बिहार-झारखण्ड
बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में सीट बंटवारे का अंतिम दौर, कांग्रेस ने 65 उम्मीदवारों की सूची की तैयारी पूरी
15 Oct, 2025 05:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच अभी तक महागठबंधन में सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि यह अंतिम दौर में है. सीट शेयरिंग से पहले तेजस्वी यादव ने राघोपुर से नामांकन भर दिया. वहीं, इस बीच खबर है कि बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावेरु, अध्यक्ष राजेश राम और विधायक दल नेता शकील अहमद खान ने सब कमेटी की बैठक पूरी कर पटना रवाना हो चुके हैं.
बिहार में चुनावी सरगर्मी के बीच अभी तक महागठबंधन में सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं हुआ है. कहा जा रहा है कि यह अंतिम दौर में है. सीट शेयरिंग से पहले तेजस्वी यादव ने राघोपुर से नामांकन भर दिया. वहीं, इस बीच खबर है कि बिहार कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावेरु, अध्यक्ष राजेश राम और विधायक दल नेता शकील अहमद खान ने सब कमेटी की बैठक पूरी कर पटना रवाना हो चुके हैं.
कांग्रेस की 65 सीटों की लिस्ट फाइनल
आज यानी बुधवार सुबह हुई सब कमेटी की बैठक में इन 11 उम्मीदवारों पर अंतिम मुहर लगा दी गई. कुल मिलाकर इन 61 नामों के अलावा 4 अन्य सीटों पर भी उम्मीदवार तय किए गए हैं, यानी कुल 65 सीटों पर कांग्रेस ने अपनी पसंद के नाम फाइनल कर दिए हैं, जिससे बातचीत की मेज पर कुछ सीटों का बदलाव करना हो तो किया जा सके.
बिहार में दो चरणों में वोटिंग
महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर पिछले कुछ दिनों से काफी मंथन चल रहा है. बावजूद इसके इस पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई है. कांग्रेस सूत्रों के अनुसार यह लिस्ट तेजस्वी यादव को सौंपी जाएगी, जहां दोनों पक्षों के बीच फाइनल सहमति बनेगी. बिहार की 243 सीटों पर दो चरणों में चुनाव होने हैं. पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर और दूसरे चरण की वोटिंग 11 नवंबर को होगी.
14 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे. पहले चरण में 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोटिंग होगी.
नीतीश कुमार की पहली उम्मीदवार सूची में एक भी मुस्लिम नाम नहीं, जातीय संतुलन साधने की कोशिश में जेडीयू
15 Oct, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी जदयू ने बुधवार को उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में जदयू ने कुल 57 कैंडिंडेट्स के नामों का ऐलान किया गया है. सीएम नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की पहली लिस्ट में जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की है.
लव-कुश यानी कुर्मी-कुशवाहा जातियां जदयू के परंपरागत वोटबैंक माने जाते हैं. जदयू की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में इन जातियों पर विशेष ध्यान रखा गया है और इन्हें बड़ी संख्या में टिकट दिये गये हैं, लेकिन चौंकाने वाली बात है कि इस सूची में एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है.
नीतीश कुमार बिहार में भाजपा के साथ मिलकर सत्ता चला रहे हैं और इस सूची से साफ है कि वह भाजपा के हिंदुत्व की नीति पर चलते नजर आ रहे हैं. चुनाव से कुछ दिन पहले नीतीश कुमार ने एक कार्यक्रम में मुस्लिमों की टोपी पहनने से इनकार कर दिया था और अब इसकी झलक जदयू की सूची में भी दिख रही है.
जानें किस जाति के कितने उम्मीदवार
जदयू की लिस्ट में जाति समीकरण के अनुसार 12 दलित जाति के उम्मीदवार,, 9 कुर्मी जाति के उम्मीदवार, 6 कुशवाहा जाति के उम्मीदवार, 3 धानुक जाति के उम्मीदवार, 6 भूमिहार जाति के उम्मीदवार, 5 राजपूत जाति के उम्मीदवार, 1 कायस्थ जाति के उम्मीदवार, 1 ब्राह्मण जाति के उम्मीदवार, 5 वैश्य जाति के उम्मीदवार और 2 निषाद जाति के उम्मीदवार को टिकट दिया गया है.
जदयू की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची में सीएम नीतीश कुमार की सोशल इंजीनियरिंग की साफ झलक साफ दिख रही है. यह साफ है कि इक्का- दुक्का सीट को छोड़कर नीतीश कुमार बिहार की बहुसंख्यक जाति यादव को नजरदांज किया है और उनसे बचते नजर रहे हैं. पूर्व चुनाव की तरह ही नीतीश कुमार ने फिर से कुर्मी , कुशवाहा, धानुक , राजपूत, मंडल और भूमिहार पर ही दांव खेला है. सूची से साफ है कि जातिगत समीकरण के मामले में नीतीश कुमार पुरानी रणनीति पर ही चल रहे हैं.
नीतीश ने चला पुराना कार्ड
उदाहरण के लिए समता पार्टी काल से ही नीतीश कुमार के सहयोगी रहे बैकुंठपुर, गोपालगंज के पूर्व एमएलए मंजीत सिंह को पड़ोस की विधानसभा सीट बरौली से उम्मीदवार बनाया गया है. इसी बरौली विधानसभा सीट से पहली बार 1972 में उनके के पिता बाबू ब्रज किशोर नारायण सिंह इस क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे.
