देश
समुद्र में त्रासदी: अंडमान सागर में नाव डूबी, 250 लोगों का अब तक सुराग नहीं
15 Apr, 2026 02:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्री विजयपुरम। अंडमान सागर में मलेशिया जा रही एक नाव के समुद्र में पलटने से कम से कम 250 लोग लापता हो गए हैं। लापता लोगों में म्यांमार के रोहिंग्या शरणार्थी और बांग्लादेशी नागरिक हैं। यह घटना एक बार फिर उन जोखिमों को उजागर करती है, जिन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में मजबूर लोग हर साल उठाते हैं। इस घटना के बाद किसी खोज अभियान की स्थिति बुधवार तक स्पष्ट नहीं हो सकी और न ही यह पता है कि नौका कब डूबी। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी और प्रवासन एजेंसियों ने दी है ।
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) और अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यह नाव टेकनाफ से रवाना हुई थी, जो बांग्लादेश के दक्षिणी जिले कॉक्स बाजार में स्थित है और इसमें बड़ी संख्या में यात्री सवार थे जो मलेशिया जा रहे थे। एजेंसियों के मुताबिक ज्यादा भीड़, तेज हवाओं और उफनते समुद्र के कारण नाव का नियंत्रण बिगड़ गया और वह डूब गई। यूएनएचसीआर और आईओएम ने कहा कि यह घटना रोहिंग्या लोगों के लंबे समय से चले आ रहे विस्थापन और स्थायी समाधान के अभाव को दर्शाती है।
उन्होंने बताया कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में जारी हिंसा के कारण रोहिंग्या शरणार्थियों की देश में सुरक्षित वापसी अनिश्चित बनी हुई है। साथ ही शरणार्थी शिविरों में सीमित मानवीय सहायता, शिक्षा और रोजगार तक सीमित पहुंच उन्हें जोखिम भरी समुद्री यात्राएं करने के लिए मजबूर कर रही है, जो अक्सर बेहतर वेतन और अवसरों के झूठे वादों पर आधारित होती है। यूएनएचसीआर और आईओएम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए जीवन रक्षक सहायता तय करने के लिए वित्तीय सहयोग और एकजुटता को मजबूत किया जाए। बांग्लादेश ने म्यांमार से आए 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या शरणार्थियों को शरण दी है।
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पवन खेड़ा को मिली राहत पर ब्रेक
15 Apr, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pawan Khera Supreme Court: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा दी गई ट्रांजिट अग्रिम जमानत पर रोक लगाते हुए मामले में असम सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
दरअसल, तेलंगाना हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को पवन खेड़ा को एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। इस राहत के खिलाफ असम सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाते हुए स्पष्ट किया है कि मामले की सुनवाई जारी रहेगी। अदालत ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
असम सरकार का तर्क
असम सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दलील दी गई कि पवन खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं, ऐसे में उन्हें ट्रांजिट अग्रिम जमानत जैसी राहत नहीं दी जानी चाहिए। सरकार का कहना है कि मामले की जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया जाना आवश्यक है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद असम के मुख्यमंत्री हिमन्त और उनके परिवार से जुड़े आरोपों के बाद शुरू हुआ। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास कथित तौर पर तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें विदेश से कुछ दस्तावेज मिले हैं, जो उनके अनुसार गंभीर राजनीतिक खुलासों की ओर इशारा करते हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री की पत्नी और खुद हिमंत बिस्वा सरमा ने सिरे से खारिज कर दिया था। उन्होंने इन दावों को भ्रामक, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था।
गरमाई राजनीति
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। एक ओर जहां कांग्रेस इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रही है, वहीं दूसरी ओर असम सरकार इसे गंभीर कानूनी और प्रशासनिक मामला बता रही है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश के बाद अब सभी की निगाहें आगामी सुनवाई और अदालत के अंतिम निर्णय पर टिकी हैं।
श्रद्धालुओं की बस हादसे का शिकार, पंजाब में 6 की दर्दनाक मौत, कई घायल
15 Apr, 2026 10:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहगढ़ साहिब: हलका बस्सी पठाना के गांव मेनमाजरा के पास श्रद्धालुओं से भरी बस हादसे का शिकार हो गई. बैसाखी के त्योहार के मौके पर श्रद्धालुओं से भरी यह बस श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेकने गई थी, जहाँ से लौटते समय बीती रात यह दर्दनाक हादसा हुआ. पुलिस, स्थानीय सरपंच और विधायक मौके पर पहुँचे और राहत बचाव में जुटे. स्थानीय लोगों की मदद से बस हादसे के शिकार लोगों को बचाया गया.
