बिहार-झारखण्ड
श्राद्ध कर्म पूरा कर रांची लौटेंगे झारखंड के मुख्यमंत्री, रजरप्पा में की पारंपरिक पूजा-अर्चना
18 Aug, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पिता शिबू सोरेन के निधन के बाद से रामगढ़ स्थित अपने पैतृक गांव नेमरा में ही थे. वहां से आज वह वापस रांची लौटेंगे. मालूम हो की पिता शिबू सोरेन का निधन के बाद से ही श्राद्ध कर्म एवं पारंपरिक विधि-विधान से पूरा करने के लिए नेमरा में थे उन्होंने रविवार को दिशोम गुरु की अस्थियां दामोदर नदी में प्रवाहित की एवं सपरिवार रजरप्पा मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दामोदर में अस्थि विसर्जन किया.
रांची लौटने के बाद सीएम के घाटशिला जाने की संभावना है. वहां वह शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना देने जा सकते हैं. उल्लेखनीय है कि पिता के श्राद्ध कर्म में व्यस्त होने के कारण सीएम हेमंत सोरेन शिक्षा मंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित करने नहीं पहुंच पाये थे. हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पर उनके लिए एक बेहद खास और भावुक संदेश लिखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी.
जोड़ापोखरा में सियासी रंग चढ़ा प्रेम विवाह पर, दूल्हे की मां ने जताई जान का खतरा
18 Aug, 2025 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद: जोड़ापोखरा इलाके में रहने वाले एक भाजपा नेता की बेटी ने उसी इलाके में रहने वाले पवन केसरी नाम के एक युवक से प्रेम विवाह कर लिया इस घटना से दोनों परिवारों में तनाव है. वहीं इस मामले में लड़के की मां, आरती देवी, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर डर है, क्योंकि लड़की के पिता प्रभावशाली व्यक्ति हैं.
लड़के की मां आरती देवी लोदना बाजार में सब्जी मसाला बेचती हैं. बेटा पवन बजारों में इसकी सप्लाई करता है. दोनों दो साल से प्रेम करते थे.
यह पहली बार नहीं है जब दोनों ने शादी की है उन्होंने पिछले साल, 15 अप्रैल को भी वे घर से भागकर शादी कर चुके थे, लेकिन पुलिस की मदद से लड़की को उसके परिवारवाले वापस ले आए थे. इस बार, दोनों ने मंगलवार को एक मंदिर में दोबारा शादी कर ली और सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी अपलोड किया, जिसमें लड़की ने खुद को बालिग बताया. वे दोनों पिछले छह दिनों से लापता हैं और उनके कोलकाता में होने की बात कही जा रही है.
वहीं इस मामले में जोड़ापोखरा थाने के पुलिस निरीक्षक, उदय कुमार गुप्ता, ने बताया कि वे दोनों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं, इसलिए पुलिस इस मामले में कोई और कार्रवाई नहीं कर सकती.
धनबाद में मौसम का अचानक मिज़ाज बदला, तेज बारिश से सड़कें बनीं तालाब
18 Aug, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद। रविवार को मौसम ने अलग-अलग रंग दिखाए। सुबह में बादल छाए रहे। दिन चढ़ने के साथ धूप खिली। थोड़ी देर धूप खिलने के बाद अचानक मौसम ने अपना रंग बदल लिया। गरज के साथ तेज बारिश हुई। एक घंटे की बारिश में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं।
शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। शाम और रात में गरज के साथ फिर तेज बारिश हुई। रुक-रुक कर हो रही बारिश की गतिविधि अगले कई दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी पूर्वानुमान में बताया गया कि 18 से 20 तक विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ जगहों पर वज्रपात का खतरा हो सकता है। 21 से 23 अगस्त तक राज्य के सभी हिस्सों में बारिश होगी।
21 को उत्तर-पूर्वी और इससे सटे मध्य भागों में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। 22 और 23 तारीख को कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है। बारिश की गतिविधियों में वृद्धि का कारण बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ निम्न दबाव है। खाड़ी से ओडिशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहे बादल बारिश करा रहे हैं।
धनबाद सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में पांचवें स्थान पर
राज्य में सर्वाधिक वर्षा वाले जिलों में धनबाद पांचवें स्थान पर है। पूर्वी सिंहभूम 1305.2 मिमी वर्षा के साथ पहले स्थान पर, सरायकेला-खरसावां 1121.1 मिमी वर्षा के साथ दूसरे स्थान पर, रांची 1082.3 मिमी वर्षा के साथ तीसरे स्थान पर, लातेहार 1080.5 मिमी वर्षा के साथ चौथे स्थान पर और धनबाद 1058.8 मिमी वर्षा के साथ पांचवें स्थान पर है। धनबाद में अब तक सामान्य 697.2 मिमी वर्षा की तुलना में 52 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
