बिहार-झारखण्ड
पॉक्सो एक्ट मामले में दो दोषियों को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा
10 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर। बक्सर पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों की गवाही एवं समर्पित चार्जशीट के आधार पर माननीय न्यायालय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-06 सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो (ADJ-06), बक्सर ने पॉक्सो एक्ट के एक गंभीर मामले में दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला सिकरौल थाना कांड संख्या-04/23, दिनांक 26 जनवरी 2023 से संबंधित है। न्यायालय ने अभियुक्त बिटु चौधरी एवं टेंगरी उर्फ अमिताभ बच्चन, दोनों निवासी थाना सिकरौल, जिला बक्सर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(DA) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा-06 के तहत दोषी पाया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को लेकर पुलिस प्रशासन ने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कटिहार पुलिस के हत्थे चढ़े 109 अपराधी गिरफ्तार, लाखों का जुर्माना व शराब बरामद
10 May, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार। बिहार के कटिहार जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने 08 मई को व्यापक अभियान चलाया। इस अभियान के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में छापेमारी, वाहन जांच और विशेष कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 109 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में 47 लोग विभिन्न कांडों में शामिल थे। वहीं 22 अभियुक्तों को अजमानतीय वारंट और 40 अभियुक्तों को जमानतीय वारंट के मामलों में गिरफ्तार किया गया। शराबबंदी कानून के तहत भी बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियान के दौरान पुलिस ने 54.9 लीटर देसी शराब और 22.41 लीटर विदेशी शराब बरामद की। इसके अलावा 0.126 किलोग्राम गांजा, 2 मोबाइल फोन और एक अपहृत व्यक्ति को भी बरामद किया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत एक गिरफ्तारी दर्ज की गई, जबकि हत्या के प्रयास के मामले में भी एक आरोपी को पकड़ा गया। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी पुलिस सक्रिय नजर आई। बालक/पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामलों में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। वाहन जांच अभियान के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी सख्ती दिखाई गई। इस दौरान कुल 8,35,500 रूपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे। पुलिस ने आम लोगों से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
सरयू नदी में लापता युवक की तलाश खत्म, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
9 May, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। माँझी नगर पंचायत के दुर्गापुर घाट पर सरयू नदी की लहरों में समाए युवक का पार्थिव शरीर पांच दिनों के लंबे इंतजार के बाद शनिवार की सुबह बरामद कर लिया गया। छपरा शहर के निकट जान टोला घाट के पास शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान माँझी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है, जिसकी सूचना मिलते ही बदहवास परिजन मौके पर पहुँचे और अपनों को खोने के गम में पूरे गाँव का माहौल अत्यंत गमगीन हो गया।
स्नान के समय हुआ हृदयविदारक हादसा
यह दुखद घटना बीते मंगलवार की है जब रौशन कुमार रोज की तरह दुर्गापुर घाट पर स्नान करने गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नहाने के दौरान वह अचानक अनियंत्रित होकर गहरे पानी की चपेट में आ गया और सरयू नदी के तेज बहाव में बहने लगा। तट पर मौजूद लोगों ने उसे बचाने के लिए भरसक प्रयास किए और शोर मचाया, किंतु देखते ही देखते वह गहरे पानी की गहराइयों में ओझल हो गया। इस हादसे के बाद से ही स्थानीय स्तर पर उसकी तलाश के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा था।
गोताखोरों द्वारा शव की खोज और बरामदगी
दुर्घटना के बाद से ही स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों का दल दिन-रात नदी की खाक छान रहा था ताकि युवक का पता लगाया जा सके। पांच दिनों के कठिन परिश्रम के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे गोताखोरों ने सरयू नदी में तैरते हुए शव को देखा और उसे बाहर निकालने में सफलता प्राप्त की। शव मिलने की आधिकारिक पुष्टि होते ही पुलिस और प्रशासन को अवगत कराया गया और कानूनी प्रक्रिया के बीच परिजनों ने अपने लाडले का अंतिम दीदार किया।
गाँव में पसरा सन्नाटा और परिजनों का विलाप
रौशन का शव गाँव पहुँचते ही चीख-पुकार मच गई और परिजनों के विलाप से वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। परिवार के सदस्य जो पिछले पांच दिनों से किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे थे, इस कड़वी सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि युवक अपने व्यवहार से सबका प्रिय था और उसकी इस तरह अचानक हुई मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है, जिससे हर घर में मातम छाया हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की तत्परता
इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों और प्रशासन ने आपसी सहयोग का परिचय दिया और तलाशी अभियान में निरंतर जुटे रहे। हालांकि युवक की जान नहीं बचाई जा सकी, लेकिन गोताखोरों की तत्परता के कारण शव को बरामद कर परिजनों को सौंपा जा सका। प्रशासन ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और क्षेत्र में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नदी के घाटों पर सावधानी बरतने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा न झेलनी पड़े।
पटना में शिक्षक अभ्यर्थियों का प्रदर्शन भारी पड़ा, हजारों पर केस
9 May, 2026 01:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी में शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण के विज्ञापन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच हुआ टकराव अब कानूनी कार्रवाई में तब्दील हो गया है। गांधी मैदान थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए छात्र नेता दिलीप कुमार सहित चार नामजद और लगभग पांच हजार अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस प्रशासन का आरोप है कि इन प्रदर्शनकारियों ने न केवल शहर की कानून व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि मुख्य मार्गों पर यातायात बाधित कर सरकारी कार्य में भी बाधा उत्पन्न की, जिसके बाद अब सीसीटीवी फुटेज के जरिए अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
अभ्यर्थियों का आंदोलन और पुलिसिया लाठीचार्ज
शुक्रवार को पटना कॉलेज से शुरू हुआ यह विरोध मार्च जैसे ही जेपी गोलंबर के समीप पहुंचा, वहां मौजूद सुरक्षा बलों और हजारों की संख्या में जुटे अभ्यर्थियों के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति को अनियंत्रित होता देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र-छात्राओं को गंभीर चोटें आईं। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बर्बरतापूर्वक दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, जिससे पूरे इलाके में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में देरी और बढ़ता असंतोष
शिक्षक अभ्यर्थियों के इस व्यापक आक्रोश का मुख्य कारण पिछले दो वर्षों से लंबित नियुक्तियां और बीपीएससी द्वारा विज्ञापन जारी करने में की जा रही देरी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से चुनाव के समय भी जल्द भर्ती निकालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अधियाचना मिलने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। अभ्यर्थियों का मानना है कि वे लंबे समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं और सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने के बजाय दमनकारी नीतियों का सहारा लेकर उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
छात्र नेताओं की गिरफ्तारी और पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप कुमार और उनके साथियों की गिरफ्तारी के बाद शिक्षक अभ्यर्थियों में गहरा रोष व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि हिरासत में लिए गए साथियों के साथ थाने में मारपीट की गई है और अब उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस घटनाक्रम ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि अभ्यर्थी अब इस लड़ाई को और भी मजबूती से लड़ने की चेतावनी दे रहे हैं।
आगामी कानूनी प्रक्रिया और प्रशासन का पक्ष
वर्तमान में पुलिस प्रशासन गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से पूछताछ कर रहा है और मामले की गहराई से जांच के लिए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी शहर की शांति भंग करने और आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती। दूसरी ओर, शिक्षक अभ्यर्थी अब एकजुट होकर इस कानूनी कार्रवाई के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं और उनकी मांग है कि जब तक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं होता और गिरफ्तार नेताओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
तेलंगाना के छात्र का शव मिलने पर पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
9 May, 2026 12:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहटा (पटना): भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना के परिसर में एक छात्र की आकस्मिक मृत्यु से पूरे संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है। शनिवार की सुबह बॉयज हॉस्टल के समीप स्थित मैदान में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया, जिसकी पहचान तेलंगाना निवासी हर्षित पटनायक के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और एफएसएल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि मौत के सटीक कारणों का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर संभावित कोण से इस रहस्यमयी घटना की गुत्थी सुलझाने में जुटे हुए हैं।
