बिहार-झारखण्ड
प्रेम के नाम पर खौफनाक जबरदस्ती: प्रेमी ने प्रेमिका‑भाई को क्षत विक्षत कर आग के हवाले, पटना में खुलासों का पहाड़
2 Aug, 2025 07:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : पटना जिले के फुलवारी शरीफ-जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में 31 जुलाई की शाम हुए भाई-बहन की नृशंस हत्या मामले में पटना पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय अंजली और उसके 10 वर्षीय भाई अंशु के रूप में हुई है, जबकि गिरफ्तार आरोपियों में शुभम कुमार उर्फ सन्नी कुमार (पिता- मृत्युंजय कुमार) और रौशन कुमार (पिता- शंभू शर्मा), दोनों निवासी फुलवारी शरीफ के फुलिया टोला शामिल हैं।
हत्या की वजह: प्रेम, संदेह और साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंजली और शुभम के बीच प्रेम संबंध था, जिसकी जानकारी दोनों परिवारों को थी। रौशन, जो अंजली के परिवार से पहले से परिचित था, उसने ही दोनों की पहचान कराई थी। हाल के दिनों में शुभम को शक हुआ कि अंजली अब किसी और से बातचीत करने लगी है। बेवफाई के शक और ईर्ष्या के चलते शुभम ने रौशन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
हत्या की योजना और क्रूरता की हदें पार
दोनों आरोपियों ने मोती चौक, खगौल स्थित एक दुकान से केरोसिन तेल खरीदा और एम्स गोलंबर होते हुए नगवां गांव पहुंचे। शुभम ने अंजली से झगड़ा किया, इस बीच उसका छोटा भाई अंशु जाग गया। शुभम ने पहले अंशु के सिर पर ईंट मारकर हत्या की और फिर अंजली का मुंह तकिए से दबाकर उसे भी मार डाला। इसके बाद दोनों ने लाशों पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी ताकि साक्ष्य मिटाया जा सके।
सबूत मिटाने की कोशिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश
हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल से कॉल डिटेल्स और चैटिंग डिलीट करने की कोशिश की। हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में गठित विशेष SIT टीम ने वैज्ञानिक, तकनीकी और मानवीय अनुसंधान के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल और केरोसिन की खाली बोतल भी बरामद की है।
SIT टीम और स्पीडी ट्रायल की घोषणा
इस मामले की जांच के लिए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) की निगरानी में एक विशेष SIT का गठन किया गया था, जिसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दीपक कुमार सहित कई अधिकारी शामिल रहे। एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कहा है कि दोनों आरोपियों पर स्पीडी ट्रायल चलाकर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
घटना के बाद बवाल, सड़क जाम और धरना-प्रदर्शन
हत्या की खबर के बाद नगवां गांव और जानीपुर मोड़ पर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। सीपीआई (एमएल) विधायक गोपाल रविदास के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने सड़क जाम कर नारेबाजी की और धरना प्रदर्शन किया। रामकृपाल यादव सहित कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने घटनास्थल पर पहुंचकर आरोपियों को फांसी देने की मांग की। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।
दरिगांव थाना क्षेत्र में सड़क हादसे ने लिया जान, ग्रामीणों ने हाईवे बंद कर जताया आक्रोश
2 Aug, 2025 07:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार : रोहतास जिले के दरिगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत बुढ़न मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर ट्रैक्टर और बाइक के बीच हुई जोरदार टक्कर में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रैक्टर बीच सड़क पर पलट गया, जबकि चालक मौके से फरार हो गया। मृतक की पहचान गोविंदापुर गांव निवासी संतोष कुमार के रूप में हुई है।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही राष्ट्रीय राजमार्ग-19 को जाम कर दिया। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि ट्रैक्टर चालक और मृतक संतोष कुमार के बीच पहले किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद जानबूझकर ट्रैक्टर से उसे कुचल दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद दरिगांव थाना पुलिस ने कोई तत्परता नहीं दिखाई, उल्टा मौके पर पहुंचे लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया।
दरिगांव थाना प्रभारी मितेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। फिलहाल ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है और मामले की जांच की जा रही है। थाना अध्यक्ष ने यह भी बताया कि स्थानीय लोगों को समझाकर सड़क जाम समाप्त कराया गया है।
चुनाव आयोग को घेरा तेजस्वी ने, सवालों की बरसात—राजद ने कहा, लोकतंत्र पर हमला रुकेगा नहीं
2 Aug, 2025 07:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : मतदाता सूची प्रारूप प्रकाशित होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव फिर से चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। उन्होंने पहले तो मतदाता सूची में अपना नाम नहीं होने का आरोप लगाया। इसके बाद जब चुनाव आयोग ने उनके दावों को खारिज कर दिया तो तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग से 10 सवाल पूछे और कुछ मांगें भी रखी। तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र में हर मतदाता की उपस्थिति और अधिकार की गारंटी सर्वोपरि है। यदि मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं और उसके पीछे का कारण छुपाया जा रहा है, तो यह गंभीर लोकतांत्रिक संकट है और जनता के मताधिकार पर सीधा हमला है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि राजद इस षड्यंत्र का सक्रिय विरोध करेगा और हर मंच पर जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगा। तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव आयोग ने जिन 65 लाख मतदाताओं के नाम विलोपित किए है उससे संबंधित हमारे कुछ वाजिब एवं तार्किक सवाल है। क्या चुनाव आयोग इसका बिंदुवार जवाब देगा?
