व्यापार
Gold Price Shock: आसमान छूने लगे सोने के दाम! आज 10 ग्राम सोने की कीमत ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, देखें ताजा रेट
5 Feb, 2026 07:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 5 फरवरी, गुरुवार के दिन सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,59,450 है. वहीं, चांदी की बात करें तो इसकी कीमत प्रति किलो ₹3,20,100 है. यह जानकारी निवेशकों और गहनों के खरीदारों दोनों के लिए अहम है, क्योंकि कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर बाजार और शादी-ब्याह के सीजन पर पड़ सकता है. बहुत से लोग अब गहने खरीदने की योजना को कुछ समय के लिए टालने पर विचार कर रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ कमी आए.
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ने और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण भारत में सोने और चांदी की कीमतें ऊंची हो रही हैं. अगर आप गहने खरीदने का सोच रहे हैं, तो बाजार के रेट पर ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कीमतें किसी भी समय और भी बढ़ सकती हैं.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹16,257
₹14,901
₹12,751
मुंबई
₹15,945
₹14,616
₹11,959
दिल्ली
₹15,960
₹14,631
₹11,974
कोलकाता
₹15,945
₹14,616
₹11,959
बैंगलोर
₹15,945
₹14,616
₹11,959
हैदराबाद
₹15,945
₹14,616
₹11,959
केरल
₹15,945
₹14,616
₹11,959
पुणे
₹15,945
₹14,616
₹11,959
वडोदरा
₹15,950
₹14,621
₹11,964
अहमदाबाद
₹15,950
₹14,621
₹11,964
जयपुर
₹15,960
₹14,631
₹11,974
लखनऊ
₹15,960
₹14,631
₹11,974
कोयंबटूर
₹16,257
₹14,901
₹12,751
मदुरै
₹16,257
₹14,901
₹12,751
विजयवाड़ा
₹15,945
₹14,616
₹11,959
पटना
₹15,950
₹14,621
₹11,964
नागपुर
₹15,945
₹14,616
₹11,959
चंडीगढ़
₹15,960
₹14,631
₹11,974
सूरत
₹15,950
₹14,621
₹11,964
भुवनेश्वर
₹15,945
₹14,616
₹11,959
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मुंबई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
दिल्ली
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोलकाता
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
बैंगलोर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
हैदराबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
केरल
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पुणे
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
वडोदरा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
अहमदाबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
जयपुर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
लखनऊ
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोयंबटूर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मदुरै
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
विजयवाड़ा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पटना
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
नागपुर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
चंडीगढ़
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
सूरत
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
भुवनेश्वर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
क्रिसिल की रिपोर्ट: रेयर-अर्थ संकट के बाद 2026-27 में 18% तक उछाल संभव, ई-दोपहिया बिक्री में फिर आएगी रफ्तार?
5 Feb, 2026 06:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति में सुधार से देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया (ई-दोपहिया) वाहनों की बिक्री अगले वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान 16-18 फीसदी बढ़ सकती है। हालांकि, चालू वित्त वर्ष 2025-26 में आपूर्ति शृंखला बाधाओं के कारण ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि 12-13 फीसदी तक सीमित रह सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा, चालू वित्त वर्ष इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की वृद्धि अस्थायी रूप से दुर्लभ खनिजों (रेयर-अर्थ मैग्नेट) की आपूर्ति में व्यवधान और आंतरिक दहन इंजन (आईसीई) मॉडलों पर जीएसटी युक्तिकरण के कारण धीमी रह सकती है।हालांकि, हाल के महीनों में ई-दोपहिया वाहनों की बिक्री में सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री में वृद्धि की रफ्तार 22 फीसदी रही थी। क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक अनुज सेठी ने कहा, दुर्लभ खनिजों की कमी से उत्पन्न आपूर्ति व्यवधान ने साल के मध्य में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री को प्रभावित किया।
खनिज की उपलब्धता में सुधार
जैसे-जैसे इन खनिजों की उपलब्धता में सुधार हुआ और आईसीई मॉडल में जीएसटी कटौती के साथ मूल्य में संशोधन हुआ, मूल उपकरण विनिर्माता (ओईएम) कंपनियों ने ग्राहकों को कीमतों में छूट दी। साथ ही, कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के मॉडल पेश किए, ताकि आईसीई-ईवी मूल्य अंतर को कम किया जा सके।
62% बाजार पर पुरानी कंपनियों का दबदबा
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय ने कहा, पुरानी कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी एक साल पहले के 47 फीसदी से बढ़कर जनवरी, 2026 तक 62 फीसदी पहुंच गई। यह नई कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन है। बाजार हिस्सेदारी में यह बढ़ोतरी पुरानी कंपनियों के मजबूत डीलर नेटवर्क और आपूर्ति तंत्र के साथ एंट्री-लेवल और मिड-प्राइस इलेक्ट्रिक मॉडल की बढ़ी हुई रेंज को दिखाती है। विश्वसनीयता और सर्विस महत्वपूर्ण कारण बने हुए हैं, जहां पुरानी ओईएम कंपनियां अभी अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
चलाने की कम लागत से बढ़ रहा ओनरशिप
रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी दरों में कटौती से आईसीई गाड़ियों की खरीदने की लागत तो घटी है, लेकिन चलाने की लागत के मामले में ई-दोपहिया वाहन बेहतर हैं। इनकी चलाने की लागत करीब 3 पैसे/किमी है, जबकि आईसीई गाड़ियों के लिए यह 2-2.5 रुपये/किमी है। इससे कुल ओनरशिप लागत में ई-दोपहिया वाहनों का फायदा बना हुआ है, भले ही सब्सिडी कम हो रही हो।
दबाव झेलने में भी पुरानी कंपनियां बेहतर स्थिति में
रेटिंग एजेंसी ने कहा, 16-18 फीसदी की अनुमानित वृद्धि को संस्थागत ओनरशिप-कॉस्ट एडवांटेज का समर्थन मिल रहा है। हालांकि, प्रतिस्पर्धी दबाव अलग-अलग जोखिम पैदा कर रहे हैं, जिसमें पुराने खिलाड़ी (कंपनियां) बेहतर स्थिति में हैं, जबकि नए खिलाड़ियों को कमजोर यूनिट-व्हीकल इकनॉमिक्स का सामना करना पड़ रहा है।
Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, कृषि व डेयरी क्षेत्र के हितों से समझौता नहीं करने के क्या है मायने?
