बिहार-झारखण्ड
कार अनियंत्रित होकर सीधे नहर में जा गिरी
18 Feb, 2026 04:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र के मोजक्का टोला गांव के पास नहर रोड पर बड़ा हादसा हो गया। बुधवार सुबह तेज रफ्तार से जा रही उजले रंग की एक कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से कार में सवार लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दतियाना ले जाया गया। वहां दो घायलों का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद मौके पर काफी देर तक अफरातफरी का माहौल रहा।
मरने वाले औरंगाबाद के रहने वाले थे
इधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। पुलिस ने मृतकों की पहचान औरंगाबाद जिले के कुटुंब गांव निवासी 46 वर्षीय मालती देवी और 54 वर्षीय जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सभी लोग औरंगाबाद से पटना इलाज कराने जा रहे थे। इसी दौरान नहर रोड पर अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन नहर में जा पलटा।
पटना के बिक्रम नहर में कार गिरने से हुई दो लोगो की मौत
कार से बाहर नहीं निकल पाए दो लोग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार में कुल चार लोग सवार थे। दुर्घटना के दौरान दो लोग समय रहते गाड़ी से कूद गए, जिससे उनकी जान बच गई। हालांकि, कार के नहर में गिरते ही उसमें सवार एक महिला और एक पुरुष पानी में फंस गए। नहर में पानी अधिक होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद नहर रोड पर कुछ समय के लिए भीड़ जुटी रही। घटना के बाद लोगों में आक्रोश है। गुस्साए लोगों ने प्रशासन से नहर रोड पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
नियोक्ता अब फ्रेशर्स को दे सकते हैं प्राथमिकता
18 Feb, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहली बार नौकरी की तलाश में निकले युवाओं के लिए यह साल अच्छा साबित हो सकता है। 73 प्रतिशत नियोक्ता पहली छमाही में फ्रेशर्स को नौकरी पर रखने की योजना बना रहे हैं। टीमलीज एडटेक करियर की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
बिज़नेस डायरी
चार में से तीन नियोक्ता फ्रेशर्स को करना चाहते हैं नियुक्त
रिपोर्ट के अनुसार भार्ती संबंधी निर्णय मुख्य रूप से इंटर्नशिप और वास्तविक दुनिया के प्रोजेक्ट अनुभव से प्रेरित होते हैं, न कि केवल शैक्षणिक योग्ताओं से। इसमें कहा गया है कि लगभग 4 में से 3 नियोक्ता फ्रेशर्स को नियुक्त करने का इरादा रखते हैं। यह पिछले छमाही की तुलना में तीन प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह डेटा नवंबर 2025 और जनवरी 2026 के बीच सर्वेक्षण किए गए 1,051 नियोक्ताओं से लिए गए इनपुट पर आधारित है।
किन क्षेत्रों में है सबसे ज्यादा मांग?
रिपोर्ट में आगे यह भी पता चला कि क्षेत्रीय मांग में खुदरा बाजार (91 प्रतिशत) सबसे आगे है।
उसके बाद ई-कॉमर्स और प्रौद्योगिकी स्टार्टअप (90 प्रतिशत) और विनिर्माण (85 प्रतिशत) का स्थान आता है।
रिटेल सेक्टर में सबसे अधिक मांग वाले पदों में डार्क स्टोर असिस्टेंट और इन्वेंटरी मैनेजमेंट असिस्टेंट शामिल हैं।
वहीं ई-कॉमर्स और टेक्नोलॉजी स्टार्टअप डिजिटल सेल्स एसोसिएट और जूनियर वेब डेवलपर पदों के लिए भर्तियां कर रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि विनिर्माण क्षेत्र में इन्वेंटरी और लॉजिस्टिक्स कोऑर्डिनेटर और बैटरी असेंबली टेक्नीशियन की भूमिकाओं की मांग सबसे अधिक है।
युवा प्रतिभाओं के कार्यबल में शामिल होने के तरीके में आया संरचनात्मक बदलाव
टीमलीज एडटेक के संस्थापक और सीईओ शांतनु रूज ने कहा कि हम देख रहे हैं कि युवा प्रतिभाओं के कार्यबल में शामिल होने के तरीके में एक संरचनात्मक बदलाव आ रहा है। इस छमाही में फ्रेशर्स को नौकरी देने की इच्छा 73 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जो प्रवेश स्तर की प्रतिभाओं में नियोक्ताओं के सतर्क लेकिन स्पष्ट विश्वास को दर्शाती है। कुछ क्षेत्रों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है - खुदरा क्षेत्र में भर्ती की इच्छा 50 प्रतिशत अंक बढ़कर 2025 की पहली छमाही में 41 प्रतिशत से 2026 की पहली छमाही में 91 प्रतिशत हो गई है।