इन 65 लाख मतदाताओं को मृत, स्थानांतरित या अनुपस्थित घोषित करने का आधार क्या है? मृतक मतदाताओं के परिजनों से कौन सा दस्तावेज लिया जिसके आधार पर उनकी मौत की पुष्टि हुई?
जिन 36 लाख मतदाताओं को चुनाव आयोग स्थानांतरित बता रहे है, अस्थायी रूप से पलायित बता रहे है उसका क्या आधार क्या है? चुनाव आयोग स्पष्ट करें। अगर अस्थायी पलायन से 36 लाख गरीब मतदाताओं का नाम कटेगा तो फिर यह आंकड़ा भारत सरकार के अपने आंकड़ों के अनुसार बिहार से प्रति वर्ष बाहर जाने वाले तीन करोड़ पंजीकृत श्रमिकों से भी अधिक होना चाहिए।
क्या इनकी फिजिकल वेरिफिकेशन हुई थी?
क्या नियम के तहत बीएलओ भौतिक सत्यापन के लिए तीन बार मतदाताओं के घर गए थे?
क्या बीएलओ ने भौतिक सत्यापन के बाद मतदाताओं को एक्नॉलेजमेंट स्लिप या कोई रसीद प्राप्ति अथवा पावती दी थी?
सम्पूर्ण बिहार में कितने प्रतिशत मतदाताओं को एक्नॉलेजमेंट स्लिप दी गई? क्या इसकी दर एक प्रतिशत से भी कम नहीं है?
क्या मतदाताओं को उनका नाम काटने से पहले कोई नोटिस या सूचना दी गई थी?
क्या सूची से हटाए गए इन 65 लाख मतदाताओं को अपील का मौका मिला?
जब आप इतने लोगों के घर गए नहीं, पावती आपने दी नहीं, नाम काटने से पहले नोटिस आपने दिया नहीं तो इसका स्पष्ट मतलब है आप टारगेट काम कर रहे हैं और लोकतंत्र को खत्म कर रहे हैं?
ऐसे गणना प्रपत्रों की संख्या कितनी है जिनके साथ कोई दस्तावेज संलग्न नहीं था एवं ऐसे कितने प्रपत्र है जिनके साथ फोटो संलग्न नहीं था? यह आंकड़ा भी चुनाव आयोग सार्वजनिक करें।
वोटर लिस्ट में तेजस्वी यादव को ढूंढ़कर ट्रोल कर रहे लोग, भाजपा ने किया शेयर; कहा था- मेरा नाम भी डिलीट
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने यह मांगे रखी
निर्वाचन आयोग तत्काल उन सभी मतदाताओं की सूची कारण सहित बूथवार उपलब्ध कराए जिनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है।
मृतक, शिफ्टेड, रिपीटेड और अनट्रेसेबल मतदाताओं की विधानसभा वार, बूथ वार श्रेणीबद्ध सूची सार्वजनिक की जाए।
जब तक यह पारदर्शिता बहाल नहीं होती, तब तक ड्राफ्ट मतदाता सूची पर आपत्ति दर्ज करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। चुनाव आयोग ने इसके लिए केवल 7 दिन का समय दिया है।
हमारा विनम्र आग्रह है कि सर्वोच्च न्यायालय को इस विषय पर स्वतः संज्ञान लेकर निर्वाचन आयोग से विस्तृत स्पष्टीकरण लेना चाहिए।
शाहनवाज बोले- तेजस्वी यादव भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे
इधर, नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सैयद शहनवाज हुसैन ने कहा कि तेजस्वी यादव को यह समझ आ गया है कि वह इस चुनाव में जीतने वाले नहीं हैं, इसलिए वह चुनाव आयोग के बारे में भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने पहले भी भ्रम फैलाने की कोशिश की और आज भी की। उन्होंने यह कहकर भ्रम पैदा करने की कोशिश की कि उनका नाम (मतदाता) सूची में नहीं है, लेकिन चुनाव आयोग ने उनकी बात को खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि उनका नाम वहां है। राहुल गांधी चुनाव आयोग के खिलाफ परमाणु बम की बात कर रहे थे, तो क्या यही उनका परमाणु बम था?
