बिहार-झारखण्ड
रांची: शेफ चौपाटी रेस्टोरेंट संचालक विजय नाग हत्याकांड में चार्जशीट दाखिल
30 Jan, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi News: रांची के कांके रोड स्थित शेफ चौपाटी रेस्टोरेंट के संचालक विजय नाग की हत्या के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। यह हत्याकांड शहर में काफी चर्चा में आया था, क्योंकि यह एक सार्वजनिक स्थान पर सरेआम अंजाम दिया गया।
पुलिस ने चार्जशीट में निलंबित सिपाही हरेंद्र सिंह को मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता बताया है। उसके अलावा अभिषेक सिंह, प्रशांत सिंह उर्फ छंगू और अमित ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस के अनुसार, चारों ने मिलकर विजय नाग की हत्या की योजना बनाई और घटना को अंजाम दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि हत्या की असली वजह केवल किसी छोटे झगड़े का बहाना नहीं था। पुलिस के अनुसार, घटना के समय दिखी बहस खाने के ऑर्डर को लेकर शुरू हुई, लेकिन असल कारण जमीन विवाद और पुरानी रंजिश थी। आरोपियों ने जानबूझकर इसे अचानक हुए झगड़े का रूप देने की कोशिश की, ताकि साजिश का पर्दाफाश न हो। यह वारदात अक्टूबर 2025 की रात करीब 11:30 बजे हुई थी।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब मामले की कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है। न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपियों के खिलाफ आगे की सुनवाई होगी, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
रांची रेल मंडल में विकास कार्य: कई ट्रेनों के मार्ग और संचालन में बदलाव
30 Jan, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi News: रांची रेल मंडल से जुड़े यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में विकास कार्य के चलते रेल ब्लॉक लिया जाएगा, जिसका सीधा असर रांची से चलने वाली कई ट्रेनों पर पड़ेगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है, जबकि कुछ के मार्ग और टर्मिनल स्टेशन में बदलाव किए गए हैं।
बर्द्धमान हटिया मेमू (13503/13504) अब 1 फरवरी तक केवल गोमो स्टेशन तक ही चलेगी। गोमो से आगे यह ट्रेन रद्द रहेगी। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की पुष्टि अवश्य कर लें।
टाटानगर हटिया एक्सप्रेस (18601) 31 जनवरी को अपने निर्धारित मार्ग में बदलाव के साथ चांडिल, गुंडा बिहार और मुरी होकर संचालित होगी। वहीं टाटानगर हटिया मेमू (68035) का टर्मिनल स्टेशन बदलकर आदित्यपुर कर दिया गया है। यह ट्रेन अब 5 फरवरी से आदित्यपुर से सुबह 4:35 बजे प्रस्थान करेगी।
यात्रियों की सुविधा के लिए बोकारो बर्द्धमान मेमू (63520) को 31 जनवरी से तीन स्टेशनों पर प्रयोगिक ठहराव प्रदान किया गया है। ट्रेन पुनदाग स्टेशन पर सुबह 3:46 बजे पहुंचेगी और 3:47 बजे रवाना होगी। बेगुनकोदर में आगमन 4:07 बजे और प्रस्थान 4:08 बजे होगा, जबकि झालिदा स्टेशन पर यह सुबह 4:12 बजे पहुंचेगी और 4:13 बजे रवाना होगी।
रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेन की अद्यतन जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। यह रांची रेल ब्लॉक विकास कार्य और सुधार को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, ताकि भविष्य में यातायात और संचालन में सुधार हो सके।
झारखंड : रांची पेयजल विभाग 23 करोड़ रुपये घोटाले की जांच में नया मोड़, कैशियर के मोबाइल की होगी फोरेंसिक जांच
30 Jan, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi News: रांची में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से जुड़े 23 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच अब और तेज हो गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आरोपी तत्कालीन रोकड़पाल संतोष कुमार के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कराने का निर्णय लिया है। जांच एजेंसी का मानना है कि मोबाइल से घोटाले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य, लेनदेन और संपर्कों की अहम जानकारी मिल सकती है।
