बिहार-झारखण्ड
झारखंड में छापेमारी से हड़कंप, NIA ने बरामद किए 1662 डेटोनेटर
24 Jul, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने झारखंड के कोडरमा जिले में अवैध रूप से विस्फोटकों के भंडारण और उनके अवैध परिवहन से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीमों ने गुरुवार को दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा। इस दौरान एजेंसी द्वारा कुल चार संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई, जहां से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बड़ी रकम बरामद की गई है।
छापेमारी में भारी मात्रा में डेटोनेटर और नकदी बरामद
एनआईए द्वारा की गई इस मुस्तैद कार्रवाई के दौरान चार अलग-अलग स्थानों से 1,662 नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा मौके से पांच डिजिटल डिवाइस और 16 लाख रुपये की भारी भरकम नकदी भी बरामद की गई है। एजेंसी जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच करवा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की गहराई का पता लगाया जा सके।
विस्फोटकों के अवैध कारोबार में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार
मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान महेश मेहता और शंकर यादव के रूप में हुई है। जांच एजेंसी के मुताबिक, दोनों आरोपी कोडरमा और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रूप से घातक विस्फोटकों को एकत्र करने तथा उन्हें अन्य आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने के लिए रची गई साजिश में मुख्य भूमिका निभा रहे थे।
अवैध नेटवर्क की कड़ियां तलाशने में जुटी जांच एजेंसी
एनआईए की इस कार्रवाई से अवैध विस्फोटक कारोबारियों और संदिग्ध नेटवर्कों के बीच हड़कंप मच गया है। एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नॉन-इलेक्ट्रिक डेटोनेटर कहां से लाए गए थे और इनका इस्तेमाल किस बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए किया जाना था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
दोनों आरोपियों को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। एनआईए के अधिकारियों का मानना है कि महेश मेहता और शंकर यादव से पूछताछ के दौरान इस अवैध नेटवर्क से जुड़े कई अन्य लोगों के नामों का पर्दाफाश हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं।
पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का आक्रोश, जहानाबाद में जमकर हंगामा
24 Jul, 2026 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद: नीट पेपर लीक मामले और अभ्यर्थियों के समर्थन में चल रहा विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को जहानाबाद में अचानक बेकाबू हो गया। देखते ही देखते इस प्रदर्शन ने बेहद हिंसक रूप ले लिया, जब उपद्रवियों और प्रदर्शनकारियों के एक दल ने सीधे जिला अधिकारी (DM) निवास का रुख कर दिया। परिसर के पास पहुंचते ही भीड़ ने अंधाधुंध पथराव और भारी तोड़फोड़ शुरू कर दी, जिससे स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई और बिगड़ते हालात को संभालने के लिए पुलिस बल को हवाई फायरिंग का सहारा लेना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के बाद पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है और प्रशासन मुस्तैदी से हर गतिविधि पर निगरानी रख रहा है।
शांतिपूर्ण मार्च से शुरू होकर हिंसक झड़प में तब्दील हुआ आंदोलन
विभिन्न छात्र संगठनों के आह्वान पर निकाला गया यह प्रतिवाद मार्च शुरुआत में काफी शांत और अनुशासित था। प्रदर्शन में शामिल युवा NEET धांधली की निष्पक्ष जांच और प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। हालांकि, जैसे ही युवाओं का यह विशाल जुलूस जिला अधिकारी (DM) आवास के मुहाने पर पहुंचा, माहौल अचानक गरमा गया और भीड़ में शामिल कुछ शरारती तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई।
डीएम आवास के बाहर जबरदस्त तोड़फोड़ और पुलिस पर पथराव
उपद्रवियों ने जिला अधिकारी निवास के बाहर लगी आधिकारिक नेम प्लेट को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और परिसर को निशाना बनाया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने शुरुआती दौर में भीड़ को खदेड़ने और काबू में करने का प्रयास किया, लेकिन उपद्रवियों की ओर से लगातार जारी पथराव के कारण सुरक्षा मानकों के तहत पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इस हिंसक झड़प में कुछ पुलिस जवानों के घायल होने की खबर सामने आई है।
छावनी में तब्दील हुआ पूरा जहानाबाद शहर
घटना के तुरंत बाद हरकत में आए जिला प्रशासन ने शहर के सभी संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और सरकारी इमारतों के आसपास भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। आला अधिकारी स्वयं जमीनी स्तर पर गश्त कर स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी या दोबारा हिंसा को फैलने से रोका जा सके।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि तोड़फोड़ और हिंसा में शामिल एक-एक दोषी की शिनाख्त के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बलवा करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए चेतावनी दी है कि लोकतांत्रिक अधिकार की आड़ में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून-व्यवस्था हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।
