बिहार-झारखण्ड
सम्राट चौधरी ने गर्मजोशी से किया स्वागत, मजबूत होंगे द्विपक्षीय संबंध
5 May, 2026 12:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया: वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के क्रम में मंगलवार की सुबह बिहार के गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। हवाई अड्डे पर सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी अगवानी की और उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। राष्ट्रपति की सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए हवाई अड्डे से लेकर उनके गंतव्य तक कड़े प्रोटोकॉल और विशेष सुरक्षा घेरे के इंतजाम किए गए थे।
महाबोधि मंदिर में आस्था और श्रद्धा का संगम
हवाई अड्डे से निकलने के बाद राष्ट्रपति तो लाम का काफिला सड़क मार्ग से सीधे विश्व प्रसिद्ध बोधगया पहुंचा, जहां उन्होंने ऐतिहासिक महाबोधि मंदिर के दर्शन किए। भगवान बुद्ध की तपोस्थली पर पहुंचकर उन्होंने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और कुछ समय तक मंदिर परिसर में ध्यान लगाकर शांति का अनुभव किया। वियतनाम के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आए राष्ट्रपति ने इस दौरान बौद्ध परंपराओं के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की और बोधगया के धार्मिक महत्व को वैश्विक शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और प्रशासनिक मुस्तैदी
विदेशी मेहमान के इस महत्वपूर्ण दौरे को देखते हुए गया जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से सतर्क रहीं। हवाई अड्डे से लेकर मंदिर परिसर तक के पूरे मार्ग पर भारी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो सके। राष्ट्रपति के भ्रमण के दौरान मंदिर में आने वाले अन्य श्रद्धालुओं की भी सघन जांच की गई और शहर की सफाई व्यवस्था से लेकर यातायात प्रबंधन तक को विशेष रूप से दुरुस्त किया गया था ताकि विदेशी डेलीगेट को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
भारत और वियतनाम के बीच प्रगाढ़ होंगे सांस्कृतिक संबंध
इस ऐतिहासिक दौरे को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे दोनों देशों के बीच मित्रता का नया अध्याय बताया। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को भारत और वियतनाम के बीच न केवल कूटनीतिक बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्तों को और अधिक मजबूती देने वाला कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उच्चस्तरीय दौरों से बोधगया जैसे वैश्विक पर्यटन केंद्रों की साख बढ़ती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपसी सौहार्द का संदेश जाता है।
लीची के पेड़ों के बीच छिपाकर रखी गई थी शराब की खेप
5 May, 2026 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में अहियापुर थाना क्षेत्र के राघोपुर स्थित एक लीची बागान से विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई है। इस छापेमारी ने इलाके में सक्रिय पिता-पुत्र के एक बड़े शराब सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर तस्करी के काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
लाखों की शराब के साथ तस्करी में प्रयुक्त वाहन जब्त
उत्पाद विभाग की टीम ने जब लीची के बागान में अचानक दबिश दी, तो वहां तस्करी के लिए तैयार खड़ी एक पिकअप वैन और एक कार को अपने कब्जे में लिया। इन दोनों वाहनों में भारी मात्रा में विदेशी शराब लदी हुई थी, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब दस लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। मौके पर मौजूद दो धंधेबाजों को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोच लिया, जिनसे फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
पिता-पुत्र की शातिर जोड़ी का तस्करी नेटवर्क
इस पूरे अवैध कारोबार का संचालन चंदेश्वर राय और उसका पुत्र रौशन कुमार मिलकर कर रहे थे, जिनका नाम इस धंधे के मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में उभरकर सामने आया है। जांच में यह भी पता चला है कि इन दोनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास पुराना है और उनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान अपनी गिरफ्तारी की भनक लगते ही पिता-पुत्र की यह जोड़ी अंधेरे और बागान का फायदा उठाकर भागने में सफल रही, जिनकी तलाश में अब पुलिस की विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
