बिहार-झारखण्ड
हाईकोर्ट में खुली JPSC की पोल! जेट परीक्षा में देरी पर अदालत ने लगाई फटकार, मांगा 1.75 लाख आवेदकों के सवालों का जवाब
13 Feb, 2026 09:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड हाईकोर्ट ने High Court strict on JPSC JET 2024 मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 में हो रही देरी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। करीब 1.75 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन के बावजूद परीक्षा तिथि तय नहीं होने पर अदालत ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से स्पष्ट जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि JET 2024 की परीक्षा आखिर कब आयोजित की जाएगी और अब तक इसकी क्या तैयारियां की गई हैं। अदालत को बताया गया कि परीक्षा मार्च में संभावित है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि दिसंबर 2025 में आवेदन प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी, इसके बावजूद ढाई महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी परीक्षा न कराना आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि इतने बड़े पैमाने पर आवेदन लेने के बाद परीक्षा को टालना उचित नहीं है। High Court strict on JPSC JET 2024 मामले में अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की गई है, जिसमें आयोग को ठोस स्थिति रिपोर्ट पेश करनी होगी।
इसी सुनवाई के दौरान 14वीं JPSC नियुक्ति परीक्षा से जुड़ा एक अहम आदेश भी आया। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने उम्र सीमा में छूट मांगने वाले 22 अभ्यर्थियों को 14 फरवरी तक आवेदन की अनुमति दी है। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इनका अंतिम परिणाम न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसर और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति लंबित रहने का मुद्दा भी उठा। याचिका में कहा गया कि नियमित भर्तियां न होने से विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अदालत ने इस गंभीर स्थिति पर भी विचार करने के संकेत दिए हैं।
Ranchi Crime News: दोस्त निकला हत्यारा, SUV से कुचलकर युवक की हत्या का खुलासा
13 Feb, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित साउथ रेलवे कॉलोनी में दुर्गा मंदिर के पास हुई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। Ranchi Crime News के मुताबिक, धर्मेंद्र कुमार की एसयूवी से कुचलकर हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि उसका करीबी दोस्त अतुल चड्डा उर्फ आयुष कुमार निकला। पुलिस ने आरोपी को हजारीबाग के बरही इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
यह वारदात बुधवार रात करीब 10.15 बजे की बताई जा रही है। अमरावती कॉलोनी में एक गृह प्रवेश समारोह के दौरान धर्मेंद्र और अतुल के बीच कहासुनी हुई थी। आरोप है कि विवाद के बाद अतुल ने पहले से रची साजिश के तहत अपनी एसयूवी धर्मेंद्र पर चढ़ा दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस मामले में धर्मेंद्र के पिता रामाश्रय शर्मा, जो दारोगा पद से सेवानिवृत्त हैं, ने चुटिया थाना में हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 103(1) और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, धर्मेंद्र और अतुल पुराने दोस्त थे और दोनों जमीन के कारोबार से जुड़े हुए थे। पिछले कुछ समय से पैसों के लेनदेन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कुछ दिन पहले धर्मेंद्र को धमकी दी थी और चार दिन पहले उसके घर भी पहुंचा था, जिससे साफ है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी।
Ranchi Crime News में यह भी सामने आया है कि घटना के दौरान अनियंत्रित एसयूवी ने छह अन्य लोगों को भी टक्कर मार दी। रेलवे में कार्यरत टीटी अन्नपूर्णा नायडू और उनके बेटे कुणाल गंभीर रूप से घायल हैं, जिनका इलाज राज हॉस्पिटल में चल रहा है। आरोपी अतुल चड्डा का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले आठ बार जेल जा चुका है। पुलिस ने SUV जब्त कर FSL जांच शुरू कर दी है और कोर्ट में मजबूत साक्ष्य पेश करने की तैयारी कर रही है।
रांची चुनाव 2026: महिला उम्मीदवारों का 'धन' देख दंग रह जाएंगे आप, 61% पत्नियां अपने पति से भी ज्यादा अमीर
13 Feb, 2026 09:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची में Ranchi Municipal Election 2026 जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे सियासी हलचल तेज होती जा रही है। इस बार का चुनाव खास इसलिए है क्योंकि इसमें महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिल रही है। नगर निगम के 53 वार्डों में कुल 364 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनमें से 228 महिलाएं हैं। यानी कुल उम्मीदवारों में लगभग 62 प्रतिशत हिस्सेदारी महिलाओं की है, जो स्थानीय राजनीति में बड़ा बदलाव दर्शाती है।
नामांकन के दौरान जमा किए गए शपथपत्रों के विश्लेषण से यह भी सामने आया है कि 228 महिला प्रत्याशियों में से 139 की घोषित संपत्ति उनके पतियों से अधिक है। यह आंकड़ा करीब 61 प्रतिशत बैठता है और यह साफ संकेत देता है कि Ranchi Municipal Election 2026 में महिलाएं केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत स्थिति में हैं।
संपत्ति के आंकड़ों पर नजर डालें तो 9 महिला प्रत्याशी करोड़पति हैं, जबकि 133 महिलाएं लखपति श्रेणी में आती हैं। वहीं 55 प्रत्याशियों ने अपनी कुल संपत्ति 1 हजार से 99 हजार रुपये के बीच बताई है। 22 महिला प्रत्याशियों ने शपथपत्र में बैंक बैलेंस, नगदी या वाहन का कोई विवरण नहीं दिया है। इसके अलावा 3 महिलाएं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले घर में रह रही हैं।
उदाहरण के तौर पर वार्ड 3 की प्रीति रंजन ने 1.24 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है, जबकि वार्ड 2 की सोनम कुमारी की संपत्ति 1.33 करोड़ रुपये है। वार्ड 8 की रंजू कुमारी के पास 66.68 लाख रुपये की संपत्ति दर्ज है।
Ranchi Municipal Election 2026 में महिला प्रत्याशियों की संपत्ति बढ़ने का बड़ा कारण सोना और अचल संपत्ति माना जा रहा है। करीब 90 प्रतिशत महिलाओं के पास सोना-चांदी और जमीन या मकान है। हालांकि इंश्योरेंस के मामले में महिलाएं पीछे दिखती हैं, क्योंकि 55 प्रतिशत के नाम कोई पॉलिसी नहीं है, जबकि उनके पतियों के नाम अधिक बीमा दर्ज हैं।
उज्जैनी पर सस्पेंस खत्म: अनुष्का यादव के भाई का खुलासा, तेज प्रताप को बताया परिवार का सदस्य
12 Feb, 2026 04:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Anushka - Tej Pratap Controversy: अनुष्का की बेटी उज्जैनी को लेकर तेज प्रताप यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर अनुष्का यादव के भाई आकाश यादव ने कहा कि तेज प्रताप मेरे परिवार के सदस्य हैं। उनकी बातों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देता हूं। यह मामला अनुष्का यादव और तेज प्रताप यादव के बीच का है। फिर मैं इन दोनों के मामले में क्यों बोलूं? उन्होंने आगे कहा कि यह मामला परिवार का है, हम इस मामले पर परिवार में चर्चा करेंगे। मीडिया या सार्वजनिक मंच पर इससे जुड़े सवाल का जवाब या चर्चा नहीं करना चाहता हूं। प्राइवेट न्यूज चैनल बिहार तक से बातचीत में आकाश यादव ने ये बातें कही।
उज्जैनी के पिता कौन?
उज्जैनी के पिता कौन हैं? इस सवाल का जवाब देने से इंकार करते हुए आकाश यादव ने कहा कि ये नाम मैं सार्वजनिक मंच से नहीं लेना चाहता हूं। क्योंकि संबंधित व्यक्ति को जान का खतरा है, वे कानूनी जटिलताओं में उलझे हुए हैं। ऐसे में हम किसी की सुरक्षा से कोई खिलवाड़ नहीं करना चाहते। समय आने पर सब कुछ बता देंगे। लेकिन बच्ची को पिता के नाम के लिए मीडिया के जरिए नहीं आयेंगे। परिवार की बात परिवार में ही होगी। तेज प्रताप यादव की ओर से अनुष्का से किसी प्रकार के संबंधों से इंकार करने पर उन्होंने कहा कि वे जब हमारे घर आए थे, उन्होंने ही तब खुद पारिवारिक संबंध की बात कही थी। हमने ऐसा कुछ नहीं कहा था। उन्होंने आगे कहा कि हमने तो कोई फोटो या वीडियो सार्वजनिक नहीं किया ?
