देश
फंसे निर्यातकों के लिए सरकार सक्रिय, पोर्ट्स को पारदर्शिता के निर्देश
9 Apr, 2026 01:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के महानिदेशालय शिपिंग ने देश के सभी बंदरगाहों को निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में फंसे निर्यातकों को दी जाने वाली रियायतों का पूरा लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।जारी सर्कुलर में कहा गया है कि कई मामलों में पोर्ट अथॉरिटीज की ओर से दी गई रियायतें जैसे डिटेंशन चार्ज, ग्राउंड रेंट और रीफर प्लग-इन शुल्क निर्यातकों तक समान रूप से नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में अब इन रियायतों को सीधे और पारदर्शी तरीके से संबंधित हितधारकों, जैसे फ्रेट फॉरवर्डर्स और NVOCCs के माध्यम से निर्यातकों तक पहुंचाना अनिवार्य किया गया है।
पोर्ट अथॉरिटीज को क्या जिम्मेदारी दी गई?
डीजी शिपिंग ने पोर्ट अथॉरिटीज को यह भी जिम्मेदारी दी है कि वे टर्मिनल स्तर पर इसकी निगरानी करें, ताकि किसी भी तरह की देरी या गड़बड़ी न हो और लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक समय पर पहुंचे।
क्यों उठाया गया यह कदम?
यह कदम 497 करोड़ रुपये की निर्यात सुविधा हेतु लचीलापन और लॉजिस्टिक्स हस्तक्षेप (RELIEF) योजना के तहत निर्यातकों को राहत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि संकट के बीच व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
शिपिंग लाइनों को क्या दिए गए निर्देश?
साथ ही, शिपिंग लाइनों को निर्देश दिया गया है कि वे शुल्क निर्धारण में पूरी पारदर्शिता और ऑडिट की सुविधा सुनिश्चित करें। डीजी शिपिंग ने यह भी कहा कि कार्गो पर लगाए जा रहे वार रिस्क प्रीमियम में बदलाव हुए हैं, जो पहले जारी निर्देशों के अनुरूप नहीं हो सकते। इस मुद्दे को बीमा कंपनियों के साथ उठाया जा रहा है।इसी बीच, ईरान के आसपास के समुद्री क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय नाविकों के लिए भी सुरक्षा सलाह जारी की गई है। सलाह में कहा गया है कि तट पर मौजूद नाविक घर के भीतर रहें, संवेदनशील इलाकों से दूर रहें और भारतीय दूतावास के संपर्क में रहें।जहाजों पर तैनात कर्मियों को अनावश्यक रूप से किनारे पर जाने से बचने और सतर्क रहने की हिदायत दी गई है। डीजी शिपिंग ने सभी कर्मियों से आधिकारिक निर्देशों का पालन करने और लगातार संपर्क में रहने को कहा है।
कच्छ में भारतीय जांबाजों का पराक्रम, 150 जवानों ने पलट दी बाजी
9 Apr, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कच्छ | केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) को देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल होने का गौरव हासिल है, उसकी बहादुरी के किस्से भी उतने ही ज्यादा हैं। 1965 में इस बल की छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तान की इन्फेंट्री, जिसने गुजरात स्थित कच्छ के रण में 'टाक' और 'सरदार पोस्ट' पर हमला किया, को मुंह तोड़ जवाब दिया था। दुनिया हैरान थी कि अर्धसैनिक बल की सेकेंड बटालियन की दो कंपनियों (करीब 150 जवान) ने पाकिस्तानी सेना की 51 वीं ब्रिगेड के 35 सौ सैनिकों को पीछे हटने के लिए मजबूर कर दिया। पाकिस्तान ने 14 घंटे में तीन बार हमले का प्रयास किया, लेकिन सीआरपीएफ के बहादुर जवानों ने उनके मंसूबे पूरे नहीं होने दिए। पाकिस्तान के पास तोपें भी थी, जबकि सीआरपीएफ जवानों के पास सामान्य हथियार थे। नतीजा, पाकिस्तान के 34 सैनिक मारे गए, जिनमें दो अफसर भी शामिल थे।चार को जिंदा पकड़ लिया गया।सीआरपीएफ के अदम्य शौर्य, रण कौशल और अद्वितीय बहादुरी के चलते हर साल 9 अप्रैल को शौर्य मनाया जाता है। 1965 में जब पाकिस्तान ने यह हमला किया तो उस वक्त बीएसएफ की स्थापना नहीं हुई थी। अप्रैल 1965 में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सीमा की एक सैनिक चौकी पर हमला करने की योजना बनाई।
पाकिस्तानी सेना का मकसद भारतीय भू-भाग पर कब्जा करना था। इसके लिए उन्होंने ऑपरेशन डेजर्ट हॉक शुरू किया था। 9 अप्रैल, 1965 की सुबह 3 बजे पाकिस्तान की 51 ब्रिगेड ने अपने 3500 सैनिकों के साथ रण ऑफ कच्छ की 'टाक' और 'सरदार पोस्ट' पर हमला कर दिया। उस दौरान सीआरपीएफ और गुजरात राज्य पुलिस फोर्स को यहां पर तैनात किया गया था।सीआरपीएफ की दूसरी बटालियन की दो कंपनियां इस इलाके में सीमा पर तैनात थी। पाकिस्तान की एक पूरी इन्फेन्ट्री ब्रिगेड ने सरदार व टॉक चौकियों पर हमला कर दिया था। करीब 14 घंटे तक यह भीषण समर चलता रहा। सीआरपीएफ के जवानों ने विशाल ब्रिगेड का डट कर मुकाबला किया और उसे सीमा से वापस खदेड़ दिया। इस युद्ध में सीआरपीएफ के जवानों ने पाकिस्तानी सेना के 34 जवानों को मार गिराया व 4 को जिंदा गिरफ्तार किया। इस युद्ध में सीआरपीएफ के सात जवानों ने निडरता से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और वे इतिहास में अमर हो गए।