बिहार-झारखण्ड
आपातकालीन तैयारी के तहत पटना में 10 मिनट का ब्लैकआउट, प्रशासन ने की घोषणा
6 May, 2025 06:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की राजधानी पटना एवं आसपास के इलाको में बुधवार को होने वाली मॉकड्रिल में 10 मिनट का ब्लैकआउट होगा. यह मॉकड्रिल शाम को सात बजे शुरू होगी. यह जानकारी पटना के जिलाधिकारी ने दी. उन्होंने बताया कि इस मॉकड्रिल के तहत शाम को 6. 58 बजे 80 स्थानों पर दो मिनट के लिए सायरन बजेगा. वहीं राज्य के पूर्णिया, कटिहार, अररिया, बेगूसराय, पटना और किशनगंज में ब्लैक आउट होगा. डीएम पटना के मुताबिक इस मॉक ड्रिल में करीब एक हजार लोग शामिल होंगे. इनमें सिविल डिफेंस, होमगार्ड और पुलिस बल के जवान शामिल हैं.
डीएम पटना ने इस जानकारी के साथ ही नागरिकों से इस मॉकड्रिल में सहयोग करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट 10 मिनट का है, इसमें नागरिकों का सहयोग बहुत जरूरी है. इसी क्रम में उन्होंने राज्य के सभी वाहन मालिकों से भी आग्रह किया है कि यदि मॉकड्रिल के वक्त वह गाड़ी चला रहे हों तो दस मिनट के लिए जहां भी रहें, वहीं पर रूक जाएं. उन्होंने कहा कि मोबाइल के इस्तेमाल से भी ब्लैकआउट प्रभावित होगा. इसलिए भरसक कोशिश करेंगे कि इन 10 मिनट के अंदर मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल ना करें.
6. 58 बजे बजेगा सायरन
डीएम के मुताबिक पटना शहर में चार स्थानों पर सायरन लगाए गए हैं. यह सायरन ठीक 6. 58 बजे बजने शुरू होंगे और दो मिनट तक लगातार बजते रहेंगे. इसी प्रकार राज्य में कुल 80 स्थानों पर सायरन की व्यवस्था की गई है. प्रशासिक अधिकारियों के मुताबिक बिहार में कुल 6 जगह पर मॉक ड्रिल की तैयारी की गई है. इनमें पटना, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया, किशनगंज और अररिया शामिल है. इस मॉक ड्रिल के तहत दो तरीके से अभ्यास किया जाएगा. पहला तो यह कि हवाई हमले की दशा में सायरन बजाकर लोगों को कैसे अलर्ट किया और दूसरा सूर्यास्त के बाद हमला होने पर ब्लैकआउट कर कैसे बचाव किया जाए.
ऐसे बजेगा सायरन
मॉकड्रिल के तहत चिन्हित स्थानों पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों में ठीक 6:58 बजे सायरन बजाया जाएगा. सायरन बजने के दो मिनट बाद लोग अपने घरों की बत्ती बंद कर लेंगे. डीएम पटना के मुताबिक यह अभ्यास अलर्ट रहने के लिए किया जा रहा है. इससे किसी को पैनिक होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने बताया कि सड़कों पर चलने वाली गाड़ियां भी इस समय में ब्लैक आउट के लिए बनाए गए नियम का पालन करेंगी. हालांकि इमरजेंसी सुविधा वाले वाहन व एंबुलेंस आदि को छूट रहेगी.
कटिहार में भीषण हादसा: सड़क पर बिखरी मक्का की वजह से गई 8 बरातियों की जान
6 May, 2025 02:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के कटिहार में बड़ा हादसा हो गया. बरात में जा रही स्कॉर्पियो गाड़ी ट्रैक्टर से टकरा गई. हादसे में आठ बरातियों की मौत हो गई. दो लोग गंभीर हालत में हैं, उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. हादसे के बाद घटनास्थल पर कोहराम मच गया. जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को अस्पताल पहुंचाया. मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. हादसे के बाद शादी समारोह में मातम छा गया.
हादसा इतना भयावह था कि ट्रैक्टर से टक्कर लगते ही स्कॉर्पियो गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. उसमें बैठे लोगों की बीच चीख-पुकार मच गई. हादसे में आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि हादसा तब हुआ जब कार तेज गति से जा रही थी, तभी वह सड़क पर खड़े ट्रैक्टर से टकरा गई. सड़क पर मक्का भी बिखरी पड़ी थी, जिससे गाड़ी स्लिप होना बताया जा रहा है. पुलिस ने हादसे की सूचना मृतकों के परिजनों को दी. जानकारी मिलते ही परिवार में हाहाकार मच गया.
खड़े ट्रैक्टर से टकराई स्कॉर्पियो
हादसा कटिहार के कुरसेला थाना क्षेत्र के चांदपुर हनुमान मंदिर के पास हुआ. घटना के मुताबिक, यहां मक्का से लदा ट्रैक्टर खड़ा था. तभी तेज गति से आई एक स्कॉर्पियो गाड़ी ट्रैक्टर से जा टकराई. इस भयावह हादसे में मौके पर ही आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. जबकि, दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. बताया जा रहा है कि गाड़ी में बराती थे, जो रुपौली थाना क्षेत्र के ढिबरा गांव से पूर्णिया जिले के कोशकीपुर जा रहे थे. रास्ते में सड़क पर खड़े मक्का लदे ट्रैक्टर और बिखरे मक्का के कारण स्कॉर्पियो और अनियंत्रित होकर ट्रैक्टर से जा टकराई.
टक्कर लगते ही चकनाचूर हुई गाड़ी
टक्कर इतनी जबरदस्त थी की स्कॉर्पियो का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया. घायलों को आनन-फानन में समेली स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है. मृतकों में टुनटुन कुमार, ज्योतिष कुमार, प्रिंस कुमार, अजय कुमार, सिक्कू कुमार और तीन युवक शामिल हैं. जबकि, दो की स्थिति नाजुक बताई जा रही है. हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और शादी का माहौल देखते ही देखते मातम में तब्दील हो गया. फिलहाल पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है.
