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हरियाणा शिक्षा बोर्ड को मिला नया नेतृत्व, शंकर धुप्पड़ ने संभाली जिम्मेदारी
27 May, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा के शिक्षा विभाग से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता शंकर लाल धुप्पड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) का नया चेयरमैन (अध्यक्ष) नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर शाम सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेशों के तहत, तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा को तुरंत प्रभाव से उनके पद से कार्यमुक्त (रिलीव) कर दिया गया है।
शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने जारी किए कड़े आदेश
हरियाणा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया की ओर से इस संबंध में दो अलग-अलग आधिकारिक पत्र जारी किए गए हैं। पहले पत्र में डॉ. पवन कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि दूसरे पत्र के माध्यम से शंकर लाल धुप्पड़ को बोर्ड की कमान सौंपते हुए नए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
संगठन में लंबा अनुभव, भिवानी के मूल निवासी हैं धुप्पड़
हरियाणा शिक्षा बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष शंकर लाल धुप्पड़ भारतीय जनता पार्टी के एक कद्दावर और अनुभवी नेता हैं। उन्होंने लंबे समय तक भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे मूल रूप से भिवानी शहर के ही रहने वाले हैं, जिसके कारण स्थानीय स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
भिवानी वासियों में जश्न का माहौल, स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का मुख्यालय भिवानी में ही स्थित है। ऐसे में एक स्थानीय और वरिष्ठ नेता को बोर्ड के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी मिलने से भिवानी के निवासियों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। नियुक्ति की खबर मिलते ही स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर की है और उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में बोर्ड के कामकाज और छात्र हितों की नीतियों में और अधिक सुधार देखने को मिलेगा।
सेना के ऑपरेशन से आतंकियों में खौफ, 317 मारे गए; 221 लोग सुरक्षित निकाले गए
27 May, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अबुजा: अफ्रीकी देश नाइजीरिया पिछले लंबे समय से आतंकवाद और आंतरिक सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए नाइजीरियाई सेना देशव्यापी स्तर पर लगातार कड़े सैन्य अभियान चला रही है। नाइजीरियाई रक्षा मुख्यालय ने मंगलवार को घोषणा की है कि मई महीने में चलाए गए संयुक्त ऑपरेशंस में सुरक्षा बलों को आतंकवाद के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
317 आतंकियों का खात्मा, 221 नागरिक बचाए गए
अबुजा में आयोजित मासिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रक्षा मीडिया ऑपरेशंस के डायरेक्टर, मेजर जनरल माइकल ओनोजा ने बताया कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना के बेहतर तालमेल के कारण मई महीने में 317 आतंकवादियों को मार गिराया गया है।
इसके साथ ही सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए आतंकियों और डकैतों के चंगुल से 221 निर्दोष नागरिकों को सुरक्षित छुड़ाया है। गौरतलब है कि नाइजीरिया में फिरौती के लिए आम लोगों को किडनैप (अपहरण) करना एक बड़ी समस्या बन चुका है।
सैकड़ों संदिग्ध गिरफ्तार और भारी मात्रा में तेल जब्त
इस महीने चले अभियान के दौरान सेना ने केवल आतंकियों को ढेर ही नहीं किया, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क पर चोट की है:
314 संदिग्धों की गिरफ्तारी: आतंकवाद और डकैती में शामिल होने के शक में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है।
हथियारों की बरामदगी: आतंकियों के ठिकानों से 93 घातक हथियार और गोला-बारूद जब्त किया गया।
21,000 लीटर चोरी का तेल: अवैध रूप से तस्करी किया जा रहा 21 हजार लीटर से ज्यादा कच्चा तेल (पेट्रोलियम) भी सेना ने बरामद किया है। इस कार्रवाई में आतंकवादियों के कई गुप्त ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और सीमाओं के पार से होने वाली उनकी रसद (लॉजिस्टिक्स) सप्लाई को भी रोक दिया गया है।
बोको हराम और डकैतों का दोहरा खतरा
नाइजीरिया इस समय दोहरी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। एक तरफ देश के विभिन्न हिस्सों में 'बोको हराम' और 'आईएसडब्ल्यूएपी' (ISWAP) जैसे खूंखार इस्लामिक आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में स्थानीय डकैतों और लुटेरों का आतंक बढ़ा है। ये गिरोह अक्सर गांवों पर हमला कर लूटपाट और हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं।
शांति बहाली तक जारी रहेगा सैन्य एक्शन
मेजर जनरल ओनोजा ने विपरीत हालातों में देश की रक्षा करने वाले सैनिकों की बहादुरी की जमकर सराहना की। उन्होंने साफ किया कि राष्ट्रपति बोला टिनुबू के नेतृत्व में देश के सुरक्षा बल आतंकवाद और अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं। नाइजीरियाई सेना ने स्पष्ट संदेश दिया है कि देश में पूरी तरह से शांति और स्थिरता बहाल होने तक यह सैन्य कार्रवाई इसी तरह आगे भी जारी रहेगी।
कूटनीतिक संतुलन में फंसा पाकिस्तान, इज़रायल को मान्यता देने पर विवाद
