महाराष्ट्र
युवती पर हमला कर फरार हुआ आरोपी, पुलिस ने शुरू की तलाश
13 Jun, 2026 01:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पालघर। महाराष्ट्र के पालघर में सरेराह एक युवती पर जानलेवा हमले की खौफनाक वारदात सामने आई है। पालघर शहर के गोल्ड सिनेमा परिसर में गुरुवार शाम को एक सिरफिरे ने युवती पर कोयते (धारदार हथियार) से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। हमलावर ने युवती की गर्दन और कमर को निशाना बनाते हुए कई प्रहार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। यह पूरी वारदात शाम साढ़े छह से साढ़े सात बजे के बीच की बताई जा रही है, जिसका एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बड़ी आसानी से मौके से रफूचक्कर हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम फौरन घटना स्थल पर पहुंची और मामले की तफ्तीश में जुट गई। लहूलुहान हालत में मिली इस युवती की पहचान 27 वर्षीय स्नेहल सावंत के रूप में हुई है।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही जिला कलेक्टरेट की कर्मचारी
इस बर्बर हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुई युवती को स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से तुरंत इलाज के लिए पालघर ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी नाजुक हालत और शरीर से अत्यधिक खून बह जाने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बोइसर शहर के एक सुसज्जित निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां वह आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। शुरुआती छानबीन में यह बात सामने आई है कि पीड़ित युवती पालघर जिला कलेक्टरेट (जिलाधिकारी कार्यालय) के राजस्व विभाग में एक सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज की शुरुआती पड़ताल से संकेत मिले हैं कि जानलेवा हमला करने वाला मुख्य आरोपी अदालत (कोर्ट) में चपरासी के पद पर तैनात है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत और आरोपी की तलाश में दबिश जारी
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पालघर पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारी अपनी विशेष टीम के साथ फौरन घटना स्थल पर पहुंचे और पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से सहेजने के लिए फॉरेंसिक (न्यायालिक विज्ञान) विशेषज्ञों की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जिसने घटना स्थल से खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए हैं। पुलिस फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है और उसके करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है।
हमले की वजह अज्ञात, इलाके में पसरा खौफ का माहौल
सरेबाजार और दिनदहाड़े हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद से स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच गहरे डर और दहशत का माहौल बना हुआ है। हालांकि, पुलिस प्रशासन तमाम उपलब्ध सुरागों और कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है, लेकिन अभी तक इस खूनी हमले के पीछे के असल कारणों या मुख्य वजह का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे प्रेम-प्रसंग, पुरानी रंजिश और व्यक्तिगत विवाद सहित सभी संभावित कोणों से मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं। फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावर की शिनाख्त को और पुख्ता कर उसे जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का प्रयास किया जा रहा है।
मुंबईवासियों के लिए अलर्ट, मानसून के बीच हाई टाइड को लेकर चेतावनी
13 Jun, 2026 01:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी में मानसून के आगमन के साथ ही समंदर में उठने वाली गगनचुंबी लहरों की चुनौती भी बढ़ने लगी है। इस प्राकृतिक खतरे को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने वर्ष 2026 के लिए अपना आधिकारिक 'हाई टाइड कैलेंडर' जारी कर दिया है, जिसमें आगामी जून से लेकर सितंबर तक आने वाले तमाम उच्च ज्वार के दिनों की विस्तृत समय-सारणी दी गई है। बीएमसी प्रशासन ने मुंबईकरों और पर्यटकों से विशेष रूप से अपील की है कि वे इन चिन्हित तारीखों के दौरान पूरी सावधानी बरतें और चौपाटी व समंदर के तटीय किनारों पर जाने से पूरी तरह परहेज करें। नागरिक निकाय के मुताबिक, इस चार महीने की अवधि में समंदर में 4.5 मीटर (लगभग 15 फीट) से अधिक ऊंचाई वाली कई लहरें उठने का पूर्वानुमान है। इस दौरान ज्वार का पानी तटीय और निचले रिहायशी इलाकों में प्रवेश कर सकता है, जिससे जलजमाव का संकट गहराने की आशंका है। इस पूरे सीजन में कुल 24 दिन ऐसे होंगे जब समंदर उफान पर रहेगा, जिनमें जून में 6 बार, जुलाई में 6 बार, अगस्त में 5 बार और सितंबर में 7 बार उच्च ज्वार की स्थिति बनेगी।
जुलाई में दिखेगा समंदर का सबसे रौद्र रूप, जानिए बड़ी तारीखें
बीएमसी द्वारा जारी मौसम के अनुमानित आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे मानसून सत्र की सबसे खतरनाक और ऊंची लहर आगामी 16 जुलाई को उठने की संभावना है, जिसकी ऊंचाई 4.89 मीटर (तकरीबन 16 फीट) तक दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा, चालू जून महीने में ही 14 जून से 19 जून के मध्य समंदर में भारी उथल-पुथल देखने को मिलेगी, जब लहरें 4.64 मीटर से लेकर 4.87 मीटर के स्तर को छू सकती हैं। जुलाई महीने की बात करें तो 13 जुलाई से 18 जुलाई के बीच का समय अत्यंत संवेदनशील रहेगा, जब समंदर का जलस्तर अपने चरम 4.89 मीटर के आसपास पहुंच जाएगा।
अगस्त और सितंबर महीनों के लिए भी जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन के संयुक्त आकलन के मुताबिक, अगस्त महीने में 12 तारीख से लेकर 16 अगस्त तक समंदर की लहरें उफान मारेंगी, जिनकी संभावित ऊंचाई 4.50 मीटर से लेकर 4.83 मीटर के दायरे में रहने का अनुमान लगाया गया है। इसी तरह, मानसून के अंतिम दौर यानी सितंबर महीने में भी 4.5 मीटर की सीमा को पार करने वाले कई हाई टाइड आने की प्रबल आशंका है। सितंबर के महीने में सबसे ज्यादा उग्र स्थिति 10 सितंबर से लेकर 28 सितंबर के बीच के अलग-अलग दिनों में देखने को मिल सकती है, जब समंदर लगातार उफान पर रहेगा।
सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक अमला मुस्तैद, तटीय क्षेत्रों में पाबंदी
