बिहार-झारखण्ड
सड़क हादसे में युवक की मौत, गुस्साए लोगों ने किया जाम
10 Feb, 2026 07:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर| जिले के सदर थाना क्षेत्र में हाजीपुर-मुजफ्फरपुर बायपास पर मंगलवार देर शाम तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। यहां एक स्कॉर्पियो और बाइक की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार मादापुर चौबे निवासी दिलीप कुमार पांडे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जुट गई। घटना से गुस्साए स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर दिया और विरोध शुरू कर दिया। जाम की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कॉर्पियो बहुत तेज रफ्तार में थी और ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद उसने सीधे बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दिलीप कुमार पांडे सड़क पर गिर पड़े और गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मुजफ्फरपुर-हाजीपुर बायपास को जाम कर दिया और मुआवजे के साथ-साथ दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से काफी नोकझोंक भी हुई।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उसे लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। काफी मशक्कत और समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को शांत कराया। इसके बाद जाकर जाम खत्म हुआ और सड़क पर यातायात बहाल हो सका। हादसे के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बायपास पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।पूरे मामले में सदर थानेदार अस्मित कुमार ने बताया कि हादसे के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते लोगों को शांत करा दिया। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और दोषी वाहन चालक पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सड़क जाम खत्म करा दिया गया है।
GMCH से दिनदहाड़े दो बच्चे गायब, CCTV में कैद हुई पूरी घटना
10 Feb, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया| के जीएमसीएच अस्पताल परिसर से दो मासूम भाइयों के अगवा होने की खबर से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। टीबी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही एक बेबस मां अस्पताल में अपना इलाज करा रही थी। इसी दौरान बच्चा चोर गिरोह ने उसके दो मासूम बेटों को अपना निशाना बना लिया और उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
जानें क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, नेवालाल चौक की रहने वाली गुड़िया देवी पिछले 27 जनवरी से जीएमसीएच के महिला वार्ड में भर्ती हैं। उनके साथ उनकी 9 साल की बेटी और दो बेटे, जिनकी उम्र 5 और 7 साल है, भी अस्पताल में थे। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे, एक जैसी ड्रेस पहने दो अज्ञात महिलाएं महिला वार्ड में पहुंचीं। उन्होंने बच्चों से बात की और सामान दिलाने का लालच दिया। इसके बाद बड़ी चालाकी से दोनों भाइयों को वार्ड से बाहर ले गईं और वहां से गायब हो गईं। जब काफी देर तक दोनों भाई वापस नहीं लौटे, तो उनकी 9 साल की बड़ी बहन ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। जब भाई कहीं नहीं मिले, तो वह रोते हुए अस्पताल के कर्मचारियों के पास पहुंची और बताया कि दो औरतें उसके भाइयों को अपने साथ ले गई हैं। बच्चों के गायब होने की खबर मिलते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। फणीश्वरनाथ रेणु टीओपी और के हाट समेत तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने जब अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो उसमें साफ दिखा कि दो महिलाएं दोनों बच्चों का हाथ पकड़कर तेजी से अस्पताल से बाहर ले जा रही हैं। इससे यह साफ हो गया कि बच्चों को सोच-समझकर और योजना के तहत अगवा किया गया है। इसके बाद पुलिस ने शहर से बाहर जाने वाले सभी रास्तों पर नाकेबंदी कर दी है और वाहनों की जांच शुरू कर दी गई है।