5 Feb, 2026 04:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में कृषि सिर्फ आर्थिक गतिविधि नहीं बल्कि जीवनशैली है व घरेलू अर्थव्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। कृषि एवं पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जो 70 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देती है। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में कृषि जहां अत्यधिक मशीनीकरण और कॉरपोरेट आधारित है, वहीं भारत में यह जीवनयापन एवं आजीविका का सवाल है।वैश्विक खाद्य व्यापार का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा करीब पांच बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नियंत्रण में है, जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से आक्रामक मूल्य निर्धारण रणनीतियों का इस्तेमाल किया है। अपने किसानों को भारी सब्सिडी देने वाले विकसित देशों की इन कंपनियों को भारत अगर कृषि आयात शुल्क में छूट देता है, तो देश में सस्ते अनाज और उत्पादों की बाढ़ आ सकती है। इससे भारतीय किसानों की आय और आजीविका पर गंभीर असर पड़ेगा।
ज्यादा बाजार चाहते हैं विकसित देश
भारत अनाज उत्पादन में काफी हद तक आत्मनिर्भर है, जबकि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ जैसे देशों के लिए कृषि एक बड़ा व्यापारिक उद्योग है। बड़े पैमाने पर मशीनी खेती एवं भारी सरकारी सब्सिडी से अमेरिका और अन्य विकसित देश भारत को अपने निर्यात विस्तार के लिए आकर्षक बाजार मानते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में अमेरिका का कृषि निर्यात 176 अरब डॉलर का रहा, जो उसके कुल वस्तु निर्यात का करीब 10 फीसदी है।
यूरोप के बाद अमेरिका से करार: रोजगार समेत इन क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा, कितनी बदलेगी भारत की आर्थिक तस्वीर?
इसलिए, संवेदनशील क्षेत्र है कृषि
देश की 50 फीसदी से अधिक आबादी कृषि पर निर्भर है। इसलिए, भारत पूरे कृषि क्षेत्र को संवेदनशील मानता है। विशेष रूप से मुख्य फसलों, दूध और प्रमुख कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क ग्रामीण आजीविका के लिए बेहद अहम हैं।
उच्च शुल्क से मिलता है संरक्षण
भारत का कृषि क्षेत्र फिलहाल मध्यम से ऊंचे शुल्क या आयात शुल्क और नियमों के जरिये संरक्षित है, ताकि घरेलू किसानों को अनुचित प्रतिस्पर्धा से बचाया जा सके। किसी क्षेत्र को खोलने का मतलब आयात प्रतिबंध और शुल्क कम करना होता है। भारत कृषि क्षेत्र की सुरक्षा के लिए शून्य से 150 फीसदी तक का शुल्क लगाता है। अमेरिका भी कुछ कृषि उत्पादों पर ऊंचे शुल्क लगाता है, जैसे तंबाकू पर 350 फीसदी। विशेषज्ञों का कहना है, अमेरिका जटिल नॉन-एड वैलोरेम (एनएवी) शुल्क भी लगाता है, जिससे आयात महंगा हो जाता है। इस तथ्य को व्यापार चर्चाओं में अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।
भारत का कृषि निर्यात
मूल्य के आधार पर भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कृषि उत्पादक है, लेकिन वैश्विक कृषि निर्यात में उसकी हिस्सेदारी सिर्फ 2.2 फीसदी है, जो 2000 में 1.1 फीसदी थी। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का कुल कृषि निर्यात बढ़कर 51 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया, जो 2023-24 में 45.7 अरब डॉलर था। इसमें से करीब पांच अरब डॉलर का निर्यात अमेरिका को किया गया।
अमेरिका से डील की कीमत: रूस से तेल की खरीद कम करेगा भारत, क्या बदल रही देश की ऊर्जा नीति; समझिए इसके मायने?