उसी तरह से भूमिहारों के गढ़ माने जाने वाले चित्तौड़गढ़ बरबीघा, शेखपुरा विधानसभा सीट से डॉ कुमार पुष्पांजय को उम्मीदवार बनाया गया है. इनके पिता स्व आर पी शर्मा कुर्मी बाहुल्य क्षेत्र नालंदा जिले के आस्थावां से विधायक थे. राजद ने आस्थावां विधानसभा सीट से भूमिहार जाति के उम्मीदवार को उतारी है.
सूची में मंत्री से लेकर हैवीवेट तक शामिल
पहली सूची में वर्तमान सरकार के पांच मंत्रियों को भी टिकट दिया गया है. मंत्री विजय कुमार चौधरी सरायरंजन से और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार नालंदा से उम्मीदवार बनाया गया है, दोनों ही कुर्मी बहुल क्षेत्र हैं. वहीं, भोरे (सुरक्षित) से सुनील कुमार, राजगीर से कौशल किशोर और कल्याणपुर से महेश्वर हजारी को उम्मीदवार बनाया गया है. बाहुबली अनंत सिंह को मोकामा से उम्मीदवार बनाया गया है.
महनार से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, आलमनगर से नरेंद्र नारायण यादव, बिहारीगंज से निरंजन कुमार मेहता, सिंहेश्वर से रमेश ऋषि देव, मधेपुरा से कविता साहा, महिसी से गंधेश्वर शाह और कुशेश्वरस्थान से अतिरेक कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है. श्याम रजक को फुलवारी, धूमल सिंह को एकमा, रत्नेश सादा को सोनबरसा, संतोष कुमार निराला को राजपुर, मदन सहनी को बहादुरपुर, भगवान सिंह कुशवाहा को जगदीशपुर, कोमल सिंह को गायघाट और विद्या सागर सिंह निषाद को मोरवा से उम्मीदवार बनाया गया है.
2020 में नीतीश ने उतारे थे 11 मुस्लिम उम्मीदवार
2020 के विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ चार पार्टियां थीं, जिसमें जेडीयू को छोड़कर किसी भी राजनीतिक दल ने मुस्लिम उम्मीदवार को उम्मीदवार नहीं बनाया था, लेकिन जदयू ने पिछले चुनाव में 11 मुस्लिम उम्मीदवारों को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन सभी सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा था.
हालांकि विधानसभा चुनाव के बाद बसपा से जीते जमा खान नीतीश कुमार की पार्टी जदयू में शामिल हो गये थे और कैबिनेट मंत्री भी बनाए गए थे, हालांकि जदयू की पहली सूची में जमा खान का नाम नहीं है. चैनपुर सीट पर जदयू ने अभी तक अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है.
आदिवासी संगठनों ने सारंडा सेंचुरी मामले पर किया आंदोलन तेज, 25 अक्टूबर से कोल्हान क्षेत्र में नाकेबंदी की चेतावनी
15 Oct, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारंडा सेंचुरी मामले में आदिवासी संगठनों ने महामहिम राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है. इस ज्ञापन में राज्यपाल से पुनर्विचार करने की अपील की गई है. आदिवासी संगठनों ने इसी के साथ 25 अक्टूबर को कोल्हान में आर्थिक नाकेबंदी करने का भी ऐलान किया है.
आदिवासियों का कहना है कि जिस लड़ाई को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उच्चतम न्यायालय में लड़ रहे हैं उसी के समर्थन में आज हम कोल्हान-सारंडा क्षेत्र की सड़कों पर उतरे हैं. आदिवासियों ने कहा कि सारंडा जंगल क्षेत्र में रह रहे लोगों पर किसी भी तरह की आंच नहीं आने दी जाएगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी सारंडा क्षेत्र में रह रहे लोगों को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उनका कहना है कि विरासत में मिले विवादों को सुलझाने की कोशिश हो रही है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने कहा कि मेरी मुख्य चिंता है सारंडा क्षेत्र में रह रहे लोगों के भविष्य और उनकी सेहत को लेकर है.
उन्होंने कहा कि मेरी लड़ाई इस बात को लेकर है कि जिन्होंने जंगल लगाया, जिन्होंने उसे बचाया, उन्हें अब किसी नियम-कानून से परेशानी न हो. सीएम ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक हम आदिवासियों को नियमों में बांधकर परेशान करते रहा जाएगा.
लोगों के अधिकारों की रक्षा करते रहेंगे-सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लड़ रहे हैं और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे. खनिज संसाधन को कुछ समय तक नजरअंदाज भी कर सकते हैं लेकिन लोगों के अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा.