कैसे हुआ हादसा?
एसएसपी फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया, 'यह बस बैसाखी के दिन श्री आनंदपुर साहिब से माथा टेकने के बाद गाँव मेनमाजरा लौट रही थी. बस में करीब 40 श्रद्धालु सवार थे. इस हादसे में करीब 15 श्रद्धालुओं को चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए मोरिंडा और श्री फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.'
बैसाखी के दिन सुबह (14 अप्रैल, मंगलवार) करीब 40 श्रद्धालु श्री आनंदपुर साहिब में माथा टेकने गए थे. जब वे रात को लौट रहे थे, तो वे गांव से लगभग 2-3 km दूर ही थे कि बस का एक अंदरूनी हिस्सा, जिसे प्राइमरी एसी कहते हैं, खराब हो गया और बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई.
घायलों को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. शुभम अग्रवाल ने कहा कि कुल 6 मौतें हुई. श्री फतेहगढ़ साहिब के एक डॉक्टर ने बताया, 'चुन्नी मोरिंडा रोड पर बस एक्सीडेंट हुआ. अभी तक इस एक्सीडेंट में हमारे पास 9 मरीज आए हैं, जिनमें से 2 को पीजीआई रेफर किया गया है, बाकी का यहीं इलाज चल रहा है. उन्हें कोई बड़ी चोट नहीं आई है.
अभी तक कुल 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें से 3 बॉडी बस्सी पठाना में और 3 बॉडी मोरिंडा में हैं. एक्सीडेंट के कुछ पीड़ित बस्सी, मोरिंडा में हैं और यहां एडमिट हैं.'
हरसिमरत कौर बादल ने दुख जताया
सांसद हरसिमरत कौर बादल ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए बस एक्सीडेंट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा यह दुखद खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. गुरु साहिब दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में शांति दें और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना कीं.
श्री अमरनाथ यात्रा हेतु पंजीकरण आज से, देशभर की 556 बैंक शाखाओं में सुविधा
15 Apr, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू. श्री अमरनाथ यात्रा (Shri Amarnath Yatra) के लिए बुधवार से अग्रिम पंजीकरण (Registration) शुरू हो जाएगा। देशभर में नामित पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक और यस बैंक की 556 शाखाओं (556 branches) में पंजीकरण कराया जा सकेगा। ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेगी।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के मुताबिक पंजीकरण पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होगा और बालटाल व पहलगाम रूट से यात्रा के लिए दैनिक कोटा निर्धारित होगा। 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु यात्रा के लिए पात्र होंगे। छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिलाओं को यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
पंजीकरण आधार-आधारित बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा और परमिट ऑनलाइन जारी किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को अधिकृत चिकित्सा संस्थानों की ओर से जारी वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यात्रा परमिट में चयनित मार्ग (बालटाल या पहलगाम) और यात्रा की तिथि का उल्लेख होगा।
जम्मू में आठ स्थानों पर होगा यात्रा का पंजीकरण
श्री अमरनाथ यात्रा के लिए बुधवार से ऑनलाइन पंजीकरण की शुरुआत हो जाएगी। शहर में आठ स्थानों पर यात्रा के लिए पंजीकरण लोग करा सकेंगे। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए बैंक शाखाओं में हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। जम्मू शहर में जेके बैंक की बख्शी नगर रेजीडेंसी रोड, अखनूर रोड और गांधी नगर गोल मार्केट, छन्नी हिम्मत शाखा में। एसबीआई की हरी मार्केट शाखा में।
यहां भी होगा पंजीकरण
कठुआ में कॉलेज रोड स्थित पीएनबी शाखा, जेके बैंक की मुख्य बाजार स्थित बिलावर शाखा
