बिहार-झारखण्ड
नीतीश कुमार ही होंगे बिहार के मुख्यमंत्री, JDU नेता ने दिया दो टूक जवाब - 'लव करो या हेट, नीतीश ही होंगे CM'
15 Nov, 2025 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Nitish Kumar Oath: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें एनडीए ने बंपर जीत अपने नाम की है. अब सबसे बड़ा सवाल है कि सीएम कौन बनेगा? चुनाव के पहले और परिणाम आने के बाद भी चर्चा है सीएम नीतीश कुमार ही बनेंगे लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी के नाम की घोषणा नहीं की गई है. हालांकि (जनता दल यूनाइटेड) जदयू नेता श्याम रजक ने सीएम फेस को लेकर बड़ा बयान दिया है.
फुलवारी विधानसभा सीट से JDU के विजयी उम्मीदवार श्याम रजक ने कहा, “यह बिहार की जनता की जीत है जिसने हमारे नेता नीतीश कुमार पर भरोसा जताया और उनके काम के आधार पर उन्हें फिर से मुख्यमंत्री बनाया. हम बिहार के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हैं. यहां (मुख्यमंत्री पद के लिए) कोई जगह खाली नहीं है. नीतीश कुमार ने अपने काम के दम पर जनता का दिल जीता है.”
सबसे ज्यादा सीटों पर BJP का कब्जा
इस बार के विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें भाजपा को मिली हैं. चर्चा यह भी है कि भाजपा अपना सीएम बना सकती है, लेकिन अभी तक बीजेपी हाई कमान ने कोई टिप्पणी नहीं की है. इस बीच जदयू की तरफ से सीएम पद को लेकर बयान आने लगे हैं.
नीतीश कुमार ही बनेंगे सीएम: संतोष सुमन
जदयू ही नहीं, एनडीए के घटक दल हम (HAM) के नेता संतोष सुमन ने भी सीएम पद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार ही सीएम होंगे”. एलजेपी-आर प्रमुख चिराग पासवान भी नीतीश को सीएम के तौर पर देखना चाहते हैं. ऐसे में नीतीश कुमार की 10वीं बार ताजपोशी में कोई अड़चन नहीं होनी चाहिए. हालांकि भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कहा था कि चुनाव परिणाम के बाद हम बैठक करेंगे और तय करेंगे कि बिहार का सीएम कौन होगा. इस बयान के बाद अटकलों का बाजार गर्म हो गया था.
BJP को पहली बार मिलीं 89 सीटें
बिहार में भाजपा पहली बार इतनी ज्यादा सीटों के साथ चुनाव जीती है. इस चुनाव में भाजपा को 89 तो वहीं जदयू को 85 सीटें मिली हैं. जबकि पिछले चुनाव में सबसे ज्यादा सीट पाने वाली आरजेडी सिर्फ 25 सीटों पर आकर टिक गई है. बिहार में भाजपा की इतनी सीट आने के बाद सीएम फेस को लेकर काफी चर्चा हो रही है. बात करें सीएम की दौड़ की तो, नीतीश कुमार के अलावा नित्यानंद राय, सम्राट चौधरी, राजीव प्रताप रूडी और रेणु देवी का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है.
10वीं बार बनेंगे सीएम
बता दें, नीतीश कुमार पहली बार 3 मार्च 2000 को 7 दिनों के लिए सीएम बने थे. पहली बार साल 1985 में लोकदल के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचे थे. नीतीश कुमार 2023 में 9वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले चुके हैं. वे बिहार के सबसे लंबे समय तक रहने वाले मुख्यमंत्री हैं. ऐसे में अगर उन्हें इस बार सीएम बनाया जाएगा, तो नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे.
RJD का 'वोट शेयर' बनाम NDA का 'सीट शेयर': कैसे BJP-JDU गठबंधन ने खेला बिहार में मास्टर स्ट्रोक?
15 Nov, 2025 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election Results: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने तमाम राजनीतिक पंडितों को हैरान कर दिया. यहां तक कि एग्जिट पोल देने वाली सर्वे एजेंसियों ने भी जो अनुमान जताए थे, उससे कहीं बढ़कर बिहार में नतीजे आए. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए ने 202 सीटों पर जीत के साथ इतिहास रच दिया, तो राजद-महागठबंधन का सूपड़ा साफ हो गया. डिप्टी सीएम बनने का ख्वाब देखने वाले मुकेश सहनी पार्टी के एक उम्मीदवार को नहीं जीता पाए. बिहार में बदलाव की बात करने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के 90 फीसदी उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा पाए. असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने 2020 की सफलता को दोहराते हुए फिर 5 सीटों पर कब्जा जमा लिया. बिहार चुनावों के नतीजे भले ही आरजेडी के लिए सीटों के लिहाज से झटका देने वाले रहे, लेकिन वोट पाने के मामले में पार्टी ने अन्य दलों को काफी पीछे छोड़ दिया.
