बिहार-झारखण्ड
IndiGo की दिल्ली फ्लाइट में बड़ा खतरा टला, पक्षी से टकराने पर पटना में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
9 Jul, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना से दिल्ली आ रही इंडिगो की फ्लाइट में बर्ड हिट की वजह से पटना एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी है. लैंडिंग के बाद इस फ्लाइट को कैंसल कर दिया गया है. इंडिगो यात्रियों के लिए दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर रही है. विमान में 175 यात्री सवार थे.
करीब 175 यात्रियों को लेकर दिल्ली आ रही इंडिगो का एक फ्लाइट बुधवार सुबह उड़ान भरने के बाद पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर वापस लौट आया क्योंकि पक्षी टकराने की वजह से उसके एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई थी. एयरपोर्ट के अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि फ्लाइट में सवार सभी 175 यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं.
रनवे पर कुछ टुकड़ों में दिखा एक पक्षी
पटना एयरपोर्ट की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “पटना से दिल्ली जाने वाले IGO5009 फ्लाइट के भारतीय समयानुसार सुबह 8:42 बजे उड़ान भरने के बाद पक्षी टकराने की जानकारी मिली. इसके बाद निरीक्षण किया गया तो रनवे पर कुछ टुकड़ों में एक पक्षी मृत मिला.”
“फिर एप्रोच कंट्रोल यूनिट (Approach Control Unit) के जरिए फ्लाइट को भी इसकी जानकारी दी गई. एप्रोच कंट्रोल यूनिट से मैसेज मिला कि एक इंजन में कंपन के कारण फ्लाइट ने भी पटना वापस आने का अनुरोध किया है. इस दौरान लोकल स्टैंड-बाय घोषित कर दिया गया और फ्लाइट भारतीय समयानुसार सुबह 9:03 बजे रनवे 7 पर सुरक्षित रूप से उतर गया. फ्लाइट में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं.”
एयरपोर्ट पर फ्लाइट की जांच पड़ताल की जाएगी. एयरपोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है.
कल वापस लौटी थी इंदौर-रायपुर फ्लाइट
इंडिगो एयरलाइंस की इंदौर-रायपुर फ्लाइट को कल मंगलवार को उड़ान भरने के थोड़ी देर बाद ही तकनीकी खराबी के चलते स्थानीय देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पर वापस उतारा गया जिसमें 51 यात्री सवार थे. इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या 6ई-7295 में तकनीकी खराबी का अहसास पायलट को तब हुआ, जब यह इंदौर से उड़ान भरते हुए आकाश में करीब 60 नॉटिकल मील की दूरी तय कर चुका था.
इससे पहले कल भी एक फ्लाइट की उड़ान में बाधा आई थी. गुजरात के सूरत से जयपुर जाने वाली इंडिगो की एक फ्लाइट में करीब 45 मिनट की देरी हुई, क्योंकि टेक ऑफ से पहले विमान के लगेज कंपार्टमेंट के दरवाजे पर मधुमक्खियों का झुंड देखा गया.
फिर ग्राउंड स्टाफ की ओर से जानकारी दिए जाने के बाद अग्निशमन गाड़ी मौके पर पहुंची और पानी का छिड़काव कर खुले दरवाजे के किनारे से मधुमक्खियों को हटाया गया. इस वजह से सूरत-जयपुर फ्लाइट के उड़ान में करीब 45 मिनट की देरी हुई.
सड़क से सत्ता तक की लड़ाई! राहुल और तेजस्वी की जोड़ी आज पटना की सड़कों पर उतरेंगे
9 Jul, 2025 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण के मसले पर बिहार बंद का इंडिया गठबंधन ने भी समर्थन किया है. बता दें, आज विपक्ष के नेता बिहार बंद का आह्वान करेंगे. इस बिहार बंद में मुख्य रूप से राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस पार्टी और वाम दल शामिल होंगे. इस संबंध में आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि वामपंथी दलों से जुड़े मजदूर यूनियनों ने अपनी मांगों के समर्थन में आज (9 जुलाई) बिहार में चक्का जाम आंदोलन का आह्वान किया है.
दरअसल कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज सुबह 9:30 बजे, इनकम टैक्स गोलंबर से वीरचंद पटेल पथ, शहीद स्मारक होते हुए चुनाव आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च करेंगे और विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे.
राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पैदल यात्रा
इस कार्यक्रम में इंडिया गठबंधन के कोऑर्डिनेशन कमेटी के चेयरमैन और बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, वीआईपी के मुकेश साहनी और वाम दलों के नेता भी शामिल होंगे.
इस दौरान राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की पैदल यात्रा के साथ-साथ आयकर चौराहा से आयोग दफ्तर तक रहेंगे. आरजेडी के प्रवक्ता एजाज अहमद बताया कि भारतीय निर्वाचन आयोग के द्वारा बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 30 जून से चलाया जा रहा है, जिसकी अंतिम तिथि 25 जुलाई रखी गई है.
विशेष गहन पुनरीक्षण का विरोध
इंडिया महागठबंधन का मानना है कि बिहार में पिछड़े, अतिपिछड़े, दलितों, आदिवासियों एवं अल्पसंख्यकों के साथ गरीब मतदाताओं के नामों की छंटनी करने के लिए एनडीए के इशारे पर यह विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य किया जा रहा है. उनका आरोप है कि यह मताधिकार छीनने की साजिश है.
बिहार में पूर्ण चक्का जाम
इस तरह के आलोकतांत्रिक रवैये का विरोध करने के लिए इंडिया महागठबंधन के द्वारा आज आयोजित बिहार में पूर्ण चक्का जाम 9 बजे आरजेडी के राज्य कार्यालय, 2 वीरंचद पटेल पथ से शुरू किया जाएगा. एजाज अहमद ने बताया कि पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधान सभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के साथ दीपंकर भट्टाचार्य, एमए बेबी और डी राजा भी मौजूद रहेंगे. इस बिहार बंद में महागठबंधन के अन्य नेतागण भी चक्का जाम आंदोलन में शामिल होंगे.
“मर जाओ” कहकर पति चला गया, और पत्नी ने सच में ले ली जान — पति के शब्द बने मौत की वजह
9 Jul, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के सिवान जिले से आत्महत्या का एक मामला सामने आया है. जिले के भगवानपुर हाट थाना इलाके के रामपुर छोटा दीगर गांव में एक महिला ने फंदा लगाकर अपना जीवन समाप्त कर लिया. महिला ने पति से विवाद होने के बाद ये खौफनाक कदम उठाया. रविवार रात को करीब 10 बजे आम खाने को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया.