किश्तवाड़ में बस स्टैंड के पास शाहीन कॉम्पलेक्स जेके बैंक और जेके बैंक ऊं मेहता रोड
पुंछ में मुख्य बाजार गुरुद्वारा सिंह सभा जेके बैंक
रामबन मेन बाजार जेके बैंक, बटोत थाने के सामने जेके बैंक और एसबीआई बैंक
राजोरी मेन बाजार जेके बैंक और सुंदरबनी मेन बाजार जेके बैंक
रियासी में कटड़ा अंबिका होटल पीएनबी शाखा, मेन बाजार पीएनबी, बस स्टैंड कटड़ा जेके बैंक
सांबा में नैनीताल हाईवे वार्ड नंबर दो पीएनबी, नेशनल हाईवे स्थित एसबीआई बैंक
श्रीनगर में करन नगर गोल मार्केट जेके बैंक
उधमपुर में कोर्ट परिसर के सामने जेके बैंक मेन ब्रांच शिव नगर जेके बैंक शाखा
डोडा में तहसील भद्रवाह सेरी बाजार जेके बैंक, डीसी कार्यालय के समीप एसबीआई
अनंतनाग में सीआरपीएफ कैंप के समीप मेन मीर बाजार जेके बैंक
पुलवामा में पुलवामा हॉल जेके बैंक
एकतरफा प्यार का खौफनाक अंजाम, दूल्हे को पसंद करती थी युवती, दुल्हन पर एसिड अटैक
15 Apr, 2026 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । उत्तर-पूर्वी दिल्ली (North-East Delhi) के गोकुलपुरी इलाके में शादी से ठीक पहले एक सनसनीखेज वारदात सामने आई. यहां पड़ोस में रहने वाली एक युवती (Girl) ने मेहंदी के बहाने घर पहुंचकर दुल्हन (Bride) बनने वाली लड़की के चेहरे पर तेजाब (Acid) फेंक दिया. जिस लड़के से पीड़िता की 19 अप्रैल को शादी होने वाली थी, उसी को आरोपी युवती भी पसंद करती थी. इसी से नाराज होकर उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
परिजनों के अनुसार, 19 अप्रैल को पीड़िता की बारात आने वाली थी. घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं. इसी बीच पड़ोस में रहने वाली एक युवती, जो पहले से ही घर में आना-जाना रखती थी, मेहंदी लगाने के बहाने उनके घर पहुंची. परिवार को उस पर कोई शक नहीं था, लेकिन उसने अचानक पीड़िता के चेहरे पर तेजाब फेंक दिया और वहां से फरार हो गई.
हमले में पीड़िता गंभीर रूप से झुलस गई. घटना के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. इस घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई. जिस घर में कुछ दिनों बाद शादी की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां माहौल गमगीन हो गया.
जिस युवक से पीड़िता की शादी तय हुई थी, उसे आरोपी युवती भी पसंद करती थी. इसी बात को लेकर वह नाराज थी और इसी के चलते उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया.
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि वो मेरे पड़ोस में रहती है. पहले भी घर आती जाती थी. उसकी बहन भी आती थी. वो मेहंदी के बहाने घर आई और तेजाब भी फेंककर गई. पता नहीं था वो ऐसा कर देगी. 19 को बारात आनी थी. पीड़िता की हालत ठीक नहीं है, वो पढ़ने में अच्छी है. जिसने तेजाब डाला है, वो भी पढ़ने में अच्छी है. अभी नौकरी के लिए उसने पेपर दिया है. उसे पुलिस पकड़कर ले गई है. हम इंसाफ चाहते हैं. उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच जारी है. परिजन आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि हम इंसाफ चाहते हैं, उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए. फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनवाई तेज, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
15 Apr, 2026 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी को लेकर जारी संघर्ष एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है और जवाब मांगा है। इस मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि यह मामला न केवल किसानों के हितों से जुड़ा हुआ है, बल्कि देश की कृषि नीति, बाजार संरचना और आर्थिक संतुलन पर भी दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। याचिका में मांग की गई है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी गारंटी दे। जब तक एमएसपी को कानून का दर्जा नहीं मिलेगा, तब तक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा।वर्तमान व्यवस्था में सरकार कुछ फसलों के लिए एमएसपी घोषित करती है, लेकिन यह अनिवार्य नहीं है कि हर व्यापारी या निजी खरीददार उसी कीमत पर खरीददारी करे। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत को बताया गया कि यह दोहरी मार है, क्योंकि एमएसपी कॉस्ट प्राइस से कम दिया जाता है, जबकि यह कॉस्ट प्राइस और उसके 50 प्रतिशत का योग होना चाहिए। याचिका के पक्ष में अपनी दलील रखते हुए प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार का जनता को फ्री राशन देना ठीक है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसानों पर ऐसा असर पड़े कि उन्हें अपनी फसल का उचित दाम न मिले और वे सुसाइड कर लें। उन्होंने अदालत को बताया कि देश में हर साल 10 हजार से ज़्यादा किसान सुसाइड करते हैं।
देशभर में CBI का शिकंजा, 8 राज्यों में 77 जगह छापे, बिल्डर्स और वित्तीय संस्थाओं की मिलीभगत उजागर
15 Apr, 2026 06:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सीबीआई ने देश के आठ राज्यों के 77 ठिकानों पर मंगलवार को छापामारी की। यह बड़ा एक्शन कुछ बिल्डर्स और वित्तीय संस्थाओं के गठजोड़ के खिलाफ लिया गया है। आरोप है कि कई बिल्डर्स और वित्तीय संस्थाओं ने मिलकर घर खरीददारों की पूंजी से हेरफेर किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने 22 मामले दर्ज किए हैं और अब एक्शन शुरू किया है। सीबीआई ने जिन शहरों में रेड मारी है, उनमें दिल्ली, बंगलुरु, चेन्नई, पुड्डुचेरी शामिल हैं। यह मामला सुपरटेक लिमिटेड समेत कई बिल्डरों से जुड़ा है। इस केस में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को मामला सौंपा था। शीर्ष अदालत ने 29 अप्रैल, 2025 को एजेंसी से कहा था कि वह इस मामले में एनसीआर के आरोपी बिल्डरों के खिलाफ केस दर्ज करे और जांच शुरू की जाए। इसके बाद अदालत ने एजेंसी को आदेश दिया था कि वह ऐसे 22 मामलों में केस दर्ज करे, जिनमें होमबायर्स के साथ ठगी की शिकायत है।
इसके बाद बीते साल ही सितंबर में अदालत ने सीबीआई से कहा था कि वह छह केस और फाइल करे। इन केसों को बिल्डर्स और बैंकों के बीच गठजोड़ को लेकर दर्ज करने का आदेश दिया गया था। शिकायत थी कि बैंकों और बिल्डरों ने मिलकर फ्रॉड किया है। निवेशकों और घर खरीददारों की पूंजी की हेराफेरी की गई है। ये बिल्डर प्रोजेक्टर दिल्ली-एनसीआर, मोहाली, मुंबई, बंगलुरु, कोलकाता और प्रयागराज के बताए जा रहे हैं। सीबीआई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सर्च के दौरान कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं, जो सबूत के तौर पर अहम हो सकते हैं। इसके अलावा कुछ डिजिटल डिवाइस भी एजेंसी ने जब्त की हैं।
अब तक 50 केस दर्ज
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब तक बिल्डरों के खिलाफ सीबीआई की ओर से करीब 50 केस दर्ज किए जा चुके हैं। पहले 28 दर्ज हुए थे और अब इन 22 मामलों में एजेंसी की जांच तेज है। इस तरह बिल्डरों और बैंकों के गठजोड़ के मामले में शीर्ष अदालत की निगरानी में एजेंसी की ओर से अभियान तेज है। गौरतलब है कि नोएडा समेत देश के तमाम शहरों में बिल्डरों की मनमानी के आरोप लगते रहे हैं। इसी के चलते रेरा जैसे कानून को अमल में लाया गया है।
गोल्ड से लेकर शेयर तक, सम्राट चौधरी की नेटवर्थ का खुलासा
14 Apr, 2026 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद बिहार के नए सीएम के रूप में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लग गई है. राज्य के राजनीतिक इतिहास में पहली बार बीजेपी से कोई मुख्यमंत्री बनने जा रहा है. सम्राट वर्तमान में तारापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. चुनाव आयोग को सौंपे गए उनके चुनावी हलफनामे में उन्होंने चल-अचल संपत्ति की जानकारी दी है. उनके पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है।
सम्राट चौधरी के पास कितनी संपत्ति है?
