राजस्थान
दिल दहला देने वाली दुर्घटना: बैक हो रही कचरा गाड़ी के नीचे आया दो साल का मासूम, मौके पर मची चीख-पुकार
3 Jun, 2026 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद | हरियाणा के भूना शहर के वार्ड नंबर पांच में बुधवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक हादसा सामने आया है। यहां गली में खेल रहा दो साल का एक मासूम बच्चा नगर पालिका की कचरा उठाने वाली गाड़ी (डोर-टू-डोर गारबेज व्हीकल) की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में अंश नामक मासूम गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। मगर, डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से पूरे इलाके और पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
संकरी गली में बैक करते समय हुआ हादसा, चालक की नजर से चूका मासूम
चश्मदीदों के मुताबिक, यह वाकया सुबह करीब नौ बजे बाबा राणाधीर मंदिर के सामने वाली गली में पेश आया। उस वक्त ठेकेदार की कचरा संग्रहण गाड़ी रोज की तरह वार्ड से कूड़ा उठाने आई थी। उसी दौरान गली के मुहाने पर पानी का एक टैंकर खड़ा होने की वजह से रास्ता काफी संकरा हो गया था। जगह कम होने के कारण ड्राइवर बेहद सावधानी से गाड़ी को पीछे (बैक) कर रहा था, लेकिन इसी बीच खेल रहा मासूम अंश अचानक वाहन के पिछले हिस्से के नीचे आ गया। गाड़ी बड़ी होने के कारण चालक को नीचे खेल रहा बच्चा दिखाई नहीं दिया।
मौके पर मची चीख-पुकार, पुलिस ने वाहन को लिया कब्जे में
हादसा होते ही गली में जोर-जोर से चीख-पुकार मच गई। रोने-चिल्लाने की आवाज सुनकर परिजन और आस-पड़ोस के लोग घरों से बाहर दौड़े और लहुलुहान हालत में बच्चे को नजदीकी नागरिक अस्पताल लेकर भागे, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस और वार्ड के पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कानून व्यवस्था और स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दुर्घटना को अंजाम देने वाली कचरा गाड़ी को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है।
कचरा गाड़ियों में हेल्पर रखने की उठी मांग, परिजनों की शिकायत पर होगी कार्रवाई
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष देखा जा रहा है। वार्ड के लोगों का कहना है कि संकरी गलियों में सुबह के वक्त अक्सर छोटे बच्चे खेलते रहते हैं। ऐसे में नगर पालिका और ठेकेदार की इन गाड़ियों के साथ एक हेल्पर (सहयोगी) का होना बेहद जरूरी है, जो गाड़ी को बैक करवाते समय पीछे खड़े होकर ध्यान रख सके। लोगों ने प्रशासन से कचरा उठाने के समय में भी बदलाव करने की मांग की है। स्थानीय थाना पुलिस के अनुसार, परिजनों द्वारा दी जाने वाली लिखित शिकायत के आधार पर फरार चालक के खिलाफ कानून के तहत सख्त मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार: पीजी डॉक्टर्स अब सीधे सिविल अस्पतालों में देंगे सेवाएं, नॉन-क्लीनिकल संभालेंगे एकेडमिक्स
3 Jun, 2026 10:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मेडिकल कॉलेजों में व्याख्याताओं की कमी को दूर करने के लिए सेवारत डॉक्टरों की पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) नीति में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस नए नीतिगत बदलाव के माध्यम से राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा के स्तर को सुधारने के साथ-साथ जिला अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सुदृढ़ करना चाहती है।
क्लीनिकल पीजी डॉक्टरों को बॉन्ड से मुक्ति, अस्पतालों में सुधरेंगी सेवाएं
नई नीति के अनुसार, अब जो सरकारी डॉक्टर क्लीनिकल विषयों में पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की पढ़ाई पूरी करेंगे, उन्हें मेडिकल एजुकेशन बॉन्ड की बाध्यता से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद ये विशेषज्ञ डॉक्टर मेडिकल कॉलेजों में रुकने के बजाय सीधे नागरिक अस्पतालों (सिविल हॉस्पिटल्स) में अपनी सेवाएं देंगे। इस फैसले से जिला स्तर के बड़े अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर होगी और आम जनता को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। सरकार ने यह राहत हरियाणा सिविल डेंटल सर्विस के डॉक्टरों को भी प्रदान की है।
नॉन-क्लीनिकल डॉक्टरों के लिए मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाना अनिवार्य
इसके विपरीत, प्री-क्लीनिकल और पैरा-क्लीनिकल जैसे नॉन-क्लीनिकल विषयों (जैसे एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी) में पीजी करने वाले डॉक्टरों के लिए नियम अलग रखे गए हैं। इन विषयों के डॉक्टरों को अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद तीन वर्षों तक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अधीन आने वाले मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कार्य करना होगा। यह अनिवार्य अवधि पूरी होने के बाद डॉक्टरों को उसी विभाग में स्थायी रूप से संकाय (फैकल्टी) के तौर पर शामिल होने का विकल्प भी दिया जाएगा। विभाग के उच्च अधिकारियों के मुताबिक, इस कदम का मुख्य उद्देश्य हाल ही में खुले नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए योग्य अध्यापकों की कमी को पूरा करना है।
पुरानी नीति के प्रावधानों में बदलाव और संतुलन बनाने की कोशिश
