बिहार-झारखण्ड
झारखंड में 'अटल मोहल्ला क्लीनिक' का नाम बदल कर 'मदर टेरेसा' के नाम पर होगा, बीजेपी ने साधा निशाना
25 Jul, 2025 10:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में इन दिनों नाम बदलने और नामकरण करने का चलन जोरों पर है. इसको लेकर सियासत भी जमकर हो रही है. उत्तर प्रदेश में कई शहरों के नाम बदले गए. वहीं दूसरी तरफ जल-जंगल और खनिज से संपन्न राज्य झारखंड की बात करें तो यहां हेमंत सोरेन सरकार के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने पूर्व में रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी का नाम बदलकर वीर बुधु भगत यूनिवर्सिटी करने का प्रस्ताव पारित किया था.
यूनिवर्सिटी का नामकरण किए जाने पर झारखंड में सियासी संग्राम अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि इसी बीच गुरुवार (24 जुलाई) को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में 21 प्रस्ताव पर मुहर लगी जिसमें एक ऐसा प्रस्ताव ऐसा भी शामिल है जिसने फिर एक बार राज्य में राजनीतिक बवाल मचा दिया है.
बदला गया अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम
दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बीजेपी सरकार की तरफ से दिल्ली की मोहल्ला क्लिनिक की तर्ज पर शुरू की गई अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदल दिया है. झारखंड में चल रहे अटल मोहल्ला क्लिनिक को अब मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक के नाम से जाना जाएगा. कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगी जिसको लेकर बीजेपी ने नाराजगी जाहिर की है.
‘ये पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई का अपमान’
झारखंड बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार के इस फैसले को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का अपमान बताया है. उन्होंने हेमंत सरकार पर तुष्टिकरण का भी आरोप लगाया है. प्रवक्ता का कहना है कि झारखंड कैबिनेट ने अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदल कर मदर टेरेसा एडवांस क्लिनिक करने का निर्णय लेकर राज्य निर्माता का अपमान किया है. इससे सरकार का तुष्टिकरण का चेहरा एक बार फिर उजागर हुआ है.
उन्होंने कहा कि प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक क्रिस्टोफर हिचेंस और अरूप चटर्जी ने अपनी लिखी पुस्तकों में मदर टेरेसा की संस्था पर सेवा के नाम पर धर्मांतरण करने का गंभीर आरोप लगाया था. 2021 में भारत सरकार ने मिशनरीज ऑफ चैरिटी की FCRA लाइसेंस का नवीनीकरण करने से मना कर दिया था. जिसका कारण संविधान विरोधी और धर्मांतरण की गतिविधियों में शामिल होना बताया गया था.
‘मदर टेरेसा ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अहम योगदान दिया’
वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर इरफान अंसारी ने कहा है कि अटल क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक रखने का फैसला लिया गया है, क्योंकि मदर टेरेसा ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में अद्भुत योगदान दिया है. उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों के बाद अब दिव्यांगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा देने के लिए राज्य सरकार कई कदम उठा रही है.
BJP ने की थी ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ योजना की शुरुआत
बता दे कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शहरी मलिन बस्तियों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए अगस्त 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई की प्रथम पुण्यतिथि पर ‘अटल मोहल्ला क्लीनिक’ योजना की शुरुआत की थी. इस समय राज्य में कुल 140 अटल मोहल्ला क्लीनिक कार्यरत हैं, जो निःशुल्क और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, जिसका अब नाम बदलकर अब “मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लिनिक” किया गया है.
बिहार: सरकारी विभागों में साइबर सुरक्षा जांच, क्राइम ब्रांच तैयार कर रहा है एक्शन प्लान
24 Jul, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में बढ़ते साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है. एडीजी, ईओयू नैयर हसनैन खान का कहना है कि साइबर ऑडिट की प्रक्रिया सभी विभागों और सरकारी प्रतिष्ठानों में शुरू की जाएगी. साइबर ऑडिट के लिए संपूर्ण व्यवस्था तैयार की जा रही है. वर्तमान में साइबर से संबंधित आपराधिक गतिविधियां सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी हैं. साइबर गिरोहों के कुछ बड़े नेक्सस भी सामने आए हैं. इन सभी की पहचान कर तेजी से सख्त कार्रवाई की जा रही है.
नई प्रक्रिया के तहत सभी सरकारी कार्यालयों या प्रतिष्ठानों की साइबर ऑडिट कराई जाएगी. ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी महकमों की वेबसाइट, ऑनलाइन सेवाएं या लेनदेन समेत ऑनलाइन होने वाले तमाम कार्यों को साइबर से जुड़े सुरक्षा मानकों पर कसा जाएगा. जांच में जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां इन कमियों को जल्द दूरी की जाएगी.
साइबर ऑडिट की पूरी प्रक्रिया
सीडैक (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग), आई4सी (इंडियन साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर) समेत अन्य जांच एजेंसियों के सहयोग से की जाएगी. इसके लिए एक खास रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसके बाद समुचित तरीके से शुरुआत की जाएगी. इस क्रम में साइबर संबंधित तमाम प्रोटोकॉल या हाईजिन की जांच की जाएगी, ताकि यह पता चल सके कि कहां क्या कमी है, इसकी पूरी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और इससे संबंधित सभी कमियां दूर की जाएंगी.
क्यों पड़ी साइबर ऑडिट की जरूरत?
हाल में सूबे में साइबर वारदातों की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं. सरकारी संस्थानों या महकमों की वेबसाइट पर भी हमले की कई घटनाएं हुई हैं. हाल में एम्स में साइबर अटैक के कारण पूरा सिस्टम बंद हो गया था. स्मार्ट सिटी, डॉयल 112, जल वितरण समेत कुछ अन्य लोक उपयोगी सुविधाओं से संबंधित वेबसाइट पर साइबर अटैक हुआ है. इन कारणों से साइबर ऑडिट की जरूरत पड़ी.