मेडिकल के लिए ले जा रही थी पुलिस, सामने से फरार हो गया हत्यारोपी!
6 May, 2025 01:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के वैशाली जिले से पुलिस की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां एक आरोपी पुलिस की कस्टडी से फरार हो गया और वह उसे देखते ही रह गए. इस पूरी घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पुलिस की लापरवाही और आरोपी को भागते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. हालांकि, आधे घंटे बाद पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया था. चीफ इंजीनियर की हत्या के मामले में गिरफ्तार कर पुलिस आरोपी का मेडिकल करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी, जहां से वह फरार हो गया था.
वैशाली के महनार थाना पुलिस की कस्टडी से चीफ इंजीनियर की हत्या के आरोपी सन्नी मिश्रा के फरार होने का मामला सामने आया है. कुछ दिनों पहले ही आरोपी युवक इंजीनियर की हत्या के मामले में जेल से बाहर आया था. हालांकि, पुलिस ने उसे दोबारा गिरफ्तार किया था और उसका मेडिकल करवाने के लिए महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था. इसी दौरान वह पुलिस गाड़ी से कूदकर फरार हो गया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी.
पुलिस कस्टडी से भागा हत्या का आरोपी
इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें आरोपी आराम से भागता हुआ देखा जा सकता है. हालांकि, महनार एसडीपीओ ने दावा किया कि पुलिस ने फरार आरोपी को आधा घंटे बाद ही दियारा इलाके से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है. आरोपी को अस्पताल लेकर पहुंच पुलिसकर्मी इतने लापरवाह थे कि वह उसे जिप्सी में अकेला छोड़कर चले गए और इसी बात का फायदा उठा वह फरार हो गया था.
फरार आरोपी दोबारा अरेस्ट
सभी पुलिसकर्मियों को पता था कि सन्नी मिश्रा हत्या का आरोपी है. इसके बावजूद इस तरह की लापरवाही का सामने आना पुलिस की कार्यशैली पर कई तरह के सवाल खड़े कर देता है. पुलिस कस्टडी से आरोपी के भागने की जानकारी मिलते ही पूरे पुलिस महकमे हड़कंप मच गया था. महनार एसडीपीओ प्रवीण कुमार ने सन्नी मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर छापेमारी कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद उसे दोबारा दियारा इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया.
ई-रिक्शा चालक से बहस के बाद युवती ने चाकू से किया हमला, पुलिस कर रही पूछताछ
6 May, 2025 01:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के किशनगंज में एक युवती ने किराए को लेकर हुए विवाद में ई-रिक्शा चालक पर चापड़ (मांस काटने वाला हथियार) से हमला कर दिया. इस हमले में चालक के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं. उसके हाथ की एक उंगली भी कट गई है. घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवती को हिरासत में ले लिया है. युवती के गांव वाले उसे मानसिक रूप से बीमार बता रहे हैं, लेकिन इससे पहले उसकी कोई शिकायत नहीं मिली है.
किशनगंज के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के खाड़ीबस्ती बक्सा गांव का रहने वाले सोनेलाल राम रोजाना की तरह अपनी ई-रिक्शा लेकर घर से निकला और सवारी ढ़ोने लगा. इसके बाद वह चार लोगों को लेकर छत्तरगाछ बाजार पहुंचा, जहां 3 सवारी किराया देकर उतर गई जबकि एक युवती कम किराया देने की बात को लेकर बहस करने लगी. इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद पैदा हो गया और बात गाली-गलौज तक पहुंच गई.
ई-रिक्शा चालक पर चापड़ा से वार
इस दौरान युवती इतना ज्यादा उग्र हो गई कि पास की मुर्गा दुकान से चापड़ा (मांस काटने वाला चाकू) लेकर आ गई और ई-रिक्शा चालक के गले पर वार कर दिया. इस दौरान चापड़ को हाथ से रोकते समय चालक की कलाई कट गई. वहीं, दूसरा वार सिर पर करने के समय चालक के एक हाथ की पांचों उंगलियां जख्मी हो गई जबकि एक उंगली कट गई. जिसके बाद हल्ला करते हुए रिक्शा चालक भागने लगा और पीछे युवती चापड़ लेकर दौड़ने लगी.
पागलों जैसी हरकतें करने लगी युवती
इस बीच बाजार के लोगों ने किसी तरह युवती पर काबू पाया और उसी के दुपट्टे से युवती का हाथ बांध दिया. मामले की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस को देखते ही युवती पागलों जैसी हरकत करने लगी और जमीन पर लौटने लगी. काफी मशक्कत के बाद महिला पुलिसकर्मीयों ने युवती पर काबू पाया और उसे उठाकर गाड़ी में चढ़ाया.आरोपी युवती की पहचान कोल्था पंचायत के हरदासमुनी गांव की रहने वाली रेहाना खातून के रूप में हुई हैं.
माफ करने की गुहार लगा रही युवती
आरोपी युवती के खिलाफ ई-रिक्शा चालक ने छत्तरगाछ पुलिस कैंप में आवेदन दिया है. युवती के गांव वाले युवती को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रहे हैं. हालांकि, इससे पहले युवती की इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है. इस पूरे मामले में आरोपी युवती ने पूछताछ में बताया कि ई-रिक्शा चालक ने उसे गाली दी थी, जिसके बाद उसे गुस्सा आ गया था. हालांकि, युवती अब नॉर्मल है और बार बार माफ करने की गुहार लगा रही हैं.
