ख़बर
ट्रंप की नई टैरिफ नीति से बदलेगा वैश्विक व्यापार, भारत के लिए सुनहरा मौका
23 Jul, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कनाडा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति ने एक बार फिर वैश्विक अर्थव्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। अमेरिका द्वारा अपने पड़ोसी देश कनाडा पर 50 फीसदी का भारी-भरकम टैरिफ लगाए जाने से दोनों देशों के दशकों पुराने व्यापारिक संबंधों में बड़ा झटका लगा है। सालाना करीब 800 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार में से कनाडा के लगभग 20 अरब डॉलर के निर्यात पर इसका सीधा बुरा असर पड़ेगा। हालांकि, अमेरिका-कनाडा के बीच पनपे इस व्यापार युद्ध से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में नई राहें खुलती दिख रही हैं।
इन प्रमुख क्षेत्रों में भारत के लिए बने नए अवसर
कनाडाई उत्पादों पर 50% सीमा शुल्क लगने से अमेरिका में वहां के उत्पाद महंगे हो जाएंगे। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारत की ओर रुख कर सकते हैं। टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स में कनाडाई फैब्रिक की जगह भारतीय कपड़ों की मांग बढ़ सकती है। इसके अलावा रसायन, इंजीनियरिंग उपकरण, मशीन पार्ट्स, लकड़ी का फर्नीचर और प्रोसेस्ड फूड जैसे कृषि उत्पादों के निर्यात में भारतीय कंपनियां कनाडाई निर्यातकों की जगह ले सकती हैं।
संभावित फायदे के बीच 100% टैरिफ का खतरा
भारतीय कारोबारियों के लिए यह अवसर सुनहरा जरूर दिखता है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी अनिश्चितता और जोखिम भी जुड़ा हुआ है। अमेरिका-भारत व्यापार वार्ताओं के बीच अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों की ओर से भारत पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की चेतावनी भी सामने आई है। यदि अमेरिकी प्रशासन भारत के खिलाफ ऐसा सख्त कदम उठाता है, तो कनाडा पर लगे टैरिफ से मिलने वाले सभी संभावित आर्थिक लाभ धरे के धरे रह जाएंगे।
सावधानी बरतने और सतर्क रहने की जरूरत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय निर्यातकों को इस स्थिति में जल्दबाजी या अत्यधिक उत्साह दिखाने से बचना चाहिए। जब तक भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता, तब तक अमेरिकी बाजार से पूरी तरह फायदा उठाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। ऐसे में नीतिगत स्पष्टता आने तक भारतीय उद्योग जगत को फूंक-फूंक कर कदम रखने की सलाह दी जा रही है।
जंतर-मंतर विवाद गरमाया, युवाओं ने प्रदर्शन कर बल प्रयोग पर उठाए सवाल
23 Jul, 2026 10:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गतौली:राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए कथित लाठीचार्ज की गूंज अब ग्रामीण इलाकों में भी सुनाई देने लगी है। इस घटना के विरोध में वीरवार को जींद जिले के गांव गतौली में स्थानीय युवाओं ने फ्लाईओवर के नीचे एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। एकत्रित युवाओं ने शासन और प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे छात्रों पर बल प्रयोग किए जाने को लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला करार दिया।
शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग को युवाओं ने बताया तानाशाही रवैया
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र पूरी तरह से लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण मर्यादा में रहकर अपनी समस्याएं उठा रहे थे। ऐसे में उन पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और असंवैधानिक है। युवाओं ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाने का मौलिक अधिकार प्राप्त है। यदि सरकारें समस्याओं का समाधान निकालने के बजाय लाठियों का सहारा लेंगी, तो इससे देश के युवा वर्ग में आक्रोश और असंतोष की ज्वाला और भड़केगी।
संवादहीनता और पुलिस कार्रवाई का सहारा लेने पर सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की कार्यशैली युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर संवेदनशील नहीं है। युवाओं की वाजिब मांगों को सुनने के बजाय उनकी आवाज को दबाने की हरसंभव कोशिश की जा रही है, जो किसी भी स्वस्थ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों को छात्रों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर उनकी शिकायतों का पारदर्शी समाधान खोजना चाहिए, न कि प्रशासनिक तंत्र और पुलिस बल के दम पर आंदोलनों को कुचलने का प्रयास करना चाहिए।
दोषी अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच कराने की बुलंद की मांग
ग्रामीण युवाओं ने केंद्र सरकार से मांग उठाई है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर घटी इस पूरी घटना की किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच करवाई जाए। उन्होंने इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाने की अपील की। इसके साथ ही युवाओं ने मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की बलपूर्वक कार्रवाई की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी सरकार को कड़े और स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए।
