राजस्थान
डिजिटल ठगी का शिकार हुए दंपती, पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े
21 May, 2026 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धारूहेड़ा: डिजिटल अरेस्ट के जरिए एक बुजुर्ग दंपती से 1.89 करोड़ रुपये की सनसनीखेज साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस गिरोह के तीन और गुर्गों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जींद के न्यू हाउसिंग बोर्ड निवासी मनोज श्योकन्द, गांव करेला के पंकज और जोगेंद्र नगर के हरप्रीत के रूप में हुई है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस सात आरोपियों को पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जिसके बाद अब कुल गिरफ्तारियों की संख्या दस हो गई है।
'सिम बंद होने और अश्लील वीडियो' का डर दिखाकर जाल में फंसाया
ठगी का यह खौफनाक खेल धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी रिटायर्ड कर्मचारी राजपाल सिंह के साथ खेला गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि बीती 27 और 28 फरवरी को उनके पास अनजान नंबरों से कॉल आए। फोन करने वाले ने खुद को 'ट्राई' (TRAI) का अधिकारी बताते हुए डराया कि उनकी आईडी पर फर्जी सिम एक्टिवेट है, जिससे अश्लील तस्वीरें और वीडियो भेजे जा रहे हैं। ठगों ने पीड़ित को झांसा दिया कि इस मामले में उनके खिलाफ मुंबई में एक एफआईआर (FIR) भी दर्ज हो चुकी है।
खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर और जज बताकर किया डिजिटल अरेस्ट, कमरे में रखा बंधक
इसके बाद जालसाजों ने पीड़ित से संपर्क कर खुद को सीबीआई (CBI) इंस्पेक्टर और फर्जी जज बताया। उन्होंने दंपती को कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाकर 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया और फोन पर एक संदिग्ध ऐप डाउनलोड करवाकर उन पर चौबीसों घंटे नजर रखने लगे। डर के मारे बुजुर्ग दंपती कई दिनों तक अपने ही कमरे में बंधक बने रहे। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में फंसाने और प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन के नाम पर 3 मार्च से 20 अप्रैल के बीच डरा-धमकाकर अलग-अलग खातों में कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए।
बैंक खाते और दलाली का नेटवर्क; तीन नए आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की जांच में सामने आया कि पकड़े गए नए आरोपियों में से मनोज श्योकन्द के बैंक अकाउंट में ठगी की रकम से 1 लाख 8 हजार रुपये भेजे गए थे। वहीं, पंकज और हरप्रीत ने मुख्य साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के लिए बिचौलियों (दलालों) के रूप में काम किया था। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने मनोज को जेल भेज दिया है, जबकि पंकज और हरप्रीत को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
सीवर सफाई हादसे में मृतक के परिजन अड़े, 1 करोड़ मुआवजा चाहिए
21 May, 2026 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर। नूना माजरा के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में सीवर की सफाई करते समय प्लंबर सुनील की हुई दर्दनाक मौत के बाद गुरुवार को मामला पूरी तरह गरमा गया है। मृतक के दुखी परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है, जिसके चलते उन्होंने नागरिक अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) से सुनील का शव उठाने से साफ मना कर दिया है। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रशासन के रवैये के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल दिया है।
सुरक्षा उपकरणों की कमी का आरोप, पीड़ित परिवार के लिए मांगी पेंशन
अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे परिजनों और ग्रामीणों ने प्रबंधन पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई साधारण हादसा नहीं, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही है; सुनील को बिना किसी सुरक्षा किट और उपकरणों के जहरीले सीवर में उतारा गया था। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के सामने दो प्रमुख मांगें रखी हैं:
मुआवजा: मृतक के आश्रितों को तुरंत 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
पारिवारिक पेंशन: सुनील की पत्नी के जीवन-यापन के लिए हर महीने स्थायी पेंशन का प्रबंध किया जाए।
मांगें पूरी न होने पर यूनिवर्सिटी गेट पर तालाबंदी का अल्टीमेटम
नागरिक अस्पताल में भारी तादाद में इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को खुली चेतावनी दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि यदि उनकी जायज मांगों पर अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो वे अपने विरोध प्रदर्शन को और उग्र करेंगे। इसके तहत उन्होंने पास ही स्थित यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर ताला जड़ने और पूरी तरह चक्का जाम करने की धमकी दी है।
रणनीति तय करने के लिए आज शाम 4 बजे बैठेगी महापंचायत
इस पूरे गतिरोध को सुलझाने और आंदोलन की आगे की दिशा तय करने के लिए ग्रामीणों ने आज शाम 4 बजे एक बड़ी पंचायत बुलाई है। परिजनों का स्पष्ट कहना है कि इस महापंचायत में जो भी सामूहिक निर्णय लिया जाएगा, उसी के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे। तब तक अस्पताल से शव नहीं लिया जाएगा।
