महाराष्ट्र
दाऊद गैंग से जुड़ा सलीम डोला दिल्ली से मुंबई शिफ्ट, NCB करेगी सुपुर्द
29 Apr, 2026 06:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के ड्रग्स सिंडिकेट को संभालने वाले बेहद करीबी गुर्गे सलीम डोला को बुधवार (29 अप्रैल) को मुंबई लाया जा रहा है। तुर्किये के इस्तांबुल में एक बड़े गुप्त ऑपरेशन के जरिए हिरासत में लिए गए डोला को लेकर भारतीय जांच एजेंसियों ने शिकंजा कस दिया है।
दिल्ली में शुरुआती पूछताछ पूरी
मंगलवार (28 अप्रैल) की सुबह सलीम डोला को एक विशेष विमान से दिल्ली के टेक्निकल एयरपोर्ट पर लाया गया था। वहां केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की टीमों ने उससे गहन पूछताछ की। शुरुआती जांच के बाद अब एनसीबी उसे मुंबई लेकर आएगी, जिसके बाद उसे आगे की तफ्तीश के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच के हवाले किया जाएगा।
क्राइम ब्रांच खंगालेगी ड्रग्स कनेक्शन
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सलीम डोला को कस्टडी में लेने की पूरी तैयारी कर ली है। जांच एजेंसियां मुख्य रूप से इन मामलों में डोला से जवाब मांगेगी:
सांगली, मैसूर और तेलंगाना ड्रग्स फैक्ट्रियां: इन तीनों राज्यों में पकड़ी गई अवैध ड्रग्स फैक्ट्रियों का मुख्य मास्टरमाइंड सलीम डोला को माना जा रहा है।
सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई: डोला पर आरोप है कि वह विदेश में बैठकर भारत में सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई चेन को नियंत्रित करता था और उसके इशारे पर ही देशभर में नशीले पदार्थों का काला कारोबार चल रहा था।
रेड नोटिस और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सलीम डोला मूल रूप से मुंबई का निवासी है और लंबे समय से देश छोड़कर फरार था। वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
इंटरपोल का एक्शन: मार्च 2024 में भारत के अनुरोध पर इंटरपोल ने डोला के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था।
संयुक्त ऑपरेशन: इस्तांबुल में भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के एक साझा ऑपरेशन के बाद उसे दबोच लिया गया।
एनसीबी ने कोर्ट को सूचित किया है कि चूंकि सलीम डोला के खिलाफ मुख्य मामले मुंबई में दर्ज हैं, इसलिए उसे वहां ले जाना अनिवार्य है। डोला की गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भारत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। अब पुलिस की कोशिश डोला के जरिए भारत में मौजूद उसके अन्य मददगारों और ठिकानों का पता लगाने की होगी।
जलगांव में बारात की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, दुल्हन समेत तीन की जान गई
29 Apr, 2026 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। जलगांव जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना की खबर सामने आई है। जिस घर में कुछ ही घंटों पहले विवाह की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम छा गया है। जलगांव की धरणगांव तहसील के वराड खुर्द गांव के पास एक भीषण सड़क हादसे में नवविवाहित दुल्हन सहित तीन लोगों की जान चली गई।
विदाई के बाद घर पहुंचने से पहले हुआ हादसा
यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब गुजरात में शादी की रस्में पूरी होने के बाद बारात वापस महाराष्ट्र के अकोला लौट रही थी। पुलिस के अनुसार, बारात लेकर जा रही तेज रफ्तार क्रूजर गाड़ी जैसे ही वराड खुर्द गांव के पास पहुंची, अचानक उसका अगला टायर धमाके के साथ फट गया।
टायर फटने से गाड़ी का पहिया निकल गया और चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया। बेकाबू क्रूजर सीधे हाईवे किनारे खड़े एक गैस टैंकर से जा टकराई और पलट गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।
हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत
इस दुर्घटना ने खुशियों को पल भर में मातम में बदल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग एक ही परिवार के थे। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
पूजा रवि वाघलकर (नई नवेली दुल्हन)
दत्तू भागवत
जगदीश वाघलकर
अकोला स्थित दुल्हन के ससुराल में जहां गृह प्रवेश की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
कई लोग घायल, बच्चे की हालत गंभीर
हादसे के वक्त क्रूजर में सवार छह अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों में एक छोटा बच्चा भी शामिल है, जिसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और सूचना मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई।
