खेल
डोपिंग मामले में विनेश फोगाट मुश्किल में, करियर पर मंडराया खतरा
6 May, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: स्टार पहलवान विनेश फोगाट को डोप टेस्ट चूकने पर नोटिस, खेल जगत में मची खलबली
भारत की दिग्गज महिला पहलवान विनेश फोगाट की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं क्योंकि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने उन्हें डोप टेस्ट में शामिल न होने के कारण एक औपचारिक नोटिस थमाया है। यह मामला पिछले वर्ष 18 दिसंबर को हुए 'आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन' टेस्ट से जुड़ा है, जिसमें विनेश तय समय और स्थान पर उपलब्ध नहीं मिल सकी थीं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि 19 जनवरी को विनेश द्वारा दी गई सफाई की विस्तृत समीक्षा करने के बाद इस चूक को आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है। हालांकि यह सीधे तौर पर डोपिंग नियमों का उल्लंघन नहीं है, लेकिन इसे खिलाड़ियों के लिए निर्धारित 'वेयरअबाउट्स क्लॉज' के तहत पहली गंभीर चेतावनी माना जा रहा है, जिससे आगामी प्रतियोगिताओं में उनके शामिल होने पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
हरियाणा विधानसभा सत्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते बिगड़ा शेड्यूल
विनेश फोगाट ने इस चूक के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट करते हुए बताया कि वह उस समय हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से चंडीगढ़ की यात्रा कर रही थीं। इस सफर और नई व्यक्तिगत जिम्मेदारियों, विशेषकर हाल ही में मां बनने के कारण उनके दैनिक रूटीन में बड़ा बदलाव आया था। हालांकि आईटीए ने स्वीकार किया है कि विनेश ने टेस्टिंग अधिकारी के साथ फोन पर सहयोग किया और अपनी लोकेशन के बारे में जानकारी दी, लेकिन एजेंसी ने उनके तर्क को पूरी तरह पर्याप्त नहीं माना। विभाग का तर्क है कि एक पेशेवर एथलीट होने के नाते यह उनकी जिम्मेदारी थी कि वह अपनी लोकेशन में हुए किसी भी बदलाव को तय समय से पहले आधिकारिक मोबाइल ऐप या ईमेल के माध्यम से अपडेट करतीं।
एंटी-डोपिंग नियमों के कड़े प्रावधान और दो साल के प्रतिबंध का खतरा
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग के कड़े नियमों के अनुसार, यदि कोई खिलाड़ी 12 महीने की अवधि के भीतर तीन बार अपनी लोकेशन की जानकारी देने में विफल रहता है या टेस्ट के लिए अनुपलब्ध पाया जाता है, तो इसे नियमों का बड़ा उल्लंघन माना जाता है। इस तरह की लापरवाही के लिए खिलाड़ी पर दो साल तक का कड़ा प्रतिबंध लगाया जा सकता है, जो किसी भी एथलीट के करियर के लिए घातक साबित हो सकता है। विनेश के मामले में राहत की बात यह है कि पिछले एक साल में यह उनकी पहली आधिकारिक चूक दर्ज की गई है, परंतु भविष्य में किसी भी अन्य चूक से बचने के लिए उन्हें अब अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
प्रशासनिक समीक्षा के लिए मिला सात दिन का समय और आगे की कार्रवाई
इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने विनेश फोगाट को अपनी बात रखने के लिए सात दिनों का अंतिम समय दिया है, जिसके भीतर वे इस निर्णय के खिलाफ प्रशासनिक समीक्षा की मांग कर सकती हैं। यदि विनेश इस अवधि में यह साबित कर पाती हैं कि यह चूक उनकी व्यक्तिगत लापरवाही के कारण नहीं बल्कि किसी अपरिहार्य स्थिति की वजह से हुई थी, तो उनके रिकॉर्ड से इस शिकायत को हटाया जा सकता है। ऐसा न करने की स्थिति में यह फैसला अंतिम मान लिया जाएगा और उनके प्रोफाइल पर एक चूक के रूप में स्थायी रूप से दर्ज रहेगा। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ओलंपिक और अन्य बड़े आयोजनों के मद्देनजर विनेश के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है और उन्हें अपनी कानूनी टीम के साथ मिलकर इस नोटिस का ठोस जवाब देना होगा।
ओलंपिक पदक जीतना हर खिलाड़ी का होता है सपना : अनाहत
29 Mar, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई । भारत की शीर्ष महिला स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह का कहना है कि उनकी लक्ष्य 2028 लॉस एंजिलिस 2028 खेलों में पदक जीतना है। अनाहत ने कहा कि ओलंपिक में पदक जीतने की चाहत हर खिलाड़ी में होती है। अनाहत ने कहा, यह पहली बार है जब इस खेल कोओलंपिक में जगह मिली है सभी खिलाड़ी इस अवसर का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा, इससे पहले कोई भी स्क्वाश खिलाड़ी अधिक से अधिक राष्ट्रमंडल खेलों में खेल सकता था पर अब ओलंपिक में भी वह अपनी प्रतिभा दिखा सकता है। अनाहत ने कहा, अगले कुछ साल में मेरा लक्ष्य देश के लिए पदक जीतना रहेगा। अभी वह जेएसडब्ल्यू इंडियन ओपन में खेलेंगी। इससे खिलाड़ियों को रैंकिंग