व्यापार
सोना खरीदने वालों की लग गई लॉटरी! कीमतों में भारी गिरावट, जानें आपके शहर में अब क्या है 10 ग्राम का रेट
7 Feb, 2026 07:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली के बाजार में आज 24 कैरेट सोने का भाव 15,456 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,169 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,596 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. यह दरें बाजार के नवीनतम अपडेट के अनुसार हैं और निवेशकों तथा आभूषण खरीददारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं.
वहीं राष्ट्रीय राजधानी में आज चांदी का भाव 299.90 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि प्रति किलोग्राम दर 2,99,900 रुपये बताई जा रही है. चांदी हमेशा से दिल्लीवासियों के लिए पसंदीदा निवेश रही है. शहर की बड़ी आबादी और विवाह-त्योहारों की परंपरा के कारण चांदी की मांग लगातार बनी रहती है.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,621
₹14,319
₹12,249
मुंबई
₹15,441
₹14,154
₹11,581
दिल्ली
₹15,456
₹14,169
₹11,596
कोलकाता
₹15,441
₹14,154
₹11,581
बैंगलोर
₹15,441
₹14,154
₹11,581
हैदराबाद
₹15,441
₹14,154
₹11,581
केरल
₹15,441
₹14,154
₹11,581
पुणे
₹15,441
₹14,154
₹11,581
वडोदरा
₹15,441
₹14,621
₹11,964
अहमदाबाद
₹15,441
₹14,621
₹11,964
जयपुर
₹15,441
₹14,631
₹11,974
लखनऊ
₹15,441
₹14,631
₹11,974
कोयंबटूर
₹16,257
₹14,901
₹12,751
मदुरै
₹16,257
₹14,901
₹12,751
विजयवाड़ा
₹15,945
₹14,616
₹11,959
पटना
₹15,950
₹14,621
₹11,964
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मुंबई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
दिल्ली
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोलकाता
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
बैंगलोर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
हैदराबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
केरल
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पुणे
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
वडोदरा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
अहमदाबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
जयपुर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
लखनऊ
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोयंबटूर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मदुरै
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
विजयवाड़ा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पटना
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
रोज डे पर पार्टनर के साथ लॉन्ग ड्राइव का है प्लान? घर से निकलने से पहले देख लें पेट्रोल-डीजल के नए रेट
7 Feb, 2026 07:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें हर रोज सुबह 6 बजे अपडेट की जाती हैं. प्रमुख तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर-रुपये के विनिमय दर और अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखकर ये दरें तय करती हैं.
आज 1 फरवरी को अधिकांश प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, हालांकि कुछ क्षेत्रों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया है. दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर पर है. बजट से ठीक पहले ये स्थिरता आम लोगों के लिए राहत की बात है.
प्रमुख महानगरों में पेट्रोल के भाव
देश की राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर बनी हुई है. आर्थिक केंद्र मुंबई में यह ₹103.54 प्रति लीटर है, जबकि कोलकाता में ₹105.41 और चेन्नई में ₹100.80 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है. उत्तर भारत के शहरों में गुड़गांव में ₹95.50, नोएडा में ₹95.16, लखनऊ में ₹94.69 और जयपुर में ₹104.62 रुपये प्रति लीटर है. दक्षिण में बेंगलुरु में ₹102.92, हैदराबाद में ₹107.50 और भुवनेश्वर में ₹101.03 रुपये है. पूर्वी शहर पटना में ₹105.43 और तिरुवनंतपुरम में ₹107.48 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल मिल रहा है.
प्रमुख शहरों में डीजल के भाव
डीजल के मामले में दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर है. मुंबई में ₹90.03, कोलकाता में ₹92.02 और चेन्नई में ₹92.39 रुपये प्रति लीटर है. गुड़गांव में ₹87.97, नोएडा में ₹88.31, बेंगलुरु में ₹90.99 और भुवनेश्वर में ₹92.60 रुपये है. चंडीगढ़ में डीजल सबसे सस्ता ₹82.45 पर उपलब्ध है. हैदराबाद में ₹95.70, जयपुर में ₹90.12, लखनऊ में ₹87.81, पटना में ₹91.67 और तिरुवनंतपुरम में ₹96.48 रुपये प्रति लीटर डीजल बिक रहा है.
कैसे तय होता है पेट्रोल-डीजल के दाम
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें केंद्रीय स्तर पर नियंत्रित नहीं हैं, बल्कि बाजार आधारित हैं. अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल कीमतें, वैश्विक घटनाएं, मुद्रा विनिमय दर, कर और स्थानीय टैक्स प्रमुख कारक हैं. कंपनियां रोजाना इनका आकलन करती हैं. हाल के महीनों में क्रूड ऑयल में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता दिख रही है. हालांकि अमेरिका द्वारा किए जा रहे उथल-पुथल की वजह से कितने दिनों तक यह स्थिरता बनी रहेगी इसके बारे में नहीं कहा जा सकता है.