उद्धव ठाकरे ने चुनाव से बनाई दूरी, पार्टी ने दूसरे चेहरे पर जताया भरोसा
29 Apr, 2026 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर करते हुए शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगामी विधान परिषद (MLC) चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने घोषणा की कि उद्धव ठाकरे के स्थान पर अंबादास दानवे महाविकास अघाड़ी (MVA) के आधिकारिक उम्मीदवार होंगे। दानवे गुरुवार, 30 अप्रैल को सुबह 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
उद्धव ठाकरे के चुनाव लड़ने पर लगा विराम
पिछले काफी समय से चर्चा थी कि उद्धव ठाकरे स्वयं विधान परिषद का चुनाव लड़ सकते हैं। शरद पवार गुट और कांग्रेस ने भी उनके नाम का समर्थन किया था। राष्ट्रवादी कांग्रेस (SP) की सांसद सुप्रिया सुले ने भी उनसे चुनाव मैदान में उतरने का आग्रह किया था। हालांकि, अब अंबादास दानवे के नाम की घोषणा के साथ ही इन कयासों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
संजय राउत ने दी आधिकारिक जानकारी
सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी साझा करते हुए लिखा:
"अंबादास दानवे विधानसभा के लिए शिवसेना यानी महाविकास अघाड़ी के उम्मीदवार होंगे। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनके नाम की घोषणा की है और वे कल सुबह 11 बजे अपना नामांकन दाखिल करेंगे।"
सीटों का गणित और समीकरण
महाराष्ट्र विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव होना है, जिसमें 9 नियमित और 1 उपचुनाव की सीट शामिल है। वर्तमान विधानसभा सदस्यों की संख्या के आधार पर एक सीट के लिए 28 वोटों का कोटा जरूरी है। इस गणित के अनुसार:
भाजपा: 6 सीटें जीत सकती है।
शिवसेना (शिंदे गुट): 2 सीटें।
एनसीपी (अजित पवार गुट): 1 सीट।
महाविकास अघाड़ी (MVA): 1 सीट।
12 मई को होगा फैसला
महाराष्ट्र विधान परिषद की इन 10 सीटों के लिए मतदान 12 मई को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद उसी दिन चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। अंबादास दानवे, जिनका कार्यकाल हाल ही में समाप्त हुआ था, अब एक बार फिर परिषद में अपनी जगह बनाने के लिए मैदान में हैं।
दिन का तापमान 45 डिग्री के आसपास, गर्म हवाओं का प्रकोप
28 Apr, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र में सूर्य का सितम: नागपुर में 10 दिनों में 13 मौतें, विदर्भ में पारा 45 डिग्री के पार
महाराष्ट्र वर्तमान में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की प्रचंड चपेट में है। राज्य के कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से विदर्भ क्षेत्र में गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है।
नागपुर में बढ़ता मौतों का आंकड़ा
विदर्भ के नागपुर जिले में पिछले 10 दिनों के भीतर 13 लोगों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। इन मौतों को लू और हीटस्ट्रोक से जोड़कर देखा जा रहा है।
अस्पतालों की रिपोर्ट: नागपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMCH) में 8 और मेयो अस्पताल (IGGMCH) में 5 मौतें दर्ज की गई हैं।
प्रभावित वर्ग: जान गंवाने वाले अधिकांश लोग 32 से 55 वर्ष की आयु के थे। इनमें मुख्य रूप से सड़क किनारे रहने वाले और सिग्नलों पर सामान बेचने वाले मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं।
मेडिकल जांच: हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से अभी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौत की मुख्य वजह लू ही थी, लेकिन अत्यधिक गर्मी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
तापमान का रिकॉर्ड: भट्टी की तरह तप रहा विदर्भ
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, नागपुर में पारा सामान्य से काफी अधिक बना हुआ है:
अधिकतम तापमान: 44 से 45.5 डिग्री सेल्सियस।
न्यूनतम तापमान: 27 से 29 डिग्री सेल्सियस। दिन भर चलने वाले गर्म हवा के थपेड़ों ने लोगों का घरों से निकलना दूभर कर दिया है, जिसके कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है।
अन्य इलाकों की स्थिति
मुंबई और कोंकण: यहाँ तापमान विदर्भ के मुकाबले थोड़ा कम (34.5°C) है, लेकिन हवा में नमी (Humidity) अधिक होने के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को बीमार कर रही है।
अलर्ट वाले जिले: मौसम विभाग (IMD) ने धुले, नंदुरबार, नासिक और जलगांव में आगामी दिनों के लिए हीटवेव का अनुमान जताया है।
प्रशासन की सलाह और बचाव के उपाय