शुरुआत में, 28 दिसंबर 2023 को सदर थाना पुलिस ने संतोष कुमार के खिलाफ 2 करोड़ 71 लाख रुपये के गबन का मामला दर्ज किया था। लेकिन जांच के दौरान दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगालने पर यह राशि बढ़कर लगभग 23 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। इस बड़े घोटाले ने पूरे विभागीय वित्तीय तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच के दौरान पुलिस ने संतोष कुमार का मोबाइल जब्त किया था। अब एसीबी इस मोबाइल की फोरेंसिक जांच करेगी। इससे कॉल डिटेल्स, मैसेज, बैंकिंग ऐप्स, डिजिटल ट्रांजैक्शन और अन्य तकनीकी साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। इन साक्ष्यों से घोटाले के नेटवर्क और संभावित अन्य आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
प्रारंभिक जांच के बाद संतोष कुमार के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि, भ्रष्टाचार के दृष्टिकोण से मामले की गहराई से जांच आवश्यक होने पर केस को एसीबी को ट्रांसफर कर दिया गया। अब ब्यूरो नए सिरे से तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।
रांची पेयजल विभाग घोटाला मामले में मोबाइल फोरेंसिक जांच नए सबूतों और संभावित खुलासों की कुंजी साबित हो सकती है। इससे न केवल घोटाले का नेटवर्क सामने आएगा बल्कि अन्य संबंधित अधिकारियों या पक्षकारों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकेगी।
झारखंड वेदर अलर्ट: कहीं कोहरा तो कहीं बारिश, अगले 24 घंटे इन इलाकों के लिए भारी; जानें अपने शहर का हाल
29 Jan, 2026 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में 29 जनवरी 2026 को मौसम ठंडा और बदलता रहने वाला है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के कारण कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है, जिससे दिनभर तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विशेष रूप से रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में हल्की वर्षा की संभावना जताई गई है। सुबह के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है, जबकि दिन में मौसम शुष्क और बादली रह सकता है। हल्की बूंदाबांदी के चलते कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम में बदलाव अनुभव किया जा सकता है।
तापमान की स्थिति के मुताबिक, अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास या थोड़ा ऊपर-नीचे रह सकता है। न्यूनतम तापमान सुबह और शाम के समय ठंड का एहसास कराएगा। ऐसे में लोगों को ठंड और बारिश दोनों के लिए तैयार रहना होगा।
दिनभर अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क से बादली बना रहेगा, लेकिन बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी के अवसर भी बन सकते हैं। मौसम विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि लोग स्थानीय मौसम अपडेट और चेतावनियों पर नजर रखें और यात्रा या बाहरी कामों में सावधानी बरतें।
किसानों के लिए यह मौसम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि हल्की बारिश और ठंडक से फसलों पर असर पड़ सकता है। वहीं, आम जनता को भी बारिश और ठंड के मद्देनजर अपने दिनचर्या और यात्रा योजना में बदलाव करना पड़ सकता है।
झारखंड नगर निकाय चुनाव शुरू, नामांकन और मतदान की तैयारियां तेज
29 Jan, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बुधवार को सभी जिलों के उपायुक्तों ने नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी की। अधिसूचना जारी होते ही राज्य के 48 नगर निकायों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं, और राजनीतिक दलों के साथ-साथ संभावित प्रत्याशियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन प्रक्रिया 29 जनवरी से शुरू होगी और इच्छुक प्रत्याशी 4 फरवरी तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी, जिसमें दस्तावेज़ों और नियमों की पुष्टि की जाएगी। इसके बाद 6 फरवरी को प्रत्याशियों को नाम वापस लेने का अंतिम अवसर मिलेगा। 7 फरवरी को उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित किया जाएगा, जिसके बाद सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार अभियान तेज करेंगे।
चुनाव के लिए मतदान 23 फरवरी को होगा और 27 फरवरी को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशासन शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां कर रहा है।
