बिहार-झारखण्ड
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों, युवाओं के संघर्ष और लोकतंत्र की जीत है- अरुण यादव
26 Jul, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना,। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश प्रवक्ता अरुण कुमार यादव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों के लंबे संघर्ष तथा जनदबाव की जीत है। लोकतंत्र की जीत है। यह केवल शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की स्वीकारोक्ति है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे मात्र से बात खत्म नहीं हो गई है। केंद्र सरकार को अब शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को चुस्त दुरुस्त करना होगा। नीट पेपर लीक उपरांत डिप्रेशन में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा राशि देना होगा। प्रभावित छात्रों को न्याय और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। आंदोलन के दौरान छात्र, युवाओं पर हुए दर्ज मुकदमा वापस लेना होगा। आंदोलनरत छात्र, युवाओं की सभी मांगों को पूरा करना होगा।
शिक्षा सुधार आंदोलन में इस्तीफा के बाद भी अधूरा है न्याय- राजेश राम
26 Jul, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा में अनियमितता और देश में लीक प्रूफ परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा की मांग को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों और देश के नेता विपक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रधानमंत्री को सदन में बैकफुट पर डालने से विवश होकर केंद्र की दंभी और अहंकारी मोदी सरकार के अकर्मण्य शिक्षा मंत्री ने अंततः इस्तीफा दे दिया। ये बातें बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने बयान जारी कर कही। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि 22 नीट अभ्यर्थियों को आत्महत्या के लिए विवश करने वाली यह सरकार लगातार पेपर लीक के मुद्दे पर मौन धारण किए रही और छात्रों की वाजिब मांगों को लगातार दरकिनार करती रही। भाजपा सरकार के नेतृत्व वाली सरकार ने रोजगार और शिक्षा के मामले में छात्रों की हकमारी की है। लगातार छात्रों ने बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए आंदोलन किया और उसे देश के नेता प्रतिपक्ष ने छात्रों की गूंज के माध्यम से व्यापक फ़लक प्रदान किया। साथ ही सदन में सरकार को लगातार घेरते हुए उन्होंने सरकार को छात्रों के वाजिब मुद्दों पर हमलावर रहें। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार के छात्रों ने देश के इस वाजिब मांग पर व्यापक समर्थन दिया जिससे इस आन्दोलन की आंशिक सफलता हुई। उन्होंने कहा कि एक मांग हमारी पूरी हुई है, अभी भी दो मांग हमारी बाकी है जिसमें परीक्षाओं को लेकर जवाबदेही और सारे मुकदमें वापस लेना अभी बाकी है।
मनमोहन सरकार में शिक्षा बजट 4.5 प्रतिशत जबकि मोदी सरकार में घटकर 2.5 प्रतिशत रह गया- सांसद डॉ. मो. जावेद
26 Jul, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक, सीबीएसई परीक्षा में अनियमितता और देश में चल रहे छात्र आंदोलनों को लेकर केंद्रीय सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी की उदासीनता को लेकर कांग्रेस पार्टी के लोकसभा के सचेतक और बिहार के किशनगंज के सांसद डॉ. मो. जावेद आजाद ने शनिवार दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पटना में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कही। लोकसभा में कांग्रेस के सचेतक और किशनगंज सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद आजाद ने संवाददाता सम्मेलन के संबोधन में कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार के समय शिक्षा बजट जहां 4.5 प्रतिशत थी वहीं वर्तमान भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में घटकर 2.5 प्रतिशत रह गई। देश में आज लगभग 1 लाख सरकारी स्कूल बंद एक साल में हो गए यानी हर रोज 25 सरकारी स्कूलों को यह सरकार बंद कर रही है। आज देश के छात्र स्वच्छ परीक्षा प्रणाली और बेहतर शिक्षा के लिए आंदोलनरत हैं। देश भर में वर्तमान भाजपा की एनडीए सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर हैं उनके मांगों के समर्थन में हमारे नेता राहुल गांधी लगातार छात्रों की गूंज को बुलंद कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के घेराव से लेकर कोटा और देहरादून में प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों से सार्थक संवाद भी किया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवल इंस्टाग्राम पर रील डालकर अपनी भूमिका को समाप्त समझ लिया जबकि केंद्रीय शिक्षा मंत्री जो सीधे शिक्षा के लिए जिम्मेदार हैं क्योंकि उनके कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और अनियमितताएं उजागर हो रही हैं, उनका इस्तीफा लेना मुनासिब नहीं समझा। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा बजट में भारी कटौती से महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और स्कूल खुलने के साथ शैक्षणिक गुणवत्ता के संवर्धन का कोई काम वर्तमान सरकार में नहीं हो रहा है। वहीं जो स्थापित शैक्षणिक संस्थान हैं उन्हें भी ये सरकार सुचारू रूप से संचालित करने में असक्षम है। देश के होनहार छात्रों का भविष्य अधर में डालने वाले केंद्रीय शिक्षा मंत्री का अविलंब इस्तीफा होना चाहिए और फिर शैक्षणिक सुधारों पर सदन में बहस होनी चाहिए। साथ ही आंदोलन में छात्रों पर दर्ज प्राथमिकी को भी सरकार के द्वारा अविलंब वापस लेकर उनको भयमुक्त, पेपर लीक प्रूफ व्यवस्था में बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना होगा। संवाददाता सम्मेलन में मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़, प्रवक्ता डॉ स्नेहाशीष वर्धन, असित नाथ तिवारी, अरशद अब्बास आजाद और रजनीश कुमार सिंह, चन्द्रभूषण मौजूद रहे।
विपक्षी दलों की राजनीतिक साजिश का शिकार होने से बचे छात्र समुदाय- शंभूनाथ सिन्हा
26 Jul, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना, । प्रदेश जद (यू) प्रवक्ता शंभूनाथ सिन्हा ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर आंदोलनरत छात्रों से भावनाओं में बहकर विपक्षी दलों की राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की पीड़ा और भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर एवं संवेदनशील है तथा इस पूरे प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ स्थायी समाधान की दिशा में निर्णायक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज जो विपक्षी दल छात्रों के हितैषी बनने का दिखावा कर रहे हैं, उनके शासनकाल और शासित राज्यों में दर्जनों बार पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन तब उन्होंने केवल बयानबाजी और राजनीतिक नौटंकी करने के अलावा कोई ठोस पहल नहीं की। छात्रों के भविष्य से जुड़े इतने गंभीर मुद्दे पर उनकी संवेदनशीलता केवल सत्ता की राजनीति तक सीमित रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए ऐतिहासिक एवं दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था, दोषियों के खिलाफ कड़े दंड, भारी आर्थिक जुर्माना तथा सख्त कानूनी प्रावधानों को मंजूरी दी है। इन कदमों से न केवल अपराधियों को शीघ्र और कठोर सजा मिलेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी मजबूत एवं प्रभावी व्यवस्था स्थापित होगी। जद (यू) छात्रों के हितों और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक छात्र का अधिकार है, लेकिन यदि इस आंदोलन का राजनीतिकरण किया गया तो इसका लाभ केवल वे ताकतें उठाएंगी जो देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा करना चाहती हैं। इससे न केवल छात्र आंदोलन की गरिमा प्रभावित होगी, बल्कि छात्रों के वास्तविक मुद्दे भी कमजोर पड़ जाएंगे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से संयम, विवेक और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल के बहकावे या राजनीतिक साजिश का हिस्सा बनने से बचें। सरकार दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।
नम आंखों से BSF जवान को अंतिम विदाई, पूरे गांव ने दी वीर सपूत को श्रद्धांजलि
25 Jul, 2026 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा: सारण जिले के मांझी नगर पंचायत अंतर्गत उत्तर टोला का माहौल उस समय अत्यंत शोकाकुल हो गया, जब सीमा सुरक्षा बल (BSF) के शहीद हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले इस वीर सपूत के अंतिम दर्शन के लिए समूचे क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर घर के प्रांगण में पहुंचा, परिजनों के करुण क्रंदन से पूरा माहौल अत्यंत भावुक हो उठा और वहां उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
कर्तव्य पथ पर मालदा में दिया सर्वोच्च बलिदान
हेड कांस्टेबल अजय कुमार सिंह पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित बीएसएफ कैंप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान हुई अचानक गोलीबारी की घटना में वे अदम्य साहस का परिचय देते हुए देश के लिए शहीद हो गए। मातृभूमि की सुरक्षा करते हुए उनके इस सर्वोच्च बलिदान ने पूरे सारण जिले को गर्व की अनुभूति कराने के साथ-साथ गहरे शोक में डुबो दिया है।
जनप्रतिनिधियों और जनसैलाब ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे। स्थानीय विधायक रणधीर कुमार सिंह ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त कीं और सरकार तथा प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का पूर्ण आश्वासन दिया।
अमर नारों और पुष्पवर्षा के बीच निकली अंतिम यात्रा