यह नया संशोधन वर्ष दो हजार बाईस में लागू की गई उस नीति में किया गया है, जिसके तहत सेवारत डॉक्टरों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में चालीस प्रतिशत आरक्षित सीटों पर पीजी करने का मौका मिलता था। पुरानी व्यवस्था के तहत हर इन-सर्विस डॉक्टर को पढ़ाई के बाद तीन साल तक मेडिकल या डेंटल कॉलेजों में काम करना जरूरी था, जिससे जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों का भारी अकाल पड़ जाता था। स्वास्थ्य विभाग लंबे समय से इस नियम को बदलने की मांग कर रहा था। सरकार का मानना है कि इस संशोधित नीति से राज्य में चिकित्सा शिक्षा के स्तर और मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच एक सटीक संतुलन स्थापित किया जा सकेगा।
बर्थडे पार्टी में खूनी खेल: जश्न के माहौल में युवक की नृशंस हत्या, हमलावरों ने तेजधार हथियारों से उतारा मौत के घाट
3 Jun, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भूना | गुरुग्राम से अपने भतीजे के जन्मदिवस समारोह में शामिल होने आए एक युवक की मंगलवार देर रात अपराधियों ने धारदार हथियारों से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों ने मोटरसाइकिल से जा रहे युवक को रास्ते में घेर लिया और पहले उसके साथ जमकर मारपीट की। इसके बाद धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ वार करने के बाद क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए उसके ऊपर गाड़ी भी चढ़ा दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नरसिंह और सीआईए की टीम भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मुखबिरी के शक में अपराधियों ने रास्ते से किया अगवा
मृतक की पहचान भूना के वार्ड संख्या पांच के रहने वाले तेईस वर्षीय सचिन कुमार के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में इस जघन्य हत्याकांड का आरोप विक्रम भांभू गैंग के गुर्गों पर लगा है। बताया जा रहा है कि इस आपराधिक गिरोह को शक था कि सचिन पुलिस के लिए उनकी जासूसी और मुखबिरी करता था। मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे जब सचिन अपने एक दोस्त के साथ बाइक पर सवार होकर शहर की तरफ जा रहा था, तभी शहीद उधम सिंह चौक के पास बदमाशों ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। इसके बाद वाल्मीकि चौक के पास उसे जबरन रोककर अगवा कर लिया गया।
बर्बरतापूर्वक हाथ-पैर तोड़े, फिर शरीर पर चढ़ा दी गाड़ी
अपराधी सचिन को अगवा कर हिसार रोड की तरफ ले गए, जहां उन्होंने उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। बदमाशों ने बेरहमी से पीटकर पहले उसके हाथ-पैर तोड़ दिए और फिर उसकी गर्दन व छाती पर नुकीले व धारदार हथियारों से कई गहरे वार किए। इतने से भी जब मन नहीं भरा, तो तड़पते हुए सचिन के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देकर सभी हमलावर वहां से भाग निकले। स्थानीय निवासियों द्वारा आपातकालीन सेवा डायल-एक सौ बारह पर सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने मृतक के पिता राजबीर की तहरीर पर दस नामजद और पच्चीस अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गुरुग्राम की निजी कंपनी में कार्यरत था होनहार बेटा
सचिन के आकस्मिक निधन से उसके परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के मुताबिक, उसके पिता राजबीर सिंह मजदूरी करके घर चलाते हैं। परिवार में तीन भाई-बहनों में सचिन दूसरे स्थान पर था, जबकि उसकी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई सुनील कुमार है। तीनों अभी अविवाहित हैं। सचिन पहले स्थानीय कॉलेज से बीए की पढ़ाई कर रहा था, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते उसने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करने लगा था। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
नारनौल में दिल दहला देने वाली वारदात: पारिवारिक कलह में पति ने की पत्नी और बेटी की बेरहमी से हत्या
2 Jun, 2026 10:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नारनौल | नांगल चौधरी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव ढाणी ठाकरान में सोमवार की देर शाम एक खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ एक व्यक्ति पर अपनी ही जीवनसंगिनी और मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या करने का संगीन आरोप लगा है। इस दोहरे हत्याकांड की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया है और हर कोई इस घटना से हैरान है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को अपनी कस्टडी में ले लिया है।
कहा-सुनी के बीच आई बेटी भी बनी सनकी पिता का शिकार
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, ढाणी ठाकरान निवासी अशोक सिंह का सोमवार की शाम अपनी 40 वर्षीया पत्नी राजबाला देवी के साथ किसी पारिवारिक विषय को लेकर झगड़ा शुरू हुआ था। देखते ही देखते दोनों के बीच का यह विवाद बेहद उग्र रूप ले बैठा। माता-पिता के बीच बढ़ती तकरार को देख उनकी 14 साल की बेटी मीनाक्षी दोनों को शांत कराने और बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंची। लेकिन गुस्से में अंधा हो चुके अशोक सिंह ने अपनी पत्नी के साथ-साथ उस मासूम बेटी को भी मौत के घाट उतार दिया।
गला घोंटकर हत्या की आशंका, शव अस्पताल के मुर्दाघर पहुंचे
शुरुआती जांच और घटनास्थल के हालातों को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने दोनों की गला दबाकर जान ली है। हालांकि, मौत की असली वजह क्या थी, इसका पूरी तरह से खुलासा पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। वारदात के तुरंत बाद जब परिवार के अन्य सदस्य वहां पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने दोनों शवों को अपने नियंत्रण में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल के शवगृह (मॉर्च्युरी) भिजवा दिया है।
आरोपी किसान पुलिस की गिरफ्त में, तफ्तीश शुरू