फरार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी
इस कार्रवाई के संबंध में जिला उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी चंदन कुमार और रोहित कुमार से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर फरार पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। विभाग का मुख्य उद्देश्य इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करना है ताकि जिले में अवैध शराब की आपूर्ति पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। प्रशासन ने दावा किया है कि मुख्य अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है और वे बहुत जल्द कानून की गिरफ्त में होंगे।
सड़कें बनीं तालाब, बारिश ने खोली व्यवस्था की पोल
5 May, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर: बिहार के हाजीपुर में सोमवार की शाम हुई मूसलाधार वर्षा ने नगर परिषद के स्वच्छता और ड्रेनेज संबंधी तमाम दावों की कलई खोलकर रख दी है। पहली ही तेज बारिश ने जिला मुख्यालय को पूरी तरह जलमग्न कर दिया, जिससे शहर की रफ्तार थम गई और प्रमुख रास्ते छोटे तालाबों के रूप में नजर आने लगे। इस स्थिति ने न केवल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी भारी मुसीबत पैदा कर दी है।
प्रमुख मार्गों पर जलभराव से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
नगर के हृदय स्थल कहे जाने वाले गांधी चौक, सिनेमा रोड, अस्पताल रोड और डाक-बंगला रोड पर बारिश के बाद घुटनों तक पानी भर गया है जिससे पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सबसे विकट स्थिति अस्पताल रोड पर देखी गई जहां जलजमाव के कारण गंभीर रूप से बीमार मरीजों और उनके परिजनों को चिकित्सा केंद्र तक पहुंचने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। शहर के मुख्य बाजारों में पानी भरने से व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं और लोग घंटों तक कीचड़ व दूषित पानी के बीच फंसे नजर आए।
दशकों से लंबित सीवरेज प्रोजेक्ट ने बढ़ाई शहर की मुश्किलें
हाजीपुर की इस बदहाली के पीछे वर्ष 2010 में स्वीकृत हुआ वह महत्वाकांक्षी सीवरेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट है जो आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। नेशनल गंगा बेसिन ऑथोरिटी द्वारा आवंटित करोड़ों रुपये की लागत वाली यह योजना कई बार समय सीमा बीतने के बाद भी सफल नहीं हो सकी और काम पूरी तरह ठप पड़ गया। वर्तमान में स्थिति यह है कि करोड़ों खर्च होने के बाद भी शहर की जल निकासी व्यवस्था एक पुरानी और नाकाम मशीनरी पर टिकी है, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
प्रशासनिक स्वीकारोक्ति और भविष्य की अधूरी योजनाएं
शहर की मौजूदा अव्यवस्था पर जिला अधिकारी वर्षा सिंह ने स्वीकार किया है कि हाजीपुर में वर्तमान समय में कोई प्रभावी वॉटर ड्रेनेज सिस्टम मौजूद नहीं है। प्रशासन का कहना है कि जल निकासी के लिए नए तंत्र पर कार्य किया जा रहा है और फिलहाल जमा हुए पानी को मशीनों के जरिए बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय निवासियों का मानना है कि जब तक बुनियादी ढांचे को मजबूत नहीं किया जाता और अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हर बारिश शहर के लिए इसी तरह का संकट लेकर आती रहेगी।
गरजते बादलों ने छीनी मासूमों की सांसें, गांव में पसरा मातम
5 May, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सोमवार को कुदरत का कहर उस समय देखने को मिला जब मौसम के अचानक करवट लेने से खुशियों भरे आंगन में मातम छा गया। तेज गर्जना और बारिश के बीच आसमान से बरसी बिजली ने अलग-अलग स्थानों पर चार मासूम जिंदगियों को हमेशा के लिए शांत कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से जहां कई घरों के चिराग बुझ गए, वहीं एक बच्चा जीवन और मौत के बीच अस्पताल में संघर्ष कर रहा है।
खेत में खेलते समय बच्चों पर काल बनकर गिरी बिजली
सुगौली प्रखंड के कैथवलिया गांव में दोपहर के वक्त जब बच्चे घर के पास ही खेतों में खेल रहे थे, तभी अचानक मौसम बदला और तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में आठ वर्षीय अंशू कुमारी और पंद्रह साल के सन्नी देवल कुमार बुरी तरह झुलस गए और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इसी घटना में एक अन्य बालक मंतोष कुमार भी गंभीर रूप से घायल हुआ है जिसका उपचार फिलहाल विशेषज्ञों की देखरेख में किया जा रहा है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