भविष्य में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी के साथ शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ प्रदर्शन
गांव गतौली में आयोजित यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से अनुशासित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हालांकि, उपस्थित युवाओं ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यदि विद्यार्थियों के साथ इसी तरह का अन्यायपूर्ण व्यवहार जारी रहा, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और आने वाले दिनों में इस आंदोलन को तहसील व जिला स्तर तक व्यापक रूप देंगे। युवाओं ने संदेश दिया कि विद्यार्थी और युवा ही राष्ट्र का भविष्य हैं, इसलिए उनके आत्मसम्मान, गरिमा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना सरकार का प्राथमिक कर्तव्य है।
अमेरिका की नई रणनीति! ईरान के बाद यूक्रेन की ड्रोन क्षमता पर बढ़ा भरोसा
23 Jul, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच वैश्विक रक्षा और सामरिक परिदृश्य में एक बड़ा और नाटकीय बदलाव देखने को मिल रहा है। जो अमेरिका कल तक यूक्रेन को अरबों डॉलर के हथियार, मिसाइलें और टैंक भेजकर उसकी मदद कर रहा था, अब वही अमेरिका यूक्रेन की 'बैटल-टेस्टेड' ड्रोन तकनीक हासिल करने में जुटा है। पेंटागन की सिफारिश पर अमेरिकी कंपनी 'रेकनक्राफ्ट' यूक्रेन के मशहूर 'मागुरा V5' (Magura V5) ड्रोन बोट्स का लाइसेंस के तहत उत्पादन शुरू करने जा रही है।
रूस के जहाजों को डुबोने वाली तकनीक पर अमेरिका का दांव
ओरेगन स्थित रेकनक्राफ्ट कंपनी अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस के लिए नावें बनाती है। अब यह कंपनी यूक्रेन के परीक्षण-सिद्ध मागुरा ड्रोन बोट्स का निर्माण करेगी। काला सागर में रूसी युद्धपोतों और समुद्री संपत्तियों को तबाह करने में मागुरा ड्रोन बोट्स की भूमिका मील का पत्थर साबित हुई है। जीपीएस, इनर्शियल नेविगेशन, नाइट विजन, ऑटोपायलट और भारी विस्फोटक ले जाने की क्षमता के साथ ये कम लागत वाले ड्रोन बोट्स दुश्मन के लिए बेहद घातक साबित हुए हैं। पेंटागन अब इसे अपने इंडस्ट्रियल बेस में शामिल कर भविष्य के समुद्री युद्धों की तैयारी तेज कर रहा है।
मागुरा ड्रोन बोट की प्रमुख खासियतें
लंबी दूरी और तेज रफ्तार: यह करीब 800 किलोमीटर की दूरी तक संचालित हो सकती है और 78 किमी/घंटे की अधिकतम गति पकड़ सकती है।
घातक पेलोड क्षमता: यह बोट लगभग 200 किलोग्राम तक विस्फोटक ले जाने में सक्षम है, जो किसी भी बड़े युद्धपोत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
बहुउद्देशीय उपयोग: यह हमले के साथ-साथ निगरानी, टोही, गश्त, माइन-रोधी अभियानों और खोज एवं बचाव कार्यों में भी बेहद कारगर है।
महंगे हथियारों की जगह लो-कॉस्ट अनमैन्ड सिस्टम पर फोकस
अमेरिका को इस बात का अहसास हो चुका है कि इंडो-पैसिफिक, मध्य पूर्व या रूस-चीन-ईरान जैसे बहु-मोर्चा खतरों से निपटने के लिए बेहद महंगे हथियारों के बजाय 'लो-कॉस्ट, हाई-इम्पैक्ट' ड्रोन सिस्टम ही भविष्य के युद्ध की कुंजी हैं। ईरान जैसे देशों से मुकाबला करने में अमेरिका ने खरबों रुपये के महंगे मिसाइल और सुरक्षा तंत्र इस्तेमाल किए हैं, जबकि दुश्मन सस्ते ड्रोन तकनीक से चुनौती दे रहा है। ऐसे में अमेरिका-यूक्रेन की यह डील 21वीं सदी के युद्ध कला में 'टेक्नोलॉजी के रिवर्स फ्लो' का जीता-जागता उदाहरण है, जहाँ स्वदेशी और किफायती ड्रोन पारंपरिक युद्धपोतों पर भारी पड़ रहे हैं।
दो लोगों की हत्या का था प्लान? थार सवार आरोपी 5 विदेशी पिस्तौल संग गिरफ्तार
23 Jul, 2026 08:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल:हरियाणा के करनाल जिले में दो व्यक्तियों की हत्या की खौफनाक साजिश को अंजाम देने पहुंचे दो अलग-अलग अंतरराज्यीय आपराधिक गिरोहों के पांच खतरनाक बदमाशों को स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से न्यायालय ने पुलिस की अर्जी पर सुनवाई करते हुए सभी को रिमांड पर भेजने के आदेश दिए हैं। दिल्ली निवासी आरोपी अशफाक को दो दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है, जबकि बाकी चार अन्य आरोपियों को चार दिन की रिमांड पर भेजा गया है। एसटीएफ की टीम अब रिमांड अवधि के दौरान इन बदमाशों से गहन पूछताछ करेगी ताकि इस बात का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सके कि वे किस गैंगस्टर के निर्देश पर करनाल में किन दो लोगों की हत्या करने के मकसद से आए थे।
उचाना के समीप घेराबंदी कर थार सवार पांचों बदमाशों को दबोचा गया
स्पेशल टास्क फोर्स के प्रभारी दीपेंद्र राणा ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को पुलिस को इन शातिर अपराधियों की गतिविधियों और आवाजाही के संबंध में एक सटीक गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम हरकत में आई और उचाना के पास स्थित पृथ्वीराज चौहान चौक पर चारों तरफ से मजबूत नाकाबंदी कर घेराबंदी की गई। इसी दौरान संदिग्ध अवस्था में आ रही एक काले रंग की थार गाड़ी को रोककर उसमें सवार पांचों बदमाशों को पुलिस बल ने चारों तरफ से घेरकर काबू कर लिया।