बिहार वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: कहां गए 15 लाख फॉर्म? पटना से दिल्ली तक मचा हंगामा
24 Jul, 2025 04:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार: वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया जारी है और फॉर्म भरकर जमा करने की मियाद महज 2 दिन ही बची है. अभी तक 98 फीसदी फॉर्म जमा करा दिए गए हैं, जबकि 15 लाख फॉर्म भरकर जमा नहीं कराए गए हैं. माना जा रहा है कि अगले 2 दिनों में फॉर्म नहीं जमा कराने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है. ऐसे में भारी मात्रा में वोटर्स के नाम कटने की आशंका है. इस प्रक्रिया को लेकर बिहार से लेकर दिल्ली तक हंगामा मचा हुआ है. अब सत्तारुढ़ गठबंधन के लोग ही इस प्रक्रिया पर सवाल उठाने लगे हैं.
दिल्ली में संसद का मानसून सत्र चल रहा है. यहां पर भी विपक्षी सांसद इसके खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. पिछले 3 दिन संसद की कार्यवाही भी इसी हंगामे की वजह से भेंट चढ़ गई. बिहार की विधानसभा में भी हंगामा बरपा हुआ है, वहां भी सुचारू कार्यवाही नहीं हो पा रही है.
संसद में रोज हो रहा हंगामा
मामले को संसद में उठाने की लगातार मांग की जा रही है. कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर ने आज गुरुवार को ट्वीट कर कहा, “हम एक बार फिर लोकसभा में SIR का मसला उठाएंगे. इंडिया गठबंधन लोकतंत्र पर इस हमले पर तत्काल चर्चा की मांग करता है.” उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में 52 लाख लोगों को उनके मताधिकार से वंचित कर दिया गया है. आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस दिया है और बिहार में SIR के संवैधानिक और चुनावी निहितार्थ पर चर्चा की मांग की है.
विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दल के नेता भी इसका विरोध करने लगे हैं. बिहार के बांका से सांसद गिरिधारी यादव ने भी इस प्रक्रिया पर सवाल उठाया है. वह जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के नेता है. जेडीयू केंद्र और राज्य दोनों में सत्तारूढ़ बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का एक अहम सहयोगी है. गिरिधारी यादव ने इस प्रक्रिया को “जल्दबाजी में किया गया और अव्यावहारिक” करार दिया.
हम पर जबरदस्ती थोपा गयाः गिरिधारी
गिरिधारी यादव ने कहा, “यह (एसआईआर) हम पर जबरदस्ती थोपा गया है. चुनाव आयोग को कोई व्यावहारिक ज्ञान नहीं है. उसे न तो बिहार का इतिहास पता है और न ही भूगोल के बारे में. मुझे खुद सारे दस्तावेज एकत्र करने में 10 दिन लग गए.”
अपने बेटे का जिक्र करते हुए गिरिधारी यादव ने कहा कि मेरा बेटा अमेरिका में रहता है. वह एक महीने में ही SIR पर हस्ताक्षर कैसे कर लेगा? वह आगे कहते हैं, “इसके लिए कम से कम 6 महीने का समय दिया जाना चाहिए था. यह मेरी निजी राय है. पार्टी क्या कह रही है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता… लेकिन सच्चाई यही है. अगर मैं सच नहीं बोल सकता, तो सांसद क्यों बना हूं?”
बिहार विधानसभा में भी हंगामा
यह मुद्दा संसद के अलावा बिहार विधानसभा के जारी मानसून सत्र में भी छाया हुआ है, यहां कल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के बीच एक बार फिर तीखी बहस हुई.
विपक्षी दलों की ओर से किए जा रहे भारी विरोध के बीच चुनाव आयोग की ओर से बुधवार शाम को पेश किए गए आंकड़े भी चिंता जाहिर करते हैं. चुनाव आयोग के अनुसार, करीब 15 लाख वोटर्स ने अभी तक भरे हुए गणना फॉर्म स्थानीय चुनाव अधिकारियों के पास जमा नहीं कराए हैं. जबकि एसआईआर प्रक्रिया के तहत 25 जुलाई तक फॉर्म जमा कराना है और इसमें 2 दिन ही बचे हैं.
71 लाख वोटों के कटने की संभावना
चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक 98.01 फीसदी वोटर्स कवर्ड हो चुके हैं. इसमें से करीब 1 लाख वोटर्स ‘लापता’ बताए जा रहे हैं. साथ ही 20 लाख वोटर्स के निधन होने की बात बताई गई है. 28 लाख वोटर्स स्थायी रूप से विस्थापित हो गए हैं. जबकि 7 लाख वोटर्स एक से अधिक स्थानों पर वोटर लिस्ट में नामांकित पाए गए. इसके अलावा 15 लाख वोटर्स ने फॉर्म वापस नहीं किए गए हैं. कुल मिलाकर देखा जाए तो करीब 71 लाख वोटर्स ऐसे हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से कट सकते हैं. हालांकि अभी 2 दिन बचे हैं और 15 लाख ‘लापता’ वोटर्स के फॉर्म जमा हो सकते हैं.
चुनाव आयोग ने बताया, “बिहार में जारी एसआईआर के पहले चरण में, गलत तरीके से शामिल किए गए सभी वोटर्स और जिन लोगों ने अभी तक अपने फॉर्म वापस नहीं किए हैं, उनकी लिस्ट 20 जुलाई को बिहार के सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों की ओर से नामित 1.5 लाख (150,000) बूथ लेवल एजेंटों (बीएलए) के साथ साझा कर दी गई है.”
दिल दहलाने वाली वारदात: पत्नी ने पति की जीभ काटकर खाई, खून भी पिया, फिर हुई फरार
24 Jul, 2025 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के गयाजी से अजीबोगरीब और रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर ने सभी को चौंका कर रख दिया है. यहां एक महिला ने अपने ही पति की जीभ काटकर उसे निगल लिया. पति खून से लथपथ तड़पने लगा तो उसने सारा खून भी पी लिया. फिर भाग गई. पति को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इसके बाद पति ने जो कुछ भी पुलिस को बताया वाकई हैरान करने वाला था, जिसे सुन वो भी सन्न रह गए.