तापमान में गिरावट के संकेत
बारिश की गतिविधियों में वृद्धि के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग ने दो से तीन डिग्री की गिरावट का अनुमान लगाया है। अधिकतम तापमान जो 31-32 डिग्री तक पहुँच गया था, इस सप्ताह 29-30 डिग्री के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान 25 डिग्री पर स्थिर रहेगा।
बिहार में पड़ोसी ने 4 साल के मासूम का चाकू से काट दिया प्राइवेट पार्ट
17 Aug, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार की राजधानी पटना से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां चार वर्षीय एक बच्चे के पड़ोसी ने उसका गुप्तांग काट दिया। फिलहाल बच्चे का पीएमसीएच में इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि यह घटना शहर के गौरीचक इलाके में हुई और बच्चे की हालत गंभीर है। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (सदर-2) ने कहा, पीड़ित के परिवार के सदस्यों ने शिकायत दर्ज कराई है कि यह घटना एक मामूली मुद्दे के कारण हुई। लड़के को पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारी के अनुसार मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि आरोपी दंपति फरार है और उनकी तलाश जारी है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि बच्चा पिछले 5 महीने से अपने नानी के यहां रह रहा था। वहीं 14 अगस्त को बच्चा स्कूल से आने के बाद दरवाजे के पास खेल रहा था। इसी बीच पड़ोस का गुड्डू उसे बहला फुसलाकर साथ लेकर चला गया। बच्चे के मुताबिक, पहले उसने गर्दन पर चाकू भिड़ाया। फिर गर्दन छोड़कर नीचे का प्राइवेट पार्ट काट दिया। वहीं लहूलुहान स्थिति में बच्चा जब नानी के घर आया तो परिजनों ने उसे इलाज के लिए पीएमसीएच में भर्ती कराया। घटना को अंजाम देने के बाद से आरोपी फरार है। अभियुक्त गुड्डू और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
झारखंड के शिक्षा मंत्री सोरेन का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
17 Aug, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची । झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री रामदास सोरेन का बीते शनिवार को पंचतत्व में विलीन हो जाने से पूरे राज्य में गहरा शोक व्याप्त है। उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार उनके आवास से करीब 2-3 किलोमीटर दूर धुआं कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ संपन्न हुआ। सोरेन के बड़े पुत्र सोमेश सोरेन ने मुखाग्नि दी। उनके पैतृक आवास गोड़ाबघा से अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें पूरे इलाके के लोग शामिल हुए। लगभग डेढ़ से दो किलोमीटर तक चलने वाली इस यात्रा में बुजुर्ग, महिलाएं, युवा, बच्चे, समर्थक और शुभचिंतक सभी भावुक होकर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़े। सड़क किनारे खड़े लोगों ने हाथ जोड़कर अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। श्रद्धांजलि देते हुए लोग रामदास सोरेन अमर रहें और झारखंड तुम्हें याद करेगा जैसे नारों से गुंजित हो उठे। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मंत्री दीपिका पांडे सिंह, झामुमो के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल सारंगी, विधायक मंगल कालिंदी, विधायक समीर मोहंती सहित कई वरिष्ठ राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियां भी मौजूद रहीं। रामदास सोरेन की पहचान एक सच्चे नेता और जनता के सेवक के
वोट अधिकार यात्रा, शुरू होने से पहले बोले लालू......संविधान मिटने नहीं देंगे
17 Aug, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी बिहार के सासाराम से अपनी 16 दिन की और लगभग 1,300 किलोमीटर लंबी ‘वोटर अधिकार यात्रा’ का आगाज करते उससे पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने हुंकार भरते हुए कहा कि संविधान को मिटने नहीं दिया जाएगा।
गौरतलब है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक इस यात्रा को आगामी बिहार विधानसभा चुनावों से पहले ‘वन पर्सन, वन वोट’ के सिद्धांत की रक्षा के लिए बड़ा अभियान बता रहा है। यह यात्रा 1 सितंबर को पटना में एक मेगा रैली के साथ समाप्त होगी। इस यात्रा के शुरु होने से पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने साफ कहा कि संविधान मिटने नहीं देंगे, जनता जागरूक है और न्याय की उम्मीद कायम है।