इसके बाद पत्नी नाराज हो गई और कमरे में जाकर फंदा लगा लिया. मृतका की पहचान चंदा देवी (35) के रूप में हुई है. घटना के बाद परिवार वाले घर छोड़कर फरार हैं. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को बरामद कर सदर अस्पताल भिजवाया. बतया जा रहा है कि मृतक महिला का पति चंडीगढ़ में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है. वो रविवार सुबह ही घर पहुंचा था.
आम धोकर लाने को कहा तो नाराज हुई पत्नी
रात में पति खाना खाने बैठा था, उसी समय उसने पत्नी से आम खाने के लिए मांगा. पत्नी ने उसको आम लाकर खाने के लिए दिया. इसके बाद पति ने पत्नी से कहा कि वो आम धोकर लाए. पति की इसी बात से पत्नी नाराज हो गई और आम को धोकर लाने से मना कर दिया. पत्नी ने पति से कहा कि आप लोग मुझको इसी तरह परेशान करते रहते हैं. अगर परेशान करना नहीं छोड़ा तो मैं मर जाऊंगी.
पति ने पत्नी ने कह दी ये बात
इस पर पति ने पत्नी ने कह दिया कि वो जाकर मर जाए. बस फिर क्या था नाराज पत्नी उठी और कमरे में जाकर रस्सी के सहारे झूल गई. मृतक महिला के 10 साल के बेटे ने पापा-मम्मी में विवाद होने की बात बताई. बेटे ने बताया कि इसी विवाद के बाद मम्मी ने खुदकुशी कर ली. बेटे ने बताया कि वो मोहर्रम के मेले में गया था. घर आया छोटे भाई ने सब बताया.
वहीं इस पूरी घटना को लेकर पुलिस ने कहा कि अभी साफ तौर पर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है. मृतक महिला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाएगी, उसके बाद ही वजह पता चल सकेगी.
पूर्णिया नरसंहार का मास्टरमाइंड तांत्रिक, रच डाली तंत्र की आड़ में जलती लाशों की साजिश
9 Jul, 2025 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णियां के टेटगामा गांव में पांच लोगों को जिंदा जलाने की घटना ने पूरे बिहार को झकझोर दिया है. इस हत्याकांड से टेटगामा के आसपास के 23 गांवों के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है. इस घटना पर कोई कुछ नहीं बोल रहा है. आसपास के गांववालों और जनप्रतिनिधियों से पुलिस ने पूछताछ का प्रयास भी किया, मगर कोई सफलता हाथ नहीं लगी.
मृतक बाबू लाल उरांव तंत्र-मंत्र का काम करता था. भीड़ ने बाबूलाल और उसके परिवार के चार सदस्यों की जिंदा जलाकर हत्या कर दी. घर की दो महिलाओं पर डायन होने का आरोप लगाया. इस हत्याकांड को क्यों अंजाम दिया गया, पहले जान लेते हैं इसकी पूरी वजह.
बीमार बच्चे पर होती रही तंत्र क्रिया
बाबूलाल का पड़ोसी रामदेव उरांव का 8 वर्षीय बच्चा धान का बिचड़ा उखाड़ने खेत गया था. बताया जाता है कि बच्चा सुबह से भूखा था. बच्चे की दादी ने बताया कि उसका पोता दोपहर घर खाना खाने आया और कपड़ा खोलते ही आंगन में गिर गया. इसके बाद उसे तांत्रिक नकुल उरांव के पास ले जाया गया, जहां देर रात्रि तक बच्चे के ऊपर तांत्रिक क्रिया होती रही, मगर उसकी मौत हो गई.
तांत्रिक नकुल उरांव ने बच्चे के परिजन को भड़काया
तांत्रिक नकुल उरांव ने बच्चे की मौत के बाद उसके पिता राजाराम को बताया कि इन सबके पीछे तांत्रिक बाबूलाल है. बाबूलाल के तंत्र क्रिया की वजह से ये सब हो रहा है. इसके बाद से परिजन बच्चे को जिंदा करने का दबाव बाबूलाल पर बना रहे थे. करीब चार दिनों से यह मामला टेटगामा गांव मे चल रहा था.
गांव में बैठी पंचायत
मामला तब गरमाया, जब राजाराम के घर के दो और बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. बताया जाता है कि दो बच्चे, जिनमें मृतक बच्चे का ममेरा भाई और बहन भी शामिल हैं, इन्हें मामूली-सर्दी खांसी और बुखार हुआ था. इन लोगों का भी इस तांत्रिक नकुल उरांव के पास इलाज कराया गया. इसके बाद गांव में पंचायती बैठी और बाबूलाल उरांव पर तंत्र-मंत्र करने का आरोप लगाया गया.
गांव के प्रमुख तांत्रिक नकुल उरांव ने अपने प्रतिद्वंदी तांत्रिक बाबूलाल उरांव पर बच्चों की हत्या तंत्र मंत्र के द्वारा करने का आरोप लगाया. इसके बाद ग्रामीण उग्र हो गए और बाबूलाल उरांव के साथ-साथ उसके परिजन की भी पिटाई शुरू कर दी. सभी के ऊपर पेट्रोल छिड़क कर जिंदा जला दिया गया. शवों को पास के ही पोखर में फेंक दिया गया.
शवों को दफनाया
फिर सुबह 3:00 बजे पुनः सभी के शवों को बोरे में डालकर 2 किलोमीटर दूर दरगाह घेसरिया बहियार में मिट्टी के नीचे दफना दिया गया. काफी पूछताछ के बाद आरोपी नकुल उरांव ने घटनास्थल की जानकारी दी. इसके बाद देर शाम सभी 5 शवों को पुलिस ने बरामद किया और मजिस्ट्रेट की निगरानी में रात्रि में पोस्टमार्टम कर सुबह सभी शवों का पुलिस और आला अधिकारियों के मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया है.
बताया जा रहा है कि आरोपी नकुल उरांव इस क्षेत्र में मिट्टी माफिया के नाम से मशहूर है. अपनी दबंगई से वह आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी खनन कर उसे बेचने का काम करता है. रात्रि में मिट्टी ढोने वाले ट्रैक्टर से सभी पांच शवों को गांव से 2 किलोमीटर दूर ले जाकर दफना दिया गया. नकुल उरांव की निशानदेही पर पुलिस ने उस ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया गया है.
जन सुराज से जुड़े मनीष कश्यप, क्या युवाओं को साधने की रणनीति में सफल होंगे प्रशांत किशोर?