तलाशी के दौरान बरामद हुआ विदेशी ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा
बदमाशों को हिरासत में लेने के बाद जब गाड़ी और उनकी व्यक्तिगत तलाशी ली गई, तो एसटीएफ के भी होश उड़ गए। आरोपियों के कब्जे से अत्यंत आधुनिक और अवैध हथियारों का जखीरा बरामद हुआ है, जिसमें 5 अत्याधुनिक विदेशी ऑटोमैटिक पिस्टल और 14 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की जा रही काले रंग की थार गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। इतने भारी मात्रा में हथियार मिलने से यह साफ हो गया है कि आरोपी किसी बड़ी और भीषण वारदात को अंजाम देने की पूरी तैयारी में थे।
विभिन्न राज्यों और आपराधिक गिरोहों से जुड़े हैं पकड़े गए आरोपी
पुलिस हिरासत में आए पांचों आरोपी देश के अलग-अलग राज्यों और नामी आपराधिक गिरोहों से ताल्लुक रखते हैं। प्राथमिक जांच में गिरफ्तार बदमाशों की पहचान हरियाणा के महेंद्रगढ़ निवासी विकास उर्फ विक्की, नई दिल्ली निवासी अशफाक, राजस्थान निवासी प्रिंस खरड़िया व संजय बट्ठ तथा पंजाब के अमृतसर निवासी गुरलाल के रूप में हुई है। अलग-अलग राज्यों के अपराधियों का एक साथ थार गाड़ी में हथियार लेकर घूमना किसी बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट की तरफ इशारा कर रहा है।
पुलिस रिमांड के दौरान बड़े आपराधिक नेटवर्क और आकाओं के खुलासे की उम्मीद
एसटीएफ अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। पुलिस टीम अब इस बात की तहकीकात में जुटी है कि इन शूटरों को इतने महंगे और विदेशी हथियार किसने मुहैया कराए थे और इनका मुख्य नेटवर्क कहां से संचालित हो रहा था। अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि पुलिस रिमांड अवधि के दौरान बदमाशों के आकाओं, उनके वित्तीय मददगारों और उनके असल निशाने पर मौजूद दो व्यक्तियों के बारे में बहुत बड़े और अहम खुलासे होंगे।
प्रधानमंत्री का ऐसा रूटीन जानकर रह जाएंगे हैरान, रोज सिर्फ 3 घंटे की नींद
23 Jul, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो: जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने देश के शीर्ष पद की जिम्मेदारियों और अपनी निजी जिंदगी के संतुलन को लेकर एक बेहद भावुक और ईमानदार खुलासा किया है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से उनकी दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है और उन्हें हर रात मुश्किल से तीन घंटे की नींद मिल पा रही है। उनके इस बयान ने वैश्विक पटल पर एक शीर्ष नेता की चौबीसों घंटे की कड़ी मेहनत और व्यक्तिगत संघर्षों को सामने ला दिया है।
नीतिगत फाइलों से लेकर घरेलू कामकाज का बोझ
प्रधानमंत्री ताकाइची ने बताया कि उनका कार्यकाल अनवरत काम में बीतता है, जहाँ सप्ताहांत (वीक-एंड) पर भी राहत नहीं मिलती। बजट दस्तावेजों, आर्थिक नीतियों और संसद के सवालों की तैयारी के साथ-साथ हज़ारों ईमेल का जवाब देने में अक्सर पूरी रात निकल जाती है। कार्यस्थल से घर लौटने के बाद भी काम खत्म नहीं होता; उन्हें रसोई संभालने, खाना बनाने, बर्तन व कपड़े धोने, यहाँ तक कि बाथरूम तक साफ करने जैसी तमाम घरेलू जिम्मेदारियाँ खुद निभानी पड़ती हैं।
मरीन डे पर मिली राहत और अधूरे काम निपटाने की खुशी
अपने व्यस्त रूटीन का जिक्र करते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वक्त की कमी के चलते उनके पास सूट के अंदर पहनने वाले कपड़ों तक का अकाल पड़ गया था। हाल ही में 'मरीन डे' के राष्ट्रीय अवकाश के दौरान उन्हें पहली बार करीब पांच घंटे सोने का मौका मिला, जिसे उन्होंने बेहद सुकून भरा बताया। इस फुर्सत के समय में उन्होंने काफी समय से रुके घरेलू कामों—जैसे कपड़ों पर प्रेस करना, फटे हुए स्कर्ट सिलना और जैकेट के बटन लगाना—को पूरा किया।
ताकाइची की सादगी ने जीता लोगों का दिल
आमतौर पर वैश्विक नेता अपने लंबे कामकाज के घंटों का दावा तो करते हैं, लेकिन कपड़ों की सिलाई-कटाई या बर्तन धोने जैसी जमीनी और व्यक्तिगत बातों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं करते। सनाए ताकाइची की इस सादगी और बेबाकी ने एक ओर जहाँ जापान के आम नागरिकों को बेहद प्रभावित किया है, वहीं दूसरी ओर एक शक्तिशाली राजनेता के मानवीय और व्यावहारिक पहलू को भी देश के सामने ला दिया है।
भारत की QUAD बैठक में मजबूत मौजूदगी, जयशंकर ने सुरक्षा से लेकर सहयोग तक रखी बात
22 Jul, 2026 05:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मनीला। भारत ने एक बार फिर एक मुक्त, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के निर्माण की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता को मजबूती से रेखांकित किया है। फिलीपींस की राजधानी में आयोजित क्वाड समूह के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट किया कि इस पूरे इलाके में आसियान की केंद्रीयता और प्रमुख भूमिका को स्वीकार करना भारत की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल है। इस उच्चस्तरीय बैठक में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने भी शिरकत की। गौरतलब है कि इससे पहले मई के अंत में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों का सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया था।