पहुंच अधिक होती जा रही है चयनात्मक
उन्होंने कहा कि यात्रा क्षेत्र में 51 अंकों की वृद्धि हुई है, जो 26 प्रतिशत से बढ़कर 77 प्रतिशत हो गया है। बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में 50 अंकों की वृद्धि हुई है, जो 22 प्रतिशत से बढ़कर 72 प्रतिशत हो गया है, जो युवा पेशेवरों की मांग में मजबूत उछाल का संकेत देता है। फिर भी, उन्होंने कहा कि अवसर तो बढ़ रहे हैं, लेकिन उन तक पहुंच अधिक चयनात्मक होती जा रही है।
असली अंतर किस आधार पर दिख रहा?
रूज ने आगे कहा कि आजकल असली अंतर उन उम्मीदवारों के बीच है जो व्यावहारिक कौशल प्रदर्शित कर सकते हैं और जो नहीं कर सकते। इंटर्नशिप, प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो या व्यावहारिक अनुभव वाले फ्रेशर्स तेजी से विकास के अवसरों की ओर बढ़ रहे हैं, जबकि केवल डिग्री धारक आवेदकों को नौकरी ढूंढने में लंबा समय लगता है। इसका समाधान सीखने की प्रक्रिया में कार्य-प्रदर्शन के प्रमाण को शामिल करने में निहित है।
बंगलूरू फ्रेशर्स हायरिंग के मामले में है सबसे आगे
इस बीच, रिपोर्ट में कहा गया है कि बंगलूरू भौगोलिक रूप से 84 प्रतिशत के साथ फ्रेशर्स की भर्ती के इरादे में सबसे आगे है।
सूचना प्रौद्योगिकी (81 प्रतिशत),
ई-कॉमर्स और प्रौद्योगिकी स्टार्ट-अप (90 प्रतिशत),
इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा (61 प्रतिशत) द्वारा संचालित है,
सॉफ्टवेयर टेस्टिंग इंजीनियर (54 प्रतिशत),
डिजिटल मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव (48 प्रतिशत) की उच्च मांग है,
डिग्री अप्रेंटिसशिप के लिए भर्ती के मामले में भी यह शहर 45 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है
मुंबई भी फ्रेशर्स हायरिंग के मामले में आगे
इसके बाद मुंबई का स्थान आता है, जहां इसकी मांग 72 प्रतिशत है, जो खुदरा (91 प्रतिशत), एफएमसी (80 प्रतिशत) और स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स (52 प्रतिशत) क्षेत्रों द्वारा संचालित है, जिसमें बीआईएम समन्वय सहायक (55 प्रतिशत), डिजिटल सेल्स एसोसिएट (58 प्रतिशत) और क्लिनिकल रिसर्च एसोसिएट (45 प्रतिशत) की मजबूत मांग है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि ये शहर मिलकर भारत में प्रवेश स्तर की भर्ती गतिविधियों के बहुमत के लिए जिम्मेदार हैं, जो फ्रेशर्स को प्रौद्योगिकी, संचालन, स्वास्थ्य सेवा और वाणिज्य क्षेत्रों में विविध अवसर प्रदान करते हैं।
महिला पुलिसकर्मी को पटककर पीटा, वर्दी भी फाड़ी
18 Feb, 2026 01:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली थाना क्षेत्र के खरौना पोखर के निकट स्थित एक होटल से मंगलवार को रेस्क्यू की गई महिला ने अपनी बहन के साथ बुधवार को वैशाली थाने में जमकर हंगामा किया। दोनों बहनों ने हंगामे के दौरान एक महिला पुलिस पदाधिकारी और एक पुलिसकर्मी के साथ मारपीट की तथा थाना परिसर में तोड़फोड़ की। जानकारी के अनुसार, दोनों बहनों ने महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करते हुए उनके बाल पकड़कर जमीन पर पटक दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी। वहीं एक अन्य पुलिस जवान के साथ भी हाथापाई की गई। घायल महिला पुलिस पदाधिकारी को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि महिला पुलिस पदाधिकारी नीतू कुमारी के हाथ में गंभीर चोट आई है।
देह व्यापार के मामले में फंसे होने का आरोप था