पीड़ित शख्स का नाम मुकेश दास है, जो 36 साल के हैं. जीभ कट जाने के बाद अब वो कुछ भी बोल नहीं पा रहे. मामला खिजरसराय इलाके का है. मुकेश की पत्नी आशा वर्कर है. मुकेश की मानें तो उसकी पत्नी ने चिकनी-चुपड़ी बातों में फंसाकर ये कांड किया. मुकेश ने बताया- सोमवार की शाम मैं घर आया. आकर मैंने जलजीरा पिया. तभी पत्नी सुनीता मेरे पास आई और कहने लगी कि तुमने जहर पी लिया है. मैंने उसे समझाया कि ऐसा नहीं है.
मुकेश की मानें तो सुनीता जिद करने लगी कि तुम अपनी जीभ दिखाओ. पहले मैंने अपनी जीभ नहीं दिखाई. जिसके बाद सुनीता मुकेश से बड़े प्यार से जीभ बाहर करने के लिए कहने लगी. इस पर मैंने भी उसकी बात मान ली. पहले थोड़ी जीभ मुंह से बाहर निकाली. सुनीता ने कहा- थोड़ा और बाहर करो. जैसे ही मैंने जीभ थोड़ी और बाहर निकाली, सुनीता ने झट से जीभ काटकर उसे निगल लिया. जीभ से काफी ज्यादा खून निकल रहा था, जिसे सुनीता ने चाट लिया.
पहले सुनाई झूठी कहानी
पीड़ित मुकेश पहले सच्चाई नहीं बताना चाहते थे. शुरुआत में मुकेश ने कहा कि मैं घर में पंखा ठीक कर रहा था. टेबल पर चढ़ा था. मैं टेबल से मुंह के बल गिर गया, इस कारण मेरी जीभ कट गई. मगर मुकेश से जब सच्चाई बोलने के लिए कहा गया तो उसने फिर बड़ी देर बाद पूरी कहानी बताई.
मुकेश ने कहा कि पत्नी सुनीता अजीब हरकतें करती है. मुकेश का कहना है कि एक बार तो सुनीता बेटी को लेकर पहली मंजिल से कूद गई थी, पर मैं देखकर हैरान रह गया कि दोनों को कुछ भी नहीं हुआ. मुझे लगता है कि उसमें कोई तो शक्ति जरूर है. एक बार सुनीता ने बेटी को गोद में उठाया था. दरवाजा बंद था, ताला लगा हुआ था. सुनीता बिना ताला खोले ही बाहर निकल गई. मैंने पत्नी की हरकतों का कभी भी किसी से जिक्र नहीं किया. क्योंकि मुझे लगा लोग मुझे ही बेवकूफ कहकर मेरा मजाक उड़ाएंगे.
मुकेश-सुनीता के तीन बच्चे हैं
मुकेश के 2 बेटे हैं और एक बेटी. तीनों की उम्र 12 साल के अंदर है. तीनों अभी दादा-दादी के पास रह रहे हैं. वहीं, पत्नी सुनीता का कुछ पता नहीं. घटना के बाद से वो घर से फरार है. पुलिस अभी आरोपी पत्नी की तलाश में है. उनका कहना है कि जल्द ही महिला को ढूंढकर गिरफ्तार किया जाए.
धनबाद में अवैध कोयला खदान धंसी, 9 मजदूरों की मौत, पहले भी हो चुका है हादसा
24 Jul, 2025 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के धनबाद जिले में अवैध खनन के दौरान बड़ा हादसा हुआ है. यहां कोयला खदान में अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से कारण 9 मजदूरों की मौत हो गई. हादसा बाघमारा थाना इलाके के जमुनिया में हुआ. मौके पर राहत और बचाव का काम किया जा रहा है. हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. इस हादसे के बाद इलाके में मचा हड़कंप मचा हुआ है.
जदयू विधायक सरयू राय ने एक्स पर एक पोस्ट कर कहा कि बाघमारा,धनबाद के जमुनिया नामक स्थान पर अवैध खनन के दौरान चाल धंसने से 9 मजदूरों की मौत हो गई है. अवैध खनन माफिया मृतकों का शव निपटाने में लगे हैं. इसकी सूचना मैंने धनबाद के एसएसपी को दे दी है. प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, चुनचुन नामक खनन माफिया प्रभावशाली संरक्षण में अवैध खनन करा रहा था.
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता ने भी दी प्रतिक्रिया
इस हादसे पर पर बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी मिल रही है कि धनबाद के बाघमारा में अवैध खनन ने लोगों की जान ले ली है. इस सरकार में राज्य में अवैध खनन चरम पर है. इस अवैध खनन के कारण धनबाद में लगातार चाल धंस रही हैं. निरसा हो, तेतुलमारी हो या कालूबथान, लगातार मजदूरों की मौत हो रही है. आज 9 मजदूरों की मौत होने की दुखद खबर आ रही है.
उन्होंने आगे कहा कि हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हैं, क्योंकि ये राज्य सरकार द्वारा की गई संस्थागत हत्याएं हैं. ये कोई साधारण मौतें नहीं हैं. राज्य सरकार को पता है कि उस इलाके में अवैध खनन हो रहा है, लेकिन खनन माफियाओं के कारण अवैध खनन को लेकर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो ये हत्याएं ही हैं. संबंधित थाना प्रभारी और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि अवैध खनन के चलते मौतें हुई हों. पहले भी इस तरह के हादसे हुए हैं.
15 दिन पहले भी हुआ था ऐसा हादसा
15 दिन पहले 5 जुलाई को झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत कुजू थाना क्षेत्र स्थित सीसीएल के करमा परियोजना की खुली खदान में अवैध माइनिंग के दौरान चाल धंसने चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग घायल हुए थे. रामगढ़ में सेंट्रल कोलफील्ड लिमिटेड के करमा परियोजना में अवैध माइनिग के दौरान चारों मृतकों की पहचान निर्मल मुंडा, वकील करमाली, इम्तियाज खान और रामेश्वर माझी के रूप में की गई थी.
