बिहार-झारखण्ड
झारखंड में 'बर्फीला' प्रहार! पहाड़ों पर बर्फबारी ने बदला मौसम का मिजाज, IMD ने जारी किया इन जिलों के लिए कोल्ड अलर्ट
24 Jan, 2026 09:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पिछले तीन-चार दिनों से झारखंड के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई.जिसकी वजह से लोगों को ठंड से राहत मिली थी.वह एक बार फिर हिमालय प्रदेश में हो रहे बर्फबारी की वजह से झारखंड के मौसम ने करवट ले लिया. जहां पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के अधिकांश जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई. जिसकी वजह से एक बार फिर ठंड का असर देखा जा रहा है.आपको बताएं कि पिछले 24 घंटों का दौरान रात के समय लोगों को काफी ज्यादा ठंड का एहसास हुआ यह सब ठंडी हवाओं की वजह से हुई है जिसे कनकनी है.
आज कैसा रहेगा झारखंड का मौसम
वही बात अगर आज आनी शनिवार के मौसम की जाए तो आज झारखंड का मौसम साफ़ रहेगा.अधिकांश जिलो में कड़क धूप खिलेगी, तो वही कनकनी से भी लोगों को राहत मिलेगी.हालांकी मौसम विभाग का कहना है कि भले ही झारखंड में ठंड का असर कम हुआ है लेकिन अभी भी लोगों को ठंड से बच कर रहने की जरूरत है.खासकर बच्चे और बुजुर्गों को सुबह और शाम के समय खास ख्याल रखें वरना ठंड लगने की अभी भी संभावना है.
पहाड़ी क्षेत्र में हो रही बर्फबारी ने बदल दिया मौसम
पिछले 24 घंटे के दौरान झारखंड के तापमान की बात की जाये तो अधिकतम तापमान में दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई न्युनतम तापमन भी 1 डिग्री की वृद्धि हुई है.मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों के अंदर झारखंड के अधिकतम तापमान में और वृद्धि दरज की जाएगी.आपको बता दे कि ठंड कम होने की वजह से अब स्कूल में जहां रौनक लौट आई है तो वही अब सड़कों पर भी रौनक दिखाई दे रही है एक तरफ जहां ठंड की वजह से लोग घर से बाहर नहीं निकलना चाह रहे थे तो वहीं अब बाजारों में भी भीड़ देखी जा रही है जिससे दुकानदारों के चेहरे पर मुस्कान आई है.
पढ़े कोल्हान के मौसम का हाल
वही बात अगर कोल्हान प्रमंडल की जाए तो पिछले 24 घंटे के दौरान दिन के समय कड़क धूप खिली रही लेकिन देर रात यहां ठंड का एहसास लोगों को हुआ.वही सरायकेला में सुबह-सुबह काफी ज्यादा ठंड का एहसास लोगों को हो रहा है. हालांकी दिन भर लोगों को साल स्वेटर की जरूरत नहीं पड़ रही है.आज झारखंड का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस से न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है.
पढ़े अपने जिले का तापमान
रांची का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस की संभावना है.जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहसकता है.धनबाद में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहेगा. डाल्टनगंज में अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री,जबकि देवघर में अधिकतम 26 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस,तो वहीं मेदिनीनगर का अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.वहीं मैक्लूसकीगंज का अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री जा सकता है.
शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही! सीधे बोर्ड एग्जाम देंगे छात्र; न हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा, न प्री-बोर्ड, आखिर कैसे होगा मूल्यांकन?
