बिहार-झारखण्ड
खुशी बदली मातम में: डैम में नहाने गए चार युवकों ने गंवाई जान, एक साथ उठीं चार अर्थियां
28 Jul, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के खरसावां थाना इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां डैम में नहाने गए चार लड़कों की पानी में डुबने से मौत हो गई. ये हादसा खरसावां थाना क्षेत्र अंतर्गत दलाईकला गांव में हुआ. यहां स्थित चेक डैम शनिवार को मौत वाली डैम के रूप में तब्दील हो गई. इस चेक डैम में नहाने के लिए छह दोस्त पहुंचे थे.
हालांकि दो दोस्त डैम के बाहर ही खड़े रहे, जबकि चार दोस्तों ने डैम में नहाने के लिए जैसे ही छलांग लगाई, वैसे ही उन चारों की पानी में डूबने से मौत हो गई. आशंका व्यक्त की जा रही है कि जैसे ही चारों लड़कों ने पानी में छलांग लगाई, वैसे ही डैम के पानी के निचले सतह पर मौजूद किसी बड़े पत्थर या स्लैब से सभी का सर टकरा गया, जिसके बाद चारों युवक पानी के अंदर ही बेहोश हो गए.
पूरे गांव में पसरा मातम
इस कारण चारों युवक पानी में डूब गए और चारों की मौत ह्यो गई. इधर दलाईकला गांव के चार लड़कों के चेक डैम में डूबने के कारण मौत होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया. मामले की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची खरसावां थाना की पुलिस ने चारों मृतक लड़कों के शव को डैम के अंदर से बरामद करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
सभी मृतक एक ही गांव के थे
मृतक लड़कों की पहचान गौरव मंडल, सुनील साहू, मनोज साहू और हरिवास दास के रूप में की गई है. चारों मृतक लड़कों की आयु 18 से 21 वर्ष के बीच थी. सभी दलाईकला गांव के ही रहने वाले थे. इस हृदयविदारक हादसे से पहले झारखंड के ही गढ़वा जिले के सदर थाना अंतर्गत उड़सुगी गांव में 15 अप्रैल 2025 को गांव के ही एक डोभा (छोटा तालाब ) में नहाने के दौरान डूबने से चार बच्चों की मौत हो गई थी.
मृतक बच्चों की पहचान बाबूलाल चंद्रवंशी के 13 वर्षिय बेटे हरिओम चंद्रवंशी और 16 वर्षीय बेटे नारायण चंद्रवंशी (दोनों सगे भाई) के अलावा अवधेश राम के आठ वर्षीय बेटा लक्की कुमार और संतोष राम के 12 वर्षीय बेटे अक्षय कुमार के रुप में की गई थी.
दहला देने वाली वारदात: रांची में घर में घुसकर युवती पर बदमाश ने छिड़का पेट्रोल, सनसनी
28 Jul, 2025 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड की राजधानी रांची में बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर एक युवती पर पेट्रोल छिड़क कर जान से मारने की कोशिश की. वहीं युवती के ऊपर पेट्रोल छिड़कने की सूचना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. पहले तो परिजन को लगा कि आरोपी ने युवती के ऊपर एसिड से अटैक किया है. हालांकि जब आनन-फानन में पीड़िता को एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया तब जांच में पता चला कि उसके ऊपर पेट्रोल फेंका है, जो उसकी आंखों में चला गया है.
पेट्रोल कांड की यह पूरी घटना रांची के कांके थाना क्षेत्र अंतर्गत टेंडर ग्राम की है. यहां की रहने वाली 21 वर्षीय युवती जो अपने घर में आराम कर रही थी. इस दौरान बदमाशों ने घर में घुसकर उसके ऊपर पेट्रोल फेंक दिया, जिससे उसे चेहरे और आंखों में जलन महसूस हुई. पीड़िता को एक निजी आई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं.
सीएम सोरेन ने दिए निर्देश
वहीं दूसरी तरफ युवती पर घर में घुसकर पेट्रोल छिड़कने की घटना की जानकारी होने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस मामले में रांची पुलिस को जांच कर आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही पीड़िता को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान करने का भी निर्देश, रांची के उपायुक्त और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी को दिया है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा कि रांची पुलिस मामले की जांच कर आरोपी की तत्काल गिरफ्तार करे. साथ ही बेटी को बेहतर चिकित्सा सुविधा प्रदान कराने के निर्देश दिए हैं.
जांच जुटे पुलिस अधिकारी
रांची पुलिस को मामले की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई कर रही है. वहीं घटनास्थल पर कई सीनियर पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में जांच की गई. पीड़िता के बेहतर व प्रभावी इलाज के लिए चिकित्सकों की टीम काम कर रही है. डॉक्टरों के अनुसार, पीड़िता खतरे से बाहर है तथा उस पर एसिड से हमला नहीं किया गया है. पेट्रोल आंखों में छिड़का गया है. युवती की आंखों को कोई स्थाई क्षति नहीं पहुंची है. वह कल तक बिल्कुल ठीक हो जाएगी.
चलती एंबुलेंस बनी दरिंदगी का अड्डा: बोधगया में होमगार्ड कैंडिडेट से गैंगरेप, पीड़िता बोली- बेहोश हुई तो...