Biz Updates: आठ कंपनियों को सेबी से आईपीओ लाने की मंजूरी; भारत-ईयू एफटीए से वाहन कलपुर्जा कंपनियों को लाभ
7 Feb, 2026 06:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेबी ने इनक्रेड होल्डिंग्स और एलीवेट कैंपसेस सहित आठ कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिये सामूहिक रूप से करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए मंजूरी दे दी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी पाने वाली अन्य कंपनियों में लेजर पावर एंड इन्फ्रा, सेडेमैक मेक्ट्रोनिक्स, आरडी इंडस्ट्रीज, आर्मी इन्फोटेक, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स और शंकेश ज्वेलर्स शामिल हैं।एडवांटेज विदर्भ 2026: 70000 करोड़ का निवेश और ऊर्जा हब बनने की तैयारी, जानिए जीत अदाणी ने क्या कहा
आईडीबीआई बैंक : बिक्री के लिए मिलीं बोलियां
निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने शुक्रवार को कहा, सरकार को आईडीबीआई बैंक के रणनीतिक विनिवेश के लिए वित्तीय बोलियां मिली हैं। निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप उनका मूल्यांकन होगा। आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रक्रिया तीन वर्षों लटकी है। सरकार ने अक्तूबर, 2022 में एलआईसी संग मिलकर आईडीबीआई बैंक में कुल 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी।
टाटा स्टील का लाभ कई गुना होकर 2,730 करोड़
टाटा स्टील का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में एकीकृत मुनाफा कई गुना होकर 2,730.37 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने शुक्रवार को शेयर बाजार को दी सूचना में कहा, इस दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 57,503.49 करोड़ रुपये पहुंच गई। एक साल पहले की समान अवधि में यह 53,869.33 करोड़ थी। टाटा स्टील देश की शीर्ष वैश्विक इस्पात कंपनियों में शामिल है, जिसकी वार्षिक कच्चा इस्पात उत्पादन क्षमता 3.5 करोड़ टन है।
भारत-ईयू एफटीए वाहन कलपुर्जा कंपनियों को लाभ
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) एफटीए से दोनों पक्षों के बीच प्रतिस्पर्धी गतिशीलता और बाजार पहुंच के फिर से परिभाषित होने की उम्मीद है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने कहा, एफटीए से भारतीय वाहन और कलपुर्जा निर्यात के लिए यूरोपीय बाजारों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। इससे इस क्षेत्र की दीर्घकालिक वृद्धि संभावनाओं को मदद मिलेगी। एफटीए से प्रीमियम वाहनों के आयात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
साइबर हमले के कारण जेएलआर को घाटा
साइबर हमले की घटना के कारण उत्पादन में आई रुकावट से प्रभावित जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) को चालू वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में 31 करोड़ पाउंड का घाटा हुआ। कंपनी ने कहा, साइबर घटना के कारण हमने उत्पादन बंद कर दिया। पुरानी जगुआर कारों को बंद करने की योजना और अमेरिकी टैरिफ से भी प्रदर्शन प्रभावित हुआ।
अमेरिका से ₹45 लाख करोड़ की ट्रेड डील: भारत के दवा, विमान के पुर्जों और आभूषण सेक्टर को बड़ी राहत, समझें गणित
7 Feb, 2026 01:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर ( करीब 45,29,069.80 रुपये) के व्यापार समझौते के लिए एक अंतरिम ढांचे पर सहमति बन गई है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में एक नया अध्याय है, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में पैठ बढ़ाने का एक बड़ा मौका भी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना और भविष्य के व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते की नींव रखना है।
आइए इस जटिल समझौते की बारीकियों को आसान भाषा में सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं।
सवाल: इस डील में भारत के लिए सबसे बड़ी जीत क्या हैं?
जवाब: भारत को इस समझौते के तहत अपने प्रमुख निर्यात क्षेत्रों- फार्मास्यूटिकल्स (जेनेरिक दवाएं), रत्न और आभूषण, और विमान के पुर्जों- के लिए अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिली है। अमेरिका ने अंतरिम समझौता पूरा होने के बाद इन भारतीय उत्पादों की एक विस्तृत शृंखला पर टैरिफ (आयात शुल्क) हटाने की प्रतिबद्धता जताई है।
सवाल: क्या भारतीय ऑटो और विमानन सेक्टर को कोई विशेष छूट मिली है?
जवाब: बिल्कुल। विमानन क्षेत्र में, अमेरिका उन विमानों और उनके पुर्जों से टैरिफ हटा देगा जिन पर पहले एल्युमीनियम, स्टील और तांबे के आयात से जुड़े राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों के तहत शुल्क लगता था। वहीं, ऑटो सेक्टर के लिए, भारत को 'प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा' का लाभ मिलेगा। इसका सीधा अर्थ है कि भारतीय ऑटो पार्ट निर्माताओं को अमेरिकी बाजार में अन्य गैर-प्राथमिकता वाले आपूर्तिकर्ताओं की तुलना में शुल्क में रियायत मिलेगी, जो उन्हें एक प्रतिस्पर्धी बढ़त दिलाएगा।
सवाल: भारतीय फार्मा सेक्टर के लिए क्या शर्तें हैं?
जवाब: जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआइ्र) को इस ढांचे में शामिल किया गया है, जो भारतीय दवा निर्माताओं के लिए राहत की बात है। हालांकि, यह धारा 232 (Section 232) के तहत अमेरिकी जांच के निष्कर्षों के अधीन होगा। इसके बावजूद, समझौते का उद्देश्य भारतीय दवा कंपनियों के लिए बाजार के रास्ते खुले रखना है, जो अमेरिका में सस्ती दवाओं की आपूर्ति में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
अमेरिका के इन कृषि उत्पादों को भारत में बेचने की नहीं होगी मंजूरी
इन डेयरी के उत्पादों को भी भारत में नहीं मिलेगी एंट्री
सवाल: टैरिफ को लेकर क्या नियम तय हुए हैं?
जवाब: ढांचे के तहत, अमेरिका शुरुआत में भारतीय सामानों पर 18 प्रतिशत का पारस्परिक टैरिफ लागू करेगा। लेकिन, महत्वपूर्ण बात यह है कि अंतरिम समझौता फाइनल होने के बाद, अमेरिका ने जेनेरिक दवाओं, हीरे और विमान के पुर्जों जैसे कई भारतीय उत्पादों पर इन शुल्कों को हटाने का वादा किया है। इसके अलावा, भविष्य के व्यापक समझौते में टैरिफ को और कम करने की गुंजाइश भी रखी गई है।
सवाल: टेक्नोलॉजी और डिजिटल ट्रेड के मोर्चे पर क्या हासिल हुआ?
जवाब: यह डील सिर्फ पुराने उद्योगों तक सीमित नहीं है। इसमें ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (जीपीयू) और डेटा सेंटर्स में उपयोग होने वाले सामानों के व्यापार को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। दोनों देशों ने सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाने और तीसरे देशों की 'नॉन-मार्केट पॉलिसी' से निपटने के लिए सहयोग करने की बात कही है। साथ ही, डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण प्रथाओं को खत्म करने पर भी सहमति बनी है।
सवाल: दोनों देशों के लिए इस समझौते के क्या मायने हैं?