दरअसल, रामगढ़ के कुजू थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआटुंगरी से सटे सीसीएल के करमा परियोजना की खुली खदान में ग्रामीणों के द्वारा अवैध रूप से कोयला निकालने का काम किया जा रहा था. इसी दौरान यह हादसा हुआ था और चार लोगों की चाल धसने के कारण मलबे में दबकर मौत हुई थी.
हाथियों के साथ वीडियो बनाना युवक को पड़ा भारी, हाथी ने पटककर मार डाला
24 Jul, 2025 04:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मरकच्चो: लोगों में सोशल मीडिया पर वायरल होने और ट्रेडिंग स्टार बनने का ऐसा भूत सवार है कि लोग मशहूर होने के लिए कुछ भी कर रहे हैं. कई बार वह अपनी जान भी खतरे में डाल लेते हैं. ऐसा ही एक मामला झारखंड के कोडरमा से सामने आया है. जहां एक युवक मरकच्चो थाना क्षेत्र के सलैया पहाड़ी के जंगल में हाथियों के झुंड को देखकर उनके साथ सेल्फी लेने लगा और रील बनाने लगा. इतने में हाथी उसके पास आ गए और उसे कुचल डाला. इससे उसकी मौत हो गई.
मरकच्चो थाना क्षेत्र के चोपना डीह पंचायत के बेलडीह गांव के रहने वाले 30 साल के सद्दाम अंसारी की इस हादसे में मौत हो गई. दरअसल, सलैया पहाड़ी के जंगल में हाथियों के आने की जानकारी सद्दाम अंसारी को मिली. ऐसे में वह अपने दो और दोस्तों के साथ हाथी को देखने के लिए पहाड़ी पर पहुंच गया. जंगली हाथी देख सद्दाम अपने मोबाइल से सेल्फी लेने लगा और साथ-साथ रील्स भी बनाने लगा.
हाथी ने पैरों से कुचल दिया
इसी बीच एक हाथी उग्र हो गया और वह उनकी तरफ दौड़ने लगा. सद्दाम के दोनों दोस्त किसी तरह हाथी से पीछा छुड़ाते हुए भाग निकले. लेकिन सद्दाम का पैर झाड़ियां में फंस गया और वह वहीं जमीन पर गिर गया. इसके बाद हाथी ने उसे पटका और बुरी तरह अपने पैरों से कुचल दिया. हाथी के जाने के बाद ग्रामीणों ने गंभीर रूप से घायल सद्दाम को इलाज के लिए कोडरमा अस्पताल में भर्ती कराया. उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया. लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया और उसकी मौत हो गई.
पहले चार ग्रामीणों की मौत
ग्रामीणों के मुताबिक मृतक सद्दाम अंसारी मार्बल मिस्त्री का काम करता था. कुछ दिन पहले ही वह मोहर्रम के मौके पर अपने गांव आया था. जंगली हाथी को देखकर वीडियो बनाने के चक्कर में हाथी ने उसे कुचल दिया, जिससे सद्दाम की मौत हो गई. कोडरमा जिले की इस घटना से पहले झारखंड के सिमडेगा और गुमला जिले में मार्च महीने में हाथियों के झुंड ने उत्पात मचाते हुए एक के बाद एक चार ग्रामीणों को कुचलकर मार डाला था.
प्रशांत किशोर की पार्टी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस से भिड़ंत, कार्यकर्ताओं ने लगाया लाठीचार्ज का आरोप
24 Jul, 2025 11:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Elections: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान जहां सदन के अंदर विपक्ष सरकार को घेरने में जुटा है, वहीं बाहर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विधानसभा घेराव का ऐलान कर प्रदर्शन किया। इस दौरान जन सुराज कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई।
पुलिस और जन सुराज कार्यकर्ताओं में झड़प, लाठीचार्ज का आरोप
प्रदर्शन के दौरान जैसे ही जन सुराज के सैकड़ों समर्थक चितकोहरा गोलंबर के पास पहुंचे, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों ओर से धक्का-मुक्की हुई। जन सुराज का आरोप है कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई कार्यकर्ता घायल हो गए। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और यातायात बाधित न हो।
ये जंग की शुरुआत है, इनका जीना हराम कर देंगे – प्रशांत किशोर
घटना के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा, अभी तो जंग की शुरुआत है। इनका जीना हराम कर देंगे। अभी तीन महीने बाकी हैं। बिहार की जनता बदलाव चाहती है और इन भ्रष्टाचारियों को सत्ता से हटाना चाहती है। ये लोग सदन और पुलिस के पीछे छिपकर नहीं बच सकते।
उन्होंने कहा कि पुलिस सरकार के इशारे पर काम कर रही है। पुलिस का क्या है? ऊपर से जैसा आदेश मिलता है, वैसा करती है। हम लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने रोक दिया है तो रुके हुए हैं, जब मन होगा, उठकर चल देंगे।
तीन प्रमुख मुद्दों पर घेराव, एक करोड़ हस्ताक्षर जुटाने का अभियान
जन सुराज पार्टी ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि यह प्रदर्शन तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर किया जा रहा है:
— गरीब परिवारों को दो लाख रुपये रोजगार सहायता राशि नहीं मिलना।
— दलित भूमिहीन परिवारों को तीन डिसमिल जमीन का वितरण न होना।
— भूमि सर्वेक्षण में व्यापक भ्रष्टाचार।
प्रशांत किशोर ने पहले ही ऐलान किया था कि इन तीन मुद्दों को लेकर एक करोड़ लोगों के हस्ताक्षर इकट्ठा कर मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा। इसी योजना के तहत पटना में बड़ी संख्या में समर्थक जुटे, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई।