26 Jul, 2025 05:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के गयाजी में गैंगरेप की खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया, वो भी एंबुलेंस के अंदर. बीएमपी-3 में होमगार्ड बहाली के लिए आई एक लड़की के साथ एंबुलेंस में दो युवकों ने गैंगरेप किया. पुलिस ने इस मामले में एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों की मेडिकल जांच भी करायी गयी है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को होमगार्ड बहाली के दौरान शारीरिक परीक्षा देते समय एक युवती की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी. वह अचेत हो गई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए बीएमपी परिसर में तैनात एंबुलेंस से मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेजा गया.
रास्ते में किया गया गैंगरेप
अस्पताल पहुंचने के बाद जब युवती को होश आया तो उसने अपने साथ दुष्कर्म होने की जानकारी अस्पताल के चिकित्सकों को दी. युवती ने बताया कि रास्ते में एंबुलेंस के ड्राइवर और टेक्नीशियन ने उसके साथ दुराचार किया. चिकित्सकों की सूचना पर मेडिकल टीम का गठन कर युवती की जांच करवाई गई और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई. 26 वर्षीय पीड़िता इमामगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली है. उसने पुलिस को बताया- एंबुलेंस में 3 से 4 लोग थे. उन्होंने बेहोशी हालत में मेरे साथ गैंगरेप किया.
आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस ने तत्काल एंबुलेंस की पहचान कर आरोपी ड्राइवर और टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया. फिर दोनों की मेडिकल जांच करवाई गई. इस संबंध में बोधगया थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है.
3-4 लड़के थे एंबुलेंस में
प्राथमिक स्तर पर पुलिस सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है. वहीं यह जानकारी ली जा रही है कि एंबुलेंस में उस समय कौन-कौन मौजूद था. पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एंबुलेंस में तीन से चार लोग मौजूद थे. बेहोशी की हालत में आरोपियों ने यह शर्मनाक हरकत की. एसएसपी आनंद कुमार ने बताया कि पीड़िता के शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालने के बाद दो आरोपियों की पहचान की गई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 घंटे के अंदर आरोपी ड्राइवर विनय कुमार एवं टेक्नीशियन अजित कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता के बयान पर बोधगया थाने में मामला दर्ज हुआ है.
नक्सल मोर्चे पर बड़ी कामयाबी: गुमला में 3 नक्सली ढेर, AK-47 सहित भारी हथियार बरामद
26 Jul, 2025 05:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नक्सलमुक्त और उग्रवादमुक्त झारखंड बनाने की दिशा में प्रदेश की पुलिस लगातार काम कर रही है. लगातार झारखंड के विभिन्न उग्रवाद और नक्सलवाद से ग्रसित क्षेत्र में सर्च अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में आज झारखंड के गुमला जिले के अंतर्गत घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में सर्च अभियान चलाया गया.
इस दौरान सुरक्षा बलों की प्रतिबंधित संगठन झारखंड जन्म मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के नक्सलियों साथ मुठभेड़ हो गई. सुरक्षा बलों की टीम को देख जेजेएमपी के नक्सलियों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी. सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में जेजेएमपी के कुख्यात सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नकस्ली ढेर हो गए हैं.
गुमला जिले के एसपी को मिली थी गुप्त सूचना
इसके साथ ही मारे गए नक्सलियों के पास से सुरक्षा बलों की टीम ने एक ऐके-47 , दो इंसास राइफलों के साथ-साथ बड़ी मात्रा में गोलियां सहित अन्य सामग्री बरामद की है. दरअसल, गुमला जिले के एसपी हरीश बिन जमा को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि जेजेएमपी का सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा अपने संगठन के दस्ते के साथ गुमला जिले के घाघरा क्षेत्र के जंगलों में घूम रहा है.
इसी सूचना के बाद जिले की घाघरा, बिशनपुर और गुमला थाना पुलिस के साथ-साथ झारखंड जगुआर के जवानों के द्वारा संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया. अभियान के दौरान सुरक्षा बलों की घाघरा थाना क्षेत्र के लावा दाग जंगल में जेजेएमपी के नक्सलियों साथ भीषण मुठभेड़ हो गई. इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की टीम ने जेजेएमपी के सब जोनल कमांडर दिलीप लोहरा समेत तीन नक्सलियों को मार गिराया.
10 दिन पहले बोकारो में हुई थी मुठभेड़
बता दें कि गुमला जिले की इस मुठभेड़ से महज 10 दिन पहले 16 जुलाई को झारखंड के बोकारो के गोमिया के जागेश्वर विहार थाना अंतर्गत बिरहोरडेरा के जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ हुई थी. इस मुठभेड़ में 5 लाख के इनामी कुख्यात नक्सली कुंवर मांझी समेत दो नक्सली ढेर हुए थे. इस मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ कोबरा 209 बटालियन के जवान परनेश्वर कोच शहीद हो गए थे.
कारोबारी की बाइक में रखा हथियार, फिर पुलिस को दे दी सूचना, अपने ही पार्टनर को कैसे फंसाया?