बहन या भगिनी पर चुप नहीं रहेंगे
आकाश यादव ने बिहार तक से बातचीत में यह स्पष्ट कर दिया कि तेज प्रताप यादव परिवार के हिस्सा हैं। लेकिन, हमारी बहन या भगिनी पर कोई और कुछ बोलेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। सोशल मीडिया पर कथित अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के वायरल पर उन्होंने कहा कि किसी भी लड़का-लड़की के निजी जीवन से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करना कानूनन गलत है। रिपोर्ट फर्जी है या सही? इसपर उन्होंने कहा कि यह मैं नहीं जानता हूं। लेकिन किसी की निजी रिपोर्ट को सार्वजनिक करना कानून गलत है। पुरानी तस्वीरों और वीडियो से जुड़े सवाल पर कहा कि अगर तस्वीरें या वीडियो फर्जी हैं, तो इसका फैसला कोर्ट में होगा।
मेंटेनेंस में 10 करोड़ दें…” कोर्ट में भावुक हुईं पवन सिंह की पत्नी, पति को लेकर कही बड़ी बात
12 Feb, 2026 04:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच चल रहा तलाक विवाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बुधवार को आरा सिविल कोर्ट के कुटुंब न्यायालय में सुलह (रिकॉन्सिलिएशन) की सुनवाई हुई, जहां ज्योति सिंह भावुक होकर रो पड़ीं।
जज से क्या बोली ज्योति सिंह?
कोर्ट में ज्योति सिंह ने जज से कहा "जज साहब, मेरी शादी को 7 साल हो चुके हैं, लेकिन आज तक मुझे न तो पति का प्यार मिला और न ही भरण-पोषण का कोई खर्च। मैं पवन सिंह के साथ रहना चाहती हूं। मेरा दर्द नजरअंदाज किया जा रहा है। अगर वे साथ नहीं रहना चाहते, तो मुझे 10 करोड़ रुपये मेंटेनेंस दिए जाएं।"
ज्योति सिंह के वकील ने की मीडिया से बातचीत
यह बयान ज्योति सिंह के वकील विष्णुधर पांडेय ने मीडिया को बताया। ज्योति सिंह ने कोर्ट परिसर में पवन सिंह का लंबा इंतजार किया, लेकिन पवन सिंह नहीं पहुंचे। उनके वकील ने स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दिया (कुछ रिपोर्ट्स में अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई)। भावुक अवस्था में ज्योति सिंह कोर्ट से बाहर निकलीं।
क्या है पूरा मामला?
पवन सिंह और ज्योति सिंह की शादी 7 मार्च 2018 को बलिया (उत्तर प्रदेश) में बड़े धूमधाम से हुई थी। शादी के कुछ साल बाद अक्टूबर 2021 में पवन सिंह ने तलाक के लिए अर्जी दाखिल की, और यह मामला मई 2022 से आरा कोर्ट में चल रहा है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें शादी के बाद नशे की हालत में मारपीट करना, गाली-गलौज करना, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना देना और दो बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप शामिल है। साथ ही ज्योति सिंह ने कोर्ट में अंतरिम भरण-पोषण की मांग भी की है। बता दें कि पवन सिंह की पहली पत्नी नीलम सिंह ने वर्ष 2015 में सुसाइड कर लिया था।
सुलह की कोशिश जारी
कोर्ट अभी भी दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा है। अगर समझौता नहीं हुआ, तो तलाक और मेंटेनेंस पर विस्तृत सुनवाई होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत दोनों की आर्थिक स्थिति, वैवाहिक परिस्थितियों और आरोपों को देखकर फैसला लेगी।
अगली सुनवाई
अगली तारीख 24 फरवरी 2026 तय हुई है। सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर चर्चा तेज है, जहां कुछ लोग ज्योति सिंह का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ पवन सिंह के करियर पर असर की बात कर रहे हैं।
सूर्या डॉन का गंगा घाटों पर आतंक, नाविकों से वसूली का खेल उजागर
11 Feb, 2026 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना सिटी| में गंगा घाटों पर नाविकों से रंगदारी वसूली का मामला उस समय उजागर हुआ, जब कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या उर्फ ‘सूर्या डॉन’ पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि सूर्या डॉन लंबे समय से घाटों पर नाव चलाने वाले नाविकों से अवैध वसूली कर रहा था।बुधवार सुबह वह गाय घाट के पास कथित तौर पर रंगदारी वसूलने पहुंचा था। इसकी सूचना एसटीएफ को मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख सूर्या ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके बाएं पैर में लगी, जिसके बाद उसे दबोच लिया गया। घायल सूर्या को इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके पास से एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी गंगा घाटों पर नाविकों से नियमित रूप से रंगदारी वसूलता था। उसके खिलाफ पटना और आसपास के थानों में 15 से 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घाट क्षेत्रों में अवैध वसूली करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
सड़क हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने लगाया जाम