शादी की तैयारी कर रहा था घर, एक दिन पहले हादसे ने उजाड़ दिया सबकुछ
6 May, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के वैशाली में शादी समारोह की खुशी उस समय मातम में बदल गई, जब सड़क दुर्घटना में बाईक सवार 3 लड़कों की दर्दनाक मौत हो गई. हाजीपुर महनार मुख्य मार्ग के चांदपुरा थाना क्षेत्र के चांदपुरा रसूलपुर के पास ये सड़क हादसा हुआ. इस दुखद घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार वाले रोने-बिलखने लगे.
मृतकों में दो चचेरे भाई हैं. मृतक युवकों की पहचान सोनू कुमार (18) पिता महेश भगत, राजीव कुमार (15) पिता अवधेश भगत और रंजन कुमार (16) पिता लाल मोहन भगत के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि सोनू के बहन की 5 मई यानी आज शादी होने वाली थी. रविवार रात पूजा मटकोर हो रहा था. पूजा-अर्चना के लिए सोनू, राजीव और रंजन बाइक से दही लाने के लिए गए थे.
अज्ञात वाहन से मारी बाइक को टक्कर
उसी दौरान अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी. इससे सभी की मौत हो गई. मृतक सोनू के पिता शोक में डूबे हैं. उन्होंने कहा कि आज बेटी की बारात आने वाली थी बेटा बाइक से गया था. बता दें कि दरवाजे पर शादी का पंडाल सुना पड़ा है. गांव में मातम पसरा हुआ है. मृतक सोनू के चाचा टुनटुन पासवान का कहना है कि वो दही लाने के लिए घर से निकला था.
घटना से गुस्साए लोग
वहीं पुलिस ने तीनों शव की अपने कब्जे में लेकर हाजीपुर सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया और घटना के जांच में जुट गई है. हालांकि तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही घर आए तो वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई. लोगों के आंखों में आंसू छलक पड़े. वहीं घटना से गुस्साए लोगों ने हाजीपुर महनार मुख्य मार्ग पर आगजनी कर दी और उसे जाम कर दिया.
इस घटना को लेकरस्थानीय निवासी अजय पासवान का कहना है कि पीड़ित परिवार को सरकार की ओर से मुआवजा मिलना चाहिए. ये बहुत ही दुखद घटना है. पीड़ित परिवार को डीएम साहब 4 लाख का मुआवजा दें.
झारखंड मुक्ति मोर्चा की नई टीम घोषित, कल्पना सोरेन को मिली बड़ी जिम्मेदारी
6 May, 2025 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव भले ही साल के अंत में होने वाले हैं, लेकिन इसके लिए अभी से ही तमाम राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है. चुनाव से पहले ही झारखंड की सत्ताधारी पार्टी ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है. यही कारण है कि JMM ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन को केंद्रीय कार्यकारिणी में जगह दी गई है. इसके साथ ही सीएम के भाई बसंत सोरेन और बहन अंजलि को भी जगह दी गई है.
झारखण्ड की मुख्य सत्ताधारी पार्टी झारखण्ड मुक्ति मोर्चा ने 14 और 15 अप्रैल ,2025 को रांची के खेलगांव में समापन हुए अपने 13वे महाधिवेशन के बाद अब पार्टी की तरफ से केंद्रीय कार्यकारिणी समिति का गठन किया है.
जामन के केंद्रीय कार्यकारिणी समिति में दिशोम गुरु शिबू सोरेन , उनकी पत्नी रूपी सोरेन , राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन , विधायक कल्पना सोरेन , विधायक बसंत सोरेन सहित पार्टी के 63 नेताओं को जगह दी गई है. इसमें पार्टी के सभी सांसद और विधायक के साथ-साथ झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी शामिल हैं.
किन्हें क्या मिली जिम्मेदारी?
घोषित कार्यकारिणी की सूची के मुताबिक दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पार्टी का संस्थापक संरक्षक जबकि उनके बेटे और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पार्टी का केंद्रीय अध्यक्ष, वहीं ढिशुम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन को पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है रूपी सोरेन के साथ ही साथ कुल आठ नेताओं को पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया गया है, जिसमें वरिष्ठ सदस्य और विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी , विधायक सविता महतो, राज्यसभा सांसद सरफराज अहमद, विधायक मथुरा प्रसाद महतो ,पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम , झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को उपाध्यक्ष बनाया गया है.
जबकि पार्टी की ओर से पांच लोगों को केंद्रीय महासचिव बनाया गया है, जिसमें , विनोद पांडेय , सुप्रियो भट्टाचार्य ,सांसद जोबा मांझी, पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर और फागू बेसरा शामिल है.
इन्हें बनाया गया है कार्यकारिणी सदस्य
पार्टी की तरफ से कुल 40 लोगों को केंद्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बनाया गया है. जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी और गांडेय की विधायक कल्पना सोरेन , मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के छोटे भाई और दुमका के विधायक बसंत सोरेन के साथ ही साथ केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में राज्य के मंत्री दीपक बिरुवा , मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री योगेंद्र महतो , सांसद विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो के नाम शामिल हैं.
इसके अलावा मंत्री हफीजुल हसन , विधायक निरल पूर्ति, विधायक दशरथ गागराई , विधायक सुखराम उरांव ,विधायक भूषण तिर्की, विधायक मंगल कालिंदी, विधायक जिग्गा सुशासन होरो, विधायक विकास सिंह मुंडा ,विधायक संजीव सरदार ,विधायक एम टी राजा, विधायक धनंजय सोरेन, विधायक आलोक सोरेन, विधायक लुईस मरांडी ,विधायक उदय शंकर सिंह, विधायक उमाकांत रजक, विधायक जगत मांझी, विधायक सुदीप गुड़िया, विधायक राम सूर्या मुंडा, विधायक अमित महतो ,विधायक अनंत प्रताप देव , मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बहन अंजलि सोरेन समेत अन्य शामिल है.