परिसर में बरामदगी और प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही पटना पश्चिम के सिटी एसपी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बल के साथ आईआईटी परिसर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि शुक्रवार शाम को आई तेज आंधी और बारिश के कारण परिसर के कई हिस्सों में जलजमाव हो गया था और कुछ स्थानों पर बिजली के तार भी क्षतिग्रस्त होकर गिर गए थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि संभवतः सुबह टहलने या किसी अन्य गतिविधि के लिए बाहर निकले छात्र के साथ कोई अनहोनी हुई होगी। प्रशासन ने शव को अपने कब्जे में लेकर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार है।
छात्र की शैक्षणिक पृष्ठभूमि और संस्थान का आधिकारिक वक्तव्य
आईआईटी पटना प्रबंधन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए बताया कि मृतक छात्र हर्षित पटनायक संस्थान के एक मेधावी विद्यार्थी थे। उन्होंने यहां से अपनी प्रारंभिक पढ़ाई के तीन वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण किए थे और वर्तमान में एक विशेष ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के तहत प्रतिष्ठित आईआईएम बॉम्बे में अपनी शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। संस्थान के अनुसार हर्षित अपने पुराने साथियों के विदाई समारोह (फेयरवेल) में सम्मिलित होने के लिए विशेष रूप से कैंपस आए हुए थे, लेकिन इस बीच हुई इस दुखद दुर्घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।
फॉरेंसिक जांच और साक्ष्यों का विश्लेषण
मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या छात्र की मृत्यु बिजली की चपेट में आने से हुई या इसके पीछे कोई अन्य तकनीकी खामी रही है। सिटी एसपी ने मीडिया को बताया कि जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक विश्लेषण के परिणाम सामने नहीं आ जाते, तब तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस प्रशासन कैंपस के सुरक्षा कैमरों और वहां मौजूद अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
शोक संतप्त परिवार और आगामी प्रक्रियाएं
संस्थान ने मृतक के परिजनों को इस हृदयविदारक घटना की सूचना दे दी है और वे हैदराबाद से पटना के लिए रवाना हो चुके हैं। आईआईटी प्रशासन ने छात्र के मित्रों और सहपाठियों से अपील की है कि वे इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखें और परिवार को सहयोग प्रदान करें। सभी कानूनी और चिकित्सकीय औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया जारी है ताकि जल्द से जल्द जांच संपन्न कर स्थिति स्पष्ट की जा सके। यह घटना उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थितियों के प्रबंधन को लेकर भी एक गंभीर चर्चा का विषय बन गई है।
बिहार में रेलवे ट्रैक पर ‘तीसरी आंख’ का खुलासा, जांच एजेंसियां अलर्ट
9 May, 2026 11:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हाजीपुर। बिहार के हाजीपुर-मुजफ्फरपुर रेलखंड पर स्थित सराय स्टेशन के पास एक सुरक्षा चूक का बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक समपार फाटक के निकट सिग्नल टावर पर अवैध रूप से लगाए गए एक आधुनिक इंटरनेट प्रोटोकॉल कैमरे के जरिए रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग की संदिग्ध निगरानी की जा रही थी। इस सोलर संचालित कैमरे की खोज के बाद हुई शुरुआती जांच में इसके तार अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क और पड़ोसी देश पाकिस्तान से जुड़े होने के संकेत मिले हैं, जिससे सुरक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।
सिग्नल टावर पर संदिग्ध कैमरे की स्थापना
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब स्वयं को एक सामाजिक संस्था का कार्यकर्ता बताने वाला एक अज्ञात युवक रेलवे फाटक पर पहुँचा और उसने सिग्नल टावर पर चुपके से एक कैमरा स्थापित कर दिया। उस युवक की भाषा और व्यवहार संदिग्ध प्रतीत होने पर वहां तैनात कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन मास्टर को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने मामले की गंभीरता को समझते हुए आरपीएफ और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया। जाँच के दौरान जब कैमरे के तकनीकी पहलुओं को खंगाला गया, तो उसमें कुख्यात आतंकी की तस्वीर और कुछ बेहद आपत्तिजनक डेटा प्राप्त हुआ, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और अधिक बढ़ा दी है।
अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़े तार
जांच एजेंसियों ने जब इस आधुनिक कैमरे के आईपी एड्रेस और डेटा की तकनीकी पड़ताल की, तो इसके तार कर्नाटक के तटीय इलाकों के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संदिग्ध समूहों से जुड़े होने की बात सामने आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एटीएस और एसटीएफ की विशेष टीमों ने घटनास्थल का मुआयना किया है और रेल प्रशासन के उच्चाधिकारियों को भी संपूर्ण विवरण सौंप दिया गया है। प्राथमिक सूचना के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि इस तकनीक का उपयोग किसी बड़ी आतंकी साजिश या विशिष्ट आवाजाही की गुप्त रेकी करने के उद्देश्य से किया जा रहा था।
उन्नत तकनीक और सुदूर नियंत्रण का उपयोग