संपत्ति हड़पने की कोशिश में मां-बेटे को बंधक बनाकर रखा गया 15 महीने तक, बोकारो पुलिस ने दी राहत की सांस
15 Oct, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के बोकारो से एक बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि अशोक सिंह नाम का एक शख्स 48 वर्षीय संतोष सिंह और उनकी 70 वर्षीय मां सीता देवी को जुलाई 2024 से ही एक क्वार्टर में बंदी बनाकर रखा था।
बोकारो के डीएसपी आलोक रंजन ने बताया कि मंगलवार को एक रिपोर्ट मिली थी। जिससे पता चला कि सेक्टर 3डी निवासी अशोक सिंह ने मां-बेटे को पिछले साल जुलाई से ही बंधक बनाकर रखा है। दोनों को सेक्टर 6डी के एक क्वार्टर में बंदी बनाकर रखा गया था।
कर्ज नहीं चुकाने पर बना लिया बंधक
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि शुरुआती जांच से पता चलता है कि अदालत में चल रहे वैवाहिक विवाद के दौरान संतोष सिंह को अशोक सिंह ने कुछ पैसे दिए थे। लंबे समय तक कर्ज नहीं चुकाने को लेकर मां-बेटे को बंदी बनाने की बात सामने आ रही है।
जेल में है आरोपी
अशोक सिंह फिलहाल अन्य आरोपों में जेल में बंद है। हम मानक प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं और आगे की आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं। बताया जा रहा कि दोनों पीड़ित बेहद खराब हालात में रह रहे थे। उन्हें पर्याप्त भोजन-पानी भी नहीं मिल रहा था।
उन्हें झूठे बहाने से बुलाया गया था। फिर उन पर प्रॉपर्टी के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव डाला गया। जब उन्होंने इनकार किया, तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उन्हें कैद कर लिया।
पीड़ित ने बताई आपबीती
बंधक बनाए गए संतोष सिंह ने इस भयावह घटना के बारे में खुलकर बताया। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें दवा या अन्य जरूरी चीजों की जरूरत होती थी, तो वे राहगीरों से मदद मांगते थे और रस्सी के सहारे एक थैले में सामान इकट्ठा करते थे।
संतोष ने बताया कि उनके परिवार का एक कानूनी विवाद चल रहा है। इस मामले के सिलसिले में वकील नीतीश टंडन ने अशोक सिंह की उनकी मां से मुलाकात कराई थी।
अशोक सिंह ने उस वक्त कुछ पैसे दिए थे, लेकिन बदले में वह चास में उनकी संपत्ति हड़पना चाहता था। उन्होंने पहले ही संपत्ति के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी प्राप्त कर ली थी और 23 जुलाई 2024 से उन्हें अपने पास रखा हुआ था। बाद में संपत्ति देने से इनकार करने पर उसने दोनों को बंधक बना लिया।
शिक्षा का मंदिर बना दर्द का केंद्र, चप्पल पहनने पर थप्पड़ खाने वाली छात्रा ने अस्पताल में तोड़ा दम
15 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची/गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में एक हृदय विदारक घटना सामने आई है। यहां स्कूल की प्रिंसिपल ने कथित तौर पर 12वीं की एक छात्रा को जोर से थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारे जाने के एक महीने बाद 12वीं कक्षा की एक छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। छात्रा की गलती सिर्फ इतनी थी कि वह स्कूल ड्रेस कोड का पालन न करते हुए जूतों की जगह चप्पल पहनकर स्कूल आई थी।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 15 सितंबर को हुई थी। छात्रा दिव्या कुमारी स्कूल की असेंबली (प्रार्थना सभा) में चप्पल पहनकर शामिल हुई थी। स्कूल की प्रिंसिपल इन-चार्ज द्रौपदी मिंज ने कथित तौर पर नियमों का पालन न करने पर छात्रा को जमकर डांटा और थप्पड़ मार दिया। शुरुआत में छात्रा ठीक लग रही थी, लेकिन बाद में वह अवसाद से ग्रस्त होकर बीमार पड़ गई। उसे पहले डालटनगंज के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS) रेफर कर दिया गया। मंगलवार को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।
परिजनों ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप
दिव्या कुमारी की मौत के बाद उसके माता-पिता ने बरगढ़ पुलिस स्टेशन में प्रिंसिपल द्रौपदी मिंज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नाराज परिजन और ग्रामीणों ने तेहरी भंडरिया चौक पर दिव्या के शव के साथ मुख्य सड़क को जाम कर दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिव्या की मौत प्रिंसिपल मिंज की मानसिक प्रताड़ना के कारण हुई है। उन्होंने प्रिंसिपल की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
तीन घंटे तक सड़क रही जाम
सड़क जाम होने से तीन घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर प्रदर्शनकारियों को जाम हटाने के लिए राजी किया। प्रिंसिपल ने इस मामले पर बात करने से इनकार कर दिया है।
मानसून गया तो सर्दी आई, झारखंड के कई जिलों में पारा लुढ़का, मौसम विभाग ने कहा – आने वाले दिन और ठंडे होंगे
15 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे में अच्छी खासी कड़ी धूप और एकदम खिला आसमान देखा गया. इस बार लगता है कि ठंड बेजोड़ पड़ने वाली है, जिस वजह से लोग सुबह के 5:00 बजे शॉल ओढ़कर मॉर्निंग वॉक करते दिखे. वहीं, शाम के 6:00 के बाद हल्की ठंड का एहसास भी होने लगा. यही हाल लगभग राज्य के सभी जिलों में देखा गया. इसके लिए रांची मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
झारखंड से पूरी तरह लौटा मानसून
रांची मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक ने आधिकारिक तौर पर बताया कि अब मॉनसून पूरी तरह लौट चुका है. अब किसी तरह का कोई भी सिनॉप्टिक फीचर नहीं देखा जा रहा है. जहां आने वाले दिनों में खासतौर पर दिवाली और छठ में मौसम काफी साफ रहेगा और लोग सारे त्यौहार को अच्छे मौसम में मना पाएंगे.