पटना में सुबह से बरस रहे बादल, जानिए किस जिले में होगी सबसे ज्यादा बारिश
24 Jul, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में मानसून पूरी तरह मेहरबान है और राज्य के अधिकांश इलाकों में बादलों ने अपना ढेरा जमा लिया है। राजधानी पटना सहित आसपास के जिलों में गुरुवार आधी रात से ही बारिश का दौर जारी है, जो शुक्रवार को भी रुक-रुक कर चलता रहा। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। उत्तर और मध्य बिहार में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है।
अचानक बदलेगा मौसम, इन जिलों में तात्कालिक चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले एक से तीन घंटों के भीतर अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, पटना, भोजपुर और सारण जिलों के कई प्रखंडों के लिए तात्कालिक अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन ने खराब मौसम के दौरान लोगों से घरों में रहने और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
उत्तर बिहार के जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान
उत्तर बिहार के विशाल हिस्से में मानसून की गतिविधियां बेहद मजबूत बनी हुई हैं। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज समेत लगभग सभी जिलों में बादलों की आवाजाही और गरज-चमक बनी रहेगी। मौसम विभाग ने इन तमाम जिलों को यलो वॉच श्रेणी में रखते हुए लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
दक्षिण बिहार में भी जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
दक्षिण बिहार के जिलों में भी बादलों का प्रभाव लगातार देखा जा रहा है। पटना, बक्सर, रोहतास, कैमूर, गया, नवादा, नालंदा, लखीसराय, शेखपुरा, जमुई, मुंगेर, भागलपुर और बांका जिलों में दिन भर हल्की से मध्यम वर्षा होने का पूर्वानुमान है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का यह दौर जारी रहने की पूरी उम्मीद है।
बीते 24 घंटों में बदला तापमान और बढ़ा बारिश का ग्राफ
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है। इस अवधि में बैसा में 62.8 मिमी, मुरलीगंज में 56.2 मिमी, कृत्यानंद नगर में 52.2 मिमी और बहादुरगंज में 50.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मधुबनी जिले में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलीं। राज्य में सबसे अधिक तापमान कैमूर में 35.5 डिग्री सेल्सियस और सबसे कम न्यूनतम तापमान वैशाली में 24.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल, बिहार में खुलेगा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान
23 Jul, 2026 04:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:बिहार की राजधानी पटना के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाओं के लिए समर्पित राज्य के पहले राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (NSTI-W) के स्थायी परिसर का गुरुवार को भव्य शिलान्यास किया गया। इस ऐतिहासिक परियोजना का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित एक विशेष वर्चुअल समारोह में संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी और बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और बटन दबाकर परियोजना की आधारशिला रखी।
चार एकड़ में आकार लेगा अत्याधुनिक स्थायी परिसर, 500 महिलाओं को मिलेगा एक साथ प्रशिक्षण
यह महत्वाकांक्षी संस्थान बिहार में महिलाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। योजना के प्रथम चरण के तहत लगभग चार एकड़ के विशाल भूखंड पर सर्वसुविधायुक्त और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस भवन का निर्माण किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अगले दो वर्षों की समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। संस्थान की क्षमता इस प्रकार विकसित की जा रही है कि एक ही समय में लगभग 500 महिला अभ्यर्थी उन्नत तकनीकी और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकेंगी।
صन औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप मिलेंगे 19 व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम
संस्थान के सुचारू रूप से क्रियाशील होने के बाद छात्राओं को 19 विभिन्न प्रकार के ट्रेडों में उच्चस्तरीय व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इन सभी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को वर्तमान दौर के उद्योगों और बाजार की व्यावहारिक मांगों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे न केवल प्रशिक्षित महिलाओं को नामी कंपनियों में सम्मानजनक नौकरियां हासिल करने में सुगमता होगी, बल्कि वे अपने खुद के स्टार्टअप और स्वरोजगार स्थापित करने के लिए भी पूरी तरह से सक्षम हो सकेंगी।
एक ही छत के नीचे संचालित होंगी केंद्र व राज्य की योजनाएं, पलायन पर लगेगी रोक
इस बहुउद्देशीय संस्थान के स्थापित होने से केंद्र और बिहार सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कौशल विकास और रोजगारोन्मुख योजनाओं को एक ही मंच पर एकीकृत किया जा सकेगा। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि अब बिहार की बेटियों को उन्नत और आधुनिक प्रशिक्षण पाने के लिए अन्य राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। उन्हें अपने ही प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्राप्त होंगी, और संस्थान प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत रोजगार के अवसर मुहैया कराने में भी मुख्य भूमिका निभाएगा।
परिस्थितियों के चलते बदला गया कार्यक्रम का स्वरूप, क्षेत्र में खुशी की लहर
पूर्व में इस शिलान्यास कार्यक्रम को बिहटा के सिकंदरपुर स्थित परिसर में प्रत्यक्ष रूप से आयोजित करने की योजना थी, परंतु पटना में अचानक उत्पन्न हुई कुछ प्रशासनिक और स्थानीय परिस्थितियों के कारण कार्यक्रम को वर्चुअल मोड में परिवर्तित कर दिया गया। इस दौरान केंद्र व राज्य के शीर्ष अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने ऑनलाइन सहभागिता की। स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस संस्थान के बनने से पटना सहित आसपास के तमाम जिलों की हजारों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और पूरे क्षेत्र का आर्थिक-सामाजिक विकास तेजी से होगा।
रांची में BJP कार्यालय घेराव पर बवाल, JPSC मुद्दे को लेकर भिड़े कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ता
23 Jul, 2026 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) पेपर लीक मामले और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) भर्ती में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है। बीते बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की युवा और छात्र इकाई द्वारा प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के समक्ष किए गए उग्र प्रदर्शन के जवाब में, गुरुवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस जवाबी कार्रवाई के दौरान दोनों राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए, जिससे भाजपा मुख्यालय के बाहर अत्यधिक तनावपूर्ण और अनियंत्रित स्थिति उत्पन्न हो गई।
कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान भड़का आक्रोश, दोनों पक्षों से हुई पत्थरबाजी और नारेबाजी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए गए इस घेराव कार्यक्रम के दौरान स्थिति उस समय अचानक बिगड़ गई जब दोनों ओर के प्रदर्शनकारी आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते दोनों राजनीतिक गुटों की ओर से एक-दूसरे पर टमाटर, अंडे और पथराव शुरू कर दिया गया। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ उग्र नारेबाजी की और गंभीर आरोप लगाए। अचानक हुए इस पथराव और धक्का-मुक्की से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे आसपास की दुकानें और व्यावसायिक गतिविधियां कुछ समय के लिए ठप पड़ गईं।
बीते दिन भाजपा ने किया था कांग्रेस मुख्यालय का घेराव, नीट और भर्ती धांधली पर घेरा था
उल्लेखनीय है कि इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार को हुई थी, जब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्य में जेपीएससी परीक्षा में हुई कथित धांधली और देश भर में चर्चित नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया था। भाजपा नेताओं का आरोप था कि राज्य और केंद्र स्तर पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसी विरोध प्रदर्शन का कड़ा जवाब देने की रणनीति के तहत कांग्रेस पार्टी ने अगले ही दिन भाजपा कार्यालय के समक्ष विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया।
प्रशासनिक अमला पूरी तरह मुस्तैद, वाटर कैनन और भारी पुलिस बल की तैनाती
दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव और संभावित टकराव को भांपते हुए जिला प्रशासन और रांची पुलिस ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए थे। भाजपा कार्यालय के चारों तरफ मजबूत लोहे की बैरिकेडिंग की गई थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल, रैपिड एक्शन फोर्स, वाटर कैनन (जल तोप) तथा दमकल की गाड़ियां मौके पर तैनात की गई थीं। सुरक्षा बलों ने अत्यंत सूझबूझ और मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को आमने-सामने आने और बड़ा रूप लेने से रोका।
युवाओं के मुद्दों पर श्रेय लेने की राजनीति तेज, आने वाले दिनों में और बढ़ेगा घमासान
नीट परीक्षा धांधली और राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता के मुद्दे पर अब झारखंड की राजनीति में श्रेय लेने और एक-दूसरे को घेरने का दौर शुरू हो गया है। जहां विपक्षी दल भाजपा राज्य सरकार पर नियुक्तियों में पारदर्शिता न बरतने का आरोप लगा रही है, वहीं सत्तारूढ़ दल कांग्रेस केंद्र सरकार की जांच एजेंसियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की विफलताओं को उजागर करने का दावा कर रही है। दोनों ही दलों के आक्रामक रुख को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आगामी दिनों में राज्य में यह राजनीतिक गतिरोध और अधिक तूल पकड़ सकता है।
झारखंड की नई पहल: खदानों के जल से बनेगा साफ पेयजल, प्लांट संचालन की जिम्मेदारी महिलाओं को
23 Jul, 2026 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची:झारखंड के कोयला अंचलों में जल संरक्षण और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) के पिपरवार क्षेत्र और धनबाद स्थित बीसीसीएल के पुटकी बलिहारी में नवनिर्मित 'कोल नीर' संयंत्रों का भव्य शुभारंभ किया गया। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने नई दिल्ली से ऑनलाइन माध्यम के जरिए इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का विधिवत उद्घाटन किया। इस पहल से खदानों से निकलने वाले अनुपयोगी पानी को शुद्ध करके आम जनता तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
प्रधानमंत्री की 'हर घर जल' अवधारणा को मिलेगी नई मजबूती
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि 'कोल नीर' परियोजना केवल एक पेयजल संयंत्र नहीं है, बल्कि यह नवाचार और 'वेस्ट टू वेल्थ' की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कवायद देश के प्रधानमंत्री की 'हर घर जल' की दूरदर्शी अवधारणा और संकल्प को धरातल पर साकार करने का एक अत्यंत सशक्त और व्यावहारिक उदाहरण प्रस्तुत करती है।
खदानों के पानी से जनसेवा और आजीविका के नए साधनों का होगा निर्माण
खदानों से भारी मात्रा में निकलने वाले पानी के वैज्ञानिक प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने बताया कि अब तक जो जल व्यर्थ माना जाता था, उसका प्रभावी और सुरक्षित उपयोग किया जा रहा है। इस शोधित जल का उपयोग न केवल जनसामान्य को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में होगा, बल्कि इसे जनकल्याण, क्षेत्र के समग्र विकास और स्थानीय आबादी के लिए आजीविका के नए साधन विकसित करने के एक मुख्य माध्यम के रूप में भी स्थापित किया जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ खदान बंदी की समग्र इकोसिस्टम व्यवस्था
सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों में खदानों को बंद करने की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए एक समग्र और सुदृढ़ इकोसिस्टम तैयार किया गया है। वैज्ञानिक और तकनीकी मानकों के अनुसार संचालित की जाने वाली माइन क्लोजर गतिविधियां न केवल पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में मददगार साबित होंगी, बल्कि इनमें स्थानीय समुदायों की सक्रिय सहभागिता को भी पहले से कहीं अधिक मजबूती मिलेगी।
पुनर्वासित क्षेत्रों में विकसित होंगे इको पार्क और सामुदायिक परियोजनाएं
संबोधन के अंतिम चरण में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि खनन कार्य समाप्त होने के बाद पुनर्वासित किए गए क्षेत्रों का कायाकल्प किया जा रहा है। इन भू-भागों पर केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि मनोरम इको पार्क, पर्यटन स्थल और अन्य पर्यावरण-अनुकूल सामुदायिक परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। यह पूरी पहल खदान बंद होने के बावजूद क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को समृद्ध बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगी।
बिहार में BJP का कांग्रेस पर बड़ा हमला, विरोध-प्रदर्शन कर मांगी सख्त कार्रवाई
23 Jul, 2026 09:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा स्थित ऐतिहासिक लहेरियासराय टावर चौक पर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पटना में हुई राजनीतिक हिंसा के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी उर्फ मन्ना के नेतृत्व में एकजुट हुए पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चौराहे पर जमकर नारेबाजी की और कांग्रेस पार्टी की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल देश और राज्य में अराजकता का माहौल पैदा करने के लिए सुनियोजित तरीके से हिंसक हथकंडे अपना रहे हैं।
कांग्रेस पर हिंसक हथकंडे और 'पाकिस्तानी मॉडल' अपनाने का गंभीर आरोप
विरोध सभा को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण चौधरी ने तीखा हमला बोला और कहा कि पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं पर पथराव किया। उन्होंने इस पूरी घटना की तुलना 'पाकिस्तानी मॉडल' से करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है और विरोधी दल अपनी जमीन खिसकती देख इस तरह की शर्मनाक करतूतों पर उतर आए हैं। जिलाध्यक्ष ने प्रशासन से मांग की कि पथराव करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पटना और दिल्ली में सुनियोजित तरीके से उपद्रव मचाने का दावा
प्रदर्शनकारी भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पटना से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक विपक्षी दल एक सोची-समझी साजिश के तहत हंगामा खड़ा कर रहे हैं। नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान चुन-चुनकर भाजपा कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक कार्यकर्ता गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं और फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। भाजपा का कहना है कि विरोध दर्ज कराने का यह तरीका लोकतांत्रिक मूल्यों का सरासर हनन है।
राहुल गांधी के विरोध-प्रदर्शन और विपक्ष की नीति पर तीखा प्रहार
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य शीर्ष नेताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनहित के वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए केवल भ्रम और अस्थिरता फैला रहे हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि संविधान ने सभी को विरोध का अधिकार दिया है, लेकिन हिंसा और पथराव को कभी भी विरोध दर्ज कराने का जरिया नहीं बनाया जा सकता।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ प्रदर्शन
शहर में संभावित राजनीतिक तनाव और उपद्रव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने पहले से ही रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी और सतर्कता के कारण भाजपा का यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। लहेरियासराय चौक समेत आसपास के क्षेत्रों में स्थिति सामान्य रही और पुलिस बल मुस्तैदी से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेता रहा।
किसके इशारे पर हुई पत्थरबाजी? मैसेज और साजिश की कड़ियां जोड़ रही पटना पुलिस
23 Jul, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी दिल्ली में भड़की विरोध की चिंगारी ने 22 जुलाई को बिहार की राजधानी पटना को भी अपनी चपेट में ले लिया। वामपंथी छात्र संगठन आइसा के बैनर तले गांधी मैदान के गेट नंबर दस से शुरू हुआ यह प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र हो गया। शुरुआती दौर में करीब दो सौ की संख्या में निकले युवा जेपी गोलंबर पहुंचते-पहुंचते पांच सौ से अधिक हो गए। जब पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उपद्रवियों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया, जिसमें कई पत्रकार और पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद करीब दस हजार प्रदर्शनकारी पुलिस को छकाते हुए डाकबंगला चौराहे पर जमा हो गए और भीषण उपद्रव मचाया।
उग्र भीड़ ने तोड़ी बैरिकेडिंग और भाजपा दफ्तर समेत मंत्री आवास पर किया हमला
डाकबंगला चौराहे पर भीड़ बेकाबू हो गई और पुलिसकर्मियों पर अंधाधुंध पथराव करने लगी, जिससे कई जवानों के सिर फट गए। उपद्रवी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आयकर गोलंबर के रास्ते सीधे भाजपा प्रदेश कार्यालय जा पहुंचे और वहां तोड़फोड़ की। हद तो तब हो गई जब उपद्रवियों का एक गुट राजभवन की ओर बढ़ते हुए केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव के सरकारी आवास में घुस गया। वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और परिसर में खड़ी गाड़ियों के शीशे चकनाचूर कर दिए गए। स्थिति बिगड़ते देख बीएसएफ, सीआईएसएफ और पुलिस बल ने आंसू गैस के गोले छोड़े तथा कड़ी मशक्कत के बाद शाम तक हालात पर काबू पाया।
साजिश के तहत माहौल बिगाड़ने का आरोप और धार्मिक नारों पर उठे सवाल
घटना के बाद केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई सामान्य छात्र आंदोलन नहीं था। उपद्रवियों में अधेड़ उम्र के लोग भी शामिल थे, जिससे साफ जाहिर होता है कि यह एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि बाहर से आए लोगों द्वारा उकसावे वाले और धार्मिक नारे भी लगाए जा रहे थे। मंत्री ने मांग की है कि इस पूरे षड्यंत्र की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि भविष्य में बिहार की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।
500 अज्ञात उपद्रवियों पर केस दर्ज, बाहरी पत्थरों के इस्तेमाल से गहराया शक
मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस प्रशासन ने 500 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और लगभग 50 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पथराव में इस्तेमाल किए गए पत्थर स्थानीय क्षेत्र के नहीं हैं, बल्कि उन्हें विशेष रूप से बाहर से मंगवाया गया था। इसके साथ ही 21 जुलाई की रात दिल्ली से निर्देश मिलने और हिंसा के लिए फंडिंग किए जाने के इनपुट भी मिले हैं, जिसकी गहनता से छानबीन की जा रही है।
सोशल मीडिया की निगरानी तेज और शहर में केंद्रीय बलों की तैनाती
सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए पूरे बिहार में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और पटना के संवेदनशील इलाकों में पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। पुलिस उपद्रव के दौरान मिले वीडियो फुटेज की मदद से हिंसा में शामिल चेहरों की पहचान करने में जुटी है। इसके अलावा हिंसा को भड़काने के लिए सोशल मीडिया पर चलाए गए अभियानों की भी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि पर्दे के पीछे छिपे मुख्य साजिशकर्ताओं को बेनकाब किया जा सके।
मामूली विवाद के बाद बीच सड़क फायरिंग, युवक को लगी गोली; पुलिस हर एंगल से जांच में
23 Jul, 2026 07:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के जजुआर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुर्गा स्थान, बर्री पोखर के समीप संदिग्ध परिस्थितियों में एक बाइक सवार युवक पर फायरिंग का मामला सामने आया है। अचानक हुई गोलीबारी की आवाज से इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया। इस वारदात में जजुआर निवासी विनोद ठाकुर के 21 वर्षीय पुत्र आशीष ठाकुर के पैर में गोली लगी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो बाइकों पर सवार होकर आए चार युवकों ने इस घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद लहूलुहान अवस्था में युवक को तुरंत इलाज के लिए श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसकेएमसीएच) पहुंचाया गया, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टर नजर बनाए हुए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही जजुआर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर छानबीन में जुट गई है।
मामूली बात पर कहासुनी और गाली-गलौज
पीड़ित आशीष ठाकुर के अनुसार वह अपनी बाइक से दोस्त के घर की ओर जा रहा था। रास्ते में बारिश का पानी जमा होने के कारण जब उसने आगे चल रही एक बाइक को ओवरटेक किया, तो उस पर सवार दो युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने पानी के छींटे पड़ने का आरोप लगाते हुए बहस और गाली-गलौज शुरू कर दी। पीड़ित का कहना है कि माहौल शांत करने के लिए उसने तुरंत माफी भी मांग ली थी और वहां से आगे बढ़ने लगा, लेकिन मनबढ़ युवक शांत नहीं हुए।
रास्ते में घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना के कुछ ही समय बाद नीले रंग की बाइक पर दो अन्य युवक वहां पहुंचे और आशीष को निशाना बनाते हुए गोलियां चला दीं। पीड़ित ने बताया कि एक गोली उसके सिर के बेहद करीब से गुजर गई, जबकि दूसरी गोली सीधे उसके पैर में जा लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहे। इसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से घायल को अस्पताल ले जाया गया।
एक महीने पहले ही गांव आया था पीड़ित
घायल आशीष ने बताया कि वह करीब एक महीने पूर्व ही मुंबई से अपने गांव लौटा था और उसके पिता भी मुंबई में रहकर काम करते हैं। उसने हमलावरों को पहचानने से इनकार किया है। दूसरी ओर, स्थानीय स्तर पर इस घटना को अवैध शराब कारोबार के विवाद से जोड़कर भी देखा जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस आशंका पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
लिखित शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए जजुआर थानाध्यक्ष रौशन कुमार मिश्रा ने बताया कि गोली लगने से एक युवक जख्मी हुआ है, जिसका उपचार एसकेएमसीएच में कराया जा रहा है। युवक के पैर में एक गोली लगी है और पूरी घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त होते ही आगे की उचित कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
धनबाद में रफ्तार का कहर, 3 वाहनों की टक्कर से दो की मौत
22 Jul, 2026 06:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद: झारखंड के तोपचांची थाना क्षेत्र अंतर्गत साहुबहियार स्थित बांका पुल के पास बुधवार सुबह नेशनल हाईवे पर तीन वाहनों की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में पश्चिम बंगाल निवासी आईसर ट्रक चालक मो. इस्लाम शाहजी एवं खलासी पिंटू दास की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
टक्कर के बाद घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन तब तक ट्रक चालक और खलासी दम तोड़ चुके थे।
नेशनल हाईवे पर लगा वाहनों का लंबा जाम
हादसे की वजह से नेशनल हाईवे पर दोनों ओर से गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई। देखते ही देखते हाईवे पर छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस और हाईवे टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही तोपचांची थाना की पुलिस और नेशनल हाईवे की राहत टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए कड़ी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को रास्ते से हटवाया और हाईवे पर यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य कराया।
हाईवे पर दर्दनाक हादसा, धनबाद में 3 गाड़ियों की भिड़ंत; दो लोगों ने गंवाई जान
22 Jul, 2026 06:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तोपचांची। झारखंड के तोपचांची थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साहुबहियार इलाके में बांका पुल के समीप बुधवार की सुबह नेशनल हाईवे पर एक बेहद भयानक और दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया। तेज रफ्तार तीन भारी वाहनों की इस भीषण टक्कर में पश्चिम बंगाल के रहने वाले आयशर (Eicher) ट्रक के चालक मो. इस्लाम शाहजी और खलासी पिंटू दास की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस भीषण दुर्घटना के चलते सुबह-ससुबह हाईवे पर कोहराम मच गया और कुछ ही देर में वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं।
सुबह-ससुबह हाईवे पर मची अफरा-तफरी, तीन वाहनों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का यह मंजर बेहद खौफनाक था। सुबह के वक्त अचानक हुई इस जोरदार टक्कर के बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। एक तरफ जहां ट्रक के परखच्चे उड़ गए, वहीं दूसरी तरफ हाईवे का मुख्य मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया। हादसे की भयंकर तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चालक और खलासी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और दोनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
पुलिस और हाईवे अथॉरिटी की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुचारू कराया यातायात
इस भयंकर सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही तोपचांची थाना की स्थानीय पुलिस बल और नेशनल हाईवे (NH) की पेट्रोलिंग टीम तुरंत हरकत में आई और दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सबसे पहले दोनों मृतकों के शवों को क्षतिग्रस्त वाहन से बाहर निकाला और उन्हें कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके बाद मौके पर क्रेन मंगवाकर दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क के बीच से हटवाया गया। घंटों चली कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हाईवे पर यातायात को सामान्य कराया, जिससे आवागमन शुरू हो सका और सफर कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस अब इस पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है।
औरंगाबाद में गैंगरेप केस का खुलासा, नाबालिग सहित 3 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
22 Jul, 2026 05:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई कॉलोनी स्थित एक खंडहरनुमा मकान में नेपाल की रहने वाली 20 वर्षीय महिला के साथ तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह घटना मंगलवार शाम को घटित हुई, जिसके संबंध में पीड़िता ने देर रात अपने पति को आपबीती बताई। इसके बाद बुधवार को दंपत्ति ने नगर थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पीड़िता द्वारा की गई पहचान के आधार पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को दबोच लिया है।
झांसे में लेकर ऑटो से ले गए आरोपी
पीड़िता द्वारा पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को एक नाबालिग लड़के ने उसके छोटे बच्चों को बाहर घुमाने का बहाना बनाया। नाबालिग के झांसे में आकर महिला अपने दो मासूम बच्चों के साथ उसके साथ चली गई। आरोपी उसे एक ऑटो रिक्शा के पास ले गया, जहां जीतू उर्फ पाली और अभिषेक कुमार पहले से घात लगाए बैठे थे। इसके बाद तीनों आरोपी महिला को सुनसान जगह पर स्थित सिंचाई कॉलोनी के खंडहरनुमा मकान में ले गए और वारदात को अंजाम दिया।
त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपी गिरफ्तार
थाने में मामला दर्ज होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया और पीड़िता के बयानों के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में महुआ शहीद मोहल्ला निवासी जीतू उर्फ पाली और अभिषेक कुमार शामिल हैं, जो शहर में ऑटो चलाने का काम करते हैं। इसके अलावा वारदात में शामिल तीसरा आरोपी एक नाबालिग है, जिसे भी हिरासत में ले लिया गया है।
महिला की शिकायत के बाद कानूनी प्रक्रिया तेज
मंगलवार रात जब पीड़िता ने अपने पति को घटना की पूरी जानकारी दी, तो दोनों ने कानून का सहारा लेने का फैसला किया। बुधवार सुबह थाने पहुंचकर पीड़िता ने आपबीती सुनाई और आरोपियों के हुलिए की पहचान की। पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए अस्पताल भेजा है और अदालत में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पकड़े गए आरोपियों से पुलिस गहराई से पूछताछ कर रही है।
स्थानीय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता
शहर के बीचों-बीच सिंचाई कॉलोनी जैसे क्षेत्र में स्थित खंडहरों में इस प्रकार की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों के अड्डों और सुनसान खंडहरों पर नियमित गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला के साथ इस तरह की दरिंदगी न हो सके। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रांची में JPSC के खिलाफ हल्लाबोल, BJYM प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बढ़ी हलचल
22 Jul, 2026 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: 14वीं जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर 22 जुलाई को भारतीय जनता युवा मोर्चा ने जेपीएससी कार्यालय का घेराव करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया है। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में हजारों की संख्या में आक्रोशित युवा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से पैदल मार्च निकालते हुए जेपीएससी मुख्यालय तक पहुंचे। इस विशाल प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया है और जगह-जगह मजबूत बैरिकेडिंग करके स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
जेपीएससी परीक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे युवा
14वीं जेपीएससी परीक्षा की प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों और धांधली के खिलाफ युवाओं का गुस्सा पूरी तरह फूट पड़ा है। हजारों अभ्यर्थियों और युवा कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि योग्य युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैरिकेडिंग तोड़कर जेपीएससी कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन के दौरान जेपीएससी कार्यालय के बाहर का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकार और आयोग प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए पुलिस द्वारा लगाए गए शुरुआती सुरक्षा घेरों को ध्वस्त कर दिया। पुलिस के कड़े इंतजामों को दरकिनार करते हुए उग्र युवा बैरिकेडिंग तोड़कर सीधे जेपीएससी कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचने में कामयाब रहे।
सुरक्षा बल अलर्ट और वाटर कैनन की तैनाती
स्थिति को बेकाबू होते देख जेपीएससी परिसर और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त और चाक-चौबंद कर दिया गया है। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी को रोका जा सके। स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने मौके पर वाटर कैनन और अश्रु गैस की गाड़ियों को पूरी तरह तैयार रखा है।
आंदोलनकारियों को रोकने के लिए पुलिस का कड़ा पहरा