अंतिम यात्रा के प्रारंभ होते ही पूरा गांव 'भारत माता की जय' और 'अजय कुमार सिंह अमर रहें' के गगनभेदी नारों से गुंजायमान हो उठा। ग्रामीणों और युवाओं ने अपने प्रिय वीर योद्धा के अंतिम सफर पर अश्रुपूरित आंखों से पुष्पवर्षा की। पैतृक गांव की गलियां उस समय अत्यंत भावुक दृश्यों की साक्षी बनीं, जब हर नागरिक अपने अमर शहीद को नमन कर रहा था।
अमर रहेगा वीर सपूत का त्याग और समर्पण
शहीद अजय कुमार सिंह की अंतिम विदाई के अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में दिया गया उनका यह त्याग कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। उन्होंने जिस निष्ठा, अदम्य साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि देश के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सपूत हमेशा जन-जन के दिलों में अमर रहते हैं।
अवैध संबंध के शक में खूनी वारदात, दुमका में युवक की हत्या से हड़कंप
25 Jul, 2026 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुमका: जिले के मसलिया थाना अंतर्गत जामजोरी गांव में शनिवार तड़के अवैध संबंधों के संदेह में एक व्यक्ति की कुल्हाड़ी से काटकर दर्दनाक हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान पड़ोसी जिले जामताड़ा के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत चापुड़िया गांव निवासी 42 वर्षीय देवराज दत्ता के रूप में हुई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति सुभाष मुर्मू मौके से फरार हो गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है तथा फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
निजी स्कूल संचालक का लंबे समय से चल रहा था प्रेम संबंध
प्राप्त विवरण के अनुसार फतेहपुर में निजी स्कूल का संचालन करने वाले देवराज का जामजोरी गांव की एक महिला के साथ लंबे समय से संबंध चल रहा था। देवराज पिछले तीन दिनों से महिला के घर पर ही रुका हुआ था। शनिवार सुबह लगभग पांच बजे जब दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ा, तो ग्राम प्रधान ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया था, जिसके बाद सभी लोग सोने चले गए थे।
पत्नी के सामने ही पति ने कुल्हाड़ी से किया जानलेवा हमला
पुलिस के जाने के कुछ ही देर बाद आरोपी सुभाष मुर्मू ने अपनी पत्नी के सामने ही सो रहे देवराज पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची एम्बुलेंस के माध्यम से घायल को तत्काल फुलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता ने दर्ज कराया बयान और लगाया हत्या का आरोप
घटना के बाद मृतक के पिता तरुण दत्ता ने आरोप लगाया है कि सुभाष मुर्मू ने ही अवैध संबंध के संदेह में उनके पुत्र की बेरहमी से हत्या की है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
आपराधिक पृष्ठभूमि का था मृतक और आरोपी की तलाश जारी
मसलिया थाना प्रभारी राजेश रंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक देवराज आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति था और उसके खिलाफ मसलिया थाने में पूर्व से तीन आपराधिक मामले दर्ज थे तथा वह जेल भी जा चुका था। प्राथमिक जांच में मामला पूरी तरह से अवैध संबंधों में रंजिश का प्रतीत हो रहा है। पुलिस की विशेष टीम गठित कर दी गई है और आरोपी सुभाष की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
धनबाद में मानसून मेहरबान, सामान्य वर्षा लक्ष्य के करीब पहुंचा आंकड़ा
25 Jul, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद: जुलाई महीने के दूसरे पखवाड़े से अपनी लय में लौटा मानसून धनबाद जिले में लगातार सक्रिय बना हुआ है। पिछले एक सप्ताह के भीतर जिले में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य औसत से 83 प्रतिशत अधिक है। 17 जुलाई से 23 जुलाई की अवधि के दौरान जहां अमूमन 71.6 मिलीमीटर वर्षा होती थी, वहीं इस वर्ष 131.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस लगातार हो रही झमाझम बारिश से स्थानीय जलाशयों का जलस्तर बढ़ा है और कृषि कार्यों में तेजी आई है।
मानसून के कुल लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचा धनबाद जिला
एक जून से आरंभ हुए चालू मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें तो धनबाद जिले ने अपने मौसमी लक्ष्य का बड़ा हिस्सा हासिल कर लिया है। इस अवधि में सामान्य तौर पर 442.4 मिलीमीटर बारिश की आवश्यकता होती है, जिसके मुकाबले अब तक 371.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है। इसके साथ ही जिला अपने सामान्य वर्षा के निर्धारित लक्ष्य से महज 16 प्रतिशत दूर रह गया है, जिसके इस महीने के अंत तक पूरा होने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग का अनुमान और जुलाई के अंत तक का पूर्वानुमान
मौसम केंद्र रांची द्वारा जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 30 जुलाई तक जिले में रुक-रुक कर बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। इस दौरान कई इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्षा का यह दौर जारी रहने से चालू जुलाई माह के अंत तक जिले में सामान्य से अधिक बारिश का आंकड़ा दर्ज हो जाएगा, जो पर्यावरण और जल संरक्षण की दृष्टि से शुभ संकेत है।