अब निकालना पड़ेगा गद्दा-रजाई
झारखंड के लातेहार में तो हालत ऐसा है कि न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे शाम में लोग शॉल और रात में थोड़ा मोटा कंबल ओढ़ने पर मजबूर हो रहे हैं. वहीं, रांची में भी अब रात में बिना कंबल के सोना मुश्किल हो गया है. यहां का न्यूनतम तापमान अचानक से 5 डिग्री तक की गिर गया है. अब न्यूनतम तापमान लगभग हर जिले का 16 से 19 डिग्री के करीब पहुंच चुका है.
आज कोई अलर्ट नहीं
आज अगर रांची मौसम के बारे में बात की जाए तो आज किसी तरह का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है. मौसम एकदम शुष्क रहेगा. दोपहर में अच्छा खासा खड़ा धूप, लेकिन 3:00 बजने के बाद ठंडी हवाएं और गुलाबी ठंड अपना असर दिखाएगी. हालांकि आसमान एकदम साफ रहेगा.
ध्रुवा डैम से सनसेट को देखने उमड़ी भीड़
रांची के ध्रुवा डैम से सनसेट का नजारा बड़ा खूबसूरत नजर आता है. जहां बारिश के बाद आखिरकार एकदम खूबसूरत सनसेट का दर्शन करने के लिए लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली. रांची का टूरिस्ट प्लेस में भी चहल-पहल काफी बढ़ गई है. यही हाल पूर्वी सिंहभूम और नेतरहाट जैसे जिलें में भी देखा जा रहा है.
आज का मौसम सामान्य, कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार
14 Oct, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून विदा हो गया है। इस बार मानसून का आगमन 17 जून को हुआ था। 20 जून तक प्रदेश में सक्रिय हो गया था। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के मौसम में विशेष बदलाव के आसार नहीं हैं।
सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बने होने के साथ दिन में तेज धूप से लोग परेशान रहेंगे। पछुआ के कारण मौसम शुष्क बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार मानसून ऋतु में एक जून से 30 सितंबर तक प्रदेश के कुल वर्षा 686.3 मिमी दर्ज की गई जो सामान्य से 31 प्रतिशत कम रही है, जबकि वर्षा का मानक 992.2 मिमी है।
वहीं पोस्ट मानसून के दौरान एक अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक 128.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई जो सामान्य से 235 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई। मानसून सीजन के दौरान 26 जिलों में सामान्य से कम, पटना सहित 13 जिलों में सामान्य वर्षा दर्ज हुई।
सोमवार को पटना सहित 15 जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 31.4 डिग्री सेल्सियस एवं 33.8 डिग्री सेल्सियस के साथ मोतिहारी में सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।
बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश का मौसम शुष्क बना रहा। राजधानी व आसपास इलाकों में सुबह-शाम हल्की ठंड का असर बना रहा। दिन में तेज धूप के कारण लोग परेशान रहे।
भागलपुर को मिलेगी तारों के जाल से मुक्ति, बिजली विभाग ने शुरू किया बड़ा प्रोजेक्ट
14 Oct, 2025 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। भागलपुर शहर में 33 एवं 11 हजार वोल्ट तारों को अंडरग्राउंड करने की योजना बनाई गई है। इस परियोजना के तहत 355 किलोमीटर तारें अंडरग्राउंड बिछाई जाएंगी, जिसमें 178 किलोमीटर 33 हजार वोल्ट और 177 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट तार शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, 16 किलोमीटर रेलवे क्रॉसिंग पर 33 हजार वोल्ट और 17 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसके साथ ही, 30 किलोमीटर नेशनल हाइवे पर 33 हजार व 31 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट तारों को भी अंडरग्राउंड किया जाएगा।
इस परियोजना पर कुल 301 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। विद्युत विभाग का लक्ष्य है कि इस परियोजना को 2027 तक पूरा किया जाए।
विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 20 दिन पहले तारों को अंडरग्राउंड करने की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। भागलपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, मुंगेर सहित राज्य के सभी नौ प्रमंडलीय शहरों में 33 हजार और 11 हजार वोल्ट तारों को अंडरग्राउंड करने की योजना है, जिसके लिए लगभग तीन हजार करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
पटना में अंडरग्राउंड तार बिछाने के लिए डीपीआर को मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें 550 करोड़ रुपये का खर्च होगा। भागलपुर में भी इस योजना की डीपीआर को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, लेकिन विधानसभा चुनाव की आचार संहिता के कारण यह मामला रुका हुआ है।
अधिकारी ने बताया कि एलटी तारों को भी अंडरग्राउंड करने की योजना है, लेकिन पहले 33 और 11 हजार वोल्ट तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। शहर में 750 बिजली खंभे और सड़क किनारे 4500 ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं।
अंडरग्राउंड तारों के बिछने के बाद बिजली खंभे हटाए जाएंगे, जिससे सड़कों की चौड़ाई बढ़ेगी और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अभियंता ने बताया कि डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद इस योजना पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा और इसे दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।
सीट शेयरिंग पर नीतीश-समराट में मतभेद, एनडीए में बढ़ा तनाव
14 Oct, 2025 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया में महज 4 दिन ही बचे हैं, लेकिन एनडीए में सीट शेयरिंग को लेकर कोई सहमति अब तक नहीं बन सकी है. कई दिनों से एनडीए के घटक दलों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक सीटों को लेकर कुछ भी ऐलान नहीं हो सका है. अंतिम दौर में चल रही बातचीत के बीच खबर है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीटों के बंटवारे से खुश नहीं हैं. NDA में चार सीटों को लेकर पेच फंसा हुआ है, इसमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की भी सीट शामिल है.