सिस्टम पर भारी मजबूरी! बेटे का शव कंधे पर लेकर चला पिता, सड़क न होने का दंश
2 Aug, 2025 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : झारखंड में विकास के तमाम दावों के बीच चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड स्थित कुब्बा गांव से एक शर्मनाक और दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है, जो सरकारी व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं की हकीकत को उजागर करती है। सड़क न होने के कारण एक पिता को अपने बेटे के शव को कंधे पर ढोकर दो किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। घटना प्रतापपुर प्रखंड के आदिवासी बहुल कुब्बा गांव की है, जहां आदिम जनजातियों — बिरहोर, गंझू और भोक्ता — की आबादी रहती है। गांव तक सड़क नहीं पहुंची है और बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। शुक्रवार को इसी गांव में रहने वाले भोला गंझू के नाबालिग बेटे की मौत गांव के एक 'आहर' (तालाब) में डूबने से हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल ले जाना जरूरी था, लेकिन गांव तक सड़क न होने के कारण एम्बुलेंस वहां तक नहीं पहुंच सकी।
बेबस पिता भोला गंझू ने अपने बेटे के शव को कपड़े में लपेटा और कंधे पर उठाकर दो किलोमीटर दूर उस जगह तक पैदल चला, जहां एम्बुलेंस खड़ी थी। इस पूरे रास्ते में उसकी आंखों में दुख, बेबसी और व्यवस्था के प्रति गुस्सा साफ झलकता रहा। शव के साथ भटकते इस पिता की तस्वीरें न सिर्फ दिल को झकझोर देती हैं, बल्कि सरकारी तंत्र की लापरवाही की पोल भी खोलती हैं। बताया जाता है कि प्रतापपुर क्षेत्र के कई गांव आज भी सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बारिश के मौसम में इन गांवों तक पैदल पहुंचना भी चुनौती बन जाता है। कुब्बा जैसे गांव, जो जंगल और पहाड़ियों के बीच बसे हैं, वहां कोई पक्की सड़क नहीं है।
ओबीसी को 14% से बढ़ाकर 27% आरक्षण की मांग को लेकर कांग्रेस ने राजभवन के समक्ष धरना योजना की घोषणा
2 Aug, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : झारखंड कांग्रेस की ओबीसी प्रकोष्ठ की ओर से 6 अगस्त को राजभवन के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह धरना राज्य सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। इसके साथ ही निजीकरण और आउटसोर्सिंग के विरोध में भी आवाज उठाई जाएगी। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि झारखंड में एसटी को 28%, ओबीसी को 27% और एससी को 12% आरक्षण देने वाला विधेयक पारित हो चुका है, लेकिन केंद्र सरकार अब तक इसपर कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा, "राज्य में ओबीसी की आबादी लगभग 55 प्रतिशत है, जबकि देश में यह आंकड़ा 52 प्रतिशत है। ऐसे में ओबीसी को उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। संविधान में ओबीसी को शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान है।" प्रदीप यादव ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता इस प्रदर्शन में भाग लेंगे और ओबीसी समुदाय के हक की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास करेगी ताकि पारित आरक्षण विधेयक को मंजूरी मिल सके और ओबीसी समाज को उनका हक सुनिश्चित किया जा सके।
मखदुमपुर में विकास की धीमी रफ्तार बनी चुनावी मुद्दा, 20 साल से अटका प्रोजेक्ट ले रहा रुख सियासी
2 Aug, 2025 06:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मगध-गया : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चलाए जा रहे विशेष कार्यक्रम ‘सत्ता के संग्राम 2025’ के तहत जहानाबाद जिले के मखदुमपुर विधानसभा क्षेत्र की जमीनी समस्याएं चर्चा के केंद्र में रहीं। खासकर बनावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग की मांग को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। कार्यक्रम में राजद विधायक सतीश दास, जदयू जिलाध्यक्ष दिलीप कुशवाहा, जदयू प्रदेश नेता निरंजन केशव, राजद जिला प्रवक्ता डॉ. शशि रंजन उर्फ पप्पू यादव, लोजपा (आर) की नेत्री व जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष विनोद कुमार, और हम सेकुलर के जिलाध्यक्ष मनीष कुमार सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भाग लिया।