अगस्त के पहले सप्ताह तक अनुकूल रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग ने आगामी पखवाड़े का बुलेटिन जारी करते हुए बताया कि जुलाई के अंतिम दिनों से लेकर अगस्त की शुरुआत तक मानसून की अनुकूल स्थिति बनी रहेगी। 31 जुलाई से 6 अगस्त के दौरान भी जिले में बारिश का स्तर सामान्य रहने की उम्मीद है। इस दौरान बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर होने वाली बौछारों से तापमान में गिरावट बनी रहेगी, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलती रहेगी।
कृषि गतिविधियों में आई तेजी से किसानों के चेहरे खिले
बारिश के इस सकारात्मक आंकड़ों से क्षेत्र के किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लंबे समय से खेतों में पानी भरने का इंतजार कर रहे किसान अब पूरी शिद्दत के साथ रोपाई के काम में जुट गए हैं। भूजल स्तर में सुधार आने से पेयजल समस्याओं में भी कमी देखने को मिल रही है, जबकि जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार वर्षा की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
लापरवाही बनी काल: शौच करने गया युवक नदी में बहा, घंटों तलाश के बाद मिला शव
25 Jul, 2026 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छपरा: सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले सारंगपुर डाकबंगला घाट के पास गंडक नदी में डूबे 21 वर्षीय युवक का शव घटना के 48 घंटे बाद बरामद कर लिया गया है। मृतक की पहचान उभवा सारंगपुर गांव निवासी स्वर्गीय सुरेश साह के पुत्र राजकुमार के रूप में की गई है। दो दिनों से जारी अनवरत खोज के बाद नदी से शव बरामद होते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों के विलाप से वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
नदी के तेज बहाव में बह गया था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकुमार दो दिन पूर्व नित्यक्रिया के लिए गंडक नदी के तट पर गया था, जहां अचानक संतुलन बिगड़ने से वह नदी की तेज धारा की चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान आरंभ किया था। शनिवार की सुबह एसडीआरएफ टीम के आने से पहले ही परिजनों ने स्थानीय ग्रामीणों तथा निजी नाविकों के सहयोग से खोजबीन शुरू की और कड़ी मशक्कत के उपरांत घटनास्थल से लगभग छह किलोमीटर दूर मुजफ्फरपुर जिले के फतेहाबाद घाट के समीप से शव बरामद किया गया।
शव पहुंचते ही गांव में पसरा सन्नाटा और मातम
शव के सारंगपुर घाट पर पहुंचते ही वहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों का हुजूम एकत्रित हो गया। युवा की अचानक हुई दर्दनाक मौत से पूरा गांव स्तब्ध है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलने पर पानापुर थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं और शव को अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) हेतु छपरा सदर अस्पताल भेज दिया।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कानूनी प्रक्रिया पूर्ण
शव बरामदगी की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय पंचायत एवं जिला स्तर के कई जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक मौके पर मौजूद रहे। जिला परिषद सदस्य रत्नेश कुमार भास्कर, पूर्व जिला परिषद प्रतिनिधि अभिषेक रंजन सिंह उर्फ मुनचुन सिंह और सरपंच प्रतिनिधि केश्वर राय सहित अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासनिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया।
स्थानीय ग्रामीणों और नाविकों के प्रयास से मिली सफलता
इस दुखद घटना में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि लगातार दो दिनों से चलाए जा रहे आधिकारिक अभियानों के बावजूद सफलता स्थानीय नाविकों की मदद से मिली। ग्रामीणों और निजी गोताखोरों के संयुक्त प्रयास से ही गंडक नदी की तेज धार के बीच से शव को बाहर निकाला जा सका, जिसके बाद अब पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
पटना में बिहार बंद का व्यापक असर, स्कूल बंद, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
25 Jul, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: तीन दिन पूर्व राजधानी में हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद बिहार पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (AISA) और राष्ट्रीय युवा आंदोलन (RYA) द्वारा आयोजित बिहार बंद के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। इस बंद को राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस और वामदलों समेत पूरे महागठबंधन का समर्थन प्राप्त है। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पटना जिला प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों की टीमें सुबह से ही मुस्तैद हैं। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और वाटर कैनन तैनात