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तारापुर सीट के अलावा 3 अन्य सीटें सोनबरसा,राजगीर और मोरवा भी शामिल हैं, जिसको लेकर एनडीए के अंदर खटपट की खबर है. कहा जा रहा है कि शीट शेयरिंग को लेकर जनता दल यूनाइटेड के नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहमत नहीं दिख रहे हैं.
सम्राट चौधरी के लिए बीजेपी का प्लान B
बिहार में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे सम्राट चौधरी की तारापुर विधानसभा सीट पर भी पेच फंसा दिख रहा है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) यहां से सम्राट चौधरी को उतरने की तैयारी कर रही थी. लेकिन दावा है कि नीतीश कमार ने इस पर आपत्ति जताई. नीतीश की आपत्ति को देखते हुए बीजेपी ने सम्राट चौधरी के लिए प्लान B तैयार किया है और इस योजना के तहत उन्हें पटना की कुम्हरार या पटना साहिब सीट पर उतारने को लेकर विचार किया जा रहा है.
तारापुर सीट के अलावा जेडीयू नेता नीतीश जिन अन्य 3 सीटों को लेकर नाराज दिख रहे हैं, वो तीनों सीटें चिराग पासवान को दी गई हैं. नीतीश जिन 3 सीटों को वापस लेना चाहते हैं, उसमें सोनबरसा, राजगीर और मोरवा शामिल है. जबकि सोनबरसा सीट से नीतीश सरकार में मंत्री रत्नेश सदा जनता दल यूनाइटेड के उम्मीदवार हैं.
17 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल करने की मियाज
बिहार में इस बार 2 चरणों (6 और 11 नवंबर) में विधानसभा चुनाव कराए जा रहे हैं. पहले चरण के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही हैं और 17 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे. अब इसके लिए महज 4 दिन ही बचे हैं, लेकिन बिहार के प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर मामला उलझा हुआ है. एनडीए और महागठबंधन की ओर से अभी तक कोई ऐलान नहीं किया गया है.
कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों गठबंधनों की ओर से आज या कल तक सीटों को लेकर अंतिम मुहर लगाए जाने की उम्मीद है. महागठबंध में बातचीत के अंतिम दौर तक आते-आते राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस में भी थोड़ा तनाव आ गया है. हालांकि गठबंधन को लेकर दोनों दलों के नेताओं की ओर से ‘सब कुछ है’, कहा जा रहा है.
घाटशिला में बीजेपी का चुनावी दांव, 40 दिग्गज उतरे मैदान में
14 Oct, 2025 12:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: घाटशिला उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय नेतृत्व द्वारा 40 स्टार प्रचारकों की भव्य सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस सूची में देश और प्रदेश के दिग्गज नेताओं को शामिल कर अपनी रणनीति और मजबूत बनाई है।
सूची में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, जुएल उरांव, अन्नपूर्णा देवी सहित केंद्रीय स्तर के अन्य वरिष्ठ नेता प्रचार की कमान संभालेंगे। इसके अलावा, ओड़िशा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करेंगे।
प्रदेश स्तर के दिग्गज नेताओं को भी स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष एवं सांसद आदित्य साहू, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, चंपई सोरेन और मधुकोड़ा भी जनता के बीच प्रचार करेंगे। पार्टी का मानना है कि उनके सक्रिय प्रचार से मतदाताओं तक पार्टी के संदेश और योजनाओं की पूरी जानकारी पहुंचेगी।
भाजपा ने इस उपचुनाव को बेहद गंभीरता से लिया है। स्टार प्रचारकों की इस सूची के माध्यम से पार्टी की तैयारी, रणनीति और चुनावी नेतृत्व की सक्रियता का संदेश मतदाताओं तक पहुँचाया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, केंद्र और राज्य के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी से जनता में विश्वास बढ़ेगा और पार्टी उम्मीदवार को जीत दिलाने की संभावना और मजबूत होगी।
जानकार बताते हैं कि भाजपा की यह रणनीति घाटशिला में सघन प्रचार के माध्यम से मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। इस उपचुनाव में स्टार प्रचारकों की सक्रिय भागीदारी से पार्टी को अपनी नीतियों, विकास योजनाओं और केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार करने में मदद मिलेगी। पार्टी नेतृत्व पूरी तरह से इस सीट पर जीत के लिए प्रतिबद्ध दिखाई दे रहा है।
बिहार चुनाव: लालू ने चौंकाया सभी को, 14 RJD उम्मीदवारों को मिला सिंबल
14 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अब तक महागठबंधन में सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है, लेकिन आरजेडी की ओर से सिंबल दिया जाने लगा है. सोमवार देर शाम का राष्ट्रीय जनता के दल प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव ने अपनी पार्टी के कई नेताओं को अपने आवास पर बुलाकर पार्टी का सिंबल थमा दिया है.
लालू यादव की ओर से 14 नेताओं को पार्टी का सिंबल दे दिया गया है. आरजेडी का सिंबल पाने वाले नेताओं में पटना के मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र, परबत्ता के विधायक डॉ संजीव कुमार, हथुआ से राजेश कुमार, मटियानी से बोगो सिंह, मसौढ़ी से रेखा पासवान और संदेश से दीपू सिंह का नाम शामिल है.