इस प्राकृतिक आपदा और लहरों के खतरे से निपटने के लिए नगर निगम प्रशासन ने सभी नागरिकों, सैलाानियों और मछुआरों को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि वे खराब मौसम, भारी बारिश और हाई टाइड की समयावधि के दौरान समुद्र तटों, चट्टानी मरीन ड्राइव जैसे क्षेत्रों और अन्य खतरनाक मुहानों पर जाने की भूल कतई न करें। बीएमसी ने आपदा प्रबंधन विभाग, फायर ब्रिगेड और तटीय सुरक्षा बलों सहित सभी संबंधित महकमों और आपातकालीन चौकियों को चौबीसों घंटे हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी कर दिए हैं। समंदर में उठने वाले इस भारी उफान के समय यदि मुंबई में मूसलाधार बारिश भी होती है, तो स्थिति और बिगड़ सकती है, इसीलिए किसी भी संभावित हादसे को टालने के लिए आम जनता से सरकारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया गया है।
अभिव्यक्ति की आजादी बनाम मर्यादा, CM फडणवीस ने रखी स्पष्ट राय
13 Jun, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक स्टैंड-अप कॉमेडी शो और सोशल मीडिया पोस्ट से उपजे हालिया विवादों पर बेहद नपा-तुला और कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अधिकार प्राप्त है, मगर इस स्वतंत्रता की आड़ में किसी अन्य व्यक्ति के आत्मसम्मान और गरिमा को चोट पहुंचाने की इजाजत कतई नहीं दी जा सकती। एक कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री से स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रनीत मोरे से जुड़े विवाद को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी हास्य-व्यंग्य के कार्यक्रमों के शौकीन हैं और मनोरंजन के इस तरीके को सराहते हैं, लेकिन यह बेहद जरूरी है कि इस कला का प्रदर्शन एक मर्यादित दायरे के भीतर रहकर ही किया जाए।
हास्य कार्यक्रम पर मुकदमा दर्ज, पुलिस ने कसी कमर
मुख्यमंत्री ने अपने बयान को और स्पष्ट करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं है कि इसे किसी भी तरह का मनमाना लाइसेंस मान लिया जाए। किसी एक व्यक्ति की स्वतंत्रता वहीं तक सीमित रहनी चाहिए जहां से दूसरे व्यक्ति के मान-सम्मान के अधिकार का हनन न हो। इस बीच, इस पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रनीत मोरे, वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इन सभी पर यह आरोप है कि एक लाइव कॉमेडी शो के दौरान कुछ ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जो महिलाओं के प्रति जबरन और उनकी मर्जी के खिलाफ किए जाने वाले अनुचित व्यवहार को बढ़ावा देती हैं।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में बढ़ीं मुश्किलें
इसी दौरान, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रसाद वेदपाठक से जुड़ा एक और नया विवाद तूल पकड़ता जा रहा है, जिन पर एक खास वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का संगीन आरोप लगा है। इस मामले में भाजपा कॉरपोरेटर प्रवीण छेड़ा ने जैन समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर स्थानीय पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वेदपाठक ने एक रिहायशी सोसायटी के भीतर जैन मुनियों के आवागमन की सुविधा के लिए सड़क पर बनाए गए सफेद रंग के विशेष चिन्हों को लेकर बेहद अमर्यादित टिप्पणी की और इसके लिए “जैन जिहाद” जैसे विवादित शब्द का प्रयोग किया, जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाला है।
अकाउंट हुआ सस्पेंड, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस तीखे विरोध और विवाद के गहराने के बाद संबंधित इन्फ्लुएंसर का इंस्टाग्राम अकाउंट प्रशासनिक तौर पर सस्पेंड कर दिया गया है। दूसरी ओर, वेदपाठक ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी बात रखते हुए एक पोस्ट साझा की है। उन्होंने अपने तर्क में कहा कि किसी भी समुदाय विशेष के नाम पर सार्वजनिक या साझा स्थानों का वर्गीकरण करना सामाजिक ताने-बाने की एकता के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता है। उनका मानना है कि जो स्थान सबके उपयोग के लिए हैं, उनकी पहचान भी सभी नागरिकों के लिए एक समान होनी चाहिए और उन्हें किसी एक संप्रदाय के प्रतीकों के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल, इन दोनों ही संवेदनशील मामलों में पुलिस और स्थानीय प्रशासन कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं।
मुंबई एयरपोर्ट पर सनसनी: 11 करोड़ की ड्रग्स के साथ दो लोग पकड़े गए
12 Jun, 2026 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क (कस्टम्स) विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक से मुंबई लौटी 29 वर्षीय युवती हर्षा सनी को कस्टम्स की टीम ने लगभग 11.824 किलोग्राम बेहद कीमती हाइड्रोपोनिक गांजे (वीड) के साथ रंगे हाथों दबोचा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बरामद की गई इस अवैध ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ 82 लाख रुपये आंकी गई है। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद सुरक्षा जांच के दौरान युवती के हाव-भाव संदेहास्पद लगने पर कस्टम्स के सतर्क जवानों ने उसे रोक लिया और जब उसके सामान की सघन तलाशी ली गई, तो इस बड़ी खेप का खुलासा हुआ, जिसके बाद आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया गया।
बैंकिंग और मॉडलिंग की दुनिया से जुड़ा है नाता
गिरफ्तार की गई युवती हर्षा सनी की पृष्ठभूमि काफी हाई-प्रोफाइल और ग्लैमर से भरी हुई है। वह एक नामी निजी बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर जैसे जिम्मेदार पद पर कार्यरत है। इसके साथ ही, वह फैशन इंडस्ट्री और मॉडलिंग की दुनिया में भी काफी सक्रिय रही है। बताया जा रहा है कि उसने पिछले साल आयोजित हुए एक बड़े और प्रतिष्ठित ब्यूटी पेजेंट में रनर-अप का खिताब भी अपने नाम किया था। बैंकॉक से आने के बाद एयरपोर्ट के ग्रीन चैनल को पार करते समय उसकी संदिग्ध हरकतों ने सुरक्षा अधिकारियों का ध्यान खींचा। हालांकि, शुरुआती दौर में जब उसकी व्यक्तिगत शारीरिक जांच की गई तो कुछ नहीं मिला, लेकिन असली राज तब खुला जब उसके साथ मौजूद लगेज की कड़ाई से पड़ताल शुरू की गई।
वैक्यूम पैकेटों में बंद थी 11 करोड़ की ड्रग्स
कस्टम्स विभाग के खोजी दस्ते को तलाशी के दौरान युवती के पास मौजूद एक बड़े ट्रॉली बैग की बनावट में गड़बड़ी नजर आई। बैग को बारीकी से खोलने पर उसके भीतर बड़ी ही चालाकी से छुपाकर रखे गए 12 वैक्यूम-सीलबंद (हवा रहित) पैकेट बरामद हुए। जब इन पैकेटों को खोला गया तो उनमें उच्च श्रेणी का नशीला पदार्थ हाइड्रोपोनिक गांजा भरा हुआ पाया गया, जिसकी पुष्टि एनडीपीएस (NDPS) फील्ड टेस्टिंग किट के जरिए किए गए त्वरित रासायनिक परीक्षण में भी हो गई। सीमा शुल्क विभाग ने वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद हर्षा सनी को एनडीपीएस की विशेष अदालत में पेश किया, जहां से न्यायाधीश ने उसे न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल भेजने का आदेश दे दिया। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा है और इसके मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने के लिए कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