अंक हासिल करने का भी अवसर मिलेगा। इससे इस साल के अंत में होने वाले एशियाई खेलों के लिए लय बनाने में सहायता मिलेगी। अनाहत ने कहा कि वह एक समय में एक ही टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। वहीं पुरुष वर्ग में स्टार खिलाड़ी रमित टंडन ने कहा कि इस खेल को ओलंपिक में शामिल किए जाने से अब कारपोरेट जगत का ध्यान भी इसकी ओर गया है। रमित ने कहा, ओलंपिक विश्व खेल जगत का सबसे बड़ा आयोजन है और उसमें खेलना सभी का सपना होता है। साथ ही कहा कि हमारे खेल को जेएसडब्ल्यू और अन्य कारपोरेट घरानों के जुड़ने से भी लाभ हुआ है। ये ओलंपिक में शामिल होने से ही संभव हो पाया है। रमित ने कहा कि इसके ठीक बाद मैं लंदन में अगला टूर्नामेंट खेलने जा रहा हूं। रमित ने कहा, तैयारी के लिहाज से विश्व चैंपियनशिप काहिरा में है जो एक प्रभावित इलाका है। हमें पीएसए से संदेश मिल रहे हैं जिनमें कहा गया है कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। वे तारीखों में थोड़ा-बहुत फेरबदल करने पर भी विचार कर रहे हैं।
अब लीवरपूल को छोड़ रहे सालाह
29 Mar, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । स्टार फुटबॉलर मोहम्मद सालाह लंबे समय के साथ के बाद अब इंग्लैड के लीवरपूल क्लब को छोड़ रहे हैं। सालाह ने कहा कि ये उनका लिवरपूल एफसी के साथ अंतिम सत्र है। वह अगले सत्र में अब किसी नई टीम से खेलेंगे। सालाह ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा है कि लीवरपूल के साथ उनका समय पूरा हो गया है। इस खिलाड़ी ने कहा कि अब मेरी विदायी का समय है। मैं क्लब में बिताये समय को हमेशा याद रखूंगा। सालाह का अप्रैल 2025 में क्लब के साथ दो साल का अनुबंध हुआ था, वहीं क्लब की ओर कहा गया है कि उन दोनो के बीच सब कुछ तय हो गया है। इससे अब वह फ्री ट्रांसफर पर जा सकते हैं। सालाह ने क्लब की ओर से 34 मैचों में 10 गोल किए हैं। ये साल 2017 में क्लब में आने के बाद से उनके सत्र के सबसे कम गोल हैं। पिछले कुछ समय में मैदान के बाहर की परेशानियों से वह जूझते रहे हैं। दिसंबर में लीड्स के साथ 3-3 के ड्रॉ के बाद सालाह ने कहा कि क्लब ने उन्हें बाहर करने का प्रयास किया था। साथ ही कहा था कि मुख्य कोच आर्नेट स्लॉट के साथ भी उनके संबंध खराब हो गये थे। था। उनके इसी साल जनवरी में क्लब से बाहर होने की संभावनाएं थीं पर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस में शामिल होने के बाद उनको टीम में जगह मिल गयी। अब देखना होगा कि वह अगला सत्र किस टीम से खेलते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026: नीदरलैंड्स पर भारत की रोमांचक जीत, अजेय रहते हुए सुपर-8 में प्रवेश
19 Feb, 2026 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने ग्रुप चरण का समापन शानदार अंदाज में किया है। अहमदाबाद के खचाखच भरे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड्स को 17 रनों से शिकस्त देकर टूर्नामेंट में अपनी लगातार चौथी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही कप्तान सूर्यकुमार यादव की सेना ने ग्रुप-A में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए शान से सुपर-8 के लिए क्वालीफाई कर लिया है।
शिवम दुबे का तूफानी अर्धशतक और सधी हुई गेंदबाजी मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही थी। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया ने पावरप्ले के भीतर ही अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट खो दिए थे। अभिषेक शर्मा एक बार फिर खाता खोलने में नाकाम रहे, जिससे मध्यक्रम पर दबाव आ गया। ऐसे कठिन समय में शिवम दुबे ने मोर्चा संभाला। दुबे ने मैदान के चारों ओर छक्कों की बरसात करते हुए महज 31 गेंदों में 66 रनों की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी में 6 विशाल छक्के शामिल थे, जिसकी बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 193/6 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। कप्तान सूर्यकुमार यादव (34) और तिलक वर्मा (31) ने भी उपयोगी पारियां खेलकर स्कोर को गति दी।
नीदरलैंड्स का संघर्ष और भारतीय गेंदबाजों का पलटवार 194 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड्स की टीम ने शुरुआत में भारतीय गेंदबाजों को कड़ी टक्कर दी। डच सलामी बल्लेबाजों ने निडर होकर बल्लेबाजी की और पावरप्ले में तेजी से रन बटोरे। बास डी लीडे (33 रन) और मैक्स ओ'डॉड ने एक समय भारतीय खेमे में खलबली मचा दी थी। हालांकि, जैसे ही गेंद पुरानी हुई, मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरना शुरू किया। चक्रवर्ती ने मध्यक्रम के तीन मुख्य बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर नीदरलैंड्स की रन गति पर ब्रेक लगा दिया।