भारत का लक्ष्य
2024-25 में भारत का कुल निर्यात 437 अरब डॉलर रहा। भारत ने अगले चार वर्ष में कृषि, समुद्री उत्पाद और खाद्य-पेय पदार्थों के संयुक्त निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। प्रमुख निर्यात उत्पादों में चाय, कॉफी, चावल, कुछ अनाज, मसाले, काजू, तेल खली, तिलहन, फल और सब्जियां शामिल हैं।
डब्ल्यूटीओ के नियम और भारत
भारत के कृषि शुल्क विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन नहीं करते। नियम सदस्य देशों को खाद्य सुरक्षा एवं ग्रामीण रोजगार से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा की अनुमति देते हैं, जो भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
अमेरिका का कृषि निर्यात-सब्सिडी
भारत को अमेरिका का कृषि निर्यात 2024 में 1.6 अरब डॉलर रहा। प्रमुख निर्यातों में छिलके रहित बादाम (86.8 करोड़ डॉलर), पिस्ता (12.1 करोड़ डॉलर), सेब (2.1 करोड़ डॉलर) और इथेनॉल/एथाइल अल्कोहल (26.6 करोड़ डॉलर) शामिल हैं। व्यापार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका अपने कृषि क्षेत्र को भारी सब्सिडी देता है और पिछले कुछ वर्षों मे यह उत्पादन मूल्य के 50 फीसदी से भी ज्यादा रही है। अमेरिका चावल पर 82 फीसदी, कैनोला पर 61 फीसदी चीनी पर 66 फीसदी, कपास पर 74 फीसदी, मोहायर पर 141 फीसदी व ऊन पर 215 फीसदी सब्सिडी देता है।
आज भी सर्राफा बाजार में तेजी, चांदी की दरों में ₹11700 का उछाल, सोना करीब ₹4700 महंगा
4 Feb, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आज भी सर्राफा बाजार में तेजी, चांदी की दरों में ₹11700 का उछाल, सोना करीब ₹4700 महंगा
सर्राफा और शेयर बाजार से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें-
सेंसेक्स और निफ्टी आज भी हरे निशान पर खुले; डॉलर के मुकाबले रुपये में भी मजबूती आज सेंसेक्स 3200+ और निफ्टी 1200+ अंक उछला; ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में बंपर उछाल आज सर्राफा बाजार में भी तेजी, चांदी की दरों में ₹33700 का उछाल, सोना करीब ₹8200 महंगा एक दिन पहले भी सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में तेजी दिखी गौरतलब है कि कई कारोबारी सत्रों में लगातार हुई गिरावट के बाद मंगलवार को सोना-चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया था। सोना करीब 8,246 रुपये महंगा होकर 1,49,939 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था, जबकि चांदी में करीब 14 फीसदी की तेजी आई और इसके भाव 33,732 रुपये बढ़कर 2,69,993 रुपये प्रति किलो हो गए थे।
सेंसेक्स और निफ्टी आज लाल निशान पर खुले; डॉलर के मुकाबले रुपया भी हुआ कमजोर
4 Feb, 2026 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक- सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी आज लाल निशान पर खुला। बुधवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 370 से अधिक अंक टूटा, जबकि निफ्टी में 50 अंकों से अधिक गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में भी 22 पैसे की गिरावट दर्ज की गई।एक दिन पहले निवेशकों के उत्साह से झूमा बाजार इससे पहले मंगलवार को पूरे दिन के कारोबार में अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील की घोषणा से उत्साह का माहौल बना रहा। सेंसेक्स 3600 से अधिक अंकों की उछाल के साथ खुला था, जबकि निफ्टी में भी 1200 से अधिक अंकों की बढ़त दर्ज की गई थी। कारोबार खत्म होने पर भी सेंसेक्स-निफ्टी में बंपर उछाल देखा गया था। पूरे दिन के कारोबार के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में कल 1.16 रुपये की बढ़त दर्ज की गई थी।
Gold-Silver Price Today: चांदी में भारी गिरावट, लेकिन सोने की चाल ने सबको चौंकाया! खरीदने से पहले यहाँ देखें नए रेट
4 Feb, 2026 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 4 फरवरी, बुधवार के दिन सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,53,940 है. वहीं, चांदी की बात करें तो इसकी कीमत प्रति किलो ₹2,79,900 है. यह जानकारी निवेशकों और गहनों के खरीदारों दोनों के लिए अहम है, क्योंकि कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर बाजार और शादी-ब्याह के सीजन पर पड़ सकता है. बहुत से लोग अब गहने खरीदने की योजना को कुछ समय के लिए टालने पर विचार कर रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ कमी आए.