राजधानी के सभी प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। डाकबंगला चौराहा, जेपी गोलंबर, करगिल चौक, कोतवाली मोड़, इनकम टैक्स चौराहा, बेली रोड और पटना एयरपोर्ट के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। विशेष रूप से डाकबंगला चौराहा और जेपी गोलंबर पर दंगा नियंत्रण उपकरणों और वाटर कैनन के साथ 500 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है। स्थानीय पुलिस के अलावा सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, एसएसबी और बीएसएफ के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे हुए हैं।
शहर में जनजीवन सामान्य और सोशल मीडिया पर कड़ा पहरा
वर्तमान में पटना के अधिकांश इलाकों जैसे बोरिंग रोड, राजा बाजार, जगदेव पथ और सगुना मोड़ पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है और बाजार भी खुले हुए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी प्रकार की भड़काऊ पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने 118 संदिग्ध व्यक्तियों को अपनी रडार पर रखा है ताकि किसी भी तरह के उपद्रव को समय रहते रोका जा सके।
विधायक समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी
बंद के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पटना पुलिस ने एक दिन पूर्व ही धरपकड़ अभियान शुरू कर दिया था। पुलिस ने भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ और संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धनंजय समेत 19 लोगों को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पुलिस की विभिन्न टीमों ने विभिन्न छात्र हॉस्टलों में भी तलाशी अभियान चलाया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध का स्वागत है, लेकिन कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, बिना परीक्षा होगी 1,000 से अधिक पदों पर भर्ती
25 Jul, 2026 07:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहारशरीफ: नालंदा जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से एक विशेष पहल की गई है। बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जिला नियोजनालय द्वारा आज एक दिवसीय नियोजन-सह-व्यावसायिक मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला बिहारशरीफ स्थित संयुक्त श्रम भवन, ब्लॉक कैंपस परिसर में सुबह 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जहां युवाओं को करियर संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
दिग्गज निजी कंपनियां और स्थानीय संस्थान लेंगे हिस्सा
जिला नियोजन पदाधिकारी मोहम्मद आकिफ वक्कास ने जानकारी दी है कि इस मेले में क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित निजी कंपनियां और प्रशिक्षण संस्थान अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। इनमें रीशाव ऑटोमोबाइल्स, एलएंडटी कंस्ट्रक्शन स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, क्वेस्स कॉर्प, ब्लिंकिट, अनन्या टाटा मोटर्स, मां सिक्योरिटी सर्विसेज तथा गिलाणी इंस्टीट्यूट सहित कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं। ये सभी संस्थान योग्य उम्मीदवारों का चयन कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करेंगे।
विभिन्न क्षेत्रों में 1000 से अधिक पदों पर होगी भर्ती
यह जॉब मेला रिटेल, हेल्थकेयर, अकाउंटिंग, डिलीवरी, हॉस्पिटैलिटी और सिक्योरिटी सर्विसेज जैसे विविध क्षेत्रों में 1,000 से अधिक रिक्त पदों को भरने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में 18 से 40 वर्ष की आयु सीमा के इच्छुक उम्मीदवार भाग ले सकते हैं। चयन प्रक्रिया के उपरांत अभ्यर्थियों को उनकी शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव के आधार पर 12,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये प्रति माह तक का आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा।
प्रशासन ने की युवाओं से बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील
जिला प्रशासन और जिला नियोजनालय ने जिले के सभी इच्छुक एवं योग्य युवक-युवतियों से इस अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है। मेले से संबंधित किसी भी प्रकार की अतिरिक्त जानकारी अथवा सहायता के लिए अभ्यर्थी जिला नियोजनालय के आधिकारिक दूरभाष संख्या 06112-359276 पर संपर्क स्थापित कर सकते हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की पहल, झारखंड में जल्द सड़कों पर उतरेंगी नई एंबुलेंस
24 Jul, 2026 06:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से सरकार 720 नई अत्याधुनिक एंबुलेंस की खरीद करने जा रही है। इन नई एंबुलेंसों में 20 एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) और 270 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस शामिल हैं। इसके साथ ही मरीजों की सुगम आवाजाही के लिए 400 पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (पीटीवी) भी बेड़े में शामिल किए जाएंगे, जिससे राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा काफी मजबूत होगा।