27 May, 2026 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: ईरान के साथ बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय दांव खेला है, जिसने पाकिस्तान को बेहद धर्मसंकट की स्थिति में डाल दिया है। अमेरिका की तरफ से पाकिस्तान पर 'अब्राहम अकॉर्ड' (Abraham Accords) का हिस्सा बनने और इजरायल को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में स्वीकार करने के लिए चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है। ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान के साथ भविष्य में किसी भी टिकाऊ शांति समझौते के लिए पाकिस्तान का इस गठबंधन में शामिल होना बेहद जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस शर्त ने पाकिस्तान के सामने 'आगे कुआं, पीछे खाई' जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
ट्रंप का मुस्लिम देशों को कड़ा संदेश, अब्राहम अकॉर्ड को बताया जरूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए साफ किया कि मध्य-पूर्व के सभी प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों को हर हाल में इजरायल के साथ अपने राजनयिक संबंधों को सामान्य करना होगा। ट्रंप ने इस कूटनीतिक योजना को एक 'जटिल पहेली' का समाधान बताते हुए दावा किया कि जो देश पहले से इस समझौते का हिस्सा हैं, उन्हें बड़ा आर्थिक और सामाजिक फायदा मिला है। इस भंवर में फंसे पाकिस्तान के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अमेरिका को नाराज भी नहीं कर सकता और इजरायल से हाथ मिलाना भी उसके लिए आसान नहीं है।
इजरायल से हाथ मिलाया तो बदलना होगा पासपोर्ट का 78 साल पुराना नियम
यदि पाकिस्तान अमेरिकी दबाव के आगे घुटने टेकते हुए इजरायल से रिश्ते बनाने के लिए तैयार भी होता है, तो उसके सामने बड़ा कानूनी और प्रशासनिक संकट खड़ा हो जाएगा। अपनी स्थापना के बाद से पिछले 78 वर्षों में पाकिस्तान ने कभी भी इजरायल को मान्यता नहीं दी है, यही वजह है कि पाकिस्तानी पासपोर्ट पर स्पष्ट रूप से अंकित है कि 'यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों के लिए वैध है'। अब्राहम अकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में पाकिस्तान को न सिर्फ अपने इस बुनियादी नियम को बदलना होगा, बल्कि वीजा, इमिग्रेशन और दूतावास से जुड़े सभी कानूनों में फेरबदल करना पड़ेगा, जो वहां की सरकार के लिए राजनीतिक रूप से आत्मघाती साबित हो सकता है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री का पलटवार, समझौते से किया साफ इनकार
अमेरिका की इस घेराबंदी पर पाकिस्तान ने फिलहाल कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रंप के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि देश को ऐसे किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं बनना चाहिए जो उसकी बुनियादी विचारधारा और सिद्धांतों के खिलाफ हो। उन्होंने सवाल उठाया कि वे ऐसे लोगों के साथ चर्चा की मेज पर कैसे बैठ सकते हैं, जिनकी विश्वसनीयता और वादों पर एक दिन के लिए भी भरोसा नहीं किया जा सकता।
आर्थिक कंगाली और अमेरिकी मदद के बीच फंसा भविष्य
पाकिस्तानी नेतृत्व भले ही बयानबाजी में कड़ा रुख दिखा रहा हो, लेकिन देश की आर्थिक हकीकत किसी से छुपी नहीं है। दिवालिया होने की कगार पर खड़ा पाकिस्तान अपनी अर्थव्यवस्था को चलाने के लिए पूरी तरह से अमेरिकी वित्तीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के बेलआउट पैकेज पर निर्भर है। ऐसे में ट्रंप द्वारा इजरायल की मान्यता का पेंच फंसाए जाने के बाद पाकिस्तान इस अंतरराष्ट्रीय चक्रव्यूह और अपनी घरेलू बगावत के डर से कैसे उबर पाता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
बीटेक छात्र पर जानलेवा हमला, अस्पताल में भर्ती
27 May, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल: राष्ट्रीय राजमार्ग-709ए पर स्थित प्योंत टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों की दबंगई का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ उपलाना गांव के रहने वाले बीटेक के एक छात्र योगराज पर करीब 10 टोल कर्मचारियों ने मिलकर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने छात्र को घेरकर ईंटों, लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से बुरी तरह पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। छात्र को लहूलुहान हालत में पहले करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ उसकी नाजुक हालत को देखते हुए देर रात पीजीआई (PGI) चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।
टोल छूट वाले वाहन को लेकर शुरू हुआ था विवाद
मिली जानकारी के अनुसार, योगराज 26 मई की रात करीब 9 बजे अपने परिचित अशोक (निवासी कत्लाहेड़ी) के साथ कार से करनाल-असंध मार्ग से गुजर रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी गाड़ी स्थानीय नियमों के तहत टोल टैक्स छूट (एक्सेम्प्टेड) श्रेणी में आती थी। आरोप है कि टोल नाके पर तैनात कर्मियों ने गाड़ी निकालने को लेकर बेवजह बहस शुरू कर दी। देखते ही देखते यह मामूली कहासुनी एक खूनी झड़प में तब्दील हो गई और टोल कर्मियों ने छात्र को कार से खींचकर जमीन पर गिरा दिया और थप्पड़-मुक्कों, सरियों व ईंटों से बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया।
बिना वर्दी और नेम प्लेट के 'बाउंसरों' का आतंक, दो आरोपी गिरफ्तार
पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के वक्त टोल नाके पर तैनात कर्मचारी बिना किसी आधिकारिक वर्दी (यूनिफॉर्म) या नेम प्लेट के खड़े थे, जिससे उनकी पहचान कर पाना नामुमकिन था। मामूली विवाद पर कर्मचारियों को अचानक इस तरह आक्रामक होते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने बीच-बचाव कर जैसे-तैसे छात्र की जान बचाई। सूचना मिलते ही 'डायल 112' पुलिस टीम मौके पर पहुँची। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो हमलावर कर्मचारियों को दबोचकर पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि बाकी आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।
आसपास के गांवों को है टोल से मुक्ति, सीसीटीवी फुटेज आई सामने
स्थानीय ग्रामीणों (शुभम, राममेहर व अन्य) ने बताया कि प्योंत, कत्लाहेड़ी, उपलाना और गुल्लरपुर सहित आसपास के कई गांवों के वाहनों को इस टोल प्लाजा से मुफ्त गुजरने की श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद स्थानीय लोगों के साथ अक्सर अभद्रता की जाती है। इस पूरी वारदात की एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें साफ तौर पर कई कर्मचारी लाठी-डंडों के साथ गाड़ी की तरफ हिंसक रूप से दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश, टोल कंपनी का टेंडर रद्द करने की मांग
इस घटना के बाद से पूरे इलाके के ग्रामीणों और राहगीरों में गहरा गुस्सा है। लोगों का कहना है कि इस टोल प्लाजा पर वाहन चालकों से बदसलूकी और मारपीट की शिकायतें पहले भी कई बार आ चुकी हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई न किए जाने से इन कर्मियों के हौसले बुलंद हैं। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) से निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने तथा दोषी टोल कंपनी का टेंडर तुरंत प्रभाव से निरस्त करने की पुरजोर मांग की है।
क्या पासपोर्ट नियम बन रहे रुकावट? पाकिस्तान के अब्राहम समझौते को न मानने की बड़ी वजह
27 May, 2026 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर 'अब्राहम समझौते' (Abraham Accords) में शामिल होने और इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करने का भारी दबाव बनाया है। हालांकि, पाकिस्तान ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान सरकार ने साफ किया है कि इस्राइल को लेकर उसकी दशकों पुरानी और दीर्घकालिक नीति में कोई बदलाव नहीं होगा और वह इस तरह के किसी भी बाहरी दबाव को मानने के लिए बाध्य नहीं है।
पाकिस्तान को क्यों बदलना पड़ेगा अपना पासपोर्ट?
अब्राहम समझौते में शामिल होने से इनकार करने के पीछे पाकिस्तान की एक बड़ी तकनीकी और नीतिगत मजबूरी भी है। यदि पाकिस्तान इस समझौते को स्वीकार करता है, तो उसे तुरंत अपने देश का पासपोर्ट बदलना पड़ेगा।
दरअसल, वर्तमान में पाकिस्तान के नागरिकों को इस्राइल की यात्रा करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। पाकिस्तानी पासपोर्ट पर साफ-साफ शब्दों में छपा होता है: 'यह पासपोर्ट इस्राइल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों में यात्रा के लिए मान्य है।'
सिर्फ दिखावा नहीं, बदलने होंगे कई कड़े नियम
यदि पाकिस्तान अमेरिकी दबाव में इस्राइल को मान्यता दे देता है, तो उसे अपने पासपोर्ट से इस प्रतिबंध वाले हिस्से को हटाना होगा। यह बदलाव सिर्फ कागजी या प्रतीकात्मक नहीं होगा, बल्कि इसके बाद पाकिस्तान को अपने वीजा नियम, आव्रजन (इमिग्रेशन) कानून और कांसुलर पहुंच जैसी जटिल व्यवस्थाओं में भी बड़ा बदलाव करना पड़ेगा, जो उसकी पूरी विदेश नीति को उलट कर रख देगा।
घरेलू स्तर पर भारी विरोध का डर
पासपोर्ट और कूटनीतिक बदलावों के अलावा, पाकिस्तान सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती घरेलू स्तर पर जनता का गुस्सा है। पाकिस्तान की जनता और वहां के कट्टपंथी संगठन इस्राइल को मान्यता देने के सख्त खिलाफ हैं। ऐसे में अगर सरकार कोई भी कदम पीछे खींचती है, तो उसे देश के भीतर भारी राजनीतिक विरोध और अशांति का सामना करना पड़ सकता है। यही वजह है कि पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन की इस मांग के आगे झुकने से साफ मना कर दिया है।
ईरान में बंद भारतीय नाविकों की घर वापसी का रास्ता साफ, 10 को मिली रिहाई
27 May, 2026 08:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान : भारत के नौवहन महानिदेशालय (Directorate General of Shipping) ने मंगलवार देर रात एक बड़ी राहत भरी खबर दी है। ईरान में पिछले करीब एक साल से हिरासत में लिए गए 10 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रिहा कर दिया गया है। इन नाविकों को जुलाई 2025 में ईरान द्वारा एक ऑयल टैंकर (तेल टैंकर) के साथ पकड़ा गया था।
जास्क पोर्ट के पास रोका गया था जहाज
महानिदेशालय के मुताबिक, इन नाविकों को 'एमवी हार्बर फीनिक्स' (MV Harbour Phoenix) नामक मालवाहक जहाज से हिरासत में लिया गया था। ईरान की सुरक्षा एजेंसियों ने इस जहाज को अपने जास्क पोर्ट (Jask Port) के पास रोका था। भारत सरकार के लगातार कूटनीतिक प्रयासों और ईरान सरकार से बातचीत के बाद अब इन सभी नाविकों की सुरक्षित रिहाई संभव हो सकी है।
जल्द होगी वतन वापसी
भारतीय अधिकारियों ने बताया कि रिहा किए गए सभी नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए जरूरी कानूनी व यात्रा इंतजाम किए जा रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार या नौवहन महानिदेशालय ने अभी तक इस बात का खुलासा नहीं किया है कि जहाज को किस वजह से पकड़ा गया था और नाविकों को हिरासत में क्यों लिया गया था।
भारत की 'शांत कूटनीति' आई काम