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ने और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण भारत में सोने और चांदी की कीमतें ऊंची हो रही हैं. अगर आप गहने खरीदने का सोच रहे हैं, तो बाजार के रेट पर ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कीमतें किसी भी समय और भी बढ़ सकती हैं.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,568
₹14,271
₹12,211
मुंबई
₹15,394
₹14,111
₹11,546
दिल्ली
₹15,409
₹14,126
₹11,561
कोलकाता
₹15,394
₹14,111
₹11,546
बैंगलोर
₹15,394
₹14,111
₹11,546
हैदराबाद
₹15,394
₹14,111
₹11,546
केरल
₹15,394
₹14,111
₹11,546
पुणे
₹15,394
₹14,111
₹11,546
वडोदरा
₹15,399
₹14,116
₹11,551
अहमदाबाद
₹15,399
₹14,116
₹11,551
जयपुर
₹15,409
₹14,126
₹11,561
लखनऊ
₹15,409
₹14,126
₹11,561
कोयंबटूर
₹15,568
₹14,271
₹12,211
मदुरै
₹15,568
₹14,271
₹12,211
विजयवाड़ा
₹15,394
₹14,111
₹11,546
पटना
₹15,399
₹14,116
₹11,551
नागपुर
₹15,394
₹14,111
₹11,546
चंडीगढ़
₹15,409
₹14,126
₹11,561
सूरत
₹15,399
₹14,116
₹11,551
भुवनेश्वर
₹15,394
₹14,111
₹11,546
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
मुंबई
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
दिल्ली
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
कोलकाता
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
बैंगलोर
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
हैदराबाद
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
केरल
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
पुणे
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
वडोदरा
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
अहमदाबाद
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
जयपुर
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
लखनऊ
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
कोयंबटूर
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
मदुरै
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
विजयवाड़ा
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
पटना
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
नागपुर
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
चंडीगढ़
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
सूरत
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
भुवनेश्वर
₹2,999
₹29,990
₹2,99,900
Fuel Price Today: पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ा उलटफेर! सुबह-सुबह जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में क्या है हाल
4 Feb, 2026 08:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 4 फरवरी, बुधवार है. आज के पेट्रोल-डीजल के रेट जारी हो चुके हैं. बता दें कि तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे तेल कंपनियां दाम लाइव करती हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है. अगर आप टंकी फुल कराने जा रहे हैं तो यहां आप अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर सकते हैं.
कौन तय करता है पेट्रोल-डीजल के रेट: भारत में फ्यूल की कीमतें सेंट्रल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित की जाती हैं और देश की कई फैक्टर्स और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, किसी कीमत की अनुमति दी जाती है. इसका पालन डीजल रिटेलर्स और यूजर्स को सख्ती से पालन करना होता है. ऐसे कई कारक हैं जो या तो फ्यूल की कीमतों को नीचे लाते हैं या फिर उन्हें बढ़ाते हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.41
0
मुंबई
₹103.54
0.04
चेन्नई
₹101.23
0.33
गुड़गांव
₹95.65
0.09
नोएडा
₹95.16
0.26
बेंगलुरु
₹102.96
0.04
भुवनेश्वर
₹100.97
-0.06
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.50
0.04
जयपुर
₹104.36
-0.36
लखनऊ
₹94.85
0.16
पटना
₹105.60
0.17
तिरुवनंतपुरम
₹107.48
0
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.81
0.32
गुड़गांव
₹88.10
0.08
नोएडा
₹88.31
0.3
बेंगलुरु
₹90.99
0
भुवनेश्वर
₹92.55
-0.05
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹89.88
-0.33
लखनऊ
₹87.99
0.18
पटना
₹91.83
0.16
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
भारत-चीन के संबंधों में सुधार, दोनों देशों के बीच व्यापार पहुंचा 155.6 अरब डॉलर
4 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसके अलावा पारस्परिक टैरिफ भी घटकर 18 फीसदी हो गया है। जिसके बाद अमेरिका और भारत के बीच नए व्यापारिक युग की शुरुआत हुई है। इससे पहले 27 जनवरी को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए गए। इस बीच भारत की दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था यानी चीन के साथ भी द्विपक्षीय व्यापार को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है।
भारत-चीन का व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
दरअसल, नई दिल्ली में मंगलवार (03 फरवरी) को आयोजित चीनी नववर्ष के अवसर पर एक कार्यक्रम में भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। 2026 चीनी नव वर्ष समारोह में जू फेइहोंग ने कहा, 'पिछले अगस्त में राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तियानजिन में एक सफल बैठक की, जिसने चीन-भारत संबंधों को 'एक नए सिरे से शुरुआत' से सुधार के एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। सभी स्तरों पर आदान-प्रदान अधिक नियमित हो गए हैं। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। लोगों के बीच आदान-प्रदान अधिक सक्रिय हो गया है।'