पटना पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर
इस प्रदर्शन को लेकर पटना पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई और पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। वहीं, जन सुराज कार्यकर्ताओं ने भी जमकर नारेबाजी की और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के कारण कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों के लिए खुशखबरी! पीएम किसान की 20वीं किस्त जल्द, बिहार सरकार ने दी आय बढ़ाने की तरकीब
24 Jul, 2025 11:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
PM Kisan का इंतजार कर रहे बिहार के किसानों को नीतीश सरकरा ने बुधवार को जुलाई और अगस्त माह में खरीफ फसलों, सब्जियों और बागवानी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कृषि विभाग की ओर से इसको लेकर कहा गया है कि इनका पालन कर किसान अपनी फसल की पैदावार बढ़ा सकते हैं। इन महीनों में धान, मक्का, बाजरा, मूंगफली, और फलदार वृक्षों आदि से जुड़े कृषि कार्य वैज्ञानिक तरीके से कर किसान उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ा सकते हैं।
धान की रोपाई को लेकर दिए सुझाव
बिहार सरकार का कृषि विभाग राज्य में आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीक से कृषि कार्यों को बढ़ावा दे रहा है। विभाग की कोशिशों के कारण ही आज राज्य में कृषि से जुड़े उत्पादन काफी बढ़ चुके हैं और किसानों की जिंदगी में खुशहाली आई है। जुलाई माह के अंत तक धान की रोपाई पूरे करें धान के बिचड़ों की जड़ों को क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी (2.5 मिली प्रति लीटर पानी) और 1 प्रतिशत यूरिया के घोल में 3 घंटे डुबोकर माह के अंत तक रोपाई पूरी करें। बुवाई के 15-20 दिन बाद निकौनी करें अर्थात खरपतवारों को हटा दें।
कब किसका करें खेती
धड़छेदक कीट के लिए कार्बोफ्यूरान 3जी या कर्टाप हाइड्रोक्लोराइड 4जी (4-5 दाने प्रति गभ्भा) अथवा इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल (1 मिली प्रति 3 लीटर पानी) का छिड़काव करें। जुलाई माह में मिर्च, टमाटर, और अगात गोभी के बीजों को बीजोपचार के बाद बीज स्थली में बोएं। इस माह में खरीफ चारा की बुवाई पूरी करें। फलदार वृक्षों के लिए ग्राफ्टिंग, स्टूलिंग, और एयर लेयरिंग शुरू करें। पपीता की रोपाई और फलों के नए बागों के लिए गड्ढों में पौधरोपण भी इस माह के अंत तक करें।
ऐसे करें फसलों की रक्षा
अगस्त माह में इन बातों का ध्यान रखें किसान जुलाई में रोपे गए धान में आवश्यकता के मुताबिक, यूरिया का छिड़काव करें। रोपाई के एक सप्ताह बाद अल्गी कल्चर (10 किग्रा प्रति हेक्टेयर) का उपयोग करें। तनाछेदक कीट के लिए 8-10 फेरोमोन ट्रैप प्रति हेक्टेयर लगाएं। हिस्पा के लिए साइपरमेथ्रिन 10 ईसी या फेनवलरेट 20 ईसी (1 मिली प्रति लीटर पानी) और बैक्टीरियल लीफ ब्लाइट के लिए स्ट्रेप्टोसाइक्लिन (60 ग्राम) व कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (2.5 किलो प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें।
मिर्च, बैंगन, और टमाटर की करें रोपाई
बरसाती सब्जियों में निकाई-गुड़ाई और जल निकासी सुनिश्चित करें। मिर्च, बैंगन, और टमाटर की रोपाई करें। अप्रैल-मई में तैयार किए गए गड्ढों में पपीता, आम, और लीची के पौधे अगस्त माह के अंत तक लगाएं। इसके साथ ही कृषि विभाग का सुझाव है कि किसान अगस्त में समय पर कीट-रोग प्रबंधन, उचित उर्वरक उपयोग, और जल निकासी पर ध्यान दें।
मालकिन के भरोसे का किया कत्ल, किराएदार ने सिम कार्ड से खेला शातिर खेल
23 Jul, 2025 07:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
साइबर ठग ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कभी वह कंपनी के एमडी बनकर लोगों को ठग रहे हैं तो पुलिस बैंक मैनेजर बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. अब झारखंड के रांची में एक शख्स पहले एक घर में किराएदार बना और फिर उसी के मकान मालकिन को ठग लिया. साइबर ठगी करने वाला ये शख्स कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है.
पहले ठग ने मकान मालकिन के मोबाइल फोन से धोखे से उनका सिम कार्ड निकाल लिया फिर ब्लैक सिम इसमें डाल दिया. ताकि उन्हें शक न हो. इसके बाद इस सिम का इस्तेमाल कर उसने अकाउंट बनाया और अलग-अलग कॉमन सर्विस प्रोवाइडर सीसी संचालकों के स्कैनर के जरिए अलग-अलग किस्तों में 2 जून 2025 से लेकर 15 जून 2025 के बीच लगभग 1.88 लाख रुपए निकाल लिए.
साइबर थाने में FIR दर्ज कराई
पीड़ित मकान मालकिन अनिमा तिग्गा घर में किराएदार के रूप में रहते हुए कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र अभिषेक कुमार ने इस ठगी को अंजाम दिया. पुंदाग ओपी क्षेत्र के दीपाटोली की रहने वाली अनिमा तिग्गा ने अपने साथ हुई इस ठगी को लेकर 21 जून 2025 को रांची के साइबर थाने में FIR दर्ज कराई और बताया कि उनके अकाउंट से 2 जून 2025 से लेकर 15 जून 2025 के बीच PNB, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, SBI और पीएनबी क्रेडिट कार्ड मिलाकर कुल 1,88,000 रुपए ट्रांसफर किए गए.
