बिहार-झारखण्ड
बदमाशों का दुस्साहस: रांची में दो बिल्डरों को रोका, 50 लाख की लूट को दिया अंजाम
19 Jul, 2025 06:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में अपराधियों के हौंसले सातवें आसमान पर हैं. प्रदेश में कहीं दिन दहाड़े हत्या हो रही है, तो कहीं फिल्मी स्टाइल में अपहरण और फिर लाखों की लूट. अब अगवा कर लूट की एक ऐसी ही घटना बोकारो जिले से सामने आई है. यहां बदमाशों ने रांची के रहने वाले दो नामचीन बिल्डरों को अगवा कर उनसे 50 लाख रुपये लूट लिए. लूट की ये घटना जिले के चास मुफस्सिल थाना इलाके के अलकुशा मोड़ की है.
पीड़ित बिल्डरों का नाम अभय सिंह और जय सिंह है. लूट के बाद दोनों बिल्डर किसी तरह चैस मुफस्सिल थाना पहुंचे और अपहरण और 50 लाख की लूट की घटना को लेकर शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस ने बिल्डरों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है. इस पूरी घटना की जांच के लिए बोकारो जिले के एसपी ने एक विशेष जांच टीम गठित की है. जांच टीम ने घटना की जांच शुरू कर दी है.
बदमशों ने कार को रुकने का इशारा किया
बिल्डर अभय सिंह और जय सिंह अपने कार से रांची से बोकारो होते हुए धनबाद जा रहे थे. उनके पास 50 लाख रुपया नकद मौजूद था. रास्ते में जाते समय बोकारो जिले के चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत अलकुशा मोड़ पर अचानक कुछ वर्दीधारी बदमाश जोकि एक चार पहिया वाहन में सवार थे, उन्होंने बिल्डरों की कार को रुकने का इशारा किया.
हथियारों के दम पर की लूट
इसके बाद बिल्डरों की कार रुकी. कार के रुकते ही बदमाशों ने उसका गेट खोला और दोनों बिल्डरों को हथियार के दम पर अगवा करते हुए अपनी गाड़ी में बिठाया. फिर उनके पास से 50 लाख रूपये लूट लिए. इसके बाद बदमाशों ने दोनों को सुनसान स्थान पर ले जाकर उतार दिया और फरार हो गए.
ग्रामीणों ने किया बदमाशों का पीछा
सबसे आश्चर्य की बात है कि अलकुशा मोड़ पर जब इस वारदात को अंजाम दिया जा रहा था तो वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी थी. ग्रामीणों ने बदमाशों का पीछा और उनकी गाड़ी पर पथराव भी किया, लेकिन बदमाश भागने में सफल रहे. वहीं अब पुलिस की विशेष जांच टीम घटना में संलिप्त बदमाशों की धर पकड़ में जुट गई है.
सामान लेकर भागने ही वाला था कि नींद ने धर दबोचा, मंदिर में चोर का अनोखा ड्रामा
19 Jul, 2025 06:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की राजधानी रांची में एक चोर मंदिर के अंदर नशे की हालत में आ घुसा. उसने मंदिर का ताला तोड़कर दानपेटी से पैसे निकाले और मां शीतला की प्रतिमा पर चढ़े सोने-चांदी के आभूषण भी उतार लिए. लेकिन जैसे ही वह चोरी कर बाहर निकलने की कोशिश करने लगा, तभी नशे और नींद की गोली के असर से उसकी हालत बिगड़ गई और वह मूर्ति के सामने ही बेहोश होकर गिर पड़ा. सुबह गांव वालों ने जब मंदिर में चोर को खर्राटे मारते देखा तो पुलिस को सूचना दी. अब पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है.
घटना टंकीसाई बड़ाजामदा स्थित मां काली और शीतला मंदिर की है. शुक्रवार को सुबह जब स्थानीय लोग पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर का दरवाजा टूटा हुआ है. अंदर जाने पर मां शीतला की प्रतिमा के सामने युवक अचेत अवस्था में पड़ा था. यह दृश्य देख लोग हैरान रह गए. घटना की सूचना समाजसेवी मदन गुप्ता को दी गई, जो सुबह चार बजे मंदिर पहुंचे. उन्होंने सबसे पहले मंदिर का दरवाजा बंद कर दिया ताकि और कोई अंदर न जा सके. इसके बाद बड़ाजामदा ओपी प्रभारी बालेश्वर ऊरांव को सूचना दी गई.
पुलिस टीम के साथ थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई. मंदिर का दरवाजा खोलकर देखा गया तो चोर अब भी मूर्ति के सामने गहरी नींद में सोया हुआ था. काफी प्रयास के बाद उसे होश में लाया गया और उसकी जेब की तलाशी ली गई. तलाशी में मंदिर के दानपेटी से निकाले गए पैसे, सोने-चांदी के आभूषण और नींद की गोली टी-10 बरामद हुई. आरोपी का इरादा मंदिर में रखे चांदी के आभूषण और दानपेटी में जमा पैसे चुराने का था.
थैले में रखा था त्रिशूल और सिक्के
चोर ने मंदिर से चांदी का एक त्रिशूल और कुछ सिक्के चुराए, जिसे वह थैले में रख चुका था. लेकिन, मंदिर का शांत माहौल और रात की थकान इतनी हावी हो गई कि वह चोरी के सामान के साथ मंदिर के कोने में ही सो गया.
पुजारी ने गांववालों को बुलाया
सुबह जब मंदिर के पुजारी पहुंचे तो उन्होंने चोर को सामान के साथ सोते हुए पाया. उन्होंने तुरंत गांववालों को बुलाया और फिर पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस मौके पर पहुंची और चोर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने चोर के खिलाफ चोरी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है.
बिजनेस में बर्बादी, कर्ज का पहाड़, बिहार में एक परिवार के 4 लोगों ने की आत्महत्या
19 Jul, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के नालंदा में एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खा लिया. जहर खाने के बाद चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है.पुलिस ने चारों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.
घटना जिले के पावापुरी गांव की है. जहर खाने के बाद पांचों लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी, सभी को तुरंत इलाज के लिए विंस अस्पताल में एडमिट कराया गया, जहां 4 लोगों ने दम तोड़ दिया. शेखपुरा जिले के निवासी धर्मेंद्र कुमार अपनी पत्नी सोनी कुमारी, बिटिया दीपा, अरिका और बेटे शिवम कुमार के साथ पावापुरी गांव में जल मंदिर के सामने एक किराए के मकान में रह रहे थे.
