बिहार-झारखण्ड
सांसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, हमलावरों ने पीए और ड्राइवर को मारा
13 May, 2026 08:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
औरंगाबाद। बिहार के औरंगाबाद जिले में मंगलवार की देर शाम राजद सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा के वाहन पर जानलेवा हमला और तोड़फोड़ की घटना से सनसनी फैल गई। यह घटना मदनपुर थाना अंतर्गत हसनबार गांव के समीप तब घटित हुई जब सांसद के कर्मचारी एक विवाह समारोह से वापस लौट रहे थे। हमलावरों ने न केवल सांसद की गाड़ी के शीशे चकनाचूर कर दिए, बल्कि उनके निजी सहायक और चालक के साथ भी जमकर मारपीट की। सौभाग्यवश घटना के समय सांसद वाहन में सवार नहीं थे, अन्यथा कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
संकरी सड़क पर साइड देने के विवाद में उपजा भारी बवाल
विवाद की शुरुआत सड़क पर वाहनों को रास्ता देने जैसी मामूली बात को लेकर हुई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप धारण कर लिया। बताया जा रहा है कि सांसद के निजी सहायक संजय कुमार एक शादी समारोह से लौट रहे थे, तभी सामने से आ रहे दूल्हा पक्ष के वाहनों के साथ रास्ते को लेकर कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सांसद के चालक ने गाड़ी पीछे कर रास्ता देने का प्रयास भी किया, लेकिन विपक्षी पक्ष के लोगों ने जानबूझकर वाहन को सामने खड़ा कर दिया और विवाद को मारपीट की दहलीज तक खींच लिया।
वाहन चालक के साथ बर्बरता और पीए से धक्का-मुक्की
हमले के दौरान उपद्रवियों ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए सांसद के चालक नौलेश यादव उर्फ रौशन की बेहरमी से पिटाई की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। बीच-बचाव करने उतरे सांसद के निजी सहायक को भी उपद्रवियों के कोपभाजन का शिकार होना पड़ा। हमलावरों ने वाहन पर लगे सांसद के बोर्ड और उसकी गरिमा को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए पत्थरबाजी की और वाहन को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
आरोपियों की शिनाख्त और पुलिस की सक्रियता
वारदात की सूचना मिलते ही मदनपुर पुलिस और सदर एसडीपीओ-2 चंदन कुमार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, हालांकि पुलिस के पहुंचने से पूर्व ही नामजद आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। पीड़ित पक्ष ने हमले में शामिल हसनबार गांव के तीन स्थानीय युवकों की पहचान करने का दावा किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण बारात के दौरान वाहन साइड करने को लेकर हुई नोकझोंक सामने आई है और लिखित शिकायत मिलते ही दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सांसद अभय कुशवाहा का कड़ा रुख और न्याय की मांग
इस हिंसक घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सांसद अभय कुशवाहा ने इसे लोकतंत्र और जनप्रतिनिधि की सुरक्षा पर हमला करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह उस समय पटना में थे, लेकिन उनकी गाड़ी पर सांसद का बोर्ड होने के बावजूद इस तरह का दुस्साहस करना कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसा है। सांसद ने जिले के पुलिस कप्तान अंबरीश राहुल से दूरभाष पर वार्ता कर हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी और इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
तीन जिलों में पकड़े गए जालसाज, NEET परीक्षा पर बुरा असर
12 May, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बिहार सहित देशभर में 3 मई को आयोजित की गई नीट (NEET) परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। पिछले कई दिनों से पेपर लीक और धांधली की शिकायतों के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। अब इस पूरे प्रकरण की कमान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई है। जल्द ही परीक्षा की नई तिथियां घोषित की जाएंगी।
बिहार में सक्रिय सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़
नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक गिरोह का खुलासा बिहार के नालंदा जिले से हुआ। पुलिस ने राजगीर में वाहन चेकिंग के दौरान पावापुरी विम्स (VIMS) के एमबीबीएस छात्र अवधेश कुमार को उसके साथियों के साथ दबोचा था। अवधेश के मोबाइल से मिले सुरागों ने इस पूरे नेक्सस की पोल खोल दी, जिसके बाद औरंगाबाद, जमुई और मुजफ्फरपुर में छापेमारी कर कई फर्जी अभ्यर्थियों और स्कॉलर्स को गिरफ्तार किया गया।