बिहार चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के पीछे ऐतिहासिक वोटर टर्नआउट भी रहा. वोट प्रतिशत की बात करें तो आरजेडी के खाते में सबसे अधिक 23% वोट आए. ये प्रतिशत अन्य दलों से अधिक रहा. बिहार चुनाव में भाजपा को 20.08% वोट मिले. नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को 19.25% वोट मिले. वहीं महागठबंधन में दूसरे नंबर की पार्टी कांग्रेस को 8.71 फीसदी वोट मिले. कांग्रेस का वोट प्रतिशत दर्शाता है कि महागठबंधन कहां पिछड़ गया.
RJD वोट प्रतिशत के मामले में सबसे बड़ी पार्टी
कुल वोटों के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां भी आरजेडी ने अन्य दलों को पीछे छोड़ दिया. आरजेडी को 1 करोड़ 14 लाख से ज्यादा वोट मिले, जो इस चुनाव में किसी भी सिंगल पार्टी को मिले सबसे अधिक वोट हैं. कांग्रेस को 43.7 लाख मिले, भाकपा (माले) को 14.2 लाख, सीपीआई को 3.72 लाख, आईआईपी को 1.84 लाख और वीआईपी को 6. 84 लाख वोट मिले. इस तरह, बिहार चुनाव में महागठबंधन को करीब 1.88 करोड़ वोट मिले.
गठबंधन के तौर पर NDA रहा हावी
वहीं एनडीए को बिहार चुनाव में 2 करोड़ 33 लाख वोट मिले. इसमें बीजेपी को करीब 1 करोड़, जेडीयू को 96 लाख 67 हजार, लोजपा को 24 लाख 97 हजार, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को 5 लाख 87 हजार और राष्ट्रीए लोक मोर्चा को 5 लाख 33 हजार वोट मिले. यानी, आरजेडी ने सिंगल पार्टी के तौर पर सबसे ज्यादा वोट तो पाए, लेकिन गठबंधन के तौर पर एनडीए हावी रहा और 202 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहा.
महागठबंधन को बिहार में 37.54 फीसदी वोट मिले, जबकि एनडीए को उसके मुकाबले करीब 47 फीसदी वोट मिले, जो करीब 10 फीसदी के अंतर को दर्शाता है. एनडीए के घटक दलों को जो वोट मिले, उसने चुनावी जीत में बड़ी भूमिका निभाई. यानी जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ 6 सीटों पर लड़ रही थी और 5 पर कब्जा किया, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने भी 6 में से 4 पर जीत दर्ज की. चुनावी नतीजों पर गौर करें तो एनडीए में बीजेपी-जेडीयू को अपने सहयोगियों से 28 सीटों का साथ मिला. जबकि महागठबंधन में आरजेडी खुद 25 सीटों पर तो सिमटी ही, सहयोगियों ने भी निराश किया.
भाजपा और RJD की सीटों में बड़ा फासला
बिहार चुनाव में आरजेडी ने बीजेपी से 14 लाख से ज्यादा वोट हासिल किए लेकिन सीटों के मामले में पार्टी काफी पीछे रही. राजद को केवल 25 सीटों पर जीत मिली और 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे अधिक पाने वाली पार्टी बनी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राजद का वोट बैंक बिखरा हुआ था और यही वजह है कि वोट प्रतिशत अधिक होने के बाद भी पार्टी को इसका ज्यादा फायदा नहीं मिल पाया. अन्य दलों की बात करें तो AIMIM ने 1.85 फीसदी वोट शेयर के साथ 5 सीटों पर कब्जा जमाया. वहीं बसपा को 1.62 वोट शेयर के साथ एक सीट हासिल हुई.
झारखंड में ठंड का कहर, 11 जिलों में शीतलहर का अलर्ट, जानिए अपने जिले का हाल!"