यह कैमरा तकनीकी रूप से इतना सक्षम था कि इसमें लगे 4G सिम और मोबाइल इंटरनेट की मदद से इसे सैकड़ों किलोमीटर दूर बैठा व्यक्ति आसानी से संचालित कर सकता था। रात के घने अंधेरे में भी स्पष्ट दृश्य रिकॉर्ड करने की क्षमता रखने वाला यह उपकरण न केवल स्थिर था बल्कि इसे दूर से ही घुमाया भी जा सकता था ताकि चारों ओर की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके। पुलिस ने इस उपकरण से करीब एक घंटे की रिकॉर्डिंग बरामद की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसके जरिए रेल पटरियों और राजमार्गों की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही थी।
विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सघन जांच
वर्तमान में इस पूरे मामले की कमान कई विशेष सुरक्षा दल संभाल रहे हैं जो अलग-अलग बिंदुओं पर गहनता से छानबीन कर रहे हैं ताकि इस साजिश की तह तक पहुँचा जा सके। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ रेलवे के तकनीकी विशेषज्ञ भी इस कार्य में जुटे हैं और आसपास के क्षेत्रों में लगे अन्य कैमरों की फुटेज के माध्यम से उस संदिग्ध युवक की तलाश की जा रही है जिसने इस उपकरण को स्थापित किया था। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है और इसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाकर किसी अप्रिय घटना को अंजाम देना था।
बिहारी छात्रों के सम्मान को लेकर कॉलेज में बवाल, प्रशासन पर सवाल
9 May, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: राजधानी के बाढ़ अनुमंडल स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित रह गए दर्जनों छात्रों का आक्रोश चरम पर है। आगामी 11 मई से निर्धारित परीक्षाओं के बावजूद करीब 70 से 80 अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों का फॉर्म नहीं भरा जा सका है, जिसके विरोध में छात्र गुरुवार से ही कॉलेज के मुख्य द्वार पर डटे हुए हैं। शुक्रवार की रात पुलिस बल द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने और भविष्य खराब करने की धमकी देकर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की गई, जिसके बाद छात्र न्याय की गुहार लेकर रात में ही अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया के पास पहुंचे, हालांकि उनसे भेंट नहीं हो सकी।
कॉलेज प्रशासन पर भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप
आंदोलित छात्रों और उनके अभिभावकों ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. के.एल. पुष्कर पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संस्थान में क्षेत्रवाद और जातिवाद का माहौल बनाया जा रहा है। छात्रों का दावा है कि प्राचार्य उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हैं और जानबूझकर एक विशिष्ट वर्ग के विद्यार्थियों को परेशान कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि शुक्रवार रात परीक्षा पोर्टल खुला तो था, लेकिन उसमें भी कथित तौर पर पक्षपात करते हुए केवल चुनिंदा छात्रों के ही आवेदन स्वीकार किए गए, जिससे बाकी छात्रों का भविष्य अब अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है।
छात्र द्वारा आत्महत्या के प्रयास से मची सनसनी
परीक्षा से रोके जाने के तनाव में संस्थान के एक होनहार छात्र नीतीश कुमार द्वारा सुसाइड नोट लिखकर जान देने की कोशिश का मामला भी सामने आया है, जिसे सहपाठियों की तत्परता से समय रहते बचा लिया गया। छात्र ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 84 प्रतिशत उपस्थिति और बेहतर शैक्षणिक रिकॉर्ड होने के बावजूद उसे जानबूझकर परीक्षा से डिबार कर दिया गया। सुसाइड नोट में कॉलेज की लचर शैक्षणिक व्यवस्था, लैब की अनुपलब्धता और शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इस पूरी मानसिक प्रताड़ना के लिए सीधे तौर पर प्राचार्य और एक अन्य शिक्षक को उत्तरदायी ठहराया गया है।
परिजनों की चिंता और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल
छात्रों के समर्थन में उतरे परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि संवाद करने के बजाय प्रशासन पुलिस का सहारा लेकर आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। अभिभावक दीपक पांडे ने चेतावनी दी है कि यदि किसी छात्र को कुछ भी होता है तो उसकी पूरी जवाबदेही कॉलेज प्रशासन की होगी, क्योंकि प्राचार्य छात्रों को अनुचित नामों से पुकारते हैं और उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार करते हैं। वर्तमान में छात्र और उनके परिवार इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो छात्रों का पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो जाएगा।
तेज आंधी और बारिश को लेकर प्रशासन सतर्क, लोगों से घरों में रहने की अपील
9 May, 2026 08:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के विभिन्न हिस्सों में मानसून पूर्व की बारिश और भीषण आंधी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान राजधानी पटना सहित पूर्णिया, अररिया, वैशाली और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में कुदरत का कहर देखने को मिला, जहां तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं में सात लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के सभी अड़तीस जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है।