बिहार में नवंबर 2025 में विधानसभा चुनाव हुए थे. सम्राट चौधरी ने चल-अचल संपत्ति की जानकारी दी थी।
चुनाव आयोग को दिए हलफनामे अनुसार चौधरी की नेटवर्थ करीब 11.35 करोड़ रुपये की है।
उन्होंने शेयर मार्केट में भी पैसों का निवेश किया है।
उनके पास 135000 रुपये नकद थे. वहीं उनकी पत्नी के पास 35000 रुपये के नकद थे।
वहीं, विभिन्न बैंक खातों में उनके 27 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा थी।
शेयर मार्केट में 22 लाख रुपये का निवेश
सम्राट चौधरी के हलफनामे के अनुसार उनके पास करीब 200 ग्राम सोना है. इसकी कीमत 30 लाख रुपये बताई जा रही है।
उनकी पत्नी के पास भी इतनी ही कीमत का सोना होने की जानकारी दी गई. इसके साथ ही 75000 रुपये की चांदी होने की सूचना दी गई।
हलफनामे में जानकारी दी गई कि दोनों के पास 60 लाख रुपये का गोल्ड है, जो वर्तमान बाजार मूल्य पर आधारित है. हलफनामे में 30 लाख रुपये बताया गया था।
चौधरी ने शेयर मार्केट में निवेश होने की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि बॉन्ड, म्यूचअल फंड के अलावा इंश्योरेंस पॉलिसी में निवेश किया है।
अलग-अलग पोर्टफोलियो को मिलाकर कुल 22 लाख रुपये का निवेश किया है।
PPF अकाउंट में 10.28 लाख रुपये का इंवेस्टमेंट किया है।
करोड़ों रुपये की जमीन के मालिक
हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक मुंगेर जिले के तारापुर, मानिकपुर और खजपुरा में लगभग 8 करोड़ रुपये की भूमि है।
उनकी पत्नी के पास 50 लाख रुपये कीमत की कृषि भूमि है।
इसके साथ ही राजधानी पटना में उनकी पत्नी के नाम पर एक व्यावसायिक बिल्डिंग भी है, इसकी कीमत 58 लाख रुपये बताई गई।
7 लाख रुपये कीमत की बोलेरो निओ कार भी है, जो कि सम्राट चौधरी के पास है।
इसके अलावा एनपी बोर राइफल और एक रिवॉल्वर भी है, दोनों की कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई गई।
DNA सबूतों के दावे से बढ़ी मुश्किलें, हाईकोर्ट ने जमानत रोकी
14 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दुष्कर्म मामले के आरोपियों को अंतरिम जमानत दी गई थी। अदालत ने कहा कि इतने गंभीर मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई राहत दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश 13 अप्रैल को न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट चाहे तो दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से आवेदन पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल अंतरिम आदेश का प्रभाव रोक दिया गया है।
DNA सबूतों का दावा
पीड़िता की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि जांच के दौरान अहम फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। इनमें DNA जांच भी शामिल है, जो कथित रूप से एक आरोपी से मेल खाती है। इसके अलावा, भ्रूण से मिले जैविक नमूनों का भी मिलान होने की बात कही गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को अंतरिम राहत मिलने के बाद वे लंबे समय तक गिरफ्त से बाहर रहे, जबकि पीड़िता को धमकियां और दबाव का सामना करना पड़ा। पीड़िता पक्ष का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश बिना कारण बताए एक लाइन में पारित किया गया, जो गंभीर अपराध के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि BNSS की धारा 528 के तहत दी गई राहत को अग्रिम जमानत का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।
मजबूरी की इंतहा: बहन की चिता बाथरूम में जलाई, सिस्टम पर उठे सवाल
14 Apr, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद: झारखंड के धनबाद जिले के गोविंदपुर से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां एक युवती की मौत के बाद उसका शव पांच दिनों तक घर में पड़ा रहा. उसने अंतिम संस्कार को लेकर भाई ने पड़ोसियों से मदद मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया. इसके बाद उसके ही भाई ने बाथरूम में शव को जला दिया. मृतक का नाम लिपिका कुमारी है, जोकि वास्तु विहार स्थित एक आवासीय कॉलोनी में एक मकान में रह रही थी. लिपिका तलाकशुदा थी. वह लंबे समय से परेशान चल रही थी. लिपिका के पिता का नाम संगीत कुमार है, जोकि एक साइंटिस्ट थे. साल 2023 में संगीत का निधन हो गया था.