वहीं पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राहुल गांधी की इस पहल को जनता की आवाज बताया। उन्होंने कहा, कि राहुल गांधी सत्ता पाने के लिए नहीं, बल्कि संविधान की रक्षा के लिए निकले हैं। उनका मकसद नफरत खत्म करना, किसानों की भलाई, युवाओं को रोजगार और चुनाव आयोग की लूट रोकना है।
यहां तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा, कि बिहार की धरती लोकतंत्र की जननी है। हम लोग वोट डालने के अधिकार को मिटने नहीं देंगे। लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं, इसलिए यह लड़ाई जरूरी है। हमें उम्मीद है कि कोर्ट से भी न्याय मिलेगा। बहरहाल राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने न सिर्फ बिहार बल्कि देश की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है।
राहुल, तेजस्वी आज से बिहार में निकाल रहे वोटर अधिकार यात्रा
17 Aug, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव कथित वोट चोरी के खिलाफ रविवार से बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ शुरू कर रहे हैं, जिसमें बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और विपक्षी गठबंधन इंडिया के कई नेता शामिल होंगे। राहुल गांधी इस यात्रा में बिहार में मतदाता सूचियों के एसआईआर के मुद्दे को भी उठाया जाएगा। यह यात्रा 16 दिन में 20 जिलों में कुल 1300 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।
राहुल गांधी इस यात्रा में कई जगहों पर पदयात्रा भी करेंगे। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (इंडिया) के कई अन्य घटक दलों के नेता एसआईआर और कथित ‘वोट चोरी के खिलाफ यह यात्रा बिहार विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले शुरू करने जा रहे हैं। सासाराम से शुरू हो रही इस यात्रा का समापन एक सितंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ‘वोटर अधिकार रैली के साथ होगा।
इस जनसभा में ‘इंडिया गठबंधन के राष्ट्रीय स्तर के नेता शामिल होंगे। यह यात्रा औरंगाबाद, गयाजी, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, अररिया, सुपौल, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, छपरा और आरा से होकर गुजरेगी।
बिहार की सियासत गरमाई, लालू यादव ने बेटे के लिए चलाया इमोशनल कार्ड"
16 Aug, 2025 06:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दलों की ओर से रणनीति तैयार की जा रही है। कार्यकर्ताओं को एकजुट करने से लेकर पार्टी नेताओं में एकता स्थापित करने की कवायद जारी है। इसके अलावा नेता अब खुद ही एक्टिव हो गए हैं। ताजा मामला लालू प्रसाद यादव से जुड़ा हुआ है। लालू यादव अपने सबसे करीबी पूर्व विधायक की पिताजी की दूसरी पुण्यतिथि पर भोजपुर जिले के संदेश विधानसभा में पहुंचे। वे पूर्व विधायक अरुण यादव के पिता की दूसरी पुण्यतिथि में शामिल हुए। अरुण यादव हमेशा से लालू यादव के बेहद करीबी आरजेडी नेताओं में रहे हैं।
भोजपुर पहुंचे लालू यादव
फिलहाल अरुण यादव की पत्नी किरण देवी संदेश विधानसभा से आरजेडी की वर्तमान विधायक हैं। बिहार चुनाव से पहले लालू यादव का भोजपुर के संदेश पहुंचाना एक बड़ा सियासी संकेत माना जा रहा है। चुनाव से पहले लालू यादव एक्टिव मोड में नजर आ रहे हैं। सवाल ये है कि लालू यादव अगर चुनाव से पहले इस तरह एक्टिव होते हैं, तो इसका असर क्या देखने को मिलेगा? सियासी गलियारों में चर्चा है कि चुनाव से पहले लालू यादव का एक्टिव होना, इससे आरजेडी को कितना फायदा होगा। राजनीतिक जानकारों की मानें, तो लालू यादव के इस तरह एक्टिव होने से कार्यकर्ताओं के बीच एक विशेष संदेश जाएगा। कार्यकर्ता लालू यादव से भावनात्मक रूप से जुड़ेंगे।
आरजेडी को फायदा
इसके अलावा लालू यादव के एक्टिव होने से 2025 के चुनाव में पार्टी के अलावा उन विधायकों का फायदा होगा, जिस क्षेत्र में लालू यादव भ्रमण कर रहे हैं। लालू यादव को आज भी बिहार की राजनीति में एक करिश्माई व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है। राजनीतिक लिहाज से लालू यादव की बातों को आज भी कार्यकर्ता दिल से लगाकर रखते हैं। लालू यादव के बोलने का अंदाज कार्यकर्ताओं से विशेष जुड़ाव। और ठेठ तरीके से कार्यकर्ताओं से डील, आरजेडी को फायदा पहुंचा सकता है। ये भी माना जा रहा है कि लालू यादव आरजेडी के वोटों को एक करने में विशेष भूमिका निभा सकते हैं। लालू यादव, यादव- मुस्लिम और अति पिछड़ों को एक करने के लिए कोई भी कदम उठा सकते हैं। लालू यादव का बिहार चुनाव से पहले सक्रिय होना, विरोधियों के लिए भी चिंता का विषय होगा।
राजनीति को नई धार