भीषण आंधी का तांडव और राजधानी में मची तबाही
शुक्रवार की शाम पटना में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला जब करीब एक सौ तीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली चक्रवाती हवाओं ने शहर के बुनियादी ढांचे को झकझोर कर रख दिया। राजधानी की मुख्य सड़कों जैसे बेली रोड और गर्दनीबाग में पांच सौ से अधिक विशाल पेड़ धराशायी हो गए, जिसकी चपेट में आने से तीन लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और घंटों तक लंबा जाम लगा रहा, साथ ही सुरक्षा कारणों से पटना चिड़ियाघर को भी आम जनता के लिए बंद करना पड़ा है।
बिजली संकट और परिवहन सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
तेज आंधी और पेड़ों के गिरने से बिजली के तारों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते पटना के सवा सौ से अधिक फीडरों की आपूर्ति ठप हो गई और हजारों घरों में अंधेरा छा गया। न केवल सड़क यातायात बल्कि हवाई सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ा, जहां खराब दृश्यता और तेज हवाओं के कारण कोलकाता से आने वाली उड़ानों के मार्ग में परिवर्तन करना पड़ा। बिजली और यातायात की इस दोहरी मार ने नागरिकों की रोजमर्रा की जिंदगी को बेहद कठिन बना दिया है और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।
तापमान में गिरावट और मौसम विभाग की चेतावनी
पछुआ हवाओं और लगातार हो रही वर्षा के कारण बिहार के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जहां राज्य का अधिकतम तापमान छब्बीस से छत्तीस डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। पिछले चौबीस घंटों में ठाकुरगंज और पलासी जैसे क्षेत्रों में भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जिससे गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग ने आम जनमानस को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है और विशेष रूप से खेतों में काम करने वाले किसानों को वज्रपात के प्रति आगाह किया है।
सरकार का फोकस अब पर्यटन और धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर
8 May, 2026 01:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय में विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए संकल्प लिया कि बिहार को पर्यटन के मानचित्र पर वैश्विक पहचान दिलाना उनका मुख्य लक्ष्य है।
सांस्कृतिक वैभव को दुनिया तक पहुँचाने का संकल्प
पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि बिहार की धरती अध्यात्म और इतिहास का संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवान बुद्ध की ज्ञान स्थली, गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मभूमि, भगवान महावीर की तपोभूमि और माता जानकी की स्मृतियों से सजी यह मिट्टी पूरी दुनिया को आकर्षित करने की क्षमता रखती है। उन्होंने इस जिम्मेदारी को बिहार की सेवा का एक बड़ा अवसर बताया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे पर्यटन स्थल
मंत्री ने भविष्य की कार्ययोजना साझा करते हुए बताया कि राज्य के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा। उन्होंने मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर जोर दिया:
बुनियादी ढांचा: प्रमुख स्थलों पर बेहतर सड़कें, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और उच्च स्तरीय स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी।
पर्यटक सुरक्षा: पर्यटकों की सुरक्षा और उनकी सुविधाओं के लिए विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
वैश्विक ब्रांडिंग: बिहार के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
रोजगार और अर्थव्यवस्था का बनेगा आधार
केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यटन केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र के विकसित होने से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्पियों, कलाकारों और छोटे व्यापारियों के लिए भी उन्नति के नए द्वार खुलेंगे।
अधिकारियों को टीम भावना की सीख
समारोह के दौरान विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंत्री का भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर श्री गुप्ता ने अधिकारियों से अपील की कि वे एक टीम की तरह पूरी निष्ठा के साथ काम करें ताकि बिहार आधुनिक पर्यटन के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभाग के हर निर्णय में जनता का हित सबसे ऊपर होगा।
दूषित पानी से जान जाने का आरोप, सरकार की व्यवस्था पर उठे सवाल
8 May, 2026 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड स्थित दूधपनियां गांव में फ्लोराइडयुक्त पानी का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुद्ध पेयजल और सही इलाज की कमी के कारण यह गांव धीरे-धीरे 'अपंगों के गांव' में तब्दील होता जा रहा है। हाल ही में फ्लोराइड की वजह से दिव्यांगता झेल रही 29 वर्षीय ललिता बेसरा की मौत ने प्रशासन के तमाम दावों और वादों की पोल खोलकर रख दी है।