अस्पतालों की ओपीडी में हीट स्ट्रोक के लक्षणों वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने को कहा है:
दोपहर में बचाव: बहुत जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर न निकलें।
सही पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और धूप में निकलते समय सिर को रुमाल या टोपी से ढंकें।
तरल पदार्थ: डिहाइड्रेशन से बचने के लिए पर्याप्त पानी, ओआरएस या अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
पुलिस कई एंगल से कर रही जांच, परिजनों से पूछताछ जारी
28 Apr, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पायधुनी। मुंबई के पायधुनी इलाके में एक ही परिवार के चार सदस्यों की रहस्यमयी मौत ने सनसनी फैला दी है। शुरुआती जांच में जहां इस त्रासदी को तरबूज खाने से जुड़ी 'फूड पॉइजनिंग' माना जा रहा था, वहीं अब पुलिस की जांच किसी नए मोड़ की ओर इशारा कर रही है।
विक्रेता से पूछताछ: कोई संदिग्ध सुराग नहीं
पुलिस ने उस फल विक्रेता से लंबी पूछताछ की है, जिससे परिवार ने तरबूज खरीदा था। हालांकि, जांच में विक्रेता के खिलाफ कोई ठोस सबूत या संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि उस दुकान से उसी दिन कई अन्य लोगों ने भी फल खरीदे थे, लेकिन पूरे इलाके में फूड पॉइजनिंग का कोई दूसरा मामला सामने नहीं आया है।
जांच में आए नए मोड़
जांच अधिकारी अब इस मामले को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, क्योंकि केवल एक ही परिवार का प्रभावित होना कई सवाल खड़े करता है:
विशिष्ट विषाक्तता: क्या तरबूज के अलावा परिवार ने कुछ और खाया था?
मिलावट का संदेह: क्या यह मामला खाद्य विषाक्तता का है या इसमें किसी तरह की बाहरी मिलावट शामिल है?
स्थानीय प्रभाव: पायधुनी की घाटी गली में इस घटना के बाद से लोग डरे हुए हैं, लेकिन किसी अन्य पड़ोसी में बीमारी के लक्षण नहीं मिले हैं।
पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं:
विसरा सैंपल: मृतकों के विसरा को सुरक्षित कर 'केमिकल एनालिसिस' (रासायनिक विश्लेषण) के लिए लैब भेज दिया गया है।
मेडिकल रिपोर्ट: अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह केवल पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और लैब के नतीजों से ही साफ हो पाएगी।
दहशत का माहौल
पायधुनी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में एक साथ चार लोगों की मौत ने स्थानीय प्रशासन और निवासियों को चिंता में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि वे हर संभावित पहलू की बारीकी से जांच कर रहे हैं ताकि इस रहस्यमयी मौत की सच्चाई सामने आ सके। फिलहाल, सभी की नजरें फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस केस में निर्णायक साबित होगी।
बयान देने वालों पर साधा निशाना, भाषा की मर्यादा की दी नसीहत
28 Apr, 2026 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजस्थान की सियासत में उबाल: पायलट पर बीजेपी प्रभारी के तंज के बाद अशोक गहलोत का बचाव में पलटवार
राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर वार-पलटवार का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल द्वारा कांग्रेस विधायक सचिन पायलट की निष्ठा पर सवाल उठाने के बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उनके समर्थन में उतर आए हैं।
बीजेपी प्रभारी का विवादित बयान
टोंक में एक कार्यक्रम के दौरान राधा मोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और। उन्होंने बिना नाम लिए पायलट को 'धोखेबाज' तक कह दिया और उनके बाहरी होने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वह राजस्थान के मूल निवासी नहीं हैं।
अशोक गहलोत का करारा जवाब
बीजेपी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट किया कि पायलट कांग्रेस के मजबूत स्तंभ हैं। गहलोत ने कहा:
निष्ठा पर कोई संदेह नहीं: सचिन पायलट पूरी तरह कांग्रेस के साथ हैं और भविष्य में भी पार्टी में ही बने रहेंगे।
अनुभव से मिली सीख: गहलोत ने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़ते हुए कहा कि पायलट ने अपनी पिछली गलतियों से सबक लिया है और अब वे अधिक परिपक्वता व समझदारी के साथ कार्य कर रहे हैं।
बीजेपी पर निशाना: गहलोत ने 2021 के संकट को याद करते हुए आरोप लगाया कि उस समय बीजेपी उनकी सरकार गिराने की पुरजोर कोशिश कर रही थी।
कांग्रेस ने माँगी माफी: डोटासरा का रुख
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बीजेपी प्रभारी की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है। डोटासरा के मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:
मर्यादा का उल्लंघन: राजनीति में वैचारिक मतभेद होना सामान्य है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी करना राजनीतिक शुचिता के खिलाफ है।
माफी की मांग: डोटासरा ने कहा कि इस तरह के बयान बीजेपी की गिरती सियासी संस्कृति का परिचायक हैं। उन्होंने मांग की है कि राधा मोहन दास अग्रवाल अपने शब्दों के लिए माफी मांगें।
एक को बचाने उतरे दो और मजदूर, जहरीली गैस से तीनों की गई जान
27 Apr, 2026 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुणे। पुणे में एक बार फिर ड्रेनेज टैंक (सीवेज टैंक) की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहाँ टैंक की सफाई करने उतरे एक मजदूर की जान बचाने के चक्कर में दो अन्य मजदूर भी काल के गाल में समा गए। जहरीली गैस के रिसाव के कारण तीनों मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई।
पुणे: ड्रेनेज टैंक की सफाई के दौरान हादसा, तीन मजदूरों की जहरीली गैस से मौत
पुणे: शहर में ड्रेनेज लाइन और टैंकों की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी एक बार फिर जानलेवा साबित हुई है। इस ताजा घटना में तीन मजदूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी। यह हादसा उस समय हुआ जब टैंक के भीतर जमी गंदगी और जहरीली गैस के कारण एक मजदूर बेहोश हो गया, और उसे बचाने के प्रयास में उतरे दो अन्य साथी भी वापस नहीं आ सके।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा पुणे के एक आवासीय इलाके में स्थित ड्रेनेज टैंक की सफाई के दौरान हुआ।
शुरुआत: सबसे पहले एक मजदूर टैंक के भीतर उतरा था, लेकिन कुछ ही देर में जहरीली गैस के प्रभाव से उसका दम घुटने लगा और वह अंदर ही फंस गया।
बचाने की कोशिश: अपने साथी को मुसीबत में देख, बाहर मौजूद दो अन्य मजदूर उसे बचाने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के एक-एक कर टैंक में उतर गए।
दुखद अंत: टैंक के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी और मीथेन जैसी जहरीली गैसों का दबाव इतना अधिक था कि तीनों ही मजदूर बेहोश हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को टैंक से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर ड्रेनेज सफाई के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
बिना उपकरण सफाई: क्या मजदूरों को सुरक्षा किट, मास्क और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराए गए थे?
प्रतिबंध का उल्लंघन: सुप्रीम कोर्ट और सरकार द्वारा 'मैनुअल स्कैवेंजिंग' (हाथ से मैला ढोने या सफाई करने) पर कड़े प्रतिबंध के बावजूद, मजदूरों को टैंक के भीतर क्यों उतारा गया?
लापरवाही: इस कार्य के लिए जिम्मेदार ठेकेदार या हाउसिंग सोसाइटी पर प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने इस मामले में लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि ड्रेनेज या सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए केवल आधुनिक मशीनों का ही उपयोग किया जाए और इंसानों को सीधे टैंक में न उतारा जाए।
जानलेवा गर्मी बनी आफत, हीटस्ट्रोक से मासूम समेत कई की गई जान
27 Apr, 2026 02:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र में अप्रैल की गर्मी अब जानलेवा साबित हो रही है। विदर्भ से लेकर मराठवाड़ा तक पूरा राज्य भीषण लू (Heatwave) की चपेट में है। गर्मी का आलम यह है कि कई जिलों में तापमान ने पिछले 5 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस तपती गर्मी के बीच लातूर जिले से दो लोगों की मौत की दुखद खबर सामने आई है।
हृदयविदारक: टीन की छत के नीचे मासूम ने तोड़ा दम
लातूर जिले के गोंद्री गांव में हीट स्ट्रोक के कारण 9 महीने की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई।
घटना का कारण: बच्ची कम ऊंचाई वाले टीन के घर में लगे झूले में सो रही थी। दोपहर की चिलचिलाती गर्मी और टीन की छत की तपिश के कारण घर के भीतर उमस असहनीय हो गई।
दुखद अंत: तेज प्यास और गर्मी से बच्ची का गला सूख गया और उसकी मौत हो गई। जब तक मां काम से वापस आई, मासूम दम तोड़ चुकी थी।
खेत में काम करते समय किसान की गई जान
लातूर के ही निलंगा इलाके में 60 वर्षीय किसान लक्ष्मण दादाराव भंडारे की लू लगने से मृत्यु हो गई। वह 42.8 डिग्री तापमान में अपने खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक चक्कर आने से गिर पड़े। अस्पताल ले जाते समय उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। राज्य में हीट स्ट्रोक से यह तीसरी मौत दर्ज की गई है।