11 Feb, 2026 12:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना|नालंदा में बिहारशरीफ-बरबीघा मुख्य मार्ग पर बुधवार की सुबह सड़क हादसे में स्कूली छात्रा की मौत हो गई। हादसा अस्थावां थाना क्षेत्र के सोईवापर गांव के समीप हुआ। मृतक की पहचान अस्थावां थाना क्षेत्र के चिश्तिपुर गांव की रहने वाली चांदनी कुमारी (15) पिता उपेंद्र बिंद के रूप में की गई है। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर शव को रखकर जाम लगा दिया, जिससे दोनों छोर पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई।बताया जा रहा है कि चांदनी कुमारी अस्थावां बाजार से ट्यूशन पढ़कर घर लौट रही थी, इसी बीच विपरीत दिशा से आ रही ट्रक ने उसे रौंद दिया जिससे मौके पर ही छात्रा की मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक चालक गाड़ी समेत मौके से फरार हो गया। चांदनी 10वीं क्लास में पढ़ाई कर रही थी और 2 भाई और 2 बहनों में सबसे बड़ी थी। मौके पर पहुंचे परिजनों की चित्कार से आसपास का माहौल गमगीन हो गया है। घटना की सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मुख्य सड़क को जाम कर दिया। परिजन मुआवाजे एवं कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, फिलहाल सड़क जाम की स्थिति बनी हुई है।अस्थावां थाना अध्यक्ष उत्तम कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में मौत की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने बुझाने के प्रयास में जुट गई है। अज्ञात वाहन की पहचान में पुलिस जुट गई है। सरकारी प्रावधान के अनुसार पीड़ित परिवार को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
6 महीने में तैयार होगा राजगीर का डाइनासोर पार्क
11 Feb, 2026 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगीर|ऐतिहासिक नगरी राजगीर में पर्यटन को नया आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार का पहला डायनासोर पार्क जल्द ही साकार होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और वन विभाग का लक्ष्य है कि अगले छह माह में यह अत्याधुनिक पार्क पर्यटकों के लिए तैयार हो जाए।4.5 हैक्टेयर में फैलेगा मेसोजोइक युग का संसार राजगीर नेचर सफारी परिसर में प्रस्तावित क्लिफ वॉक के समीप लगभग 4.5 हैक्टेयर क्षेत्र में बनने वाले इस पार्क पर करीब 22 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह केवल एक मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक और विज्ञान का अनूठा संगम होगा। यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एनिमेट्रोनिक्स और अत्याधुनिक सेंसर तकनीक के माध्यम से करोड़ों वर्ष पूर्व के मेसोजोइक युग का अनुभव कराया जाएगा।
जीवंत नजर आएंगे डायनासोर
जिला वन पदाधिकारी राजकुमार मनमोहन ने बताया कि पार्क में लगाए जाने वाले डायनासोर केवल स्थिर प्रतिमाएं नहीं होंगे। ब्रशलेस मोटर्स और संवेदनशील सेंसर की मदद से ये प्रतिकृतियां हरकत करेंगी, गर्दन घुमाएंगी, मुंह खोलेंगी और गर्जना भी करेंगी। हाई डेंसिटी स्पंज और सिलिकॉन रबर की कोटिंग से इनकी त्वचा वास्तविक जैसी प्रतीत होगी। पार्क का मुख्य आकर्षण 15 मीटर लंबा और 7 मीटर ऊंचा डिप्लोडोकस होगा। इसके अलावा 13 मीटर लंबा स्पिनोसॉरस और टायरानोसॉरस रेक्स (टी-रेक्स) भी यहां स्थापित किए जाएंगे।
छह विशेष जोन में बंटा होगा पार्क
प्रवेश द्वार को जुरासिक गेट के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके बाद पर्यटक डायनासोर की हड्डियों जैसी संरचना वाली सुरंग से गुजरेंगे। पूरे पार्क को छह अलग-अलग विषयगत क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा, जिनमें टी-रेक्स जोन, विश्राम क्षेत्र, बच्चों का खेल क्षेत्र और डेंजर जोन शामिल हैं।
ज्वालामुखी से लेकर बोलते पेड़ तक
पार्क में 6 मीटर ऊंचा कृत्रिम ज्वालामुखी स्थापित किया जाएगा, जिससे धुआं और प्रकाश प्रभाव निकलेगा। बच्चों के लिए 4 मीटर ऊंचा ‘बोलने वाला पेड़’ भी लगाया जाएगा, जो अपनी हलचल और ध्वनि के माध्यम से संवाद करेगा।
बच्चों के लिए खास आकर्षण
छोटे आगंतुकों के लिए डिगिंग साइट बनाई जाएगी, जहां बच्चे रेत में छिपे डायनासोर के जीवाश्म खोजने का अनुभव ले सकेंगे। इसके अतिरिक्त डिनो राइडिंग की सुविधा भी होगी। पार्क में एक आधुनिक 3डी थिएटर स्थापित किया जाएगा, जहां डायनासोर के इतिहास और उनके विलुप्त होने की कहानी दिखाई जाएगी। साथ ही आकर्षक सेल्फी पॉइंट्स बनाए जाएंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए कैफेटेरिया और स्मारिका दुकान की व्यवस्था भी होगी।इस परियोजना से राजगीर और आसपास के क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और बिहार एक नए पर्यटन आकर्षण के रूप में उभरेगा।
फर्जीवाड़ा उजागर! काम बिना भुगतान, पैसा घूमकर वापस आने का खेल
11 Feb, 2026 09:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी|जब केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह जी राम जी योजना लाने की बात की तो 'अमर उजाला' ने बिल्कुल अंतिम छोर पर इस योजना की हकीकत समझने का प्रयास किया। कई तरह की बातें हर जिले से निकलीं, लेकिन कागजातों के साथ हमें पूरा खेल नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण में जाकर मिला। पूर्वी चंपारण के एक पंचायत में कैसे मुखिया ने अपने मायके वालों के नाम जॉब कॉर्ड बनवाया, यह की पिछली खबर में सामने लाया गया था। अब भ्रष्टाचार की दूसरी और बड़ी हकीकत कि कैसे इस फंड का बंदरबांट किया जाता है? कैसे बगैर काम हुए, उसे पूरा दिखाया जाता है और इसी बहाने दूसरे के नाम से जारी पैसा भ्रष्टाचार के खिलाड़ियों की जेब में लौट आता है?
यह एक उदाहरण, सिर्फ इन्हें नहीं पकड़िए
हम जिस खबर को सामने ला रहे, वह महज एक उदाहरण है। पहली खबर के साथ ही प्रशासन एक्टिव हुआ। जांच शुरू हुई। बड़े अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। लेकिन, यह तो महज एक उदाहरण है। ऐसे हर जिले में मिलेंगे। एक नहीं, कई। क्योंकि, मनरेगा में भ्रष्टाचार का एक ही पैटर्न की जानकारी हर जिले से सामने आ रही है।
कहां का है यह मामला, क्या मानी गई गलती?
मोतिहारी से 50 किलोमीटर दूर भारत-नेपाल सीमा पर बसे पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन प्रखंड के बिजई (विजयी) पंचायत का यह मामला है। भ्रष्टाचार का प्रमाण ही पहले देख लें'' प्रतिनिधि ने पड़ताल करते हुए मनरेगा कार्यालय में बिजई पंचायत रोजगार सेवक से सीधा सवाल किया तो उन्होंने भी ज्यादा समय नहीं लगाया और गलती स्वीकार करते हुए बताया कि पंचायत के मुखिया के दबाव में जल्दबाजी कर 'इन लोगों' (मुखिया के मायके वालों) का जॉब कार्ड बन गया था। ऑफिस के डाटा ऑपरेटर के साथ मिलकर ऐसा किया गया, लगता है। इन सभी से सरकारी फंड की रिकवरी करा ली गई है। मनरेगा के पीओ से सवाल किया तो उन्होंने बताया कि यह उनके आने के पहले की घटना है। पूर्वी चंपारण के उप विकास आयुक्त ने की पहली खबर के बाद मंगलवार को खुद पंचायत और प्रखंड में जाकर हालत देखी, कागजात देखे। डीडीसी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह भारी गबन का मामला है। अभी यह जांच और चलेगी। सभी संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी
मौके पर चुप्पी, मगर खेल की पूरी समझ भी यहीं मिली
पंचायत के कुछ लोगों ने कैमरे पर तो कुछ भी बोलने के मना कर दिया, लेकिन भ्रष्टाचार के पूरे खेल को कुछ उदाहरण वाले नामों की जानकारी देते हुए समझाया। पता चला कि कई लोगों का केवल जॉब कार्ड खोलकर पैसे का उठाव होता रहा है। जो यहां नहीं रहते, उनके नाम पर भी। जो दूसरा काम कर रहे, उनके नाम पर भी। मनरेगा के काम की राशि उन खातों में जाती है और फिर 300 से 500 रुपए वापस ले लिया जाता है। भरोसेमंद लोगों के नाम पर ही जॉब कार्ड बनवाया जाता है। आम तौर पर एक योजना के काम में चार-पांच मजदूर ही रखे जाते हैं और बाकी काम जेसीबी मशीन से करवा लिया जाता है। जांच हो तो सामने आएगा कि वही चुनिंदा चेहरे हर काम में दिखेंगे, जब जियो टैगिंग के लिए तस्वीर ली जाती है।
एनकाउंटर में राजीव उर्फ सूर्या के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
11 Feb, 2026 08:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना| के फुलवारीशरीफ क्षेत्र में बुधवार सुबह पुलिस और कुख्यात अपराधी राजीव कुमार उर्फ सूर्या के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वह घायल हो गया। मुठभेड़ के दौरान उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है। घटना की सूचना मिलते ही वरीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।राजीव कुमार उर्फ सूर्या, पिता यदु राय, निवासी सिद्धी घाट, दीवान मोहल्ला (थाना खाजेकलां, जिला पटना) का आपराधिक इतिहास लंबा बताया जाता है। वह आलमगंज और खाजेकलां थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उस पर लूट, डकैती की तैयारी, अवैध हथियार रखने, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त, धोखाधड़ी तथा बिहार मद्य निषेध कानून के उल्लंघन सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वर्ष 2022 में आलमगंज थाना कांड संख्या 560/22 (26 जुलाई 2022) में उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 399, 402, 34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1b)a/26 के तहत डकैती की तैयारी और अवैध हथियार रखने का मामला दर्ज हुआ था। इसी वर्ष 23 जुलाई को आलमगंज थाना कांड संख्या 550/22 में धारा 394 IPC के तहत लूट का केस भी दर्ज किया गया।वर्ष 2023 में चोरी के माल से जुड़े मामलों में उसका नाम सामने आया। आलमगंज थाना कांड संख्या 732/23 (14 अगस्त 2023) और कांड संख्या 734/23 में धारा 413/414 IPC के तहत कार्रवाई हुई। वहीं खाजेकलां थाना कांड संख्या 530/23 में धारा 414 IPC और बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम की धारा 30(a) के तहत मामला दर्ज किया गया।