एक ही परिवार में दो मौतें: उजड़ गया घर
दूधपनियां गांव में स्थिति कितनी भयावह है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महज दो महीने के भीतर एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान चली गई। दो माह पहले विनोद बेसरा की मौत हुई थी और अब उनकी बेटी ललिता ने भी दम तोड़ दिया। यह परिवार वर्षों से फ्लोराइडयुक्त पानी के कारण शारीरिक अक्षमता का शिकार था।
डीएम के दौरे के बाद भी नहीं बदला मंजर
7 जनवरी को जिलाधिकारी निखिल धनराज निपनिकर खुद इस गांव पहुंचे थे। उन्होंने पीड़ितों को विशेष नीति के तहत सहायता देने और गांव में कैंप लगाकर स्वास्थ्य जांच कराने का भरोसा दिलाया था। हालांकि, डीएम के निर्देश पर कुछ चापाकल तो बदले गए और पेयजल की व्यवस्था हुई, लेकिन जो लोग पहले से इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं, उन्हें उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी सक्रियता केवल दौरे तक ही सीमित रही।
ग्रामीणों में आक्रोश: "सिर्फ आश्वासनों से नहीं भरेंगे घाव"
ललिता की मौत के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल औपचारिकताएं पूरी कर रहा है। आज भी गांव के कई घरों में लोग खाट पर पड़े मौत से जूझ रहे हैं, लेकिन उनके इलाज के लिए कोई ठोस योजना धरातल पर नहीं दिख रही है।
निजी स्तर पर मदद: दुख की इस घड़ी में पूर्व मुखिया प्रतिनिधि संजय मंडल ने मृतका के परिवार से मुलाकात की और अपने निजी कोष से 2000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दो साल से गायब बेटे के जिंदा होने की खबर से परिजनों में खुशी और चिंता
8 May, 2026 09:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। कहते हैं कि 'जाको राखे साइयां, मार सके न कोय' और मुंगेर के एक परिवार के लिए यह कहावत हकीकत साबित हुई है। बासुदेवपुर थाना क्षेत्र के चंडी स्थान निषाद टोला से करीब दो साल पहले लापता हुआ 27 वर्षीय धर्मेंद्र कुमार अब मिल गया है। हैरत की बात यह है कि घर से भटकते हुए वह बिहार से हजारों किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान सीमा (बॉर्डर) तक जा पहुँचा था।
सरहद पर सेना ने पकड़ा, फिर हुई पहचान
घटना की जानकारी के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सेना के जवानों ने एक युवक को संदिग्ध हालत में घूमते देखा। पूछताछ के दौरान जवानों को आभास हुआ कि युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। सुरक्षा कारणों से उसे स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया। इसके बाद जम्मू पुलिस ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए देशभर की पुलिस से संपर्क किया, जिसमें कड़ी से कड़ी जुड़ती गई और अंततः युवक की पहचान मुंगेर निवासी धर्मेंद्र सहनी के रूप में हुई।
जब घर पहुँची पुलिस, तो छलके खुशी के आँसू
गुरुवार की सुबह जब बासुदेवपुर थाना पुलिस धर्मेंद्र के घर पहुँची, तो पहले तो परिजन डर गए। लेकिन जैसे ही पुलिस ने जम्मू से भेजी गई तस्वीर दिखाई, माँ मुन्नी देवी की आँखों से आँसू छलक पड़े। उन्होंने तुरंत अपने लाडले को पहचान लिया। पुलिस ने बताया कि धर्मेंद्र फिलहाल जम्मू-कश्मीर के लालपुरा पुलिस स्टेशन (कोहवारा) की निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित है।
50 रुपये लेकर निकला था, पूरे इलाके में हुई थी तलाश
परिजनों ने बताया कि 19 अगस्त 2024 को धर्मेंद्र घर से महज 50 रुपये लेकर निकला था। उसे खोजने के लिए गरीब परिवार ने जमालपुर, हवेली खड़गपुर और तारापुर तक ऑटो से माइकिंग करवाई और काफी पैसे खर्च किए, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। वक्त बीतने के साथ परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी, पर अब उसके मिलने की खबर ने खुशियाँ लौटा दी हैं।
गरीब माँ-बाप ने सरकार से माँगी मदद
धर्मेंद्र के पिता शत्रुघ्न सहनी पेशे से मछुआरे और मजदूर हैं। बेटे के मिलने की खुशी तो है, लेकिन आर्थिक तंगी अब पहाड़ बनकर सामने खड़ी है। परिवार के पास इतने पैसे नहीं हैं कि वे जम्मू जाकर उसे वापस ला सकें। माँ मुन्नी देवी ने जिला प्रशासन और बिहार सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को सुरक्षित वापस लाने में मदद की जाए।
सेना के अधिकारी का बयान: कैंप के पास भटकते हुए मिले इस युवक के बारे में आर्मी अधिकारी ने बताया कि वह बहुत कम बोलता है और मानसिक रूप से अस्वस्थ लग रहा था, जिसके चलते उसे स्थानीय प्रशासन को सौंपा गया ताकि वह अपने घर पहुँच सके।
वीडियो कुछ और, दावा कुछ और; पुलिस ने तीन युवकों को भेजा जेल
8 May, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी। बिहार में सोशल मीडिया के जरिए उन्माद फैलाने और भ्रामक खबरें साझा करने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मोतिहारी पुलिस ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कई तत्वों को चिन्हित किया है। पुलिस की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक घटना के बाद माहौल को शांत रखने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की जा रही है।
डिजिटल उपद्रवियों पर पुलिस का प्रहार: भड़काऊ पोस्ट और वीडियो बनाने वालों पर FIR