व्यापार में लगातार हो रहा था नुकसान
धर्मेंद्र ने लगभग छह माह पहले कपड़ों की दुकान शुरू की थी, लेकिन बिजनेस में उनका लगातार नुकसान हो रहा था. इसके कारण वह आर्थिक संकट में गिर गए थे. धर्मेंद्र ने श्री काली मां साड़ी सेंटर के नाम से दुकान खोली थी. धर्मेंद्र कुमार के ऊपर लगभग पांच लाख रुपए का कर्ज हो गया था. इस वजह से वो लगातार तनाव में थे. ऐसी आशंका जताई जा रही है कि इसी तनाव के कारण परेशान होकर धर्मेंद्र कुमार ने ये खौफनाक कदम उठा लिया.
धर्मेंद्र ने पूरे परिवार को सल्फास खाने के लिये दिया था. हालांकि पुलिस ने अभी इस दर्दनाक घटना के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. घटना की सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी सुनील कुमार, इंस्पेक्टर मनीष भारद्वाज और पावापुरी ओपी के प्रभारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी
बताया जा रहा है कि परिवार में धर्मेंद्र कुमार का सबसे छोटा बेटा सुरक्षित है क्योंकि उसने जहर नहीं खाया था. उसने सल्फास की गोली फेंक दी थी. फिलहाल पुलिस सबसे छोटे बेटे को अपनी निगरानी में रखे हुए है. इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैली हुई है. वहीं पुलिस पूरे घटना की गहन जांच में जुटी हुई है.
बिहार में अब हर घर रोशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली को कैबिनेट की मंजूरी
19 Jul, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार सरकार ने राज्य के सभी बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट मुफ्त देने की घोषणा को अमलीजामा पहनाने का काम शुरू दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस विशेष कैबिनेट में बिजली से संबंधित सिर्फ इसी एक एजेंडे को पेश किया गया, जिस पर मुहर लगी. बिहार में पहली बार यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है. इससे संबंधित विस्तृत जानकारी ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने ऊर्जा भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. यह नई व्यवस्था 1 अगस्त 2025 से लागू होगी. यानी जुलाई महीने के बिजली के बिल पर यह पूर्ण अनुदानित बिजली का लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा.
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या 1 करोड़ 86 लाख 60 हजार है. इनमें 125 यूनिट तक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या एक करोड़ 67 लाख 94 हजार है, जो कुल घरेलू उपभोक्ताओं का 90 प्रतिशत है. इन उपभोक्ताओं को अब बिजली का बिल नहीं देना पड़ेगा. इससे अधिक यानी 125 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करने पर बिजली पर पहले से लागू टैरिफ के हिसाब से बिजली का बिल देना होगा.
3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति
मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के विस्तारीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अतिरिक्त रुपये 3797 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. इस वर्ष 19 हजार 792 करोड़ रुपये के वित्तीय भार का वहन राज्य सरकार को करना पड़ेगा. अगले वित्तीय वर्ष से यह राशि बढ़ती जाएगी. कैबिनेट में लिए निर्णय के अनुसार, इसके साथ ही घरेलू उपभोक्ताओं को न्यूनतम 1.1 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं को पूर्ण वित्तीय सहायता एवं अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की भी स्वीकृति दी गई है.
राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट प्रति माह तक बिजली शत-प्रतिशत अनुदान पर बिजली दी जाती है. उनके घर की छतों पर अथवा सार्वजनिक स्थलों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाया जाता है, तो राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष कर कम बिजली खपत करने वाले सभी उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ होगा. इससे न सिर्फ इन घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रूके बिजली मिलेगी, बल्कि सौर ऊर्जा उत्पाद को भी बढ़ावा मिलेगा.
पंप स्टोरेज नीति को मिली स्वीकृति
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन परियोजनाओं को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण में छूट दी जाएगी, जिससे निवेशकों का प्रारंभिक वित्तीय बोझ कम हो सकेगा. इस नीति के अंतर्गत सरकार सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी मॉडल को अपनाने जा रही है. यह नीति बिहार को हरित ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. इससे सतत ऊर्जा उत्पादन को बल मिलेगा. साथ ही निवेश, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.
किस्मत का फेर: छत पर रखी कंघी में सांप, बाल संवार रही महिला को डसा, मौत
19 Jul, 2025 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के गया में सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां नीमचक बथानी थाना क्षेत्र के चंदाचक गांव में एक महिला को सांप ने डस लिया, जिससे उसकी मौत हो गई. महिला का नाम मिंता कुमारी है और उसकी उम्र 32 साल बताई जा रही है. सांप एक कंघी में लिपटा था, जो घर के छप्पर पर रखी हुई थी.
मिंता रोज़ की तरह सुबह-सुबह अपने बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही थी. उसने जैसे ही छप्पर पर रखी कंघी उठाई, सांप ने झपट कर डस लिया. देखते ही देखते जहर पूरे शरीर में फैल गया. परिजन उसे आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने पटना रेफर कर दिया. लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.
घर में पसरा मातम
मिंता की असमय मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है. पति और बच्चे बदहवास हैं, घर का माहौल मातम में डूबा हुआ है. गांववालों की आंखों में भी इस दर्दनाक हादसे के बाद आंसू थम नहीं रहे.
गांव के सरपंच श्रवण कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक जताते हुए बरसात के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि बरसात के दिनों में जहरीले जीव-जंतु अक्सर घरों में घुस जाते हैं. खासकर छप्पर, लकड़ी के ढेर और झाड़ियों में सांप जैसे जीव छिपे हो सकते हैं. इसलिए किसी भी वस्तु का उपयोग करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए.
क्या बोले सरपंच?
सरपंच श्रवण कुमार ने कहा कि यह हादसा न केवल एक परिवार की निजी पीड़ा है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है. थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और सतर्कता को प्राथमिकता देने की ज़रूरत है. समय पर छप्परों की सफाई, घर के चारों ओर फिनाइल या चूने का छिड़काव और बच्चों को जागरूक करना बेहद जरूरी है.
जन सुराज यात्रा बाधित, आरा में घायल हुए प्रशांत किशोर, सीने में लगी चोट
19 Jul, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में जन सुराज यात्रा के लिए शुक्रवार को आरा पहुंचे प्रशांत किशोर को एक अप्रत्याशित हादसे का सामना करना पड़ा. करीब 2 किलोमीटर लंबी पदयात्रा और रोड शो के बाद जब वह सभा स्थल की ओर बढ़ रहे थे, तभी भीड़ में एक महिला को बचाने के प्रयास में उन्हें सीने में गाड़ी के गेट से गंभीर चोट लग गई.
