बिहार-झारखण्ड
हेमंत सोरेन की पार्टी ने बिहार में छह सीटों पर अकेले उतरने की घोषणा की थी
22 Oct, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले इंडिया अलायंस के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नाराजगी ने नए सियासी संकेत दे दिए हैं. झारखंड सरकार के मंत्री और गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेसवार्ता में साफ किया कि JMM बिहार विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेगी.साथ ही महागठबंधन के किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार-प्रसार नहीं करेगी. अब देखना है कि क्या झारखंड में भी इंडिया अलायंस का गठबंधन टूट जाएगा.
JMM ने बिहार में चुनाव न लड़ने का किया फैसला
सुदिव्य कुमार ने बताया कि पार्टी का यह निर्णय कांग्रेस और राजद द्वारा गठबंधन धर्म का पालन न करने के कारण लिया गया. उन्होंने कहा कि बिहार में सीट बंटवारे और अन्य व्यवस्थाओं में झामुमो को उलझा कर रखा गया और अंतिम समय में कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा हुईं, जिससे JMM ने बिहार में चुनाव न लड़ने का फैसला किया. मंत्री ने आरोप लगाया कि जिस प्रकार झारखंड में कांग्रेस और राजद को बड़े भाई की भूमिका निभाते हुए सहयोग और सीटें दी गईं, उसी प्रकार बिहार में झामुमो के साथ अन्याय हुआ.
कांग्रेस ने झामुमो के पक्ष में नहीं लिया कोई स्पष्ट स्टैंड
सुदिव्य कुमार ने आगे कहा कि कांग्रेस ने झामुमो के पक्ष में कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं लिया और न ही मध्यस्थता के लिए कोई पहल की. इस कारण, झामुमो ने बिहार में चुनाव नहीं लड़ने का कदम उठाया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में राजद और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं.18 अक्टूबर को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM ने भी बिहार में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. पार्टी ने कहा कि वह किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी और केवल छह विधानसभा सीटों चकाई, धमदाहा, कटोरिया, मनिहारी, जमुई और पीरपैंती से अपने उम्मीदवार उतारेगी. JMM के महासचिव सुप्रीमो भट्टाचार्य ने बताया कि इन सीमावर्ती सीटों में पार्टी का जनाधार लगातार बढ़ रहा है और उनका मुख्य फोकस आदिवासी और वंचित वर्ग के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना रहेगा.
बीजेपी ने JMM के इस फैसले पर तंज कसा
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि JMM ने पिछले एक हफ्ते में अपना स्टैंड बदलकर बेशर्मी की नई मिसाल कायम की. पहले बंगाल से भागा, अब बिहार से भी भाग गया। पूरा घटनाक्रम ‘भाग JMM भाग’ की याद दिलाता है.विश्लेषकों का मानना है कि JMM की नाराजगी और बिहार में सीट बंटवारे पर असंतोष इंडिया अलायंस के लिए झारखंड में चुनौती बन सकता है. इस कदम का असर न केवल बिहार चुनाव में, बल्कि झारखंड में गठबंधन की सियासी स्थिति पर भी देखा जाएगा. यदि गठबंधन में संतुलन नहीं बना तो इंडिया अलायंस के झारखंड में टूटने की संभावना भी बढ़ सकती है.
बिहार चुनाव से पहले जेडीयू को बड़ा झटका, टिकट बंटवारे से नाराज नेता बद्री भगत का इस्तीफा......
17 Oct, 2025 06:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को रोहतास में झटका लगा है. शुक्रवार (17 अक्टूबर, 2025) को जेडीयू के प्रदेश सचिव सह जिला बीस सूत्री कमेटी के सदस्य बद्री भगत ने अपने समर्थकों के साथ इस्तीफा दे दिया. त्यागपत्र देते हुए उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की. नाराजगी के पीछे की वजह टिकट विधानसभा चुनाव के लिए है.
बद्री भगत के साथ करीब तीन हजार से अधिक कार्यकर्ताओं ने भी पार्टी का साथ छोड़ दिया है. उन्होंने बताया कि बीते तीन अक्टूबर को पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पार्टी के वरीय पदाधिकारियों के समक्ष करगहर विधानसभा से टिकट देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 11 दिनों के अंदर ही मुख्यमंत्री के आसपास रहने वाले लोगों ने उनका टिकट कटवा दिया.
'पार्टी को कमजोर करने की चल रही साजिश'
बद्री भगत ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं पर साजिश रचने का भी आरोप लगाया. कहा कि हम लोग लंबे समय से पार्टी के हित में कार्य करते आ रहे हैं और गांव-गांव जाकर मुख्यमंत्री के कार्यों से लोगों को अवगत कराया है, लेकिन कुछ लोग कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर पार्टी को कमजोर करने में लगे हुए हैं.
पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक एवं जिलाध्यक्ष दे चुके इस्तीफा
बता दें कि इससे पहले जिले के दो विधानसभा क्षेत्र से टिकट की होड़ में लगे पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह और पूर्व विधायक अशोक सिंह कुशवाहा इस्तीफा दे चुके हैं. जिलाध्यक्ष अजय सिंह कुशवाहा ने भी इस्तीफा दे दिया है. चुनाव से ठीक पहले नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के इस्तीफे से जिले की कई विधानसभा सीटों पर पार्टी को नुकसान हो सकता है. देखना होगा कि पिछले चुनाव (2020) में जिले की सभी विधानसभा सीट गंवाने वाले एनडीए को इस बार कितनी सीटों पर जीत हासिल होती है.
महागठबंधन में नहीं बनी बात, एक दल ने जारी की 25 उम्मीदवारों की पहली सूची
17 Oct, 2025 06:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। महागठबंधन में बात नहीं बनने के बाद राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने शुक्रवार को 25 उम्मीदवारों की सूची जारी किया।
पारस ने अलौली (अनुसूचित जाति सुरक्षित) से अपने पुत्र यशराज पासवान को उम्मीदवार बनाया है। इसके अलावा खगड़िया से पूनम यादव, बेलदौर से सुनीता शर्मा, साहेबपुर कमाल से संजय कुमार यादव, बखरी से नीरा देवी पर दांव खेला है।
सिकंदरा से रामाधीन पासवान, राजपुर से अमर पासवान, चेनारी से सोनू कुमार नट, डुमराव से मृत्युंजय कुशवाहा, बक्सर से धर्मेन्द्र राम, आरा से हरे कृष्ण पासवान, अरवल से दिविया भारती, इमामगंज से तपेश्वर पासवान, बराचट्टी से शिव कुमार नाथ निराला उम्मीदवार होंगे।
मोहनिया से अनिल कुमार, बरहरिया से सुनील पासवान, कुढ़नी से विनोद राय, बरूराज से संजय पासवान, हरसिद्दी से मदन पासवान, गरखा से विगन मांझी, चिरैया से शेख सलाउद्दीन खान चुनाव लड़ेंगे।
राजापाकर से शिवनाथ कुमार पासवान, हाजीपुर (शहर) से धनश्याम कुमार दाहा, वैशाली से राम एकबाल कुशवाहा एवं महुआ से शमसुज्जमा को उम्मीदवार बनाया है।
प्रिंसिपल के थप्पड़ के एक महीने बाद छात्रा की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
17 Oct, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में बीते 15 सितंबर को स्कूल की महिला प्रिंसिपल ने एक छात्रा को जोरदार थप्पड़ मार दिया था. इस घटना के छात्रा डिप्रेशन में चली गई और उसकी तबीयत बिगड़ते चली गई. अब एक महीने बाद अस्पताल में भर्ती उस छात्रा की मौत हो गई है. छात्रा की मौत से परिजन सदमे में हैं. उनके आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं, मोहल्लेवालों ने प्रिंसिपल को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की है.
यह मामला गढ़वा जिले के बरगढ़ थाना क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल का है. 15 सितंबर को कक्षा आठ की छात्रा दिव्या कुमारी स्कूल पहुंची, लेकिन उसने निर्धारित स्कूल यूनिफॉर्म के जूतों की जगह चप्पल पहन रखी थी. स्कूल की प्रभारी प्रधानाचार्या द्रौपदी मिंज ने यह देखकर नाराज़गी जताई. उन्होंने छात्रा को नियमों का हवाला देते हुए समझाया कि चप्पल स्कूल के ड्रेस कोड में शामिल नहीं है. इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से छात्रा को डांटा और थप्पड़ भी मार दिया.
डिप्रेशन में चली गई छात्रा
थप्पड़ की घटना के बाद दिव्या घर लौट आई. शुरू में उसने किसी तरह की शारीरिक तकलीफ की शिकायत नहीं की, लेकिन कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. परिवार के मुताबिक, वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी और धीरे-धीरे अवसाद (डिप्रेशन) की शिकार हो गई. जब उसकी हालत और बिगड़ी, तो परिवार ने उसे डाल्टनगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. वहां स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) रेफर कर दिया. लगभग एक महीने तक इलाज चला, लेकिन 14 अक्टूबर को दिव्या ने दम तोड़ दिया.
छात्रा की मौत की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया. दिव्या के परिजनों ने बरगढ़ थाने में प्रधानाचार्या के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें मानसिक प्रताड़ना और शारीरिक हिंसा के आरोप लगाए गए. वहीं, गांव के लोगों ने छात्रा के शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.
दोषी पर सख्त कार्रवाई की मांग
परिजन का आरोप था कि द्रौपदी मिंज के व्यवहार और दबाव के कारण ही दिव्या ने मानसिक संतुलन खो दिया, जिससे उसकी मौत हुई. स्थिति बिगड़ती देख गढ़वा पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खत्म कर दिया.