26 Jul, 2025 05:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची/ एसएसपी साहब एक व्यक्ति मोरहाबादी से ओरमांझी की तरफ जा रहा है. उसकी गाड़ी में अवैध हथियार हैं. झारखंड की रांची पुलिस को हथियार रखने की गुप्त सूचना मिली. इसके आधार पर ओरमांझी थाना की पुलिस द्वारा चलाए गए चेकिंग अभियान के दौरान निरंजन कुमार नाम के एक व्यक्ति को रोका गया. फिर उनकी मोटरसाइकिल की तलाशी ली गई तो डिक्की से हथियार और गोलियां बरामद हुईं.
इसके बाद ओरमांझी थाना की पुलिस ने रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के देवी मंडप रोड के रहने वाले निरंजन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में निरंजन कुमार ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि ये हथियार उनके नहीं है. हथियार उनकी बाइक की डिक्की में कहां से आए उनको ये भी मालूम नहीं है. मामला संदेहास्पद प्रतीत होने के बाद मोरहाबादी (जहां से निरंजन आ रहे थे) के सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई.
CCTV में कैद तस्वीरों ने किया भंड़ाफोड़
फिर क्या था सीसीटीवी कैमरे में कैद तस्वीरों ने पूरे प्लांड क्राइम सीन का भंडाफोड़ कर दिया. दरअसल, ये पूरा प्लान झारखंड के गढ़वा जिले के रहने वाले आशीष कुमार पांडे और राहुल कुमार तिवारी ने अपने ही पार्टनर निरंजन कुमार को फंसाने के उद्देश्य से बनाया. दोनों ने जमीन कारोबार में हुए मामूली विवाद के बाद निरंजन कुमार को फंसाने के उद्देश्य से पहले उनको मोरहाबादी बुलाया. फिर सात हजार में खरीदी गई पिस्तौल और गोलियां सुंयोजित षड्यंत्र के तहत निरंजन कुमार की मोटरसाइकिल की डिक्की में रख दी.
इसके बाद दोनों ने पुलिस को यह सूचना दे दी की एक व्यक्ति अवैध हथियार अपनी गाड़ी में रखकर ओरमांझी थाना क्षेत्र की तरफ जा रहा है. इस पूरे सुनियोजित षडयंत्र का खुलासा करते हुए रांची के एसएसपी सह डीआईजी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पीड़ित निरंजन कुमार ने मोराहाबादी क्षेत्र के रहने वाले जमीन कारोबारी आशीष कुमार पांडेय के माध्यम से अपनी एक परिचित की जमीन का सौदा कराया था.
ऐसे रचा गया पूरा षड्यंत्र
उन्होंने बताया कि इस सौदेबाजी में आशीष पांडेय को प्रॉफिट में से निरंजन कुमार को 10 लाख रुपए देने थे, लेकिन उसके मन में बईमानी आ गई. वह निरंजन को 10 लाख रुपया नहीं देना चाहता था. वो मुनाफे के सारे रुपये अकेले हड़पना चाहता था. इसके लिए आशीष कुमार पांडे ने अपने दोस्त राहुल तिवारी के साथ मिलकर पहले जमीन कारोबार में साझेदार निरंजन कुमार को मिलने के बहाने रांची के मोरहाबादी क्षेत्र के एक होटल के पास बुलाया. फिर धोखे से उनकी बाइक की डिक्की में पिस्तौल और गोलियां रख दींं.
इसके बाद पुलिस को गलत सूचना देकर उन्हें गिरफ्तार करवा दिया. अब इस पूरे मामले में दोनों मुख्य आरोपी आशीष पांडे और राहुल तिवारी को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.
'DSP की पाठशाला' से 170 बच्चे बने अधिकारी, वर्दी वाला ये टीचर युवाओं को दे रहा नया भविष्य
26 Jul, 2025 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने शुक्रवार को सिविल सेवा परीक्षा- 2023 का अंतिम परिणाम घोषित किया. परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद पास हुए अभ्यर्थियों से ज्यादा एक DSP की चर्चा हो रही है. इस DSP का नाम विकास चंद्र श्रीवास्तव है. विकास एक तेज तर्रार पुलिस अधिकारी होने के साथ-साथ अपनी ‘डीएसपी की पाठशाला’ भी चलाते हैं. अब तक इस पाठशाला से करीब 170 बच्चे झारखंड में अफसर बन चुके हैं. इस वजह से विकास चंद्र श्रीवास्तव की चर्चा न केवल झारखंड में हो रही बल्कि पूरे देश में हो रही है.
दरअसल, JPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा-2023 का परिणाम 25 जुलाई को जारी किया गया, जिसमें कुल 342 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए. सफल 342 में से 140 अभ्यर्थी केवल DSP विकास चंद्र श्रीवास्तव के द्वारा संचालित ‘डीएसपी की पाठशाला’ से मार्गदर्शन लेकर सफल हुए हैं. वर्ष 2013 बैच के झारखंड पुलिस सेवा के अधिकारी विकास चंद्र श्रीवास्तव मूल रूप से हजारीबाग जिले के रहने वाले हैं. उनके पिता स्वर्गीय अविनाश चंद्र श्रीवास्तव एक शिक्षक थे, जबकि उनकी मां आशा लता श्रीवास्तव गृहिणी हैं. डीएसपी विकास चंद्र श्रीवास्तव दो भाई और दो बहन हैं.