8 Jul, 2025 06:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के साथ चर्चित और विवादित यूट्यूबर मनीष कश्यप ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया है. प्रशांत किशोर ने सोमवार को पटना के बापू भवन में प्रशांत किशोर को पार्टी की सदस्यता दिलाई. पिछले महीने मनीष कश्यप ने नाराज होकर बीजेपी छोड़ दी थी और अब जन सुराज पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक पारी को आगे बढ़ाने का काम किया.
मनीष कश्यप का पार्टी में स्वागत करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की चाहत रखने वाले सभी लोगों को साथ आना चाहिए. मनीष को साथ लेकर पीके ने भले ही अपने समीकरण को दुरुस्त करने का दांव चला हो, लेकिन इसके साथ ही उनकी अतीत की सियासी परत दर परत खोली जाने लगी है. महात्मा गांधी से लेकर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ की गई मनीष कश्यप की टिप्पणी जन सुराज पार्टी के लिए सियासी तौर पर महंगा न पड़ जाए?
बीजेपी छोड़कर पीके साथ आए मनीष कश्यप
मनीष कश्यप पिछले साल 2024 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले ही बीजेपी में शामिल हुए थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. इसके बाद उनका पार्टी से मोहभंग हो गया. 19 मई को पटना मेडिकल कॉलेज में हुई घटना के दौरान मनीष कश्यप को 3 घंटे के लिए बंधक बना लिया गया था. एक जूनियर डॉक्टर से उनकी कहासुनी के बाद कुछ डॉक्टरों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की थी. इस घटना के बाद ही उनकी नाराजगी बढ़ गई और सात जून को सीधे फेसबुक पर लाइव आकर बीजेपी को अलविदा कह दिया.
माना जाता है कि मनीष कश्यप बीजेपी नेता और नीतीश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से नाराज थे. इसीलिए उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. उन्होंने कहा था, “बीजेपी में रहकर मैं खुद को नहीं बचा पाया तो लोगों की मदद क्या करूंगा. मैंने अपना सब कुछ पार्टी को समर्पित किया लेकिन अब इस फैसले के लिए मजबूर हो गया हूं.” मनीष ने बीजेपी से नाता तोड़ने के बाद प्रशांत किशोर और उदय सिंह से मुलाकात की थी, जिसके बाद ही उनके जुन सुराज पार्टी में शामिल होने की इबारत लिख दी गई थी.
मनीष कश्यप ने थामा जन सुराज का दामन
बिहार के सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मनीष कश्यप सोमवार को प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान पीके ने कहा, “मनीष कश्यप सिर्फ जन सुराज के लिए एक यूट्यूबर नहीं हैं, न ही वह पूर्व बीजेपी नेता हैं बल्कि वह बिहार के बेटे हैं, जिन्होंने अपनी ताकत, कड़ी मेहनत और बुद्धिमता के जरिए अपनी खास पहचान बनाई है. अब वह बिहार के लिए कुछ करना चाहते हैं.” उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी एक ऐसा मंच है, जो बिहार में योगदान देने के इच्छुक प्रत्येक युवा और व्यक्ति को अवसर प्रदान करता है.
प्रशांत किशोर ने कहा, “बिहार में व्यवस्था परिवर्तन की चाहत रखने वाले सभी लोगों को साथ आना चाहिए, क्योंकि जन सुराज प्रदेश में बदलाव लाने के लिए संघर्ष कर रही है. अगर वह (मनीष कश्यप) जन सुराज में शामिल हो गए हैं तो मैं उन्हें बिहार बदलाव के अभियान में उनकी भूमिका निभाते देखता हूं.” वहीं, जन सुराज में शामिल होने के साथ मनीष कश्यप ने कहा कि वो बीजेपी में 13 महीने रहे, लेकिन इस बार चुनाव बिहार के भाग्य का चुनाव है.
मनीष कश्यप में पीके देख रहे सियासी फायदा
मनीष कश्यप के यूट्यूब चैनल पर करीब 10 मिलियन सब्सक्राइबर हैं और बिहार के भूमिहार समुदाय से आते हैं. मनीष यूट्यूब के जरिए अपनी आवाज उठाते रहते हैं और उनका यूट्यूब सबस्क्राइबर बेस मजबूत है. इन सबस्क्राइबर में आधे से ज्यादा बिहार के बाशिंदे या प्रदेश से बाहर रह रहे बिहारी हैं. प्रशांत किशोर को मनीष के आने से सियासी फायदा मिलने की उम्मीद है. मनीष अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नैरेटिव गढ़ते हैं, जिसका लाभ पाने के लिए पीके ने उन्हें अपने साथ मिलाया है.
विवादास्पद यूट्यूबर मनीष कश्यप भूमिहार जाति से आते हैं. जेल जाने से लेकर बीजेपी में शामिल होने तक उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव वाला रहा है. लेकिन बिहार में जाति पॉलिटिक्स उन्हें बिहार चुनाव में जन सुराज के सियासी खांचे में फिट बैठा रही है. मनीष उत्तर बिहार के बेल्ट में जन सुराज को सियासी तौर पर मजबूती दे सकते हैं. कश्यप के जरिए प्रशांत किशोर एक बड़ा भूमिहार कार्ड खेल सकते हैं.
मुजफ्फरपुर और बेगूसराय जैसे क्षेत्रों में भूमिहार वोटरों का दबदबा है और कश्यप की लोकप्रियता युवाओं को आकर्षित कर सकती है, लेकिन मनीष कश्यप सरकार विरोधी पब्लिसिटी में ज्यादा माहिर हैं. ऐसे में उनकी यही स्ट्रैटेजी प्रशांत किशोर के लिए भूमिहार वोटों को जोड़ने में मास्टर स्ट्रोक बन सकती है, लेकिन जन सुराज पार्टी में आने से मुस्लिम और दूसरे सेकुलर वोटों का गणित गड़बड़ाने का खतरा है.
पीके का गड़बड़ा न जाए मुस्लिम समीकरण
बिहार की सियासत में प्रशांत किशोर मुस्लिम वोटों को साधने के लिए तमाम जतन कर रहे हैं, लेकिन मनीष के जन सुराज पार्टी में शामिल होने के बाद, जिस तरह से उनके अतीत में दिए गए बयानों को सोशल मीडिया में वायरल किया जा रहा है, वो प्रशांत किशोर के लिए चिंता का सबब बन सकती है. उन्होंने जब अपना यूट्यूब चैनल बनाया था, तो पूरी तरह से उसे मुस्लिम विरोध के एजेंडे पर रखा था. मुसलमानों को लेकर तमाम विवादित और आपत्तिजनक बयान भी दिए थे, जिन्हें अब उनके विरोध सोशल मीडिया के जरिए रख रहे हैं.