अंतिम ओवरों का रोमांच मैच के अंतिम 5 ओवरों में नीदरलैंड्स को जीत के लिए 65 रनों की दरकार थी। नूह क्रॉस (25*) ने कुछ बड़े शॉट लगाकर मैच को अंत तक खींचने की कोशिश की, लेकिन अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या की सटीक यॉर्कर ने उन्हें लक्ष्य से दूर रखा। नीदरलैंड्स की टीम पूरे 20 ओवर खेलने के बाद 176/7 रन ही बना सकी और भारत ने 17 रनों से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
सुपर-8 की ओर कदम इस जीत ने भारत के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। हालांकि, सलामी जोड़ी की विफलता अभी भी टीम प्रबंधन के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। अब भारतीय टीम का अगला पड़ाव सुपर-8 चरण होगा, जहां मुकाबला दुनिया की शीर्ष टीमों से होगा।
उस्मान ख्वाजा और विवादों की पारी: गोल्फ से गाजा तक! पाकिस्तानी मूल के इस क्रिकेटर के वो 'कांड' जिनसे मचा भूचाल
2 Jan, 2026 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में उस्मान ख्वाजा का नाम सिर्फ शानदार कवर ड्राइव या अहम पारियों के लिए नहीं, बल्कि उन सवालों के लिए भी याद रखा जाएगा, जो उन्होंने सिस्टम, मीडिया और सोच पर उठाए। पाकिस्तान में जन्मे, मुस्लिम पहचान वाले ख्वाजा का करियर जितना क्रिकेटिंग उपलब्धियों से भरा रहा, उतना ही विवादों और बहसों से भी जुड़ा रहा। जनवरी 2026 में उनकी रिटायरमेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इन सभी मुद्दों को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को आईना दिखा दिया। ख्वाजा एशेज 2025/26 के पांचवें और आखिरी टेस्ट के बाद रिटायर हो जाएंगे। सिडनी में उनका आखिरी मैच होगा और यह वही मैदान है, जहां से ख्वाजा ने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
'हमेशा अलग तरीका का व्यवहार किया गया'
रिटायरमेंट को लेकर एलान के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा ने खुलकर कहा कि उन्हें अपने पूरे करियर में अलग महसूस कराया गया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, 'मैं समझता हूं कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाना मुश्किल है, लेकिन मेरे साथ जो व्यवहार हुआ, वैसा मैंने किसी और के साथ नहीं देखा।' उनका कहना था कि उनकी पृष्ठभूमि, पाकिस्तान में जन्म, मुस्लिम पहचान, अक्सर बहस का मुद्दा बना, जबकि प्रदर्शन के लिहाज से वे लगातार टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज रहे। आइए उन विवादों के बारे में जानते हैं, जिनसे ख्वाजा का नाम जुड़ा रहा। इन विवादों ने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को भी कटघड़े में खड़ा किया।
1. पर्थ टेस्ट, गोल्फ और पुरी दुनिया में चर्चा
साल 2025 की एशेज सीरीज शुरू होने को थी। पहला टेस्ट पर्थ में खेला जाना था। मैच शुरू होने से पहले ख्वाजा तीन दिन लगातार गोल्फ खेलते नजर आए। इससे ख्वाजा की पीठ में ऐंठन (बैक स्पैज्म) की खबर आई। इसी दौरान उनकी गोल्फ खेलते तस्वीरें सामने आईं और इसकी वजह से काफी बवाल हुआ। मीडिया में सवाल उठने लगे- क्या वह क्रिकेट को लेकर गंभीर हैं? क्या उनकी कमिटमेंट में कमी है? ख्वाजा को यही बात सबसे ज्यादा चुभी। उन्होंने शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'डोंट गैसलाइट मी। जो मैंने झेला है, उसे नकारा नहीं जा सकता।' 'गैसलाइटिंग' मनोवैज्ञानिक हेरफेर का वह रूप है, जहां कोई व्यक्ति किसी दूसरे को इतना भ्रमित कर देता है कि वह अपनी यादों, समझ और वास्तविकता पर ही शक करने लगता है। हिंदी में इसे भ्रमित करना, धोखे में रखना, या वास्तविकता से भटकाना कह सकते हैं, जिसका उद्देश्य व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर करना होता है। ख्वाजा का आरोप था कि अन्य खिलाड़ियों के साथ ऐसी घटनाओं पर इतनी तीखी प्रतिक्रिया नहीं हुई, जिससे उन्हें नस्लीय स्टीरियोटाइपिंग की बू आने लगी।
2. 'स्वतंत्रता एक मानवाधिकार है', ICC से टकराव
2023 में इस्राइल और फलस्तीन संघर्ष के दौरान ख्वाजा ने मानवता के पक्ष में आवाज उठाने की कोशिश की। वे ऐसे जूते पहनना चाहते थे, जिन पर लिखा था 'स्वतंत्रता एक मानव अधिकार है' और 'सभी का जीने का समान हक है'। हालांकि, आईसीसी ने इसे राजनीतिक संदेश बताते हुए बैन कर दिया। इसके बाद ख्वाजा ने एमसीजी बॉक्सिंग डे टेस्ट में काली पट्टी बांधकर मैदान में उतरने का फैसला किया। इस पर भी आईसीसी ने उन्हें चार्ज किया। इस मुद्दे पर वेस्टइंडीज के दिग्गज माइकल होल्डिंग ने खुलकर समर्थन किया और कहा कि आईसीसी का रवैया पाखंडी है।
3. पिच पर भी बवाल: पर्थ की सतह पर सवाल