वारदात को अंजाम देने के बाद भागने की फिराक में लगे आरोपी अशोक सिंह को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हिरासत में ले लिया है। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी पेशे से किसान है और खेती-बाड़ी का काम करता है। मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल द्वारा दोनों शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और इस जघन्य अपराध के पीछे की असल वजहों को जानने के लिए मामले के हर छोटे-बड़े पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
डोभ गांव में हत्या का मामला: सिर पर डंडा मारकर पति ने की असम निवासी पत्नी की हत्या, पुलिस जांच में जुटी
2 Jun, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक | रोहतक के भिवानी रोड पर स्थित डोभ गांव में सोमवार की रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां पारिवारिक विवाद के चलते एक शख्स ने अपनी पत्नी जोशना के सिर पर लाठी (डंडा) से हमला कर उसकी जान ले ली। चोट इतनी गंभीर थी कि महिला ने घटना स्थल पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही बहुअकबरपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंच गई है।
घरेलू विवाद में खूनी खेल, दो मासूम बच्चे हुए अनाथ
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी आजाद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कासगंज का रहने वाला है, जिसने असम की निवासी जोशना से विवाह किया था। आजाद रोहतक में रहकर कबाड़ का काम करता था और दोनों के दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र पांच और तीन साल है। सोमवार की रात पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो इतनी बढ़ गई कि आजाद ने गुस्से में आकर जोशना के सिर पर डंडा मार दिया। इस हमले में जोशना की मौके पर ही मौत हो गई।
पीर बाबा मंदिर के पास कमरे में मिला शव, मायके वालों का इंतजार
मंगलवार की सुबह पुलिस को खबर मिली कि भिवानी रोड किनारे पीर बाबा मंदिर के सामने बने एक कमरे में एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है। पुलिस टीम एफएसएल विशेषज्ञ के साथ घटना स्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। मृतका के सिर पर गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई के शवगृह (डेड हाउस) भिजवा दिया है। पुलिस का कहना है कि मृतका के मायके वालों को सूचित कर दिया गया है और उनके बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक में अपराध का ग्राफ बढ़ा, पांच दिनों में मर्डर की चौथी वारदात
इस घटना ने जिले की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि रोहतक में बीते पांच दिनों के भीतर हत्या का यह चौथा मामला सामने आया है। इससे पहले 29 मई की सुबह नेहरू कॉलोनी में चिंकी नामक महिला की लाश मिली थी। उसके अगले ही दिन मोखरा गांव में किसान ओमबीर की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद नेहरू कॉलोनी में ही ज्योति नाम की एक विवाहिता की संदिग्ध मौत हुई, जिसमें उसके ससुराल वालों पर हत्या का केस दर्ज कराया गया है। अब डोभ गांव में हुई इस ताजा वारदात से इलाके के लोग सहमे हुए हैं।
हरियाणा वासियों को भीषण गर्मी से राहत: सात जून तक लगातार सक्रिय होंगे चार पश्चिमी विक्षोभ, मौसम रहेगा खुशनुमा
2 Jun, 2026 08:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | जून महीने का आगाज उत्तर भारत के लोगों के लिए बेहद खुशनुमा और ठंडे मौसम के साथ हुआ है। बीते तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश और आंधी की वजह से सोमवार को पूरे क्षेत्र में पारा सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जून के पहले 15 दिनों (प्रथम पखवाड़े) के दौरान एक के बाद एक कुल चार पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) एक्टिव होने जा रहे हैं, जिसकी बदौलत लोगों को भीषण चुभती गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, महीने के उत्तरार्ध यानी दूसरे पखवाड़े में एक बार फिर तीखी धूप और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
लगातार बदलता रहेगा मौसम, इस तारीख को आ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, जून के दूसरे सप्ताह में ही प्री-मानसून की बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जबकि 3 जुलाई को मुख्य मानसून के दस्तक देने की संभावना जताई जा रही है। 2 जून की रात से और उसके बाद पुनः 4 जून को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में 3 से 7 जून तक लगातार मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। जून के पूरे महीने में करीब 7 से 8 पश्चिमी विक्षोभ आने के आसार हैं। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में 2 से 4 कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) और डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है, जो बार-बार मौसम में उलटफेर लाते रहेंगे।
मध्य जून में सताएगी उमस, फिर मिलेगी राहत
महीने के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत होते ही हवाओं का रुख बदलेगा। लगातार चलने वाली दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण उमसभरी चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान करेगी। लेकिन यह दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा; 19 जून को एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देगा। इसी दौरान अरब सागर में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र का असर राजस्थान के रास्ते हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचेगा, जिससे एक बार फिर धूलभरी आंधी और बारिश का दौर शुरू होगा और मौसम सुहावना हो जाएगा।