इस पूरे मामले में भारत सरकार ने 'शांत कूटनीति' (Quiet Diplomacy) का रास्ता अपनाया, जो बेहद असरदार साबित हुआ। दरअसल, भारत और ईरान के बीच लंबे समय से मजबूत राजनयिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं। दूसरी ओर, भारत के अमेरिका और इजरायल के साथ भी बेहद करीबी रिश्ते हैं (जिनके संबंध ईरान से तनावपूर्ण हैं)। इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए भारत ने बिना किसी हो-हल्ले के संतुलित रुख बनाए रखा और सीधे बातचीत के जरिए अपने नागरिकों को सुरक्षित छुड़ा लिया।
सीसीटीवी की कड़ी निगरानी में होगी HTET परीक्षा, डेट हुई जारी
26 May, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिवानी: हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) आगामी 13 और 14 जून 2026 को प्रदेशभर में 'हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा' (HTET) का आयोजन करने जा रहा है। परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए बोर्ड ने अपनी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। इस बार पूरे राज्य में 820 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 2.45 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
दो दिनों में तीन लेवल पर होगी परीक्षा, समय का रखें ध्यान
अभ्यर्थियों की सहूलियत और बेहतर प्रबंधन के लिए इस परीक्षा को दो दिनों में तीन अलग-अलग सत्रों (लेवल-1, 2 और 3) में बांटा गया है। बोर्ड के अनुसार, सुबह के सत्र की परीक्षा का समय 10:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक तय किया गया है। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा दोपहर 3:00 बजे से शुरू होकर शाम 5:30 बजे तक संचालित की जाएगी।
लीक रोकने का फॉर्मूला: प्रश्नपत्रों पर होंगे क्यूआर कोड और हिडन फीचर
पेपर लीक और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए बोर्ड इस बार बेहद आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। परीक्षा के प्रश्नपत्रों पर विशेष क्यूआर कोड (QR Code), अल्फा न्यूमेरिक कोड और कुछ हिडन (छिपे हुए) फीचर्स दिए जाएंगे, जिससे प्रश्नपत्र की सुरक्षा अभेद्य रहेगी। इसके अलावा, जिन शिक्षकों की ड्यूटी इस समय जनगणना कार्य में लगी हुई है, उन्हें चुनाव और परीक्षा के इस काम से राहत देते हुए एचटेट की ड्यूटी से अलग रखा गया है।
ओएमआर शीट में 20 से अधिक प्रश्न खाली छोड़ने पर परीक्षा होगी रद्द
बोर्ड अध्यक्ष ने एक कड़ा नियम साझा करते हुए बताया कि यदि कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा के दौरान अपनी ओएमआर (OMR) शीट में 20 या उससे ज्यादा प्रश्नों के विकल्प को खाली छोड़ देता है, तो उसकी परीक्षा को तुरंत प्रभाव से निरस्त (रद्द) मान लिया जाएगा। इसके साथ ही, सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने से ठीक डेढ़ घंटा पहले केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा, ताकि मुख्य द्वार पर मेटल डिटेक्टर से चेकिंग, बायोमेट्रिक हाजिरी और अंगूठे के निशान लेने की जरूरी प्रक्रियाएं समय से पूरी हो सकें।
भीषण गर्मी और लू से बचाव के पुख्ता इंतजाम, शुगर मरीजों को विशेष छूट
जून महीने की चिलचिलाती धूप, अत्यधिक गर्मी और लू के थपेड़ों को देखते हुए बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों पर ठंडे पानी और अन्य पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, एक मानवीय पहल के तहत परीक्षा के दौरान मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित परीक्षार्थियों की सेहत का ध्यान रखते हुए उनके लिए परीक्षा केंद्रों पर फलों (फ्रूट्स) की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
रिसर्च और प्रोफेशनल कोर्सों में एडमिशन ओपन, 15 जून अंतिम तारीख
26 May, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD) पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। एडमिशन के इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जाकर 15 जून तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि बीटेक (एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग) और बीटेक-एलईईटी (LEET) कोर्स में दाखिले हरियाणा राज्य काउंसलिंग सोसायटी द्वारा जेईई (JEE Main 2026) और एलईईटी-2026 की मेरिट के आधार पर किए जाएंगे। आवेदन शुल्क सामान्य श्रेणी के लिए 1500 रुपये और एससी, बीसी, ईडब्ल्यूएस व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 375 रुपये तय किया गया है।
स्नातक (UG) कोर्सेज में प्रवेश के लिए नियम
विश्वविद्यालय के अलग-अलग अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में दाखिले के लिए योग्यता और प्रवेश परीक्षाएं अलग-अलग तय की गई हैं। 2+4 साल के बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर कोर्स में प्रवेश 10वीं कक्षा के बाद होने वाले 'एग्रीकल्चर एप्टीट्यूड टेस्ट' के जरिए होगा। इसके अलावा, 12वीं पास कर चुके छात्रों के लिए 4 वर्षीय बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, बीएफएससी, बीएससी (ऑनर्स) कम्युनिटी साइंस, एग्रीबिजनेस मैनेजमेंट, फिजिकल साइंसेज, लाइफ साइंसेज और बीटेक बायोटेक्नोलॉजी जैसे पाठ्यक्रमों में दाखिला यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित एंट्रेंस एग्जाम की मेरिट पर दिया जाएगा।
पीजी और पीएचडी के लिए इन विषयों में मिलेगा मौका
पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कोर्सेज में एडमिशन के लिए छात्रों को 'कॉमन एंट्रेंस टेस्ट' पास करना होगा। इस बार यूनिवर्सिटी के विभिन्न कॉलेजों जैसे कृषि महाविद्यालय, मौलिक एवं मानविकी महाविद्यालय, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय, कृषि अभियांत्रिकी, बायोटेक्नोलॉजी और फिशरीज साइंस कॉलेज में ढेरों विषय उपलब्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से एग्रोनॉमी, हॉर्टिकल्चर, माइक्रोबायोलॉजी, फूड साइंस, मॉलिक्यूलर बायोलॉजी और एक्वाकल्चर जैसे विषय शामिल हैं। कुलपति ने स्पष्ट किया कि सीएसआईआर-यूजीसी-जेआरएफ (CSIR-UGC-JRF) और आईसीएआर (ICAR) क्वालिफाइड छात्रों के पीएचडी दाखिले इसी सेमेस्टर में होंगे, जबकि हरियाणा के मूल निवासी छात्रों के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा दूसरे सेमेस्टर में कराई जाएगी।
एमबीए और पीजी डिप्लोमा के विकल्प भी मौजूद
कृषि और तकनीकी विषयों के साथ-साथ विश्वविद्यालय व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन भी कर रहा है। गुरुग्राम स्थित 'इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट एंड एग्रीप्रेन्योरशिप' में छात्र एमबीए एग्रीबिजनेस, एमबीए जनरल, मास्टर्स इन रूरल मैनेजमेंट और रूरल मैनेजमेंट में पीएचडी के लिए आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पवन कुमार ने बताया कि इसके अलावा रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एप्लीकेशन, ह्यूमन न्यूट्रिशन एंड डाइटेटिक्स और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन जैसे रोजगारपरक पीजी डिप्लोमा कोर्स भी युवाओं के लिए उपलब्ध हैं।
केवल हरियाणा के मूल निवासियों को मिलेगा लाभ
कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने साफ किया है कि इन सभी सीटों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास हरियाणा का स्थायी निवासी प्रमाणपत्र (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है। प्रवेश से जुड़ी तमाम जानकारियां, जैसे कुल सीटों की संख्या, जरूरी योग्यता और महत्वपूर्ण तारीखों का विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट hau.ac.in और admissions.hau.ac.in पर जारी प्रोस्पेक्टस में देखा जा सकता है।
हमले के बाद बदला सुर? मार्को रूबियो बोले- ईरान से समझौता अब भी संभव
26 May, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान के सैन्य ठिकानों और नावों पर अमेरिकी हमलों के बाद, भारत के दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने मंगलवार को एक बहुत बड़ा बयान दिया है। अपनी जयपुर यात्रा के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रूबियो ने कहा कि हालिया हमलों की वजह से भले ही पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में शांति प्रयासों और नाजुक युद्धविराम पर संकट दिख रहा हो, लेकिन ईरान के साथ समझौता होना अभी भी मुमकिन है। उन्होंने जानकारी दी कि कतर में दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही है और शुरुआती मसौदे की भाषा को लेकर काफी चर्चा हो रही है, इसलिए अंतिम नतीजे पर पहुँचने में कुछ दिनों का समय लग सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप अब भी समझौते के पक्ष में
अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तेहरान (ईरान) के साथ शांति समझौता करने के लिए अब भी पूरी तरह तैयार हैं। रूबियो ने राष्ट्रपति का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वे या तो एक बहुत अच्छा और मजबूत समझौता करेंगे या फिर कोई समझौता नहीं करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कतर की राजधानी दोहा में महीनों से चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए ईरान के बड़े वार्ताकार बातचीत के एक नए दौर के लिए पहुँचे ही थे कि अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले कर दिए, जिससे इस बातचीत पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं।
हर हाल में खुला रहेगा 'होर्मुज स्ट्रेट' का रास्ता
पूरी दुनिया के व्यापार और ऊर्जा कॉरिडोर को सुरक्षित रखने की बात दोहराते हुए मार्को रूबियो ने कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' का समुद्री रास्ता हर हाल में खुला रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी न किसी तरीके से हम इस रास्ते को खुला रखेंगे क्योंकि पूरी दुनिया के लिए इसका खुला रहना बेहद जरूरी है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने ईरान द्वारा इस समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही को रोकने या बाधित करने की किसी भी कोशिश को पूरी तरह गैरकानूनी, नाजुक और दुनिया की शांति को बिगाड़ने वाला कदम बताया।
ईरान में 3 महीने बाद इंटरनेट सेवा चालू
इस बीच ईरान से आम जनता से जुड़ी एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने देश में करीब तीन महीने से बंद पड़ी इंटरनेट सेवाओं को फिर से चालू करने का आदेश दे दिया है। इंटरनेट पर नजर रखने वाली वैश्विक संस्था 'नेटब्लॉक्स' के मुताबिक, ईरान के आम नागरिक पिछले 87 दिनों से इंटरनेट और बाहरी दुनिया (वर्ल्ड वाइड वेब) से पूरी तरह कटे हुए थे। केवल कुछ अमीर लोग ही बहुत महंगे और एडवांस वीपीएन (VPN) की मदद से इंटरनेट चला पा रहे थे।
हमलों और विरोध प्रदर्शनों के कारण लगा था बैन
ईरान में इंटरनेट बंद होने की शुरुआत 8 जनवरी को सरकार के खिलाफ हुए बड़े जन-आंदोलनों और प्रदर्शनों को दबाने के लिए की गई थी। इसके बाद फरवरी में इंटरनेट थोड़ा सामान्य होना शुरू ही हुआ था कि 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने मिलकर बड़े हवाई हमले शुरू कर दिए। इन हमलों के बाद सुरक्षा कारणों का हवाला देकर ईरानी अधिकारियों ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाओं को एक बार फिर पूरी तरह ठप कर दिया था, जिसे अब जाकर दोबारा बहाल किया गया है।
राजधानी दिल्ली में क्वाड बैठक, जयशंकर ने साझा रणनीति को बताया अहम