एशेज 2025 के पहले टेस्ट के बाद ख्वाजा ने पर्थ की पिच को लेकर तीखी टिप्पणी की। उनका कहना था कि विकेट जरूरत से ज्यादा तेज गेंदबाजों के अनुकूल है और टेस्ट क्रिकेट के संतुलन के खिलाफ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के कुछ अधिकारी नाराज हुए और ख्वाजा पर निगरानी और बढ़ गई। आलोचकों ने कहा- फिर वही ख्वाजा, फिर वही बयान, जबकि समर्थकों ने इसे सच्चाई बोलने की हिम्मत बताया।
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट पर दोहरे मापदंड का आरोप
ख्वाजा का सबसे बड़ा आरोप यही रहा कि उनसे जुड़े हर मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने सिडनी टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'दूसरे खिलाड़ियों ने भी गोल्फ खेली, ट्रेनिंग मिस की, लेकिन उन्हें वैसी आलोचना नहीं झेलनी पड़ी।' उनके मुताबिक, रंग, नाम और पहचान अब भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के कुछ हिस्सों में फर्क पैदा करते हैं, चाहे अनजाने में ही सही।
'अगले उस्मान के लिए रास्ता आसान हो '
रिटायरमेंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में ख्वाजा भावुक भी दिखे। उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करता हूं कि अगला उस्मान ख्वाजा जब आए, तो उसका सफर थोड़ा आसान हो। और किसी दिन उस्मान ख्वाजा और जॉन स्मिथ के बीच कोई फर्क न रहे।' यह सिर्फ एक खिलाड़ी का बयान नहीं था, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश था।
ख्वाजा ने सिस्टम को चुभने वाले सवाल दागे
ख्वाजा का करियर यह साबित करता है कि ऑस्ट्रेलिया में कवर ड्राइव तो सबको पसंद है, लेकिन सवाल पूछने वाला बल्लेबाज हर किसी को रास नहीं आता। उन्होंने रन भी बनाए, रिकॉर्ड भी बनाए और सिस्टम को चुभने वाले सवाल भी और शायद इसी वजह से वह ऑस्ट्रेलिया के सबसे अलग बल्लेबाज रहे।
टोक्यो से पेरिस तक चमका सितारा, खेल रत्न की दौड़ में हार्दिक सिंह
1 Jan, 2026 08:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के सबसे बड़े खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार के लिए नॉमिनेट हुआ है. टोक्यो ओलंपिक 2021 और पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली टीम में हार्दिक की भूमिका बेहद अहम रही थी. पिछले दो वर्षों में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन को देखते हुए चयन समिति ने उनके नाम की सिफारिश की है.
पंजाब से निकला हॉकी का योद्धा
27 साल के हार्दिक सिंह पंजाब के खुसरोपुर गांव में पैदा हुए थे. हॉकी उनके लिए सिर्फ खेल नहीं, बल्कि विरासत है. उनके पिता वरिंदरप्रीत सिंह राय खुद हॉकी खिलाड़ी रहे हैं, जबकि दादा प्रीतम सिंह राय हॉकी कोच थे. हार्दिक ने दादा की कोचिंग में ही हॉकी की बुनियाद सीखी. उनके चाचा गुरमैल सिंह और जुगराज सिंह भी अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी रहे हैं. खास बात यह है कि गुरमैल सिंह 1980 मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे.
मिडफील्ड में टीम का कंट्रोल
हार्दिक सिंह 2018 से भारतीय सीनियर टीम के लिए खेल रहे हैं. वह मिडफील्डर के रूप में टीम के खेल को संभालते हैं और डिफेंस व अटैक के बीच मजबूत कड़ी बनाते हैं. अब तक वह भारत के लिए 166 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेल चुके हैं.ओलंपिक ब्रॉन्ज के अलावा हार्दिक 2023 एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम में खेल चुके हैं. इसके साथ ही वह राजगीर में खेले गए एशिया कप 2025 में गोल्ड जीतने वाली टीम में शामिल थे. बड़े टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की वजह से वह टीम के भरोसेमंद खिलाड़ी बन चुके हैं.
खेल रत्न पाने वाले चुनिंदा हॉकी खिलाड़ी
अगर हार्दिक सिंह को खेल रत्न से सम्मानित किया जाता है, तो वह इस अवॉर्ड को पाने वाले सातवें हॉकी खिलाड़ी होंगे. उनसे पहले धनराज पिल्लै, सरदार सिंह, रानी रामपाल, पीआर श्रीजेश, मनप्रीत सिंह और हरमनप्रीत सिंह को यह सम्मान मिल चुका है.
अर्जुन अवॉर्ड की भी हुई सिफारिश
खेल मंत्रालय की समिति ने इस साल अर्जुन अवॉर्ड के लिए 24 खिलाड़ियों के नाम भी सुझाए हैं. इसमें तेजस्विन शंकर (एथलेटिक्स), प्रियंका (एथलेटिक्स), नरेंद्र (बॉक्सिंग), विदित गुजराती (शतरंज), दिव्या देशमुख (शतरंज), धनुष श्रीकांत (डेफ शूटिंग), प्रणति नायक (जिमनास्टिक्स), राजकुमार पाल (हॉकी), सुरजीत (कबड्डी), निर्मला भाटी (खो-खो), रुद्रांश खंडेलवाल (पैरा-शूटिंग), एकता भयान (पैरा-एथलेटिक्स), पद्मनाभ सिंह (पोलो), अरविंद सिंह (रोइंग), अखिल श्योराण (शूटिंग), मेहुली घोष (शूटिंग), सुतीर्था मुखर्जी (टेबल टेनिस), सोनम मलिक (कुश्ती), आरती पाल (योगासन), त्रिशा जॉली (बैडमिंटन), गायत्री गोपीचंद (बैडमिंटन), लालरेमसियामी (हॉकी), मोहम्मद अफसल (एथलेटिक्स), पूजा (कबड्डी) जैसे दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं.