जिले के अन्य हिस्सों में भी हुआ जान-माल का नुकसान
बिजली गिरने की यह त्रासदी केवल एक गांव तक सीमित नहीं रही बल्कि रामगढ़वा और मुफ्फसिल थाना क्षेत्रों से भी हृदयविदारक खबरें सामने आई हैं। इन दोनों क्षेत्रों में भी बारिश के दौरान आसमानी आपदा ने एक-एक बच्चे की जान ले ली जिससे पूरे जिले में भय और दुख का माहौल व्याप्त है। एक ही दिन के भीतर चार मासूमों की मौत ने प्रशासनिक अमले को भी झकझोर कर रख दिया है और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
प्रशासनिक मुस्तैदी और पीड़ित परिवारों में शोक की लहर
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और थाना प्रभारी ने घटनास्थलों का दौरा किया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी भिजवाया। इस समय पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और मृतकों के परिजनों की चीख-पुकार से वातावरण गमगीन हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि आपदा प्रबंधन के तहत पीड़ित परिवारों को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उन्हें इस संकट की घड़ी में कुछ संबल मिल सके।
बंगाल चुनाव परिणाम का असर बिहार में, नेताओं के बयान सामने
4 May, 2026 02:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पश्चिम बंगाल समेत चार राज्यों के चुनावी परिणाम सामने आने के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने इन नतीजों को एक निर्णायक जनादेश करार देते हुए विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया है। बीजेपी ने इसे 'तुष्टिकरण की राजनीति' के खात्मे की शुरुआत बताया है।
'वोट बैंक' की राजनीति का अंत: ऋतुराज सिन्हा
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारतीय राजनीति अब 'वोट बैंक' और 'तुष्टिकरण' के दौर से आगे निकल चुकी है।
ममता सरकार पर निशाना: उन्होंने कहा कि बंगाल की सत्ता में हुआ बदलाव इस बात का प्रमाण है कि जनता अब अल्पसंख्यकों के नाम पर बहुसंख्यक समाज के साथ किए जाने वाले पक्षपातपूर्ण व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी।
जनता का जवाब: सिन्हा के अनुसार, बंगाल की महिलाओं ने अपनी सुरक्षा और युवाओं ने रोजगार व भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ का बदला मतदान के जरिए लिया है।
दक्षिण भारत और सनातन का मुद्दा
ऋतुराज सिन्हा ने केरल और तमिलनाडु का उल्लेख करते हुए विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो दल 'सनातन धर्म' और देश की संस्कृति का अपमान कर अपनी राजनीति चमका रहे थे, जनता ने उन्हें आइना दिखा दिया है। उनके मुताबिक, दक्षिण भारत अब परिवारवाद और दिखावे की धर्मनिरपेक्षता को नकार कर राष्ट्रवाद के पथ पर अग्रसर है।
'इंडी गठबंधन' को करारा जवाब
बीजेपी नेता ने 'इंडी गठबंधन' पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह जनादेश उन ताकतों के लिए तमाचा है जो समाज को जाति और मजहब के आधार पर बांटने का प्रयास करती हैं।
सुशासन की जीत: उन्होंने कहा कि जनता ने विभाजनकारी राजनीति के बजाय सुरक्षित वातावरण और सुशासन को चुना है।
सबका विकास: 'वोट जिहाद' जैसे विषयों का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की राजनीति केवल "सबका साथ, सबका विकास" के मंत्र पर ही टिकी रहेगी।
सम्राट चौधरी का कड़ा संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी पश्चिम बंगाल के परिणामों पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का स्मरण करते हुए कहा, “जहाँ पैदा हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वो बंगाल हमारा है।” उन्होंने बंगाल की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस जीत को ऐतिहासिक बताया और "भारत माता की जय" के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।
परीक्षा ड्यूटी में लापरवाही भारी, 46 शिक्षकों के वेतन पर रोक
4 May, 2026 12:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की कंपार्टमेंटल परीक्षाओं के संचालन में कोताही बरतने वाले शिक्षकों पर गाज गिरी है। शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए 46 शिक्षकों के वेतन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। इसके साथ ही, इन सभी से तीन दिनों के भीतर जवाब तलब (स्पष्टीकरण) किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले के शैक्षणिक हलकों में खलबली मच गई है।