बहस के दौरान स्थानीय मुद्दों जैसे किसानों के खेतों की सिंचाई (पटवन), शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, और सड़क एवं संपर्क मार्गों की बदहाली को प्रमुखता से उठाया गया। बनावर पहाड़ पर स्थित सिद्धनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क नहीं होने को लेकर कई नेताओं ने नाराजगी जताई और इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा अहम विषय बताया। राजद विधायक सतीश दास ने कहा, “मेरे स्तर से हर संभव प्रयास किया गया है। जो समस्याएं अब तक हल नहीं हुईं, उसके लिए राज्य में पिछले 20 वर्षों से सत्ता में रही सरकार जिम्मेदार है।” उन्होंने कहा कि अगर उन्हें फिर मौका मिला, तो अधूरे कामों को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्कूल सपोर्ट स्टाफ को सम्मान, मानदेय दोगुनी—रसोइया ₹3,300, गार्ड ₹10,000, अनुदेशक ₹16,000
2 Aug, 2025 06:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुवाई में बिहार सरकार ने शिक्षा और सेवा क्षेत्र से जुड़े करीब 2.56 लाख कर्मियों के मानदेय को दोगुना करने का बड़ा फैसला लिया है। यह कदम सामाजिक न्याय और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार के इस निर्णय से लगभग 10 लाख से अधिक लोगों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।
रसोइयों को अब मिलेगा 3300 रुपये मासिक
राज्य के 70,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना (MDM) के अंतर्गत कार्यरत 2,38,000 रसोइयों और सहायक रसोइयों का मासिक मानदेय 1650 रुपये से बढ़ाकर 3300 रुपये कर दिया गया है। लंबे समय से बेहद कम वेतन पर काम कर रहे इन रसोइयों को अब आर्थिक राहत और सामाजिक सम्मान दोनों मिलेगा।
शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों का वेतन 16,000 रुपये
राजकीय प्रारंभिक विद्यालयों में कार्यरत 8,386 शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों के मानदेय को 8,000 से बढ़ाकर 16,000 रुपये किया गया है। सरकार के अनुसार, इससे न केवल अनुदेशकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि स्कूलों में विद्यार्थियों के शारीरिक विकास और स्वास्थ्य शिक्षा में भी गुणात्मक सुधार आएगा।
नाइट गार्ड्स को भी मिला आर्थिक प्रोत्साहन
राज्य भर में 9,360 नाइट गार्ड्स स्कूलों की सुरक्षा में तैनात हैं। सरकार ने उनके मानदेय को भी दोगुना कर दिया है। इससे इन सुरक्षाकर्मियों को न सिर्फ वित्तीय मजबूती मिलेगी बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बयान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, “सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जमीनी स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भूमिका सबसे अहम होती है। उनके श्रम का उचित मूल्य देना हमारी जिम्मेदारी है। यह निर्णय उनके योगदान को सम्मान देने का प्रयास है।”
ग्रामीण क्षेत्र की तरक्की को नई उड़ान, कल्याणपुर में शुरू हुईं कई योजनाएं
2 Aug, 2025 06:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा : समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में शनिवार को सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री तथा स्थानीय विधायक महेश्वर हजारी ने विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। ये योजनाएं क्षेत्र में सड़क निर्माण, सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार और सुरक्षा दीवारों के निर्माण से संबंधित हैं। विधायक महेश्वर हजारी ने वीर सिंहपुर पंचायत के वार्ड संख्या 3 में पक्की सड़क से ब्रह्म स्थान तक जाने वाली सड़क के वॉटरवेज बांध तक पीसीसी कार्य का उद्घाटन किया। इसके अलावा, गोपालपुर पंचायत के झुहरी ग्राम वार्ड 13 में कुर्मी टाल होते हुए वाला जी नर्सिंग ट्रेनिंग कॉलेज के गेट तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य का भी उद्घाटन किया गया।
झुहरी ग्राम में वार्ड 13 स्थित सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार कार्य की भी शुरुआत की गई। वहीं, हजपुरवा पंचायत के मदनपुर ग्राम वार्ड 3 में नवल सिंह पोखर की ओर जाने वाली सड़क पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य आरंभ हुआ। हजपुरवा पंचायत के बख्तियारपुर ग्राम में भी दो प्रमुख सड़क योजनाओं की शुरुआत की गई — एक श्री तपेश्वर राय के घर से उपेंद्र ठाकुर के घर तक और दूसरी उपेंद्र ठाकुर के घर से उच्च माध्यमिक विद्यालय तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य।
माली नगर पंचायत के बरगामा ग्राम में भी दो योजनाओं का उद्घाटन किया गया — वार्ड 9 में मौजा ठाकुर के बथान से अवधेश ठाकुर के घर तक और वार्ड 5 में अवधेश ठाकुर के घर से तातारी ठाकुर के घर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य। इसके अतिरिक्त, गौरायी पंचायत के गौरी ग्राम वार्ड 3 में शिव मंदिर से रामजानकी मंदिर तक पीसीसी सड़क निर्माण कार्य की भी शुरुआत की गई। मंत्री महेश्वर हजारी ने कहा कि यह सभी योजनाएं ग्रामीण विकास, क्षेत्रीय संपर्क, धार्मिक स्थलों की सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में और भी विकासात्मक कार्यों को धरातल पर उतारा जाएगा।
किडनी की परेशानी के बाद शिबू सोरेन अस्पताल में, फिलहाल वेंटिलेटर पर हैं सुप्रीम नेता
2 Aug, 2025 05:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर है। सूत्रों ने शनिवार को बताया कि वे एक महीने से ज्यादा समय से राष्ट्रीय राजधानी के श्री गंगा राम अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें जून के आखिरी हफ्ते में किडनी संबंधी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को ब्रेन स्ट्रोक के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया। वे इस समय हवाई अड्डे पर हैं और उनके जल्द ही पहुंचने की उम्मीद है।
81 वर्षीय शिबू लंबे समय से अस्पताल में नियमित रूप से इलाज करा रहे हैं। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 24 जून को अपने पिता के अस्पताल में भर्ती होने पर कहा था, 'उन्हें हाल ही में यहाँ भर्ती कराया गया था, इसलिए हम उनसे मिलने आए थे। उनकी स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की जा रही है।' शिबू सोरेन पिछले 38 वर्षों से झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हैं और उन्हें पार्टी के संस्थापक संरक्षक के रूप में जाना जाता है।
झारखंड सरकार में हड़कंप, शिक्षा मंत्री को सिर पर लगी चोट के बाद किया गया शिफ्ट
2 Aug, 2025 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांचीः झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की तबीयत अचानक बिगड़ गई हैं। वो घाटशिला से विधायक भी हैं। बाथरूम में गिरने से उनके दिमाग में चोट लगी है और खून जम गया है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें सोनारी एयरपोर्ट से दिल्ली एयरलिफ्ट किया जा रहा है।उनके साथ छह डाॅक्टरों की टीम भी मौजूद है।
बाथरूम में गिरने के कारण दिमाग में ब्लड क्लॉट
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने बताया कि जमशेदपुर के गुड़ाबांधा स्थित आवास पर शिक्षामंत्री रामदास सोरेन बाथरूम में गिर गए थे। इससे उनके दिमाग में ब्लड क्लॉट हो गया। इसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा जा रहा है। उन्हें एयरलिफ्ट कर दिल्ली के मेदांता हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। इरफान अंसारी ने कहा कि वे खुद पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने ईश्वर से उनके जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।
अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़
पहले उन्हें जमशेदपुर के टाटा मोटर्स अस्पताल में ले जाया गया। वहां से एयर एंबुलेंस से उन्हें दिल्ली ले जाया गया। इससे पहले उनके बीमार होने की खबर मिलते ही अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। रामदास सोरेन झामुमो के बड़े नेता हैं। चंपाई सोरेन के भाजपा में शामिल होने पर हेमंत सोरेन ने उन्हें मंत्री बनाया था। 2024 के चुनाव के बाद उन्हें फिर से मंत्री बनाया गया।
बिहार चुनाव आयोग का बड़ा कदम: 45 लाख ‘जिंदा लेकिन सूची से कटे’ वोटर्स की सूची मंगवाई
2 Aug, 2025 12:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट जारी कर दिया गया है। इसमें कई लोगों के नाम हटाए गए हैं। सबसे ज्यादा नाम पटना जिले से हटाए गए हैं। यहां 3.95 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं। इसके बाद मधुबनी जिले में 3.52 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं। पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और समस्तीपुर भी टॉप पांच जिलों में शामिल हैं, जहां सबसे ज्यादा नाम हटाए गए हैं।
22 लाख वोटर मृत, अब 45 लाख वोटर पर फोक
चुनाव आयोग ने बिहार में 22 लाख वोटर को मृत घोषित कर दिया है। भारतीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, 65 लाख से ज्यादा लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। इनमें से 22 लाख लोग मर चुके हैं। बाकी 45 लाख लोगों के नाम इसलिए हटाए गए हैं, क्योंकि उन्होंने फॉर्म नहीं भरा था, वे दिए गए पते पर नहीं मिले या उन्होंने अपना पता बदल लिया था।
45 लाख वोटर के पास लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका
चुनाव आयोग ने बताया कि इन 45 लाख लोगों के पास वोटर लिस्ट में वापस नाम जुड़वाने का मौका है। वे 1 सितंबर तक अपना नाम जुड़वाने के लिए अर्जी दे सकते हैं। कोई भी व्यक्ति या राजनीतिक पार्टी किसी गलत नाम को हटाने के लिए भी अर्जी दे सकता है। चुनाव अधिकारियों को 25 सितंबर तक सभी अर्जियों पर फैसला लेना होगा। इसके बाद 30 सितंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
वोटर लिस्ट में लोगों के नाम शामिल करने के लिए लगाए जाएंगे स्पेशल कैंप
बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने जानकारी देते हुए बताया कि वे ज्यादा से ज्यादा लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल करना चाहते हैं। इसके लिए स्पेशल कैंप लगाए जाएंगे। ये कैंप ब्लॉक और शहरी निकायों के ऑफिस में लगाए जाएंगे। यहां लोग अपने डॉक्यूमेंट जमा कर सकते हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे वोटर लिस्ट को सही बनाने में मदद करें। उन्होंने कहा, 'सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा है, ताकि वोटर लिस्ट सही हो।'
ऐतिहासिक बाराबर गुफाओं का होगा कायाकल्प: CM नीतीश के निर्देश पर 50 करोड़ की योजना स्वीकृत
30 Jul, 2025 08:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखण्ड के बाराबर (वाणावर) क्षेत्र के विकास कार्य का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वाणावर श्रावणी मेला में आये श्रद्धालुओं का अभिवादन किया. वाणावर पहाड़ पर बाबा सिद्धेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करने आते हैं.
मुख्यमंत्री ने श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं हो. जलाभिषेक करने में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसका विशेष ख्याल रखें. मौके पर मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनीं और जिलाधिकारी को समाधान करने का निर्देश दिया
वाणावर गुफाएं भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वाणावर गुफाएं भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को उजागर करती हैं. इसका विकास बहुत महत्वपूर्ण है ताकि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से यह क्षेत्र संरक्षित रहे. साथ ही यहां पर्यटन को भी बढ़ावा मिले.
बाराबर (वाणावर) गुफाए जहानाबाद जिले में स्थित हैं. ये गुफाएं भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं में गिनी जाती हैं. इनका निर्माण मौर्य समाट अशोक (273-232 ई.पू.) और उसके उतराधिकारी दशरथ के शासनकाल में तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में हुआ था. ये गुफाएं विशेष रूप से आजीवक संप्रदाय के साधुओं के लिए बनाई गई थी, जो उस समय एक प्रभावशाली धार्मिक संप्रदाय था.
