अनुशासनहीनता को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस राजनीतिक दौरे और बयानबाजी के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
अनुशासन और क्रॉस वोटिंग पर सख्त रुख
चेतावनी: प्रदेश अध्यक्ष ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी की नीतियों के दायरे में रहकर काम करने की नसीहत दी है। उन्होंने साफ किया कि अनुशासन तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा पर आरोप: हालिया क्रॉस वोटिंग के मामले में उन्होंने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के दबाव में आकर कुछ विधायकों ने ऐसा कदम उठाया, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।
निकाय चुनाव और पार्टी सिंबल
चुनावी रणनीति: रेवाड़ी और धारूहेड़ा के आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने संकेत दिए कि यदि कार्यकर्ता सहमति जताते हैं, तो कांग्रेस अपने आधिकारिक चुनाव चिह्न (सिंबल) पर चुनाव मैदान में उतर सकती है। उनका मानना है कि इससे संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत होगी।
किसानों और महंगाई का मुद्दा
जमीनी निरीक्षण: राव नरेंद्र सिंह ने अनाज मंडी का दौरा कर फसल खरीद की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
सरकार की घेराबंदी: उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की जटिल शर्तें किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रही हैं। इस संबंध में उन्होंने किसानों की समस्याओं को लेकर जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
स्थानीय राजनीति और उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय कांग्रेस नेतृत्व के बीच सामंजस्य को लेकर भी चर्चा रही। जहाँ पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी जसवंत सिंह कार्यक्रम में उपस्थित रहे, वहीं पूर्व विधायक चिरंजीव राव जैसे बड़े नेताओं की अनुपस्थिति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रही।
हिसार में JJP नेता पर FIR, कुलपति कार्यालय के गेट को नुकसान पहुंचाने का आरोप
17 Apr, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। जन नायक जनता पार्टी युवा विंग के प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला के खिलाफ हिसार के सिटी थाना में केस दर्ज किया गया है। पार्टी के कई अन्य पदाधिकारियों पर भी केस दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने रात के समय कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है। दिग्विजय चौटाला सहित अन्य लोगों के खिलाफ जीजेयू प्रशासन ने शिकायत दी थी। वहीं, इस मामले में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला मीडिया से रूबरू हुए।
बता दें कि दिग्विजय सिंह चौटाला के संवाद में वीरवार को गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के छात्रों को जाने से रोकने पर टकराव के हालात पैदा हो गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कुलपति कार्यालय में एक घंटे तक हंगामा किया। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति कार्यालय के गेट को तोड़ने की कोशिश की। गमले टूट गए। दिग्विजय चौटाला प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ गेट के पास धरने पर बैठ गए। दिग्विजय ने इस दौरान प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए महिला पुलिस की तैनाती पर सवाल उठाया। जजपा के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जीजेयू में छात्र संवाद आयोजित करने के लिए उन्होंने जीजेयू प्रशासन से अनुमति मांगी थी लेकिन प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद यह कार्यक्रम यादव धर्मशाला में आयोजित किया गया। जब विद्यार्थियों को जीजेयू परिसर से बाहर नहीं आने दिया गया तो दिग्विजय चौटाला कुछ छात्रों के साथ परिसर में दाखिल हो गए और कुलपति कार्यालय का घेराव किया। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जब तक कुलपति छात्रों की आवाज नहीं सुनेंगे तब तक हम धरने से नहीं उठेंगे। हंगामा बढ़ने पर सुरक्षाकर्मियों ने पुलिस को बुलाया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को गेट धकेलने से रोका जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की होती रही।