26 May, 2026 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोक्यो: 'क्वाड' (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई, जिसमें भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के बीच आपसी तालमेल और सहयोग बढ़ाने पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया। इस बैठक में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री भी शामिल हुए। इस बार बैठक में अमेरिका की तरफ से वहाँ के नए विदेश मंत्री मार्को रूबियो प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बैठक शुरू होने के बाद विदेश मंत्री जयशंकर ने भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में शक्तियों के संतुलन को बनाए रखने की बात कही।
पश्चिम एशिया के तनाव पर जताई चिंता
अपने भाषण के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने दुनिया के मौजूदा हालातों और सुरक्षा व्यवस्था पर खुलकर बात की। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में ईरान और अमेरिका के बीच पिछले 12 हफ्तों से चल रहे भारी सैन्य टकराव की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के इस विवाद की वजह से पूरी दुनिया में अशांति और तनाव का माहौल बन गया है, जो वैश्विक व्यापार और सुरक्षा के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है।
मौजूदा दौर में 'क्वाड' की भूमिका अहम
विदेश मंत्री ने ईरान-अमेरिका विवाद से उपजी परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि आज के मुश्किल समय में 'क्वाड' समूह की जिम्मेदारी और अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने रेखांकित किया कि दुनिया में शांति, स्थिरता और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने के लिए चारों देशों (भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान) को मिलकर काम करना होगा। इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि आने वाले समय में ये चारों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेंगे।
अमेरिका का ‘डिफेंसिव अटैक’: होर्मुज में माइंस बिछाने की कोशिश नाकाम
26 May, 2026 08:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बंदर अब्बास/सीरिक/जास्क: मंगलवार की सुबह अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में मौजूद ईरानी सेना के ठिकानों और उनकी नावों पर बहुत बड़े हवाई हमले किए। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि यह कदम उन्होंने अपने सैनिकों और युद्धपोतों की रक्षा करने के लिए उठाया है। इस हमले में उन जगहों को निशाना बनाया गया जहाँ से मिसाइलें छोड़ी जाती हैं, साथ ही उन ईरानी नावों पर भी बमबारी की गई जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं।
तटीय शहरों में गूंजे धमाके
इस हमले के दौरान दक्षिणी ईरान के महत्वपूर्ण तटीय शहरों बंदर अब्बास, सीरिक और जास्क में ज़ोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं और स्थानीय मीडिया ने भी इसकी पुष्टि की है। ये सभी इलाके 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' नाम के समुद्री रास्ते के पास हैं, जहाँ से पूरी दुनिया के लिए तेल ले जाने वाले बड़े-बड़े जहाज गुज़रते हैं। इस अचानक हुई सैन्य कार्रवाई की वजह से पूरे खाड़ी क्षेत्र में डर और तनाव का माहौल बन गया है।
समुद्र में ईरानी नावें की गईं ढेर
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला तब शुरू हुआ जब ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' की दो नावों को चोरी-छिपे समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाते हुए पकड़ा गया। अमेरिकी जहाजों को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी नौसेना और वायुसेना ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई करते हुए उन दोनों नावों को समुद्र में ही नष्ट कर दिया। अमेरिकी प्रवक्ता ने साफ कहा कि यह हमला उन्होंने अपनी आत्मरक्षा में किया है।
हमला करने वाली मिसाइल साइट ध्वस्त
नावों को नष्ट करने के साथ ही अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास इलाके में मौजूद ईरान की उस मिसाइल साइट पर भी बम गिराए जो ज़मीन से हवा में वार करती है। अधिकारियों का कहना है कि इस ईरानी मिसाइल तंत्र ने वहां उड़ रहे अमेरिकी लड़ाकू विमानों पर निशाना साधने की कोशिश की थी। इसके जवाब में अमेरिका ने कार्रवाई की और ईरान के मिसाइल लॉन्चर और उसके पूरे सैन्य ठिकाने को पूरी तरह तबाह कर दिया।
युद्धविराम अभी भी है लागू
अमेरिकी सरकार और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले को जानबूझकर छोटा और सीमित रखा गया था ताकि ईरान के साथ कोई बड़ा युद्ध न छिड़ जाए। अमेरिकी अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि इस कार्रवाई का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि दोनों देशों के बीच चल रहा युद्धविराम (सीजफायर) टूट गया है। फिलहाल के लिए यह हवाई हमला रुक चुका है, लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह अलर्ट पर है।
16वीं बार जेल से बाहर आया राम रहीम, 30 दिन की फरलो मंजूर
26 May, 2026 07:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। हरियाणा की रोहतक स्थित सुनारिया जेल में विभिन्न मामलों में सजा काट रहा डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम मंगलवार सुबह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। इस बार उसे प्रदेश सरकार की ओर से 30 दिनों की फरलो (Furlough) दी गई है। जेल से रिहा होने के बाद सुबह ठीक 6 बजकर 32 मिनट पर राम रहीम अपनी करीबी हनीप्रीत और अन्य सहयोगियों के साथ लैंड क्रूजर और फॉर्च्यूनर गाड़ियों के काफिले में सिरसा डेरे के लिए रवाना हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर इस काफिले के साथ पुलिस की गाड़ियां भी तैनात रहीं। इससे पहले इसी साल जनवरी महीने में उसे 40 दिनों की पैरोल मिली थी।