24 Jan, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में Jharkhand Board Exam की शुरुआत 3 फरवरी से होने जा रही है, जिसमें लगभग 7.48 लाख परीक्षार्थी शामिल होंगे। लेकिन परीक्षा से ठीक पहले शिक्षा विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मैट्रिक और इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों की न तो अर्द्धवार्षिक परीक्षा हुई और न ही राज्य स्तर पर Pre-Board परीक्षा आयोजित की गई, जिससे लाखों छात्रों को बिना पर्याप्त अभ्यास के सीधे बोर्ड परीक्षा में बैठना पड़ रहा है।
पिछले तीन वर्षों में कई छात्रों ने मैट्रिक परीक्षा के वास्तविक पैटर्न पर आधारित कोई परीक्षा नहीं दी है। कक्षा आठवीं, नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ होती हैं, जबकि कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा का पैटर्न अलग है। ऐसे में ओएमआर आधारित परीक्षा देने वाले छात्रों को अचानक बदले हुए पैटर्न में परीक्षा देनी होगी, जिससे उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
Pre-Board परीक्षा को लेकर राज्य स्तर से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या शिड्यूल जारी नहीं किया गया। परिणामस्वरूप कुछ जिलों में जिला स्तर पर परीक्षा ली गई, तो कहीं स्कूलों ने अपने स्तर पर परीक्षा कराई, जबकि कई विद्यालयों में Pre-Board हुई ही नहीं। इससे छात्रों की तैयारी और मूल्यांकन में असमानता पैदा हो गई है।
हालांकि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों और School of Excellence में स्थिति अलग रही। यहां झारखंड शिक्षा परियोजना के निर्देश पर दो Pre-Board परीक्षाएं हुईं और परिणाम के आधार पर पढ़ाई की रणनीति बनाई गई। इसी तरह CBSE स्कूलों में भी छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर मिला।
शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों का कहना है कि इस बार राज्य स्तर से स्पष्ट निर्देश नहीं मिले, लेकिन अगले सत्र से अर्द्धवार्षिक और Pre-Board परीक्षा को तय प्रक्रिया के तहत कराने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि Jharkhand Board Exam प्रणाली में सुधार से ही छात्रों को समान और बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकेगा।
रांची में मोहन भागवत का मिशन 'जनजातीय संवाद': क्या बदलने वाला है RSS का अगला रोडमैप? देखें पल-पल की अपडेट
24 Jan, 2026 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत शताब्दी वर्ष के संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत शुक्रवार को रांची पहुंचे। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। RSS शताब्दी वर्ष संवाद के तहत देशभर में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से संघ विभिन्न वर्गों के साथ विचार-विमर्श और संवाद स्थापित कर रहा है, उसी क्रम में रांची में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
शनिवार को शहर के कार्निवल बैंक्वेट हॉल में शताब्दी वर्ष संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जो सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। इस कार्यक्रम में जनजातीय समाज के प्रमुख लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा शिक्षा, सामाजिक कार्य, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों को भी संवाद में शामिल होने का न्योता दिया गया है। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद को मजबूत करना और विचारों का आदान-प्रदान करना बताया जा रहा है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत संघ द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों पर अपने विचार रखेंगे। वे पिछले 100 वर्षों में आरएसएस की भूमिका, समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर भी प्रकाश डालेंगे। RSS शताब्दी वर्ष संवाद के तहत संघ की गतिविधियों और उद्देश्यों पर विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
कार्यक्रम में प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें झारखंड के प्रमुख लोग सीधे संघ प्रमुख से सवाल पूछ सकेंगे। इस अवसर पर संघ के क्षेत्र प्रचारक रामनवमी जी, प्रांत प्रचारक गोपाल जी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच मोहन भागवत एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुए। यह संवाद कार्यक्रम आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा और भविष्य की दिशा पर विचार साझा करने का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।
छात्रों के लिए बड़ी खबर! मैट्रिक-इंटर परीक्षा 2025 के नए नियम लागू, अब JSSC परीक्षा के लिए भी बदल गया पूरा प्रोसेस
24 Jan, 2026 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में मैट्रिक और इंटरमीडिएट स्तरीय भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने JSSC Exam Process को लेकर संशोधित नियमावली 2025 अधिसूचित कर दी है, जिसे मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद लागू कर दिया गया है। यह नियमावली मैट्रिक स्तर, इंटरमीडिएट स्तर और कंप्यूटर ज्ञान व हिंदी टाइपिंग अहंता वाले पदों पर लागू होगी।
संशोधित नियमों के अनुसार अब सभी संबंधित परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित होंगी, जिसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल है। हालांकि यदि किसी परीक्षा में आवेदकों की संख्या 50 हजार से कम रहती है, तो प्रारंभिक परीक्षा नहीं ली जाएगी और सीधे मुख्य परीक्षा कराई जा सकती है। वहीं, 50 हजार से अधिक आवेदक होने पर भी प्रारंभिक परीक्षा कराने या न कराने का अंतिम निर्णय JSSC के पास सुरक्षित रहेगा।
प्रारंभिक परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) पर आधारित होगी और इसकी अवधि दो घंटे निर्धारित की गई है। परीक्षा हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। प्रत्येक सही उत्तर पर तीन अंक मिलेंगे, जबकि गलत उत्तर पर एक अंक की कटौती होगी। कुल 120 अंकों की परीक्षा में सामान्य अध्ययन के 30 अंक, झारखंड राज्य से संबंधित ज्ञान के 60 अंक, सामान्य गणित, सामान्य विज्ञान और मानसिक क्षमता जांच के 10-10 अंक निर्धारित किए गए हैं।
प्रारंभिक परीक्षा के अंकों के आधार पर मेधा सूची तैयार कर कुल रिक्तियों के 15 गुना अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए चयनित किया जाएगा। आरक्षित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं। न्यूनतम अर्हता अंक भी वर्गवार तय किए गए हैं, जिसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत और विभिन्न आरक्षित वर्गों के लिए 30 से 36.5 प्रतिशत तक अंक निर्धारित हैं।
झारखंड में भीषण ठंड का टॉर्चर! रांची समेत कई जिलों में गिरा पारा, कनकनी के बीच मौसम विभाग का नया अलर्ट
23 Jan, 2026 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट देखी गई है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 3.1 डिग्री कम है। मेदिनीनगर में 6.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड हुआ, जबकि राज्य में सबसे ठंडा गुमला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस था।
मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा, जबकि दिन का मौसम शुष्क रहेगा। 24 और 25 जनवरी को कुछ हिस्सों में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। इसके चलते सुबह और देर शाम ठंड का असर ज्यादा महसूस होगा।
मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 26 जनवरी से उत्तर भारत में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव झारखंड पर भी पड़ सकता है। इसके चलते अगले 3–4 दिनों में न्यूनतम तापमान में 3–4 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
राज्य के प्रमुख शहरों में तापमान की स्थिति के अनुसार रांची का अधिकतम तापमान 25.6°C और न्यूनतम 9.8°C, जमशेदपुर 28.0°C और 13.4°C, मेदिनीनगर 28.3°C और 6.9°C, बोकारो 26.6°C और 8.6°C, गुमला 26.0°C और 4.8°C, तथा चाईबासा में अधिकतम 30.4°C और न्यूनतम 11.6°C दर्ज किया गया।
झारखंड में बिजली चोरी के खिलाफ राज्यव्यापी छापामारी, 1185 मामले पकड़े
23 Jan, 2026 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: झारखंड में बिजली चोरी को रोकने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने राज्यव्यापी सघन छापामारी अभियान चलाया। 20 और 21 जनवरी 2026 को दो दिवसीय इस अभियान में कुल 8401 परिसरों की जांच की गई, जिसमें 1185 जगहों पर बिजली चोरी के मामले पकड़े गए। निगम ने इन सभी मामलों में संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज करवाई और कुल 1.92 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया।
इस अभियान को महानिरीक्षक (निगरानी एवं सुरक्षा) नरेंद्र कुमार सिंह के अनुमोदन पर JBVNL मुख्यालय की एपीटी टीम ने संचालित किया। राज्यव्यापी कार्रवाई के लिए 119 विशेष टीमों का गठन किया गया था, जो सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार निरीक्षण करती रहीं। अभियान के दौरान पुलिस बल का भी पूर्ण सहयोग लिया गया।
अंचलवार आंकड़ों के अनुसार, हजारीबाग में सबसे अधिक 134 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। रांची में 115 और साहिबगंज में 103 मामले सामने आए। देवघर और चास में 86-86 लोगों पर कार्रवाई हुई। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
JBVNL के अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे बिजली चोरी जैसे गैरकानूनी कार्यों से बचें और नियमों का पालन करें। राज्य में लगातार छापामारी और जुर्माना लगाने की नीति से बिजली चोरी की घटनाओं में कमी लाने और वितरण प्रणाली को मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
CBI जांच पर हाई कोर्ट का 'स्टे': BIT धनबाद एडमिशन मामले में संस्थान को मिली बड़ी संजीवनी, जानें पूरा मामला
23 Jan, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: डीआईटी धनबाद में नामांकन को लेकर चल रहे विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने अहम अंतरिम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सीबीआई जांच के आदेश पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ, जिसमें मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर शामिल हैं, ने धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (DIT), झारखंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (JUT) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के खिलाफ जारी सीबीआई जांच के आदेश पर अस्थायी रोक दी। इससे पहले 13 जनवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को आदेशित किया था।
सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ जेयूटी की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए जांच आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी। यह विवाद शैक्षणिक सत्र 2025-26 में छात्रों के नामांकन और प्रवेश नियमों से जुड़ा हुआ है।
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब AICTE ने DIT में प्रवेश सीटों की संख्या 60 से बढ़ाकर 120 कर दी। इसके आधार पर झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस के माध्यम से छात्रों का नामांकन भी किया गया। बाद में JUT की एफिलिएशन कमेटी ने DIT के इंफ्रास्ट्रक्चर को अपर्याप्त बताते हुए केवल 60 सीटों की मान्यता दी। इसके विरोध में DIT ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
इस विवाद के चलते छात्रों और अभिभावकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्हें डर है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो शैक्षणिक सत्र प्रभावित हो सकता है। अब सभी की नजरें 29 जनवरी को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।
कल ही निपटा लें बैंक के जरूरी काम, लगातार 4 दिन बंद रहेंगे सरकारी बैंक; 27 जनवरी को महा-हड़ताल
23 Jan, 2026 09:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: बैंक उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सूचना है। सरकारी बैंकों में कामकाज से जुड़े लोगों को 24 से 27 जनवरी तक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक कर्मियों की हड़ताल और लगातार छुट्टियों के कारण इस दौरान बैंक बंद रहेंगे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर 27 जनवरी को एक दिवसीय अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में सार्वजनिक, निजी, विदेशी, क्षेत्रीय ग्रामीण और सहकारी बैंकों के करीब आठ लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे।
चार दिन लगातार बैंक बंद रहने का कारण यह है कि इस महीने 24 जनवरी को दूसरा शनिवार, 25 जनवरी को रविवार, 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस और 27 जनवरी को बैंक हड़ताल है। यूनियन नेताओं प्रकाश उरांव और एमएल सिंह के अनुसार, सभी शनिवार को अवकाश घोषित करने की मांग के चलते यह आंदोलन किया जा रहा है। वर्तमान में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंकों में छुट्टी रहती है।
लगातार चार दिन बैंक बंद रहने से चेक क्लियरेंस, नकद निकासी और शाखाओं से जुड़े अन्य जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग, एटीएम और डिजिटल लेनदेन सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी। बैंक यूनियनों ने ग्राहकों से अपील की है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम समय रहते निपटा लें।
इस हड़ताल का असर पूरे देश में बैंकिंग सेवाओं पर पड़ेगा, इसलिए जरूरी लेनदेन पहले निपटाना ही समझदारी होगी। ग्राहकों को ऑनलाइन सेवाओं का सहारा लेकर अपनी वित्तीय गतिविधियों को सुचारू रखना चाहिए।
बिहार में अब 70 प्रतिशत भूमि पर व्यावसायिक भवन निर्माण संभव
22 Jan, 2026 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। अब बिहार में 70 प्रतिशत भूमि पर व्यावसायिक भवन निर्माण संभव हो पाएगा क्योंकि बिहार सरकार ने शहरी विकास की गति को तेज करने के उद्देश्य से व्यावसायिक भवनों के निर्माण नियमों में अहम बदलाव किया है। बताया गया है कि अब राज्य में उपलब्ध भूमि के 70 प्रतिशत हिस्से तक व्यावसायिक भवनों का निर्माण किया जा सकेगा। इससे पहले यह सीमा केवल 40 प्रतिशत तक सीमित थी। उपमुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में शहरी क्षेत्रों में जमीन की उपलब्धता सीमित होती जा रही है, जबकि व्यापार और सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पुराने नियम व्यावहारिक नहीं रह गए थे। नए प्रावधानों से भूमि का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। अब तक लागू नियमों के तहत किसी भी भूखंड के केवल 40 प्रतिशत हिस्से पर ही व्यावसायिक निर्माण की अनुमति थी, जबकि शेष 60 प्रतिशत क्षेत्र को सेटबैक और खुले स्थान के रूप में छोड़ना अनिवार्य था। नई व्यवस्था में इस सीमा को बढ़ाकर 60 से 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है। इसका सीधा अर्थ है कि अब जमीन का बड़ा हिस्सा निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे कम भूखंड पर भी बड़े और उपयोगी व्यावसायिक भवन खड़े किए जा सकेंगे। सरकार ने केवल निर्माण क्षेत्र की सीमा ही नहीं बढ़ाई है, बल्कि सेटबैक यानी भवन के चारों ओर छोड़े जाने वाले खुले क्षेत्र के नियमों में भी राहत दी है। पहले कई मामलों में नियमों की वजह से जमीन का एक बड़ा हिस्सा अनुपयोगी रह जाता था। अब सेटबैक में कमी किए जाने से वही जमीन व्यावसायिक निर्माण के काम आ सकेगी। इससे खासतौर पर उन क्षेत्रों को फायदा मिलेगा, जहां प्लॉट छोटे आकार के हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग ने इस बदलाव को लागू करने के लिए एक नई नीति तैयार कर ली है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इसे जल्द से जल्द व्यवहार में लाया जाए, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। सरकार का मानना है कि यह निर्णय शहरी नियोजन को अधिक आधुनिक और व्यावहारिक बनाएगा तथा तेजी से बढ़ती आबादी और व्यापारिक जरूरतों के अनुरूप बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करेगा। बहरहाल सरकार के इस फैसले को शहरी नियोजन की दिशा में एक बड़ा और व्यावहारिक कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल भूमि का बेहतर उपयोग संभव होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
हॉस्टल में मिला 40 सुतली बम और पेट्रोल, 7 छात्र गिरफ्तार
22 Jan, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में स्थित पटना विश्वविद्यालय के छात्रावासों में मंगलवार रात हुई मारपीट, बमबाजी और फायरिंग की घटना के बाद बुधवार को पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। पुलिस की छापेमारी से पूरे छात्रावास इलाके में हड़कंप मच गया। इस दौरान हथुआ हॉस्टल से भारी मात्रा में सुतली बम और बम बनाने की सामग्री बरामद की गई और सात छात्रों को मौके से गिरफ्तार किया गया। घटना की शुरुआत मंगलवार देर रात कृष्णा घाट के पास हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीवी रमण हॉस्टल का छात्र प्रिंस कुमार एक युवती के साथ चाय पीने गया था। इसी दौरान जैक्सन हॉस्टल के कुछ छात्रों से छेड़खानी को लेकर विवाद हो गया। मामूली कहासुनी ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, इस मारपीट में दो छात्र घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मारपीट की घटना के बाद मामला शांत होता दिखा, लेकिन देर रात हालात फिर से बिगड़ गए। आरोप है कि गुस्साए जैक्सन हॉस्टल के छात्रों ने बदले की नीयत से सीवी रमण हॉस्टल की ओर बम फेंके और गोलीबारी की। अचानक हुई इस बमबाजी और फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। छात्रावास के अंदर और आसपास रहने वाले लोग सहम गए, जबकि कई छात्र डर के कारण अपने कमरों से बाहर नहीं निकले। घटना की गंभीरता को देखते हुए पटना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। बुधवार सुबह डीएसपी राजकिशोर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने पीरबहोर और सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में स्थित पटना विश्वविद्यालय के कई छात्रावासों में छापेमारी की। इनमें जैक्सन हॉस्टल, सीवी रमण हॉस्टल, रामानुजन हॉस्टल और हथुआ हॉस्टल शामिल हैं। छापेमारी के दौरान सबसे चौंकाने वाली बरामदगी हथुआ हॉस्टल से हुई। पुलिस ने वहां से करीब 40 सुतली बम, माचिस, छोटे कील, सुतली, पेट्रोल और बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री भारी मात्रा में बरामद की। इस बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि छात्रावास के अंदर लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थी और बमबाजी की तैयारी पहले से की गई थी। पुलिस ने मौके से सात छात्रों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार छात्रों के नाम दीपक कुमार, शुभम कुमार, सुमित कुमार, सौरभ कुमार, विवेक कुमार, प्रणय सिंह और मोहित कुमार है। सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इन छात्रों की भूमिका सिर्फ मारपीट तक सीमित नहीं थी, बल्कि बम बनाने और उसे इस्तेमाल करने में भी इनकी संलिप्तता सामने आ रही है। डीएसपी राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि छात्रावासों में गुटबाजी और वर्चस्व की लड़ाई के कारण इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और यदि इसमें किसी बाहरी तत्व या संगठित गिरोह की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन को भी इस संबंध में रिपोर्ट भेजी जा रही है।
उज्जैन और वाराणसी के तर्ज पर सुल्तानगंज में शिव कॉरिडोर का निर्माण
22 Jan, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में ‘शिव कॉरिडोर’ का निर्माण संभव होने की राह पर है। लंबे समय से गंगा के किनारे रेलवे की जमीन पर कॉरिडोर निर्माण की योजना अटकी हुई थी, लेकिन अब भूमि एक्सचेंज नीति के तहत जिला प्रशासन ने रेलवे को नई जगह की जमीन देने का निर्णय लिया है। इसके बाद सुल्तानगंज में उज्जैन और वाराणसी की तरह शिव कॉरिडोर का निर्माण संभव हो जाएगा। बताया जा रहा है कि सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ मंदिर के पास कॉरिडोर और धर्मशाला जैसी सुविधाओं के लिए चिह्नित जमीन रेलवे की है। इस कारण प्रशासन को कॉरिडोर निर्माण के लिए रेलवे से जमीन लेने में कठिनाई आ रही थी। इस समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने रेलवे को 17 एकड़ 47.625 डिसमिल जमीन के बदले तीन जगह की जमीन देने का निर्णय लिया है। इन तीन जगहों में शामिल हैं: जगदीशपुर हॉल्ट के पास बिहार सरकार की 18.98 एकड़ जमीन, बरारी के समीप 0.6 डिसमिल जमीन और सुल्तानगंज में एनएच के आईबी के पास 0.7 एकड़ जमीन। जिला प्रशासन ने जमीन के बदले जमीन देने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाते हुए समाहर्ता ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव को नि:शुल्क भू-स्थानांतरण के लिए पत्र भेजा है। विभाग की मंजूरी मिलते ही लैंड एक्सचेंज (बदलेन) का काम शुरू हो जाएगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद सुल्तानगंज में भी उज्जैन और वाराणसी की तरह ‘शिव कॉरिडोर’ का निर्माण संभव हो जाएगा।इस भूमि एक्सचेंज से रेलवे को अपनी जमीन छोड़ने की अनुमति मिल सकेगी और कॉरिडोर निर्माण के लिए जरूरी भूमि मुहैया हो सकेगी।अब सिर्फ विभागीय मंजूरी और भूमि एक्सचेंज की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है, उसके बाद सुल्तानगंज में बिहार का पहला शिव कॉरिडोर बनने की दिशा में काम शुरू हो जाएगा। बहरहाल सुल्तानगंज में शिव कॉरिडोर का निर्माण सिर्फ एक धार्मिक स्थल का विस्तार नहीं होगा, बल्कि यह क्षेत्र की पहचान को भी बदल देगा। उज्जैन और वाराणसी जैसे प्रमुख शिव तीर्थस्थलों की तरह सुल्तानगंज में भी श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं बनेंगी। कॉरिडोर के बनने से यहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा, व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार होगा। साथ ही, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
लॉरेंस गैंग के कुख्यात अपराधी का एनकाउंटर, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार
22 Jan, 2026 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार पुलिस को पटना में अपराध और गैंगवार पर नकेल कसने के अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। खबर है कि पटना पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े कुख्यात अपराधी परमानंद यादव से बुधवार देर रात मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसका इलाज पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक, परमानंद यादव पर पटना सहित बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में 36 से अधिक संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और संगठित अपराध से जुड़े कई गंभीर केस शामिल हैं। लंबे समय से फरार चल रहा परमानंद यादव पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। पटना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का बिहार प्रभारी बताया जा रहा परमानंद यादव किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने के इरादे से पटना पहुंचा है। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराया गया और तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस उसकी गतिविधियों और लोकेशन पर नजर रखने लगी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि बुधवार की रात परमानंद यादव मसौढ़ी थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाला है। जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने एनएच-22 पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया और संभावित रास्तों पर नाकेबंदी कर दी गई। पुलिस के अनुसार, देर रात एनएच-22 पर लाला बीघा गांव के पास दूर से एक पल्सर बाइक की तेज रोशनी दिखाई दी। बाइक सामान्य गति से आ रही थी, जिससे पुलिस को संदेह हुआ। जैसे ही बाइक चेकिंग पॉइंट के करीब पहुंची, पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर उसे रुकने का इशारा किया। खुद को पुलिस से घिरा देख परमानंद यादव ने बाइक रोकी और अचानक कमर से पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से इलाके में अफरातफरी मच गई। पुलिसकर्मियों ने सड़क किनारे मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। परिणामस्वरूप एक गोली परमानंद यादव के पैर में लगी, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। पुलिस ने मौके का फायदा उठाते हुए उसे काबू में कर लिया और उसके पास से हथियार बरामद किए। मुठभेड़ में किसी भी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। इस बीच घायल परमानंद यादव को इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है।
पुलिस के अनुसार परमानंद यादव मूल रूप से झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चटेर गांव का निवासी है। वह लंबे समय से बिहार में अपना आपराधिक नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़कर उसने रंगदारी और संगठित अपराध की कई वारदातों को अंजाम दिया।
चाईबासा के जंगलों में बड़ी मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने कई नक्सलियों को किया ढेर
22 Jan, 2026 12:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड : के चाईबासा जिले के सारंडा जंगल में नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच बड़ी मुठभेड़ चल रही है। झारखंड पुलिस के अनुसार, इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और मुठभेड़ के दौरान कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और अभियान को और तेज कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को छोटा नागरा थाना क्षेत्र में बड़े नक्सलियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद संयुक्त सुरक्षा बलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही सुरक्षा बल नक्सलियों के करीब पहुंचे, माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए फायरिंग की, जिसके बाद इलाके में भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई।
सारंडा जंगल झारखंड में नक्सलियों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। पुलिस के अनुसार, झारखंड में नक्सलियों की कमान एक करोड़ रुपये के इनामी पोलित ब्यूरो मेंबर मिसिर बेसरा के हाथ में है। उसके साथ करीब 60 खूंखार नक्सलियों की टीम सक्रिय है, जिसमें केंद्रीय कमेटी के सदस्य अनल दा और असीम मंडल समेत झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी के सदस्य सुशांत जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि नक्सलियों के पास अब सरेंडर के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। जहां छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों में बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं, वहीं सारंडा क्षेत्र में अब तक ऐसी कोई बड़ी पहल देखने को नहीं मिली है। इसी वजह से सुरक्षा बलों ने निर्णायक अभियान शुरू कर दिया है और कोल्हान तथा पोड़ाहाट जैसे क्षेत्रों में ऑपरेशन तेज कर दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 17-18 जनवरी को छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ में छह नक्सली मारे गए थे और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। Jharkhand Naxal Encounter से यह संकेत मिल रहा है कि सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक चरण में पहुंच चुके हैं और आने वाले दिनों में बड़े नतीजे सामने आ सकते हैं।
झारखंड Weather Alert: 26 जनवरी को सावधान! तिरंगा फहराने से पहले जान लें कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
22 Jan, 2026 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Weather Update के अनुसार झारखंड में मौसम का मिजाज इन दिनों लगातार बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच ठंड का हल्का असर अब भी बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया है कि राज्य में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। इससे सुबह और देर रात ठंड का अहसास बढ़ेगा। हालांकि इसके बाद तापमान में तीन से चार डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान दिन के तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन सुबह-शाम की ठंड लोगों को परेशान कर सकती है। Jharkhand Weather Update में यह भी साफ किया गया है कि ठंड अभी पूरी तरह से विदा नहीं हुई है और कुछ दिन तक इसका असर बना रहेगा।
26 जनवरी को मौसम का स्वरूप थोड़ा अलग रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 26 जनवरी की सुबह राज्य के कई इलाकों में कोहरा छा सकता है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और सुबह के समय आवागमन प्रभावित हो सकता है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ मौसम शुष्क रहेगा और बारिश की कोई संभावना नहीं है।
आगे चलकर मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। विभाग के अनुसार 26 जनवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके दो दिन बाद इसका असर झारखंड में भी दिख सकता है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें तो बुधवार को राज्य में सबसे अधिक तापमान चाईबासा में 30.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रांची का न्यूनतम तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो पिछले 24 घंटे में 1.9 डिग्री अधिक है। मेदिनीनगर में न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री और गुमला में सबसे कम 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कुल मिलाकर Jharkhand Weather Update लोगों को सुबह के समय सतर्क रहने की सलाह देता है।
Godda Murder Case: पत्नी की हत्या की सुपारी, पति निकला साजिशकर्ता
22 Jan, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Godda Murder Case में पुलिस जांच के बाद एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। गोड्डा जिले के पथरगामा थाना क्षेत्र अंतर्गत गांधी ग्राम चौक के पास 17 जनवरी की देर शाम महिला वंदना कुमारी को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल करने की घटना के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि खुद उसका पति साजिशकर्ता निकला। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पति ने पत्नी की हत्या के लिए दो लाख रुपये की सुपारी दी थी।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड पीड़िता का पति संतोष कुमार साह है, जो वर्तमान में बिहार के समस्तीपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत है। पति-पत्नी के बीच गोड्डा परिवार न्यायालय में पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपी पति ने पत्नी से हमेशा के लिए छुटकारा पाने की योजना बनाई और सुपारी किलरों को काम सौंपा।
Godda Murder Case की जांच के तहत गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के भागलपुर जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में जनमोहम्मदपुर गांव निवासी श्याम कुमार साह, सिकरगढ़ टोला निवासी सुबोध कुमार साह और काजीपुरा गांव निवासी मो. आरिफ शामिल हैं। पूछताछ में तीनों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
पुलिस के मुताबिक, योजना के अनुसार 17 जनवरी की शाम आरोपी मोटरसाइकिल से गांधी ग्राम चौक पहुंचे और वंदना कुमारी पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल महिला ने अपने फर्द बयान में पति के साथ-साथ देवर पर भी गोली चलाने का आरोप लगाया है। इसी बयान के आधार पर पथरगामा थाना में चार नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
Godda Murder Case में सामने आए इस खुलासे ने न केवल इलाके को हिला कर रख दिया है, बल्कि कानून के पद पर बैठे व्यक्ति की संलिप्तता ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब इस साजिश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
राशिफल 08 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
धान-मक्का की पारंपरिक खेती से नहीं बदल रही थी जिंदगी
छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण द्वारा ग्राम गोढ़ी में हुआ किसान सम्मेलन
रतलाम के डायल-112 हीरोज
भोपाल नगर निगम का नवीन भवन बनेगा सुशासन का प्रतीक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मादा नीलगाय शिकार मामले में तीन आरोपियों का सरेंडर
धान के खेतों में अब उपज रही औषधीय समृद्धि
आदर्श जिला बनाने के लिए समन्वित प्रयास करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
समाज के समृद्ध लोग सामूहिक विवाह सम्मेलनों में विवाह का करें ट्रेंड सेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
‘ममता की हार का बदला लिया गया’: सुवेंदु अधिकारी का चौंकाने वाला आरोप