बिहार में ठंडी हवाओं के बीच हवा हुई जहरीली, स्वास्थ्य के लिए खतरा
17 Oct, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटनाः बिहार में ठंड की दस्तक के साथ ही अब हवा की क्वालिटी तेजी से बिगड़ने लगी है. मॉनसून के दौरान हवा बिल्कुल साफ थी. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दो अंकों में रहता था, वहीं अब यह लगातार तीन अंकों में पहुंच गया है. यह स्थिति स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद चिंताजनक मानी जा रही है.
उधर, आईएमडी की मानें तो दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव लगा हुआ है. सुबह और शाम हल्की ठंड साफ तौर पर महसूस हो रही है. कोहरा भी देखने को मिल रहा है. अब धीरे धीरे ठंड में बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है.
आज कैसा रहेगा मौसम
जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मध्यम गति (30 किमी/घंटा तक) की हवा चलते रहने की संभावना है. दक्षिणी और पूर्वी भागों में न्यूनतम तापमान 18-20°C के बीच और अन्य भागों में 21-24°C के बीच रहने का पूर्वानुमान है. अगले 3 दिनों के दौरान राज्य में अधिकतम तापमान 32-36°C के बीच रहने का पूर्वानुमान है.
प्रदूषित हो रही है हवा
हवा की क्वालिटी पर नजर रखने वाली एजेंसी की मानें तो 17 अक्टूबर देर रात्रि में पटना का AQI 156, मुजफ्फरपुर का AQI 131, गया का 140, पूर्णिया का 163, भागलपुर का AQI 149 दर्ज किया जा रहा था. जैसे जैसे रात बितती है, हवा की क्वालिटी खराब होते जाती है. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अभी तो यह शुरुआत है. आने वाले दिनों में हवा और भी खराब हो सकती है.
तापमान में उतार चढ़ाव जारी
इन दिनों बिहार के तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिल रहा है. गुरुवार को दिन का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 34.5°C मोतिहारी में दर्ज हुआ जबकि रात का सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.3°C पश्चिम चंपारण के पिपरासी प्रखंड में दर्ज हुआ.
बुधवार के मुकाबले गुरुवार को अधिकांश जिलों के दिन के तापमान में डेढ़ डिग्री सेल्सियस तक की तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली जबकि रात्रि के तापमान में भी दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिली. आने वाले दिनों में और गिरावट आने की संभावना है.
पटना यूनिवर्सिटी का बड़ा कारनामा: 34 नंबर लाने वाले छात्रों को किया फेल!
17 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना यूनिवर्सिटी की बड़ी गड़बड़ी सामने आई है. विश्वविद्यालय ने सेशन 2024-26 बीएड स्टूडेंट्स के मार्कशीट में विषयों और नंबरों की गलत जानकारी दर्ज कर जारी कर दी. जब छात्रों ने अपनी मार्कशीट देखी, तो हैरान रह गए. छात्रों को बड़ा झटका तब लगा, जब 40 नंबरों की परीक्षा में 34 नंबर मिलने पर फेल कर दिया गया. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.
वहीं जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन तुरंत हरकत में आया है जारी सभी मार्कशीट को रद्द कर दिया. यूनिवर्सिटी ने कहा कि जिन छात्रों के अंकपत्र में गड़बड़ी है. ऐसे सभी स्टूडेंट्स को दोबारा नई मार्कशीट जारी की जाएगी. छात्रों को इससे परेशान होने की कोई आवश्यकता नहीं है.
क्या कहना है छात्रों का?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बीएड सेशन 2024-26 के कई स्टूडेंट्स ने बताया कि जिस सब्जेक्ट में वह पास थे. जारी अंकपत्र में उसी विषय में उन्हें फेल कर दिया गया. वहीं कुछ फेल छात्रों को पास कर दिया गया. छात्र अभिषेक कुमार झा ने बताया कि 40 नंबरों की परीक्षा में उन्हें कुल 34 नंबर मिले हैं, लेकिन मार्कशीट में उन्हें फेल दिखाया गया है.
परीक्षा डेट भी मार्कशीट में गलत दर्ज
परीक्षा का आयोजन मई 2025 में किया गया था, जबकि जारी अंकपत्र में परीक्षा डेट जनवरी 2025 दर्ज किया गया है. स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी की ओर से जारी टैबुलेशन रजिस्टर में नंबर सही है, लेकिन जारी स्कोरकार्ड में बहुत कमियां हैं.
कैसे हुई मार्कशीट में गड़बड़ी?
विवि परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीके लाल ने बताया कि एजेंसी की गलती से ऐसा हुआ है. उन्होंने कहा कि एजेंसी ने गलती से दूसरे विश्वविद्यालय के फाॅर्मेट का उपयोग कर स्कोरकार्ड जारी कर दिए हैं. परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि एक सप्ताह में अंकपत्र में हुई गड़बड़ी को सुधार कर नई मार्कशीट जारी करने के निर्देश एजेंसी को दिए गए हैं.