मनीष कश्यप के अतीत में दिए गए बयान जन सुराज पार्टी के लिए सियासी टेंशन बन गए हैं. मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि महात्मा गांधी को लेकर भी विवादित टिप्पणी कर चुके हैं. वह हिंदू पुत्र संगठन से जुड़े हुए थे. इस संगठन पर मुस्लिम विरोधी हिंसा का आरोप लग चुका है और पटना एवं हाजीपुर में कई मामले इसके खिलाफ दर्ज हैं.
हिंदू पुत्र संगठन उन 18 संगठनों में से एक था, जिनका ब्योरा बिहार पुलिस की विशेष शाखा ने मई 2019 में मांगा था. आरजेडी के तमाम समर्थक मनीष कश्यप के पुराने वीडियो और सोशल मीडिया के पोस्ट को लेकर प्रशांत किशोर से सवाल पूछ रहे हैं.
महात्मा गांधी की हत्या पर मनीष कश्यप का जश्न
प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी की बुनियाद महात्मा गांधी के जन सुराज के सिंद्धात पर रखा है, लेकिन मनीष कश्यप को पार्टी में लेने के बाद पीके की सियासत पर सवाल उठ रहे हैं. मनीष कश्यप ने अपने दोस्त रवि पुरी और अमित सिंह के साथ एक वीडियो बनाई थी. बेतिया में महात्मा गांधी को लेकर मनीष कश्यप ने अपने दोस्तों के साथ काफी बुरा भला कहा था. इतना ही नहीं गांधी की हत्या को जायज ठहरा रहे थे और नाथू राम गोडसे के कदम का समर्थन किया था.
मनीष कश्यप वीडियो में महात्मा गांधी की मौत पर हम लोग जश्न मनाने की बात कर रहे थे, इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी. गांधी की मौत को सेलिब्रेट करने वाले मनीष कश्यप अब प्रशांत किशोर के हाथों जनसुराजी हो गए हैं. जनसुराज के झंडे में लगी तस्वीर महात्मा गांधी की है, ऐसे में मनीष को पार्टी में लिए जाने से लोग सवाल उठा रहे हैं. सोशल मीडिया पर पीके की राजनीति पर सवाल भी किया जा रहा है कि प्रशांत किशोर सिर्फ महात्मा गांधी के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं और वह अपनी राजनीतिक फायदा उठाना चाहते हैं. इस तरह सेकुलर वोटों के जन सुराज से छिटकने का खतरा मंडराने लगा है.
‘शादी नहीं तो मौत!’ — ब्रेकअप से बौखलाए युवक ने गर्लफ्रेंड पर तानी बंदूक, फिर जो हुआ वो रोंगटे खड़े कर देगा
8 Jul, 2025 06:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्यार को अक्सर जीवन के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक माना जाता है, जहां दो लोगों के बीच स्नेह, लगाव और एक-दूसरे के प्रति समर्पण होता है. लेकिन, जब यही प्यार एकतरफा हो जाए, तो इसका भयावह रूप भी देखने को मिलता है. रांची में एक ऐसी ही अजीबोगरीब प्रेम कहानी सामने आई है, जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं.
बिहार के पटना जिले के पालीगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला कृष्णा कुमार रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के चुना भट्ठा इलाके की एक युवती से प्यार करता था. दोनों के बीच पहले दोस्ती थी, लेकिन कुछ समय पहले किसी बात पर तकरार हो गई और युवती ने कृष्णा से नाता तोड़ लिया. प्रेमिका के प्यार में पागल कृष्णा उसे किसी भी कीमत पर हासिल करना चाहता था, लेकिन उसने जो तरीका अपनाया, उससे वह शादी के मंडप की बजाय सलाखों के पीछे पहुंच गया.
पिस्तौल लेकर लड़की के घर पहुंचा युवक
फिल्मी अंदाज़ में हाथ में पिस्तौल लिए कृष्णा कुमार अपनी प्रेमिका के घर, रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के चुना भट्ठा इलाके में पहुंच गया. प्रेमिका के घर में घुसते ही उसने सीधे उस पर पिस्तौल तान दी और कहा, “अगर मुझसे शादी नहीं करोगी तो गोली मार दूंगा.” प्रेमी कृष्णा कुमार के हाथों में पिस्तौल और उसकी आंखों में गुस्सा देखकर, प्रेमिका ने डर से शोर मचा दिया. फिर क्या था, आस-पड़ोस के लोग जुट गए और आशिक कृष्णा कुमार को पिस्तौल के साथ पकड़ लिया गया. तुरंत ही मामले की सूचना सुखदेव नगर थाना पुलिस को दी गई.
कट्टे के साथ आरोपी अरेस्ट
मौके पर पहुंची सुखदेव नगर थाना पुलिस ने युवक कृष्णा कुमार को एक कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया. आरोपी कृष्णा कुमार मूल रूप से बिहार के पटना जिले के पालीगंज थाना क्षेत्र का रहने वाला है, हालांकि पिछले कुछ समय से वह रांची में ही रहकर प्राइवेट नौकरी कर रहा था. इसी दौरान उसकी युवती से दोस्ती हुई थी और धीरे-धीरे यह प्रेम प्रसंग में बदल गया था. हालांकि, कुछ समय पहले ही युवक और युवती के बीच किसी मुद्दे पर तकरार हुई थी और युवती (प्रेमिका) ने युवक (प्रेमी) कृष्णा कुमार से अपना नाता तोड़ते हुए उसे अलग हो गई थी. प्रेमिका की इस बेवफाई को प्रेमी बर्दाश्त नहीं कर सका और वह उससे शादी करने की ज़िद पर आ गया.
बिहार में बढ़ा खूनखराबा: 24 घंटे में 9 हत्याएं, पारिवारिक झगड़े और जादू-टोना की चर्चाएं
8 Jul, 2025 01:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में पिछले 24 घंटे के भीतर चार घटनाओं में कम से कम 9 लोगों की हत्या कर दी गई. पुलिस ने सोमवार को यह बताया कि ये हत्याएं पूर्णिया, नालंदा, मुजफ्फरपुर और पटना जिलों में हुईं हैं. पूर्णिया जिले में जादू-टोना करने के संदेह में ग्रामीणों ने एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या कर दी और उनके शवों को आग लगा दी.
