देश
होर्मुज का पहला LPG टैंकर रवाना, सीजफायर के बाद रसोई गैस की किल्लत दूर होने की उम्मीद
12 Apr, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से दुनियाभर में तेल-गैस का संकट मंडराया हुआ है. लेकिन हाल ही में हुई सीजफायर की घोषणा के बाद तेल-गैस को लेकर राहत माना जा रहा है. सीजफायर के बाद भारत का एक और LPG टैंकर ‘जग विक्रम’ सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गया है. यानी अब एलपीजी गैस की किल्लत से छुटकारा मिल सकेगा. इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दी.
LPG को लेकर देश में कई दिनों से समस्याएं आ रही थी. लेकिन इसी बीच राहत भरी खबर आई है. सीजफायर के बाद पहला एलपीजी टैंकर जग विक्रम होर्मुज स्ट्रेट को पार कर गया है. केंद्रीय मंत्री ने एलपीजी टैंकर को लेकर जानकारी देते हुए बताया कि “भारतीय शिपिंग ऑपरेशंस पर अपडेट. भारतीय ध्वज वाला जहाज JAG VIKRAM, जिसमें 24 भारतीय क्रू मेंबर हैं, 11 अप्रैल को पर्शियन गल्फ क्षेत्र से सफलतापूर्वक बाहर निकल गया है.”
कहां पहुंचा जहाज?
जानकारी के अनुसार, जहाज ओमान की खाड़ी को पार कर गया है. जग विक्रम की क्षमता करीब 26,000 टन की है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से यह जहाज कई दिनों से फंसा था. जो सीजफायर के ऐलान होते ही होर्मुज से रवाना हो गया है. होर्मुज बंद होने की वजह से भारत समेत दुनियाभर में गैस की किल्लत देखने को मिलने लगी थी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज इलाके में अभी भी करीब 400 से ज्यादा टैंकर, दर्जनों एलपीजी और एलएजी जहाज मौजूद हैं, जो जंग की वजह से प्रभावित हुए थे. सरकार ने भी एलपीजी की किल्लत को देखते हुए लोगों से पीएनजी का कनेक्शन लेने पर जोर दिया था. फिलहाल सीजफायर के ऐलान के बाद रसोई गैस की किल्लत से छुटकारा मिलते नजर आ रहा है. होर्मुज को जग विक्रम ने शुक्रवार की रात पार किया है, जो जल्द ही भारत पहुंचेगा.
दिग्गज सिंगर आशा भोसले को हार्ट अटैक, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती
11 Apr, 2026 11:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Asha Bhosle Heart Attack: भारतीय संगीत जगत की मशहूर गायिका आशा भोसले की हेल्थ को बड़ी खबर सामने आई है. हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि इमरजेंसी मेडिकल यूनिट में उनका इलाज जारी है. इस खबर से उनके प्रशंसकों और करीबियों के बीच चिंता बढ़ गई है.
डॉक्टर ने क्या कहा?
ब्रीच कैंडी अस्पताल की डॉक्टर प्रति समदानी ने इस खबर की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सिंगर आशा भोसले को ICU में भर्ती किया गया है. जहां उनकी देखरेख की जा रही है. इसके अलावा उन्होंने कोई भी जानकारी से इनकार कर दिया. बताया जा रहा है कि गायिका का परिवार अस्पताल भी ही मौजूद है.
आशा भोसले की पोती ने क्या कहा?
मशहूर गायिका और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले की पोती ज़नाई भोसले ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके उनकी हेल्थ के बारे में जानकारी दी. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मेरी दादी, आशा भोसले, बहुत अधिक थकान और सीने में इन्फेक्शन की वजह से अस्पताल में भर्ती हैं. उनका इलाज जारी है और उम्मीद है कि सब ठीक हो जाएगा. हम आपको जल्द ही अच्छी खबर देंगे.
पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था.
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के गाने ‘चला चला नवबाला’ से की थी.
हिंदी सिनेमा में उनका पहला गाना साल 1948 में आयी फिल्म ‘चुनरिया’ का ‘सावन आया रे’ था.
आशा भोसले ने 14 भाषाओं में 12000 से अधिक गाने गाए हैं.
उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है.
साल 2008 में उन्हें भारत के दूसरे सर्वोच्च पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया.
साल 1997 में उन्होंने ग्रैमी पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया गया था. वे पहली भारतीय महिला गायिका थीं.