इस तरह निकाले खाते से पैसे
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए उनके घर में ही किराए पर रहने वाले अभिषेक कुमार नाम के छात्र को गिरफ्तार किया. आरोपी बिहार के वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के सदापुर के रहने वाला है. उसने ही शातिराना तरीके से पहले अपनी मकान मालकिन के मोबाइल फोन से धोखे से उनका सिम कार्ड निकाला. फिर ब्लैक सिम उसमें डाल दिया, फिर रियल सिम कार्ड का इस्तेमाल कर यूपीआई अकाउंट बनाया. इसके बाद अलग-अलग कॉमन सर्विस प्रोवाइडर संचालकों के स्कैनर के जरिए पैसे निकाल लिए. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से चार मोबाइल बरामद किए गए हैं.
पुलिसवाला निकला धोखेबाज, इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर युवती को दिया धोखा
23 Jul, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिमडेगा : सिमडेगा जिला में वायरलेस कार्यालय में कार्यरत एक दरोगा पर राज्य के पलामू जिले की ही रहने वाली एक छात्रा ने शादी का झांसा देकर यौन संबंध बनाने का आरोप लगाया है. महिला ने दोरगा के खिलाफ रांची के महिला थाना में केस भी दर्ज कराया है. पीड़िता ने पुलिस के सीनियर अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है.
रांची के महिला थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी में महिला ने बताया है कि गढ़वा जिले के भवनाथपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले दरोगा रमेश भारती, जो वर्तमान में सिमडेगा जिले में वायरलेस कार्यालय में कार्यरत हैं. दोनों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर वर्ष 2023 में चैटिंग के दौरान दोस्ती हुई थी. धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ने लगी और प्रेम संबंधों में बदल गई.
इसी बीच रांची के पुंदाग ओपी क्षेत्र में दरोगा रमेश भारती ने उसे शादी का झांसा देते हुए, अपने फ्लैट पर ले गए और वहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए. यह सिलसिला लगातार जारी रहा. इसी बीच ,जब युवती ने दरोगा से शादी करने की बात कही, तो उसने शादी करने से इनकार कर दिया. उल्टा शादी के लिए दबाव डालने पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी.
नंबर ब्लॉक किया और लोकेशन भी बदली
युवती से पीछा छुड़ाने के लिए दरोगा ने उसके मोबाइल नंबर को भी ब्लॉक कर दिया. शादी की आस में पीड़िता जून महीने में आरोपी से मिलने के लिए सिमडेगा गई थी. उस दौरान भी दरोगा ने उसके साथ बस स्टैंड परिसर में मारपीट की. पीड़िता के पिता के अस्वस्थ होने के कारण वह उस वक्त शिकायत दर्ज नहीं करा पाई. अब उसने रांची के महिला थाना में आरोपी दरोगा के खिलाफ शादी का झांसा देकर यौन शोषण बनाने की लिखित शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है.
पीड़िता ने दरोगा के खिलाफ दर्ज कराया केस
यौन शोषण से संबंधित लिखित शिकायत होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस की टीम जल्द ही युवती द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर आरोपी दरोगा को हिरासत में लेकर पूरे मामले की जांचकरने का प्लान बना रही है. मामले की सही जानकारी के लिए पुलिस आरोपी दरोगा से पूछताछ करेगी.
पटना में CBI और IB का डेरा, बिहार साइबर क्राइम मामले में बड़े खुलासे की उम्मीद
23 Jul, 2025 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के बड़े साइबर अपराधियों में शुमार हर्षित गिरोह का भंडाफोड़ करने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने पूरे रैकेट की पड़ताल शुरू कर दी है. इस गिरोह में शामिल तमाम लोगों की पहचान कर इनके खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हो गई है. इन्हें दबोचने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है. हर्षित ने फर्जी दस्तावेज की बदौलत झारखंड में पाकुड़ के अलावा पश्चिम बंगाल और बिहार में भी कुछ स्थानों से सिम कार्ड खरीदे थे. इनकी संख्या 1 हजार से अधिक है. इन फर्जी सिम कार्ड को कैसे एक्टिवेट किया गया और इन्हें खरीदने में किन लोगों की सक्रिय भूमिका रही है,
ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान का कहना है पूरे ममले की तफ्तीश के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी की गई है. साइबर फ्रॉड से जुड़े तमाम जालसाजों की तलाश की जा रही है. व्यापक स्तर पर जांच जारी है. जल्द कई संदिग्धों की गिरफ्तारी हो सकती है. इससे फायदा उठाने वाले सभी लोगों की भी पड़ताल चल रही है.
सख्त कार्रवाई करने की बड़ी तैयारी
इस पूरे मामले की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि साइबर फर्जीवाड़ा करने के लिए इस तरह के सिम बॉक्स का इस्तेमाल कुछ अन्य साइबर गैंग के स्तर से भी करने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे तमाम सरगनाओं की पहचान कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर ली गई है. तमाम संदिग्ध स्थानों की रैंडम जांच की जाएगी. ताकि इन्हें दबोचा जा सके. साइबर फ्रॉड के पूरे गैंग को खंगालने की शुरुआत कर दी गई है. ताकि अधिक से अधिक अपराधियों को दबोचा जा सके. इस गैंग में शामिल अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर छापेमारी लगातार जारी है. संदिग्ध स्थानों की पहचान कर खासतौर से सघन तलाशी कराई जा रही है.
कई दूसरे देशों से जुड़े हैं तार
साइबर ठगी के इस पूरे मामले में सबसे बड़ी चुनौती बनकर यह सामने आ रही है कि कई दूसरे देशों से इनके तार जुड़े हुए हैं. इनके बीच ठगी या फर्जीवाड़ा की जितनी राशि का लेनदेन हुआ है, उसका अधिकांश हिस्सा क्रिप्टो करेंसी में है. इनकी पूरी डिलिंग डार्क वेब के जरिए होती थी. हालांकि ईओयू ने हर्षित के एक बैंक खाते को सील कर दिया है, जिसमें ढाई करोड़ रुपये से अधिक हैं. ऐसे 35 से अधिक बैंक खातों की पहचान की गई है, जिनमें हुए करोड़ों के लेनदेन की पूरी जानकारी एकत्र की जा रही है.