अंजान होने का दावा और कानून का शिकंजा
इस पूरे मामले पर सुनवाई के दौरान आरोपी के कानूनी सलाहकार प्रभाकर त्रिपाठी ने अदालत के समक्ष दलील पेश की कि उनकी मुवक्किल पूरी तरह बेकसूर है और उसे इस साजिश में फंसाया गया है। बचाव पक्ष का कहना है कि बैंकॉक प्रवास के दौरान वहां मिले एक परिचित शख्स ने उसका विश्वास जीतकर यह ट्रॉली बैग भारत में किसी को सौंपने के बहाने थमा दिया था और युवती को इस बात की रत्ती भर भी भनक नहीं थी कि बैग के गोपनीय हिस्सों में कोई प्रतिबंधित सामग्री रखी हुई है। बहरहाल, कस्टम्स और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां इस दावे की हकीकत खंगालने में जुटी हैं। आरोपी के मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस तस्करी के पीछे असली चेहरा किसका है।
पुणे आंदोलन पर Sonam Wangchuk की प्रतिक्रिया, शांतिपूर्ण विरोध को बताया लोकतंत्र की ताकत
12 Jun, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। लद्दाख के सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पुणे में आयोजित एक बड़े जन आंदोलन में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने देश के विकास में युवाओं की बढ़ती भागीदारी, प्रकृति संरक्षण के प्रति सजगता और वर्तमान शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि पुणे अब सिर्फ देश के एक बड़े एजुकेशनल हब के तौर पर ही नहीं जाना जाता, बल्कि जनचेतना, सामाजिक सरोकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की अभिव्यक्ति का भी एक मुख्य केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने पुणे के युवाओं द्वारा अपनाए गए शांतिपूर्ण और सकारात्मक रवैए को पूरे देश के लिए अनुकरणीय बताया। वांगचुक ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब भी वे इस शहर में आते हैं, उन्हें एक नई ऊर्जा मिलती है। इससे पहले के दौरों में उन्होंने देखा कि यहां के जागरूक नागरिक कभी पेड़ों को कटने से बचाने के लिए चिपको आंदोलन जैसी मुहिम चला रहे थे, तो कभी स्थानीय नदियों और जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए संघर्षरत थे।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
इस बार के पुणे दौरे को अलग बताते हुए सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा कि उन्हें यहां एक नया और बेहद महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। शहर के युवा अब केवल पर्यावरण तक सीमित न रहकर शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने, उसमें जवाबदेही तय करने और पारदर्शिता लाने के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि पढ़ाई-लिखाई के स्तर को सुधारने के लिए इस तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संगठित होना देश के अन्य राज्यों के युवाओं को भी एक बड़ा सकारात्मक संदेश देता है।
लोकतांत्रिक मर्यादा और शांतिपूर्ण संवाद की वकालत
प्रशासन और सरकारों से विशेष अपील करते हुए उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के भीतर जनता की शांतिपूर्ण अभिव्यक्ति और जनभागीदारी का हमेशा स्वागत किया जाना चाहिए। वांगचुक ने जोर देकर कहा कि देश के नागरिक जहां भी अहिंसक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें इसकी पूरी आजादी मिलनी चाहिए क्योंकि संवाद ही किसी भी लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान करता है। यदि ऐसी आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है, तो समाज में असंतोष की भावना पनपती है। सरकारों का यह प्राथमिक दायित्व है कि वे उपद्रव और हिंसा पर सख्ती से लगाम लगाएं, परंतु शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और रचनात्मक विमर्श को पूरा संरक्षण दें। उन्होंने कहा कि असहमति को दबाने के बजाय उसे लोकतंत्र की एक खूबसूरत परंपरा के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए।
विश्वगुरु बनने के लिए स्वतंत्र अभिव्यक्ति आवश्यक
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया कि यदि भारत को वैश्विक पटल पर एक आदर्श देश और 'विश्वगुरु' के रूप में खुद को स्थापित करना है, तो हमें हर हाल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, निष्पक्ष मीडिया और तथ्यों पर आधारित विमर्श को बढ़ावा देना होगा। सूचना के माध्यमों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि उनके तमाम अभियानों के केंद्र में हमेशा से बेहतरीन शिक्षा और पर्यावरण संतुलन ही रहे हैं, जो देश के सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के लिए अनिवार्य हैं। उन्होंने यह भी इच्छा प्रकट की कि देश के प्रधानमंत्री को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में खोजी पत्रकारिता, मीडिया की स्वायत्तता और सत्यनिष्ठ समाचारों के महत्व जैसे गंभीर विषयों पर भी देश की जनता से संवाद करना चाहिए।
‘370 बिरयानी’ विवाद में फंसे कॉमेडियन प्रणित मोरे, FIR के बाद बढ़ी मुश्किलें
12 Jun, 2026 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र साइबर सेल ने इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कथित रूप से अश्लील और अमर्यादित कंटेंट परोसने के आरोप में स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। राज्य में इंटरनेट से जुड़े अपराधों की जांच करने वाली इस नोडल एजेंसी ने अपने विशेष पुलिस थाने में यह प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया की नियमित मॉनिटरिंग के दौरान कुछ ऐसे वीडियो और क्लिप्स सामने आए, जिनमें महिलाओं की गरिमा, आपसी सहमति (कंसेंट) और मृत व्यक्तियों को लेकर बेहद आपत्तिजनक व सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ टिप्पणियां की गई थीं। यह पूरा विवाद स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के एक शो से जुड़े वीडियो क्लिप्स के यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर वायरल होने के बाद शुरू हुआ।
इस मामले में केंद्रीय कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) 2000 की धारा 67 के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। दर्ज की गई एफआईआर में मुख्य रूप से शो के संचालक प्रणित मोरे, हिमांशु जांगरा और डॉ. सेजल पवार को नामजद आरोपी बनाया गया है।
