बिहार-झारखण्ड
मनरेगा कर्मियों के लिए खुशखबरी: झारखंड में मानदेय में 30% बढ़ोतरी, लाइफ और एक्सीडेंट इंश्योरेंस भी मिलेगा
4 Dec, 2025 04:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मनरेगा कर्मियों के मानदेय में 30 फीसदी की वृद्धि होगी. ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मानदेय में बढ़ोतरी का निर्देश दिया है. दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा कर्मियों के लिए ग्रुप इंश्योरेंस, एक्सीडेंट इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस उपलब्ध कराने के लिए अलग से प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया. कर्मियों के ग्रेड-पे को लेकर भी विभाग को प्रस्ताव जल्द लाने को कहा है.
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि ग्रामीण जनता को रोजगार का अधिकार दिया है लेकिन उसकी मजबूती और निरंतरता सुनिश्चित करना भी सरकार की मुख्य प्राथमिकता है. दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा परिषद की बैठक में यह बातें कही.
मनरेगा के तहत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की अध्यक्षता में प्रदेश में मनरेगा के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई और आने वाले समय में इसके सशक्त क्रियान्वयन पर रणनीति भी तय की गई. इसके साथ ही मनरेगा कर्मियों के हित, योजनओं के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण रोजगार सशक्तिकरण पर व्यापक चर्चा की गई. बैठक में मंत्री हफीजुल हसन अंसारी सहित कई लोग शामिल हुए.
दीदी बाड़ी योजना से ग्रामीण महिलायें सशक्त हुईं
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि दीदी बाड़ी योजना के मजबूत होने से ग्रामीण महिलाओं को नई शक्ति मिली है. मनरेगा ने राज्य में रिकॉर्ड मैन-डेज निर्मित कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है.
उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा समृद्ध है लेकिन, कृषि की विशाल संभावनाओं को भी मनरेगा के माध्यम से सशक्त किया जा सकता है. राज्य के जल,जंगल और जमीन की सुरक्षा में मनरेगा एक अत्यंत प्रभावी अधिकार है और दिशा में भी जरूरी कदमों पर चर्चा हुई.
झारखंड शिक्षा में बड़ा बदलाव! सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ डिजिटल रिपोर्ट कार्ड, अब घर बैठे जानें बच्चे का परफॉर्मेंस, पढ़ें पूरी खबर!"
4 Dec, 2025 04:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा को पूरी तरह से हाई-टेक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य के 80 ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस’ में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डिजिटल रिपोर्ट कार्ड प्रणाली की शुरुआत की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अधिक व्यापक और पारदर्शी मूल्यांकन प्रदान करना है, जो अंततः राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
गिरिडीह के सर जेसी बोस स्कूल ऑफ एक्सीलेंस गर्ल्स में 5 दिसंबर, शुक्रवार को पहला डिजिटल रिपोर्ट कार्ड जारी किया जाएगा। स्कूल के प्राचार्य, मुन्ना प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि इस डिजिटल रिपोर्ट कार्ड में विद्यार्थियों के सबमिटिव असेसमेंट वन (SA-1) में प्राप्त अंकों का विस्तृत विवरण शामिल होगा। यह स्कॉलिस्टिक (शैक्षणिक) और को-स्कॉलिस्टिक (सह-शैक्षणिक) दोनों श्रेणियों में अंक प्रदान करेगा। रिपोर्ट कार्ड तैयार करने के लिए, टर्म वन की मासिक परीक्षा के 40% अंक और SA-1 के 60% अंकों को संयुक्त रूप से उपयोग किया गया है।
5 दिसंबर को स्कूल में आयोजित ‘ओपन हाउस’ के दौरान, इन डिजिटल रिपोर्ट कार्ड को प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे अभिभावक और शिक्षक एक साथ परिणामों को समझ सकेंगे। यह नई प्रणाली शिक्षकों के प्रति विद्यार्थियों और अभिभावकों की सोच को बदलने में भी सहायक सिद्ध होगी।
डिजिटल रिपोर्ट कार्ड में विद्यार्थियों के सह-शैक्षणिक क्रियाकलापों को भी महत्व दिया गया है। शिक्षकों द्वारा उपस्थिति, अनुशासन, जागरूकता, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, ललित कला, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व कौशल, रचनात्मक कौशल जैसे 10 बिंदुओं पर ग्रेडिंग की गई है। इन ग्रेडिंग्स को चार भागों – A, B, C, और D में आवंटित किया जाएगा, जो विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक स्पष्ट चित्र प्रस्तुत करेगा। इस पूरी डिजिटलीकरण प्रक्रिया को स्कूल के शिक्षकों द्वारा ही पूरा किया गया है, जो सरकारी शिक्षकों की प्रतिबद्धता और क्षमता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्राचार्य कुशवाहा ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि इन रिपोर्ट कार्ड को ई-विद्यावाहिनी पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है।
बिहार चुनाव हार के बाद कांग्रेस में घमासान, कार्यकर्ताओं ने आलाकमान पर लगाए गंभीर आरोप
4 Dec, 2025 03:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद Congress Bihar Election Loss का मुद्दा अब अंदरूनी घमासान में बदल गया है। रायपुर और दिल्ली दोनों जगहों पर स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने खुलकर पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि AICC में बैठे कई वरिष्ठ नेता जमीनी हकीकत से कट चुके हैं और जिम्मेदारी मिलने के बाद पुराने कार्यकर्ताओं से अभद्र व्यवहार करते हैं। कई नेताओं पर गाली-गलौज और गुंडई तक करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप टिकट वितरण को लेकर हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिहार चुनाव में ऐसे नेताओं को टिकट दिए गए जिनकी स्थानीय स्तर पर कोई पकड़ नहीं थी। आरोप है कि टिकटों का चयन योग्यता के बजाय पैसों के आधार पर हुआ, जिससे पार्टी की विश्वसनीयता और चुनावी स्थिति दोनों को नुकसान पहुंचा। जब जमीनी कार्यकर्ता ही उम्मीदवारों को स्वीकार नहीं कर रहे थे, तो जनता का समर्थन मिलना मुश्किल था।
बिहार में चुनावी प्रबंधन के लिए भेजे गए पर्यवेक्षकों और प्रभारियों के खिलाफ भी कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। कई कार्यकर्ता यह तक कह रहे हैं कि आलाकमान की गलत रणनीति और जमीनी स्तर पर संवादहीनता के कारण यह "शर्मनाक हार" हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके समर्थकों के खिलाफ भी लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं।
बिहार के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यह खुला विरोध अब राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन गया है। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आशंका है कि यह असंतोष अन्य राज्यों के संगठन तक भी पहुंच सकता है। कुल मिलाकर, Congress Bihar Election Loss पार्टी के आंतरिक संकट को और गहरा कर रहा है, जिसकी गूंज आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
यूपी SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस हमलावर, लेकिन 17 जिलों में नहीं बनाए बूथ लेवल एजेंट
4 Dec, 2025 03:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
UP SIR : प्रक्रिया इस समय देश के 12 राज्यों में चल रही है और निर्वाचन आयोग ने हाल ही में इसकी अंतिम तारीख बढ़ाकर 11 दिसंबर कर दी है। इस बीच SIR को लेकर राजनीतिक घमासान तेज है। विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आयोग पर 'वोट चोरी' के आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी कई बार चुनाव आयोग और भाजपा पर SIR के बहाने हमलावर रहे हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिस SIR मुद्दे को कांग्रेस जोर-शोर से उठा रही है, उसी प्रक्रिया के लिए पार्टी ने UP SIR के तहत यूपी के 17 जिलों में बूथ लेवल एजेंट (BLA) ही नियुक्त नहीं किए हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 1.62 लाख पोलिंग बूथ हैं। भाजपा ने 98.37% BLAs नियुक्त किए हैं, सपा के पास 87.46%, बसपा के पास 85% BLAs हैं, जबकि कांग्रेस मात्र 49,121 BLAs के साथ 30% पर ही ठहरी हुई है। कांग्रेस ने सहारनपुर, शाहजहांपुर, शामली, सुल्तानपुर, बलिया, भदोही, मऊ, बहराइच, प्रयागराज, आंबेडकरनगर, हमीरपुर, कन्नौज, कानपुर देहात, कौशांबी, औरेया और संत कबीर नगर जैसे 17 जिलों में एक भी BLA नियुक्त नहीं किया है।
बूथ लेवल एजेंट SIR प्रक्रिया में बेहद अहम भूमिका निभाते हैं। वे मतदाता सत्यापन, लिस्ट अपडेट और पार्टी हितों की रक्षा के लिए मतदाता सूची के हर बदलाव पर नजर रखते हैं। बावजूद इसके, कांग्रेस इस मोर्चे पर काफी पीछे दिखाई देती है। हालांकि ललितपुर, चित्रकूट, अमेठी, बदायूं, पीलीभीत और श्रावस्ती जैसे जिलों में पार्टी ने 100% BLAs नियुक्त किए हैं।
कांग्रेस का यह हाल तब है जब वह लगातार चुनाव आयोग पर SIR को लेकर सवाल उठा रही है और भाजपा पर सांठगांठ के आरोप लगा रही है। लेकिन यूपी में पार्टी का संगठनात्मक ढांचा कमजोर होने से SIR जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भी उसका प्रदर्शन कमजोर नजर आता है। यह स्थिति कांग्रेस के लिए आने वाले चुनावों में बड़ी चुनौती बन सकती है।
झारखंड: संत कोलम्बस अस्पताल का बड़ा कदम! 1323 लोगों को मिला मुफ्त इलाज, जानें कैसे हुआ संभव?
4 Dec, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हजारीबाग के संत कोलम्बस मिशन हास्पिटल द्वारा आयोजित दो दिवसीय निशुल्क स्वास्थ्य मेले का सफल समापन बुधवार को हुआ। इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 1323 जरूरतमंदों का विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मुफ्त उपचार किया गया। पहले दिन 651 और दूसरे दिन 672 लोगों ने इस निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाया।
इस स्वास्थ्य मेले में विभिन्न प्रकार की निःशुल्क सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें डॉक्टर परामर्श, बी.पी. जांच, कैंसर स्क्रीनिंग, मुफ्त दवा वितरण, दंत जांच, नेत्र जांच, शुगर एवं हीमोग्लोबिन जांच, न्यूरोलॉजिस्ट परामर्श शामिल थे। इसके अतिरिक्त, अल्ट्रासाउंड और अन्य जांचों पर भी भारी छूट दी गई। मेले में उपस्थित सभी जरूरतमंदों को एक समय का भोजन भी उपलब्ध कराया गया।
बड़ी संख्या में बच्चों, महिलाओं और पुरुषों ने इस स्वास्थ्य मेले का भरपूर लाभ उठाया। अस्पताल के संचालक, डॉ. प्रवीण श्रीनिवास ने इस पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य मेला समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने जोर दिया कि आर्थिक तंगी के कारण कई लोग समय पर अपनी स्वास्थ्य जांच और उपचार नहीं करा पाते। मिशन हास्पिटल ऐसे शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक करने और उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।
डॉ. श्रीनिवास ने स्वास्थ्य मेले के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य ज़रूरतमंदों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और शहर तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक करना है। इस पुनीत कार्य में संत कोलम्बस मिशन हास्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. जे.के. आर्य, डॉ. ए.एन. सिंह, डॉ. सचिन कुमार गुप्ता, डॉ. मिताली सोरेन, डॉ. पूजा बैरवा, डॉ. शिखा खंडेलवाल, डॉ. बीरेंद्र कुमार, डॉ. राहुल रंजन, डॉ. आदर्श खंडेलवाल, डॉ. रंजीत कुमार और डॉ. रिंकी यादव सहित सभी स्वास्थ्य कर्मियों ने सराहनीय योगदान दिया।
झारखंड Weather: क्या आपके शहर में भी पड़ेगी पाला? 5 और 6 दिसंबर को तापमान गिरने का अलर्ट, फटाफट चेक करें मौसम अपडेट
4 Dec, 2025 09:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में एक बार फिर सर्दी ने जोर पकड़ लिया है। रांची और आसपास के जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। बुधवार को कई जगहों पर रात का तापमान 10–11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रांची के कांके और मैक्लुस्कीगंज में पारा गिरकर 7 डिग्री पहुंच गया। तापमान में इस अचानक गिरावट से सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है।
मौसम केंद्र रांची ने 4 दिसंबर से आसमान साफ रहने की संभावना जताई है और अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 3–4 डिग्री तक की और गिरावट की उम्मीद है। विभाग ने 5 और 6 दिसंबर के लिए Cold Wave Alert (येलो अलर्ट) जारी किया है। इस दौरान रांची का रात का तापमान 8 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है, जिससे ठंड का असर और तेज होने की संभावना है।
शीतलहर की चेतावनी झारखंड के कई जिलों में जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में 5–6 दिसंबर को शीतलहर चल सकती है। इन जिलों में अचानक तापमान गिरने और सुबह घना कोहरा छाए रहने की संभावना बनी हुई है। राज्य के अन्य जिलों में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन 9 दिसंबर तक सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा।
बढ़ती ठंड को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने अलाव व्यवस्था शुरू कर दी है। उपायुक्त मंजूनाथ भतंत्री ने सभी प्रखंडों में अलाव उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि जरूरतमंद और बेसहारा लोगों को राहत मिल सके। बुधवार को रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 23–24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं डालटनगंज में भी पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले दो से तीन दिनों में तापमान और तेजी से गिरेगा और ठंड का प्रभाव और बढ़ेगा।
क्या HEC रांची सच में बंद हो रहा था? सरकार का बड़ा बयान- 'नहीं होगा बंद', जानें क्या है कंपनी को बचाने का मास्टर प्लान?
4 Dec, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रांची स्थित हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (HEC) से जुड़ी बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने HEC को उन उपक्रमों की सूची से बाहर कर दिया है, जिन्हें बंद करने या विनिवेश के लिए चिन्हित किया गया था। यह फैसला 13 नवंबर को लोक उद्यम विभाग की महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया गया।
इससे पहले CGO ने 8 फरवरी 2023 को HEC को 18 केंद्रीय उपक्रमों में शामिल कर बंद करने की अनुशंसा की थी। लेकिन अब नए निर्णय ने कर्मचारियों और प्रबंधन को राहत दी है तथा कंपनी के पुनरुद्धार की उम्मीद मजबूत की है।
HEC को बड़ा सहारा: राज्य सरकार खरीदेगी 500 एकड़ जमीन
HEC प्रबंधन ने बताया कि कंपनी को बंद करने के बजाय उसे फिर से खड़ा करने की दिशा में काम शुरू हो गया है। राज्य सरकार ने स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए HEC की 500 एकड़ जमीन खरीदने का प्रस्ताव दिया है।
सीठियो, हटिया और जहर तालाब इलाके में जमीन की पहचान हो चुकी है और जल्द ही प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद तीन महीने के भीतर जमीन बिक्री की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इससे HEC को लगभग 5,000 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे।
HEC के पास 550 करोड़ से अधिक के वर्क ऑर्डर
वर्तमान में HEC के पास NMDC, ACL, BHEL हरिद्वार-हैदराबाद, बोकारो स्टील और CCL सहित कई संस्थानों से 550 करोड़ रुपये से ज्यादा के वर्क ऑर्डर हैं।
सिर्फ बोकारो स्टील प्लांट से 33 करोड़ का ऑर्डर मिला है, और आने वाले महीने में और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
लगातार घाटे के बावजूद सुधार के संकेत
वित्तीय वर्ष 2024-25 में HEC को 226 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। छह साल के लगातार घाटे, मशीनों की खराब स्थिति और वेतन संकट ने उत्पादन को प्रभावित किया था।
लेकिन HEC श्रमिक संघ के अध्यक्ष सन्नी सिंह के अनुसार पिछले एक वर्ष में कर्मचारियों को नियमित वेतन मिल रहा है और सभी प्लांट सक्रिय हैं।
पुनरुद्धार की दिशा में बड़ा कदम
HEC को जमीन बिक्री से मिलने वाले 5,000 करोड़ रुपये से कंपनी 2,067 करोड़ की देनदारियां समाप्त करेगी, आधुनिक मशीनें खरीदेगी और उत्पादन क्षमता बढ़ाएगी।
रक्षा राज्य मंत्री और रांची सांसद संजय सेठ ने कहा कि
“HEC किसी भी कीमत पर बंद नहीं होगा। केंद्र और राज्य सरकार के बीच सकारात्मक बातचीत जारी है।”
HEC के इस पुनरुद्धार प्रयास से यह उम्मीद मजबूत हो गई है कि जल्द ही यह देश के अग्रणी औद्योगिक संस्थानों में अपनी जगह फिर से बना लेगा।
धनबाद गैस ट्रेजेडी: महिला की मौत, दर्जनभर बीमार! जानें क्या है कार्बन मोनो मोनोऑक्साइड लीक का कारण और कैसे करें बचाव?
4 Dec, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद। केंदुआ चिल्ड्रन पार्क के पास राजपूत बस्ती में बुधवार सुबह एक बड़ा हादसा घटा, जब बंद पड़ी भूमिगत कोलियरी से जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के रिसाव ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। इस घटना में 28 वर्षीय प्रियंका देवी की मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं।
जानकारी के अनुसार प्रियंका देवी रात में अपने कमरे में सोई थीं। सुबह दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़ा और उन्हें बेहोश पाया। उनके शरीर में ठंडक थी और मोबाइल में 63 मिस्ड कॉल मिले। बताया जा रहा है कि वह एक दिन पहले ही लखीसराय से शादी समारोह में शामिल होकर लौटी थीं।
गैस लीक का असर लगभग 40 घरों पर पड़ा है। अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोग बीमार पाए गए हैं, जिनमें बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। प्रभावित लोगों में उल्टी, दस्त, कंपकंपी और चक्कर आने जैसे लक्षण देखे गए हैं। जय पंडित (2), अर्चना कुमारी (16), मेघा कुमारी (14), सोनाली शर्मा, पिंकी शर्मा, संगीता शर्मा और मोहम्मद कासिम सहित कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बीसीसीएल प्रबंधन ने पुष्टि की है कि बंद पड़ी केंदुआडीह कोलियरी के 13 और 14 नंबर सिम से गैस रिसाव हो रहा है। लगभग 400 फीट का क्षेत्र फिलहाल प्रभावित बताया जा रहा है। प्रशासन और बचाव दल लोगों से घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं।
इमरजेंसी इंतजाम के तहत दो स्थानों पर तंबू लगाए गए हैं, जहां 15–20 परिवारों को अस्थायी रूप से ठहराया जा रहा है। साथ ही सभी को दरवाजे और खिड़कियां खुले रखने की सलाह दी गई है ताकि घरों के अंदर गैस जमा न हो सके।
स्थानीय प्रशासन, मेडिकल टीम और BCCL की तकनीकी टीम हालात पर नजर बनाए हुए है और रिसाव को रोकने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह घटना धनबाद की सुरक्षा व्यवस्था और बंद पड़ी कोलियरियों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
झारखंड राजभवन का नाम बदलने पर सियासत शुरू? जानें 'लोक भवन' नाम रखने के पीछे क्या है सरकार की रणनीति
3 Dec, 2025 01:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय के बाद झारखंड राजभवन का नाम आधिकारिक रूप से बदल दिया गया है। अब रांची और दुमका स्थित राजभवन ‘लोक भवन’ के नाम से जाना जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के आधार पर यह अधिसूचना 3 दिसंबर को राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी द्वारा जारी की गई, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने देशभर के सभी राज्यों में राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन करने का निर्देश दिया है। वहीं केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय को अब लोक निवास कहा जाएगा। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता के प्रतीक पुराने नामों को बदलकर लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देना है।
ब्रिटिश काल से चला आ रहा था ‘गवर्नर हाउस’ नाम
ब्रिटिश शासन के दौरान राजभवन को गवर्नर हाउस कहा जाता था, और राज्य गठन के बाद भी यह परंपरा जारी रही। झारखंड के रांची स्थित राजभवन की बात करें तो इसका निर्माण वर्ष 1930 में शुरू हुआ और मार्च 1931 में लगभग 7 लाख रुपये की लागत से इसे तैयार किया गया। इस भवन को ब्रिटिश वास्तुकार सैडलो बैलर्ड ने डिजाइन किया था।
62 एकड़ में फैले राजभवन परिसर में से 52 एकड़ मुख्य भवन क्षेत्र और 10 एकड़ में ऑड्रे हाउस स्थित है। भवन की संरचना ब्रिटिश डिज़ाइन पर आधारित है, लेकिन इसे स्थानीय मौसम और जलवायु के अनुकूल बनाया गया है। गर्मी से बचाव के लिए छत पर डबल रानीगंज टाइलों का उपयोग किया गया है, जबकि फर्श, बैठक कक्ष और दरबार हॉल सागौन की लकड़ी से निर्मित हैं।
राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन किए जाने से राज्य के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है, जो भारतीयता और लोकतांत्रिक भावना को मजबूत करने का प्रयास है।
बरही में कार डिवाइडर से टकराई, 3 की मौत से हड़कंप, अगर इस रूट से गुजरना है तो पहले पढ़ लें ये खबर
3 Dec, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Barhi Accident: झारखंड के बरही थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह गांगटाही पुल के पास एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। पश्चिम बंगाल के कुल्टी इलाके से आ रही एक स्विफ्ट कार अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। कार में कुल 10 लोग सवार थे।
मृतकों में एक महिला, एक पुरुष और एक बच्चा शामिल हैं। जिनकी पहचान पूनम देवी (पति: श्रीनाथ यादव), जय भगवान यादव (पिता: श्रीनाथ यादव) और अंशिका कुमारी के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल हुए लोगों में ज्योति कुमारी (24), शुभम यादव (6), अभिराज यादव (10), मृत्युंजय यादव (8), धर्मेंद्र यादव (35) और कौशल्या देवी शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, Barhi Accident का कारण कार चालक को झपकी आ जाना बताया गया है। अचानक आई झपकी के बाद वाहन अनियंत्रित हुआ और तेज रफ्तार में सीधे डिवाइडर से जा टकराया। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।
घटना की जानकारी मिलते ही SDPO अजीत कुमार विमल और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। SDPO ने पुष्टि की कि तीन लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। सभी घायलों को हायर सेंटर भेजा गया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
RIMS MBBS Admission: छात्रा काजल के नामांकन रद्द होने से हड़कंप! अगर आपके पास भी है फर्जी सर्टिफिकेट तो पढ़ लें ये खबर
3 Dec, 2025 01:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची के रिम्स में MBBS प्रथम वर्ष (सत्र 2025–26) की छात्रा सुश्री काजल का नामांकन फर्जी प्रमाण पत्र मामले में रद्द कर दिया गया है। संस्थान की जांच में यह स्पष्ट साबित हुआ कि छात्रा ने प्रवेश प्रक्रिया के दौरान गलत दस्तावेज प्रस्तुत किए थे। रिम्स प्रशासन ने 20 नवंबर 2025 को उसे निलंबित किया था और 1 दिसंबर 2025 को उसका एडमिशन आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया।
फर्जीवाड़े की जांच कैसे शुरू हुई
नियमित दस्तावेज सत्यापन के दौरान संदेह तब गहरा हुआ जब रिम्स ने पाया कि छात्रा के NEET UG 2025 एडमिट कार्ड व स्कोरकार्ड में श्रेणी OBC–NCL (सेंट्रल लिस्ट) दर्ज है, जबकि उसने प्रवेश SC श्रेणी (JCECE रैंक 01) के आधार पर लिया था। जब मूल एडमिट कार्ड की प्रति मांगी गई, तो छात्रा ने इसे “गुम” होने का हवाला दिया। इसके बाद रिम्स ने दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की।
जांच में क्या सामने आया
रिम्स ने 13 अक्टूबर 2025 को JCECE बोर्ड और CO गिरिडीह से छात्रा के जाति प्रमाण पत्र की जांच कराई। रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि प्रस्तुत SC प्रमाण पत्र असली नहीं है। साथ ही छात्रा द्वारा दाखिल वंशावली और श्रेणी संबंधी दस्तावेज भी गलत पाए गए। रिम्स समिति ने सभी साक्ष्यों की समीक्षा के बाद पुष्टि की कि यह प्रवेश जानबूझकर किए गए फर्जीवाड़े का मामला है।
नामांकन रद्द, अब क्या होगा आगे
रिम्स प्रबंधन ने छात्रा का नामांकन रद्द करते हुए यह मामला NMC (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) को भेज दिया है, ताकि अभिलेखों से उसका नाम हटाया जाए। वहीं JCECE बोर्ड को पत्र भेजकर कहा गया है कि SC श्रेणी में रिक्त हुई सीट पर अगली पात्र अभ्यर्थी को मौका दिया जाए।
संस्थान का बयान
रिम्स ने कहा कि पारदर्शिता और मेरिट आधारित एडमिशन प्रक्रिया से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी उपलब्ध तथ्य और प्रमाणों की गहन जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया है।
झारखंड: रांची में फिर शर्मसार करने वाली घटना, मासूमों के साथ दरिंदगी के मामले सामने, सुरक्षा पर उठे सवाल
3 Dec, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची से शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है. मुरी ओपी थाना क्षेत्र में एक 7 साल की बच्ची के साथ 25 वर्षीय भरत चंद्र महतो ने दुष्कर्म किया. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेज दिया. मेडिकल जांच के लिए पीड़िता को सदर अस्पताल भेजा गया है.
बच्ची को अकेला पाकर किया दुष्कर्म
मुरी ओपी प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि घटना सोमवार दोपहर की है. जब बच्ची के माता- पिता मजदूरी करने रांची गए थे तब बच्ची घर में अकेली थी. इसको देखते हुए आरोपी दोपहर को बच्ची को घर के पास एक सुनसान स्थान पर ले गया और उसका रेप किया. देर शाम बच्ची के माता- पिता अपने काम से वापस घर लौटे तो बच्ची ने रोते हुए मां को इस घटना की पूरी जानकारी दी. इसके बाद मां ने बिना देर किए मुरी ओपी में आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया. पुलिस छानबीन कर रही है. इस घटना को लेकर आसपास के लोगों ने आक्रोश जताया है.
बेड़ो में नाबालिगों ने की दुष्कर्म की कोशिश
बेड़ो थाना क्षेत्र से भी दुष्कर्म की कोशिश का मामला सामने आया है. बताया जाता है कि मंगलवार को सुबह करीब 10 बजे 5 साल की मासूम शौच के लिए खेतों में गई थी, तभी वहां मौजूद 2 नाबालिगों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की और मारपीट भी किया. पीड़िता के पिता ने नाबालिगों के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है.
पीड़िता के पिता ने प्राथमिकी में बताया कि उनकी बेटी घर के पास वाले गढ्ढे में शौच करने गयी थी. तभी पास के गांव के 2 नाबालिग लड़कों ने बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया और मारपीट भी की. बच्ची ने घर पहुंचकर अपनी मां को इस घटना के बारे बताया. मां जब बच्ची को लेकर घटनास्थल पर पहुंची तो वहां उन्होंने दोनों को वहां देखा. मां को देखते ही दोनों भागकर अपने घर में छिप गए. बेड़ो पुलिस दोनों नाबालिग को थाने ले आई और पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए रांची के सदर अस्पताल भेजा.
झारखंड मौसम समाचार: इन जिलों में 4°C तक गिरेगा तापमान, रांची में घने कोहरे के आसार, देखें पूर्वानुमान
2 Dec, 2025 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Weather Update: झारखंड में सर्दी एक बार फिर तेजी पकड़ने वाली है। रांची समेत कई जिलों में इस हफ्ते न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक गिरावट दर्ज हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बुधवार से ठंड और बढ़ेगी, खासकर सुबह और रात के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस होगी। इसके साथ ही कोहरा और हल्की धुंध लोगों की दिक्कतें बढ़ा सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार रांची, पलामू, सिमडेगा, चतरा, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग, लातेहार, गुमला, कोडरमा, लोहरदगा और खूंटी में तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी। शहरी इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 से 6 डिग्री, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
पिछले पांच वर्षों के तापमान रिकॉर्ड बताते हैं कि दिसंबर माह में रांची का सबसे कम पारा 2021 में 5.8°C दर्ज किया गया था। इसके बाद 2022 में 8.5°C, 2023 में 8°C और 2024 में 7.6°C तापमान दर्ज किया गया। इस बार भी तापमान में गिरावट तो होगी, लेकिन रिकॉर्ड जैसे स्तर तक जाने की उम्मीद कम है।
झारखंड मौसम विभाग के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि इस बार La Niña कमजोर है, इसलिए राज्य में कड़ाके की ठंड की संभावना कम है। साथ ही दितवाह तूफान का असर भी घट रहा है। सोमवार को कई इलाकों में बादल छाए रहे, लेकिन 2 दिसंबर से आसमान साफ होने की उम्मीद है।
आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी सर्द हवाएं और मजबूत होंगी। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह-शाम गर्म कपड़ों का उपयोग बढ़ाएं और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। झारखंड में सर्दी का असर अगले कुछ दिनों में और गहरा सकता है।
JAC बोर्ड परीक्षा: 8वीं, 9वीं और 11वीं के छात्र ध्यान दें! इस साल JAC लेगा परीक्षा, अगले सेशन से बड़ा बदलाव
2 Dec, 2025 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
JAC Will Conduct Class 8, 9 and 11 Exams This Year — झारखंड में आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षाओं को लेकर पिछले कई हफ्तों से चल रहा विवाद आखिरकार खत्म हो गया है। सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह स्पष्ट कर दिया गया कि इस वर्ष तीनों कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ही आयोजित करेगा। वहीं अगले शैक्षणिक सत्र से परीक्षा आयोजन की पूरी जिम्मेदारी JCERT को सौंप दी जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह ने की। बैठक में शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, जेसीईआरटी के निदेशक शशि रंजन और जैक के चेयरमैन डॉ. नटवा हांसदा मौजूद थे। बैठक में जैक ने तर्क दिया कि परीक्षा की तैयारियां पहले ही पूरी हो चुकी हैं, इसलिए विद्यार्थियों के हित में इस बार परीक्षाओं का आयोजन JAC द्वारा ही किया जाना चाहिए। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
बैठक के दौरान शिक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि सामान्यतः किसी भी राज्य में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित की जाती है, जबकि अन्य कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं शिक्षा विभाग या संबद्ध शैक्षणिक संस्थान आयोजित करते हैं। इसी आधार पर अगले सत्र से 11वीं तक की सभी परीक्षाएं JCERT द्वारा कराई जाएंगी। यह बदलाव परीक्षा प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित और मानकीकृत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
विकास आयुक्त ने JAC को सख्त निर्देश दिया कि इस वर्ष 8वीं, 9वीं और 11वीं की परीक्षाओं का परिणाम 31 मार्च तक हर हाल में जारी कर दिया जाए, ताकि छात्रों के नए सत्र में प्रवेश में कोई देरी न हो। यह निर्णय छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, खासकर उस समय जब परीक्षा जिम्मेदारी को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
साहिबगंज अवैध खनन: ED ने 1000 करोड़ Scam में 11 को भेजा समन! रांची में पूछताछ तेज, कई बड़े नाम सामने आएंगे?
2 Dec, 2025 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sahibganj Illegal Mining Case में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। साहिबगंज में करीब 1000 करोड़ रुपए के अवैध खनन रैकेट की जांच को तेज करते हुए ईडी ने इस मामले से जुड़े 11 लोगों को समन भेजा है। तलब किए गए लोगों में साहिबगंज के माइनिंग अफसर, कई खनन कारोबारी, ठेकेदार और बरहेट, राजमहल, मिर्जा चौकी तथा बड़हरवा क्षेत्र के व्यवसायी शामिल हैं। सभी को रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
यह मामला कांड संख्या 85/2020 के आधार पर शुरू हुआ था। इसी आधार पर ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। अब तक एजेंसी अदालत में 30 जून 2025 तक पांच पूरक चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
जांच में यह सामने आया है कि साहिबगंज क्षेत्र में एक संगठित खनन सिंडिकेट सक्रिय था, जो अवैध खनन, परिवहन, जबरन वसूली और खनन कारोबार पर दबदबा बनाकर करोड़ों की कमाई कर रहा था। कारोबारियों पर दबाव बनाकर पैसे वसूले जाते थे। यही कारण है कि Sahibganj Illegal Mining Case की तह तक पहुंचने के लिए ईडी लगातार नए नामों की जांच कर रही है।
जांच में यह भी उजागर हुआ कि साहिबगंज-मनिहारी नौका सेवा के 8.52 करोड़ रुपए के टेंडर में भारी गड़बड़ी हुई। इस अवैध संचालन में दाहू यादव की बड़ी भूमिका बताई गई है। उसकी कंपनी ‘मेसर्स रायदव ट्रांसपोर्टेशन’ का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता था। कंपनी के खातों में मिले 63.39 लाख रुपए ईडी ने फ्रीज कर दिए हैं।
अब तक ईडी करोड़ों की संपत्तियां जब्त कर चुकी है, जिनमें 3.49 करोड़ नकद, एक जहाज (एम.वी. इंफ्रालिंक-III), 5 स्टोन क्रशर, दो टिपर ट्रक और 2.47 करोड़ रुपए बैंक खातों में शामिल हैं। एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के बाद इस बड़े अवैध खनन रैकेट से जुड़े और नाम भी सामने आ सकते हैं।
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