नीतीश कुमार को लेकर उठे सवालों पर मंत्री का पलटवार
11 Apr, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार|बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को दिल्ली में राज्यसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह संपन्न होने के तुरंत बाद, उसी शाम वे विशेष विमान से पटना लौट आए। अब बिहार में नई सरकार के गठन की आगे की प्रक्रिया शुरू होनी है, जिसका सीधा मतलब है कि नीतीश कुमार को अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना होगा। हालांकि, उनका इस्तीफा कब होगा और नई सरकार का स्वरूप क्या होगा, यह सवाल इस वक्त बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच भी इस बात को लेकर उत्सुकता है कि आखिर अगला कदम क्या होगा।
इस संबंध में आज, शनिवार को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कोटे के मंत्री श्रवण कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान साफ तौर पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा नियम-कानून और संविधान पर चलने वाले व्यक्ति हैं। जो भी नियम और संवैधानिक प्रक्रिया होगी, नीतीश कुमार उसी का पूरी तरह से पालन करेंगे और उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे। श्रवण कुमार का यह बयान तब आया जब पत्रकारों ने उनसे नीतीश कुमार के इस्तीफे की तारीख और नई सरकार के गठन से जुड़े सवाल किए थे।
दरअसल, पत्रकारों ने मंत्री श्रवण कुमार से एक दिन पहले, यानी बीते शुक्रवार को विजय कुमार चौधरी के दिल्ली से पटना लौटने पर दिए गए बयान का हवाला दिया था। विजय कुमार चौधरी ने उस वक्त मीडिया से बात करते हुए कहा था कि केवल शपथ लेने से सरकार नहीं बनती है, इसके लिए मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना होता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अभी इस प्रक्रिया के लिए इंतजार करना होगा, जिससे यह साफ संकेत मिला था कि इस्तीफा तुरंत नहीं होने वाला है।
श्रवण कुमार ने भारतीय संविधान और कानून का किया उल्लेख
श्रवण कुमार ने अपने साथी मंत्री विजय कुमार चौधरी की बात का पूरी तरह से समर्थन किया। उन्होंने कहा, “विजय कुमार चौधरी ने बिल्कुल सही बात कही है।” श्रवण कुमार ने आगे संविधान के एक अहम प्रावधान का जिक्र करते हुए समझाया कि भारतीय कानून और संविधान में यह स्पष्ट नियम है कि कोई भी व्यक्ति जो प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के उच्च पद पर है, वह बिना किसी सदन (जैसे विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा या राज्यसभा) का सदस्य रहे भी छह महीने तक अपने पद पर बना रह सकता है। इस अवधि में उसे अनिवार्य रूप से किसी सदन का सदस्य बनना होता है, अन्यथा उसे पद छोड़ना पड़ता है।
संविधान के जानकारों के मुताबिक, यह प्रावधान किसी भी जनप्रतिनिधि को, जो मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के पद पर है, यह अनुमति देता है कि वह किसी भी सदन का सदस्य न होने के बावजूद छह महीने तक उस पद पर बना रह सकता है। इस अवधि में उसे किसी सदन (विधानसभा या विधान परिषद, या संसद के दोनों सदनों में से कोई एक) का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। अगर वह ऐसा नहीं कर पाता है, तो उसे पद छोड़ना पड़ता है। श्रवण कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार ने राज्यसभा की सदस्यता ली है, और मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफे की अटकलें तेज हैं। इस बयान से यह संकेत मिलता है कि नीतीश कुमार संभावित रूप से इस संवैधानिक प्रावधान का इस्तेमाल करते हुए कुछ समय तक मुख्यमंत्री बने रह सकते हैं।
क्या एनडीए में फंसा है पेच? टली बैठक और सस्पेंस
मंत्री श्रवण कुमार के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने के मूड में नहीं हैं, या फिर वे अभी कुछ समय और इस पद पर बने रहना चाहते हैं? उनके बयान को सीधे तौर पर इस्तीफे में देरी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। यह सवाल तब और भी महत्वपूर्ण हो जाता है जब बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर किसी तरह के अंदरूनी पेच की आशंका जताई जा रही है।
इस आशंका को तब और बल मिला जब बीते शुक्रवार को दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की कोर कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक होनी थी। इस बैठक में बिहार के कई वरिष्ठ बीजेपी नेता, जिनमें उप-मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष जैसे प्रमुख चेहरे शामिल थे, भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे थे। हालांकि, यह बैठक अचानक और बिना किसी पूर्व सूचना के टाल दी गई। इस संबंध में बीजेपी या एनडीए के किसी भी शीर्ष नेता की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया कि बैठक क्यों टाली गई या अब कब होगी।
क्या NDA गठबंधन में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आमतौर पर ऐसी महत्वपूर्ण बैठकें बिना किसी ठोस और सार्वजनिक कारण के नहीं टाली जातीं, और अगर ऐसा होता है तो उसकी वजह सार्वजनिक की जाती है। इस चुप्पी ने राजनीतिक गलियारों में अटकलों को हवा दे दी है कि गठबंधन में मुख्यमंत्री पद को लेकर या शक्ति संतुलन को लेकर कोई अंदरूनी खींचतान चल रही है। संभवतः यही कारण है कि नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार के गठन की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, और यही वजह है कि जेडीयू के नेता संवैधानिक प्रावधानों का हवाला दे रहे हैं।
हालांकि, इन सब राजनीतिक अटकलों और बयानों के बीच, एक ठोस और प्रत्यक्ष बदलाव भी सामने आया है। मुख्यमंत्री आवास से नीतीश कुमार का निजी सामान शिफ्ट किया जाने लगा है। शनिवार को इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें देखा जा सकता है कि एक अणे मार्ग, जो मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास है, वहां से ट्रैक्टर के जरिए नीतीश कुमार का निजी सामान पटना के सात नंबर बंगले में शिफ्ट किया जा रहा है। यह फिजिकल शिफ्टिंग इस बात का एक स्पष्ट संकेत है कि राजनीतिक फैसले भले ही लंबित हों और उन पर चर्चा जारी हो, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर नीतीश कुमार बदलाव के लिए तैयार हैं और उन्होंने अपने अगले कदम की तैयारी शुरू कर दी है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आने वाले दिनों में और भी राजनीतिक बयान और स्पष्टीकरण सामने आ सकते हैं। बिहार की राजनीति पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ इस पूरी स्थिति को बारीकी से देख रहे हैं कि आखिर नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हैं और बिहार में नई सरकार का स्वरूप क्या होगा। क्या एनडीए के भीतर चल रही चर्चाएं जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेंगी या फिर संवैधानिक छह महीने की अवधि का इस्तेमाल किया जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा।