अकोला में 5 साल का रिकॉर्ड टूटा, पारा 46.9°C पार
विदर्भ के अकोला में रविवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। यहाँ तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले पांच वर्षों में अप्रैल का सर्वाधिक स्तर है। अन्य शहरों की स्थिति भी चिंताजनक है:
अमरावती: 46.8°C
वर्धा: 46.4°C
यवतमाल: 46.0°C
नागपुर/चंद्रपुर: 44 से 45°C
मराठवाड़ा के परभणी और सोलापुर जैसे जिलों में भी पारा 43 डिग्री के पार बना हुआ है। वहीं, मुंबई और कोंकण क्षेत्र में तापमान भले ही कम हो, लेकिन भारी नमी (Humidity) ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है।
मौसम विभाग की चेतावनी और राहत की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में बनी प्रतिचक्रवाती स्थिति (Anticyclonic condition) के कारण तापमान में यह उछाल आया है।
अलर्ट जारी: मौसम विभाग ने अकोला, अमरावती और वर्धा के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। वहीं नागपुर, चंद्रपुर और बुलढाणा के लिए 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है।
राहत कब?: अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों में लू का असर थोड़ा कम होगा और तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।
मराठी जानना जरूरी या नहीं? ऑटो परमिट पर सरकार ने रोका फैसला
27 Apr, 2026 02:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता वाले अपने पिछले फैसले पर फिलहाल रोक लगा दी है। नए अपडेट के अनुसार, 1 मई से लागू होने वाला यह नियम अब अगले 6 महीनों तक प्रभावी नहीं होगा। सरकार के इस कदम को बढ़ते विरोध और राजनीतिक बहस के बीच एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
क्या था सरकार का फैसला?
राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने पहले घोषणा की थी कि मुंबई में ऑटो रिक्शा का परमिट केवल उन्हीं चालकों को आवंटित किया जाएगा, जिन्हें मराठी भाषा बोलना और पढ़ना आता हो। सरकार का तर्क था कि इस कदम से स्थानीय भाषा और महाराष्ट्र की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए इस शर्त को फिलहाल के लिए टाल दिया गया है।
यूनियनों का कड़ा विरोध और हड़ताल की चेतावनी
सरकार के इस फैसले का ऑटो रिक्शा यूनियनों ने पुरजोर विरोध किया है।
रोजगार पर संकट: यूनियनों का मानना है कि भाषा की शर्त थोपने से हजारों उन चालकों की आजीविका छिन सकती है जो गैर-मराठी भाषी हैं।
4 मई को चक्का जाम: विरोध स्वरूप यूनियनों ने 4 मई को मुंबई और उसके उपनगरीय इलाकों में बड़े पैमाने पर हड़ताल करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि परमिट देने का आधार भाषा नहीं, बल्कि चालक की योग्यता होनी चाहिए।
राजनीतिक घमासान और मनसे का रुख
इस मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा गई है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) इस फैसले के समर्थन में मजबूती से खड़ी है।
स्टिकर अभियान: मनसे कार्यकर्ताओं ने ऑटो रिक्शाओं पर मराठी भाषा से संबंधित स्टिकर लगाने का अभियान शुरू कर दिया है।
पार्टी का स्टैंड: पार्टी का स्पष्ट कहना है कि महाराष्ट्र में रहने और काम करने वाले हर व्यक्ति को स्थानीय भाषा का ज्ञान होना चाहिए। जो लोग मराठी नहीं जानते, उन्हें इसे सीखने की कोशिश करनी चाहिए।
बेटी की सुरक्षा को लेकर लिया गया कठोर फैसला, समाज में बहस
25 Apr, 2026 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरुड इलाके से एक बेहद विचलित करने वाली खबर सामने आई है। यहाँ अपनी ही नाबालिग बेटी की सुरक्षा को लेकर माता-पिता की 'अति-सतर्कता' प्रताड़ना की सीमा तक पहुँच गई। आरोप है कि माता-पिता ने अपनी 16 वर्षीय बेटी के पूरे बाल काट दिए और उसे घर के भीतर ही कैद कर लिया।
सुरक्षा के नाम पर प्रताड़ना
शुरुआती जानकारी के अनुसार, माता-पिता ने यह हैरान करने वाला कदम इसलिए उठाया ताकि उनकी बेटी पर किसी की 'गलत नजर' न पड़े। बताया जा रहा है कि एक युवक लड़की का पीछा करता था और उसे बुरी नीयत से देखता था। परिवार इस बात को लेकर काफी डरा हुआ और चिंतित था।
कानूनी कार्रवाई: इस मामले में माता-पिता ने पहले उस युवक के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी।
विवादित फैसला: युवक के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद, माता-पिता ने बेटी की सुरक्षा के नाम पर उसके बाल काट दिए और उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
नाबालिग ने खुद उठाई आवाज
