ख़बर
पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा का बयान: इतिहास को सहेजने और समझने में मददगार साबित होगी 'हेरिटेज वॉक'
30 May, 2026 11:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत | हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास से युवा पीढ़ी को रूबरू कराने के उद्देश्य से हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से शनिवार को एक भव्य हेरिटेज एवं सिटी वॉक का आयोजन किया गया। ‘आओ चलें अपनी विरासत के साथ’ विशेष अभियान के तहत आयोजित की गई यह वॉक एथनिक इंडिया, राई से प्रारंभ होकर ऐतिहासिक बड़खालसा मेमोरियल तक पहुंची। इस अनूठी पहल में सैकड़ों की संख्या में युवाओं, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने बड़े उत्साह के साथ अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
सांस्कृतिक पहचान और स्वस्थ जीवनशैली का अनूठा संगम
इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए प्रदेश के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि हेरिटेज वॉक महज एक पैदल यात्रा नहीं है, बल्कि यह अपनी जड़ों, अनूठी संस्कृति और गौरवमयी इतिहास से साक्षात्कार करने का एक सशक्त जरिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि हमारी विरासत केवल पुरानी इमारतों और स्मारकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी जीवंत सभ्यता, महान परंपराओं और मौलिक पहचान का हिस्सा है। डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि हर दिन पैदल चलना एक निरोगी जीवनशैली का आधार है, और जब यह कदम अपनी गौरवशाली संस्कृति के साथ आगे बढ़ते हैं, तो इसका उद्देश्य और भी पावन हो जाता है। उन्होंने युवाओं से अपने गौरवशाली अतीत को समझने और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
समाज के हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी: विधायक
इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक पवन खरखौदा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि हरियाणा की पावन धरा हमेशा से शौर्य, अप्रतिम बलिदान और वैभवशाली संस्कृति की परिचायक रही है। इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने का बेहतरीन अवसर मिलता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने ऐतिहासिक स्थलों को सहेज कर रखना सिर्फ शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के हर जागरूक नागरिक का परम कर्तव्य है। इस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा ने भी संबोधित करते हुए कहा कि बड़खालसा मेमोरियल जैसे स्थान हमारी राष्ट्रीय चेतना के प्रतीक हैं, जो समाज में सांस्कृतिक जागृति को नया आयाम देते हैं।
वीर बलिदानी दादा कुशाल सिंह दहिया की शौर्य गाथा को किया नमन
हेरिटेज वॉक के बड़खालसा मेमोरियल पहुंचने पर समापन सत्र के दौरान सभी उपस्थित लोगों को इस स्थान के महान ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि वर्ष 1675 में जब सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी का पावन शीश दिल्ली से आनंदपुर साहिब ले जाया जा रहा था, तब मुगल सैनिक लगातार उसका पीछा कर रहे थे। उस नाजुक मोड़ पर बड़खालसा गांव के पराक्रमी योद्धा दादा कुशाल सिंह दहिया ने धर्म, राष्ट्र और मानवता की रक्षा की खातिर सहर्ष अपना शीश बलिदान कर दिया, ताकि गुरुजी का पावन शीश सुरक्षित रूप से गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। मुख्य अतिथि ने अमर बलिदानी की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके इस सर्वोच्च त्याग को भारतीय इतिहास का एक अविस्मरणीय और स्वर्णिम अध्याय बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने अपनी ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा करने और स्वस्थ जीवन अपनाने की सामूहिक शपथ ली।
चार बीघा जमीन बनी काल: मोखरा में किसान की बेरहमी से हत्या, गोगापीर मंदिर के पास मिली लाश
30 May, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक | जिले के सबसे बड़े गांव मोखरा में शुक्रवार की रात चार बीघा जमीन के पुराने विवाद को लेकर एक किसान की पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान ओमबीर उर्फ ओमला के रूप में हुई है, जिनका खून से लथपथ शव गांव के ही गोगापीर मंदिर के समीप एक गली से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज वारदात के बाद बहुअकबरपुर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आठ नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मंदिर के समीप मिला लहूलुहान शव, बेटे ने दी सूचना
पुलिस को दी गई शिकायत में मृतक के पुत्र विजय उर्फ सोनू ने बताया कि शुक्रवार रात करीब सवा 11 बजे गांव के दो युवकों, मोनू और सूरज ने भागते हुए उसे सूचना दी कि उसके पिता ओमबीर गोगापीर मंदिर के मुख्य द्वार के पास गली में गंभीर हालत में पड़े हैं। विजय जब तुरंत मौके पर पहुंचा, तो उसके पिता के सिर से भारी मात्रा में खून बह रहा था और उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की जानकारी मिलते ही बहुअकबरपुर थाना प्रभारी महेश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लिया।
चार बीघा जमीन का पुराना विवाद बनी हत्या की वजह
शिकायतकर्ता विजय के अनुसार, यह पूरी वारदात उनके चाचा जयबीर द्वारा दूसरे पक्ष को बेची गई चार बीघा जमीन के विवाद का नतीजा है। इस जमीन को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से रंजिश चली आ रही थी, जिसके चलते इसी साल अप्रैल के महीने में भी दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज कराए थे। आरोप है कि इसी रंजिश के तहत शुक्रवार रात को योजना बनाकर अजय, ललित, रिम्पी, फूलसिंह, बिमलेश, माड़ू, मोनू और छोटू ने ओमबीर पर घातक हमला किया और उन्हें मौत के घाट उतार दिया। थाना प्रभारी महेश कुमार के मुताबिक, आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीआईए (CIA) और स्थानीय थाने की तीन टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात है।