मुख्य द्वार तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। फिलहाल भाजपा और युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को कार्यालय परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। पुलिस बल की मुस्तैदी और बैरिकेडिंग के जरिए उग्र भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास जारी है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्य द्वार पर डटे हुए हैं।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले बड़ा बदलाव, IPS सुमन गुप्ता का NOC हुआ रद्द
22 Jul, 2026 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में एडीजी रेल के पद पर कार्यरत सुमन गुप्ता के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने से जुड़े अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा रद्द कर दिया गया है। यह प्रशासनिक फैसला डीजीपी तदाशा मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई आपत्ति के बाद सामने आया है। इस घटनाक्रम से राज्य के प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
प्रक्रियात्मक नियमों का पालन न होने पर रद्द हुआ एनओसी
डीजीपी ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए जारी एनओसी निर्धारित नियमों और प्रक्रिया का पालन किए बिना जारी किया गया था। इस मामले में पुलिस मुख्यालय की आवश्यक अनुशंसा नहीं ली गई थी, जिसके कारण इस अनापत्ति प्रमाण पत्र पर पुनर्मूल्यांकन और पुनर्विचार की जरूरत महसूस की गई।
प्रतिनियुक्ति आवेदन और विभागीय प्रक्रिया में खामी
पूरा मामला प्रतिनियुक्ति के आवेदन को भेजने की व्यवस्था से जुड़ा है। एडीजी रेल ने डीजी रेल के माध्यम से अपना आवेदन सीधे गृह विभाग को भेज दिया था। स्थापित नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी का आवेदन सबसे पहले पुलिस मुख्यालय आना चाहिए, जहाँ सेवा पुस्तिका और संबंधित दस्तावेजों की पूरी जाँच के बाद ही इसे आगे गृह विभाग को भेजा जाता है।
प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमावली पर विशेष जोर
डीजीपी के अनुसार यह कदम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं उठाया गया है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। नियमों की अनदेखी पर ध्यानाकर्षण कराते हुए मुख्य सचिव से पूर्व में जारी अनुमति पर पुनर्विचार करने का औपचारिक आग्रह किया गया था।
केंद्रीय गृह मंत्रालय से निर्णय स्थगित करने का आग्रह
डीजीपी की आपत्ति के बाद गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। विभाग ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर पूर्व में भेजे गए एनओसी को रद्द करने का अनुरोध किया है और स्पष्ट किया है कि इस प्रतिनियुक्ति प्रस्ताव पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला न लिया जाए।
मकान में रखे विस्फोटकों से हुआ था दर्दनाक धमाका, 14 मौतों के मामले में फैसला
22 Jul, 2026 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर: व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-11 ज्योति कुमारी कश्यप की अदालत ने तातारपुर थाना क्षेत्र के चर्चित काजवली चक बम ब्लास्ट मामले में अपना ऐतिहासिक फैसला सुना दिया है। न्यायालय ने हबीबपुर के चमेली चक निवासी मोहम्मद आजाद और काजवली चक निवासी नवीन मंडल को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में साक्ष्यों के अभाव के चलते तीन अन्य आरोपितों आशीष कुमार गुप्ता, अशोक मंडल उर्फ गुड्डू और धनंजय मंगल को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया गया है।
विभिन्न धाराओं के तहत कारावास और वित्तीय दंड
अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत 9 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषियों को तीन महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इसके साथ ही विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत दोनों को 10-10 साल की सजा और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अदालत ने अपने विस्तृत आदेश में यह स्पष्ट किया है कि दोनों दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
अभियोजन पक्ष की दलीलें और कानूनी प्रक्रिया
अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक हेमकांत झा ने मजबूती से पक्ष रखा और दोषियों के खिलाफ कठोर सजा की मांग की। मामले में पेश किए गए गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी माना। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सजा का ऐलान होते ही अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त कर दी गई थी।
तीन मार्च की वह खौफनाक रात और जनहानि
यह पूरा मामला 3 मार्च 2022 को तातारपुर थाना क्षेत्र के काजवली चक स्थित एक इमारत में हुए अत्यंत भीषण बम विस्फोट से संबंधित है। उस समय हुए इस भयानक हादसे में 14 लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस घटना में 10 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलसकर घायल भी हुए थे।
राज्य के सबसे बड़े हादसों में शामिल थी घटना
काजवली चक में हुआ यह विस्फोट बिहार के हालिया इतिहास में सबसे बड़े बम धमाकों में से एक माना जाता है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियां लगातार मामले की तहकीकात में जुटी हुई थीं। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले से पीड़ितों और उनके परिजनों को आखिरकार न्याय मिला है।
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