क्वाड बैठक में भारतीय विदेश मंत्री का रुख
सम्मेलन के दौरान भारतीय विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय परिस्थितियों का मूल्यांकन करते हुए हालिया घटनाक्रमों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया। उन्होंने पूर्व में हुए सम्मेलनों के निर्णयों की समीक्षा करते हुए बताया कि क्वाड साझेदार एक नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और खुले हिंद-प्रशांत के प्रति पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं। इस दौरान उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि क्षेत्र के विकास और स्थिरता के लिए दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन यानी आसियान को केंद्र में रखना अनिवार्य है।
आसियान की केंद्रीयता पर क्वाड का संयुक्त दृष्टिकोण
आसियान से जुड़े विभिन्न क्षेत्रीय मंचों में भाग लेने पहुँचे क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर अपनी प्राथमिकताओं को साझा किया। सभी सदस्य देशों ने स्पष्ट किया कि वे आसियान की एकजुटता और इसके नेतृत्व का बिना किसी शर्त के समर्थन करते हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और सामरिक दखल के बीच क्वाड मंत्रियों का यह एकजुट रुख शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सभी देशों ने आसियान दृष्टिकोण (एओआईपी) को व्यावहारिक रूप से लागू करने पर सहमति व्यक्त की।
सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के नए आयाम
सम्मेलन में समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय नियमों के पालन, आर्थिक मजबूती और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में तालमेल बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ ही आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता जैसे संवेदनशील विषयों पर भी क्वाड देशों ने एकसाथ काम करने का इरादा जताया। संयुक्त घोषणापत्र में यह साझा विश्वास जताया गया कि समुद्री क्षेत्र में शांति और निरंतर स्थिरता ही संपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र की आर्थिक प्रगति, सुरक्षा और दीर्घकालिक समृद्धि की सबसे मजबूत नींव है।
यमुनानगर में महिला से दुष्कर्म का मामला, लिफ्ट के बहाने वारदात से इलाके में हड़कंप
22 Jul, 2026 05:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले के सदर यमुनानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कलानौर इलाके के पास एक शर्मनाक और वीभत्स घटना सामने आई है। एक अज्ञात दरिंदे ने खुद को एक ही गांव का होने का झांसा देकर एक अकेلي महिला को अपनी मोटरसाइकिल पर लिफ्ट दी और फिर उसे सूने खेतों में ले जाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म (बलात्कार) की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हैवान महिला को खेतों में ही छोड़कर उसकी बाइक समेत मौके से फरार हो गया। इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है।
ब्यूटी पार्लर से घर लौट रही थी पीड़िता, रास्ते में मिला था शातिर आरोपी
पुलिस अधिकारियों को दी गई अपनी लिखित शिकायत में पीड़ित महिला ने आपबीती साझा करते हुए बताया कि वह मूल रूप से यमुनानगर शहर के ही एक स्थानीय ब्यूटी पार्लर में काम करके अपनी आजीविका चलाती है। बीते सोमवार की शाम को वह हमेशा की तरह अपना काम समाप्त करने के बाद अपने घर वापस लौटने के लिए निकली थी। वह ऑटो में बैठकर खजूरी मोड़ तक पहुंची थी, जहां से उसे आगे अपने गांव जाने के लिए साधन बदलना था। इसी दौरान, वहां एक अज्ञात मोटरसाइकिल चालक युवक आया और उसने खुद को उसी महिला के गांव का परिचित होने का झूठा नाटक किया, जिससे महिला उस पर भरोसा कर बैठी और उसकी बाइक पर बैठ गई।
लिफ्ट के बहाने सूने खेतों में ले जाकर की दरिंदगी, फिर बाइक लेकर हुआ चंपत
पीड़िता के अनुसार, गांव का परिचित होने का झांसा देने वाला वह युवक उसे सुरक्षित घर छोड़ने के बजाय रास्ते से भटकाकर कलानौर के पास एक सुनसान इलाके में स्थित खेतों की तरफ ले गया। जब महिला ने इसका विरोध किया और रास्ता बदलने का कारण पूछा, तो आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की और खेतों के बीच में ले जाकर उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने के बाद आरोपी दरिंदा मौके का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया, और जाते-जाते पीड़िता को डरा-धमका भी गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश में जुटाई ताकत
घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय पुलिस ने फौरन मौके पर पहुंचकर मु मुआयना किया और पीड़िता की चिकित्सीय जांच (मेडिकल) करवाई। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि खजूरी मोड़ से लेकर घटना स्थल तक के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