तेज प्रताप यादव का हलफनामा: 2.88 करोड़ की संपत्ति और 8 आपराधिक केस का खुलासा
17 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने गुरुवार को महुआ विधानसभा सीट – नामांकन दाखिल किया. वह अपनी दादी की फोटो लेकर नामांकन करने पहुंचे थे. तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल के उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया. इस दौरान उन्होंने जो हलफनामा दिया. उससे कई बातें सामने निकलकर आई है.
लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव कुल 2.88 करोड़ रुपये की संपत्ति के मालिक हैं. पिछले साल में उनकी संपत्ति में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है. आरजेडी से निष्कासित किए जाने के बाद उन्होंने हाल ही में जनशक्ति जनता दल का गठन गया है.
तेज प्रताप पर आठ आपराधिक मामले लंबित
नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे में तेज प्रताप ने बताया कि उनके पास 91.65 लाख रुपये की चल संपत्ति है. वहीं, उनकी अचल संपत्ति 1.96 करोड़ रुपये है. पांच साल पहले यह 1.6 करोड़ रुपये थी. हलफनामे के मुताबिक, तेज प्रताप यादव पर आठ आपराधिक मामले लंबित हैं. हालांकि इनमें किसी में भी उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है.
हलफनामे में उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय जो अलग रह रही हैं, उनका विवरण नहीं दिया गया है, क्योंकि उनके बीच तलाक का मामला चल रहा है और यह मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है. तेज प्रताप यादव अभी हसनपुर से विधायक हैं. 2020 में महुआ सीट से जीते थे. इसके बाद 2024 में पार्टी ने उन्हें हसनपुर से उम्मीदवार बनाया था. वह चुनावी जीते थे.
दादी की फोटो लेकर नामांकन करने पहुंचे थे तेज
जनशक्ति जनता दल के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव दादी की फोटो लेकर नामांकन करने पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि हमारे माता-पिता और दादी सब हमारे साथ हैं. हमारी दादी सर्वोच्च हैं और हमारी गुरु भी. जब हमारे पास हमारे गुरु, माता-पिता और दादी का आशीर्वाद होता है, तो आगे कोई चुनौती नहीं होती. लोग समर्थन कर रहे हैं. जो काम करेगा वही महुआवासियों के दिल में रहेगा. हमने मेडिकल कॉलेज देने का काम किया. हम महुआ को जिला बनाने का और यहां के युवाओं को रोजगार देने का काम करेंगे.
झारखंड में ठंड की दस्तक! गुमला का तापमान 15 डिग्री तक गिरा
17 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड की राजधानी रांची समेत हजारीबाग, देवघर, पाकुड़ व दुमका जैसे जिलों में मौसम बदल गया है. यहां सुबह में अच्छी खासी ठंडी हवा, दोपहर में धूप और शाम में गुलाबी ठंड देखने को मिल रही है. ऐसे मौसम को देखकर कहा जा सकता है कि अब मॉनसून पूरी तरह से झारखंड से लौट चुका है. यहां आने वाले 5 दिनों तक भी मौसम में कोई भी बड़ी हलचल देखने को नहीं मिलने की संभावना है.
एकदम साफ रहेगा मौसम
इस बार का मौसम देखकर लग रहा है कि दिवाली और छठ एकदम साफ मौसम में लोग मनायेंगे. खासतौर पर दिवाली की बात की जाए, तो जो केवल दो दिन के बाद ही है. ऐसे में दिवाली के दिन भी मौसम एकदम साफ रहने की पूरी संभावना है. रांची मौसम केंद्र के अनुसार, धनतेरस, छोटी दीवाली और बड़ी दिवाली तीनों ही त्यौहार लोग आराम से मना सकते हैं.
गुमला का तापमान पहुंचा 15 डिग्री
पिछले 24 घंटे में गुमला का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक चला गया. यही हाल लातेहार का भी रहा. वहीं, हजारीबाग पाकुड़ जैसे जिले में भी 17 डिग्री तक न्यूनतम तापमान रहा. ऐसे में मौसम केंद्र के अनुसार अब शाम 6:00 बजे के बाद चलने वाली ठंडी हवा से थोड़ा सतर्क रहना होगा. लोग कई बार इसको हल्के में ले लेते हैं, लेकिन, यही लापरवाही ठंड लगने का कारण बन जाती है.