‘डीएसपी की पाठशाला’ नाम का यूट्यूब चैनल
कोविड काल के दौरान विकास चंद्र श्रीवास्तव ने ‘डीएसपी की पाठशाला’ नाम से एक यूट्यूब पर चैनल बनाया था. वर्तमान में इस चैनल पर 1,46,000 सब्सक्राइबर हैं. वहीं 800 से ज्यादा सिविल सेवा और अन्य कंपटीशन से जुड़े स्टडी मटेरियल के वीडियो विकास चंद्र श्रीवास्तव के द्वारा अपलोड किए गए हैं, जिसका लाभ लेकर अब तक 170 से ज्यादा बच्चे झारखंड में प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारी बन गए हैं.
वर्तमान में DSP विकास चंद्र श्रीवास्तव रांची के होटवार खेल गांव स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में तैनात हैं. अपनी व्यस्ततम नौकरी को निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के बाद शाम के वक्त वह समय निकालकर ऑनलाइन बच्चों को पढ़ाते हैं. देर रात तक ऑनलाइन उनकी ‘डीएसपी की पाठशाला’ चलती है, जिसमें मॉक इंटरव्यू से लेकर पीटी और मेंस परीक्षा की तैयारी से संबंधित मार्गदर्शन बच्चों को मिलता है.
शिक्षक के परिवार में जन्म
DSP विकास चंद्र श्रीवास्तव का जन्म एक शिक्षक के परिवार में हुआ. उनके पिता जी टीचर थे. ऐसे में उनका शिक्षा के प्रति लगाव रहा है. शुरू से ही वह बच्चों को पढ़ाने का काम करते थे. पुलिस सेवा में आने के बाद भी कुछ वक्त निकाल कर वह बच्चों को पढ़ाने का काम करते हैं. लॉकडाउन के वक्त उनके द्वारा बच्चों को सिविल सर्विसेज की तैयारी करवाने के लिए ‘डीएसपी की पाठशाला’ नामक चैनल यूट्यूब पर बनाया गया. आज उनकी इस पाठशाला के 1,46,000 सब्सक्राइबर हैं.
पूर्व शिक्षा मंत्री ने DSP विकास चंद्र को सम्मानित किया
पूर्व में शिक्षा के प्रति योगदान के लिए झारखंड सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री स्वर्गीय जगन्नाथ महतो के द्वारा विकास को सम्मानित भी किया जा चुका है. झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा 7वीं से 10वीं सिविल सेवा के लिए आयोजित परीक्षा के दौरान उनकी पाठशाला से 32 उम्मीदवार सफल हुए थे, जबकि सिविल सेवा परीक्षा- 2023 में उनकी पाठशाला से 140 बच्चे सफल होकर अधिकारी बन गए हैं. DSP विकास चंद्र श्रीवास्तव अपने द्वारा किए जा रहे कार्यों के लिए अपने पिता अविनाश चंद्र श्रीवास्तव को प्रेरणा स्रोत मानते हैं.
बिहार में मतदाता सूची के 'SIR' का पहला चरण पूरा, 1 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट; ऐसे जोड़ें या सही कराएं अपना नाम
26 Jul, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Voter List Revision बिहार में चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का पहला चरण का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। पहला चरण पूरा होने के बाद इस बात की जानकारी देते हुए चुनाव आयोग ने कहा कि अब तक 99.86% मतदाताओं को कवर किया गया है। आयोग के अनुसार बिहार के 7.23 करोड़ मतदाताओं के फॉर्म मिले हैं। जबकि बड़ी संख्या में मतदाताओं के फार्म नहीं मिले हैं।
वोटर लिस्ट में कैसे जुड़ेगा नाम
चुनाव आयोग के पास जो फॉर्म मिले हैं उसका डिजिटलीकरण भी पूरा कर लिया गया है। इन सभी मतदाताओं के नाम पहले की तरह ही मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान 65.2 लाख ऐसे वोटर मिले जिनका नाम मतदाता सूची से कट सकता है। वोटर लिस्ट में किसका नाम है और किसका नहीं है इस बात की जानकारी तो एक अगस्त को पता चलेगा। जब निर्वाचन आयोग बिहार के वोटरों को अपडेटेड लिस्ट जारी करेगा। लेकिन, वोटर लिस्ट से आपका नाम गायब है। फिर आप क्या करेंगे? आप अपना नाम कैसे जुड़वा सकते हैं। अपनी इस रिपोर्ट में बतायेंगे ।
वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने पर क्या करें?
चुनाव आयोग के अनुसार एक अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के एक महीने तक कोई भी निर्वाचक या राजनीतिक दल दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है। चुनाव आयोग ऐसे आपत्ति दर्ज करने के लिए एक अगस्त से एक सितंबर तक का समय दिया है। इसके लिए कोई भी पात्र मतदाता आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही किसी मृत, स्थानांतरित या अपात्र व्यक्ति के नाम पर आपत्ति भी दर्ज की जा सकती है। चुनाव आयोग की यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी।
पहले चरण में क्या कुछ मिला?