जवाब: यह अंतरिम ढांचा भारत और अमेरिका के बीच एक पूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में पहला ठोस कदम है। जहां एक तरफ यह भारतीय निर्यातकों के लिए अनुपालन की चुनौतियों को कम करेगा, वहीं दूसरी तरफ यह दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा। अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि इस ढांचे को अंतिम रूप कितनी जल्दी दिया जाता है और टैरिफ हटाने की समयसीमा क्या होगी।
MPC: UPI लेनदेन में फ्रॉड हुआ तो मिलेगा मुआवजा, ब्याज दरों में बदलाव नहीं, महंगाई पर नियंत्रण रहने का अनुमान
6 Feb, 2026 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
यूपीआई से लगातार बढ़ते लेनदेन के बीच ग्राहकों से फ्रॉड होने की खबरें भी बढ़ रही हैं। आरबीआई ने कहा है कि यूपीआई से होने वाले लेनदेन में फ्रॉड के बाद ग्राहकों को 25 हजार रुपए तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसे आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव न करने का निर्णय लिया है। रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर ही बरकरार रहेंगी। इसके पहले करीब एक साल के बीच आरबीआई ने रेपो रेट में 125 बेसिस अंकों की कटौती कर बाजार से नकदी घटाकर महंगाई पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया था। रिजर्व बैंक ने कहा है कि बाजार में अभी भी दो लाख करोड़ रुपए की तरलता मौजूद है। नए वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में महंगाई चार और 4.2 प्रतिशत पर बने रहने का अनुमान है। आरबीआई ने एमएसएमई सेक्टर और किसानों के लिए कर्ज लेना आसान बनाने के संकेत किए हैं। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट में निवेश और रोजगार बढ़ाने के उपाय किए हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भी सरकार की इसी नीति को आगे बढ़ाते हुए एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 लाख रुपए तक का कर्ज बिना गारंटी के लेने की प्रक्रिया आसान करने और कर्ज सीमा बढ़ाने की बात की है। इससे देश के छोटे उद्यमियों को बड़ा लाभ होने की संभावना है। इससे रोजगार के मोर्चे पर भी नए अवसर बनने की संभावना बढ़ेगी। वैश्विक अनिश्चितताओं और विभिन्न देशों से भारत के हो रहे समझौतों के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने भारत की विकास दर 7.4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान लगाया है। पहले के अनुमान 7.3 प्रतिशत से यह कुछ अधिक है। किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। यह लाभ ज्यादा किसानों तक पहुंचाने के लिए आरबीआई इसके नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा किसानों तक सस्ते कर्ज को आसानी से पहुंचाना है। आरबीआई इसके बारे में एक एक पोर्टल जारी करेगा। जिन कंपनियों का सीधा आम ग्राहकों से लेनदेन सीमित है और उनका कार्यक्षेत्र भी सीमित है, ऐसे कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाकर देश में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया गया है। आरबीआई द्वारा मौद्रिक नीति की घोषणा करने के पहले ही शेयर बाजार में गिरावट हुई और रेपो दरें समान बने रहने के बाद भी यह गिरावट में कारोबार कर रहा है। विदेशी पूंजी के बाहर निकलने से भी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ था। लेकिन शुक्रवार को रिजर्व बैंक ने बताया कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर पर बना हुआ है। स्वर्ण की खरीद से रुपए की स्थिति में सुधार आने की संभावना है।
अमेरिकी शेयर बाजार का हाल: बिटकॉइन में 9% तक की गिरावट; वैश्विक बाजारों पर भी दिख रहा वॉल स्ट्रीट का असर
6 Feb, 2026 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉल स्ट्रीट में आई कमजोरी और तकनीकी शेयरों में जारी बिकवाली का असर वैश्विक बाजारों पर दिखा। क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में भी तेज गिरावट आई और यह अपने रिकॉर्ड स्तर से लगभग आधे दाम पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस लौटने के बाद बिटकॉइन में आई पूरी तेजी लगभग खत्म हो चुकी है। शुक्रवार को अमेरिकी फ्यूचर्स और एशियाई शेयर बाजारों में ज्यादातर गिरावट दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों का कैसा रहा हाल?
जापान का निक्केई 225 सूचकांक 0.5 प्रतिशत चढ़कर 54,073.52 पर बंद हुआ। यह इस हफ्ते की शुरुआती गिरावट से उबरता दिखा, जिसमें टेक्नोलॉजी शेयरों ने बढ़त का नेतृत्व किया। सॉफ्टबैंक ग्रुप के शेयर 1.9 प्रतिशत और चिप निर्माता टोक्यो इलेक्ट्रॉन के शेयर 3 प्रतिशत चढ़े। जापान में रविवार को आम चुनाव होने हैं, जहां प्रधानमंत्री साने ताकाइची को मजबूत जनादेश मिलने की उम्मीद है।दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 1.7 प्रतिशत गिरकर 5,076.69 पर आ गया। टेक शेयरों में कमजोरी के कारण सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर 0.9 प्रतिशत और एसके हाइनिक्स के शेयर 0.6 प्रतिशत फिसले।हांगकांग का हैंग सेंग 1.2 प्रतिशत गिरकर 26,569.14 पर बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट लगभग सपाट रहा और 4,075.37 पर टिक गया। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 सूचकांक 1.6 प्रतिशत टूटकर 8,745.60 पर आ गया। ताइवान का ताइएक्स 0.2 प्रतिशत गिरा।
बिटकॉइन में आई नौ प्रतिशत की गिरावट
टेक शेयरों में इस हफ्ते आई बिकवाली के बीच बिटकॉइन में निवेशकों का उत्साह फीका पड़ा। शुक्रवार सुबह यह करीब 9 प्रतिशत गिरकर 65,000 डॉलर से नीचे कारोबार करता दिखा, जबकि गुरुवार को इसमें 12 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी। अक्तूबर में बिटकॉइन 1,24,000 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था।
अमेरिकी बाजारों में दिखी गिरावट
अमेरिकी बाजारों में एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.3 प्रतिशत और डॉव जोंस फ्यूचर्स 0.2 प्रतिशत नीचे रहे। गुरुवार को एसएंडपी 500 सूचकांक 1.2 प्रतिशत गिरकर 6,798.40 पर आ गया, जो पिछले सात सत्रों में छठी गिरावट रही। डॉव जोंस 1.2 प्रतिशत टूटकर 48,908.72 और नैस्डैक 1.6 प्रतिशत गिरकर 22,540.59 पर बंद हुआ।
एआई में हो रहे भारी निवेश ने तकनीकी शेयरों पर डाला दबाव
तकनीकी शेयरों पर दबाव बना रहा क्योंकि निवेशकों को चिंता है कि बड़ी टेक कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में किया जा रहा भारी निवेश वाकई मुनाफा दे पाएगा या नहीं। क्वालकॉम के शेयर बेहतर नतीजों के बावजूद 8.5 प्रतिशत टूट गए। अल्फाबेट के शेयर 0.5 प्रतिशत गिरे, जबकि अमेजन ने एआई और अन्य क्षेत्रों में पूंजीगत खर्च 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ाकर 200 अरब डॉलर करने की घोषणा के बाद आफ्टर-आर्स ट्रेडिंग में 11 प्रतिशत की गिरावट देखी। इस बीच, एक अमेरिकी एआई स्टार्टअप के नए टूल्स ने भी सॉफ्टवेयर शेयरों में बिकवाली को हवा दी, क्योंकि इनके चलते पारंपरिक सॉफ्टवेयर सेवाओं पर खतरा मंडराने लगा है।
सोने-चांदी की कीमतों में दिखी गिरावट
कीमती धातुओं में भी इस हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। सोने की कीमतें शुक्रवार को 1 प्रतिशत गिरकर 4,843.70 डॉलर प्रति औंस पर आ गईं, जबकि पिछले हफ्ते यह 5,600 डॉलर के करीब पहुंची थीं। चांदी की कीमतों में 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 71.63 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। पिछले शुक्रवार को इसमें 31 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई थी।
क्या रहा तेल बाजार का हाल?