15 Nov, 2025 11:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Weather Update: झारखंड में सर्दी ने अचानक तेजी पकड़ ली है। हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी और उत्तर से चल रही ठंडी हवाओं ने पूरे राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज कराई है। दिन में धूप निकलने के बाद भी ठंडक कम नहीं हो रही, जबकि सुबह और शाम के समय तीखी कनकनी महसूस की जा रही है।
पिछले 24 घंटों में राज्य के 9 जिलों का न्यूनतम तापमान 10°C से नीचे चला गया। इनमें खूंटी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का तापमान 7°C तक गिर गया। लगातार तीन दिनों से खूंटी में तापमान 8°C के आसपास बना हुआ है, जिससे सर्दी का प्रभाव साफ दिख रहा है।
शीतलहर का येलो अलर्ट जारी
रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 और 16 नवंबर के लिए 11 जिलों में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें रांची, खूंटी, पलामू, गढ़वा, चतरा, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, सिमडेगा, हजारीबाग और रामगढ़ शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार, रात का तापमान सामान्य से 3–5 डिग्री तक नीचे जा सकता है। साथ ही दिन का तापमान भी उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहा, जिससे पूरे दिन ठंड बनी रह सकती है।
ठंडी हवा का असर जारी रहेगा
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि हिमालय में बर्फबारी के चलते वहां का तापमान बहुत तेजी से गिरा है। यही बर्फीली हवा झारखंड के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही है, जिसके कारण न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। अगले कुछ दिनों तक ठंडी हवाओं का असर जारी रहने की संभावना है।
कोहरा और स्वास्थ्य सतर्कता
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में कई जिलों में सुबह-शाम कोहरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ठंड और तेज हो सकती है।
झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला...ग्रामीण क्षेत्रों में भवन नक्शा पास करने का अधिकार RRDA के पास नहीं, जानिए आगे क्या होगा!
15 Nov, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने ग्रामीण क्षेत्रों में भवन नक्शा पास करने से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने स्पष्ट रुख में कहा कि पंचायत राज अधिनियम से शासित ग्रामीण इलाकों में भवन योजना स्वीकृत करने का अधिकार रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (RRDA) को नहीं है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने कई रिट याचिकाओं पर संयुक्त सुनवाई करते हुए यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।
RRDA Vice-Chairman का आदेश रद्द
कोर्ट ने RRDA उपाध्यक्ष के उस आदेश को अवैध करार दिया, जिसमें याचिकाकर्ता के भवन को ध्वस्त करने और सील लगाने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने कहा कि यह कार्रवाई अधिकार क्षेत्र के बिना की गई थी, इसलिए इसे तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाता है। साथ ही अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा जारी आदेश को भी Court ने निरस्त कर दिया, क्योंकि वह भी अधिकार क्षेत्र के बाहर पारित किया गया था।
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकार केवल पंचायत प्रणाली के पास
कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि 10 मई 2001 से लागू झारखंड पंचायत राज अधिनियम-2001 के तहत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में झारखंड क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण अधिनियम स्वतः लागू नहीं होता। संविधान की 11वीं अनुसूची और भाग-IX के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का विनियमन पंचायत प्रणाली का अधिकार है, न कि RRDA का।
सीलिंग हटाने और हर्जाने का आदेश
हाईकोर्ट ने RRDA द्वारा याचिकाकर्ता की संपत्ति को सील करना गैरकानूनी बताया और तत्काल प्रभाव से सील हटाने व संरचना खोलने का आदेश दिया। अदालत ने RRDA अधिकारियों पर ₹1000 का सांकेतिक हर्जाना भी लगाया तथा कहा कि यदि याचिकाकर्ता चाहे, तो वह नुकसान की भरपाई के लिए सिविल मुकदमा दायर कर सकता है।
बेगूसराय में राहुल गांधी के 'मछली प्रेम' का नहीं चला जादू, NDA प्रत्याशी ने 31 हजार वोटों से रही बाजी!
15 Nov, 2025 11:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम शुक्रवार (14 नवंबर) को आ गए. जिसमें महागठबंधन को करारा झटका लगा है. इस चुनाव में एनडीए-महागठबंधन दोनों दलों के बड़े-बड़े दिग्गज चुनावी मैदान में प्रचार करते नजर आए. चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी इस बार पूरे दमखम के साथ अगल अंदाज में नजर आए. उन्होंने इस दौरान बेगूसराय विधानसभा क्षेत्र में मछुआरों के साथ गहरे पानी में जाकर मछली पकड़ी, जो उनकी जनता से सीधे जमीनी जुड़ाव माना जा रहा था. लेकिन बेगूसराय में महागठबंधन के प्रत्याशी की करारी हार हुई. कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण करीब 31 हजार मतों के अंतर से हार गईं.
इस दौरान राहुल गांधी के साथ वीआईपी पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी भी साथ रहें. उनकी भी पार्टी का इस चुनाव में खाता नहीं खुला. कांग्रेस उम्मीदवार अमिता भूषण की हार यह दिखाती है कि मतादाताओं को आकर्षित करने में नाकामयाब रहीं. जिसकी वजह से इतने बड़े अंतर से हार हुई. इस सीट पर पहले ही चरण में मतदान हो गया था, जिसमें कांग्रेस ने अमिता भूषण, भाजपा ने कुंदन कुमार और जनसुराज ने सुरेंद्र कुमार सहाय को प्रत्याशी बनाया था.