हनीप्रीत खुद पहुंची लेने, आधे घंटे में पूरी हुई कागजी प्रक्रिया
राम रहीम को जेल से सुरक्षित ले जाने के लिए मंगलवार सुबह करीब छह बजे ही सिरसा डेरे से दो लग्जरी गाड़ियां सुनारिया जेल के बाहर पहुंच चुकी थीं। डेरा प्रमुख को रिसीव करने के लिए हनीप्रीत खुद आई थी, जिसके साथ उनके वकील और निजी ड्राइवर भी मौजूद थे। जेल प्रशासन द्वारा तकरीबन आधे घंटे के भीतर सभी जरूरी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं, जिसके तुरंत बाद गाड़ियों का काफिला राम रहीम को लेकर सिरसा के लिए रवाना हो गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बाईपास पर तैनात रहा भारी पुलिस बल
राम रहीम की जेल से रिहाई और मूवमेंट को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो, इसके लिए आउटर हिसार बाईपास पर स्थित जेल मोड़ के पास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। राम रहीम अपनी इस 30 दिनों की फरलो की पूरी अवधि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में ही बिताएगा, जहां सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
2017 से जेल में बंद है डेरा प्रमुख, अब तक 16वीं बार मिली राहत
उल्लेखनीय है कि पंचकूला की विशेष सीबीआई (CBI) अदालत ने साल 2017 में साध्वी यौन उत्पीड़न मामले में गुरमीत राम रहीम को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद से ही वह रोहतक की सुनारिया जेल में अपनी सजा काट रहा है। जेल जाने के बाद से लेकर अब तक यह 16वां मौका है जब राम रहीम को पैरोल या फरलो के जरिए अस्थायी रूप से जेल से बाहर आने की अनुमति मिली है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत तेज, समझौते पर अभी फैसला बाकी
25 May, 2026 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि अमेरिका के साथ चल रही कूटनीतिक चर्चा में कई अहम बिंदुओं पर आपसी सहमति बन चुकी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी अंतिम समझौते पर मुहर लगाने के लिए फिलहाल कोई निश्चित तारीख या समय सीमा तय नहीं की गई है। ईरानी मीडिया के अनुसार, एक नियमित प्रेस वार्ता के दौरान बघाई ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
वाशिंगटन के बदलते रुख से उलझी कूटनीति
प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोई भी पक्ष यह दावा नहीं कर सकता कि समझौता बहुत जल्द होने जा रहा है। उन्होंने अमेरिकी प्रशासन के राजनीतिक आचरण को असंगत और विरोधाभासी बताया। ईरान की तसनीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बघाई ने आरोप लगाया कि वाशिंगटन के नीति-निर्माताओं का रुख महज कुछ ही घंटों में बदल जाता है, जिससे बातचीत की प्रक्रिया और ज्यादा पेचीदा व जटिल हो जाती है।
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिकी व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि वहां फैसले लेने की प्रक्रिया सुव्यवस्थित नहीं है। उन्होंने अमेरिका में हालिया इस्तीफों, संसद के भीतर के गतिरोध, जनमत के दबाव और आंतरिक राजनीतिक मतभेदों का हवाला दिया। बघाई के अनुसार, अमेरिका की इस आंतरिक अस्थिरता का फायदा उठाकर कुछ बाहरी ताकतें, विशेष रूप से इजरायल, बातचीत को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
परमाणु मुद्दे और रोडमैप पर ईरान का रुख
चर्चा की समयसीमा के सवाल पर प्रवक्ता ने दोहराया कि ईरान किसी जल्दबाजी में नहीं है और उसका मुख्य उद्देश्य अपने राष्ट्रीय हितों व संप्रभु अधिकारों की सुरक्षा करना है। जब तक हर बिंदु पर पूरी सहमति नहीं बन जाती, तब तक किसी अंतिम परिणाम का एलान नहीं किया जाएगा। साठ दिनों के प्रस्तावित रोडमैप को लेकर उन्होंने बताया कि इस अवधि में परमाणु चिंताओं सहित कई विषयों पर बात होनी है, लेकिन फिलहाल ईरान परमाणु से जुड़े बारीक विवरणों पर खुलकर चर्चा नहीं कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत से दिया बड़ा बयान
दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने रविवार को एक सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे राजनयिक प्रयासों में काफी अच्छी प्रगति देखी गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जल्द ही कोई सुखद परिणाम सामने आ सकता है।
"आने वाले समय में कुछ अच्छी खबरें मिल सकती हैं, हालांकि अंतिम समझौते पर पूरी तरह सहमति बनना अभी बाकी है और इस दिशा में काम चल रहा है।" — मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
भारत की राजधानी नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ एक संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए रुबियो ने ये बातें कहीं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने साफ किया कि वाशिंगटन का मुख्य लक्ष्य यही है कि ईरान कभी भी परमाणु शक्ति संपन्न देश न बन सके। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके मित्र देश होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते अंतरराष्ट्रीय व्यापार को पूरी तरह से कर-मुक्त और खुला रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए ईरान की रजामंदी बेहद जरूरी है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर ट्रंप का बयान, PM मोदी को बताया शानदार लीडर
25 May, 2026 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना "महान मित्र" बताया है। उन्होंने कहा कि भारत उन पर शत-प्रतिशत (100%) भरोसा कर सकता है। अमेरिकी आजादी की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर दिल्ली के भारत मंडपम में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहाँ ट्रंप ने अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर के फोन के जरिए सीधे हॉल में मौजूद लोगों को संबोधित किया।
"मदद चाहिए तो सीधे मुझे फोन करें"
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप को फोन मिलाया और उसका माइक स्पीकर पर डाल दिया, ताकि पूरा हॉल उनकी आवाज सुन सके। फोन पर ट्रंप ने कहा:
"हम भारत के इतने करीब पहले कभी नहीं रहे। भारत मुझ पर और हमारे देश पर 100 फीसदी भरोसा कर सकता है।"
"अगर भारत को कभी भी किसी मदद की जरूरत होगी, तो वे जानते हैं कि उन्हें कहाँ फोन करना है। वे सीधे यहीं (मुझे) फोन कर सकते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्यार करता हूँ, वह महान हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। उन्हें मेरा नमस्कार कहें और बताएं कि मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूँ।"
अमेरिकी अर्थव्यवस्था की तारीफ
अपने इस फोन कॉल के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की जमकर तारीफ की। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में अमेरिका की अर्थव्यवस्था और वहां का शेयर बाजार इस समय रिकॉर्ड स्तर (सबसे ऊंचे मुकाम) पर चल रहा है। इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को "अमेरिकी इतिहास का सबसे महान विदेश मंत्री" भी बताया।
भारत अमेरिका का बेहद जरूरी साथी: मार्को रुबियो
फोन कॉल से पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका का एक बेहद महत्वपूर्ण और खास रणनीतिक भागीदार (Partner) है और दोनों देशों के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं।
स्वतंत्रता के विचारों की भारत में गहरी गूंज: एस. जयशंकर
कार्यक्रम में मौजूद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा:
अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा ने दुनिया को व्यक्तिगत आजादी, कानून का शासन, खुलकर बोलने की आजादी (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और जवाबदेह सरकार जैसे बेहतरीन विचार दिए हैं।
भारत का समाज हमेशा से विविधताओं से भरा रहा है और हमारे यहाँ हमेशा से आपसी विचार-विमर्श की संस्कृति रही है, इसलिए ये अमेरिकी विचार भारत के लोगों को बहुत स्वाभाविक और अपने लगते हैं।
ए. आर. रहमान के संगीत ने बांधा समां
राजनीति और कूटनीति के इस बड़े मंच पर कला का रंग भी देखने को मिला। इस भव्य शाम का सबसे मुख्य और खास आकर्षण मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान की शानदार म्यूजिकल परफॉर्मेंस (प्रस्तुति) रही, जिसने कार्यक्रम में मौजूद सभी मेहमानों का दिल जीत लिया।
सनसनीखेज खुलासा! मकान की नींव में दबाकर रखी थी महिला की लाश
25 May, 2026 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोहाना। गोहाना के नई सब्जी मंडी क्षेत्र में रविवार की देर रात एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ वन विभाग वाली गली के पास एक निर्माणाधीन मकान की नींव में कट्टे (बोरे) में बंद एक महिला का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू की। शुरुआती जांच और पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर मृतका के पति पर ही हत्या कर साक्ष्य छुपाने का संगीन आरोप लगा है।
प्लॉट की नींव में छुपाया था शव, डीएसपी सहित भारी पुलिस बल मौके पर
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए डीएसपी गोहाना, थाना शहर गोहाना के एसएचओ और कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी प्रभारी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले पूरे इलाके को सील कर दिया। जांच में मृतका की पहचान प्रियंका उर्फ सीमा के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गांव घड़वाल की रहने वाली थी और वर्तमान में गोहाना की वन विभाग वाली गली में रह रही थी। प्रियंका का शव नई सब्जी मंडी के पीछे एक खाली प्लॉट में चल रहे निर्माण कार्य की नींव में दबाया गया था।
घरेलू विवाद में वारदात को अंजाम देकर आरोपी पति फरार, सबूत जुटाने पहुंची FSL टीम
पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि प्रियंका का अपने पति संदीप के साथ किसी बात को लेकर गंभीर घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते पति संदीप ने तैश में आकर अपनी पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसने शव को एक बड़े कट्टे में बंद किया और पड़ोस के निर्माणाधीन मकान की नींव में फेंक दिया। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पति मौके से फरार है। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया है, ताकि घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू
पुलिस ने मृतका के शव का पंचनामा भरकर उसे नागरिक अस्पताल के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है, ताकि मौत के सही कारणों और समय का सटीक पता चल सके। गोहाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी पति संदीप के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और दावा किया जा रहा है कि उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
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