नई एंबुलेंसों की खरीद से मजबूत होगी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा
राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई इस व्यापक पहल के तहत 720 नई एंबुलेंसों को बेड़े में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि 30 अन्य एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया पूर्व से ही जारी है, जो इस नई योजना के साथ निर्बाध रूप से चलती रहेगी। इन सभी एंबुलेंसों के उपलब्ध हो जाने से दूर-दराज के क्षेत्रों से गंभीर रूप से बीमार मरीजों और दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी विलंब के नजदीकी बड़े अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों तक सुरक्षित पहुंचाना संभव हो सकेगा।
एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरी योजना को धरातल पर उतारने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विभाग द्वारा सभी खरीद प्रक्रियाओं और टेंडर को आगामी एक महीने के भीतर पूरा करने की योजना बनाई गई है। इस संबंध में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से प्रक्रिया संपन्न कराने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि एंबुलेंसों की आपूर्ति में किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब न हो और जल्द से जल्द जनता को इसका लाभ मिलना शुरू हो सके।
सीएचसी और पीएचसी स्तर पर आउटसोर्सिंग से होगा संचालन
योजना के सुचारू क्रियान्वयन और रख-रखाव के लिए संचालन से जुड़ी प्रणाली भी तय कर ली गई है। अब तक लिए गए प्रशासनिक निर्णय के अनुसार, पेशेंट ट्रांसपोर्ट व्हीकल (पीटीवी) का दैनिक संचालन संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की देखरेख में किया जाएगा। इन वाहनों के संचालन के लिए आउटसोर्सिंग व्यवस्था का सहारा लिया जाएगा ताकि वाहनों की उपलब्धता हमेशा सुनिश्चित रहे।
ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
राज्य में 720 नई एंबुलेंसों की तैनाती से विशेषकर ग्रामीण, पहाड़ी और आदिवासी बहुल इलाकों के लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी। पूर्व में एंबुलेंस की कमी के कारण समय पर इलाज न मिल पाने की समस्याएं सामने आती रहती थीं। अब एडवांस और बेसिक लाइफ सपोर्ट सुविधाओं से लैस इन वाहनों के आ जाने से राज्य के कोने-कोने में आपातकालीन चिकित्सा सहायता आसानी से पहुंच सकेगी और समय पर उपचार मिलने से बहुमूल्य जानें बचाई जा सकेंगी।
टीकाकरण अभियान को मिलेगी नई रफ्तार, AIIMS देवघर बनेगा प्रशिक्षण का केंद्र
24 Jul, 2026 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देवघर: भारत सरकार के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान एम्स देवघर को झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। एम्स देवघर चिकित्सा, अनुसंधान और स्वास्थ्य देखभाल के तीनों प्रमुख आयामों में पूरी तरह सक्षम है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने एम्स की विशेषज्ञता और संसाधनों का लाभ उठाकर राज्य के अन्य प्रमुख अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों का स्तर सुधारने के लिए यह ऐतिहासिक कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री मेंटरशिप योजना के तहत राज्य सरकार की बड़ी पहल
झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को अधिक मजबूत, आधुनिक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री मेंटरशिप योजना' की शुरुआत की है। इसी महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत एम्स देवघर को मेंटर संस्थान के रूप में चुना गया है। इस दूरदर्शी पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला सदर अस्पतालों की कार्यप्रणाली में गुणात्मक सुधार लाना है ताकि दूर-दराज के मरीजों को भी अपने ही जिले में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मेडिकल कॉलेजों और सदर अस्पतालों का होगा कायाकल्प
इस योजना के तहत संताल परगना और आसपास के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को एम्स देवघर का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इसमें दुमका मेडिकल कॉलेज और धनबाद मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ देवघर, गोड्डा तथा गिरिडीह के सदर अस्पताल विशेष रूप से शामिल हैं। एम्स की टीम इन अस्पतालों के डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों को आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों तथा प्रबंधन की विशेष ट्रेनिंग देकर वहां की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ और अपडेट करेगी।
चिकित्सा और प्रशिक्षण के तीन मुख्य स्तंभों पर विशेष ध्यान
