बिहार-झारखण्ड
Ranchi Liquor Shop Update: 8 शराब दुकानों का नवीकरण नहीं, नई नीति का असर साफ
22 Jan, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi Liquor Shop से जुड़ी बड़ी खबर राजधानी रांची से सामने आई है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए खुदरा शराब कारोबार में अहम बदलाव देखने को मिल रहा है। रांची में पांच ग्रुप की कुल आठ खुदरा शराब दुकानों के नवीकरण के लिए आवेदन नहीं आए हैं। इसका साफ मतलब है कि मौजूदा संचालकों ने इन दुकानों को सरेंडर करने का फैसला किया है और वे नए वित्तीय वर्ष से शराब की खुदरा बिक्री से बाहर हो जाएंगे।
इस बदलाव के पीछे सितंबर 2025 से लागू हुई राज्य की नई उत्पाद नीति को अहम कारण माना जा रहा है। Ranchi Liquor Shop व्यवस्था के तहत अब राज्य भर में शराब की खुदरा दुकानें निजी हाथों में संचालित हो रही हैं। हालांकि नीति लागू हुए अभी चार महीने ही हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद कई दुकानदारों का इस नई व्यवस्था से मोह भंग होता नजर आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार, जिन दुकानों का नवीकरण नहीं कराया गया है, वहां अपेक्षित आय नहीं हो पा रही थी। दुकानदारों का कहना है कि नई नीति के तहत लागत अधिक है, जबकि मुनाफा उम्मीद से कम मिल रहा है। इसी वजह से उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए नवीकरण से दूरी बना ली। यह स्थिति साफ तौर पर Ranchi Liquor Shop कारोबार में दबाव को दर्शाती है।
उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानों के नवीकरण आवेदन नहीं आए हैं, उनकी बंदोबस्ती नए सिरे से की जाएगी। इसके लिए जल्द ही आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे और ई-लॉटरी के माध्यम से इन दुकानों का आवंटन होगा। विभाग की कोशिश है कि अप्रैल से पहले पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि नए सत्र में किसी तरह की बाधा न आए।
वर्तमान में रांची में कुल 87 ग्रुप के अंतर्गत 150 खुदरा शराब दुकानें हैं। इनमें से 82 ग्रुप की 142 दुकानों के नवीकरण आवेदन मिल चुके हैं, जबकि पांच ग्रुप की आठ दुकानों के आवेदन नहीं आए। जिन दुकानों का नवीकरण नहीं हुआ है, उनमें मोरहाबादी नंबर वन, चंदवे, टीपूदाना, लालपुर की दो दुकानें, सर्जना चौक और पुंदाग शामिल हैं। पूरे झारखंड में फिलहाल 1343 खुदरा शराब दुकानें संचालित हो रही हैं।
JPSC Result Controversy: 11वीं–13वीं परीक्षा परिणाम पर हाईकोर्ट सख्त, 342 अभ्यर्थी बनाए जाएंगे पक्षकार
22 Jan, 2026 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
JPSC Result Controversy को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा (विज्ञापन 01/2024) के परिणाम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रार्थियों की अंतरिम आवेदन याचिका स्वीकार करते हुए परीक्षा में सफल घोषित सभी 342 अभ्यर्थियों को मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया।
खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि संबंधित विभागों के प्रमुख दो सप्ताह के भीतर सभी 342 सफल अभ्यर्थियों को प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी करेंगे। इससे पहले अदालत ने राज्य सरकार और झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और अधिवक्ता संजय पिपरावाल का पक्ष सुना। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व की सुनवाई में कहा गया था कि इस याचिका में पारित होने वाला आदेश सभी प्रतिवादियों पर लागू होगा।
JPSC Result Controversy के तहत प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सुभाशीष रसिक सोरेन, मृणालिनी टेटे, शोभा लकड़ा और राजेश कुमार ने गंभीर आपत्तियां उठाईं। उन्होंने दलील दी कि 11वीं से 13वीं जेपीएससी मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन आयोग की नियमावली के अनुरूप नहीं किया गया। आरोप है कि उत्तरपुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराया गया, जबकि न तो नियमावली में और न ही परीक्षा विज्ञापन में डिजिटल मूल्यांकन का कोई प्रावधान है।
इसके अलावा प्रार्थियों ने कहा कि नियमों के अनुसार उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन विशेषज्ञ और कम से कम दस वर्षों के अनुभव वाले शिक्षकों से कराया जाना चाहिए था। इसके विपरीत, दो से तीन वर्षों से कार्यरत घंटी आधारित, संविदा और गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों से भी मूल्यांकन कराया गया, जो नियमों का उल्लंघन है। इन्हीं आधारों पर एकल पीठ के आदेश को चुनौती देते हुए रिजल्ट रद्द कर पुनर्मूल्यांकन की मांग की गई है।
झारखंड में फिर शुरू होगा ठंड का सितम, घने कोहरे की चादर में लिपटेगा पूरा राज्य, जानें आपके जिले का हाल
21 Jan, 2026 09:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Weather Update के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे सुबह और रात के समय ठंड बढ़ेगी। हालांकि, इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 24 और 25 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। वहीं 26 जनवरी को सुबह के समय कोहरा रहने के बाद मौसम साफ और शुष्क रहने की उम्मीद है। इस मौसम परिवर्तन का असर जनजीवन, यातायात और कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।
Jharkhand Weather Update में यह भी चेतावनी दी गई है कि पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंडी हवाओं का प्रभाव बढ़ेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों और खुले क्षेत्रों में ठंड ज्यादा महसूस होगी। कई जिलों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है। ऐसे में सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। लोगों को सुबह के समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बीते 24 घंटों में राज्य के अधिकांश जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। चाईबासा में अधिकतम तापमान 31.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रांची का न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा, जिसमें 2.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज हुई। मेदिनीनगर में न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री, बोकारो में 11.1 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री और कांके में 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
झारखंड निकाय चुनाव की आहट! वोटर लिस्ट रिवीज़न रुका, क्या अब होने जा रहे हैं चुनाव? पढ़ें लेटेस्ट अपडेट
21 Jan, 2026 09:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Voter List Update को लेकर बड़ा संकेत सामने आया है। भारत निर्वाचन आयोग झारखंड में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया फिलहाल टाल सकता है। पहले संभावना जताई जा रही थी कि फरवरी महीने में राज्य में एसआइआर की घोषणा होगी, लेकिन नगर निकाय चुनाव के कारण अब इसमें देरी तय मानी जा रही है।
राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र मॉडल की तर्ज पर झारखंड में भी नगर निकाय चुनाव संपन्न होने के बाद ही एसआइआर की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों का मानना है कि चुनाव के दौरान मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन करने से चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से चुनाव आयोग इस समय एसआइआर को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं कर रहा है।
Jharkhand Voter List Update के तहत यह भी सामने आया है कि आयोग की प्रस्तावित झारखंड यात्रा भी फिलहाल टाल दी गई है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि एसआइआर को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर ही अगला कदम उठाया जाएगा।
हालांकि, एसआइआर से पहले मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राज्य में बड़ा काम हो चुका है। अब तक करीब 12 लाख ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जो या तो मृत पाए गए हैं या लंबे समय से अपने पते पर मौजूद नहीं हैं। इसके अलावा दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम भी चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें पुनरीक्षण से पहले हटाया जाना है।
राज्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय वर्ष 2003 की मतदाता सूची के आधार पर पैरेंटल मैपिंग का कार्य तेजी से कर रहा है। अब तक 78 प्रतिशत मैपिंग पूरी हो चुकी है और एसआइआर की घोषणा से पहले इसे 100 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
रांची में मौत का खुला नाला: फुटबॉल खेलते-खेलते काल के गाल में समाया 2 साल का मासूम, सिस्टम पर उठे सवाल
21 Jan, 2026 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi Open Drain Tragedy ने एक बार फिर रांची नगर निगम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। राजधानी के कांटाटोली स्थित मौलाना आजाद कॉलोनी रोड नंबर सात में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में दो वर्षीय मो फरहान की खुले नाले में डूबने से मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 11 बजे उस समय हुई, जब मो फरहान अपने बड़े भाई मो अरहान के साथ फुटबॉल खेल रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेलते-खेलते दोनों बच्चे फिसलकर खुले नाले में गिर गए। बच्चों की चीख सुनते ही उनकी मां मौके पर पहुंचीं और बिना अपनी जान की परवाह किए नाले में कूद गईं। उन्होंने बड़े बेटे मो अरहान को तो बचा लिया, लेकिन तेज बहाव के कारण छोटे बेटे मो फरहान का हाथ उनकी पकड़ से छूट गया। अत्यधिक पानी शरीर में चले जाने से मासूम की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से बच्चे को नाले से बाहर निकाला गया। उसे तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस Ranchi Open Drain Tragedy के बाद पूरे मोहल्ले में शोक और गुस्से का माहौल है। मृतक के पिता मो अरसद मजदूरी करते हैं, जबकि दादा मो सलीम गैरेज चलाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस नाले में यह हादसा हुआ, उसे पहले तार लगाकर घेरने की योजना थी, लेकिन काम शुरू नहीं हो सका। यही लापरवाही इस हादसे की बड़ी वजह बनी। उल्लेखनीय है कि झारखंड हाईकोर्ट पहले ही खुले नालों को ढंकने के निर्देश दे चुका है, इसके बावजूद कई खतरनाक नाले आज भी खुले हैं।
रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव ने घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि नाला बड़ा है और इसे ढंकना एक बड़ा प्रोजेक्ट है। निगम की टीम जल्द निरीक्षण करेगी और एस्टीमेट बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, Ranchi Open Drain Tragedy ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
200 से कम बैलेंस हुआ तो गुल हो जाएगी बत्ती, स्मार्ट मीटर के नए नियमों ने उड़ाई नींद
21 Jan, 2026 09:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi Smart Meter Issue अब रांची शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। बिजली विभाग ने अप्रैल तक 3.70 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य तय किया है, जिसमें से अब तक करीब 3.40 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। विभाग का दावा है कि केवल 30 से 35 हजार उपभोक्ताओं के घरों में ही स्मार्ट मीटर लगना बाकी है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल और सप्लाई को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस 200 रुपये से नीचे जाता है, वैसे ही तुरंत बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को समय पर अलर्ट या सूचना भी नहीं मिल पाती, जिससे अचानक अंधेरा छा जाता है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों वाले परिवारों और दुकानदारों को इससे खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
Ranchi Smart Meter Issue में एक बड़ी समस्या भुगतान के बाद भी कनेक्शन बहाल होने में देरी की है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन या काउंटर से राशि जमा करने के बावजूद बिजली तुरंत चालू नहीं होती। कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे स्मार्ट मीटर के ऑटोमैटिक सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसके अलावा, स्मार्ट मीटर लगने के बाद ज्यादा बिजली बिल आने की शिकायतें भी बढ़ी हैं। कुछ उपभोक्ताओं का दावा है कि उनकी खपत पहले जैसी ही है, लेकिन बिल की राशि पहले से कहीं अधिक आ रही है। इसे लेकर उपभोक्ता बिलिंग सिस्टम की जांच और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
Weather Update: अगले 48 घंटों में बदलेगा मौसम, कनकनी से मिलेगी निजात; जानें आपके शहर के तापमान का ताजा हाल
20 Jan, 2026 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Weather Update के अनुसार राज्य में मौसम में हल्का बदलाव देखा गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क रहा, जबकि कुछ क्षेत्रों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि आने वाले दो दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान स्थिर रहने की संभावना जताई गई है।
राज्य के प्रमुख शहरों में सोमवार को रिकॉर्ड किया गया तापमान इस प्रकार है: रांची में अधिकतम 27.2°C और न्यूनतम 8.4°C, जमशेदपुर 30.5°C और 10.0°C, मेदिनीनगर 28.8°C और 6.7°C, बोकारो 27.5°C और 7.2°C, चाईबासा 32.0°C और 9.2°C, खूंटी 27.8°C और 5.1°C। इसके अलावा लोहरदगा 27.2°C और 6.3°C, लातेहार 22.6°C और 13.1°C, सरायकेला 29.8°C और 9.2°C, पाकुड़ 26.7°C और 9.9°C, कोडरमा 25.7°C और 9.4°C, गुमला 26.1°C और 5.3°C तापमान दर्ज किया गया।
विशेष रूप से रांची और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 8.4°C रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले दिन की तुलना में 1.8°C अधिक है। वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक 27.2°C पर रहा। मौसम विभाग ने चेताया है कि मंगलवार को रांची में सुबह कोहरा रहेगा, लेकिन दिन के समय आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। कांके क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 8.2°C रिकॉर्ड किया गया।
झारखंड में अफसर बनने का सुनहरा मौका: JPSC सिविल सेवा परीक्षा की तारीखें आईं सामने, जानें पदों का पूरा विवरण
20 Jan, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड में सिविल सेवा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। JPSC Civil Service Exam 2025 के तहत झारखंड लोक सेवा आयोग ने 142 नियमित पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए कार्मिक विभाग ने आयोग को औपचारिक रूप से नियुक्ति प्रस्ताव भेज दिया है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आगे चलकर पदों की संख्या में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। इसके अलावा, 45 पद बैकलॉग श्रेणी के बताए गए हैं।
इन 142 नियमित पदों में झारखंड प्रशासनिक सेवा के 28 पद, झारखंड पुलिस सेवा के 42 पद, जिला समादेष्टा के 2 पद, प्रोवेशन अधिकारी के 4 पद और सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा के 3 पद शामिल हैं। वहीं, सहायक निबंधक कृषि के 2 पद, सहायक नगर आयुक्त के 10 पद और सूचना सेवा के 6 पद भी रिक्त हैं। इसके अतिरिक्त अन्य राज्य सेवाओं के लिए भी परीक्षा आयोजित की जाएगी। बैकलॉग पदों में प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ शिक्षा सेवा से जुड़े पद शामिल किए गए हैं।
कार्मिक विभाग की अधियाचना के आधार पर आयोग ने परीक्षा का संभावित कार्यक्रम भी तय कर लिया है। प्रारंभिक परीक्षा 8 मार्च 2026 को आयोजित की जा सकती है। इसके बाद मुख्य परीक्षा 2, 3 और 4 मई 2026 को प्रस्तावित है। वहीं, साक्षात्कार 16, 17, 18 और 19 जून 2026 को लिए जाने की संभावना है। उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु सीमा की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी।
जेपीएससी अब तक कई सिविल सेवा परीक्षाएं आयोजित कर चुका है। वर्ष 2003 से लेकर 2023 तक अलग-अलग चरणों में सैकड़ों पदों पर भर्ती की गई है। कुल मिलाकर, JPSC Civil Service Exam 2025 झारखंड के युवाओं के लिए सरकारी सेवा में प्रवेश का एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
सुसाइड नोट ने खोली पोल! BIT मेसरा की छात्रा ने क्यों लगाया मौत को गले? हॉस्टल के कमरे में मिली लाश से मचा हड़कंप
20 Jan, 2026 08:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची स्थित बीआईटी मेसरा से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। Student Suicide Case के तहत होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही फर्स्ट ईयर की छात्रा प्रियंका कुमारी (27) ने अपने घर के कमरे में आत्महत्या कर ली। यह घटना सोमवार दोपहर करीब 3:15 बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले प्रियंका ने अपनी मां उषा देवी को मोबाइल फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कहा कि “अब हम नहीं मिलेंगे।” यह सुनते ही मां घबरा गईं और तुरंत बीआईटी कैंपस स्थित क्वार्टर की ओर दौड़ीं। वहां पहुंचने पर उन्होंने प्रियंका को कमरे में अचेत अवस्था में पाया। आसपास के लोगों की मदद से उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
बीआईटी थाना प्रभारी अजय कुमार दास ने बताया कि मृतका के कमरे से सुसाइड नोट और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस परिजनों के बयान भी दर्ज कर रही है और मामले की हर पहलू से जांच जारी है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो प्रियंका की मां उषा देवी बीआईटी मेसरा के परीक्षा विभाग में चतुर्थवर्गीय कर्मचारी हैं। प्रियंका के पिता का पहले ही निधन हो चुका है। परिवार मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला है और वर्तमान में बीआईटी कैंपस के क्वार्टर में रह रहा था। प्रियंका अपनी मां के साथ रहते हुए होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रही थी।
GST महाघोटाला: फर्जी ई-वे बिल के जरिए 330 करोड़ का अवैध धंधा, DGGI ने 61.89 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी; कई गिरफ्तार
20 Jan, 2026 08:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
GST Scam News के तहत झारखंड के धनबाद से एक बड़े कर घोटाले का खुलासा हुआ है। राज्यकर विभाग की जांच में सामने आया है कि फर्जी कंपनियों के नाम पर ई-वे बिल जनरेट कर करीब 330.54 करोड़ रुपये की अवैध बिक्री की गई। इस फर्जी कारोबार में कोयला, लोहा और सीमेंट जैसे महत्वपूर्ण संसाधन शामिल हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पूरा खेल बीते सात महीनों से लगातार चल रहा था।
जांच में पता चला है कि शेल कंपनियों ने कागजों पर खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत लाभ उठाया। नियमों के अनुसार बिक्री के बाद जीएसटीआर-3बी रिटर्न दाखिल करना जरूरी होता है, लेकिन इन कंपनियों ने रिटर्न फाइल नहीं किया। इसी लापरवाही से राज्यकर विभाग को संदेह हुआ और जांच शुरू की गई। जांच में यह सामने आया कि बिक्री पर देय टैक्स को आईटीसी से एडजस्ट दिखाकर लगभग 61.89 करोड़ रुपये का जीएसटी हड़प लिया गया।
राज्यकर विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, सात माह में कुल 10 फर्जी शेल कंपनियों की भूमिका सामने आई है। इन कंपनियों ने ई-वे बिल के जरिए 330 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध कारोबार किया। जब विभागीय टीम ने कंपनियों के रजिस्ट्रेशन पते की जांच की, तो वहां कार्यालय की जगह खाली जमीन पाई गई। इनमें से छह कंपनियां धनबाद और चार झरिया क्षेत्र में पंजीकृत बताई गई थीं, जबकि दो कंपनियां सेंट्रल जीएसटी से भी रजिस्टर्ड थीं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी रेंट एग्रीमेंट और पैन कार्ड के जरिए ऑनलाइन जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया। खदानों से निकले दो नंबर के कोयले को एक नंबर बताकर ई-वे बिल बनाए गए और उसे राज्य के बाहर या स्थानीय उद्योगों में खपाया गया। कुल मिलाकर, GST Scam News ने राज्य में कर व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिहार के कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट
18 Jan, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। एक बार फिर बिहार में मौसम करवट ले रहा है। मौसम विभाग ने आज 19 और कल 20 जनवरी को राज्य के कई हिस्सों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है। खासकर सुबह के समय कोहरे की चादर छाए रहने से लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर और उत्तर-पश्चिम बिहार के जिलों में घने कोहरे की संभावना अधिक है। सीमांचल, कोसी, मिथिला और उत्तर मध्य बिहार के इलाकों में सुबह के समय दृश्यता 50 से 100 मीटर तक सिमट सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से चलने, फॉग लाइट का इस्तेमाल करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले चार दिनों में राज्य के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। इससे पिछले कुछ दिनों से चल रही कड़ाके की ठंड और कनकनी से लोगों को कुछ हद तक राहत मिलेगी। दिन के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने से धूप की गर्माहट महसूस होगी, जिससे जनजीवन सामान्य होने लगेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव कमजोर पड़ रहा है, जिसके कारण आसमान साफ रहने की संभावना है। दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है। हालांकि, रात और सुबह के समय ठंड बनी रहेगी और कोहरे की स्थिति गंभीर बनी रह सकती है।
लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना पड़ी भारी, मुजफ्फरपुर नगर थानाध्यक्ष हुए लाइन हाजिर
18 Jan, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर नगर थानाध्यक्ष को लापरवाही और कोर्ट आदेश की अवहेलना भारी पड़ गई और उनके खिलाफ वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय द्वारा एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। खबर है कि मुजफ्फरपुर के नगर थानाध्यक्ष को उनके पद से हटाते हुए तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन पर कार्यों में घोर शिथिलता, मनमानी और वरीय अधिकारियों सहित न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरी कार्रवाई की वजह भूमि विवाद से जुड़ा एक पुराना मामला है, जो उच्च न्यायालय में लंबित था। जानकारी के अनुसार, इस मामले में न्यायालय ने कुछ विशिष्ट निर्देश जारी किए थे, जिनका अनुपालन नगर थानाध्यक्ष द्वारा समय सीमा के भीतर किया जाना था। लेकिन थानाध्यक्ष द्वारा इन आदेशों की अनदेखी की गई। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए पटना हाईकोर्ट ने अपनी स्पष्ट अप्रसन्नता जाहिर की। न्यायालय की इस तल्ख टिप्पणी को पुलिस मुख्यालय ने गंभीरता से लिया और मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नगर-01), मुजफ्फरपुर ने विस्तृत जांच की। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के आचरण को अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता का परिचायक माना गया। रिपोर्ट के आधार पर तिरहुत क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) चंदन कुशवाहा के अनुमोदन के उपरांत, एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से पुलिस केंद्र, मुजफ्फरपुर वापस (लाइन हाजिर) बुलाने का पत्र जारी कर दिया। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा है।
छात्रा से दुष्कर्म-मौत मामले में एसआईटी पहुंची नर्सिंग होम, मृतक का मोबाइल किया जब्त
18 Jan, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा से दुष्कर्म औरे मौत मामले ने सियासी मोड़ ले लिया है। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर बिहार में प्रदर्शन हो रहा है। रविवार को एसआईटी की टीम नर्सिंग होम में जांच करने पहुंची। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने मामले में मृतका का मोबाइल जब्त किया है। मोबाइल में जिन नंबरों पर सबसे ज्यादा बातचीत हुई है, उनकी जांच की जा रही है। सबसे पहले छात्रा का ट्रीटमेंट इसी अस्पताल में हुआ था। यह अस्पताल डॉक्टर सहजानंद प्रसाद सिंह का है। सहजानंद आईएमए के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार की विधि व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है। सीएम नीतीश की चुप्पी आपराधिक है। भ्रष्ट तंत्र और मशीनी यंत्र निर्मित डबल इंजन की एनडीए सरकार अत्याचारियों, भ्रष्टाचारियों, अपराधियों और बलात्कारियों का विश्वसनीय उपकरण बन चुकी है। वहीं वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
वीआईपी चीफ मुकेश सहनी ने कहा कि हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाली जब सुरक्षित नहीं है, तो ये पूरे शासन और प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत और उसके साथ कथित यौन हिंसा की घटना ने पूरे प्रदेश और देश को झकझोर दिया है। यह घटना न केवल शर्मनाक है बल्कि बिहार की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़ा करती है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
बिहार में जज की पत्नी को मारी गोली, कोर्ट में आई थी गवाही देने
18 Jan, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के समस्तीपुर में तैनात जज संतोष कुमार साह की पत्नी वंदना को झारखंड में गोली मारी गई है। उन्हें दो गोली लगी है। वंदना का गोड्डा कोर्ट में पति से तलाक का केस चल रहा है। संतोष कुमार साह पटोरी अनुमंडल में न्यायिक जज हैं। वंदना का कहना है कि वो शनिवार को अदालत से लौट रही थी। इस दौरान बाइक पर सवार दो बदमाशों ने उसका पीछा किया और अचानक फायरिंग कर दी। गोली लगते ही वंदना सड़क पर गिर गईं, जबकि हमलावर मौके से फरार हो गए।
पुलिस के मुताबिक गोली मारने वालों में महिला के दो देवर भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन महिला की हालत को देखते हुए उसे भागलपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक वंदना कुमारी हनवारा थाना क्षेत्र के पुराना गांव की रहने वाली है। वंदना ने अपने ससुराल पक्ष के खिलाफ दहेज प्रताड़ना की प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसकी सुनवाई गोड्डा कोर्ट में चल रही है। शनिवार को वह मामले में गवाही देने कोर्ट आई थीं। गवाही के बाद शाम में अपने मायके लौटते समय दो बाइक सवारों ने गोली चला दी। एक गोली जबड़े में, दूसरी पीठ में लगी। वंदना ने पुलिस को बताया कि हमलावर चार लोग थे, जिनमें उसके दो देवर भी शामिल हैं। इनमें से एक देवर का नाम गुड्डू साह बताया है।
11 साल का लंबा इंतजार खत्म! आज से खुले रिम्स के 'रीजनल आई इंस्टीट्यूट' के दरवाजे, जानें क्या मिलेंगी सुविधाएं
18 Jan, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची : रिम्स परिसर में 11 साल से निर्माणाधीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान अब पूरी तरह तैयार हो गया है. 18 जनवरी से यहां मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा, जबकि भवन का औपचारिक उद्घाटन बाद में किया जाएगा. यह इमारत झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई है और इसका संयुक्त निरीक्षण निदेशक सहित अन्य अधिकारियों ने किया.
रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने नेत्र और ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे 18 जनवरी तक अपने विभागों को नए आरआरडीओ भवन में शिफ्ट कर दें. पुराने भवन की मरम्मत भी की जाएगी, इसलिए विभागों को समय पर स्थानांतरित होना आवश्यक है.
संस्थान में मरीजों के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मियों समेत कुल 103 पद स्वीकृत किए गए हैं. रोस्टर क्लियरेंस के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. यहां मोतियाबिंद, कॉर्निया ट्रांसप्लांट, रेटिना, ग्लूकोमा और बच्चों की आंखों की गंभीर बीमारियों का आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा. रिम्स आई बैंक के अनुसार, कॉर्निया ट्रांसप्लांट की संख्या संस्थान शुरू होने के बाद दोगुनी तक बढ़ सकती है.
संस्थान का निर्माण 2014 में स्टेडियम के पास तीन एकड़ जमीन पर शुरू हुआ था. प्रारंभिक लागत करीब 39.5 करोड़ रुपये थी, जो अब लगभग 85 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है. आठ मंजिला भवन में पहली मंजिल पर ओपीडी और रिसेप्शन, दूसरी पर निदेशक कक्ष और छोटा ऑपरेशन थिएटर, तीसरी पर बड़ा ऑपरेशन थिएटर, चौथी और पांचवीं पर वार्ड, और ऊपर की मंजिलों पर सेमिनार हॉल और लेक्चर थिएटर बनाए गए हैं.
संस्थान शुरू होने के बाद आंखों से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज एक ही छत के नीचे संभव होगा, जिससे मरीजों को काफी सुविधा और राहत मिलेगी.
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