बिहार हार के बाद कांग्रेस में घमासान: मुमताज पटेल ने उठाए तीखे सवाल, कहा- पार्टी मुट्ठीभर लोगों के हाथों में कैद
15 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में महागठबंधन की करारी हार के बाद जहां राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवा उठाए, तो वहीं कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस मुट्ठीभर लोगों के हाथों में कैद है. शशि थरूर ने कांग्रेस पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाया है. उन्होंने पूछा कि कब तक कांग्रेस का वफादार कार्यकर्ता इंतजार करे? इसके अलावा बिहार कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह और शकील अहमद ने भी हार के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी है.
कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने कहा, “जब हमें पता है कि हम एक ऐसी व्यवस्था से लड़ रहे हैं जो इतनी शक्तिशाली है, जिसका पूरा नियंत्रण है, तो जाहिर है कांग्रेस पार्टी को सतर्क रहना होगा. जमीन से वाकिफ लोगों को मौका ही नहीं दिया जाता. फैसले लेने का काम चंद लोगों के हाथों में सिमट जाता है. कांग्रेस पार्टी के देश भर में ऐसे कार्यकर्ता हैं, जो जीत हो या हार, मैं हमेशा कहती हूं कि दिल से कांग्रेसी हैं. लेकिन उन्हें कोई पूछता नहीं, कोई मानता नहीं, और उन्हें कोई पद या अधिकार नहीं दिया जाता. हमारी पार्टी में भी, अगर हम लोकतंत्र के लिए लड़ रहे हैं, अगर हम लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं, अगर हम चुनावी प्रक्रिया बचाने की बात करते हैं, तो हमारी अपनी पार्टी में भी सत्ता चंद लोगों के हाथों में सिमट जाती है, और उन्हीं लोगों को बार-बार इनाम मिलता है.”
“किसी भी तरह की कोई जवाबदेही नहीं है, और आप असली कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल नहीं करते, आप उनसे पूछते भी नहीं, आप उन्हें पहचानते भी नहीं और मैं यह भी कहना चाहूंगी कि अगर चुनावी प्रक्रिया भ्रष्ट है, तो या तो पूरा विपक्ष एकजुट हो जाए और कहते हैं कि हम चुनावों का बहिष्कार करेंगे. कांग्रेस पार्टी को लोगों का दिल और विश्वास फिर से जीतना होगा. राहुल गांधी कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारी पार्टी के भीतर सत्ता का दुरुपयोग करने वाले कुछ लोग जो सत्ता का दुरुपयोग करते हैं, वही हमारी पार्टी को बार-बार हार का सामना करवा रहे हैं.”
राहुल गांधी ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल
वहीं, बिहार में मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी ने कहा, “बिहार का यह परिणाम वाकई चौंकाने वाला है. हम एक ऐसे चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके, जो शुरू से ही निष्पक्ष नहीं था. यह लड़ाई संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की है. कांग्रेस पार्टी और INDIA गठबंधन इस परिणाम की गहराई से समीक्षा करेंगे और लोकतंत्र को बचाने के अपने प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे.”
अखिलेश प्रताप ने ‘फ्रेंडली फाइट’ को बताया नुकसान
कांग्रेस नेता अखिलेश प्रताप सिंह ने ‘महागठबंधन’ की हार के लिए RJD के रणनीतिकार संजय यादव और कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू को जिम्मेदार ठहरा दिया. उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सीट शेयरिंग में देरी और कई जगहों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ ने महागठबंधन को भारी नुकसान पहुंचाया है. वहीं शकील अहमद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फलां व्यक्ति ने गलत कारणों से टिकट बांटे हैं. हालांकि उन्होंने उसका नाम नहीं लिया.
बिहार चुनाव: इतिहास रचने वाले और सबसे कम मार्जिन से जीतने वाले उम्मीदवारों की लिस्ट!"