वर्ष 2024 में भी उसके खिलाफ नए मामले दर्ज हुए। आलमगंज थाना कांड संख्या 595/24 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(6) तथा आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। खाजेकलां थाना कांड संख्या 290/24 और सुलतानगंज थाना कांड संख्या 271/24 में धारा 309(4) BNS के तहत मामले दर्ज हैं। इससे पहले मेंहदीगंज थाना कांड संख्या 184/20 में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और चोरी के सामान से संबंधित धाराओं 420, 467, 468, 469, 471 और 414 IPC के तहत केस दर्ज था।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उस पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। फिलहाल मुठभेड़ की विस्तृत जांच जारी है और आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
कहासुनी ने लिया हिंसक रूप, युवक वारदात के बाद फरार
11 Feb, 2026 08:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना|बाढ़ अनुमंडल के पंडारक थाना क्षेत्र के बिहारी बिगहा गांव में मंगलवार दोपहर नशे की हालत में एक युवक ने अधेड़ व्यक्ति पर कैंची से हमला कर दिया। घटना में अधेड़ गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घायल की पहचान बिहारी बिगहा निवासी रंजीत सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे रंजीत सिंह गांव के ही एक युवक के साथ स्थानीय ठाकुरबाड़ी के पास बैठे थे। दोनों के बीच पहले से दोस्ती थी और उस समय दोनों ने शराब पी रखी थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।आरोप है कि बहस बढ़ने पर युवक ने आपा खो दिया और पास में रखी कैंची उठाकर रंजीत सिंह पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में उनके सिर और एक हाथ में गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में परिजनों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया। परिवार ने आरोपी के खिलाफ पंडारक थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।
पवन सिंह जमानत पर रिहा, जानिए क्या है पूरा मामला
10 Feb, 2026 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास| जिले के डेहरी व्यवहार न्यायालय से मंगलवार को भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह को आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में जमानत मिल गई। यह मामला बीते लोकसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा है, जिसको लेकर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। न्यायालय से समन मिलने के बाद पवन सिंह अदालत में पेश हुए। पेशी के बाद वह मीडिया से बचते हुए निकल गए और किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला
दरअसल, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह पर चुनाव प्रचार के समय बिना अनुमति जुलूस और रैली निकालने का आरोप लगा था। इस संबंध में डेहरी नगर थाना में मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें समन जारी किया था।
आरोपों से इनकार, मिली जमानत
कोर्ट में पेशी के दौरान भोजपुरी सिने स्टार पवन सिंह ने बिना अनुमति जुलूस निकालने के आरोपों से इनकार किया। उनके अधिवक्ता ने बताया कि मामला अब गवाही के चरण में प्रवेश कर चुका है और अभियोजन पक्ष द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि न्यायालय ने पवन सिंह को जमानत प्रदान कर दी है, जिसमें दोनों जमानतकर्ता रोहतास जिले के ही निवासी हैं।
कई मुकदमे दर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह के खिलाफ कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए थे, जो जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। इनमें से संझौली थाना कांड संख्या 70/2024 में उन्हें बरी कर दिया गया है, जबकि शेष चार मुकदमे अभी न्यायालय में विचाराधीन हैं।
उंगली दिखाने से लाठी तक की बात, विधान परिषद् में क्या हुआ?