लालू ने इन नेताओं को भी दिया पार्टी का सिंबल
बाकियों में मीना पुर से मुन्ना यादव, ब्रह्मपुर से शंभू यादव, नोखा सीट से अनीता देवी, समस्तीपुर से अब्दुल इस्लाम शाहीन, साहेब पुर कमाल से ललन यादव, दरभंगा से ललित यादव, मधेपुरा से चंद्रशेखर और हिलसा से शक्ति यादव को सिंबल दिया गया है.
सहयोगियों को संकेत या दबाव की रणनीति?
अब सवाल है कि आखिर महागठबंधन में सीटों को लेकर डील का अभी तक कोई ऐलान नहीं हुआ, लेकिन उससे पहले लालू यादव हाथों नेताओं को सिंबल देना क्या सहयोगियों के लिए संकेत तो नहीं है. या फिर ऐसा तो नहीं है कि लालू यादव खुद सामने आकर जिस तरह से नेताओं को सिंबल बांटे हैं कहीं वो सहयोगी दलों पर दबाव बनाने की रणनीति तो नहीं है. खास बात यह है कि लालू यादव ने इन 14 नेताओं को खुद अपने हाथ से सिंबल दिया है जबकि वो कुछ ही देर पहले दिल्ली से पटना पहुंचे हैं.
तेजस्वी यादव बोले- महागठबंधन में सब कुछ ठीक
वहीं, दिल्ली से पटना पहुंचे तेजस्वी यादव ने सीट बंटवारे को लेकर कहा है कि सब कुछ ठीक है, जल्द ऐलान होगा. उन्होंने कहा कि बातचीत पूरी हो चुकी है. एक या दो दिन में सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान कर दिया जाएगा. एनडीए में चल रही खींचतान को लेकर उन्होंने कहा कि उस पर मुझे कोई टिप्पणी नहीं करनी है. 14 नवंबर क बाद बिहार विकास की नई दिशा में आगे बढ़ेगा और सबको सब कुछ मिलेगा.
मनोज झा ने पोस्ट में कही गांठ की बात
दूसरी ओर आरजेडी नेता मनोज कुमार झा के एक्स पोस्ट को लेकर सियासी चर्चा गर्म हो गई है. उनका यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आया जब तेजस्वी यादव और मुकेश सहनी पटना लौट चुके हैं. राज्यसभा सांसद ने लिखा, ‘रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो छिटकाय, टूटे से फिर न मिले, मिले गांठ परिजाय.’ हर अवसर के लिए प्रासंगिक. आरजेडी सांसद के इस पोस्ट का अब अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं.
मीटिंग नहीं, लेकिन फोन पर हुई बात
सोमवार को जब तेजस्वी यादव अपने पिता लालू यादव के साथ एक मुकदमें को लेकर दिल्ली पहुंचे थे तो, इसके कयास लगाए जा रहे थे कि वो राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात कर सीटों पर चर्चा करेंगे. हालांकि, नेताओं के बीच में कोई मीटिंग नहीं हुई. जानकारी सामने आई कि तेजस्वी यादव ने फोन पर राहुल-खरगे से बात की जो सकारात्मक रही.
रांची में बढ़ी ठंडक, सुबह का तापमान 19 डिग्री — मॉनसून ने कहा अलविदा
14 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में पिछले 24 घंटे के हालात देखकर लग रहा है कि मॉनसून पूरी तरह लौट चुका है. क्योंकि पिछले 24 घंटे में कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है. सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार का 16 डिग्री व अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री जमशेदपुर का दर्ज किया गया है. हालांकि आने वाले 2 दिनों तक कई जिलों में हल्के आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं. इसके लिए रांची मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा है एक निम्न दबाव
बंगाल की खाड़ी में हल्की हलचल होने से राज्य में कहीं-कहीं बूंदाबांदी और बादल छटने की संभावना है. आने वाले तीन दिनों तक दोपहर 2:00 बजे के बाद से हल्के आंशिक बादल खासतौर पर झारखंड के पूर्वी जिले जैसे पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां. यहां पर देखी जा सकती है. जहां कहीं-कहीं छिटपुट बारिश हो सकती है.
इन जिलों में मौसम रहेगा शुष्क
वहीं, अन्य जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. किसी भी तरह का कोई अलर्ट बारिश या वज्रपात को लेकर जारी नहीं किया गया है. हालांकि, अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट संभव है. अधिकतर जिलों का तापमान 29 और 30 डिग्री के आसपास ही रहेगा. दोपहर में अच्छी खासी धूप और शाम में गुलाबी ठंड का एहसास होगा.
यहां से लौट रहा है मॉनसून
सुबह और शाम को ठंडी हवा के चलते गुलाबी ठंड की संभावना जतायी गयी है. रांची मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि मॉनसून रक्सौल, वाराणसी, जबलपुर, अकोला, अहिल्यानगर और अलीबाग मार्ग से लौट रहा है. एक जून से अब तक झारखंड में 1266.6 मिमी बारिश हो चुकी है. जबकि पूरे वर्ष में औसत 1440 मिमी दर्ज किया गया है.
ठंड को देखते हुए ट्रेन की गई रद्द
ठंड के मौसम में कोहरे की संभावना को देखते हुए रेलवे ने कुछ ट्रेनों को रद्द किया है. हटिया-आनंद विहार टर्मिनल (त्रि साप्ताहिक, 12873) एक दिसंबर से 26 फरवरी 2026 तक हटिया से रद्द रहेगी. वहीं, आनंद विहार टर्मिनल-हटिया (त्रि साप्ताहिक, 12874) दो दिसंबर से 27 फरवरी तक आनंद विहार से रद्द रहेगी. इसे लेकर आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया गया है.