इसके साथ ही राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी जिलों से आए व्यय पर्यवेक्षकों (Expense Supervisors) को विशेष प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में प्रत्याशियों के खर्च की निगरानी, आचार संहिता के पालन और किसी भी अनियमितता पर सख्त कार्रवाई के दिशा-निर्देश दिए गए।
राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि नगर निकाय चुनाव लोकतंत्र की मजबूत नींव हैं और आम नागरिकों को इसमें सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। यह चुनाव न केवल स्थानीय प्रशासन को चुनेगा, बल्कि लोगों की लोकतांत्रिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करेगा।
रांची यूनिवर्सिटी में महा-चूक! LLM परीक्षा में छात्रों को थमाया गलत पेपर, परीक्षा हॉल में मचा बवाल
29 Jan, 2026 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची यूनिवर्सिटी में एलएलएम थर्ड सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बुधवार को एक बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। मोरहाबादी स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडी में आयोजित फर्स्ट पेपर की परीक्षा में छात्रों को गलती से सेकेंड पेपर का प्रश्न पत्र बांट दिया गया। जैसे ही इस गड़बड़ी का पता चला, परीक्षा को तत्काल रोकना पड़ा और केंद्र में अफरातफरी मच गई।
करीब 75 मिनट तक स्थिति असामान्य बनी रही। बाद में सही प्रश्न पत्र उपलब्ध कराकर छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 1 से 4 बजे तक फर्स्ट पेपर (बिजनेस ऑर्गनाइजेशन कंपनी लॉ इनक्लूडिंग मैनेजमेंट) की परीक्षा होनी थी। लेकिन छात्रों को जो प्रश्न पत्र मिला, वह सेकेंड पेपर (बिजनेस ऑर्गनाइजेशन कंपनी मैनेजमेंट एंड एडमिनिस्ट्रेशन) का था। चौंकाने वाली बात यह रही कि कवर पेज पर फर्स्ट पेपर लिखा हुआ था, इसलिए शुरुआत में किसी को संदेह नहीं हुआ। जैसे ही छात्रों ने विषय की असमानता देखी, उन्होंने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई।
छात्रों की शिकायत पर केंद्र निदेशक और विधि संकाय के अध्यक्ष, डॉ. पंकज चतुर्वेदी, तथा परीक्षा नियंत्रक संजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और चूक स्वीकार की। जांच में पता चला कि प्रश्न पत्र की पैकिंग और सत्यापन दोनों स्तरों पर लापरवाही हुई।
गलत पेपर के कारण सेकेंड पेपर अब नए प्रश्न पत्र के साथ दोबारा आयोजित किया जाएगा। छात्रों को 75 मिनट का अतिरिक्त समय दिया गया, लेकिन मानसिक दबाव और परीक्षा बीच में रुकने की वजह से उनका प्रदर्शन प्रभावित हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस चूक को गंभीर माना है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने की घोषणा की है।
रांची: निलंबित IAS विनय चौबे की आय से अधिक संपत्ति मामले में ACB की जांच तेज
29 Jan, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची में निलंबित IAS अधिकारी विनय कुमार चौबे के आय से अधिक संपत्ति मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जांच की गति बढ़ा दी है। इसी क्रम में ACB ने चौबे के चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा से लंबी पूछताछ की। एजेंसी का उद्देश्य था यह जानना कि शर्मा कब से चौबे के सीए हैं और किस अवधि से उनकी आय, निवेश और संपत्तियों के दस्तावेजों का लेखा-जोखा संभाल रहे हैं।
एसीबी सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आय के स्रोत, खर्च की प्रकृति और संपत्ति अर्जन के तरीके पर विशेष ध्यान दिया गया। एजेंसी का मानना है कि सीए से मिली जानकारी के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी।
जांच में पता चला है कि विनय चौबे की ज्ञात आय 2.20 करोड़ रुपए है, जबकि उनके और परिवार के खातों में करीब 3.47 करोड़ रुपए का वित्तीय प्रवाह मिला। इसके आधार पर लगभग 1.27 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
इस गंभीर मामले में निलंबित IAS विनय चौबे के अलावा उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर सत्येंद्र नाथ त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, तथा अन्य करीबी संबंधियों को भी आरोपी बनाया गया है।