जीएमसीएच जैसे भीड़-भाड़ वाले अस्पताल से दिनदहाड़े बच्चों का इस तरह गायब हो जाना अस्पताल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उधर, अपने बच्चों के गायब होने की खबर सुनकर बीमार मां की हालत और ज्यादा खराब हो गई है। खबर लिखे जाने तक पुलिस की टीमें संदिग्ध महिलाओं की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, लेकिन अभी तक बच्चों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस ने जारी किया बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जीएमसीएच परिसर और आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों को ध्यान से देखा जा रहा है, ताकि यह पता चल सके कि महिलाएं किस रास्ते से बच्चों को लेकर भागीं। बच्चों को ढूंढने के लिए खास टीमें बनाई गई हैं और संभावित जगहों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि वे इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और जल्द ही दोनों मासूम बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया जाएगा।
रांची सिविल कोर्ट को उड़ाने की धमकी! VPN के जाल में छिपा है मास्टरमाइंड, झारखंड के बाहर फैला है साज़िश का नेटवर्क
9 Feb, 2026 02:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Ranchi Civil Court Bomb Threat मामले में रांची पुलिस ने जांच तेज कर दी है। राजधानी रांची स्थित सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह ईमेल झारखंड के बाहर से भेजा गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और साइबर विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार धमकी देने के लिए वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल किया गया है। इसी वजह से वास्तविक आईपी एड्रेस ट्रेस करने में तकनीकी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल किस राज्य या सर्वर लोकेशन से भेजा गया। झारखंड सीआईडी सहित अन्य साइबर एक्सपर्ट्स डिजिटल ट्रेल खंगाल रहे हैं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर स्रोत तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
यह धमकी भरा ईमेल शुक्रवार को प्राप्त हुआ था। इसके बाद सिविल कोर्ट रांची के रजिस्ट्रार प्रशांत कुमार वर्मा ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने आधिकारिक ईमेल देखने के बाद न्यायायुक्त को सूचना दी और तत्पश्चात रांची एसएसपी को पूरे मामले से अवगत कराया।
सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। शुक्रवार को बम निरोधक दस्ता ने कोर्ट परिसर के हर हिस्से की सघन तलाशी ली। कोर्ट हाजत, नालियों और सभी संदिग्ध स्थानों की बारीकी से जांच की गई। शनिवार को भी एहतियातन दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
फिलहाल कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि Ranchi Civil Court Bomb Threat को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और आरोपी की पहचान होते ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झारखंड में अब नहीं लगेगा 'पावर कट' का झटका! गर्मी के लिए JBVNL का महा-प्लान तैयार, जानें आपके इलाके में क्या होगा बदलाव
9 Feb, 2026 02:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Jharkhand Power Update के तहत राज्य के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। गर्मियों से पहले झारखंड सरकार और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अब राज्य में पीक आवर के दौरान बिजली कटौती नहीं की जाएगी। इससे खासतौर पर शहरी और ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बिजली कटौती की समस्या से निपटने के लिए JBVNL राज्य में आधुनिक पावर स्टोरेज सिस्टम विकसित करने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, झारखंड में 500 मेगावाट क्षमता का पावर बैंक बनाया जाएगा, जिससे अतिरिक्त बिजली को स्टोर किया जा सकेगा। इसके साथ ही मार्च महीने से पतरातू पावर प्लांट की दूसरी यूनिट भी शुरू हो जाएगी। इस यूनिट के चालू होने से राज्य को लगभग 650 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी, जिससे झारखंड के पास सरप्लस पावर उपलब्ध रहेगा।