तेजस्वी बनाम प्रशांत? बिहार की सियासत में नए मुकाबले की आहट
13 Oct, 2025 07:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Politics : जन सुराज नेता प्रशांत किशोर के चुनाव लड़ने को लेकर कयासों और अटकलों का दौर जारी है. अब जन सुराज की दूसरी लिस्ट भी आ गई है.
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जन सुराज ने 65 प्रत्याशियों की दूसरी सूची भी जारी कर दी. इसके साथ ही अब तक 116 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की जा चुकी है. दूसरी सूची में भी जन सुराज गठित करने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का नाम नहीं है. अब इस बात के कयास लग रहे हैं कि तीसरी सूची में प्रशांत किशोऱ का नाम होगा और वह राघोपुर सीट से चुनाव लड़ेंगे. राघोपुर सीट से राष्ट्रीय जनता दल के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव विधायक हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर प्रशांत किशोर राघोपुर से चुनाव लड़ते हैं तो बिहार की सियासत में नया अध्याय शुरू होगा.
बता दें बीते दिनों 11 अक्टूबर को प्रशांत किशोर ने राघोपुर से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत भी कर दी है. जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तेजस्वी प्रसाद यादव के गढ़ राघोपुर से चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए दावा किया कि वह तेजस्वी को उनके ही क्षेत्र में ' अमेठी जैसी हार' देंगे. हालांकि अब तक उन्होंने यह नहीं बताया है कि राघोपुर सीट से चुनाव उनकी पार्टी से लड़ेगा कौन? इस सवाल के जवाब में प्रशांत किशोर ने कहा था राघोपुर से मिले फीडबैक के आधार पर सबसे उपयुक्त उम्मीदवार तय किया जाएगा. यह कहना अभी संभव नहीं कि वह मैं होऊंगा या कोई और दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि तेजस्वी, फुलपरास विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं. राजद का दावा है कि तेजस्वी के इस दांव से वह ईबीसी मतों को भी पार्टी की ओर आकर्षित करने में सक्षम होंगे.
JDU को कैसे झटका देंगे प्रशांत?
प्रशांत किशोर अगर राघोपुर से चुनाव लड़ते हैं तो यह न सिर्फ राजद बल्कि जनता दल यूनाइटेड के लिए भी राह मुश्किल हो सकती है. इस सीट पर 2020 के चुनाव में 38,174 के अंतर से जेडीयू के सतीश कुमार यादव दूसरे नंबर पर थे.
RJD के लिए क्यों जरूरी है राघोपुर?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर तेजस्वी फुलपरास सीट से चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो इसको प्रशांत किशोर द्वारा राघोपुर से चुनाव लड़ने की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा सकता है. प्रशांत किशोर कुछ मौकों पर राघोपुर सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दे चुके हैं. साल 1995 से अभी तक सिर्फ एक बार लालू परिवार और राजद से बाहर के किसी शख्स ने JDU के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीता. वर्ष 2010 के चुनाव में शक्ति कुमार यादव ने जीत हासिल की थी. इससे पहले साल 1995 से साल 2005 तक लालू प्रसाद यादव, रबड़ी देवी क्रमशः 1995, 2000 (मुख्य चुनाव में लालू और उपचुनाव में राबड़ी), 2005 राबड़ी देवी, 2015 और 2020 में तेजस्वी ने चुनाव जीता. दूसरी लिस्ट में भी प्रशांत किशोर का नाम न होना, जन सुराज की सियासी चाल के तौर पर देखा जा रहा है. दावा है कि इस सीट पर जन सुराज अपने पत्ते आखिरी वक्त में खोलेगा जो राजद को हैरान कर सकता है. राघोपुर सीट पर पहले और फुलपरास सीट पर दूसरे चरण में मतदान होना है. दोनों ही सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. राघोपुर सीट पर 17 अक्टूबर और फुलपरास में 20 अक्टूबर को नामांकन का आखिरी दिन है.
योगी सरकार में मंत्री की बिहार में ‘बगावत’, NDA में नहीं मिली सीट तो अकेले ठोकी ताल, BJP की बढ़ी टेंशन!
13 Oct, 2025 05:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा दांव खेल दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी बिहार में अकेले दम पर चुनाव लड़ेगी। यह खबर NDA के लिए किसी झटके से कम नहीं है, क्योंकि राजभर पहले गठबंधन में सीटों की उम्मीद लगाए बैठे थे। लेकिन जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने बगावत का रास्ता चुन लिया।
क्या है पूरा माजरा?