नालंदा जिले में आपस में पड़ोसी दो परिवारों के बच्चों के बीच विवाद के बाद हिंसा में 22 साल के एक युवती और एक अन्य व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
चाकू घोंपकर हत्या
मुजफ्फरपुर में एक जूनियर इंजीनियर की उसके परिवार के सामने कथित तौर पर चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई और पटना में 50 वर्षीय कारोबारी को गोली मार दी गई. पुलिस के अनुसार प्राथमिक जांच से पता चला है कि पूर्णिया के टेटमा गांव में एक परिवार के पांच सदस्यों की जादू-टोना करने के संदेह में हत्या की गई.
पुलिस ने बताया कि हत्या के सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है. पुलिस मृतक की पहचान का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
5 लोगों को उतारा मौत के घाट
पूर्णिया के डीआईजी प्रमोद कुमार मंडल ने बताया कि शुरूआती जांच से पता चलता है कि टेटमा गांव में एक परिवार के पांच सदस्यों की पहले जादू-टोना करने के संदेह में हत्या कर दी गई. ऐसा लगता है कि आरोपियों ने इसके बाद उनके शवों को झाड़ियों में जला दिया. यह घटना रविवार रात को हुई है.
घरेलू विवाद में मारी गोली
पुलिस ने बताया कि नालंदा के डुमरावां गांव में रविवार रात घरेलू विवाद को लेकर दो परिवारों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर गोलीबारी कर दी, जिसमें 22 साल की एक युवती समेत दो लोगों की मौत हो गई. नालंदा के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) राम दुलार प्रसाद ने बताया कि मृतकों की पहचान अन्नू कुमारी पुत्री ओम प्रकाश पासवान और हिमांशु कुमार (24) पुत्र संतोष पासवान के रूप में हुई है.
जूनियर इंजीनियर की मौत
पुलिस ने बताया कि मुजफ्फरपुर जिले के मादीपुर में तड़के करीब तीन बजे जूनियर इंजीनियर मोहम्मद मुमताज की उनके घर में चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई. जबकि पटना के खगौल इलाके में कारोबारी अजीत कुमार की रविवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस अधीक्षक सिटी (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है.
बिहार में 10 जुलाई से होगा ‘मेगा जॉब फेयर 2025’, युवाओं को मिलेगा बड़ी कंपनियों में नौकरी का मौका
8 Jul, 2025 01:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार सरकार युवाओं को रोजगार हासिल करने का बड़ा मौका देने जा रही है.श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन की तरफ से 10 से 15 जुलाई तक ‘मेगा जॉब फेयर 2025 का आयोजन होने जा रहा है.
इसका आयोजन पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान (वेटनरी कॉलेज ग्राउंड के नजदीक) में किया जाएगा. यह जानकारी सोमवार को श्रम संसाधन विभाग के मंत्री संतोष कुमार सिंह ने दी.
युवा प्रतिभाओं के लिए सुनहरा अवसर
उन्होंने बताया कि यह रोजगार मेला बिहार के युवा प्रतिभाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है. उन्हें देश की 70 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा. यह सरकार की प्रतिबद्धता है कि राज्य के योग्य युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान किए जाएं.
कई बड़ी कंपनियां होंगी शामिल
विभागीय सचिव दीपक आनंद ने बताया कि इस मेगा जॉब मेला में राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतिष्ठित कंपनियां भाग ले रही हैं, जिसमें एमआरएफ टायर, सबरोड लि., एल एंड टी, सुधीर पॉवर लिमिटेड, बारवेक्यू नेशन, केपीआर मिल्स, जुमाटो, मुथूट फाइनेंस समेत अन्य शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इसमें 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा/पॉलीटेक्निक, बीटेक, एमबीए और अन्य डिग्रीधारकों के लिए रोजगार के विविध अवसर उपलब्ध होंगे. यहां का रजिस्ट्रेशन मुफ्त होगा.
गोपाल खेमका के मर्डर का मास्टरमाइंड राजा एनकाउंटर में ढेर, शूटर भेजने का था आरोपी
8 Jul, 2025 01:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजधानी के चर्चित गोपाल खेमका के कारोबारी गोपाल खेल का हत्याकांड में शामिल बदमाश को पुलिस ने ढेर कर दिया है. पुलिस एनकाउंटर में ढेर होने वाला आरोपी हथियार बनाने का काम करता था. उसी ने शूटर को हथियार पहुंचाया था. छापेमारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.
जवाब में पुलिस ने भी फायर किया और आरोपी बदमाश ढेर हो गया. दरअसल, गोपाल खेमका हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस राजधानी के सिटी इलाके में स्थित माल सलामी इलाके में छापा मारने गई थी. इसी दौरान बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई.
पुलिस को मिली थी जानकारी
पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपी विकास उर्फ राजा हथियारों की अवैध बिक्री करता है. पुलिस इसी सिलसिले में विकास के ठिकाने पर छापेमारी की तैयारी में थी. पुलिस को गिरफ्तार शूटर उमेश यादव ने एक जानकारी दी और बताया कि विकास क्या करता है, कहां रहता है? विकास उर्फ राजा से खरीदे गए हथियार से ही शूटर उमेश यादव ने गोपाल खेमका को गोली मारी थी.
माल सलामी इलाके में पटना पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी करने गई थी. पुलिस को देखते ही विकास उर्फ राजा ने फायर झोंक दिया, जिसके बाद से पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. जवाबी कार्रवाई में राजा मारा गया.
शनिवार को हुई थी हत्या
शनिवार की रात 11:30 बजे के करीब राज्य के चर्चित कारोबारी गोपाल खेमका की उनके आवास के गेट पर ही गोली मार करके हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के बाद से पूरे राज्य में सनसनी फैल गई थी. विपक्ष लगातार कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहा था.
हत्याकांड के बाद से पुलिस लगातार एक्शन मोड में थी और पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में भी लिया था. बीती रात को ही पटना पुलिस ने इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटर उमेश यादव को भी एक गिरफ्तार किया था.
बिहार में 17 पार्टियों की मान्यता खतरे में, निर्वाचन आयोग ने दी चेतावनी
8 Jul, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दल तैयारियों में जुट गए हैं. इस बीच चुनाव से पहले 17 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की मान्यता पर खतरा मंडरा रहा है. निर्वाचन आयोग ने इन दलों को डीलिस्टिंग की चेतावनी जारी की है. आयोग के अनुसार, इन दलों ने 2019 से अब तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है, जिससे उनकी सक्रियता पर सवाल उठे हैं.
चुनाव आयोग ने सभी दलों को 15 जुलाई तक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. समय पर जवाब नहीं देने की स्थिति में इन दलों की मान्यता रद्द की जा सकती है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन दलों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत प्राप्त विशेष लाभों का उपयोग तो हो रहा है, लेकिन उनकी चुनावी सक्रियता न के बराबर रही है. आयोग की इस कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में हलचल है.