जिले में कानून-व्यवस्था पर सवाल, दो दिनों में दूसरी वारदात
मई महीने के आखिरी दिनों में रोहतक जिले के भीतर लगातार दूसरे दिन हत्या की इस वारदात से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मोखरा की इस घटना से ठीक एक दिन पहले, शहर की नेहरू कॉलोनी में चिंकी नामक महिला की गला घोंटकर हत्या करने का मामला सामने आया था। उस वारदात में मृतका के पति और उसकी महिला मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस प्रशासन दोनों ही मामलों के फरार आरोपियों की तलाश में जुटा है।
"डिप्टी पीएम इशाक डार का चौंकाने वाला रिएक्शन: इजरायल पर सवाल सुनते ही खोया आपा, पाकिस्तानी मीडिया में मचा हड़कंप"
30 May, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन | अमेरिका की राजधानी में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक के दौरान उस समय असहज स्थिति पैदा हो गई, जब एक पत्रकार के तीखे सवाल ने सबका ध्यान खींचा। संवाददाता ने पाकिस्तान द्वारा इजरायल को राजनयिक मान्यता दिए जाने की संभावना पर प्रश्न पूछा। हालांकि, दोनों ही राजनेताओं ने इस संवेदनशील सवाल पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी और बिना कोई प्रतिक्रिया दिए आगे बढ़ गए। यह वाकया ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई अरब और मुस्लिम बहुल राष्ट्रों से 'अब्राहम समझौते' का हिस्सा बनने और इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील की है, जिसे ईरान के साथ जारी क्षेत्रीय टकराव को समाप्त करने की एक बड़ी कूटनीतिक कोशिश माना जा रहा है।
इजरायल को लेकर पाकिस्तान का पारंपरिक रुख
ऐतिहासिक और कूटनीतिक रूप से पाकिस्तान ने इजरायल को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में कभी स्वीकार नहीं किया है और दोनों देशों के बीच किसी भी प्रकार के आधिकारिक संबंध नहीं हैं। वाशिंगटन में द्विपक्षीय वार्ता के बाद जब दोनों विदेश मंत्री बाहर निकल रहे थे, तब एक पत्रकार ने राष्ट्रपति ट्रंप के हालिया प्रस्ताव का हवाला देते हुए सीधे पूछा, "क्या पाकिस्तान अब इजरायल को मान्यता देने जा रहा है?" दोनों नेताओं ने इस सवाल को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। बाद में मीडिया से औपचारिक बातचीत में इशाक डार ने साफ किया कि उनका देश फिलिस्तीन और गाजा के मुद्दे पर अपने पुराने रुख पर मजबूती से कायम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राष्ट्र की स्थापना की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होती, तब तक नीति में किसी भी बदलाव का सवाल ही नहीं उठता।
अब्राहम समझौते के विस्तार की अमेरिकी कोशिशें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व में संकेत दिए थे कि उन्होंने सऊदी अरब, कतर, पाकिस्तान, तुर्किए, मिस्र और जॉर्डन जैसे प्रमुख देशों से सामूहिक रूप से अब्राहम समझौते में शामिल होने का आग्रह किया है। अमेरिका की मंशा इन देशों के इजरायल के साथ संबंध बहाल कराकर पश्चिम एशिया में ईरान के प्रभाव को संतुलित करने और संघर्ष को टालने की है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है, जबकि सूची में शामिल अन्य देशों ने अभी तक इस अमेरिकी आह्वान पर खुलकर अपनी कोई प्रतिक्रिया साझा नहीं की है।
क्या है अब्राहम समझौता और इसका इतिहास
अब्राहम समझौते की नींव डोनाल्ड ट्रंप के पिछले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान रखी गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य इजरायल और अरब जगत के बीच दशकों पुरानी कड़वाहट को मिटाकर आर्थिक और रणनीतिक संबंध स्थापित करना था। इस पहल के तहत संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन और मोरक्को ने समझौते पर दस्तखत किए थे, जिससे उनके बीच व्यापार, सुरक्षा और कूटनीतिक रास्ते खुले। इस प्रक्रिया में सूडान को भी शामिल करने का प्रयास किया गया था, लेकिन वहां की आंतरिक स्थितियों के कारण औपचारिक संबंध तय करने की विधिक कार्रवाई अब तक अधूरी है।
"सिंगापुर में अमेरिका की चीन को सख्त चेतावनी: 'कोई देश नहीं थोप सकता अपना वर्चस्व', रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भारत को सराहा"
30 May, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंगापुर | अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने शनिवार को भारत की बढ़ती सैन्य ताकत की सराहना करते हुए उसे एक बेहद शक्तिशाली राष्ट्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत वर्तमान में अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर तेजी से काम कर रहा है। हेगसेथ के अनुसार, भारत के पास एक विशाल औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स ढांचा मौजूद है, जो उसे लंबे समय तक चलने वाले उच्च-स्तरीय सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित करने के योग्य बनाता है। यह बयान उन्होंने सिंगापुर में आयोजित प्रतिष्ठित 'शांगरी-ला संवाद' के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए दिया। उन्होंने विशेष रूप से इस बात को रेखांकित किया कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र (इंडियन ओशन रीजन) में भू-राजनीतिक शक्ति संतुलन को बनाए रखने में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।
रक्षा क्षेत्र में सह-उत्पादन को बढ़ावा देगा अमेरिका
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिका सैन्य क्षमताओं में वृद्धि के लिए भारत के साथ मिलकर हथियारों और रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन (को-प्रोडक्शन) को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिका खुद भी अपने घरेलू रक्षा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) को विस्तार देने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इस मंच से उन्होंने जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और आसियान (ASEAN) देशों के साथ अपने रक्षा संबंधों की समीक्षा की और एशिया-प्रशांत क्षेत्र को वैश्विक पटल पर सबसे संवेदनशील व महत्वपूर्ण इलाका बताया।