सामान्य से 6 डिग्री नीचे गिरा पारा, मई का ऐसा रहा मिजाज
हालिया बारिश के चलते सिरसा में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सबसे ज्यादा था। वहीं महेंद्रगढ़ में पारा सामान्य से 6.8 डिग्री कम होकर 35.5 डिग्री और करनाल में भी सामान्य से 6.8 डिग्री गिरकर 32.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हिसार में दिन का तापमान सामान्य से 3.7 डिग्री कम (38.4 डिग्री) और रात का तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस कम मापा गया। अगर पिछले महीने की बात करें तो मई में मौसम तीन बार बदला; शुरुआती 14 दिन बारिश रही, फिर 15 से 25 मई तक भीषण लू चली और आखिरी चार दिनों में आंधी-पानी ने फिर सबको कूल कर दिया। इस वर्ष मार्च, अप्रैल और मई तीनों ही महीनों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है।
"चोरी की बड़ी वारदात: सूने घर का ताला तोड़कर 40 तोला जेवरात और कैश पर हाथ साफ"
1 Jun, 2026 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहजादपुर। स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव शहजादपुर माजरा में बेखौफ बदमाशों ने एक सूने मकान को अपना निशाना बनाते हुए करीब 40 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। शातिर चोरों ने इस सनसनीखेज वारदात को उस समय अंजाम दिया जब गृहस्वामी अपने पूरे कुनबे के साथ धार्मिक यात्रा पर गए हुए थे। कंक्रीट और लोहे के सुरक्षा घेरे को ध्वस्त कर की गई इस बड़ी डकैती नुमा चोरी से पूरे ग्रामीण अंचल में दहशत और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया है।
धार्मिक यात्रा पर गया था परिवार, पीछे से उखाड़ दिया सुरक्षा जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहजादपुर माजरा के रहने वाले डॉ. विवेक बराड़ 30 मई की रात को अपने मकान का मुख्य द्वार अच्छे से लॉक कर सपरिवार ब्यास (धार्मिक स्थल) के लिए रवाना हुए थे। इसी सूनेपन का फायदा उठाकर शातिर अपराधियों ने मकान के पिछले हिस्से का ताला चटकाया और मजबूत लोहे के सुरक्षा जाल को औजारों की मदद से उखाड़ फेंका। घर के भीतर दाखिल होकर चोरों ने लॉकरों को निशाना बनाया और अलमारियों के ताले तोड़कर उसमें रखी पुश्तैनी व शादियों के लिए संजोकर रखी गई करीब 40 तोला सोने की ज्वेलरी और लगभग 5 किलोग्राम चांदी के कीमती आभूषणों को बटोर लिया। इसके अलावा, लॉकर में सुरक्षित रखी गई 11 लाख रुपये की मोटी नकदी भी समेट कर फरार हो गए।
लौटने पर खुला कमरों का ताला, बिखरा सामान देख उड़े होश
इस महाचोरी का पर्दाफाश तब हुआ जब पीड़ित डॉ. विवेक बराड़ अगले दिन यानी 31 मई की रात करीब पौने दस बजे वापस अपने निवास स्थान पर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने घर का ताला खोलकर भीतर प्रवेश किया, वहां का मंजर देखकर उनका पूरा परिवार सन्न रह गया। कमरों के भीतर रखी अलमारियां खुली पड़ी थीं, तिजोरी का दरवाजा टूटा हुआ था और कीमती सामानों के डिब्बे जमीन पर बिखरे हुए थे। सारा सोना, चांदी और कैश गायब पाकर गृहस्वामी ने बिना एक पल गंवाए तुरंत पड़ोसियों को इकट्ठा किया और डायल 112 के माध्यम से स्थानीय पुलिस को मामले की इत्तिला दी।
सीसीटीवी खंगालने में जुटी पुलिस, एएसआई को सौंपी गई कमान
बड़ी सेंधमारी की सूचना पाकर शहजादपुर थाना पुलिस की टीम दलबल के साथ फौरन मौके पर पहुंची और क्राइम सीन का बारीकी से मुआयना किया। हालांकि, शुरुआती तफ्तीश और स्थानीय लोगों से की गई पूछताछ में चोरों का कोई सीधा सुराग हाथ नहीं लग सका है। थाना प्रभारी ओमचंद ने बताया कि अज्ञात चोरों के विरुद्ध सुसंगत कानूनी धाराओं के तहत मामला पंजीकृत कर लिया गया है। इस अंधे मामले के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) संदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस गांव और आसपास के मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों के हुलिए और भागने के रास्तों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
"वाहन शौकीनों को हाईकोर्ट की बड़ी राहत: नए वीआईपी नंबर के लिए नहीं देनी होगी दोबारा फीस"
1 Jun, 2026 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। दशकों पुराने और अपनी पसंद के वीआईपी वाहन नंबर रखने वाले हजारों वाहन स्वामियों को माननीय उच्च न्यायालय ने एक बड़ी सौगात दी है। अदालत ने अपने एक ऐतिहासिक फैसले में साफ कर दिया है कि जब पुरानी सीरीज के नंबरों को नए वीआईपी या पसंदीदा (प्रेफरेंशियल) नंबरों में तब्दील किया जाएगा, तो प्रशासन इसके एवज में वाहन मालिकों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त फीस या जुर्माना नहीं वसूल सकता है। न्यायमूर्ति जगमोहन बंसल की एकल पीठ ने इस विषय से जुड़ी 14 से अधिक याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए यह बड़ा आदेश जारी किया।
बार-बार रुख बदलने पर अदालत ने सरकार को टोका
अदालत ने सुनवाई के दौरान इस बात पर हैरानी जताई कि यह विवाद तीसरी बार न्यायपालिका के दहलीज पर पहुंचा है। पूरा मामला मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के वजूद में आने से पहले के उन नंबरों से जुड़ा है, जो 'एचआर' (HR) की जगह पुरानी सीरीज के अक्षरों से शुरू होते थे। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि सरकार ने पहले भी अदालत को यह भरोसा दिलाया था कि इन नंबरों को नई सीरीज में बदलने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके विपरीत, 8 नवंबर 2019 को एक नया आदेश जारी कर पसंदीदा नंबर रखने वालों से अचानक मोटी फीस की मांग की जाने लगी, जो कि पूर्व के आश्वासनों का खुला उल्लंघन था।