पुलिस के अनुसार, मंगलवार को वैशाली थाना की टीम ने देह व्यापार के मामले में एक होटल से मुजफ्फरपुर जिले के ब्रह्मपुरा निवासी एक महिला को रेस्क्यू किया था। बुधवार सुबह उक्त महिला की बहन थाने पहुंची और पुलिस पर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस अवर निरीक्षक नीतू कुमारी और सिपाही अमरजीत कुमार के साथ मारपीट की गई। थानाध्यक्ष राजकुमार ने बताया कि रेस्क्यू की गई महिला और उसकी बहन ने थाना परिसर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तथा सरकारी कार्य में बाधा डाली। थाना परिसर के कई सामान क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे कुछ समय के लिए बिजली व्यवस्था भी बाधित रही। दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
वारदात के बाद आरोपी सीधे थाने पहुंचा
18 Feb, 2026 12:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर जिले के सकरा थाना क्षेत्र के सकरा वाजिद मंसूरपुर गांव में देर रात 16 वर्षीय छात्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। इधर, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। आरोप है कि इस वारदात को अंजाम गांव के एक युवक ने दी। इतना ही नहीं युवक ने लड़की की हत्या के बाद थाने में जाकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
डीजे की तेज आवाज का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम
बताया जा रहा है कि घटना आधी रात के बाद हुई। उस समय गांव में तेज डीजे बज रहा था। आशंका है कि आरोपी ने डीजे की तेज आवाज का फायदा उठाकर घटना को अंजाम दिया। मृतका की मां ने बताया कि देर रात खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए थे। करीब ढाई बजे सोनम के पिता की नींद खुली तो बेटी बिस्तर पर नहीं थी। खोजबीन के दौरान जब वे आंगन में पहुंचे तो सोनम का खून से सना शव पड़ा मिला। यह देखकर वे चीख पड़े। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
छात्रा के घर घुसकर हत्या
मां बोली- युवक ने क्यों ऐसा किया यह समझ नहीं आ रहा?
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने बताया कि छात्रा को गोली मारी गई है। आरोपी थाने में बंद है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतका की मां ने कहा कि उनकी बेटी डीपीएस स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी और पढ़ाई में काफी तेज थी। इस घटना के गांव के युवक ने ही अंजाम दिया है। उसने ऐसा क्यों किया? यह हमलोगों के समझ में नहीं आ रहा है। पुलिस उसे जल्द से जल्द सजा दिलाए।
बिहार में हार के बाद राजद का राष्ट्रीय राजनीति की ओर रुख
18 Feb, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना| बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महज 25 सीट पाने वाले तेजस्वी यादव पार्टी के विस्तार को लेकर बड़ा लान किया है। उन्होंने कहा कि अब राजद केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अन्य राज्यों में भी अपना आधार मजबूत करेगी। पार्टी का लक्ष्य राष्ट्रीय दल का दर्जा हासिल करना है। तेजस्वी यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में यह एलान किया उन्होंने कहा कि मार्च से हम संगठन सुदृढ़ीकरण अभियान शुरू करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने राजद को बिहार में मजबूत ताकत बनाया। अब हमें उनके काम को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय पार्टी बनने का लक्ष्य तय करना होगा।
चुनाव मैदान में उतरने से परहेज करती रही
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब तक पार्टी अन्य राज्यों में चुनाव मैदान में उतरने से परहेज करती रही, ताकि धर्मनिरपेक्ष वोटों का बंटवारा न हो और सहयोगी दलों को फायदा मिले। लेकिन, अब आने वाले समय में पार्टी बिहार के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी अपने संगठन का विस्तार करेगी। तेजस्वी ने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हार इसलिए नहीं हुई कि पार्टी कमजोर थी, बल्कि परिस्थितियां प्रतिकूल थीं। हमारा समय जरूर आएगा। तेजस्वी ने बताया कि पिछले महीने उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। आप सभी के समर्थन से हमें राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत ताकत बनने से कोई नहीं रोक सकता।
मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में सरकार चला रहे हैं