जांच में यह भी सामने आया कि चौबे ने रांची के अशोक नगर इलाके में अपने ससुर के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपए में जमीन और मकान खरीदा। उनकी पत्नी ने भी अपने नाम एक फ्लैट खरीदा, जिसे बाद में ससुर को गिफ्ट कर दिया गया। ACB इसे आय से अधिक संपत्ति मामले की अहम कड़ी मान रही है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट से पूछताछ के बाद ACB की कार्रवाई में और तेजी आने की संभावना है, और सभी परिजनों तथा सहयोगियों के नाम पर संपत्ति और लेन-देन की गहन जांच जारी है।
अस्पताल/भीड़भाड़ में बच्चा चोरी की वारदात, मचा हड़कंप
27 Jan, 2026 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड|झारखंड में एक और बच्चा चोरी की घटना सामने आई है। हज़ारीबाग शहर के लक्ष्मी पेट्रोल पंप के समीप सोमवार को महज तीन दिन के नवजात शिशु को उसकी मां के हाथ से एक अज्ञात महिला बहला-फुसलाकर लेकर फरार हो गई। पीड़ित महिला कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बहिमर गांव की रहने वाली है, जो अपने नवजात को डॉक्टर को दिखाने के लिए शहर आई थीमिली जानकारी के अनुसार, महिला के पास एक अज्ञात महिला पहुंची और खुद को मददगार बताते हुए शिशु को गोद में लिया। कुछ ही पलों में वह भीड़ का फायदा उठाकर नवजात के साथ फरार हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ-साथ सीमावर्ती थाना क्षेत्रों को अलर्ट कर दिया गया है। यह घटना रांची में पिछले दिनों घटी बच्चों की चोरी की वारदात की याद दिलाती है।
पुलिस की तत्परता से 7 घंटे में नवजात शिशु चौपारण से सुरक्षित बरामद
हजारीबाग में बच्चा चोरी की घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और सीमावर्ती थाना क्षेत्रों को अलर्ट किया गया। लगातार दबिश और त्वरित कार्रवाई के बाद महज 7 घंटे के भीतर पुलिस ने नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद कर लिया। लोहसिंघना थाना से मिली जानकारी के अनुसार यह मामला किसी संगठित गिरोह से जुड़ा नहीं, बल्कि पारिवारिक ड्रामा से संबंधित था।पुलिस ने मामले का उद्भेदन करते हुए चौपारण से नवजात को सुरक्षित बरामद किया। हालांकि शुरुआती दौर में यह घटना रांची में हाल के दिनों में सामने आई बच्चों की चोरी की घटनाओं की याद दिला रही थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से स्थिति स्पष्ट हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और संबंधित महिला से पूछताछ जारी है।
झारखंड निकाय चुनाव: 27 फरवरी को आएंगे नतीजे
27 Jan, 2026 03:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड|झारखंड में 48 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव तारीखों का ऐलान हो गया है। सभी नगर निकायों में एक साथ 23 फरवरी को चुनाव होंगे और मतगणना 27 फरवरी को होगी।राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने अधिसूचना जारी कर कहा, 'राज्य में 48 शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों के लिए मतदान 23 फरवरी को एक ही चरण में होगा।' झारखंड में शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिन्हों पर नहीं लड़े जाते हैं, बल्कि उम्मीदवारों को इन पार्टियों का समर्थन प्राप्त होता है।झारखंड हाई कोर्ट ने इससे पहले स्थानीय निकाय चुनाव कराने में देरी को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की थी। सभी नगर निकाय वर्तमान में सरकारी अधिकारियों के प्रशासनिक नियंत्रण में हैं। आयोग ने नवंबर 2025 में हाई कोर्ट के सामने औपचारिकताओं को पूरा करने और चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने के वास्ते 8 सप्ताह की समयसीमा का उल्लेख किया था।
क्या है पूरा शेड्यूल
23 फरवरी को मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 5 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच (स्क्रूटनी) की जाएगी। 6 फरवरी को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है और 7 फरवरी को प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।
झारखंड में 2003 की SIR लिस्ट से 72 प्रतिशत वोटर्स का हुआ मिलान, क्या बोले CEO