यह दुनिया के इतिहास में हुए कई युद्धों में से एकमात्र ऐसा युद्ध था जिसमें पुलिस बल की छोटी सी टुकड़ी ने दुश्मन की विशाल ब्रिगेड को घुटने टेक वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। सीआरपीएफ के जवानों द्वारा दिखाई गई इस बहादुरी को हमेशा याद करने के लिए 9 अप्रैल का दिन शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। पूरे साजो-सामान से लैस पाकिस्तानी फौज की एक पूरी ब्रिगेड सीआरपीएफ की कंपनी को उसकी पोस्ट से हटा नहीं सकी। पाकिस्तानी ब्रिगेड के पास तोपखाना था। भरपूर गोले बरसाए गए, लेकिन सीआरपीएफ ने अपने सामान्य हथियारों का इस्तेमाल कर पाकिस्तानी ब्रिगेड को इतना अधिक नुकसान पहुंचाया कि उसने पीछे हटने में ही समझदारी दिखाई।
अपशब्दों पर लगेगी लगाम, ओडिशा सरकार की नई कानूनी तैयारी
9 Apr, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भुवनेश्वर | ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि राज्य सरकार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए कानून लाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि ये प्लेटफॉर्म 'टॉक्सिक मीडिया' में बदलते जा रहे हैं। मंत्री ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया, 'सोशल मीडिया पर अशोभनीय टिप्पणी करने वालों को इससे बचना चाहिए, वरना आने वाले दिनों में सरकार उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।'
सार्वजनिक जगहों पर भी अभद्र भाषा के खिलाफ कानून बनाने की योजना
उन्होंने कहा कि यह देखा गया है कि सोशल मीडिया धीरे-धीरे जहरीले मीडिया का रूप ले रहा है, जहां बिना किसी रोक-टोक के अभद्र भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। प्रस्तावित कानून अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियों को निशाना बनाएगा और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने वालों की जवाबदेही तय करेगा। सूत्रों के अनुसार, सरकार जिस कानून पर विचार कर रही है, उसका दायरा सार्वजनिक स्थानों तक भी बढ़ाया जा सकता है, जिससे अभद्र भाषा के उपयोग को नियमन के दायरे में लाया जा सके।
विधि आयोग ने अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपी
राज्य विधि आयोग ने सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप दी हैं। इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए ओडिशा भाजपा के सोशल मीडिया प्रमुख उमाकांत पटनायक ने कहा कि दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त कानून जरूरी है। वहीं, बीजद की युवा इकाई के अध्यक्ष चिन्मय साहू ने आशंका जताई कि भाजपा इस प्रस्तावित कानून का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए कर सकती है और विरोधियों को निशाना बना सकती है। कांग्रेस की छात्र इकाई के नेता यासिर नवाज ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता ही सोशल मीडिया पर अपने विरोधियों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
वोटिंग सेंटर पर तकनीक का कमाल, AI रोबोट ‘नीला’ ने खींचा ध्यान
9 Apr, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुदुचेरी | विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान पुदुचेरी में मतदाताओं का स्वागत एक अनोखे और हाई-टेक अंदाज में हो रहा है। यहां के वीओसी सरकारी स्कूल में वोट डालने आ रहे मतदाताओं का स्वागत 'नीला' नाम की एक रोबोट कर रही है। यह रोबोट मतदान केंद्र पर आने वाले हर व्यक्ति का अभिवादन कर रही है।रोबो मिरर कंपनी के कौशिक ने इस रोबोट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नीला एक इवेंट-आधारित रोबोट है। इसे खास तौर पर शादियों, दफ्तरों के काम और चुनावों जैसे मौकों के लिए तैयार किया गया है। यह रोबोट कोयंबटूर से यहां लाई गई है। नीला रोबोट में कई आधुनिक खूबियां मौजूद हैं। इसमें वॉयस फीचर लगा है, जिसकी मदद से यह खुद बात कर सकती है। इसमें पहले से निर्देश (कमांड) फीड किए जाते हैं, जिससे यह पास खड़े लोगों को सुनाई देने वाली आवाज में बात करती है।तस्वीरों में नीला रोबोट पारंपरिक कपड़ों में सजी नजर आ रही है। उसके हाथ में फूलों की एक थाली है, जिससे वह मतदाताओं का स्वागत कर रही है। चुनाव में तकनीक का यह इस्तेमाल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस हाई-टेक स्वागत को देखकर मतदान करने आए लोग काफी उत्साहित हैं।
आधार कार्ड नियम सख्त करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