द्विपक्षीय व्यापार पहुंचा 155.6 अरब डॉलर
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में निरंतर सुधार हुआ है। 2025 में चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 155.6 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। चीन को भारत के निर्यात में 9.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक सहयोग की अपार संभावनाओं को प्रदर्शित करता है।चीनी राजदूत ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आत्मनिर्भरता पर चीन का जोर भारत की आत्मनिर्भर भारत रणनीति से मेल खाता है। इसी के साथ राजदूत ने कहा कि व्यापार में यह इजाफा दोनों देशों के संबंधों में सुधार के साफ संकेत हैं।
कोलकाता में चीनी नव वर्ष पर कार्यक्रम आयोजित
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के महावाणिज्य दूतावास ने स्प्रिंग फेस्टिवल (चीनी नव वर्ष) 2026 का आयोजन किया गया। जिसे लेकर चीनी महावाणिज्यदूत जू वेई ने कहा, 'मुझे खुशी है कि मेरे स्वागत समारोह में कई भारतीय मित्र आए। एक भारतीय कलाकार ने चीनी मार्शल आर्ट का प्रदर्शन किया, जो बेहद अद्भुत था। उन्होंने भी इसका खूब आनंद लिया। इससे पता चलता है कि हमारी साझा संस्कृति और जुड़ाव के माध्यम से हम कितने करीब हैं।' कपड़े, आभूषण और...?: ट्रंप टैरिफ के 50% से 18% होने का क्या नतीजा, किस सेक्टर पर अब कितना असर; कौन बेअसर उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास पहले से ही कई सीधी (भारत-चीन) उड़ानें हैं और हम और अधिक उड़ानों की उम्मीद कर रहे हैं। दोनों पक्षों की ओर से विभिन्न स्तरों पर बातचीत चल रही है। मैं चाहता हूं कि अधिक से अधिक चीनी पर्यटक भारत आएं। मुझे खुशी है कि भारतीय सरकार ने वीजा प्रतिबंधों में ढील दी है। हम चाहते हैं कि चीनी पर्यटक अद्भुत भारत का अनुभव करें। मैंने पर्यटन मंत्री से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, विशेष रूप से पर्यटन क्षेत्र में पर चर्चा की। हम पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करने जा रहे हैं, जैसे कि पर्यटन क्षेत्र की एजेंसियों को भारत आने के लिए आमंत्रित करना ताकि भारतीयों और चीनी लोगों के बीच जागरूकता फैलाई जा सके।'
आरबीआई की तीन दिवसीय एमपीसी बैठक आज से; किफायती हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का घटेगा एयूएम
4 Feb, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विकास केंद्रित केंद्रीय बजट, कम महंगाई और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मद्देनजर आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बुधवार से तीन दिवसीय बैठक शुरू करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई ने फरवरी से अब तक रेपो दर में 1.25 फीसदी की कमी की है। चूंकि, विकास या महंगाई को लेकर गंभीर चिंताएं नहीं हैं, इसलिए वह दरों में यथास्थिति बनाए रख सकता है।बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, एमपीसी के रेपो दर पर कायम रहने की संभावना है और यह दर-कटौती चक्र का अंत भी हो सकता है। वहीं, इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, इस समय विराम उचित है, ताकि जनवरी, 2026 की खुदरा महंगाई और 2023-24 से 2025-26 तक के जीडीपी आंकड़ों का आकलन किया जा सके। हालांकि, कम महंगाई आरबीआई को दर कटौती पर विचार करने की गुंजाइश देती है।किफायती हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का घटेगा एयूएम किफायती आवासीय परियोजनाओं को कर्ज देने वाली हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की प्रबंधन के अधीन परिसंपत्तियां यानी एयूएम चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान घटकर 21 फीसदी रह सकती हैं। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान किफायती हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों का एयूएम 23 फीसदी रहा था।घरेलू रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा, आने वाले वित्त वर्ष 2026-27 में भी इन कंपनियों के एयूएम में वृद्धि की रफ्तार 20-21 फीसदी पर स्थिर बनी रहेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रॉपर्टी के बदले लोन (एलएपी) सेगमेंट में वृद्धि भी 30 फीसदी से घटकर चालू वित्त वर्ष में 24-26 फीसदी रह सकती है, क्योंकि कुछ खास तरह के कर्जदारों की संपत्ति की गुणवत्ता पर दबाव के बाद लेंडर्स अंडरराइटिंग को फिर से एडजस्ट कर रहे हैं। इससे क्रेडिट लागत में थोड़ी बढ़ोतरी होगी।
यूरोप के बाद अमेरिका से करार: रोजगार समेत इन क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा, कितनी बदलेगी भारत की आर्थिक तस्वीर?
4 Feb, 2026 06:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने हाल में ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और ओमान के साथ व्यापार समझौते किए, फिर यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ मदर ऑफ ऑल डील्स पर मुहर लगाई। माना जा रहा है कि इसके बाद ही अमेरिका पर भारत के साथ व्यापार समझौते का दबाव बढ़ा, क्योंकि करीब छह महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारी-भरकम टैरिफ लगाने के दौरान ही भारत को मृत अर्थव्यवस्था करार दिया था। लेकिन, विशाल बाजार और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के कारण भारत को नजरअंदाज करना उनके लिए मुमकिन नहीं था।ईयू के साथ सबसे बड़े करार के बाद अमेरिका के साथ समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था को और जानदार बनाने वाला साबित होगा। आइए, एक नजर में जानें कि यह समझौता क्या है और भारत के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा....