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अचेत अवस्था में सरकार चला रहे हैं और उनकी सरकार प्रभावशाली नौकरशाहों तथा अपने सहयोगी दल भाजपा के इशारों पर कठपुतली की तरह काम कर रही है। मैंने कहा था कि सरकार के 100 दिन पूरे होने तक मैं चुप रहूंगा। चार दिन बाद यह समयसीमा पूरी हो जाएगी। इसके बाद हम चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा न करने को लेकर सरकार को जवाबदेह ठहराएंगे। कई घोषणाएं हमारी योजनाओं से प्रेरित थीं। तेजस्वी के इस बयान को आगामी राजनीतिक रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की सक्रियता के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तेज रफ्तार ट्रक ने दो अलग स्थानों पर लोगों को कुचला
18 Feb, 2026 09:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा जिले में देर शाम ट्रक दुर्घटना के दो अलग-अलग मामलों में एक पूर्व मुखिया सहित दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। पहली घटना कमतौल-मब्बी पथ पर कर्जापट्टी के पास हुई, जहां भीषण सड़क हादसे में पूर्व मुखिया खुर्शीद आलम उर्फ नीलू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मब्बी और कमतौल थाना की पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया।
एसएस 75 पर लंबे समय से यह समस्या?
स्थानीय लोगों ने बताया कि दरभंगा-कमतौल स्टेट हाईवे-75 पर लंबे समय से जलजमाव की समस्या बनी हुई है, जिससे सड़क फिसलन भरी हो गई है। आशंका जताई जा रही है कि सड़क पर फैले पानी और कीचड़ के कारण वाहन का संतुलन बिगड़ गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही कमतौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गुस्साए लोगों ने की कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पुलिस ट्रक चालक और वाहन की पहचान में जुट गई है। हादसे के बाद लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत, जल निकासी की व्यवस्था और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पूर्व मुखिया नीलू के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। कमतौल थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि स्थानीय लोगों की सूचना मिलते ही शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है तथा टक्कर मारने वाले वाहन की तलाश की जा रही है।
मोबाइल बरामदगी ने जांच एजेंसियों को किया हैरान
18 Feb, 2026 07:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना / जहानाबाद नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में रोज अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं। फिलहाल आज बात मोबाइल की हुई है, जो खुद अपने आप में न सिर्फ हैरान कर रही है, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर रही हैं। मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम के जहानाबाद पहुंचते ही सबसे पहले मृतका की मां और भाई के मोबाइल की मांग की गई थी। दोनों ने बताया कि मोबाइल टूट गया है जिसकी मरम्मती करने के लिए मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर भेजी गई है। पहले दिन की पूछताछ के दौरान सीबीआई ने माता-पिता और भाई से अलग-अलग घंटों बात की और फिर मोबाइल को पटना सीबीआई कार्यालय भेज देने का निर्देश देकर टीम वापस पटना लौट गई सोमवार को फिर सीबीआई ने फोन कर के मोबाइल की मांग की। इधर से मृतका का भाई सीबीआई से बात कर रहा था। बताया जाता है कि सीबीआई ने फोन कर मृतका के भाई को मोबाइल पटना के सीबीआई कार्यालय में पहुंचाने की बात कही। इसके जवाब में भाई ने कहा कि मुझे नहीं पता कि आप सीबीआई से बोल रहे हैं या कोई और। इसलिए मैं मोबाइल लेकर पटना नहीं आ सकता। इसके बाद सीबीआई की टीम आज दुबारा जहानाबाद स्थित उसके घर पर पहुंची और भाई से मोबाइल की मांग की। भाई ने आज भी वही बात दुहराई कि मोबाइल रिपेयरिंग होने भेजा गया है।
मोबाइल पान दुकान से मिलने का क्या लॉजिक है?
आज सीबीआई की टीम ने पूछा कि मोबाइल कहां बनने दिए हो? पहले कुछ देर तक उसने टीम को बरगलाने की कोशिश की, लेकिन वह बिहार पुलिस की तरह सीबीआई को बरगला नहीं सका। उसने कहा कि मकदुमपुर में मोबाइल रिपेयरिंग करने दिया गया हैं, वहां से लाकर दे देंगे। टीम ने कहा- नहीं, गाड़ी में बैठो और चलो। मजबूर होकर भाई को गाड़ी में बैठना पड़ा। सीबीआई की टीम को रास्ता बताते हुए उसने जहां गाड़ी रुकवाई, वहां मोबाइल रिपेयरिंग की कोई दुकान नहीं थी। फिर वह एक पान की दुकान पर गया और पान दुकानदार से मोबाइल लेकर सीबीआई को सौंप दिया। मोबाइल कब्जा में लेते ही सीबीआई ने पान दुकानदार से पूछा कि तुम्हारे पास मोबाइल कैसे आया और तुमको यह किसने दिया? जवाब था कि आपके आने के कुछ देर पहले एक लड़का मोबाइल दे गया। मोबाइल देने वाले ने यह कहकर मुझे मोबाइल दिया कि जल्दी जाकर मोबाइल उस दुकान पर दे दो। यहां दो सवाल रह गए कि जब भाई सीबीआई के कब्जे में था तो मोबाइल रिपेयरिंग दुकान से पान दुकानदार तक भेजने की सूचना किसने और कैसे दी? और दूसरा सवाल यह कि मोबाइल की मरम्मती रिपेयरिंग की दूकान पर होती है न कि पान के दुकान पर, फिर मोबाइल पान दुकान से मिलने का क्या लॉजिक है? हालांकि यह सीबीआई की जांच के दायरे का चीज है।
एक साथ बैठाकर काफी देर पूछताछ की
मोबाइल लेने के बाद सीबीआई की टीम लड़की के भाई को वापस गांव ले गई, जहां लगभग तीन घंटों तक अलग-अलग और फिर परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर काफी देर पूछताछ की। सीबीआई ने आज क्या पूछताछ की, इसका जवाब परिजनों ने नहीं दिया, सिर्फ इतना कहते रहे कि जो सवाल पहले किए गए थे, वही सवाल आज भी दुहरा रहे थे। अब बात चाहे जो भी हो लेकिन एक बात बिलकुल स्पष्ट दिखने लगी है कि सीबीआई जांच और निष्कर्ष के रास्ते में बहुत तेजी से आगे बढ़ती दिख रही है।
Rashtriya Janata Dal ने बढ़ाया दबाव, सरकार को सुझाया संवैधानिक रास्ता
18 Feb, 2026 01:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में सर्वे बताकर किए गए जातीय जनगणना को लेकर अब तब हंगामा मच ही रहा है। उसी आधार पर आरक्षण बढ़ाया गया था, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मुद्दे पर बुधवार को विधानसभा में लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने एक बार फिर राज्य की नीतीश कुमार सरकार को घेर लिया। इतना ही नहीं, यह भी बता दिया कि बिहार में आरक्षण बढ़ाने के लिए उसे कैसे-क्या करना होगा? सदन में राजद विधायक रणविजय साहू ने राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन को लेकर क्या कहा? आए जानते हैं...