हम जवा ब मांगने आए तो ये लोग कुर्सी छोड़ कर भाग गए
दिग्विजय सिंह चौटाला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज भाजपा के एजेंट की हालत इतनी कमजोर और भगोड़े जैसी हो गई है कि जब हम जवाब मांगने पहुंचे तो ये लोग अपनी कुर्सी छोड़कर भाग गए। उन्होंने कहा कि कुलपति को छात्रों के सवालों और उनके आका मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भी जवाब देना होगा। हम राज्यपाल से मिलकर विश्वविद्यालयों में हो रही बदहाली, भ्रष्टाचार, लूट और जातिवाद से संबंधित भेदभाव को उजागर करेंगे। दरवाजे तोड़ने से कोई फायदा नहीं, हम इनकी सभी कारगुजारियों के दरवाजे खोलेंगे।
27 अप्रैल को जीजेयू में प्रदर्शन करेंगे
जजपा नेता दिग्विजय चौटाला की मौजूदगी में इनसो कार्यकर्ताओं की ओर से कुलपति कार्यालय पर की गई तोड़फोड़ दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। 5 अगस्त 2019 को इनसो फाउंडेशन-डे के लिए जीजेयू के सीआरएस सभागार को लिया गया था। इसमें सभागार में काफी नुकसान हुआ था। इस पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया गया था। आज तक यह जुर्माना अदा नहीं किया गया। नियमानुसार जुर्माने की अदायगी तक सभागार नहीं देंगे। प्रदर्शन के नाम पर कुछ लोग गुंडागर्दी करने पहुंचे थे। वे कोई डिमांड तक देकर नहीं गए हैं। इसमें विश्वविद्यालय नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार घटनाओं से आक्रोश, हालात संभालने को छुट्टियों का ऐलान
17 Apr, 2026 08:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी कुरुक्षेत्र में दो महीने के भीतर चार छात्र-छात्राओं की आत्महत्या की घटनाओं ने पूरे परिसर में तनाव पैदा कर दिया। गुरुवार देर रात सैकड़ों नाराज छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए और संस्थान प्रशासन व शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रोफेसरों और वार्डन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रियांशु की आत्महत्या के मामले में एक प्रोफेसर ने छात्रों से कहा कि अगर मरना ही है तो ब्रह्मसरोवर पर जाकर मरो, यहां मत मरो। छात्रों ने इस प्रोफेसर पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। इसी तरह दीक्षा दुबे की आत्महत्या मामले में छात्राओं ने होस्टल वार्डन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दीक्षा को फंदे पर लटका देखते ही वार्डन को सूचना दे दी गई थी, लेकिन वार्डन आराम से चाय पीती रहीं। दीक्षा को फंदे से उतारने में तीन घंटे लग गए, जिससे समय पर मदद नहीं मिल सकी।
प्रदर्शन तेज होने पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। देर रात संस्थान प्रशासन ने अचानक 18 अप्रैल से 4 मई तक छुट्टियों का ऐलान कर दिया। प्रशासन के पत्र में कहा गया कि थ्योरी परीक्षाएं पहले से तय शेड्यूल के अनुसार होंगी, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षाएं ऑनलाइन ली जाएंगी। छुट्टियों के ऐलान के बावजूद छात्र-छात्राएं धरने पर डटे रहे। संस्थान के निदेशक का कार्यभार संभाल रहे डॉ. ब्रह्मजीत सिंह अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अड़े रहे।छात्रों ने स्पोर्ट्स इंचार्ज साबुद्दीन को तुरंत सस्पेंड या ट्रांसफर करने, सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और आत्महत्याएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। देर रात तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने पर छात्रों ने शुक्रवार सुबह 3 बजे अपना धरना समाप्त कर दिया।NIT प्रशासन ने कहा है कि सभी आरोपों की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। मामले की जांच जारी है।