घर के भीतर हो रहे इस दुर्व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 16 वर्षीय लड़की ने साहस दिखाया और खुद पुलिस स्टेशन पहुँच गई। उसने अपने ही माता-पिता के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस भी सन्न रह गई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
वरुड पुलिस स्टेशन में पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है:
अन्य दुर्व्यवहार की जांच: पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या बाल काटने के अलावा लड़की के साथ किसी और तरह की शारीरिक या मानसिक हिंसा हुई है।
कानूनी प्रक्रिया: माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और लड़की की सुरक्षा और काउंसलिंग पर ध्यान दिया जा रहा है।
यह मामला इस बहस को जन्म देता है कि बच्चों की सुरक्षा के नाम पर क्या माता-पिता को उनके मौलिक अधिकारों और गरिमा का हनन करने की अनुमति दी जा सकती है। फिलहाल, इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
मुखबिर से लिया खौफनाक बदला, आरोपी गिरफ्तार
25 Apr, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। मुंबई से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ करीब 25 साल पुराने एनकाउंटर का बदला लेने के लिए एक युवक ने 78 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से हत्या कर दी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए मुख्य आरोपी और उसके सहयोगी को नागपुर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
ढाई दशक पुरानी रंजिश और कत्ल की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला 1999 में हुए एक एनकाउंटर से जुड़ा है। उस समय छोटा शकील गैंग का गुर्गा शादिक कालिया पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। शादिक कालिया के भतीजे, 29 वर्षीय शादिक जावर को यकीन था कि उसके चाचा की मुखबिरी इकबाल इब्राहिम सेलिया (78) ने की थी।
आरोप है कि सेलिया की सूचना पर ही तत्कालीन एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दया नायक की टीम ने शादिक कालिया को ढेर किया था। इसी का प्रतिशोध लेने के लिए शादिक जावर ने दशकों बाद हत्या की खौफनाक साजिश रची।
घर में घुसकर 20 से अधिक वार
वारदात 20 अप्रैल की शाम को नागपाड़ा इलाके में हुई।
हमला: जब सेलिया घर में अकेले थे, तब दो हमलावर वहां पहुंचे और धारदार हथियारों से उन पर टूट पड़े।
क्रूरता: हमलावरों ने बुजुर्ग पर 20 से ज्यादा वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
खुलासा: जब मृतक की पत्नी और बेटा घर लौटे, तो उन्होंने कमरे के भीतर खून से लथपथ शव देखा और पुलिस को सूचित किया।
सीसीटीवी और तकनीक से मिली कामयाबी
हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, लेकिन उनकी हरकतें सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं।
ट्रैकिंग: पुलिस ने फुटेज के आधार पर उनकी लोकेशन ट्रेस की। पता चला कि वे अंटोप हिल और विद्याविहार होते हुए कल्याण पहुंचे और वहां से नागपुर भाग गए।
गिरफ्तारी: टेक्निकल सर्विलांस की मदद से क्राइम ब्रांच ने शादिक जावर और उसके 22 वर्षीय साथी नौशाद मिथानी को नागपुर से धर दबोचा। दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
अतीत का साया: जूते बेचने वाले से गैंगस्टर बनने तक का सफर
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, शादिक कालिया 90 के दशक में फुटपाथ पर जूते बेचता था, लेकिन बाद में वह अंडरवर्ल्ड की दुनिया में सक्रिय हो गया। नवंबर 1999 में एक बड़े नेता की हत्या की साजिश को अंजाम देने से पहले ही पुलिस ने उसे मार गिराया था। जिस वक्त यह एनकाउंटर हुआ, उसका भतीजा शादिक जावर महज 2 साल का था। जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ, उसके मन में बदले की आग सुलगती रही और अंततः उसने इस वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस हत्याकांड में अंडरवर्ल्ड के किसी अन्य सदस्य का भी हाथ है।
गडकरी को धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, जांच तेज
24 Apr, 2026 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को सोशल मीडिया के माध्यम से जान से मारने की धमकी दी गई है। धंतोली थाना पुलिस ने इस संबंध में एक व्यक्ति की लिखित शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो देख हुआ खुलासा
शिकायतकर्ता, जो दिल्ली का निवासी है और एक संगठन में राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर कार्यरत है, 18 अप्रैल 2026 को निजी कार्य से नागपुर आया था। उसने पुलिस को बताया कि 22 अप्रैल को जब वह यशवंत स्टेडियम इलाके में था, तब उसने फेसबुक पर “सनातनी शेर” नाम की आईडी से अपलोड किया गया एक वीडियो देखा।