तेल बाजार में मामूली तेजी रही। अमेरिकी कच्चा तेल 35 सेंट बढ़कर 63.64 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 36 सेंट चढ़कर 67.91 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। मुद्रा बाजार में डॉलर जापानी येन के मुकाबले कमजोर होकर 156.74 पर आ गया, जबकि यूरो 1.1789 डॉलर पर मजबूत हुआ।
RBI MPC: 2026 की पहली एमपीसी में नहीं बदला रेपो रेट, आरबीआई गवर्नर बोले-भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर
6 Feb, 2026 10:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वर्ष 2026 के पहले मौद्रिक नीति समिति के फैसलों का एलान शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया। केंद्रीय बजट 2026 और हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद यह पहली नीतिगत समीक्षा है, जिस पर दलाल स्ट्रीट और आर्थिक जगत की निगाहें टिकी थी। आरबीआई ने इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 'यथास्थिति' बनाए रखा है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने उम्मीदों के अनुरूप रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखने का फैसला किया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने घोषणा की है कि एमपीसी ने नीतिगत रुख को 'तटस्थ' बनाए रखने का निर्णय लिया है।
ब्याज दरें स्थिर, 'तटस्थ' रुख बरकरार
आरबीआई गवर्नर ने जोर देकर कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और घरेलू मुद्रास्फीति व विकास का परिदृश्य सकारात्मक है। गवर्नर ने यह भी साफ किया कि भविष्य में मौद्रिक नीति संशोधित शृंखला पर आधारित नए मुद्रास्फीति आंकड़ों से निर्देशित होगी। इससे पहले साल 2025 में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने उदार रुख अपनाते हुए रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट्स की बड़ी कटौती की थी। दिसंबर 2025 में हुई साल की अंतिम मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट और घटा दिया गया, जिससे यह 5.5% से घटकर 5.25% पर आ गया था।
जानिए पिछले साल और कब-कब हुई कटौती?
फरवरी: साल की शुरुआत में सतर्क रुख अपनाते हुए 25 बेसिस पॉइंट की पहली कटौती की गई।
अप्रैल: आर्थिक गति को बनाए रखने के लिए दूसरी बार फिर से 25 बेसिस पॉइंट की कमी की गई।
जून: यह साल की सबसे बड़ी कटौती थी, जहां रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को सीधा 50 बेसिस पॉइंट घटा दिया।
दिसंबर: साल के अंत में अंतिम नीति समीक्षा के दौरान 25 बेसिस पॉइंट की आखिरी कटौती कर रेपो रेट को 5.25% के स्तर पर लाया गया।
2026 की पहली एमपीसी के बाद मांग व खपत पर गवर्नर क्या बोले?
अर्थव्यवस्था के चालकों पर प्रकाश डालते हुए गवर्नर ने कहा कि कॉरपोरेट प्रदर्शन में सुधार और अनौपचारिक क्षेत्र में निरंतर गति से विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। मांग के मोर्चे पर, ग्रामीण मांग स्थिर बनी हुई है, जबकि शहरी खपत में और वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा, गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता और संभावित भारत-अमेरिका व्यापार सौदा निर्यात की गति को मजबूत समर्थन प्रदान करेंगे।
आर्थिक अनुमानों पर क्या बोले गवर्नर?