128 साल बाद ओलंपिक में क्रिकेट की वापसी, LA2028 क्वालीफिकेशन पर मंथन जारी
28 Nov, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Cricket Qualification LA2028: लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी होने वाली है. यह 128 साल बाद होगा जब ओलंपिक खेलों में क्रिकेट खेला जाएगा.
लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी होने वाली है. यह 128 साल बाद होगा जब ओलंपिक खेलों में क्रिकेट (Cricket in Olympic) खेला जाएगा. जबसे LA2028 ओलंपिक्स में क्रिकेट मैच करवाने की घोषणा हुई है, तभी से यह जटिल सवाल बना हुआ है कि आखिर इसमें कितनी टीम खेलेंगी और उनका क्वालीफिकेशन कैसे होगा? दरअसल अब ICC के सामने एक जटिल समस्या आ गई है कि आखिर ओलंपिक टूर्नामेंट के लिए कौन-कौन सी टीम क्वालीफाई करेंगी. क्रिकबज की एक रिपोर्ट अनुसार 13 जुलाई और 17 जुलाई के बीच सिंगापुर में ICC कॉन्फ्रेंस होगी. रिपोर्ट अनुसार बैठक में ICC सीनियर क्रिकेट खेलने के लिए आवश्यक न्यूनतम उम्र पर भी चर्चा करेगी. अभी 15 साल या उससे ज्यादा उम्र के खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट खेल सकते हैं. आईसीसी इस नियम में बदलाव की पेशकश रख सकती है.
ICC की कॉन्फ्रेंस में किन मुद्दों पर चर्चा होगी
बताया जा रहा कि इस कॉन्फ्रेंस में लॉस एंजेलिस ओलंपिक्स 2028 में टीमों की क्वालीफिकेशन प्रक्रिया पर चर्चा की जाएगी. यह भी एक सवाल बना हुआ है कि मेजबान होने के नाते संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को डायरेक्ट क्वालीफिकेशन मिलेगा या नहीं. इस विषय पर भी चर्चा संभव है. इसके साथ-साथ ऑफिशियल मोबाइल क्रिकेट गेम लॉन्च करने पर भी चर्चा संभव है. ओलंपिक में क्वालीफिकेशन से जुड़ी समस्या यह है कि ओलंपिक में स्कॉटलैंड और इंग्लैंड, ग्रेट ब्रिटेन के रूप में प्रतिस्पर्धा करते हैं. दूसरी ओर क्रिकेट में वेस्टइंडीज टीम खेलती है, लेकिन ओलंपिक खेलों में कैरेबियाई देश अलग-अलग देश के तौर पर भाग लेते हैं. आईसीसी को इसी विषय पर फैसला लेना है. शायद ही ऐसा हो कि ओलंपिक के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट करवाया जाए. टी20 वर्ल्ड कप की टेबल या टी20 रैंकिंग्स के आधार पर टीमें क्वालीफाई कर सकती हैं. यूएसए को लेकर समस्या यह है कि वो अभी ICC का फुल मेंबर नहीं है. अगर उसे डायरेक्ट क्वालीफिकेशन मिलता है तो रैंकिंग्स के आधार पर बाकी 5 टीम ही क्वालीफाई कर पाएंगी.
पाक खिलाड़ियों से हाथ मिलाने पर हंगामा! भारतीय मिडफील्डर ने दिया करारा जवाब
28 Nov, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
India vs Pakistan News: क्रिकेट, हॉकी या कबड्डी, खेल कोई भी हो उसमें मैच से पहले और बाद में खिलाड़ियों का एक-दूसरे से हाथ मिलाना सामान्य बात है और यह प्रथा लंबे अरसे से चली आ रही है. मगर पिछले दिनों 'हैंडशेक' को लेकर खूब बवाल मचा है. दरअसल एशिया कप और उसके बाद महिला वर्ल्ड कप में भारतीय खिलाड़ियों ने पाक प्लेयर्स के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था. इसी बीच जोहर कप में भारतीय खिलाड़ियों ने पाक प्लेयर्स के साथ हाई-5 करते हुए इस विवाद को तूल दिया था. अब इस विषय पर भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी रोशन कुजुर ने बहुत बड़ा बयान दे डाला है.
हमें पाकिस्तानियों में दुश्मन नहीं...
भारतीय हॉकी टीम में मिडफील्डर पोजीशन पर खेलने वाले रोशन कुजुर ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया, "ऐसा नहीं था कि हमसे हाथ मिलाने से मना किया गया था. हम बतौर खिलाड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता के साथ खेलने उतरे और हमें उनमें अपना दुश्मन नजर नहीं आता. इसलिए हमने हाथ मिलाया. वो भी हमारी तरह खिलाड़ी ही तो हैं." भारत के इस खिलाड़ी ने आगे कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ वो हमेशा जीतना चाहते हैं. उन्होंने कहा, "हम हर बार उन्हें हराना चाहते हैं, लेकिन मैच ड्रॉ रहा. फिर भी वो अच्छा मैच था."
फाइनल में हार गया था भारत
लीग स्टेज में भारत और पाकिस्तान का मैच 3-3 से ड्रॉ रहा था. पाकिस्तान टीम चौथे स्थान पर रही, जबकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फाइनल मुकाबला 18 अक्टूबर को खेला गया था. 58वें मिनट तक मैच एक-एक से बराबरी पर था, लेकिन मैच में जब 2 मिनट बाकी रह गए थे, तभी कंगारू टीम ने गोल दागते हुए 2-1 से बढ़त बना ली. इस बढ़त को उसने बरकरार रखते हुए फाइनल जीता था.