केंद्रीय मंत्री और परिवार को धमकी
आरोप है कि वीडियो में आयुष अग्रवाल नामक व्यक्ति ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिजनों के खिलाफ न केवल आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, बल्कि उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वीडियो में उनके पुत्र पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए 48 घंटे के भीतर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। इसके अतिरिक्त, आरोपी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी कुछ ऐसे वीडियो मिले हैं, जो कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और भड़काऊ भाषा का उपयोग करने वाले हैं।
आरोपी की पहचान और पुलिस कार्रवाई
पुलिस जांच के अनुसार:
आरोपी का विवरण: आरोपी की पहचान 44 वर्षीय आयुष रमेशचंद्र अग्रवाल के रूप में हुई है, जो नागपुर के मानेवाड़ा चौक क्षेत्र का रहने वाला है।
पुलिस की भूमिका: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आयुष ने अफवाहें फैलाकर सार्वजनिक शांति भंग करने और समाज में असुरक्षा का माहौल बनाने का प्रयास किया है।
वर्तमान स्थिति: धंतोली पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और आरोपी की गतिविधियों की गहराई से जांच की जा रही है।
राउत का तीखा बयान: ट्रंप पर हमला, भारतीय नेताओं का नाम लिया
24 Apr, 2026 01:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान को आधार बनाकर केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, एस. जयशंकर और देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें ट्रंप की टिप्पणियों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
"देश को नरक में धकेलने" के आरोप पर पलटवार
संजय राउत ने कहा कि यदि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की स्थिति खराब हुई है, तो इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके "मित्र" डोनाल्ड ट्रंप ने कड़वा सच सबके सामने रख दिया है। राउत ने मांग की कि पीएम मोदी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह घोषणा करनी चाहिए कि भारत "नरक" नहीं बल्कि "स्वर्ग" है।
उद्धव ठाकरे के विधान परिषद जाने पर चर्चा
महाविकास आघाड़ी (MVA) की अंदरूनी राजनीति पर बात करते हुए राउत ने कहा:
नेतृत्व की मांग: सुप्रिया सुले और विजय वड्डेटीवार सहित एमवीए के कई नेता चाहते हैं कि उद्धव ठाकरे विधान परिषद में गठबंधन का नेतृत्व करें।
मनाने की कोशिश: राउत ने बताया कि फिलहाल उद्धव ठाकरे को इसके लिए मनाने के प्रयास जारी हैं, हालांकि अंतिम फैसला उन्हीं का होगा।
रणनीति: हर्षवर्धन सकपाल की मातोश्री यात्रा के दौरान आगामी लोकसभा और अन्य चुनावों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई है।
मराठी भाषा और रिक्शा विवाद
ऑटो रिक्शा में मराठी भाषा को अनिवार्य करने के मुद्दे पर राउत ने एकनाथ शिंदे गुट को घेरा। उन्होंने कहा:
जो लोग महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में रहकर मराठी का विरोध कर रहे हैं, वे राज्य के हितैषी नहीं हो सकते।
उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवहन क्षेत्र में मराठी भाषा को प्राथमिकता देना महाराष्ट्र के स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।
'नारी शक्ति वंदन' को बताया दिखावा
केंद्र की महिला सशक्तिकरण की योजनाओं पर सवाल उठाते हुए राउत ने इसे केवल 'इवेंट' करार दिया। उन्होंने चुनौती दी कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है, तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर पंकजा मुंडे जैसी किसी महिला को बैठाए या देश के प्रधानमंत्री पद की कमान किसी महिला को सौंपे, तभी सही अर्थों में नारी शक्ति का सम्मान होगा।
मानवाधिकार उल्लंघन पर कोर्ट नाराज, मुआवजा देने का निर्देश
24 Apr, 2026 01:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे। हाई कोर्ट ने पुलिसिया कार्रवाई के दौरान मानवीय गरिमा के उल्लंघन पर सख्त नाराजगी जाहिर की है। अदालत ने महाराष्ट्र सरकार को एक वकील और एक पूर्व सैनिक को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस आधार के किसी नागरिक को हथकड़ी पहनाकर सार्वजनिक रूप से घुमाना उनके मौलिक अधिकारों और सम्मान का हनन है।
न्यायालय का कड़ा रुख