15 Nov, 2025 10:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election Result में इस बार कई सीटों पर बेहद कड़ा मुकाबला देखने को मिला। कुल 11 ऐसे प्रत्याशी रहे, जिनकी जीत का अंतर बेहद कम रहा। खासकर जेडीयू के रामचरण शाह ने तो इतिहास रचते हुए मात्र 27 वोटों के बेहद मामूली अंतर से जीत दर्ज की। यह परिणाम बताता है कि कई क्षेत्रों में मुकाबला कितना रोमांचक और टक्कर वाला था।
इन चुनावों में नीतीश सरकार के 29 मंत्री भी चुनावी मैदान में थे। इनमें से 28 मंत्रियों ने जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ और जनाधार को साबित किया। उनकी जीत ने जेडीयू-एनडीए गठबंधन के मनोबल को और मजबूत किया है। हालांकि, चकाई सीट से मंत्री सुमित सिंह को करारी हार का सामना करना पड़ा, जो इस बार के चुनाव परिणामों का सबसे चौंकाने वाला पहलू रहा।
कम अंतर वाली सीटों पर परिणाम यह संकेत देते हैं कि मतदाता हर बार बदलाव और विकास को ध्यान में रखकर वोट कर रहे हैं। कई क्षेत्र ऐसे रहे जहां कुछ सौ या कुछ दर्जन वोटों ने जीत-हार तय की। यही कारण है कि Bihar Election Result को लेकर पूरे राज्य में उत्सुकता और चर्चा बनी हुई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतने करीबी मुकाबले भविष्य की रणनीतियों, बूथ प्रबंधन और ग्राउंड लेवल पर संगठन की ताकत का संकेत देते हैं। इस बार के नतीजों से यह भी साफ है कि मतदाताओं ने हर उम्मीदवार को परखकर ही वोट दिया है।
नीतीश कुमार के CM बनने पर सस्पेंस गहराया: विनोद तावड़े के बयान ने बढ़ाई अटकलें, आगे क्या होगा?"
14 Nov, 2025 08:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bihar Election 2025: बिहार में एनडीए की प्रचंड बहुमत की सरकार बनने जा रही है. विधानसभा चुनाव में एनडीए ने अप्रत्याशित सीटें जीतकर सभी को चौका दिया है. इसी के साथ ही अब बिहार में मुख्यमंत्री बनने को लेकर चर्चा तेज हो गई है. लेकिन बिहार में मुख्यमंत्री बनने को लेकर बीजेपी के महासचिव विनोद तावड़े के बयान के बाद तरह-तरह की सियासी अटकलें लगाई जाने लगी हैं. जानिए तावड़े ने ऐसा क्या बयान दिया है?
‘सभी सहयोगी दल मिलकर तय करेंगे मुख्यमंत्री’
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बिहार में मुख्यमंत्री बनने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उनके बयान के बाद बिहार में मुख्यमंत्री बनने को लेकर सस्पेंस बढ़ गया है. तावड़े ने कहा, ‘बिहार में हमने नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था. अब मुख्यमंत्री कौन बनेगा ये एनडीए के सभी सहयोगी 5 दल मिलकर तय करेंगे. पांचों दल आपस में मिलकर सर्वसम्मिति से मुख्यमंत्री का चुनाव करेंगे.’
BJP बनी सबसे बड़ी पार्टी
बिहार विधानसभा चुनाव के 14 नवंबर को रिजल्ट आ गए हैं. इसमें एनडीए की प्रचंड बहुमत आई है. एनडीए के सभी दलों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है. बिहार एनडीए के सहयोगियों में बीजेपी और जेडीयू के अलावा लोजपा(आर), HAM और आरएलएम शामिल हैं. बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी इस बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. बिहार चुनाव के इतिहास में बीजेपी ने अब तक सबसे शानदार प्रदर्शन किया है.
प्रचंड बहुमत पर PM मोदी ने गमछा लहराया
बिहार में NDA की बहार आ गई है. प्रदेश की 243 विधानसभा सीट में से 202 सीट पर NDA बढ़त बनाए हुए. बिहार से लेकर दिल्ली तक इस प्रचंड जीत का जश्न मनाया जा रहा है. बड़ी संख्या में BJP कार्यकर्ता ढोल-नगाड़े बजाकर और एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर जश्न मना रहे हैं. इस जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BJP मुख्यालय पहुंचे हैं. PM मोदी गमछा लहराते हुए पहुंचे और हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया. इस दौरान मखाने की माला से प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया.
चुनाव हार पर पप्पू यादव की पहली प्रतिक्रिया: “जनता से शिकायत नहीं, पर इतना जरूर कहूंगा…”
14 Nov, 2025 08:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना : बिहार में एक बार फिर NDA की बहार की संभावना अब प्रबल होती जा रही है। राज्य में चुनावी तस्वीर धीरे-धीरे स्पष्ट हो रही है। विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन भारी बहुमत की ओर बढ़ता दिख रहा है जिसके बाद दोनों दलों के कार्यालयों में जश्न शुरू हो गया है। वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन के खेमे में मायूसी का माहौल है। पूर्णिया के सांसद रह चुके पप्पू यादव भी दुखी नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा है कि ये नतीजे बिहार के लिए दुर्भाग्यपूर्ण हैं। रुझानों में स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होने के बाद मीडिया के बातचीत के दौरान जन अधिकार पार्टी के प्रमुख ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “नतीजा स्वीकार करना पड़ेगा, लेकिन ये बिहार के लिए दुर्भाग्य होगा।” उन्होंने आगे कहा, “जनता को मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन बिहार के लिए ये दुर्भाग्य होगा।”
प्रचंड जीत की ओर NDA
फिलहाल NDA राज्य की 243 विधानसभा सीटों में से 180 से अधिक पर बढ़त हासिल करते हुए प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहा है। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दोपहर तक उपलब्ध रुझानों के अनुसार, भाजपा 101 विधानसभा सीटों में से 80 से अधिक सीटों पर बढ़त के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरती दिख रही है। ऐसे में भाजपा का यह प्रदर्शन उसे राजनीतिक रूप से और मजबूत करेगा और पिछले साल के लोकसभा चुनाव में मिले झटके की बहुत हद तक भरपाई करेगा। वहीं इस चुनाव में JDU को भी काफी फायदा मिलता दिख रहा है। साल 2020 के चुनाव में केवल 43 सीटें जीतने वाली नीतीश की पार्टी इस बार 70 से अधिक सीटों पर आगे है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 20 से अधिक सीटों पर आगे है।
महागठबंधन का बुरा हाल
महागठबंधन का हाल बुरा है। पिछले विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल करने के बावजूद प्रमुख विपक्षी पार्टी रही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का प्रदर्शन बहुत ही निराशाजनक दिख रहा है और वह 40 से कम सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। राजद ने इस चुनाव में 140 से भी अधिक सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसके अलावा 61 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस दहाई के आंकड़े तक पहुंचने में विफल होती दिख रही है।
संजय राउत ने समझाया बिहार चुनाव परिणाम: क्यों बोले– चौंकिए मत, यही है महाराष्ट्र मॉडल
14 Nov, 2025 07:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना :बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं। भाजपा और जेडीयू के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन भारी बहुमत के साथ सत्ता में आता हुआ दिखाई दे रहा है। ऐसे में विपक्षी नेताओं ने एक बार फिर से निर्वाचन आयोग और वोट चोरी के मुद्दे को उठाना शुरू कर दिया है। शिवसेना नेता संजय राउत ने बिहार विधानसभा चुनाव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी तुलना महाराष्ट्र चुनाव से की। उन्होंने कहा कि बिहार के नेताओं को नतीजों से चौंकने की जरूरत नहीं है।
सोशल मीडिया साइट एक्स पर शिवसेना यूबीटी नेता ने बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर चुनाव आयोग पर तंज कसा। उन्होंने भाजपा और निर्वाचन आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में आने वाले होते हैं, वह इनकी मिलीभगत की वजह से 50 सीटों के भीतर ही सिमट जाते हैं। उन्होंने लिखा, "बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से चौंकने की जरूरत नहीं है। चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर राष्ट्रीय एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं, ऐसे में इससे अलग नतीजा आना नामुमकिन था!" बिहार चुनाव को 'पूरी तरह महाराष्ट्र जैसा पैटर्न' बताते हुए राउत ने आगे कहा, "जिनका सत्ता में आना तय था, वे 50 के अंदर ही खत्म हो गए!"
शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने पिछले साल महाराष्ट्र चुनाव के दौरान वोट चोरी का आरोप लगाया था। इन दलों ने फर्जी मतदाताओं और मतदाता सूची में अन्य गड़बड़ियों का दावा करते हुए कहा था कि इन सब वजहों के कारण ही एनडीए के पक्ष में नतीजे आए हैं। इसके बाद ही राज्य में देवेंद्र फडणवीस सरकार का रास्ता साफ हुआ।
अखिलेश यादव का बड़ा हमला: बिहार में SIR की साजिश का पर्दाफाश, अब यूपी में नहीं होने देंगे ऐसा खेल
14 Nov, 2025 06:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Akhilesh Yadav on Bihar Election Results: बिहार विधानसभा चुनाव के रुझानों में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलती दिखाई दे रही है. रुझानों के मुताबिक एनडीए को 207 और महागठबंधन को 29 सीटें मिल रही है. इन रुझानों के बीच अब कई बड़े नेताओं के बयान सामने आने लगे हैं. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बिहार के रुझानों पर तीखा बयान दिया है.
अखिलेश यादव बोले – SIR ने खेल खेला
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके बिहार चुनाव के रुझानों को लेकर लिखा है कि ‘बिहार में जो खेल SIR ने किया है वो प. बंगाल, तमिलनाडू, यूपी और बाक़ी जगह पर अब नहीं हो पायेगा क्योंकि इस चुनावी साज़िश का अब भंडाफोड़ हो चुका है. अब आगे हम ये खेल, इनको नहीं खेलने देंगे. CCTV की तरह हमारा ‘PPTV’ मतलब ‘पीडीए प्रहरी’ चौकन्ना रहकर भाजपाई मंसूबों को नाकाम करेगा.
बिहार में महागठबंधन को लगा बड़ा झटका
बिहार के चुनावी रुझानों में महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है. चुनाव रुझानों में भाजपा 93 और जदयू 80 सीटों के साथ एनडीए आगे चल रही हैं. वहीं महागठबंधन में राजद 25 और कांग्रेस 4 सीटों के साथ सत्ता से दूर नजर आ रहा है. शुरूआती रुझानों से जानकारी मिली है कि महागठबंधन को सबसे ज्यादा नुकसान कांग्रेस सीटों से हुआ है.
NDA की बड़ी जीत: महागठबंधन में हाहाकार, फेल हो गई तेजस्वी की स्ट्रैटजी, लालू परिवार से कोई विधायक नहीं बनेगा?
14 Nov, 2025 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Raghopur Election Results 2025: बिहार चुनाव में सबसे हॉट सीटों में एक राघोपुर भी है. यहां से राजद के नेता, महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार, लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव मैदान में हैं, जिन्हें भाजपा प्रत्याशी सतीश कुमार यादव चुनौती दे रहे हैं. कई राउंड की गिनती के बाद तेजस्वी पीछे चल रहे हैं. तेजस्वी ने सतीश कुमार यादव को 2020 के चुनाव में भी हराया था लेकिन सतीश ने इसी सीट पर 2010 में राबड़ी देवी को 13,006 वोटों से पटखनी दे चुके हैं। उस जीत के बाद वे इलाके में एक मजबूत नेता के रूप में उभरे थे। हालांकि उस समय वे जदयू के टिकट पर लड़े थे, लेकिन इस बार उन्हें एनडीए की ओर से भाजपा ने प्रत्याशी बनाया गया है। 2025 के इस चुनाव में राघोपुर का मुकाबला बेहद प्रतिष्ठा का बन गया है. एक ओर लालू यादव परिवार की परंपरागत सीट, तो दूसरी ओर भाजपा की साख दांव पर है। 26 में से 13 राउंड की गिनती पूरी हो जाने के बाद बीजेपी के सतीश कुमार को कुल 51708 वोट मिले और तेजस्वी को 47300 वोट मिले. तेजस्वी 4408 वोट से पीछे चल रहे हैं.
बिहार चुनाव : तेजस्वी की RJD को बड़ा झटका, इन 5 वजहों ने फेरा सीएम बनने की उम्मीदों पर पानी!
14 Nov, 2025 02:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
RJD election loss Reason: बिहार चुनाव में महा गठबंधन दल को बड़ा झटका लगा है. सीएम पद की शपथ लेने की डेट बताने वाले तेजस्वी यादव की पार्टी 30 सीटों पर आकर टिक गई है. हालांकि ये फाइनल परिणाम नहीं हैं. अभी वोटों की गिनती जारी है. पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो तेजस्वी को कुल 75 सीटों पर जीत मिली थीं, जो बिहार में सबसे ज्यादा है. लेकिन इस बार पिछली सीटों से करीब 50% कम हुआ. जहां तेजस्वी सीट बढ़ने के साथ ही सीएम बनने का सपना देख रहे थे, वहां परिणाम बिल्कुल ही अलग निकलता दिखाई दे रहा है.
महा गठबंधन में शामिल कांग्रेस को भी 5-7 सीटों पर बढ़त मिलती दिखाई दे रही है. विशेषज्ञों की मानें तो कई ऐसी वजहें रही हैं, जिसकी वजह से तेजस्वी को बड़ा झटका मिला है.
परिवार में विवाद
इस चुनाव से पहले ही लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव विवादों के घेरे में आ गए, जिसके बाद पार्टी और घर दोनों जगहों से तेज प्रताप को निकाल दिया गया. इसके बाद तेज प्रताप ने अलग पार्टी बनाकर खुद चुनाव लड़े और कई प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा. इसने न सिर्फ तेज प्रताप की सीट पर असर डाला, बल्कि कई सीटों पर आरजेडी का खेल भी बिगड़ गया. परिवार में विवाद का असर समर्थकों पर भी दिखा. कहीं न कहीं, इस पारिवारिक कलह ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया.
लालू प्रसाद की चुनाव से दूरी
विधानसभा चुनाव के दौरान लालू प्रसाद यादव पूरी तरह से दूरी बनाए रहे. जहां उनके प्रचार न करने से समर्थक नाराज हुए, वहीं सत्ताधारी दल ने जंगलराज का जिक्र करते हुए तेजस्वी पर बार-बार निशाना साधा. इस ‘जंगलराज’ के ‘टैग’ से तेजस्वी पीछा नहीं छुड़ा सके.
सीट बंटवारा भी बनी वजह
महागठबंधन में अंतिम समय तक सीट बंटवारे को लेकर विवाद चलता रहा, जिसने आगे चलकर आरजेडी को नुकसान पहुंचाया. इस दौरान करीब 1 दर्जन सीटें ऐसी थीं जहां अंतिम समय तक नहीं विवाद हावी रहा.
तेजस्वी के वादों पर यकीन नहीं
तेजस्वी ने वादे तो बहुत किए लेकिन जनता ने यकीन नहीं किया. वहीं नीतीश कुमार की 10 हजार रुपए महिलाओं को देने की स्कीम लोगों को पसंद आ गई. तेजस्वी ने हर घर में एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया था. लेकिन, जनता ने शायद तेजस्वी के इस वादे पर यकीन नहीं किया.
नरेंद्र-नीतीश की जोड़ी लोगों को आई पसंद
रुझान बता रहे हैं कि बिहार में इस बार नीतीश-मोदी की जोड़ी सबको पसंद आई है. इस जोड़ी ने सीट बंटवारे से लेकर हर तरह के मतभेदों को दूर करने के साथ चुनावी रणनीति को अमली जामा पहनाने का काम किया. जहां पीएम मोदी ने भरोसा दिलाया कि डबल इंजन की सरकार रही तो बिहार में विकास होगा, वहीं नीतीश ने सुशासन की सरकार के साथ आगे बढ़ने का वादा दोहराया.
Bihar Election Counting live: बिहार में NDA की सुनामी, 200 सीटों पर बढ़त, महागठबंधन की निकली हवा, तेजस्वी भी पीछे
14 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती शुरू हो गई है, जिसके रुझान भी आने लगे हैं. बिहार के 243 विधानसभा सीटों के मतों की गिनती के लिए 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. जहां सबसे पहले 8 बजे से डाक मतपत्र की गिनती शुरू हुई. इसके बाद इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) के मतों की गिनती की जा रही है. बिहार की जनता ने किस पर भरोसा जताया है. कुछ ही देर बाद यह स्थिति साफ होने लगेगी
छपरा चुनाव 2025: खेसारी लाल यादव की चुनौती, छोटी कुमारी की बढ़त, छपरा सीट पर कड़ा मुकाबला...जानिए ताजा रुझान
14 Nov, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना सुबह से जारी है और छपरा सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां आरजेडी प्रत्याशी और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव और एनडीए उम्मीदवार छोटी कुमारी के बीच वोटों का फासला बेहद कम है। ताज़ा रुझानों में छोटी कुमारी 3,000 से अधिक वोटों की बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि खेसारी दूसरे स्थान पर हैं।
दिलचस्प बात यह है कि मतगणना के शुरुआती चरण में खेसारी लाल यादव आगे चल रहे थे, लेकिन अब बढ़त छोटी कुमारी के पास चली गई है। जन सुराज पार्टी के जय प्रकाश सिंह तीसरे नंबर पर बने हुए हैं। कुल मिलाकर मुख्य मुकाबला खेसारी बनाम छोटी कुमारी के बीच ही दिखाई दे रहा है।
चुनावी प्रचार के दौरान खेसारी लाल यादव ने एनडीए से लेकर सरकार की नीतियों पर जोरदार हमला बोला था। उन्होंने बार-बार कहा था कि पिछले 20 सालों में एनडीए सरकार के शासनकाल में बिहार में अपेक्षित विकास नहीं हुआ और युवा राज्य छोड़ने को मजबूर हैं। पहली बार चुनाव लड़ रहे खेसारी ने सोशल मीडिया, रोड शो और लोकप्रियता का भरपूर इस्तेमाल करके माहौल बनाने की कोशिश की।
छपरा सीट से निर्दलीयों को मिलाकर कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। यह सीट बीजेपी के लिए हमेशा से अहम रही है। 2010, 2015 और 2020—तीनों चुनावों में BJP ने यहां जीत दर्ज की है। इस बार पार्टी ने नया चेहरा उतारते हुए जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष छोटी कुमारी को टिकट दिया है, जो फिलहाल मजबूत स्थिति में दिख रही हैं।
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