राजनीतिक जानकारों की मानें, तो लालू यादव के एक्टिव होने से विपक्ष की राजनीति को एक नई धार मिलेगी। उसी धार के सहारे तेजस्वी यादव और महागठबंधन के अन्य दल भी आगे बढ़ेंगे। लालू यादव वैसे भी कांग्रेस पार्टी से जो कहेंगे, कांग्रेस को वही करना होगा। अन्य छोटी पार्टियां को संभाल लिया जाएगा। तेजस्वी यादव ने पिछली बार भी मजबूती से चुनाव लड़ा, लेकिन सत्ता तक पहुंचने में कामयाब नहीं हुए। लालू यादव को लगता है कि इस बार थोड़ा जोर लगा देने से माहौल बन सकता है और तेजस्वी को गद्दी मिल सकती है। लालू यादव के इस तरह एक्टिव होने से पार्टी के अंदर चल रहे आंतरिक असंतोष पर नियंत्रण पाया जा सकता है। लालू यादव की बात का कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं पर खासा असर पड़ता है। लालू यादव ने जिस तरह आरा जाकर कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है। इस तरह अगर बिहार चुनाव में एक्टिव हो जाते हैं, तो तेजस्वी की जीत आसान हो सकती है।
"बिहार चुनाव: असल मुद्दे गायब, वोट चोरी और घुसपैठ पर सियासत गर्म"
16 Aug, 2025 04:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) अक्टूबर-नवंबर में होंगे। यानी चुनाव में करीब दो माह बाकी हैं, लेकिन पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगाना शुरू कर दिया है। हालांकि इस चुनाव में मुद्दों के नाम पर सिर्फ चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) की ही बात हो रही है। बाकी जमीनी मुद्दे गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, स्वास्थ्य आदि पर कोई बात नहीं हो रही है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) में शामिल विपक्ष के नेता सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं। दूसरी तरफ बीजेपी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल सत्ता पक्ष के नेता घुसपैठिया वोटर (बांग्लादेशी घुसपैठिए) का हवाला देकर विपक्ष को निशाना बना रहे हैं। इससे ऐसा लग रहा है कि बिहार का अगला चुनाव वोटरों के मुद्दे पर ही लड़ा जाएगा।
विपक्षी इंडिया गठबंधन बिहार में एसआईआर को लेकर सत्ता पक्ष की मंशा पर सवाल उठा रहा है और चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया के पीछे दुर्भावना छुपी होने का आरोप लगा रहा है। राहुल गांधी ने पिछले लोकसभा चुनाव में भी सत्ताधारी गठबंधन पर धांधली के आरोप लगाते हुए कुछ क्षेत्रों के आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने एनडीए पर 'वोट चोरी' करने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ बीजेपी घुसपैठियों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए विपक्ष को घेर रही है। यानी एसआईआर को लेकर ही एनडीए और इंडिया गंठबंधन के नेता एक-दूसरे पर कीचड़ उछालने में जुटे हैं।
बिहार में इंडिया गठबंधन (महागठबंधन) के प्रमुख दल कांग्रेस और आरजेडी हैं। इन दोनों दलों के साथ विपक्ष के अन्य दलों को भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन से विधानसभा चुनाव में नुकसान होने की आशंका है। कहा जा रहा है एसआईआर से मुस्लिम और आदिवासी-दलित मतदाता बड़ी संख्या में वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। यह कांग्रेस और आरजेडी, दोनों का ही पारंपरिक वोट बैंक है। आरजेडी तो पूरी तरह मुस्लिम-यादव वोटों का ध्रुवीकरण करके मैदान जीतने वाली पार्टी मानी जाती है। वोटरों का मुस्लिम-दलित समुदाय कांग्रेस का भी पारंपरिक वोट बैंक रहा है। यही कारण है कि विपक्ष साल 2024 के लोकसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी से सवाल पूछ रहा है।
सत्ता पक्ष के प्रचार के केंद्र में अवैध बांग्लादेशी
सत्ता पक्ष में खास तौर पर बीजेपी फर्जी मतदाताओं से मताधिकार छीनने के लिए एसआईआर को कारगर उपाय बता रही है। वह विपक्षी पार्टियों को घेरते हुए उन पर घुसपैठियों का पक्ष लेने का आरोप लगा रही है। बिहार और झारखंड में बांग्लादेशी घुसपैठिए बड़ी संख्या में हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह सहित बीजेपी के तमाम नेता विपक्ष पर घुसपैठियों का समर्थन करके उन्हें अपने वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग पर पिछले कई सालों से धांधली का आरोप लगाते आ रहे हैं। राहुल गांधी ने हरियाणा और मध्य प्रदेश के चुनाव के बाद से ही बीजेपी और चुनाव आयोग पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाना शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने हरियाणा, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों के बाद ईवीएम में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था।