राजद विधायक ने तमिलनाडु का उदाहरण दिया
बिहार विधान सभा के बजट सत्र में बुधवार को राजद विधायक रणविजय साहू ने कहा कि महागठबंधन सरकार ने राज्य की 13.7 करोड़ आबादी की जाति आधारित गणना के आधार पर आरक्षण की सीमा बढ़ाकर 65 प्रतिशत कर दी थी।उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पिछले 35 वर्षों से आरक्षण की सीमा 69 प्रतिशत है और उस समय केंद्र सरकार ने इसे संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल कर संरक्षण प्रदान किया था। लेकिन बिहार में आरक्षण की सीमा बढ़ाने संबंधी कानून को न्यायिक बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसे नौवीं अनुसूची का संरक्षण नहीं दिया।
केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की सलाह दी
रणविजय साहू ने मांग की कि सरकार पूर्व निर्धारित सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर गरीबों और वंचितों के हितों की रक्षा के लिए एक सशक्त समिति का गठन करे। यह समिति तय समय-सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे। रिपोर्ट के आधार पर सरकार नया विधेयक लाकर उसे पारित कराए। साथ ही, केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जाए कि बिहार की बढ़ी हुई आरक्षण सीमा को भी नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा बैठने का निर्देश दिए जाने के बावजूद विपक्ष के विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। वह आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके चलते सदन में कुछ देर तक हंगामा होता रहा।
CBSE Board Exam 2026: आज से शुरू हुई 10वीं-12वीं की परीक्षा, 10 बजे के बाद नो एंट्री; रांची जोन के 33 हजार छात्र दे रहे एग्जाम
17 Feb, 2026 09:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आयोजित CBSE Board Exam 2026 मंगलवार से शुरू हो गई है। इस बार 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों में उत्साह के साथ हल्की चिंता भी देखने को मिल रही है।
10वीं की परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 11 मार्च तक चलेगी, जबकि 12वीं की परीक्षा 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित की जाएगी। रांची जोन के अंतर्गत रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा और लातेहार जिले आते हैं। इस जोन में लगभग 10वीं के 19 हजार और 12वीं के करीब 14 हजार विद्यार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। कुल मिलाकर लगभग 33 हजार परीक्षार्थी इस बार परीक्षा देंगे।
परीक्षा के लिए 38 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड ने निर्देश दिए हैं कि सभी परीक्षाएं एक ही शिफ्ट में होंगी, सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक। परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को अपने एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी कार्ड अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। बिना प्रवेश पत्र के परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है। केंद्रों पर शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा, निगरानी और बैठने की व्यवस्था की गई है। शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुँचने के लिए प्रेरित करें, ताकि अंतिम समय की जल्दबाजी से बचा जा सके।
राँची वाले सावधान! अब 'तीसरी आँख' रखेगी कचरे पर नज़र, सड़क पर गंदगी फैलाई तो सीधे कटेगा चालान; 6 पर गिरी गाज
17 Feb, 2026 09:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। राजधानी रांची की सड़कों पर रात के समय खुले में कचरा फेंकने वालों के खिलाफ Ranchi Municipal Corporation ने सख्त कदम उठाया है। सोमवार को प्रशासक के आदेश पर सहायक प्रशासक ने कमांड एंड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर कार्रवाई शुरू की।
जांच में छह प्रतिष्ठानों के लोग खुले में कचरा फेंकते पकड़े गए। निगम की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रत्येक प्रतिष्ठान पर दो हजार रुपये की दर से कुल 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। जुर्माने की कार्रवाई में शामिल दुकानदारों में नागेंद्र कुमार (मेन रोड), मधुसूदन घोष (गौरांग मिष्ठान भंडार, मेन रोड), पंकज सिंह (मेन रोड ओवरब्रिज के नीचे), कुलदीप सिंह (स्टेशन रोड), अनुराग चौधरी (होटल अंबेडकर, स्टेशन रोड) और महावीर जनरल स्टोर (लालपुर) शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अब प्रतिदिन कमांड एंड कंट्रोल रूम से शहर में निगरानी की जाएगी और फुटेज में पकड़े गए प्रतिष्ठानों पर अगले दिन कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानदारों को गीला और सूखा कचरा अलग-अलग रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यह कदम स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि बढ़ाई जा सकती है और नियमित निगरानी जारी रहेगी।
रुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में तकनीकी बाधा, लाभुकों को 4% की जगह देना पड़ रहा 10% से अधिक ब्याज
17 Feb, 2026 09:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी Guruji Student Credit Card Yojana में तकनीकी जटिलताओं के कारण कई छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए लाभुकों को मात्र 4 प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने का प्रावधान है, लेकिन कई बैंकों द्वारा 10.45 से 10.65 प्रतिशत तक ब्याज वसूला जा रहा है।
नियम के अनुसार, 4 प्रतिशत से अधिक वसूली गई राशि को सरकार इंट्रेस्ट सबवेंशन के रूप में छात्र के खाते में लौटाती है। लेकिन कई मामलों में यह राशि समय पर नहीं पहुंच रही है। योजना के तहत अधिकतम 15 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है और छात्र को केवल 4 प्रतिशत प्रभावी ब्याज देना होता है, शेष राशि सरकार वहन करती है। इसके अलावा, हर माह ब्याज की समय पर भुगतान पर एक प्रतिशत अतिरिक्त छूट का प्रावधान भी है।
हालांकि तकनीकी कारणों से कई लाभुकों को सब्सिडी नियमित रूप से नहीं मिल पा रही है। रांची के एक छात्र ने 10.40 लाख रुपये का ऋण लेने के बावजूद उच्च ब्याज बोझ और बार-बार शिकायतों के बावजूद सब्सिडी नहीं मिलने के कारण योजना बीच में ही छोड़ दी।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव राहुल पुरवार ने कहा कि यह योजना पहली बार लागू की गई है, इसलिए तकनीकी परेशानियां सामने आई हैं। विभाग इन समस्याओं को शीघ्र दूर कर रहा है और लाभुकों को कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही, छात्रों की सुविधा के लिए चैट बॉक्स सुविधा भी शुरू की गई है।
ACB की रेडार पर 192 'जालसाज': MPL जमीन घोटाले की फाइल खुलते ही मचा हड़कंप, क्या अब होगी जेल? जानें पूरा कच्चा चिट्ठा
17 Feb, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मैथन पावर लिमिटेड (MPL) की रेलवे परियोजना से जुड़े भू-अर्जन घोटाले की जांच और तेज कर दी है। मामले में आरोप है कि परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन में फर्जी लाभुक बनाकर करोड़ों रुपये के मुआवजे की हेराफेरी की गई।
सूत्रों के अनुसार, कई लोगों ने 10 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की राशि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हड़प ली। जांच के दौरान 192 संदिग्ध नाम सामने आए हैं, जिनमें से लगभग 150 लोगों ने फर्जी डीड का सहारा लेकर वास्तविक रैयतों का मुआवजा ले लिया। एसीबी ने संदिग्धों को नोटिस भेजने पर कई ऐसे नाम पाए जिनका कोई अस्तित्व ही नहीं था।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2008 में रेलवे लाइन परियोजना के लिए मुग्मा और पांड्रा मौजा में लगभग 22 एकड़ जमीन अधिग्रहित की गई थी। भू-अर्जन प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर वर्ष 2016 में एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू की थी। तब से इस घोटाले की गहन जांच चल रही है।
अब एसीबी दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। राजस्व रिकॉर्ड, डीड और बैंक भुगतान की जानकारी का मिलान किया जा रहा है ताकि फर्जी लाभुकों की पहचान की जा सके। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिन वास्तविक रैयतों को नुकसान हुआ है, उनके मामले की समीक्षा भी की जाएगी।
इस जांच से यह स्पष्ट हो रहा है कि रेलवे परियोजनाओं में भू-अर्जन के दौरान फर्जी लाभुकों और मुआवजा हेराफेरी पर नजर रखना बेहद जरूरी है, ताकि सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति का दुरुपयोग रोका जा सके।
पीपरवार में खूनी अफवाह! बच्चा चोरी के शक में युवक को बेरहमी से पीटा, हालत नाजुक; रांची RIMS रेफर
16 Feb, 2026 09:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Piparwar Mob Violence Case : पिपरवार थाना क्षेत्र के चिरैयाटांड़ किचटो गांव में बच्चा चोरी के शक में एक व्यक्ति की ग्रामीणों ने जमकर पिटाई कर दी। घटना रात करीब आठ बजे की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया।
घायल व्यक्ति को पहले बचरा क्षेत्रीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे रांची स्थित Rajendra Institute of Medical Sciences (रिम्स) रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज पुलिस हिरासत में जारी है।