चुनाव आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में बताया गया कि पूरे प्रदेश में BLO के जरिए इस अभियान को चलाया गया। इसमें 22 लाख वोटर मृत मिले। इसके साथ ही वोटर लिस्ट में 7 लाख ऐसे मतदाता मिले जो एक से ज्यादा जगहों के वोटर हैं। करीब 35 लाख वोटर या तो स्थायी रूप से प्रवास कर चुके हैं या उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। करीब 1.2 लाख वोटरों के गणना फॉर्म अभी वापस मिलना बाकी है। यह आंकड़ा 65.2 लाख का है। ऐसे में इन नामों को लिस्ट से हटाया जा सकता है.
एक अगस्त को प्रकाशित होगा
चुनाव आयोग 1 अगस्त 2025 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। जिसकी डिजिटल कॉपी सभी 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को भी दी जाएगी। इसके साथ ही यह लिस्ट चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होगा। ताकि कोई भी व्यक्ति इसे ऑनलाइन देख सके। इसमें आवश्यकतानुसार सुधार कर आवेदन कर सके। लेकिन सुधार के लिए मात्र एक महीने का समय ही रहेगा।
डिप्टी सीएम पर राबड़ी देवी का गंभीर आरोप, बोलीं- 'बचपन से जानते हैं, बोरिंग रोड पर लड़कियों को छेड़ता था'
26 Jul, 2025 12:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- वह लालू यादव पर क्या आरोप लगाते हैं। वह खुद बोरिंग रोड पर गुंडागर्दी करते थे और वहां बैठकर युवतियों से छेड़खानी करते थे।
राबड़ी यादव ने कहा कि बिहार में वोटर लिस्ट से 61 लाख लोगों का नाम हटाना गलत है। इससे कहां से लोग वोट डाल पाएंगे और बीजेपी लोगों का मताधिकार छीन रही है। बिहार की जनता को अलग-अलग ढंग से जवाब दिया जा रहा है। यह बिहार के लिए काला अध्याय है।
70877 करोड़ रुपये का सर्टिफिकेट न देना एक घोटाला
बिहार सरकार के 70877 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करने के मामले में राबड़ी ने कहा कि यह घोटाला है और इसमें केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत शामिल है। बिहार की जनता जानती है कि यह घोटाला है। 2014 में जब से नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई है देश में घोटालों का दौर शुरू हो गया है।
नीतीश कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसा
इस हफ्ते की शुरुआत में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसा था। उन्होंने दावा किया था कि जदयू ने राजद सरकार के साथ इसलिए गठबंधन तोड़ दिया था क्योंकि राजद के लोग ढंग से काम नहीं कर रहे थे।
जदयू-बीजेपी अलायंस पर निशाना साधा
इससे पहले तेजस्वी यादव ने जदयू-बीजेपी अलायंस पर बिहार में चुनाव से पहले वोटर लिस्ट के रीवीजन कराने पर निशाना साधा था। उस दौरान नीतीश कुमार ने उन्हें रोककर उनके माता-पिता के सत्ता में रहते राज्य की खराब कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया था।
बिहार चुनाव से पहले CM नीतीश का बड़ा ऐलान: पत्रकारों को अब हर महीने मिलेंगे ₹15,000 पेंशन
26 Jul, 2025 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar assembly election 2025: बिहार चुनाव की तैयारियों के बीच मुख्यमंंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के पत्रकारों को बड़ी सौगात दी है। अब बिहार के मान्यता प्राप्त पत्रकारों को पेंशन में बढ़ोतरी की गई है। नीतीश कुमार ने X पर लिखा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के तहत अब सभी पात्र पत्रकारों को हर महीने 6 हजार रुपए की जगह 15 हजार रुपए पेंशन की राशि प्रदान करने का विभाग को निर्देश दिया है। साथ ही इस योजना योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे पत्रकारों की मौत होने की स्थिति में उनके आश्रित पति/ पत्नी को जीवनपर्यन्त प्रतिमाह 3 हजार रुपए की जगह 10 हजार रुपए की पेंशन राशि दिए जाने का निर्देश दिया है।
लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका होती है महत्वपूर्ण
उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। सामाजिक विकास में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। पत्रकारों की सुविधाओं का हमल लोग शुरू से ख्याल रख रहे हैं। जिससे वह निष्पक्ष होकर अपनी पत्रकारिता कर सकें। सेवानिवृत्ति के उपरांत सम्मानजनक तरीके से अपना जीवनयापन कर सकें।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कई बड़े ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने इससे पहले 125 यूनिट फ्री बिजली की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह फैसला 1 अगस्त 2025 से लागू हो जाएगा। साथ ही, जुलाई के महीने के बिल में भी इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने बुजुर्गों और दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी। इसके साथ ही, नीतीश कुमार ने दावा किया कि आने वाले पांच सालों में बिहार सरकार नौकरी और रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।