आरबीआई गवर्नर ने भविष्य के आर्थिक परिदृश्य पर भरोसा जताते हुए अगले वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया है, जिसके क्रमशः 6.9% और 7% रहने की उम्मीद है। महंगाई के मोर्चे पर, चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति 2.1% रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4% और दूसरी तिमाही में 4.2% रहने की संभावना जताई गई है। वैश्विक हालात के बारे में बोलते हुए गवर्नर ने कहा कि जनवरी के अंत तक विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के बहुत ही स्वस्थ स्तर पर है और चालू वित्त वर्ष में चालू खाता घाटा भी 'मध्यम' रहने की उम्मीद है।
आरबीआई मौद्रिक नीति
ब्याज दरें और रुख: आरबीआई ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। एमपीसी ने अपना रुख 'तटस्थ' बनाए रखा है।जीडीपी अनुमान में बढ़ोतरी: वित्त वर्ष 2027 की पहली (Q1) और दूसरी (Q2) तिमाही के लिए जीडीपी विकास दर के अनुमान को संशोधित कर बढ़ा दिया गया है, जो अब क्रमशः 6.9% और 7% रहने की उम्मीद है।मुद्रास्फीति का परिदृश्य: चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 2.1% रहने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इसके 4% और दूसरी तिमाही में 4.2% रहने की संभावना है। कीमती धातुओं को छोड़कर, अंतर्निहित मुद्रास्फीति दबाव शांत बने हुए हैं।MSME क्षेत्र को बड़ी राहत: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की सीमा को दोगुना कर 20 लाख रुपये कर दिया गया है।डिजिटल फ्रॉड पर सुरक्षा कवच: डिजिटल धोखाधड़ी में नुकसान होने पर ग्राहकों को 25,000 रुपये तक के मुआवजे के लिए जल्द ही एक फ्रेमवर्क लाया जाएगा। इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष उपाय प्रस्तावित किए गए हैं।वित्तीय बाजार सुधार: बैंकों को अब रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स को ऋण देने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही, कुछ प्रकार की एनबीएफसी (NBFCs) के लिए शाखा खोलने के नियमों में ढील दी जाएगी,।विदेशी मुद्रा भंडार: भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर के बेहद मजबूत स्तर पर है।निर्यात और खपत: गवर्नर ने कहा कि व्यापार समझौते निर्यात को बढ़ावा देंगे। इसके साथ ही, जीएसटी सुधार, मौद्रिक सुगमता और कम महंगाई निजी खपत को सहारा देंगे।अगली बैठक: आरबीआई एमपीसी की अगली बैठक 6 से 8 अप्रैल, 2026 के लिए निर्धारित की गई है।
Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में गिरावट जारी; चांदी ₹14000 तक टूटी, सोना ₹1500 सस्ता
6 Feb, 2026 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sone Chandi ka Aaj ka Rate: सोना-चांदी की कीमतों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बुलियन पर सोना की कीमतें गिरकर 1.50 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। वहीं चांदी 14000 रुपये सस्ती हुई। इसकी कीमत 2.33 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।सुबह 11 बजे तक सोना का भाव गिरकर 1.51 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत 9,720 रुपये सस्ती होकर 2.37 लाख प्रति किलो पर आ गई।
पिछले दिनों सर्राफा बाजार में सोने-चांदी में दिखी गिरावट
गुरुवार को चांदी 30,300 रुपये सस्ती होकर 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। वहीं सोना 4,500 रुपये की गिरावट के साथ 1.6 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में क्या रहा भाव?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के करीब दो सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचने और अमेरिका-चीन व्यापार तनाव में नरमी के संकेतों के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गुरुवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में लेन-देन करने वाले निवेशकों के लिए सोना महंगा हो गया, जिससे मांग पर असर पड़ा।स्पॉट गोल्ड की कीमत 2.5% गिरकर 4,838.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जो सत्र की शुरुआत में बने करीब एक सप्ताह के उच्च स्तर से फिसल गई। अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 1.9% टूटकर 4,855.60 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। चांदी में गिरावट और भी तीखी रही। स्पॉट सिल्वर की कीमत 14.9% लुढ़ककर 74.94 डॉलर प्रति औंस रह गई। गौरतलब है कि बीते सप्ताह ही चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था।
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम मचाएंगे कोहराम? खरीदने से पहले देखें अपने शहर के लेटेस्ट रेट
6 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Petrol Diesel Price Today: हर दिन की तरह आज भी यानी 6 फरवरी 2026 को भी तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल-डीजल के दाम जारी कर दिए गए हैं. जारी किए गए नए रेट्स के मुताबिक राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की किमत 94.77 रुपये प्रति लीटर है. वहीं डीजल की कीमत की बात करें तो यह 87.67 रुपये प्रति लीटर है.
अगर आप भी अपने गाड़ी में पेट्रोल या डीजल भरवाने जा रहे हैं तो पहले यहां अपने शहर के रेट को चेक कर लें. हालांकि हर राज्य में पेट्रोल-डीजल के दाम टैक्स की वजह से अलग होते हैं और इसका निर्धारण सेंट्रल अथॉरिटी द्वारा किया जाता है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टेंशन का असर पेट्रोल-डीजल पर कितना पड़ा आज हम चेक करते हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.45
0
मुंबई
₹103.54
0.04
चेन्नई
₹100.85
-0.1
गुड़गांव
₹95.50
-0.3
नोएडा
₹94.77
0
बेंगलुरु
₹102.96
0
भुवनेश्वर
₹101.11
0
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.46
0.04
जयपुर
₹104.72
0
लखनऊ
₹94.69
0
पटना
₹106.11
0.68
तिरुवनंतपुरम
₹107.33
0.01
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.40
-0.21
गुड़गांव
₹87.97
-0.29
नोएडा
₹88.01
0
बेंगलुरु
₹90.99
0
भुवनेश्वर
₹92.60
0
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹90.21
0
लखनऊ
₹87.81
0
पटना
₹92.32
0.65
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
सोना खरीदने का सबसे सुनहरा मौका! कीमतों में आई भारी गिरावट, चेक करें आपके शहर में क्या है नया रेट
6 Feb, 2026 08:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: दिल्ली के बाजार में आज यानी 6 फरवरी 2026 को 24 कैरेट सोने का भाव 15,456 रुपये प्रति ग्राम दर्ज किया गया है. वहीं, 22 कैरेट सोने की कीमत 14,169 रुपये प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोना 11,596 रुपये प्रति ग्राम पर कारोबार कर रहा है. यह दरें बाजार के नवीनतम अपडेट के अनुसार हैं और निवेशकों तथा आभूषण खरीददारों के लिए उपयोगी साबित हो सकती हैं.
वहीं राष्ट्रीय राजधानी में आज चांदी का भाव 299.90 रुपये प्रति ग्राम है, जबकि प्रति किलोग्राम दर 2,99,900 रुपये बताई जा रही है. चांदी हमेशा से दिल्लीवासियों के लिए पसंदीदा निवेश रही है. शहर की बड़ी आबादी और विवाह-त्योहारों की परंपरा के कारण चांदी की मांग लगातार बनी रहती है.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,621
₹14,319
₹12,249
मुंबई
₹15,441
₹14,154
₹11,581
दिल्ली
₹15,456
₹14,169
₹11,596
कोलकाता
₹15,441
₹14,154
₹11,581
बैंगलोर
₹15,441
₹14,154
₹11,581
हैदराबाद
₹15,441
₹14,154
₹11,581
केरल
₹15,441
₹14,154
₹11,581
पुणे
₹15,441
₹14,154
₹11,581
वडोदरा
₹15,441
₹14,621
₹11,964
अहमदाबाद
₹15,441
₹14,621
₹11,964
जयपुर
₹15,441
₹14,631
₹11,974
लखनऊ
₹15,441
₹14,631
₹11,974
कोयंबटूर
₹16,257
₹14,901
₹12,751
मदुरै
₹16,257
₹14,901
₹12,751
विजयवाड़ा
₹15,945
₹14,616
₹11,959
पटना
₹15,950
₹14,621
₹11,964
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मुंबई
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
दिल्ली
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोलकाता
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
बैंगलोर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
हैदराबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
केरल
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पुणे
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
वडोदरा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
अहमदाबाद
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
जयपुर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
लखनऊ
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
कोयंबटूर
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
मदुरै
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
विजयवाड़ा
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
पटना
₹3,201
₹32,010
₹3,20,100
व्यापार समझौता: अमेरिका में 800 डॉलर तक बिना शुल्क सुविधा खत्म, टैरिफ एक्ट से छोटे निर्यातक मुश्किल में कैसे?