हरियाणा HTET अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, रिजल्ट से पहले ग्रेस मार्क्स का फैसला
22 Jul, 2026 04:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) का बहुप्रतीक्षित परिणाम तैयार कर लिया है। परीक्षा के बाद प्रश्न पत्रों और उत्तर कुंजी (आंसर-की) को लेकर अभ्यर्थियों द्वारा दर्ज कराई गई लगभग 18 हजार आपत्तियों पर बोर्ड द्वारा गठित विषय विशेषज्ञों की टीम ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी है। विशेषज्ञों की पड़ताल में विभिन्न स्तरों के प्रश्न पत्रों के कुछ प्रश्नों और विकल्पों में त्रुटियां पाई गई हैं, जिसके समाधान के लिए अभ्यर्थियों को नियमानुसार ग्रेस अंक देने का निर्णय लिया गया है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कमियां ऐसी नहीं हैं जिससे पुनः परीक्षा कराने की आवश्यकता पड़े, जिससे अभ्यर्थियों के बीच री-एग्जाम को लेकर चल रही अटकलों पर पूरी तरह विराम लग गया है।
आपत्तियों के निपटारे के बाद ग्रेस अंक देने का निर्णय
हरियाणा बोर्ड द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा के प्रश्न पत्रों पर मिली शिकायतों की विषय विशेषज्ञों द्वारा बारीक जांच की गई। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि तीनों लेवल के प्रश्न पत्रों में कुछ सवालों और उनके विकल्पों में लिपिकीय और तकनीकी त्रुटियां मौजूद थीं। अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड प्रशासन ने निर्णय लिया है कि प्रभावित प्रश्नों के लिए परीक्षार्थियों को ग्रेस अंक प्रदान किए जाएंगे, जिससे किसी भी योग्य अभ्यर्थी का नुकसान न हो।
पुनः परीक्षा की संभावनाओं पर लगा पूर्ण विराम
प्रश्न पत्रों में खामियों की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया और अभ्यर्थियों के बीच परीक्षा रद्द होने या री-एग्जाम कराए जाने की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। हालांकि बोर्ड के अधिकारियों ने साफ किया है कि मिली खामियां बेहद सीमित स्तर की हैं और उन्हें ग्रेस अंक प्रणाली से आसानी से सुधारा जा सकता है। ऐसे में पुनः परीक्षा आयोजित कराने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिससे लाखों परीक्षार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
माह के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित होने की उम्मीद
भले ही विशेषज्ञों ने अपनी राय दे दी है, लेकिन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी अभी भी पूरी सतर्कता बरतते हुए अंतिम आंकड़ों और विकल्पों का मिलान कर रहे हैं। तकनीकी स्तर पर सभी औपचारिकताओं को त्रुटिहीन तरीके से पूरा किया जा रहा है। बोर्ड सूत्रों के अनुसार सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप देने के बाद इसी महीने के अंतिम सप्ताह में आधिकारिक परिणाम घोषित किए जाने की पूरी संभावना है।
अभ्यर्थियों से अफवाहों से दूर रहने की अपील
परिणाम की तैयारियों के बीच शिक्षा बोर्ड प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि परिणाम से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां और संशोधित उत्तर कुंजी पूरी पारदर्शिता के साथ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी की जाएंगी, जहां से अभ्यर्थी आसानी से अपना स्कोर देख सकेंगे।
महंगाई और आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान में गरीबी का बढ़ता ग्राफ
22 Jul, 2026 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: गंभीर आर्थिक संकट और बेतहाशा महंगाई का सामना कर रहे पाकिस्तान में आम जनता की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। देश में छाई आर्थिक मंदी का असर अब हालिया सर्वेक्षणों में भी स्पष्ट रूप से सामने आया है, जिसके अनुसार पाकिस्तान में अब हर 10 में से लगभग 3 लोग (28.9 प्रतिशत) गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं। हाउसहोल्ड इंटीग्रेटेड इकोनॉमिक सर्वे (HIES) और पाकिस्तान सोशल एंड लिविंग स्टैंडर्ड्स मेजरमेंट (PSLM) के आंकड़ों ने इस गंभीर स्थिति को उजागर किया है।
छह वर्षों में तेजी से बढ़ी गरीबी, ग्रामीण इलाकों पर सबसे अधिक मार
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018-19 में पाकिस्तान में गरीबी दर 21.8 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 28.9 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यानी बीते छह वर्षों में गरीबों की संख्या में भारी उछाल आया है। इस आर्थिक बदहाली का सबसे भयंकर असर ग्रामीण आबादी पर पड़ा है, जहाँ गरीबी दर में लगभग 8 प्रतिशत अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी करीब 6 प्रतिशत अंक रही है। इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच आर्थिक असमानता और अधिक बढ़ गई है।
आम पाकिस्तानियों के लिए साबित हो रहा 'खोया हुआ दशक'