ये रजनातिक दल शामिल
बिहार सरकार के निर्वाचन विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस साल 26 जून तक कई ऐसे रजिस्टर्ड और गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिसकी विभाग के स्तर पर सूची जारी की गई है. इन दलों में भारतीय बैकवर्ड पार्टी, भारतीय स्वराज दल, भारतीय युवा पार्टी (डेमोक्रेटिक), भारतीय जनतंत्र सनातन दल, बिहार जनता पार्टी, देसी किसान पार्टी, गांधी प्रकाश पार्टी, हमदर्दी जनरक्षक समाजवादी विकास पार्टी (जन सेवक), क्रांतिकारी साम्यवादी पार्टी, क्रांतिकारी विकास दल, लोक आवाज दल, लोकतांत्रिक समता दल, नेशनल जनता पार्टी (इंडियन), राष्ट्रवादी जन कांग्रेस, राष्ट्रीय सर्वोदय पार्टी, सर्वजन कल्याण लोकतांत्रिक पार्टी और व्यावसायिक किसान अल्पसंख्यक मोर्चा शामिल हैं.
2019 से नहीं लड़ा चुनाव
निर्वाचन विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि इन सभी राजनीतिक दलों के द्वारा सन 2019 से छह वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़ा गया है. जबकि रजिस्ट्रेशन के बाद लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत आयोग द्वारा रजिस्टर्ड राजनीतिक दलों को कई लाभ सुविधा देय होती है.
राजनीतिक दलों को नोटिस जारी
निर्वाचन विभाग द्वारा जानकारी दी गई है कि आयोग द्वारा ऐसे राजनीतिक दलों को कारण पृच्छा संबंधित नोटिस जारी कर दिया गया है और उनका पक्ष प्राप्त करके डिलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी. उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन सभी दलों से अनुरोध है कि वह अपने तथ्यात्मक पक्षों को साक्ष्य के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के कार्यालय में अगले महीने की 15 तारीख तक उपलब्ध कराएं, ताकि कार्यालय स्तर से प्रतिवेदन को भारत निर्वाचन आयोग को समय पर भेजा जा सके. साथ ही उस प्रतिवेदन की प्रति ईमेल ceo_bihar@eci.gov.in पर भी भेजी जाए.
एक ही परिवार के 5 लोगों की निर्मम हत्या, डायन के शक में पूर्णिया में जिंदा जलाया
8 Jul, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पूर्णिया में डायन होने का आरोप लगाकर एक ही परिवार के 5 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई. मृतकों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं. घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है. लोगों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों को बाबू लाल उरांव की मां पर डायन होने का शक था. इसके बाद गांव के लोगों ने ही पहले उनके परिवार के साथ मारपीट की और बाद में जिंदा जला दिया. नृशंस हत्याकांड के बाद आरोपियों ने मृतकों के शवों को किसी सुनसान जगह पर गाड़ दिया है.
पुलिस ने बताया है कि मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजीगंज पंचायत के टेटगामा वार्ड-10 का है. दर्दनाक घटना को गांव के लोगों ने मृतक के पुत्र के सामने ही अंजाम दिया है. घटना के बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ की जा रही हैं. मृतक की पहचान सीता देवी 48 साल, बाबू लाल उरांव 50 साल, कातो देवी 65 साल, मंजीत उरांव 25 साल और रानी देवी 23 साल शामिल हैं.
200 लोगों के सामने वारदात
मृतक महिला के बेटे सोनू ने बताया कि गांव के कुछ लोगों को शक था कि उसकी दादी काला जादू करती है, दादी पर डायन होने का आरोप लगाकर रविवार रात गांव प्रमुख नकुल उरांव के नेतृत्व में एक बैठक बुलाई गई थी. बैठक में गांव के करीब 200 लोग शामिल हुए. इसी दौरान डायन का आरोप लगाकर कातो देवी समेत परिवार के अन्य लोगों को बुलाया गया.
सोनू ने भागकर बचाई जान
गांव के लोगों ने सोनू की दादी के बचाव में एक न सुनी और डायन होने की बात कहकर पूरे परिवार के साथ जमकर मारपीट की. पहले सभी को लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा गया. इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों पर पेट्रोल छिड़कर जिंदा जला दिया. जब सभी की तड़प-तड़पकर मौत हो गई तो मृतकों के शवों को ट्रैक्टर से ले गए और एक सुनसान जगह ठिकाने लगा दिया. घटनास्थल पर उपस्थित सोनू किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग गया. जिसके कारण उसकी जान बच गई. सोनू ने ही पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी है.
3 थाने की पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना समेत आसपास के 3 थाने की पुलिस मौके पर पहुंची है. एसपी स्वीटी सहरावत और एएसपी आलोक रंजन भी मौके पर पहुंचे हैं. मामले की संगीनता को देखते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है और जांच की जा रही है. वहीं मुफस्सिल थानाध्यक्ष उत्तम कुमार ने बताया कि डायन का आरोप लगाकर एक ही परिवार के पांच सदस्यों को गांव के प्रधान सहित अन्य लोगों ने मिलकर हत्या की है. घटना के बाद ट्रैक्टर चालक समेत गांव के प्रधान नकुल उरांव को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने देर शाम 3 शवों को बरामद किया.
बेटे की सफलता का जश्न मातम में बदला, गुमला में जाने-माने बिजनेसमैन की हत्या से दहशत
8 Jul, 2025 10:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के गुमला में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां अपराधियों ने शहर के जाने-माने व्यवसायी की हत्या कर दी. मृतक का नाम विनोद जाजोदिया है. यह घटना गुमला के सिसई रोड पर हुई, जहां विनोद जाजोदिया का प्रसिद्ध ‘जाजोदिया स्टोर’ है.
सरेआम एक व्यवसायी की बेरहमी से की गई हत्या ने पूरे गुमला जिले में हड़कंप मचा दिया है. सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आरोपियों की धर-पकड़ में जुट गई है. इस घटना ने स्थानीय लोगों और व्यवसायियों में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है. दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
परिवार में मचा कोहराम
विनोद जाजोदिया की हत्या का एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है, जिसमें तीन अपराधी दिख रहे हैं. एक अपराधी धारदार हथियार ‘भुजाली’ से हमला करता दिख रहा है, जबकि दो अन्य रेकी कर रहे हैं.