45 लाख रुपये में नीट पास कराने की डील
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। गिरोह के मुख्य सरगनाओं उज्ज्वल राज, अवधेश और अमन सिंह के साथ अभ्यर्थियों की डील 45 लाख रुपये में तय हुई थी। इसमें से 1.5 से 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर पहले ही लिए जा चुके थे। योजना यह थी कि असली अभ्यर्थियों की जगह विशेषज्ञ सॉल्वर को परीक्षा में बैठाकर उन्हें पास कराया जाए, लेकिन समय रहते पुलिस की कार्रवाई ने इस साजिश को नाकाम कर दिया।
सीबीआई करेगी गिरोह के तार खंगालने की जांच
एनटीए द्वारा परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब इस मामले की परतें सीबीआई खोलेगी। सीबीआई की एक विशेष टीम जल्द ही बिहार पहुंचकर जेल में बंद सातों आरोपियों से पूछताछ करेगी। जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि पेपर लीक के तार कहां तक जुड़े हैं और इस अवैध उगाही गिरोह में और कौन-कौन से रसूखदार लोग शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की हुई पहचान
इस मामले में पुलिस ने अब तक कुल सात लोगों को सलाखों के पीछे भेजा है। पकड़े गए आरोपियों में सीतामढ़ी निवासी हर्षराज, मुजफ्फरपुर के मनोज कुमार, गौरव कुमार और सुभाष कुमार जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और मोबाइल रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जो इस बड़े परीक्षा घोटाले की पुष्टि करते हैं। इस कार्रवाई के बाद से फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में हड़कंप मचा हुआ है।
ट्रेन में हिंसा, पोरबंदर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मची अफरा-तफरी
12 May, 2026 01:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेतिया: पश्चिम चंपारण जिले में सोमवार शाम मुजफ्फरपुर-पोरबंदर एक्सप्रेस (19270) में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब स्लीपर कोच में सवार यात्रियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। ट्रेन के भीतर हुई इस मारपीट का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें यात्री एक-दूसरे के साथ हाथापाई करते और महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की करते नजर आ रहे हैं।
बेतिया स्टेशन से शुरू हुई कहासुनी
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत पोरबंदर एक्सप्रेस के कोच संख्या S2 में हुई। जैसे ही ट्रेन बेतिया स्टेशन से आगे बढ़ी, किसी बात को लेकर यात्रियों के दो गुटों में तीखी बहस छिड़ गई। यह मामूली विवाद कुछ ही पलों में इतना उग्र हो गया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलावर हो गए, जिससे पूरे डिब्बे में दहशत का माहौल बन गया।
मारपीट में युवक के सिर पर आई गंभीर चोट
हाथापाई के दौरान कोच में चीख-पुकार मच गई। वायरल हो रहे वीडियो में एक युवक के सिर से खून निकलता भी दिखाई दे रहा है, जिससे संघर्ष की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। हालांकि, घायल युवक की स्थिति और पहचान को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। घटना के दौरान सहमे हुए अन्य यात्रियों ने इसकी सूचना तुरंत रेल प्रशासन को दी।
पुलिस की कार्रवाई और सोशल मीडिया पर चर्चा
मामले की जानकारी मिलते ही नरकटियागंज रेल पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत कराया। रेल पुलिस ने ट्रेन में मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की है। इस बीच, किसी यात्री द्वारा बनाए गए वीडियो ने इंटरनेट पर तूल पकड़ लिया है, जिसे लेकर लोग रेल यात्रा के दौरान सुरक्षा पर सवाल उठा रहे हैं।
25 बूथों पर चल रहा मतदान, एलएलसी उपचुनाव में सियासी टकराव
12 May, 2026 12:23 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा/बक्सर: भोजपुर-सह-बक्सर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की रिक्त पड़ी विधान परिषद (MLC) सीट के लिए आज सुबह 8 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शाम 4 बजे तक चलने वाले इस मतदान में जनप्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दोनों जिलों में भारी पुलिस बल तैनात किया है। इस उपचुनाव का परिणाम 14 मई को घोषित किया जाएगा।
1. 6086 मतदाता तय करेंगे उम्मीदवारों का भविष्य
इस उपचुनाव में कुल 6086 मतदाता अपने वोट की ताकत से प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। मतदान के लिए भोजपुर और बक्सर जिलों में कुल 25 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। इस चुनाव की खास बात यह है कि इसमें आम जनता की जगह त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि (मुखिया, वार्ड सदस्य, बीडीसी, जिला परिषद सदस्य) और नगर निकायों के पार्षद सहित क्षेत्र के विधायक व सांसद वोट डालते हैं।
2. सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कांटे की टक्कर
चुनावी मैदान में मुख्य मुकाबला जदयू और राजद के बीच माना जा रहा है। नीतीश कुमार की पार्टी (जदयू) ने कन्हैया प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है, वहीं राजद की ओर से सोनू कुमार राय चुनौती पेश कर रहे हैं। इनके अलावा मैदान में मनोज उपाध्याय, लालू प्रसाद यादव, कन्हैया प्रसाद (द्वितीय) और निरंजन कुमार राय भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। यह सीट जदयू के पूर्व नेता राधाचरण सेठ के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
3. चुनाव प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
निर्वाचन आयोग ने खरमास खत्म होने के बाद 16 अप्रैल को इस सीट के लिए अधिसूचना जारी की थी। नामांकन और जांच की प्रक्रिया अप्रैल के अंत तक पूरी कर ली गई थी। आज 12 मई को हो रहे मतदान के बाद, सभी की निगाहें 14 मई पर टिकी हैं, जब मतगणना होगी और यह साफ हो जाएगा कि भोजपुर-बक्सर की इस महत्वपूर्ण सीट पर किसका कब्जा होगा।
बिहार को बड़ी सौगात, Purnia से Delhi पहुंचना होगा तेज
12 May, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेलवे ट्रैक के सुदृढ़ीकरण से कम होगा सफर का समय
पूर्णिया:समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योतिष प्रकाश मिश्रा ने पूर्णिया कोर्ट स्टेशन के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि पूर्णिया-सहरसा रेलखंड पर ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए ट्रैक के आधुनिकीकरण का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। वर्तमान में इस मार्ग पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसे जल्द ही बढ़ाकर 130 किलोमीटर प्रति घंटा किया जाएगा। इस बदलाव से न केवल लंबी दूरी की ट्रेनों के समय में भारी बचत होगी, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित और आधुनिक सफर का अनुभव भी मिलेगा।
15 मई से नई समय सारणी और टिकट सेवाओं में विस्तार
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 15 मई 2026 से पूर्णिया और सहरसा से दिल्ली जाने वाली विशेष ट्रेनों के समय में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन अपने निर्धारित समय से ढाई घंटे पहले गंतव्य तक पहुँचेगी। इसके साथ ही, स्थानीय स्टेशनों पर टिकट बुकिंग की समस्या को दूर करने के लिए यूटीएस (UTS) और पीआरएस (PRS) सेवाओं को फिर से सक्रिय किया जा रहा है। इससे यात्रियों को रिजर्वेशन के लिए अन्य स्टेशनों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और वे आसानी से अपनी यात्रा की योजना बना सकेंगे।
स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं और सुरक्षा का जायजा
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने जानकीनगर और पूर्णिया कोर्ट स्टेशनों पर मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्भया योजना के अंतर्गत सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की जांच की और निर्माणाधीन प्रतीक्षालयों (वेटिंग रूम) को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। रेलवे के इस समग्र विकास कार्यों से मधेपुरा, सहरसा और पूर्णिया के लाखों निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
भूमि मापी के बदले रिश्वतखोरी, 3 लाख मांगने वाला अमीन गिरफ्तार
12 May, 2026 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमीन मापी के नाम पर वसूली जा रही थी मोटी रकम
हाजीपुर: वैशाली जिले के लालगंज अंचल में भ्रष्टाचार के विरुद्ध विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने अंचल अमीन सुजीत कुमार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई सराय और लालगंज निवासी दो व्यक्तियों की शिकायत पर की गई है। पीड़ितों का आरोप था कि जमीन की मापी और परिमार्जन (डिजिटल रिकॉर्ड सुधार) के काम के बदले अमीन द्वारा लाखों रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता पप्पू कुमार से 3 लाख और आनंद कुमार से 60 हजार रुपये की मांग की गई थी, जिसके बाद मामले की सूचना पटना स्थित निगरानी कार्यालय को दी गई।
जाल बिछाकर निगरानी टीम ने आरोपी को घेरा