6 Feb, 2026 06:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में 800 डॉलर तक बिना शुल्क माल भेजने की सुविधा खत्म होने से छोटे निर्यातक मुश्किल में है। अब शुल्क लगने के साथ ही छोटे-छोटे पार्सल को कस्टम प्रक्रिया के तहत बाहर आने में काफी वक्त लगने लगा है। कारोबारी और निर्यातक चाहते हैं कि भारत सरकार इस मुद्दे पर भी अमेरिका से बात करे। असल में पहले 800 डॉलर मूल्य तक की अमेरिका भेजी जाने वाली खेपों पर कोई शुल्क नहीं लगता था। लेकिन जब पिछले साल टैरिफ वार शुरू हुआ तो चरणबद्ध तरीके से भारतीय सामान पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगा दिया।इसके साथ ही, गत वर्ष संयुक्त राज्य अमेरिका के टैरिफ एक्ट, 1930 की धारा 321 के तहत अमेरिका ने यह सुविधा खत्म कर दी है। इस सुविधा से छोटे निर्यातकों, कारीगरों और सीमा पार ई-कॉमर्स से जुड़े उद्यमों को काफी मदद मिलती थी। इस छूट के समाप्त होने से कई चुनौतियां बढ़ी हैं।
अमेरिकी बाजार और छोटे उद्यम
हस्तशिल्प और श्रम आधारित उत्पाद बनाने वाले छोटे उद्यम अब अधिक लागत के कारण अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। पहले मिलने वाली यह सीमा ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय व्यापार को भी सुगम बनाती थी। अमेरिकी ग्राहकों तक सीधे भारतीय उत्पाद पहुंचाना था और अतिरिक्त शुल्क या जटिल दस्तावेजी प्रक्रिया की जरूरत नहीं होती थी।इससे कई भारतीय डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ब्रांडों को वैश्विक पहचान मिली। शुल्क बढ़ने से ऑर्डरों में आई कमी का सीधा असर रोजगार और आय पर पड़ रहा है। अब निर्यातक चाहते हैं कि भारत सरकार अमेरिका से बातचीत कर 800 डॉलर मूल्य तक की बिना शुल्क भेजी जाने वाली खेपों पर मिलने वाली छूट बहाल कराए।
कस्टम में माल बाहर आने में लग रहा ज्यादा समय
राजगढि़या एक्सपोर्ट के संस्थापक सुदीप का कहना है, ड्यूटी फ्री माल अमेरिका भेजने की सुविधा खत्म होने के नुकसान तो हो ही रहा है। साथ में, कस्टम में माल बाहर आने में बहुत वक्त लगने लगा है। सुविधा बंद होने से देशभर के लाखों छोटे उद्यमी मुश्किल हालात में हैं।
रोजगार और श्रमिकों की आय पर संकट
लोक नीति विशेषज्ञ एवं एसोचैम यूपी के को-चेयरमैन हसन याकूब का कहना है कि ऐसे छोटे निर्यातक उद्यम बड़ी संख्या में कारीगरों और कौशल आधारित श्रमिकों को रोजगार देते हैं। शुल्क बढ़ने से ऑर्डरों में आई कमी का सीधा असर रोजगार और आय पर पड़ता है। धारा 321 के अंतर्गत मिलने वाली यह सुविधा कस्टम प्रक्रिया को भी तेज और सरल बनाती थी, जिससे निर्यातक पूरी तरह अनुपालन के साथ व्यापार कर सकते थे। इस सुविधा के अभाव में भारतीय निर्यातक उन देशों की तुलना में पिछड़ जाते हैं, जिन्हें अब भी ऐसी छूट उपलब्ध है।भारत सरकार कम मूल्य वाले भारतीय शिपमेंटों को बिना शुल्क प्रवेश देने के लिए स्थिर नीति सुनिश्चित करने का आग्रह करे। यह कदम छोटे उद्यमों, कारीगरों, निर्यातकों और तेजी से बढ़ रहे ई-कॉमर्स निर्यात तंत्र को सशक्त करेगा । मेक इन इंडिया, लोकल के लिए वोकल और वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भागीदारी को और मजबूती देगा।
Biz Updates: सेबी ने 15 लोगों पर लगाया 3 साल का शेयर बाजार प्रतिबंध; पीएफसी देगी चार रुपये का अंतरिम लाभांश
6 Feb, 2026 06:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेबी ने गुरुवार को 15 लोगों पर तीन साल का शेयर बाजार प्रतिबंध लगा दिया और टेलीग्राम चैनलों पर भ्रामक शेयर अनुशंसाओं के माध्यम से यूनिसन मेटल्स के शेयरों में हेरफेर करने के लिए कुल 3.6 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।इसके अलावा, नियामक ने 10 लोगों को 3.87 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध लाभ वापस करने का निर्देश दिया। यह राशि 45 दिनों के भीतर सेबी के निवेशक संरक्षण और शिक्षा कोष में जमा करना होगा। सेबी ने विभिन्न नियामक मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 15 व्यक्तियों पर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना भी लगाया। सेबी ने अपने 98 पन्नों के आदेश में पाया कि ययाति हसमुखराय नाडा, निराली नाडा, जसवंतभाई पटेल, जिग्नेश प्रवीणभाई पेठानी, नहुष अश्विनभाई शुक्ला, प्रजेश ए शुक्ला, रीताबेन अश्विनकुमार शुक्ला और हार्दिक जे पटेल आपस में जुड़े हुए हैं।नोटिस पाने वाले नंबर 1 (यायाती) नोटिस पाने वाले नंबर 2, 6, 7 और 9 (निराली, नहुष, प्रजेश और रीताबेन) की ओर से निवेश संबंधी निर्णय ले रहे थे और नोटिस पाने वाले नंबर 4 (जिग्नेश) को उनके लेन-देन के बारे में सलाह भी दे रहे थे।
डीमैट फॉर्म में रखे गए यूनिट्स के लिए सुविधा का होगा विस्तार
बाजार नियामक सेबी ने म्यूचुअल फंड के डीमैट फॉर्म में रखे गए यूनिट्स के लिए सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (एसडब्ल्यूपी) और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) के लिए स्थायी निर्देश की सुविधा का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा है। इससे कारोबार में आसानी होगी। अभी ऐसे स्थायी निर्देश केवल स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट (एसओए) मोड में रखे गए यूनिट्स के लिए उपलब्ध हैं। इससे डीमैट निवेशकों को प्रत्येक लेनदेन के लिए अलग-अलग निर्देश देने होते हैं। चर्चा पत्र में सेबी ने सुझाव दिया है कि इस सुविधा के विस्तार को दो चरणों में लागू करने का प्रस्ताव है। पहले चरण में निवेशक डिपॉजिटरी या स्टॉक एक्सचेंज सदस्यों के माध्यम से यूनिट-आधारित एसडब्ल्यूपी व एसटीपी मैंडेट पंजीकृत कर सकेंगे। इनका निष्पादन स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। दूसरे चरण में एसडब्ल्यूपी और एसटीपी निर्देशों को आरटीए के माध्यम से पूरा करने की अनुमति दी जाएगी। इससे राशि आधारित और अन्य प्रकार के एसटीपी जैसे मूल्यवृद्धि आधारित और स्विंग एसटीपी संभव हो सकेंगे। सेबी ने 26 फरवरी तक प्रस्तावों पर टिप्पणियां आमंत्रित की हैं। इस सुविधा का विस्तार निवेशकों और बाजार मध्यस्थों के लिए परिचालन को आसान बनाएगा और कारोबार करने में आसानी को बढ़ाएगा।