इस चोट के बावजूद प्रशांत किशोर ने साहस दिखाते हुए मंच पर जाने का निर्णय लिया. मंच पर पहुंचते ही वह दर्द से कराहते नजर आए और चोटिल जगह पर ठंडे पानी की बोतल से सेक करते दिखाई दिए. यह नजारा वहां मौजूद सैकड़ों लोगों को चिंता में डाल गया.
अभिवादन किया फिर मंच से उतर कर अस्पताल पहुंचे
मंच से जन सुराज के वरिष्ठ नेता उदय नारायण सिंह ने घोषणा करते हुए बताया कि प्रशांत किशोर को चोट लग गई है, लेकिन वह फिर भी जनता से दो मिनट के लिए मिलने मंच पर आ रहे हैं. इस दौरान प्रशांत किशोर ने जनता का अभिवादन किया और फिर तुरंत मंच से उतरकर पास के आरा के निजी अस्पताल ले जाया गया.
डॉक्टर बोले- सीने में चोट आई है, लेकिन गंभीर नहीं
अस्पताल में उनका सीटी स्कैन कराया गया. इलाज कर रहे डॉक्टर विजय गुप्ता ने बताया कि उन्हें सीने में चोट आई है, लेकिन यह गंभीर नहीं है. उन्हें प्राथमिक इलाज के तौर पर पेन किलर और एंटीबायोटिक दिया गया है. डॉक्टर ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है, 24 से 48 घंटे में वे पूरी तरह सामान्य हो जाएंगे.
बताया जा रहा है कि यह चोट तब लगी जब उन्होंने एक महिला को भीड़ से बचाने के लिए गाड़ी का गेट खोला और अचानक बंद करने के दौरान सीना गेट और गाड़ी के बीच फंस गया. हालांकि, अब डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि पीके को जो चोट लगी है वो गंभीर नहीं है.
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत गरमा गई है. प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज के लिए यह पहला मौका है जब वो चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार है. पीके पूरे बिहार में जन सुराज यात्रा निकाल रहे हैं और लोगों से सीधे संवाद कर रहे हैं. पीके की यह यात्रा हर जिले से गुजर रही है. जन सुराज का मुख्य एजेंडा शिक्षा और विकास है. इसी मुद्दे पर पीके सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं.
बिहार में मतदाता सूची का काम तेजी पर, 94.68% सत्यापन पूरा, 41 लाख फॉर्म का है लक्ष्य
18 Jul, 2025 10:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में वोटर लिस्ट की समीक्षा का काम तेजी से जारी है. ये प्रक्रिया पूरी होने में अभी 7 दिन बाकी हैं. चुनाव आयोग का कहना है कि अभी तक 94.68 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है. 5.2 प्रतिशत यानी की 41 लाख 10 हजार 213 मतदाताओं के गणना फॉर्म अभी लिए जाने हैं. अब तक 4.67 फीसदी मतदाता अपने पते पर अनुपस्थित पाए गए हैं. चुनाव आयोग ने इसके चार कारण बताए हैं. इसमें
पहला– 12 लाख 71 हजार 414 यानी की 1.61% मतदाताओं की मौत हो चुकी है.
दूसरा– 18 लाख 16 हजार 306 मतदाता स्थायी रूप से पता बदल चुके हैं.
तीसरा– 5 लाख 92 हजार 273 मतदाताओं का एक से ज्यादा स्थानों पर नामांकन है.
चौथा– 6 हजार 978 मतदाताओं का कोई पता नहीं चला है.
चुनाव आयोग का कहना है कि ऐसे मतदाता जिनकी संभवतः मौत हो चुकी है, जो स्थायी रूप से अपना पता बदल चुके हैं, जो एक से अधिक स्थानों पर नामांकित हैं और जिनका पता नहीं चल पा रहा है अथवा जिनसे बीएलओ के कई दौरों के बाद भी फॉर्म वापस नहीं मिला है, उनकी लिस्ट अब राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों या उनके द्वारा नियुक्त 1.5 लाख बूथ लेवल एजेंटों के साथ भी शेयर की जा रही है.
फाइनल वोटर लिस्ट 30 सितंबर को
एसआईआर आदेश के अनुसार, 1.5 लाख से अधिक बीएलए में से हर बीएलए रोजाना 50 फॉर्म सत्यापित कर जमा कर सकता है. ताकि कोई भी पात्र मतदाता न छूटे. 25 सितंबर तक दावों और आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट 30 सितंबर को जारी की जाएगी.
राजनीतिक दलों को दी जाएगा फाइनल लिस्ट
फाइनल वोटर लिस्ट की प्रिंटेड और डिजिटल कॉपी सभी राजनीतिक दलों को दी जाएंगी. इसके साथ ही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा. इसके बाद ERO के किसी भी फैसले से असंतुष्ट कोई भी निर्वाचक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1950 की धारा 24 के तहत जिला मजिस्ट्रेट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी से अपील कर सकता है.
चुनाव आयोग के दावे पर तेजस्वी का बयान
चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के बीच बिहार में इस पर सवाल भी उठ रहे हैं. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव लाखों मतदाताओं के अपने पतों पर ना मिलने के चुनाव आयोग के दावे को खारिज किया. उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग भारतीय जनता पार्टी का एक सेल बन गया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश पर भ्रम फैला रहा है.
आरजेडी नेता का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि चुनाव आयोग को बीजेपी से 15 फीसदी तक मतदाताओं के नाम हटाने के निर्देश मिल रहे हैं. हम वोटर लिस्ट की समीक्षा का विरोध कर रहे हैं मगर आयोग दुष्प्रचार के जरिए राज्य में जो हासिल करने की कोशिश कर रहा है, वो खतरनाक है. 15 दिन पहले तक हजारों मतदान केंद्र ऐसे थे, जहां कोई बूथ लेवल अधिकारी ही नहीं था.
पीएम मोदी ने सराहे बिहार के विकास कार्य, CM नीतीश ने किया धन्यवाद
18 Jul, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के मोतिहारी पहुंचे. प्रधानमंत्री मोदी ने यहां 7,200 करोड़ रूपये से अधिक की रेल, सड़क, मत्स्य, ग्रामीण विकास और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़ी विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल थे. प्रधानमंत्री ने 4 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई.
प्रधानमंत्री मोदी ने यहां नीतीश सरकार के कार्यकाल में बिहार में विकास के कार्यों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने बिहार के लाखों युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरी दी है. बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार देने का भी निश्चय किया है. जीविका दीदी योजना चलाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता दिया है. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये किया है. इस फैसले से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं विधवा बहनों को काफी राहत मिलेगी.