अगर यह पावर स्टोरेज सिस्टम तैयार हो जाता है, तो लगभग 500 मेगावाट बिजली का भंडारण संभव होगा। इसके लिए करीब 750 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। JBVNL ने इस जमीन की उपलब्धता को लेकर झारखंड पावर ट्रांसमिशन निगम को पत्र लिखकर विस्तृत जानकारी मांगी है। जमीन मिलने के बाद स्टोरेज सिस्टम के निर्माण का रास्ता साफ हो जाएगा।
अगले महीने से झारखंड में गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। इस दौरान बिजली की मांग तेजी से बढ़ जाती है और कटौती से आम लोगों को भारी परेशानी होती है। लेकिन पावर स्टोरेज सुविधा होने से कम मांग के समय उत्पादित अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर अधिक मांग के समय इस्तेमाल किया जा सकेगा। कुल मिलाकर, Jharkhand Power Update राज्यवासियों के लिए गर्मियों में निर्बाध बिजली आपूर्ति की दिशा में एक बड़ा और राहत भरा कदम है।
SBI में ऑफिसर बनने का सुनहरा मौका! 2273 पदों पर निकली बंपर भर्ती, जानें कैसे मिलेगी 75,000 तक की सैलरी
9 Feb, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
SBI CBO Recruitment 2026 को लेकर बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए बड़ी खबर है। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सर्कल बेस्ड ऑफिसर (CBO) पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 फरवरी 2026 तक SBI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती रांची समेत विभिन्न सर्कल के लिए की जा रही है, जिससे स्थानीय उम्मीदवारों को खास मौका मिलेगा।
SBI CBO Recruitment 2026 के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी स्ट्रीम में ग्रेजुएशन या समकक्ष डिग्री होना अनिवार्य है। मेडिकल, इंजीनियरिंग और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) अभ्यर्थी भी इसके लिए पात्र हैं। इसके साथ ही संबंधित सर्कल की स्थानीय भाषा का ज्ञान होना जरूरी है, क्योंकि चयन उसी क्षेत्र के आधार पर किया जाएगा।
आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। उम्मीदवार का जन्म 1 जनवरी 1996 से 31 दिसंबर 2004 के बीच होना चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट दी जाएगी। एससी और एसटी वर्ग को 5 वर्ष, ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष और सामान्य वर्ग के दिव्यांग उम्मीदवारों को अधिकतम 10 वर्ष तक की छूट मिलेगी।
आवेदन शुल्क सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 750 रुपये रखा गया है, जबकि एससी, एसटी और पीएच श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को sbi.co.in पर जाकर न्यू रजिस्ट्रेशन करना होगा। सभी जानकारी भरने, दस्तावेज अपलोड करने और शुल्क भुगतान के बाद फॉर्म सब्मिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें। अंत में, SBI CBO Recruitment 2026 बैंकिंग करियर शुरू करने का एक मजबूत अवसर प्रदान करता है।
Holi 2025: वेटिंग टिकट से हैं परेशान? इन स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट में छुपा है आपकी कंफर्म सीट का रास्ता!
9 Feb, 2026 02:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Holi Train Update: अगले महीने 4 मार्च को होली का त्योहार है। जैसे-जैसे होली नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे लोग अपने घर लौटने की तैयारियों में जुट गए हैं। अधिकतर लोग होली अपने परिवार के साथ मनाना चाहते हैं, इसलिए पहले से ही यात्रा की योजना बना रहे हैं। लेकिन इस बार घर पहुंचना यात्रियों के लिए आसान नहीं रहने वाला है।
झारखंड और बिहार रूट की लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों में सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं। कई ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं और लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है। परेशानी की बात यह है कि अब तक रेलवे या सरकार की ओर से होली स्पेशल ट्रेनों की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे यात्रियों की चिंता और बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार टाटा-बक्सर एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस, टाटा-थावे एक्सप्रेस और टाटा-कटिहार एक्सप्रेस में 1 से 3 मार्च के बीच भारी वेटिंग चल रही है। खासतौर पर पटना, भागलपुर, बिहारशरीफ, छपरा, मुजफ्फरपुर, कटिहार और सहरसा जैसे बड़े स्टेशनों पर जाने वाले यात्रियों को टिकट के लिए जूझना पड़ रहा है।