नियम तय करने का हक सिर्फ केंद्र को, राज्यों को नहीं
उच्च न्यायालय ने कानूनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि वाहनों के पंजीकरण चिह्नों की वैधता, उनके स्वरूप और नवीनीकरण से संबंधित किसी भी प्रकार के नियम या कानून बनाने का अधिकार विशेष रूप से केवल केंद्र सरकार के पास सुरक्षित है। राज्य सरकार के पास इस विषय में समानांतर नियम बनाने या अलग से आदेश थोपने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। हरियाणा सरकार ने बिना किसी वैधानिक कानून के महज आंतरिक मेमो और सर्कुलर के जरिए इस नीति को लागू करने की कोशिश की थी, जिसके चलते कोर्ट ने इस विवादित आदेश को पूरी तरह अवैध और शून्य घोषित कर दिया।
हजारों वीआईपी और पसंदीदा नंबर धारकों को सीधा फायदा
अदालत ने अपने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए समझाया कि यदि किसी पुराने नंबर (जैसे HRK-4 या HRO-10) को नई सीरीज के समान मूल्य वाले नंबर (जैसे HR 0004 या HR 0010) में बदला जाता है, तो यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क होगी। इस फैसले से अविभाजित पंजाब के समय के या पुरानी सीरीज के विशेष और आकर्षक नंबर रखने वाले हजारों वाहन मालिकों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि यह रियायत केवल साधारण नंबरों के लिए नहीं है, बल्कि वीआईपी और पसंदीदा नंबरों पर भी समान रूप से प्रभावी रहेगी।
"शॉर्ट सर्किट या लापरवाही? जिंदल पेट्रो गोदाम में आग से लाखों का नुकसान, बुझाने में जुटे दमकलकर्मी"
1 Jun, 2026 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला। जिले के मंडोर इलाके में स्थित जिंदल पेट्रो के एक गोदाम में सोमवार सुबह करीब 9 बजे अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते इस आग ने बेहद खतरनाक रूप अख्तियार कर लिया और गोदाम से आसमान छूती आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही पलों में पूरे आसमान में काले धुएं का एक विशाल गुबार छा गया, जिससे आस-पास के रिहायशी और औद्योगिक क्षेत्रों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए इस बड़े हादसे की जानकारी दमकल विभाग और नजदीकी पुलिस स्टेशन को दी।
ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण तेजी से फैली आग
दुर्घटना का संदेश मिलते ही दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गईं और राहत कार्य शुरू किया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इस गोदाम में भारी मात्रा में पेट्रोलियम उत्पाद, इंडस्ट्रियल ऑयल और विभिन्न प्रकार के केमिकल्स का स्टॉक रखा हुआ था। केमिकल और ऑयल के अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने पल भर में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और तपिश इतनी भयानक थीं कि दमकल कर्मियों को पास जाकर आग बुझाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लाखों का सामान जलकर स्वाहा, कर्मियों को सुरक्षित निकाला गया
प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए एहतियात के तौर पर गोदाम और उसके आस-पास काम कर रहे सभी मजदूरों व कर्मचारियों को तुरंत वहां से हटाकर सुरक्षित दूरी पर भेज दिया, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से टल गया। हालांकि, इस तबाही में गोदाम के अंदर रखा लाखों रुपये का कीमती कच्चा माल और तैयार प्रॉडक्ट्स जलकर पूरी तरह से राख हो गए। फैक्टरी प्रबंधन को इस हादसे में भारी आर्थिक क्षति पहुंचने का अनुमान है।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका
दमकल की टीमें लगातार पानी और फोम की बौछारों के जरिए आग को पूरी तरह से शांत करने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। हालांकि, अभी तक इस भीषण अग्निकांड की असल वजह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं हो सकी है, लेकिन शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि यह हादसा बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुआ होगा। पुलिस और तकनीकी टीमें मामले की पूरी बारीकी से तफ्तीश कर रही हैं।
'पैसा न मिले तो मेरे पास आना, मेरा ही विभाग है...': पंचायत मंत्री का फरियादियों को बड़ा भरोसा
30 May, 2026 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र | "यदि आगामी 15 दिनों के भीतर आपके रोके गए पैसे वापस नहीं मिले, तो सीधे मेरे पास चले आना। मैं स्वयं इस मामले को देखूंगा क्योंकि यह मेरा ही महकमा है। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को मैं कतई नहीं बख्शता।" हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने जिला सचिवालय में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक के दौरान एक पीड़ित को ढाढस बंधाते हुए यह बात कही। कैबिनेट मंत्री के इस सख्त रुख को देखकर बैठक में पहुंचे अन्य फरियादियों के मन में भी न्याय की आस जगी। इस बैठक में अध्यक्ष के तौर पर मंत्री ने कुल 12 जनसमस्याओं की सुनवाई की, जिनमें से 6 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया और शेष 6 पर त्वरित जांच के आदेश दिए गए।
60 लाख के अटके भुगतान पर मंत्री सख्त, डिपो घोटाले में गिरफ्तारी के आदेश
बैठक में अजरानी के निवासी संतोष कुमार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान हंसाला, लुखी और उदारसी सहित कई गांवों में लाखों की लागत से इंटरलॉकिंग टाइलें लगाने का कार्य किया गया था। इस कार्य के कुल 60 लाख रुपये के बिल में से उन्हें केवल 10 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया, जबकि बाकी की रकम के लिए वे पिछले कई सालों से दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को 15 दिन के भीतर बकाया राशि चुकाने का हुक्म दिया। इसके अलावा, लाडवा निवासी सोनू नारंग की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मंत्री पंवार ने पुलिस को निर्देश दिए कि अवैध रूप से राशन डिपो चलाने वाले आरोपी नरेश गर्ग को जांच में शामिल किया जाए और इस मिलीभगत में शामिल खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर व सब-ईस्पेक्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
सुस्त कार्यप्रणाली पर डीटीपी विभाग को फटकार, अंसल सिटी के लिए बनाई कमेटी
कष्ट निवारण समिति की बैठक में अंसल सुशांत सिटी के प्रधान ईश्वर सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने वहां की बदहाल स्थिति को लेकर अपनी आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (DTP) विभाग की घोर लापरवाही के कारण वहां के करीब 2500 नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं, जहां बिजली, पानी और सीवरेज की बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। निवासियों ने कहा कि डीटीपी इस कदर सुस्त विभाग है जो किसी भी आधिकारिक पत्र का जवाब तक नहीं देता। इस शिकायत पर कैबिनेट मंत्री ने एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया, जो 15 दिनों के भीतर स्थानीय नागरिकों से बात कर अपनी रिपोर्ट उपायुक्त (डीसी) को सौंपेगी। वहीं, तंगोर ग्राम पंचायत द्वारा 22 किलोमीटर लंबी सड़क में से महज 100 मीटर का टुकड़ा वर्षों से अधूरा छोड़ने की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग (PWD) को जल्द से जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य संपन्न कराने के निर्देश दिए गए।
कांग्रेस विधायकों ने भी उठाई आवाज, मास्टर प्लान को लेकर लगाए आरोप
इस मासिक बैठक में विपक्षी दल कांग्रेस के तीनों स्थानीय विधायक—थानेसर से अशोक अरोड़ा, पिहोवा से मनदीप चट्ठा और शाहाबाद से रामकरण काला भी जनता की पैरवी करने पहुंचे। पूर्व मंत्री व विधायक अशोक अरोड़ा ने ज्योतिसर क्षेत्र के किसानों की जमीनों से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण मामला कैबिनेट मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुरुक्षेत्र विकास प्राधिकरण के 'मास्टर प्लान 2041' को कष्ट निवारण समिति के सदस्यों की सहमति और मंजूरी के बिना ही लगातार दूसरी बार राज्य सरकार के पास भेज दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है। हालांकि, बैठक के उपरांत विधायक अरोड़ा ने असंतोष जाहिर करते हुए यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा उठाए गए इन गंभीर मुद्दों पर कैबिनेट मंत्री की तरफ से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा का बयान: इतिहास को सहेजने और समझने में मददगार साबित होगी 'हेरिटेज वॉक'
30 May, 2026 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत | हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को रूबरू कराने के उद्देश्य से हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से शनिवार को एक भव्य हेरिटेज एवं सिटी वॉक का आयोजन किया गया। ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ विशेष अभियान के तहत आयोजित की गई यह वॉक एथनिक इंडिया, राई से प्रारंभ होकर ऐतिहासिक बड़खालसा मेमोरियल तक पहुंची। इस अनूठी पहल में सैकड़ों की संख्या में युवाओं, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
सांस्कृतिक पहचान और स्वस्थ जीवनशैली का अनूठा संगम
इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हेरिटेज वॉक महज एक पैदल यात्रा नहीं है, बल्कि यह अपनी जड़ों, अनूठी संस्कृति और गौरवमयी इतिहास से साक्षात्कार करने का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि हमारी विरासत केवल पुरानी इमारतों और स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवंत सभ्यता, महान परंपराओं और मौलिक पहचान का हिस्सा है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि हर दिन पैदल चलना एक निरोगी जीवनशैली का आधार है, और जब यह कदम अपनी गौरवशाली संस्कृति के साथ आगे बढ़ते हैं, तो इसका उद्देश्य और भी पावन हो जाता है। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली अतीत को समझने और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी: विधायक
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक पवन खरखौदा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हरियाणा की पावन धरा हमेशा से शौर्य, अप्रतिम बलिदान और वैभवशाली संस्कृति की परिचायक रही है। इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का बेहतरीन अवसर मिलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने ऐतिहासिक स्थलों को सहेज कर रखना सिर्फ शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के हर जागरूक नागरिक का परम कर्तव्य है। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि बड़खालसा मेमोरियल जैसे स्थान हमारी राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं, जो समाज में सांस्कृतिक जागृति को नया आयाम देते हैं।
वीर बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया की शौर्य गाथा को किया नमन
