बिहार-झारखण्ड
बिहार पुलिस में ड्राइवर बनने का सुनहरा मौका! कांस्टेबल पदों पर निकली बंपर भर्ती
22 Jul, 2025 05:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
12वीं पास युवाओं और छात्रों के लिए सरकारी नौकरी पाने का बहुत ही सुनहरा मौका है. केंद्रीय कांस्टेबल चयन बोर्ड (CSBC) बिहार ने बिहार पुलिस में कांस्टेबल ड्राइवर पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 जुलाई से शुरू कर दी है. इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाकर 20 अगस्त तक आवेदन कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि इन पदों पर चयन कैसे किया जाएगा.
कांस्टेबल ड्राइवर के कुल 4,361 पदों पर भर्तियों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. अभ्यर्थी निर्धारित लास्ट डेट या उससे पहले इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. कैंडिडेट इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें इन पदों के लिए आवेदन सिर्फ ऑनलाइन मोड में ही करना होगा.
क्या होनी चाहिए योग्यता व उम्र?
बिहार पुलिस में ड्राइवर कांस्टेबल पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी का किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है. वहीं आवेदक की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए. आरक्षित कैटेगरी के कैंडिडेट्स को अधिकतम उम्र सीमा में सरकार के नियमानुसार छूट भी दी गई है.
कितनी है एप्लीकेशन फीस?
जनरल और ओबीसी श्रेणी के लिए एप्लीकेशन फीस 675 रुपए है. वहीं एससी व एसटी कैटेगरी के आवेदकों को 180 रुपए आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा. आवेदन शुल्क के अलावा निर्धारित बैंक शुल्क भी आवेदकों को देना होगा.
ऐसे करें आवेदन
आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाएं.
होम पेज पर दिए गए ड्राइवर कांस्टेबल अप्लाई लिंक पर क्लिक करें.
रजिस्ट्रेशन करें और एप्लीकेशन फाॅर्म भरें.
मांगे गए डाॅक्यूमेंट्स को अपलोड करें.
आवेदन फीस जमा करें और सबमिट करें.
कैसे होगा चयन?
ड्राइवर कांस्टेबल पदों पर आवेदकों का चयन लिखित परीक्षा, पीईटी, मोटर वाहन दक्षता जांच और डाॅक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के जरिए किया जाएगा. एग्जाम में सफल कैंडिडेट आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होंगे. अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जारी आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन को चेक कर सकते हैं.
स्कूल की राह, नदी का किनारा: बिहार में 2 भाई, 2 बहनें नहाने गए, लापता
22 Jul, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार: खगड़िया जिले के चौथम थाना इलाके के कंकड़ कुड़िया धार (बागमती नदी की उपधारा) में डूबने से चार मासूम बच्चे लापता हो गए हैं. नहाने के दौरान हादसा हुआ है. बताया जाता है कि लापता बच्चे अपने घर से स्कूल के लिए निकले थे. इसी दौरान धार में नहाने लगे. जिसमें चारों लापता हो गए. लापता बच्चों के धार के किनारे कपड़े मिले हैं. हालांकि सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और गोताखोरों ने लापता बच्चों की खोजबीन शुरू कर दी है.
लापता बच्चों में गोलू कुमार और कर्ण कुमार आपस में सगे भाई हैं. जबकि अंशू कुमारी और अन्नू कुमारी चचेरी बहनें हैं. सभी बच्चे 10 से 12 साल के बताए जा रहे हैं. घटना की सूचना मिलते ही लापता बच्चों के परिवारों में चीख-पुकार मच गई है. लापता की पहचान भूतौली मालपा निवासी अनोज प्रसाद के 12 साल की बेटी अनु कुमारी और 10 साल की बेटी अंशु कुमारी के अलावा ललित प्रसाद के 12 साल के बेटे गोलू कुमार और 9 साल के करण कुमार के रूप में हुई है.
वहीं लोगों ने घटना को लेकर बताया कि चारों बच्चे एक साथ वहां नहाने चले गए. सभी के कपड़े गड्ढे के किनारे से परिजनों ने बरामद किए हैं. इधर मौके पर पहुंचे सीओ ने बताया कि चार बच्चों के लापता की खबर मिली है लगातार खोजबीन जारी है. एसडीआरएफ टीम को भी सूचना दी गई है. इधर लापता के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है.
बच्चों की तलाश जारी
वहीं घटना के बाद से इलाके में मातम पसर गया है हालांकि चौथम आंचल के CO और मुखिया प्रतिनिधि की मौजूदगी में लापता बच्चों की तलाश जारी है. लेकिन, अभी तक एक भी बच्चे का शव बरामद नहीं हो सका है. वहीं घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई है. वहीं घाट पर चारों के मौजूद कपड़े किसी अनहोनी की तरफ साफ इशारा कर रहे हैं. जिससे परिजन सहमे हुए हैं. वहीं SDRF की टीम अभी तक घटनास्थल पर नहीं पहुंची है.
घर से स्कूल के लिए निकले थे बच्चे
स्थानीय गोताखोरों की मदद से ग्रामीण लापता बच्चों की खोजबीन में लगातार जुट हुए हैं. लेकिन अंधेरा होने के कारण खोजबीन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. परिजनों की माने तो सभी घर से स्कूल के लिए ही निकले थे. नहीं लौटने पर खोजबीन शुरू की.
'माउंटेन मैन' के परिवार को राहुल गांधी का सहारा, पक्का घर बनाकर निभाया वादा
22 Jul, 2025 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इन दिनों बिहार को लेकर खासे सक्रिय हैं. वह चुनावी साल में अब तक आधा दर्जन बार बिहार का दौरा कर चुके हैं. पिछले महीने पहले राहुल गांधी ने जब बिहार का दौरा किया था तब वह माउंटेन मैन के नाम से चर्चित दशरथ मांझी के घर गए थे, और उनके परिजनों से मुलाकात भी की थी. अब उनके लिए पक्का घर बनवा रहे हैं. उनकी नजर मांझी के जरिए बिहार में अनुसूचित जाति के लोगों के वोटों के साथ ही अपने प्रदर्शन में सुधार की है.