हर साल होली के दौरान यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। सीट नहीं मिलने पर कई यात्रियों को मजबूरी में ट्रेन के फर्श पर बैठकर यात्रा करनी पड़ती है। इसी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेलवे आमतौर पर सैकड़ों स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता है।
इस साल भी रेलवे की ओर से होली के अवसर पर देशभर में 1400 से अधिक स्पेशल ट्रेनों की योजना बनाई गई है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में यात्रियों को फिलहाल सिर्फ स्पेशल ट्रेनों के ऐलान का इंतजार है। उम्मीद है कि Holi Train Update जल्द राहत की खबर लेकर आएगा।
मधेपुरा में मिड-डे-मील लेने से 70 से अधिक बच्चे बीमार, स्कूल में मचा हड़कंप
8 Feb, 2026 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधेपुरा। बिहार के मधेपुरा जिले में मिड-डे-मील खाने के बाद बड़ा हादसा सामने आया है। सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय कारू टोला, साहुगढ़ में भोजन करने के बाद 70 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी, जिससे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चों की हालत तेजी से बिगड़ती देख शिक्षकों ने तुरंत स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से सभी बीमार बच्चों को मधेपुरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।
डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इलाज के दौरान एक बच्ची की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिसे विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए, जिससे वहां भी तनावपूर्ण माहौल बन गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मिड-डे-मील में छिपकली गिरने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण भोजन जहरीला हो सकता है। हालांकि, इस बात की आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। स्कूल प्रशासन ने एहतियातन भोजन वितरण तुरंत रोक दिया और बचे हुए खाने को सुरक्षित रख लिया गया है, ताकि उसकी जांच की जा सके।
बताया गया है कि स्कूल में मिड-डे-मील एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था। इस घटना ने एक बार फिर मिड-डे-मील की गुणवत्ता, स्वच्छता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार घटना की जानकारी मिलते ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संजय कुमार सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। डीईओ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिहार विधानसभा का 106वां स्थापना दिवस समारोह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- बिहार केवल एक राज्य नहीं बल्कि विचार और विमर्श की भूमि है
8 Feb, 2026 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना,। बिहार विधानसभा का 106 वां स्थापना दिवस समारोह धूमधाम और हर्षोल्लास के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसमें बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह और बड़ी संख्या में विधायक एवं विधान पार्षद शामिल हुए। पूरा सदन लोकतंत्र की परंपराओं और गरिमा के उत्सव में रंगा नजर आया। इस मौके पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बिहार को देश की लोकतांत्रिक चेतना की जननी बताते हुए कहा कि बिहार केवल एक राज्य नहीं बल्कि विचार और विमर्श की भूमि है। उन्होंने कहा कि वैशाली से ही सभा, समिति, संवाद और सामूहिक निर्णय की परंपरा शुरू हुई थी।
यही परंपरा आज संसद और विधानसभाओं के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से ही देश को मजबूत नेतृत्व मिलता रहा है। ओम बिरला ने बिहार के विधायकों से अपील की कि वे सदन की कार्यवाही को केवल विरोध और शोर का मंच न बनाएं। उन्होंने कहा कि सदन की नियम और परंपराएं किसी बाधा के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए बनाई गई हैं। जब नियमों के तहत जनता की समस्याएं उठाई जाती हैं तो सरकार के कामकाज में पारदर्शिता आती है और जवाबदेही तय होती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि जनता बड़ी उम्मीदों के साथ अपने प्रतिनिधियों को चुनकर भेजती है और हर विधायक का कर्तव्य है कि वह अपने क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति की आवाज को मजबूती से सदन तक पहुंचाए। उन्होंने माना कि बिहार से चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधि आमतौर पर अच्छे वक्ता होते हैं। बिहार के लोग बहुत अच्छे वक्ता होते हैं। यहां के लोग जब सदन में रहते हैं तो बोरियत नहीं होती।लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक केवल कानून बनाने वाले नहीं होते, बल्कि वे जनता की आवाज होते हैं। अगर सदन में सार्थक और नियमबद्ध चर्चा होगी तो सदन की मर्यादा अपने आप बढ़ेगी। उन्होंने चिंता जताई कि आज देश के कई सदनों में शोर शराबा बढ़ रहा है, जिससे लोकतंत्र की छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने विधायकों से अपील की कि वे सदन की नियम और परंपराओं की पूरी जानकारी रखें। जब नियमों के तहत जनता की बात रखी जाती है तो सरकार के कामकाज में पारदर्शिता आती है। ओम बिरला ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि 2026 के अंत तक देश की सभी राज्य विधानसभाओं का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया जाएगा। संसद और विधानसभाओं की कार्यवाही एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इससे विधायकों को कानून, प्रस्ताव और संसदीय प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। साथ ही आम जनता भी सदन की कार्यवाही को सीधे देख और समझ सकेगी, जिससे लोकतंत्र और मजबूत होगा। वहीं, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार विधान परिषद लाइव टेलीकास्ट शुरू करने वाला पहला सदन है जो गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का प्रयास है कि बिहार को हर संभव मदद भी दी जाए और बिहार से सीख भी ली जाए। किरेन रिजिजू ने कहा कि बिहार ज्ञान की धरती है। भगवान बुद्ध ने यहीं से दुनिया को बौद्ध धर्म का उपदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमें बिहार से बहुत कुछ सीखना है।
बिहार में जनगणना की तारीखों का एलान,
8 Feb, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में जनगणना की तारीखों का एलान कर दिया गया है। जनगणना दो चरणों में 45 दिन में पूरी होगा। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि राज्य में दो चरणों में 45 दिनों की अवधि में जनगणना कराई जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के जनगणना कोषांग द्वारा राज्य में जनगणना का काम पूरा किया जाएगा। जनगणना का पहला चरण अप्रैल 2026 में शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण मई में होगा। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण के तहत 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक जनगणना चलेगी। इसके बाद घर-घर सर्वेक्षण और मकान सूचीकरण का काम 2 से 31 मई 2026 तक किया जाएगा।
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना
8 Feb, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत मधुबनी समाहरणालय परिसर से उप-निदेशक सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, परिमल कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय, रश्मि, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा, नितेश पाठक, सी.डबल्यू. सी. अध्यक्ष, रविन्द्र कुमार, वरीय उप समाहर्ता, सिम्पा ठाकुर के द्वारा संयुक्त रूप से जागरूकता वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर सचिव, सर्वो प्रयास संस्थान, निर्मला कुमारी, केश वर्कर, वीणा चौधरी, हरि कुमार सन्नी सहित अन्य उपस्थित थे। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत चाइल्ड हेल्पलाइन एवं सर्वो प्रयास संस्थान के द्वारा जागरुकता वाहन के माध्यम से लोगो को बाल विवाह के प्रति खबरदार करने के उद्देश्य से बताया जा रहा है कि बाल विवाह एक अपराध है। बाल विवाह कराने और करवाने वाले को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। 18 वर्ष से कम आयु की लड़की और 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह बाल विवाह है। ऐसे विवाह को संपन्न कराना, करवाना या उसमें भाग लेना दंडनीय अपराध है। आइए हम सब मिलकर बाल विवाह मुक्त भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर सभी अधिकारियों द्वारा बाल विवाह के उन्मूलन के प्रति अपने दृढ़ संकल्प को व्यक्त करते हुए हस्ताक्षर अभियान में भी भाग लिया गया। बाल विवाह करवाने वाले दोषी माता-पिता तथा 3 रिश्तेदारों को 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है। बाल विवाह करवाने वाले पंडित, मौलवी एवं पादरी को भी सज़ा हो सकती है। बाल विवाह के लिए अपनी सेवा देने वाला नाई, हलवाई, बैंड एवं टेंट वाले अथवा जो भी वहाँ शामिल होंगे उन्हें 2 साल तक की सजा और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। साथ ही बाल विवाह में शामिल होने वाले व्यक्ति को भी 2 साल तक की सजा और 1 लाख तक का जुर्माना या दोनों हो सकता है।
अब पटना एयरपोर्ट पर ना लगेगी सर्दी ना ही चिलचिलाती धूप, आसान हुई बोर्डिंग
8 Feb, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना,। पटना एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। अब विमान में बोर्डिंग के दौरान उन्हेंय ना ही सर्दियों में ठिठुरन भरी सर्दी का सामना करना पड़ेगा और ना ही गर्मियों में चिलचिलाती धूप और बरसात में परेशान का। अब पैसेंजर्स टर्मिनल से सीधे विमान में बोर्ड का सकेंगे। यह सब होगा पटना एयरपोर्ट पर हाल में ऑपरेशनल किए गए एयरोब्रिजेज से।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पटना के जयप्रकाश नारायण एयरपोर्ट पर अभी तक पैसेंजर्स की बोर्डिंग दो-दो चरणों में की जाती थी। पहले चरण में चेक-इन, प्री-इंबार्केशन सिक्योररिटी चेक की प्रक्रिया पूरी करने के बाद यात्री बस गेट पर बोर्डिंग का इंतजार करते थे। दूसरे चरण में बोर्डिंग गेट से यात्रियों को बस में सवार होकर विमान तक जाना पड़ता था, इसके बाद एक बार फिर लाइन में लगकर यात्री विमान में बोर्ड करते थे, लेकिन अब यात्री टर्मिनल से एयरोब्रिज की मदद से सीधे विमान में बोर्ड कर सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2025 से फरवरी 2026 के बीच पटना के जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों को कई ऐसी सौगात दी गई है, जिन्होंठने उनकी ट्रैवल एक्सनपीरियंस और बेहतर हुआ है। मई 2025 में पटना एयरपोर्ट से ट्रैवल करने वाले यात्रियों को पार्किंग की परेशानी से निजात दिलाई गई है। एयरपोर्ट पर 750 वाहनों की क्षमता वाली मल्टी-लेवल पार्किंग शुरू की गई है। यह पार्किंग टर्मिनल से 150 मीटर के ट्रैवलेटर से जुड़ी है, जो यात्रियों को आसानी से आने-जाने देती है।
पटना एयरपोर्ट से ट्रैवल करने वाले यात्रियों को जून 2025 में नई टर्मिनल बिल्डिंग की सौगात दी गई थी। करीब 65,150 वर्ग मीटर में फैले इस टर्मिनल की क्षमता सालाना एक करोड़ यात्रियों को संभालने की है। इस टर्मिनल को नालंदा और मधुबनी की स्थाीनीय कला-संस्कृरति से सजाया गया है। एयरपोर्ट पर दिल्लीा-मुंबई एयरपोर्ट दो एग्जीक्यूटिव लाउंज की सौगात यात्रियों को दी गई। लाउंज में हाई-स्पीड वाई-फाई, मोबाइल चार्जिंग, स्नैक्स, न्यूटजपेपर की सुविधा भी दी गई है। पुराने छोटे लाउंज की खामियों को दूर कर बिजनेस ट्रैवलर्स और ट्रांजिट पैसेंजर्स के लिए तैयार किया गया है।
दिसंबर में पटना एयरपोर्ट में तीन नए एयरोब्रिज चालू किए गए। इससे बोर्डिंग-डिबोर्डिंग तेज हुई। बोर्डिंग गेट ऑपरेशन शुरू होने से तेज धूप-बारिश में यात्रियों को होनी वाली दिक्क तों से निजात मिल गई है साथ ही बोर्डिंग प्रॉसेस भी तेज हो गया। नए टर्मिनल में 64 चेक-इन काउंटरों के साथ स्वचालित काउंटर और 9 एटीआरएस सिस्टम लगाए गए हैं। डिजी यात्री गेट्स से कॉन्टैलक्टे फ्री यात्रा संभव हो सकी है। डिपार्टर टर्मिनल में सिक्योसरिटी चेकिंग वाले एरिया का विस्तारर किया गया है और 4 कन्वेयर बेल्ट्स से वेटिंग टाइम को कम किया है।