छतरियों पर न्यूनतम 100 रुपये लगेगा आयात शुल्क
सरकार ने छतरियों पर न्यूनतम आयात शुल्क 100 रुपये प्रति पीस निर्धारित किया है। इससे घरेलू स्तर पर छतरियों के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। डीजीएफटी ने कहा, तैयार छतरियों की आयात नीति और शर्तें मुक्त से प्रतिबंधित कर दी गई हैं। अगर लागत, बीमा, भाड़ा मूल्य 100 रुपये प्रति पीस या उससे अधिक है, तो आयात मुक्त रहेगा। हालांकि, ये प्रतिबंध अग्रिम प्राधिकरण प्राप्त आयातकों, निर्यात उन्मुख इकाइयों और एसईजेड पर लागू नहीं होंगे।
टाटा मोटर्स पीवी को 3,483 करोड़ का घाटा
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को तीसरी तिमाही में 3,483 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है। जगुआर लैंड रोवर में हुई साइबर घटना से कंपनी के घाटे में बढ़त आई है। परिचालन से राजस्व 70,108 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा, एक साल पहले की समान अवधि में यह 94,472 करोड़ रुपये था। खर्च भी बढ़कर 74,880 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 89,698 करोड़ रुपये था।पीएफसी देगी चार रुपये का अंतरिम लाभांश पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन को दिसंबर तिमाही में 8,211.90 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में यह 6 फीसदी अधिक है। आय तीसरी तिमाही में 9 प्रतिशत बढ़कर 29,140 करोड़ रही। अप्रैल-दिसंबर में शुद्ध लाभ 13 फीसदी बढ़कर 22,157 करोड़ रुपये रहा। लोन बुक बढ़कर 11.51 लाख करोड़ रहा। कंपनी चार रुपये प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश देगी।एयरटेल के मुनाफे में 55 फीसदी की गिरावट भारती एयरटेल को दिसंबर तिमाही में 6,630.5 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में यह 55 फीसदी कम है। कंपनी ने कहा, राजस्व 19.6 प्रतिशत बढ़कर 53,982 करोड़ रुपये रहा। भारत में राजस्व सालाना आधार पर 13.2 प्रतिशत बढ़कर 39,226 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान हर ग्राहक से कमाई 5.7 फीसदी बढ़कर 259 रुपये पर पहुंच गई है।गोदरेज प्रॉपर्टीज का मुनाफा 23 फीसदी बढ़ा रियल एस्टेट कंपनी गोदरेज प्रॉपर्टीज को तीसरी तिमाही में 193.87 करोड़ रुपये का फायदा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 23 फीसदी अधिक है। आय घटकर 1,033.84 करोड़ रह गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,239.97 करोड़ रुपये थी। कार्यकारी अध्यक्ष पिरोजशा गोदरेज ने कहा, बुकिंग व आय के मामले में मजबूत वृद्धि हुई है।ई-वे बिल ढांचे में सुधार के लिए राज्यों से बातचीत कर रहा केंद्र केंद्र सरकार ई-वे बिल ढांचे में सुधार के लिए राज्यों के साथ बातचीत कर रही है। इस पर जीएसटी परिषद की अगली बैठक में चर्चा होने की संभावना है। 2025-26 की आर्थिक समीक्षा में कहा गया, जीएसटी सुधारों की लहर ई-वे बिल प्रणाली को केवल प्रवर्तन और नियंत्रण के रूप में नहीं, बल्कि सुगम माल ढुलाई के एक साधन के रूप में पुनर्परिभाषित करने पर केंद्रित हो सकती है। ई-वे बिल सुधारों से माल ढुलाई व्यवस्था में उदारीकरण होगा। इससे व्यापार के लिए लागत और देरी कम होगी। साथ ही टैक्स गवर्नेंस के लिए प्रभावी व गैर-हस्तक्षेपकारी निगरानी बनी रहेगी। सूत्रों ने कहा, हम ई-वे बिल सुधार पर राज्यों के साथ काम कर रहे हैं और इसे जीएसटी परिषद के समक्ष रखेंगे। वित्त मंत्री की अध्यक्षता में और राज्य मंत्रियों से मिलकर बनी जीएसटी परिषद की बैठक 3 सितंबर को हुई थी। इसमें 375 वस्तुओं पर कर दरों में कटौती और स्लैब को घटाने का निर्णय लिया गया था। ई-वे बिल प्रस्ताव परिषद के समक्ष रखा जाएगा। आर्थिक समीक्षा में ई-सील व इलेक्ट्रॉनिक लॉकिंग सिस्टम के उपयोग का सुझाव है, जिन्हें ई-वे बिल व वाहन-ट्रैकिंग तकनीकों के साथ जोड़ना जाना चाहिए। इससे सड़क पर बार-बार रोके बिना माल की संपूर्ण ट्रैकिंग हो सकेगी।
आज सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले; US डॉलर के मुकाबले रुपये में मामूली मजबूती
5 Feb, 2026 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी सूचकांक- सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी आज लाल निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 278.72 अंक गिरकर 83,538.97 पर आ गया, जबकि निफ्टी 94.15 अंक गिरकर 25,681.85 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे बढ़कर 90.40 पर पहुंच गया।सेंसेक्स में सूचीबद्ध कंपनियों में पिछड़ने वाली शीर्ष कंपनियों पर नजर:
इंटरग्लोब एविएशन
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
एक्सिस बैंक
लार्सन एंड टुब्रो
टाटा स्टील
भारती एयरटेल
शेयर बाजार में मंदी के साथ कारोबार के बीच गुरुवार को लाभ कमाने वाली कंपनियां:
हिंदुस्तान यूनिलीवर
ट्रेंट
एनटीपीसी
इंफोसिस
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