मोतिहारी के पंचपकड़ी थाना क्षेत्र में 4 मई को एक धार्मिक यात्रा के दौरान दो पक्षों में हुए विवाद के बाद, अब कुछ लोग सोशल मीडिया का सहारा लेकर आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। साइबर सेल की गहन निगरानी में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।
भ्रामक वीडियो के जरिए तनाव फैलाने की कोशिश
पुलिस जांच में एक यूट्यूबर, कृष्णा कुमार, का नाम सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पर कलश यात्रा विवाद से जुड़ा एक ऐसा वीडियो साझा किया, जिसमें संपादन (Editing) के जरिए सच्चाई को छिपाया गया था। पुलिस के अनुसार, इस वीडियो का उद्देश्य दो समुदायों के बीच आक्रोश पैदा करना था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
आपत्तिजनक पोस्ट और धमकी भरे संदेश
सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी और धमकियों के दो अन्य गंभीर मामले भी दर्ज किए गए हैं:
विवादित टिप्पणी: बजरंग दल से जुड़े सचिन कुमार पर फेसबुक पर एक समुदाय विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो साझा करने का आरोप है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
जान से मारने की धमकी: इंस्टाग्राम के जरिए ढाका प्रखंड के एक पदाधिकारी को जान से मारने की धमकी देने का मामला भी प्रकाश में आया है। आरोपी युवक विवाद थमने के बाद भी सोशल मीडिया पर धमकियां देकर माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश कर रहा था।
प्रशासन की अपील: सोशल मीडिया का न करें दुरुपयोग
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि इंटरनेट की दुनिया में बैठकर शांति भंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर सेल की टीम 24 घंटे हर संदिग्ध हैंडल और पोस्ट पर नजर रख रही है।
पुलिस की सख्त हिदायत:
किसी भी भ्रामक वीडियो या संदेश को बिना पुष्टि के आगे न भेजें।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि का हिस्सा न बनें।
सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धमकी देना या भड़काऊ टिप्पणी करना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आ सकता है।
यात्रियों को बनाते थे निशाना, रेलवे स्टेशन से मोबाइल उड़ाने वाले दबोचे गए
8 May, 2026 08:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर जंक्शन पर रेल यात्रियों के कीमती मोबाइल फोन पर हाथ साफ करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का रेल सुरक्षा बल (RPF) ने भंडाफोड़ किया है। 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत की गई इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने दो शातिर चोरों को दबोच लिया, जिनके पास से लाखों रुपये के मोबाइल बरामद हुए हैं।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा': मोबाइल चोर गिरोह के दो शातिर गिरफ्तार
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान आरपीएफ और सीआईबी की संयुक्त टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पकड़े गए आरोपियों में से एक अररिया (बिहार) और दूसरा पश्चिम बंगाल का निवासी है।
प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिछाया जाल
गुप्त सूचना के आधार पर आरपीएफ की टीम ने जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर घेराबंदी कर एक पेशेवर अपराधी और उसके साथ एक किशोर को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। जब इनकी तलाशी ली गई, तो उनके पास से 2.50 लाख रुपये की कीमत के कुल 6 मोबाइल फोन बरामद हुए। इनमें पांच आधुनिक टचस्क्रीन स्मार्टफोन और एक कीपैड फोन शामिल है।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर करते थे वारदात
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि वे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ और उनकी लापरवाही का फायदा उठाकर पलक झपकते ही जेब से मोबाइल उड़ा लेते थे। पुलिस को अंदेशा है कि यह गिरोह न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि उत्तर बिहार की कई प्रमुख ट्रेनों में भी सक्रिय था।
मुख्य आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास
आरपीएफ मुजफ्फरपुर के प्रभारी मनीष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी रिंकू कुमार (निवासी अररिया) एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही:
बेगूसराय, कटिहार और पटना जीआरपी में चोरी के मामले दर्ज हैं।
इसके अलावा वह एनडीपीएस एक्ट (नशीले पदार्थ) के तहत भी कई गंभीर केसों में नामजद है।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर रेल पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों और चोरी के मोबाइल खरीदने वाले 'रिसीवर्स' की तलाश में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मुजफ्फरपुर जंक्शन को अपराध मुक्त बनाने के लिए निगरानी और गश्त और तेज कर दी गई है। जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी सलाखों के पीछे होंगे।
ससुराल में महिला की हत्या से सनसनी, दहेज को लेकर विवाद की आशंका