पटना एयरपोर्ट के डिपार्चर टर्मिनल में सभी इंट्री गेट्स को डिजी यात्री से जोड़ा गया है। डिजी यात्रा की मदद से अब पैसेंजर किस रोक-टोक के बिना अपना सिक्योषरिटी प्रोटोकॉल पूरा कर सकते हैं। इतना ही नहीं, डिजी यात्रा से चेक-इन से लेक बोर्डिंग तक का प्रॉसेस पेपरलेस और तेज हुआ है। पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल में 8 इनलाइन एक्सिबिस मशीन्स लगाई गई हैं। इस सिस्टरम के आने के बाद यात्रियों को अब अपने बैग के एक्सइरे और चेकइन के लिए अलग अलग लाइन में नहीं लगना पड़ता है। अब दोनों प्रॉसेस एक साथ पूरी हो जाती हैं।
झारखंड वेदर अपडेट: कनकनी ने छुड़ाए पसीने! 3 दिन तक मौसम में नहीं होगा सुधार, देखें ताजा अपडेट
8 Feb, 2026 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। Weather Update Ranchi के अनुसार, रांची सहित झारखंड के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सर्द हवाओं के कारण कनकनी बढ़ गई है और लोगों को पूरे दिन ठंड का एहसास हो रहा है। शनिवार को भी ठंडी हवाओं का असर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया और जनजीवन पर हल्का असर देखने को मिला।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रांची में पिछले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। वहीं अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री कम रिकॉर्ड किया गया। दिनभर आसमान साफ रहने के बावजूद सर्द हवाओं के चलते ठंड से राहत नहीं मिली। खासकर सुबह और शाम के समय ठिठुरन ज्यादा महसूस की गई।
Weather Update Ranchi के साथ-साथ चाईबासा में मौसम का मिजाज और ज्यादा सर्द रहा। यहां न्यूनतम तापमान में 4.4 डिग्री की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम है। हालांकि, अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 4.1 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में इस बड़े अंतर से मौसम अस्थिर बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में अगले तीन दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले दो दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
फिलहाल, Weather Update Ranchi को देखते हुए मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी है। ठंड से तुरंत राहत मिलने के आसार कम हैं, इसलिए गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखने की जरूरत है।
रांची चुनाव 2026: सिंबल मिलते ही बदली प्रत्याशियों की चाल, डोर-टू-डोर कैंपेन के लिए ई-रिक्शा ने पकड़ी रफ्तार!
8 Feb, 2026 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। शहर में रांची नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी माहौल अब पूरी तरह गरमा गया है। प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह मिलते ही प्रचार अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है। अब तक दफ्तरों और बैठकों तक सीमित रहे उम्मीदवार खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। शहर से लेकर कस्बों तक नुक्कड़ सभाओं, रोड शो और डोर-टू-डोर कैंपेन की रणनीति बनाई जा रही है।
मेयर और वार्ड पार्षद पद के उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में वोटों का गणित साधने में जुट गए हैं। किस गली में कितने मतदाता हैं और कौन सा मोहल्ला निर्णायक साबित होगा, इसका आकलन कर प्रचार की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सिंबल मिलने के बाद अब असली परीक्षा जनता के बीच शुरू हो गई है, जहां हर वोट बेहद अहम माना जा रहा है।
रांची नगर निकाय चुनाव में इस बार प्रचार के तरीकों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़े वाहनों की जगह ई-रिक्शा और ऑटो को प्राथमिकता दी जा रही है। तंग गलियों और रिहायशी इलाकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए छोटे वाहनों को अधिक प्रभावी माना जा रहा है। कम खर्च और आसान आवाजाही के कारण ये साधन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, एक ई-रिक्शा या ऑटो को पूरे दिन के लिए 800 से 1500 रुपये तक में बुक किया जा रहा है, जिन पर लाउडस्पीकर लगाकर चुनावी नारे और संदेश प्रसारित किए जाएंगे।
सिंबल अलॉटमेंट के साथ ही पंपलेट, हैंडबिल और प्रचार कार्ड की छपाई में भी जबरदस्त उछाल आया है। प्रिंटिंग प्रेसों में बीते 48 घंटों में ऑर्डर कई गुना बढ़ गए हैं, ताकि घर-घर संपर्क अभियान तेज किया जा सके।