यह घटना तब हुई, जब जाजोदिया परिवार खुशियों का जश्न मना रहा था. दरअसल, रविवार को ही विनोद जाजोदिया के बेटे गोविंद जाजोदिया ने चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की परीक्षा पास की थी. बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन अचानक मिली विनोद की हत्या की खबर ने उनकी खुशियों को मातम में बदल दिया.
गर्दन, चेहरे और शरीर पर वार
स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार शाम विनोद जाजोदिया अपने घर के सामने स्थित एक किराने की दुकान से ब्रेड खरीदकर लौट रहे थे. सड़क पार कर वे अपने घर की ओर जा ही रहे थे, तभी पीछे से आए एक अपराधी ने उन पर भुजाली से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. अपराधी ने उनकी गर्दन, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई वार किए और फिर मौके से फरार हो गया. गंभीर रूप से घायल विनोद जाजोदिया को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें रांची रेफर कर दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई.
पुलिस ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है. इस जघन्य हत्याकांड में शामिल आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है. गुमला के व्यवसायी समुदाय ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
बिहार में कानून–व्यवस्था पर सवाल, गोपाल खेमका के बाद अब स्कूल संचालक की हत्या
7 Jul, 2025 05:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आपराधिक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद दिख रहे हैं. आए दिन हत्या, लूट, रंगदारी और गोलीबारी जैसी वारदातें आम हो गई हैं. हाल ही में पटना में एक बड़े उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या का मामला अभी सुलझा भी नहीं था कि अपराधियों ने फिर से एक और जघन्य अपराध को अंजाम दिया है. घटना पटना के दानापुर की है. यहां एक स्कूल संचालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
ताजा घटना दानापुर थाना क्षेत्र के खगौल रोड स्थित डीएवी स्कूल के पास रविवार देर रात की है. स्कूटी सवार 50 वर्षीय अजीत कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान मुस्तफापुर के निवासी नरेश चंद्र प्रसाद के पुत्र अजीत कुमार के तौर पर हुई है. सूचना मिलते ही दानापुर और खगौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल भेजा. पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा भी बरामद किया है.
सिर में मारी गोली
मृतक के चचेरे भाई सुशील कुमार ने बताया कि अजीत कुमार लेखा नगर के पास ‘आरएन सिन्हा’ नामक एक निजी स्कूल के संचालक थे. वे रात में अपने 95 वर्षीय पिता को देखने घर जा रहे थे. जैसे ही उनकी स्कूटी डीएवी स्कूल के सामने पहुंची, पहले से घात लगाए अज्ञात अपराधियों ने उनके सिर में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना के बाद पटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई. वहीं, इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है. स्थानीय लोगों ने कहा कि लगातार हो रही अपराध की घटनाएं बिहार में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. आम जनता में भय का माहौल है और वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पुलिस प्रशासन के सामने इन बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने की बड़ी चुनौती है.
घर में घुसे चोर, विरोध करने पर इंजीनियर की बेरहमी से हत्या – परिवार के सामने हुई वारदात
7 Jul, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुजफ्फरपुर में लुटेरों ने घर में घुसकर इंजीनियर को मौत के घाट उतार दिया. चोरों ने लूट-पाट के दौरान इंजीनियर को उसकी पत्नी और बेटों के सामने चाकू गोदकर मार डाला. घटना के बाद से इलाके में डर का माहौल है. घटना मुजफ्फरपुर के काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र की है.
अपराधी माड़ीपुर के रामराजी रोड स्थित इंजीनियर के घर में घुसे और लूट के दौरान चाकू गोदकर इंजीनियर मोहम्मद मुमताज की हत्या कर दी. शव बेड पर खून से लथपथ पड़ा मिला. बेड पर कुछ रुपया और घर के अंदर कमरे का सामान बिखरा पड़ा था. वारदात के समय इंजीनियर की पत्नी और तीन बच्चे घर में मौजूद थे. घर से कैश और ज्वेलरी की लूट हुई है.
अपराधी घर में लगे सीसीटीवी की हार्ड डिस्क और मोबाइल अपने साथ लेकर चले गए. मृतक इंजीनियर वैशाली के भगवानपुर प्रखंड में पोस्टेड था और माड़ीपुर में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहता था. उसका ठिकाना फर्स्ट फ्लोर पर था. सोमवार की सुबह करीब 3 बजे अपराधी घर के बालकनी के दरवाजे से अंदर कमरे में आये.
अपराधियों के घर में घुसते ही इंजीनियर ने विरोध किया. इस पर उन लोगों के बीच हाथापाई हुई. उसके बाद अपराधियों ने चाकू निकाला और ताबड़तोड़ वार कर इंजीनियर को मौत के घाट उतार दिया.
परिवार के सामने बहाया खून
हमले के बाद मौके पर ही इंजीनियर की मौत हो गई. कमरे में चारों तरफ खून बिखर गया. पत्नी और बच्चों के सामने अपराधियों ने इंजीनियर की हत्या को अंजाम दिया. इसके बाद पत्नी का रो रो कर बुरा हाल है.
हत्या की सूचना मिलने के बाद मौके पर लोगों की काफी भीड़ जुट गई. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही सिटी एसपी कोटा किरण कुमार, नगर डीएसपी सीमा देवी और थानेदार दल बल के साथ मौके पर पहुंचे. पत्नी और बच्चों से पूछताछ कर घटना की जानकारी ली और डॉग स्क्वाड की टीम को मौके पर बुलाया गया.
पुलिस ने क्या कहा?
सिटी एसपी कोटा किरण कुमार ने बताया कि इंजीनियर को चाकू मारकर हत्या कर दी गई है. घटना तीन बजे सुबह की है. चार बजे सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दिया साथ ही फॉरेंसिक और डॉग सक्योड़ को बुलाया गया है. जिस चाकू से इंजीनियर की हत्या हुई मौके से बरामद कर लिया गया है.
मृतक की पत्नी तीन बच्चो के साथ अलग कमरे में सो रही थी. कमरे से कुछ सामान गायब है. जिसमें ज्वेलरी और कैश शामिल है. अपराधी मोबाइल और सीसीटीवी हार्ड डिस्क साथ ले गए है. पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए आस पास के सीसीटीवी को खंगाल रही है.
बिहार वोटर लिस्ट विवाद: मनोज झा ने चुनाव आयोग पर उठाए 11 गंभीर सवाल
7 Jul, 2025 04:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट रिवीजन को लेकर मामला गरमाता जा रहा है. विपक्षी दल इस प्रक्रिया के खिलाफ लगातार मुखर हैं. राज्य की मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज झा ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision, SIR) के निर्देश देने संबंधी चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने अपनी याचिका में 11 चीजों पर आयोग को घेरने की कोशिश की है.