लखनऊ में हादसा: नेशनल हॉकी खिलाड़ी जूली यादव की दर्दनाक मौत
28 Nov, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत की नेशनल लेवल हॉकी प्लेयर जूली यादव की लखनऊ में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. जूली पिछले दिनों एक अंतर-विद्यालयीय बैडमिंटन चैंपियनशिप की देखरेख की तैयारी में जुटी थीं. वो एलडीए कॉलोनी स्थित एलपीएस स्कूल में खेल शिक्षिका के रूप में कार्यरत थीं. यह घटना पारा पुलिस थाना क्षेत्र में मौदा मोड़ के पास घटित हुई.
23 वर्षीय जूली जल्दी स्कूल आ गई थीं, लेकिन बाद में आभास हुआ कि वो अपना फोन घर पर भूल गई हैं. फोन वापस लेने के लिए वो अपनी होंडा शाइन मोटरसाइकिल पर वापस घर के लिए निकली थीं. घर वापस लौटते समय गैस सिलेंडर ले जा रहे एक ट्रक ने जूली की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. ट्रक का पहिया रुकने से पहले जूली के शरीर पर चढ़ चुका था. चश्मदीद ने तुरंत एंबुलेंस बुलवाई और उन्हें नजदीकी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया. सेंटर में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बताया जा रहा है कि ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया. इस खबर ने जूली यादव के परिवार और सगे संबंधियों को झकझोर कर रख दिया. खबर सुनकर पिता अजय यादव और मां गमगीन हो गए. करीबी रिश्तेदारों ने बताया कि जूली को उनके मदद करने वाले स्वभाव के लिए बहुत प्यार मिलता था और उन्होंने कभी किसी का बुरा नहीं चाहा.
जूली ने इसी साल अप्रैल में एलपीएस स्कूल को खेल शिक्षिका के रूप में जॉइन किया था. स्कूल के प्रधानाचार्य राकेश सिंह ने कहा कि जूली रविवार को होने वाले बैडमिंटन टूर्नामेंट के आयोजन की तैयारियों में जुटी थीं. इस टूर्नामेंट में एलपीएस स्कूल की 8 शाखाओं के विद्यार्थी भाग लेने वाले थे. पारा पुलिस थाना जूली के परिवार की शिकायत पर केस दर्ज करेगा. ट्रक से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है. पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं.
6 गोलों का धमाका! जर्मनी ने स्लोवाकिया को हराकर 2026 वर्ल्ड कप में जगह बनाई
18 Nov, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
2026 विश्व कप के लिए यूरोपियन क्वालीफायर एक उतार-चढ़ाव भरे दिन में बदल गए, जहां जर्मनी ने लीपज़िग में स्लोवाकिया को 6-0 के स्कोर के साथ हराकर टूर्नामेंट में अपनी जगह पक्की कर ली, इस तरह से शुरुआत में उनकी स्थिति अच्छी नहीं रही. इससे पहले, ग्रुप में जर्मनी ने ब्रातिस्लावा (Bratislava) में 2-0 से हारकर दुनिया को चौंका दिया था, जो विश्व कप क्वालीफायर में घर से बाहर उनकी पहली हार थी. लीपज़िग में, उन्होंने न केवल अपनी जीत का परचम लहराया, बल्कि ग्रुप ए में टॉप पर अपनी स्थिति को और भी मज़बूत कर लिया, जिससे उनके अन्य विपक्षी उनसे आगे नहीं बढ़ पाए|
जर्मनी ने स्लोवाकिया को हरा 2026 विश्व कप में मारी एंट्री
कोच जूलियन नागल्समैन के मार्गदर्शन में जर्मनी की विश्व मंच पर वापसी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है. स्लोवाकिया से शुरुआती हार के बाद, डेविड हैंको और डेविड स्ट्रेलेक जैसे गोलकीपरों के साथ, राष्ट्रीय टीम ने अपने विरोधियों के लिए विनाशकारी खेल दिखाया |
लीपज़िग में उनके शानदार प्रदर्शन ने दिखाया कि उनके पास आक्रामक और डिफेंसिव पावर का ऐसा मिश्रण है जो बहुत दुर्लभ है और ज़्यादातर टीमें ऐसी बेहतरीन साझेदारी हासिल नहीं कर पाई हैं. यह परिणाम न केवल जर्मनी को उत्तरी अमेरिका में होने वाले 2026 विश्व कप के लिए योग्य बनाता है, बल्कि यूरोपियन विपक्षियों के लिए भी यह संकेत देता है कि अगर वे सही लय हासिल कर लेते हैं, तो वे एक मज़बूत टीम बने रहेंगे. लेरॉय साने को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया |
अन्य मैचों के हाल
उत्तरी आयरलैंड के कड़े, अनुशासित और मज़बूत खेल ने उन्हें लक्ज़मबर्ग को 1-0 के मामूली अंतर से हराकर टूर्नामेंट में बने रहने में मदद की. पोलैंड ने किकऑफ़ से लेकर अंतिम सीटी तक चले एक बेहद रोमांचक मैच में माल्टा को 3-2 से आसानी से हरा दिया, जबकि क्रोएशिया ने न केवल स्कोर बराबर किया, बल्कि एक बार फिर गोल करके मोंटेनेग्रो को 3-2 से हरा दिया |
यह एक ऐसा मैच था जिसने क्वालीफाइंग अभियान के उतार-चढ़ाव और उसकी बेतरतीबी को पूरी तरह से दर्शाया. कई टीमों के पास अभी भी प्लेऑफ़ में पहुंचने का मौका है, क्योंकि आखिरी मैच बस आने ही वाले हैं और बड़े नाटकीय मुक़ाबलों की उम्मीद है |