"ऐ जी! कुछ खा लूं क्या?" — नई दुल्हन ने खा लिया दूल्हे का चैन
5 May, 2025 06:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के गिरिडीह में एक दूल्हे ने बड़े ही अरमानों से शादी की. दुल्हन संग सात फेरे लेकर वो काफी खुश था. लेकिन दुल्हनिया उसके साथ क्या करने वाली थी, इस बात से वो बेखबर था. राजस्थान के दूल्हे को झारखंड की दुल्हनिया ऐसा चूना लगाकर गई, जिसे वो ताउम्र याद रखेगा.
जानकारी के मुताबिक, सीकर जिले के सुरेश झांझभार की शादी तो हुई, लेकिन यह खुशी ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई. शादी के कुछ ही घंटों बाद दुल्हन 2 लाख रुपये नकद और कीमती जेवर लेकर फरार हो गई.
रेलवे स्टेशन से हो गई फुर्र
सुरेश की शादी 2 मई को गिरिडीह के फुलची गांव की 26 वर्षीय युवती से पारंपरिक रीति-रिवाज से हुई थी. शादी के अगले ही दिन सुरेश और उसका परिवार दुल्हन को लेकर राजस्थान लौटने के लिए पारसनाथ रेलवे स्टेशन पहुंचे. लेकिन करीब 8 बजे के आसपास, दुल्हन ने खाना खाने का बहाना बनाया और स्टेशन से बाहर निकल गई, फिर कभी नहीं लौटी.
दुल्हन का मोबाइल स्विच ऑफ
सुरेश के मुताबिक, लड़की ने उसका मोबाइल फोन भी साथ ले लिया था. जब घंटों बाद भी वह नहीं लौटी, और फोन बार-बार बंद आया, तो परिवार को शक हुआ कि कुछ गड़बड़ है. अगले दिन मुफ्फसिल थाना पहुंचकर सुरेश ने पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई.
लड़की के घर वालों को दिए थे 2 लाख रुपये
शिकायत में सुरेश ने कहा कि इस शादी के लिए उसने 2 लाख रुपये लड़की के घरवालों और बीच में लगे दलालों को दिए थे. इनमें से एक दलाल, मुकेश पासवान, उसका सहकर्मी है और बिहार से है, जबकि दूसरा रिंकू पासवान गिरिडीह का रहने वाला है. दोनों ने इस शादी का रिश्ता तय कराया था.
अभी तक नहीं मिला दुल्हन का सुराग
मुफ्फसिल थाना प्रभारी ने बताया- दुल्हन के फरार होने और दूल्हे द्वारा धोखाधड़ी का आरोप लगाए जाने की पुष्टि हुई है. मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है. लड़की का मोबाइल अब भी बंद है और उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है. लेकिन पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई हैं.
बिहार से दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ी सौगात, भीड़भाड़ से मिलेगी निजात
5 May, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गर्मियों के समय लोग बच्चों की छुट्टिया पड़ने पर शादी-ब्याह में शामिल होने या घूमने के लिए घर जाते हैं. ऐसे में गर्मियों के अक्सर ट्रेनों में बहुत भीड़ बढ़ जाती है. भीड़ के चलते ट्रेन में यात्रियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में इस साल गर्मी में बिहार से दिल्ली और देश की राजधानी से बिहार जाने वालों के एक खुशखबरी है.
दरअसल गर्मियों में ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने फैसला किया है कि वो छपरा से दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल तक समर स्पेशल साप्ताहिक ट्रेन चलाएगा. ये ट्रेन ट्रेन 14 मई से 16 जुलाई 2025 तक हर बुधवार को छपरा से चलेगी. वहीं आनंद विहार टर्मिनल से 15 मई से 17 जुलाई तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी.
ट्रेन नंबर 05113 छपरा से चलेगी
छपरा जिले में दिघवा दुबौली रेलवे स्टेशन और थावे जंक्शन पर इस ट्रेन का हॉल्ट होगा. ट्रेन नंबर 05113 दोपहर को 3 बजकर 45 मिनट पर छापरा से चलेगी. फिर छपरा कचहरी, मशरख दिघवा दुबौली, थावे, तमकुही रोड, पडरौना, कप्तानगंज, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, गोंडा, बुढ़वल, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद होते हुए अगले दिन दोपहर में 2 बजकर 25 मिनट पर आनंद विहार पहुंचेगी.
ट्रेन नंबर 05114 आनंद विहार से चलेगी
वहीं वापसी में ट्रेन नंबर 05114 आनंद विहार टर्मिनल से शाम 4 बजे चलेगी. फिर मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर, सीतापुर, बुढ़वल, गोंडा, बस्ती, खलीलाबाद, गोरखपुर, कप्तानगंज, पडरौना, तमकुही रोड, थावे, दिघवा दुबौली, मशरख और छपरा कचहरी होते हुए अगले दिन दोपहर 2 बजे छपरा पहुंचेगी.
ट्रेन में होंगे कुल 22 डिब्बे
इस समर स्पेशल ट्रेन में कुल 22 डिब्बे लगाए जाएंगे. इनमें 2 एसएलआर, 6 सामान्य, 10 स्लीपर, 3 एसी थर्ड और 1 एसी सेकेंड क्लास डिब्बा शामिल होगा. वाराणसी रेलमंडल के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि छपरा-आनंद विहार साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन की अधिसूचना जारी हो गई है.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा लखीसराय, सरकार ने शुरू की तैयारी
5 May, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार का लखीसराय जिले में धार्मिक और पुरातात्विक संस्कृति का भंडार है. जिले की विरासत और धरोहर बहुत समृद्ध मानी जाती है. जिले के पौराणिक स्थलों को बुद्ध, शिव और रामायण सर्किट से जोड़ने की यहां अपार संभावनाएं नजर आती हैं. अब सरकार पंचायत स्तर पर प्राचीन धरोहरों को संरक्षित करने का प्रयास कर रही है.