एशिया-प्रशांत देशों से रक्षा बजट बढ़ाने की अपील
पीट हेगसेथ ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिकी रक्षा रणनीति का खाका पेश करते हुए कहा कि इस क्षेत्र की सुरक्षा का एक बड़ा हिस्सा अमेरिकी सैन्य ताकत पर निर्भर करता है। ऐसे में उन्होंने क्षेत्रीय सहयोगी देशों से अपील की कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने रक्षा बजट और सुरक्षा प्रणालियों में गंभीरता से निवेश बढ़ाएं। वैश्विक तनाव, पश्चिम एशिया और यूरोप में जारी युद्धों के बीच उन्होंने वाशिंगटन का रुख स्पष्ट किया और रणनीतिक प्राथमिकताओं पर बात की। बता दें कि इस वर्ष शांगरी-ला संवाद में दुनिया के 44 देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और नीति निर्माता हिस्सा ले रहे हैं।
चीन के बढ़ते वर्चस्व पर अमेरिका की सख्त चेतावनी
चीन के साथ संबंधों का जिक्र करते हुए अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और चीन के आपसी संबंध पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहतर स्थिति में हैं। हालांकि, इस सकारात्मक पहलू के साथ ही उन्होंने बीजिंग को दो टूक शब्दों में चेतावनी भी दी।उन्होंने साफ किया कि चीन समेत दुनिया का कोई भी देश इस क्षेत्र में अपना एकतरफा वर्चस्व थोपने की कोशिश न करे। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा तथा संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का प्रश्नचिह्न या खतरा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
"ड्रग कार्टेल के खिलाफ अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई; पूर्वी प्रशांत महासागर में तस्करों की नाव तबाह, 3 ढेर"
30 May, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन | अमेरिकी सेना ने शुक्रवार को पूर्वी प्रशांत महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी के संदेह में एक संदिग्ध नौका को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई में तीन संदिग्ध तस्करों की मौत हो गई। यह इस सप्ताह के भीतर अमेरिकी सेना द्वारा किया गया तीसरा बड़ा हमला है। इस ताजा कार्रवाई के बाद, सितंबर से जारी इस विशेष अभियान में मरने वालों की कुल संख्या 200 के पार पहुंच गई है।
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में ड्रग तस्करों के खिलाफ चल रहे महीनों लंबे अभियान के तहत इस नए हमले की पुष्टि की। सैन्य कमान का दावा है कि इस नौका का इस्तेमाल एक बड़े आतंकवादी संगठन द्वारा ड्रग्स की तस्करी के लिए किया जा रहा था, हालांकि इस दावे के संबंध में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
पहली बार सामने आया कार्रवाई का रंगीन वीडियो
अमेरिकी सेना अक्सर अपनी सोशल मीडिया घोषणाओं के साथ सैन्य कार्रवाइयों के वीडियो जारी करती है, लेकिन यह पहला मौका है जब ब्लैक एंड व्हाइट के बजाय पूरी तरह से रंगीन फुटेज जारी किया गया है। इस वीडियो में समुद्र के बीच एक छोटी नौका दिखाई दे रही है, जो हमले के तुरंत बाद भीषण आग की लपटों में घिर जाती है। इसके बाद नाव को जलते हुए और उसके चारों तरफ पानी में कई संदिग्ध पैकेट व वस्तुएं बिखरी हुई देखी जा सकती हैं।
कार्टेल के खिलाफ अमेरिकी जंग में बढ़ा मौतों का आंकड़ा
इस ताजा हमले के बाद, सितंबर की शुरुआत से अमेरिकी सेना द्वारा शुरू की गई इस आक्रामक मुहिम में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 202 हो गई है। इससे पहले बीते मंगलवार और बुधवार को भी अमेरिकी सेना ने दो अन्य हमलों की जानकारी साझा की थी। गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा कर रखी है कि अमेरिका लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल के साथ सीधे सशस्त्र संघर्ष (जंग) की स्थिति में है, क्योंकि ये कार्टेल अमेरिकी शहरों में नशीले पदार्थों की खेप भेजने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं।
क्यूबा के सैन्य नेतृत्व से बैठक के बाद एक्शन
अमेरिकी दक्षिणी कमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया कि यह कार्रवाई उत्तरी अमेरिका में सर्वोच्च अमेरिकी कमांडर जनरल फ्रांसिस एल. डोनोवन के आदेश पर की गई। इस हमले से ठीक पहले, शुक्रवार को जनरल डोनोवन ने ग्वांतानामो खाड़ी में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे के पास क्यूबा के शीर्ष सैन्य अधिकारियों और नेताओं के साथ एक अहम बैठक भी की थी।
हथकड़ी बिस्तर पर छोड़ बदमाश रफूचक्कर: पुलिस कस्टडी से शातिर अपराधी के भागने से मचा हड़कंप
29 May, 2026 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल | पुलिस एनकाउंटर के दौरान पैर में गोली लगने से घायल हुआ एक शातिर अपराधी गुरुवार रात करीब 12 बजे राजकीय अस्पताल से चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। अस्पताल के बेड पर आरोपी की जगह सिर्फ उसकी खाली हथकड़ी लटकी मिली। फरार हुआ बदमाश तरावड़ी के एक पेट्रोल पंप पर सरेआम गोलीबारी कर डकैती की कोशिश करने का मुख्य आरोपी था और हरियाणा सहित पांच राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अस्पताल से शातिर कैदी के भागने की खबर मिलते ही समूचे पुलिस महकमे में खलबली मच गई है और उसकी दोबारा गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
चार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाद भी फरार, सुरक्षा पर सवाल