न्यायमूर्ति उर्मिला जोशी-फाल्के और न्यायमूर्ति निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखते समय व्यक्तियों के आत्मसम्मान और गरिमा का ख्याल रखना अनिवार्य है। अदालत ने माना कि वकील योगेश्वर कावड़े और पूर्व सैनिक अविनाश दाते को जिस अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ा, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।
घटना का विवरण
यह मामला अगस्त 2010 का है, जब दोनों याचिकाकर्ता अपनी कार को नुकसान पहुँचाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने अमरावती के तलेगांव पुलिस स्टेशन पहुँचे थे।
विवाद की शुरुआत: आरोपी ने भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी, जिसके बाद पुलिस ने आधी रात को दोनों को हिरासत में ले लिया।
मानवीय गरिमा का हनन: आरोप है कि पुलिस ने उन्हें कपड़े उतारने पर विवश किया और अगले दिन हथकड़ी लगाकर सार्वजनिक बस से अदालत ले गई।
अदालत का निर्णय
अमरावती पुलिस अधीक्षक की ओर से दी गई दलील कि दोषी अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जा चुकी है, हाई कोर्ट को संतुष्ट नहीं कर सकी। कोर्ट ने कहा कि केवल विभागीय जांच पर्याप्त नहीं है; न्याय का तकाजा है कि पीड़ितों को हुई मानसिक और सामाजिक क्षति की भरपाई की जाए।
अदालत ने सरकार को निर्देश दिया है कि आठ सप्ताह के भीतर मुआवजे की राशि का भुगतान किया जाए। कोर्ट के इस फैसले ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि खाकी वर्दी किसी को भी कानून से ऊपर होने या किसी नागरिक की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार नहीं देती।
पश्चिम बंगाल चुनाव पर गरमाई सियासत, संजय राउत का ममता पर दावा
23 Apr, 2026 02:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तमिलनाडु। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन चुनावों को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है।
"चुनाव आयोग के दफ्तर पर भाजपा का झंडा": संजय राउत का बड़ा बयान
संजय राउत ने चुनाव प्रक्रिया और सुरक्षा बलों की तैनाती को लेकर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके बयान के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. बंगाल में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती पर सवाल
राउत ने कहा कि बंगाल में जिस तरह हजारों जवानों को तैनात किया गया है, उससे ऐसा लगता है जैसे वहां मतदाताओं से ज्यादा पुलिस बल मौजूद है। उन्होंने इसे केंद्र की 'तानाशाही' करार देते हुए कहा कि वहां एक तरह की 'गुंडागर्दी' का माहौल बनाया गया है।
2. चुनाव आयोग पर तंज
उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सीधा प्रहार करते हुए कहा, "ऐसा लगता है जैसे पूरा चुनाव आयोग ही भाजपा में शामिल हो गया है। मुझे तो आयोग के दफ्तर पर भाजपा का झंडा लहराता दिख रहा है।" उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी को चुनाव लड़ने से रोकने और उन्हें हराने की हर मुमकिन कोशिश की गई, लेकिन बंगाल की जनता पूरी तरह से तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी है।
3. अमित शाह को सलाह
संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें बंगाल की खान-पान संस्कृति और वहां के लोगों की फिक्र करने के बजाय असम के हालात पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोलकाता में लोग खुश हैं और वहां किसी पर कोई पाबंदी नहीं है।
मतदान के ताजा आंकड़े
आज पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में मतदान की प्रक्रिया जारी है। दोपहर 1 बजे तक के वोटिंग प्रतिशत इस प्रकार हैं:
राज्य,कुल सीटें,वोटिंग प्रतिशत (दोपहर 1 बजे)
पश्चिम बंगाल,152 (प्रथम चरण),62.18%
तमिलनाडु,234 (सभी सीटें),56.81%
हरी खाद- खेती में बढ़ेगा उत्पादन, मिट्टी की सेहत होगी बेहतर
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा की बेटी रिया केशरवानी को दी बधाई, दसवीं बोर्ड में प्रदेश में द्वितीय स्थान हासिल किया
खंडवा के डायल-112 हीरोज
सामाजिक सुरक्षा पेंशन इस विश्वास का अंतरण है कि सरकार हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सशक्त नारी, समृद्ध परिवार : महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का संबल
पशु सखियों के प्रशिक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा
दतिया पुलिस की बड़ी सफलता
मसाला फसलों के उत्पादन में हम अव्वल, उद्यानिकी फसलों के रकबे का करें विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बद्रीनाथ धाम में चमत्कार! माता-पिता को 5 साल बाद मिला बेटा