दरअसल, लखीसराय जिले की समृद्ध विरासत गहरी और पौराणिक है, लेकिन इसके बावजूद भी इसकी पहचन नहीं बन पाई है. अब जिले के प्रसाशन ने यहां के पुरास्थल को पर्यटन से जोड़ने की कोशिश तेज कर दी हैं. जिले की समृद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके. इस दिशा में लगातार काम हो रहा है.
राजनीतिक दृष्टिकोण से बहुत समृद्ध है जिला
लखीसराय जिला राजनीतिक दृष्टिकोण से भी बहुत समृद्ध है. इस जिले को बुद्ध, रामायण, शिव सर्किट से जोड़ने के बाद आने वाले दिनों में इस जिले में पर्यटन बहुत विकसित हो सकता है. इतना ही लखीसराय पर्यटन के मामले में देवघर, राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसा बन सकता है. इस जिले में सात सरकारी पुरास्थल हैं.
जिले के सरकारी पुरास्थल
नगर परिषद लखीसराय वार्ड नंबर 33 में जयनगर लाली पहाड़ी सरकारी पुरास्थल है. रामगढ़ चौक प्रखंड के अंतर्गत सत्संडा पहाड़ी है. चानन प्रखंड अंतर्गत बिछवे और घोसीकुंडी पहाड़ी है. सूर्यगढ़ा प्रखंड में लय पहाड़ी, रामगढ़ चौक प्रखंड में नोनगढ़ टीला और लखीसराय प्रखंड बालगुदर टीला है.
लाली पहाड़ी
लाल पहड़ी की बात करें तो ये जगह बौद्ध कालीन अवशेषों से भरी हुई है. जब लाल पहाड़ी खोदा गया तो पता चला कि ये यह महिला बौद्ध भिक्षु साधना करती थीं. ये उनकी साधना का प्रमुख केंद्र था. राज्य सरकार की ओर से इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए 29 करोड़ की राशि आवंटित की गई है. लाली पहाड़ी पर स्थित खोदाई स्थल को संरक्षित करने के लिए करीब तीन करोड़ आवंटित किए गए हैं.
बिछवे और घोसीकुंडी
बिछड़े और घोसीकुंडी पहाड़ी भी बौद्ध धर्म से जुड़े बताए जाते हैं. बिछवे पहाड़ी की मनोरम छटा लोगों को आकर्षित करती है. बिछवे पहाड़ी के शिखर पर बने बौद्ध मठ के अवशेष आज भी हैं. यही नहीं इस पहाड़ी से शेलोकृत मनोती स्तूप, भगवान विष्णु, वैष्णवी और महिसासुर मर्दनी खंडित मूर्तियां और मौर्य कालीन ईंट मिली है.
नोनगढ़ टीला, सत्संडा और लय पहाड़ी
बताया जाता है कि नोनगढ़ पुरास्थल कुषाण काल दूसरी शताब्दी जुड़ा है. इस क्षेत्र से लाल बलुआ पत्थर की मूर्ति मिली थी. सत्संडा गांव में स्थित किष्किंधा पहाड़ को लोग संध्या पहाड़ के नाम से भी जानते हैं. यहां चतुर्भुज भगवान की काले पत्थर की प्रतिमा है. वहीं लय पहाड़ी भी एक राजकीय स्मारक और पुरातात्विक स्थल है. इसके लिए सरकार ने छह करोड़ 83 लाख रुपये की स्वीकृत किए हैं.
बालगुदर टीला बालगुदर गढ़ टीला लखीसराय संग्रहालय से सटा हुआ है. ये आठवीं और नौवी शताब्दी का बताया जाता है. हाल ही में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब लखीसराय संग्रहालय का निरीक्षण किया था. उसी दौरान बालगुदर गढ़ टीला को संरक्षित करने का ऐलान किया गया था.
बिहार के समस्तीपुर से निकला 'स्नैकमैन', जो ज़हर से नहीं डरता
5 May, 2025 11:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अक्सर लोग सांपों का नाम सुनकर डर जाते हैं. क्योंकि सांप एक जहरीला जीव है. सांप के काटने के बाद अगर समय से इलाज न मिले तो मिले तो जान जा सकती है. अक्सर जब घरों में सांप निकलता है, तो उस व्यक्ति को बुलाया जाता है जो सांप को अच्छे से पकड़ना जानता है. ऐसे लोगों को सांपों की दुनिया में ‘स्नैकमैन’ कहा जाता है. आज हम आपको बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले एक ‘स्नैकमैन’ की कहानी बताने रहे हैं.
समस्तीपुर जिले के जय कुमार साहनी बिहार के ‘स्नैकमैन’ के नाम से प्रसिद्ध थे. वो जिले के ताजपुर के हरपुर वार्ड संख्या-3 के निवासी थे. जय कुमार साहनी सांपों के मसीहा कहलाते थे. बताया जाता है कि वो खतरनाक और जहरीले सांपों को नया जीवन देते थे. जय कुमार साहनी अब इस दुनिया में नहीं रहे. उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने हजारों सांपों को मौत से बचाया. वो इंसानों को जहरिले सांपों के जहर से दूर रखते थे. वो सांपों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित जगहों पर छोड़ आया करते थे.
जहरीले सांप के डसने से हुई मौत
जय कुमार साहनी की मौत एक जहरीले सांप के डसने से गुरुवार को हो गई. दरअसल, उनको फोन पर एक गांव में जहरिला सांप देखे जाने की सूचना प्राप्त हुई. इसके बाद जय कुमार साहनी मौके पर पहुंचे और तुरंत सांप को रेस्क्यू करने में जुट गए, लेकिन उसी दौरान जहरीले कोबारा सांप ने उनको अंगूठे पर डस लिया. इससे उनकी हालात बिगड़ने लगी. इसके बाद लोग उनको तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर भागे, लेकिन सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया.