एम्स देवघर अपने तीन मूल स्तंभों—उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा, उच्चस्तरीय मेडिकल शिक्षा और आधुनिक अनुसंधान—के आधार पर इन लक्षित अस्पतालों में कार्य करेगा। इन शिक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों में एम्स के विशेषज्ञ तीन प्रमुख क्षेत्रों में गहन प्रशिक्षण देंगे। इससे न केवल स्थानीय अस्पतालों में जटिल रोगों के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी, बल्कि वहां के चिकित्सा कर्मियों की दक्षता और क्षमता में भी अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने से मरीजों को राहत
एम्स देवघर द्वारा मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलने से इन पांचों बड़े अस्पतालों का माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। इस नई व्यवस्था के लागू होने से दुमका, धनबाद, देवघर, गोड्डा और गिरिडीह जिलों के लाखों लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों या दूसरे राज्यों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। एम्स के अनुभव और आधुनिक दृष्टिकोण से लैस होकर ये अस्पताल अब स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराने में सक्षम बनेंगे।
सड़क किनारे बैठे परिवार पर चढ़ी पिकअप, महिला की मौत से मचा हड़कंप
24 Jul, 2026 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमुई: जिले के जमुई-खैरा मुख्य मार्ग पर कवैया मुसहरी के पास गुरुवार देर शाम हुए एक भीषण सड़क हादसे में अनियंत्रित पिकअप वाहन ने एक ही परिवार के चार लोगों को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश भड़क उठा। परिजनों और ग्रामीणों ने बोधबन तालाब चौक पर सड़क जाम कर उग्र प्रदर्शन किया तथा पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और आरोपी चालक-मालिक की गिरफ्तारी की मांग की।
सड़क किनारे बैठे परिवार पर चढ़ा बेकाबू वाहन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिठलपुर झखुआ मुसहरी निवासी कारु मांझी अपने परिवार के साथ किसी काम से कवैया मुसहरी गए थे। काम निपटाने के बाद कारु मांझी, उनकी पत्नी बेचनी देवी, पुत्र चुनचुन मांझी और बहू सरिता देवी सड़क किनारे बैठे हुए थे। इसी दौरान एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने अनियंत्रित होकर चारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बेचनी देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे के बाद वाहन छोड़कर चालक फरार
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना में शामिल पिकअप वाहन इंदपे गांव निवासी गारो यादव का है। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद चालक मौका पाकर वाहन को वहीं छोड़कर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर रात तक पीड़ित पक्ष और वाहन मालिक के बीच आपसी समझौते को लेकर बातचीत चलती रही, लेकिन किसी नतीजे पर न पहुंचने के कारण शुक्रवार सुबह परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया।
अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी
दुर्घटना में घायल हुए कारु मांझी, उनके पुत्र चुनचुन मांझी और बहू सरिता देवी को तत्काल इलाज के लिए ले जाया गया था। फिलहाल घायलों में से दो लोगों का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक घायल को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम घायलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पुलिस की समझाइश और निष्पक्ष जांच का आश्वासन
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आक्रोशित लोगों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर फरार चालक और संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आश्वासन के बाद यातायात को बहाल कराया गया और पूरे मामले की बारीकी से जांच शुरू कर दी गई है।
समस्तीपुर में प्रदर्शन को लेकर प्रशासन अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था
24 Jul, 2026 03:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर: दिल्ली और पटना समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चल रहे छात्र आंदोलन के प्रभाव को देखते हुए समस्तीपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना या स्थिति से निपटने के लिए समाहरणालय परिसर के बाहर क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की विशेष तैनाती की गई है। तैनात जवानों को अश्रु गैस लॉन्चर, दंगा नियंत्रण उपकरण और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधनों से लैस किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जिले में शांति बनी हुई है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता किया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख चौराहों पर सुरक्षा का कड़ा पहरा