अमर्यादित टिप्पणियों और बयानों पर कानूनी शिकंजा
साइबर पुलिस को तफ्तीश के दौरान जो वीडियो साक्ष्य मिले हैं, उनमें से एक क्लिप में हिमांशु जांगरा द्वारा कथित तौर पर यह दलील दी जा रही थी कि डेटिंग के दौरान पैसे खर्च करने के बाद पुरुष को महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने का अधिकार मिल जाता है। जांच एजेंसी का मानना है कि इस तरह की बातें महिलाओं को एक वस्तु के रूप में पेश करती हैं और स्त्री गरिमा व आपसी सहमति जैसे गंभीर विषयों का मजाक उड़ाती हैं। इसके अलावा, एक अन्य वीडियो में डॉ. सेजल पवार नामक महिला आरोपी द्वारा चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल स्टडीज) के लिए इस्तेमाल होने वाले शवों और मृत पुरुषों के शरीरों पर बेहद अश्लील व भद्दी टिप्पणियां करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इसे मृत इंसानों के सम्मान के खिलाफ और सार्वजनिक शालीनता के पैमानों का घोर उल्लंघन माना है।
आर्थिक मुनाफे के लिए अश्लीलता परोसने का आरोप
जांच टीम का सीधा आरोप है कि इस प्रकार के आपत्तिजनक कंटेंट को प्रणित मोरे के कार्यक्रम के दौरान जानबूझकर रिकॉर्ड किया गया और बाद में इसे अलग-अलग डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित किया गया। ऐसा करने के पीछे का मुख्य उद्देश्य इंटरनेट पर ज्यादा से ज्यादा व्यूअरशिप हासिल करना, फॉलोअर्स बढ़ाना और ऑनलाइन मोनेटाइजेशन के जरिए मोटा आर्थिक लाभ कमाना था। मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए महाराष्ट्र साइबर ने तीनों मुख्य आरोपियों को आधिकारिक समन जारी कर पूछताछ के लिए हाजिर होने और अपने बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों की पहचान के लिए जांच अभी जारी है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को लेकर पुलिस की अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बीच साइबर सेल ने इंटरनेट जगत से जुड़े कंटेंट क्रिएटर्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और आम यूजर्स के लिए एक जरूरी एडवायजरी जारी की है। प्रशासन ने अपील की है कि डिजिटल स्पेस में किसी भी सामग्री को तैयार या साझा करते समय देश के कानूनों और सामाजिक जिम्मेदारियों का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही आम नागरिकों को सचेत किया गया है कि वे इस तरह के किसी भी विवादित, अश्लील या आपत्तिजनक वीडियो को आगे फॉरवर्ड, लाइक या शेयर न करें, क्योंकि ऐसा करना भी कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसा करने वालों के खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
बंगाल के बाद महाराष्ट्र में 'खेला' की चर्चा, शिंदे खेमे से संपर्क में बताए जा रहे 7 सांसद
11 Jun, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। पश्चिम बंगाल में मचे घमासान के बाद अब महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में भी एक बहुत बड़े उलटफेर की आहट सुनाई दे रही है। सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से सात सांसद इस समय राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली मूल शिवसेना के निरंतर संपर्क में बने हुए हैं। अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि बीते 7 जून को देश की राजधानी नई दिल्ली में एकनाथ शिंदे और ठाकरे गुट के इन असंतुष्ट सांसदों के मध्य एक अत्यंत गोपनीय और लंबी बैठक संपन्न हुई है। इस गुप्त मंत्रणा के बाद से ही महाराष्ट्र की राजनीति में यह कयासबाजी बेहद तेज हो गई है कि उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर ये सात सांसद बहुत जल्द पाला बदल सकते हैं।
गोपनीय बैठक में मिला केंद्रीय मंत्री पद का प्रस्ताव
इस हाई-प्रोफाइल बैठक की जो कड़ियां सामने आ रही हैं, उनके अनुसार असंतुष्ट सांसदों के समक्ष एक ऐसा आकर्षक राजनीतिक प्रस्ताव रखा गया है जिसने ठाकरे खेमे की रातों की नींद उड़ा दी है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले समय में होने वाले केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को ध्यान में रखते हुए इन सांसदों में से एक को केंद्र सरकार में कैबिनेट या राज्य मंत्री बनाने और शेष अन्य नेताओं को संगठन के भीतर बेहद रसूखदार राष्ट्रीय जिम्मेदारियां सौंपने का ठोस भरोसा दिया गया है। इसी गहमागहमी के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई हालिया मुलाकात ने इस चर्चा को और हवा दे दी है, जिसमें महाराष्ट्र के इस बदलते घटनाक्रम और ठाकरे गुट में संभावित सेंधमारी को लेकर गहन रणनीति तैयार की गई है।
साल 2022 की ऐतिहासिक बगावत पार्ट-2 की तैयारी
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे और खुद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे पिछले कई महीनों से उद्धव गुट के इन सांसदों की टोह ले रहे थे और दिल्ली में कई दौर की वार्ताओं के बाद अब यह पूरी पटकथा लिखी जा चुकी है। यदि ये सात सांसद एक साथ बगावत करते हैं, तो यह ठीक वैसा ही करारा राजनीतिक आघात होगा जैसा साल 2022 में देखने को मिला था जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में दर्जनों विधायकों ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर महाविकास अघाड़ी सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था। हालांकि, हमेशा की तरह शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इन तमाम दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उनकी पार्टी के सभी सांसद पूरी तरह एकजुट हैं और यह सब केवल अफवाह है।
पश्चिम बंगाल की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी बगावत के सुर
संजोग की बात यह है कि महाराष्ट्र में शिवसेना के भीतर टूट की यह सुगबुगाहट ठीक उसी समय देखने को मिल रही है जब पश्चिम बंगाल में भी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) गहरे आंतरिक संकट से जूझ रही है। बंगाल के हालिया चुनावी नतीजों में मनमुताबिक सफलता न मिलने के कारण टीएमसी के भीतर असंतोष का ज्वालामुखी फूट पड़ा है, जहां पार्टी के लगभग 20 लोकसभा सांसद अपनी ही सुप्रीमो ममता बनर्जी की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं और कई राज्यसभा सांसद अपने पदों से त्यागपत्र तक दे चुके हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल और महाराष्ट्र के इन दोनों बड़े राजनीतिक तूफानों का ऊंट आने वाले दिनों में किस करवट बैठता है।