10 Feb, 2026 01:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना|मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को लड़की कहने के मामले पर आज विधान परिषद में जमकर हंगामा हुआ। इस दौरान बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और विपक्ष के एमएलसी सुनील सिंह एक दूसरे से बुरी तरह उलझ गए। स्थिति ऐसी हो गई कि दोनों अपनी सीमा लांघ गए। मर्यादाएं तार-तार हो गई। सदन से बाहर निकलते ही अशोक चौधरी ने कहा कि सदन शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर टिप्पणी की। इस पर सत्ता पक्ष ने रिएक्ट नहीं किया। लेकिन इस पार्टी में एक काबिल और हॉवर्ड रिटर्न नेता हैं जो खुद को बहुत काबिल समझते हैं। वह खुद को चलता फिरता पोलटिकल साइक्लोपीडिया समझते हैं। वह बेवजह हंगामा करने लगे। उन हंगामा को देखते हुए सभापति ने दोनों पक्षों को शांत रहने की अपील की, लेकिन विपक्ष नहीं माना। फिर विपक्ष अपने जगह से उठकर बेल में आ गया और वहां आकर हंगामा करने लगा। सभापति खड़े होकर विपक्ष को बार-बार शांत रहने की बात कह रहे थे। वह बार-बार कह रहे थे कि अपने-अपने जगह पर वापस जाएं और सदन को शांति में चलने दें, लेकिन विपक्ष लगातार हंगामा करता रहा। तब सभापति ने विपक्ष को एक दिन के लिए सदन से निष्कासित करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि आप लोग बार-बार प्रश्नकाल को बाधित कर रहे हैं इसलिए आपको एक दिन के लिए सदन से बाहर किया जाता है।अशोक चौधरी ने कहा कि सभापति के इतना कहने के बाद ही सुनील सिंह मेरी सीट के पास आ गए। मेरे पास आने के बाद सुनील सिंह ने मुझे न सिर्फ गाली गलौज किया बल्कि संसदीय भाषाओं का भी प्रयोग किया। अशोक चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील सिंह ने मुझे अपशब्द कहा। उंगली दिखा दिखा कर मुझे चिन्हित करने का प्रयास किया। सुनील सिंह चाहते हैं कि मेरी आवाज को दबा दी जाए। दलित की आवाज दबा दी जाए। मेरी एक तरफ दिलीप दिलीप जायसवाल और दूसरी तरफ संजय सरावगी बैठे हुए थे। अशोक चौधरी ने आरोप लगाते हुए कहा कि सुनील सिंह ने इन दोनों को नहीं कहा, बल्कि मुझे ही कह रहे थे। इसका कुछ ना कुछ तो कारण रहा होगा। अशोक चौधरी ने कहा कि राजद की मानसिकता यही है।ये लोग लाठी पिलावान, लाठी घुमावन तेल पिलावन वाली मानसिकता से ही आज भी बिहार को चलाना चाहते हैं। वही सुनील सिंह का आरोप है कि उन्होंने बुक चलाकर उन पर हमला किया है, इसके जवाब में अशोक चौधरी ने कहा कि इस बात का वीडियो फुटेज होगा ना। अशोक चौधरी ने ललकारते हुए कहा कि वह अपने आप को गामा पहलवान समझते हैं? उनकी धमकी से हम भाग रहे हैं क्या? इतनी ताकत है तो आकर सड़क पर फरिया लें।क्या कहा अब्दुल बारी सिद्दीकी ने विपक्ष के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि विपक्ष को तो मर्यादा में रहना ही चाहिए लेकिन सत्ता पक्ष को भी अपनी मर्यादा को समझना चाहिए। लेकिन जिस तरह से बिहार सरकार का मंत्री ही रिजेक्ट कर रहा है, इसका मतलब यह हुआ कि वह हम लोगों को प्रभोक कर रहा है। बिहार सरकार के मंत्री ने जिस तरह से प्रभु किया इस पर हमारे दल के नेता ने रिएक्ट किया लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रभोक करने का, बेल में जाने का या फिर धरना पर बैठने का यह हमारा अधिकार है। अब्दुल बारी की सिद्दीकी ने पिछले कई वर्षों पुरानी बातों को याद करते हुए कहा कि हमें वह दिन भी याद है जब तीन-तीन दिन विधानसभा में धरना हुआ है। जननायक कर्पूरी ठाकुर से लेकर लालू प्रसाद यादव नीतीश कुमार जैसे नेताओं ने उसमें धरना प्रदर्शन किया था। विपक्ष को इस तरह से अपना दुश्मन नहीं समझा जाता था, जिस तरह से अभी किया जा रहा है।
ट्रेन लूटकांड में पुलिस की बड़ी सफलता, लूटा गया सामान बरामद
10 Feb, 2026 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर|बक्सर-फतुहा पैसेंजर ट्रेन में एक महिला यात्री से हुई लूट की घटना का रेल पुलिस ने 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। इस मामले में न सिर्फ लूट में शामिल बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, बल्कि लूटा गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। इस बारे में पटना रेल पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने सोमवार को बक्सर जीआरपी थाना में प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेल थाना पुलिस को यह कामयाबी लूट में शामिल दो अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद मिली है।