जय बिना प्रोफेशलन ट्रेनिंग के पकड़ते थे सांप
बताया जा रहा है कि पूरे शरीर में जहर के फैल जाने के कारण उनकी मौत हुई. जय के परिवार के में उनकी पत्नी और दो छोटे-छोटे बच्चे हैं. जय के पिता शिवलगन साहनी ने बताया कि मेरे बेटा बचपन से ही जानवरों से बहुत लगाव रखता था. बता दें कि जय ने सांप पकड़ने की कोई प्रोफेशलन ट्रेनिंग नहीं ली थी. वो बिना ट्रेनिंग के ही ये काम किया करते थे. सांपों को पकड़कते हुए उनके कई वीडियो सोशल मीडिया पर भी
पहलगाम हमले पर आरजेडी सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार को घेरा
5 May, 2025 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहलगाम अटैक के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जहां एक तरफ तनाव बढ़ गया है. वहीं, दूसरी तरफ देश में सियासत भी तेज हो गई है. इस अटैक के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार से सवाल पूछ रहा है. इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने कहा, अगर पुलवामा की रिपोर्ट आती तो पहलगाम नहीं होता.
पहलगाम अटैक के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए मनोझ झा ने कहा, हम ने आज इस मीटिंग की शुरुआत पहलगाम के उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए की है जिनकी मौत हुई. पीएम मोदी को टारगेट करते हुए उन्होंने कहा, हम मधुबनी में जाकर चुनाव रैली नहीं कर रहे थे.
मनोज झा ने सरकार को घेरा
दरअसल, 22 अप्रैल को जिस दिन पहलगाम में हमला हुआ था, उस समय पीएम मोदी सऊदी के दौरे पर थे. इस अटैक के बाद पीएम अपने दौरे को कट शॉर्ट करके भारत पहुंचे थे. इसी के बाद उन्होंने बिहार के मधुबनी में एक रैली को संबोधित किया था और पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था. पीएम की उसी रैली को लेकर मनोज झा ने निशाना साधा है. उन्होंने पीएम की रैली पर हमला करते हुए कहा, हम उस तरह की बेशर्मी में नहीं जाते, हम तो आज तक सदन में पूछते रहे हैं कि पुलवामा कैसे हुआ, अगर पुलवामा की रिपोर्ट आती तो पहलगाम नहीं होता.
मनोज झा ने कहा, पूरा देश एक स्वर में बोल रहा है, लेकिन आपका ट्वीटर हैंडल क्या कर रहा है. देश एक स्वर में सोचता है, हमारी राजनीतिक भिन्नता है, लेकिन इन मुद्दों पर हम कोई समझौता नहीं करेंगे (No Compromise Situation). हम ने पुलवामा में जवान खोए थे, हमें श्रद्धांजलि का देश नहीं बनना है.
तेजस्वी यादव ने भी पूछे थे सवाल
इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने गुरुवार (अप्रैल 24, 2025) को पटना में कांग्रेस कार्यालय में आयोजित अपनी दूसरी बैठक के दौरान पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किए थे. बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने पहलगाम में सुरक्षा में हुई चूक को लेकर सवाल खड़े किए थे.
सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा
तेजस्वी यादव ने सुरक्षा बलों की अनुपस्थिति पर रोशनी डालते हुए कहा, था, आतंकवादी हमले में मारे गए नौसेना अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की बहन सृष्टि ने कहा था कि विनय डेढ़ घंटे तक जिंदा थे लेकिन कोई मदद के लिए नहीं आया. मैं पूछना चाहता हूं कि अगर 2,000 टूरिस्ट एक ही जगह पर इकट्ठा हुए थे, तो कोई सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई थी? इस चीज को जानने के बावजूद कि पहलगाम एक हाई स्कियोरिटी जोन के अंदर आता है, एक भी सुरक्षाकर्मी घटनास्थल पर मौजूद नहीं था. उन्होंने आगे कहा, 2014 के बाद से जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के 3,982 मामले सामने आए हैं, जिनमें 413 नागरिक और 630 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं.
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया, इन गंभीर चूकों के लिए कौन जिम्मेदार है और जिम्मेदारी कौन लेगा? राजनीतिक प्रतिशोध के कारण, केंद्र अधिकांश केंद्रीय एजेंसियों को विपक्षी नेताओं के खिलाफ तैनात करता है, लेकिन वो आतंकवादियों के खिलाफ एजेंसियों को तैनात करने में विफल रहते हैं.
पहलगाम में 22 अप्रैल को हमला हुआ था. इस अटैक में 26 लोगों की मौत हुई थी. आतंकवादियों ने निहत्थे लोगों पर अटैक किया. इसी के बाद से भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं.
नीतीश कुमार की साफ बात – अब कोई इधर-उधर नहीं, NDA में ही रहूंगा
5 May, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को सत्ता में आने का श्रेय भारतीय जनता पार्टी को दिया और कहा कि वह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में ही बने रहेंगे. नीतीश कुमार ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात दोहराई. इन खेलों में देश भर से हजारों युवा खिलाड़ी भाग ले रहे हैं.
पिछले एक दशक में कई बार साझेदार बदलने वाले नीतीश कुमार ने कहा कि मैं हमेशा यहीं रहूंगा. मेरी पार्टी ने पहले भी मुझे कई बार यहां-वहां भेजा. लेकिन ऐसा दोबारा नहीं होगा. मुझे मुख्यमंत्री किसने बनाया? स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी ने.’
2013 में तोड़ा था एनडीए से नाता
दरअसल नीतीश कुमार 1990 के दशक के मध्य से बीजेपी के सहयोगी रहे हैं. हालांकि साल 2013 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद नाराजगी जताते हुए उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ लिया था. इसके बाद उन्होंने साल 2015 में आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के साथ महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा और सफलता भी पाई.
बीजेपी पर जेडीयू को तोड़ने का आरोप
लेकिन यह गठबंधन ज्यादा समय तक नहीं चला और 2017 में नीतीश कुमार ने एक बार फिर बीजेपी के साथ एनडीए गठबंधन में आ गए. यह साझेदारी 2022 तक चली, जब उन्होंने एनडीए छोड़कर फिर से महागठबंधन में वापसी की और बीजेपी पर जेडीयू को तोड़ने की साजिश का आरोप लगाया.
राजनीतिक पलटी नहीं मारेंगे
2024 के लोकसभा चुनाव से पहले, नीतीश ने महागठबंधन और इंडी गठबंधन से नाता तोड़ते हुए फिर एनडीए का दामन थाम लिया. यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना, क्योंकि उन्होंने खुद इंडी गठबंधन को बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. अब जबकि राज्य में विधानसभा चुनाव करीब हैं तो नीतीश कुमार ने यह साफ कर दिया है कि वो अब एनडीए में ही रहेंगे. उन्होंने कहा कि अब वह कोई राजनीतिक पलटी नहीं मारेंगे. उनके इस बयान को एनडीए को मजबूती देने के इरादे से दिया गया बयान माना जा रहा है.
पटना-रांची बस में नशाखुरानी की वारदात, अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज
5 May, 2025 08:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पटना से झारखंड के रांची आ रही एक बस में नशाखुरानी गिरोह ने एक व्यक्ति को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट की है. यह वारदात पीड़ित के साथ बैठे एक सहयात्री ने अंजाम दिया है. बस के रांची पहुंचने पर पीड़ित रिंकू सोनी बेहोशी की अवस्था में मिला. आनन फानन में घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. उसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना बताई है. अब पुलिस अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है.
झारखंड में धनबाद के रहने वाले पीड़ित ने बताया कि वह एक जरूरी काम से पटना गया था.वापस लौटने के लिए एक बस में बैठा. थोड़ी ही देर बाद पास की सीट पर दो अन्य युवक भी आकर बैठ गए. बस चलते ही आरोपियों ने अपनी झोली से कुछ खाने का सामान निकाला और उसे ऑफर किया. पीड़ित के मुताबिक उसने मना किया, लेकिन आरोपी ने उसे भावनात्मक ब्लैकमेल कर वह नशीला पदार्थ खिला दिया. इसके बाद वह बेहोश हो गया.
जांच में जुटी पुलिस
पीड़ित के मुताबिक उसकी बेहोशी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसके बैग में रखी लगभग पौने तीन की नगदी, गले की सोने की चैन और पर्स निकाल लिया और बीच रास्ते में ही कहीं गाड़ी से उतर गया. इधर, बस रांची पहुंची तो कंडक्टर की नजर पड़ी और उसने पुलिस को सूचना देने के बाद रांची के सदर अस्पताल में एडमिट कराया है. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
चार साल बाद आया मामला
तीन चार साल पहले तक नशाखुरानी के मामले रांची में खूब आते थे, हालांकि इन दिनों इस तरह की घटनाओं पर विराम लग गया था. लंबे अंतराज के बाद सामने आए इस मामले को देखकर खुद पुलिस भी हैरान है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस घटना के बाद नशाखुरानी गैंग की तलाश तेज कर दी गई है.
आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, देवघर-बक्सर के दो तस्कर गिरफ्तार
3 May, 2025 12:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के संताल परगना क्षेत्र के आदिवासी बच्चों की तस्करी में झारखंड और बिहार के तस्करों ने हाथ मिलाया है। देवघर के मार्गोमुंडा गांव के चार नाबालिगों को चेन्नई ले जा रहे झारखंड के देवघर और बिहार के बक्सर के मानव तस्कर को आरपीफ ने धनबाद स्टेशन पर घेर कर पकड़ा।
इनमें देवघर जिले के बुढ़ई का 41 वर्षीय रामजीत पंडित और बक्सर के भगवानपुर का 43 साल के राधे श्याम सिंह शामिल हैं। मुक्त कराए गए नाबालिगों को रेलवे चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। पकड़े गए मानव तस्कर रेल पुलिस के हवाले कर दिए गए। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने चारों नाबालिगों को बोकारो के आश्रय गृह सहयोग विलेज में आवासित कराया।
अलेप्पी एक्सप्रेस पर सवार होने से पहले ही पकड़ लिए गये तस्कर
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि देवघर के रहने वाला रामजीत चारों नाबालिग को लेकर सड़क मार्ग से धनबाद आया था। उसका साथी राधेश्याम धनबाद स्टेशन पर पहले से ही मौजूद था। प्लेटफॉर्म 7 पर धन बदल अलेप्पी एक्सप्रेस खड़ी थी।
ट्रेन पर सवार होने ही वाले थे, तभी आरपीएफ की टीम पहुंच गई। आरपीएफ को देखते ही दोनों तस्कर अलग- अलग होकर इधर-उधर छिपने लगे। भागने के दौरान उन्हें घेर कर पकड़ा गया।
केरल में रहते राधे श्याम बन गया लेबर सप्लायर
पूछताछ में राधेश्याम सिंह ने बताया कि वह और रामजीत दोनों चेन्नई में काम करते हैं। पहले केरल की अलग-अलग फैक्ट्री में काम करते थे। अब पिछले 6 महीने से एक ही फैक्ट्री में काम करते हैं। केरल में रहने के दौरान ही वेल लेबर सप्लायर भी बन गया।
विभिन्न फैक्ट्री में अलग-अलग जगह से मजदूरों की आपूर्ति करने लगा। केरल की कुछ कंपनियों ने जोखिम भरे काम के लिए मजदूर लाने का काम सौंपा।