कर्जमाफी की मांग को लेकर मैदान में रोहित पवार, 12 जून को शुरू होगा अन्न त्याग आंदोलन
11 Jun, 2026 02:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंढरपुर। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के फायरब्रांड विधायक रोहित पवार ने महाराष्ट्र के अन्नदाताओं की संपूर्ण कर्जमुक्ति को लेकर एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि वे सूबे के किसानों की आर्थिक बदहाली और कर्जमाफी की पुरजोर मांग को लेकर आगामी 12 जून को पंढरपुर की पावन भूमि पर एक विशाल 'अन्न त्याग आंदोलन' (भूख हड़ताल) शुरू करने जा रहे हैं। इस सत्याग्रह में पूरे राज्य से हजारों की तादाद में किसान और ग्रामीण जुटेंगे ताकि सरकार पर दबाव बनाकर इस आंदोलन को कृषक समाज के लिए निर्णायक और सार्थक बनाया जा सके। बुधवार को संवाददाताओं से अनौपचारिक वार्ता के दौरान रोहित पवार ने स्पष्ट किया कि जनसरोकार से जुड़े हर गंभीर मसले पर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
जनता के हकों के लिए सड़क पर उतरकर संघर्ष का संकल्प
रोहित पवार ने राजनीतिक कार्यशैली पर अपनी बेबाक राय रखते हुए कहा कि चाहे आम जनता के स्वास्थ्य का अधिकार हो, युवाओं की उच्च शिक्षा का विषय हो या फिर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की बुनियादी जरूरतें, इन सभी ज्वलंत मुद्दों के समाधान के लिए अब वातानुकूलित कमरों से बाहर निकलकर सड़कों पर उतरना ही एकमात्र रास्ता बचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक विपक्ष और आम अवाम अपनी सामूहिक आवाज को पूरी ताकत के साथ बुलंद नहीं करेंगे, तब तक शासन-प्रशासन के स्तर पर जमीनी हकीकत बदलने वाली नहीं है और व्यवस्था जस की तस ढर्रे पर चलती रहेगी।
सिद्धांतों और जनहित से कोई समझौता नहीं
अपनी राजनीतिक विचारधारा को रेखांकित करते हुए राकांपा (एसपी) विधायक ने कहा कि उनके नेतृत्व ने उन्हें हमेशा यही पाठ पढ़ाया है कि जनता के बुनियादी अधिकारों और तकलीफों को लेकर बिना किसी भय के सड़क पर संघर्ष किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि आम लोगों और विशेषकर अन्नदाताओं के हितों के साथ किसी भी स्तर पर कोई राजनीतिक नफा-नुकसान देखकर समझौता नहीं किया जा सकता। इस उपवास आंदोलन का एकमात्र ध्येय संकट में घिरे किसान भाइयों के लिए आर्थिक न्याय का मार्ग प्रशस्त करना है, और वे इस राह में आने वाली हर प्रशासनिक बाधा से टकराने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।
टीएमसी के विलय की अटकलों को सिरे से नकारा
किसानों के मुद्दे से इतर, रोहित पवार ने राष्ट्रीय राजनीति और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर चल रही सांगठनिक उठापटक को लेकर मीडिया में तैर रही खबरों पर भी अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने उन तमाम कयासों और राजनीतिक चर्चाओं को पूरी तरह निराधार व काल्पनिक बताते हुए खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया जा रहा था कि टीएमसी का कांग्रेस पार्टी में विलय हो सकता है। उन्होंने कहा कि जब तक स्वयं टीएमसी सुप्रीमो की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा या नीतिगत बयान सामने नहीं आता, तब तक विरोधी दलों द्वारा फैलाए जा रहे इस तरह के प्रोपेगैंडा को कोई तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए, क्योंकि वर्तमान में विपक्ष की सबसे बड़ी प्राथमिकता एकजुट होकर सत्तापक्ष की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होना है।
शिंदे के हस्तक्षेप के बाद एक्शन, बुजुर्ग से मारपीट के आरोपी कैब चालक पर केस दर्ज
11 Jun, 2026 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे में सार्वजनिक स्थान पर थूकने का विरोध करने पर एक बुजुर्ग व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस अमानवीय घटना का संज्ञान लेते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुलिस प्रशासन को कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री के सीधे हस्तक्षेप के बाद हरकत में आई वर्तक नगर पुलिस ने आरोपी टैक्सी चालक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और धारा 352 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है। यह वारदात मंगलवार की शाम जुपिटर अस्पताल के समीप उस समय घटित हुई, जब बुजुर्ग ने चालक की इस गंदी आदत पर आपत्ति जताई थी, जिसका वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित होने के बाद जनता में भारी आक्रोश फैल गया।
गंदगी फैलाने से रोकने पर पत्थर से किया जानलेवा हमला
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग व्यक्ति ने सड़क पर थूक रहे एक कैब ड्राइवर को टोकते हुए ऐसा करने से मना किया था। इस साधारण सी बात पर आगबबूला होकर आरोपी चालक अपनी गाड़ी से नीचे उतरा और बुजुर्ग के साथ लात-घूंसों से बर्बरतापूर्वक मारपीट करने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो साक्ष्यों के मुताबिक, आरोपी ने हाथ में भारी पत्थर उठाकर बुजुर्ग के सिर पर प्रहार करने का भी प्रयास किया, जिसे पीड़ित की पत्नी और कुछ स्थानीय राहगीरों ने बीच-बचाव कर बमुश्किल रोका। इस हिंसक हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से चोटिल हो गए और उनके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है।
शिवसैनिकों ने मुस्तैदी दिखाकर आरोपी को दबोचा
घटना की भनक लगते ही स्थानीय शिवसैनिकों ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपी कैब ड्राइवर की घेराबंदी की और उसे ढूंढकर पकड़ लिया। शिवसैनिकों की टीम आरोपी को पकड़कर तुरंत वर्तक नगर पुलिस थाने ले गई और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की। इस पूरे प्रकरण में एक पेच तब फंसा जब अत्यधिक डरे होने के कारण पीड़ित बुजुर्ग दंपति स्वयं एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाने नहीं पहुंचे। ऐसे में सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए आरोपी को पकड़ने वाले शिवसैनिक नितेश पाटोले ने खुद मुख्य शिकायतकर्ता बनकर पुलिस में लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर केस दर्ज किया गया।
उपमुख्यमंत्री का पुलिस कमिश्नर को सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम
सड़क पर हुई इस गुंडागर्दी की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने तत्काल ठाणे के पुलिस आयुक्त आशुतोष डुम्बरे से फोन पर बात कर आरोपी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उपमुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता बनाए रखने का समर्थन करने वाले किसी भी जागरूक नागरिक के साथ इस प्रकार की गुंडागर्दी और जानलेवा हिंसा को महाराष्ट्र में कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी तफ्तीश शुरू कर दी है।