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि बार-बार आते वित्तीय संकट, कोविड-19 महामारी के असर, खाद्य वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों और सख्त आर्थिक नीतियों का सारा बोझ गरीब तबके पर पड़ा है। जानकारों ने इसे पाकिस्तानियों के लिए 'खोया हुआ दशक' (Lost Decade) करार दिया है। महंगाई की तुलना में घरेलू आय और खर्च क्षमता में लगातार आई गिरावट से साफ है कि विकास के दावों के बावजूद आम पाकिस्तानी परिवारों का जीवन स्तर पहले से कहीं अधिक बदतर हो चुका है।
सैकड़ों साल पुरानी कब्र ने खोले इतिहास के नए राज, वैज्ञानिक भी हुए हैरान
22 Jul, 2026 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को: रूस के तुवा गणराज्य स्थित सयानो-शुशेनस्काया बांध के समीप एक जलमग्न पुरातात्विक स्थल (स्थानीय रूप से 'अटलांटिस') से 2137 वर्ष पुरानी एक युवती की कब्र मिली है, जिसकी खोज को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छिड़ी हुई है। डॉ. पावेल लियुस के नेतृत्व में हुई इस खुदाई में मिली महिला को पुरातत्वविदों ने 'नताशा' नाम दिया है। कब्र से मिले अवशेष रेडियोकार्बन डेटिंग के अनुसार हून्नू (शियांग्नू) काल (लगभग 92 ईसा पूर्व से 71 ईस्वी) के हैं।
आईफोन जैसा बेल्ट बकसुआ बना कौतुहल का विषय
इस खोज में सबसे अधिक ध्यान आकर्षित करने वाली वस्तु महिला के साथ मिला बेल्ट बकसुआ (Belt Buckle) है। काले जेट स्टोन (लिग्नाइट) से बने इस बकसुए का आकार लगभग 7 गुणा 3.5 इंच है, जिस पर टर्क्वॉइस और लाल पत्थरों की नक्काशी की गई है। आयताकार बनावट, चिकनी सतह और आधुनिक डिजाइन के कारण मीडिया और आम लोगों ने इसे 'नताशा का आईफोन' करार दिया।
समय यात्रा के दावों को वैज्ञानिकों ने नकारा
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा इसे 'टाइम ट्रैवल' या 'एलियन टेक्नोलॉजी' का प्रमाण बताने वाले दावों को वैज्ञानिकों ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि यह कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं, बल्कि प्राचीन काल का एक विशाल बेल्ट बकसुआ है। महिला की बेल्ट चीनी 'वुजू' सिक्कों से सजी हुई थी, जो उस दौर में हून्नू समाज और चीन के बीच मजबूत व्यापारिक व सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है।
हून्नू संस्कृति और शिल्प कला का बेजोड़ नमूना
हून्नू (शियांग्नू) दक्षिणी साइबेरिया और मंगोलिया के घुमंतू योद्धा थे। यह पुरातात्विक खोज यह सिद्ध करती है कि प्राचीन कारीगर पत्थरों को तराशने और समकालीन दिखने वाले आभूषण बनाने में अत्यंत कुशल थे। रूस का यह खूबसूरत पहाड़ी तुवा क्षेत्र (जो राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पसंदीदा अवकाश स्थलों में भी शुमार है) अपनी इस ऐतिहासिक खोज के कारण प्राचीन कला और फैशन की समझ को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
नेपाल की राजनीति में नया मोड़, बालेन शाह भारत-चीन राजदूतों से करेंगे मुलाकात
22 Jul, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह अपनी लंबे समय से चली आ रही 'एकला चलो' और विदेशी राजनयिकों से दूरी बनाने की नीति में बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं। नेपाली मीडिया में राजनयिक सूत्रों के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह जल्द ही भारत और चीन के राजदूतों से अलग-अलग व्यक्तिगत मुलाकातें करेंगे। अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने के बाद लिया गया यह निर्णय उनकी विदेश नीति और कूटनीतिक दृष्टिकोण में एक नए अध्याय का संकेत दे रहा है।
राजनयिक परंपराओं से दूरी और पूर्व के कड़े रुख
प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद बालेन शाह ने परंपरागत कूटनीतिक ढर्रे से इतर रुख अपनाया हुआ था। उन्होंने भारत, चीन और अमेरिका जैसे प्रमुख राष्ट्रों के राजदूतों तथा उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों से सीधे मिलने से परहेज किया था। पूर्व में नेपाल यात्रा पर आए अमेरिकी अधिकारियों और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के बार-बार लिखित अनुरोधों के बावजूद, उन्होंने घरेलू व्यस्तताओं का हवाला देकर मिलने से इनकार कर दिया था। राजनयिक हलकों में चर्चा थी कि वे जूनियर अधिकारियों के बजाय केवल अपने समकक्षों से ही वार्ता के पक्षधर थे।
प्रो-प्रोटोकॉल नीति में नरमी और आगामी मुलाकातों के मायने
बालेन शाह ने अपने इस अघोषित नियम को इस महीने की शुरुआत में तब शिथिल किया, जब 6 जुलाई को उन्होंने तीन दिवसीय नेपाल दौरे पर आए एशियाई विकास बैंक (ADB) के अध्यक्ष मासातो कांडा से मुलाकात की। अब इसी कड़ी में भारत और चीन के राजदूतों के साथ प्रस्तावित वार्ताएं (जिनकी तिथियां इसी सप्ताह तय होने की संभावना है) नेपाल के अपने दोनों शक्तिशाली पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्जाग्रत और मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत सकारात्मक व महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।
हिसार में जन्नत बार धधका, आग की लपटों से सामान जलकर खाक