बिहार चुनाव को लेकर मनोज तिवारी का विश्वास, कहा- जनता एनडीए के साथ
16 Oct, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बीजेपी के सांसद मनोज तिवारी ने बिहार में एनडीए की जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा है कि एनडीए की सरकार फिर से बनेगी और युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए समृद्धि लाएगी। उन्होंने दिल्ली में बिहार के प्रवासियों के लिए एक होल्डिंग एरिया बनाने की भी बात कही। मनोज तिवारी ने कहा कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भरोसा करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन में सीटों को लेकर थोड़ा मनमुटाव है, लेकिन यह सामान्य है और सीट-बंटवारे का फैसला हो गया है। उन्होंने विपक्ष के महागठबंधन को 'लठबंधन' कहा।
मनोज तिवारी ने विश्वास जताया है कि एनडीए बिहार में एक बार फिर बड़ी जीत हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार बनने पर राज्य में युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए खुशहाली और तरक्की आएगी। तिवारी ने कहा, "एनडीए बिहार में फिर से भारी बहुमत से सरकार बनाएगा। एनडीए युवाओं, महिलाओं और गरीबों के लिए समृद्धि और खुशी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में काफी विकास हुआ है और युवा व महिलाएं इस प्रगति से खुश हैं।"
बिहार के प्रवासियों के लिए दिल्ली में सुविधा
दिल्ली में बिहार आने वाले प्रवासियों के लिए एक खास सुविधा का जिक्र करते हुए तिवारी ने बताया कि दिल्ली में एक होल्डिंग एरिया बनाया गया है। इस जगह पर 5,000 लोगों के ठहरने की क्षमता है, जिससे लोगों को आराम मिल सके। तिवारी ने कहा कि राज्य से बाहर रहते हुए भी उन्हें बिहार की चिंता है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के लोग अब काफी जागरूक और सक्रिय हो गए हैं, और बेंगलुरु जैसे शहरों से भी लोग वोट देने के लिए वापस आ रहे हैं।
तिवारी ने गठबंधन के नेताओं के प्रति जनता के मजबूत समर्थन की बात कही। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार में लोगों का विश्वास चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा जैसे नेताओं के गठबंधन में शामिल होने से और भी मजबूत हुआ है।"
महागठबंधन को 'लठबंधन' कहा
गठबंधन में अंदरूनी कलह की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए तिवारी ने कहा, "किसी भी गठबंधन में हर कोई ज्यादा सीटें चाहता है, यह स्वाभाविक है। हालांकि, पार्टियों को त्याग करना पड़ता है। सीट-बंटवारे की व्यवस्था अब तय हो गई है।" उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर भी निशाना साधा और उसे 'लठबंधन' करार दिया।
बिहार में विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होंगे और नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है, इसलिए समय पर चुनाव कराना आवश्यक है। 2020 के चुनाव तीन चरणों में हुए थे।
एनडीए और महागठबंधन में होगा कड़ा मुकाबला
चुनाव में सत्ताधारी एनडीए गठबंधन (जिसमें भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड शामिल हैं) और राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी महागठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला होने के आसार हैं।
साल 2020 के चुनावों में एनडीए ने 125 सीटों के साथ बहुमत हासिल किया था, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें जीती थीं। आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। वह चुनाव कोविड-19 महामारी के बाद पहला बड़ा चुनाव था, जिसमें 56.93 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार चुनाव आयोग ने मतदान के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। अब हर मतदान केंद्र पर 1500 के बजाय 1200 मतदाता होंगे। राज्य में मतदान केंद्रों की कुल संख्या बढ़ाकर 90,000 कर दी गई है।
मैथिली ठाकुर की एंट्री से अलीनगर विधानसभा सीट पर बढ़ी सियासी गर्मी
16 Oct, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। अलीनगर विधानसभा सीट कभी राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के नाम से जानी जाती थी, लेकिन उनके क्षेत्र परिवर्तन और 2020 में भाजपा प्रत्याशी मिश्री लाल यादव की जीत के बाद इस क्षेत्र की चर्चा बढ़ गई।
आगामी चुनाव में अलीनगर एक हॉट सीट बनी हुई है, जिसका मुख्य कारण चर्चित लोक गायिका मैथिली ठाकुर का भाजपा में शामिल होना है। 14 अक्टूबर को उन्होंने औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता ग्रहण की और बुधवार को पार्टी की आधिकारिक सूची में उनका नाम शामिल किया गया।
मैथिली ठाकुर अलीनगर से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगी, इस पर सभी सहमत थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं था कि वह बेनीपट्टी या अलीनगर से चुनाव लड़ेंगी। पार्टी की घोषणा ने इस भ्रम को समाप्त कर दिया है। अब क्षेत्र में जो हलचल थी, उसके शांत होने की उम्मीद है।
हालांकि, सवाल यह है कि महागठबंधन अलीनगर से किसे उम्मीदवार बनाएगा। मैथिली ठाकुर का मुकाबला किससे होगा, यह भी महत्वपूर्ण है।
प्रशांत किशोर की जन सुराज ने दरभंगा की 10 विधानसभा सीटों में से छह पर प्रत्याशियों की घोषणा की है, लेकिन अलीनगर का नाम उनमें नहीं है। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने भी केवल जाले, गौड़ाबौराम और केवटी से चुनाव लड़ने की घोषणा की है। अलीनगर उनकी सूची में भी नहीं है।
इस प्रकार, महागठबं के घटक राजद पर सभी की नजरें टिकी हैं। उनकी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोक गायिका ने क्षेत्र में अपनी जीत की संभावनाएं कैसे बनाई हैं।