महम रैली में तकनीकी गड़बड़ी पड़ी भारी, डीपीआरओ पर कार्रवाई
16 Apr, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। महम में पांच अप्रैल को हुई विकास रैली में मुख्यमंत्री नायब सैनी के भाषण के दौरान माइक बंद होना डीआईपीआरओ संजीव सैनी पर भारी पड़ गया। विभागीय जांच के बाद मुख्यालय की तरफ उन्हें तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। अभी किसी अन्य को रोहतक का कार्यभार नहीं दिया गया है। मुख्यमंत्री हर हलके में जनसभा कर रहे हैं। इसी कड़ी में महम में पांच अप्रैल को विकास रैली थी। रैली में संबोधन के लिए दो बाइक सैट रखे हुए थे। एक माइक डिवाइस से मंच संचालन के अलावा स्थानीय नेताओं व मंत्रियों का संबोधन हुआ। जबकि मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए अलग से माइक डिवाइस लगाया गया था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान अचानक माइक ने काम करना बंद कर दिया। रैली में पीछे मौजूद श्रोताओं को आवाज सुनाई नहीं दे रही थी। पीछे से लोग चिल्लाने लगे तो मुख्यमंत्री ने दूसरे माइक से संबोधन करना पड़ा। चूक की तभी से विभागीय जांच की जा रही थी। बुधवार शाम को मुख्यालय की तरफ से डीआईपीआरओ संजीव सैनी को सस्पेंड करने के आदेश जारी किए गए। वहीं, डीआईपीआरओ संजीव सैनी का कहना है कि माइक की जांच हुई थी। अचानक तकनीकी फाल्ट आ गया।
बेरहमी से हत्या: कलेक्शन एजेंट पर ताबड़तोड़ वार, इलाके में दहशत
16 Apr, 2026 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोहाना। गांव पिनाना से दोड़वा की तरफ किस्त कलेक्शन कर लौट रहे 22 वर्षीय युवक की 6 लोगों ने घेरकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने बर्फ तोड़ने वाले सुएं से उसके पूरे शरीर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान युद्धवीर पुत्र रमेश के रूप में हुई है। वह 4 साल से एचडीएफसी बैंक से जुड़े फाइनेंस का काम करता था और किस्त कलेक्शन का कार्य करता था। वह सरकारी नौकरी के लिए तैयारी भी कर रहा था। वारदात के समय वह स्पलेंडर बाइक पर सवार होकर वापस आ रहा था।
बताया जा रहा है कि पिनाना से दोड़वा के बीच रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे 6 हमलावरों ने उसे घेर लिया। इनमें से 4 हमलावर सामने से बाइक पर आ गए, जबकि 2 ने उस पर सुएं से हमला कर दिया। हमलावरों ने युवक के मुंह और होठों पर भी वार किए, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। युद्धवीर अपने परिवार में सबसे छोटा था। वे दो भाई और दो बहन हैं। बड़ा भाई और दोनों बहनें विवाहित हैं, जबकि वह अविवाहित था। परिवार में उसकी मौत से गहरा सदमा है। सूत्रों के अनुसार 15 दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी भी हुई थी, हालांकि परिवार इस बात से इनकार कर रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हमलावरों की तलाश में जुटी है।
जनगणना में स्व-गणना की शुरुआत, 30 अप्रैल तक चलेगी प्रक्रिया
