महाराष्ट्र
उत्तर बनाम दक्षिण: संजय राउत ने महिला आरक्षण बिल के पीछे छिपे 'क्षेत्रीय असंतुलन' पर उठाए सवाल।
18 Apr, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के दो-तिहाई बहुमत के अभाव में गिरने के बाद विपक्षी खेमे में हलचल तेज हो गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) के दिग्गज नेता और सांसद संजय राउत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के रुख की जमकर सराहना की है। राउत ने कहा कि संसद में जिस तरह राहुल गांधी ने इस विधेयक को चुनौती दी और उसे रोकने में सफल रहे, वह देश के लोकतंत्र को बचाने के आंदोलन का एक ऐतिहासिक नेतृत्व है।
"यह मोदी सरकार के पतन का आगाज़ है"
संजय राउत ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इस विधेयक को एक "राजनीतिक षड्यंत्र" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि महिला आरक्षण की आड़ में सरकार मतदाताओं के समीकरणों के साथ मनमानी छेड़छाड़ करना चाहती थी, ताकि भविष्य के चुनावों में अपनी जीत सुनिश्चित कर सके।
राउत ने तंज कसते हुए कहा:
"प्रधानमंत्री की कुर्सी आज मात्र 16 सांसदों के सहारे टिकी है। यदि ये बैसाखी भी हट गई, तो सरकार को अपना बोरिया-बिस्तर समेटना पड़ेगा। संसद में इस योजना का विफल होना यह दर्शाता है कि अब सत्ता का पतन नजदीक है। राहुल गांधी ने उन निर्णायक 16 सांसदों को हकीकत का आईना दिखा दिया है।"
परिसीमन और 'पॉलिटिकल मैप' पर गंभीर सवाल
विधेयक के तकनीकी पहलुओं पर बात करते हुए राउत ने कहा कि आरक्षण के पीछे असल खेल 'परिसीमन' का था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपनी सुविधा के अनुसार देश का राजनीतिक मानचित्र दोबारा तैयार करना चाहती है। उनके अनुसार, उत्तर और दक्षिण भारत के बीच जानबूझकर मतभेद पैदा किए जा रहे हैं और कुछ चुनिंदा राज्यों की ताकत बढ़ाकर दक्षिण के राज्यों को राजनीतिक रूप से हाशिए पर धकेलने की कोशिश हो रही है।
मातृभाषा के मुद्दे पर स्पष्ट स्टैंड
मराठी भाषा की अनिवार्यता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा कि हर राज्य में स्थानीय भाषा का सम्मान और उपयोग होना चाहिए। उन्होंने इसे सरकार और आरएसएस की नीतियों के अनुरूप बताते हुए कहा कि महाराष्ट्र में काम करने या शिक्षा लेने वालों को मराठी का ज्ञान होना अनिवार्य है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
महिला आरक्षण पर आदित्य ठाकरे का सुझाव: 'सीटें बढ़ाए बिना आज से ही लागू करें कोटा'।
18 Apr, 2026 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने इस प्रस्तावित कानून को लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि अगर यह सफल हो जाता, तो यह भारतीय संविधान के मूल्यों की "पूर्ण पराजय" होती। सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए ठाकरे ने केंद्र की मंशा पर गंभीर संदेह व्यक्त किए हैं।
चुनावी फायदे के लिए परिसीमन का उपयोग
आदित्य ठाकरे का आरोप है कि इस विधेयक का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं का उत्थान करना नहीं, बल्कि राजनीतिक जोड़-तोड़ था। उन्होंने तर्क दिया कि आरक्षण को 'परिसीमन' से जोड़कर सरकार लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों की संख्या को अपने अनुकूल ढालना चाहती थी। ठाकरे के अनुसार, इस प्रक्रिया से कई राज्यों का राजनीतिक प्रभाव कम हो जाता और कुछ विशेष दलों को चुनाव में अनुचित लाभ मिलने का रास्ता साफ हो जाता।
तत्काल आरक्षण की मांग
विधेयक की टाइमलाइन पर सवाल उठाते हुए आदित्य ठाकरे ने इसे "छलावा" करार दिया। उन्होंने कहा:"अगर सरकार वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है, तो उसे 2029 तक प्रतीक्षा करने की कोई जरूरत नहीं है। वर्तमान की 543 लोकसभा सीटों के भीतर ही तुरंत 33 फीसदी कोटा लागू किया जा सकता है। सीटों की संख्या बढ़ाने के पीछे केवल सत्ता के केंद्रीकरण की मंशा झलकती है।"
विपक्षी एकता ने रोका 'रास्ता'
लोकसभा में इस बिल के पारित न हो पाने को ठाकरे ने विपक्ष की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने एकजुटता की प्रशंसा करते हुए कहा कि विपक्षी दलों के कड़े विरोध के कारण ही सरकार अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सकी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं को आरक्षण मिलना ही चाहिए, लेकिन उसकी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए, न कि चुनावी लाभ की दृष्टि से प्रेरित।
ED की पूछताछ के 72 घंटे बाद मौत: जितेंद्र शेल्के की दुर्घटना पर अंजलि दमानिया ने उठाए सवाल।
