बिहार-झारखण्ड
मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर अफरातफरी, वंदे भारत समेत 3 ट्रेनें निशाने पर
18 May, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ उपद्रवियों ने मुजफ्फरपुर-हाजीपुर मुख्य रेलखंड के रामदयालुनगर स्टेशन के पास एक के बाद एक तीन ट्रेनों पर पथराव कर दिया। इन हमलों में हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस को भी निशाना बनाया गया। अचानक हुई पत्थरबाजी से ट्रेनों के भीतर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया और चीख-पुकार की स्थिति बन गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी मुसाफिर जख्मी नहीं हुआ। पथराव के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस के तीन कोच के शीशे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ (RPF) ने मुस्तैदी दिखाते हुए यात्रियों से पूछताछ की है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
सवा घंटे के भीतर तीन बड़ी ट्रेनों को बनाया निशाना
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, असामाजिक तत्वों ने महज सवा घंटे के अंतराल में तीन प्रमुख ट्रेनों पर हमला बोला। उपद्रवियों ने सबसे पहले गाड़ी संख्या 26501 पाटलिपुत्र-गोरखपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, इसके बाद 15550 पटना-जयनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस और फिर 14006 आनंद विहार-सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस को निशाना बनाया। एक ही रूट पर लगातार हुए इस सिलसिलेवार पथराव से रेलवे महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
वंदे भारत के तीन कोच क्षतिग्रस्त, बाल-बाल बचे यात्री
इस पथराव में सबसे ज्यादा नुकसान वंदे भारत एक्सप्रेस को पहुंचा है, जिसकी तीन बोगियों के शीशे पत्थर लगने से चकनाचूर हो गए। इसके अलावा इंटरसिटी और लिच्छवी एक्सप्रेस के डिब्बों को भी नुकसान हुआ है। अचानक खिड़कियों पर कंक्रीट और पत्थर बरसते देख यात्री सहम गए और अपनी जान बचाने के लिए नीचे झुक गए। किस्मत अच्छी थी कि खिड़कियों के शीशे टूटने के बावजूद कोई भी यात्री इसकी चपेट में नहीं आया।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर अलर्ट, आरपीएफ और जीआरपी ने संभाला मोर्चा
जैसे ही पीड़ित ट्रेनें मुजफ्फरपुर जंक्शन पर पहुंचीं, वहां पहले से मुस्तैद रेल पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षाबलों ने तुरंत प्रभावित बोगियों का मुआयना किया, चश्मदीद यात्रियों के बयान दर्ज किए और रामदयालुनगर स्टेशन के आसपास के इलाके में घेराबंदी कर सुराग जुटाना शुरू कर दिया।
सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, रेल एसपी बोलीं- बख्शे नहीं जाएंगे उपद्रवी
मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल एसपी वीणा कुमारी ने बताया कि तीन ट्रेनों पर पथराव की बात सामने आई है, जिसमें वंदे भारत के शीशे टूटे हैं। उन्होंने साफ किया कि सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। आरपीएफ और जीआरपी को सख्त और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अब वंदे भारत एक्सप्रेस में लगे हाई-टेक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि पत्थरबाजों के चेहरों की पहचान की जा सके। रेल एसपी ने चेतावनी दी है कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और यात्रियों की जान खतरे में डालने वाले उपद्रवियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।
एनकाउंटर में घायल हुआ 40 लाख का लुटेरा, इलाके में मचा डर
18 May, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान। बिहार के सीवान जिले में बड़ी आपराधिक वारदातों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जीरादेई थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई चालीस लाख रुपये के जेवरात की सनसनीखेज लूट के मामले में फरार चल रहे एक शातिर और मुख्य आरोपी को पुलिस ने सोमवार की सुबह एक मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। सिसवन थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव के रहने वाले श्रीनिवास सिंह के पुत्र अंकित कुमार सिंह को पकड़ने के लिए की गई इस घेराबंदी के दौरान दोनों तरफ से गोलियां चलीं। इस जवाबी कार्रवाई में शातिर अपराधी के दोनों घुटनों में पुलिस की गोलियां लगी हैं, जिसके बाद उसे बेहद गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा है।
जामापुर आभूषण दुकान में हुई भीषण डकैती से जुड़े थे तार
इस खतरनाक अपराधी का सीधा संबंध बीते छह मई को जीरादेई के जामापुर बाजार में स्थित एक प्रतिष्ठित सोने-चांदी की दुकान में हुई भयंकर डकैती से है। इस गिरोह ने दुकान से करीब चालीस लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से न केवल स्थानीय व्यापारियों में जबरदस्त आक्रोश और असुरक्षा की भावना पनप रही थी, बल्कि आम जनता के बीच भी खौफ का माहौल बना हुआ था। पुलिस के लिए इस गिरोह के सरगना को पकड़ना साख का सवाल बन चुका था।
पुलिस की विशेष टीम पर दागी गोलियां और जवाबी फायर में हुआ पस्त
लूट के इस मामले को सुलझाने और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस कप्तान पूरण कुमार झा ने बेहद सख्त निर्देश जारी किए थे। उनके आदेश पर जिले की चार जांबाज विशेष टीमों का गठन किया गया था, जो लगातार संदिग्धों के ठिकानों पर दबिश दे रही थीं। पूर्व में पकड़े गए अपराधियों के कबूलनामे और तकनीकी इनपुट के आधार पर सोमवार की अलसुबह पुलिस को अंकित की सटीक लोकेशन का पता चला। जैसे ही पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे चारों तरफ से घेरा, आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय बेखौफ होकर सीधे पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षार्थ और कानून का इकबाल बुलंद रखने के लिए पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें दो गोलियां बदमाश के घुटनों को चीरती हुई आर-पार निकल गईं।
सीवान अस्पताल से पटना किया गया रेफर और व्यापारियों ने ली राहत की सांस
मुठभेड़ स्थल पर पस्त पड़े घायल अंकित को पुलिस ने तुरंत अपनी कस्टडी में लिया और प्राथमिक उपचार के लिए सीवान के सदर अस्पताल पहुंचाया। वहाँ डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति और घुटनों की गहरी चोट को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल इस हाई-प्रोफाइल एनकाउंटर को लेकर पुलिस के आला अधिकारियों ने विस्तृत आधिकारिक ब्रीफिंग नहीं की है, लेकिन पर्दे के पीछे से मिली जानकारियों के अनुसार पुलिस ने पूरी तरह आत्मरक्षा के नियम के तहत यह कदम उठाया है। सीवान जैसे संवेदनशील इलाके में लगातार बढ़ रहे संगठित अपराध के बीच पुलिस की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई से स्थानीय सर्राफा कारोबारियों और आम दुकानदारों ने बड़ी राहत की सांस ली है, वहीं इसे जिले के अन्य अपराधियों के लिए भी एक सीधा और कड़ा संदेश माना जा रहा है।
बिहार हादसा: शव यात्रा की बस पलटी, मातम के बीच मची हड़कंप
18 May, 2026 08:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जिले के नदी थाना क्षेत्र में रविवार की रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ अंतिम संस्कार के लिए जा रहे लोगों से भरी एक बस श्मशान घाट के बेहद नजदीक पहुंचकर अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में चार श्रद्धालुओं को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि करीब आधा दर्जन अन्य लोग आंशिक रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि इस वाहन में लगभग 40 लोग सवार थे, जो मसौढ़ी इलाके से फतुहा की तरफ जा रहे थे। हादसे के तुरंत बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए सभी घायलों को तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र पहुंचाया।
अंतिम संस्कार की मंजिल के करीब पहुंचते ही हुआ हादसा
यह पूरी घटना उस समय हुई जब मसौढ़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केवाली गाँव के निवासी एक बुजुर्ग महिला के देहावसान के बाद उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। मृतक महिला के परिजनों और ग्रामीणों के मुताबिक, गाँव के रहने वाले कपिल मांझी की पत्नी फूला देवी के निधन के बाद रविवार की रात करीब आठ बजे सभी लोग एक बस में सवार होकर फतुहा के सम्मसपुर श्मशान घाट के लिए रवाना हुए थे। सफर शांतिपूर्वक कट रहा था, लेकिन श्मशान घाट से महज सौ मीटर पहले कृपालटोला के पास एक तीखे मोड़ पर बस को घुमाते समय चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया, जिससे वह असंतुलित होकर पलट गई।
दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा
मृतका के पुत्र अजय मांझी ने इस खौफनाक मंजर को बयां करते हुए बताया कि माँ की अंतिम विदाई की तैयारियों के बीच अचानक हुए इस हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। गाड़ी के पलटते ही भीतर फंसे यात्रियों में कोहराम मच गया। चीख-पुकार की आवाज सुनकर आस-पास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने भारी मुस्तैदी दिखाते हुए बिना वक्त गंवाए बस के शीशे और दरवाजे के रास्ते भीतर फंसे असहाय लोगों को बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की।
अस्पताल में घायलों का उपचार और पुलिसिया कार्रवाई शुरू
घटना की जानकारी मिलते ही नदी थाना अध्यक्ष सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से सभी चोटिल यात्रियों को तुरंत फतुहा अस्पताल भिजवाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल चार लोगों की स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से बहाल करवा दिया है और इस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए कानूनी जांच शुरू कर दी है।
सीएम के एक महीने के कार्यकाल पर बोले राजेश राठौड़, भाषणों में चकाचक, हकीकत में उदासीन रहा सीएम सम्राट का कार्यकाल
17 May, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। एनडीए के बिहार में नई नवेली सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी के बतौर मुख्यमंत्री रहते एक महीने पूरे होने पर बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने उन्हें बधाई देते हुए आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि भाषणों और वादों में सम्राट सरकार चकाचक है लेकिन धरातल पर उनकी योजनाओं का अता पता नहीं है। साथ ही उन्होंने तंज किया कि तमाम झंझावतों के बाद भी एक महीने सफलतापूर्वक अपनी कुर्सी की रक्षा कर सीएम बने रहने पर भी सम्राट चौधरी को शुभकामनाएं हैं। बिहार कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि अपराध, कमीशन, करप्शन और लेटलतीफ सरकारी कार्यशैली से बिहार की जनता त्रस्त है। मुख्यमंत्री ने जरूर अपने भाषणों में तेजी लाते हुए सरकार गठन के बाद जोश दिखाया था लेकिन हकीकत में उनकी ही द्वारा किए गए वादे भी आज जनता को केवल मीडिया और विज्ञापनों में सुनने को मिल रहे हैं, धरातल पर उनका नामोनिशान नहीं है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के विकास के कार्ययोजना और आगामी रूपरेखा पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने कहा कि आखिर जनता को वादों के सिवाय क्या मिल रहा है? इसका आकलन करने पर केवल हाई प्रोफाइल हत्याओं, भ्रष्टाचारियों की खबरें और लूट बलात्कार की घटनाएं ही देखने को मिल रही हैं। जितनी भी घोषणाएं सरकार बनने के बाद सम्राट चौधरी ने स्वयं किया वो हकीकत में हवा हवाई ही साबित हो रही हैं। उन्होंने उदाहरण के तौर पर फाइलों को विमर्श के नाम पर अटकाने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी थी लेकिन आज भी हाल वहीं हैं। घोषणाओं पर सवाल खड़े करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार की योजनाओं को ही यह सरकार पैसे के अभाव में पूरी नहीं कर सकी तो नए घोषणाओं के लिए पैसे कहां से लाएंगे? 4.5 लाख करोड़ का कर्ज बिहार पर पहले से एनडीए राज में था और अब सीएम सम्राट 72 हजार करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेकर हवाई और लोकलुभावन घोषणाएं कर रहे हैं। जबकि पेंशनधारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों को देने के लिए इस सरकार के पास पैसे नहीं हैं। ऐसे में एक महीने के कार्यकाल में भाषणों में तो विकास दिखता है लेकिन हकीकत में धरातल पर एक भी योजनाएं नहीं दिखती।
सुशासन के साथ रोजगार का नया अध्याय लिख रहा बिहार- अंजुम आरा
17 May, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में सम्राट चैधरी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार युवाओं को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार द्वारा पुलिस महकमे में 37 हजार 978 पदों पर बहाली और प्रोन्नति का निर्णय राज्य में रोजगार सृजन और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिससे न केवल युवाओं को अवसर मिलेंगे बल्कि विभागीय संरचना भी अधिक प्रभावी बनेगी। जद (यू) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने जारी बयान में कहा कि यह निर्णय नीतीश कुमार की उस दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 के तहत 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, यह पहल उसी दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक कदम है। पुलिस विभाग में इस बड़े पैमाने पर बहाली और प्रोन्नति से न केवल रिक्त पदों को भरा जाएगा, बल्कि थानों और जांच इकाइयों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। इससे लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल भर्ती करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करते हुए सेवा को बेहतर बनाना भी है। प्रोन्नति के माध्यम से निचले स्तर के पुलिसकर्मियों को अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा, जिससे विभाग में मनोबल बढ़ेगा और अनुभव का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। यह निर्णय बिहार में नीतीश कुमार द्वारा स्थापित सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाने वाला है, जिसमें रोजगार सृजन, पारदर्शिता और प्रशासनिक दक्षता को समान रूप से महत्व दिया जा रहा है।
सिवान में भाजपा के दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ का भव्य शुभारंभ
17 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवान, । बिहार के सिवान के जीरादेई प्रखंड अंतर्गत ग्राम जामापुर स्थित डिवाइन पब्लिक स्कूल परिसर में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ कार्यक्रम का शनिवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी द्वारा भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एवं राष्ट्रवादी चिंतक श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाला एक वैचारिक संगठन है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ आज भी भाजपा की विचारधारा और कार्यशैली का मूल आधार है। भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास और सम्मान पहुंचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं तक पहुंचा है। भाजपा का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो राष्ट्र को एकसूत्र में बांध सकती है। देश के हर प्रांत के विकास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन कामयाब रहा है। यह प्रशिक्षण वर्ग संगठन की वैचारिक चेतना को सशक्त बनाने तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन की मजबूती का आधार प्रशिक्षित और जागरूक कार्यकर्ता होते हैं। ऐसे प्रशिक्षण शिविर कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यशैली, सामाजिक दायित्व और जनता के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा के कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाएंगे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के राष्ट्रवादी विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा हमेशा राष्ट्रहित, सांस्कृतिक मूल्यों और गरीब कल्याण की राजनीति करती रही है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, दरौंदा के विधायक करनजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह, जिला अध्यक्ष राहुल तिवारी, क्षेत्रीय प्रभारी संतोष पाठक, जिला प्रभारी लालबाबू कुशवाहा, जिले एवं प्रदेश के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। प्रशिक्षण महाअभियान के माध्यम से संगठन को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने का संदेश दिया गया। इससे पहले सिवान प्रवास पर प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के पहुंचने पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सिवान के गोपालगंज मोड़ पर भी नगर महामंत्री अर्जुन गुप्ता, वीरेंद्र प्रसाद सहित बड़ी संख्या में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने अपने अध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया।
गर्मी की छुट्टियों में पटना हाईकोर्ट की वेकेशन बेंच की सुनवाई अब पूरी तरह वर्चुअल
17 May, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आलोक में गर्मी की छुट्टियों के दौरान संचालित होने वाली वेकेशन बेंच की सुनवाई पूरी तरह वर्चुअल मोड में करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में हाईकोर्ट प्रशासन ने विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी की है। जारी निर्देशों के अनुसार, 18 मई से 4 जून तक कार्य दिवसों में वेकेशन बेंच के समक्ष सूचीबद्ध सभी मामलों की सुनवाई केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जाएगी। हाईकोर्ट प्रशासन ने बताया कि प्रत्येक कोर्ट का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक प्रतिदिन प्रकाशित होने वाली कॉज लिस्ट में उपलब्ध रहेगा। सभी मामलों की ई-फाइलिंग अनिवार्य कर दी गई है तथा अधिवक्ताओं और उनके क्लर्कों से हाईकोर्ट परिसर में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है। एसओपी के अनुसार, वर्चुअल सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं को पेशेवर परिधान में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। ड्रेस कोड का पालन नहीं करने वाले अधिवक्ताओं को अदालत सुनवाई से वंचित कर सकती है। अधिवक्ता और पक्षकार अपने कार्यालय या आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल हो सकेंगे, हालांकि वाहन से जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। सुनवाई के दौरान कैमरा चालू रखना भी अनिवार्य किया गया है। हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं को यह सुविधा भी दी है कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित मोशन बेंच के समक्ष अतिआवश्यक मामलों की मेंशनिंग कर सकते हैं। एसओपी में कोर्ट कार्यवाही की रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि केवल अधिकृत अधिवक्ता ही अदालत को संबोधित कर सकेंगे। हाईकोर्ट प्रशासन ने तकनीकी सहायकों और कोर्ट मास्टर को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक कार्य दिवस सुबह 8 बजे से पहले वर्चुअल सुनवाई प्रणाली को सुचारु रूप से तैयार रखें।
ग्रामीण नाराज: बच्चों को सड़े और बदबूदार मिड-डे मील मिलने पर हंगामा
16 May, 2026 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड के अंतर्गत आने वाले उच्च माध्यमिक विद्यालय मुरौल में शुक्रवार को दोपहर के भोजन (मिड-डे मील) को लेकर भारी बवाल देखने को मिला। स्कूली बच्चों के लिए आपूर्ति किए गए भोजन और अंडों से तेज दुर्गंध आने की शिकायत मिलते ही परिजनों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण और स्कूल की रसोइयां भी बेहद गुस्से में आ गईं। जैसे-जैसे मौके पर विरोध प्रदर्शन और हंगामा बढ़ता गया, स्थिति को भांपते हुए विद्यालय प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई की और बच्चों के बीच खाने के वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी।
बदबूदार अंडों की आपूर्ति से भड़का आक्रोश और अभिभावकों का कड़ा रुख
शुक्रवार को जब निर्धारित मीनू के अनुसार स्कूल में मिड-डे मील के लिए अंडे और अन्य खाद्य सामग्रियां पहुंचाई गईं, तो उनमें से एक असहनीय सड़न और बदबू आ रही थी। जैसे ही यह बात बच्चों से होते हुए स्कूल परिसर में मौजूद उनके अभिभावकों तक पहुंची, वैसे ही वहां अफरा-तफरी और नाराजगी का माहौल बन गया। बच्चों की सेहत को खतरे में पड़ता देख परिजनों ने उन्हें वह दूषित भोजन छूने से भी सख्त मना कर दिया, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो गए।
भोजन की गिरती गुणवत्ता पर गंभीर आरोप और पुरानी व्यवस्था की मांग
स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने स्कूल में खाना सप्लाई करने वाली संस्था (एनजीओ) की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चों की थाली में परोसे जाने वाले भोजन का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि संस्था द्वारा भेजे जाने वाले खाने को लेकर पूर्व में भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं और यदि इस लचर व्यवस्था में तुरंत सुधार नहीं किया गया, तो वे अपने बच्चों को घर से ही टिफिन देकर भेजेंगे। ग्रामीणों और स्कूल की रसोइयों ने सुर में सुर मिलाते हुए मांग की कि बाहरी एजेंसी के बजाय पहले की तरह स्कूल परिसर में ही स्थानीय रसोइयों की देखरेख में ताजा और पौष्टिक भोजन तैयार करवाया जाना चाहिए।
प्रधानाध्यापक का आश्वासन और जांच के घेरे में बाहरी संस्था
इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओम प्रकाश ने स्वीकार किया कि एनजीओ द्वारा दिए जा रहे भोजन को लेकर पहले भी शिकायतें आती रही हैं और शुक्रवार को अंडों से दुर्गंध आने की बात पूरी तरह सच है। उन्होंने आक्रोशित अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि इस लापरवाही की लिखित रिपोर्ट तुरंत संबंधित उच्चाधिकारियों और जिम्मेदार एनजीओ को भेजी जा रही है, क्योंकि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सरकारी स्कूलों की भोजन व्यवस्था की नियमित जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग काफी तेज हो गई है।
सम्राट चौधरी ने किए IAS अफसरों के तबादले, नई जिम्मेदारियों का ऐलान
16 May, 2026 02:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने नौकरशाही में एक बड़ा फेरबदल किया है। राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस प्रशासनिक फेरबदल की आधिकारिक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। इस नए आदेश के तहत कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिसमें पटना और कोसी जैसे अहम प्रमंडलों में नए आयुक्तों की तैनाती शामिल है।
पटना और कोसी प्रमंडल में कप्तानों का बदलाव
सरकार द्वारा जारी नई सूची के अनुसार, साल 2001 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मयंक वरवड़े को एक बार फिर से पटना प्रमंडल के आयुक्त की कमान सौंप दी गई है, जो इससे पहले योजना एवं विकास विभाग में प्रधान सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसी कड़ी में साल 2007 बैच के आईएएस अधिकारी दिनेश कुमार को कोसी प्रमंडल के आयुक्त पद की जिम्मेदारी दी गई है, जिन्हें इसके साथ ही पूर्णिया प्रमंडल के आयुक्त का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालना होगा, जबकि इससे पहले वे शिक्षा विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत थे।
बेल्ट्रॉन और शहरी विकास विभाग को मिले नए निदेशक
प्रशासनिक सर्जरी के तहत युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव और साल 2010 बैच के आईएएस अधिकारी कौशल किशोर को अब बेल्ट्रॉन के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही, पटना प्रमंडल के निवर्तमान आयुक्त और 2010 बैच के ही आईएएस अधिकारी अनिमेष कुमार पराशर को उनके पद से स्थानांतरित कर दिया गया है, जिन्हें अब आगामी आदेश तक बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास विभाग में प्रबंध निदेशक की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए लगातार तबादले
बिहार सरकार प्रशासनिक ढर्रे में सुधार और कार्यप्रणाली को गति देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी सिलसिले में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इससे ठीक एक दिन पहले यानी शुक्रवार को भी एक बड़ी सूची जारी की गई थी, जिसके तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा के 19 अधिकारियों का या तो तबादला कर दिया गया था या फिर उनके मौजूदा विभागों और प्रभारों में फेरबदल किया गया था, ताकि धरातल पर सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन और बेहतर ढंग से किया जा सके।
पति दिल्ली में, पत्नी फरार: 10 महीने के मासूम को अकेला छोड़ा
16 May, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के गया जिले से रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर देने वाली एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक विवाहिता अपने महज ढाई साल के मासूम बच्चे की ममता को भुलाकर अपने ही मौसेरे बहनोई के साथ फरार हो गई। इस घटना के बाद से पीड़ित पति गहरे सदमे में है और उसने स्थानीय पुलिस थाने में नामजद शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी पर अपनी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इस अजीबोगरीब पारिवारिक वाकये के बाद से दोनों पक्षों के परिवारों के बीच भारी तनाव और अशांति का माहौल बना हुआ है।
दिल्ली की सामान्य जिंदगी के बीच मौसेरे भाई ने रिश्तों में घोला जहर
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ी हुई है, जहां मूल रूप से औरंगाबाद जिले के सलेया क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेरी गांव का निवासी रंजन कुमार अपनी पत्नी दीपिका कुमारी और छोटे बच्चे के साथ रह रहा था। वह वहां रहकर मेहनत-मजदूरी करता था और अपने परिवार की आजीविका चला रहा था। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इसी बीच झारखंड के रामगढ़ जिले के भुरकुंडा निवासी सूरज कुमार का उनके घर पर लगातार आना-जाना शुरू हो गया। रिश्ते में मौसेरा बहनोई होने के कारण शुरुआत में किसी को भी उसकी नीयत पर कोई शक नहीं हुआ, परंतु धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां इस कदर बढ़ गईं कि उन्होंने पूरे परिवार को बिखरने की साजिश रच डाली।
पीहर आने के बाद मिला मौका और मासूम बच्चे को छोड़ हुई रफूचक्कर
बीते कुछ दिनों से दीपिका गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र में स्थित अपने मायके बीटी बीघा गांव आई हुई थी। पति की अनुपस्थिति और मायके के माहौल का फायदा उठाते हुए उसने अपने प्रेमी मौसेरे भाई के साथ भागने की अंतिम योजना को अंजाम दे दिया। इस पूरे मामले का सबसे विचलित करने वाला पहलू यह रहा कि उस महिला ने भागते समय अपने ढाई साल के नन्हे से बेटे के बारे में एक बार भी नहीं सोचा और उसे बिलखता हुआ घर पर ही छोड़ गई। मां के इस निष्ठुर व्यवहार से पूरा परिवार स्तब्ध है और इस समय गांव में भी इस सामाजिक गिरावट को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं।
पीड़ित पति ने न्याय के लिए खटखटाया पुलिस का दरवाजा
जब इस पूरे विश्वासघात की भनक पीड़ित पति रंजन कुमार को लगी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत शेरघाटी पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी सूरज कुमार के खिलाफ कानून सम्मत नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसके हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर दिया है और उसकी पत्नी को अपने जाल में फंसाकर गायब कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है तथा दोनों की तलाश के लिए विशेष टीमों को सक्रिय कर दिया है।
सामाजिक स्तर पर रिश्तों की मर्यादा टूटने से गहराया आक्रोश
रिश्तेदारी के भीतर ही घटित हुई इस शर्मनाक घटना ने स्थानीय समाज और दोनों पक्षों के रिश्तेदारों को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। लोग पवित्र वैवाहिक संबंधों और भाई-बहन के पवित्र धागे के बीच हुए इस बड़े धोखे की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे हैं। इस घटना ने न केवल दो परिवारों के बीच कटुता और विवाद को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी इसे पारिवारिक मूल्यों और नैतिकताओं के पतन की एक बेहद चिंताजनक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को भी सूचित किया गया
16 May, 2026 11:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने चार वर्ष पूर्व होली के त्योहार के दिन रिश्तों को शर्मसार करने वाली एक जघन्य वारदात पर अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने छह वर्षीय मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के जुर्म में दोषी चाचा भोला पासवान को उम्रकैद यानी आजीवन सश्रम कारावास की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने अपराधी पर पच्चीस हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने की स्थिति में उसे छह महीने की अतिरिक्त जेल की सजा काटनी होगी।
साक्ष्यों और गवाहों के गहन परीक्षण के बाद अदालत का बड़ा फैसला
इस संवेदनशील मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने न्याय की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुदृढ़ बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की दलीलों को बेहद विस्तार से सुना। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) चंपा मुखर्जी और बचाव पक्ष के वकील के बीच चली लंबी कानूनी बहस तथा पत्रावली पर मौजूद तमाम वैज्ञानिक व चश्मदीद साक्ष्यों का गहराई से अध्ययन करने के बाद अदालत इस नतीजे पर पहुंची। न्यायालय ने संबंधित थाना कांड संख्या का विचारण पूरी तरह मुकम्मल करने के बाद आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 302 यानी हत्या के अपराध के तहत मुख्य रूप से दोषी करार दिया था, जिसके बाद यह सजा मुकर्रर की गई।
होली के पावन पर्व पर आपसी रंजिश में बरपाया था खूनी कहर
सरकारी वकील अमरेंद्र नारायण झा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक वाकया वर्ष 2022 में होली के त्योहार वाले दिन पतोर क्षेत्र के कोकट गांव में घटित हुआ था। दोषी भोला पासवान पुरानी रंजिश और आपसी विवाद के चलते हाथ में लकड़ी का एक भारी टुकड़ा लेकर अपने सगे भाई के घर के बाहर पहुंचा और वहां गाली-गलौज करते हुए उपद्रव मचाने लगा। जब उसकी अपनी सगी मां ने उसे इस अभद्र व्यवहार के लिए डांटा और रोकने का प्रयास किया, तो उसने गुस्से में आकर अपनी मां के सिर पर ही लकड़ी से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया।
अबीर लेकर आई मासूम भतीजी पर प्रहार और गवाही से साबित हुआ जुर्म
इसी गहमागहमी और शोर-शराबे के बीच भाई की छह साल की नन्हीं बेटी अन्नू कुमारी हाथ में त्योहार का अबीर लेकर वहां पहुंची ही थी कि क्रूर चाचा ने बिना कुछ सोचे-समझे उसी भारी लकड़ी से उस मासूम के सिर पर बेहद जोरदार प्रहार कर दिया, जिससे गंभीर चोट लगने के कारण मौके पर ही उसकी जान चली गई। इस भयावह घटना के बाद पीड़ित पिता ने संबंधित थाने में हत्या सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। अदालत में मुकदमे की कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष ने केस को मजबूत करने के लिए जांच अधिकारी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर समेत कुल पांच महत्वपूर्ण गवाहों को अदालत के समक्ष पेश किया, जिनकी गवाही के आधार पर आरोपी का अपराध पूरी तरह सिद्ध हो सका।
पटोरी स्टेशन पर जोखिम भरा मंजर: ट्रेन से बचाए गए 4 लोग
16 May, 2026 09:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले के पटोरी रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया, जहाँ चार लोग चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के बेहद संकरे अंतर में फंस गए। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये के दौरान ट्रेन के करीब दस डिब्बे उनके ऊपर से गुजर गए और वे चारों जिंदगी की जंग जीतने के लिए वहीं पटरी के किनारे दुबक कर बैठे रहे। ट्रेन के पूरी तरह निकल जाने के बाद ही वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। यह खतरनाक स्थिति तब पैदा हुई जब प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के ठीक आगे से तीन महिलाएं और एक मासूम बच्ची रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रही थीं और इसी बीच अचानक ट्रेन रवाना हो गई, जिससे बचने के लिए उन्हें तुरंत प्लेटफॉर्म की दीवार से सटकर बैठना पड़ा।
ट्रैक पार करते समय अचानक चल पड़ी ट्रेन और हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कुल नौ लोगों का एक समूह एक साथ शॉर्टकट अपनाने के चक्कर में रेलवे लाइन को पार कर रहा था। इनमें से पांच सदस्य तो तेजी दिखाते हुए सुरक्षित तरीके से दूसरी तरफ पहुंच गए, लेकिन तीन महिलाएं और एक बच्ची पीछे ही छूट गईं। उसी पल बिना किसी चेतावनी के ट्रेन अचानक आगे की ओर बढ़ गई, जिससे चारों यात्री पटरी और प्लेटफॉर्म के बीच के जानलेवा जाल में फंस गए। हालांकि इस पूरी घटना में चारों की जान तो चमत्कारिक रूप से बच गई, लेकिन ट्रेन की रफ्तार और झटके की वजह से तीनों महिलाएं गंभीर रूप से चोटिल हो गईं।
शादी के जश्न से लौट रहे परिवार की पहचान और मची अफरा-तफरी
इस दर्दनाक हादसे का शिकार हुई महिलाओं की पहचान रोसड़ा की रहने वाली ममता देवी (48 वर्ष), जयमाला देवी (45 वर्ष) और सोनाली कुमारी (20 वर्ष) के रूप में की गई है। पीड़ित परिवार के सदस्यों ने बताया कि वे सभी लोग एक नजदीकी रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने के बाद खुशी-खुशी अपने घर वापस लौट रहे थे। वे ऑटो रिक्शा में सवार होकर पटोरी स्टेशन के पास स्थित रेलवे गुमटी तक पहुंचे थे और वहां से पैदल ही पटरियां लांघने लगे, तभी खुशियों का यह सफर अचानक चीख-पुकार में बदल गया और पूरे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
स्थानीय लोगों की तत्परता से अस्पताल में इलाज और खौफ का साया
हादसे के तुरंत बाद स्टेशन पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने अदम्य साहस और समझदारी का परिचय देते हुए तुरंत राहत कार्य शुरू किया। उन्होंने घायल महिलाओं को बिना वक्त गंवाए पटोरी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक उपचार करने के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि यह उनकी खुशकिस्मती थी कि इस भयानक मंजर के बाद भी चारों सुरक्षित हैं, लेकिन इस जानलेवा घटना के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे और खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
जिलों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने और प्रशासनिक सुधार लागू करने की तैयारी
16 May, 2026 08:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से एक बड़ी संगठनात्मक फेरबदल की है। सरकार द्वारा जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समितियों के अध्यक्षों और जिलों के प्रभारी मंत्रियों की नई सूची जारी करते हुए एक ताजा अधिसूचना जारी की गई है। इस नए प्रशासनिक आदेश के लागू होते ही विभाग द्वारा पूर्व में जारी किए गए सभी पुराने दिशा-निर्देशों और सूचियों को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत कैबिनेट के चौंतीस प्रमुख मंत्रियों को राज्य के अलग-अलग जिलों के विकास कार्यों की निगरानी और देखरेख की अहम जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
वरिष्ठ मंत्रियों को मिली बड़े जिलों की कमान और उपमुख्यमंत्रियों का नया प्रभार
शासन को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाने के लिए सरकार ने तजुर्बेकार और वरिष्ठ मंत्रियों को राज्य के आर्थिक व भौगोलिक दृष्टि से बड़े जिलों का प्रभार सौंपा है। नई व्यवस्था के अंतर्गत उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को प्रदेश की राजधानी पटना और ऐतिहासिक जिले नालंदा का जिम्मा दिया गया है, जबकि वरिष्ठ मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव को सारण की देखरेख सौंपी गई है। इसी तरह श्रवण कुमार को पूर्वी चंपारण तथा शिवहर जैसे संवेदनशील जिलों की कमान मिली है, और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को गया और गोपालगंज जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के विकास कार्यों के मूल्यांकन की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
मध्य और उत्तरी बिहार के जिलों के लिए नए मंत्रियों का मनोनयन
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक विवरण के अनुसार, राज्य के मध्य और उत्तरी हिस्सों में प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए गए हैं। डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को मुजफ्फरपुर और बांका का प्रभारी घोषित किया गया है, जबकि निशांत कुमार को वैशाली जिले की कमान सौंपी गई है। कोसी और सीमांचल के क्षेत्रों को मजबूती देने के लिए शीला मंडल को मधेपुरा तथा संजय सिंह टाइगर को कैमूर जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है, जो सीधे तौर पर इन जिलों में चल रही कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर अपनी नजर रखेंगे।
संपूर्ण राज्य के लिए व्यापक प्रभार सूची का निर्धारण और क्षेत्रीय संतुलन
मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा तैयार की गई इस विस्तृत सूची में संतुलित क्षेत्रीय विकास को सर्वोपरि रखा गया है। इसके तहत लेशी सिंह को मधुबनी, राम कृपाल यादव को बेगूसराय, नीतीश मिश्रा को भागलपुर, दामोदर रावत को समस्तीपुर और अशोक चौधरी को रोहतास का प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा मदन सहनी को खगड़िया, डॉ. संतोष कुमार सुमन को नवादा, रमा निषाद को औरंगाबाद, रत्नेश सदा को पूर्णिया, कुमार शैलेन्द्र को दरभंगा, केदार प्रसाद गुप्ता को सिवान, और लखेंद्र कुमार रोशन को बेतिया (पश्चिम चंपारण) का दायित्व मिला है।
छोटे जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए भी विशेष नियुक्तियां
राज्य के सीमावर्ती और छोटे जिलों की प्रशासनिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अन्य मंत्रियों के विभागों और प्रभारों का भी बंटवारा किया है। इसमें सुनील कुमार को लखीसराय, श्रेयसी सिंह को सीतामढ़ी, जमा खान को जहानाबाद, नंदकिशोर यादव को बक्सर, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल को किशनगंज और प्रमोद कुमार को कटिहार जिला आवंटित हुआ है। वहीं श्वेता गुप्ता को शेखपुरा, मिथिलेश तिवारी को सहरसा, राम चंद्र प्रसाद को अररिया, संजय कुमार सिंह को जमुई, संजय कुमार को मुंगेर और दीपक प्रकाश को अरवल जिले का प्रभार देकर राज्य के सभी अंचलों में सरकारी योजनाओं के सही क्रियान्वयन का खाका तैयार किया गया है।
1.45 लाख रुपये की रिश्वत में फंसे नगर परिषद के JE
15 May, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी: बिहार राज्य में शासकीय विभागों के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार के समूल नाश के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने एक और बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो के उड़नदस्ते ने जिले के पुपरी स्थित नगर परिषद कार्यालय में पदस्थापित कनीय अभियंता (जेई) विजय कुमार शर्मा को एक लाख पैंतालीस हजार रुपये की भारी-भरकम घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते की इस अचानक हुई औचक छापेमारी और रंगे हाथों गिरफ्तारी के बाद संपूर्ण नगर परिषद परिसर में हड़कंप मच गया और कई अधिकारी तथा कर्मचारी अपनी कुर्सियां छोड़कर बाहर निकल गए।
गुप्त शिकायत पर निगरानी विभाग की अचूक नाकेबंदी और रंगे हाथों गिरफ्तारी
निगरानी विभाग के उच्चाधिकारियों को पीड़ित ठेकेदार अथवा परिवादी के माध्यम से यह पुख्ता सूचना मिली थी कि कनीय अभियंता विजय कुमार शर्मा किसी सरकारी कार्य की फाइल को आगे बढ़ाने और तकनीकी स्वीकृति देने के एवज में मोटी रकम की मांग कर रहे हैं। इस गोपनीय शिकायत का भौतिक सत्यापन कराने के बाद ब्यूरो ने कानून के दायरे में रहकर आरोपी को दबोचने के लिए एक बेहद मजबूत और गुप्त जाल बिछाया था। योजना के मुताबिक जैसे ही पीड़ित व्यक्ति रिश्वत की तय राशि लेकर कनीय अभियंता के कक्ष में पहुंचा और उसने नोटों की गड्डी आरोपी के सुपुर्द की, वैसे ही सादे कपड़ों में पहले से मुस्तैद निगरानी की विशेष टीम ने धावा बोलकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया।
शासकीय दफ्तर में अफरा-तफरी का माहौल और गुप्त स्थान पर सघन पूछताछ
इस बड़ी कार्रवाई के होते ही पुपरी नगर परिषद कार्यालय की प्रशासनिक गलियों में अचानक अफरा-तफरी और पूरी तरह से सन्नाटे का माहौल व्याप्त हो गया, जिससे वहां मौजूद अन्य संविदाकर्मी और बाबू पूरी तरह सकते में आ गए। गिरफ्तारी की अनिवार्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के तुरंत बाद सतर्कता विभाग की टीम घूसखोर अभियंता को अपने साथ लेकर किसी अज्ञात और सुरक्षित स्थान पर रवाना हो गई। गुप्त ठिकाने पर ले जाकर अधिकारी आरोपी के पास से बरामद की गई बेनामी संपत्ति और इस रिश्वतखोरी के खेल में शामिल अन्य सफेदपोश मददगारों के बारे में बेहद गहनता और कड़ाई से पूछताछ कर रहे हैं।