16 Apr, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में जनगणना का पहला चरण शुरू हो गया है। आज सुबह से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेश में 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की प्रक्रिया चलेगी। सीएम नायब सैनी ने स्व-गणना के आंकड़े दर्ज किए। पहले चरण में मकानों की गणना और मकान से संबंधित जानकारी लोगों से पूछी जाएगी। यह जनगणना एक मई से 30 मई तक चलेगी। भारत सरकार ने इस बार एक विशेष सुविधा दी है, जिससे लोग खुद से अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकेंगे। भारत सरकार ने स्व जनगणना के लिए एक पोर्टल https://se.census.gov.in/ लॉन्च किया है। इसके पोर्टल के जरिये लोग स्वयं भी अपना डाटा भर सकेंगे। स्वगणना से समय की बचत होगी। सटीक जानकारी भरी जा सकेगी। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। इसमें लोगों से उनकी जाति पूछी जाएगी। आजादी के बाद पहली बार जाति का डेटा जुटाया जाएगा। इससे पहले 1931 में ऐसा हुआ था। हरियाणा ने जनगणना की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए अधिकारियों की ट्रेनिंग व जिम्मेदारी तय कर दी गई है। स्वगणना में सिर्फ 15 मिनट का समय लगेगा।
पोर्टल से ऐसे भरनी होगी जानकारी
1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।
2. अपने मोबाइल नंबर से ओटीपी द्वारा लॉगिन करें
3.अपना राज्य, जिला और स्थानीय विवरण चुनें
4. डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान चिन्हित करें
5.मकान व परिवार से संबंधित जानकारी भरें
6. सबमिशन के बाद स्व गणना की एक आईडी मिलेगी
7. इस आईडी को संभाल रखें। फोटो खींच ले या प्रिंट आउट निकाल कर रख लें।
8. जब जनगणना कर्मी आएंगे तो उन्हें सिर्फ अपनी आई डी दे दें।
स्व गणना नहीं कर पाए तो चिंता की बात नहीं
चीफ प्रिंसिपल जनगणना अधिकारी डा. ललित जैन ने बताया यदि कोई स्व गणना नहीं कर पाता है तो चिंता करने की जरूरत नहीं है। एक मई से जनगणना कर्मी घर आएंगे और सारी जानकारी नोट कर ले जाएंगे। हरियाणा में 70 हजार कर्मियों को जनगणना के लिए प्रशिक्षित किया गया है। यह ट्रेनिंग पिछले दो महीने से चल रही है। इसके अतिरिक्त सभी डिविजनल कमिश्नर, डीसी, सीटीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी विभिन्न प्रकार की जिम्मेदारी दी गई है।
आपसे क्या-क्या पूछा जाएगा
मकान से संबंधित : मकान संख्या, फर्श, दीवार व छत की मुख्य सामग्री, मकान का उपयोग (आवासीय/गैर-आवासीय), मकान की स्थिति।
परिवार की जानकारी : परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान का स्वामित्व, कमरों की संख्या।
मूलभूत सुविधाएं : पेयजल का स्रोत, बिजली की सुविधा, शौचालय की उपलब्धता व प्रकार, स्नानघर की सुविधा, रसोई व गैस कनेक्शन, खाना पकाने का ईंधन।
परिवार की सुविधाएं : रेडियो-टेलीविजन, इंटरनेट व कंप्यूटर, मोबाइल फोन, दोपहिया व चारपहिया वाहन।
जनगणना कर्मी के आई कार्ड में होगा बार कोड
इस जनगणना कर्मी के आई कार्ड में बार कोड भी होगा। यदि किसी को शक है कि वह कर्मी जनगणना विभाग का नहीं है तो वह मोबाइल से बार कोड को स्कैन कर उस कर्मी की पूरी जानकारी मिल जाएगी। जनगणना के लिए इस बार विशेष तौर पर सरपंचों व महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप से अपील की गई है कि वे अपनी और अपने साथ जुड़े लोगों से स्व गणना करवाएं, ताकि जनगणना का काम निर्धारित समय पर पूरा किया जा सके। मेरी लोगों से अपील है कि जो जानकारी पूछी जाए, उसकी सही जानकारी दें। जनगणना में सभी जानकारी पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित होगी। लोगों से अपील की जाती है कि वह जनगणना कर्मी का सहयोग करें और स्व-गणना भी करें।
शाहाबाद अनाज मंडी में बड़ा हादसा, चार बच्चों की मां की गई जान
15 Apr, 2026 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र। शाहाबाद अनाज मंडी में हुए गेहूं से भरी बोरियों के ढेर के नीचे दबने से 27 वर्षीय महिला मजदूर हसीना खातून मौके पर ही अपनी जान गंवा बैठी। मृतक यमुनानगर के बिलासपुर गांव की रहने वाली थी और वर्तमान में अपने पति राहुल कुमार व चार छोटे बच्चों के साथ शाहाबाद की अटारी कालोनी में रह रही थी। वह अनाज मंडी की 103 नंबर दुकान पर झाड़ू-पोछा का काम करती थी।
पति राहुल कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि हसीना सुबह करीब चार बजे मंडी में गेहूं इकट्ठा करने और सफाई का काम करने गई थी। वह गेहूं के रैक के नीचे से गेहूं इक्कट्ठी कर रही थी, जैसे ही नीचे की बोरी के पास से गेहूं निकालने लगी तो अचानक रैक में लगी भारी बोरियों उनके ऊपर गिर पड़ी। बोरियों के भारी दबाव से उनके सिर और माथे पर गहरी चोट आई और घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही हसीना की मौके पर ही मौत हो गई। मंडी में काम करने वाले मजदूरों ने बताया कि महिला के साथ आई अन्य तीन से चार महिला हसीना को बोरियों के नीचे दबता देख शोर मचाते हुए मौके से भाग गई। आसपास काम कर रहे अन्य मजदूरों ने तुरंत बोरियों को हटाकर महिला को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थी। मजदूरों ने तुरंत डायल-112 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने पति राहुल कुमार का बयान पर मामले में इत्तेफाकिया कार्रवाई की है।
रैक में थी लगभग 700 बोरियां
मंडी में उठान धीमा चल रहा है। इसके चलते आढ़ती गेहूं की तुलाई करने के बाद जगह कम होने के चलते बोरियों का रैक लगवा देते हैं। आढ़ती ने यह रैक रात दो बजे मजदूरों से लगवाया था और सुबह करीब चार बजे यह हादसा हो गया। रैक में लगभग 700 के करीब बोरियां थी, जिसमें सुबह मजदूरों को और भी बोरियां लगानी थी।
हादसा मंडी सुरक्षा पर कर रहा गंभीर सवाल खड़े
हादसा मंडी में सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है कि इतनी रात को कोई बोरियों के पास से गेहूं एकत्रित कर रहा है और आसानी से उसे बिना रोक टोक ले जाता है तो मंडी के चौकीदार उस समय क्या कर रहे होते हैं। दूसरी तरफ उठान समय पर क्यों नहीं करवाया गया। यह तो गनीमत रही की बोरियां रात के समय खिसकी अगर दिन में खिसकती तो गेहूं लेकर आए किसान व आस-पास काम कर रहें मजदूर भी इसके चपेट में आ सकते थे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। इस सवाल के जवाब में मंडी सचिव कृष्ण मलिक का कहना है कि सीजन में मजदूरों का देर रात तक आना जाना लगा रहता है और सीजन में देर रात तक काम करते हैं तो कोई उन्हें परिसर में कुछ कहता नहीं है। बाहर ले जाने की बात पर उन्होंने कहा कि मंडी लाडवा व बराड़ा रोड पर स्थित है और यहां पूरी रात वाहन आते जाते रहते हैं। कोई पैदल अगर कुछ लेकर जा रहा है तो चौकीदार पूछताछ कर लेता है। परंतु रात के समय गाड़ियों को चेक नहीं किया जाता।
पति के बयान पर इत्तेफाकिया कार्रवाई कर शव सौंपा : जगदीश चंद
थाना शाहाबाद के प्रभारी जगदीश चंद ने बताया कि महिला दिन में मंडी में ही काम करती थी और रात के समय रैक के पास से बोरियों में निकली गेहूं एकत्रित करती थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि महिला रैक के नीचे लगी बोरियों के पास गेहूं इक्कट्ठा करने की प्रयास कर रही थी और इसी प्रयास में बोरियां हिल गई और महिला पर आ गिरी।
मामले में नियमानुसार की जाएगी कार्रवाई : कृष्ण मलिक
शाहाबाद मार्केट कमेटी के सचिव कृष्ण मलिक ने कहा कि पूरी घटना बेहद दुखद है। पूरे मामले की जांच की जा रही है कि महिला कहां काम करती थी और मंडी में इतनी रात को आई कैसे। वहीं इस बारे में चौकीदार से भी पूछताछ की जा रही है। पूरे मामले में जो भी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया गया उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्रिकेट से आगे बढ़े युवा, फुटबॉल-वॉलीबॉल की ओर बढ़ा रुझान
15 Apr, 2026 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा। लंबे समय से कुश्ती और कबड्डी खेल के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब प्रदेश में खेलों का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है और खिलाड़ियों की एक नई पौध तैयार हो रही है। नए सत्र 2026-27 के लिए खेल विभाग की ओर से जारी आंकड़े बताते हैं कि पारंपरिक खेलों के साथ-साथ फुटबॉल और वॉलीबाॅल का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में इन खेलों की नर्सरियों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है और युवा खिलाड़ियों का रुझान इनकी ओर साफ दिखाई दे रहा है। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी खेलते हैं। प्रदेशभर में इस बार 1063 खेल नर्सरियां अलॉट की गई हैं, जो पिछले साल की 976 नर्सरियों से 87 ज्यादा हैं। लेकिन सरकार की ओर से कुल 2 हजार नर्सरियों के संचालित करवाने का लक्ष्य है। इन नर्सरियों के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से ही ट्रेनिंग दी जाएगी। अब भी कबड्डी 148 नर्सरियों के साथ टॉप पर है, लेकिन फुटबॉल (69) और वॉलीबाॅल (64) तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं। कुश्ती की 74 नर्सरियां हैं। अन्य खेलों की बढ़ती संख्या बताती है कि युवाओं की पसंद और नजरिया अब बदल रहा है।
फुटबॉल-वॉलीबाॅल के क्रेज बढ़ने के मुख्य वजह
हरियाणा में फुटबॉल कोच हरविंदर सिंह के मुताबिक इस बदलाव के पीछे सबसे पहली वजह प्रदेश के स्कूल और कॉलेज स्तर पर इन खेलों को ज्यादा बढ़ावा मिलना है। गांवों में भी अब फुटबॉल और वॉलीबाॅल के मैदान आसानी से तैयार हो जाते हैं। इससे बच्चों की भागीदारी बढ़ी है। इसी तरह दूसरी वजह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों के लिए तेजी से बढ़ते मौके भी है। फुटबॉल और वॉलीबाॅल में करियर के विकल्प बढ़ने से युवा इनकी ओर आकर्षित हो रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और टीवी पर बड़े टूर्नामेंट देखने से भी बच्चों में इन खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। वहीं, तीसरी अहम वजह इन खेलों में कम खर्च और आसान संसाधन है, जहां कुश्ती के लिए अखाड़ा और विशेष व्यवस्था चाहिए, इसी तरह दूसरे खेलों में संसाधनों की व्यवस्था पर भारी खर्च है। वहीं फुटबॉल और वॉलीबाॅल कम संसाधनों में भी खेले जा सकते हैं।
जिलों में भी दिखा नया ट्रेंड
खेल नर्सरियों के आंकड़ों में भी यह बदलाव साफ नजर आता है। हिसार 119 नर्सरियों के साथ सबसे बड़ा स्पोर्ट्स हब बनकर उभरा है, जबकि जींद 108 के साथ दूसरे स्थान पर है। कैथल, भिवानी, करनाल और रोहतक जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में नर्सरियां अलॉट की गई हैं। गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला अभी पीछे हैं, जबकि सबसे पीछे नूंह है।
इन जिलों में इतनी नर्सरियां अलॉट
हिसार - 119
जीद - 108
कैथल - 82
भिवानी - 67
करनाल - 75
रोहतक - 65
सोनीपत - 65
झज्जर - 28
यमुनानगर - 28
दादरी - 25
अंबाला - 22
पंचकूला - 18
नूंह - 12
हरियाणा की सियासत में बड़ा बदलाव, विधानसभा सीटें बढ़कर 119
15 Apr, 2026 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है। परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।
अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें
सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है।
हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा
विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई।
फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी
नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे। यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।
हलफनामे में बड़ा दावा, चचेरे भाई पर संपत्ति हड़पने का आरोप
14 Apr, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। पूर्व विधायक रेलुराम पूनिया हत्याकांड में उम्रकैद से दंडित और अभी जमानत पर जेल से बाहर सोनिया ने सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में खुद को पीड़ित बताया है। उसने दावा किया कि पैतृक संपत्ति कब्जाने के लिए उसे जानबूझकर इस केस में फंसाया गया। उसके शरीर में वही जहर मिला जिससे अन्य लोगों की मौत हुई थी। सोनिया और उसके पति संजीव को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर 2025 को जमानत पर रिहा किया था। इस फैसले के खिलाफ सोनिया के चचेरे भाई जितेंद्र पूनिया ने जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। इस पर 7 अप्रैल को सुनवाई के दौरान अदालत ने सोनिया और संजीव को हलफनामा पेश करने के आदेश दिए थे। जितेंद्र के अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल ने बताया कि अदालत के जरिए शपथ पत्र मिला है। इसमें सोनिया ने खुद को पीड़ित बताया है। सोनिया ने दावा किया कि वह अपने माता-पिता के परिवार की एकमात्र जीवित सदस्य है। सोनिया ने आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता (जितेंद्र) उसे आखिरी सांस तक जेल में रखना चाहता है ताकि वे उसके पिता की करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर सके। उसने दावा किया कि याचिकाकर्ता असली पीड़ित नहीं है।
जेल में मिला अवॉर्ड
सोनिया ने बताया कि जेल में उसने ब्यूटी पार्लर और सिलाई-कढ़ाई जैसे कोर्स किए हैं। वह रेडियो जॉकी भी बन चुकी हैं और 2021 में तिनका-तिनका बंदिनी अवॉर्ड से सम्मानित की गईं।
क्या था मामला?
वर्ष 2001 में बरवाला के पूर्व विधायक रेलुराम पूनिया (50), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41), बच्चे प्रियंका (14), सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोता लोकेश (4) और दो पोतियां शिवानी (2) व 45 दिन की प्रीति की लितानी गांव के फार्म हाउस में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रेलुराम की छोटी बेटी सोनिया और उसके पति संजीव को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई जिसे 6 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था।
कब-कब क्या हुआ?
वर्ष 2004 में हिसार जिला अदालत ने सोनिया और संजीव को फांसी की सजा सुनाई। वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने इस सजा को बरकरार रखा। 6 अगस्त 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की दया याचिका पर फैसला सुनाते हुए फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील करते हुए पूरी जिंदगी जेल में बिताने के आदेश दिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 को दोनों को अंतरिम जमानत दी और 16 दिसंबर 2025 को करनाल जेल से रिहा कर दिया।
इलाज का इंतजार घटेगा, PGI में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने का फैसला
14 Apr, 2026 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। पीजीआई में सुपर-स्पेशियलिटी कोर्सेज की सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। इस फैसले के तहत कुल 68 सीटों में इजाफा किया जाएगा जिससे मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज मिल सकेगा। आजकल हृदय, मस्तिष्क, लीवर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। इन जटिल बीमारियों के इलाज के लिए उच्च प्रशिक्षित सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भारी जरूरत है।
पीजीआई प्रशासन के अनुसार स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी से स्वीकृति मिलने के बाद अब आगे की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सीटें बढ़ने से न केवल विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी बल्कि ओपीडी, जांच और सर्जरी के लिए लंबा इंतजार भी कम होगा। प्रस्ताव के तहत न्यूरोसर्जरी में 6, कार्डियोलॉजी में 12, न्यूरोलॉजी में 14, हेपेटोलॉजी में 7 और क्लिनिकल हेमेटोलॉजी में 6 सीटें बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा पीडियाट्रिक क्रिटिकल केयर में 9, प्लास्टिक सर्जरी में 4 और कार्डियक एनेस्थीसिया व इंटेंसिव केयर में 10 सीटों का इजाफा किया जाएगा। पीजीआई में रोजाना 10 से 12 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण लंबी कतारें और सर्जरी के लिए महीनों की वेटिंग आम है। ऐसे में सीटों में यह बढ़ोतरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सुपर-स्पेशलिस्ट की बढ़ती जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार हृदय, मस्तिष्क, लीवर और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इन बीमारियों के इलाज के लिए उच्च प्रशिक्षित सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की आवश्यकता होती है। सीटें बढ़ने से आने वाले वर्षों में अधिक विशेषज्ञ तैयार होंगे जिससे इलाज की गुणवत्ता और पहुंच दोनों बेहतर होंगी।
मरीजों को होगा सीधा फायदा
इस फैसले से ओपीडी में भीड़ कम होगी और मरीजों को जांच व सर्जरी की तारीख जल्दी मिल सकेगी। गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पीजीआई का यह कदम ट्राइसिटी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत के मरीजों के लिए राहत भरा साबित होगा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देगा।
14 प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी, हुड्डा के खिलाफ केस की मंजूरी
14 Apr, 2026 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंचकूला के इंडस्ट्रियल एरिया में 14 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन से जुड़े सीबीआई मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। ये आवंटन वर्ष 2013 में किए गए थे, जब भूपेंद्र हुड्डा मुख्यमंत्री थे। सीबीआई ने फरवरी में हरियाणा सरकार से कानूनी कार्रवाई की मंजूरी मांगी थी। हुड्डा के साथ-साथ राज्य सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के पूर्व अधिकारियों—पूर्व मुख्य प्रशासक डीपीएस नागल, पूर्व मुख्य वित्त नियंत्रक एससी कंसल और पूर्व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट बीबी तनेजा के खिलाफ भी अभियोजन की मंजूरी दी है। अभियोजन की अनुमति मिलने के बाद सीबीआई अब हुड्डा, पूर्व सरकारी अधिकारियों और प्लॉट आवंटियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करेगी। इससे पहले इसी केस में ईडी ने 2021 में ही हुड्डा और प्लॉट आवंटियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। ईडी ने सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मामला दर्ज किया था। ईडी ने हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है। ईडी ने पंचकूला इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन मामले में अपनी शिकायत में हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता बताया है।
ईडी के अनुसार, हुड्डा ने अवैध आवंटन की योजना बनाई और चयनित आवंटियों को लाभ पहुंचाने के लिए पात्रता मानदंड में बदलाव किया। जांच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि कई आवंटी हुड्डा के परिचित या उनके करीबी लोगों से जुड़े थे। रेनू हुड्डा और नंदिता हुड्डा उनके पैतृक गांव सांघी से थीं। कंवर प्रीत सिंह संधू उनके स्कूल मित्र के बेटे थे। मोना बेरी उनके ओएसडी की बहू थीं। डॉ. गणेश दत्त रतन उनके साथ टेनिस खेलते थे। प्रदीप कुमार उनके निजी सचिव के बेटे थे। इसके अलावा, अन्य आवंटियों के भी हुड्डा से प्रत्यक्ष या परोक्ष संबंध बताए गए हैं।
आवंटन में गड़बड़ी और नुकसान
ईडी के मुताबिक 14 प्लॉटों के लिए कुल 582 आवेदन आए थे। कई चयनित आवंटी आर्थिक रूप से कमजोर और अनुभवहीन थे। प्लॉट 6,400 प्रति वर्ग मीटर की दर से दिए गए, जबकि बाजार दर इससे कई गुना अधिक थी। जांच में सामने आया कि लगभग 30.34 करोड़ मूल्य के प्लॉट सिर्फ 7.85 करोड़ में बेच दिए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ।
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