गया में ITBP जवान की पीट-पीटकर हत्या, पुरानी रंजिश में गई जान, 4 गिरफ्तार
25 Jul, 2025 07:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के गया जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां छुट्टी पर घर आए एक ITBP (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) जवान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतक जवान, जो देहरादून से छत्तीसगढ़ स्थानांतरित होने के बाद अपने परिवार से मिलने गया आया था, पुरानी रंजिश के चलते इस क्रूर हमले का शिकार बना।
पुरानी रंजिश बताई वजह
पुलिस के अनुसार, मामले में करीब डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है, जिनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जवान की हत्या पुरानी रंजिश के कारण की गई। हमलावरों ने जवान पर बेरहमी से हमला किया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जांच में जुटी पुलिस
गया पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा और आक्रोश है, और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा बलों के जवानों की सुरक्षा और सामाजिक तनाव के मुद्दों को उजागर करती है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया है।
बिहार में 71,000 करोड़ का हिसाब नहीं! CAG रिपोर्ट के खुलासे से हड़कंप, इन विभागों पर उठे सवाल
25 Jul, 2025 07:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
CAG Report: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और सियासी घमासान के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने नीतीश कुमार सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिहार सरकार 70,877 करोड़ रुपये के कार्यों के उपयोगिता प्रमाणपत्र (UC) समय पर जमा नहीं कर पाई, जिससे गबन और धन के दुरुपयोग की आशंका बढ़ गई है।
सबसे ज्यादा पंचायती राज और शिक्षा विभाग पीछे
CAG रिपोर्ट के मुताबिक, जिन विभागों ने सबसे ज्यादा यूसी लंबित रखे हैं, उनमें पंचायती राज विभाग 28,154.10 करोड़ रुपये के साथ सबसे आगे है। इसके बाद शिक्षा विभाग (12,623.67 करोड़), शहरी विकास (11,065.50 करोड़), ग्रामीण विकास (7,800.48 करोड़) और कृषि विभाग (2,107.63 करोड़) शामिल हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 14,452.38 करोड़ रुपये की राशि वित्त वर्ष 2016-17 तक की है, जब तेजस्वी यादव उपमुख्यमंत्री थे, जिससे विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच नए सियासी विवाद की आहट मिल रही है।
कौन-कौन से मंत्रालय किसके पास रहे
2015 में महागठबंधन सरकार बनने पर पंचायती राज, शिक्षा, शहरी विकास और ग्रामीण विकास जैसे मंत्रालय JDU के पास थे, जबकि कृषि मंत्रालय RJD के पास था। तेजस्वी यादव ने सड़क, भवन निर्माण और पिछड़ा वर्ग विकास मंत्रालय संभाला था। वहीं, मौजूदा NDA सरकार में पंचायती राज मंत्रालय बीजेपी के केदार प्रसाद गुप्ता, शिक्षा मंत्रालय JDU के सुनील कुमार, शहरी विकास बीजेपी के जिबेश कुमार, ग्रामीण विकास JDU के श्रवण कुमार और कृषि मंत्रालय बीजेपी के विजय कुमार सिन्हा के पास है। इन मंत्रालयों में ही सबसे अधिक यूसी अटके हैं।
खर्च और बचत पर भी उठे सवाल
CAG रिपोर्ट में बताया गया कि नीतीश सरकार ने 2023-24 के लिए 3.26 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा था, लेकिन वह सिर्फ 2.60 लाख करोड़ रुपये ही खर्च कर पाई। इसके अलावा राज्य सरकार ने अपनी बचत 65,512.05 करोड़ रुपये में से केवल 23,875.55 करोड़ रुपये ही वापस जमा किए हैं। 31 मार्च 2024 की समयसीमा के बावजूद यूसी लंबित रहने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि आवंटित धन का सही इस्तेमाल हुआ या नहीं।
सियासी मायने
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यह रिपोर्ट नीतीश सरकार के लिए चुनौती बन सकती है, वहीं विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। विशेषकर RJD नेता तेजस्वी यादव के कार्यकाल से जुड़े पुराने मामलों का जिक्र आने से सियासी बयानबाजी तेज हो सकती है।
'मोदी के हनुमान' के सामने नई चुनौती: बिहार में 38 नेताओं के इस्तीफे से LJP में हड़कंप
25 Jul, 2025 07:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Elections: बिहार में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान को बड़ा झटका लगा है। खगड़िया में पार्टी के 38 नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने वालों में पार्टी के प्रदेश महासचिव रतन पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज यादव, युवा जिलाध्यक्ष सुजीत पासवान सहित सातों प्रखंड अध्यक्ष शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री और पीएम मोदी के हनुमान कहे जाने वाले सांसद चिराग पासवान को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है।
क्या है इस्तीफे की वजह?