जूनियर हॉकी विश्व कप : रोहित संभालेंगे भारत की कमान, टीम को खलेगी स्ट्राइकर अरिजीत हुंदल की कमी
14 Nov, 2025 07:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली
डिफेंडर और ड्रैगफ्लिकर रोहित एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 में टीम की कमान संभालेंगे। यह टूर्नामेंट 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में खेला जाएगा। रोहित ने हाल ही में मलेशिया में खेले गए सुल्तान जोहोर कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था।
हालांकि, भारतीय टीम को अरिजीत सिंह हुंदल के अनुभव की कमी खलेगी, जो कंधे की चोट से जूझ रहे हैं। वह जूनियर विश्व कप में नहीं खेल पाएंगे। रवनीत सिंह और रोहित कुल्लू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में नामित किया गया है। भारत को पूल-बी में चिली, स्विट्जरलैंड और ओमान के साथ रखा गया है।
टीम संयोजन के बारे में बात करते हुए कोच श्रीजेश ने कहा, “हमने एक परखी हुई टीम चुनी है, जिसके अधिकांश खिलाड़ियों को इस बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए जरूरी बातों की अच्छी समझ है। हालांकि, उनकी शारीरिक क्षमता, कौशल और टीम-प्ले चयन के मानदंडों में से एक थे, लेकिन हमने जिन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान दिया है उनमें से एक दबाव में प्रदर्शन करने की उनकी मानसिक क्षमता है।”
उन्होंने कहा, “जूनियर विश्व कप की तैयारियों के दौरान हमें अंतरराष्ट्रीय मैचों में अच्छा अनुभव मिला है। इसके साथ ही हमने सीनियर भारतीय टीम के साथ भी कई मैच खेले हैं, क्योंकि हम बेंगलुरु स्थित साई के एक ही परिसर में हैं। यह हमारी तैयारियों का एक बड़ा हिस्सा था और जब खिलाड़ी अपने सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है। कुल मिलाकर, हम एक उत्साहित टीम हैं। हम घरेलू दर्शकों के सामने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।”
पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम :
गोलकीपर: बिक्रमजीत सिंह, प्रिंसदीप सिंह।
डिफेंडर: रोहित, तालेम प्रियोबार्ता, अनमोल एक्का, आमिर अली, सुनील पलाक्षप्पा बेन्नूर, शारदानंद तिवारी।
मिडफील्डर: अंकित पाल, थौनाओजाम इंगलेम्बा लुवांग, एड्रोहित एक्का, रोसन कुजूर, मनमीत सिंह, गुरजोत सिंह।
फॉरवर्ड: अर्शदीप सिंह, सौरभ आनंद कुशवाह, अजीत यादव, दिलराज सिंह।
रिजर्व: रवनीत सिंह, रोहित कुल्लू।
सोनिया रमन बनी डब्ल्यूएनबीए में भारतीय मूल की पहली कोच
2 Nov, 2025 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय मूल की सोनिया रमन महिला नेशनल बास्केटबॉल लीग (डब्ल्यूएनबीए) की नई मुख्य कोच बनी हैं। सोनिया को सिएटल स्टॉर्म टीम का मुख्य कोच बनाया है। सोनिया इस लीग में कोच बनने वाली भारतीय मूल की पहली कोच हैं हालांकि उभी उनके नाम की आधिकारिक घोषणा होनी है।
सोनिया इससे पहले न्यूयॉर्क लिबर्टी में सहायक कोच थी। इसके अलावा वह चार साल तक एनबीए के मेम्फिस ग्रिजलीज में सहायक कोच भी रही हैं। सिएटल ने पिछले महीने कोच नोएल क्विन को मुख्य कोच पद से हट दिया था। अब अन्य सभी टीमों ने कोच की घोषणा कर दी है। केवल न्यूयॉर्क टीम के पास अभी तक कोई मुख्य कोच नहीं है। सोनिया ने कोचिंग की शुरुआत एमआईटी स्कूल से की थी। यहां वह साल 2008 से 2020 तक मुख्य कोच भी रहीं थी। उसके कोच रहते हुए ही ये स्कूल दो बार डिवीजन तीन एनसीएए टूर्नामेंट में भी पहुंचा था।
हीरो हॉकी लीग से प्रशंसक विश्वस्तरीय हॉकी का आनंद ले सकेंगे : दिलीप तिर्की
2 Nov, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हीरो हॉकी इंडिया लीग ने 2025-26 सत्र के लिए पुरुष और महिला टीमों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। महिला लीग 28 दिसंबर से 10 जनवरी तक रांची में होगी जबकि पुरुष लीग 3 से 26 जनवरी तक चेन्नई, रांची और भुवनेश्वर में आयोजित की जाएगी।
हीरो हॉकी इंडिया लीग गवर्निंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, पिछले सत्र की सफलता के बाद हमें इस बार और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। हमने पुरुष लीग को तीन शहरों में रखा है जिससे अधिक से अधिक प्रशंसक इस विश्वस्तरीय हॉकी का आनंद ले पायें।”
वहीं हॉकी इंडिया लीग की गवर्निंग कमेटी के सदस्य भोला नाथ सिंह ने कहा, हीरो हॉकी इंडिया लीग में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने का अवसर मिलेगा। ऐसे में आगामी सत्र अब तक का सबसे बेहतर सत्र होगा। इस कार्यक्रम के दौरान रांची रॉयल्स का आधिकारिक लोगो भी जारी किया गया। ये लोगो टीम की जीवंत भावना और झारखंड की समृद्ध हॉकी विरासत के साथ मजबूत संबंध को दिखाता है।