पालघर घटना को लेकर विरोध तेज, डहाणू बंद के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
10 Jun, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पालघर। महाराष्ट्र के डहाणू क्षेत्र में कथित ‘लव जिहाद’ का एक विवादित मामला सामने आने के बाद से ही सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस घटना के विरोध में सकल हिंदू समाज की ओर से आज यानी 10 जून को डहाणू बंद का कड़ा आह्वान किया गया है, जिसके बाद संपूर्ण इलाके में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। स्थानीय स्तर पर विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों और आम नागरिकों में इस घटनाक्रम को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दो टूक शब्दों में मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की गहन और पारदर्शी जांच की जानी चाहिए तथा सभी दोषियों के खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भाजपा विधायक चित्रा वाघ की प्रेस कॉन्फ्रेंस और राजनीतिक दखल
डहाणू बंद के इस व्यापक आह्वान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ महिला नेता और विधायक चित्रा वाघ ने इस पूरे प्रकरण पर पार्टी का पक्ष रखने का निर्णय लिया है। वे आज ही दोपहर 12:30 बजे डहाणू स्थित भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय में एक महत्वपूर्ण पत्रकार परिषद (प्रेस कॉन्फ्रेंस) को संबोधित करेंगी। इस दौरान वे इस कथित मामले से जुड़े विभिन्न संवेदनशील और कानूनी पहलुओं पर मीडिया के माध्यम से जनता के सामने अपनी बात रख सकती हैं। इस प्रेस वार्ता को लेकर पूरे क्षेत्र के राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें टिकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर एसआईटी का हुआ गठन
इस मामले में एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ तब आया जब भाजपा विधायक चित्रा वाघ ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से व्यक्तिगत मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने का आग्रह किया था। उन्होंने मामले की तह तक जाने के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग उठाई थी। इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तत्काल प्रभाव से कड़े निर्देश जारी किए कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत विवेचना के लिए एसआईटी का गठन किया जाए। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पुलिस प्रशासन को इस संवेदनशील फाइल पर बिना किसी दबाव के पारदर्शी और प्रभावी ढंग से काम करने को कहा गया है।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी और भारी पुलिस बल की तैनाती
स्थानीय जिला और पुलिस प्रशासन ने डहाणू बंद के आह्वान और संभावित जन-आक्रोश को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को समय रहते टाला जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे शहर सहित आसपास के सभी संवेदनशील और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा नियंत्रण वाहनों की तैनाती कर दी है। इसके अलावा, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल, यह पूरा मामला प्रशासनिक स्तर के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी भारी कशमकश का केंद्र बना हुआ है।
ठाणे में हैरान करने वाली घटना, केक खाते समय बच्चे के पेट में पहुंचीं मेटल पिन
10 Jun, 2026 01:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ठाणे। नन्हे रेयांश के तीसरे जन्मदिन का उत्सव जहां परिवार के लिए बेहद खुशी का मौका होना था, वहीं यह अचानक 48 घंटों के अत्यंत तनाव और गहरे सदमे में तब्दील हो गया। यह दर्दनाक स्थिति तब उत्पन्न हुई जब मासूम ने खेल-खेल में अपने बर्थडे केक के ऊपर सजावट के लिए रखी चॉकलेट बॉलिंग पिन के भीतर छिपी दो लोहे की नुकीली पिनों को अनजाने में निगल लिया। ठाणे के हीरानंदानी एस्टेट की निवासी और पेशे से जीव विज्ञान (बायोलॉजी) की शिक्षिका स्नेहा शेलार के लिए यह घटना किसी भयावह दुःस्वप्न जैसी साबित हुई। हालांकि, चिकित्सा निगरानी के बाद रेयांश के शरीर से वे धात्विक टुकड़े सुरक्षित रूप से बाहर आ गए हैं, परंतु इस हादसे का गहरा मानसिक आघात पीड़ित मां के मन पर अब भी अंकित है।
साज-सज्जा के सामान में छिपे मिले लोहे के तार, बेकरी पर लापरवाही का आरोप
पीड़ित बच्चे की मां स्नेहा के अनुसार, उन्होंने 31 मई को रेयांश के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर उसकी पसंद के अनुरूप 'स्पाइडरमैन-थीम' और कस्टमाइज़्ड बॉलिंग एली केक के साथ एक शानदार पार्टी का आयोजन किया था। सब कुछ उनकी योजना के अनुसार बेहद सुखद चल रहा था, परंतु अगले ही दिन बच्चे के वास्तविक जन्मदिन पर पूरा परिवार जश्न मनाने के स्थान पर अस्पताल के चक्कर काट रहा था। मां ने स्थानीय बेकरी संचालक पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि यह केक छोटे बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा है। इसके बावजूद बेकरी ने बिना कोई पूर्व सूचना या चेतावनी दिए, चॉकलेट से बनी बॉलिंग पिन को ढांचागत सहारा देने के लिए उसके भीतर लोहे की नुकीली पिनें डाल दी थीं, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती थीं।
एक्स-रे स्कैन में आंतों के भीतर फंसी दिखीं दो धात्विक पिनें
इस गंभीर खतरे की भनक परिवार को तब लगी जब घर के बड़े बच्चों को केक की सजावटी सामग्री के भीतर लोहे की छड़ें दिखाई दीं और उन्होंने तुरंत अपने माता-पिता को इस बात की जानकारी दी। छोटा रेयांश भी वहीं मौजूद था, जिससे परिजनों को आशंका हुई कि कहीं उसने भी इसे मुंह में न डाल लिया हो। इसी डर के चलते अगली सुबह मासूम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका डिजिटल एक्स-रे किया। स्कैन की रिपोर्ट देखते ही माता-पिता के होश उड़ गए, क्योंकि रेयांश की छोटी आंत के भीतर लोहे की दो पिनें साफ तौर पर फंसी हुई नजर आ रही थीं।
ऑपरेशन न करने की मिली सलाह और उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मुआवजे का प्रावधान