2020 से ही लंबित हैं चुनाव
यह नगर निकाय चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक माने जा रहे हैं। ट्रिपल टेस्ट पूरा होने के बाद राज्य में पहली बार नगर निकाय चुनाव कराए जा रहे हैं। इन चुनावों के दायरे में 9 नगर निगम, 20 नगर परिषद और 19 नगर पंचायत शामिल हैं। 2020 से ही नगर निकाय चुनाव लंबित थे। पहले कोरोना महामारी के कारण चुनाव स्थगित कर दिए गए थे, बाद में ओबीसी आरक्षण और ट्रिपल टेस्ट को लेकर लगातार कानूनी और प्रशासनिक उलझनें बनी रहीं। इन वर्षों के दौरान कई बार चुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन आरक्षण से जुड़े मामलों में स्पष्ट नीति नहीं होने के कारण चुनाव टलते रहे।
हाई कोर्ट के दखल से खुला रास्ता
आखिरकार हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने ट्रिपल टेस्ट पूरा किया और आरक्षण संबंधी दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप दिया। हाल ही में हाईकोर्ट ने नगर निगमों के वर्गीकरण और मेयर पद के आरक्षण को चुनौती देने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया, जिससे चुनाव कराने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
आरक्षण की व्यवस्था
नगर निकाय चुनाव में मेयर और अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण की विस्तृत व्यवस्था की गई है। नगर निगमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला और अनारक्षित श्रेणियों के अनुसार आरक्षण लागू किया गया है। इसी तरह नगर परिषद और नगर पंचायत स्तर पर भी अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय किया गया है, ताकि शहरी स्थानीय निकायों में सभी सामाजिक वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व मिल सके।
खर्च की क्या सीमा
राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा भी निर्धारित कर दी है। 2011 की जनगणना के अनुसार जिन नगर निगम क्षेत्रों की आबादी 10 लाख या उससे अधिक है, वहां महापौर या अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 25 लाख रुपए तक खर्च कर सकेंगे, जबकि वार्ड पार्षद के लिए खर्च की सीमा 5 लाख रुपए तय की गई है। 10 लाख से कम आबादी वाले नगर निगमों में यह सीमा क्रमशः 15 लाख रुपए और 3 लाख रुपए निर्धारित की गई है। नगर परिषद और नगर पंचायतों में भी आबादी के अनुसार खर्च सीमा तय की गई है।
43.33 लाख वोटर, 4304 बूथ
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। राज्यभर में कुल 4304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जो 2129 भवनों में स्थित होंगे। इन केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस बार नगर निकाय चुनाव में नोटा का विकल्प उपलब्ध नहीं रहेगा। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 43 लाख 33 हजार 574 है। इनमें 22 लाख 7 हजार 203 पुरुष, 21 लाख 26 हजार 227 महिला और 144 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
मेला देखकर लौट रहीं थीं मासूम, हैवानों ने बनाया शिकार
27 Jan, 2026 02:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड|गिरिडीह में दो नाबालिग आदिवासी लड़कियों से कथिततौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक यह मामला पीरटांड पुलिस थाना क्षेत्र के हरलाडीह इलाका का है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपियों की खोजबीन शुरू कर दी गई है। पुलिस के मुताबिक रविवार रात जब दोनों नाबालिग एक गांव में लगे मेले से घर लौट रही थीं तभी उनके साथ कथिततौर पर गैंगरेप को अंजाम दिया गया।हरलाडीह चौकी प्रभारी दीपक कुमार के मुताबिक छह से सात अज्ञात व्यक्तियों ने दोनों नाबालिग का अपहरण किया और फिर उन्हें पास के एक खेत में ले गए। इसके बाद सभी ने बारी-बारी से साथ रेप को अंजाम दिया।पीड़ित बच्चियों की मां के बयानों के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। वहीं डुमरी के उपमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सुमित प्रसाद ने बताया कि 'बच्चियों की मेडिकल जांच कवराई गई है और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। मामला गंभीर है और एक भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।'