भारत के बाहर गुरुवार को एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 3 प्रतिशत से अधिक गिरा, जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी लाल निशान पर कारोबार कर रहे हैं।इससे पहले बुधवार को कारोबारी सत्र समाप्त होने के बाद शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए थे। आईटी ब्लू-चिप शेयरों में भारी गिरावट के कारण बाजारों में तेजी सीमित रहने से 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 78.56 अंक या 0.09 प्रतिशत बढ़कर 83,817.69 पर बंद हुआ। दिन के कारोबारी सत्र के दौरान, सेसेक्स ने 83,947.53 का उच्च स्तर और 83,119.95 का निम्न स्तर छुआ, जिसमें 827.58 अंकों का उतार-चढ़ाव आया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 48.45 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 25,776 पर बंद हुआ।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 68.07 अमेरिकी डॉलर पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2 प्रतिशत गिरकर 68.07 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 29.79 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
आज सर्राफा बाजार में मंदी, चांदी की दरों में ₹25000 की कमी, सोना करीब ₹1800 सस्ता हुआ
5 Feb, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले कुछ दिनों से सोने-चांदी की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव जारी है। अमेरिका और भारत की व्यापार समझौते के बाद 3 फरवरी को सोना और चांदी के भावों में आई बढ़ोतरी के बाद अब आज गुरुवार (05 फरवरी) को कीमतों में मंदी देखने को मिली है। आज गुरुवार को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की जा रही है। एक झटके में चांदी जहां करीब 25000 रुपए प्रति किलो टूटी है तो सोने के भाव भी प्रति दस ग्राम 1800 रुपए सस्ता हुआ है।
तीन लाख के करीब पहुंची चांदी की चमक, सोने ने भी पकड़ी तेज रफ्तार; जानें कितनी बढ़ीं कीमतें
4 फरवरी को क्या थे भाव?
सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन यानी 4 फरवरी को तेज उछाल आया था। चांदी करीब 2.98 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा। सर्राफा कारोबारियों के अनुसार चांदी की कीमत 14,300 रुपये उछलकर 2,98,300 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,84,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 7,400 रुपये चढ़कर 1,65,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंचा। एक दिन पहले इसका बंद भाव 1,57,700 रुपये प्रति 10 ग्राम था। दोनों धातुओं में यह उछाल टैक्स सहित कीमतों में दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी सोना-चांदी की कीमतें
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग बढ़ने से पीली धातु में जोरदार उछाल आया।स्पॉट गोल्ड 2.8% की तेजी के साथ 5,076.01 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले सोने में 5.9% की छलांग लगी थी, जो नवंबर 2008 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त रही। पिछले गुरुवार को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई 5,594.82 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा था। वहीं, अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 3.3% चढ़कर 5,097.20 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करते दिखे।चांदी की कीमतों में भी तेज उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती आई। स्पॉट सिल्वर 5% बढ़कर 89.38 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। इससे पहले गुरुवार को चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक गई थी, लेकिन शुक्रवार को एक ही सत्र में 27% की रिकॉर्ड गिरावट के बाद सोमवार को यह एक महीने के निचले स्तर 71.33 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गई थी।
आज पेट्रोल-डीजल के दाम में बड़ा उलटफेर! सुबह-सुबह जारी हुए नए रेट, जानें आपके शहर में क्या है हाल
5 Feb, 2026 07:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 5 फरवरी गुरुवार है. आज के पेट्रोल-डीजल के रेट जारी हो चुके हैं. बता दें कि तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे तेल कंपनियां दाम लाइव करती हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है. अगर आप टंकी फुल कराने जा रहे हैं तो यहां आप अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर सकते हैं.
कौन तय करता है पेट्रोल-डीजल के रेट: भारत में फ्यूल की कीमतें सेंट्रल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित की जाती हैं और देश की कई फैक्टर्स और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, किसी कीमत की अनुमति दी जाती है. इसका पालन डीजल रिटेलर्स और यूजर्स को सख्ती से पालन करना होता है. ऐसे कई कारक हैं जो या तो फ्यूल की कीमतों को नीचे लाते हैं या फिर उन्हें बढ़ाते हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.41
0
मुंबई
₹103.54
0.04
चेन्नई
₹100.80
-0.1
गुड़गांव
₹95.26
-0.3
नोएडा
₹94.90
0
बेंगलुरु
₹102.92
0
भुवनेश्वर
₹101.03
0
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.50
0.04
जयपुर
₹104.72
0
लखनऊ
₹94.69
0
पटना
₹106.11
0.68
तिरुवनंतपुरम
₹107.49
0.01
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.39
-0.1
गुड़गांव
₹87.73
-0.29
नोएडा
₹88.01
0
बेंगलुरु
₹90.99
0
भुवनेश्वर
₹92.60
0
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹90.21
0
लखनऊ
₹87.81
0
पटना
₹92.32
0.65
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
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