कालीन एवं हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा
कपड़े, चमड़े और गैर-चमड़े के जूते, रत्न-आभूषण, कालीन एवं हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बढ़ावा मिल सकता है क्योंकि उच्च टैरिफ के कारण इनके निर्यात में बाधा आ रही थी। कपड़ा और परिधान, रसायन, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण व झींगा जैसे खाद्य पदार्थों के निर्यात में तेजी आएगी। भारत वियतनाम व बांग्लादेश जैसे एशियाई देशों से प्रतिस्पर्द्धी स्थिति में आ जाएगा। अगस्त अंत में अमेरिकी टैरिफ बढ़ने से कपड़ा, आभूषण और झींगा जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ा था।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-नवंबर में अमेरिका को निर्यात में पिछले वर्ष की तुलना में 15.9% की वृद्धि हुई और यह 85.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि आयात 46.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया।अमेरिकी सरकार के अनुमान के अनुसार, 2024 में दोतरफा वस्तुओं व सेवाओं का व्यापार 212.3 बिलियन डॉलर रहा, जिसमें अमेरिकी वस्तुओं के व्यापार में 45.8 बिलियन डॉलर का घाटा और सेवाओं के व्यापार में मामूली अधिशेष रहा।
दोनों देशों की बातचीत अंतिम चरण में, सूत्रों का दाव इस हफ्ते जारी हो सकता है संयुक्त बयान
भारत इन चिजों की बढ़ाएगा खरीद
अमेरिका से भारत पेट्रोलियम, रक्षा उपकरण, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार उत्पाद एवं विमानों की खरीद बढ़ाएगा। साथ ही, कुछ ऐसे कृषि उत्पादों के लिए पहुंच भी मिल सकती है, जिनसे भारतीय किसानों को नुकसान न हो। 2024 में भारत के साथ अमेरिका का कृषि व्यापार घाटा 1.3 अरब डॉलर था।
तेल खरीद पर असर
समझौते के तहत अमेरिका-वेनेजुएला से भारत तेल खरीद बढ़ाएगा। भारतीय तेल शोधक कंपनियां रूस से तेल खरीद घटा रही हैं और अमेरिका, मध्य पूर्व, अफ्रीका व दक्षिण अमेरिका से आपूर्ति बढ़ा रही हैं। हालांकि, मौजूदा रूसी अनुबंधों से बाहर निकलने में कंपनियों को समय लगेगा। फिलहाल, सरकार ने पूरी तरह से रोक का आदेश नहीं दिया है।
इस्पात-एल्युमीनियम पर कितना शुल्क
पारस्परिक टैरिफ कम होंगे, पर इस्पात, एल्युमीनियम, तांबा, ऑटोमोबाइल, ऑटो पार्ट्स और कुछ अन्य वस्तुओं पर अमेरिका धारा 232 के तहत शुल्क लागू रख सकता है। ऐसे में समझौते के बावजूद भारत के अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले कुछ सामानों पर उच्च शुल्क लगता रहेगा या उनमें कृमिक रूप से कमी होगी।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारत को कितना लाभ?: देश का विकास दर 6.9% होने का अनुमान, जानें दावा
2024 में किन वस्तुओं और सेवाओं का रहा सबसे बड़ा योगदान?
2024 में भारत के अमेरिका को होने वाले मुख्य निर्यातों में दवा निर्माण और जैविक उत्पाद (8.1 अरब अमेरिकी डॉलर), दूरसंचार उपकरण (6.5 अरब अमेरिकी डॉलर), कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर (5.3 अरब अमेरिकी डॉलर), पेट्रोलियम उत्पाद (4.1 अरब अमेरिकी डॉलर), वाहन और ऑटो पुर्जे (2.8 अरब अमेरिकी डॉलर), सोने और अन्य कीमती धातुओं के आभूषण (3.2 अरब अमेरिकी डॉलर), सूती कपड़े (सहायक उपकरण सहित) (2.8 अरब अमेरिकी डॉलर), और लोहा और इस्पात उत्पाद (2.7 अरब अमेरिकी डॉलर) शामिल थे।आयात में कच्चा तेल (4.5 अरब अमेरिकी डॉलर), पेट्रोलियम उत्पाद (3.6 अरब डॉलर), कोयला, कोक (3.4 अरब डॉलर), तराशे व पॉलिश्ड हीरे (2.6 अरब डॉलर), विद्युत मशीनरी (1.4 अरब अमेरिकी डॉलर), विमान, अंतरिक्ष यान और पुर्जे (1.3 अरब अमेरिकी डॉलर) और सोना (1.3 अरब अमेरिकी डॉलर) शामिल थे। अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2024 में भारत से अमेरिका को सेवाओं का आयात 40.6 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें कंप्यूटर/सूचना सेवाओं का आयात 16.7 अरब अमेरिकी डॉलर और व्यवसाय प्रबंधन/परामर्श सेवाओं का आयात 7.5 अरब अमेरिकी डॉलर था।
अमेरिका से डील की कीमत: रूस से तेल की खरीद कम करेगा भारत, क्या बदल रही देश की ऊर्जा नीति; समझिए इसके मायने?
4 Feb, 2026 06:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्र सरकार के सूत्रों ने पुष्टि की कि अमेरिका के साथ समझौते के तहत भारत अब रूस से कच्चे तेल की खरीद धीरे-धीरे कम करेगा। सूत्रों ने यह भी बताया कि नायरा एनर्जी जैसी रिफाइनरियां, जिनके पास कोई अन्य वैकल्पिक स्रोत नहीं है, फिलहाल आयात जारी रखेंगी। मामले से जुड़े तीन सूत्रों ने बताया, भारतीय रिफाइनरियां घोषणा से पहले किए गए खरीद समझौतों का पालन करना जारी रखेंगी, लेकिन इसके बाद कोई नया ऑर्डर नहीं देंगी।हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (एचपीसीएल), मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लि. (एमआरपीएल) और एचपीसीएल-मित्तल एनर्जी लि. (एचएमईएल) जैसी रिफाइनरियों ने पिछले साल अमेरिका की ओर से मॉस्को के प्रमुख निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाने के तुरंत बाद रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया था, वहीं इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (बीपीसीएल) जैसी अन्य कंपनियां खरीद धीरे-धीरे कम कर रही हैं।
रिलायंस थी सबसे बड़ी खरीददार
रूसी तेल की सबसे बड़ी खरीदार रही रिलायंस इंडस्ट्रीज लि., जिसने पिछले साल के अंत में रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद खरीद रोक दी थी, संभवतः एक से डेढ़ लाख बैरल की पुनः प्राप्ति के बाद खरीद बंद कर देगी।
यूरोप के बाद अमेरिका से करार: रोजगार समेत इन क्षेत्रों को मिलेगा बढ़ावा, कितनी बदलेगी भारत की आर्थिक तस्वीर?