CM योगी का बिहार दौरा आज, पटना में BJP नेताओं ने किया भव्य स्वागत
16 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बिहार दौर पर आ चुके हैं। पटना एयरपोर्ट पर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। यहां से वह पटना में मंत्री नितिन नवीन और पूर्व सांसद रामकृपाल यादव के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद दानापुर में वह चुनावी सभा को संबोधित करेंगे। यहां के कार्यक्रम के बाद वह सहरसा जाएंगे। वहां भाजपा प्रत्याशी व निवर्तमान विधायक डॉ. आलोक रंजन के नामंकन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहां भी सीएम योगी जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। पूरे दानापुर क्षेत्र में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए विशेष योजना बनाई गई है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह
इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन को लेकर पटना और सहरसा में भाजपा कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूरे शहर को भगवा झंडों और होर्डिंग्स से सजा दिया है। योगी आदित्यनाथ का यह चुनावी दौरा भाजपा के लिए एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को लगभग 11:00 बजे पटना पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे दानापुर जाएंगे और एक विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा के स्थानीय नेताओं का कहना है कि योगी आदित्यनाथ का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नया जोश भर देगा। भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि सीएम योगी का आगमन हमारे लिए गर्व की बात है। रामकृपाल यादव जैसे जमीनी नेता के समर्थन में उनका यहां आना चुनावी माहौल को और मजबूती देगा।
रामकृपाल के खिलाफ रीतलाल यादव मैदान में
बता दें कि 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने पाटलिपुत्र संसदीय सीट से रामकृपाल यादव को मैदान में उतारा था, लेकिन वे राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार मीसा भारती से हार गए थे। इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा ने दानापुर सीट से एक बार फिर रामकृपाल यादव पर भरोसा जताया है। वहीं रामकृपाल के खिलाफ राजद ने फिर से रीतलाल यादव को मैदान में उतारा है। दानापुर से पिछले चुनाव में रीतलाल यादव ने भाजपा प्रत्याशी आशा सिन्हा को हराया था। इस बार भाजपा ने आशा सिन्हा का टिकट काट दिया। इससे वह नाराज हो गईं और निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया है।
अमित शाह आज से तीन दिन के बिहार दौरे पर, चुनावी रणनीति खुद करेंगे तय
16 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: गृह मंत्री अमित शाह आज तीन दिवसीय बिहार दौरे पर आ रहे हैं। वह 18 अक्तूबर तक बिहार में रहेंगे। वह एनडीए के घटक दलों के नेताओं के साथ मीटिंग करेंगे। सीट शेयरिंग के बाद नाराज हुए घटक दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे। सभी दलों के बीच समन्वय ठीक रहे, इस पर भी बात करेंगे। हालांकि, उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान को पहले ही मना चुके हैं। सूत्र बता रहे हैं कि वह सीएम नीतीश कुमार से भी मुलाकात करेंगे।
चुनाव प्रचार में तेजी आने की संभावना है
इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह भाजपा प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे और जनसभा को भी संबोधित करेंगे। 17 अक्तूबर को वह बिहार भाजपा के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। बिहार चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब नामांकन प्रक्रिया और चुनाव प्रचार में तेजी आने की संभावना है। उनके आने से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
101 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है
अमित शाह इस दौरान कई प्रत्याशियों के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे और जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। 17 अक्टूबर को उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव की समीक्षा करेंगे। बता दें कि भाजपा ने तीन चरण में अपने 101 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस बार लोकगायक मैथिली ठाकुर और पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा को चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं विधान परिषद् सदस्य और बिहार सरकार में मंत्री सम्राट चौधरी और मंगल पांडेय को चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया। वहीं पुराने नेताओं में विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधायक अरुण सिन्हा, पूर्व विधायक आशा सिन्हा का टिकट काट दिया है।
तेजस्वी यादव के खिलाफ फिर उतरे सतीश यादव, BJP का दांव चर्चा में
16 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में चुनावी मुकाबले की स्थिति धीरे-धीरे साफ होती जा रही है. राज्य की कुछ हाई प्रोफाइल सीटों पर सभी की नजर है, जहां से कुछ बड़े चेहरे चुनावी मुकाबले में उतर रहे हैं. वैशाली जिले की राघोपुर सीट से राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव चुनाव लड़ रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने उनके सामने एक ऐसे शख्स को खड़ा किया है, जिसे पिछले लगातार 2 चुनाव से शिकस्त मिल रही है. कुल मिलाकर राघोपुर सीट पर लालू परिवार और सतीश कुमार यादव के बीच लगातार 5वीं जंग है.
बीजेपी ने लालू परिवार के लिए बेहद खास राघोपुर सीट से मुकाबले के लिए वही पुराने चेहरे सतीश कुमार यादव पर दांव लगाया है. खास बात यह है कि सतीश यादव पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में ही थे. आरजेडी से निकल कर सतीश पहले जनता दल यूनाइटेड में आए और फिर 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
लगातार तीसरी बार जंग की वही कहानी
तेजस्वी की तरह सतीश भी यादव बिरादरी से नाता रखते हैं और यह यदुवंशी बिरादरी के दबदबे वाला क्षेत्र है. पहले वह लालू परिवार के करीबी हुआ करते थे. लेकिन राजनीतिक वजहों से वह आरजेडी छोड़कर जेडीयू में शामिल हो गए. बीजेपी ने राघोपुर से लगातार तीसरी बार सतीश को तेजस्वी के खिलाफ उतारते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया है.
राघोपुर सीट पर लालू परिवार की एंट्री होती है साल 1995 से. तब तत्कालीन विधायक उदय नारायण राय ने लालू यादव के लिए यह सीट खाली की थी. इस चुनाव में लालू को यहां से जीत मिली. फिर 2000 में जब चुनाव हुआ तो लालू को फिर से जीत हासिल हुई. लेकिन इस बार चुनाव में वह दो जगहों से लड़े थे और दोनों जगहों से विजयी हुए. उन्होंने दानापुर सीट के लिए राघोपुर सीट छोड़ दी. ऐसे में यहां पर जब उपचुनाव कराया गया तो उन्होंने अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुकाबले में उतारा. राबड़ी यहां पर मुकाबला जीतने में कामयाब रहीं.
राबड़ी जीत की हैट्रिक, फिर मिली हार
साल 2005 में फरवरी में जब यहां चुनाव हुए तो रबड़ी देवी ने फिर से जीत हासिल की, लेकिन विधानसभा में किसी को बहुमत नहीं मिला लिहाजा इसे भंग कर दिया गया. साल के अंत में जब अक्टूबर-नवंबर में फिर से चुनाव कराए गए तब राबड़ी ने यहां पर अपनी जीत की हैट्रिक लगाई. लालू और राबड़ी के लिए अब तक यहां का सफर एकतरफा रहा और उन्हें आसानी से जीत हासिल होती रही.
साल 2010 के चुनाव से पहले यहां का सियासी समीकरण बदल गया. सतीश कुमार यादव अब जेडीयू में आ चुके थे. चुनाव में लालू की पार्टी आरजेडी ने फिर से राबड़ी देवी को मुकाबले में उतारा और उनके सामने थे जेडीयू से प्रत्याशी सतीश. दोनों के बीच जोरदार मुकाबला चला. सतीश ने लालू की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 13 हजार से भी अधिक वोटों से हराकर तहलका मचा दिया.
राघोपुर से तेजस्वी की लॉन्चिंग से सतीश खफा
लेकिन 5 साल बाद बिहार में जब विधानसभा चुनाव कराए गए तो देश की राजनीति पूरी तरह से बदल चुकी थी. केंद्र में नरेंद्र मोदी युग का उदय हो चुका था. बिहार में अपनी पार्टी को मोदी लहर से बचाने की कवायद में नीतीश कुमार ने लालू के साथ पुराने कड़वे रिश्तों को भुला दिया और महागठबंधन का हिस्सा बन गए. इस बीच लालू ने अपने बेटे तेजस्वी को लॉन्च करने का फैसला लिया.
साल 2015 में बेटे तेजस्वी की लॉन्चिंग के लिए लालू को अपनी परंपरागत राघोपुर सीट सही लगी और उन्होंने जेडीयू से यह सीट ले ली. ऐसे में सतीश का पत्ता कट गया और वह बागी हो गए. सतीश बीजेपी में शामिल होकर अपनी राघोपुर सीट बचाने मैदान में उतर गए. लेकिन लालू की छवि के दम पर तेजस्वी को यहां से एकतरफा मुकाबले में जीत मिली. तेजस्वी 22 हजार से अधिक वोटों से चुनाव जीतने में कामयाब रहे.
यादवों के गढ़ में क्या कहता है समीकरण
साल 2020 के चुनाव से पहले नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू महागठबंधन से अलग हो गई और एनडीए में फिर से शामिल हो गई. लेकिन यह सीट बीजेपी के खाते में ही आई और पार्टी ने एक बार फिर सतीश पर ही भरोसा जताया. कुल मिलाकर सतीश का लालू परिवार के सामने यह लगातार चौथी जंग थी. इस जंग में भी तेजस्वी ही भारी पड़े. पिछली बार की तुलना में अपना जीत का दायरा बढ़ाते हुए वह 38 हजार वोटों से चुनाव जीत गए.
राघोपुर सीट से बीजेपी ने लगातार तीसरी बार पुरानी चाल चली है. मतलब यह कि सतीश एक बार फिर तेजस्वी के खिलाफ अपनी चुनौती पेश करेंगे. यादवों के गढ़ में एक बार फिर यादव बनाम यादव हो रहा है. वैशाली जिले की राघोपुर सीट पर करीब 32 फीसदी आबादी यादवों की हैं. साथ ही यहां पर राजपूत समुदाय की भी अच्छी खासी संख्या है. राजपूतों की संख्या 19 फीसदी है तो दलितों की संख्या 18 फीसदी है. इसके अलावा 6 फीसदी पासवान के अलावा 3 फीसदी ब्राह्णण और इतने ही मुस्लिम बिरादरी के लोग हैं.