8 अप्रैल को लिपिका की संदिग्ध परिस्थितियों में घर में ही मौत हो गई थी. घर में मौजूद भाई प्रणव राजवर्धन ने पड़ोसियों को इसके बारे में सूचना दी, लेकिन उन्होंने उनकी बात को अनसुना कर दिया. इसके बाद प्रणव ने 12 अप्रैल को बहन के शव को घर के बाथरूम में जलाने की कोशिश की. बाथरूम में कपड़े, रजाई और तकिए रखकर आग लगा दी. घर से तेज धुआं निकलने लगा, साथ ही जलने की गंध भी आने लगी. लोग बदबू से परेशान हो गया. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
मौके पर तत्काल गोविंदपुर थाने की पुलिस की एक टीम पहुंची. घर की स्थिति देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए. पुलिस ने तत्काल पानी डालकर आग बुझाई और जले हुए शव के अवशेषों को बरामद किया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
शुरुआती जांच में सामने आया है कि पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान था. हालांकि, यह पता नहीं लग पाया है कि डिप्रेशन की वजह क्या थी. पुलिस भाई से भी पूछताछ कर रही है. वहीं, पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है. इस घटना को सुसाइड और मर्डर के एंगल भी जांच की जा रही है. भाई-बहन के कॉल रिकॉर्ड्स भी खंगाले जा रहे हैं. साथ ही पुलिस परिवार के रिश्तेदारों से भी संपर्क साधने में जुटी है.
दाऊद इब्राहिम गैंग की रणनीति में बड़ा बदलाव, 4 राज्यों में फैलाया नकली नोट का नेटवर्क
14 Apr, 2026 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नकली नोट पहले पहले पाकिस्तान से आते थे, फिर सरहद पर मुस्तैदी बढ़ने के बाद बांग्लादेश के रास्ते घुसने लगे। लेकिन जब दोनों दरवाजे बंद होने लगे, तो दाऊद इब्राहिम के गुर्गों ने नई राह निकाली। वह यह था कि अब नकली नोट भारत के अंदर ही छापो, छोटे-छोटे ठिकानों पर, और चुपचाप बाजार में उतार दो।खुफिया एजेंसियों ने हाल के महीनों में नकली नोटों की बरामदगी में जो बढ़ोतरी देखी है, वो इसी बदली हुई रणनीति की तरफ इशारा करती है।
सरहद पर शिकंजा कसा तो बदल ली चाल
पहले यह गिरोह पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा के रास्ते नकली नोट भारत में धकेलता था। लेकिन बीएसएफ की सख्ती और सीमा पर बढ़ी निगरानी ने यह काम मुश्किल कर दिया।अब इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी के मुताबिक गिरोह ने अपने भारत में बैठे ऑपरेटिवों को साफ निर्देश दे दिए हैं कि खुद छापो, कम छापो, लेकिन लगातार छापते रहो।गिरोह जा यह भी निर्देश है कि एक जगह ज्यादा देर मत रुको, बेस बदलते रहो और मात्रा कम रखो ताकि नजर न पड़े। यही नई कार्यप्रणाली है जो एजेंसियों को मिली जानकारी से सामने आई है।
मालदा वाला मॉडल फेल हुआ
पश्चिम बंगाल के मालदा में एक वक्त इस गिरोह की पूरी फैक्ट्री चलती थी। वहां इतने असली जैसे नकली नोट बनते थे कि पहचानना मुश्किल था। लेकिन एनआईए और दूसरी एजेंसियों ने जब वहां कार्रवाई तेज की, तो वो यूनिट तकरीबन बर्बाद हो गई। अधिकारियों के मुताबिक मालदा की छपाई क्षमता आधे से भी नीचे आ गई है। अब गिरोह एक जगह पर निर्भर नहीं रहना चाहता। गुजरात, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और पंजाब में नई यूनिटें खड़ी करने की कोशिश हो रही है। खबर है कि कच्चा माल भेजने की तैयारी भी चल रही है। अगर यह माल ऑपरेटिवों तक पहुंच गया, तो उत्पादन फिर बढ़ सकता है।
ड्रोन से नोट गिराने की कोशिश भी जारी
जिस तरह पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए हथियार और ड्रग्स भेजे जाते हैं, अब उसी रास्ते नकली नोट भेजने की कोशिश भी सामने आ रही है। पिछले महीने बीएसएफ और अमृतसर पुलिस ने ढाई लाख रुपये के नकली नोट पकड़े। अधिकारियों का मानना है कि यह एक तरह का ट्रायल रन था, देखना था कि यह तरीका काम करता है या नहीं। छोटे और हल्के पैकेट भेजे जा रहे हैं ताकि रडार और निगरानी सिस्टम पर कम दिखें। एजेंसियों का कहना है कि भले ही देश के अंदर छपाई बढ़ रही हो, ड्रोन का इस्तेमाल भी बंद नहीं होगा।
मकसद सिर्फ पैसा नहीं, अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाना है
एजेंसियों के मुताबिक इस पूरी कवायद के पीछे दो मकसद हैं। पहला- आतंकी गतिविधियों के लिए फंड जुटाना। दूसरा- बाजार में नकली नोट फैलाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करना। यह कोई छोटे-मोटे ठगों का काम नहीं, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति है जो पाकिस्तान में बैठकर चलाई जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: भेदभाव को बताया अन्याय का रूप, कर्मचारी को मिला न्याय