बराबर पहाड़ी में कुल चार मुख्य गुफाएं हैं- कार्णचौपर गुफा, लोमस ऋषि गुफा, सुदामा गुफा और विश्वज्योति गुफा. इनमें से सुदामा और लोमस ऋषि गुफाएं वास्तुकला की दृष्टि से विशेष उल्लेखनीय हैं. लोमस ऋषि गुफा का द्वार स्तूप और चैत्य शैली में बना हुआ है, जो आगे चलकर बौद्ध वास्तुकला का आधार बना. इन गुफाओं की सबसे अनूठी विशेषता है.
मौर्यकालीन पत्थर की पॉलिशिंग तकनीक का उदाहरण
इनका चिकना और अत्यंत परिष्कृत पॉलिश किया हुआ आंतरिक भाग. यह मौर्यकालीन पत्थर की पॉलिशिंग तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है. इस तकनीक के कारण गुफाओं के भीतर की दीवारें आईने की तरह चमकती हैं और ध्वनि गूंजती है, जिससे यह साधना के लिए उपयुक्त स्थान बन जाता था.
बाराबर गुफाएं न केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को उजागर करती हैं, बल्कि मौर्यकालीन स्थापत्य कौशल का भी प्रमाण हैं . यह स्थल इतिहास, कला, धर्म और वास्तुकला में रुचि रखने वाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, मगध प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्षत्रनील सिंह, जहानाबाद की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.
तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर सीधा आरोप: 'इनके दोनों इंजन अपराध और भ्रष्टाचार में लिप्त हैं'
30 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की मौजूदा डबल इंजन सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा है कि मौजूदा बिहार सरकार डबल इंजन की बात करती है, इनका एक इंजन अपराध में लगा है और दूसरा इंजन भ्रष्टाचार में लगा हुआ है. इंडिया गठबंधन की समन्वय समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा कि आज इस बैठक में महत्वपूर्ण चर्चाएं की गई हैं.
मौजूदा बिहार सरकार डबल इंजन की बात करती है, इनका एक इंजन अपराध में लगा है और दूसरा इंजन भ्रष्टाचार में लगा हुआ है. मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में हैं. आने वाले कुछ दिनों में हम महागठबंधन के सभी साथी जनता के बीच जाएंगे. हम रैली भी करेंगे. बिहार की जनता के अधिकार को लेकर या जिस प्रकार से वोटर के नाम को काटा जा रहा है, इन बिंदुओं को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे.
तेजस्वी ने कहा कि इस यात्रा में राहुल गांधी भी शामिल होंगे. हम जनता के बीच जाकर अपने हर मुद्दे को स्पष्ट रखेंगे. पढ़ाई, दवाई, कमाई और सिंचाई में बिहार सबसे पीछे है और पलायन, गरीबी, बेरोजगारी में बिहार सबसे आगे है. हम सभी मुद्दों को साझा करेंगे.
‘BJP जब आती है तब बड़ा-बड़ा घोटाला होता है’
इसके इतर, तेजस्वी यादव ने CAG के रिपोर्ट को लेकर प्रेस वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कहा कि 80,000 करोड़ का पूरी तरीके से घोटाला हुआ है. 80,000 करोड़ के घोटाले का सरकार ने कही भी व्याख्या नहीं किया है ये साबित करता है कि डबल इंजन की सरकार का एक इंजन अपराध में है और दूसरा इंजन भ्रष्टाचार में है. बीजेपी जब आती है तब बड़ा-बड़ा घोटाला होता है.
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव है. वर्तमान बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है. चुनाव आयोग ने अभी तक आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं की है लेकिन चुनाव अक्टूबर या नवंबर 2025 में कराया जा सकता है. संभावना ये भी है चुनाव दो या तीन चरणों में हो सकते हैं. बिहार में SIR का पहला चरण खत्म हो चुका है. इसके मुताबिक, बिहार में 7.24 करोड़ मतदाता हैं. इसका ड्राफ्ट 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित होगा और अंतिम लिस्ट 30 सितंबर 2025 को जारी होगी.
साहसी बच्चियां: किडनैपर्स को दिया मुंहतोड़ जवाब, मेले से अगवा होने से बचाई खुद की जान
30 Jul, 2025 07:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. जिले के नरकटियागंज के बहुअरवा खुर्द गांव में करीब दर्जन भर नाबालिग बच्चियों को अगवा करने का प्रयास किया गया. घटना के सामने आने के बाद गांव और आसपास इलाकों में हड़कंप मच गया. ये घटना मंगलवार रात की बताई जा रही है. बच्चियां गांव में लगा मेला देखने गई थी. इसी दौरान उनको अगवा करने की कोशिश की गई.