18 Apr, 2026 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहिल्यानगर । मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में विवादित 'स्वयंभू बाबा' अशोक खरात के करीबी सहयोगी जितेंद्र शेल्के (55) और उनकी पत्नी अनुराधा (50) की जान चली गई। कोपरगांव पुलिस के अनुसार, यह हादसा दोपहर करीब 12 बजे धोत्रे गांव के पास हुआ, जब उनकी कार सड़क किनारे खड़े एक कंटेनर ट्रक से जा टकराई।
हादसे में बेटा गंभीर, ईडी की जांच से जुड़े थे तार
मृतक जितेंद्र शेल्के, बलात्कार और धोखाधड़ी के मामलों में जेल में बंद अशोक खरात के न केवल व्यापारिक साझेदार थे, बल्कि उनके 'शिवानिका ट्रस्ट' के उपाध्यक्ष भी थे। पुलिस ने बताया कि परिवार छत्रपति संभाजीनगर से ठाणे की ओर जा रहा था, तभी चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। इस टक्कर में दंपति के 14 वर्षीय बेटे को भी गंभीर चोटें आई हैं, जिसका उपचार जारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि महज तीन दिन पहले ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शेल्के से पूछताछ की थी।
विपक्ष ने जताई 'सुनियोजित हत्या' की आशंका
इस घटना के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। विपक्षी नेताओं ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए गहरी साजिश का अंदेशा जताया है:रोहित पवार (विधायक, NCP-SP): उन्होंने इस घटना को "चौंकाने वाला" बताते हुए सवाल किया कि कहीं खरात से जुड़े राज दफन करने के लिए तो यह हादसा नहीं कराया गया? उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।सुषमा अंधारे (शिवसेना UBT): उन्होंने कहा कि खरात मामले से जुड़े गवाहों को पहले से ही खतरे की आशंका थी। आज की घटना ने सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।अंजलि दमानिया (सामाजिक कार्यकर्ता): उन्होंने दावा किया कि ईडी की पूछताछ के तुरंत बाद हुई यह मौत महज इत्तेफाक नहीं हो सकती।
जांच में जुटी पुलिस और आरटीओ
अहिल्यानगर के एसपी सोमनाथ घरगे ने स्पष्ट किया है कि आरटीओ अधिकारियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से वाहन की तकनीकी जांच की जाएगी ताकि हादसे की वास्तविक वजह का पता चल सके। फिलहाल कोपरगांव पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज किया है।
शादी का झांसा देकर संबंध, फिर जबरन कराया गर्भपात
17 Apr, 2026 03:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोलापुर। महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के बारशी से यौन शोषण और धोखे का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। एक युवती ने नवी मुंबई (पनवेल) के रहने वाले एक व्यक्ति पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक शोषण करने और जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है।
इस घटना के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:
शोषण और धोखाधड़ी
आरोपी की पहचान: आरोपी का नाम सोहेल बाबू शेख बताया गया है, जो नवी मुंबई के पनवेल का निवासी है।
घटनाक्रम: पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने मई 2024 से लेकर मार्च 2026 तक उसे शादी का लालच देकर अपनी बातों में फंसाए रखा। इस दौरान आरोपी ने बारशी के विभिन्न लॉज में युवती की इच्छा के विरुद्ध उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
जबरन गर्भपात का आरोप
साजिश: जब युवती गर्भवती हो गई, तो आरोपी उसे पुणे ले गया। आरोप है कि वहाँ उसने पीड़िता को धोखे से गर्भपात की दवाइयां खिला दीं और जबरदस्ती उसका गर्भपात करवा दिया।
धमकी और नियंत्रण: पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उसे भावनात्मक रूप से नियंत्रित कर पिछले दो वर्षों से उसका शोषण किया।
कानूनी कार्रवाई
धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़िता ने बारशी शहर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी सोहेल शेख के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
हैवानियत की हद पार, पेट्रोल डालकर पत्नी को लगाई आग
17 Apr, 2026 03:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोलापुर। महाराष्ट्र के सोलापुर से एक अत्यंत विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति ने आपसी विवाद के चलते अपनी पत्नी को जिंदा जलाने का प्रयास किया। यह वारदात सोलापुर के लोकमान्य नगर इलाके में बुधवार रात घटित हुई।
घटना का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
विवाद और पृष्ठभूमि
दंपति की पहचान: आरोपी की पहचान फैजान जावेद शेख और पीड़िता की पहचान नर्गिस फैजान शेख के रूप में हुई है।
तनावपूर्ण संबंध: दोनों का विवाह वर्ष 2024 में हुआ था, लेकिन शादी के महज कुछ महीनों बाद ही उनके संबंधों में खटास आ गई। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों अलग रहने लगे थे और पिछले कुछ समय से उनके बीच तलाक को लेकर तकरार चल रही थी।
वारदात का तरीका
साजिश: बुधवार रात करीब 10 बजे आरोपी फैजान अपनी पत्नी के घर पहुँचा। उसने बातचीत करने का बहाना बनाया और नर्गिस को भरोसे में लेकर कमरे के अंदर ले गया।
हमला: कमरे में जाते ही आरोपी ने साथ लाए पेट्रोल को पत्नी पर छिड़क दिया और लाइटर से आग लगा दी। आग की लपटों से घिरी नर्गिस जब चीखते हुए बाहर की ओर भागी, तो पड़ोसियों और परिजनों ने मिलकर आग बुझाई।
वर्तमान स्थिति और पुलिस कार्रवाई
पीड़िता की हालत: गंभीर रूप से झुलसी नर्गिस को सोलापुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
फरार आरोपी: घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
गिरफ्तारी से राहत की मांग, निदा खान का कोर्ट में बड़ा दावा
17 Apr, 2026 02:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। नासिक स्थित आईटी कंपनी TCS में सामने आए धर्मांतरण और यौन शोषण के चौंकाने वाले मामले में मुख्य आरोपी और एचआर (HR) अधिकारी निदा खान को लेकर नया अपडेट सामने आया है। पिछले 11 दिनों से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रही निदा खान ने अब कानूनी राहत के लिए कदम उठाए हैं।
इस मामले के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका
मेडिकल आधार: निदा खान ने अपने वकील के माध्यम से नासिक की स्थानीय अदालत में अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) के लिए आवेदन किया है। याचिका में उनकी गर्भावस्था (Pregnancy) को मुख्य आधार बनाया गया है।
वर्तमान स्थिति: उनके वकील का दावा है कि निदा फिलहाल मुंबई में हैं और अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं। हालांकि, पुलिस की नजर में वे अभी भी फरार हैं, जबकि वकील का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करने के कारण उन्हें 'फरार' न कहा जाए।
केस की पृष्ठभूमि और गंभीर आरोप
शोषण और धर्मांतरण: कंपनी की महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया गया। साथ ही, हिंदू कर्मचारियों के जबरन धर्मांतरण और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
समय सीमा: यह पूरा घटनाक्रम फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच का बताया जा रहा है।
जांच का दायरा और गिरफ्तारियां
एसआईटी का गठन: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) बनाया है। अब तक इस मामले में 7 कर्मचारियों (6 पुरुष और 1 महिला एचआर हेड) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
केंद्रीय एजेंसियों की एंट्री: स्थानीय पुलिस के अलावा, इस मामले के अंतरराष्ट्रीय या संगठित गिरोह से जुड़े तारों की जांच के लिए NIA, IB और महाराष्ट्र ATS भी समानांतर जांच कर रही हैं।
अगला कदम
जांच एजेंसियां अब निदा खान के मेडिकल दावों की पुष्टि करने की तैयारी में हैं। यदि अदालत से राहत नहीं मिलती, तो बचाव पक्ष ने सत्र न्यायालय (Sessions Court) जाने के संकेत दिए हैं। फिलहाल, पुलिस 9 अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट की गहराई का पता लगाया जा सके।
मुख्य आरोपी समेत चार युवक पुलिस के हत्थे चढ़े, डोंगरी मामला
16 Apr, 2026 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में धार्मिक नेता मौलाना खालिद अशरफ और उनके दो बेटों पर रविवार (12 अप्रैल) को हुए हमले के मामले में पुलिस ने एक्शन ले लिया है. पुलिस द्वारा मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है. आरोप है कि सभी ने मिलकर डंडों और कुर्सियों से हमला किया. पुलिस के मुताबिक घटना की शुरुआत उस समय हुई जब पाला गली में एक स्थानीय लड़के ने मौलाना के बेटे मोइज की स्कूटी को टक्कर मार दी. इस दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी हुई.
मामला शांत होने के बाद बिगड़े हालात
मोइज ने अपने पिता मौलाना अशरफ को फोन कर पूरी जानकारी दी. मौलाना ने बेटे को घर आने को कहा और मामला शांत होने की उम्मीद जताई. हालांकि, शाम को हालात फिर बिगड़ गए. मौलाना अशरफ अपने दोनों बेटों के साथ दाऊद फजल हाई स्कूल के पास से एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे. तभी आरोपियों ने उन्हें पहचान लिया और अन्य लोगों को बुला लिया. देखते ही देखते करीब 15 लोगों की भीड़ ने उन पर डंडों, बांस और कुर्सियों से हमला कर दिया. इस हमले में मौलाना के दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए.
मामले को लेकर मौलाना ने क्या बताया?