नायरा पर लगाया गया था प्रतिबंध
नियम के तहत एकमात्र अपवाद नायरा एनर्जी है। नायरा पर पहले यूरोपीय संघ और फिर ब्रिटेन ने रूस से संबंधों के कारण प्रतिबंध लगाया था। रोसनेफ्ट की नायरा में 49.13% हिस्सेदारी है। इन प्रतिबंधों के कारण, कोई भी अन्य प्रमुख आपूर्तिकर्ता इस कंपनी के साथ कोई व्यावसायिक लेन-देन करने को तैयार नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी को गैर-प्रतिबंधित संस्थाओं से रूसी तेल खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ा है।सूत्रों ने बताया कि दिसंबर में हुई बातचीत के दौरान अमेरिकी व्यापार अधिकारियों को रिफाइनरी की स्थिति के बारे में समझाया गया था और नायरा को रूसी तेल की खरीद पर प्रतिबंध नीति से आंशिक छूट दी जा सकती है या इसके लिए विशेष व्यवस्था बनाई जा सकती है। अमेरिका ने पिछले साल अगस्त में रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत से होने वाले आयात पर 25 फिसदी अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया था।अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से भारत को कितना लाभ?: देश का विकास दर 6.9% होने का अनुमान, जानें दावा अमेरिका से समझौते से भारत के हितों की रक्षा अमेरिका से व्यापार समझौते में भारत के हितों की पूरी तरह रक्षा की गई है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगले पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर के कारोबार की प्रतिबद्धता दिखाई है। सूत्रों ने बताया कि ट्रंप टैरिफ समझौते की घोषणा में अगले पांच साल में 500 अरब डॉलर लिखना भूल गए। अधिकारियों ने साफ किया कि यह आंकड़ा पांच साल का है और इसमें कई तरह की वस्तुओं जैसे ऊर्जा, कोयला, सोना, चांदी, टेक, एयरक्राफ्ट, डाटा केंद्र का आयात शामिल है।ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद टैरिफ, ऊर्जा आयात और रणनीतिक स्वायत्तता को लेकर उठे सवालों के बाद, मंगलवार को सरकारी सूत्रों ने व्यापार समझौते के अहम पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की। अधिकारियों ने तेल खरीद और रूस से खरीद पर कहा कि भारत की स्वतंत्र और अलग तरह की आयात नीति है और हम इसका पालन करते रहेंगे। सूत्रों ने कहा, हम हमेशा अपने आयात स्रोत में विविधता लाने में विश्वास करते हैं। हम किसी भी कंपनी को रूसी तेल खरीदने या न खरीदने के लिए मजबूर नहीं करते हैं। जो लोग प्रतिबंधित तेल खरीदना चाहते हैं वे खरीदते हैं।अमेरिका से आयात में वृद्धि पर चिंताओं का जवाब अमेरिका से आयात में वृद्धि पर चिंताओं का जवाब देते हुए सूत्रों ने कहा कि यह समझौता महत्वपूर्ण सेक्टरों में भारत की वास्तविक जरूरतों को दिखाता है। उन्होंने कहा, हमारे पास एनवीडिया चिप्स या डाटा सेंटर नहीं हैं। इसमें हमारा आयात बढ़ेगा और हम वही आयात करेंगे जिसकी हमें जरूरत है। सूत्रों ने बताया कि कृषि और जीनोम फसलों जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर सरकार ने सुरक्षा के उपाय किए गए हैं। संवेदनशीलता का पूरा ध्यान रखा गया है।
भारत-ईयू समझौते का पड़ा दबाव', ट्रंप की टैरिफ कटौती पर अमेरिकी अधिकारी का बड़ा बयान
3 Feb, 2026 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद अमेरिका ने पारस्परिक टैरिफ में भी 18 फीसदी की कटौती की है। इस कदम के बाद दोनों देशों के बीच चल रहा व्यापारिक तनाव कम हो गया है। इस पर अब अमेरिकी शीर्ष राजनयिक में से एक निशा देसाई बिस्वाल की प्रतिक्रिया आई है।यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन की डिप्टी सीईओ निशा बिस्वाल ने कहा कि महीनों की बातचीत से समझौते का ढांचा तो तैयार हो गया है, लेकिन इसके कार्यान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण विवरण अभी भी प्रतीक्षित हैं। बिस्वाल ने कहा,'चूंकि हमें अभी तक कोई कार्यान्वयन संबंधी दिशानिर्देश या विवरण नहीं मिले हैं, इसलिए हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि यह कैसा दिखता है।'उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत कई महीनों से लिखित समझौतों पर बातचीत कर रहे हैं, इसलिए इनमें से कई विवरण दोनों वार्ताकारों द्वारा पहले ही तय कर लिए गए हैं। समझौते के अंतिम चरण में शर्तें अपरिवर्तित रहेंगी या उनमें बदलाव आएगा, यह देखना होगा।
आज सेंसेक्स 3200+ और निफ्टी 1200+ अंक उछला; ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में बंपर उछाल
3 Feb, 2026 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच सोमवार रात को व्यापार समझौते के एलान का बड़ा असर मंगलवार सुबह शेयर बाजार पर साफ देखा जा रहा है। आम बजट के दिन (01 फरवरी) को भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार वापसी की। सेंसेक्स ने 3200 तो तो निफ्टी ने 1200 अंकों की बड़ी छलांग लगाई।
अमेरिका के साथ समझौते के बाद बाजार में बंपर उछाल
बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 3,656.74 अंक बढ़कर 85,323.20 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 1,219.65 अंक बढ़कर 26,308.05 पर पहुंच गया। कारोबार शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद 11 बजे भी बाजार में तेजी बनी हुई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध अधिकांश कंपनियों के शेयर में तेजी बरकरार है।
विज्ञापन
रिलायंस-अदाणी समेत इन शेयरों में आई तेजी
18 फीसदी टैरिफ घटने और व्यापार समझौते पर सहमति का असर शेयर बाजार में दिन की शुरुआत से ही देखने को मिला। रिलायंस-अदाणी समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखी गई। जानकारी के मुताबिक अडानी पोर्ट का शेयर 6.91 प्रतिशत तक उछल। दिग्गज कंपनी रिलायंस का शेयर भी 4 फीसदी की तेजी के साथ नजर आया।
बढ़त के साथ हुआ बंद शेयर बाजार
बजट वाले दिन भारी गिरावट झेलने के बाद सोमवार (02 फरवरी)को शेयर बाजारों में तेजी आई और बेंचमार्क सेंसेक्स 943 अंक चढ़ गया। ब्लू-चिप तेल और गैस, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में उछाल देखने को मिला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत बढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान, यह 1,009.31 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 81,732.25 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत चढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान इसमें 282.65 अंक या 1.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 25,108.10 पर पहुंच गया।
कोल इंडिया ने मिड-लेवल तक के एग्जीक्यूटिव्स का अपग्रेड किया पे स्केल
3 Feb, 2026 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकारी स्वामित्व वाली कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने अपने मिड-लेवल तक के एग्जीक्यूटिव्स का पे स्केल अपग्रेड कर दिया है, जो 1 जनवरी, 2017 से लागू माना जाएगा। कंपनी ने एक नियामक फाइलिंग में यह जानकारी दीहालांकि पे रिवीजन का फाइनेंशियल असर 23 अगस्त, 2023 से दिया जाएगा। सोमवार देर रात की फाइलिंग के अनुसार 31 दिसंबर, 2026 तक इस अपग्रेडेशन का कुल अनुमानित फाइनेंशियल असर लगभग 3,400 करोड़ रुपये होगा। कोल इंडिया दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है और कोयला उत्पादक राज्यों में कई सब्सिडियरी कंपनियों के जरिए काम करती है।
आज सेंसेक्स 3200+ और निफ्टी 1200+ अंक उछला; ट्रेड डील के बाद शेयर बाजार में बंपर उछाल
3 Feb, 2026 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच सोमवार रात को व्यापार समझौते के एलान का बड़ा असर मंगलवार सुबह शेयर बाजार पर साफ देखा जा रहा है। आम बजट के दिन (01 फरवरी) को भारी गिरावट के बाद शेयर बाजार ने मंगलवार को जोरदार वापसी की। सेंसेक्स ने 3200 तो तो निफ्टी ने 1200 अंकों की बड़ी छलांग लगाई
अमेरिका के साथ समझौते के बाद बाजार में बंपर उछाल
बुधवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 3,656.74 अंक बढ़कर 85,323.20 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 1,219.65 अंक बढ़कर 26,308.05 पर पहुंच गया। कारोबार शुरू होने के डेढ़ घंटे बाद 11 बजे भी बाजार में तेजी बनी हुई है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) में सूचीबद्ध अधिकांश कंपनियों के शेयर में तेजी बरकरार है।
विज्ञापन
रिलायंस-अदाणी समेत इन शेयरों में आई तेजी
18 फीसदी टैरिफ घटने और व्यापार समझौते पर सहमति का असर शेयर बाजार में दिन की शुरुआत से ही देखने को मिला। रिलायंस-अदाणी समेत कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी देखी गई। जानकारी के मुताबिक अडानी पोर्ट का शेयर 6.91 प्रतिशत तक उछल। दिग्गज कंपनी रिलायंस का शेयर भी 4 फीसदी की तेजी के साथ नजर आया।
बढ़त के साथ हुआ बंद शेयर बाजार
बजट वाले दिन भारी गिरावट झेलने के बाद सोमवार (02 फरवरी)को शेयर बाजारों में तेजी आई और बेंचमार्क सेंसेक्स 943 अंक चढ़ गया। ब्लू-चिप तेल और गैस, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में उछाल देखने को मिला।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत बढ़कर 81,666.46 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान, यह 1,009.31 अंक या 1.25 प्रतिशत बढ़कर 81,732.25 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत चढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ।
दिन के दौरान इसमें 282.65 अंक या 1.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 25,108.10 पर पहुंच गया।
मंत्री विश्वास सारंग ने किया करोड़ों की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रदाय से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश
पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन
गंगा दशहरा जल के प्रति कृतज्ञता का पर्व
मन की शांति ही तन का योग सादृश्य...यही है आर्ट ऑफ लिविंग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