झारखंड में एक और बच्चा चोरी, महिला मां के हाथ से चुरा ले गई मासूमये भी पढ़ें:चॉकलेट का दिया लालच, फिर कुदाल से कर दी हत्या; झारखंड में जादू-टोना वाला कांडये भी पढ़ें:झारखंड में खौफनाक वारदात, डायन-बिसाही के शक में कुदाल से मारकर मासूम की हत्या मेला देखकर लौट रही थीं मामले में दोनों पीड़ित बच्चियों से भी पूछताछ की गई है। पुलिसी सीसीटीवी, मोबाइल लोकेशन आदि के आधार पर जांच कर रही हैं। बताया जा रहा है कि बच्चियों के घर से थोड़ी दूर मौजूद एक गांव में जतरा मेला लगा हुआ था। वे गांव के ही कुछ परिचित युवकों के साथ मेला देखने गई थीं।युवक ने किया विरोध तो पीटकर भगाया मेला देख आधी रात वे एक युवक संग घर लौट रही थीं तभी अज्ञात युवक आए और युवक की पिटाई कर भगा दिया। इस दौरान युवक ने आरोपियों का विरोध भी किया था। इसके बाद आरोपी नाबालिग बच्चियों को खेत में ले गए। इस पूरे मामले की जानकारी सामने आने के बाद गांव के लोगों में आक्रोश है।
पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश बने वरिष्ठ वकील अंशुल राज
25 Jan, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भारत के राष्ट्रपति ने वरिष्ठ वकील अंशुल राज को पटना हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है। इस संबंध में शुक्रवार शाम को केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन जारी किया। 1971 में जन्मे, वरिष्ठ वकील अंशुल ने अपनी मैट्रिक की पढ़ाई सर गणेश दत्त पाटलिपुत्र हाई स्कूल से और इंटरमीडिएट साइंस की पढ़ाई पटना साइंस कॉलेज से की। पटना यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट होने के बाद, उन्होंने मगध यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री (एलएलबी) पूरी की। 2003 में एक वकील के तौर पर एनरोल होने के बाद, न्यायाधीश (नामित) अंशुल राज ने शुरू में सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस शुरू की, जहाँ उन्हें वरिष्ठ वकील और पटना हाई कोर्ट के रिटायर्ड एक्टिंग सीजे नागेंद्र राय ने गाइड किया। 2009 में, उन्होंने अपने पिता और वरिष्ठ वकील योगेश चंद्र वर्मा और राज्य सरकार के वकील अरविंद उज्जवल की मदद करने के लिए अपनी प्रैक्टिस पटना हाई कोर्ट में शिफ्ट कर ली। सिविल, संवैधानिक और आपराधिक कानूनों के मामलों पर समान पकड़ रखते हुए, उन्होंने कुछ समय के लिए बिहार सरकार के स्टैंडिंग काउंसिल के रूप में काम किया। उन्हें 18 दिसंबर, 2024 को पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील के रूप में नामित किया गया था, इससे पहले पिछले साल 24 फरवरी को कॉलेजियम द्वारा उसी हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में उनकी नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई थी।
पटना हवाई अड्डे पर तीसरा पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (एरोब्रिज) शुरू
25 Jan, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना,। पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने अपना तीसरा पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (एरोब्रिज) शुरू किया है, जो नए इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग के डिपार्चर लाउंज में बोर्डिंग गेट नंबर 11 से जुड़ा है। यह सुविधा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से मंज़ूरी मिलने के बाद तुरंत चालू हो गई। नए चालू किए गए एरोब्रिज का इस्तेमाल करने वाली पहली फ्लाइट स्पाइसजेट की एसजी-672 थी, जो बेंगलुरु-पटना सेक्टर पर ऑपरेट होती है। 188 यात्रियों को ले जा रहा विमान पार्किंग बे नंबर 9 पर पार्क किया गया था और सफलतापूर्वक एरोब्रिज से जुड़ गया। इसके बाद, पटना-बेंगलुरु सेक्टर पर वापसी की फ्लाइट एसजी-674 187 यात्रियों के साथ रवाना हुई। एयरपोर्ट डायरेक्टर चंद्र प्रताप द्विवेदी ने कहा कि इस बढ़ोतरी से यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग का समय कम होगा और एयरपोर्ट पर कुल ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी, खासकर जब यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बिहार सरकार द्वारा विमानन कनेक्टिविटी को मज़बूत करने की कोशिशों के तहत, शहर के एयरपोर्ट में हाल के सालों में काफी अपग्रेड किए