मूल रूप से पंजाब के खरड़ गांव का रहने वाला गुरजीत सिंह करीब 23 दिनों की फरारी के बाद 25 मई को सीआईए-1 की टीम के साथ मेरठ रोड स्थित आवर्धन नहर के पास हुई मुठभेड़ में पकड़ा गया था। गोली लगने के कारण उसे इलाज के लिए करनाल के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार को उसकी कड़ी निगरानी के लिए वार्ड के बाहर चार पुलिस जवानों को तैनात किया गया था। इसके बावजूद आधी रात को आरोपी पुलिसकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर भागने में सफल रहा। इस बड़ी लापरवाही के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और ड्यूटी पर तैनात चारों कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पेट्रोल पंप पर सेल्समैन से की थी लूटपाट की कोशिश
यह पूरा मामला बीती 2 मई के तड़के का है। तरावड़ी स्थित चौधरी पेट्रोल पंप पर यह बदमाश बिना नंबर की काली मोटरसाइकिल से पहुंचा था। उसने पहले 100 रुपये का ईंधन भरवाया और फिर शोरूम की तरफ जा रहे सेल्समैन सुरेश कुमार पर पिस्तौल तानकर सारा कैश देने की धमकी दी। हालांकि, सेल्समैन और उसके एक अन्य साथी नरेश कुमार ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी का हाथ पकड़ लिया, जिससे वहां गुत्थमगुत्था शुरू हो गई। इस दौरान बदमाश ने जान से मारने की नीयत से गोली भी चलाई, जो हवा में निकल गई। पूरी वारदात पंप पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मौके से कारतूस का खोल बरामद किया था।
पांच राज्यों का वांटेड अपराधी, 23 दिन बाद चढ़ा था हत्थे
वारदात के बाद से ही सीआईए की टीम तकनीकी इनपुट और खुफिया तंत्र की मदद से इस शातिर लुटेरे के पीछे लगी हुई थी। आखिरकार 25 मई को मेरठ रोड के पास उसे घेरा गया, जहां आत्मरक्षा में पुलिस द्वारा चलाई गई गोली उसके कूल्हे के पास टांग में लगी और उसे दबोच लिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस अपराधी पर अलग-अलग राज्यों में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल अस्पताल से उसके भागने के बाद स्थानीय पुलिस अलर्ट मोड पर है और जिले की सीमाओं को सील कर सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
रोहतक में मर्डर मिस्ट्री: पत्नी को रास्ते से हटाने के लिए पति और उसकी प्रेमिका ने रची साजिश, गला घोंटकर मार डाला
29 May, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक | रोहतक की नेहरू कॉलोनी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक किराये के मकान में रह रही 35 वर्षीय महिला चिंकी उर्फ सिमरन की उसके पति गोविंदा ने अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति अपनी प्रेमिका और चिंकी के दो मासूम बच्चों को भी अपने साथ लेकर फरार हो गया। मृतका की मां कमलेश देवी की शिकायत पर स्थानीय सिटी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था घरेलू विवाद
जींद के निडाना गांव की रहने वाली कमलेश देवी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी चिंकी की शादी करीब 10 साल पहले जींद के जुलाना निवासी गोविंदा के साथ की थी। इस शादी से चिंकी की एक छह साल की बेटी और चार साल का बेटा है। मृतका की मां के अनुसार, करीब एक महीने पहले गोविंदा ने सोशल मीडिया पर किसी अन्य महिला के साथ अपनी तस्वीरें पोस्ट की थीं। जब चिंकी को इस बात की भनक लगी तो उसने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद से ही पति-पत्नी के बीच लगातार मानसिक तनाव और विवाद चल रहा था।
रात के झगड़े में घोंटा गला, बच्चे भी गायब
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गुरुवार शाम को गोविंदा अपनी उसी प्रेमिका को साथ लेकर रोहतक स्थित घर पहुंचा था। रात के समय इस बात को लेकर घर में भारी कलह हुई, जिसके बाद आरोपी पति और उसकी प्रेमिका ने मिलकर चिंकी की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे चिंकी का शव घर के भीतर संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। चौंकाने वाली बात यह रही कि वारदात के बाद से घर से दोनों बच्चे, आरोपी पति और उसकी प्रेमिका सभी गायब हैं।
पुलिस तफ्तीश और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम जांच अधिकारी (एसआई) सत्यदेव के नेतृत्व में तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि पुलिस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर गहन तफ्तीश कर रही है। परिजनों के आधिकारिक बयानों और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या की सही वजह और पूरी वारदात का खुलासा साफ तौर पर हो सकेगा। फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
300 अरब डॉलर का निवेश, हमले रोकने की रणनीति: समझौते के मुख्य बिंदु
29 May, 2026 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन:अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी सैन्य और कूटनीतिक तनाव को खत्म करने के लिए तैयार हो रही संभावित डील अब अपने अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्ष एक बड़े समझौते के बेहद करीब हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम सहमति बनने से पहले कुछ बेहद पेचीदा और संवेदनशील मुद्दों को सुलझाना अभी बाकी है। अगर यह अंतरराष्ट्रीय समझौता पूरी तरह अमलीजामा पहनता है, तो इसमें केवल युद्धविराम ही नहीं, बल्कि परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंधों में ढील, लेबनान संकट और ईरान के लिए एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय निवेश पैकेज भी शामिल होगा।
प्रस्तावित डील के मुख्य बिंदु: सीजफायर से लेकर अरबों डॉलर के निवेश तक
इस महा-समझौते के मसौदे में कई बड़े और ऐतिहासिक प्रावधान शामिल किए गए हैं, जो मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) की तस्वीर बदल सकते हैं:
60 दिनों का सीजफायर: दोनों देश सबसे पहले 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत होंगे, जिस दौरान स्थायी शांति और परमाणु कार्यक्रम पर नए सिरे से बातचीत शुरू की जाएगी।
होर्मुज जलमार्ग को खोलना: दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' से ईरान समुद्री बारूदी सुरंगें हटाएगा, ताकि जहाजों की आवाजाही सामान्य हो सके। बदले में अमेरिका अपने नौसैनिक प्रतिबंधों में ढील देगा।
परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख: अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की लिखित प्रतिबद्धता दे। इसमें ईरान के पास मौजूद समृद्ध यूरेनियम के भंडार और भविष्य में यूरेनियम संवर्धन (रिफाइनिंग) की सीमा तय करने पर भी बात होगी।
फ्रीज संपत्तियों की बहाली: समझौते के तहत विदेशों में फंसी ईरान की अरबों डॉलर की जमे हुए फंड (संपत्तियों) को वापस दिलाने और अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत देने पर भी चर्चा शामिल है।
लेबनान संकट पर नियंत्रण: डील में लेबनान में जारी संघर्ष को रोकने और हिजबुल्ला व इजरायल के बीच जारी सीधे तनाव को कम करने का प्रावधान भी जोड़ा गया है।
300 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश: इस डील का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा ईरान के लिए करीब 300 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय निवेश और पुनर्निर्माण कार्यक्रम का प्रस्ताव है। समझौता फाइनल होने पर तेल, ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) जैसे बड़े सेक्टर्स में अमेरिकी कंपनियों की ईरान में एंट्री हो सकती है।
पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता, लेकिन शर्तों पर अभी भी पेंच फंसा
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस गुप्त और महत्वपूर्ण बातचीत का अधिकांश हिस्सा पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता के जरिए मुमकिन हो पाया है। इसके बावजूद, कुछ बुनियादी शर्तों को लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी गहरा मतभेद बना हुआ है। सबसे बड़ा विवाद सीजफायर की परिभाषा को लेकर है। अमेरिका का मानना है कि यह समझौता सिर्फ 60 दिनों के लिए लड़ाई रोकने और आगे की कूटनीतिक राह खोलने का एक जरिया है। इसके विपरीत, ईरान का दावा है कि इस समझौते का मतलब लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की परमानेंट समाप्ति है।
समयसीमा और प्रतिबंध हटाने के तौर-तरीकों पर अलग-अलग राय
होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने की प्रक्रिया को लेकर भी दोनों देश अलग-अलग सुर अलाप रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि ईरान पहले समुद्र से अपनी बारूदी सुरंगें पूरी तरह हटाए और अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे, जिसके बाद अमेरिका चरणबद्ध (स्टेप-बाय-स्टेप) तरीके से प्रतिबंधों को हटाएगा। दूसरी तरफ, ईरान की मांग है कि समझौते पर दस्तखत होने के 30 दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह खत्म हो जानी चाहिए और पूरी बातचीत के दौरान जलमार्ग खुला रहना चाहिए। इसके साथ ही, अमेरिकी अधिकारियों के लिए अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि ईरान की तरफ से इस मसौदे को अंतिम मंजूरी देने का मुख्य अधिकार असल में किसके पास है।
कालूपुर में बड़ा अग्निकांड: आग की लपटों में घिरे फैक्ट्री और गोदाम, कर्मचारियों ने भागकर बचाई जान
29 May, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोनीपत | कालूपुर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) के नजदीक स्थित एक लकड़ी के गोदाम और पेंट निर्माण इकाई में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में दोनों फैक्ट्रियां धू-धू कर जलने लगीं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि इस दर्दनाक हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फैक्ट्रियों में काम कर रहे तमाम मजदूरों और कर्मचारियों को वक्त रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया।
सूखी लकड़ी और पेंट के रसायनों ने बढ़ाई आग की लपटें
घटनास्थल से मिली प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग लगने की शुरुआत सबसे पहले लकड़ी के सामान वाले गोदाम से हुई। वहाँ भारी मात्रा में सूखी लकड़ियां और ज्वलनशील कच्चा माल जमा होने के कारण आग ने तुरंत ही विकराल रूप ले लिया। स्थानीय निवासियों और कर्मचारियों द्वारा बचाव के प्रयास करने से पहले ही लपटों ने पड़ोसी पेंट फैक्ट्री को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। पेंट बनाने में इस्तेमाल होने वाले अत्यधिक ज्वलनशील रसायनों (केमिकल्स) के संपर्क में आते ही आग और ज्यादा खूंखार हो गई।
स्टील शेड और केमिकल के कारण रेस्क्यू में रुकावट
हादसे की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग का दस्ता फौरन एक्शन मोड में आ गया। आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल की छह गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं, जो लगातार पानी की बौछारें कर आग बुझाने के प्रयास में जुटी हैं। हालांकि, राहत और बचाव कार्य में दमकल कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फैक्ट्री की छत पर बना लोहे का मजबूत स्टील शेड और अंदर भरा केमिकल व लकड़ी का स्टॉक आग बुझाने की राह में बड़ी चुनौती बना हुआ है।
करोड़ों के नुकसान की आशंका, कारणों की पड़ताल शुरू
इस अग्निकांड के चलते दोनों फैक्ट्रियों में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक होने का अनुमान है, लेकिन राहत की बात यही है कि समय रहते सभी की जान बचा ली गई। फिलहाल आग लगने की पुख्ता वजह सामने नहीं आई है। प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है, हालांकि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति को संभालने में जुटे हैं। आग पर पूरी तरह काबू पा लेने के बाद हादसे के असल कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की जाएगी।
परमाणु कार्यक्रम पर नई बहस: यूरेनियम संवर्धन को लेकर अमेरिका-ईरान में तकरार जारी, तस्नीम एजेंसी ने डील से किया इनकार