महिला लीग
28 दिसंबर से 10 जनवरी 2026 तक रांची में होने वाली महिला लीग में कुल 13 मैच खेले जाएंगे। इसमें शामिल चार टीमों रांची रॉयल्स, एसजी पाइपर्स, जेएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब, और श्राची रारह बंगाल टाइगर्स के बीच डबल राउंड-रॉबिन प्रारूप में मुकाबले होंगे। वहीं अंक तालिका की शीर्ष दो टीमों के बीच 10 जनवरी को फाइनल होगा। इस टूर्नामेंट में नीदरलैंड, बेल्जियम, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना और ग्रेट ब्रिटेन जैसे 10 से अधिक देशों की महिला खिलाड़ी भाग लेंगी।
पुरुष लीग
3 जनवरी से 26 जनवरी 2026 तक चलेगी। पहला चरण चेन्नई में, दूसरा रांची में और तीसरा भुवनेश्वर में होगा।पुरुष लीग में आठ टीमें तमिलनाडु ड्रैगन्स, हैदराबाद तूफान, जीएसडब्ल्यू सूरमा हॉकी क्लब, श्राची रारह बंगाल टाइगर्स (वर्तमान चैंपियन), वेदांता कलिंग लांसर्स, रांची रॉयल्स, एसजी पाइपर्स और एचआईएल गवर्निंग काउंसिल हिस्सा लेंगी। पुरुष लीग में 33 मैच खेले जाएंगे, जिनमें अर्जेंटीना, बेल्जियम, जर्मनी, इंग्लैंड, स्पेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे शीर्ष हॉकी राष्ट्रों के खिलाड़ी शामिल होंगे। सभी टीमें सिंगल राउंड-रॉबिन प्रारूप में एक-दूसरे से खेलेंगी। शीर्ष चार टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी। क्वालिफायर 1 और एलिमिनेटर 23 जनवरी (भुवनेश्वर) को खेला जाएगा। वहीं दूसरा क्वालिफायर 25 जनवरी को खेला जाएगा। फाइनल और तीसरे स्थान के लिए मैच 26 जनवरी को कलिंग स्टेडियम, भुवनेश्वर में खेला जाएगा।
फीफा विश्वकप में शायद ही नजर आयेंगे मेसी
2 Nov, 2025 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अर्जेटीना के कप्तान और स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने कहा है कि वह अगले साल होने वाले फीफा विश्वकप में खेलना चाहते है पर ये उनकी फिटनेस पर निर्भर करेगा। मेसी की कप्तानी में ही टीम ने चार साल पहले 2022 में विश्व कप जीता था। कई फुटबॉल प्रशंसक चाहते हैं कि मेसी एक बार फिर टीम को खिताबी जीत दिलायें। मेसी अभी एमएलएस क्लब इंटर मियामी की ओर से रहे हैं। उन्होंने कहा, “विश्व कप खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए एक अलब अनुभव होता है और मैं जरूर खेलना चाहूंगा पर मैं अगले साल प्री-सीजन शुरू होने पर देखूंगा कि मेरा शरीर इसके लिए तैयार है या नहीं। अगर मैं टीम के लिए उपयोगी दिखा तो ही मैं खेलना चाहूंगा। ”
इस स्टार खिलाड़ी ने एक बार फिर विश्वकप को बरकरार रखने का प्रयास टीम करना चाहेगी। जिसमें शामिल रहना एक बड़ा अनुभव होगा। 38 साल के इस खिलाड़ी ने कहा है कि राष्ट्रीय टीम के साथ खेलना हमेशा एक ही मेरा सपना रहा है।”
मेसी ने साल 2004 में 17 साल की उम्र में स्पेनिश क्लब बार्सिलोना की ओर से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) से होते हुए साल 2023 में इंटर मियामी में पहुंच गये। मेसी के नाम 195 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 114 गोल हैं।
कोच पर लगा आजीवन प्रतिबंध, अरशद नदीम की मुश्किलें बढ़ीं
19 Oct, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान के ओलंपिक पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। इसका कारण है कि अरशद के कोच सलमान इकबाल पर पाकिस्तान एमेच्योर एथलेटिक्स महासंघ (पीएएएफ) ने आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। कोच पर ये प्रतिबंध पंजाब एथलेटिक्स संघ के संविधान का उल्लंघन करने के लिए लगाया गया है। अब सलमान किसी भी एथलेटिक्स गतिविधि में शामिल नहीं हो पायेंगे। इसके अलावा वह किसी भूमिका में भी भाग नहीं ले पायेंगे।
महासंघ के अनुसार इकबाल ने अगस्त में पंजाब एथलेटिक्स संघ के चुनाव कराकर नियमों को तोड़ा है। इसी के बाद एक जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में सलमान पर इकबाल पर आजीवन प्रतिबंध लगाने को कहा था। वहीं हाल ही में पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने भी इस कोच से टोक्यो विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अरशद के खराब प्रदर्शन के लिए जवाब मांगा था।
सलमान कई वर्षों से अरशद नदीम के मुख्य कोच और मेंटर रहे हैं और उन्होंने पाकिस्तान के लिए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एथलीट को तैयार किया है पर अब उनकी सेवाएं अरशद को नहीं मिल पायेंगी।
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