गए हैं। नई इंटीग्रेटेड टर्मिनल बिल्डिंग, जिसका उद्घाटन मई 2025 में पीएम नरेंद्र मोदी ने लगभग 1,200 करोड़ रुपये की लागत से किया था, 65,000 वर्ग मीटर से ज़्यादा के एरिया में फैली हुई है और इसे सालाना 1 करोड़ यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह टर्मिनल आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें बढ़े हुए चेक-इन काउंटर, बेहतर सुरक्षा सिस्टम, वीआईपी लाउंज और बेहतर एयरक्राफ्ट पार्किंग बे शामिल हैं। टर्मिनल को कुशल एयरक्राफ्ट ऑपरेशन को आसान बनाने के लिए कुल पांच एरोब्रिज के साथ प्लान किया गया था। पहला एरोब्रिज टर्मिनल खुलने के साथ ही चालू हो गया था, जिसके बाद दूसरा नवंबर 2025 में चालू हुआ। एयरपोर्ट अधिकारियों ने संकेत दिया था कि तीसरे सहित बाकी एरोब्रिज को चरणों में चालू किया जाएगा, जिसमें बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए 2026 की शुरुआत तक सभी पांचों के पूरी तरह से चालू होने की उम्मीद है। ये डेवलपमेंट बड़े आधुनिकीकरण के प्रयासों के अनुरूप हैं, जिसमें एयरक्राफ्ट पार्किंग स्टैंड में बढ़ोतरी शामिल है, जिससे कुल क्षमता 11 बे हो गई है। द्विवेदी ने कहा कि बाकी दो एरोब्रिज, साथ ही उनके संबंधित पार्किंग बे, पहले ही पूरे हो चुके हैं और चालू करने के लिए डीजीसीए से अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं।
राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने पार्टी नेतृत्व पर भेदभाव और विधानसभा चुनावों में टिकट बेचने का आरोप लगाया
25 Jan, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना के पास मनेर से राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी नेतृत्व पर भेदभाव और टिकट बेचने का आरोप लगाया। राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने कहा इसके चलते ही पार्टी की हार हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि ज़मीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को नज़रअंदाज़ किया गया और कुछ मामलों में बाहरी ज़िलों के उम्मीदवारों को टिकट दिए गए। विधायक भाई बीरेंद्र हाल ही में तरारी में समाजवादी नेता काशीनाथ यादव की श्रद्धांजलि सभा में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में शिवानंद तिवारी और विजय मंडल सहित कई आरजेडी नेता शामिल हुए थे। उनके बयान का एक वीडियो अब तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। भाई बीरेंद्र ने खास तौर पर दिनारा विधानसभा सीट का मुद्दा उठाया, जहां मौजूदा विधायक विजय मंडल को टिकट नहीं दिया गया, बल्कि शशि शेखर कुमार उर्फ राजेश यादव को टिकट दिया गया, जो बाद में चुनाव हार गए। उन्होंने पूछा, हम दोनों एक ही समय में विधायक बने थे। जब किसी यादव को टिकट देना ही था, तो मौजूदा विधायक विजय मंडल को नज़रअंदाज़ क्यों किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं ने खुद को समाजवादी बताया, लेकिन असल में उन्होंने टिकट बेचे। उन्होंने कहा, अगर ऐसे लोग राजनीति में रहेंगे, तो पार्टी की हार तय है, और कहा कि इन आरोपों की जांच होनी चाहिए। इस बीच एनडीए नेताओं ने भाई बीरेंद्र के दावों का समर्थन किया। जद (यू.) के प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा कि आरोप सच हैं और सभी को पता है। उन्होंने कहा, विधानसभा चुनाव में राजद की हार के बाद कई समीक्षा बैठक हुईं, लेकिन किसी ने बोलने की हिम्मत नहीं की। दूसरे चुप रहे, और भाई बीरेंद्र ने सच बोला। तेजस्वी प्रसाद यादव को इस मुद्दे पर सफाई देनी चाहिए।
मुनाफे का झांसा, जिंदगी की जमा-पूंजी साफ: रिटायर्ड नेवी कर्मी से 24 लाख की साइबर ठगी, पत्नी के गहने तक गिरवी रखवाए
25 Jan, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवगछिया । ऑनलाइन ट्रेडिंग और आईपीओ में मोटे मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने नवगछिया के एक सेवानिवृत्त इंडियन नेवी कर्मी से 24 लाख दो हजार रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पहले छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश कराने के जाल में फंसा लिया। हालात ऐसे बने कि पीड़ित को रिश्तेदारों से उधार लेना पड़ा और पत्नी के गहने तक गिरवी रखने पड़े।