लखीमपुर खीरी में ऐतिहासिक कदम, थारू समुदाय को मिली जमीन की मालिकाना हकदारी
11 Apr, 2026 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखीमपुर|मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के पलियाकलां स्थित चंदनचौकी में एक बड़े कार्यक्रम में 4356 थारू जनजाति के परिवारों को 538 हेक्टेयर जमीन का पूर्ण स्वामित्व सौंपा। यह उन परिवारों के लिए दशकों का इंतजार खत्म होने जैसा था, जो 1976 से इस जमीन का सिर्फ उपयोग कर रहे थे। अब वे कानूनी रूप से इसके मालिक बन गए हैं।भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इन थारू गांवों के लोग लंबे समय से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे थे। मुख्यमंत्री ने पलिया तहसील के 34 गांवों के इन परिवारों को उनके स्वामित्व संबंधी अधिकार पत्र दिए। इस फैसले से उनकी कई पीढ़ियों की अधूरी यात्रा पूरी हुई है।सिर्फ भूमि अधिकार ही नहीं, मुख्यमंत्री ने इस दौरान सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इन योजनाओं से क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद है और स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर साधा निशाना
जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने संस्कृत का एक श्लोक सुनाया, जिसमें कहा गया है: ‘प्रजा सुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्’। इसका अर्थ है कि सच्चा शासन वही है जहां प्रजा सुखी रहे और राज्य की जनता का कल्याण हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन की खुशी का आधार उसकी जनता की खुशी है और यह कार्य तभी संभव है जब सत्ता में संवेदना हो और काम बिना भेदभाव के किया जाए। उन्होंने कहा कि आज जो काम हो रहा है, वह उसी संवेदना का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर सीधे हमला बोला। उन्होंने कहा कि उनमें संवेदनाओं का अभाव था। अगर वे अपने परिवारवाद से ऊपर उठ पाते, तो इन थारू परिवारों के बारे में सोच पाते। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों को समाज को बांटने से फुर्सत नहीं थी और उन्होंने सदैव समाज को बांटने का काम किया। सीएम ने कहा कि उन्होंने जनता के संसाधन और हकों पर डकैती डाली होगी, उनसे यह उम्मीद करना कि वे अधिकार दिलाएंगे, कभी संभव नहीं था।
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारें जनता की पहचान को खत्म करने पर उतारू थीं। उन्होंने याद दिलाया कि लोगों को अधिकार तो नहीं मिल पाया, बल्कि नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। कहीं माफिया का संकट था तो कहीं गुंडों का और कहीं कर्फ्यू का संकट। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर इन परिवारों ने सपने बोए थे, आज उस सपने को डबल इंजन की सरकार ने आकार दिया है और उन्हें जमीन का भौमिक अधिकार दिया है। आज वर्षों का इंतजार खत्म हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले विकास और सभी योजनाएं केवल सैफई में केंद्रित होती थीं, और प्रदेश के गरीबों के हकों पर डकैती डालकर एक परिवार सब कुछ हजम कर जाता था।
भूमि स्वामित्व से आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की गारंटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन भौमिक अधिकारों को केवल जमीन प्राप्त करने का आयोजन नहीं बताया, बल्कि आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की गारंटी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वन विभाग या कोई लेखपाल इन परिवारों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता, न ही कोई दबंग किसी की जमीन पर गड़बड़ी कर कब्जा करा सकता है। उन्होंने याद दिलाया कि इन अधिकारों के लिए कई पीढ़ियां संघर्ष करती रही हैं और दशकों की अधूरी यात्रा आज इस पुनर्वास कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने खीरी दौरे के बारे में एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर भी जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि यह लखीमपुर खीरी में सेवा, संवेदना और संकल्प का एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने बताया कि स्थानीय थारू परिवारों और नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश से आकर यहां बसे परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया जा रहा है। साथ ही, मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आवास की चाबियां भी दी गईं और 314 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया। उन्होंने अंत्योदय के मार्ग पर चलते हुए, डबल इंजन सरकार को हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन और हर क्षेत्र को प्रगति के नए अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध बताया।
अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि लखीमपुर खीरी की पावन धरती पर आज अधिकार, विकास और अपने पक्के आवास का स्वप्न एक साथ साकार हो रहे हैं। बांग्लादेश से विस्थापित हुए 331 हिंदू परिवारों को भी संक्रमणीय/असंक्रमणीय भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए गए। इसके अलावा, 213 परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया गया और मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत लाभार्थियों को उनके आवास की चाबियां भी मिलीं। उन्होंने इन सभी कार्यों को “डबल इंजन सरकार के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सम्मान और सुविधा पहुंचाने के संकल्प का प्रतीक”बताया।
बंगाल में BJP की जीत का दावा, अमित शाह का आक्रामक अंदाज
11 Apr, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता।नौ अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव और उपचुनाव में सघन जांच के बाद सिर्फ असम के एक मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है। यहां शनिवार को फिर वोट डाले जाएंगे। चुनाव आयोग ने केरलम, असम और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के 63,084 मतदान केंद्रों पर कराया है। इनमें से असम के 123-करीमगंज नॉर्थ विधानसभा में 239-बेबीलैंड हाई इंग्लिश स्कूल पोलिंग स्टेशन पर दोबारा मतदान का निर्णय लिया गया है।
बंगाल: कृष्णनगर उत्तर के तृणमूल प्रत्याशी का नामांकन हुआ निरस्त