पुपरी अंचल में भ्रष्टाचार पर लगातार दूसरा बड़ा प्रहार
निगरानी ब्यूरो की इस धुआंधार कार्रवाई की खबर जैसे ही आम जनता के बीच फैली, वैसे ही पुपरी सहित समूचे सीतामढ़ी जिले में प्रशासनिक सुचिता को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस तरह के कड़े कदमों से भ्रष्ट मानसिकता वाले लोकसेवकों के भीतर कानून का खौफ पैदा होगा और ईमानदारी से काम करने वाले लोगों का मनोबल बढ़ेगा। उल्लेखनीय है कि पुपरी में भ्रष्टाचार पर यह कोई पहला प्रहार नहीं है क्योंकि कुछ समय पूर्व ही इसी अंचल के पुलिस निरीक्षक कार्यालय के एक बाबू को भी बीस हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथों दबोचा गया था।
प्रशासनिक महकमे में मची खलबली और कड़ी विधिक धाराओं के तहत मुकदमा
सतर्कता विभाग की इस निरंतर और आक्रामक शैली की वजह से जिले के तमाम छोटे-बड़े सरकारी विभागों और तकनीकी प्रभागों में भारी हलचल और बेचैनी दिखाई दे रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने पकड़े गए कनीय अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न गंभीर और गैर-जमानती धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है। जांच दल अब आरोपी के बैंक खातों, लॉकरों और निजी आवासों की तलाशी लेने की भी कानूनी तैयारी कर रहा है ताकि भ्रष्टाचार की कमाई से बनाई गई अवैध चल-अचल संपत्ति का पूरा ब्योरा माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर उसे कठोरतम सजा दिलाई जा सके।
एनटीपीसी में स्वच्छता अभियान, कर्मचारियों ने शपथ के साथ शुरुआत की
15 May, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: देश की प्रतिष्ठित ऊर्जा उत्पादक कंपनी एनटीपीसी के पूर्वी क्षेत्र-1 मुख्यालय में राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान को गति देने के लिए 'स्वच्छता पखवाड़ा 2026' का अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण माहौल में विधिवत आगाज किया गया है। केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप आयोजित इस पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ नागरिक जीवन में भी स्वच्छता के प्रति गंभीर चेतना जाग्रत करना है। अभियान के प्रथम दिन आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में महाप्रबंधक (मानव संसाधन) विल्सन अब्राहम ने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यस्थल को स्वच्छ रखने तथा इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का एक अनिवार्य हिस्सा बनाने की गंभीर और महत्वपूर्ण शपथ दिलाई।
कार्यस्थल से लेकर सामाजिक परिवेश को सुंदर बनाने का सामूहिक संकल्प
इस प्रेरक कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्मिकों को केवल अपने दफ्तर की मेज या केबिन तक ही सीमित न रहकर अपने आस-पास के संपूर्ण सामाजिक परिवेश, रिहायशी कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों को भी पूरी तरह से स्वच्छ और गरिमामय बनाए रखने का कड़ा संदेश दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य विधा के रूप में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों और श्रमवीरों ने व्यक्तिगत आरोग्यता, स्वास्थ्य रक्षा और सामूहिक साफ-सफाई के गहरे सामाजिक महत्व पर अपने-अपने बहुमूल्य विचार और अनुभव साझा किए। एनटीपीसी प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि पंद्रह मई से शुरू हुआ यह विशेष अभियान आगामी इकतीस मई तक निरंतर जारी रहेगा, जिसके तहत विभिन्न प्रभागों में व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाए जाएंगे।
खेलकूद, जागरूकता प्रतियोगिताएं और शैक्षणिक संस्थानों में विशेष मुहिम
पखवाड़े के अंतर्गत आगामी दिनों में कर्मचारियों के साथ-साथ उनके पारिवारिक सदस्यों, विशेषकर बच्चों और गृहिणियों को इस मुहिम से सीधे जोड़ने के लिए विभिन्न प्रकार की रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं की एक पूरी श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसके अतिरिक्त इस सामाजिक सरोकार के तहत एनटीपीसी की सीएसआर विंग द्वारा आसपास के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में संचालित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में विशेष स्वास्थ्य शिविर और व्यक्तिगत स्वच्छता विषय पर ज्ञानवर्धक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों के माध्यम से भावी पीढ़ी को बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों के प्रति जागरूक करने का एक ठोस रोडमैप तैयार किया गया है।
नुक्कड़ नाटकों द्वारा जनचेतना का प्रसार और स्थानीय बस्तियों में जनभागीदारी
औद्योगिक परिसर के बाहर रहने वाले आम नागरिकों और वंचित वर्ग की बस्तियों में स्वच्छता का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए एनटीपीसी ने पारंपरिक कला माध्यमों का सहारा लेने की एक बेहतरीन योजना बनाई है। इसके तहत स्थानीय थियेटर कलाकारों और जागरूक कर्मचारियों की टोलियों द्वारा विभिन्न बस्तियों और व्यस्त चौराहों पर रोचक नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जाएगा, जो लोगों को खुले में कचरा फेंकने के नुकसान और गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण के फायदों से बेहद सरल भाषा में रूबरू कराएंगे। उद्घाटन के इस भव्य और संकल्पित अवसर पर एनटीपीसी परिवार के तमाम उच्च पदस्थ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और बहुत बड़ी संख्या में ऊर्जावान कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