ड्यूटी से गायब रहना पड़ा भारी
इन सभी शिक्षकों को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, केंद्राधीक्षकों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि कई शिक्षक बिना किसी सूचना या अनुमति के ड्यूटी से नदारद रहे।
विभाग का रुख: जिला शिक्षा कार्यालय ने इसे घोर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन माना है। विभाग का कहना है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वेतन रोकने का विवरण
अनुपस्थित रहने की अवधि के आधार पर वेतन रोकने की कार्रवाई दो चरणों में की गई है:
इंटर कंपार्टमेंटल परीक्षा: यहाँ ड्यूटी पर नहीं पहुँचने वाले 27 शिक्षकों का 30 अप्रैल से 11 मई तक का वेतन रोका गया है।
मैट्रिक कंपार्टमेंटल परीक्षा: इस परीक्षा के दौरान अनुपस्थित रहने वाले 19 शिक्षकों का 30 अप्रैल से 6 मई तक का वेतन स्थगित कर दिया गया है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
शिक्षा विभाग ने सभी आरोपित शिक्षकों को तीन दिन का समय दिया है। यदि वे अपनी अनुपस्थिति का कोई ठोस और संतोषजनक कारण नहीं बता पाते हैं, तो उनके विरुद्ध निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:
उनकी सेवा पुस्तिका (Service Book) में इस लापरवाही की प्रविष्टि की जाएगी।
बिहार विद्यालय परीक्षा संचालन अधिनियम-1981 की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कार्रवाई की चपेट में प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के सहायक शिक्षकों से लेकर प्रधानाध्यापक तक शामिल हैं।
पारदर्शिता पर जोर
जिले के शिक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा संबंधी कार्यों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था में पूर्ण अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।
स्वागत समारोह बना विवाद, अनंत सिंह के समर्थकों ने दिखाए हथियार
4 May, 2026 12:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले में कानून की धज्जियां उड़ाने वाला एक मामला प्रकाश में आया है। यहाँ मोकामा विधायक और जदयू नेता अनंत सिंह के स्वागत कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थकों ने सरेआम हथियारों का प्रदर्शन किया। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
हथियारों के साथ जश्न और डांस
यह घटना मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव की बताई जा रही है। विधायक अनंत सिंह यहाँ एक उपनयन संस्कार समारोह में शिरकत करने पहुँचे थे।
बेखौफ प्रदर्शन: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ युवक भोजपुरी गीतों की धुन पर राइफल और अन्य असलहे लहराते हुए नाचते दिख रहे हैं। वीडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि इन युवाओं में कानून का कोई भय नहीं है।
पुष्टि का इंतजार: फिलहाल इस वीडियो की सटीक तारीख और इसकी सत्यता की आधिकारिक तौर पर स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद जिला पुलिस हरकत में आ गई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
हथियारों की जांच: पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वीडियो में दिखने वाले हथियार असली हैं या केवल प्रदर्शन के लिए रखे गए थे।
दोषियों की पहचान: वीडियो के आधार पर प्रदर्शन करने वाले युवकों की शिनाख्त की जा रही है, ताकि उन पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके।
थावे मंदिर में दर्शन
हथियारों के इस विवाद के बीच, विधायक अनंत सिंह रविवार को सुप्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर पहुँचे। उन्होंने वहां माथा टेका और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की।
भारी भीड़: मंदिर में उनके आगमन के दौरान जदयू कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा।
सुरक्षा: मंदिर परिसर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए वहां प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।
छापेमारी से हड़कंप, शहाबुद्दीन परिवार के ठिकानों पर जांच तेज
4 May, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान। बिहार के सीवान जिले में सोमवार की सुबह बड़ी हलचल रही, जब पुलिस प्रशासन की टीमों ने एक साथ दो प्रमुख ठिकानों पर दस्तक दी। रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब के प्रतापपुर और नई किला स्थित निवासों पर भारी पुलिस बल ने सघन छापेमारी की। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे जिले के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।
बड़े अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई
छापेमारी की कमान खुद सारण रेंज के डीआईजी नीलेश कुमार और सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने संभाल रखी थी। पुलिस का लंबा काफिला जब विधायक के पैतृक गांव प्रतापपुर और शहर स्थित आवास पर पहुंचा, तो सुरक्षा के कड़े इंतजामों को देखकर स्थानीय लोग दंग रह गए।
छापेमारी की वजह: दर्ज प्राथमिकी और कोर्ट का वारंट
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई गोपालगंज के मांझागढ़ निवासी डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह द्वारा सीवान के महादेवा थाने में दर्ज कराए गए एक मामले के आधार पर की गई है।
साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई: डीआईजी नीलेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मामले में ठोस सबूत मिलने के बाद न्यायालय से औपचारिक वारंट प्राप्त किया गया। इसके बाद ही पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए घर की तलाशी ली गई।
किले में तब्दील हुए विधायक के आवास
छापेमारी को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा के मद्देनजर विधायक के दोनों आवासों को छावनी में बदल दिया गया था। इस अभियान में सीवान के कई थानों की फोर्स शामिल थी:
सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह और मैरवा एसडीपीओ गौरी कुमारी मौके पर मौजूद रहे।
नगर, मुफ्फसिल, महादेवा और सराय थानों की टीमों ने सुरक्षा घेरा बनाए रखा ताकि जांच में कोई बाधा न आए।
क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
अचानक हुई इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी से प्रतापपुर और नई किला इलाकों में सनसनी फैल गई। काफी देर तक स्थानीय लोग इस भारी पुलिस जमावड़े का कारण जानने को उत्सुक दिखे, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि पुलिस विधायक ओसामा शहाब से जुड़े एक मामले में साक्ष्य जुटाने पहुंची है।
SP की सख्ती: भ्रष्टाचार के आरोप में दो पुलिसकर्मी सस्पेंड
4 May, 2026 09:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस महकमे की छवि को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए एसपी सैयद इमरान मसूद ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इस कड़े फैसले के बाद जिला पुलिस बल में हड़कंप की स्थिति है।
केस 1: अपराधियों से सांठ-गांठ और अनुचित गतिविधियां
पहला मामला कासिम बाजार थाना का है। यहाँ तैनात एएसआई (ASI) अनिकेत कुमार झा पर आरोप था कि वे पुराने अपराधियों और अभियुक्तों के साथ संपर्क बनाए हुए थे। साथ ही, उन पर थाना परिसर के भीतर ही अनुचित तरीके से बाहरी लोगों के साथ बैठकबाजी करने की शिकायत मिली थी।
जांच का नतीजा: एसपी द्वारा कराई गई जांच में ये सभी आरोप पुख्ता पाए गए, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे आचरण से पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
केस 2: सत्यापन के नाम पर अवैध वसूली
दूसरा मामला मुफस्सिल थाना से जुड़ा है। यहाँ तैनात पीटीसी (PTC) अभिषेक कुमार पर आम जनता को परेशान करने का आरोप लगा था।
शिकायत: लोगों ने आरोप लगाया था कि चरित्र सत्यापन (Character Verification) के लिए अभिषेक कुमार अवैध रूप से रुपयों की मांग करते थे। जो लोग पैसे नहीं देते थे, उनके आवेदन जानबूझकर अटका दिए जाते थे।
कार्रवाई: मुफस्सिल इंस्पेक्टर की जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद एसपी ने उन्हें सस्पेंशन का आदेश सुना दिया।
पुलिस कप्तान का कड़ा रुख
एसपी सैयद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे महकमे को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि:
अपराधियों से नजदीकी बढ़ाना या थाने में बैठकबाजी करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जनता के काम के बदले रिश्वत लेना एक गंभीर अपराध है और इसमें लिप्त किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है।
सेतु ढहने से यातायात प्रभावित, भागलपुर पहुंचना हुआ मुश्किल