प्रधानमंत्री मोदी का मोतिहारी में अभिनंदन
वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी आज मोतिहारी पधारे हैं. उनका अभिनंदन करता हूं. उन्होंने यहां 8 रेल परियोजनाओं, 7 सड़क परियोजनाओं और 3 अन्य परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया है. बिहार को बड़ी सौगात दी है. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण एवं दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत लाभार्थियों को राशि दी जा रही है और इन सबकी कुल लागत 7217 करोड़ रुपये है. इन योजनाओं से बिहार को काफी फायदा होगा.
इस दौरान सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आप सब जानते हैं पहले क्या हाल था, पहले की सरकार में कोई काम नहीं होता था. 24 नवंबर, 2005 को यहां एनडीए की सरकार बनी तब से हमलोग विकास का काम कर रहे हैं. 20 साल से हमलोग बिहार के विकास के लिए काम कर रहे हैं. पहले बिहार का बजट मात्र 24 हजार करोड़ रुपया हुआ करता था. अब यह बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है.
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विभिन्न राज्यों के विकास के लिए काफी काम कर रहे हैं. बिहार पर इनका विशेष ध्यान है, इसके लिए मैं इन्हें धन्यवाद देता हूं. सभी क्षेत्रों के विकास के लिए हमलोग शुरू से ही काम कर रहे हैं. शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया. राज्य में बड़े पैमाने पर सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया. सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, हर घर नल का जल, हर घर शौचालय तथा टोलों को पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो गया है.
नौकरी और रोजगार की दिशा में बड़ा काम
नई बसावटों में भी यह काम शीघ्र पूरा कराया जा रहा है. हमलोगों ने सात निश्चय-2 योजना के तहत 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी तथा 10 लाख लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया था. अब तक 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दे दी गई है तथा 39 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है. 50 लाख से भी ज्यादा लोगों को नौकरी और रोजगार उपलब्ध होगा और इस दिशा में निरंतर काम जारी है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले 5 साल में हमलोग 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है. हाल ही में सभी वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली पेंशन राशि को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है. इससे 1 करोड़ 11 लाख लोगों को इसका फायदा मिल रहा है.
125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐलान
अब लोगों को 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जाएगी. पहले उनलोगों की सरकार में बिजली की आपूर्ति न के बराबर हुआ करती थी. पटना में भी अधिकतम 8 घंटे ही बिजली की आपूर्ति हो पाती थी. हमलोगों ने वर्ष 2018 में हर बिजली पहुंचा दी है. अब राज्य की जनता को 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध करायी जाएगी, इसके लिए कोई पैसा नहीं लगेगा. आज ही कैबिनेट में इसको तय कर दिया जाएगा इसका सबको फायदा मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई, 2024 के बजट में बिहार को विशेष आर्थिक सहायता के रूप में सड़क, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए बड़ी राशि देने की घोषणा की गई थी. इसके बाद फरवरी, 2025 के बजट में बिहार में मखाना बोर्ड, एयरपोर्ट की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता देने की घोषणा की गई है. हाल में केंद्र सरकार ने बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स का आयोजन करने का अवसर प्रदान किया था, जो बिहार के लिए गौरव की बात है.
कभी करते थे विरोध, अब दे रहे मुफ्त बिजली: नीतीश कुमार का चुनावी 'करंट'?
18 Jul, 2025 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिजली बड़ी सियासी हो गई है. मकानों, दुकानों और होटल के साथ राजनीति को भी रोशन कर रही है. इस बिजली से सिनेमा भी जगमगाता रहता है. ‘पतले पिया’ का बखान करने के लिए सिनेमा ‘तार-बिजली’ की संज्ञा देता है. कुल मिलाकर बिजली की हर जगह डिमांड है और राजनीति में तो ये जीत का फॉर्मूला. जिसे कई राज्यों में आजमाया जा चुका है. दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुजरात हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु से होते हुए ये ‘सियासी वोल्टेज’ बिहार में भी एंट्री कर चुका है. सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि वो 1 अगस्त से 125 यूनिट फ्री बिजली देंगे. इस तरह उन्होंने बड़ा दांव खेल दिया है. वो क्या है ना कि सियासत में कहते हैं ‘जो जीता वही सिकंदर, चाहे रथ से जीते चाहे जुगाड़ से!’
ऐसा नहीं है कि चुनाव से पहले मुफ्त बिजली देने का वादा बिहार में ही हुआ हो. इससे पहले भी कई राज्यों में राजनीतिक दल ऐसा वादा कर चुके हैं. चुनाव दर चुनाव ‘राजनीति की करंट स्कीम’ पार्टियों को रोशनी दे रही है. राजनीतिक दल मुफ्त करेंट से अपना सियासी बल्ब जलाने में लगे हैं. इसी कड़ी में नीतीश कुमार ने भी मुफ्त बिजली का ऐलान किया है. किसी भी राज्य में चुनाव के दौरान या चुनाव से पहले इस तरह की घोषणाएं होना कोई नई बात नहीं है. नए ऐलान से पुराने जख्म भी भरे जाते हैं. कहावत हैं ना ‘छौ महीना में पुरनका भूला जाला’. आइए बिहार के सियासी माहौल से रूबरू होने से पहले जानते हैं कि किन राज्यों में ऐसे ऐलान हुए हैं…
राज्य
चुनावी साल
वादा करने वाली पार्टी
ऐलान
स्थित
दिल्ली
2015, 2020
आम आदमी पार्टी
200 यूनिट
लागू
पंजाब
2022
आम आदमी पार्टी
300 यूनिट
1 जुलाई 2022 से लागू
उत्तर प्रदेश
2022
समाजवादी पार्टी
300 यूनिट
सपा चुनाव हार गई
गुजरात
2022
आम आदमी पार्टी
300 यूनिट
चुनाव हार गई
हिमाचल प्रदेश
2022
कांग्रेस
300 यूनिट
125 यूनिट
राजस्थान
2023 चुनाव से पहले
कांग्रेस
100 यूनिट
लागू की. फिर सरकार बदल गई.
कर्नाटक
2023
कांग्रेस
200 यूनिट
लागू की
मध्य प्रदेश
2023
कांग्रेस
100 यूनिट
चुनाव हार गई
तमिलनाडु
2021
DMK
100 यूनिट
लागू
दिल्ली
2025
बीजेपी
200 यूनिट
लागू
अब बात बिहार और नीतीश कुमार की
अब फिर से बात करते हैं बिहार की. नीतीश ने चुनाव से पहले मुफ्त बिजली देने का वादा करते लालू की ‘लालटेन’ के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है. राज्य में बड़ी संख्या में आबादी बीपीएल, मजदूर वर्ग और लोअर मिडिल क्लास से है. ऐसे में नीतीश के ऐलान से उन पर बिजली के बिल का बोझ खत्म या कम होगा.