वीडियो वायरल, पहचान पर संशय
इस Piparwar Mob Violence Case का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी अपना नाम रामपति रजवार बता रहा था। हालांकि, पते के बारे में वह कभी रामगढ़ तो कभी हजारीबाग का निवासी होने की बात कह रहा था, जिससे संदेह और बढ़ गया।
ग्रामीणों का दावा है कि पूछताछ में उसने बच्चा चोरी की बात स्वीकार की। हालांकि पुलिस ने इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पहले उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि बच्चा चोरी की कोई वास्तविक घटना हुई या मामला केवल अफवाह का है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत सूचना दें। कानून हाथ में लेने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
आधार में सिर्फ एक बार ही बदल पाएगी जन्मतिथि, नियमों में सख्ती के बाद रांची में मची अफरा-तफरी; जानें नया प्रोसेस
16 Feb, 2026 09:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Aadhaar DOB Update Rule के तहत अब आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलवाना आसान नहीं रहेगा। कम उम्र दिखाने या दस्तावेजों में हेरफेर रोकने के लिए नई प्रक्रिया लागू की गई है। रांची स्थित आधार सेवा केंद्र में रोजाना जन्मतिथि सुधार के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। झारखंड के अलावा बिहार और पश्चिम बंगाल से भी बड़ी संख्या में आवेदक पहुंच रहे हैं।
नई व्यवस्था के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर जन्मतिथि संशोधन कराना चाहता है, तो पहले जन्म पंजीकरण संख्या में सुधार अनिवार्य होगा। सिर्फ नया जन्म प्रमाण पत्र दिखाने से आधार में बदलाव नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण संख्या में किसी भी तरह की विसंगति मिलने पर आवेदन स्वीकार नहीं होगा।
बार-बार बदलाव की कोशिश पर निगरानी
सूत्रों के अनुसार, पहले कुछ लोग जरूरत के अनुसार नया जन्म प्रमाण पत्र बनवाकर आधार में जन्मतिथि बदलवाने की कोशिश करते थे। कई मामलों में एक ही व्यक्ति द्वारा एक से अधिक बार संशोधन के लिए आवेदन किया गया। अब Aadhaar DOB Update Rule के तहत तकनीकी निगरानी बढ़ा दी गई है। बार-बार बदलाव की कोशिश करने पर आवेदन स्वतः अस्वीकार किया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि सभी आवेदनों की गहन जांच होगी। केवल वैध और प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर ही सुधार किया जाएगा। साफ है कि नए नियम दस्तावेजों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए लागू किए गए हैं।
नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार! पश्चिमी सिंहभूम ने बदली अपनी तकदीर, जानें मोस्ट अफेक्टेड सूची से बाहर होने के क्या हैं मायने
16 Feb, 2026 09:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Chaibasa Naxal Update के तहत झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले को बड़ी राहत मिली है। 9 फरवरी 2026 को जारी केंद्रीय गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में जिले को अति नक्सल प्रभावित श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। अब इसे केवल “डिस्ट्रिक्ट ऑफ कंसर्न” यानी सामान्य नक्सल प्रभावित जिले की श्रेणी में रखा गया है।
पहले पश्चिमी सिंहभूम देश के पांच राज्यों के 12 अति नक्सल प्रभावित जिलों में शामिल था। नई सूची में अब केवल तीन जिले— Bijapur, Narayanpur और Sukma—ही इस श्रेणी में बचे हैं।
जमीनी स्थिति में सुधार
रिपोर्ट के अनुसार, जिले में पहले 32 थाना और ओपी क्षेत्र नक्सल प्रभावित थे। अब सिर्फ छोटानागरा और जरायकेला थाना क्षेत्र के कुछ हिस्सों में गतिविधियां सीमित हैं। अनुमान है कि करीब 50 नक्सली ही सक्रिय बचे हैं। इनमें पोलित ब्यूरो सदस्य Misir Besra (एक करोड़ रुपये का इनाम) और केंद्रीय कमेटी सदस्य Aseem Mandal शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार और लेवी नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगी है। लगातार संयुक्त अभियानों से नक्सली जंगलों तक सिमट गए हैं।
नौ वर्षों में उल्लेखनीय गिरावट
वर्ष 2016 में झारखंड के 22 जिले नक्सल प्रभावित थे। 2024 तक यह संख्या घटकर 11 रह गई। पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने कहा कि अभियान जारी रहेगा और शेष प्रभावित क्षेत्रों को भी जल्द नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य है।
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