नई दिल्ली और राजधानी पटना में जारी छात्र आंदोलनों के बाद जिले में भी विरोध-प्रदर्शनों की आशंका को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है। समाहरणालय परिसर के अलावा शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कलेक्ट्रेट, सरकारी दफ्तरों, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके साथ ही पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त लगा रही हैं और संदिग्ध वाहनों की सघन जांच की जा रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे।
क्यूआरटी को अत्याधुनिक सुरक्षा व दंगा नियंत्रण उपकरणों से किया लैस
समाहरणालय के मुख्य प्रवेश द्वार और आसपास के इलाकों में मुस्तैद जवानों को टियर गैस लॉन्चर, हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, सुरक्षा शील्ड और अन्य आधुनिक दंगा नियंत्रण उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह से सुरक्षात्मक उपायों के तहत उठाया गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आम जनता की सुरक्षा और सरकारी संपत्तियों की रक्षा करना पहली प्राथमिकता है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर और अफवाहों पर रोक का प्रयास
जमीनी स्तर पर सुरक्षा कड़ी करने के साथ-साथ पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रख रहा है। भ्रामक संदेश साझा करने, अफवाह फैलाने या शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असमाजिक तत्वों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साइबर सेल की टीम लगातार डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की मॉनिटरिंग कर रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी असत्यापित खबर या अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और पुलिस हर संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि क्विक रिस्पांस टीम को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी संवेदनशील स्थलों पर बल मौजूद है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार की छुट्टी या हाफ डे पर फैसला जल्द! CM सम्राट चौधरी के संकेत से बढ़ी उम्मीद
24 Jul, 2026 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के दौरान सरकारी स्कूलों में शनिवार को हाफ डे (आधे दिन की पढ़ाई) की व्यवस्था दोबारा लागू करने का मुद्दा काफी गर्माया। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही ओर से विधान पार्षदों ने इस विषय पर सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा। इस गंभीर बहस का संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकारी विद्यालयों में शनिवार को हाफ डे की व्यवस्था फिर से शुरू करने पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी और अगले एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा।
विधान परिषद में पक्ष और विपक्ष का साझा रुख
सदन की कार्यवाही के दौरान एमएलसी नवल किशोर यादव, संजीव सिंह और जीवन कुमार ने शिक्षा विभाग से सीधे सवाल किया कि क्या सरकारी स्कूलों में पूर्व की भांति शनिवार को आधे दिन की कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था बहाल की जाएगी। सदस्यों ने याद दिलाया कि पूर्व शिक्षा मंत्री ने भी शनिवार को हाफ डे लागू करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
नई शिक्षा नीति और समय-सारणी पर उठे गंभीर सवाल
विधान पार्षदों ने ध्यान दिलाया कि राज्य में नई शिक्षा नीति लागू होने के बावजूद उसके दिशा-निर्देशों का सही तरीके से पालन नहीं हो रहा है। नियमों के अनुसार सोमवार से शुक्रवार के दौरान रोजाना 5 से 5.5 घंटे की पढ़ाई का प्रावधान है, जबकि वर्तमान में स्कूलों में रोजाना लगभग साढ़े छह घंटे तक कक्षाएं चल रही हैं। सदस्यों का कहना था कि विभाग को तय नियमों के तहत ही समय-सारणी निर्धारित करनी चाहिए, जिससे छात्रों और शिक्षकों दोनों पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
मासिक गाइडलाइन और शैक्षणिक शेड्यूल का गणित
सदन में सदस्यों ने तय शैक्षणिक प्रावधानों का हवाला देते हुए बताया कि नियमानुसार महीने के दो शनिवार को केवल दो से ढाई घंटे की पढ़ाई होनी चाहिए, जबकि शेष दो शनिवार को विद्यालय बंद रखने का प्रावधान है। इस प्रकार की संतुलित व्यवस्था से विद्यार्थियों का शारीरिक और मानसिक विकास बेहतर होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस नियम को अविलंब अमल में लाया जाना चाहिए।
प्रशासनिक जवाब और सरकार का अंतिम आश्वासन
प्रारंभ में शिक्षा विभाग की ओर से यह उत्तर आया था कि फिलहाल ऐसी किसी व्यवस्था को लागू करने की तात्कालिक योजना नहीं है, जिससे असंतोष की स्थिति बन गई। हालांकि स्थिति को संभालते हुए सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया और स्पष्ट किया कि एक सप्ताह के भीतर सभी पहलुओं की समीक्षा करके नया निर्णय लिया जाएगा, जिससे छात्रों और शिक्षकों को राहत मिल सके।
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