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, खगड़िया सांसद राजेश वर्मा की कार्यशैली और उनका व्यवहार इस्तीफे की मुख्य वजह बताई जा रही है। साथ ही, नए जिलाध्यक्ष के मनोनयन को लेकर भी नाराजगी है। दरअसल, 23 जुलाई को प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने मनीष कुमार उर्फ नाटा सिंह को खगड़िया का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। आरोप है कि यह नियुक्ति खगड़िया सांसद राजेश वर्मा के इशारे पर की गई, जिससे नाराज होकर नेताओं ने सामूहिक इस्तीफा दिया। चिराग को पीएम मोदी का हनुमान कहते है।
नेताओं ने जारी किया खुला पत्र
इस्तीफा देने वाले नेताओं ने एक खुला पत्र जारी कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से अपील की है कि खगड़िया में नेताओं और कार्यकर्ताओं का अपमान बंद हो। पूर्व जिलाध्यक्ष शिवराज यादव ने बताया कि सांसद राजेश वर्मा का व्यवहार अमर्यादित है और वह कार्यकर्ताओं का लगातार अपमान कर रहे हैं। प्रदेश महासचिव रतन पासवान ने कहा, हमारे सामूहिक इस्तीफे का कारण सांसद और उनके प्रतिनिधियों द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ किया गया अभद्र व्यवहार है। हम पार्टी में अपमानित होकर काम नहीं कर सकते।
रामविलास पासवान की धरती खगड़िया में बवाल
खगड़िया वही धरती है, जहां एलजेपी के संस्थापक रामविलास पासवान ने पार्टी की नींव रखी थी। अब उन्हीं की पार्टी के नेताओं का अपने गढ़ में अपमान और सामूहिक इस्तीफा चिराग पासवान के लिए चिंता का विषय बन गया है, खासकर तब जब विधानसभा चुनाव बेहद करीब हैं।
सांसद प्रतिनिधि का पक्ष
इस बीच, खगड़िया सांसद राजेश वर्मा के प्रतिनिधि डॉ. पवन जायसवाल ने कहा कि, मनीष कुमार को जिलाध्यक्ष बनाने का निर्णय पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का है। कुछ लोग स्वार्थ की राजनीति कर अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। मामले की पूरी जानकारी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को दी जा रही है।
राजनीतिक असर
इस सामूहिक इस्तीफे का असर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एलजेपी (रामविलास) की संगठनात्मक स्थिति पर पड़ना तय है। पहले से ही सीट शेयरिंग को लेकर पार्टी असमंजस में है और अब संगठन में अंदरूनी कलह और असंतोष चिराग पासवान के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है।
पटना मेट्रो की 15 अगस्त को सौगात: पहले चरण में मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक चलेगी मेट्रो
25 Jul, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगामी 15 अगस्त यांनी स्वतंत्रता के 78वें वर्षगांठ पर पटना वासियों को मेट्रो की सौगात देने की तैयारी पूरी कर ली गई है. यह मेट्रो परियोजना न केवल राजधानी की आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि यह शहर की ट्रैफिक समस्या को बहुत हद तक नियंत्रित करेगी. इतना ही नहीं मेट्रो की यह सौगात स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगी.
यह परियोजना भविष्य में पटना के तीव्र गति से विकास की नई आधारशिला रखने वाली है. मेट्रो का संचालन शुरू करने के लिए निर्माण एजेंसियां दिन-रात दो शिफ्ट में काम कर रही हैं. पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर के लिए ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो चुका है. मलाही पकड़ी से न्यू आईएसबीटी तक कुल 6.2 किलोमीटर लंबे रूट पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है.
पहले चरण में कुल पांच स्टेशन
पटना मेट्रो के प्राथमिक कॉरिडोर में कुल पांच स्टेशन हैं. इनमें मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल और न्यू आईएसबीटी शामिल हैं. शुरुआती दौर में खेमनीचक को छोड़कर बाकी चार स्टेशनों पर मेट्रो का परिचालन किया जाएगा. इन चार स्टेशनों पर स्वचालित किराया संग्रह मशीन, प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर, स्वचालित सीढ़ियों का निर्माण व गेट प्रणाली आदि लगाने का काम अपने अंतिम चरण में है.
सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल
निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जा रहा है. डिपो में मेट्रो के वाशिंग और मेंटेनेंस पिट के साथ कंट्रोल रूम, विद्युत सब-स्टेशन, वर्कशॉप शेड, इंस्पेक्शन शेड और ट्रैक यूनिट का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है. प्राथमिक कॉरिडोर में 6.2 किलोमीटर लंबे रूट पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है और अब स्टेशनों को अंतिम रूप देने और अन्य काम पूरे किए जा रहे हैं.
आगामी 15 अगस्त को इस कॉरिडोर पर मेट्रो के परिचालन का लक्ष्य है. इसके लिए तीन बोगियों की एक रैक पिछले दिनों ही पूणे से पटना पहुंच चुकी है और इसके ट्रायल रन की तैयारी को लेकर निर्माण एजेंसियां दिन-रात काम में जुटी हैं.
तेजस्वी यादव पर सम्राट चौधरी का तीखा हमला, जवाब में RJD नेता ने दी ये चेतावनी
25 Jul, 2025 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में वोटर लिस्ट की समीक्षा यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर मचा घमासान थमता नजर नहीं आ रहा है. आरोप-प्रत्यारोप के बीच विधानसभा का माहौल भी गरमाया हुआ है. गुरुवार को तो सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की तल्खी सीमा पार गई. बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता विपक्ष तेजस्वी यादव के बीच जमकर जुबानी जंग हुई. इस दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि जिसका बाप अपराधी है, वो क्या बोलेगा. इस पर तेजस्वी आगबबूला हो गए. पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि ज्यादा जोर से बोलोगे तो गीले हो जाओगे.
इससे पहले एसआईआर पर चर्चा के बीच दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत आ गई. मार्शल ने दोनों पक्षों को रोका. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के विधायक संजय कुमार ने माइक तोड़ दिया. उधर, नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने संजय कुमार पर गाली देने का आरोप लगाया. तेजस्वी यादव ने कहा, भाजपाई गुंडों ने मुझे, मेरे माता-पिता और बहन को गालियां दीं.
एक डिप्टी बदजुबान है और दूसरा बड़बोला
बिहार विधानसभा में हंगामे के बाद तेजस्वी यादव ने कहा, आज विधानसभा में मेरे भाषण के दौरान सरकरा के मंत्री, डिप्टी सीएम, विधायक बीच-बीच में बयान देते रहे. आज ये साबित हो गया कि एक डिप्टी बदजुबान है और दूसरा बड़बोला. जब मेरे माता-पिता को गाली दी गई, तब भी मैंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
सम्राट चौधरी पर तेज प्रताप यादव का बड़ा बयान
आरजेडी नेता ने कहा कि कल एक डिप्टी सीएम हमें गालियां दे रहा था. आज उनके नेता भी यही कर रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी में सच्चाई का सामना करने का साहस नहीं है. पहली बार देखा जा रहा है कि सत्ता पक्ष हंगामा कर रहा है. इस मामले में सम्राट चौधरी को लेकर तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने बड़ा बयान दिया है.
तेज प्रताप यादव ने कहा, जिस तरीके से सम्राट चौधरी ने मेरे पिता पर आरोप लगाया, हम अंदर नहीं जा रहे हैं नहीं तो हम अगर सदन में होते तो उनका बुखार छोड़ा देते. सम्राट चौधरी अपराधी छवि के हैं. उनका इज्जत गिर चुकी है.
'SIR को तुगलकी फरमान' कहना JDU सांसद गिरिधारी यादव को पड़ा महंगा, पार्टी ने थमाया नोटिस
25 Jul, 2025 10:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी पार्टियों में असंतोष है, बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी जदयू और भाजपा के नेता भी इसे लेकर असंतोष जता चुके हैं. जदयू के सांसद गिरिधारी यादव ने बुधवार को बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को “तुगलकी फरमान” कहा था. गुरुवार को जदयू ने अपने सांसद गिरिधारी यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान द्वारा हस्ताक्षरित कारण बताओ नोटिस में कहा गया है, “आप जानते हैं कि कुछ विपक्षी दल, अपने चुनावी नतीजों से निराश होकर, चुनाव आयोग को बदनाम करने के लिए, खासकर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के मुद्दे पर, लगातार अभियान चला रहे हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य एक संवैधानिक संस्था के कामकाज पर जनता में संदेह पैदा करना है.”
जदयू ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
पार्टी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में कहा गया, “हमारी पार्टी, जनता दल (यूनाइटेड), ने भारत में गठबंधन के दौरान और अब एनडीए गठबंधन के हिस्से के रूप में, लगातार चुनाव आयोग और ईवीएम के इस्तेमाल का समर्थन किया है.”
बयान में कहा गया है, “इस संदर्भ में, ऐसे संवेदनशील मामले पर आपकी सार्वजनिक टिप्पणियां, खासकर चुनावी वर्ष में, न केवल पार्टी के लिए शर्मिंदगी का कारण बनती हैं, बल्कि अनजाने में विपक्ष द्वारा लगाए गए निराधार और राजनीति से प्रेरित आरोपों को विश्वसनीयता भी प्रदान करती हैं. “
इसमें कहा गया है, “जद(यू) आपके आचरण को अनुशासनहीनता मानता है और इस मामले में पार्टी की घोषित स्थिति के अनुरूप नहीं है. इसलिए आपसे इस नोटिस की प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर कारण बताओ नोटिस जारी करने का अनुरोध किया जाता है, अन्यथा आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है,”
जानें जदयू के सांसद ने क्या कहा था
बिहार की सत्तारूढ़ पार्टी और भाजपा की सहयोगी जदयू के बांका से सांसद यादव ने संसद के बाहर कहा था, “चुनाव आयोग को कोई व्यावहारिक ज्ञान नहीं है. उसे न तो बिहार का इतिहास पता है और न ही भूगोल; उसे कुछ भी नहीं पता. “
सांसद ने कहा, “मुझे सारे दस्तावेज़ जुटाने में 10 दिन लग गए.” उन्होंने आगे बताया कि उनका बेटा अमेरिका में रहता है. उन्होंने कहा, “वह सिर्फ एक महीने में हस्ताक्षर कैसे कर देगा?” उन्होंने कहा, “यह (श्रीमान) हम पर जबरदस्ती थोपा गया है. यह चुनाव आयोग का तुगलकी फरमान है.
सांसद ने स्पष्ट किया था कि वह अपनी “निजी राय” दे रहे थे और “इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि उनकी पार्टी क्या कह रही है” यादव ने यह भी कहा था, “लोग नौकरशाही की बाधाओं और (श्रीमान के लिए) दस्तावेज़ प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में शिकायत कर रहे हैं. मेरे निर्वाचन क्षेत्र के लोगों ने मुझे बताया है कि कई जगहों पर अधिकारी रिश्वत मांग रहे हैं.”
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