ओम प्रकाश राजभर पिछले कुछ समय से बिहार में अपनी पार्टी का आधार मजबूत करने में जुटे थे। उनकी नजर बिहार विधानसभा की उन सीटों पर थी, जहां राजभर समुदाय का प्रभाव है। खबरों के मुताबिक, बिहार की 38 सीटों में से 32 पर राजभर वोटर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। राजभर को भरोसा था कि NDA गठबंधन में उनकी पार्टी को कुछ सीटें जरूर मिलेंगी। लेकिन जब गठबंधन ने सीट-बंटवारे का ऐलान किया, तो SBSP को एक भी सीट नहीं दी गई। बस, यहीं से शुरू हुआ असली खेल. राजभर ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हमने उपचुनावों में NDA का साथ दिया, गठबंधन धर्म निभाया, लेकिन अब BJP ने हमारा साथ नहीं निभाया।” गुस्से में आकर राजभर ने ऐलान कर दिया कि उनकी पार्टी अब बिहार में क्षेत्रीय दलों के साथ मोर्चा बनाकर 153 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। यह कदम NDA के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता है, क्योंकि राजभर वोटरों का एक बड़ा हिस्सा उनकी तरफ जा सकता है।
NDA का सीट बंटवारा
NDA ने बिहार की 243 सीटों के लिए बंटवारे का फॉर्मूला पहले ही तय कर लिया है. BJP और JDU को 101-101 सीटें मिली हैं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 और HAM व RLJP को 6-6 सीटें दी गई हैं। लेकिन इस बंटवारे में SBSP को जगह नहीं मिली, जिसने राजभर को बगावत के लिए उकसाया। सियासी गलियारों में चर्चा है कि यह फैसला NDA के लिए उल्टा पड़ सकता है, क्योंकि राजभर का प्रभाव बिहार के कुछ इलाकों में मजबूत है। राजभर का यह कदम बिहार की सियासत में नया मोड़ ला सकता है। अगर SBSP वाकई 153 सीटों पर उम्मीदवार उतारती है, तो यह NDA के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकता है। राजभर की रणनीति है कि वह क्षेत्रीय दलों के साथ गठजोड़ करके मैदान में उतरें और राजभर समुदाय के वोटों को अपने पाले में करें। सवाल यह है कि क्या राजभर की यह बगावत NDA को कमजोर कर पाएगी, या फिर यह सिर्फ एक सियासी शोर साबित होगा? आने वाले दिन इस सवाल का जवाब देंगे।
जन सुराज की दूसरी लिस्ट में पीके के निशाने पर नीतीश का गढ़, लेकिन राघोपुर पर गहराया सस्पेंस
13 Oct, 2025 05:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में 65 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। इसके पहले, जन सुराज की फर्स्ट लिस्ट में 51 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया था। जन सुराज ने दूसरी लिस्ट में 19 सुरक्षित सीटों पर भी उम्मीदवारों का ऐलान किया है। टिकट वितरण में जन सुराज ने सामाजिक समीकरण साधते की पूरी कोशिश की है। पार्टी ने अति पिछड़ा वर्ग पर फोकस करते हुए 14 अति पिछड़ा समुदाय से आने वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया है। वहीं पार्टी ने सीएम नीतीश के गृह क्षेत्र हरनौत पर भी बड़ा दांव खेला है। इस सीट से जन सुराज ने अनुसूचित जाति (SC) के उम्मीदवार कमलेश पासवान को मैदान में उतारा है। हरनौत एक सामान्य सीट है और अब कमलेश पासवान के मैदान में उतरने से चुनाव दिलचस्प हो सकता है।
राघोपुर पर सस्पेंस बरकरार
हालांकि, जन सुराज की दूसरी लिस्ट में राघोपुर पर सस्पेंस अभी भी बरकरार ही रह गया है। इस सीट से तेजस्वी यादव चुनाव लड़ते हैं और ऐसी चर्चा है कि यहां से पीके राजद नेता को चुनौती दे सकते हैं। लेकिन, अटकलों के विपरित अभी जन सुराज ने राघोपुर सीट को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं। पिछले दिनों ऐसी खबरें चल रही थीं कि तेजस्वी यादव राघोपुर के अलावा किसी अन्य सीट से भी चुनाव लड़ सकते हैं. इसको लेकर प्रशांत किशोर ने तेजस्वी पर जमकर निशाना साधा था।
दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों पर तेजस्वी को घेरा
तेजस्वी यादव के दो सीटों से चुनाव लड़ने की अटकलों पर प्रशांत किशोर ने कहा था कि जन सुराज के राघोपुर से चुनाव लड़ने की बात सुनते ही तेजस्वी यादव को वहां से भाग जाना है। अभी तो चर्चा हुई कि प्रशांत किशोर राघोपुर से चुनाव लड़ने आ रहे हैं, तब तक तेजस्वी यादव दूसरी सीट तलाशने लगे। पीके ने कहा था, ‘देख लीजिएगा, तेजस्वी यादव की वही हालत होगी, जो राहुल गांधी की अमेठी में हुई थी। राहुल अमेठी छोड़कर वायनाड गए थे, लेकिन अमेठी में चुनाव हार गए थे.’ प्रशांत किशोर जन सुराज के बैनर तले विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत से उतर रहे हैं। फिलहाल, राघोपुर सीट से उनके लड़ने की अटकलें जरुर हैं लेकिन दूसरी लिस्ट में भी उनका नाम न होने से इस पर सस्पेंस गहरा गया है। अब देखना है कि चुनावी रणनीतिकार पीके की ये कोई नई रणनीति है या फिर, वे किसी और सीट से चुनाव लड़ते हैं। लेकिन, ये तो तय है कि अगर राघोपुर से पीके विधानसभा चुनाव में उतरते हैं तो ये इस चुनाव में इस सीट के नतीजे पर सभी की नजरें होंगी।
शराबबंदी कानून हटाने का किया है वादा
बिहार चुनाव को लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी ने एक बड़ा ऐलान भी किया है। पार्टी ने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में आई, तो राज्य में शराबबंदी कानून हटाया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने कहा कि शराबबंदी खत्म होने से बिहार को हर साल होने वाला करीब ₹28,000 करोड़ का राजस्व घाटा बचाया जा सकेगा।
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