9 Apr, 2026 11:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। इसमें मांग की गई है कि नया आधार कार्ड जारी करने की उम्र सीमा तय की जाए। याचिका के अनुसार, नया आधार केवल 6 साल तक के बच्चों को ही मिलना चाहिए। वयस्कों और किशोरों के लिए आधार बनवाने के नियम बहुत कड़े होने चाहिए। वकील और सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने यह याचिका लगाई है। याचिका में कहा गया है कि मौजूदा व्यवस्था का फायदा उठाकर घुसपैठिये आसानी से आधार कार्ड बनवा रहे हैं। इसके बाद वे खुद को भारतीय नागरिक बताने लगते हैं। इससे देश की सुरक्षा, सरकारी संसाधनों और चुनाव प्रक्रिया को खतरा पैदा हो रहा है।याचिका में मांग की गई है कि आधार केंद्रों पर बड़े बोर्ड लगाए जाएं। इन पर साफ लिखा होना चाहिए कि आधार कार्ड केवल पहचान का सबूत है, यह नागरिकता, पते या जन्मतिथि का प्रमाण नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना है कि अगर कोई वयस्क आधार बनवाना चाहता है, तो उसका वेरिफिकेशन एसडीएम या तहसीलदार जैसे बड़े अधिकारियों से होना चाहिए। याचिका के अनुसार, देश में अब तक 144 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड बन चुके हैं। इसलिए नए नियमों से असली नागरिकों को कोई नुकसान नहीं होगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि फर्जी दस्तावेजों से आधार बनवाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। घुसपैठिये आधार के जरिए राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसे अन्य दस्तावेज भी हासिल कर लेते हैं, जिसे रोकना बहुत जरूरी है।
मतदान के बाद नारायणसामी का बयान, कहा- गठबंधन के लिए अनुकूल स्थिति
9 Apr, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पुडुचेरी | केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान की प्रक्रिया जारी है। मतदाता अपने प्रतिनिधियों को चुनने के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। पूरे प्रदेश में कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां गुरुवार सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ, जो शाम 6 बजे तक चलेगा।पुडुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उन्होंने आम नागरिकों की तरह मतदान केंद्र पर कतार में खड़े होकर अपना वोट डाला। मतदान के बाद नारायणसामी ने कहा कि वोट डालना भारत के हर नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि पुडुचेरी में चुनावी स्थिति इंडिया गठबंधन के लिए बहुत अनुकूल है।यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में यहां अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस (AINRC) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता में है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी की इस सरकार को भारतीय जनता पार्टी का समर्थन हासिल है। सभी प्रमुख दलों के बीच सत्ता के लिए जोरदार टक्कर होने की उम्मीद है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी जवाहर ने बताया कि प्रशासन ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पुडुचेरी के कलेक्टर ए कुलुथुंगन ने कहा कि लोग बड़े उत्साह के साथ वोट डालने आ रहे हैं। सुबह-सुबह ही मतदाताओं की भारी भीड़ देखना सुखद है। मतदान शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर मॉक पोल की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई थी।सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,791 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 30 कंपनियां भी सुरक्षा में सहयोग कर रही हैं। चुनाव संपन्न कराने के लिए कुल 4,836 मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने 209 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और पांच को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया है। इन जगहों पर सूक्ष्म पर्यवेक्षक और सुरक्षा बल बारीकी से नजर रख रहे हैं।बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सहायता के लिए 2,000 छात्र स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान निगरानी टीमों ने 8.4 करोड़ रुपये की संदिग्ध सामग्री जब्त की। इसमें 6.7 करोड़ रुपये का सोना, 77 लाख रुपये नकद और 68 लाख रुपये की शराब शामिल है। साल 2021 के चुनाव में यहां 82 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस बार मतदान का प्रतिशत पिछले रिकॉर्ड को तोड़ सकता है।
BJP MLA का गुस्सा: जल निगम स्टाफ को लगाई कड़ी फटकार, वीडियो वायरल
9 Apr, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर सदर सीट से भाजपा के विधायक रत्नाकर मिश्रा ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई. विधायक ने इस दौरान चेतावनी देते हुए कहा कि जनकारी समस्याओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि जगह-जगह सड़कों की खुदाई और निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी से आम नागरिक परेशान हैं. अधिकारियों को अपनी कार्यशैली बदलनी होगी, वरना कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. इतना ही नहीं उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए अधिकारियों से कहा कि ‘तोका बंद कइके डंडा से मारब, नहीं सुधर जा.’ विधायक के इस रवैए को लेकर मामला गरमाया हुआ है. जानें क्या है पूरा मामला?