14 Apr, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा है कि अगर सेवा नियमों में अनुभव, योग्यता या वरिष्ठता के आधार पर छूट का प्रावधान है, तो किसी कर्मचारी को केवल डिग्री न होने की वजह से प्रमोशन से वंचित नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें एक सहकारी समिति के कर्मचारी को पदोन्नति देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायालय ने माना कि जब अन्य कर्मचारियों को समान छूट दी गई, तो इस मामले में शैक्षिक योग्यता में रियायत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने कहा कि ‘भेदभाव अन्याय का ही दूसरा नाम है।’ अदालत ने जोर दिया कि सरकारी नौकरियों में समानता के अधिकार का पालन करना अनिवार्य है। न्यायालय ने यह टिप्पणी एक प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के कर्मचारी से जुड़े मामले के दौरान की, जिसने लगभग तीन दशकों तक सेवा की थी। समिति के निदेशक मंडल ने उनकी लंबी सेवा, वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उन्हें ‘सोसाइटी मैनेजर’ के पद पर पदोन्नत करने की सिफारिश की थी।
सिफारिश में उनकी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता में छूट शामिल थी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश ने कर्मचारी की याचिका को स्वीकार करते हुए छूट का लाभ देने का निर्देश दिया था, हालांकि खंडपीठ ने इस निर्णय को पलटते हुए कहा था कि कर्मचारी के पास अपेक्षित योग्यता नहीं थी और रजिस्ट्रार द्वारा छूट देने से इनकार करना उचित था।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार सफर, जानें नया रूट और खासियतें
14 Apr, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (14 अप्रैल) दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे (Delhi To Dehradun Expressway) का उद्घाटन किया। 213 किलोमीटर लंबा छह लेन वाला यह नया एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक पहुंचेगा। जहां पहले इस दूरी को तय करने में 6 घंटे से अधिक का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई घंटे में सिमट जाएगी। पूरे रूट पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए रेस्ट स्टॉप्स (विश्राम स्थल) , चार्जिंग स्टेशन और इमरजेंसी जरूरतों की व्यवस्था की गई है।
एक्सप्रेसवे का रूट और मुख्य विशेषताएं
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों से होकर गुजरता है। इस एक्सप्रेसवे पर हाई स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए 10 इंटरचेंज, तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), चार प्रमुख पुल और सड़क किनारे 12 जन सुविधाओं का निर्माण भी किया गया है।
यात्रियों के लिए सुरक्षित और अधिक कुशल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएम) से लैस है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसका 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, जो राजाजी नेशनल पार्क के पास से गुजरता है। यह एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर कहा जा रहा है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि नीचे जंगल के जानवरों की आवाजाही में कोई बाधा न आए और ऊपर वाहन अपनी रफ्तार से दौड़ सकें।
जानवरों के लिए खास इंतजाम
अधिकारिक बयान में कहा गया है, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में पड़ने वाले क्षेत्रों की पारिस्थितिक संवेदनशीलता, समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों को ध्यान में रखते हुए कई विशेषताओं के साथ डिजाइन किया गया है। जंगली जानवरों की आवाजाही, वन्यजीव संरक्षण के लिए परियोजना में कई विशेष सुविधाएं शामिल की गई हैं। इनमें 12 किमी लंबा वन्यजीव एलिवेटेड कॉरिडोर शामिल है, जो एशिया के सबसे लंबे कॉरिडोर में से एक है। कॉरिडोर में आठ पशु मार्ग, 200 मीटर लंबे दो हाथी अंडरपास और दात काली मंदिर के पास 370 मीटर लंबी सुरंग भी शामिल है।
दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा प्रमुख पर्यटन और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क बढ़ाकर और पूरे क्षेत्र में व्यापार और विकास के नए रास्ते खोलकर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुभारंभ के बाद पीएम मोदी ने कहा, "उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ इस प्रगति में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। मुझे बहुत खुशी है कि डबल इंजन सरकार की नीतियों और उत्तराखंड के लोगों के परिश्रम से यह युवा राज्य विकास के नए आयाम जोड़ रहा है। यह परियोजना भी प्रदेश की प्रगति को नई गति देगा।"
प्रेमी संग भागने पर महिला की हत्या, परिवार पर लगा ऑनर किलिंग का आरोप
14 Apr, 2026 03:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Karnataka Murder Case: कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक दिल दहला देने वाला ऑनर किलिंग का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। यह घटना कर्नाटक के बेलगावी जिला के यमनकानमराडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई, जहां एक 24 साल की महिला की कथित तौर पर उसके ही परिवार के सदस्यों ने हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें मृतका का भाई, चाचा और बहनोई शामिल हैं।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पुलिस के अनुसार, मृतका की शादी हुई थी, लेकिन वह अपने 28 साल के प्रेमी के साथ घर छोड़कर चली गई थी। इसके बाद परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और बाद में उसका पता लगा लिया। आरोप है कि इसके बाद परिवार ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची।
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने महिला की बेरहमी से हत्या कर दी और सबूत छिपाने के लिए उसके शव को जला दिया। यह जघन्य घटना 13 मार्च को हुई थी, लेकिन इसका खुलासा हाल ही में हुआ। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मृतका के चाचा प्रकाश हेळवारा (हुक्केरी के पास गुडिकशेत्रा गांव निवासी), भाई श्यानूरा हेळवारा और बहनोई मोरबाड़ा कल्लप्पा (रायबाग निवासी) के रूप में हुई है। घटना का संबंध रायबाग तालुक और हुकेरी क्षेत्र से भी बताया जा रहा है।
ऑनर किलिंग मामलों पर कानून
गौरतलब है कि हाल ही में कर्नाटक सरकार ने ऑनर किलिंग और अंतरजातीय विवाह को लेकर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए एक विशेष कानून लागू किया है। इसके बावजूद ऐसे मामले लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। इससे पहले भी राज्य में कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें दिसंबर 2025 में धारवाड़ जिले में एक गर्भवती महिला की हत्या और जून 2023 में तुमकुरु जिले में एक 17 वर्षीय लड़की की हत्या जैसे मामले शामिल हैं।
यूपी सरकार ने बढ़ाया वेतन, जानिए नया न्यूनतम सैलरी स्ट्रक्चर क्या होगा
14 Apr, 2026 02:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Yogi Government: उत्तर प्रदेश नोएडा में सोमवार को निजी कंपनी के कर्मचारियों का प्रदर्शन उग्र हो गया और इस दौरान काफी तोड़फोड़ हुई. गुस्साई भीड़ ने कुछ गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया. जिसके बाद बवाल मच गया. हालांकि सरकार ने मामले पर एक्शन लिया और देर रात न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का आदेश दिया. सरकार के अनुसार, बढ़ाई गई न्यूनतम सैलरी का आदेश 1 अप्रैल 2026 से ही लागू होगा. सरकार ने तात्कालिक फैसला लेकर स्थाई समाधान की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सरकार के इस फैसले से अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम 3,000 रुपए तक की बढ़ोत्तरी हुई है. जानें सरकार ने क्या आदेश दिए.
यूपी सरकार ने न्यूनतम सैलरी बढ़ाने के आदेश के साथ ही सोशल मीडिया पर चल रही झूठी खबरों का भी खंडन किया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है. यह खबर काफी तेजी से फैलने लगी थी, जिसको लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से झूठी और मनगढ़ंत सूचना है. इस पर ध्यान न दें. इसके साथ ही सरकार ने अपील की है कि केवल आधिकारिक सूचना स्त्रोतों पर ही विश्वास करें.
जानें क्या है न्यूनतम सैलरी स्ट्रक्चर?
अकुशल श्रमिक: ₹11,313.65 प्रति माह (दैनिक: ₹435.14)
अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,446 प्रति माह (दैनिक: ₹478.69)
कुशल श्रमिक: ₹13,940.37 प्रति माह (दैनिक: ₹536.16)
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही
योगी सरकार ने यह फैसला वर्तमान आर्थिक परिस्थिति और श्रमिकों की मांगों को देखते हुए लिया है. जिसके अनुसार, अगले माह एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने नियोक्ताओं से अपील की है कि वे श्रमिकों को नियमानुसार वेतन, ओवरटाइम भुगतान, साप्ताहिक अवकाश और बोनस देना सुनिश्चित करें. इसके साथ ही महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देने की बात कही है.
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