इस मामले में पुलिस द्वारा गांव के ही एक युवक को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी युवक का नाम हसमुद्दीन मियां है. मेले के दौरान हसमुद्दीन मियां ने बच्चियों को पैसे का लालच दिया और उनको मेला परिसर से दूर सुनसान स्थान पर ले जाने की कोशिश की. बच्चियों ने विरोध किया तो आरोपी ने जबरन उनका हाथ पकड़ा और उनको ले जाने की कोशिश करने लगा.
बच्चियों ने आरोपी को दांत से काटा
हालांकि बच्चियां समझ गईं और उन्होंने आरोपी के हाथ पर दांत से काट लिया. फिर सभी बच्चियां शोर मचाते हुए भागकर गांव पहुंच गईं और परिजनों को पूरी घटना के बारे में बताया. बच्चियों से घटना की जानकरी मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर गए, लेकिन तब तक आरोपी अपने सहयोगियों के साथ वहां से भाग चुका था. इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की जानकारी दी.
पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही
आक्रोशित ग्रामीण और परिजन बाद में आरोपी के घर भी गए, लेकिन आरोपी घर से फरार था. वहीं इस मामले में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपी हसमुद्दीन मियां की गिरफ्तारी रेलवे ब्रिज के पास से की. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद से बच्चियों और उनके परिजनों में खौफ है.
बौनेपन का अजब सच: भारत के इस गांव में रहते हैं सबसे अधिक बौने बच्चे, कुपोषण है मुख्य वजह
30 Jul, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत में एक राज्य ऐसा भी है जहां 68.12% बच्चे बौनेपन के शिकार हैं. जून 2025 के पोषण ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार बौनेपन का कारण दीर्घकालिक या बार-बार होने वाला कुपोषण हो सकता है, जिसका बच्चों के विकास पर गहरा प्रभाव पड़ता है. संसद में प्रस्तुत विभिन्न दस्तावेजों के विश्लेषण के अनुसार. 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 63 जिलों में बच्चे सबसे ज्यादा बौनेपन का शिकार हैं.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के जून 2025 के पोषण ट्रैकर पर आधारित आंकड़ों के अनुसार, बौनेपन के उच्चतम स्तर वाले सबसे अधिक प्रभावित जिलों में महाराष्ट्र का नंदुरबार (68.12 प्रतिशत), झारखंड का पश्चिमी सिंहभूम (66.27 प्रतिशत), उत्तर प्रदेश का चित्रकूट (59.48 प्रतिशत), मध्य प्रदेश का शिवपुरी (58.20 प्रतिशत) और असम का बोंगाईगांव (54.76 प्रतिशत) शामिल हैं.
उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 34 जिलों में बौनेपन का स्तर 50 प्रतिशत से अधिक है, इसके बाद मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार और असम का स्थान है. महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कई सवालों के जवाब में बताया कि आंगनवाड़ियों में 0-6 साल की उम्र के 8.19 करोड़ बच्चों में से 35.91 प्रतिशत बच्चे बौनेपन के शिकार हैं और 16.5 प्रतिशत कम वजन के हैं. पांच साल से कम उम्र के बच्चों में बौनेपन की व्यापकता और भी ज्यादा, यानी 37.07 प्रतिशत है.
महाराष्ट्र के नंदुरबार में 48.26 प्रतिशत कम वजन का प्रचलन दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक है. इसके बाद मध्य प्रदेश के धार (42 प्रतिशत), खरगोन (36.19 प्रतिशत) और बड़वानी (36.04 प्रतिशत), गुजरात के डांग (37.20 प्रतिशत), डूंगरपुर (35.04 प्रतिशत) और छत्तीसगढ़ के सुकमा (34.76 प्रतिशत) जैसे जिले हैं.
कुछ जिलों में हालत चिंताजनक
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के जून 2025 के आंकड़ों के अनुसार, बच्चों में छोटे कद के पीछे कुपोषण एक प्रमुख कारण है, जिसमें दीर्घकालिक या बार-बार होने वाला कुपोषण शामिल है. भारत में 19 वर्षों में बौनेपन की औसत दर 42.4% से घटकर 29.4% हुई है, लेकिन कुछ जिलों में अभी भी चिंताजनक स्तर है. यह डेटा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध है, जिसमें बच्चों के पोषण और विकास की जानकारी दर्ज की जाती है.
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