4 May, 2026 08:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। बिहार के भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाला विक्रमशिला सेतु क्षतिग्रस्त होकर गंगा नदी में समा गया है, जिससे क्षेत्र का यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। पिछली सदी में जहाँ लोग नावों के सहारे गंगा पार करते थे, राबड़ी देवी सरकार द्वारा बनवाए गए इस पुल ने उस संकट को दूर किया था, लेकिन अब इस पुल के टूटने से भागलपुर, बांका और झारखंड जाने वाले यात्रियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मुंगेर मार्ग: एकमात्र विकल्प पर भारी दबाव
फिलहाल सड़क मार्ग से भागलपुर या बांका जाने के लिए मुंगेर होकर जाना ही एकमात्र रास्ता बचा है। हालांकि, मुंगेर मार्ग पर पहले से ही गाड़ियों का भारी दबाव रहता है और अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है।
वैकल्पिक सड़क मार्ग:
पटना-लखीसराय रूट: पटना से आने वाले यात्री बड़हिया और लखीसराय होते हुए मुंगेर पहुंच सकते हैं और वहां से भागलपुर की ओर बढ़ सकते हैं।
बेगूसराय-खगड़िया रूट: बेगूसराय की ओर से आने वाले लोग खगड़िया से पहले मल्हीपुर के पास बने पुल का उपयोग कर गंगा पार कर सकते हैं। यह रास्ता भी आगे जाकर मुंगेर वाले मुख्य मार्ग में मिल जाता है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
यात्रा टालें: पुल टूटने और वैकल्पिक रास्तों पर भारी जाम की संभावना को देखते हुए, यदि बहुत जरूरी न हो तो सड़क मार्ग से यात्रा करने से बचें।
रेलवे का उपयोग: सड़क मार्ग की अनिश्चितता को देखते हुए ट्रेन से यात्रा करना इस समय सबसे सुरक्षित और समय बचाने वाला विकल्प साबित हो सकता है।
अतिरिक्त समय लेकर चलें: यदि मुंगेर मार्ग से जाना अनिवार्य है, तो जाम की स्थिति को देखते हुए सामान्य से काफी अधिक समय लेकर घर से निकलें।
बिहार में ऑर्केस्ट्रा पर पुलिस का शिकंजा: 21 नाबालिग रेस्क्यू, मानव तस्कर एजेंट गिरफ्तार
3 May, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार पुलिस ने पूरे राज्य में ऑर्केस्ट्रा पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है, जो अब तक देह व्यापार का अड्डा बने हुए थे। पुलिस मुख्यालय के आदेश के बाद, इन ऑर्केस्ट्रा को रेड लाइट एरिया की तर्ज पर स्कैन किया जा रहा है ताकि इसमें चल रहे अवैध धंधों का पर्दाफाश हो सके।
सीवान में 450 से अधिक ऑर्केस्ट्रा की जांच के दौरान अब तक 21 नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है, इन लड़कियों से जबरन जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। इसी कड़ी में, सारण पुलिस ने एक ऑर्केस्ट्रा से एक बांग्लादेशी लड़की को भी बरामद किया। किशनगंज में भी छापेमारी कर पुलिस ने 5 पुरुषों और 3 महिलाओं को गिरफ्तार किया है। सीवान पुलिस इन अवैध ऑर्केस्ट्रा को पूरी तरह बंद कराने की तैयारी में जुट गई है। पुलिस ने लड़कियों की खरीद-फरोख्त करने वाली मुख्य एजेंट गुड़िया को सीवान से गिरफ्तार किया है। उस पर नेपाल, बंगाल और देश के अन्य हिस्सों से लड़कियों की तस्करी करने का गंभीर आरोप है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि अगले 15 दिनों के भीतर ऑर्केस्ट्रा पर और भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे इस धंधे में फंसी और भी कई लड़कियों को मुक्त कराया जा सकेगा।
नीतीश कुमार ने छोड़ा सीएम आवास, 7 सर्कुलर रोड बना नया पता
3 May, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित सीएम हाउस को खाली कर दिया है। अब वह अपने नए पते 7 सर्कुलर रोड पर शिफ्ट हो गए हैं। उनके बेटे निशांत कुमार भी इसी नए आवास में उनके साथ रहने वाले है। शनिवार को ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनसे मिलने 7 सर्कुलर रोड पहुंचे, जहां उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी पहले से मौजूद थे। इन तीनों के बीच करीब बीस मिनट तक मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई। इससे पहले, सुबह नीतीश कुमार उप मुख्यमंत्री विजेंद्र यादव के आवास पर गए और करीब दस मिनट तक वहां रुके।