29 May, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग को रोकने के लिए एक समझौता लगभग तैयार हो चुका है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले दोनों देशों को कुछ बेहद पेचीदा और गंभीर मुद्दों को सुलझाना होगा। इस बात की पुष्टि खुद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने की है। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नए प्रस्तावित समझौते के तहत दोनों देशों के बीच युद्धविराम (सीजफायर) को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाया जाएगा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए सिरे से बातचीत शुरू की जाएगी। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों द्वारा समझौते का एक ढांचा तैयार होने की बात कहे जाने के बावजूद, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने इस डील के फाइनल होने की खबरों से साफ इनकार किया है।
ट्रंप और ईरानी नेतृत्व की मंजूरी के बिना फैसला नहीं
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि यूरेनियम संवर्धन (यूरेनियम रिफाइनिंग) जैसे बेहद संवेदनशील और गंभीर मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच अभी भी बातचीत का दौर जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से इस डील को अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक समझौते की कोई तय समयसीमा बताना जल्दबाजी होगी। दूसरी तरफ, पूर्व अमेरिकी नौसैनिक अधिकारी हरलान उलमैन का मानना है कि अगले 60 दिनों के भीतर दोनों देशों में पूरी तरह समझौता होना काफी मुश्किल है, क्योंकि यूरेनियम और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) के समुद्री रास्ते को खोलने को लेकर दोनों के बीच गहरा विवाद है।
अमेरिका पर घरेलू दबाव, अर्थव्यवस्था भी प्रभावित
विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में बढ़ रही महंगाई के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इस युद्ध को खत्म करने और समझौता करने का भारी घरेलू दबाव है। हालांकि, ट्रंप को पूरा भरोसा है कि आने वाले मध्यावधि चुनावों में उनकी रिपब्लिकन पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी। उलमैन के अनुसार, ट्रंप पर समझौते के लिए कोई जबरदस्ती तो नहीं है, लेकिन वैश्विक कारणों से उन्हें यह तनाव जल्द से जल्द खत्म करना होगा। अमेरिका अपनी नौसेना को हमेशा के लिए वहां तैनात नहीं रख सकता, क्योंकि इस युद्ध की वजह से दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
ईरान का विमान गिराने का दावा और अमेरिका का खंडन
इस कूटनीतिक हलचल के बीच जमीन पर तनाव तब और बढ़ गया जब ईरान की वायु सेना ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने बुशायर प्रांत के जाम काउंटी इलाके में एक दुश्मन के विमान को मार गिराया है। स्थानीय गवर्नर मसूद तंगेस्तानी और ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर आईआरआईबी ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि विमान को बीच रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरानी मीडिया के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बयान जारी कर कहा कि यह रिपोर्ट पूरी तरह झूठी है। अमेरिका का कोई भी विमान क्रैश नहीं हुआ है और उनके सभी हवाई एसेट्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। दोनों देशों के बीच जारी इस टकराव को एक भ्रामक प्रचार या 'इन्फॉर्मेशन वॉर' के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
भारतीय मूल के श्रेय पारिख ने रचा इतिहास: अमेरिका में जीती प्रतिष्ठित 'स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी 2026' की ट्रॉफी
29 May, 2026 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: भारतीय मूल के 14 वर्षीय छात्र श्रेय पारिख ने अमेरिका में आयोजित प्रतिष्ठित 'स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी 2026' का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। कैलिफोर्निया के रहने वाले श्रेय ने फाइनल के बेहद रोमांचक मुकाबले में न्यू जर्सी के ईशान गुप्ता को मात देकर यह सफलता हासिल की। प्रतियोगिता का फैसला 'स्पेल-ऑफ राउंड' (टाई-ब्रेकर) के जरिए हुआ, जिसमें दोनों ही प्रतिभागियों को 90 सेकंड का समय दिया गया था। इस दौरान श्रेय ने अद्भुत फुर्ती और ज्ञान का परिचय देते हुए 32 शब्दों की बिल्कुल सही स्पेलिंग बताई, जबकि ईशान 25 शब्दों की स्पेलिंग ही सही बता सके। इसी शानदार प्रदर्शन के आधार पर श्रेय पारिख को प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया गया।
विजेता श्रेय पारिख पर हुई इनामों की बारिश
इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही श्रेय पारिख को भारी-भरकम पुरस्कार राशि और कई उपहार मिले हैं। उन्हें मुख्य इनाम के तौर पर 50,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 41.5 लाख भारतीय रुपये) की नकद राशि दी गई। इसके साथ ही उन्हें एक खूबसूरत स्मारक पदक, प्रतिष्ठित 'स्क्रिप्स कप' ट्रॉफी, मेरियम-वेबस्टर की ओर से 2,500 डॉलर का इनाम, डेल्टा एयरलाइंस की तरफ से 1,000 डॉलर का फ्लाइट क्रेडिट और एनसाइक्लोपीडिया ब्रिटानिका की ओर से 400 डॉलर की मूल्यवान संदर्भ पुस्तकें (रेफरेंस बुक्स) भी इनाम में मिली हैं। आपको बता दें कि श्रेय इससे पहले साल 2022 की प्रतियोगिता में 89वें और साल 2024 में तीसरे स्थान पर रहे थे।
दुनियाभर के 247 धुरंधरों के बीच हुआ मुकाबला
वॉशिंगटन के 'डीएआर कॉन्स्टिट्यूशन हॉल' में तीन दिनों तक चली इस कठिन प्रतियोगिता में दुनिया के कोने-कोने से आए बच्चों ने हिस्सा लिया था। इसमें अमेरिका के सभी 50 राज्यों के अलावा बहामास, कनाडा, घाना, नाइजीरिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत पांच अन्य देशों के कुल 247 मेधावी छात्रों ने अपना दम दिखाया। कई दौर की मुश्किल चुनौतियों को पार कर केवल 9 छात्र ही फाइनल राउंड में पहुंच पाए थे। इस कड़े मुकाबले में जॉर्जिया के 12 वर्षीय सर्व धारवाने तीसरे स्थान पर रहे, जिससे टॉप तीन में भारतीय मूल के बच्चों का ही दबदबा रहा।
क्या है स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी और कौन हो सकता है शामिल?