मनोज झा के अलावा तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी आयोग के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है. एडवोकेट फौजिया शकील के जरिए कोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में मनोज झा ने कहा कि चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश को संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 325 और 326 का उल्लंघन होने के कारण रद्द किया जाना चाहिए.
SIR से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 10 जुलाई को सुनवाई करेगा. कोर्ट में सांसद महुआ मोइत्रा, एडीआर और योगेंद्र यादव तीनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई होगी. इन 3 याचिकाओं के बाद दाखिल आरजेडी और अन्य की ओर से बुधवार तक दायर होने वाली याचिकाओं को भी गुरुवार सुना जाएगा.
क्या कह रहे हैं मनोज झा
राज्यसभा सांसद ने अपनी याचिका में कहा कि यह विवादित आदेश संस्थागत रूप से वोट डालने के अधिकार से वंचित करने का एक जरिया है और इसका इस्तेमाल वोटर लिस्ट के अपारदर्शी संशोधनों को सही ठहराने के लिए किया जा रहा है, और इसके लिए मुस्लिम, दलित और गरीब प्रवासी समुदायों को टॉरगेट किया गया है.
आरजेडी सांसद मनोज झा का तर्क है कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया “न सिर्फ जल्दबाजी बल्कि गलत समय पर की गई है, इसका असर करोड़ों वोटर्स को मताधिकार से वंचित करने और उनके संवैधानिक मताधिकार से वंचित करने का है.” साथ ही इसके लिए राजनीतिक दलों से कोई विचार-विमर्श भी नहीं किया गया. साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग को बिहार विधानसभा चुनाव मौजूदा वोटर लिस्ट के आधार पर कराने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है.
ज्यादातर लोगों के पास नहीं ये 11 डाक्यूमेंट्स
वर्तमान एसआईआर प्रोसेस की शुरुआत के बाद, बहुत बड़े हिस्से (वर्तमान वोटर लिस्ट में 7.9 करोड़ में से करीब 4.74 करोड़) को जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण की मदद से अपनी नागरिकता साबित करने का असंगत रूप से भारी बोझ उठाना पड़ रहा है. मनोज झा ने ऐसे राज्य में इस प्रक्रिया को शुरू करने की सोच पर सवाल उठाया, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और गरीबी से घिरे अशिक्षित लोग हैं, साथ ही विधानसभा चुनाव अगले कुछ महीनों में होने वाले हैं.
चुनाव आयोग की ओर से नागरिकता साबित करने के लिए तय किए गए 11 डाक्यूमेंट्स ऐसे नहीं हैं जो हर गरीब और अशिक्षित लोगों के पास हो सकते हैं. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आयोग आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड या राशन कार्ड भी स्वीकार नहीं कर रहा है. याचिकाकर्ता ने कहा, “आधार कार्ड को इस प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है, जबकि आंकड़े बताते हैं कि बिहार में 10 में से 9 लोगों के पास आधार कार्ड मौजूद है, यह खुले तौर पर मनमाना है.” याचिका में कई अखबारों की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि गांवों में ज्यादातर लोगों का कहना है कि उनके पास सिर्फ आधार कार्ड ही है.
चुनाव आयोग की ओर से तय 11 डाक्यूमेंट्स
किसी भी केंद्र सरकार, राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी और पेंशनभोगी को जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश. साल 2022 की जाति जनगणना के अनुसार, बिहार में महज 20.49 लाख लोगों के पास सरकारी नौकरी है
1 जुलाई 1987 से पहले भारत सरकार, लोकल अथॉरिटी, बैंक, डाकघर, एलआईसी या पीएसयू की ओर से जारी किया गया कोई भी पहचान पत्र या प्रमाण पत्र या कोई डाक्यूमेंट.
सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र. जबकि पूरे बिहार में बहुत ही छोटी आबादी के पास ये डाक्यूमेंट हैं. यहां जन्म प्रमाण पत्र ज्यादा नहीं बनाए जाते. साल 2007 में जन्में बच्चे जो 2025 में 18 साल के हो जाएंगे और वोट देने के पात्र होंगे, महज 7.13 लाख बच्चों का जन्म रजिस्टर्ड कराया गया था.
पासपोर्ट. बिहार की करीब 2.4% आबादी के पास ही पासपोर्ट है
मान्यता प्राप्त बोर्ड या यूनिवर्सिटीज की ओर से जारी 10वीं या शैक्षिक प्रमाण पत्र. यह डाक्यूमेंट मुख्य पहचान प्रमाण है क्योंकि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण बताते हैं कि 18-40 साल के करीब 45-50% लोग ही 10वीं पास हैं. बिहार जाति सर्वेक्षण 2022 के अनुसार, यहां पर 14.71% लोगों ने कक्षा 10 से स्नातक की डिग्री हासिल की है.
सक्षम राज्य प्राधिकारी द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र (Permanent Residence certificate). पात्र मतदाताओं की बहुत कम आबादी के पास यह प्रमाण पत्र है. आमतौर पर छात्र कॉलेजों में आवेदन के लिए इस प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते हैं.
वन अधिकार प्रमाण पत्र. 2011 की जनगणना के अनुसार, बिहार में अनुसूचित जनजातियों (एसटी) का हिस्सा 1.3% है. उनमें से, जंगलों में रहने वालों की हिस्सेदारी बहुत कम है.
ओबीसी, एससी एसटी या सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी कोई भी जाति प्रमाण पत्र. भारत मानव विकास सर्वेक्षण 2011-12 के अनुसार, करीब 20% एससी, 18% ओबीसी और 38% एसटी के पास जाति प्रमाण पत्र था. खास बात यह है कि किसी भी उच्च जाति के पास जाति प्रमाण पत्र नहीं होता है.
राज्य या स्थानीय अधिकारियों की ओर से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर. यह भी बिहार पर लागू नहीं होता है.
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स यानी NRC, (जहां भी यह मौजूद है) यह केवल असम पर लागू है.
सरकार की ओर से किसी भूमि या घर आवंटन पर जारी किया गया प्रमाण पत्र. भूमि आवंटन प्रमाण पत्र को लेकर कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. आवास आवंटन प्रमाण पत्र सरकारी आवास का लाभ उठाने वाले सरकारी कर्मचारियों पर लागू होते हैं. प्रधानमंत्री ग्राम आवास योजना जैसी योजनाओं के लाभार्थियों को ऐसा कोई प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है.
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन
