बिहार-झारखण्ड
रांची एयरपोर्ट पर 'हवाई संकट': Indigo की 12 फ्लाइट्स रद्द! टिकट के दाम 5 गुना बढ़े, तुरंत चेक करें अपनी यात्रा, वरना फंस जाएंगे
6 Dec, 2025 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर शुक्रवार का दिन यात्रियों के लिए बेहद कठिन साबित हुआ। इंडिगो एयरलाइंस द्वारा अचानक कई उड़ानें रद्द और देर से संचालित किए जाने के कारण हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। ऑपरेशनल कारणों का हवाला देते हुए इंडिगो ने 12 उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि 6 फ्लाइट्स घंटों की देरी से उड़ान भरीं।
इस अप्रत्याशित बदलाव के चलते यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई लोग शादी समारोह, इंटरव्यू, बच्चों की परीक्षा और मेडिकल जरूरतों के लिए यात्रा पर जा रहे थे, लेकिन अचानक फ्लाइट रद्द होने से उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया।
Key Highlights
इंडिगो की 12 फ्लाइट्स रद्द, 6 उड़ानें घंटों लेट
यात्रियों की परेशानी बढ़ी, कई की शादी, परीक्षा और मेडिकल अपॉइंटमेंट छूटे
एयरपोर्ट पर हवाई किराया 12–13 गुना तक बढ़ा
Ranchi–Kolkata किराया ₹4,000 से बढ़कर ₹55,117
नाराज यात्रियों ने Indigo काउंटर पर हंगामा किया
Ranchi Airport Chaos: चार हजार वाला टिकट 55 हजार तक पहुंचा
इंडिगो की उड़ानें रद्द होते ही अन्य एयरलाइंस के टिकटों की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला। सामान्य दिनों में 4–5 हजार रुपये में मिलने वाले टिकट अचानक 50 हजार रुपये से ऊपर पहुंच गए।
शनिवार को इन रूटों पर दिखी सबसे ज्यादा तेजी:
रूट
किराया (₹)
रांची–कोलकाता
55,117
रांची–दिल्ली
24,999
रांची–मुंबई
48,549
रांची–चेन्नई
43,482
रांची–पटना
40,662
रांची–बेंगलुरु
53,011
रांची–भुवनेश्वर
44,284
यात्रियों ने इसे एयरलाइंस द्वारा जरूरत के समय किराया बढ़ाने की “बड़ी चूक” बताया।
Ranchi Airport Chaos: एयरपोर्ट पर हंगामा, लंबी कतारें
फ्लाइट कैंसिलेशन की घोषणा के बाद इंडिगो के टिकट काउंटर पर भीड़ अचानक बढ़ गई।
यात्री रिफंड,
वैकल्पिक फ्लाइट रीबुकिंग,
और यात्रा पुनर्निर्धारण की मांग करने लगे।
JPSC का बड़ा धमाका: फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर PT रिजल्ट आउट! मुख्य परीक्षा के लिए 2405 सेलेक्ट, यहां देखें पूरी मेरिट लिस्ट
6 Dec, 2025 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
JPSC Forest Range Officer Result: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने फॉरेस्ट रेंज अफसर (Forest Range Officer) के 170 पदों के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा (PT) का परिणाम शुक्रवार देर शाम जारी कर दिया है। कुल 2405 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए योग्य घोषित किया गया है। इस भर्ती के लिए विज्ञापन 25 जुलाई 2024 को जारी हुआ था। पहले परीक्षा 22 सितंबर 2024 को होनी थी, लेकिन प्रशासनिक कारणों से इसे स्थगित कर दिया गया। बाद में यह परीक्षा 29 जून 2025 को रांची के 50 केंद्रों पर आयोजित की गई, जिसमें लगभग 14 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए।
परीक्षा समाप्त होने के बाद JPSC Forest Range Officer Result प्रक्रिया के तहत मॉडल आंसर 3 जुलाई 2025 को जारी कर दिया गया था। अभ्यर्थियों की आपत्तियों के बाद आयोग ने 26 अगस्त, 10 अक्टूबर, 13 अक्टूबर और 11 नवंबर 2025 को उत्तर कुंजी में संशोधन किए। परीक्षा के दिन कुछ केंद्रों पर बायोमैट्रिक उपस्थिति को लेकर विरोध भी देखने मिला, लेकिन अब रिजल्ट जारी होने के बाद अभ्यर्थियों में उत्साह देखा जा रहा है।
अब चयनित उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा की तैयारी पर फोकस करना होगा। मुख्य परीक्षा 22, 23 और 24 जनवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। इसके बाद फिजिकल टेस्ट, मेडिकल टेस्ट और इंटरव्यू आयोजित होंगे। अंतिम मेरिट लिस्ट इन सभी चरणों के अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।
मुख्य परीक्षा में सामान्य हिंदी और सामान्य अंग्रेजी दो क्वालिफाइंग विषय होंगे, प्रत्येक 50 अंकों के। इसके अलावा सामान्य अध्ययन 100 अंक का होगा, जबकि वैकल्पिक विषयों के दो पेपर 200-200 अंक के होंगे। भाषा विषयों को छोड़कर बाकी पेपर हिंदी या अंग्रेजी, दोनों में लिखे जा सकते हैं।
JSSC Update: सहायक आचार्य भर्ती में 157 नए सफल अभ्यर्थी, विभाग ने जारी किया संशोधित परिणाम, यहां देखें पूरी लिस्ट
6 Dec, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
JSSC Result Update: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने इंटर प्रशिक्षित सहायक आचार्य भर्ती परीक्षा का संशोधित अतिरिक्त परिणाम जारी कर दिया है। इस नए अपडेट में कुल 157 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है। आयोग के अनुसार, यह सुधार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और विभागीय आदेशों के अनुरूप किया गया है, क्योंकि पहले घोषित परिणाम में तकनीकी त्रुटियां और आरक्षण समायोजन से जुड़ी विसंगतियां पाई गई थीं।
आयोग ने बताया कि JSSC Result Update के तहत कई अभ्यर्थियों का वर्ग परिवर्तन आरक्षण नियमों के आधार पर किया गया है। पहले जिन उम्मीदवारों को अनारक्षित श्रेणी में रखा गया था, उन्हें J-TET में मिले आरक्षण लाभ के अनुसार उनकी मूल श्रेणी में शामिल किया गया है। इसी तरह पारा शिक्षक श्रेणी के अभ्यर्थियों को, जिन्होंने आयु सीमा में छूट ली थी, अनारक्षित सूची से हटाकर उनके संबंधित आरक्षण वर्ग में समायोजित किया गया है।
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में परिणाम और जिला आवंटन में और बदलाव संभव हैं। झारखंड हाईकोर्ट में लंबित बहादुर महतो बनाम राज्य सरकार और डमरूधर साहू केस के अंतिम निर्णय के आधार पर चयन सूची में और फेरबदल किया जा सकता है। इससे कुछ अभ्यर्थियों के जिले बदल सकते हैं या उनकी चयन स्थिति में परिवर्तन संभव है।
इसके अलावा, कुछ उम्मीदवारों का परिणाम अभी लंबित रखा गया है। उनके दस्तावेजों में स्पष्टता न होने, या विभागीय निर्देशों के अभाव में परिणाम अस्थायी रूप से रोका गया है। जैसे ही आवश्यक दस्तावेज जमा होंगे या नए निर्देश प्राप्त होंगे, उन अभ्यर्थियों के परिणाम में भी संशोधन किया जाएगा।
झारखंड : झामुमो सरकार पर बीजेपी का हमला...PESA नियमों पर आदिवासियों को गुमराह करने का आरोप, जानें आज का सियासी अपडेट
5 Dec, 2025 04:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजेपी ने झामुमो पर PESA कानून पर आदिवासियों से झूठा वादा करने का आरोप लगाया. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झामुमो पर चुनाव जीतने के लिए पेसा कानून को लेकर झूठा वादा करने का आरोप लगाया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पेसा नियमावली लागू करने के लिए हाईकोर्ट से और वक्त मांगना हेमंत सरकार की निर्लज्जता का परिचायक है.
उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार शपथ पत्र में नियमावली के बारे में कोई जानकारी नहीं दे रही है. यह भी नहीं बताया कि नियमावली किस चरण में है. सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए आदिवासियों और ग्रामीणों की भावना का फायदा उठाया गया है.
कोर्ट के आदेश की अवहेलना सरकार की आदत!
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि पिछले साल ही हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पेसा कानून लागू करने को कहा था, लेकिन राज्य सरकार की तरफ से इस दिशा में सक्रियता नहीं दिखती.
सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कोई भी काम समय पर पूरा नहीं करना और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करना और प्रत्येक सुनवाई में समय की मांग करना इनकी आदत है.
कोर्ट ने पेसा लागू करने की तिथि बताने को कहा
गौरतलब है कि गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में पेसा कनून पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि पेसा नियमावली लागू करने की तिथि बताएं.
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथपत्र के माध्यम से पूरी जानकारी कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से कहा कि बालू और लघु खनिज के आवंटन पर लगी रोक हटाई जाए, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.
इस केस की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी. इस संबंध में आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल की गई है. सरकार ने अदालत को बताया कि पंचायती राज विभाग की ओर से पेसा नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया गया है जिसे कैबिनेट की समन्वय समिति के पास भेजा गया था. आपत्ति आई तो संशोधित नियमावली का ड्राफ्ट कमिटी को भेजा गया है.
झारखंड में दवा माफिया पर शिकंजा! हेल्थ विभाग सख्त, CID करेगी जांच, जानें किन दवाइयों पर है नजर
5 Dec, 2025 04:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड रांची में दूषित, नकली और प्रतिबंधित मेडिसिन की खरीद-बिक्री तेजी से हो रही है. प्रदेश में इन दवाइयों को लेकर बड़ी कार्रवाई करने की तैयारियां चल रही है. झारखंड सीआईडी के द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है जिसमें जिला पुलिस और औषधि निरीक्षक को अवैध मेडिसिन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है.
क्या है पत्र में
सीआईडी ने पत्र में लिखा कि राज्य में दूषित, नकली और प्रतिबंधित दवाओं की अवैध रुप से वितरण को रोकने के लिए कड़ा अभियान चलाना बहुत आवश्यक है. झारखंड के सभी जिलों के उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक और एसपी को सीआईडी ने 4-5 दिसंबर को विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया है. झारखंड उच्च न्यायालय में दायर W.P.(PIL) NO-6691/2025 (सुनील कुमार महतो बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य) के आदेशों का पालन करते हुए यह कदम उठाया गया है.
विभाग से मिली सूचना-424 के अनुसार, औषधि निरीक्षकों एवं जिला पुलिस के द्वारा संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा, जो मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेताओं की भौतिक जांच करेगी. सभी स्टॉक रजिस्टर का मिलान, खरीद-बिक्री की कानूनी दस्तावेजों की जांच के साथ बिना किसी डॉक्टर की सलाह से दिये गये नियंत्रित दवाओं की बिक्री पर प्रमाणिकता की पुष्टि की जाएगी. किसी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर तुरंत विधिवत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है.
ईमेल में देनी होगी रिपोर्ट
पत्र के द्वारा यह आदेश दिया गया है कि नकली और प्रतिबंधित दवाओं के लिए चलाए गए अभियान के परिणामों की पुरी रिपोर्ट 7 दिसंबर तक अपराध अनुसंधान विभाग को ईमेल (control-cid@jhpolice.gov.in) पर भेजना होगा, ताकि 12 दिसंबर की सुनवाई से पहले शपथ- पत्र पेश किया जा सके. यह अभियान गृह, कारा और आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र (सं.18/न्याय-11/2025-4557, 28.11.2025) एवं अदालत के आदेश पर आधारित है.
शर्मनाक! बिहार के स्कूल में मिड-डे-मील का 'फोटोशूट', अंडा परोसकर वापस लिया, प्रिंसिपल सस्पेंड
5 Dec, 2025 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे-मील में बच्चों को थाली में अंडा परोसा गया. इसके बाद तस्वीर खींचकर थाली से अंडा वापस उठा लिया गया. आरोप है कि ऐसा स्कूल के प्रधानाध्यापक के कहने पर किया गया. मामला मुंगेर जिला के प्राथमिक विद्यालय, फरीदपुर का है. इस वाकये का वीडियो भी वायरल है जिसमें बच्चों के अभिभावक, प्रधानाध्यापक से जिरह करते नजर आ रहे हैं. मामला 21 नवंबर का है लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्कूल प्रबंधन की संवेदनहीनता पर बहस शुरू हो गई है.
अभिभावकों ने स्कूल में हंगामा किया
जानकारी के अनुसार, 21 नवंबर को स्कूल में सभी छात्रों को मिड-डे-मील में अंडा दिया गया था. आरोप है कि स्कूल के प्रधानाध्यापक ने अंडा देते हुए तस्वीर खिंचवाई और फिर इसे वापस ले लिया. घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है जिसमें प्रधानाध्यापक अपने कृत्य की सफाई देते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि बच्चों ने घर जाकर अभिभावकों को बताया कि उनको दोपहर के भोजन में अंडा देकर फोटो खिंचवाने के बाद वापस ले लिया गया. बच्चों की शिकायत पर अभिभावक स्कूल पहुंचे और हंगामा किया. उन्होंने प्रधानाध्यापक से ऐसा करने की वजह पूछी और शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारियों से शिकायत की.
प्रशासन की जांच में आरोप सही पाए गये
मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच कराई तो आरोप सही पाए गये. प्रशासन ने प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, प्रिंसिपल का नाम सुजीत कुमार है. सुजीत कुमार ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने तस्वीर इसलिए खिंचाई क्योंकि विभागीय आदेश था. हालांकि, उन्होंने तस्वीर खिंचाकर अंडा वापस क्यों लिया, इसकी जानकारी प्रधानाध्यापक नही दे पाये.
झारखंड अलर्ट: मैक्लुस्कीगंज में तापमान शून्य के करीब! रांची में कोल्ड वेव की चेतावनी जारी, इन इलाकों में कड़ाके की ठंड
5 Dec, 2025 09:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
McCluskeyganj Temperature Drops: मैक्लुस्कीगंज में ठंड अपने चरम की ओर बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरते पारे के बाद बुधवार की रात और गुरुवार की सुबह मौसम में तेज ठिठुरन महसूस हुई। तापमान में अचानक आई इस गिरावट के बाद लोगों ने स्वेटर, मफलर और टोपी पहनना शुरू कर दिया है। सुबह करीब 10 बजे से हल्की हवा चलनी शुरू हुई, जिससे ठंड और ज्यादा तेज महसूस हुई। वहीं शाम होते ही हालात और सख्त हो गए और छह बजे के बाद वाहनों पर ओस जमने लगी।
स्थानीय निवासी और एंग्लो-इंडियन समुदाय से जुड़े नेलसन पॉल बॉबी गॉर्डन के आवास में लगे तापमान मापक यंत्र के अनुसार, गुरुवार सुबह 6 बजे मैक्लुस्कीगंज में न्यूनतम तापमान 6°C रिकॉर्ड किया गया। तापमान में तेजी से आई इस गिरावट का असर बच्चों, बुजुर्गों और पालतू पशुओं पर साफ दिखाई दे रहा है। दिन में धूप खिलने से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन सुबह और शाम की ठंड लगातार बढ़ती जा रही है।
McCluskeyganj Temperature Drops: मौसम विज्ञान केंद्र रांची ने आने वाले दिनों में और अधिक सर्दी बढ़ने की चेतावनी दी है। अनुमान है कि रांची के कई शहरी इलाकों में न्यूनतम तापमान अगले सप्ताह 10°C से नीचे जा सकता है। संताल परगना और कोल्हान को छोड़कर राज्य के अधिकांश हिस्सों में शीतलहर और ठंडी हवाओं की तीव्रता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 10 दिसंबर तक आसमान साफ, सुबह कोहरा और दिन में धूप बनी रहेगी।
फिलहाल, पलामू प्रमंडल में न्यूनतम तापमान पहले ही 10°C से नीचे रिकॉर्ड किया जा चुका है। अगले पांच दिनों में तापमान में और गिरावट, सुबह घना कोहरा और रात में ज्यादा ठंड की स्थिति बनी रह सकती है। McCluskeyganj Temperature Drops के बीच लोगों से सावधानी बरतने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
रेलवे यात्री ध्यान दें...5 दिसंबर को कई ट्रेनें रद्द...देखें पूरी लिस्ट...घर से निकलने से पहले चेक करें अपनी ट्रेन का स्टेटस
5 Dec, 2025 09:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Railway Update: सिकंदराबाद मंडल के काजीपेट–बल्हारशाह रेलखंड पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य शुरू होने के बाद आने वाले दिनों में कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले समय और ट्रेन स्टेटस की जांच जरूर करें, ताकि किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। Railway Update के अनुसार इस तकनीकी कार्य की वजह से कई महत्वपूर्ण रूटों की विशेष ट्रेनों को रद्द या रीशेड्यूल किया गया है।
कई स्पेशल ट्रेनें जैसे चर्लपल्ली–रक्सौल, पटना–चर्लपल्ली और तिरुपति–रक्सौल स्पेशल निर्धारित तिथियों पर रद्द रहेंगी। रेलवे ने विस्तृत सूची जारी की है, जिसके अनुसार 26 जनवरी से लेकर फरवरी के मध्य तक कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। वहीं दरभंगा–सिकंदराबाद एक्सप्रेस 13 फरवरी को अपने निर्धारित समय से 1 घंटा 15 मिनट देरी से रवाना होगी। पुणे–हटिया एक्सप्रेस (22845) भी 18, 21 और 25 जनवरी को दो से चार घंटे की देरी से चलेगी।
Railway Update में एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी है कि मध्य रेलवे के मुंबई मंडल में स्थित मोहोपे स्टेशन का नाम बदलकर अब ‘पोयंजे रेलवे स्टेशन’ कर दिया गया है। इसके साथ ही स्टेशन कोड भी MHPE से बदलकर PYJE कर दिया गया है।
इसके अलावा अजमेर–रांची–अजमेर स्पेशल ट्रेन (09619/09620) की संचालन अवधि बढ़ा दी गई है। अब 09619 अजमेर–रांची स्पेशल 5 से 26 दिसंबर तक हर शुक्रवार चलेगी, जबकि 09620 रांची–अजमेर स्पेशल 7 से 28 दिसंबर तक हर रविवार चलेगी।
Railway Update के तहत यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे NTES ऐप, IRCTC या रेलवे हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी ट्रेन की ताज़ा जानकारी अवश्य जांचें, ताकि यात्रा आसान और सुगम बनी रहे।
शराब घोटाला: IAS अफसर पर शिकंजा...विशेष सचिव अमित कुमार को ACB का नोटिस, आज होगी पूछताछ, क्या होगा बड़ा खुलासा?
5 Dec, 2025 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Liquor Scam Update: झारखंड में बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राज्य सरकार के वाणिज्य कर आयुक्त सह वित्त विभाग के विशेष सचिव अमीत कुमार को नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार, उन्हें 5 दिसंबर को सुबह 11 बजे ACB कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। Liquor Scam Update के संदर्भ में यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है, जिसमें स्पष्ट चेतावनी है कि बिना उचित कारण अनुपस्थित रहने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
नोटिस मिलने के बाद अधिकारी अमीत कुमार ने वाणिज्य कर विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि जिस मामले की जांच की जा रही है, वह उत्पाद और मद्य निषेध विभाग से संबंधित है, जहां वे 4 अगस्त 2021 से 10 जुलाई 2022 तक आयुक्त के पद पर तैनात थे। Liquor Scam Update के अनुसार, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ACB द्वारा जांच की जा रही अवधि उनके कार्यकाल समाप्त होने के लगभग एक वर्ष बाद की है।
अमीत कुमार ने अपने पत्र में यह भी बताया कि उन्हें 4 दिसंबर की अपराह्न में नोटिस मिला, जबकि अगली सुबह उन्हें उपस्थित होना था। ऐसे कम समय में वे आवश्यक कानूनी तैयारी नहीं कर सकते। इसलिए उन्होंने सचिव से औपचारिक अनुमति की मांग की है, ताकि वे निर्धारित समय पर उपस्थित हो सकें या प्रस्तुत होने के लिए उचित समय मिल सके।
झारखंड में PESA कानून पर तकरार! हाईकोर्ट ने सरकार को घेरा, 18 दिसंबर को फिर सुनवाई, क्या सरकार के पास है जवाब?
5 Dec, 2025 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand High Court ने पूछा—झारखंड में PESA Act 1996 की नियमावली लागू करने में हो रही देरी पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख दिखाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार से स्पष्ट पूछा कि आखिर अब तक नियमावली लागू क्यों नहीं हो सकी। Jharkhand High Court ने पूछा कि इतने महत्वपूर्ण कानून को लेकर सरकार की तैयारी ढीली क्यों है और देरी का कारण क्या है।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह शपथ पत्र के माध्यम से बताए कि नियमावली कब तक अधिसूचित की जाएगी। साथ ही कोर्ट ने पहले से जारी अंतरिम आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य में रेत घाटों (बालू घाटों) और लघु खनिज पट्टों के आवंटन पर रोक जारी रखने का आदेश दिया। जब तक नियमावली लागू नहीं होती, यह प्रतिबंध यथावत रहेगा।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने नियमावली को लागू करने के लिए और समय मांगा। लेकिन याचिकाकर्ता पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार और अधिवक्ता तान्या सिंह ने आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि सरकार न तो अब तक कोई ठोस समयसीमा दे पाई है और न ही यह बताया गया है कि नियमावली किस चरण में है। उन्होंने कहा कि अदालत के स्पष्ट आदेश के बावजूद सरकार गंभीर नहीं दिख रही।
यह मामला वर्षों से लंबित है। केंद्र ने 1996 में PESA Act लागू किया था, और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा समेत कई राज्यों में नियमावली पहले ही लागू हो चुकी है। लेकिन झारखंड में 2019 और 2023 में ड्राफ्ट तैयार होने के बावजूद नियमावली आज तक अधिसूचित नहीं की गई। हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को दो माह में नियम लागू करने का आदेश दिया था, लेकिन अब भी स्थिति अधर में है।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न
4 Dec, 2025 07:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
5 दिसंबर से 11 दिसंबर , 2025 तक आहूत षष्ठम झारखण्ड विधान सभा के चतुर्थ सत्र (शीतकालीन सत्र) के सफल एवं सुचारु संचालन को लेकर झारखंड विधानसभा में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में आयोजित विधायक दल के नेताओं एवं प्रतिनिधियों की बैठक में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन।
हेमंत सोरेन सरकार का फोकस युवाओं पर! जानें कौन सी योजनाओं से खुशहाल होगा झारखंड
4 Dec, 2025 07:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जब युवा खुश होंगे तभी यह राज्य खुशहाल होगा- हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड
◆ जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम एवं नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने का झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा आदेश देने पर सैकड़ो अभ्यर्थी पहुंचे मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय परिसर, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन एवं विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन का जताया आभार
◆ मुख्यमंत्री ने कहा- जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रकरण से जुड़े हर पहलू की पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जांच, दोषियों पर हुई कठोर कार्रवाई, अदालत ने निष्पक्ष जांच और अभ्यर्थियों के ईमानदार प्रयास एवं भावनाओं को दिया सम्मान, मिला न्याय
◆ मुख्यमंत्री ने कहा- जेपीएससी द्वारा पिछले 18 वर्षों में सिविल सेवा की जितनी परीक्षाएं ली गई, उतनी परीक्षाएं हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में ही ली
=● आप सभी को लंबे संघर्ष के बाद मिली इस सफलता के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं
● अगर इरादें नेक हों तो हर चीजें बेहतर होती है
अगर इरादें नेक हों तो हर चीजें बेहतर होती है। इसी का परिणाम है है जेएसएससी की संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के रिजल्ट और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी सारी अड़चनें अब दूर हो चुकी है। हालांकि, इसमें थोड़ा विलंब हुआ, नहीं तो राज्य सरकार की पहली वर्षगांठ पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में आपके हाथों में भी नियुक्ति पत्र देने की खुशियां हम सभी मनाते। लेकिन, आप सभी को लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता और विजयी होने के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज जेएसएससी सीजीएल रिजल्ट जारी कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के बाद ढोल – नगाड़ों के साथ जश्न मनाते मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थियों को संबोधित कर रहे थे।
राज्य सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ कराई जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में कुछ ऐसे विरोधी तत्व है जो हर प्रतियोगिता परीक्षाओं को बाधित करने की साजिश रचते रहते हैं । जेएसएससी संयुक्त स्नातक स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा को लेकर भी उन्होंने षड्यंत्र रचने का प्रयास किया। मामला उच्च न्यायालय तक पहुंचा। लेकिन, हमारी सरकार ने पूरी निष्पक्षता के साथ इसकी जांच कराई। जिन्होंने इस प्रतियोगिता परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को दागदार बनाने की साजिश रची, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई हुई । झारखंड उच्च न्यायालय ने भी इसे समझा और आपके ईमानदार प्रयास और भावनाओं को सम्मान देते हुए आपको न्याय दिया।
18 वर्षों में जेपीएससी की जितनी परीक्षाएं हुई, उतनी हमारी सरकार पिछले 5 वर्ष में ले चुकी है
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा पिछले 18 वर्षों में सिविल सेवा की जितनी परीक्षाएं ली गई, उतनी परीक्षाएं हमारी सरकार ने पिछले 5 वर्षों में ही ली है। इतना ही नहीं उस दौरान ली गई जेपीएससी की तमाम परीक्षाओं को लेकर धांधली बरते जाने के मामले सामने आए थे, लेकिन हमारी सरकार में ली गई तमाम परीक्षाएं बेदाग रही है।
युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार युवाओं के साथ हर कदम पर पूरी मजबूती के साथ खड़ी है। हमारी स्पष्ट सोच है कि जब युवा खुश होंगे तभी हमारा राज्य खुशहाल होगा। यही वजह की तमाम चुनौतियों के बीच युवाओं का भविष्य संवारने का प्रयास निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री जी के अथक प्रयासों से ही हमें न्याय मिला है
इस अवसर पर अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों, राज्य सरकार के द्वारा जेएसएससी सीजीएल परीक्षा प्रकरण से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होने से हमें न्याय मिल सका है। हमारे संघर्ष को जीत मिली है तो इसमें मुख्यमंत्री जी का हमें पूरा सहयोग मिला। मुख्यमंत्री जी का दिल से आभार।
IHM रांची के छात्रों के लिए खुशखबरी! सुविधाओं में होगा जबरदस्त विस्तार, जानें शिलान्यास की मुख्य बातें और भविष्य की योजनाएं
4 Dec, 2025 07:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची में IHM (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) के प्रांगण में एक महत्वपूर्ण विकास परियोजना का शिलान्यास किया गया। इसमें सभागार सह कार्यकारी विकास केंद्र और बालिका छात्रावास के विस्तारीकरण की योजना शामिल है। इस अवसर पर राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भूमि पूजन कर योजनाओं का शुभारंभ किया
शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मांडर कॉलेज को छोटा नागपुर स्टडीज एंड रिसर्च सेंटर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव पर्यटन मंत्री के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मांडर के युवाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा अपनी उत्कृष्ट क्षमता साबित की है, चाहे वह स्कूली परीक्षा हो, उच्च शिक्षा हो या JPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं। ऐसे में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। मंत्री ने दक्षिणी छोटानागपुर की अनूठी पहचान, उसकी परंपराओं, संस्कृति और खान-पान पर भी प्रकाश डाला और कहा कि IHM से जुड़कर युवा महत्वपूर्ण कौशल सीख रहे हैं। राज्य को ‘सोना झारखंड’ बनाने के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास अत्यंत आवश्यक है।
पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि झारखंड एक विशेष मिजाज वाला राज्य है, जिसकी अपनी विशिष्ट संस्कृति, बोली और भाषा है। लंबे संघर्ष के बाद झारखंड राज्य का गठन हुआ और आज के युवा इस भावना को समझते हैं। पहले अतिथि सत्कार के क्षेत्र में युवाओं के लिए शिक्षा के भविष्य को लेकर धारणाएं भिन्न थीं, लेकिन IHM जैसे संस्थान आज इस धारणा को बदल रहे हैं। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के युवाओं को अपने प्रदेश में ही रोजगार मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पर्यटन विभाग IHM की प्रगति में कोई बाधा नहीं आने देगा और राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार एक प्रभावी कार्य योजना पर काम कर रही है।
इस अवसर पर IHM के प्रिंसिपल डॉ. भूपेश कुमार, आनंदित भारद्वाज, प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, शमीम अख्तर, आबिद अंसारी, सेरोफ़िना मिंज, नशिमा, शमीमा, बेरनादेत, बंधु टोप्पो, इसरोज, विजय तिर्की, विनोद भगत, सुरेश उरांव, अबूज़र अंसारी, शमशूल, जावेद, प्रकाश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जमुआ CHC में स्वास्थ्य अव्यवस्था: लैब टेक्नीशियन गायब होने से ठप हुई जांच, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें, जानें कब तक मिलेगी राहत?
4 Dec, 2025 07:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गिरिडीह जिले के जमुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहां न केवल एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी है, बल्कि जो चिकित्सीय व्यवस्था चल रही है, वह भी केवल कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) के भरोसे है। ऐसी स्थिति में, बृहस्पतिवार को लैब टेक्नीशियन की गैरमौजूदगी ने व्यवस्था की खामियों को और उजागर कर दिया।
जमुआ सीएचसी में तीन लैब टेक्नीशियन कार्यरत बताए जाते हैं। इनमें से दो गुरुवार को उपस्थित थे, लेकिन एक लैब टेक्नीशियन, निशांत कुमार, बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद थे। चिकित्सा प्रभारी डॉ. कुलदीप तिर्की ने इस बात की पुष्टि की कि निशांत कुमार आज अनुपस्थित हैं। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने छुट्टी लेने से पहले अस्पताल प्रशासन को किसी भी प्रकार की सूचना नहीं दी थी, जो कि घोर लापरवाही का मामला है।
यह घटना झारखंड सरकार के शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावों पर सवाल उठाती है। जमुआ सीएचसी की बड़ी बिल्डिंग होने के बावजूद, वहां स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमराई हुई हैं। डॉक्टरों की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और अब लैब टेक्नीशियन का बिना बताए छुट्टी पर जाना, सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता पैदा करता है। यह अव्यवस्था मरीजों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है।
JSSC CGL परीक्षा पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! पेपर लीक का सबूत नहीं, लेकिन इन 10 का रिजल्ट नहीं आएगा, जानें वजह?"
4 Dec, 2025 04:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (सीजीएल) में पेपर लीक होने वाले आरोपों को आधारहीन बताते हुए कहा कि उपलब्ध परीक्षा प्रमाण में शुद्धता भंग होने का कोई संकेत नहीं है. चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और राजेश शंकर ने अदालत में अपने फैसले में पेपर लीक के आरोपों को लेकर कहा कि अब तक कोई भी ऐसा प्रमाण नहीं मिला है जिससे ये साबित हो सकता है कि प्रश्नपत्र लीक हुई है.
जांच की मांग नहीं होगी पूरी
प्रार्थियों ने सीबीआई जांच की मांग की थी. लेकिन उनकी मांग को यह बोलकर खारिज कर दिया गया है कि एसआईटी को कोई भी ठोस सबूत नहीं मिला है. अदालत ने कहा कि एसआईटी की जांच अभी जारी है लगभग 6 महीने में जांच की प्रकिया को पूरी कर रिपोर्ट देनी होगी. नेपाल गए 28 अभ्यथियों में मात्र 10 के सफल होने को प्रश्न पत्र लीक से जोड़ने को हाईकोर्ट न अधूरा माना है. इन 10 अभ्यथियों का परिणाम परिणाम जांच होने तक स्थगित रहेगा, जबकि बाकि अभ्यथियों की नियुक्ति प्रकिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं होगी.
सोशल मीडिया में वायरल प्रश्न पत्र पर क्या कहा!
कोर्ट ने 60 पन्नों के निर्णय में कहा कि न किसी केन्द्र, न परिवहन व्यवस्था और न ही कोई आरोपी के मोबाईल से प्रश्न पत्र की कोई नकल मिली है. सोशल मीडिया के द्वारा वायरल हुए सवालों को कोर्ट ने पिछले वर्षों का प्रश्न बताया, जिन्हें कोई भी परिक्षा में भाग लेने वाले प्रतियोगी छात्र पढ़ सकते है.
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