स्क्रिप्स नेशनल स्पेलिंग बी दुनिया की सबसे बड़ी और पुरानी स्पेलिंग प्रतियोगिताओं में से एक है, जिसका आयोजन हर साल अमेरिका में किया जाता है। इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह है कि इसमें केवल आठवीं कक्षा तक के छात्र ही हिस्सा ले सकते हैं और उनकी उम्र 15 वर्ष से कम होनी चाहिए। प्रतियोगिता का प्रारूप बेहद कठिन होता है। शुरुआत में छात्रों को दो प्रारंभिक राउंड पास करने होते हैं, जिनमें स्पेलिंग और मल्टीपल-चॉइस वोकैबुलरी (शब्दावली) टेस्ट शामिल होते हैं।
इसके बाद सफल छात्रों को एक लिखित परीक्षा देनी होती है, जिससे टॉप 100 छात्र क्वार्टरफाइनल में जगह बनाते हैं। क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल के दौरान बच्चों को मंच पर लगे माइक्रोफोन के सामने आकर सीधे कठिन शब्दों की स्पेलिंग बतानी होती है। इस दौरान एक भी गलत उत्तर देने पर छात्र प्रतियोगिता से तुरंत बाहर हो जाता है और अंत में जो बिना गलती किए टिका रहता है, वही विजेता बनता है।
धमाके से कांपा फ्लोरिडा: ब्लू ओरिजिन के रॉकेट में हॉटफायर टेस्ट के दौरान लगी आग, आसमान हुआ नारंगी
29 May, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्लोरिडा: अमेरिकी अरबपति जेफ बेजोस की अंतरिक्ष कंपनी 'ब्लू ओरिजिन' को एक बहुत बड़ा झटका लगा है। कंपनी का बेहद विशाल और भारी-भरकम 'न्यू ग्लेन' रॉकेट लॉन्च पैड पर टेस्टिंग (जांच) के दौरान अचानक धमाके के साथ फट गया। यह भयानक हादसा गुरुवार की रात को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल में बने लॉन्च कॉम्प्लेक्स-36 में हुआ। इस हादसे के बाद आसमान में आग की ऊंची लपटें दिखाई देने लगीं, जिससे वहां मौजूद वैज्ञानिक और कर्मचारी हैरान रह गए।
इंजन टेस्टिंग के दौरान आसमान में उठा आग का गोला
यह हादसा उस समय हुआ जब रॉकेट के इंजनों की ताकत जांचने के लिए 'हॉटफायर टेस्ट' (इंजन फायरिंग टेस्ट) किया जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक जोरदार धमाका हुआ और पूरा रॉकेट आग के बड़े गोले में तब्दील हो गया। यह ब्लास्ट इतना भीषण था कि धमाके की गूंज से आसपास के रिहायशी इलाकों के घर तक हिल गए। रात के अंधेरे में आसमान पूरी तरह से नारंगी रंग की आग की रोशनी से चमक उठा। सोशल मीडिया पर स्थानीय लोगों ने इस खौफनाक मंजर की कई तस्वीरें और वीडियो भी शेयर की हैं।
कंपनी ने कहा- सभी कर्मचारी सुरक्षित, जांच शुरू
इस बड़े हादसे के तुरंत बाद जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। कंपनी ने बताया कि टेस्ट के दौरान अचानक एक तकनीकी खराबी (असामान्य स्थिति) आ गई थी जिसके कारण यह विस्फोट हुआ। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी भी कर्मचारी को कोई चोट नहीं आई है और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन अधिकारियों ने भी साफ कर दिया है कि विस्फोट के बाद हवा में किसी भी तरह की जहरीली गैस या धुएं का खतरा नहीं है।
नासा के मून मिशन से जुड़ा है 'न्यू ग्लेन' का भविष्य
यह पहली बार नहीं है जब 'न्यू ग्लेन' रॉकेट को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले अप्रैल के महीने में भी इस रॉकेट की उड़ान को बीच में ही रोकना पड़ा था क्योंकि इसके इंजन फेल होने की वजह से एक सैटेलाइट गलत कक्षा में पहुंच गया था। ब्लू ओरिजिन कंपनी इस महाशक्तिशाली रॉकेट को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' के चांद मिशनों (चंद्र मिशन) के लिए तैयार कर रही है, ताकि इसके जरिए अंतरिक्ष यात्रियों के लिए लैंडर को चांद पर भेजा जा सके। इस रॉकेट का नाम अमेरिका के पहले अंतरिक्ष यात्री जॉन ग्लेन के नाम पर रखा गया है।
एलन मस्क की कंपनी को टक्कर देने की तैयारी
अमेज़न के मालिक जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन अंतरिक्ष की इस रेस में एलन मस्क की कंपनी 'स्पेसएक्स' को कड़ी टक्कर देना चाहती है। 'न्यू ग्लेन' रॉकेट को ब्लू ओरिजिन के भविष्य के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है। ऐसे में इस बड़े टेस्ट के फेल होने और रॉकेट में विस्फोट होने से जेफ बेजोस के अंतरिक्ष दौर में सबसे आगे निकलने के सपनों को एक बड़ा झटका जरूर लगा है।
ईरान ने बुशहर में अमेरिकी विमान गिराने की बात कही, अमेरिका ने दावे को बताया पूरी तरह फर्जी
29 May, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच बीते 28 फरवरी से जारी युद्ध को रोकने के लिए दोनों देशों के बीच शांति वार्ता (बातचीत) चल रही थी। लेकिन इसी बीच खबर आई कि अमेरिका ने ईरान पर एक बार फिर हमला कर दिया है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। इस कथित हमले के बाद ईरान ने भी बड़ा दावा किया है कि उसकी सेना ने अपने बुशहर इलाके में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हालांकि, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे पूरी तरह झूठ बताया है।
ईरान का विमान गिराने का दावा और अमेरिका का पलटवार
शुक्रवार की सुबह ईरान के सरकारी मीडिया ने देश के बुशेहर प्रांत के जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगस्तानी के हवाले से एक खबर चलाई। इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम ने सीमा में घुस रहे एक अमेरिकी विमान को मार गिराया है। इसके साथ ही ईरान ने यह भी कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास सैन्य हलचल बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इस दावे के सामने आते ही अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने तुरंत मोर्चा संभाला। सेंटकॉम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ईरान का अमेरिकी विमान गिराने का दावा पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत है। अमेरिका के सभी विमान और सैन्य संसाधन पूरी तरह सुरक्षित हैं और वे अपना काम कर रहे हैं।
शांति वार्ता के बीच फिर बढ़ा भारी तनाव
दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रही जंग को रोकने के लिए पिछले कुछ समय से शांति समझौते को लेकर बातचीत का दौर चल रहा था। लेकिन शांति वार्ता के दौरान ही अचानक आई इस खबर ने दोनों देशों के बीच कड़वाहट और ज्यादा बढ़ा दी है। इस घटनाक्रम से ऐसा लगने लगा है कि शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लग सकता है। हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी तरफ से ऐसी कोई कार्रवाई नहीं हुई है जिससे शांति वार्ता पर असर पड़े।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मंजूरी के बाद ही होगा अंतिम फैसला