शुक्रवार को बुद्ध पूर्णिमा के शुभ मौके पर नीतीश कुमार ने अपने इस नए बंगले में विधिवत पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान निशांत कुमार भी मौजूद रहे और पूजा के लिए विशेष रूप से बौद्ध भिक्षुओं को आमंत्रित किया गया था। पूजा के बाद वह वापस 1 अणे मार्ग लौट गए थे, लेकिन शनिवार सुबह तक उनके सामान को नए आवास में स्थानांतरित करने का काम जारी रहा। इस बंगले को फूलों से सजाया गया है और सुरक्षा के मद्देनजर यहां पहले ही जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा तैनात कर दी गई है।
बीते बीस सालों में यह दूसरी बार है जब नीतीश ने सीएम हाउस छोड़कर 7 सर्कुलर रोड वाले बंगले में कदम रखा है। इसके पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था और जीतनराम मांझी को मुख्यमंत्री बनाया था, तब वे करीब आठ महीने बंगले में रहे थे। 7 सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला नीतीश ने अपनी विशेष देखरेख में तैयार करवाया है। यह आधुनिक तकनीक से निर्मित है और बड़े भूकंप के झटकों को सहने में सक्षम है। बंगले के लॉन को खास लुक देने के लिए कोलकाता से मंगवाकर घास लगाई गई है। यह आवास पहले मुख्यमंत्री के कार्यालय के रूप में उपयोग किया जा रहा था। इस नए आवास में शिफ्ट होने के साथ ही नीतीश और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एक-दूसरे के पड़ोसी बन गए हैं। राबड़ी आवास यहां से बस दो घर बाद है, दोनों बंगलों के बीच करीब 200 मीटर की दूरी है और दोनों सर्कुलर रोड के दक्षिण तरफ स्थित हैं।
‘‘ट्रिपल सी’’ के प्रति एनडीए सरकार की जीरो टाॅलरेंस नीति, अल्पसंख्यक समाज विपक्ष के भ्रम का शिकार नहीं होगा- विजय कुमार चौधरी
3 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जद (यू) प्रदेश कार्यालय, पटना में प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की उपस्थिति में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी के नेतृत्व में कार्य कर रही वर्तमान एनडीए सरकार, नीतीश कुमार द्वारा स्थापित विकास, सुशासन और सद्भाव के मार्ग पर ही आगे बढ़ रही है। सरकार की ‘‘थ्री सी’’ (क्राइम, करप्शन एवं कम्युनलिज्म) के प्रति जीरो टाॅलरेंस की नीति है, जिसमें किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। साथ ही, साम्प्रदायिकता के विरुद्ध पूर्व से लागू सख्त नीति को आगे भी पूरी ढृढ़ता के साथ जारी रखा जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक समाज से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने उनके उत्थान के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए हैं। विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ समाज के लोगों को मिला है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पूर्व अल्पसंख्यक समाज का केवल भावनात्मक शोषण कर राजनीतिक लाभ उठाया जाता था, जबकि उनके वास्तविक विकास की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में अल्पसंख्यक समाज के कल्याण हेतु जो कार्य हुए हैं, वे आज जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया गया है, बच्चों के पोषण एवं छात्रों को छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा लगातार भ्रामक प्रचार कर भय का वातावरण बनाया जाता रहा है। नागरिकता संशोधन अधिनियम (ब्।।) को लेकर यह भ्रम फैलाया गया कि नागरिकता छिन जाएगी, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसी प्रकार वक्फ संपत्तियों को लेकर भी निराधार बातें कही गईं, जो पूर्णतः असत्य सिद्ध हुईं। उन्होंने कहा कि विपक्ष स्पष्ट करे कि सीएए के तहत कितने लोगों की नागरिकता प्रभावित हुई तथा एसआईआर में कितने पात्र व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि अब अल्पसंख्यक समाज जागरूक हो चुका है और सत्य को पहचान रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नीतीश कुमार के शासनकाल में सभी समुदाय सुरक्षित रहे हैं और उनका सर्वांगीण विकास हुआ है, उसी प्रकार वर्तमान सरकार में भी उनकी सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित रहेगा। अंत में उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रकार की राजनीतिक कुटिलता में निपुण है, जहाँ वह असली मददगार को गुनाहगार और असली गुनाहगार को मददगार के रूप में प्रस्तुत करता है। किन्तु अल्पसंख्यक समाज अब यह समझ चुका है कि उसका वास्तविक हितैषी कौन है और कौन केवल भ्रम फैलाने का कार्य करता रहा है। इस मौके पर विधान पार्षद ललन कुमार सर्राफ, विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी, राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद, पूर्व सांसद जनाब सबीर अली, जनाब मेजर हैदर इकबाल, जनाब अशरफ अंसारी, जनाब इरशाद अली आजाद, जनाब अफजल अंसारी, जनाब इरशादउल्लाह एवं प्रो0 नवीन आर्य चंद्रवंशी उपस्थित रहे।
डीडीयू जंक्शन यार्ड में स्थायी गति प्रतिबंधों में संशोधन, बढ़ाई गई परिचालन गति
3 May, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल के पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन यार्ड में ट्रेनों के संचालन को अधिक तेज एवं सुचारु बनाने के उद्देश्य से स्थायी गति प्रतिबंधों (पीएसआर) में संशोधन किया गया है। 30 अप्रैल 2026 से लागू इस संशोधन के तहत यार्ड के विभिन्न सेक्शनों में पूर्व निर्धारित 10 किमी/घंटा की गति को बढ़ाकर 15 किमी/घंटा एवं चयनित लाइनों पर 30 किमी/घंटा किया गया है।
संशोधित गति निम्नानुसार लागू की गई है—
लाइन संख्या 11 से अप प्रयागराज लाइन तक: 10 से 30 किमी/घंटा
डाउन प्रयागराज लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 1 तक: 10 से 15 किमी/घंटा
डाउन लखनऊ लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 2 तक: 10 से 15 किमी/घंटा
अप रिलीफ लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 3 तक : 10 से 30 किमी/घंटा
अप मेन लाइन से प्लेटफॉर्म संख्या 3 तक : 10 से 15 किमी/घंटा
प्लेटफॉर्म संख्या 1 से डाउन रिलीफ लाइन तक : 10 से 15 किमी/घंटा
प्लेटफॉर्म संख्या 2 से डाउन मेन लाइन तक : 10 से 15 किमी/घंटा
पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि इन संशोधनों के अनुरूप यार्ड में सभी चिन्हित स्थानों पर गति संकेतक (स्पीड बोर्ड) संशोधित कर दिए गए हैं। संबंधित कर्मचारियों, विशेषकर लोको पायलट एवं ट्रेन मैनेजर को शेड नोटिस एवं काउंसलिंग के माध्यम से इन परिवर्तनों की जानकारी दी गई है तथा संशोधित गति को काशन ऑर्डर में भी सम्मिलित किया गया है। साथ ही, अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु नियमित फुटप्लेट निरीक्षण किया जा रहा है तथा आगामी दिनों में क्रू की सतत काउंसलिंग एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। इस पहल से यार्ड में ट्रेनों का आवागमन तेज होगा तथा समयपालन में सुधार होगा। इसके अतिरिक्त, यार्ड की क्षमता एवं परिचालन दक्षता में वृद्धि के साथ-साथ सुरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में भी यह कदम सहायक सिद्ध होगा।
NH पर टला बड़ा हादसा, अप्सरा मिश्रा सुरक्षित
2 May, 2026 01:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा की कार दुर्घटनाग्रस्त: हाजीपुर हाईवे पर हुआ हादसा, गार्ड सहित कई घायल
हाजीपुर। बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा शुक्रवार शाम एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गईं। यह दुर्घटना हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत दिग्गी के पास एनएच पर हुई। घटना के वक्त वे मुजफ्फरपुर से पटना की ओर लौट रही थीं।
कैसे हुआ हादसा?
अध्यक्ष के पति डॉ. रणधीर, जो स्वयं गाड़ी में मौजूद थे, ने घटना की जानकारी देते हुए बताया:
अचानक सामने आई बाइक: उनके काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी के आगे एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल सवार चल रहा था। अचानक वह बाइक सवार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया और सड़क पर गिर गया।
गाड़ियों की भिड़ंत: बाइक सवार को बचाने के प्रयास में और गाड़ियों की गति तेज होने के कारण, पीछे चल रही अध्यक्ष की कार सीधे एस्कॉर्ट वाहन से टकरा गई।
सफलतापूर्वक केस सुलझाकर लौट रही थीं: अप्सरा मिश्रा बेगूसराय में एक मामले की सुनवाई के बाद पीड़िता के पति को साथ लेकर मुजफ्फरपुर स्थित उसके मायके सुलह कराने गई थीं। वहां से लौटते समय शाम करीब 7:30 बजे यह हादसा हुआ।
घायलों की स्थिति
हादसे के समय कार में कुल चार लोग सवार थे।
अप्सरा मिश्रा: उनके कंधे और बाजू में चोट आई है।
सुरक्षाकर्मी (गार्ड): सुरक्षाकर्मी की छाती में चोट लगी है, जिसका इलाज किया जा रहा है।
बाइक सवार: घायल मोटरसाइकिल सवार को भी स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच के बाद काफिले की अन्य गाड़ियों की मदद से अध्यक्ष को पटना भेजा गया, जहां उनका उपचार किया गया। सदर थाना पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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