जुपिटर अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों ने मामले का गहन परीक्षण करने के बाद तुरंत सर्जरी न करने का फैसला लिया, क्योंकि पिनें पहले ही आंत के काफी अंदर तक का सफर तय कर चुकी थीं। डॉक्टरों ने परिवार को धैर्य रखने और मलोत्सर्ग के जरिए उनके प्राकृतिक रूप से बाहर आने का इंतजार करने की चिकित्सकीय सलाह दी। पूरे 48 घंटों तक खौफ के साए में रहने के बाद आखिरकार वे दोनों नुकीले तार प्राकृतिक रूप से बच्चे के शरीर से बाहर निकल आए और वह पूरी तरह खतरे से मुक्त हो गया। इस संवेदनशील घटना को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए पीड़ित मां ने सभी अभिभावकों को सचेत किया है कि वे बच्चों के लिए केक आर्डर करते समय बेकर से छिपे हुए सपोर्ट और सजावटी चीजों के खाने योग्य होने की प्रामाणिक जानकारी अवश्य लें। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गंभीर लापरवाही के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए बेकरी निर्माता और विक्रेता के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में सीधे मुआवजे का दावा पेश किया जा सकता है।
मुंबई, ठाणे सहित 30 जिलों में मौसम का अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
10 Jun, 2026 07:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। समूचे महाराष्ट्र में इस समय जनता चिलचिलाती धूप, भीषण गर्मी और उमस भरे वातावरण से बुरी तरह त्रस्त है, मगर अब मौसम के मिजाज में एक बड़ा और राहतकारी उलटफेर होने जा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के 30 जिलों के लिए मेघगर्जन और वर्षा का 'येलो अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि आगामी दिनों में प्रदेश के एक बड़े हिस्से में तेज रफ्तार अंधड़ के साथ झमाझम बारिश होगी। राजधानी मुंबई सहित पुणे, ठाणे और पूरे कोंकण संभाग के कई इलाकों में आंधी-तूफान के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने की पुख्ता भविष्यवाणी की गई है। इस दौरान कुछ स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना बनी हुई है।
चार दिनों तक दिखेगा असर और कोल्हापुर-सतारा में भारी बारिश की उम्मीद
मौसम विज्ञान केंद्र ने यह पूरी तरह स्पष्ट किया है कि वायुमंडलीय बदलाव के कारण होने वाली बारिश का यह दौर केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आगामी 13 जून तक मुंबई, ठाणे और पुणे के शहरी व ग्रामीण अंचलों में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम निरंतर बना रहने की उम्मीद है। इस बीच सतारा और कोल्हापुर जिलों में मानसूनी हवाओं के अत्यधिक सक्रिय होने के कारण कुछ विशेष पॉकेट्स में भारी बरसात भी दर्ज की जा सकती है। दूसरी तरफ, नासिक और अहमदनगर में आकाशीय बिजली कड़कने के आसार हैं, जबकि मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। हालांकि, इस प्री-मानसून सक्रियता के बावजूद विदर्भ और खानदेश के बेल्ट में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहने की वजह से लोगों को फिलहाल गर्मी से कोई विशेष और स्थाई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
किसानों को जल्दबाजी न करने की हिदायत और मानसून का नया शेड्यूल
राज्य भर में भले ही मानसून-पूर्व की गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने अन्नदाताओं को खरीफ फसलों की बुआई को लेकर बेहद जरूरी और महत्वपूर्ण परामर्श जारी किया है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को दो टूक हिदायत दी है कि वे खेतों में बीजों की बुआई करने में कतई जल्दबाजी न दिखाएं और जब तक खेतों में पर्याप्त नमी और लगातार संतोषजनक वर्षा न हो जाए, तब तक इस प्रक्रिया को रोक कर रखें। वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. कैलाश डाखोरे के अनुसार, मौजूदा मौसमी चक्र मराठवाड़ा में मानसून के आगे बढ़ने की गति को थोड़ा प्रभावित कर रहा है। इसके बावजूद, यह पूरी उम्मीद जताई गई है कि आगामी 12 से 18 जून के मध्य मानसूनी हवाएं पूरे मराठवाड़ा अंचल को अपने आगोश में ले लेंगी और अच्छी वर्षा का दौर शुरू होगा।
आकाशीय बिजली से बचाव के लिए गाइडलाइन और जरूरी सावधानियां
मौसम विभाग ने प्राकृतिक आपदाओं और जान-माल के नुकसान से बचने के लिए आम जनता के वास्ते एक विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। मौसम के खराब होने, तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने के दौरान किसानों तथा आम लोगों को खुले मैदानों या खेतों में काम करने से पूरी तरह बचने को कहा गया है। सुरक्षा मानकों के अनुसार, ऐसी आपात स्थिति में किसी भी ऊंचे पेड़, जर्जर इमारत या कच्चे शेड के नीचे कतई शरण न लें, क्योंकि इन स्थानों पर गाज (आकाशीय बिजली) गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है। इसके अलावा, नागरिकों को घरों के भीतर बिजली के उपकरणों के प्लग सॉकेट से निकाल देने की सलाह दी गई है, तथा नदियों, तालाबों या जल स्रोतों के समीप मौजूद चरवाहों और लोगों को तुरंत किसी सुरक्षित व पक्के स्थान पर चले जाने का निर्देश दिया गया है।
वीडियो बनाते समय मिला बड़ा सुराग, पेड़ पर शव दिखने के बाद पुलिस जांच में जुटी
9 Jun, 2026 02:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | मुंबई के पास विरार तालुका के मांडोवी क्षेत्र स्थित काशिद कोपर में उस समय सनसनी फैल गई, जब कुलसवाई माता मंदिर के पास पहाड़ी पर एक युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिला। इस रहस्यमयी घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। शुरुआती तौर पर पुलिस इसे खुदकुशी का मामला मानकर चल रही है, लेकिन मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए गहन तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
मोबाइल कैमरे से फोटो जूम करने पर हुआ खौफनाक वारदात का खुलासा
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले का खुलासा बेहद अजीबोगरीब तरीके से हुआ। सोमवार की सुबह करीब 9:30 बजे दक्ष पाटिल (25) नामक एक युवक मंदिर के समीप प्राकृतिक दृश्यों की फोटोग्राफी कर रहा था। इसी दौरान जब उसने पहाड़ी की तरफ अपने मोबाइल का कैमरा फोकस किया और तस्वीर को जूम करके देखा, तो उसके होश उड़ गए। कैमरे की स्क्रीन पर एक व्यक्ति का शव पेड़ की डाल से लटका हुआ साफ नजर आ रहा था। घबराए युवक ने बिना वक्त गंवाए तुरंत मांडोवी पुलिस को फोन कर इस घटना की जानकारी दी।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले 34 वर्षीय युवक के रूप में हुई मृतक की पहचान