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने गुप्त रूप से मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक चंद्रभूषण के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। सोमवार को जैसे ही अमीन सुजीत कुमार ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 50 हजार रुपये लिए, पहले से मुस्तैद निगरानी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। टीम आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद देर रात आरोपी को लेकर पटना रवाना हो गई।
लालगंज प्रखंड में भ्रष्टाचार की पुरानी जड़ें
लालगंज में भ्रष्टाचार का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले जून 2025 में भी निगरानी विभाग ने यहाँ बड़ी कार्रवाई की थी, जब तत्कालीन बीडीओ नीलम कुमारी और उनके ड्राइवर को प्रधानमंत्री आवास योजना के बदले घूस लेते गिरफ्तार किया गया था। बार-बार हो रही इन गिरफ्तारियों ने अंचल और प्रखंड कार्यालयों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों में सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर भारी रोष है। फिलहाल, गिरफ्तार अमीन से पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।
नशीले इंजेक्शन और अज्ञात कारणों से युवक की मौत, पुलिस जांच में जुटी
12 May, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला कारपेंटर का शव
नालंदा:बिहार के नालंदा जिले में दीपनगर थाना अंतर्गत डीटीओ ऑफिस के पीछे सोमवार की देर रात एक 20 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की शिनाख्त सोहसराय थाना क्षेत्र के मंसूरनगर निवासी राजीव कुमार के रूप में हुई है। राजीव पेशे से कारपेंटर था और वर्तमान में देवीसराय स्थित अपने ननिहाल में रहकर एक आरा मिल में काम करता था। घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिजनों ने इस मामले में हत्या की गहरी साजिश की आशंका जताते हुए पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप, प्रेम विवाह का दावा भी आया सामने
मृतक के भाई और अन्य सगे-संबंधियों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि राजीव की पीट-पीटकर हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि राजीव के शरीर पर चोट के निशान थे और कान से खून बह रहा था। इसी बीच मामले में एक नया मोड़ तब आया जब सोनी देवी नामक युवती ने सामने आकर खुद को राजीव की पत्नी बताया। युवती का दावा है कि उन्होंने साल 2021 में मंदिर में प्रेम विवाह किया था। युवती के अनुसार, घटना की शाम वे दोनों साथ थे, लेकिन बाद में राजीव ने फोन कर घबराहट होने की बात कही और अंततः वह खेत में बेसुध हालत में मिला।
पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार
दूसरी तरफ, पुलिस इस पूरे मामले को अलग नजरिए से देख रही है। दीपनगर थाना अध्यक्ष सुमन कुमार के मुताबिक, जिस स्थान पर शव मिला, वहां से नशे के इंजेक्शन और प्रतिबंधित दवाओं के खाली रैपर बरामद हुए हैं। शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इसे ड्रग्स के ओवरडोज का मामला मान रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी कि यह हत्या है या दुर्घटना। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया गया है और पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
दुबई जाने की तैयारी कर रहे युवक की होटल में संदिग्ध मौत
11 May, 2026 05:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के बरौली से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बरौली नगर परिषद (वार्ड संख्या 10) के निवासी निलेश कुमार सिंह की चेन्नई के एक होटल में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई। निलेश रोजगार के सिलसिले में दुबई जाने वाले थे और अपनी फ्लाइट पकड़ने के लिए चेन्नई में रुके हुए थे। इस दुखद खबर के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
संपर्क टूटने पर हुआ अनहोनी का अहसास
परिजनों के अनुसार, निलेश करीब दो सप्ताह पहले चेन्नई पहुँचे थे और अगले कुछ दिनों में उनकी विदेश यात्रा निर्धारित थी। 9 मई को उनकी अपनी पत्नी अमिता सिंह से सामान्य बातचीत हुई थी, लेकिन अगले दिन से उनका मोबाइल लगातार बंद आने लगा। अनहोनी की आशंका होने पर परिजनों ने निलेश द्वारा भेजी गई होटल की पर्ची के आधार पर इंटरनेट से नंबर निकालकर प्रबंधन से संपर्क किया। जब होटल के कर्मचारी कमरे में पहुँचे, तो निलेश वहां मृत पाए गए।
बाथरूम में फिसलने का दावा, पुलिस जाँच में जुटी
होटल प्रशासन का प्राथमिक तौर पर कहना है कि बाथरूम में पैर फिसलने की वजह से यह हादसा हुआ। हालांकि, स्थानीय पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल मामले को संदिग्ध मानते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
निलेश की मौत की खबर मिलते ही उनके घर में कोहराम मच गया। पिता विनोद सिंह सदमे में बेसुध हो गए हैं, वहीं पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दुखद स्थिति मासूम बेटे इशान की है, जो घर में मची चीख-पुकार को समझ भी नहीं पा रहा है। वर्तमान में मृतक के परिजन पार्थिव देह को वापस लाने के लिए चेन्नई रवाना हो चुके हैं। बरौली के स्थानीय लोगों ने इस दुखद घड़ी में परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
पटना के विकास को नई रफ्तार, अटल पथ के बाद बनेगा नवीन सिन्हा पथ
11 May, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और जलजमाव की समस्या से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। पटना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बहुप्रतीक्षित 'मंदिरी नाला परियोजना' का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज 115.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मेगा प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के विभिन्न मंत्री भी उपस्थित रहे।
बॉक्स ड्रेन तकनीक से बदली मंदिरी नाले की तस्वीर
मंदिरी नाला परियोजना के अंतर्गत आयकर चौराहा से अशोक राजपथ तक लगभग 1289 मीटर लंबी सड़क का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पुराने नाले का जीर्णोद्धार कर उसे पूरी तरह ढक दिया गया है और उसके ऊपर आधुनिक टू-लेन सड़क बनाई गई है। सितंबर 2023 में शुरू हुई इस परियोजना को मार्च 2026 की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया गया है, जिससे अब स्थानीय लोगों को गंदगी और बदबू से स्थायी राहत मिलेगी।
बेली रोड से बांस घाट तक सीधा संपर्क
नवनिर्मित संपर्क मार्ग 5.5 मीटर चौड़ा है, जिसके साथ ही 3.5 मीटर की सर्विस रोड और जल निकासी के लिए एक मीटर चौड़ा ड्रेन भी बनाया गया है। यह सड़क नेहरू पथ (बेली रोड) को दानापुर-बांकीपुर पथ के पास स्थित बांस घाट से सीधे जोड़ती है। आवागमन को सुचारू बनाने के लिए इस मार्ग पर कुल छह कल्वर्ट का निर्माण किया गया है, जिससे वाहन चालकों के समय की बचत होगी और मुख्य सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
जल निकासी व्यवस्था के लिए 'लाइफलाइन' साबित होगा प्रोजेक्ट
यह परियोजना पटना की ड्रेनेज व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मंदिरी नाले में एसपी वर्मा रोड, मीठापुर, गर्दनीबाग, इको पार्क और सिंचाई भवन जैसे कई प्रमुख इलाकों का पानी आकर मिलता है। नाले को बॉक्स ड्रेन में तब्दील करने से अब बारिश के समय जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। नाले की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों ने इसमें दो विशेष रैंप और यूटिलिटी डक्ट का निर्माण भी किया है।
शहर के इन प्रमुख इलाकों को मिलेगा लाभ
इस नए मार्ग के खुलने से आयकर चौराहा, छज्जूबाग, एमएलए फ्लैट और आसपास के रिहायशी इलाकों के निवासियों को सीधा फायदा होगा। स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के अनुसार, इस सड़क के शुरू होने से न केवल आवागमन आसान हुआ है, बल्कि इलाके के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ावा मिला है। भविष्य में इस मार्ग पर आधुनिक लाइटिंग और फुटपाथ की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी ताकि यह पटना के एक मॉडल रोड के रूप में स्थापित हो सके।
बंगाल CM के पीए हत्या मामले में बिहार कनेक्शन, बक्सर पहुंची STF
11 May, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर: पश्चिम बंगाल के चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच अब बिहार के बक्सर जिले तक पहुंच गई है। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल एसटीएफ (STF) ने बक्सर में छापेमारी कर एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी को दबोचा है। इस कार्रवाई के बाद से ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है।
बंगाल एसटीएफ की बक्सर में बड़ी छापेमारी
पश्चिम बंगाल एसटीएफ की टीम ने बक्सर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पांडेयपट्टी इलाके में अचानक दबिश दी। इस दौरान टीम ने कुख्यात अपराधी विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विशाल को शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या के सिलसिले में पकड़ा गया है। एसटीएफ की टीम कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अपने साथ पश्चिम बंगाल ले गई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी।
हिस्ट्रीशीटर विशाल पर दर्ज हैं दर्जनभर मामले
हिरासत में लिए गए विशाल श्रीवास्तव का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले जैसे करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की साजिश या उसे अंजाम देने में विशाल की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। एसटीएफ को उम्मीद है कि विशाल से पूछताछ के बाद इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के कई अनसुलझे पहलू सामने आ सकते हैं।
दो अन्य संदिग्धों के भी पकड़े जाने की चर्चा
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, एसटीएफ ने विशाल के साथ दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, हालांकि फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। आरोपी को पकड़ने के बाद मुफस्सिल थाने लाकर काफी देर तक पूछताछ की गई। बक्सर पुलिस ने इस पूरी कार्रवाई में बंगाल एसटीएफ का सहयोग किया है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी के कारणों की विस्तृत जानकारी केवल बंगाल एसटीएफ ही साझा कर सकती है।
पुलिस का आधिकारिक बयान और सहयोग
मुफस्सिल थाना के अपर थानाध्यक्ष मदन कुमार ने विशाल श्रीवास्तव को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। वहीं, अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने बंगाल एसटीएफ की छापेमारी में पूरा सहयोग प्रदान किया है। हालांकि, केस की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल पुलिस इस मामले में खुलकर कुछ भी बोलने से बच रही है। यह स्पष्ट है कि इस कार्रवाई के तार सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल की राजनीति और वहां हुए जघन्य हत्याकांड से जुड़े हैं।
BAU भर्ती विवाद: रोक के बाद भी जारी हुई नियुक्तियां, उठे भ्रष्टाचार के सवाल
11 May, 2026 09:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (BAU), सबौर एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई कृषि अनुसंधान नहीं बल्कि गैर-शैक्षणिक पदों पर हुई नियुक्तियों में सामने आया बड़ा विवाद है। विश्वविद्यालय में निदेशक, सहायक कुलसचिव और प्रशाखा पदाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर हुई बहाली में धांधली, भ्रष्टाचार और सरकारी नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगे हैं।
सरकारी पाबंदी को दरकिनार कर बांटे गए नियुक्ति पत्र
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि बिहार सरकार द्वारा नियुक्तियों पर लगाई गई रोक के बावजूद बहाली प्रक्रिया जारी रही। आरोप है कि सरकार ने अगस्त 2024 और मार्च 2025 में इस प्रक्रिया पर रोक की पुष्टि की थी, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने जून 2025 में गुपचुप तरीके से कॉल लेटर जारी कर दिए। पारदर्शिता का आलम यह रहा कि चयनित अभ्यर्थियों की सूची सार्वजनिक करने के बजाय उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ई-मेल के जरिए नियुक्ति पत्र भेजे गए।
चयन प्रक्रिया में भारी हेरफेर और 'अपारदर्शिता' का आरोप
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि फरवरी 2024 में विज्ञापन जारी होने के समय से ही अनियमितताएं शुरू हो गई थीं। पात्र और अपात्र उम्मीदवारों की सूची में मनमाने ढंग से बदलाव किए गए। समान योग्यता और 'रिमार्क्स' होने के बावजूद उम्मीदवारों के साथ दोहरा व्यवहार किया गया। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने सूची से 'रिमार्क्स' का कॉलम ही हटा दिया, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। साथ ही, श्रेणीवार रिक्तियों में अंतिम समय पर बदलाव कर योग्य उम्मीदवारों को बाहर करने का भी आरोप है।
करोड़ों का कथित लेन-देन और भ्रष्टाचार के संगीन आरोप
पूरे प्रकरण में न केवल प्रशासनिक चूक, बल्कि भारी आर्थिक भ्रष्टाचार की बात भी सामने आ रही है। शिकायतकर्ता ने इसे 'संगठित भ्रष्टाचार' करार देते हुए आरोप लगाया है कि नियुक्तियों के बदले मोटी रकम का लेन-देन हुआ है। इस मामले में वर्तमान कुलपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनकी आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग की गई है। साथ ही, वाराणसी में कुछ संदिग्ध निवेशों की स्वतंत्र जांच कराने के लिए राजभवन और कृषि मंत्री को पत्र लिखा गया है।
CAG की रिपोर्ट ने भी खोली नियुक्तियों की पोल
नियुक्ति प्रक्रिया की सत्यता पर महालेखाकार (CAG), पटना की ऑडिट रिपोर्ट ने भी मुहर लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, कई चयनित उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव निर्धारित मानदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके अलावा, रोस्टर प्रणाली का उल्लंघन, विज्ञापन के बाद वेतन स्तर में बदलाव और कृषि विभाग की अनुमति के बिना प्रक्रिया को आगे बढ़ाना जैसी कई गंभीर त्रुटियां उजागर हुई हैं। अब यह मामला पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज हो गई है।
मंत्री आवास के पास मिला शव, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
11 May, 2026 08:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी के पॉश इलाके पुनाईचक में कचरे के ढेर से मिले युवती के शव के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज वारदात की शिकार युवती की पहचान फुलवारी शरीफ की रहने वाली 18 वर्षीय किशोरी के रूप में हुई है। शास्त्री नगर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।
शादी से घर लौटते समय लापता हुई थी युवती
जानकारी के अनुसार, युवती अपने परिवार के साथ पटना सिटी में एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थी। समारोह से लौटने के दौरान पटना जंक्शन की भारी भीड़ के बीच वह अचानक लापता हो गई। मृतका के पिता, जो पेशे से ऑटो चालक हैं, ने बताया कि साधारण पृष्ठभूमि और कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी न होने के कारण परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। अंततः कपड़ों के आधार पर मां ने अपनी बेटी के शव की पहचान की।
दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका
मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर उसकी पहचान मिटाने के उद्देश्य से बेरहमी से हत्या कर दी गई। अपराधियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए पुनाईचक के कूड़ेदान का इस्तेमाल किया। परिजनों का मानना है कि उनकी आर्थिक तंगी और बेबसी का फायदा उठाकर अपराधियों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया है।
साक्ष्य जुटाने में जुटी पुलिस और एफएसएल की टीम
पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से महत्वपूर्ण सुराग एकत्र किए हैं। जांच के दौरान इलाके के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है, जिसमें कुछ संदिग्ध वाहनों की आवाजाही देखी गई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार और संदिग्धों की तलाश
पुलिस का कहना है कि संदिग्धों की धरपकड़ के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है। फिलहाल अधिकारियों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत के सही कारणों और समय की पुष्टि हो सकेगी। पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बहुत जल्द आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
गंगा में गिरी स्कॉर्पियो, बचाव से ज्यादा वीडियो बनाने में जुटी भीड़
11 May, 2026 07:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी के दीघा स्थित पाटीपुल घाट पर रविवार को एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ लापरवाही और मानवीय संवेदनहीनता का एक डरावना चेहरा सामने आया। शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त एक बुजुर्ग दंपत्ति की स्कॉर्पियो कार देखते ही देखते गंगा नदी की लहरों में समा गई। दुःखद बात यह रही कि मौके पर मौजूद सैकड़ों लोग मदद करने के बजाय इस पूरी घटना का वीडियो बनाने में व्यस्त रहे।
पूजा सामग्री विसर्जित करने आए थे बुजुर्ग दंपत्ति
मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले और वर्तमान में पटना के शिवपुरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी राम नरेश सिंह अपनी पत्नी के साथ घाट पर आए थे। उनके घर में आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वे पूजा सामग्री को गंगा में विसर्जित करने पहुँचे थे। राम नरेश सिंह के अनुसार, वे अपनी स्कॉर्पियो खड़ी कर नीचे उतरे ही थे कि तभी यह अनहोनी हो गई।
एक छोटी सी चूक और गहरे पानी में समा गई कार
घटना का मुख्य कारण एक छोटी सी तकनीकी लापरवाही रही। ढलान पर गाड़ी खड़ी करने के दौरान राम नरेश सिंह हैंड-ब्रेक लगाना भूल गए। जैसे ही वे दोनों कार से बाहर निकले, ढलान की वजह से गाड़ी धीरे-धीरे पीछे की ओर लुढ़कने लगी। बुजुर्ग ने अकेले ही गाड़ी को रोकने का भरसक प्रयास किया और लोगों से सहायता मांगी, लेकिन ढलान और वजन के कारण कार उनके नियंत्रण से बाहर होकर सीधे गंगा नदी के गहरे पानी में जा गिरी।
मानवीय संवेदनहीनता: मदद के बजाय वीडियो पर जोर
इस घटना ने समाज की गिरती संवेदनाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। राम नरेश सिंह ने नम आंखों से बताया कि वे चीख-चीखकर लोगों को मदद के लिए पुकारते रहे, लेकिन वहाँ मौजूद भीड़ तमाशबीन बनी रही। लोग अपने मोबाइल फोन निकालकर डूबती कार का वीडियो रिकॉर्ड करते रहे, पर किसी ने भी गाड़ी को रोकने में उनका साथ नहीं दिया। उनका कहना है कि यदि दो-चार लोग हाथ बढ़ा देते, तो शायद उनकी जमा पूंजी बच सकती थी।
पुलिस की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही दीघा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुँची, लेकिन तब तक गाड़ी पूरी तरह जलमग्न हो चुकी थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गंगा का बहाव और गहराई अधिक होने के कारण कार को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित परिवार सुरक्षित है, परंतु करीब 10 साल पुरानी उनकी गाड़ी को अभी तक बरामद नहीं किया जा सका है। गोताखोरों की मदद से गाड़ी की तलाश जारी है।
तेजस्वी की हालत ‘‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’’ जैसीय मुद्दों के दिवालियापन से जूझ रहे हैं- उमेश सिंह कुशवाहा
10 May, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार जनता दल (यू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक हालत अब ‘‘खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे’’ जैसी हो चुकी है। सियासी मैदान में लगातार पटखनी खाने और लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने की बौखलाहट में वे अनर्गल और तथ्यहीन बयानबाजी पर उतर आए हैं। उन्होंने कहा कि सूबे की जनता उन्हें पूरी तरह नकार चुकी है। उनकी पार्टी से लेकर परिवार तक सब खंड-खंड में बंट चुका है, और उनके नेताओं का मोह भी धीरे-धीरे पार्टी से समाप्त हो रहा है। अपने ही कार्यकर्ताओं का विश्वास वे पूरी तरह खो चुके हैं। मुद्दों के दिवालियापन से जूझ रहे तेजस्वी अब झूठ, भ्रम और भ्रामक आरोपों के सहारे येन केन प्रकारेण अपनी समाप्त होती राजनीतिक प्रासंगिकता को बचाने की हताश कोशिश कर रहे हैं। श्री कुशवाहा ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद तेजी से राजनीतिक रसातल की ओर बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में यह पार्टी इतिहास के पन्नों तक सिमटने की कगार पर है। तंज कसते हुए उन्होंने जोड़ा कि नेता प्रतिपक्ष की उनकी कुर्सी भी अब भगवान भरोसे ही टिकी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता के लिए लंबे समय से लालायित तेजस्वी यादव विधानसभा चुनाव के छह महीने बाद भी हार की पीड़ा से उबर नहीं पाए हैं। बिहार की जनता ने उन्हें ऐसा सबक सिखाया है कि वे अब करारी पराजय के गहरे सदमे में रोज बे-सिर-पैर की बयानबाजी कर अपनी हताशा और बौखलाहट को उजागर कर रहे हैं।
वैशाली में फर्जी सरकारी दस्तावेज बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, संचालक गिरफ्तार
10 May, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। बिहार पुलिस ने वैशाली जिले में फर्जी सरकारी दस्तावेज तैयार करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना वैशाली की टीम ने भगवानपुर रत्ती चौक स्थित एक डिजिटल स्टूडियो एवं सीएससी सेंटर पर छापेमारी कर संचालक राजीव रंजन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, सीसीएसयू पटना से साइबर थाना वैशाली को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ साइबर अपराधी अवैध वेबसाइटों के जरिए आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, राशन कार्ड समेत कई सरकारी दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार कर लोगों को उपलब्ध करा रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने भगवानपुर रत्ती चौक स्थित “रंजीत डिजिटल स्टूडियो एवं सीएससी सेंटर” में छापा मारा, जहां संचालक लैपटॉप पर फर्जी दस्तावेज तैयार करते हुए पकड़ा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी अगस्त 2024 से यह अवैध कारोबार चला रहा था और प्रत्येक दस्तावेज के बदले 200 से 500 रूपये तक वसूलता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, स्कैनर, फिंगरप्रिंट डिवाइस सहित भारी मात्रा में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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