बीजेपी राघोपुर सीट से बार-बार सतीश कुमार यादव को शायद इसी मकसद से लॉन्च करती हैं कि वह यादव बिरादरी के वोट बैंक में सेंध मारी करने में कामयाब होंगे. उनकी यादवों के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है. साथ ही बीजेपी को राजपूत, दलितों खासकर पासवान बिरादरी के वोट मिल जाए तो सतीश के लिए यहां से दूसरी जीत का रास्ता खुल सकेगा. यह बात भी सतीश के पक्ष में जाती है कि वह एक बार राबड़ी देवी को चुनाव में हरा भी चुके हैं.
झारखंड में गुलाबी ठंड की दस्तक, रांची में छाए रहेंगे बादल, IMD ने जारी किया अलर्ट
16 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में मॉनसून खत्म होने के बाद लोग खिले मौसम का जमकर लुफ्त उठा रहे हैं. सड़कों पर गाड़ियां फर्राटे मार रही हैं, तो दिवाली को लेकर भी काफी रौनक और चहल-पहल देखने को मिल रही है. पिछले 24 घंटे की बात करें, तो झारखंड की राजधानी रांची समेत अन्य जिलों में मौसम एकदम शुष्क रहा. कहीं भी एक बूंद बारिश दर्ज नहीं की गई है.
यहां छाए रहे आंशिक बादल
आज झारखंड की राजधानी रांची के कुछ भागों में हल्के बादल छाए रहने की संभावना व्यक्त की गई है, लेकिन इस मौसम में बदलाव के कारण बारिश होने की संभावना नहीं है. यह स्थिति अगले 5 दिनों तक जारी रहेगी. मौसम में यह बदलाव पश्चिम बंगाल के गांगेय क्षेत्र और उससे सटे झारखंड में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन द्वारा बन गया है. इसके प्रभाव से राज्य के दक्षिणी भाग पर आंशिक बादल छाएंगे.
जानें कब साफ होगा मौसम
रांची मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि गुरुवार को दिन में 3:00 बजे के बाद मौसम साफ होगा और शाम का सनसेट काफी साफ दिखाई देगा. अब गुलाबी ठंड की लगभग शुरुआत हो चुकी है. शाम में 6:00 बजे के बाद ठंडी हवा भी चलेगी. इसलिए इस हल्की ठंड को लोग नजर अंदाज न करें.
गिरिडीह पुलिस की बड़ी कार्रवाई, स्थानीय लोगों के बीच होटल कलश धाम विवादों में
15 Oct, 2025 07:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के गिरिडीह में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. यह मामला गिरिडीह जिले के बगोदर-सरिया रोड स्थित चर्चित होटल कलश धाम का है, जहां प्रशासन ने एक बड़ी छापेमारी कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है. गुप्त सूचना के आधार पर हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से कई युवक-युवतियों को आपत्तिजनक स्थिति में रंगे हाथों पकड़ा है.प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से होटल को सील कर दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार यह होटल पिछले काफी समय से स्थानीय लोगों के बीच विवादों में रहा है. बताया जाता है कि होटल कलश धाम में युवक-युवतियों को आसानी से कमरे उपलब्ध कराए जाते थे, जिससे यहां सेक्स रैकेट का संचालन हो रहा था. सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि होटल परिसर के अंदर दारू पीने के लिए विशेष केबिनों की व्यवस्था की गई थी.
होटल संचालक को लिया गया है हिरासत में
आपको बता दें कि यह होटल एक स्कूल और बीएड कॉलेज से मात्र 10 मीटर की दूरी पर स्थित है. बगोदर-सरिया के एसडीपीओ धनंजय राम ने कहा कि छापेमारी में पकड़े गए जोड़ों से पूछताछ की जा रही है. होटल संचालक को हिरासत में लिया गया है. साथ ही इस बात की जांच की जा रही है कि इतने लंबे समय तक ये गतिविधियां क्यों चलती रही. और स्थानीय पुलिस की तरफ से निगरानी में चूक क्यों हुई. मौके पर एसडीओ संतोष कुमार गुप्ता भी मौजूद थे.
पुलिस ने होटल को कर दिया सील
प्रशासन को गुप्त जानकारी मिली थी कि उस होटल में अवैध कारोबार जोरों पर चल रहा है. शिकायत की पुष्टि के बाद आज अधिकारियों ने छापा मारा और होटल को सील कर दिया. अब जांच चल रही है कि ये गतिविधियां इतने समय तक कैसे जारी रहीं. स्थानीय पुलिस ने निगरानी में क्यों लापरवाही बरती, यह भी पता लगाया जा रहा है. यह कार्रवाई बगोदर सरिया अनुमंडल पदाधिकारी संतोष गुप्ता के नेतृत्व में हुई. इसमें अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस बल भी शामिल थे.
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