इस काम के लिए राधेश्याम ने रंजीत से संपर्क किया और उसे 20000 रुपये एडवांस देकर देवघर से मजदूर लाने को भेजा। रामजीत देवघर आया और पैसे का लालच देकर चार नाबालिगों को अपने झांसे में ले लिया।
रामजीत ने ही किया आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा, नाबालिगों को बनाया बालिग
नाबालिगों से पूछताछ में उन्होंने बताया की रामजीत ने उनका आधार कार्ड ले लिया था। उसी ने आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर चारों को नाबालिग से बालिग बनाया। उसने केरल में नौकरी के बदले 10-10 हजार रुपये दिलाने की बात कही थी।
स्लीपर क्लास से ले जा रहे धनबाद से पलक्कड़, एक-एक हजार दिया था एडवांस
नाबालिगों को स्लीपर क्लास से अलेप्पी एक्सप्रेस से धनबाद से पलक्कड़ ले जाया जा रहा था। रास्ते में खाने-पीने और अन्य खर्चो के लिए प्रत्येक को एक-एक हजार एडवांस भी दिया गया था। आरपीएफ ने रामजीत के पास से एक प्लेटफार्म टिकट और अलेप्पी एक्सप्रेस का छह आरएसी टिकट बरामद किया है। साथ ही 740 रुपये नगद और टच स्क्रीन मोबाइल भी बरामद किया गया है।
कौन-कौन थे शामिल
आरपीफ सीआइबी इंस्पेक्टर अरविंद कुमार राम, एएसआइ सुशील कुमार, शशिकांत तिवारी, बृजेश कुमार, तनवीर खान और विकास कुमार।
आधार फर्जीवाड़ा कर नाबालिगों को बालिग बनाने की पांच दिनों में दूसरी घटना
आधार फर्जीवाड़ा कर नाबालिगों को बालिग बनाने की पांच दिनों में दूसरी घटना है। इससे पहले रविवार को साहिबगंज के पांच नाबालिगों के साथ वहीं के लेबर सप्लायर नूर इस्लाम को आरपीएफ ने गिरफ्तार किया था।
जातीय जनगणना पर केंद्र का फैसला, विपक्षी दलों ने बताया अपनी जीत
3 May, 2025 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार ने हाल ही में जातीय जनगणना कराने फैसला लिया है. सरकार के इस ऐलान को तमाम विपक्षी दल अपनी जीत बताते नजर आ रहे हैं. हर राजनीतिक दल इस ऐलान का श्रेय लेना चाहता है. सरकार के इस फैसले के बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को पत्र लिखा है, जिसको उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर भी किया है.
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पत्र शेयर करते हुए लिखा कि जाति जनगणना कराने का निर्णय हमारे देश की समानता की यात्रा में एक परिवर्तनकारी क्षण हो सकता है. इस जनगणना के लिए संघर्ष करने वाले लाखों लोग सिर्फ डेटा नहीं बल्कि सम्मान, सिर्फ गणना नहीं बल्कि सशक्तिकरण का इंतजार कर रहे हैं.
तेजस्वी यादव ने इस पत्र में प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण, कॉन्ट्रेक्ट में आरक्षण, न्यायपालिका में आरक्षण और मंडल आयोग की पूरी सिफारिशों की इंप्लीमेंटेशन की मांग की है.
तेजस्वी यादव ने पीएम को पत्र में क्या लिखा?
तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा कि हाल ही में आपकी सरकार की तरफ से राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना कराने की घोषणा के बाद, मैं आज आपको आशावाद की भावना के साथ लिख रहा हूं. वर्षों से, आपकी सरकार और एनडीए गठबंधन ने जाति जनगणना के आह्वान को विभाजनकारी और अनावश्यक बताकर खारिज कर दिया है. जब बिहार ने अपना जाति सर्वेक्षण कराने की पहल की तो सरकार और आपकी पार्टी के शीर्ष कानून अधिकारी सहित केंद्रीय अधिकारियों ने हर कदम पर बाधाएं खड़ी कीं थी. आपकी पार्टी के सहयोगियों ने इस तरह के डेटा संग्रह की आवश्यकता पर ही सवाल उठाया था.
आगे लिखा कि आपका से फैसला उन नागरिकों की मांगों की स्वीकार्यता का प्रतिनिधित्व करता है, जिन्हें लंबे समय से हमारे समाज के हाशिये पर धकेल दिया गया है. बिहार जाति सर्वेक्षण, जिसमें पता चला कि ओबीसी और ईबीसी हमारे राज्य की आबादी का लगभग 63% हिस्सा हैं, ने यथास्थिति बनाए रखने के लिए बनाए गए कई मिथकों को तोड़ दिया. इसी तरह के पैटर्न पूरे देश में सामने आने की संभावना है.
तेजस्वी ने लिखा कि मैं आपको वास्तविक सामाजिक परिवर्तन के लिए जनगणना के निष्कर्षों का उपयोग करने में रचनात्मक सहयोग का आश्वासन देता हूं. इस जनगणना के लिए संघर्ष करने वाले लाखों लोग न केवल आंकड़ों की बल्कि सम्मान की, न केवल गणना की बल्कि सशक्तिकरण की प्रतीक्षा कर रहे हैं.
बिहार चुनाव से पहले सरकार का बड़ा ऐलान
साल के अंत में बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में बीजेपी ने अभी से अपनी पिच तैयार करना शुरू कर दी है. इसकी शुरुआत कैबिनेट की तरफ से लिए जातीय जनगणना के फैसले ने कर दी है. तमाम विपक्षी दल ये मांग लंबे समय से कर रहे हैं. यही कारण है कि इसका श्रेय हर कोई लेने के लिए आतुर नजर आ रहा है. हालांकि देखना होगा कि इस फैसले का असर साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव पर क्या पड़ता है.
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