फोटोग्राफर की सूचना पर मांडोवी पुलिस बल के साथ-साथ भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी पहाड़ी की तरफ दौड़ पड़े। पुलिस ने जब मौके पर पहुंचकर मुआयना किया, तो पाया कि शख्स ने रबर बैंड की मदद से फांसी का फंदा बनाया था। जब पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली, तो उसकी जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर उसकी शिनाख्त 34 वर्षीय लालमोहन पारस चौहान के रूप में हुई, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और मांडोवी पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने पंचनामा तैयार करने के बाद शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और उसे ऑटोप्सी (पोस्टमार्टम) के लिए भेज दिया है। मृतक विरार इलाके में क्या काम करता था और वह पहाड़ी तक कैसे पहुंचा, पुलिस इन सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिसके कारण आत्महत्या के ठोस कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। मांडोवी थाना पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
3 दिन बीते, सुराग नहीं मिला; अटल सेतु से छलांग लगाने वाले युवक की खोज जारी
9 Jun, 2026 02:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवी मुंबई। देश के सबसे लंबे समुद्री पुल 'अटल सेतु' से गहरे समंदर में कूदने वाले एक युवा कारोबारी का दो दिन बाद भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। रविवार (7 जून) की मध्यरात्रि को हुई इस दर्दनाक घटना में पुणे जिले के शिरूर तालुका निवासी 28 वर्षीय प्रतीक सुभाष रासकर ने पुल पर अपनी गाड़ी रोककर छलांग लगा दी थी। तटीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें समुद्र की लहरों के बीच लापता युवक को खोजने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं, लेकिन अब तक उसका शरीर बरामद नहीं किया जा सका है।
रात के सन्नाटे में कार रोकी और समंदर में लगा दी मौत की छलांग
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रतीक शेयर बाजार (स्टॉक मार्केट) से जुड़े प्रशिक्षण देने और क्लासेस चलाने का काम करता था। रविवार की रात उसने अपने परिवार से बाहर जाकर डिनर करने की बात कही थी, जिसके बाद वह अपनी कार लेकर घर से निकला था। सीसीटीवी फुटेज और जांच के अनुसार, रात तकरीबन 1:29 बजे वह अपनी गाड़ी चलाते हुए अटल सेतु पर पहुंचा और अचानक कार रोककर सीधे नीचे गहरे पानी में कूद गया। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर शेयर ट्रेडिंग से जुड़े इस युवक ने किस मानसिक तनाव या वित्तीय दबाव के चलते आत्मघाती कदम उठाया।
उलवे थाना पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन और परिजनों में मचा कोहराम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय उलवे थाना पुलिस और गोताखोरों की विशेष टीम ने तत्परता दिखाते हुए पानी में बड़े पैमाने पर खोजबीन अभियान शुरू किया। समुद्र की तेज लहरों और अंधेरे के कारण शुरुआत में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन सोमवार को दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद भी टीम को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। इकलौते बेटे के इस खौफनाक कदम के बाद से ही पुणे में रह रहे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार पुलिस के संपर्क में रहकर सर्च ऑपरेशन के अपडेट ले रहे हैं।
तलाश के लिए पुलिस ने जारी किया हुलिया और जनता से मांगी मदद
लापता युवक की तलाश को गति देने के लिए पुलिस प्रशासन ने उसका शारीरिक विवरण (हुलिया) जारी किया है। जारी ब्योरे के मुताबिक, प्रतीक रासकर का रंग गोरा, कद लगभग 5 फीट 10 इंच, मजबूत कद-काठी, काले बाल, काली आंखें और चेहरे पर हल्की बढ़ी हुई दाढ़ी-मूंछ है। समंदर में कूदने के वक्त उसने सफेद शर्ट और ग्रे रंग का पैंट पहन रखा था। उलवे पुलिस ने तटीय इलाकों के मछुआरों और आम जनता से अपील की है कि यदि इस हुलिए से मिलता-जुलता कोई भी शव या जानकारी मिले, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या कंट्रोल रूम को सूचित करें।
सोशल मीडिया पर हुई दोस्ती पड़ी भारी, कारोबारी ने गंवाए 15 लाख रुपये
9 Jun, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवंडी। महाराष्ट्र के भिवंडी में साइबर अपराधियों ने एक 62 वर्षीय व्यापारी को अपना शिकार बनाते हुए फेसबुक के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में पैसे लगाने का झांसा दिया और उनसे लगभग 15 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित बुजुर्ग के पास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक अनजान शख्स की दोस्ती का आमंत्रण आया था, जिसे मंजूर करने के बाद दोनों के बीच लगातार चैटिंग होने लगी।
फेसबुक पर दोस्ती कर जालसाज ने दिया बंपर मुनाफे का लालच
शातिर ठग ने खुद को डिजिटल करेंसी और इन्वेस्टमेंट का एक्सपर्ट बताते हुए कारोबारी को एक फर्जी क्रिप्टो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की खूबियां गिनाईं और कम समय में मोटा पैसा कमाने का सपना दिखाया। भरोसा जीतने के बाद जालसाज ने व्यापारी को एक संदिग्ध लिंक भेजा, जिसके जरिए एक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करवाया गया और उसमें मोटी रकम निवेश करने के लिए उकसाया।
13 हजार के बदले 25 हजार का दिखावा और फिर लगा 15 लाख का चूना
शुरुआती दौर में व्यापारी ने ऐप पर परखने के लिए केवल 13 हजार रुपये का निवेश किया, जिसके तुरंत बाद स्क्रीन पर उसे 25 हजार रुपये का फर्जी मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया गया। इस शुरुआती डिजिटल प्रॉफिट को देखकर बुजुर्ग का विश्वास पक्का हो गया और उन्होंने अलग-अलग किश्तों में विभिन्न बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब पीड़ित ने अपने मूल पैसे और मुनाफे को बैंक खाते में निकालने (विड्रॉ) का प्रयास किया, तो ऐप ने उनकी अर्जी बार-बार रिजेक्ट कर दी। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पूरे पैसे रिलीज करने के बदले में 28 लाख रुपये के अतिरिक्त कमीशन की डिमांड कर दी।
साइबर सेल में शिकायत दर्ज होने के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू
खुद को एक सोची-समझी धोखाधड़ी के जाल में फंसा पाकर पीड़ित ने तुरंत केंद्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा 66C व 66D के तहत अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की तकनीकी विंग खातों की डिटेल के आधार पर ठगों की लोकेशन ट्रेस करने में जुट गई है, साथ ही पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अजनबियों की वित्तीय सलाह और किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक करने से बचें।
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