नीतीश ने एक तरह से चुनाव से पहले गरीबों और मिडिल क्लास के लिए घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसका उन्हें चुनाव में फायदा भी मिल सकता है. क्या फायदे हो सकते हैं, ये समझने से पहले आइए जानते हैं नीतीश के ऐलान की खास बातें. सबसे पहली बात- 1 अगस्त से 125 यूनिट फ्री बिजली मिलेगी. 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को फायदा होगा. हर परिवार को करीब 900 रुपये की बचत होगी.
‘लालटेन युग’ को कोसते नजर आ सकते हैं नीतीश
अब वो दिन दूर नहीं जब नीतीश कुमार चुनावी सभाओं में लालू के ‘लालटेन युग’ को कोसते नजर आ सकते हैं. वो उस दौर की भी याद दिला सकते हैं जब शाम होते ही लालटेन जलानी पड़ती थी. इस तरह इमोशनल कनेक्शन से वो वोट के तार जोड़ते नजर आ सकते हैं. नीतीश कुमार द्वारा मुफ्त बिजली का पत्ता खोलने के बाद अब विपक्षी खासकर आरजेडी के लिए बड़ी मुश्किल हो सकती है क्योंकि जेडीयू और बीजेपी लालू के ‘लालटेन युग’ को पिछड़ेपन के तौर पर पेश करने से गुरेज नहीं करती है.
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‘हम लोग शुरू से ही सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध करा रहे हैं. अब तय किया है कि 1 अगस्त, 2025 से राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा. इससे 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को लाभ होगा. हमने ये भी तय किया है कि अगले तीन साल में इन सभी घरेलू उपभोक्ताओं से सहमति लेकर उनके घर की छतों पर या नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर लाभ दिया जाएगा’.
नीतीश आगे कहते हैं, ‘कुटीर ज्योति योजना’ के तहत जो बहुत गरीब परिवार होंगे उनके लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. इसके साथ ही अन्य के लिए भी सरकार उचित मदद करेगी. इससे घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिजली का 125 यूनिट तक कोई खर्च नहीं लगेगा, साथ ही साथ राज्य में अगले तीन साल में एक अनुमान के अनुसार 10 हजार मेगावाट तक सौर ऊर्जा उपलब्ध हो जाएगी.
सावधान! ₹19 का लालच पड़ा ₹8.6 लाख महंगा, पानी काटने की धमकी से खाली हुआ खाता
18 Jul, 2025 03:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
‘सुनो! तुम्हारा पानी का कनेक्शन काट रहे हैं, जल्दी से पानी का बिल भुगतान करो नहीं तो तुम्हारे घर का पानी बंद कर रहे हैं…’ फोन पर इतनी बात सुनने के बाद युवक के पास एक मैसेज आया और उस पर क्लिक करते ही खाते से 8.6 लाख रुपये साफ हो गए. पानी बिल के नाम पर साइबर अपराधियों ने ठगी के लिए एक नायाब तरीका निकाला. उन्होंने इसे अपनाते हुए रांची के लालपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले अंकुर महेश्वरी से 8.60 लाख रुपए की ठगी की.
इस संबंध में पीड़ित अंकुर महेश्वरी ने रांची के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. ठगी के शिकार पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 12 जुलाई को उन्हें उनके मोबाइल फोन के व्हाट्सएप एप्लीकेशन पर एक मैसेज प्राप्त हुआ था. इस मैसेज में रांची नगर निगम का लोगो लगा हुआ था. उसमें लिखा गया था कि आपका पानी का बिल बकाया है. अगर समय रहते पानी के बिल का भुगतान नहीं किया गया तो रात 9:00 के बाद पानी का कनेक्शन काट दिया जाएगा.
साथ ही उस मैसेज में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था, जिस पर अधिक जानकारी के लिए संपर्क करने की बात लिखी गई थी. रांची नगर निगम के नाम से पानी का कनेक्शन काटने से संबंधित मैसेज देख अंकुर महेश्वरी परेशान हो गए. वो साइबर अपराधियों के झांसे में आ गए. उन्होंने मोबाइल के व्हाट्सएप पर भेजे गए मैसेज में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया.
मोबाइल पर फोन करते ही सामने वाले युवक ने खुद को रांची नगर निगम का प्रतिनिधि बताया. उसने अंकुर महेश्वरी को झांसे में लेते हुए कहा कि आपके फोन पर एक लिंक भेजा जा रहा है. उस एप्लीकेशन को डाउनलोड कर लीजिए और केवल 19 रुपए का भुगतान कर दीजिए. इससे आपका प्रोफाइल अपडेट हो जाएगा.
अपराधियों के कहे में आकर पीड़ित से एप्लीकेशन से पहले 19 रुपए का भुगतान किया. कुछ देर के बाद अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से 8.60 लाख रुपए गायब हो गए. इधर जैसे ही खाते से एक के बाद एक पैसे निकलने के मैसेज आने लगे तो पीड़ित अंकुर महेश्वरी को शक हुआ.
उन्हें खुद के साइबर ठगी के शिकार होने की जानकारी मिली. उन्होंने तत्काल रांची के साइबर थाना में पहुंचकर पानी बिल के नाम पर 8.60 लाख की साइबर ठगी की एफआईआर दर्ज कराई. साइबर थाने की पुलिस पूरे मामले की तहकीकात में जुट गई. फिलहाल मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है.
दिल्ली जाने वालों के लिए खुशखबरी: पटना से चलेगी अमृत भारत एक्सप्रेस, ये होगा रूट और किराया
18 Jul, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आप भी अगर ट्रेन में यात्रा करते हैं तो ये खबर आपके लिए है. भारतीय रेलवे नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें शुरू करने जा रहा है. जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ेगी. आज इन ट्रेनों का उद्घाटन होगा. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को पटना से नई दिल्ली के लिए अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. हालांकि, शुक्रवार को यह उद्घाटन स्पेशल बनकर चलेगी.
इसके बाद 31 जुलाई से इसका नियमित परिचाल शुरू होगा. ट्रेन नंबर 22361 राजेंद्रनगर-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस 31 जुलाई से रोजाना चलेगी. वहीं, नई दिल्ली से इसका नियमित परिचालन 1 अगस्त से शुरू हो जाएगा.