8 May, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले में रिश्तों के कत्ल की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। खजौली थाना क्षेत्र के सुक्की घाट टोल (वार्ड-13) में एक 25 वर्षीय विवाहिता, पूजा कुमारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि पारिवारिक कलह और विवाद के बीच ससुराल वालों ने कुदाल से हमला कर उसकी गर्दन काट दी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल है।
दहेज की वेदी पर चढ़ी एक और बेटी: कुदाल से काटकर कर दी निर्मम हत्या
ससुराल की चौखट, जिसे सुरक्षा का घेरा माना जाता है, वहीं पूजा के लिए काल बन गई। गुरुवार को हुई इस घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
विवाद का खूनी अंत
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पूजा का अपने ससुराल वालों के साथ पिछले काफी समय से विवाद चल रहा था। मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग और घरेलू झगड़ों के कारण उसे अक्सर प्रताड़ित किया जाता था। गुरुवार को बहस इतनी बढ़ी कि तैश में आकर ससुर ने कुदाल से पूजा की गर्दन पर वार कर दिया, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई: सास-ससुर और पति गिरफ्तार
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस एक्शन मोड में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित छापेमारी की और तीन मुख्य आरोपियों—पति, सास और ससुर को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या की असली वजह और साजिश का पता चल सके।
FSL टीम ने खंगाला घटनास्थल
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी सुक्की घाट टोल पहुंचकर घटनास्थल से महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं।
हथियार बरामद: पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल की गई कुदाल और एक लाठी बरामद की है।
वैज्ञानिक जांच: घटनास्थल से खून के नमूने और अन्य अवशेष लिए गए हैं, ताकि अदालत में आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पेश किए जा सकें।
पत्नी को गोली मारते ही भड़की भीड़, आरोपी पति की मौके पर मौत
7 May, 2026 02:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शेखपुरा: बिहार के शेखपुरा जिले में एक पारिवारिक कलह का अंत बेहद खौफनाक और हिंसक रहा, जहाँ एक सनकी पति ने सरेराह अपनी पत्नी पर गोलियां बरसा दीं। इस वारदात के तुरंत बाद मौके पर मौजूद गुस्साई भीड़ ने कानून अपने हाथ में लेते हुए आरोपी पति को पकड़ लिया और उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। यह दुखद घटना सिरारी थाना क्षेत्र के कैथवां गांव के निकट रेलवे फाटक के पास घटित हुई, जिसने न केवल मानवीय संवेदनाओं को झकझोर दिया है बल्कि इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिल्मी अंदाज में वारदात और पत्नी पर जानलेवा हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नवादा निवासी प्रदीप ठाकुर मोटरसाइकिल से कैथवां गांव पहुंचा और ई-रिक्शे से जा रही अपनी पत्नी प्रतिमा देवी को जबरन नीचे उतार लिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, प्रदीप ने अपनी कमर से देशी पिस्तौल निकाली और अपनी पत्नी पर एक के बाद एक चार गोलियां दाग दीं। गंभीर रूप से घायल महिला लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी, जिसके बाद उसे आनन-फानन में सदर अस्पताल ले जाया गया जहाँ वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
आक्रोशित भीड़ का न्याय और आरोपी की मौके पर मौत
गोलीबारी की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में वहां एकत्र हो गए और भागने की कोशिश कर रहे प्रदीप को दबोच लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का गुस्सा इस कदर चरम पर था कि उन्होंने आरोपी से हथियार छीनकर उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया। घंटों चली इस हिंसा और मारपीट के कारण आरोपी पति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जिससे यह मामला अब एक दोहरे हत्याकांड और मॉब लिंचिंग के रूप में तब्दील हो गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
इस पूरी घटना ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की तत्परता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं क्योंकि वारदात की जगह थाने से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित थी। स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि यदि पुलिस समय रहते सूचना पाकर पहुंच जाती, तो शायद आरोपी को भीड़ के हाथों मरने से बचाया जा सकता था। हालांकि पुलिस ने घटनास्थल से हथियार और कारतूस के खोखे बरामद कर लिए हैं, लेकिन अब तक इस सामूहिक हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति की पहचान या गिरफ्तारी न होना प्रशासन की विफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जांच की दिशा और अधिकारियों का कड़ा रुख
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य जुटाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि तनावपूर्ण स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके और जल्द ही इस खूनी रंजिश व भीड़ द्वारा की गई हिंसा के वास्तविक दोषियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया जा सके।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