अपराधियों की हुई पहचान
गिरफ्तार आरोपियों में झारखंड के जमशेदपुर थाना क्षेत्र के आदित्यपुर निवासी बृज बिहारी पाठक के बेटे दिनेश पाठक और रोहतास जिले के अगरेर के पास स्थित खरवनिया गांव निवासी नंदु कुमार के बेटे भोले शंकर पासवान उर्फ योगेश कश्यप शामिल हैं। इन दोनों की निशानदेही पर पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपी बक्सर शहर के ठठेरी बाजार स्थित प्रीति ज्वेलर्स का संचालक और नालबंद टोली निवासी हरिहर प्रसाद का बेटा अमित वर्मा है। उसके पास से अपराधियों द्वारा लूटे गए जेवरात बरामद किए गए हैं।
जानें क्या कहा रेल एसपी आनंद कुमार ने
रेल एसपी आनंद कुमार ने बताया कि 7 फरवरी की सुबह इस ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री के साथ यह लूट हुई थी। पीड़िता मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पीसी कॉलेज के पास स्थित विश्वनाथ कॉलोनी निवासी नागेंद्र मिश्र की पत्नी सुनीता मिश्र हैं। उन्होंने बताया कि दानापुर रेल मंडल के बक्सर-डुमरांव रेलखंड पर बरूना स्टेशन के पास दो अज्ञात बदमाशों ने चाकू और पिस्टल दिखाकर महिला के कान से सोने की बाली और एक हजार रुपये नकद लूट लिए थे। पीड़िता की ओर से मामला दर्ज कराने के बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद दानापुर रेल डीएसपी कंचन राज के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई और जरूरी निर्देश दिए गए। इस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संदिग्धों की पहचान की और छापेमारी शुरू की। इसी कार्रवाई के दौरान जीआरपी पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली और पूरे मामले का खुलासा हो गया।
बजरंगपुरी अग्निकांड: आग में जलकर राख हुए कबाड़ दुकान व उत्सव हॉल
10 Feb, 2026 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना सिटी| के आलमगंज थाना क्षेत्र के बजरंगपुरी में मंगलवार की सुबह एक कबाड़ की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग पास के उत्सव हॉल तक फैल गई। आसपास के लोगों के मुताबिक, इस आग में लाखों रुपये की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत डायल 112 पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही अग्निशमन दस्ते की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं।
जानें क्या कहा अधिकारी गयानंद सिंह ने
इस मामले में अग्निशमन दस्ते के अधिकारी गयानंद सिंह ने बताया कि दमकल के सभी कर्मचारी आग पर काबू पाने में लगे हुए हैं। आग कैसे लगी, इसकी वजह का भी पता लगाया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बजरंगपुरी मोहल्ले में एक कबाड़ की दुकान के पीछे से अचानक तेज धुआं उठने लगा। पहले लोगों को लगा कि शायद कबाड़ की दुकान में कोई सामान जलाकर बेचने का काम हो रहा है। लेकिन कुछ ही देर में आग की लपटें तेज हो गईं और पास के कम्युनिटी हॉल को भी अपनी चपेट में ले लिया।
मचा इलाके में हड़कंप
कम्युनिटी हॉल में आग लगते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास रहने वाले लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने लगे, खासकर गैस सिलेंडर को सुरक्षित जगह पर ले जाने में जुट गए। इसी बीच लोगों ने डायल 112 को फोन कर आग लगने की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डायल 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पटना सिटी के अग्निशमन कार्यालय को भी इसकी जानकारी दी।बताया जा रहा है कि अग्निशमन विभाग की छोटी-बड़ी करीब 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गईं। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि चंद्रमणि उत्सव पैलेस में शादी-ब्याह के मौसम में अक्सर कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन सोमवार की रात वहां कोई कार्यक्रम नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय कोई शादी का कार्यक्रम चल रहा होता, तो नुकसान और भी ज्यादा हो सकता था।
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