हेरिटेज वॉक के बड़खालसा मेमोरियल पहुंचने पर समापन सत्र के दौरान सभी उपस्थित लोगों को इस स्थान के महान ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वर्ष 1675 में जब सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था, तब मुगल सैनिक लगातार उसका पीछा कर रहे थे। उस नाजुक मोड़ पर बड़खालसा गांव के पराक्रमी योद्धा दादा कुशाल सिंह दहिया ने धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा की खातिर सहर्ष अपना शीश बलिदान कर दिया, ताकि गुरुजी का पावन शीश सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। मुख्य अतिथि ने अमर बलिदानी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके इस सर्वोच्च त्याग को भारतीय इतिहास का एक अविस्मरणीय और स्वर्णिम अध्याय बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली।
चार बीघा जमीन बनी काल: मोखरा में किसान की बेरहमी से हत्या, गोगापीर मंदिर के पास मिली लाश
30 May, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक | जिले के सबसे बड़े गांव मोखरा में शुक्रवार की रात चार बीघा जमीन के पुराने विवाद को लेकर एक किसान की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान ओमबीर उर्फ ओमला के रूप में हुई है, जिनका खून से लथपथ शव गांव के ही गोगापीर मंदिर के समीप एक गली से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज वारदात के बाद बहुअकबरपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंदिर के समीप मिला लहूलुहान शव, बेटे ने दी सूचना
पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के पुत्र विजय उर्फ सोनू ने बताया कि शुक्रवार रात करीब सवा 11 बजे गांव के दो युवकों, मोनू और सूरज ने भागते हुए उसे सूचना दी कि उसके पिता ओमबीर गोगापीर मंदिर के मुख्य द्वार के पास गली में गंभीर हालत में पड़े हैं। विजय जब तुरंत मौके पर पहुंचा, तो उसके पिता के सिर से भारी मात्रा में खून बह रहा था और उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही बहुअकबरपुर थाना प्रभारी महेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया।
चार बीघा जमीन का पुराना विवाद बनी हत्या की वजह
शिकायतकर्ता विजय के अनुसार, यह पूरी वारदात उनके चाचा जयबीर द्वारा दूसरे पक्ष को बेची गई चार बीघा जमीन के विवाद का नतीजा है। इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी, जिसके चलते इसी साल अप्रैल के महीने में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज कराए थे। आरोप है कि इसी रंजिश के तहत शुक्रवार रात को योजना बनाकर अजय, ललित, रिम्पी, फूलसिंह, बिमलेश, माड़ू, मोनू और छोटू ने ओमबीर पर घातक हमला किया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। थाना प्रभारी महेश कुमार के मुताबिक, आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीआईए (CIA) और स्थानीय थाने की तीन टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात है।
जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल, दो दिनों में दूसरी वारदात
मई महीने के आखिरी दिनों में रोहतक जिले के भीतर लगातार दूसरे दिन हत्या की इस वारदात से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मोखरा की इस घटना से ठीक एक दिन पहले, शहर की नेहरू कॉलोनी में चिंकी नामक महिला की गला घोंटकर हत्या करने का मामला सामने आया था। उस वारदात में मृतका के पति और उसकी महिला मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस प्रशासन दोनों ही मामलों के फरार आरोपियों की तलाश में जुटा है।
हथकड़ी बिस्तर पर छोड़ बदमाश रफूचक्कर: पुलिस कस्टडी से शातिर अपराधी के भागने से मचा हड़कंप
29 May, 2026 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल | पुलिस एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ एक शातिर अपराधी गुरुवार रात करीब 12 बजे राजकीय अस्पताल से चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। अस्पताल के बेड पर आरोपी की जगह सिर्फ उसकी खाली हथकड़ी लटकी मिली। फरार हुआ बदमाश तरावड़ी के एक पेट्रोल पंप पर सरेआम गोलीबारी कर डकैती की कोशिश करने का मुख्य आरोपी था और हरियाणा सहित पांच राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अस्पताल से शातिर कैदी के भागने की खबर मिलते ही समूचे पुलिस महकमे में खलबली मच गई है और उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
चार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाद भी फरार, सुरक्षा पर सवाल
मूल रूप से पंजाब के खरड़ गांव का रहने वाला गुरजीत सिंह करीब 23 दिनों की फरारी के बाद 25 मई को सीआईए-1 की टीम के साथ मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास हुई मुठभेड़ में पकड़ा गया था। गोली लगने के कारण उसे इलाज के लिए करनाल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को उसकी कड़ी निगरानी के लिए वार्ड के बाहर चार पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद आधी रात को आरोपी पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर भागने में सफल रहा। इस बड़ी लापरवाही के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और ड्यूटी पर तैनात चारों कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पेट्रोल पंप पर सेल्समैन से की थी लूटपाट की कोशिश
यह पूरा मामला बीती 2 मई के तड़के का है। तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर यह बदमाश बिना नंबर की काली मोटरसाइकिल से पहुंचा था। उसने पहले 100 रुपये का ईंधन भरवाया और फिर शोरूम की तरफ जा रहे सेल्समैन सुरेश कुमार पर पिस्तौल तानकर सारा कैश देने की धमकी दी। हालांकि, सेल्समैन और उसके एक अन्य साथी नरेश कुमार ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी का हाथ पकड़ लिया, जिससे वहां गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। इस दौरान बदमाश ने जान से मारने की नीयत से गोली भी चलाई, जो हवा में निकल गई। पूरी वारदात पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके से कारतूस का खोल बरामद किया था।
पांच राज्यों का वांटेड अपराधी, 23 दिन बाद चढ़ा था हत्थे
वारदात के बाद से ही सीआईए की टीम तकनीकी इनपुट और खुफिया तंत्र की मदद से इस शातिर लुटेरे के पीछे लगी हुई थी। आखिरकार 25 मई को मेरठ रोड के पास उसे घेरा गया, जहां आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली उसके कूल्हे के पास टांग में लगी और उसे दबोच लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस अपराधी पर अलग-अलग राज्यों में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल अस्पताल से उसके भागने के बाद स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है और जिले की सीमाओं को सील कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
रोहतक में मर्डर मिस्ट्री: पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए पति और उसकी प्रेमिका ने रची साजिश, गला घोंटकर मार डाला
29 May, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक | रोहतक की नेहरू कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक किराये के मकान में रह रही 35 वर्षीय महिला चिंकी उर्फ सिमरन की उसके पति गोविंदा ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति अपनी प्रेमिका और चिंकी के दो मासूम बच्चों को भी अपने साथ लेकर फरार हो गया। मृतका की मां कमलेश देवी की शिकायत पर स्थानीय सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था घरेलू विवाद
जींद के निडाना गांव की रहने वाली कमलेश देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी चिंकी की शादी करीब 10 साल पहले जींद के जुलाना निवासी गोविंदा के साथ की थी। इस शादी से चिंकी की एक छह साल की बेटी और चार साल का बेटा है। मृतका की मां के अनुसार, करीब एक महीने पहले गोविंदा ने सोशल मीडिया पर किसी अन्य महिला के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट की थीं। जब चिंकी को इस बात की भनक लगी तो उसने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद से ही पति-पत्नी के बीच लगातार मानसिक तनाव और विवाद चल रहा था।
रात के झगड़े में घोंटा गला, बच्चे भी गायब
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गुरुवार शाम को गोविंदा अपनी उसी प्रेमिका को साथ लेकर रोहतक स्थित घर पहुंचा था। रात के समय इस बात को लेकर घर में भारी कलह हुई, जिसके बाद आरोपी पति और उसकी प्रेमिका ने मिलकर चिंकी की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे चिंकी का शव घर के भीतर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद से घर से दोनों बच्चे, आरोपी पति और उसकी प्रेमिका सभी गायब हैं।
पुलिस तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम जांच अधिकारी (एसआई) सत्यदेव के नेतृत्व में तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर गहन तफ्तीश कर रही है। परिजनों के आधिकारिक बयानों और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की सही वजह और पूरी वारदात का खुलासा साफ तौर पर हो सकेगा। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
कालूपुर में बड़ा अग्निकांड: आग की लपटों में घिरे फैक्ट्री और गोदाम, कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
29 May, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत | कालूपुर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) के नजदीक स्थित एक लकड़ी के गोदाम और पेंट निर्माण इकाई में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में दोनों फैक्ट्रियां धू-धू कर जलने लगीं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्ट्रियों में काम कर रहे तमाम मजदूरों और कर्मचारियों को वक्त रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
सूखी लकड़ी और पेंट के रसायनों ने बढ़ाई आग की लपटें
घटनास्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की शुरुआत सबसे पहले लकड़ी के सामान वाले गोदाम से हुई। वहाँ भारी मात्रा में सूखी लकड़ियां और ज्वलनशील कच्चा माल जमा होने के कारण आग ने तुरंत ही विकराल रूप ले लिया। स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों द्वारा बचाव के प्रयास करने से पहले ही लपटों ने पड़ोसी पेंट फैक्ट्री को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों (केमिकल्स) के संपर्क में आते ही आग और ज्यादा खूंखार हो गई।
स्टील शेड और केमिकल के कारण रेस्क्यू में रुकावट
हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग का दस्ता फौरन एक्शन मोड में आ गया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की छह गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं, जो लगातार पानी की बौछारें कर आग बुझाने के प्रयास में जुटी हैं। हालांकि, राहत और बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री की छत पर बना लोहे का मजबूत स्टील शेड और अंदर भरा केमिकल व लकड़ी का स्टॉक आग बुझाने की राह में बड़ी चुनौती बना हुआ है।
करोड़ों के नुकसान की आशंका, कारणों की पड़ताल शुरू
इस अग्निकांड के चलते दोनों फैक्ट्रियों में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक होने का अनुमान है, लेकिन राहत की बात यही है कि समय रहते सभी की जान बचा ली गई। फिलहाल आग लगने की पुख्ता वजह सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है, हालांकि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति को संभालने में जुटे हैं। आग पर पूरी तरह काबू पा लेने के बाद हादसे के असल कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
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