हालांकि, रांची नगर निकाय चुनाव के प्रचार के बीच बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से शोर का मुद्दा भी सामने आ रहा है। लाउडस्पीकर और भोंपू के बढ़ते इस्तेमाल से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनावी गतिविधियों और शैक्षणिक माहौल के बीच संतुलन बनाए रखने की बड़ी चुनौती है।
झारखंड : अब थानों में नहीं चलेगी मनमानी...134 करोड़ की लागत से लैस होंगे राज्य के थाने, हाईकोर्ट के निर्देश पर बड़ी तैयारी
8 Feb, 2026 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। झारखंड राज्य के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू की गई है। इस पूरी झारखंड पुलिस CCTV परियोजना की मॉनिटरिंग भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा की जा रही है, जिसके चलते इसे तय समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य हो गया है। हालांकि, निकाय चुनाव की घोषणा के बाद लागू आचार संहिता के कारण फिलहाल निविदा प्रक्रिया अटक गई है।
राज्य के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। 9 जनवरी को विभाग ने राज्य के 606 थानों में कुल 8,854 सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए 134 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। योजना के तहत अधिकांश थानों को हाई-रेजोल्यूशन कैमरों और आधुनिक मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा, जिससे थानों में पारदर्शिता बढ़ेगी और हर गतिविधि की रिकॉर्डिंग संभव हो सकेगी।
इस झारखंड पुलिस CCTV परियोजना का उद्देश्य पुलिस कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह बनाना और नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सुप्रीम कोर्ट की सीधी निगरानी के कारण विभाग पर इसे जल्द पूरा करने का दबाव भी है। लेकिन निकाय चुनाव के चलते नगर निकाय क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है। चूंकि राज्य के अधिकांश थाने इन्हीं क्षेत्रों में स्थित हैं, इसलिए टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस समस्या के समाधान के लिए जैप आईटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में आचार संहिता के दौरान ही निविदा प्रकाशित करने और आवश्यक कार्य शुरू करने की अनुमति मांगी गई है। विभाग का कहना है कि अनुमति मिलते ही निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
Land Scam: जेल जाएंगे या मिलेगी 'क्लीन चिट'? हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज याचिका पर सुनवाई, झारखंड की सियासत में हलचल तेज
8 Feb, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। बड़गाई अंचल की 8.46 एकड़ जमीन से जुड़े कथित घोटाले के Land Scam Case में मनी लाउंड्रिंग से संबंधित आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से दायर डिस्चार्ज याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई। आरोप तय किए जाने से पहले यह सुनवाई मामले के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
शनिवार को इस मामले की आंशिक सुनवाई पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट में हुई। हेमंत सोरेन की ओर से सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा ने अदालत के समक्ष पक्ष रखा। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जोहेब हुसैन ने मामले में दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 11 फरवरी की तारीख तय की है।
इस Land Scam Case में ईडी ने हेमंत सोरेन समेत कुल 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को पुलिस पेपर भी उपलब्ध करा दिए हैं। अब अदालत यह तय करेगी कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएं या फिर डिस्चार्ज याचिका पर कोई राहत दी जाए।
गौरतलब है कि हेमंत सोरेन ने 5 दिसंबर को स्वयं को निर्दोष बताते हुए डिस्चार्ज याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों और ठोस साक्ष्यों पर आधारित नहीं हैं, इसलिए उन्हें इस मामले से आरोपमुक्त किया जाना चाहिए।
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