इस पूरे विवाद और शांति वार्ता के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि वॉशिंगटन (अमेरिका) और तेहरान (ईरान) के बीच युद्ध को रोकने के लिए बातचीत का सिलसिला अभी भी जारी है। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि इस शांति समझौते पर कोई भी अंतिम फैसला या मुहर तभी लगेगी, जब देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस पर अपनी पूरी सहमति और मंजूरी दे देंगे। तब तक दोनों देशों के बीच जमीनी हालात पर नजर रखी जा रही है।
बीजिंग से अच्छी खबर: भारत और चीन के बीच हुई सकारात्मक बातचीत, अब चीन में होगी विशेष प्रतिनिधियों की बड़ी बैठक
29 May, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग: भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने के लिए एक बेहद सकारात्मक बातचीत हुई है। दोनों देशों के बीच बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में परामर्श एवं समन्वय कार्य तंत्र (WMCC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों पक्षों ने माना कि सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने से दोनों देशों के आपसी संबंधों को फिर से सामान्य बनाने की दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। भारत और चीन इस बात पर सहमत हुए हैं कि वे आपस में कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत का सिलसिला लगातार जारी रखेंगे।
विशेष प्रतिनिधियों की अगली बैठक की तैयारी शुरू
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत को आगे की सोच रखने वाली और सकारात्मक बताया है। बैठक के दौरान दोनों देशों ने सीमाई इलाकों के मौजूदा हालातों की समीक्षा की और अब तक बनी शांति पर संतोष जताया। इस सफल वार्ता के बाद अब दोनों पक्ष अपने विशेष प्रतिनिधियों (SR) की अगली बड़ी बैठक के लिए मिलकर काम करने पर राजी हो गए हैं, जिसका आयोजन चीन में किया जाएगा। आपको बता दें कि इससे पहले पिछले साल अगस्त में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच नई दिल्ली में विशेष प्रतिनिधियों के स्तर की वार्ता हुई थी, जिसके काफी अच्छे नतीजे सामने आए थे। इस बार की बैठक में भारतीय दल की कमान विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने संभाली।
नदियों के पानी और आपसी सहयोग पर भारत का जोर
इस अहम बैठक के दौरान केवल सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच बहने वाली नदियों के पानी को लेकर भी चर्चा हुई। भारत ने चीन के सामने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सीमा पार से आने वाली नदियों के पानी और उससे जुड़े मुद्दों पर बातचीत करने के लिए विशेषज्ञ स्तर के तंत्र (Expert Level Mechanism) की अगली बैठक जल्द से जल्द बुलाई जानी चाहिए। इसके अलावा दोनों देशों ने सीमा प्रबंधन, सीमाओं का निर्धारण और आपसी सहयोग को बढ़ाने वाले कई अन्य जरूरी मुद्दों पर भी विस्तार से अपने विचार साझा किए।
एक जून से लिपुलेख मार्ग से फिर शुरू होगा व्यापार
इस कूटनीतिक बातचीत के बीच भारत और चीन के व्यापारिक रिश्तों को लेकर भी एक बड़ी और अच्छी खबर आई है। कोरोना महामारी के कारण लंबे समय से बंद पड़ा भारत और चीन के बीच का पारंपरिक व्यापार आगामी एक जून से फिर से शुरू होने जा रहा है। इस व्यवस्था के तहत भारतीय व्यापारी उत्तराखंड के धारचूला से तिब्बत जाकर चीनी सामान भारत ला सकेंगे। प्रशासन ने व्यापारियों और उनके सहायकों के लिए करीब 300 पास जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारतीय व्यापारी वाहनों और आईटीबीपी (ITBP) के जवानों की सुरक्षा में लिपुलेख पास तक जाएंगे और वहां से पैदल चलकर तिब्बत की व्यापारिक मंडी में प्रवेश करेंगे। इस बार चीन सरकार ने भारतीय व्यापारियों की सुविधा के लिए तिब्बत में एक नई और अलग मंडी भी तैयार की है।
केन्या के स्कूल में आग का कहर, दर्जनों छात्राएं घायल
28 May, 2026 09:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नैरोबी। पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहाँ देश के मध्य क्षेत्र में स्थित एक गर्ल्स बोर्डिंग स्कूल में देर रात अचानक भीषण आग लग गई। इस भयानक अग्निकांड में 16 मासूम छात्राओं की झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 79 अन्य छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, यह दर्दनाक हादसा गिलगिल इलाके में स्थित 'उटुमिशी गर्ल्स स्कूल' में उस समय हुआ जब हॉस्टल में रहने वाली ज्यादातर छात्राएं अपने कमरों में गहरी नींद में सो रही थीं, जिसके कारण उन्हें बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका।
सोते समय भड़की आग और मच गई अफरा-तफरी
केन्या के शिक्षा मंत्री जूलियस ओंगामा ने इस दुखद घटना की जानकारी देते हुए बताया कि हॉस्टल में आग लगने की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल (रेस्क्यू टीम) तुरंत मौके पर पहुंचे और भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दर्दनाक हादसे में घायल हुई सभी छात्राओं को एम्बुलेंस की मदद से तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस बोर्डिंग स्कूल में 800 से अधिक छात्राएं पढ़ती हैं, जिसके कारण आग लगते ही पूरे परिसर और आसपास के इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे के कारणों की जांच शुरू
इस भीषण हादसे के बाद स्कूल प्रशासन और स्थानीय पुलिस आग लगने के मुख्य कारणों का पता लगाने में जुट गई है। शुरुआती तौर पर यह साफ नहीं हो पाया है कि हॉस्टल की इमारत में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या इसके पीछे कोई और तकनीकी खराबी थी। सरकार ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि घायल छात्राओं के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए। इस घटना के बाद से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है और स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
राशिफल 04 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
हाथियों के साये से सुरक्षित भविष्य तक : प्रधानमंत्री आवास योजना ने करमचन्द्र के परिवार को दिया नया जीवन
टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में बड़ी पहल: अब गांव-गांव पहुंच रही है हैंड हेल्ड एक्स-रे जांच सुविधा
जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रदेश में चलाया जा रहा है जन आंदोलन : मंत्री सिलावट
छतरपुर के लकड़ी फर्नीचर उद्योग को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
समाधान शिविरों से आसान हुई जनसेवाओं की राह, महिलाओं को घर के नजदीक मिल रहा योजनाओं का लाभ
संघर्ष से सम्मान तक: प्रधानमंत्री आवास योजना ने दिव्यांग राम प्रसाद के जीवन में भरी नई रोशनी
प्रदेश के हर जिले में बनेंगे फीडर सेंटर, बढ़ेगा खेल नेटवर्क : मंत्री श्री सारंग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल
सुशासन तिहार के माध्यम से घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सुरक्षा