दरअसल, यह मामला सड़कों की खुदाई, सीवर लाइन और जल जीवन मिशन से जुड़ा है. जिसकी सुस्त रफ्तार को लेकर विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कहा कि ‘हर घर जल’ योजना और सीवर लाइन के निर्माण कार्यों ने पूरे शहर की रफ्तार रोक दी है. अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं, नहीं तो कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
15 दिनों का दिया अल्टीमेटम
इस दौरान अधिकारियों ने भी माना की काम में देरी और लापरवाही हुई है. अधिकारियों ने सफाई देते हुए बताया कि कुछ तकनीकी बाधाओं और सड़क निर्माण के विशेष मानकों के कारण काम में देरी हुई है. लेकिन अधिकारियों के जवाब सुनकर विधायक संतुष्ट नहीं हुए. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर कार्य स्थल की बाधाएं दूर नहीं हुईं और काम में तेजी नहीं आई, तो वे शासन स्तर पर सख्त कदम उठाएंगे।
स्थानीय भाषा में लगाई फटकार
इस दौरान विधायक ने स्थानीय भाषा में अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने कहा, ‘अबहीं, तोहे बंद कइके डंडा से मारब, नहीं सुधर जा, सारे काम दुरुस्त कर ले जा, पानी सप्लाई जल्दी से जल्दी चालू करावा.’ विधायक ने साफ किया कि अगर जनता पानी की समस्या से जूझेगी, तो अधिकारियों को भी परेशान होना पड़ेगा. विधायक के इस व्यवहार को लेकर यूपी कांग्रेस ने पलटवार किया और पूछा कि भाषा कि मर्यादा कहां गई?
पीएम मोदी ने जारी किया वीडियो, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
9 Apr, 2026 10:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश में कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मातृशक्ति की पूरी क्षमता को जोड़ना होगा। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए विधायिका में महिलाओं के लिए आरक्षण को समय की जरूरत बताया है। उन्होंने कहा कि इससे देश का लोकतंत्र और अधिक सशक्त, जीवंत और सहभागी बनेगा।
मोदी ने विस्तृत लेख किया साझा
प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर अपने विचार अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित एक विस्तृत लेख में भी साझा किए हैं। उन्होंने लिखा कि 21वीं सदी में भारत एक ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है और जल्द ही देश अपने लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने वाली एक बड़ी पहल का साक्षी बनने वाला है। उनके मुताबिक, यह समानता, समावेशन और जनभागीदारी को नए स्तर पर ले जाने का अवसर है।पीएम मोदी ने कहा कि संसद के सामने अब एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि ऐसा कदम उठाने की, जो लोकतंत्र को अधिक व्यापक और प्रतिनिधिक बनाए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण लागू होने से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें उनका उचित स्थान मिलेगा।
डॉ. अंबेडकर का किया जिक्र
अपने लेख में उन्होंने देशभर में मनाए जाने वाले विभिन्न त्योहारों जैसे रोंगाली बिहू, पणा संक्रांति, पोइला बैशाख, विषु, पुथांडु और बैसाखी का जिक्र करते हुए इसे आशा और सकारात्मकता का समय बताया। साथ ही, महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती और डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती का उल्लेख करते हुए सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों को याद किया।प्रधानमंत्री ने नारीशक्ति की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि महिलाएं देश की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती हैं और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान अमूल्य रहा है। विज्ञान, तकनीक, उद्यमिता, खेल, सशस्त्र बलों और कला जैसे हर क्षेत्र में महिलाएं अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।पीएम मोदी के अनुसार, महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से न केवल चर्चा समृद्ध होती है, बल्कि शासन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। यह लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील, संतुलित और जवाबदेह बनाता है।उन्होंने याद दिलाया कि वर्षों से महिला आरक्षण को लेकर प्रयास होते रहे हैं, लेकिन यह कानून के रूप में लागू नहीं हो पाया। उन्होंने सितंबर 2023 में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अब इसे लागू करने का समय आ गया है, ताकि 2029 के लोकसभा चुनाव और भविष्य के विधानसभा चुनावों में इसका लाभ मिल सके।लेख के अंत में पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे इस महत्वपूर्ण पहल का समर्थन करें। उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल या सरकार का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का विषय है और इसे सामूहिक संकल्प के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
युद्धविराम पर भरोसा नहीं, ईरान में छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता
9 Apr, 2026 10:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध का असर तीन हजार भारतीय छात्रों के भविष्य पर भी पड़ा है। छात्र मेडिकल क्षेत्र में अपना भविष्य संवारने का सपना लेकर ईरान गए थे पर पिछले एक साल में उनकी तीन बार पढ़ाई प्रभावित हो चुकी है। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात को देखते हुए उन्हें वापस जाकर अपनी मेडिकल पढ़ाई पूरी करने की संभावना कम ही दिख रही है। अब छात्रों को सरकार से राहत की उम्मीद है। छात्रों की मांग है कि सरकार इस मामले हस्तक्षेप करे और उन्हें किसी अन्य देश में मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने की अनुमति दिलवाए।ईरान में जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के संयोजक और केरमन यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंस में छात्र फैजान नबी ने बताया, इस युद्ध के बाद हालात बेहद खराब हो चुके हैं। सीजफायर की बात हुई है, लेकिन अब उन्हें भरोसा नहीं है। क्योंकि, जून 2025 से अब तक उनकी तीन बार पढ़ाई प्रभावित हुई है।
फरवरी में आ गए थे भारत
फरवरी में पहली एडवाइजरी जारी होते ही वे परीक्षा छोड़कर ईरान से भारत आ गए थे। लेकिन अप्रैल में नया सेमेस्टर शुरू होना था, लेकिन अब तक परीक्षा नहीं हो पाई है। पहले इंटरनेट चालू होने के कारण वे भारत में रहकर पढ़ाई कर पा रहे थे। लेकिन अब इंटरनेट पूरी तरह से बंद है, इस कारण उनकी ऑनलाइन कक्षाएं भी नहीं चल पा रही हैं।
सीजफायर के बाद भी छात्रों में डर
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बताया, इस युद्ध का असर ईरान में मेडिकल के तीन हजार भारतीय छात्रों पर पड़ा है। सीजफायर के बावजूद छात्रों में डर है। ईरान में कब क्या हो जाए, कहना मुश्किल होगा। ऐसे हालात में अब कोई अभिभावक अपने बच्चों को फिलहाल वापस भेजने से डर रहा है।
मतदान के बीच पीएम मोदी का संदेश, युवाओं से कहा- बढ़-चढ़कर करें वोटिंग
9 Apr, 2026 09:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।आज तीन राज्यों- असम, पुदुचेरी और केरल में विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तीनों प्रदेशों के मतदाताओं से बड़ी संख्या में बाहर आकर लोकतंत्र के इस उत्सव में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं और महिला मतदाताओं से लोकतंत्र की प्रक्रिया को मजबूत करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर वोट देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।विधानसभा चुनाव 2026 में रिकॉर्ड मतदान की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा, वोट डालना नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी को अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतंत्र को सशक्त बनाना चाहिए। यह प्रक्रिया राज्य के भविष्य को आकार देने में सहायक होगी। प्रत्येक नागरिक का योगदान महत्वपूर्ण है।
केरल और पुदुचेरी की जनता से रिकॉर्ड भागीदारी की अपील
पीएम मोदी ने केरल, पुदुचेरी और असम की जनता से अलग-अलग एक्स पोस्ट में अपील की। 2026 के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए पीएम मोदी ने राज्य के युवाओं और महिलाओं से आगे आकर बड़ी संख्या में अपने वोट डालने का अनुरोध किया।विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू होते ही पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा,पुदुचेरी के प्रत्येक मतदाता से रिकॉर्ड संख्या में इस चुनाव में भाग लेने की अपील है। उन्होंने कहा कि पुदुचेरी के भविष्य को आकार देने में प्रत्येक वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पीएम मोदी ने असम के लोगों को भी लोकतांत्रिक कर्तव्यों की याद दिलाई
मतदान शुरू होने के बाद पीएम मोदी ने असम के लोगों से भी बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा, राज्य के युवा और महिला मतदाता उत्साहपूर्वक चुनाव में भाग लें। यह चुनाव लोकतंत्र और सार्वजनिक कर्तव्य का उत्सव बनेगा।
धीरेंद्र शास्त्री का ऑस्ट्रेलिया दौरा: 8-15 अप्रैल सिडनी-पर्थ में कथा शृंखला
8 Apr, 2026 11:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के प्रसिद्ध कथावाचक बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री (Dhirendra Krishna Shastri) 8 से 15 अप्रैल तक ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न शहरों में धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग और स्थानीय नागरिक शामिल होने की उम्मीद है। इस दौरे के तहत सिडनी ओपेरा हाउस में विशेष आयोजन प्रस्तावित है, जो विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक स्थलों में गिना जाता है। इसके अलावा Parliament House में भी उनके संबोधन का कार्यक्रम रखा गया है, जहां वे भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों पर विचार साझा करेंगे। वहीं Perth में भी उनके कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस दौरे के पोस्टर और कार्यक्रमों की जानकारी आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक Facebook और यूट्यूब YouTube पर साझा की जा रही है, जहां से इच्छुक लोग अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने मीडिया संस्थानों और चैनलों से अपील की है कि इस ऐतिहासिक दौरे को प्रमुखता से स्थान दिया जाए।
गौरतलब है कि हाल के वर्षों में बागेश्वर धाम से जुड़े कार्यक्रमों ने देश और विदेश में बड़ी लोकप्रियता हासिल की है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाले ये कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
आयोजकों का कहना है कि यह पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है कि एक युवा संत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जाकर भारतीय आध्यात्मिकता का संदेश दे रहे हैं। इस दौरे से न केवल प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, बल्कि विदेशी नागरिकों को भी भारतीय परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
बागेश्वर धाम की प्रमुख विशेषताएं:
हनुमान जी का मंदिर: यहां का मुख्य आकर्षण प्राचीन हनुमान मंदिर है, जहां भक्त पूजा-अर्चना करते हैं।
दरबार परंपरा: विशेष दरबार में श्रद्धालु अपनी समस्याएं रखते हैं और समाधान की उम्मीद करते हैं।
कथा और प्रवचन: देशभर में कथा कार्यक्रमों के जरिए धार्मिक संदेश फैलाया जाता है।
बढ़ती लोकप्रियता: सोशल मीडिया और टीवी कवरेज के कारण इसकी पहुंच देश-विदेश तक हो गई है।
रेवती की बहादुरी से खुला राज, 9 पुलिसकर्मियों को हत्या के लिए फांसी की सजा
8 Apr, 2026 10:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Tamil Nadu Custody Murder: तमिलनाडु पुलिस के नौ जवानों को दोषी ठहराया गया और मौत की सजा सुनाई गई। यह फैसला उस घटना के पांच साल बाद आया है, जिसमें हिरासत में दी गई यातना के कारण एक पिता और बेटे की मौत हो गई थी। जहां एक ओर यह फैसला इस मामले को खत्म करता है, वहीं दूसरी ओर यह मामला शायद ही इस मुकाम तक पहुंच पाता, अगर एक हेड कांस्टेबल रेवती ने हिम्मत न दिखाई होती।
रेवती उस समय थूथुकुडी के साथनकुलम पुलिस स्टेशन में ड्यूटी पर थीं, जब पुलिसवालों ने पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स पर बेरहमी से ज़ुल्म ढाया था। इन दोनों को 2020 में कोविड नियमों का उल्लंघन करते हुए अपनी मोबाइल की दुकान खुली रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया था।
इस मामले में सरकारी गवाह बनते हुए, रेवती ने मजिस्ट्रेट के सामने थाने में हुई घटनाओं का पूरा ब्योरा दिया। रेवती को अपनी सुरक्षा, अपने परिवार या अपनी नौकरी को लेकर भी चिंता थी, लेकिन उन्होंने सच का साथ दिया। इस मामले में आरोपी अधिकारी वरिष्ठ और प्रभावशाली थे, जबकि रेवती एक जूनियर कांस्टेबल थी। फिर भी वह अपने इरादे पर अडिग रही।
सुरक्षा की गारंटी मांगती रही रेवती
जब न्यायिक मजिस्ट्रेट एम.एस. भरथिदासन इस मामले की जांच के लिए पहुंचे, तो बताया जाता है कि उन्होंने (रेवती) उनसे कहा, 'सर, मैं आपको सब कुछ बताऊंगी, हर एक बात, वह सच जिसे छिपाया जा रहा है। लेकिन मैं दो छोटी बच्चियों की मां हूं। क्या आप मेरे बच्चों और मेरी नौकरी की सुरक्षा की गारंटी दे सकते हैं?' एक पत्रकार जिनका नाम भी रेवती है, उन्होंने यह बात बताई।
कांस्टेबल रेवती ने उस रात की क्रूरता का पल-पल का ब्योरा दिया कि कैसे उन दोनों आदमियों को बेरहमी से पीटा गया, उन्हें कई चोटें आईं, और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कुछ ही दिनों के भीतर दोनों की मौत हो गई, जिससे पूरे देश में भारी आक्रोश फैल गया था।
रेवती ने बिना किसी डर के CCTV फुटेज में दिख रहे लोगों की पहचान की, और घटनास्थल पर उनकी मौजूदगी साबित करने में मदद की, जो क्रिमिनल लायबिलिटी तय करने के लिए एक जरूरी हिस्सा होता है।
प्राइवेट पार्ट्स को रौंदा
रेवती की गवाही के मुताबिक, ऑफिसर्स ने पीड़ितों पर जो कुछ भी मिला, उससे हमला किया और उनके प्राइवेट पार्ट्स पर अपने बूट से रौंदा, सिर्फ शराब पीने के लिए रुके जब पीड़ित दर्द से तड़पते रहे थे।
कांस्टेबल रेवती ने मजिस्ट्रेट को बताया, 'मैं रात करीब 8.50 बजे स्टेशन पहुंची। उसी समय, अंदर से किसी के चीखने और रोने की आवाज आई, जो चिल्ला रहा था, 'अम्मा, दर्द हो रहा है! मुझे जाने दो! प्लीज मुझे जाने दो! मैंने जो किया वह सच में एक गलती थी!' इस बीच सब-इंस्पेक्टर बालाकृष्णन की आवाज धीमी सुनाई दे रही थी, जो स्टेशन परिसर में था और चिल्ला रहा था, 'तुम्हारी हिम्मत स्टेशन के अंदर हंगामा करने की? क्या तुम्हें लगता है कि तुम कोई बड़े आदमी हो?'
रेवती ने कॉफी पूछी तो हाथ झटक दिया
रेवती ने आगे कहा, 'जब मैं वहां पहुंची, तो वे उस व्यक्ति को बुरी तरह पीट रहे थे, जिससे वह खून से लथपथ हो गया था।' जब वे दोनों आदमी, उस यातना को सहन न कर पाने के कारण, अर्द्ध-बेहोशी की हालत में पहुंच गए, तो रेवती ने जयराज (मृत पिता) से पूछा कि क्या उन्हें किसी चीज की जरूरत है और उन्हें कॉफी देने की पेशकश की; लेकिन अधिकारियों ने तुरंत उसे झटककर गिरा दिया। एक समय ऐसा भी आया, जब उन आदमियों के कपड़े उतारकर उन्हें नंगा कर दिया गया और उनके हाथ बांध दिए गए। उस क्रूरता को और अधिक न देख पाने के कारण, रेवती कमरे से बाहर चली गई।'
साथी अधिकारियों की चेतावनी के बावजूद कि वह चुप रहें, रेवती जो घटना के समय लगभग 37 साल की थीं, उन्होंने बोलने का फैसला किया। यह एक ऐसी फोर्स में एक असाधारण कदम था, जहां किसी कर्मी का अपने साथियों के खिलाफ गवाही देना बहुत कम देखने को मिलता है।
उन्हें डराया-धमकाया गया और माहौल इतना ज्यादा तनावपूर्ण था कि मजिस्ट्रेट को जांच-कक्ष के बाहर एक गार्ड तैनात करना पड़ा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह अपना बयान दर्ज करवा सकें।
इसके बाद भी पुलिसकर्मी थाने के बाहर जमा हो गए, टिप्पणियां करने लगे और कार्यवाही में बाधा डालने की कोशिश करने लगे। यह डर इतना ज्यादा था कि रेवती शुरू में अपने बयान पर दस्तखत करने से हिचकिचा रही थीं। आखिरकार, सुरक्षा का बार-बार आश्वासन मिलने के बाद ही उन्होंने ऐसा किया।
पुलिस अदालत में भी डराती रही
न्यायमूर्ति भरथिदासन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया, 'काफी देर तक समझाने-बुझाने और सुरक्षा का आश्वासन दिए जाने के बाद ही उन्होंने अपने बयान पर दस्तखत किए; क्योंकि उस समय हालात ठीक नहीं थे, पूरा थाना परिसर पुलिस से घिरा हुआ दिख रहा था, वे अपने मोबाइल में घटनाओं को रिकॉर्ड कर रहे थे, और यहां तक कि पुलिस अदालत के कर्मचारियों को भी धमकाती और डराती हुई पाई गई।'
हालांकि केस के शुरुआती दौर में रेवती की गवाही को बड़े पैमाने पर समर्थन मिला, फिर भी वह आशंकित रहीं। 2020 में 'द न्यूज मिनट' से बात करते हुए उन्होंने अपने बयान की डिटेल्स के पब्लिक होने पर चिंता जताई और कहा, 'मैं सच में नहीं चाहती कि सीनियर अधिकारी मुझे परेशान करें।'
मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के बाद, जिला प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई और उनकी तथा उनके पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दो पुलिस कांस्टेबल तैनात किए। 2020 में हुई एक सुनवाई के दौरान, मद्रास हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने उन्हें बुलाया और सुनवाई के दौरान ही फोन पर उनसे कुछ मिनट बात की, और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल को कोर्ट से राहत, देशद्रोह केस में जमानत मंजूर
8 Apr, 2026 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sant Rampal Bail News: हरियाणा के हिसार में सतलोक आश्रम के प्रमुख संत रामपाल को देश द्रोह के मामले में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। रामपाल करीब 11 साल 4 महीने से जेल में बंद है। लेकिन अब जमानत मिलने के बाद संत रामपाल जल्द ही जेल से बाहर आएगा। रामपाल के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों में वो या तो बरी हो चुके हैं या सजा पर रोक लगाई गई है। फिलहाल देशद्रोह के मामले में ही रामपाल जेल में बंद था। नवम्बर 2014 में रामपाल के हिसार आश्रम में जबरदस्त हिंसा हुई थी।
पांच महिलाओं और एक बच्ची की मौत
हिंसा उस वक्त हुई जब हरियाणा पुलिस कोर्ट की अवमानना के मामले में उसे गिरफ्तार करने उसके हिसार आश्रम में गई थी। उसके श्रद्धालुओं ने पुलिस टीम को रोका था और वहां हुई हिंसा में पांच महिलाओं और एक बच्ची की मौत हो गई थी। उस संबंध में भी रामपाल पर कत्ल और देश द्रोह का मामला चल रहा था। अब हाईकोर्ट का जमानत आदेश संबंधित ट्रायल कोर्ट में पहुंचेगा। वहां बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आदेश जेल प्रशासन तक आएंगे और फिर रामपाल को रिहा किया जाएगा। संत रामपाल को 19 नवंबर 2014 को बरवाला सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था।
कानूनी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई
हालांकि, अन्य मामलों में कानूनी स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। संत रामपाल के वकील अर्जुन श्योराण ने कहा कि दो मामलों में पहले ही रामपाल को कोर्ट ने राहत दे दी थी अब यही एक मामला था जो फिलहाल चल रहा था इसका ट्रायल अभी चल रहा है इसलिए अब कोर्ट ने कहा कि अब और ज्यादा दिन रामपाल को जेल में नहीं रखा जा सकता है इसलिए अब उनको जमानत दे दी गई है अब वह जल्द ही जेल से बाहर आ जाएंगे। संत रामपाल के लाखों भक्त हैं जो लंबे समय से उनका जेल से बाहर आने का इंतजार कर रहे थे कोर्ट के इस फैसले से अब रामपाल के भक्तों में भी खुशी की लहर है।
किसानों को बड़ी राहत, 41,534 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी मंजूर
8 Apr, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली|बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग हुई. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. इसमें कुल एक लाख 74 हजार 207 करोड़ के प्रस्तावों और प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है. मीटिंग में हुए फैसलों में किसान को बड़ा तोहफा दिया गया है. किसानों के लिए 41 हजार 534 करोड़ की खाद सब्सिडी को मंजूरी दी गई है|
किसानों के लिए खाद सब्सिडी 4317 करोड़ बढ़ी
केंद्रीय कैबिनेट की मीटिंग में किसान, ऊर्जा और यातायात को फोकस किया गया. खरीफ 2026 के लिए न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी को लगभग 41 हजार 534 करोड़ की मंजूरी दी गई है. इसमें पिछली बार की तुलना में 4317 करोड़ रुपये बढ़ाए गए हैं. मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण दुनियाभर में पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर दिक्कत आ रही है. जिसके कारण कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. ऐसे में दुनियाभर में हो रहे बदलाव के कारण देश में किसानों पर इसका असर ना पड़े, जिसके लिए सरकार ने ये फैसला लिया है. नई दरें एक अप्रैल से 30 सितंबर तक लागू रहेंगी|
HPCL Rajasthan Refinery Limited को मंजूरी
इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट में राजस्थान में HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को मंजूरी दी गई है. इसके लिए 79,459 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. वहीं इस फैसले के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुशी जाहिर की है. शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ”यह निर्णय परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देगा और देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा.’
जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट के लिए 13,038 करोड़ मंजूर
इसके साथ ही जयपुर मेट्रो फेज-2 प्रोजेक्ट के लिए 13 हजार 38 करोड़ की मंजूरी दी गई है. इस प्रोजेक्ट के तहत 41 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा. इस प्रोजेक्ट के साथ ही जयपुर और आसपास के इलाकों में यातायात को लेकर विकास को रफ्तार भी मिलेगी. वहीं हाइड्रोपावर सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश को मंजूरी मिली है. इसमें कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट (1720 MW) के लिए 26,070 करोड़ और कालई-II हाइड्रो प्रोजेक्ट (1200 MW) के लिए 14,106 करोड़ रुपये भी शामिल है|
न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी में भारत की बड़ी कामयाबी, एडवांस रिएक्टर ने रचा इतिहास
8 Apr, 2026 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तीनों राज्यों में 1879 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर, 4 मई को आएंगे नतीजे
नई दिल्ली। असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए जोरदार प्रचार अभियान मंगलवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। अब इन राज्यों में गुरुवार 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप, जनसभाओं और वादों की गूंज के बाद अब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी, विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया, मंत्री रनोज पेगु, चंद्रमोहन पटवारी, अतुल बोरा, केशव महंत, अजंता नियोग, अशोक सिंघल, रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई और एजेपी अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई शामिल हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच माना जा रहा है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा काफी रोचक हो गई है।
वहीं केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव प्रचार थमने के साथ राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केरल में एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि पुडुचेरी में एनडीए और यूपीए आमने-सामने हैं। तीनों राज्यों में कुल मिलाकर 1879 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। अब सभी की नजरें 9 अप्रैल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
धर्मनगर उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला
इसी के साथ त्रिपुरा के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए भी प्रचार समाप्त हो गया है। यहां 9 अप्रैल को मतदान होगा। यह उपचुनाव भाजपा नेता और विधानसभा अध्यक्ष विश्व बंधु सेन के निधन के बाद कराया जा रहा है। इस सीट पर भाजपा, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
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