इस गैंग के तार कई राज्यों के अतिरिक्त विदेशों तक से जुड़े होने के कारण केंद्रीय जांच एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है, जिससे मामले की तफ्तीश में सुविधा हो और दूसरे राज्यों में भी तेजी से कार्रवाई कर संबंधित अपराधियों को दबोचा जा सके.
विधानसभा में घमासान! SIR को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में तीखी नोकझोंक
23 Jul, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में स्पेशल इंसेंटिव रिवीजन को लेकर विपक्ष लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है. आज इसको लेकर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ. विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. दूसरी पाली की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, एसआईआर के खिलाफ विपक्षी विधायक वेल में पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे. इसी बीच स्पीकर के सामने की कुर्सी भी उठा ली गई.
विपक्षी नेताओं ने स्पीकर नंद किशोर यादव के चैंबर के बाहर नारेबाजी तक की. इस दौरान विपक्षी विधायक ‘नीतीश कुमार गद्दी छोड़ो’ जैसे कई नारे लगाते नजर आए. विधानसभा में विपक्षी विधायकों ने सदन में रिपोर्टर टेबल पलट दिया. इस दौरान एक मार्शल को चोट भी लगी. मार्शल ने पूर्व मंत्री और राजद विधायक सुरेंद्र राम को सदन में उठाकर पटक दिया. विपक्षी विधायक वेल में पहुंचकर भी नारेबाजी की.
हंगामे के बीच 6 विधेयक पारित
हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी. दरअसल, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सदन में SIR पर विशेष बहस की मांग की है. विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी इसी को लेकर थी.हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने इस दौरान सभी विपक्षी विधायकों से बार-बार शांति बनाए रखने के लिए अपील की. हंगामे के बीच ही विधानसभा की कार्यवाही भी चलती रही और छह विधेयक भी पारित हो गए. हंगामें के दौरान विधायकों और मार्शल के बीच धक्का मुक्की भी हुई. विधायकों ने वेल में रखे टेबल को भी उठाने की कोशिश की. विधायकों और मार्शल के बीच हुई नोकझोंक को एक तरफ जहां सीएम नीतीश कुमार देखते रहे, वहीं तेजस्वी यादव भी अपनी जगह पर खामोशी से बैठे रहे.
तेजस्वी ने SIR पर बहस की मांग
मंगलवार को विधानसभा की कार्रवाही शुरू होने के साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य में चलाए जा रहे एसआईआर के मुद्दे को उठाया. उनका कहना था कि राज्य में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है. चुनाव आयोग जिस प्रक्रिया को अपना रहा है, वह सही नहीं है. नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि कार्यमंत्रण समिति की बैठक को बुलाया जाए और एसआईआर पर बहस हो. तेजस्वी यादव का यहां तक कहना था कि एसआईआर के नाम पर लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है.
काले कपड़े पहनकर नारेबाजी
मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्षी सदस्यों ने काले कपड़े पहन करके सदन में प्रवेश किया. इससे पहले महागठबंधन के तमाम घटक दलों के सदस्यों ने जमकर के सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की. एक तरफ जहां विधानसभा के वेल में महागठबंधन के सदस्यों ने नारेबाजी की वहीं विधान परिषद में भी कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला. बिहार विधानसभा का मानसून सत्र 25 जुलाई तक चलेगा.
ये है बिहार! रस्सी से बंधे हाथ-पैर, सड़क पर घसीटा, फिर पीटा
23 Jul, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की समस्तीपुर में एक युवक के साथ ऐसी घटना घटी, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. यहां एक युवक को थाने से महज कुछ मीटर की ही दूरी पर रस्सी बांधकर सड़क पर घसीटा गया. इसी के साथ उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी गई. घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. इस घटना का एक वीडियो भी वायरल भी हो रहा है.
समस्तीपुर जिले में मंगलवार को भीड़ का अमानवीय चेहरा देखने को मिला है. यहां एक युवक को मंदिर परिसर में हंगामा करने के आरोप में रस्सी से बांध कर न सिर्फ उसे मंदिर परिसर से घसीट कर बाहर निकाला गया, बल्कि लात घूंसे से दबंगों ने उसकी पिटाई भी कर दी. मामला नगर थाना क्षेत्र स्थित थानेश्वर स्थान मंदिर का है. बताया जा रहा है कि जहां यह घटना घटी हुई, वहां से कुछ ही दूरी पर नगर थाना भी है.
युवक को रस्सी से बांधकर घसीटा गया
घटना के बारे में मंदिर के पुजारी ने बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था. वह मंदिर में घुसकर हंगामा कर रहा था, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही थी. हंगामा करने के कारण एक बार उसे मंदिर परिसर से बाहर कर दिया गया था, लेकिन वो दोबारा मंदिर में घुसकर हंगामा कर रहा था. जिसके बाद लोगों ने रस्सी से बांधकर उसे घसीट कर बाहर निकाला और उसकी जमकर पिटाई की गई. बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया.
मानसिक रूप से विक्षिप्त था युवक
पीड़ित युवक की पहचान बेगूसराय जिले के मंसूरचक गांव के रहने वाले मनीष कुमार के रूप में हुई है. युवक के परिजनों के पहुंचने पर उसे परिवार को सुपुर्द कर दिया गया. हालांकि, इस मामले में अब पुलिस का भी बयान सामने आया है. सदर डीएसपी 1 संजय कुमार पांडेय ने कहा कि एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मंदिर परिसर के बाहर युवक की पिटाई की जा रही है. इस संबंध में नगर थानाध्यक्ष को निर्देशित किया गया है कि मामले में जो भी कानूनी कार्रवाई हो, वो की जाए. डीएसपी ने बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त था.
पप्पू यादव का राज ठाकरे को खुला चैलेंज, बोले- मुंबई आकर लड़ेंगे, बिहार में नहीं चलने देंगे मराठी संस्थाएं
23 Jul, 2025 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल बना हुआ है. कांग्रेस नेता और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने महाराष्ट्र में जारी हिंदी-मराठी विवाद, बिहार चुनाव, तेजस्वी यादव, असदुद्दीन ओवैसी और गाड़ी पर नहीं चढ़ने देने समेत कई मसलों पर खुलकर बात की. उन्होंने भाषा विवाद को लेकर राज ठाकरे को चुनौती देते हुए कहा कि वह मुंबई जाकर उनके खिलाफ लड़ेंगे.