मौलाना अशरफ ने बताया कि मैं लगातार कहता रहा कि मैं एक इमाम हूं और सैयद हूं, लेकिन हमलावरों ने मुझ पर लगातार वार किए. उनकी मंशा मुझे जान से मारने की थी. डोंगरी पुलिस ने इस मामले में मोहम्मद जीना परेज खान (24), साहिल मंज़िल मस्जिद खान (18) और माजिद खालिद खान (45) को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. घटना के बाद कई समुदाय के नेता डोंगरी पुलिस स्टेशन पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
स्थानीय विधायक ने अस्पताल में कराया भर्ती
स्थानीय विधायक अमीन पटेल ने घायलों को जेजे अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया. उन्होंने कहा कि मौलाना अशरफ एक सम्मानित धार्मिक विद्वान हैं. भीड़-भाड़ वाले इलाके में इस तरह का हमला बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला है. मौलाना अशरफ ने बताया कि उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मैं न्याय चाहता हूं और पुलिस से उचित कार्रवाई की उम्मीद करता हूं. मैंने अपने फॉलोअर्स से कानून हाथ में न लेने की अपील की है.
क्या महिला आरक्षण बदलेगा महाराष्ट्र का सियासी समीकरण?
16 Apr, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सभी दल एकमत हैं. हालांकि आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर कुछ दलों में असहमति है. इस बीच यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या महिला आरक्षण का असल मकसद कि आधी आबादी की आवाज संसद में पहुंच पाए, वह निकट भविष्य में पूरा हो पाएगा? यह सवाल इसलिए भी कई बीते कुछ वर्षों में जो महिलाएं सदन में आईं उनका रिश्ता किसी न किसी तरह से मजबूत पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि से रहा। अगर हम महाराष्ट्र की बात करें तो यहां भी ऐसे उदाहरण अनेक हैं. बारामती से सांसद सुप्रिया सुले, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की वरिष्ठ नेता हैं और वह दिग्गज नेता शरद पवार की बेटी हैं. शरद पवार का दशकों लंबा राजनीतिक करियर-मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय मंत्री और पार्टी प्रमुख तक का रहा है. ऐसे में यह बात स्पष्ट है कि सुप्रिया के लिए सियासत न तो बहुत दूर की कौड़ी थी और न ही उनके लिए लोकसभा तक पहुंचना बहुत कठिन।
ऐसा ही दूसरा उदाहरण हैं चंद्रपुर से कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर. उनका राजनीतिक सफर भी पारिवारिक जुड़ाव से जुड़ा है. उनके पति सुरेश 'बालुभाऊ' धनोरकर शिवसेना और बाद में कांग्रेस के प्रभावशाली नेता रहे. वह लोकसभा सांसद भी थे. इसी तरह जलगांव से भारतीय जनता पार्टी की सांसद स्मिता वाघ के पति उदय वाघ पार्टी संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
मुंबई नॉर्थ सेंट्रल से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़, पूर्व मंत्री और सांसद एकनाथ गायकवाड़ की बेटी हैं. वहीं रावेर से बीजेपी सांसद रक्षा खडसे का राजनीतिक कनेक्शन उनके ससुर एकनाथ खड़से से है. वह भी राज्य की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली रहे हैं। सोलापुर (SC) से कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे भी एक बड़े राजनीतिक परिवार से आती हैं. उनके पिता सुशील कुमार शिंदे राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर अहम पदों पर रह चुके हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि कानून का मूल उद्देश्य क्या पूरा होगा या ग्राम प्रधान और नगर निकाय के चुनावों की तरह भविष्य की महिला सांसदों के पति अपने नाम के आगे प्रतिनिधि लिखते हुए सारा काम देखेंगे।
लंबित मामला गरमाया, डेढ़ साल बाद मशीनों की जांच का आदेश
16 Apr, 2026 12:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। विधासभा चुनाव परिणाम और विजयी बीजेपी गठबंधन सरकार को लगभग डेढ़ साल हो गए. लेकिन डेढ़ साल बाद चुनाव में एक सीट की EVM-VVPAT की जांच होगी. कांग्रेस नेता नसीम खान ने हाई कोर्ट में याचिका कर पुनः गिनती और EVM जांच की मांग की थी. जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर चांदीवली विधानसभा सीट पर पुन EVM और VVPAT जांच के आदेश दिए है. आज सुबह 9:30 बजे से EVM की जांच शुरू हो गई है.
मुंबई के चांदिवली विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम मशीनों की जांच शुरू हो गई है. इस पूरी प्रक्रिया को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कांग्रेस नेता नसीम खान स्वयं मौके पर मौजूद हैं. उन्होंने पहले चांदिवली विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल हुई ईवीएम में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया.
ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की होगी जांच
जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने अहम निर्देश जारी किए थे. अदालत ने ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. खास बात यह है कि पहली बार उम्मीदवारों की मौजूदगी में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रत्यक्ष जांच की जा रही है. ऐसे में इस पूरी प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) प्रणालियों की बर्न मेमोरी (या माइक्रोकंट्रोलर) के सत्यापन के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है. यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के 2024 के फैसले एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम भारत निर्वाचन आयोग के बाद उठाया गया है. इस आदेश के अनुसार, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवारों के लिखित अनुरोध पर विधानसभा और लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 5% तक EVM और VVPAT माइक्रोकंट्रोलरों का सत्यापन किया जा सकता है.
मशीन पर कराया जाएगा 1,400 वोट तक का मॉक पोल
इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक मशीन पर 1,400 वोट तक का मॉक पोल कराया जाएगा. यदि इसके परिणाम VVPAT पर्चियों से मेल खाते हैं, तो यह माना जाएगा कि बर्न मेमोरी के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और मशीन सत्यापित है. हालांकि, यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है तो उससे निपटने की स्पष्ट प्रक्रिया अभी तय नहीं है.
यह तकनीकी SOP इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन बनाने वाली दो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) द्वारा तैयार की गई है. चांदीवाली विधानसभा में 400 पोलिंग बूथ पर 400 EVM मशीन का उपयोग हुआ था जिसका 5% यानी 20 EVM और VVPAT मशीन की जांच की जाएगी. ये सभी मशीन कांग्रेस नेता नसीम खान ने खुद चयन की है.
ऑफिस मीटिंग विवाद पर कोर्ट की टिप्पणी, घूरना नहीं माना गया अपराध
15 Apr, 2026 02:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे। हाई कोर्ट ने वॉयरिज्म से जुड़े एक मामले पर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि महिला सहकर्मी के शरीर को घूरना गलत है, लेकिन इसे वॉयरिज्म का अपराध नहीं माना जा सकता है. यह फैसला कोर्ट ने 8 अप्रैल (बुधवार) को सुनाया था. यह मामला अभिजीत बसवंत निगुडकर बनाम महाराष्ट्र राज्य से जुड़ा है, जिसमें आवेदक ने 2015 में दर्ज FIR को चुनौती दी थी. यह FIR मुंबई के बोरिवली पुलिस स्टेशन में उसके महिला सहकर्मी की शिकायत पर दर्ज की गई थी. इस मामले की सुनवाई जस्टिस अमित बोरकर की एकल पीठ ने की और FIR को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने 354-C (वॉयरिज्म) को समझाते हुए कहा, धारा 354-C तभी लागू होती है जब कोई महिला ‘प्राइवेट एक्ट’ में हो यदि कोई आदमी उसकी निजता में दखल दे, या उसकी फोटो/वीडियो ले या फिर उस फोटो/वीडियो को दूसरों को भेजता है, तो यह अपराध है और इसके लिए सजा हो सकती है.” यहां ‘प्राइवेट एक्ट’ का मतलब है ऐसी स्थिति जहां महिला को प्राइवेसी की उम्मीद होती है, जैसे वो टॉयलेट का इस्तेमाल कर रही हो।
बॉम्बे हाई कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा, "आरोप केवल इतना है कि वह ऑफिस मीटिंग्स के दौरान महिला के चेस्ट की तरफ घूरता था. यह गलत आचरण है लेकिन सिर्फ घूरना वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं है." कोर्ट ने आगे कहा कि कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या अपमान अलग तरह के विवाद हो सकते हैं, लेकिन ऑफिस की हर शिकायत को वॉयरिज्म (धारा 354-C) जैसा अपराध नहीं माना जा सकता है. कोर्ट ने माना कि ऑफिस का माहौल असहज हो सकता है, लेकिन केवल ऐसी शिकायतों के आधार पर धारा 354-C के तहत आपराधिक केस नहीं चलाया जा सकता है।
क्या है मामला?
दरअसल, साल 2014 में महिला सहकर्मी ने आरोप लगाया था कि ऑफिस में एक मीटिंग के दौरान आरोपी आंखों में देखकर बात करने की बजाय उसके चेस्ट को घूरता था और अनुचित टिप्पणियां करता था. इस मामले में कंपनी की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) ने भी जांच की थी और जांच के बाद पहले ही आरोपी को इस आरोप से दोषमुक्त कर दिया था. इसके बाद महिला ने साल 2015 में धारा 354-C (Voyeurism) के तहत आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी. साल 2015 में ही आरोपी ने इस केस को चुनौती दी थी और FIR रद्द करने की मांग की थी. अब 8 अप्रैल को सुनवाई के बाद कोर्ट ने इस FIR को रद्द कर दिया है।
मुंबई के व्यापारी से बड़ी ठगी, स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट का झांसा
15 Apr, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोवा। सीएम और जिला कलेक्टर के साथ अच्छे संबन्ध होने की तस्वीर दिखाकर, गोवा में ‘स्मार्ट विलेज’ परियोजना के नाम पर एक बड़े आर्थिक घोटाले का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. इस घोटाल में एक व्यापारी के साथ कुल 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी होने की शिकायत पुलिस में दर्ज की गई है. पुलिस ने आरोपी डॉ. साजिद एन. सय्यद को गिरफ्तार कर लिया है. शिकायतकर्ता देवेशानंद दिगंबर शिरोडकर (उम्र 50 वर्ष) स्पीडकॉम इंटरनेट सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के निदेशक हैं। देवेशानंद दिगंबर शिरोडकर की शिकायत के अनुसार, आरोपी डॉ. साजिद एन. सय्यद ने खुद को “भारत CSR नेटवर्क” संस्था का अध्यक्ष और गोवा ‘स्मार्ट विलेज’ परियोजना से जुड़ा हुआ बताकर उनका विश्वास जीता.. अगस्त 2024 में पहचान होने के बाद आरोपी ने दावा किया कि गोवा राज्य में गोवा के सीएम के साथ मिलकर एक बड़ा प्रोजेक्ट चलाया जा रहा है।
आरोपी ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो दिखाकर किया गुमराह
इस परियोजना में शामिल होने के लिए शुरुआत में 50 लाख रुपये जमा करने की बात कही गई. शिकायतकर्ता ने आरोपी पर भरोसा करते हुए सितंबर 2024 में एक्सिस बैंक के दो चेक के माध्यम से कुल 50 लाख रुपये दिए. इसके बाद आरोपी ने विभिन्न सरकारी अधिकारियों के साथ और गोवा के मुख्यमंत्री के साथ बैठकों के फोटो और वीडियो दिखाकर परियोजना को सरकारी समर्थन प्राप्त होने का भ्रम पैदा किया।
पीड़ित की कंपनी ने गोवा में इंटरनेट हॉटस्पॉट सेवा की शुरू
आरोपी के कहने पर शिकायतकर्ता की कंपनी ने गोवा के फोंडा, शिरोडा और कोलवाले में प्रायोगिक आधार पर इंटरनेट हॉटस्पॉट सेवा शुरू की. इस कार्य पर जुलाई 2025 तक लगभग 58 लाख रुपये खर्च हुए. इसके अलावा मुंबई में चिन्मय जेट्टी से बांद्रा पुलिस पुलिस स्टेशन तक 8 किलोमीटर फाइबर बिछाकर 7 CCTV कैमरे लगाने का काम भी किया गया, जिस पर करीब 5 लाख रुपये खर्च हुए।
एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप
हालांकि, काम पूरा होने के बावजूद आरोपी ने कोई भुगतान नहीं किया..बार-बार मांग करने पर भी आरोपी टालमटोल करता रहा, जिससे शिकायतकर्ता को शक हुआ...कुल जमा राशि और काम के खर्च को मिलाकर 1,13,04,586 रुपये की ठगी होने का आरोप लगाया गया है।
आरोपी ने ‘लेटर ऑफ एम्पैनलमेंट’ जैसे दस्तावेज देकर परियोजना को आधिकारिक दिखाने की कोशिश की, लेकिन आगे की जांच में ये दस्तावेज संदिग्ध पाए गए.. साथ ही, आरोपी द्वारा अब तक कोई आधिकारिक समझौता (MOU) नहीं किए जाने का भी आरोप है . प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी ठगने की आशंका जताई जा रही है..इस मामले में संबंधित दस्तावेज, बिल और लेन-देन के सबूत पुलिस को सौंप दिए गए हैं और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने ‘CSR’ और सरकारी परियोजनाओं के नाम पर होने वाली ठगी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं..व्यापारियों को ऐसे प्रोजेक्ट्स में निवेश करते समय अधिक सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
शिवसेना UBT में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा, आदित्य ठाकरे पर नजर
15 Apr, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। शिवसेना (उद्धव ठाकरे) गुट में संगठनात्मक स्तर पर एक बड़ी हलचल होने जा रही है. ठाकरे गुट के विधायक और युवासेना प्रमुख आदित्य ठाकरे को जल्द ही पार्टी की ओर से बड़ी जिम्मेदारी मिलने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, उन्हें शिवसेना के कार्याध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. सियासी गलियारों में चर्चा है कि 19 जून को पार्टी के स्थापना दिवस पर आदित्य ठाकरे को यह पद दिया जा सकता है. इससे पार्टी में उनका महत्व और अधिकार काफी बढ़ जाएंगे।
आदित्य ठाकरे को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी
साल 2003 में जिस तरह उद्धव ठाकरे को शिवसेना में कार्याध्यक्ष बनाया गया था, उसी तरह अब आदित्य ठाकरे को भी यह जिम्मेदारी दी जा सकती है. इसके लिए पार्टी की कार्यकारिणी बैठक बुलाकर प्रस्ताव पारित किया जा सकता है. पिछले कुछ वर्षों से आदित्य ठाकरे संगठनात्मक फैसलों से लेकर चुनाव तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं. इसलिए कई बड़े पार्टी नेताओं का मानना है कि अब आदित्य को भी बड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए. उनके नेतृत्व में शिवसेना में नई ऊर्जा और नई टीम तैयार होने की उम्मीद जताई जा रही है।
शिवसेना की सौंपी जा सकती है कमान
अगर आदित्य ठाकरे कार्याध्यक्ष बनते हैं तो यह उनके राजनीतिक करियर का अगला बड़ा कदम होगा. इससे पार्टी में उनका प्रभाव और अधिकार बढ़ेगा. साथ ही यह भी माना जा रहा है कि यह फैसला धीरे-धीरे पार्टी की कमान उद्धव ठाकरे से आदित्य ठाकरे की ओर स्थानांतरित होने की प्रक्रिया की शुरुआत हो सकता है।
इस मुद्दे पर संजय राउत ने कहा कि जैसे उद्धव ठाकरे समय के साथ कार्याध्यक्ष बने थे, वैसे ही अगर आदित्य ठाकरे का नाम सामने आता है तो उसका स्वागत किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अब नेतृत्व युवा पीढ़ी को देना जरूरी है और भविष्य की राजनीति युवाओं के हाथ में होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मुंबई महानगरपालिका चुनाव में आदित्य ठाकरे और उनकी टीम ने अच्छा काम किया है।
बिहार सियासत गरम, नीतीश कुमार के बाद CM फेस पर उठे सवाल
14 Apr, 2026 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज (मंगलवार) को मुख्यमंती पद से इस्तीफा देने वाले हैं. वहीं, बुधवार (15 अप्रैल) को बिहार में नई सरकार का गठन हो जाएगा, लेकिन राज्य का नया सीएम कौन होगा इसको लेकर अभी तक कोई नाम फाइनल नहीं हो सका है. इसको लेकर अब महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इतने दिन बीत गए हैं, लेकिन अगला सीएम कौन होगा अभी तक नहीं बताया गया. संजय राउत ने एक प्रेस कांफ्रेस में कहा, "पहली बात यह है कि नीतीश कुमार आज मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे रहे हैं. अब वे राज्यसभा में जाएंगे और एक बार फिर राष्ट्रीय नेता के रूप में सक्रिय होंगे. अब सवाल यह है कि अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इतने दिन बीत गए, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री का चयन नहीं हुआ है. हम दिल्ली में नितीश कुमार का स्वागत करते हैं. वो हमारे अनुभवी नेता हैं और राज्यसभा में उनके आने का हम स्वागत करते हैं।"
I-PAC पर ED की कार्रवाई पर उठाए सवाल
राउत ने कहा, "I-PAC के मामले में जिस प्रकार से प्रवर्तन नेदेशालय (ED) ने कार्रवाई की है, वह निष्पक्ष नजर नहीं आती. पश्चिम बंगाल में चुनाव का माहौल है और सभी लोग चुनाव में व्यस्त हैं, लेकिन ED ने केवल बीजेपी के विरोधियों पर ही कार्रवाई की है. यह उनका पुराना तरीका रहा है. मुझे लगता है कि ममता बनर्जी खुद इस मामले में सक्रिय रही हैं और ED कार्यालय तक गई थीं, लेकिन पश्चिम बंगाल में अंततः जीत ममता दीदी की ही होगी।
इसके अलावा राउत ने 90 लाख मतदाताओं के मतदान अधिकार पर न्यायपालिका की खामोश पर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा, "अब सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट अंतरिम आदेश क्यों नहीं दे रहा? क्या बीजेपी जो चाहती है वही होगा? अगर 90 लाख मतदाताओं को वोट देने का अधिकार नहीं मिल रहा है, तो संविधान का क्या हुआ? सुप्रीम कोर्ट के पास पूरा अधिकार है कि वह इस पूरे मामले की जांच करें और संबंधित अधिकारियों को कठघरे में खड़ा कर जवाब मांगे।"
बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल क्यों?
शिवसेना उद्धव गुट के नेता ने आगे कहा, "महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार का स्तर गिर चुका है. एकनाथ शिंदे और केंद्र सरकार बच्चों के खेल के मैदानों पर भी फाइव स्टार होटल बनाने की योजना बना रहे हैं. बच्चों के पास खेलने के लिए मैदान नहीं बचेंगे, और दूसरी तरफ बड़े-बड़े होटल बनाए जा रहे हैं. प्रधानमंत्री कहते हैं 'ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा', लेकिन यह यहां लागू होता नहीं दिख रहा. अगर ऐसी ही नीति रही तो शिवाजी पार्क जैसे ऐतिहासिक मैदानों पर भी निर्माण किया जाएगा क्या? क्या आजाद मैदान और कामगार मैदान भी सुरक्षित नहीं रहेंगे? उन्होंने आगे कहा, "खदान मालिक खुलेआम काम कर रहे हैं और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं. लोगों के पीने के पानी तक पर असर पड़ रहा है. मैंने मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र लिखा है. रॉयल स्टील कंपनी बीजेपी को बड़ा चंदा देने वाली बताई जाती है. क्या नक्सलवाद इसलिए खत्म किया गया कि खदान मालिकों को खुली छूट मिल सके?"
म्यूजिक इवेंट बना मातम, ओवरडोज से 2 स्टूडेंट्स की जान गई
14 Apr, 2026 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। मुंबई में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट में ड्रग्स पार्टी की गई. इस दौरान ड्रग्स ओवरडोज लेने की वजह से 2 छात्रों की मौत हो गई है. इस मामले में पुलिस ने आयोजक समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. मृतकों में एक लड़का और एक लड़की शामिल हैं. गिरफ्तार आरोपियों में आकाश सामाल, विनोद जैन, प्रतीक पांडे, आनंद पटेल, रौनक खंडेलवाल और बालकृष्ण कुरूप के नाम शामिल हैं।
वहीं पुलिस ने 15 से 20 लोगों के बयान दर्ज किए है. दोनों पीड़ितों की उम्र 20-22 साल की है. अपने दोस्तों के साथ रविवार (12 अप्रैल) रात लाइव कॉन्सर्ट देखने मुंबई के गोरेगांव इलाके के नेस्को ग्राउंड में आए थे. पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें पीड़ित के दोस्त और आयोजक शामिल हैं।
नेस्को प्रवक्ता ने जताया दुख
नेस्को के प्रवक्ता की तरफ से दोनों छात्रों की मौत पर बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हम प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं. हम स्थिति की गंभीरता को समझते हैं और संबंधित अधिकारियों द्वारा की जा रही है. उन्होंने कहा कि हम लोग जांच में अपना पूरा सहयोग दे रहे हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि तथ्यों का पता जल्द से जल्द चल सके, सभी प्रासंगिक जानकारी और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है. पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है. उन्होंने आगे कहा कि अभी मामले में जांच की जा रही है, इसलिए इस पर आगे कोई टिप्पणी करना सही नहीं होगा. हम अधिकारियों का सहयोग करने और सभी सुरक्षा तथा अनुपालन मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कॉन्सर्ट के दौरान किया था ड्रग्स का सेवन
बताया जा रहा है कि दोनों छात्रों ने कॉन्सर्ट के दौरान ड्रग्स का सेवन किया था. कई लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी, जिसके बाद तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच के बाद की जा सकेगी. मामले में पुलिस ने घटनास्थल से अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए हैं. साथ ही आयोजकों और संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है।
पुणे में ‘चमत्कार’ के नाम पर ठगी, महिला से 50 लाख लूटे
14 Apr, 2026 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाराष्ट्र। पुणे में एक ओर नाशिक में अशोक खरात मामला चर्चा अभी जारी ही है, वहीं अब महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. पारिवारिक विवादों को सुलझाने और नौकरी दिलाने का लालच देकर एक 42 साल की महिला के साथ बार-बार यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी करने का एक मामला उजागर हुआ है. इस मामले में स्वारगेट पुलिस ने एक ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया है, जिसने महिला से करीब 50 लाख 55 हजार रुपये की ठगी भी की। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को दिव्य शक्ति वाला “देवऋषि” का नाटक करता था. इसी बात का फायदा उठाकर झांसे में उसने कई महिला के साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाया।
पांच साल तक चला शोषण और धोखाधड़ी का खेल
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला और उसके पति पारिवारिक विवादों के कारण अलग-अलग रह रहे थे. करीब पांच साल पहले महिला की मुलाकात ढोंगी औदुंबर मनोहर गडदे (निवासी तरटगांव, पंढरपुर) से हुई थी, जिसकी उम्र करीब 43 साल थी। आरोपी बाबा ने खुद को 'देवऋषि' बताकर महिला को फंसाया और उसके पारिवारिक समस्याओं को दूर करने का दावा किया. इसी का फायदा उठाकर उसने महिला को स्वारगेट इलाके के एक लॉज में बुलाया, जहां उसने पहले महिला के साथ बलात्कार किया. इसके बाद भी यह सिलसिला रुका नहीं और ढोंगी बाबा ने लोणेरे, उत्तेखोल और माणगांव जैसे स्थानों पर भी ले जाकर बार-बार यौन शोषण किया।
अत्याचार के साथ ढोंगी बाबा ने की 50 लाख की ठगी
यह न सिर्फ शारीरिक अत्याचार थी, बल्कि आरोपी ने महिला से आर्थिक लूट भी की. उसने पीड़ित महिला को निर्माण व्यवसाय में निवेश करने पर भारी मुनाफे का लालच दिया. इसी बहाने मई 2021 से लगातार उससे नकद और गहनों के रूप में काफी पैसे ऐंठे गए। कुल मिलाकर ढोंगी बाबा ने महिला से 50 लाख 55 हजार रुपये वसूले. जब महिला को अपने साथ हुए ठगी और शोषण का एहसास हुआ, तो आखिरकार महिला ने हिम्मत दिखा कर 11 अप्रैल को स्वारगेट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, पुलिस ने तुरंत कारवाई कर आरोपी बाबा को गिरफ्तार कर लिया है।
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