गुरुवार को इस ट्रेन का सफल ट्रायल पटना जंक्शन से आरा तक किया गया. यह ट्रेन पटना के प्लेटफॉर्म नंबर 4 से दोपहर 2:30 बजे खुली और दानापुर रुकते हुए आरा दोपहर 3:35 बजे पहुंच गई. वापसी में इस ट्रेन को ट्रायल के तौर पर शाम 4:10 बजे आरा स्टेशन से रवाना किया गया और 5:35 बजे पटना जंक्शन आई. रेलवे प्रशासन के अनुसार ट्रायल पूरी तरह से सफल रहा है. ट्रेन 65 मिनट में पटना से आरा पहुंची. इस दौरान ट्रेन की स्पीड कहीं 45, कहीं 70 तो कहीं अधिकतम 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दर्ज की गई.
पटना से दिल्ली तक का किराया
पटना से नई दिल्ली के बीच नई अमृत भारत ट्रेन की बुकिंग गुरुवार से शुरू कर दी गई. दोपहर में जैसे ही सर्वर खुला तेजी से बुकिंग शुरू हो गई. इस ट्रेन में कुल 559 स्लीपर के बर्थ हैं. पटना से दिल्ली के लिए इस किराया 560 रुपये है. वहीं पटना जंक्शन से आरा 165, बक्सर 165, डीडीयू 190, सुबेदारगंज 270, गोविंदपुरी 380, गाजियाबाद का 555 रुपये किराया रखा गया है. ट्रेन में कुल 22 कोच हैं. यह ट्रेन पूरी तरह गैर वातानुकूलित है. इसके आगे और पीछे दोनों तरफ इंजन है, जो पुश-पुल तकनीक से ट्रेन की स्पीड को बढ़ाएंगे.
क्या रहेगी इस ट्रेन की टाइमिंग
गाड़ी संख्या 22361 राजेंद्रनगर-नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस 31 जुलाई से रोजाना शाम 07:45 बजे खुलकर 8 बजे पटना जंक्शन, 08:23 बजे दानापुर, 08:54 बजे आरा, 089:38 बजे बक्सर, 11:35 बजे डीडीयू, 2 बजे सूबेदारगंज, सुबह 4:25 बजे गोविंदपुरी, दोपहर 12:23 बजे गाजियाबाद रुकते हुए अगले दिन दोपहर में 01:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वहीं, वापसी में 1 अगस्त से नियमित नई दिल्ली से रात 07:10 बजे खुलेगी और संबंधित स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह 10:50 बजे पटना जंक्शन और 11:45 बजे राजेंद्र नगर टर्मिनल पहुंचेगी.
बदमाश चंदन मिश्रा हत्याकांड: पुलिस ने पांचों शूटरों की पहचान कर छापेमारी शुरू की
18 Jul, 2025 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की राजधानी पटना के पारस हॉस्पिटल में हुई कुख्यात बदमाश चंदन मिश्रा की हत्या में बड़ा अपडेट सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस घटना में शामिल पांचों आरोपियों की पहचान कर ली है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधी सलाखों के पीछे होंगे. वहीं एक आरोपी के हिरासत में लिए जाने की बात भी सामने आ रही है. हालांकि पटना पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टी नहीं की है. यह भी पता नहीं चला है कि जो आरोपी हिरासत में लिया गया है, वह चंदन मिश्रा पर फायर करने में शामिल था या नहीं.
पारस हॉस्पिटल में कुख्यात चंदन मिश्रा को गोली मारने वाले पांच शूटरों में पहला फुलवारी शरीफ का कुख्यात तौसीफ रजा उर्फ बादशाह है. दूसरा आकिब मालिक, तीसरा सोनू, चौथा कालू उर्फ मुस्तकीम और पांचवां भिंडी उर्फ बलवंत सिंह है. इनमें से आकिब मालिक फुलवारी शरीफ का ही रहने वाला है, जबकि बलवंत बक्सर का रहने वाला है.
पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों की पहचान की
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरी घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गई है. पटना के साथ-साथ राज्य के दूसरे जिलों में SIT की मदद से छापेमारी की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक, इस कांड से जुड़े एक आरोपी को हिरासत में भी लिया गया है और उससे पूछताछ भी की जा रही है. हालांकि इस बारे में अभी पुलिस की तरफ से पुष्टि नहीं की गई है.
पटना के SSP कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि गुरुवार सुबह चंदन मिश्रा की गोली मारकर के हत्या की गई थी. इसमें जांच जारी है. पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगी हुई हैं. विभिन्न जगहों पर छापेमारी की जा रही है. इस घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की पहचान कर ली गई है. इनके संभावित ठिकानों पर छापामारी चल रही है.
कुख्यात चंदन मिश्रा पर 24 से अधिक मामले थे दर्ज
SSP कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि चंदन पर 24 से अधिक मामले दर्ज थे. चंदन पूर्व में अपराधी रहा है. वर्चस्व को लेकर के लड़ाई थी, जिसके बाद इस घटना को अंजाम दिया गया. जल्द ही पुलिस अपराधियों तक पहुंच जाएगी और उनके ऊपर कड़ी कार्रवाई होगी.
वहीं पटना के IG जितेंद्र राणा ने बताया कि इस घटना में संलिप्त अपराधियों के बारे में पूरी जानकारी मिली है. गैंग के बारे में भी जानकारी मिली है. बक्सर जिले की पुलिस की मदद से सभी अपराधियों की तलाश की जा रही है. लगभग सभी की पहचान कर ली गई है. जल्द से जल्द सारे अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा. मृतक बदमाश चंदन ‘शेरू गैंग’ चलाता था और करीब दो दर्जन से भी ज्यादा आपराधिक मामले उस पर दर्ज थे. इनमें से कुछ मामले में वह सजायाफ्ता भी था.
IG जितेंद्र राणा ने दी जानकारी
IG जितेंद्र राणा ने बताया कि अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्राइवेट एजेंसी के द्वारा की जाती है. जो भी अस्पताल में जाते हैं, उनकी जांच की जाती है. यदि इसमें किसी भी प्रकार से किसी सुरक्षाकर्मी की मिली भगत है तो इन बिंदुओं पर भी जांच होगी. बक्सर पुलिस से हम लोग संपर्क में हैं. वहां के एसपी को निर्देश दिया गया है कि सभी अपराधियों के ठिकाने पर छापेमारी की जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए.
बिहार में जंगलराज? चिराग पासवान ने नीतीश सरकार को घेरा, कहा- हर दिन हो रही हत्याएं
18 Jul, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में एक के बाद एक हो रही हत्या की वारदातों से जहां एक तरफ लोगों में दहशत है तो वहीं इस मुद्दे को लेकर सूबे की राजनीति चरम पर पहुंच गई है. विपक्ष लगातार जहां नीतीश सरकार पर हमलावर है तो वहीं एनडीए के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि बिहार में हर दिन हत्याएं हो रही हैं और कानून-व्यवस्था एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है.
दरअसल गुरुवार (17 जुलाई) को पटना के पारस अस्पताल में बदमाशों ने घुसकर गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या कर दी. जिसको लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया चिराग पासवान ने अपनी ही सरकार को घेरा. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए उन्होंने कहा ‘बिहार में कानून व्यवस्था आज एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है. प्रतिदिन हत्याएं हो रही है , अपराधियों का मनोबल आसमान पर है. पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है’.
‘अपराधी कानून और प्रशासन को चुनौती दे रहे’
इसके आगे उन्होंने कहा ‘आज पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल के अंदर घुसकर अपराधियों द्वारा सरेआम गोलीबारी की घटना इस बात का प्रमाण है कि अपराधी अब कानून और प्रशासन को सीधी चुनौती दे रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बढ़ते अपराधिक मामले चिंताजनक है. उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस और कड़े कदम उठाएगा’.
‘कानून व्यवस्था को लेकर पहले भी उठाए सवाल’
हालांकि ये कोई पहला मौका नहीं है जब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने नीतीश सरकार पर हमला बोला है. इससे पहले भी उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए थे. बीते 11 जुलाई को उन्हें सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी दी गई थी. धमकी में कहा गया था कि उन्हें (चिराग) 20 जुलाई से पहले बम धमाके में मार दिया जाएगा. इस धमकी के बाद बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर चिराग ने राज्य सरकार पर तीखा वार किया था और पूछा था कि बिहारी अब और कितनी हत्याओं की भेंट चढ़ेंगे?. उन्होंने कहा था कि यह समझ से परे है कि बिहार पुलिस की जिम्मेदारी क्या है.
तेजस्वी का नीतीश सरकार पर हमला
इधर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी लगातार प्रदेश सरकार पर हमलावर है. पारस अस्पताल फायरिंग की घटना को लेकर उन्होंने कहा कि बिहार के व्यवसायी यहां से जाना चाहते हैं. सभी पेशेवर लोग यहां से जाना चाहते हैं. राज्य में डर का माहौल है. हर दिन हत्याएं हो रही हैं. कोई ध्यान देने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं आखिर उन्हें कौन हिम्मत दे रहा है?.
‘बिहार डरा हुआ है…’
उन्होंने कहा कि बिहार डरा हुआ है. अपराधी लगातार अपराध कर रहे हैं और मुख्यमंत्री बेहोशी की हालत में हैं. तेजस्वी ने कहा कि एडीजी ने कल कहा कि मानसून में अपराध की घटनाएं बढ़ जाती हैं उनका ये बयान कितना बचकाना है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने हार मान ली है कि वो अपराधियों को नियंत्रित नहीं कर सकते. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा कहते हैं कि अपराधियों को घर में घुस के मारेंगे और उन्हें पाताल से ढूंढेंगे. तेजस्वी ने कहा कि अपराधी सड़कों पर हैं, वो उन्हें खोजने के लिए पाताल क्यों जा रहे हैं?.
इसके साथ ही तेजस्वी यादव ने ये भी कहा कि जो लोग सत्ता में हैं वे निकम्मे हैं. वो बिहार को संभालने में असमर्थ हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग भ्रष्ट और अपराधियों को बचाने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं. बिहार में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं.
झारखंड: सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, कुख्यात नक्सली कुंवर मांझी मारा गया
18 Jul, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी क्रम में मंगलवार को बोकारो जिले के गोमिया थाना क्षेत्र अंतर्गत लुगू पहाड़ और बिरहोरडेरा इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में 5 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली एरिया कमांडर कुंवर मांझी समेत दो नक्सली मारे गए. वहीं, इस दौरान कोबरा 209 बटालियन का एक जवान भी शहीद हो गया.
जानकारी के अनुसार, झारखंड को नक्सलमुक्त बनाने के उद्देश्य से सुरक्षाबलों द्वारा लगातार सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मंगलवार को जब जवानों की टीम लुगू पहाड़ के जंगलों में तलाशी अभियान पर निकली, तभी नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए दो नक्सलियों को ढेर कर दिया.
मारे गए नक्सलियों में से एक की पहचान पांच लाख के इनामी कुंवर मांझी के रूप में हुई है, जो क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों का संचालन करता था. इस मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे उपचार के लिए ले जाया गया लेकिन वह वीरगति को प्राप्त हो गया.
मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में सघन सर्च अभियान शुरू किया. इस दौरान नक्सलियों के कब्जे से अत्याधुनिक हथियार और गोलियां भी बरामद की गई हैं.
बता दें कि इसी लुगू पहाड़ क्षेत्र में 21 अप्रैल 2025 को भी सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक करोड़ के इनामी नक्सली प्रयाग मांझी उर्फ विवेक सहित आठ नक्सली मारे गए थे. उस दौरान नक्सलियों के पास से 4 इंसास राइफल, एक एसएलआर और एक पिस्तौल समेत भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया गया था.
लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि सुरक्षा बल झारखंड से नक्सलवाद के खात्मे को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और आने वाले समय में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी.
'SIR' से पकड़े जाएंगे अवैध वोटर, चुनाव आयोग का देशव्यापी अभियान
17 Jul, 2025 06:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फर्जी वोटर को मतदाता सूची से बाहर करने की चुनाव आयोग का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अवैध तरीके से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों को देश से बाहर करने में मील का पत्थर साबित होगा. बिहार से शुरू की गई इस कवायद को पूरे देश में लागू करने की योजना है. इससे मतदाता सूची भी शुद्ध होगी और आंशिक तौर पर, लेकिन बड़ी तादाद में अवैध विदेशी सरकार की नजर में आ जाएंगे.
चुनाव आयोग की योजना राज्य दर राज्य इसे लागू कर पूरे देश की मतदाता सूची को पुख्ता करने की है. यह फैसला आयोग ने सभी राजनीतिक दलों के साथ चर्चा के बाद लिया था. इसके बावजूद विपक्षी दलों की आशंकाओं के चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया. जहां से 28 तारीख की सुनवाई में ग्रीन सिग्नल मिलते ही देशभर में एसआईआर को अंजाम देने की योजना को अमल में लाने पर आयोग कदम बढ़ा देगा. हालांकि चुनाव आयोग के एसआईआर से अवैध तरीके से देश में रह रहे सभी विदेशियों का पता नहीं चल सकेगा. एसआईआर में सिर्फ वही दायरे में आएंगे, जो चुनावी प्रक्रिया को दूषित कर रहे हैं. बहुतेरे ऐसे भी हैं जो फर्जी दस्तावेज रखने के बावजूद एसआईआर जैसी प्रक्रिया से दूर रहते हैं. लेकिन पूरे देश में यह प्रक्रिया निभाए जाने पर अवैध विदेशियों का एक बड़ा प्रतिशत जांच की जद में आ जाएगा.
इस प्रावधान के तहत चुनाव आयोग को SIR करने का अधिकार
विधि विशेषज्ञों के मुताबिक चुनाव आयोग संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता सूची को शुद्ध कर सकता है. यह अनुच्छेद वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनावों की गारंटी देता है. इसके अनुसार वोटर भारत का हर वह नागरिक, जो 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हो और सामान्य रूप से किसी निर्वाचन क्षेत्र में निवास करता हो, मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का हकदार है. कुछ शर्तें भी हैं जैसे यदि कोई व्यक्ति गैर-निवासी है, मानसिक रूप से अस्थिर है या अपराध, भ्रष्टाचार या अवैध कार्यों के कारण अयोग्य घोषित किया गया है तो उसे मतदान का अधिकार नहीं मिलेगा.
दरअसल यह अनुच्छेद यह सुनिश्चित करता है कि सभी पात्र नागरिकों को निष्पक्ष और समान रूप से वोट देने का अधिकार मिले. ऐसे में आयोग विदेशी, मृत, डबल वोटिंग समेत अन्य विभिन्न स्थितियों के आधार पर मतदाता सूची में सुधार के लिए पुनरीक्षण कराता है.
रहा सवाल एसआईआर का तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 आयोग को मतदाता सूची तैयार करने और संशोधित करने का अधिकार देती है. इसमें दर्ज कारणों के साथ विशेष संशोधन करना भी शामिल है. यह संशोधन जनवरी, अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में शुरू किए जा सकते हैं. निर्धारित माह, अवधि और चुनाव के करीब पुनरीक्षण कराए जाने के पीछे कई कारण हैं. नए वोटर को जोड़ने, फर्जी और मृत वोटर को सूची से बाहर करने के लिए यह प्रक्रिया अपनाई जाती है.
2003 में भी हो चुका है इस प्रकार का निरीक्षण
ऐसा नहीं है कि पहली बार यह प्रक्रिया निभाई जा रही है. बिहार में इस किस्म का गहन पुनरीक्षण 2003 में हुआ था. उस समय मतदाताओं की संख्या लगभग 3 करोड़ थी, जिसे 31 दिन में अंजाम दिया गया था. मौजूदा गहन पुनरीक्षण में ‘विशेष’ शब्द शामिल किया गया. इसमें आधार, ईपीआईसी और राशन कार्ड को वैकल्पिक तौर पर रखा गया. क्योंकि कानूनी तौर तीनों ही नागरिकता स्पष्ट नहीं करते. ईपीआईसी तो चुनाव आयोग बिहार में एसआईआर के लिए मुहैया कराए जा रहे फॉर्म में छपा हुआ दे रहा है. सत्यापन में निवास प्रमाण पत्र, वंशावली, जन्म प्रमाण पत्र समेत 11 में से एक दस्तावेज मुहैया कराना है. विधि विशेषज्ञों की मानें तो अनुच्छेद 326 में यह स्पष्ट है कि भारत का नागरिक ही चुनाव में मतदान कर सकता है. ऐसे में आयोग नागरिकता नहीं जांच रहा है, बल्कि मतदाता योग्य है या अयोग्य यह परख कर रहा है। अगर विस्थापित या अवैध विदेशी नागरिक भारत की चुनावी प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास करेंगे तो आयोग की इस प्रक्रिया में पकड़े जाएंगे। लेकिन इसे एनआरसी इसलिए नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इसमें वही विदेशी नजर में आएंगे जो देश की चुनावी प्रक्रिया को अशुद्ध करने की मंशा रखते हैं, वो नहीं जो दूर हैं.
वोटर लिस्ट में कई तरह की समस्याएं आईं सामने
चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि देशभर में अलग-अलग राज्यों से वोटर लिस्ट में कई तरह की समस्याएं सामने आयी हैं. ऐसे में पूरे देश की मतदाता सूची को नए सिरे से तैयार किया जाएगा, ताकि हर राज्य की वोटर लिस्ट में सिर्फ योग्य वोटर ही रह सके. असली वोटर ही रह सके. अगर कोई वास्तविक मतदाता है और किसी भी कारण से वह सूची में नहीं है तो उसे चुनाव आयोग हर हाल में शामिल करेगा. पूरी प्रक्रिया कानून के मुताबिक है, अगर कोई छूट गया या किसी आशंका की वजह से मतदाता सूची से बाहर किया गया तो उसे अपील का अधिकार है. आयोग के तहत कार्य कर रहे क्षेत्रीय प्रशासन के सर्वोच्च अधिकारी के फैसले पर आपत्ति होने की स्थिति में न्यायपालिका जाने का अधिकार है. अगर गलती से किसी का नाम कट भी जाएगा तो वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट पब्लिकेशन करने के बाद उन्हें अपील का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद जांच करके अगर किसी वास्तविक वोटर का नाम वोटर लिस्ट से कट भी गया है तो उसका नाम फिर से वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा.
वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए 2003 की कट ऑफ डेट ली गई है
बिहार के लिए वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए एक जनवरी 2003 की कट ऑफ डेट मानी गई है. इससे पहले इस तिथि तक ही बिहार को वोटर लिस्ट के लिए एसआईआर किया जा रहा है. इसी तरह से दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत देश के बाकी अन्य तमाम राज्यों में भी एसआईआर के लिए कट ऑफ डेट रखी जाएगी. जिस भी राज्य में 2001,2002, 2003 या 2004 के अलावा भी जिस साल में इस तरह का गहन पुनरीक्षण हुआ होगा. उस डेट को कट ऑफ डेट माना जाएगा.
इस कट ऑफ डेट का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इस तिथि तक जिसका भी नाम वोटर लिस्ट में शामिल होगा. उसे देश का नागरिक मानते हुए आगे वोटर लिस्ट को अपडेट करते वक्त उसका नाम जोड़ लिया जाएगा और उससे कोई दस्तावेज भी नहीं मांगे जाएंगे. जबकि इस कट ऑफ डेट के बाद जितने भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जुड़े होंगे या नया वोटर बनेगा. उन सभी से जन्म तिथि और जन्म स्थान से संबंधित दस्तावेज मांगे जाएंगे.
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