22 Jul, 2026 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार: पीएलए मार्केट स्थित एक प्रसिद्ध 'जन्नत बार' में बुधवार सुबह भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि बार के भीतर रखा पूरा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। अंदर रखी शराब की बोतलें फटने से लपटें और तेज़ हो गईं, जिससे नुकसान की तीव्रता काफी बढ़ गई। गनीमत यह रही कि घटना के समय बार बंद था, जिससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया।
भीषण आग का तांडव और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
प्रातःकाल लगभग नौ बजे घटित इस हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत घटनास्थल पर भेजी गईं। दमकल कर्मियों ने बेहद सूझबूझ और कड़ी मशक्कत के साथ लगभग बीस मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया। बार चारों तरफ से बंद होने के कारण कर्मियों को मुख्य शीशे तोड़कर भीतर प्रवेश करना पड़ा और लपटों को बाहर की दुकानों तक फैलने से पहले ही बुझा दिया गया।
शॉर्ट सर्किट से हादसे की आशंका और लाखों का नुकसान
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे बार मालिक ने प्राथमिक रूप से शॉर्ट सर्किट को आग लगने की मुख्य वजह बताया है। उन्होंने जानकारी दी कि सुबह प्रतिष्ठान से धुआं निकलता देख स्थानीय लोगों ने उन्हें खबर दी थी। इस दुर्घटना में बार का पूरा इंटीरियर, कीमती फर्नीचर, एयर कंडीशनर, मुख्य काउंटर और भीतर मौजूद शराब का पूरा स्टॉक जलकर नष्ट हो गया है, जिसके कुल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
सुरक्षा बल और दमकल टीम का मुस्तैद राहत कार्य
लीडिंग फायरमैन के अनुसार सूचना मिलते ही राहत टीम मात्र दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी। बंद दुकान के भीतर फैले धुएं और आग के बीच जोखिम उठाकर अग्निशमन दल ने पूरी मुस्तैदी से काम किया। अगर समय रहते कार्रवाई न की जाती तो आसपास की अन्य व्यावसायिक दुकानों को भी भारी नुकसान पहुँच सकता था।
बाजार में अफरा-तफरी का माहौल और जांच के आदेश
हादसे के बाद पीएलए मार्केट के दुकानदारों और राहगीरों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। पुलिस और संबंधित विभाग ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाया जा सके। फिलहाल प्रभावित क्षेत्र में एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
पीओके में जनआक्रोश से पाकिस्तान परेशान, आंदोलन ने पकड़ी रफ्तार
22 Jul, 2026 10:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में जारी सियासी घमासान और जनआंदोलन के बीच जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सख्त रुख अपनाया है। संगठन ने स्थानीय प्रशासन के साथ किसी भी तरह का समझौता होने की सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को पूरी तरह भ्रामक और बेबुनियाद बताया है। जेएएसी ने साफ किया है कि बातचीत जरूर चल रही है, लेकिन अभी तक कोई लिखित या अंतिम सहमति नहीं बनी है।
23 जुलाई को निर्णायक मोड़ की तैयारी, बंद और रैलियों का आह्वान
समिति ने आंदोलन को कमजोर करने की साजिशों को खारिज करते हुए घोषणा की है कि उनका शांतिपूर्ण प्रदर्शन पूरी ताकत से जारी रहेगा। जेएएसी के वरिष्ठ नेताओं ने नागरिकों से 23 जुलाई को होने वाले प्रदर्शनों के लिए तैयार रहने को कहा है, जिसे आंदोलन का सबसे अहम मोड़ माना जा रहा है। इस दिन पूरे पीओके में विशाल रैलियां, शटडाउन और सिट-इन धरने आयोजित किए जाएंगे। नीलम घाटी के व्यापारियों से दुकानें बंद रखने तथा मीरपुर, मुजफ्फराबाद और पुंछ में बड़े पैमाने पर जनसभाएं करने की अपील की गई है।
गुप्त घोषणा से प्रशासन में हड़कंप, बुनियादी मांगों पर अड़ा संगठन
आंदोलन के नेताओं का कहना है कि 23 जुलाई को एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की जाएगी, जो इस पूरे प्रदर्शन का भविष्य तय करेगी। हालांकि, इस फैसले को पूरी तरह गुप्त रखा गया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में चिंता बढ़ गई है। जेएएसी की मुख्य मांगों में गिरफ्तार स्थानीय नेताओं की बिना शर्त रिहाई, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार और आर्थिक समस्याओं का स्थायी समाधान शामिल है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस कदम उठाए जाने तक यह जनआंदोलन रुकने वाला नहीं है।
बिहार से ब्रिटेन तक सफलता की उड़ान, कनिष्क नारायण बने मंत्री
22 Jul, 2026 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन: ब्रिटेन में हालिया राजनीतिक बदलाव के बीच नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने देश की बागडोर संभाल ली है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट से एक नए राजनीतिक मॉडल का संकल्प व्यक्त करते हुए उन्होंने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है। इस नए मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दो कद्दावर नेताओं को बेहद अहम मंत्रालय सौंपे गए हैं, जो यूके की राजनीति में भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति को रेखांकित करता है।
मुजफ्फरपुर के कनिष्क नारायण बने एआई मंत्री
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क नारायण को बर्नहैम सरकार में कैबिनेट रैंक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री बनाया गया है। महज 12 वर्ष की आयु में मुजफ्फरपुर से ब्रिटेन पहुंचे कनिष्क ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पढ़ाई और स्टैनफोर्ड से एमबीए की डिग्री हासिल की है। सिलिकॉन वैली के टेक सेक्टर में लंबे अनुभव के बाद, उन्होंने 2024 के चुनाव में वेल ऑफ ग्लैमरगन सीट से जीत दर्ज की थी। इससे पूर्व वे सरकार में कनिष्ठ मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
कोलकाता से जुड़ीं लिसा नंदी को संस्कृति मंत्रालय की कमान
वहीं, भारतीय मूल की वरिष्ठ नेत्री लिसा नंदी को नई कैबिनेट में संस्कृति सचिव के पद पर कायम रखा गया है। मैनचेस्टर में जन्मीं लिसा नंदी का परिवार मूल रूप से कोलकाता से ताल्लुक रखता है। राजनीति में आने से पहले सामाजिक नीति के क्षेत्र में कार्यरत रहीं लिसा 2010 में पहली बार विगन निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुनी गई थीं। वे इस क्षेत्र से संसद पहुंचने वाली पहली महिला और पहली एशियाई प्रतिनिधि बनी थीं। ब्रिटेन के नए मंत्रिमंडल में इन दोनों दिग्गजों की नियुक्ति से भारत-ब्रिटेन संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मतदाता सूची कार्य में लापरवाही भारी, हरियाणा में BLO पर कार्रवाई; 150 से ज्यादा नोटिस
22 Jul, 2026 08:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़: हरियाणा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) पर राज्य प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य भर में इस महत्वपूर्ण कार्य में ढिलाई बरतने पर अब तक 28 से अधिक बीएलओ को निलंबित किया जा चुका है। इसके साथ ही 150 से अधिक बीएलओ और उनके सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जिनका संतोषजनक उत्तर न मिलने पर सेवा संबंधी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कुछ गंभीर मामलों में तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की सिफारिश भी की गई है।
विभिन्न जिलों में बीएलओ और अधिकारियों पर गिरी गाज
पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही को लेकर सबसे बड़ी कार्रवाई करनाल जिले में देखी गई है, जहाँ 12 बीएलओ को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पलवल में 10, सोनीपत में दो और नारनौल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम तथा नूंह में एक-एक बीएलओ पर निलंबन की गाज गिरी है। पंचकूला जिले में भी सख्ती दिखाते हुए 6 सुपरवाइजरों और 50 बीएलओ को नोटिस जारी करने का पत्र भेजा गया है, जबकि 10 बीएलओ को निलंबित करने की सिफारिश की गई है। इसी तरह सोहना क्षेत्र में भी 86 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं।
सख्त प्रशासनिक कदमों के पीछे की मुख्य वजहें
प्रशासन द्वारा बीएलओ के खिलाफ इस तरह के कड़े कदम उठाने के पीछे कई गंभीर वजहें सामने आई हैं। अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर सर्वे का कार्य समय पर पूरा न करना और मतदाताओं से संपर्क साधने में ढिलाई बरतना मुख्य कारण रहा है। इसके अलावा फॉर्म जमा कराने में बेवजह देरी करने, निर्धारित बूथों से गायब रहने, ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन बंद रखने, तय समय-सीमा का उल्लंघन करने और बार-बार दी गई चेतावनियों के बावजूद कार्यशैली में सुधार न करने के कारण यह निलंबन व नोटिस की कार्रवाई की गई है।
मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने का महत्वपूर्ण अभियान
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रणाली की नींव है और यह एक अत्यंत संवेदनशील तथा अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत बीएलओ को हर घर तक पहुँचकर मतदाता सत्यापन फॉर्म भरवाने और उन्हें समयबद्ध तरीके से जमा करने का दायित्व सौंपा जाता है। निष्पक्ष और सटीक मतदाता सूची तैयार करने के उद्देश्य से इस कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही या अनिमितता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नोटिस का जवाब मिलने पर आगे का विधिक निर्णय लिया जाएगा।
राज्य चुनाव आयोग ने मांगी दोषी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट
मुख्य निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई जिला उपायुक्तों के स्तर पर अमलीजामा पहनाई गई है। राज्य चुनाव आयोग ने सभी जिलों के उपायुक्तों से ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की पूरी सूची तलब की है जिन्होंने इस राष्ट्रव्यापी अभियान में शिथिलता दिखाई है। आयोग का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का प्रत्येक पात्र नागरिक बिना किसी असुविधा के मतदाता सूची में शामिल हो सके और कोई भी योग्य मतदाता इस प्रक्रिया में छूटने न पाए।
हादसे के बाद प्रशासन सख्त, सुपरवाइजर पर गिरी गाज और कंपनी हुई ब्लैकलिस्ट