कोलकाता। प. बंगाल चुनाव से पहले कृष्णनगर उत्तर सीट पर तृणमूल को बड़ा झटका लगा है। निर्वाचन आयोग ने तृणमूल प्रत्याशी अभिनव भट्टाचार्य का नामांकन रद्द कर दिया है। रिटर्निंग ऑफिसर के अनुसार, अभिनव जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 9ए के तहत अयोग्य पाए गए। जांच में सामने आया कि नामांकन के समय वे सरकारी अनुबंधों से जुड़े थे, जो हितों के टकराव के चलते उम्मीदवारी में बाधक है। अभिनव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। तृणमूल नेतृत्व इस सीट पर नया चेहरा उतारने की तैयारी में है।
326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में होगी तमिलनाडु में वोटिंग
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर कुल 326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों की निगरानी में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू व डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर समीक्षा की। पर्यवेक्षकों से कहा गया कि वह अपने संपर्क नंबर और जनता, राजनीतिक पार्टियों, उम्मीदवारों या उनके एजेंटों की शिकायतें सुनने की जगह और समय को अच्छी तरह से प्रकाशित करें।
कुल 4,610 उम्मीदवार : तमिलनाडु में 4,610 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। करूर सीट से सबसे अधिक 85, तो अंबासमुद्रम में सबसे कम 5 प्रत्याशी मैदान में हैं।
हुमायूं कबीर गद्दार, उन्हें जनता देगी जवाब : टीएसी सांसद सायनी घोष
चुनाव से पहले टीएमसी छोड़कर अपनी पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर विवादों में हैं। उन पर भाजपा की 'बी' टीम के तौर पर काम करने का आरोप लगाया गया है। एआईएमआईएम ने भी उनकी पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया है। इस पर टीएमसी सांसद सायनी घोष ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मैं पहले दिन से कहती आ रही हूं कि वह भाजपा की 'बी' टीम के तौर पर काम कर रहे हैं। उनकी नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने सभी को धोखा देने का काम किया है। जनता उन्हें जवाब देगी।
मीडिया से बातचीत में सायनी घोष ने कहा कि वीडियो सामने आ गया है, जिससे साफ हो गया है कि वह भाजपा से मिले हुए हैं। जिसकी नीयत ठीक नहीं है, उसकी मुराद कभी पूरी नहीं होती है। उन्होंने हुमायूं कबीर पर पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका जवाब इसी समुदाय के लोग भी देंगे। उनका वीडियो सामने आया है, सभी उनसे नाता तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल मुस्लिम समुदाय के साथ गद्दारी की है। इसका जवाब मुस्लिम भाई देंगे।
एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी बोले- MGR से न करें विजय की तुलना
एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने लोगों से अभिनेता-राजनेता विजय की तुलना एआईएडीएमके के संस्थापक एमजी रामचंद्रन से न करने का आग्रह किया है। उन्होंने संकेत दिया है कि दिवंगत मुख्यमंत्री कहीं अधिक श्रेष्ठ थे, क्योंकि उन्होंने अपने जीवनकाल में लोगों की सेवा की और अपनी संपत्ति मूक-बधिरों के गृह को दान कर दी। इसके अलावा, उन्होंने तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों की आलोचना करने में गरिमा और अनुशासन की आवश्यकता होती है।उन्होंने दावा किया कि वह एमजीआर और दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के राजनीतिक स्कूल से संबंधित हैं।
एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए एआईएडीएमके के महासचिव ने कहा कि एमजीआर भगवान थे और इसलिए उनकी तुलना विजय से नहीं की जानी चाहिए, जो नवगठित टीवीके के प्रमुख हैं। पलानीस्वामी ने कहा, “उनकी तुलना एमजीआर से मत कीजिए, जो हमारे लिए भगवान के समान हैं। एमजीआर ने फिल्मों में अभिनय से कमाए पैसे जनता के लिए खर्च किए और अपने जीवनकाल में हमेशा जनता के कल्याण के लिए प्रयासरत रहे। उनके निधन के बाद, उन्होंने अपनी संपत्ति मूक-बधिरों के आश्रम को दान कर दी। वह महान व्यक्ति हमारे नेता हैं।”
पीएम मोदी आज बंगाल में करेंगे तीन चुनावी रैलियां
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में तीन रैलियों को संबोधित करने वाले हैं, क्योंकि भाजपा विधानसभा चुनावों से पहले अपना प्रचार अभियान तेज कर रही है। पीएम मोदी पूर्व बर्धमान के कटवा, मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद जिले के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में रैलियां करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य मध्य और उत्तरी बंगाल में भाजपा के समर्थन को मजबूत करना है, जहां पार्टी अपनी पैठ को और गहरा करने और सत्तारूढ़ टीएमसी के लिए अपनी चुनौती को और तेज करने की कोशिश कर रही है।चुनाव आयोग द्वारा मार्च के मध्य में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद से राज्य में मोदी की यह तीसरी यात्रा होगी, जो पश्चिम बंगाल के प्रति भाजपा नेतृत्व के महत्व को रेखांकित करती है, जो पार्टी के प्रमुख चुनावी क्षेत्रों में से एक है।
भाजयुमो ने 'चुनाव नियमों के उल्लंघन' को लेकर कांग्रेस नेता के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत
युवा मोर्चा के एक नेता ने केरल विधानसभा चुनाव में मतदान के दौरान नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कांग्रेस सांसद के. सुधाकरन के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को हुए थे और सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम चार मई को घोषित किए जाएंगे। युवा मोर्चा नेता के शिजिल ने सुधाकरन और उनके सहायक जयंत दिनेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा की युवा शाखा, युवा मोर्चा के अनुसार, सुधाकरन, दिनेश के साथ कन्नूर के किझुन्ना स्थित एक स्कूल में बने मतदान केंद्र में दाखिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिनेश उनके साथ ईवीएम तक गए और कांग्रेस नेता के बगल में खड़े रहे जब उन्होंने अपना वोट डाला। युवा मोर्चा ने यह भी दावा किया कि दिनेश मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन लेकर घूम रहा था और उसका इस्तेमाल कर रहा था। युवा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि उन्होंने घटना के वीडियो क्लिप शिकायत के साथ जिला रिटर्निंग ऑफिसर को सौंप दिए हैं और वे कन्नूर सांसद के खिलाफ जांच और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
केरल: कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन बोले- वोटों के लिए समुदायों को दोष न दें; यूडीएफ बड़ी जीत के लिए तैयार
कांग्रेस नेता के मुरलीधरन ने शनिवार को कहा कि किसी विशेष पार्टी को वोट न देने के लिए किसी भी समुदाय को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। वह भाजपा नेता पीसी जॉर्ज और उनके बेटे शॉन जॉर्ज के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने कैथोलिक चर्च, उसके बिशपों और उसके द्वारा समर्थित एक समाचार पत्र की आलोचना करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने चुनाव में उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। केरल विधानसभा चुनाव नौ अप्रैल को हुए थे, और सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य रख रही है, यूडीएफ वापसी की कोशिश कर रही है और एनडीए राज्य में अपना खाता खोलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इन टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि केरल के बाहर अल्पसंख्यक समुदायों के प्रति भाजपा का रवैया राज्य में भी दोहराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमें वोट न देने के लिए समुदायों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। कभी-कभी हमें कुछ समुदायों से वोट मिलते हैं, और कभी-कभी नहीं। कुछ चुनावों में हमें कुछ समुदायों से वोट नहीं मिले, लेकिन हमने इसके लिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया।”
'एलडीएफ को तीसरी बार सत्ता मिलेगी, कांग्रेस को आपसी कलह से होगा नुकसान': केवी थॉमस
नई दिल्ली में केरल सरकार के विशेष प्रतिनिधि केवी थॉमस ने शनिवार को कहा कि सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाला एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में लौटेगा और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ अपने भीतर कथित आंतरिक कलह के कारण सरकार नहीं बना पाएगा। कांग्रेस के पूर्व नेता और केंद्रीय मंत्री रहे थॉमस ने भाजपा पर राजनीति में उपभोक्तावाद लाने का भी आरोप लगाया और कहा कि पलक्कड़ में जो हुआ उससे यह स्पष्ट हो गया। वह भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन पर लगे वोट के बदले नकदी देने के आरोप का जिक्र कर रहे थे। थॉमस ने यहां एक टीवी चैनल से बात करते हुए आगे कहा कि भाजपा नेता शॉन जॉर्ज की इस टिप्पणी में भी उपभोक्तावाद देखा जा सकता है कि अगर चर्च भगवा पार्टी की मदद नहीं करते हैं, तो शायद वे उनकी भी मदद नहीं करेंगे।
'बंगाल से कर देंगे ममता दीदी के गिरोह का पूरा सफाया', बांकुरा में बोले अमित शाह
पश्चिम बंगाल के बांकुरा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "हम ममता दीदी के पूरे बंगाल में उनके गिरोह का पूरी तरह से सफाया कर देंगे। यह गिरोह ममता और उनके भतीजे के लिए शासन का एक हथियार बन गया है। जो बंगाल की जनता का खून चूसता है। ममता को सत्ता से हटाकर भाजपा की सरकार बनने के बाद, हम इस गिरोह को सबक सिखाने का जिम्मा खुद उठाएंगे। स्थानीय आलू किसानों की बात करें तो, उनकी उपज की कीमत 20 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक होनी चाहिए, लेकिन उन्हें मुश्किल से 2 रुपये ही मिलते हैं। यह सब ममता दीदी के अहंकार के कारण है। वे हमारे आलू को झारखंड और ओडिशा जैसे पड़ोसी राज्यों में भेजने से लगातार इनकार कर रही हैं। भाजपा के मुख्यमंत्री के पदभार संभालते ही, उसी दिन से बंगाल के आलू ओडिशा, झारखंड और पूरे देश में भेजे जाएंगे।"
ममता बनर्जी का दावा- एसआईआर के चलते 250 से ज्यादा लोगों की मौत
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केशियारी में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि एसआईआर के कारण 250 से अधिक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि बंगाल में हटाए गए 90 लाख मतदाताओं में से 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। ममता ने चुनावी रैली में सवाल पूछा कि क्या बंगाली बोलने के कारण हम भारतीय नहीं हैं? क्या हमें लगातार अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है? उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की मदद से भवानीपुर में मेरे खिलाफ दो झूठे मामले दर्ज कराकर मेरी उम्मीदवारी रद्द करने की कोशिश की, लेकिन टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इस प्रयास को विफल कर दिया।
भूकंप के झटकों से हिंगोली में दहशत, कई घरों में आई दरारें
11 Apr, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले में आज सुबह 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके पड़ोसी नांदेड़ और परभणी जिलों में भी महसूस किए गए। हिंगोली के पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें आ गई हैं, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप सुबह आठ बजकर पैंतालीस मिनट पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तालुका के शिरली गांव में जमीन से दस किलोमीटर नीचे था। हिंगोली के जिलाधिकारी राहुल गुप्ता ने बताया कि पांगरा शिंदे गांव में घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें पड़ने की तस्वीरें मिली हैं।
उन्होंने कहा, हमारी टीमें स्थिति का आकलन करने जा रही हैं। भूकंप के झटके नांदेड़ शहर, ग्रामीण इलाकों, अर्धापुर, हदगांव, हिमायतनगर तालुकों और परभणी जिले के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। एक कॉलेज शिक्षक ने बताया, मुझे अचानक एक कंपन महसूस हुआ, फिर एहसास हुआ कि यह एक हल्का भूकंप था।
अधिकारियों ने बताया कि मामूली संरचनात्मक क्षति की रिपोर्ट मिली है। स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से शांत रहने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है। नांदेड़ और परभणी में आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखा गया है।
सुरक्षा उपाय और प्रशासन की सलाह
प्रशासन ने टिन-शीट की छत वाले घरों से भारी पत्थर हटाने की सलाह दी है। इसके बजाय, सुरक्षा उपाय के तौर पर चादरों को बोल्ट से सुरक्षित करें। नांदेड़ जिला प्रशासन ने निवासियों को किसी भी आगे के झटके या असामान्य आवाज के मामले में तुरंत खुले स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उन्हें आपातकालीन हेल्पलाइन पर कॉल करके प्रशासन को सूचित करने के लिए भी कहा गया है।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी है। यह भूकंप आज सुबह आठ बजकर पैंतालीस मिनट पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र हिंगोली जिले की वसमत तालुका के शिरली गांव में जमीन से दस किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। भूकंप के झटके हिंगोली के अलावा नांदेड़ और परभणी जिलों में भी महसूस किए गए।
वृंदावन में बड़ा हादसा, नाव पलटने से 10 की मौत, राहत-बचाव अभियान तेज
11 Apr, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। दरअसल अभी भी 5 पर्यटक लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश में सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) समेत 250 लोगों की टीम दूसरे दिन भी जुटी हुई है। यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट पर हुआ था, जब 37 श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। हादसे के बाद यात्रियों को मरता छोड़कर फरार हुए नाव मालिक पप्पू निषाद को पुलिस ने 6 घंटे बाद रात 9 बजे गिरफ्तार कर लिया।
दरअसल नाव हादसे में रेस्क्यू किए गए लोगों की संख्या अब तक 22 है। अभी भी 5 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में जुटी 250 सदस्यीय टीम यमुना नदी में करीब 14 किलोमीटर के विशाल दायरे में सघन अभियान चला रही है। रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे अफसरों ने बताया कि लापता लोगों को ढूंढना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।
रेत में भी शव दबे होने की आशंका
यमुना नदी का बहाव इस समय काफी तेज है, जिसके कारण हादसे का शिकार हुए लोग बहकर काफी दूर तक जा सकते हैं। इसके अलावा, नदी के तल में मौजूद गाद यानी कीचड़ और रेत में भी शव दबे होने की आशंका है, जिससे उनकी पहचान और खोज मुश्किल हो रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि आमतौर पर 24 घंटे बाद शव फूलकर पानी की सतह पर ऊपर आ जाते हैं, जिससे उनकी तलाश में कुछ आसानी हो सकती है। यह दर्दनाक हादसा बांके बिहारी मंदिर से महज 2 किलोमीटर दूर स्थित केसी घाट पर हुआ था, जहां पानी की गहराई 25 फीट तक बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
हादसे में चमत्कारिक रूप से जिंदा बचे एक युवक ने पुलिस और प्रशासन को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसने बताया कि नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे थी, जिसने नाव को अचानक असंतुलित कर दिया। तेज हवा के थपेड़ों के कारण नाव डगमगाने लगी और उसे चला रहे नाविक पप्पू निषाद का नियंत्रण पूरी तरह छूट गया। युवक ने बताया कि नाव में सवार पर्यटकों ने नाविक से बार-बार कहा कि आगे पुल आने वाला है, वह नाव को रोक ले या किनारे ले चले, लेकिन नाविक ने उनकी एक न सुनी। नाव दो बार पीपा पुल से टकराने से बाल-बाल बची, लेकिन तीसरी बार वह पुल से सीधे टकरा गई और पलटकर गहरे पानी में डूब गई। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि नाव की क्षमता 40 श्रद्धालुओं की थी, लेकिन इसमें 37 लोग सवार थे। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि नाविक ने किसी भी श्रद्धालु को लाइफ जैकेट नहीं दी थी, जिससे बचाव के मौके खत्म हो गए।
एक ही परिवार के 7 लोगों की मौत
इस हृदयविदारक हादसे में एक ही परिवार के 7 लोगों की असमय मौत हो गई, जिससे पूरे परिवार में मातम पसरा है। मृतकों में मधुर बहल, उनकी मां कविता बहल, चाचा चरणजीत, चाची पिंकी बहल, बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। ये सभी श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं स्थित श्री बांके बिहारी क्लब की ओर से वृंदावन आए थे। क्लब द्वारा गुरुवार 9 अप्रैल को 2 बसों में कुल 130 श्रद्धालुओं को वृंदावन की 4 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर भेजा गया था। इन 130 श्रद्धालुओं में से 90 जगराओं से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों से आए थे। सभी श्रद्धालु शुक्रवार सुबह ही वृंदावन पहुंचे थे और दोपहर करीब 3 बजे यह हादसा हो गया, जिससे उनकी यह पवित्र यात्रा मौत की यात्रा में बदल गई।
कुल 10 शव बरामद किए जा चुके हैं
हादसे के तुरंत बाद, यमुना किनारे मौजूद पांटून पुल की मरम्मत कर रहे कुछ लोग और आस-पास के अन्य नाविक देवदूत बनकर सामने आए और उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कुछ लोगों को बचाया। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अब तक कुल 10 शव बरामद किए जा चुके हैं और 22 लोगों को सुरक्षित पानी से बाहर निकाल लिया गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 8 टीमें, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की 5 टीमें और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की 3 बोट्स युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। इन टीमों के साथ 120 स्थानीय गोताखोर भी लापता लोगों की तलाश में रात-दिन जुटे हुए हैं। बचाव दल ने नदी में करीब 14 किलोमीटर आगे तक तलाशी अभियान चलाया है। प्रशासन अभी भी लापता लोगों की सही संख्या का मिलान कर रहा है, क्योंकि कुछ घायल श्रद्धालुओं को अलग-अलग निजी अस्पतालों में भी इलाज के लिए ले जाया गया है।
विदेश से प्रत्यर्पण के बाद बड़ी कार्रवाई, साहिल चौहान को STF ने दबोचा
11 Apr, 2026 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत: कौशल चौधरी गैंग से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर साहिल चौहान विदेश में बैठकर भारत में आपराधिक वारदातों की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एक बड़े और ऑपरेशन के तहत उसे शनिवार को भारत डिपोर्ट किया गया, जिसके बाद दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) पर लैंड करते ही हरियाणा स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।
उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव, स्कूलों की 16 छुट्टियां घटेंगी
11 Apr, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
New Initiative : राज्य के सभी स्कूलों के ढांचे में बदलाव की तैयारी चल रही है। स्कूलों का टाइम-टेबल बदलने के बाद अब सरकार छुट्टियों को कम करने की दिशा में काम कर रही है। बताया जा रहा है कि सरकार राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद-एससीईआरटी के ग्रीष्म और शीत कालीन अवकाश में कटौती के प्रस्ताव की गंभीरता से समीक्षा कर रही है। इसके तहत शिक्षकों को 11 दिन का उपार्जित अवकाश (ईएल) मिल सकता है। सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक वर्तमान अवकाश व्यवस्था में संशोधन के सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। इसको वित्त विभाग को परामर्श के लिए भेजा गया था। वित्त विभाग ने कुछ आपत्तियां की थी, जिनका जवाब भी विस्तार से भेज दिया है। इधर, बताया जा रहा है कि वर्तमान में लागू 48 दिन के शीतकालीन और ग्रीष्मकालीन अवकाश को घटाकर 32 दिन करने का प्रस्ताव है। शेष 16 दिन के एवज में शिक्षकों के लिए 10 दिन का उपार्जित अवकाश की सिफारिश की गई है।
शिक्षकों को मिलता है एक ईएल
उत्तराखंड में शिक्षकों अलावा अन्य सभी सरकारी विभागों में कर्मचारियों को सालाना 31 ईएल मिलते हैं। शिक्षकों को एक ईएल, तीन विशेष अवकाश मान्य हैं। शिक्षक कई वर्षों से गर्मी-सर्दी की छुट्टी के बजाए ईएल की मांग करते आ रहे हैं। इधर, राजकीय शिक्षक संघ ने भी सरकार के इस कवायद का स्वागत किया है। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री रमेश पैन्यूली, पूर्व महामंत्री डॉ. सोहन सिंह माजिला और उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी ने कहा कि सरकार दीर्घकालीन अवकाश करते हुए ईएल की सुविधा देती है तो शिक्षक इसका पूरी तरह से स्वागत करेंगे।
नए टाइम टेबल का विरोध
उत्तराखंड के स्कूलों के लिए जारी किए गए नए टाइम-टेबल का शिक्षक पुरजोर विरोध कर रहे हैं। बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही सरकार ने राज्य के सभी स्कूलों के लिए नया टाइम-टेबल जारी किया है। नए टाइम-टेबल के अनुसार गर्मियों में राज्य के सभी स्कूल सुबह 7:45 बजे खुलने हैं। वहीं सर्दियों में सभी स्कूलों को खोलने की टाइमिंग सुबह 9:45 बजे रखी गई है। शिक्षकों का कहना है कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थित विषम है। यहां के बच्चे जंगल, नदी-नाले पार कर दुरूह रास्तों से स्कूल पहुंचते हैं। रास्तों में वन्य जीवों का खतरा भी है। ऐसे में स्कूल की नई टाइम-टेबल बच्चों की सुरक्षा को खतरा पैदा कर सकता है।
पठानकोट-भरमौर हाईवे बंद, लैंडस्लाइड से यातायात बाधित
11 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाला पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे लैंडस्लाइड के कारण पूरी तरह बंद हो गया। दरअसल चंबा जिले के भरमौर में बत्ती हटी के पास रात करीब दो बजे पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गिरा। इस घटना के बाद वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। लैंडस्लाइड इतना बड़ा था कि सड़क का लंबा हिस्सा बड़े पत्थरों और मलबे से ढक गया और कई घंटे बीतने के बाद भी रास्ता साफ नहीं हो सका। सुबह 8:30 बजे तक भी मौके पर मलबा हटाने वाली मशीनरी नहीं पहुंची थी, जिससे फंसे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
दरअसल हाईवे बंद होने के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सैकड़ों गाड़ियां सड़क पर फंसी रहीं, जिनमें स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में पर्यटक भी शामिल थे। वीकेंड होने की वजह से इन दिनों हिमाचल के पर्यटन स्थलों जैसे भरमौर, डलहौजी, खजियार और धर्मशाला की ओर जाने वाले सैलानियों की संख्या ज्यादा रहती है। ऐसे में कई टूरिस्ट अपनी गाड़ियों में फंस गए और सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, जिससे उनकी यात्रा की योजनाएं भी प्रभावित हुईं।
जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने लगे लोग
हालात इतने गंभीर हो गए कि कुछ लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करने लगे। कुछ कामकाजी लोग और स्कूली बच्चे मलबे के ढेर के ऊपर से सावधानी के साथ गुजरकर सड़क पार करने की कोशिश करते नजर आए। वहीं कुछ लोग कड़ाके की ठंड और तेज बहाव के बावजूद रावी नदी के पानी में उतरकर दूसरी ओर पहुंचने की कोशिश करते दिखे। यह स्थिति काफी खतरनाक थी, क्योंकि जरा सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी सड़क से चंबा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं
पठानकोट-भरमौर हाईवे चंबा जिले के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से स्थानीय लोगों का आवागमन और सामान की आवाजाही होती है, साथ ही पंजाब और अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी इसी सड़क से चंबा और आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचते हैं। सड़क बंद होने से न सिर्फ यात्रियों को परेशानी हुई, बल्कि स्थानीय पर्यटन कारोबार पर भी असर पड़ा। छोटे दुकानदारों, होटल व्यवसायियों और टैक्सी चालकों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
लैंडस्लाइड के कई घंटे बाद तक राहत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के प्रति नाराजगी दिखाई दी। लोगों का कहना था कि रात दो बजे घटना होने के बावजूद सुबह 8:30 बजे तक भी मलबा हटाने के लिए कोई मशीनरी नहीं पहुंची, जिससे उन्हें ठंड में सड़क पर इंतजार करना पड़ा। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मलबा जल्द हटाकर हाईवे को सुरक्षित तरीके से फिर से यातायात के लिए खोला जाए, ताकि फंसे हुए लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकें और आवाजाही सामान्य हो सके।
‘मामला इतना आसान नहीं’: दिल्ली CM अटैक केस में हाईकोर्ट ने जताई गंभीरता
11 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Delhi CM attack case: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हुए हमले के मामले में शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। यह सुनवाई इस मामले के आरोपी राजेशभाई और तहसीन रजा शेख की याचिकाओं पर हुई थी। याचिका में उन्होंने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और साजिश जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने की, जिनके सामने दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी।
आरोपियों की दलील
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकीलों ने कोर्ट में कहा कि उनके खिलाफ हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं लगाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं। उन्होंने दलील दी कि मेडिकल रिपोर्ट में चोट को सामान्य बताया गया है, जिससे जान लेने की मंशा साबित नहीं होती। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एफआईआर में शुरू से हत्या के प्रयास की धारा शामिल नहीं थी, बल्कि इसे बाद में चार्जशीट में जोड़ा गया। वकीलों का कहना था कि पूरे घटनाक्रम में गला दबाने जैसी कोई घटना हुई ही नहीं है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मियों ने भी ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने स्पष्ट किया कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की गर्दन की जुगुलर नस पर थोड़ा सा भी दबाव डाला जाए, तो वह जान के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए यह कहना कि चोट सामान्य है, पूरी तरह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि मामला उतना सरल नहीं है जितना बचाव पक्ष पेश करने की कोशिश कर रहा है और इसमें सभी पहलुओं को ध्यान से देखना जरूरी है।
साजिश के आरोप के लिए कमजोर आधार
तहसीन रजा शेख के वकील ने कोर्ट में कहा कि तहसीन को इस मामले में बेवजह फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि वह घटना के समय वहां मौजूद ही नहीं था। उसे सिर्फ इसलिए आरोपी बना दिया गया क्योंकि उसने मुख्य आरोपी को 2000 रुपये भेजे थे। वकील का कहना था कि इतनी छोटी रकम भेजने को साजिश से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि तहसीन को घटना के चार दिन बाद गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया गया था।
जानिए पूरा मामला
यह मामला 20 अगस्त 2025 का है। उस दिन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने सरकारी घर पर लोगों की शिकायतें सुन रही थीं। तभी वहां मौजूद एक आदमी ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बाद में जांच में एक और व्यक्ति का नाम सामने आया, जिसे इस मामले में साजिश के आरोप में जोड़ा गया। इसी घटना के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया, जिसे अब हाईकोर्ट में चुनौती दी जा रही है।
निचली अदालत का फैसला
इस मामले में निचली अदालत, यानी तीस हजारी कोर्ट, पहले ही दोनों आरोपियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय कर चुकी है। 20 दिसंबर को दिए गए अपने फैसले में अदालत ने कहा था कि पहली नजर में आरोपियों के खिलाफ मामला बनता है। इसी वजह से उनके खिलाफ हत्या की कोशिश, साजिश, सरकारी काम में रुकावट डालने और सरकारी कर्मचारी पर हमला करने जैसे आरोप लगाए गए थे। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात लिखित रूप में दाखिल करें। इसके लिए उन्हें सोमवार तक का समय दिया गया है। इस मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
कर्नल Shrikant Purohit होंगे ब्रिगेडियर, पदोन्नति को मंजूरी
11 Apr, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सेना ने महाराष्ट्र के मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद चर्चा में आए सेना के कर्नल श्रीकांत पुरोहित की ब्रिगेडियर के रैंक पर पदोन्नति को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार सेना ने कर्नल पुरोहित के पदोन्नति के आवेदन को सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के स्थगनादेश के बाद मंजूरी दे दी है।उच्चतम न्यायालय ने 2017 में कर्नल पुरोहित को इस मामले में जमानत दे दी थी। इसके बाद से वह सेना में अपनी ड्यूटी कर रहे थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने गत वर्ष उन्हें इस मामले में बरी कर दिया था। कर्नल पुरोहित को गत 31 मार्च को सेवानिवृत्त होना था, लेकिन सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने उनकी सेवानिवृत्ति पर रोक लगा दी थी।
इबादत का सम्मान: भारतीय सेना ने नमाज के दौरान रोका ऑपरेशन
11 Apr, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों के मासूम पर्यटकों पर किए गए हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाकर सीमा पार पल रहे आतंकियों के ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए थे। ‘ऑपरेसन सिंदूर’ को लेकर आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने एक इंटरव्यू में कई ऐसी बातें बताईं, जिससे भारतीय सेना की बहादुरी के साथ ही उसकी इनसानियत भी नजर आती है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि जब भी हमें अपने टारगेट पर हमला होता था, तो यह समय कुछ भी हो सकता था, लेकिन इतना ध्यान जरूर रखा जाता था कि यह नमाज का वक्त न हो। अगर आतंकी कैंप में भी लोग नमाज पढ़ रहे हों, तो हमला न किया जाए, क्योंकि सबका मालिक एक है।
आर्मी चीफ ने कहा कि भारतीय सेना को अगर पता चलता था कि नमाज हो रही है तो हमले का समय बदल दिया जाता था। उन्होंने कहा कि भले ही स्थिति युद्द वाली रही हो लेकिन भारतीय सेना ने संयम बरता और दुश्मनों की भी इबादत का सम्मान किया। इससे पहले रण संवाद मंच को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर, विभिन्न क्षेत्रों में समन्वित कार्रवाई की दिशा में भारत की प्रगति का सबसे शक्तिशाली साधन था, लेकिन हमें विभिन्न क्षेत्रों का एकीकरण और तालमेल का लक्ष्य प्राप्त करना होगा।
स्टीमर पलटने से बड़ा हादसा: लुधियाना के 9 पर्यटकों की जान गई
11 Apr, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा जिले के वृंदावन क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर यमुना नदी में 30 पर्यटकों से भरा स्टीमर पलट गया। इस हादसे में नौ पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों में छह महिलाएं और तीन पुरुष हैं। मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने इसकी पुष्टि की है। स्टीमर में सवार सभी पर्यटक पंजाब से घूमने आए थे।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि हादसा दोपहर पौने तीन बजे केसी घाट पर हुआ, जो श्रीबांके बिहार मंदिर से करीब ढाई किमी की दूरी पर है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान मौके पर बचाव और राहत कार्य में लगे है, जिनकी मदद स्थानीय पुलिस और 50 गोताखोर कर रहे हैं। गोताखोर गुलाब ने बताया कि डूबे 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। एक पीडि़त पर्यटक ने बताया कि हम सभी जगराओं (लुधियाना) से आए हैं। तेज हवा चल रही थी। यमुना नदी के बीच में स्टीमर अचानक तेज हवा से डगमगाने लगा। स्पीड भी बढ़ गई। तभी स्टीमर पीपा पुल से टकराकर पलट गया।
बड़ी कार्रवाई: मुंबई एयरपोर्ट पर 37.74 करोड़ के गोल्ड के साथ 24 महिलाएं पकड़ी गईं
11 Apr, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने 37.74 करोड़ रुपए मूल्य का 29.37 किलोग्राम सोना के साथ 24 केन्याई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया।
महिलाएं सोना कपड़ों और बैग में छिपाकर ला रही थीं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सटीक खुफिया जानकारी मिलने पर मुंबई के राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों ने नैरोबी से आ रही महिला वाहकों के एक समूह की पहचान की थी। यह समूह आठ अप्रैल मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय (सीएसएमआई) हवाई अड्डे के जरिए बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी की कोशिश कर रहा था।
स्टार पावर के दम पर बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग की उम्मीद
ग्लैमर और ट्रैजेडी से भरी कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश
UK की बड़ी सैन्य सहायता से बढ़ा तनाव, रूस बोला—यूरोप हालात बिगाड़ रहा
भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो सकती है ‘रामायण’
रिश्तों को झकझोरने वाली घटना: बेंगलुरु में बेटे ने मां की हत्या की
CRPF मूवमेंट में बड़ी चूक: 200 गाड़ियां गलत रूट पर, फोन कॉल से हुआ डायवर्जन
वेस्ट एशिया में हलचल: पाकिस्तान-सऊदी बातचीत के बीच ईरान में मुनीर की अहम मुलाकात
नेपाल की गाड़ियों पर पेट्रोल रोक, बिहार बॉर्डर पर सख्ती
भ्रामक विज्ञापनों पर कार्रवाई, उपभोक्ताओं के हित में बड़ा फैसला