दशरथ मांझी एक ऐसा नाम है जो बिहार में घर-घर जाना-पहचाना है. आगे चलकर इनके संघर्ष पर एक फिल्म भी बनाई गई. लोकप्रियता हासिल करने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार दशरथ मांझी को सांकेतिक रूप से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया भी था. हर किसी ने उनके संघर्ष की तारीफ भी की, लेकिन उनके परिवार की माली हालत पहले ही जैसी रही. पिछले महीने के शुरुआती हफ्ते में राहुल गांधी जब बिहार के दौरे पर गए थे.
बनाया जा रहा 4 कमरे का पक्का घर
तब राहुल गांधी गया शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर गेहलौर गांव में दशरथ मांझी स्मारक पर गए. साथ ही गांव में मांझी के परिवार के लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना था. तब दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ ने राहुल गांधी से अनुरोध किया था, “उनके पास अभी तक पक्का मकान नहीं है. मैं राहुल गांधी से यह अनुरोध करना चाहूंगा, कि वे हमारे लिए एक पक्का मकान मुहैया कराएं.” इसके बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उनके लिए 4 कमरे वाला पक्का घर बनाने का जिम्मा उठाया और आज यह मकान आधा बनकर तैयार हो चुका है.
हालांकि माउंटेन मैन दशरथ मांझी के बेटे भगीरथ भी सियासी मैदान में उतर चुके हैं. कुछ समय पहले तक वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए. राहुल की यात्रा के दौरान भगीरथ ने यह भी खुलासा किया कि वह बिहार में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाना चाहते हैं और वह पार्टी से टिकट चाहते हैं.
दलित वोटर्स पर राहुल की निगाहें
भगीरथ भले ही राजनीति में आ गए हों, लेकिन उनके पिता दशरथ आज भी बिहार में सम्मानित चेहरे के रूप में विशिष्ट पहचान रखते हैं. उनका निधन साल 2007 में हो गया था. कांग्रेस दशरथ मांझी के जरिए बिहार में अपने कोर वोट को फिर से हासिल करने की जुगत में लगी है. यही वजह है कि राहुल दशरथ मांझी के घर गए. उनके परिजनों से मुलाकात भी की. साथ में नारियल पानी भी पिया. अब राहुल दशरथ के कच्चे घर को पक्का करा रहे हैं. दशरथ पिछले 20-30 सालों से लगातार चर्चा में रहे, बिहार की सियासत के कई बड़े चेहरे लगातार इनकी बात भी करते रहे, लेकिन उनका पक्का घर नहीं बनवाया गया.
अब अगले कुछ महीने में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं. कांग्रेस अपने पिछले प्रदर्शन को सुधारने में लगी है. कांग्रेस अपनी बदली रणनीति के तहत अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटर्स तक पहुंच बनाने के लिए आक्रामक तरीके से प्रयास में जुटी है. कांग्रेस ने कुछ महीने पहले अपने बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह की जगह दलित नेता राजेश राम को नियुक्त कर इसकी शुरुआत की थी. यही वहीं कांग्रेस ने दलित समुदाय से आने वाले सुशील पासी को बिहार का सह-प्रभारी भी नियुक्त कर बड़ा दांव चला. मांझी मुसहर भुइयां जाति के हैं जो अनुसुचित जाति में शामिल है.
मांझी से पहले भी कई और कोशिश
यही नहीं कांग्रेस ने इस साल फरवरी में बिहार के विख्यात पासी नेता जगलाल चौधरी की 130वीं जयंती मनाई. पार्टी ने पहली बार जगलाल चौधरी की जयंती धूमधाम के साथ मनाई थी. इस कार्यक्रम में राहुल गांधी भी शामिल हुए थे.
इस तरह से देखा जाए तो कांग्रेस बदली रणनीति के तहत बिहार में काम कर रही है. बिहार में अहम संगठनात्मक बदलाव, दलित समुदाय से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन और अब मांझी का पक्का घर यह दिखाता है कि कांग्रेस अपने पारंपरिक वोट बैंक, जो राज्य की आबादी का करीब 19 फीसदी है, को लुभाने की कोशिश में है.
धीरे-धीरे दूर होता गया दलित
एक वक्त था जब कांग्रेस को दलित वोटर्स का मजबूत साथ मिला करता था और उसे मजबूत वोट बैंक माना जाता था. 1990 के दशक के बाद यह वर्ग कांग्रेस से दूर होता चला गया. फिर साल 2005 के बाद यह वर्ग धीरे-धीरे कांग्रेस से छिटकते हुए नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) के साथ आ गया.
243 सीटों वाले बिहार विधानसभा में से 38 सीटें अनुसूचित जातियों के लिए और 2 सीटें अनुसूचित जनजातियों के लिए रिजर्व हैं. बिहार में पिछले 3 दशकों में क्षेत्रीय दलों के उभरने और दलितों के दूर जाने की वजह से कांग्रेस का प्रदर्शन गिरता चला गया. 1990 में जहां कांग्रेस का वोट प्रतिशत 24.78 फीसदी था, वो 1995 में घटकर 16.30 फीसदी तक आ गया. गिरावट का सिलसिला जारी रहा और 2000 में 11.06 फीसदी हो गया. 2005 में नीतीश कुमार का दौर शुरू होने के समय कांग्रेस के खाते में महज 6.09 फीसदी वोट आए.
20 साल से दहाई की तलाश में कांग्रेस
साल 2005 में कांग्रेस का वोट प्रतिशत पहली बार दहाई से गिरकर इकाई में आया और फिर कभी यह दहाई को नहीं छू सका. कांग्रेस का 2005 में वोट शेयर 6.09 फीसदी रहा तो 2010 में यह थोड़ा बढ़कर 8.37 फीसदी हो गया. पहली बार राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई में महागठबंधन के बैनर तले कांग्रेस ने 2015 का चुनाव लड़ा लेकिन उसके प्रदर्शन में गिरावट ही आई और यह 6.7 फीसदी तक सिमट गया. इसके बाद 2020 में कांग्रेस ने महागठबंधन के साथ लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ा तो इस बार उसे थोड़ा फायदा हुआ और दहाई के बेहद करीब पहुंच गई. तब कांग्रेस को 9.48 फीसदी वोट मिले थे.
कांग्रेस को 2020 के विधानसभा चुनाव में 19 सीटों पर जीत हासिल हुई थी जिसमें 5 रिजर्व सीटों (4 अनुसूचित जाति और 1 अनुसूचित जनजाति) पर जीत मिली थी. हालांकि 2015 के चुनाव में कांग्रेस को 27 सीटों पर जीत हासिल हुई थी और इस तरह से उसे 8 सीटों का नुकसान हुआ था. इन सबको देखते हुए माना जा रहा है कि राहुल गांधी आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की संभावनाओं को फिर से बेहतर करने के लिए दलित समुदाय को लुभाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं.
नीतीश के 'राइट हैंड' ने छोड़ा साथ! एस सिद्धार्थ के इस्तीफे से बिहार की राजनीति में अटकलें तेज
22 Jul, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में कुछ महीनों के भीतर विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इन चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज है. कई नेताओं का दल बदल का दौर भी जारी है. इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रधान सचिव और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. ऐसा माना जा रहा है कि वे आने वाला विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं.
चर्चित आईएएस अफसर, डॉ. एस सिद्धार्थ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. एस सिद्धार्थ ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना यानि VRS के लिए आवेदन दिया है. बताया जाता है कि उन्होंने 17 जुलाई को ही अपना वीआरएस आवेदन सरकार को सौंप दिया है, बता दें कि एस. सिद्धार्थ 30 नवंबर 2025 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. इससे पहले ही उन्होंने VRS लेने का आवेदन दिया है.
दो आईएएस अधिकारियों ने लिया VRS
एस. सिद्धार्थ 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और एक प्रशिक्षित पायलट भी हैं. एस सिद्धार्थ के इस्तीफे के साथ ही उनके चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं. बताया जा रहा है कि वे JDU के टिकट पर नवादा से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. हाल ही में उन्होंने नवादा का दौरा भी किया था. ऐसे में उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गईं हैं. इसके कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री के करीबी IAS अधिकारी दिनेश राय भी VRS के चुके हैं. उनके भी चुनाव लड़ने की चर्चा है.
कौन हैं IAS एस. सिद्धार्थ?
IAS एस. सिद्धार्थ के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते रहते हैं. यही कारण है कि वे चर्चाओं में बने रहते हैं. एस सिद्धार्थ का जन्म तमिलनाडु में हुआ था. वे IIT दिल्ली से भी पढ़ाई कर चुके हैं. एस सिद्धार्थ 1991 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं.
उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली (1987) से कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया था और भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद (1989) से MBA किया है. वे वर्तमान में बिहार के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के पद पर थे. डॉ. सिद्धार्थ एक प्रशिक्षु पायलट , पेशेवर वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर , एक पेंटर और एक कार्टूनिस्ट भी हैं.
कब होने हैं बिहार में विधानसभा चुनाव?
बिहार की मौजूदा सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि इससे पहले ही चुनाव आयोग चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराएगा. माना जा रहा है कि अक्टूबर में चुनाव हो सकते हैं. यही कारण है कि तमाम राजनीतिक दल अभी से अपनी तैयारी में जुट गए हैं.
अब खैर नहीं साइबर ठगों की! बिहार क्राइम ब्रांच ने किया बड़ा ऑपरेशन, 6 गिरफ्तार
22 Jul, 2025 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. EOU ने अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट से जुड़े 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है. इसका मुख्य सरगना 21 साल का हर्षित कुमार है, जिसे सुपौल के गौसपुर से दबोचा गया है. इसके साथ इस गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है.जानकारी के मुताबिक यह अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट सिम बॉक्स का संचालन भी करता था. ये सभी सिम बॉक्स की मदद से रोजाना 10 हजार से अधिक फर्जी कॉल करते थे और इन कॉल की मदद से साइबर फ्रॉड किए जाते थे.
ईओयू के एडीजी नैयर हसनैन खान ने बताया कि इस मामले की गहन तफ्तीश करने के लिए सीबीआई और आईबी की विशेष टीम भी जल्द पटना आने वाली है. चूंकि यह मामला कई राज्यों के अलावा विदेशों से जुड़ा हुआ है, तो ऐसे में राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी के साथ मिलकर पूरे मामले की तफ्तीश की जाएगी. पूरे गिरोह को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा. अवैध संपत्ति भी जब्त की जाएगी.
दो सप्ताह में ढाई करोड़ रुपये का नुकसान
उन्होंने बताया कि इस पूरे गिरोह ने साइबर ठगी की बड़ी राशि को क्रिप्टो में तब्दील कर दी थी. इसी में वे आपस में लेनदेन करते थे. कई क्रिप्टो खातों और लेनदेन से जुड़े लिंक की जानकारी हासिल हुई है, जिसकी जांच चल रही है. केंद्रीय दूर संचार मंत्रालय से प्राप्त सूचना के अनुसार फर्जी तरीके से समानांतर एक्सचेंज की बदौलत फर्जी कॉल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल करके पिछले सिर्फ दो सप्ताह में ढाई करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया है. जबकि जनवरी से अब तक दूर संचार मंत्रालय को 60 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है.
अब तक की जांच में यह बात सामने आई है कि हर्षित कुमार पिछले कुछ वर्षों में थाईलैंड, बैंककॉक समेत दर्जनभर देशों की यात्रा कर चुका है. इसका मोतिहारी में करोड़ों का मकान है. इसके एक बैंक खाते में 2.50 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसे सील कर दिया गया है. यह बैंक खाता मोतिहारी में है. इसके पास 12 से 14 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति का पता चला है. इसके पास अलग-अलग नामों से 30 से 35 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें साइबर फ्रॉड की राशि का लेनदेन होती थी. फिलहाल दूरसंचार विभाग अपनी स्तर से क्षति के नुकसान का आंकलन करने में जुटा हुआ है.
चीन, वियतनाम, कंबोडिया तक फैला था जाल
इस सिम बॉक्स की मदद से वह फेसबुक समेत अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से चीन, वियतनाम, कंबोडिया समेत अन्य देशों के नागरिकों से संपर्क में था और इन्होंने एक टेलीग्राम ग्रुप बना रखा था. इन विदेशों सरगनाओं के साथ मिलकर वह साइबर ठगी का पूरा तंत्र चलाता था. इस गिरोह के तार पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, गोआ, कर्नाटक, दिल्ली, उड़ीसा, झारखंड के अलावा संयुक्त अरब अमीरात, कंबोडिया, थाईलैंड, हांगकांग, चीन, वियतनाम, यूके और जर्मनी समेत अन्य स्थानों से जुड़े हुए हैं.
20 से 22 ठिकानों पर हुई छापेमारी
ईओयू की टीम ने पटना, मोतिहारी, सुपौल, वैशाली, रोहतास समेत अन्य जिलों में कई अभियुक्तों के 20 से 22 ठिकानों पर छापेमारी की गई. ईओयू के स्तर से डीएसपी पंकज कुमार के नेतृत्व में गठित एसआईटी के स्तर से यह कार्रवाई की जा रही है. इन स्थानों पर छापेमारी के दौरान 8 सिम बॉक्स डिवाइस और सैकड़ों की संख्या में प्रमाणित, उपयोग किए और अनुपयोगी सीम कार्ड, कई बैंकों के पासबुक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड समेत कई संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं. हर्षित ने वियतनाम से 4 और चीन से 4 सिम बॉक्स उपकरण की खरीद की है.
झारखंड से मंगवाता था फर्जी सिम
प्रारंभिक जांच में यह सामने आई कि सिम बॉक्स के माध्यम से 10 हजार से अधिक फर्जी कॉल एक दिन में ही किए जाते थे. इसकी मदद से कई तरह के साइबर अपराध किए जाते थे. हर्षित झारखंड से सबसे ज्यादा अवैध तरीके से एक्टिवेट किए गए फर्जी सिम कार्ड को मंगवाता था. मार्च से अब तक 1 हजार सिम कार्ड मंगवा चुका था. वहां के पाकुड़ से सर्वाधिक सिम कार्ड मंगवाए गए थे. हर्षित और सुल्तान की मुलाकात हाजीपुर में कई बार हुई थी और वहीं यह सिम की सप्लाई लेता था. सिम की आपूर्तिकर्ता टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ मिली-भगत करके इस गोरखधंधा को अंजाम देते थे. टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूटर्स आम लोगों की बॉयोमेट्रिक पहचान के आधार पर फर्जी सिम हासिल करते थे और वे इन्हें बेचते थे.
ED के नाम पर ठगी का नया जाल! धमकाया, डराया और ऐंठ लिए 50 लाख
22 Jul, 2025 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के रांची से डिजिटल अरेस्ट का एक मामला सामने आया है. ठग ने यहां खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को 300 करोड़ के घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया. इसके बाद ठग ने व्यक्ति से करीब 50 लाख रुपयों की ठगी की.
ठगी के शिकार हुए पीड़ित रिटायर्ड व्यक्ति ने झारखंड अपराध अनुसंधान विभाग ( सीआईडी) रांची अंतर्गत संचालित साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया. फिर सीआईडी ने मामले की जांच करते हुए गुजरात के जूनागढ़ जिला के रहने वाले 27 वर्षीय साइबर ठग रवि हसमुखलाल गोधनिया को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपी के पास से मिली ये चीजें
गिरफ्तार आरोपी रवि हसमुखलाल गोधनिया के पास से एक मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, तीन चेक, एक हार्ड डिस्क बरामद किया गया है. सीआईडी को आरोपी के मोबाइल फोन में मामले से संबंधित व्हाट्सएप चैट भी मिली है. पूरे मामले का खुलासा करते हुए सीआईडी ने जानकारी दी है कि गिरफ्तार आरोपी नए अकाउंट में साइबर ठगी से अर्जित पैसे ट्रांसफर करा रहा था.
एक दिन में खाते में जमा हुए 79 लाख
सीआईडी के अनुसार, केवल एक दिन में आरोपी के इंडियन बैंक के अकाउंट में 79 लाख रुपये जमा हुए थे. उस बैंक खाता को सीआईडी द्वारा फ्रीज कर दिया गया है. इसके साथ ही सभी लेनदेन की जांच की जा रही है. गिरफ्तार आरोपी खुद को ईडी, सीबीआई और एनआईए का अधिकारी बताकर लोगों से वीडियो कॉल कर करता था. फिर आरोपी लोगों से घोटाले या मनी लांड्रिंग के केस में शामिल होने की बात कहता और गिरफ्तारी का डर दिखाता.
इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर चंद मिनटों में लोगों से अपने खाते में लाखों की रकम ट्रांसफर करवा लेता. सीआईडी लोगों से अपील की है कि कोई भी केंद्रीय जांच एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती. किसी भी अनजान व्यक्ति की धमकी या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर ना करें. अगर साइबर अपराध के शिकार हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.Cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं या किसी नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाना से संपर्क करें.
रांची में बड़ी साजिश नाकाम! गर्लफ्रेंड संग लग्जरी कार में पिस्टल के साथ घूम रहा था सोहेल
22 Jul, 2025 11:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की रांची के चान्हो थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब गुप्त सूचना के आधार पर चान्हो थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान कुख्यात अपराधी सोहेल खान और उसकी प्रेमिका नंदिनी सामंत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीण एसपी खलारी डीएसपी के नेतृत्व में एक टीम गठित कर सोस चौक के पास वाहन चेकिंग चला रहे थे. इसी बीच एक चमचमाती लग्जरी कार को पुलिस ने रोका और जब गाड़ी की तलाशी हुई तो पुलिस की आंखें खुली रह गईं.
कार के अंदर वांटेड कुख्यात सोहेल खान अपनी प्रेमिका नंदिनी सामंत के साथ सवार था. दोनों किसी बड़ी अपराधी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. हालांकि दोनों अपने मंसूबे में कामयाब हो पाते. इससे पहले ही रांची पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उनकी कार से लोडेड हथियार, गोलियां और 80 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं.
सोहेल पर 12 केस पहले से हैं दर्ज
सोहेल खान झारखंड के गढ़वा के उत्तरी मोहल्ले का रहने वाला है और उसके साथ गिरफ्तार हुई उसकी महिला मित्र नंदिनी सामंत राजस्थान के धौलपुर जिले की रहने वाली है. गिरफ्तार सोहेल खान के ऊपर झारखंड के पलामू के गढ़वा, डाल्टनगंज, नगर उंटारी में कुल 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें छिनतई, रंगदारी, NDPS समेत कई संगीन अपराध शामिल हैं. इससे पहले भी वह कई बार जेल जा चुका है.
पुलिस ने कार से जब्त किया सामान
दोनों के पास से पुलिस ने एक हुंडई क्रेटा कार भी जब्त की है, जिसका नंबर JH -10DB- 0184 है. इसके साथ ही एक लोडेड पिस्तौल, गोलियों से भरी एक मैग्जीन और 8 जिंदा गोलियां बरामद की हैं. यही नहीं दोनों के पास से 80,000 रुपए नगद, सोने की अंगूठियां और दो मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं. बताया जा रहा है कि दोनों प्रेमी-प्रेमिका किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने जा रहे थे. लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया और अब मामले की जांच में जुट गई है.
बिहार में जंगलराज? तेजस्वी यादव ने अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर नीतीश सरकार को घेरा
21 Jul, 2025 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत इन दिनों अपने उफान पर है. आरजेडी समेत पूरा विपक्ष नीतीश सरकार को लगातार घेर रहा है. इसी कड़ी में अब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि 20 सालों की एनडीए सरकार और मुख्यमंत्री के मीडिया प्रबंधन के बल पर बनाई गई सुशासनी छवि का दिखावटी पर्दा अब पूरी तरह से उतर चुका है. बिहार के हर हिस्से में आपराधिक घटनाओं और भ्रष्टाचार ने सरकार के दावों का पर्दाफाश कर दिया है.
तेजस्वी यादव ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अपराधियों और भ्रष्ट अधिकारियों का गठजोड़ अब बिहार की व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है. जाति-धर्म और अघोषित DK टैक्स अधिनियम के अंतर्गत होने वाले ट्रांसफर-पोस्टिंग उद्योग ने भ्रष्टाचार का एक स्थायी संस्थागत ढांचा बना दिया है. जो उसमें फिट बैठेगा वही फ़ील्ड की पोस्टिंग पाएगा.
अफसरों की पोस्टिंग पर सवाल
उन्होंने कहा कि गांव से लेकर सचिवालय तक कोई भी काम बिना घूस के नहीं होता. गरीब पेंशन के लिए दर-दर भटकता है, किसान मुआवजे के लिए चक्कर लगाता है, छात्रवृत्ति पाने के लिए विद्यार्थी गिड़गिड़ाते हैं, लेकिन इस भ्रष्ट एनडीए सरकार के हर दरवाजे पर प्रीपेड टैक्स यानी रिश्वत देनी पड़ती है. बीजेपी नीत एनडीए शासन में अफसरों की पोस्टिंग धर्म, जाति और DK टैक्स के आधार पर होती है. योग्यता, दक्षता, परिणाम और ईमानदारी जैसे शब्द इस सरकार के प्रशासनिक शब्दकोश से गायब हो चुके हैं.
पुलिस की मारक क्षमता को किया खत्म
DK टैक्स के बल पर विजय हुए ‘सम्राट’ के हर निर्णय ने बिहार पुलिस की मारक क्षमता को इस कदर कुंद कर दिया है कि अपराधी बेखौफ होकर घर, अस्पताल, सड़क, कोर्ट और थाने तक में घुसकर निर्मम हत्याएं कर रहे हैं. थाना स्तर पर पोस्टिंग अब केवल वसूली के अधिकार की तरह बांटी जाती है. जिन अफसरों में असली पुलिसिंग की काबिलियत है, उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया है क्योंकि वो संविधान सम्मत कार्य करते हैं, राजनीतिक बंदी के तौर पर नहीं.
बिहार को ईमानदारी से चलाइए
उन्होंने तंज करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी, अगर आप होश में है तो मैं सिर्फ एक ही सलाह और सुझाव दूंगा कि राज्य को धर्म, जाति, DK टैक्स और चाटुकारिता से नहीं, बल्कि योग्यता, ईमानदारी और दक्षता से चलाइए. अगर यह सोच आज नहीं बदली, तो इतिहास आपको बीजेपी के निर्देश पर चलने वाले एक असफल शासक के रूप में याद रखेगा.
अजीबोगरीब हत्याकांड: 'तेरी बीवी मेरी गर्लफ्रेंड' कहने के बाद बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति ने क्यों ली 4 जानें?
21 Jul, 2025 05:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया के किलपाड़ा गांव में एक घर में एक महिला और उसके तीन बच्चे की लाश मिली थी. शुरूआत में ये मामला सुसाइड का लग रहा था, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो कहानी पूरी तरह बदल गई. वह एक सोची-समझी हत्या थी — और उसमें शामिल थे- महिला का पति और उसका प्रेमी.
छह महीने पहले हुई इस घटना में 30 वर्षीय बबिता कुमारी और उसके तीन मासूम बच्चों — रिया (8 वर्ष), सूरज (5 वर्ष) और सुजीत (3 वर्ष) की फंदे से झूलती लाशें घर में मिली थीं. पति रवि शर्मा ने दावा किया था कि वह गांव के मंदिर में मीटिंग में शामिल था और पत्नी ने फोन कर बार-बार बुलाया, जिस पर उसने उसे डांट दिया. बाद में घर लौटने पर वह पत्नी और बच्चों को मृत अवस्था में पाया.
इस दावे पर गांव वालों और पुलिस को यकीन हो गया, क्योंकि रवि शर्मा ने मीटिंग में मौजूद होने के पुख्ता सबूत दिए और पड़ोसियों के सामने दरवाजा तोड़कर रोने का नाटक भी किया. पुलिस ने इसे आत्महत्या मानते हुए यूडी (Unnatural Death) केस दर्ज कर मामले को बंद कर दिया.
लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो कहानी पूरी तरह बदल गई. रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से गला दबाकर हत्या की बात सामने आई, जिससे पुलिस भी हक्की-बक्की रह गई. मामले की दोबारा जांच शुरू हुई, और महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल से पुलिस को नया सुराग मिला.
पूछताछ में प्रेमी ने बताया पूरी कहानी
बबिता का प्रेम-प्रसंग गांव के ही निलेश कुमार से चल रहा था. पूछताछ में निलेश ने बताया कि बबिता उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी, जबकि वह पहले से शादीशुदा था. बबिता अक्सर अपने पति को रास्ते से हटाने की बात करती थी. इससे परेशान होकर निलेश ने सारा राज रवि शर्मा को बता दिया. रवि, जो पहले से बबिता के संबंधों को लेकर शक में था, अपनी पत्नी से नफरत करने लगा.
इसके बाद दोनों ने बबिता को ठिकाने लगाने की साजिश रच डाली. वारदात की रात, दोनों घर में घुसे और पलंग पर सो रही बबिता का गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के दौरान बबिता के पास सो रहे तीनों बच्चे जाग गए और रोने लगे, जिससे डरकर दोनों ने उन्हें भी मार डाला. बाद में सबको फंदे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे.
पति ने किया नाटक
हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए रवि शर्मा ने मंदिर की मीटिंग का बहाना बनाया, वहां अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और बार-बार मोबाइल कॉल कर ऐसा नाटक किया मानो पत्नी बार-बार बुला रही हो. घर लौटकर उसने पड़ोसियों के सामने दरवाजा तोड़ने और जोर-जोर से रोने का ड्रामा किया, जिससे सभी को लगा कि बबिता ने गुस्से में आकर आत्महत्या कर ली.
लेकिन सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के सामने आने के बाद खुल गई. पुलिस ने पति रवि शर्मा और प्रेमी निलेश कुमार दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. रौटा थानाध्यक्ष कुणाल सौरव ने पुष्टि की कि पहले दर्ज यूडी केस को अब हत्या में बदल दिया गया है. गांव के लोग, जो अपनी आंखों से आत्महत्या की कहानी को सच मान बैठे थे, अब स्तब्ध हैं कि जो उन्होंने देखा वह एक खूनी नाटक था.
अराजकता का माहौल: बिहार में जाति को लेकर हिंसक झड़प, तेजाब से 5 घायल
21 Jul, 2025 04:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया में एक बार फिर दिल दहला देने वाला तेजाबकांड सामने आया है जिसमें 5 लोग तेजाब से झुलसे हैं वहीं 3 की हालत गंभीर बनी हुई है. जातिसूचक शब्द कहे जाने के बाद से शुरू हुआ विवाद तेजाब के हमले पर जाकर खत्म हुआ था. पुलिस ने इस हमले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वहीं पांचों घायलों को हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती किया गया है. घायलों में एक बुजुर्ग भी शामिल है जिसकी हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया है.
जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला पूर्णिया जिले के बी. कोठी थाना क्षेत्र का है. जहां पर राजीव सोनार की ज्वेलरी की दुकान है. तेजाब से झुलसे नीलेश दास ने बताया है कि जब भी वह राजीव की दुकान के सामने से गुजरता था तभी राजीव उसे जातिसूचक शब्द कहकर बुलाता था. कई बार मना करने के बाद भी राजीव नहीं सुधरा. नीलेश ने कहा कि वह हर बार कहता था कि उसे जातिसूचक शब्दों से न बुलाकर नाम से बुलाए लेकिन राजीव बार-बार उसे उन्हीं शब्दों से कहकर बुलाता था और मजाक उड़ता था.
पहले भी हो चुका है विवाद
जानकारी में सामने आया है कि जातिसूचक शब्द कहने के बाद 3-4 दिन पहले राजीव और नीलेश के बीच बात मारपीट तक पहुंच गई थी. दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई थी. इसी बात से राजीव खुन्नस खा गया था और वह बदला लेने का इंतजार करने लगा. इसके बाद जब वह फिर से बाजार गया तो राजीव ने उसे देख लिया और अपने परिवार के साथ उसका इंतजार करने लगा. जैसे ही नीलेश उसकी दुकान के पास पहुंचा तो राजीव ने अपने परिजनों के साथ मिलकर उस पर तेजाब से हमला कर दिया.
तेजाब से एक बुजुर्ग भी झुलसा
पूर्णिया के बी.कोठी थाना क्षेत्र में हुए इस तेजाबकांड में कुल 5 लोग झुलसे हैं. सभी को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. सभी घायलों का इलाज किया जा रहा है. पुलिस ने बताया कि तेजाब हमले के दौरान एक बुजुर्ग भी चपेट में आ गए थे जिसकी आंख में तेजाब चला गया है. बुजुर्ग की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है. बी.कोठी थानाध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि इस वारदात के बाद राजीव स्वर्णकार, कुंदन स्वर्णकार, पंचानंद स्वर्णकार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
बेखौफ अपराधी: पटना में सिक्योरिटी एजेंसी संचालक की हत्या, पुलिस तलाश में जुटी
21 Jul, 2025 04:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजधानी: पटना में बेलगाम हो चुके अपराधियों ने फिर एक वारदात को अंजाम दिया है. राजधानी के दुल्हन बाजार इलाके में तीन की संख्या में आए अपराधियों ने एक युवक की सरेआम हत्या कर दी. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है. पुलिस मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार हो चुके थे. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है.
दुल्हन बाजार के रहने वाले आदित्य कुमार राजधानी के जक्कनपुर इलाके में एक निजी सिक्योरिटी एजेंसी चलाते थे. सोमवार को बाइक पर सवार होकर के आए बदमाशों ने आदित्य कुमार को सीने और सिर में गोलियां दाग दीं. स्थानीय लोगों की माने तो अपराधियों ने आने के साथ सीधे आदित्य पर हमला कर दिया. उन्होंने मृतक से न तो कोई बहस की और न ही कोई बातचीत की.
अचानक गोली दागे जाने के बाद आदित्य अचेत होकर के गिर गए. घटना के बाद पूरे इलाके में दशक फैल गई. इधर घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची. घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्तौल और एक बाइक को बरामद किया है.
पुलिस का कहना है कि पहली नजर में यह पूरा मामला किसी निजी रंजिश या पहले के विवाद से जुड़ा हुआ लग रहा है. जांच होने के बाद पूरी तस्वीर साफ हो सकती है. फिलहाल पुलिस मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज को देख रही है. पुलिस का दावा है कि इस अचानक घटे हत्याकांड के सभी पहलुओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा.
बता दें कि राजधानी में पिछले कुछ दिनों से बेलगाम होकर के अपराधी, संगीन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. लगभग हर रोज किसी ने किसी संगीन वारदात की खबर आ रही है. ऐसे में दुल्हन बाजार इलाके में सरेआम घटी इस घटना ने पुलिस के तमाम चुस्त दुरुस्त दावों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं.
बुजुर्ग पर अत्याचार: दबंगों ने 70 वर्षीय व्यक्ति को पीटा और थूक चटवाया, इलाके में आक्रोश
21 Jul, 2025 11:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की राजधानी रांची के बेड़ो थाना क्षेत्र अंतर्गत खुखरा गांव में दबंग ने एक ऐसी शर्मनाक घटना को अंजाम दिया, जिसने मानवता को शर्मसार करके रख दिया है. रांची के बेड़ो थाना क्षेत्र अंतर्गत खुखरा गांव में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग पर एक महिला के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया. गांव के ही पांच दबंगों ने पहले लाठी डंडे से उसकी बेरहमी से पिटाई की, फिर बुजुर्ग व्यक्ति को सरेआम थूक कर चटवाया गया. इतना ही नहीं दबंग ने इस दौरान मारपीट और बुजुर्ग के थूक चटवाए जाने की घटना की एक वीडियो भी बनाई गई है वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
छेड़खानी का आरोप लगाकर 70 वर्षीय बुजुर्ग की बेरहमी से पिटाई किए जाने और थूक चटवाए जाने का मामले की जानकारी के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. पूरे मामले को लेकर पीड़ित बुजुर्ग अफिंदर साहू ने थाना में विजेंद्र, रामभजन सिंह, प्रकाश सिंह, जितेंद्र सिंह और प्रकाश नामक व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है.
पुलिस ने एक को किया अरेस्ट
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दूसरे पक्ष के द्वारा भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है. मामले को लेकर जांच में जुटी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. जबकि इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है. पुलिस का दावा है कि अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी.
ये है मामला
जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग व्यक्ति पर गांव की ही एक महिला के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाते हुए आरोपियों ने लाठी-डंडे से उसकी पिटाई कर दी. इसके बाद थूक चटवाया गया. इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. मामले से जुड़े एक आरोपी को पुलिस ने अरेस्ट किया है, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी कर रही है.
हैवानियत की हद: तीन दरिंदों ने अकेली लड़की को अगवा कर किया गैंगरेप, जंगल में तड़पती मिली
21 Jul, 2025 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के गुमला जिले से एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां सदर थाना क्षेत्र में तीन दरिंदों ने एक नाबालिग का अपहरण किया, फिर सुनसान जगह पर तीनों ने मिलकर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया. इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और उसे जंगल में छोड़कर फरार हो गए.
किसी तरह नाबालिग अपने घर पहुंची और परिजनों को अपने साथ हुई दरिंदगी की जानकारी दी. परिजनों ने तुरंत गुमला थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया. गुमला एसपी के निर्देश पर, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने त्वरित कार्रवाई करते हुए सामूहिक दुष्कर्म में शामिल तीनों आरोपियों – अनुप उरांव, पंकज उरांव और बलराम महतो को गिरफ्तार कर लिया. ये तीनों गुमला सदर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले हैं.
ग्रामीणों में आक्रोश, पहले भी हुई थी ऐसी घटना
पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक स्कूटी भी जब्त की है. इस शर्मनाक घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. वे प्रशासन से तीनों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में कोई और ऐसी वारदात को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके.
गुमला जिले में यह पहली घटना नहीं है. इस वारदात से कुछ ही दिन पहले, सुरसांग थाना क्षेत्र में भी एक और सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई थी. एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने आई नाबालिग लड़की जब शौच के लिए खेत में गई थी, तब लगभग आधा दर्जन युवकों ने उसे अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था. उस मामले में भी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों सुरेंद्र नगेसिया, विमल कुमार, संजू राम (सभी गुमला के सुरसांग थाना क्षेत्र से), और अर्पण रोशन सोरेंग, दिनेश तिर्की उर्फ नितिन, अमरदीप कुल्लू (सिमडेगा जिले के पाकरटांड़ थाना क्षेत्र से) को गिरफ्तार किया था.
बेरोजगारी का 'ऑनलाइन' हल निकला नकली नोट छापना, 3 गिरफ्तार, लाखों की जाली करेंसी जब्त
21 Jul, 2025 11:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के पाकुड़ से पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने पहले यूट्यूब से जाली नोट छापने की तकनीक सीखी. फिर नकली नोट छापने का गोरखधंधा शुरू कर दिया. पाकुड़ के एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित टीम ने नकली नोट छापने के कारोबार में शामिल इन तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनके पास से लगभग 7100 जाली नोट और नोट छापने की मशीन समेत कई अन्य उपकरण जब्त किए गए हैं.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पाकुड़िया थाना क्षेत्र के राजपोखर निवासी बादशाह खान, गोड्डा जिला के सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र के बड़ा धमनी निवासी दीपक पंडित और चमन लाल पंडित शामिल के रूप हुई है. पाकुड़ जिला की एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि गिरोह का सरगना बादशाह खान है. उसने अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर यूट्यूब पर वीडियो देख जाली नोट छापने की तकनीक सीखी. इसके बाद जाली नोट छापने के धंधे को शुरू कर दिया और फिर 100 रुपए और 500 रुपए के जाली नोट छापकर उन्हें स्थानीय हाट बाजारों में खपाने का काम करने लगा.
गिरोह से जुड़े तीन लोग गिरफ्तार
लगातार नकली नोटों के बाजारों में सर्कुलेशन की जानकारी मिलने के बाद एक टीम का गठन किया गया था. गठित टीम ने इस गिरोह से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही पूरे जाली नोट के नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश और उनके पहचान में भी पुलिस की टीम जुट गई है. यूट्यूब पर वीडियो देखकर नकली नोट छापने की तकनीक सीखकर और नकली नोट छाप कर उसे बाजारों में खपाने वाले गिरोह के तीन सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.
पहले भी पुलिस ने किया था खुलासा
पाकुड़ जिले की इस घटना से पहले झारखंड के रांची के लोअर बाजार थाना की पुलिस ने जाली नोट के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था और रांची के ही नामकुम क्षेत्र के रहने वाले पूर्व सैनिक सुभाष प्रसाद को गिरफ्तार किया था. पूर्व सैनिक सुभाष प्रसाद को गिरफ्तार करने के बाद उसके घर की तलाशी भी ली गई थी, जहां से 500 रुपए के 29 जाली नोट बरामद किए गए थे.
कोलकाता से गिरफ्तार हुए चंदन मिश्रा हत्याकांड के 5 आरोपी, STF ने किया बड़ा ऑपरेशन
19 Jul, 2025 06:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पटना से बड़ी खबर सामने आई है. यहां पारस हॉस्पिटल के अंदर कुख्यात चंदन मिश्रा की हत्या मामले में बाकी के चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. एक बदमाश तौसीफ उर्फ बादशाह की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है. यानि अब हत्याकांड में पांचों की गिरफ्तारी हो गई है. पश्चिम बंगाल में STF की छापेमारी के दौरान चारों की गिरफ्तारी हुई है. हालांकि, इसकी आधिकारिक तौर पर पुलिस ने पुष्टि नहीं की है.
बताया जा रहा है कि कानून प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस इन सभी को लेकर पटना पहुंचेगी. ये सभी हत्याकांड में शामिल थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार यह भी बताया जा रहा है कि कुछ और लोग भी इस पूरे मामले में शामिल है जिनके गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है. 48 घंटे के अंदर ही पुलिस ने इस हत्याकांड में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
हालांकि पुलिस के सूत्र पूरे मामले में चुप्पी साधे हुए हैं. कुछ भी नहीं बता रहे. देखना होगा कि पुलिस इस पर कब और क्या बयान देती है. बताया जा रहा है कि तौसीफ के अलावा दूसरा हत्यारोपी आकिब मालिक, तीसरा सोनू, चौथा कालू उर्फ मुस्तकीम और पांचवां भिंडी उर्फ बलवंत सिंह है.
कौन था कुख्यात चंदन मिश्रा?
पटना में गुरुवार की सुबह निजी अस्पताल पारस में अपराधियों ने घुसकर चंदन की हत्या कर दी. ये हत्या पारस अस्पताल के आईसीयू वार्ड में हुई. चंदन मिश्रा पारस अस्पताल के ICU वार्ड नंबर 209 में भर्ती था. यहां पांच शूटर्स बेखौफ होकर पहुंचे और अंदर घुसकर कई राउंड फायरिंग की. जिससे उसकी मौत हो गई. चंदन मिश्रा नाम का व्यक्ति जो पटना के बेऊर जेल में बंद था, वो भी हत्या के जुर्म में ही जेल में था. पैरोल पर इलाज कराने पटना के पारस अस्पताल में भर्ती हुआ था. चंदन मिश्रा 10 से ज्यादा हत्याओं का आरोपी था. बक्सर में चंदन एक गैंग चलाता था. उस गैंग का वो लीडर था.
तीन सीसीटीवी फुटेज वायरल
इससे पहले हत्याकांड से जुड़े तीन सीसीटीवी फुटेज सामने आए थे. दो हत्या से पहले के और एक हत्या के बाद का. एक सीसीटीवी फुटेज में चंदन की हत्या से पहले पांचों आरोपी पारस अस्पताल के पास एक गली में खड़े दिखे. इसमें पांचों आपस में हत्या की प्लानिंग कर रहे थे. दूसरे सीसीटीवी फुटेज ICU वार्ड में एंट्री का था. जबकि, तीसरे फुटेज में अपराधी बेखौफ होकर बाइक पर भागते दिखे.
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