मतदाता सूची से कभी इतनी बड़ी संख्या में वोटर नहीं हटाए गए
अब बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत बनाई गई मसौदा मतदाता सूची में 65.6 लाख वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं। चुनाव आयोग प्रत्येक चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को अपडेट करता है। लेकिन इससे पहले किसी भी राज्य के चुनाव में इतनी बड़ी तादाद में वोटरों के नाम नहीं हटाए गए। इंडिया गठबंधन के दल बिहार में एसआईआर का विरोध कर रहे हैं। इसके विरोध में बड़ी संख्या में विपक्ष के सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था।
पहले ईवीएम में और अब वोटर लिस्ट में गड़बड़ी
पहले बीजेपी पर ईवीएम में गड़बड़ी करके चुनाव जीतने का आरोप लगाती रही कांग्रेस अब उस पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करके चुनाव जीतने की कोशिश करने का आरोप लगा रही है। राहुल गांधी ने कर्नाटक की महादेवपुरा लोकसभा सीट पर वोटर लिस्ट में एक लाख फर्जी मतदाताओं को जोड़कर चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर वोट चोरी करने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी के आरोप पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है।
एनडीए के नेताओं के वोट चोरी के आरोप के जवाब में बीजेपी भी हमले कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर बिहार में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जो लोग भारतीय नागरिक नहीं हैं, उन्हें वोट देने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है।
बीजेपी के आरोपों का सिलसिला सोनिया गांधी के वोटर बनने तक पहुंचा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस पर अपने भाषण में घुसपैठियों का उल्लेख किया। उन्होंने डेमोग्राफी को बदलने से बचाने के लिए जनसांख्यिकी मिशन की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि, एक सोची समझी साजिश के तहत, देश की जनसांख्यिकी बदली जा रही है। घुसपैठिए देश के युवाओं का रोजगार छीन रहे हैं। वे आदिवासियों को गुमराह कर रहे हैं और उनकी जमीनें हड़प रहे हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका इशारा खास तौर पर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रह रहे अवैध बांग्लादेशियों की ओर था।
इंडिया गठबंधन के 'वोट चोरी' के आरोप के जवाब में बीजेपी ने उन सीटों के आंकड़े खंगालना शुरू कर दिया है जहां से पिछले चुनावों में विपक्ष के नेताओं ने विजय हासिल की थी। वह भी विपक्ष पर धांधली करने का आरोप लगा रही है। बीजेपी अब कांग्रेस पर जोरदार जवाबी हमले कर रही है। उसने राहुल गांधी पर जानबूझकर चुनाव आयोग के आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया है। उसने कांग्रेस पर महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। बीजेपी ने सन 1980 का डेटा पेश करके आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी को भारत की नागरिकता मिलने से पहले ही वोटर बना दिया गया था।
हटाए गए 65.6 लाख वोटरों के नाम तय करेंगे आगे की लड़ाई की दिशा
राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार में वोट अधिकार यात्रा शुरू कर रहे हैं। वे इस यात्रा के दौरान बिहार में वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष को निशाना बनाएंगे। इस यात्रा में तेजस्वी यादव सहित इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के नेता भी शामिल होंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई में चुनाव आयोग को मतदाता सूची से हटाए गए सभी 65.6 लाख वोटरों के नामों की लिस्ट प्रकाशित करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को सही ठहराया है। अब राजनीतिक दल वोटर लिस्ट से हटाए गए लोगों के नाम सामने आने का इंतजार कर रहे हैं। यदि इस लिस्ट में लोगों के नाम हटाए जाने के पीछे सत्ता पक्ष या चुनाव आयोग की दुर्भावना स्पष्ट हुई तो चुनाव में विपक्ष को उस पर हमला करने के लिए बड़ा हथियार मिल जाएगा। लेकिन यदि लिस्ट में से नामों को हटाने की मंशा न्यायसंगत साबित हुई तो विपक्ष को बीजेपी और एनडीए के हमलों का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ सत्ता पक्ष को चुनाव में इसका फायदा भी मिल सकता है।
नीतीश जी अब ओरिजिनल नहीं, बस कॉपी-पेस्ट के उस्ताद’ – राजद नेता
16 Aug, 2025 01:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सांसद संजय यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस दावे को सिरे से खारिज किया है जिसमें सीएम ने कहा था कि 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। संजय यादव ने नीतीश कुमार से जिला स्तर पर नौकरी पाने वालों की सूची जारी करने की मांग की है, ताकि दावे की पारदर्शिता साबित हो सके।
नीतीश कुमार कॉपी करते हैं- संजय यादव
राजद सांसद ने तंज कसा कि अगर नीतीश सरकार का दावा सही है, तो यह सूची जारी करने से ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ हो जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 50 लाख नौकरियां देने के दावे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को जिलावार नौकरी का आंकड़ा पेश करना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ जाए। नीतीश कुमार को नकलची करार देते हुए आरोप लगाया कि वह तेजस्वी यादव की योजनाओं और बातों की नकल करते हैं।
तेजस्वी ने नौकरी का मुद्दा इसलिए उठाया- RJD
संजय यादव ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव ने नौकरी का मुद्दा उठाकर नीतीश सरकार को इस पर बोलने के लिए मजबूर किया, जबकि पहले उनकी सरकार इस मुद्दे पर चुप रहती थी। 'वोटर अधिकार यात्रा' पर उन्होंने कहा कि सासाराम से यात्रा होगी, जिसमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ महागठबंधन के नेता शामिल होंगे।
पीएम मोदी पर भी राजद का तंज
उन्होंने पीएम मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि नोटबंदी, फिर कोविड-19 के दौरान देशबंदी, और अब 'वोटबंदी' के जरिए उन लोगों के वोट काटे जा रहे हैं, जो भाजपा को वोट नहीं देते। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने की साजिश करार दिया। आरोप लगाया कि बिहार में दलित, पिछड़े, अति पिछड़े, और मुस्लिम समुदायों के मतदाताओं के नाम विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। एसआईआर के विरोध में 17 अगस्त को सासाराम 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू हो रही है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का उद्देश्य लोकतंत्र को स्वस्थ और समृद्ध बनाना है, जबकि भाजपा इसे कमजोर करने में लगी है।
मोदी आतंकवाद से निपटने में नाकाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खून और पानी एक साथ नहीं बह सकता वाले बयान पर राजद सांसद ने पीएम मोदी के पुराने भाषणों का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 में मोदी ने कहा था कि लाल-लाल आंख दिखाने से काम नहीं चलेगा, लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में सीजफायर कर देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 साल के शासन में केंद्र की भाजपा सरकार आतंकवाद से निपटने में नाकाम रही है।
बिहार में कितनों को रोजगार दिया गया- राजद
राजद सांसद ने कहा कि बिहार में सिर्फ वर्तमान मुद्दों पर बात होनी चाहिए, न कि इतिहास का जिक्र किया जाना चाहिए। रोजगार के दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाया, पूछा कि बिहार में कितने युवाओं को रोजगार और कितने उद्योग दिए गए, इस पर बात की जानी चाहिए।
लड़की की मौत हादसा या साजिश? चैट हिस्ट्री से मिल सकते हैं जवाब
16 Aug, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: बिहार के बेतिया मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पिपरा चौक पर शुक्रवार सुबह एक लड़की सुजाता शर्मा ने अपने घर में फांसी लगा ली। अब पुलिस उसके मोबाइल को खंगाल रही है। क्योंकि उसमें दफन चैट के राज से ही सारा मामला सामने आ सकता है।
रात में लड़की कर रही थी चैटिंग
बताया जा रहा है कि लड़की देर रात इंस्टाग्राम पर चैट कर रही थी। इसी दौरान उसके बड़े भाई ने उसे ऐसा करते हुए देख लिया। लड़की किससे चैट कर रही थी ये पता नहीं चला। उधर मौत के बाद लड़की के घरवालों ने पुलिस को खबर दिए बगैर लाश को दफना दिया। लेकिन किसी तरह से पुलिस को इस कांड की खबर लग गई। इसके बाद पुलिस ने शव को निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
भाई ने देख लिया तो कमरा किया बंद
मृतक लड़की का परिवार पिछले 15 साल से परिवार के साथ पिपरा में किराए के घर में रहता था। बताया जा रहा है कि देर रात लड़की अपने कमरे में थी और सोशल मीडिया एप इंस्टाग्राम पर किसी से चैट कर रही थी। इसी बीच बड़ा भाई बाथरूम जाने के लिए उठा। उसकी नजर बहन पर पड़ी तो उसने इस बारे में पूछा।
कमरा बंद कर डिलीट कर दी चैट हिस्ट्री
भाई के सवाल जवाब करते ही बहन ने अपना कमरा बंद कर लिया। घरवालों के अनुसार उसने कमरा बंद कर अपनी चैट, आईडी और कुछ मोबाइल नंबर डिलीट कर दिए। इसके बाद लड़की ने दरवाजा खोला तो शक करते हुए भाई ने उसे डांट दिया। इस दौरान गुस्से में भाई ने उसे थप्पड़ भी मारा। इसके बाद अगले दिन जब सुबह में घर के सब लोग काम में बिजी थे, तभी लड़की ने अपने कमरे में फांसी लगा ली।
अब पुलिस खंगाल रही मोबाइल फोन
पुलिस ने खबर मिलने के बाद केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। छात्रा के मोबाइल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया। अब आईटी एक्सपर्ट्स के जरिए उसके मोबाइल को खंगाला जा रहा है। खास तौर पर डिलीट चैट और कॉलिंग हिस्ट्री खंगाली जा रही है, जिससे मौत की असल वजह सामने आ सके। वहीं इलाके में हुई इस घटना से मोहल्ले के लोग भी सन्न हैं।
विधानसभा परिसर में मंत्री को दी गई अंतिम विदाई, भावुक हुए विधायक
16 Aug, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड के दिवंगत शिक्षा एवं निबंधन मंत्री रामदास सोरेन को शनिवार सुबह झारखंड विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर समेत कई मंत्री, विधायक और सांसदों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिक्षा मंत्री के निधन पर एक दिन का राजकीय शोक
शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। इस दौरान झारखंड में सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा।
पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
55 वर्षीय सोरेन झारखंड सरकार में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता और निबंधन मंत्री थे। उनका पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे दिल्ली से रांची पहुंचने के बाद सीधे विधानसभा परिसर ले जाया गया, जहां उन्हें राजकीय विदाई दी गई। उनका अंतिम संस्कार दोपहर बाद पूर्वी सिंहभूम स्थित उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा कि रामदास सोरेन न सिर्फ झारखंड आंदोलन के समर्पित सिपाही थे, बल्कि उन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों-पिछड़ों के लिए समर्पित कर दिया था। उनके जाने से राज्य और झामुमो में एक बड़ी रिक्तता आई है, जिसे भरना आसान नहीं होगा।
विभिन्न दलों के नेताओं ने जताया शोक
झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि रामदास सोरेन का निधन प्रदेश की राजनीति एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति दें।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि रामदास सोरेन का जाना अत्यंत दुखद है। बाबा वैद्यनाथ उनकी आत्मा को शांति और उनके परिजनों को यह असीम दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। झारखंड की पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने रामदास सोरेन के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनके योगदान और जनसेवा को सदैव याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य दें।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि आदिवासी समाज से आने वाले रामदास सोरेन अपनी सरलता, सादगी और ईमानदार जीवनशैली के लिए जाने जाते थे।उन्होंने कहा कि “झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन के निधन के दुख से राज्य अभी उबरा भी नहीं था कि एक और जननेता का इस तरह जाना बेहद दुखद है।”
भाजपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र राय ने कहा कि सोरेन जमीन से जुड़े नेता थे और शिक्षा मंत्री के रूप में उन्होंने ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाई। उनका असमय निधन पूरे राज्य के लिए पीड़ादायी है। मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि रामदास सोरेन का जाना पूरे राज्य के लिए अपूरणीय क्षति थी। उनके जाने से जो रिक्तता आई है, उसे भर पाना मुश्किल होगा।
झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन का दिल्ली में निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक
16 Aug, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची/नई दिल्ली: झारखंड सरकार के स्कूली शिक्षा, साक्षरता एवं निबंधन विभाग के मंत्री रामदास सोरेन का शुक्रवार की रात को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। रामदास सोरेन के बड़े बेटे सोमेश सोरेन ने अपने पिता के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस दुखद सूचना को साझा किया। सोमेश ने लिखा, 'अत्यंत दुख के साथ यह बता रहा हूं कि मेरे पिता रामदास सोरेन अब हमारे बीच नहीं रहे।'
झारखंड के शिक्षा मंत्री का निधन
रामदास सोरेन के निधन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'ऐसे छोड़कर नहीं जाना था रामदास दा... अंतिम जोहार दादा।' वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने एक्स पोस्ट पर लिखा, 'झारखंड के शिक्षा मंत्री एवं घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन के निधन का अत्यंत ही दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे एवं शोकाकुल परिवार को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।'
रामदास सोरेन के निधन पर शोक
झारखंड सरकार के मंत्री रामदास सोरेन के निधन से न सिर्फ उनके विधानसभा क्षेत्र घाटशिला, बल्कि पूरे झारखंड में शोक का माहौल है। रामदास सोरेन बीते दो अगस्त को अपने घोड़ाबांधा स्थित पैतृक आवास में बाथरूम में गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रारंभिक जांच में पता चला कि उन्हें ब्रेन हेमरेज हुआ था। घटना के तुरंत बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए जमशेदपुर से दिल्ली के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था। वहां उनकी हालत गंभीर बनी रही और चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
JMM में शिबू सोरेन के बाद दूसरा शोक
उनके निधन पर कई नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया है। रामदास सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे और घाटशिला विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते थे। उनके निधन से झामुमो को भी गहरा आघात पहुंचा है। पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उनकी सादगी और जनसेवा के लिए विशेष पहचान थी।
संताली संस्कृति की झलक, पूरे विधि-विधान से किया गया अंतिम संस्कार का दशकर्म
16 Aug, 2025 12:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांचीः झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद, शुक्रवार 15 अगस्त को उनके पैतृक आवास नेमरा में दशकर्म की परंपरा निभाई गई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता के दशकर्म पर परंपरा के अनुसार बाल और दाढ़ी का मुंडन कराया.।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हेमंत सोरेन अब तक अपने पिता के श्राद्धकर्म से जुड़े कर्म निभाते रहे हैं।
संताली रीति-रिवाज से दशकर्म की परंपरा मुंडन
शिबू सोरेन के निधन के बाद उनके परिवार में शोक का माहौल है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके दोनों बेटे और भाई बसंत सोरेन समेत परिवार के पुरुष सदस्यों ने संताली रीति-रिवाज से दशकर्म की परंपरा के अनुसार बाल और दाढ़ी का मुंडन कराया। परिवार की महिलाओं ने नाखून काटकर दशकर्म की परंपरा पूरी की। बताया गया है कि दशकर्म एक हिंदू परंपरा है। यह किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किया जाता है। इसमें मृतक के परिवार के सदस्य बाल और दाढ़ी का मुंडन कराते हैं। वे नाखून भी काटते हैं। यह मृतक के प्रति सम्मान और शोक व्यक्त करने का एक तरीका है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस पर पैतृक गांव नेमरा में किया ध्वजारोहण
संस्कार भोज में दो लाख लोगों को आमंत्रण
शनिवार 16 अगस्त को शिबू सोरेन का श्राद्ध-कर्म का संस्कार भोज होना है। इस संस्कार भोज में शामिल होने के लिए करीब दो लाख लोगों को आमंत्रण भेजा गया है। शनिवार को देश के बड़े-बड़े राजनीतिक एवं नामचीन शख्सिसयत नेमरा पहुंचेंगे, इसके लिए सुरक्षा के खास इंतजाम किये गए है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, बाबा रामदेव समेत कई बड़े शख्सियत शिबू सोरेन के संस्कार भोज में शामिल होंगे।
सेप्टिक टैंक की सफाई बनी मौत का कारण, परिवार के तीन बेटों समेत चार की गई जान
15 Aug, 2025 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : झारखंड के गढ़वा जिले में शुक्रवार को सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दम घुटने से चार लोगों की मौत हो गई। जान गंवाने वालों में तीन सगे भाई हैं। उनकी मौत से घर में मातम पसर गया है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक (पलामू रेंज) नौशाद आलम ने बताया कि हादसा नवादा गांव में हुआ है। मृतकों की पहचान अजय चौधरी (50), चंद्रशेखर चौधरी (42) और राजू शेखर चौधरी (55) के रूप में हुई है। यह तीनों सगे भाई थे। इसके अलावा माल्टू राम की भी मौत हुई है।
बताया जा रहा है कि सेप्टिक टैंक में बनी जहरीली गैस के संपर्क में आने से चारों का दम घुट गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस घटना की जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
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