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे हिंदी-मराठी विवाद पर जो कह रहे हैं, से जुड़े सवाल पर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि हिंदी भाषी और बिहार-झारखंड को जो भी चैलेंज करेगा, हम मुंबई जाकर राज ठाकरे के खिलाफ लड़ेंगे. साथ ही यह भी चेतावनी दी कि वह बिहार में एक भी मराठी संस्था को चलने नहीं देंगे. बंद कर देंगे.
बिहारी लोगों मारा और भगाया गयाः पप्पू
समाचार एजेंसी ANI के साथ पॉडकास्ट में बिहार से बाहर बिहारी लोगों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा, “गुजरात में बिहारी लोगों को मार-मार कर भगाया जा रहा था. हम पर गुजरात में बम चलाने की कोशिश की गई. हम पर ईंट फेंका गया. हमें धमकी दी गई कि हम मार देंगे. हम लेकर आए. इसी तरह आसाम में हमला हुआ और हम लेकर आए. मणिपुर में हमला हुआ और हम लेकर आए.”
प्रशांत किशोर की पार्टी में शामिल होने के सवाल पर सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मैंने तो कह दिया था आप प्राइम टाइम में लेते थे और आज सुबह ही ले लिया. उन्होंने तो यह भी बता दिया कि कल ज्वाइन कर रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा कि मैं 7 बार में 6 बार निर्दलीय चुनाव जीतने में कामयाब रहा. आज जाति और धर्म के नाम पर वोट ले सकते हैं, लेकिन विकास के नाम पर कभी वोट नहीं पड़े.
CM बनने का सपना छोड़ देंः पप्पू यादव
उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर को सलाह दीजिए कि अपनी जाति का एक वोट लेने की क्षमता पैदा करें. उन्होंने आगे कहा कि वो पहले कहते थे कि एमएलए नहीं बनेंगे, अब बोले की बनेंगे. फिर कहे कि मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे और अब बोले कि बनेंगे. उनसे कहिए कि अब मुख्यमंत्री बनने का सपना छोड़ दें.
ओवैसी के बारे में पप्पू यादव ने कहा कि जैसे बीजेपी को चुनाव लड़ने का अधिकार है तो इन्हें भी चुनाव लड़ने का अधिकार है. लेकिन ये चुनाव में कोई खास असर नहीं डाल पाएंगे. हालांकि हर किसी का कुछ न कुछ असर होता ही है, लेकिन कुछ खास असर नहीं होगा. सीमांचल में भी इनका इसर नहीं होगा. मुझे नहीं लगता कि ये वोट नहीं काट पाएंगे.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस हर किसी की पार्टी है. उनका कहना है कि जो बीजेपी के खिलाफ है उसके पास जाता है कि मुसलमानों का वोट.
कन्हैया कुमार के बारे में पप्पू यादव ने कहा कि ये जेएनयू में पढ़ा हुआ है. प्रतिभावान लड़का है. बिहार में कन्हैया के चुनाव लड़ने की संभावना पर पप्पू यादव ने कहा कि अच्छे और जीनियस आदमी को चुनाव जीतना ही चाहिए.
SIR के खिलाफ बिहार में महागठबंधन के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गाड़ी पर नहीं चढ़ने देने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा उन दावों को खारिज कर दिया कि उन्हें जानबूझकर अपमानित किया गया था. उन्होंने कहा, “जनता ने मुझे मंच की ओर धकेल दिया. मैं उस पर कदम रखते ही गिर गया. मुझे किसी ने जानबूझकर नहीं रोका था.”
दोस्त से अफेयर का शक? युवक ने ट्रेन से कटकर जान दी, वीडियो वायरल
23 Jul, 2025 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पटना सिटी के मेहंदीगंज थाना में एक युवक ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी. मंगलवार की सुबह मेहंदीगंज थाने के काठ के पुल के पास ट्रेन की पटरी पर एक युवक का शव मिला, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया. घटना की सूचना पर पहुंची मेहंदीगंज थाना की पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है.
मृतक युवक की पहचान मेहंदीगंज के रहने वाले ओम मेहता के रूप में की गई है. घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है. दरअसल, मृतक युवक ओम मेहता ने मरने से पहले अपनी मौत का जिम्मेदार अपने दोस्त मोहित को बताया. ओम मेहता ने मरने से पहले एक वीडियो बनाया और बताया कि मोहित उसका दोस्त गद्दार है और उसके साथ गद्दारी की है, जिसकी वजह वह आत्महत्या कर रहा है.
युवक के साथ दोस्त ने की गद्दारी
वहीं आस पास के लोगों ने बताया कि मृतक युवक के दोस्त के साथ उसकी पत्नी का अफेयर चल रहा था, जिसका विरोध करने पर ओम और मोहित में झगड़ा भी हुआ था. बताया जा रहा है कि दोस्त की गद्दारी और पत्नी की बेवफाई से दुखी होकर ओम ने आत्महत्या कर ली. हालांकि जब मृतक की पत्नी और परिजनों से बात की गई तो उन्होंने साफतौर पर अफेयर की बात से इंकार कर दिया.
मामले की छानबीन में जुटी पुलिस
इस मामले पर मेहंदीगंज थाना के एडिशनल SHO रितेश कुमार रतन ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है. एक युवक ने पहले वीडियो बनाया और अपने दोस्त को गद्दार बताया. युवक ने वीडियो में कहा कि उसका दोस्त मोहित गद्दार है. स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहित का युवक की पत्नी से अफेयर चल रहा था. इस वजह से दोस्त की गद्दारी से आहत होकर युवक ने आत्महत्या कर ली. युवक का शव काठ के पुल के पास ट्रेन की पटरी पर मिला था.
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