प्रशासनिक अमला अलर्ट, शांति व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश जारी
घटना के बाद से उपजे तनाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। नागरिक अस्पताल और नूना माजरा के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस के आला अधिकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने और अस्पताल प्रबंधन के साथ बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिशों में जुटे हैं, ताकि कानून-व्यवस्था नियंत्रण में रहे।
रेवाड़ी: लापता स्कूल संचालक का शव कार में मिला, पुलिस जांच में जुटी
21 May, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी। विकास नगर कंकरवाली के रहने वाले एक स्कूल संचालक आकाश गौड़ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी ही कार के भीतर मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। उनका शव सेक्टर-18 इलाके में सड़क के किनारे खड़ी एक कार की सीट पर बैठी हुई हालत में बरामद हुआ। इस दुखद घटना की भनक लगते ही मृतक के परिवार और स्थानीय निवासियों में कोहराम मच गया।
तीन दिनों से लापता थे स्कूल संचालक, पत्नी से हुई थी आखिरी बात
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, आकाश गौड़ बीते 18 मई को किसी आवश्यक कार्य का हवाला देकर अपने घर से रवाना हुए थे, परंतु उसके बाद वह वापस नहीं लौटे। परिजनों ने बताया कि उनकी अपनी पत्नी से अंतिम बार 19 मई को मोबाइल पर बात हुई थी। उस बातचीत के बाद से ही उनका फोन कनेटिक्ट नहीं हो पा रहा था, जिससे पूरा परिवार किसी अनहोनी की आशंका से लगातार परेशान था।
स्कूल बस से जा रहे बेटे ने रास्ते में खड़ी देखी थी पिता की कार
इस पूरे मामले में एक हैरान करने वाला मोड़ मंगलवार को आया। आकाश का बेटा जब अपने स्कूल की बस से जा रहा था, तब उसने रास्ते में अपने पिता की गाड़ी खड़ी देखी थी। उस वक्त उसे किसी गड़बड़ी का अंदाजा नहीं हुआ। हालांकि, जब वह स्कूल से पढ़कर वापस घर लौटा, तो उसने परिवार के अन्य सदस्यों को रास्ते में खड़ी कार के बारे में बताया। बेटे से इनपुट मिलते ही परिजनों ने तुरंत उस लोकेशन की ओर दौड़ लगाई।
सीट पर बेसुध मिले आकाश, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
बेटे की निशानदेही पर जब परिजन गढ़ी बोलनी रोड से सेक्टर-18 की तरफ जाने वाले रास्ते पर पहुंचे, तो उन्हें सड़क किनारे आकाश की कार मिल गई। जब उन्होंने कार के करीब जाकर अंदर झांका, तो आकाश ड्राइविंग सीट पर अचेत अवस्था में बैठे हुए थे। उन्हें इस हालत में देख घबराए परिजन तुरंत कार का दरवाजा खोलकर उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम ने अस्पताल और वारदात वाली जगह का मुआयना किया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कार के भीतर संदिग्ध हालत में शव मिलने के कारण पुलिस हर एंगल से इस मामले की तफ्तीश कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजहों का खुलासा हो सकेगा।
पंखे से लटका मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच
20 May, 2026 05:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेवाड़ी: जिले के गांव नेहरूगढ़ में सेना के ऑर्डिनेंस डिपो में तैनात एक जवान द्वारा घर के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या करने का अत्यंत दुखद मामला सामने आया है। मृतक की शिनाख्त 28 वर्षीय योगेश के तौर पर हुई है, जो राजस्थान के बाड़मेर में भारतीय सेना के ऑर्डिनेंस डिपो में टी-मेट के पद पर कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि योगेश करीब 25 दिन पहले ही छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे।
सुबह कमरे में पंखे से लटका मिला जवान का शव
मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार की रात को योगेश रोज की तरह अपने घर के एक अलग कमरे में सोने के लिए गए थे। बुधवार सुबह करीब 5 बजे तक जब उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला और कोई हलचल नहीं हुई, तो चिंतित परिजनों ने कमरे के भीतर जाकर देखा। अंदर योगेश का शव फंदे के सहारे पंखे से झूल रहा था। बदहवास परिजन उन्हें तुरंत कोसली के नागरिक अस्पताल ले गए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शुरुआती तफ्तीश में मानसिक तनाव की बात आई सामने
घटना की जानकारी मिलते ही नाहड़ पुलिस चौकी की टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस को घटनास्थल से किसी भी प्रकार का सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, शोकाकुल परिजनों ने पुलिस को बताया कि योगेश पिछले कुछ समय से भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, लेकिन उनकी इस मानसिक परेशानी की असली वजह क्या थी, यह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।
दो साल पहले ही हुआ था विवाह, पत्नी हैं गर्भवती
योगेश की शादी साल 2024 में बैहरमपुर की रहने वाली युवती से हुई थी। उनके परिवार में उनका एक करीब सवा साल का मासूम बेटा है, जबकि उनकी पत्नी इस समय गर्भवती हैं। योगेश की माता का देहांत पहले ही हो चुका है और उनके पीछे परिवार में पिता, दादा-दादी और एक छोटा भाई है। इस असमय हादसे से पूरे गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा
कोसली थाना के एसएचओ मनोज कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर सीआरपीसी के तहत इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई दर्ज की है और मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
बिना गियर के काम करना पड़ा जानलेवा, प्लंबर की मौत से हड़कंप
20 May, 2026 05:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहादुरगढ़: महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी परिसर में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में डाबौदा कलां के रहने वाले प्लंबर सुनील की मौत के बाद मामला गरमा गया है। मृतक की पत्नी ने स्थानीय सदर थाने में अस्पताल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि सुनील की तबीयत ठीक नहीं थी और उनकी ड्यूटी का समय भी खत्म हो चुका था, फिर भी उन्हें जबरन जहरीली गैस से भरे सीवर टैंक में उतारा गया, जिससे उनकी जान चली गई।
अस्पताल प्रबंधन सहित 8 जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा दर्ज
इस मामले में मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने मृतक की पत्नी की तहरीर पर महाराजा अग्रसेन अस्पताल प्रबंधन के आला पदाधिकारियों और सुपरवाइजर सहित कुल 8 लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। मालूम हो कि सोमवार को यूनिवर्सिटी परिसर में सीवर की सफाई के दौरान अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने से पांच कर्मचारी अचेत हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को प्लंबर सुनील ने दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप: बिना सुरक्षा उपकरणों के जबरन कराया जानलेवा काम
मृतक सुनील की पत्नी मीनू ने पुलिस को बताया कि उनके पति अस्पताल में बतौर प्लंबर सेवाएं दे रहे थे। 18 मई को सुबह 9 बजे उनकी शिफ्ट खत्म हो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद उन पर दबाव बनाकर उन्हें सीवरेज टैंक की सफाई के काम में धकेल दिया गया। गंभीर आरोप यह भी है कि इस बेहद खतरनाक और जानलेवा काम के लिए कर्मचारियों को कोई भी सुरक्षा किट या उपकरण मुहैया नहीं कराए गए थे। जहरीली गैस की चपेट में आने से सुनील के साथ तीन अन्य सफाईकर्मियों की हालत भी बेहद नाजुक हो गई थी।
सूचना छिपाने और लापरवाही बरतने के आरोप से घिरा प्रशासन
पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि हादसे के बाद उन्हें समय पर कोई जानकारी नहीं दी गई। परिजनों को न तो सुनील के स्वास्थ्य की सही स्थिति बताई गई और न ही इलाज के बारे में स्पष्ट किया गया। जब परिवार के लोग खुद अस्पताल पहुंचे, तब उन्हें सुनील की मौत का पता चला। परिजनों का कहना है कि प्रबंधन ने इस पूरी घटना पर चुप्पी साध रखी है और वे अब दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
इन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम FIR में शामिल
सदर थाना पुलिस ने मीनू की शिकायत के आधार पर मीना सुभाष गुप्ता, कुनाल बंसल, प्रेम गर्ग, अशोक कुमार गर्ग, संजय गुप्ता, प्रधान राजेश गुप्ता, एचओडी राजीव भारद्वाज और इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर अंशुल के खिलाफ कानूनी धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से तफ्तीश शुरू कर दी गई है और जांच में जो भी लापरवाही बरतने का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर आयोग ने जताई गंभीर चिंता
20 May, 2026 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़। हरियाणा में बच्चों के विरुद्ध लगातार बढ़ रहे गंभीर अपराधों को लेकर हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB-2024) के चौंकाने वाले आंकड़ों को आधार बनाते हुए आयोग ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लिया है। आयोग ने प्रदेश में बाल सुरक्षा की स्थिति को “अत्यंत चिंताजनक” करार देते हुए कहा कि ये आंकड़े राज्य के बाल संरक्षण तंत्र और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
देश में सबसे आगे हरियाणा: एक साल में दर्ज हुए 7,547 मामले
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, न्यायिक सदस्य कुलदीप जैन और सदस्य दीप भाटिया की पूर्ण पीठ ने सुनवाई के दौरान एनसीआरबी की रिपोर्ट का हवाला दिया। आयोग ने बताया कि वर्ष 2024 में हरियाणा में बच्चों के खिलाफ अपराध के कुल 7,547 मामले सामने आए, जो साल 2023 के मुकाबले लगभग 17.9 प्रतिशत ज्यादा हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य में प्रति एक लाख बच्चों पर अपराध की दर 82.8 है, जो पूरे देश में सबसे अधिक है।
पोक्सो और गंभीर मामलों में बढ़ोतरी पर जताई गहरी चिंता
आयोग ने रेखांकित किया कि इन दर्ज मामलों में हत्या, बलात्कार, यौन उत्पीड़न, अपहरण, मानव तस्करी, बाल विवाह, भ्रूण हत्या और पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत आने वाले बेहद गंभीर अपराध शामिल हैं। विशेषकर बालिकाओं के साथ बढ़ते पोक्सो के मामलों को आयोग ने बच्चों की सुरक्षा, उनके आत्मसम्मान और मानसिक विकास के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। आयोग ने टिप्पणी की कि सुरक्षा के तमाम दावों और कानूनों के बावजूद ऐसी घटनाएं प्रशासनिक निगरानी प्रणाली और संस्थागत जवाबदेही की विफलता को दर्शाती हैं।
सुरक्षित माहौल देने में स्कूल, हॉस्टल और सरकारी संस्थाएं कमजोर
मानवाधिकार आयोग ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि स्कूल, छात्रावास (हॉस्टल्स) और बाल देखभाल संस्थान (चाइल्ड केयर होम्स) बच्चों को सुरक्षित वातावरण देने की अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह कमजोर साबित हो रहे हैं। इस स्थिति को सुधारने के लिए आयोग ने गृह विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पुलिस महानिदेशक (DGP) और विशेष किशोर पुलिस इकाइयों के नोडल अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
विभिन्न विभागों से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, 6 अगस्त को अगली सुनवाई
आयोग ने इन सभी विभागों को बच्चों की सुरक्षा, अपराधों की रोकथाम, जांच की स्थिति, दोषियों को सजा दिलाने के प्रयासों और पीड़ितों के पुनर्वास से जुड़ी एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। आयोग के असिस्टेंट रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा ने जानकारी दी कि सभी संबंधित अधिकारियों को आगामी सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी स्टेटस रिपोर्ट आयोग के सामने प्रस्तुत करनी होगी। इस मामले की अगली उच्च स्तरीय सुनवाई 6 अगस्त 2026 को तय की गई है।
सुबह की सैर बन गई दुखद हादसा, कपिल मुनि तालाब में डूबीं दो बहनें
19 May, 2026 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैथल। हरियाणा के कलायत इलाके से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार की अलसुबह दो सगी बहनें कपिल मुनि तालाब में डूब गईं, जिससे दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान कलायत की रहने वाली 20 वर्षीय पलक और उसकी छोटी बहन 18 वर्षीय परमजीत के रूप में हुई है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
रोजाना की तरह सुबह की सैर पर निकली थीं दोनों बहनें
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों बहनें पलक और परमजीत की दिनचर्या थी कि वे हर रोज सुबह करीब 5:00 बजे वॉक (सैर) के लिए घर से बाहर जाती थीं। मंगलवार सुबह भी दोनों सामान्य दिनों की तरह सुबह की ताजी हवा में टहलने के लिए निकली थीं। लेकिन जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वे घर वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी। अनहोनी की आशंका के चलते परिवार के लोग उनकी खोजबीन करते हुए कपिल मुनि तालाब की तरफ पहुंचे, जहाँ उन्हें दोनों के डूबने की प्राथमिक जानकारी मिली।
स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने चलाया डेढ़ घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की भनक लगते ही कलायत थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई और बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की टीम को काम पर लगाया। इस दौरान वहां मौजूद स्थानीय निवासियों ने भी मानवता का परिचय देते हुए तालाब में उतरकर युवतियों को ढूंढने में मदद की। करीब डेढ़ घंटे तक चले कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन (बचाव अभियान) के बाद दोनों बहनों को पानी से बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से कैथल के सिविल अस्पताल (नागरिक अस्पताल) ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव, तफ्तीश में जुटी पुलिस
इस मामले को लेकर कलायत थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि पुलिस टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर सक्रिय हो गई थी। ग्रामीणों के सहयोग से दोनों युवतियों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा है और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। थाना प्रभारी ने कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए शोकाकुल परिवार को सौंप दिए जाएंगे। फिलहाल पुलिस हादसे के सही कारणों और परिस्थितियों का पता लगाने के लिए मामले की गहनता से जांच कर रही है।
हरियाणा रोडवेज की नई सुविधा: रोहतक-शिमला सीधी बस, जानें किराया
19 May, 2026 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। चिलचिलाती गर्मी के इस मौसम में पहाड़ों की सैर पर जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए हरियाणा रोडवेज ने एक बड़ी सौगात दी है। विभाग की ओर से रोहतक से शिमला के लिए सीधी बस सेवा का सफल आगाज किया गया है। मंगलवार को स्थानीय बस स्टैंड के काउंटर नंबर आठ से पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष और रोडवेज के महाप्रबंधक (GM) नवीन कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस नई बस को अपने गंतव्य के लिए रवाना किया।
मात्र 581 रुपये में तय होगा शिमला तक का सफर
यात्रियों की जेब का ख्याल रखते हुए रोडवेज प्रशासन ने इस रूट का किराया बेहद किफायती रखा है। रोहतक से शिमला तक के सफर के लिए यात्रियों को प्रति सवारी केवल 581 रुपये का टिकट लेना होगा। दूरी के लिहाज से यह पूरा सफर लगभग 373 किलोमीटर का रहने वाला है, जिसे यह बस बेहद आरामदायक तरीके से तय करेगी।
इन प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा रूट, रात को पहुंचेगी शिमला
रोहतक डिपो की यह बस अपने निर्धारित समय पर प्रस्थान करने के बाद हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों को आपस में जोड़ेगी। यह बस रोहतक से रवाना होकर चंडीगढ़, पंचकूला, पिंजौर, कालका, सोलन और धर्मपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए रात को 8:10 बजे शिमला के मुख्य बस स्टैंड पर पहुंचेगी। इससे यात्रियों को बार-बार बस बदलने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
बस के उद्घाटन समारोह के दौरान पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने इस कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस डायरेक्ट बस सर्विस के शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि उच्च शिक्षा और व्यापार के सिलसिले में हिमाचल प्रदेश आने-जाने वाले लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा। विशेषकर गर्मियों के सीजन में शिमला की वादियों का लुत्फ उठाने वाले सैलानियों के लिए यह सरकारी बस सेवा बेहद मददगार और आरामदायक साबित होगी।
सरकारी कर्मचारियों के लिए जरूरी सूचना: प्रॉपर्टी रिटर्न न भरा तो वेतन रुकेगा
19 May, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचकूला। हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों द्वारा अपनी संपत्ति का ब्यौरा (प्रॉपर्टी रिटर्न) दाखिल करने को लेकर एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मौलिक शिक्षा निदेशक (पंचकूला) की ओर से प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को एक ताजा रिमाइंडर (स्मरण पत्र) भेजा गया है। इस आदेश के तहत उनके अंतर्गत काम करने वाले क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 (श्रेणी-1, 2 और 3) के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न आगामी 22 मई 2026 तक अनिवार्य रूप से भरने के निर्देश दिए गए हैं।
पोर्टल पर करना होगा ऑनलाइन आवेदन, पुराना बकाया भी चुकाना जरूरी
शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया है कि केवल चालू वित्तीय वर्ष ही नहीं, बल्कि जिन कर्मचारियों की पिछले सालों की भी प्रॉपर्टी रिटर्न किसी वजह से पेंडिंग (लंबित) है, वे भी उसे तुरंत क्लियर करें। कर्मचारियों को अपनी अचल संपत्ति का यह पूरा लेखा-जोखा राज्य सरकार के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म intrahry.gov.in पर जाकर ऑनलाइन मोड में ही दर्ज करना होगा। मैन्युअल या ऑफलाइन माध्यम से दी गई जानकारी स्वीकार नहीं की जाएगी।
तीसरी बार जारी हुआ आदेश, अंतिम तारीख नजदीक आने पर याद दिलाया नियम
विभागीय पत्र के अनुसार, संपत्ति का विवरण देने को लेकर प्रशासन की तरफ से यह कोई पहला आदेश नहीं है। इससे पहले भी 18 मार्च 2019 और हाल ही में 13 मई 2026 को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। चूंकि अब विभाग द्वारा तय की गई आखिरी तारीख बेहद करीब आ चुकी है, इसलिए सभी कर्मचारियों को सचेत करने के उद्देश्य से यह अंतिम स्मरण पत्र जारी कर मुस्तैदी दिखाने को कहा गया है।
लापरवाही पर रुकेगा वेतन, जिला अधिकारियों को 'हाई प्रायोरिटी' के निर्देश
मुख्यालय ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी नियत समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन अपडेट करने में विफल रहता है और इस वजह से उसका मासिक वेतन (सैलरी) रुक जाता है, तो इसके लिए वह खुद पूरी तरह जिम्मेदार होगा। मौलिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला स्तरीय अफसरों को इस मुहिम को 'हाई प्रायोरिटी' (उच्च प्राथमिकता) पर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय रहते शत-प्रतिशत डेटा पोर्टल पर फीड किया जा सके।
रात से लापता दो युवक, नहर में उतरते समय हुई हादसे में मौत
18 May, 2026 05:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले गांव पाथेड़ा में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब दो पक्के दोस्तों की नहर के गहरे पानी में डूबने से असमय मौत हो गई। दोनों युवक रविवार शाम को खेतों की तरफ टहलने के लिए निकले थे, लेकिन जब वे देर रात तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। काफी खोजबीन के बाद सोमवार सुबह दोनों के शव पाथेड़ा और धनौंदा गांव के बीच बनी पुलिया के पास पानी में तैरते हुए मिले। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया है। गांव में एक साथ दो सहेलियों जैसी दोस्ती निभाने वाले युवकों की अर्थी उठने से हर आंख नम है।
खेतों में घूमने निकले थे हेमराज और रविंद्र, सुबह मिला शव
मृतक युवक के भाई वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसका 34 वर्षीय भाई हेमराज और उसका बचपन का परम मित्र रविंद्र उर्फ बजरंग (34) रविवार शाम को घर से यह कहकर निकले थे कि वे खेतों की तरफ चक्कर लगाने जा रहे हैं। जब देर रात तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिवार वालों ने रातभर उन्हें हर संभावित जगह पर ढूंढा। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने धनौंदा पुल के पास नहर में दो इंसानी शरीर उतराते देखे, जिसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकाला।
नहर के किनारे मिले कपड़े और चप्पल, तैरना न जानना बना काल
सोमवार सुबह जब ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे, तो नहर के किनारे रविंद्र के कपड़े और चप्पल करीने से रखे हुए मिले, जबकि हेमराज का शव कपड़ों समेत पानी के भीतर था। ग्रामीणों के अनुसार, पाथेड़ा नहर से पूरे जिले में पीने के पानी की सप्लाई होती है और करीब एक हफ्ते पहले ही इसमें पानी का बहाव बंद किया गया था। इसके बावजूद पाथेड़ा से धनौंदा के बीच बनी पुलिया के पास नहर में करीब 8 से 10 फीट गहरा पानी जमा था। आशंका है कि रविंद्र नहाने के लिए कपड़े उतारकर पानी में उतरा होगा, लेकिन गहराई का अंदाजा न होने से वह डूबने लगा।
दोस्ती निभाने के चक्कर में डूबा दूसरा दोस्त, परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
स्थानीय लोगों का अनुमान है कि जब रविंद्र पानी में छटपटाने लगा होगा, तो किनारे पर खड़े हेमराज ने अपनी जान की परवाह किए बिना अपने जिगरी दोस्त को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। चूंकि दोनों में से किसी को भी तैरना नहीं आता था, इसलिए 10 फीट गहरे पानी और दलदल के कारण दोनों ही जिंदगी की जंग हार गए। दोनों दोस्त बेहद साधारण परिवार से थे और खेती-किसानी व मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालते थे। इस हादसे ने दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है; मृतक रविंद्र अपने पीछे एक बेटा (15) व बेटी (10) छोड़ गया है, वहीं हेमराज के सिर से भी उसके दो बेटों (9 और 13 वर्ष) का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
टक्कर में बुजुर्ग महिला की मौत, एक घायल गंभीर
18 May, 2026 12:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर: हरियाणा के बेरी-कबूलपुर मार्ग पर सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ एक तेज रफ्तार बलेनो कार और मोटरसाइकिल के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार एक बुजुर्ग महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतका की पहचान दुबलधन गांव की रहने वाली 63 वर्षीय केला देवी (पत्नी चेतराम) के रूप में हुई है।
दवाई लेने जा रहे थे मां-बेटा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुबलधन निवासी अनिल अपनी बुजुर्ग मां केला देवी को दवाई दिलवाने के लिए मोटरसाइकिल से रोहतक जा रहे थे। सोमवार को जैसे ही उनकी बाइक बेरी-कबूलपुर मार्ग पर स्थित माता भीमेश्वरी देवी स्कूल के समीप पहुंची, तभी आगे चल रही एक बलेनो कार से उनकी जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे में मां की मौत, बेटा गंभीर
कार की टक्कर इतनी भीषण थी कि मां-बेटा दोनों उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण बुजुर्ग महिला केला देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं इस हादसे में अनिल को भी काफी गंभीर चोटें आई हैं।
घायल बेटा रोहतक पीजीआई रेफर
हादसे के तुरंत बाद राहगीरों की मदद से घायल अनिल को नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया। डॉक्टरों ने उसकी नाज़ुक हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पीजीआई रोहतक (PGI Rohtak) रेफर कर दिया है।
तीन पीड़ितों के बैंक खाते खाली, साइबर क्राइम ने मचाई तबाही
18 May, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत: जिले में साइबर अपराधियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ठगों ने चालाकी से जाल बुनकर एक महिला समेत तीन लोगों को अपना शिकार बनाया और उनके खातों से कुल 14.14 लाख रुपये उड़ा लिए। धोखेबाजों ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए रिश्तों का फर्जीवाड़ा, झांसा और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया।
रिश्तेदारों के नाम पर फर्जीवाड़ा
ठगी का पहला मामला बेहद चौंकाने वाला है, जहाँ अपराधियों ने रिश्तों के भरोसे का फायदा उठाया। एक पीड़ित के पास फोन आया, जिसमें कॉलर ने खुद को उनकी साली का बेटा (साढ़ू का लड़का) बताया। बातों के जाल में फंसाकर ठग ने पीड़ित के खाते से ₹3.5 लाख पार कर दिए।
मोटी कमाई और निवेश का झांसा
दूसरा मामला एक महिला से जुड़ा है। साइबर शातिरों ने उन्हें ऑनलाइन निवेश के जरिए घर बैठे तगड़ा मुनाफा कमाने का लालच दिया। महिला इस झांसे में आ गई और डिजिटल प्रक्रिया के नाम पर ठगों ने उनके बैंक अकाउंट से ₹5.15 लाख साफ कर दिए।
मोबाइल हैक कर उड़ाए लाखों
तीसरी वारदात में शातिरों ने तकनीक का सहारा लिया। ठगों ने एक व्यक्ति के मोबाइल फोन को रिमोट एक्सेस लेकर हैक कर लिया। इसके बाद बिना कोई भनक लगे पीड़ित के खाते से ₹5.49 लाख निकाल लिए गए।
दिनदहाड़े कोर्ट में फायरिंग, नीरज उर्फ कातिया को मार गिराया गया
16 May, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत। हरियाणा के खरखौदा अदालत परिसर में शनिवार को उस समय चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया, जब पेशी के लिए आए एक युवक की सरेआम अंधाधुंध गोलियां बरसाकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। दिनदहाड़े अंजाम दी गई इस दुस्साहसिक वारदात से कोर्ट परिसर में मौजूद वकीलों, कर्मचारियों और आम लोगों में भगदड़ मच गई। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद चारों तरफ खौफ का साया पसरा हुआ है और सुरक्षा के दावों पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
पारिवारिक विवाद के चलते कोर्ट पहुंचे युवक पर जानलेवा हमला
मूल रूप से झज्जर के गांव दूबलधन और वर्तमान में गुरुग्राम के सेक्टर-37सी में रहने वाले नीरज उर्फ कातिया का अपनी पत्नी नीतू के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। पत्नी द्वारा साल 2019 में दर्ज कराए गए दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के सिलसिले में ही नीरज शनिवार को खरखौदा कोर्ट में हाजिर होने आए थे। जैसे ही वह अदालत की कार्यवाही निपटाकर परिसर से बाहर निकले और पास ही स्थित लघु सचिवालय के मुख्य द्वार के पास पहुंचे, तभी वहां पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उनकी गाड़ी को जोरदार टक्कर मारी और फिर बिना संभलने का मौका दिए उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
कार सवार हमलावरों की अंधाधुंध फायरिंग और मौके पर ही मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हत्यारे एक ब्रेजा कार में सवार होकर बेहद आक्रामक अंदाज में आए थे, जिन्होंने नीरज को निशाना बनाते हुए करीब चार से पांच गोलियां उनके शरीर में उतार दीं। गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा और नीरज लहूलुहान होकर वहीं जमीन पर गिर पड़े। वारदात के समय नीरज के साथ मौजूद उनके कुछ दोस्तों और साथियों ने उन्हें बचाने तथा संभालने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिसके बाद हमलावर अपनी तेज रफ्तार गाड़ी से फरार होने में कामयाब रहे।
पुलिस अधिकारियों का दौरा और साक्ष्य जुटाने की कवायद तेज
न्यायालय परिसर जैसी सुरक्षित जगह पर इस तरह की बड़ी वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और एसीपी जोगिंद्र शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पूरे इलाके को सील करके अपनी प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है, जिसके तहत फोरेंसिक टीम की मदद से मौके से जरूरी सबूत जुटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हमलावरों के भागने के रूट और उनकी पहचान स्थापित करने के लिए कोर्ट और सचिवालय के आसपास लगे तमाम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रही है, ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
राजनीतिक टकराव खत्म, CM की तारीफ के बाद बनी पार्टी में सौहार्द्र
16 May, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिरसा। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल पर राज्यसभा सदस्य रेखा शर्मा द्वारा की गई एक विवादित टिप्पणी से पैदा हुए सियासी तूफान को थामने के लिए खुद मुख्यमंत्री नायब सैनी आगे आए हैं। इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री के राजनीतिक कद और प्रदेश के प्रति उनकी सेवाओं को रेखांकित किया, जिसके तत्काल बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। मुख्यमंत्री के सकारात्मक रुख के बाद जहां एक तरफ सांसद रेखा शर्मा ने अपने विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से खेद प्रकट किया, वहीं दूसरी तरफ आहत चल रहे भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी तमाम गिले-शिकवे भुलाकर विवाद को खत्म करने का एलान कर दिया।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री को बताया सम्मानित नेता और नाराजगी की खबरों को नकारा
सिरसा रेलवे स्टेशन पर नांदेड़ साहिब के लिए एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद पत्रकारों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस पूरे विवाद पर बेहद परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्वर्गीय चौधरी भजनलाल हरियाणा की राजनीति के एक बेहद सम्मानित और कद्दावर नेता थे, जिन्होंने लंबे समय तक प्रदेश का कुशल नेतृत्व किया और राज्य को विकास की एक नई दिशा देने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय जनता पार्टी के भीतर कुलदीप बिश्नोई की किसी भी तरह की नाराजगी के कयासों को सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन में कोई भी व्यक्ति रुष्ट नहीं है और सभी लोग मिलकर सूबे को एक विकसित राज्य बनाने के सामूहिक लक्ष्य पर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
सांसद रेखा शर्मा ने वीडियो जारी कर मांगी माफी और अपने विवादित शब्द लिए वापस
मुख्यमंत्री द्वारा चौधरी भजनलाल की जमकर सराहना किए जाने के तुरंत बाद राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने भी एक वीडियो संदेश जारी कर बैकफुट पर आते हुए इस पूरे मामले में क्षमा मांगी। उन्होंने अपनी सफाई में कहा कि पंचकूला में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया था और उनकी मंशा किसी भी व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने की नहीं बल्कि केवल पुरानी राजनीतिक कार्यप्रणाली को रेखांकित करने की थी। उन्होंने आगे कहा कि चौधरी भजनलाल हमेशा से जमीन से जुड़े एक आदरणीय जननेता रहे हैं और चूंकि उनका परिवार आज भी हमारी ही पार्टी का एक अहम हिस्सा है, इसलिए यदि उनके किसी भी समर्थक या परिजनों की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह अपने शब्दों को सहर्ष वापस लेती हैं।
कुलदीप बिश्नोई ने जताई संतुष्टि और समर्थकों से पुलिस केस वापस लेने की अपील
सांसद रेखा शर्मा की ओर से खेद जताए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी एक वीडियो जारी कर इस विवाद के सम्मानजनक पटाक्षेप पर अपनी सहमति दे दी। उन्होंने सांसद की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वह इस माफीनामे से पूरी तरह संतुष्ट हैं और संकट के इस दौर में पिता के स्वाभिमान के लिए खड़े होने वाले देश-प्रदेश के तमाम समर्थकों और शुभचिंतकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने अनुयायियों से भावनात्मक अपील की कि इस पूरे प्रकरण को यहीं समाप्त माना जाए और विरोध स्वरूप अलग-अलग थानों में दर्ज करवाई गई सभी प्राथमिकियों को भी तुरंत वापस ले लिया जाए ताकि दल के भीतर पूरी एकजुटता बनी रहे।
चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए बयान से भड़का था भजनलाल समर्थकों का गुस्सा
इस पूरे सियासी घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई थी जब रेखा शर्मा ने पंचकूला के एक कार्यक्रम में पुराने दौर का जिक्र करते हुए चौधरी भजनलाल और चंद्रमोहन के चुनाव जीतने के तरीकों पर एक बेहद तल्ख टिप्पणी कर दी थी। इस बयान के सार्वजनिक होते ही पूरे हरियाणा में बिश्नोई समाज और भजनलाल समर्थकों के बीच भारी रोष फैल गया था, जिसके बाद हिसार में बिश्नोई महासभा ने आपात बैठक बुलाकर कड़ा रुख अपनाया था। कुलदीप बिश्नोई ने भी इस पर बेहद कड़ा पलटवार करते हुए इसे सोच की दुर्बलता बताया था और आलाकमान को अनुशासन के दायरे में रहकर एक बड़ी चेतावनी दी थी, जिसका समाधान अब मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद बेहद शांतिपूर्ण तरीके से निकाल लिया गया है।
घर के बाहर खड़े युवक की हत्या, 20 राउंड से अधिक फायरिंग
16 May, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के सुबाना गांव में आपसी दुश्मनी और रंजिश के चलते दिनदहाड़े एक युवक की बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव के रहने वाले हितेश उर्फ गुल्लू नामक युवक को निशाना बनाते हुए हमलावरों ने उस पर चौतरफा गोलियां बरसा दीं। वारदात के वक्त हितेश अपने घर के बाहर सामान्य रूप से खड़ा था, तभी अचानक एक बुलेरो गाड़ी में सवार होकर आए अज्ञात बदमाशों ने उसे घेर लिया। हमलावरों की नीयत इतनी खतरनाक थी कि उन्होंने युवक को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं दिया और उस पर बीस से अधिक राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
पुरानी रंजिश के चलते रची गई खूनी साजिश
इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे की वजह पुरानी आपसी रंजिश को माना जा रहा है, जिसकी जड़ें कुछ साल पुरानी बताई जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों और पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले मृतक हितेश और आरोपी पक्ष के बीच किसी बात को लेकर गंभीर विवाद और झगड़ा हुआ था। उस समय का वह मनमुटाव समय के साथ शांत होने के बजाय और गहराता चला गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपियों ने इस खूनी खेल को अंजाम देने की पूरी साजिश रची और मौका पाकर हितेश की जान ले ली।
ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद आरोपी हुए फरार और गांव में दहशत
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हमलावर अपनी बुलेरो गाड़ी में सवार होकर बेहद तेजी से मौके से फरार हो गए। दिनदहाड़े हुई इस अंधाधुंध गोलीबारी की आवाज से पूरा सुबाना गांव दहल उठा और आसपास के इलाके में भारी दहशत व सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही हितेश के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, जिन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन को इस खूनी वारदात की जानकारी दी।
दो नामजद आरोपियों सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज
सूचना पाकर तुरंत मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और वहां से खाली कारतूस बरामद किए। पुलिस ने मृतक के परिजनों द्वारा दिए गए बयानों और शिकायत के आधार पर गिरधरपुर गांव के रहने वाले दो युवकों को नामजद करते हुए उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ हत्या की विभिन्न धाराओं में आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में सुरक्षित रखवा दिया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तेज की तलाश
इस जघन्य हत्याकांड के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। झज्जर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है जो उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस गांव में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ-साथ डिजिटल इनपुट्स की भी मदद ले रही है ताकि फरार चल रहे दोनों नामजद आरोपियों और उनके मददगारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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