बिहपुर निवासी रिटायर्ड नेवी कर्मी राकेश कुमार ने नवगछिया साइबर थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि दिसंबर 2025 में उन्हें जीआईटीएससी नामक एक ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के जरिए शेयर ट्रेडिंग और आईपीओ में निवेश का ऑफर दिया गया। शुरुआत में मामूली रकम लगाने पर 30 से 40 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया, जिससे उन्हें यह निवेश सुरक्षित और लाभकारी लगा।
भरोसा बनने के बाद ठगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी राशि निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 से 6 जनवरी 2026 के बीच कुल नौ बार में 24.02 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए। पहले चरण में करीब 9.50 लाख रुपये और बाद में बड़े आईपीओ में ज्यादा लाभ का झांसा देकर 14.20 लाख रुपये जमा कराए गए।
राकेश कुमार ने बताया कि ठगों के लगातार दबाव और मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए। यहां तक कि पत्नी के सोने के गहने भी गिरवी रखकर रकम की व्यवस्था की। इसके बावजूद ठगों की मांग खत्म नहीं हुई।
भुगतान के बाद ठगों ने कथित रूप से 41 लाख रुपये के आईपीओ पेंडिंग होने का हवाला देकर और पैसे की मांग शुरू कर दी। जब पीड़ित ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो ठगों ने संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया और उन्हें संबंधित ट्रेडिंग ऐप व व्हाट्सएप ग्रुप से भी ब्लॉक कर दिया। पीड़ित ने पहले साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद मामला नवगछिया साइबर थाने में स्थानांतरित किया गया।
निकाय चुनाव की तारीखों पर बड़ा अपडेट: मैट्रिक-इंटर परीक्षा के फेर में फंसा शेड्यूल, जानें कब होगा मतदान?
25 Jan, 2026 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव और मैट्रिक एवं इंटर परीक्षाओं के शेड्यूल को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। राज्य चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा और चुनाव प्रक्रिया में कोई टकराव नहीं होगा। जिस दिन परीक्षा आयोजित नहीं होगी, उसी दिन मतदान कराया जाएगा।
राज्य के 48 नगर निकायों में एक साथ चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए आयोग परीक्षा और चुनाव की तिथियों के बीच समन्वय कर अंतिम तारीख तय करेगा। शिक्षा विभाग ने मैट्रिक और इंटर परीक्षा का पूरा शेड्यूल राज्य चुनाव आयोग को भेज दिया है। इसी आधार पर चुनाव आयोग मतदान की तारीख तय करने की तैयारी में है।
चुनाव आयोग अन्य विभागों से भी जरूरी जानकारियां ले रहा है, ताकि प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारी समय पर पूरी की जा सके। झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने भी परीक्षा कार्यक्रम उपलब्ध कराया है। इसके चलते नगर निकाय चुनाव और परीक्षाओं का आयोजन अलग-अलग दिनों में सुनिश्चित होगा।
यदि जरूरत पड़ी, तो चुनाव के कारण परीक्षा तिथियों में आंशिक बदलाव भी किया जा सकता है। मैट्रिक और इंटर की परीक्षाएं तीन फरवरी से शुरू होंगी। मैट्रिक की परीक्षा 17 फरवरी तक और इंटर की परीक्षा 23 फरवरी तक आयोजित होगी। आयोग का कहना है कि दोनों प्रक्रियाओं के बीच तालमेल बनाए रखते हुए चुनाव सुचारू रूप से होंगे।
अब कब मैदान पर उतरेगी टीम इंडिया? जिम्बाब्वे दौरे के बाद दिसंबर तक का पूरा कार्यक्रम
गोरखपुर में बोटिंग के दौरान बड़ा हादसा, दो बोटों की भिड़ंत में गई पर्यटक की जान
अमेरिका-तुर्की रिश्तों में नया मोड़, S-400 हटाने की मांग बनी बड़ी बाधा
आइंस्टीन की महान खोज को मिली नई पुष्टि, वैज्ञानिकों ने फिर माना सिद्धांत सही
दतिया में भाजपा की ताकत का प्रदर्शन, CM मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल साथ आएंगे नजर
बीजेपी को घेरते हुए अखिलेश बोले- विकास की गति और तेज हो सकती थी
पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण पर विवाद गहराया, ‘E20 जनता पार्टी’ सड़कों पर उतरने को तैयार
बापू को नमन कर लद्दाख लौटेंगे सोनम वांगचुक, आज अस्पताल से मिलेगी छुट्टी
विपक्ष के विरोध से संसद में गतिरोध, दोनों सदनों की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित
