बिहार-झारखण्ड
स्कूल में हुई घटना ने मचाया बवाल और आम लोगों में आक्रोश
20 May, 2026 04:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पूर्णिया (चंपानगर)। बिहार के पूर्णिया जिले से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली एक बेहद सनसनीखेज और घिनौनी वारदात सामने आई है। चंपानगर थाना क्षेत्र के सिंधिया पंचायत स्थित कन्या मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) पर कक्षा एक में पढ़ने वाली महज 7 साल की मासूम छात्रा को कोल्ड ड्रिंक का झांसा देकर कथित तौर पर पेशाब पिलाने का आरोप लगा है। इस अमानवीय कृत्य की खबर जैसे ही इलाके में फैली, स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और सैकड़ों की संख्या में लोग स्कूल परिसर में जमा हो गए।
कोल्ड ड्रिंक का दिया लालच, रोते हुए घर पहुंची मासूम
दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, पहली कक्षा की पीड़ित छात्रा रोज की तरह सुबह स्कूल पढ़ने गई थी। सुबह करीब 9:30 बजे वह अचानक रोती-बिलखती हुई अपने घर पहुंची और माँ को आपबीती सुनाई। डरी-सहमी बच्ची ने बताया कि हेडमास्टर ने उसे अपने कमरे में बुलाया और एक बोतल के ढक्कन में कोई लिक्विड (तरल पदार्थ) देते हुए कहा कि यह कोल्ड ड्रिंक है, इसे पी लो। मासूम ने जैसे ही उसे मुंह में डाला, तो उसे स्वाद और बदबू से अहसास हुआ कि वह पेशाब था।
परिजनों के पूछने पर गाली-गलौज, टेबल पर रखी बोतल से आई तेज दुर्गंध
मासूम की बात सुनकर हैरान-परेशान माँ परिजनों और ग्रामीणों को साथ लेकर तुरंत स्कूल पहुंची। परिजनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस घिनौनी हरकत पर प्रधानाध्यापक से जवाब मांगा, तो वह अपनी गलती मानने के बजाय उलटा गाली-गलौज करने लगा और उन्हें धक्के देकर स्कूल से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी बीच पीड़ित बच्ची ने टेबल पर रखी एक प्लास्टिक की बोतल की तरफ इशारा किया। जब परिजनों ने उस बोतल को उठाकर सूंघा, तो उसमें से पेशाब की तीव्र दुर्गंध आ रही थी।
मौके पर तनाव, पुलिस ने आरोपी हेडमास्टर को दबोचकर भेजा जेल
स्कूल परिसर में ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और हंगामे को देखते हुए चंपानगर थाना पुलिस तुरंत बल के साथ मौके पर पहुंची और कानून-व्यवस्था को संभाला। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी प्रधानाध्यापक नंद किशोर राय को हिरासत में ले लिया, जो मूल रूप से श्रीनगर थाना क्षेत्र के खुट्टी धुनैली गांव का रहने वाला है। पुलिस ने पीड़ित बच्ची की माँ की लिखित तहरीर पर कांड संख्या-69/2026 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी हेडमास्टर को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
फॉरेंसिक जांच के लिए भेजी गई संदिग्ध बोतल, आरोपी ने दावों को नकारा
चंपानगर थानाध्यक्ष अनुपम राज ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित परिवार के बयानों के आधार पर पोक्सो एक्ट व अन्य सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटनास्थल (हेडमास्टर के कमरे) से उस संदिग्ध बोतल को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है, जिसे रासायनिक और फॉरेंसिक (FSL) जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस कस्टडी में आरोपी प्रधानाध्यापक ने खुद को बेकसूर बताते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और साजिश का हिस्सा करार दिया है।
रोज़गार और वेतन से जुड़ी दुर्दशा, सेविकाओं में भारी आक्रोश
20 May, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करगहर (रोहतास)। प्रखंड मुख्यालय के पास स्थित सिरसियां आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 27 पर बच्चों को केवल फोटो खिंचवाने के लिए पोशाक पहनाने और बाद में उसे वापस लेने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि यहाँ एक और बड़ा घोटाला सामने आ गया है। आंगनबाड़ी सेविकाओं से बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) और महिला पर्यवेक्षिका (सुपरवाइजर) द्वारा हर महीने 3,500 रुपये की बंधी-बंधाई रिश्वत लेने का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है।
रिश्वतखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, ऑनलाइन भी लिया जाता है पैसा
क्षेत्र में इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक आंगनबाड़ी सेविका और उसके पति इस पूरे घूसकांड की कलई खोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दावा किया गया है कि अधिकारियों तक रिश्वत पहुंचाने के लिए बकायदा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन (डिजिटल पेमेंट) का भी सहारा लिया जाता है। इसके अलावा कुछ रसूखदार और रेंक की 'नेता' सेविकाएं इस पूरी अवैध वसूली के नेटवर्क को संचालित करने में बिचौलिए की भूमिका निभाती हैं, जिससे उनका अपना पैसा बच जाता है।
पैसे न देने पर वेतन रोकने की धमकी, राशन वितरण में भी धांधली
पीड़ित पक्षों का आरोप है कि जो भी सेविका हर महीने तय कमीशन देने से इनकार करती है, अधिकारी उसका नियमित मानदेय (वेतन) रोक देते हैं और केंद्र के लिए आने वाले अन्य जरूरी सामानों की आपूर्ति भी बाधित कर दी जाती है। वायरल वीडियो और सूत्रों के अनुसार, लेडी सुपरवाइजर (एलएस) के माध्यम से केंद्रों पर मिलने वाले सरकारी चावल और राशन के वितरण में भी बड़े पैमाने पर घालमेल किया जाता है। इस मामले पर जब संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और अन्य आला अधिकारियों से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया।
मासूम बच्चों का निवाला छीनकर अधिकारियों की जेबें भरने का आरोप
नाम न छापने की शर्त पर कई अन्य आंगनबाड़ी सेविकाओं ने खुलकर बताया कि विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ें बेहद गहरी हैं। पहले प्रति केंद्र 2,500 रुपये महीना घूस के तौर पर वसूला जाता था, लेकिन साल 2025 से इस 'कमीशन' की राशि को बढ़ाकर 3,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंगनबाड़ी आने वाले अबोध और कुपोषित बच्चों के हक का पैसा काटकर इन भ्रष्ट अधिकारियों की जेबें गर्म की जा रही हैं, जो बेहद शर्मनाक है।
जांच से बचने के लिए गुपचुप तरीके से बदला गया सीडीपीओ कार्यालय
इस पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही और अधिकारियों की नीयत पर तब और शक गहरा गया जब यह बात सामने आई कि लगभग चार महीने पहले तक सीडीपीओ कार्यालय प्रखंड परिसर के अंदर ही संचालित होता था। लेकिन विभागीय निगरानी और स्थानीय प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की नजरों से बचने के लिए प्रभारी सीडीपीओ ने बिना किसी सूचना के कार्यालय को वहां से आधा किलोमीटर दूर 'सेमरी रोड' पर शिफ्ट कर दिया। इस सुनसान जगह पर वरिष्ठ अधिकारियों का आना-जाना न के बराबर होता है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि अगर इस वायरल वीडियो की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो कई बड़े अधिकारी सीधे जेल की सलाखों के पीछे होंगे।
खौफनाक वारदात: पॉलिटेक्निक छात्रों पर हुई जानलेवा चोरी की कोशिश
20 May, 2026 11:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाढ़। अनुमंडल के बाढ़ थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए कुछ असामाजिक तत्वों ने राणाबीघा पॉलिटेक्निक कॉलेज के एक छात्र और उसके मित्र पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में दोनों युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को इलाज के लिए बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
एक्स्ट्रा क्लास से लौटते समय अगवानपुर के पास घेरा
पीड़ित छात्र कन्हैया कुमार के अनुसार, यह वारदात उस समय हुई जब वह कॉलेज में चल रही विशेष अतिरिक्त कक्षा (एक्स्ट्रा क्लास) समाप्त होने के बाद शाम करीब 7 बजे अपने दोस्त के साथ बाढ़ स्थित किराए के कमरे पर वापस जा रहा था। जैसे ही वे दोनों अगवानपुर गांव के समीप पहुंचे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे कुछ स्थानीय दबंग युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने बिना कोई बात किए दोनों पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
कीमती बुलेट बाइक और सोने की चेन लूटने का आरोप
घायल छात्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि मारपीट के दौरान बदमाशों की नीयत उनकी कीमती बुलेट मोटरसाइकिल लूटने की थी। जब दोनों छात्रों ने इसका कड़ा विरोध किया और बाइक नहीं छोड़ी, तो हमलावरों ने कन्हैया कुमार के गले पर झपट्टा मारकर उसकी सोने की चेन छीन ली। सुनसान रास्ते पर छात्रों की चीख-पुकार सुनकर जब राहगीर और स्थानीय लोग उस ओर दौड़ पड़े, तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से रफूचक्कर हो गए।
अटेंडेंस शॉर्ट होने का कॉलेज विवाद हो सकता है वजह
इस हमले के तार कॉलेज के एक हालिया विवाद से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, अनिवार्य 75 फीसदी उपस्थिति (अटेंडेंस) पूरी न होने के चलते कॉलेज प्रशासन ने कई छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित कर दिया था, जिसे लेकर कैंपस में काफी हंगामा हुआ था। बाद में बीच का रास्ता निकालते हुए कॉलेज ने इन छात्रों के लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की थीं ताकि वे परीक्षा दे सकें। कन्हैया इसी क्लास से लौट रहा था, जिससे अंदेशा है कि विवाद के चलते उसे निशाना बनाया गया।
अस्पताल पहुंची पुलिस, मामला दर्ज कर जांच शुरू
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम तुरंत बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने डॉक्टरों की मौजूदगी में घायल छात्रों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के लिए इलाके में छानबीन शुरू कर दी गई है और मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस में अनुशासनहीनता, प्रशासन ने ली सख्त कार्रवाई
20 May, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले में पुलिसिया बर्बरता और भ्रष्टाचार के एक गंभीर मामले में बड़ी गाज गिरी है। एक बीपीएससी (BPSC) अभ्यर्थी को आधी रात को गैर-कानूनी तरीके से घर से उठाने, बेरहमी से प्रताड़ित करने और फिर रिश्वत लेकर छोड़ने के आरोप में महिला सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) शिल्पी कुमारी को सस्पेंड कर दिया गया है। सहरसा के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशु ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी महिला दारोगा पर तत्काल प्रभाव से यह निलंबन की कार्रवाई की है, जिससे पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है।
बिना किसी वारंट के आधी रात को छात्र का अपहरण, थाने में अपराधियों की तरह पीटा
मामला बीती 16 मई की रात का है, जब बलवाहाट थाने में तैनात एसआई शिल्पी कुमारी ने बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के भटपुरा गांव में छापेमारी कर बीपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र प्रवेश कुमार को उसके घर से जबरन उठा लिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस के पास छात्र के खिलाफ न तो कोई शिकायत थी और न ही कोई गिरफ्तारी वारंट। इसके बावजूद उसे अपराधियों की तरह थाने ले जाया गया और बेरहमी से उसकी पिटाई की गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
छोड़ने के बदले 50 हजार की डिमांड, 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर किया रिहा
इस पूरे वाकये में पुलिस की कार्यशैली पर सबसे बड़ा दाग तब लगा जब परिजनों ने अवैध वसूली का सनसनीखेज आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार, लॉकअप में बंद प्रवेश कुमार को छोड़ने के एवज में महिला दारोगा द्वारा 50,000 रुपये की मांग की गई थी। काफी मिन्नतें करने के बाद आखिरकार 10,000 रुपये की घूस लेकर छात्र को थाने से रिहा किया गया। इस घटना के बाद से ही पुलिस की छवि को लेकर स्थानीय जनता में भारी आक्रोश देखा जा रहा था।
थानाध्यक्ष भी थे अनजान, सरकारी रोजनामचे (डायरी) में नहीं थी कोई एंट्री
मामले का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह सामने आया है कि बलवाहाट थाना प्रभारी (थानाध्यक्ष) राजू कुमार को इस पूरी कार्रवाई की भनक तक नहीं थी। जब रिकॉर्ड की जांच की गई, तो पता चला कि थाने की स्टेशन डायरी (रोजनामचा) में छात्र को हिरासत में लेने या उसके खिलाफ किसी भी तरह का केस दर्ज होने का कोई जिक्र नहीं था। इससे यह साफ हो गया कि महिला सब-इंस्पेक्टर ने पूरी तरह अपनी मनमानी करते हुए निजी स्वार्थ के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।
एसडीपीओ करेंगे विस्तृत जांच, एसपी ने दी सख्त लहजे में चेतावनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी हिमांशु ने सिमरी बख्तियारपुर के एसडीपीओ (SDPO) मुकेश कुमार ठाकुर को पूरे प्रकरण की गहनता से विभागीय जांच करने के आदेश दिए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि मीडिया में मामला उछलने के बाद शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर निलंबन किया गया है और अब विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। वहीं, एसपी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले और खाकी को बदनाम करने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
कैबिनेट में कई प्रस्तावों पर सीएम सम्राट चौधरी करेंगे मुहर
20 May, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज शाम पांच बजे मुख्य सचिवालय के मंत्रिमंडल कक्ष में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री, सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। इस कैबिनेट मीटिंग पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि सरकार इसमें नौकरी और रोजगार को लेकर कोई बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय ले सकती है।
एक करोड़ नौकरी और रोजगार के वादे पर नजर
एनडीए (NDA) सरकार ने आगामी पांच वर्षों में राज्य के युवाओं को एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। राजनीतिक गलियारों और आम जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज इस चुनावी वादे को जमीन पर उतारने के लिए किसी बड़े प्रस्ताव या कार्ययोजना को मंजूरी दे सकते हैं। युवा वर्ग के लिए आज की यह बैठक बेहद अहम मानी जा रही है।
पिछली बैठक में 18 प्रस्तावों को मिली थी हरी झंडी
इससे पहले 13 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक काफी चर्चा में रही थी। उस बैठक में सरकार ने कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी थी। पिछले फैसलों की निरंतरता को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि आज भी कई जनहित और प्रशासनिक योजनाओं पर मुहर लग सकती है।
कर्मचारियों को मिला था भत्ता, इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी
गौरतलब है कि 13 मई की कैबिनेट बैठक में राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए दो फीसदी (2%) महंगाई भत्ता बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया गया था। इसके साथ ही बिहार में पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक कार की खरीद पर एक लाख रुपये और इलेक्ट्रिक स्कूटर पर 12 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन (सहायता) राशि देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई थी।
लूट-छिनतई के बदमाश पर पुलिस की कार्रवाई, पैर में लगी गोली
20 May, 2026 08:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। जिले में अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। देर रात पुलिस और एक शातिर अपराधी के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ हो गई। पुलिस द्वारा की गई जवाबी फायरिंग में कुख्यात अपराधी प्रिंस कुमार के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तुरंत दबोच लिया और इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां वह पुलिस कस्टडी में है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया था जाल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जिला पुलिस को देर रात एक पुख्ता इनपुट (गुप्त सूचना) मिला था कि इलाके में लूटपाट और राहजनी की वारदातों को अंजाम देने वाला वांछित अपराधी प्रिंस कुमार अपने कुछ साथियों के साथ किसी नए अपराध की योजना बनाने के लिए क्षेत्र में घूम रहा है। इस सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन घेराबंदी करते हुए देर रात सघन छापेमारी अभियान शुरू किया।
पुलिस को सामने देख अपराधी ने शुरू कर दी ताबड़तोड़ फायरिंग
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान जैसे ही पुलिस टीम ने अपराधियों को ललकारा और प्रिंस कुमार ने खुद को चारों तरफ से घिरता पाया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर सीधे गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी अपनी आत्मरक्षार्थ और अपराधियों को पकड़ने के लिए जवाबी कार्रवाई की। इस क्रॉस फायरिंग के दौरान एक गोली प्रिंस के पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं गिर पड़ा और भागने में नाकाम रहा।
लूट और छिनतई के कई मामलों में पुलिस को थी लंबे समय से तलाश
गिरफ्तार किया गया प्रिंस कुमार जिले का एक चिह्नित अपराधी है, जो पिछले काफी समय से समस्तीपुर के अलग-अलग इलाकों में लूट, छिनतई और डकैती जैसी कई संगीन वारदातों में सक्रिय था। पुलिस को काफी वक्त से उसकी तलाश थी। इस मुठभेड़ को अपराधियों के खिलाफ पुलिस की एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। अब पुलिस प्रिंस के पूरे आपराधिक इतिहास को खंगालने के साथ-साथ उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के ठिकानों का पता लगा रही है।
सदर अस्पताल में कड़ी सुरक्षा, वरीय अधिकारी जुटे जांच में
मुठभेड़ की इस घटना के बाद जख्मी अपराधी को भारी पुलिस बंदोबस्त के बीच समस्तीपुर सदर अस्पताल के वार्ड में रखा गया है, जहां डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई और आगे की रणनीति को लेकर पुलिस के आला अधिकारी अभी मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करने से बच रहे हैं, लेकिन इलाके में पुलिस का सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
शिक्षामंत्री का TRE-4 को लेकर बड़ा बयान, अभ्यर्थियों को मार्गदर्शन
19 May, 2026 04:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधेपुरा। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि आगामी शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की समय-सारणी यानी शेड्यूल बेहद जल्द घोषित कर दिया जाएगा। मधेपुरा पहुंचे शिक्षा मंत्री ने अभ्यर्थियों से संवाद करते हुए अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक या अनावश्यक चर्चाओं में अपना समय बर्बाद करने के बजाय पूरी तरह अपनी पढ़ाई और तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा एनडीए ($NDA$) सरकार प्रदेश की जनता और युवाओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
बाबा सिंहेश्वर नाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, सहरसा के सहयोग शिविर के लिए हुए रवाना
अपनी मधेपुरा यात्रा के दौरान शिक्षा मंत्री मंगलवार को प्रसिद्ध सिंहेश्वर नाथ मंदिर पहुंचे। वहाँ उन्होंने बाबा भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना की और बिहार में सुख, समृद्धि तथा शांति की कामना की। मंदिर परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए मंत्री ने कहा कि बिहार की जनता ने हमेशा एनडीए सरकार पर अटूट भरोसा जताया है और सरकार भी जन-आकांक्षाओं पर लगातार खरी उतर रही है। सिंहेश्वर में दर्शन-पूजन के बाद वे सहरसा के लिए रवाना हो गए, जहां वे बतौर जिला प्रभारी मंत्री 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत, संगठन की मजबूती पर हुई चर्चा
सिंहेश्वर आगमन पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का पूरे उत्साह के साथ स्वागत किया। इस दौरान मंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की, जिसमें संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। इस मौके पर भाजपा नमो ऐप के जिला संयोजक सुभाष चौहान ने कहा कि मंत्री के इस दौरे से स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नया जोश और ऊर्जा का संचार हुआ है।
उर्दू शिक्षकों की बहाली और कॉलेजों में विषय शुरू करने की उठी मांग
मधेपुरा से सहरसा जाने के रास्ते में झिटकिया के पास बीएनएमयू ($BNMU$) के रिसर्च स्कॉलर इम्तियाज रहमानी ने शिक्षा मंत्री का अभिनंदन किया। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने उच्च शिक्षा को लेकर एक मांग पत्र सौंपते हुए मंत्री से आग्रह किया कि राज्य के नवसृजित (नए बने) डिग्री कॉलेजों में उर्दू विषय की पढ़ाई तुरंत शुरू करवाई जाए। साथ ही उन्होंने इन कॉलेजों में उर्दू भाषा के प्रोफेसरों और शिक्षकों की पर्याप्त बहाली करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई।
नेशनल हाईवे पार करने की मजबूरी; स्कूल को वापस मूल स्थान पर लाने के लिए सौंपा ज्ञापन
दौरे के अंत में भाजपा नेता सुभाष चौहान ने शिक्षा मंत्री को क्षेत्र की एक गंभीर समस्या से अवगत कराते हुए मांग पत्र सौंपा। इसमें बताया गया कि सिंहेश्वर प्रखंड की रुपौली पंचायत (वार्ड-2) के 'नवसृजित प्राथमिक विद्यालय बेलदारी टोला' को वर्तमान में उत्क्रमित मध्य विद्यालय केटवान में शिफ्ट कर दिया गया है। इस कारण छोटे बच्चों को लगभग 3 किलोमीटर दूर नेशनल हाईवे ($NH-106$) पार करके स्कूल जाना पड़ता है, जिससे हादसों का डर बना रहता है और कई बच्चों ने डर के मारे स्कूल जाना छोड़ दिया है। ज्ञापन में मांग की गई कि पोषक क्षेत्र में ही पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, इसलिए बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस प्राथमिक विद्यालय को पुनः उसके मूल स्थान पर ही संचालित किया जाए।
दवा दुकानदारों का बड़ा फैसला, 20 मई को दुकानें रहेंगी बंद
19 May, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले में बुधवार यानी 20 मई को दवाइयों की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। समस्तीपुर डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ($AIOCD$) और बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ($BCDA$), पटना के संयुक्त आह्वान पर एक दिवसीय पूर्ण बंद रखने का फैसला किया है। इस देशव्यापी आंदोलन के समर्थन में जिले के सभी थोक और खुदरा दवा व्यवसायी अपनी दुकानों के शटर डाउन रखेंगे।
ई-फार्मेसी और भारी डिस्काउंट से पारंपरिक व्यापार पर संकट, जीवन से खिलवाड़ का आरोप
दवा विक्रेता संघ के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार और सचिव कृष्ण कुमार मिश्रा ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा इंटरनेट के जरिए ऑनलाइन दवाएं बेचना और उस पर बेतहाशा छूट (भारी डिस्काउंट) देना पारंपरिक दवा बाजार को पूरी तरह बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि दवाएं कोई आम उपभोक्ता वस्तु नहीं बल्कि जीवन रक्षक औषधियां हैं। ऑनलाइन सप्लाई के दौरान इन दवाओं के सुरक्षित रखरखाव और जरूरी तापमान (कोल्ड चेन) के मानकों की अनदेखी की जाती है, जिससे दवाओं का असर खत्म या कम हो सकता है। यह सीधे तौर पर आम जनता की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ है।
नकली दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, केमिस्टों ने जताया विरोध
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि देश में बिना उचित डॉक्टरी पर्चे और बिना कड़े नियमों के चल रहे इस ऑनलाइन दवा कारोबार पर तुरंत कानूनी शिकंजा कसा जाए। इसके साथ ही संगठन ने बाजार में फैल रहे नकली और घटिया दवाओं के निर्माण व उनकी बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई है।
मरीजों की सहूलियत के लिए आपातकालीन स्थिति में खुली रहेंगी ये चुनिंदा दुकानें
हड़ताल के दौरान आम नागरिकों और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने एक व्यावहारिक व्यवस्था भी की है। इसके तहत जिले के अलग-अलग प्रमुख इलाकों में आपातकालीन जरूरतों के लिए कम से कम एक-एक दवा दुकान को खुला रखने की अनुमति दी गई है। जनता की सुविधा के लिए निम्नलिखित मेडिकल स्टोर्स इस बंद के दौरान भी खुले रहेंगे:
समस्तीपुर शहर: भारत मेडिकल हॉल
ताजपुर: हिंदुस्तान मेडिकल हॉल
रोसड़ा: न्यू शिव मेडिकल हॉल
बिथान: शिवम मेडिकल हॉल
हसनपुर: रामा मेडिकल हॉल
पूसा रोड: महादेव Medical हॉल
कल्याणपुर: अमित मेडिकल हॉल
वारिसनगर: अमनदीप मेडिकल हॉल
सहयोग शिविर में लेसी सिंह का संदेश: दफ्तरों के चक्कर खत्म
19 May, 2026 02:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बिहार सरकार द्वारा आम जनता की शिकायतों के त्वरित और सीधे निवारण के लिए चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत झंझारपुर प्रखंड की काको पंचायत में एक विशाल 'सहयोग शिविर' का आयोजन किया गया। इस प्रशासनिक शिविर में बिहार सरकार की भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों ने बुके देकर मंत्री का जोरदार स्वागत किया।
बिजली-पानी से लेकर पेंशन तक, ग्रामीणों ने सीधे मंत्री के सामने रखीं शिकायतें
लगाए गए इस विशेष सहयोग शिविर के दौरान मंत्री लेसी सिंह ने आम जनता, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों से सीधा संवाद स्थापित किया। शिविर में आए ग्रामीणों ने अपनी विभिन्न बुनियादी समस्याओं जैसे— जमीन व भूमि विवाद, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ न मिलना, नए राशन कार्ड बनवाने, मुख्यमंत्री आवास योजना, शुद्ध पेयजल की किल्लत, जर्जर सड़कें, बिजली आपूर्ति में गड़बड़ी और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं में कमी से जुड़ी शिकायतें मंत्री के समक्ष रखीं। मंत्री ने इन सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों को हर एक शिकायत का समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी निपटारा करने के सख्त निर्देश दिए।
अब दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, जनता और प्रशासन के बीच कम हो रही दूरी
जनसभा को संबोधित करते हुए भवन निर्माण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार सरकार अब सरकारी दफ्तरों को सीधे जनता के दरवाजे (गांव-गांव तक) ले जाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना भर नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों और जिला प्रशासन के बीच सीधे संवाद व खोए हुए विश्वास को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है। सरकार की साफ मंशा है कि किसी भी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को अपने छोटे-छोटे कामों या हक के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर न काटने पड़ें।
आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास; आधिकारियों को पारदर्शिता बरतने की हिदायत
मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य सरकार समाज के सबसे पिछड़े, शोषित और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास की मुख्यधारा और जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। उन्होंने मौके पर उपस्थित विभिन्न विभागों के आला अफसरों को हिदायत दी कि शिविर में जितने भी आवेदन या शिकायतें प्राप्त हुई हैं, उन्हें फाइलों में दबाने के बजाय पूरी पारदर्शिता, ईमानदारी और तत्परता के साथ निष्पादित किया जाए, ताकि वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को उनका अधिकार समय पर मिल सके।
महिला और तीन बच्चों की हत्या का मामला, पति गिरफ्तार
19 May, 2026 10:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले के पतोर थाना क्षेत्र के चंदनपट्टी गांव से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पारिवारिक कलह के चलते एक सनकी पति ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों पर जानलेवा हमला बोल दिया। इस दिल दहला देने वाले हमले में पत्नी और दो बच्चों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक बच्चा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को भी चोट पहुंचाई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच ($DMCH$) भेज दिया है, वहीं आरोपी को हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुर्गा फार्म में काम करता था आरोपी, सुबह हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी संदीप दास अपने परिवार के साथ चंदनपट्टी स्थित एक पोल्ट्री फार्म (मुर्गा फार्म) में मजदूरी का काम करता था। वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल के दालकोला जिला अंतर्गत कुंडी थाना क्षेत्र का रहने वाला था। मंगलवार की सुबह किसी घरेलू बात को लेकर पति-पत्नी के बीच बहस शुरू हुई थी। देखते ही देखते संदीप के सिर पर खून सवार हो गया और उसने पास में रखे डंडे और लोहे की भारी रॉड से अपनी पत्नी फूल कुमारी दास (30 वर्ष), सात साल के बेटे ह्रदय दास और छह साल की बेटी संध्या दास पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।
मां और दो भाई-बहनों की मौके पर मौत, 5 साल का मासूम वेंटिलेटर पर
लोहे की रॉड से किए गए वार इतने जोरदार थे कि फूल कुमारी और उसके दो मासूम बच्चों (ह्रदय और संध्या) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस हमले में उनका पांच साल का छोटा बेटा सोन दास गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जिसका इलाज फिलहाल अस्पताल में चल रहा है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। मृत बच्चों के मामा मंगू दास ने बताया कि सुबह मामूली कहासुनी हुई थी, लेकिन कोई नहीं जानता था कि संदीप इतना खौफनाक कदम उठा लेगा। इस तिहरे हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा, जांच के लिए बुलाई गई FSL की टीम
चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और तुरंत स्थानीय पुलिस को मामले की जानकारी दी। पतोर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लहूलुहान हालत में मौजूद आरोपी पति को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। घटना की संवेदनशीलता और क्रूरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ($FSL$) की विशेष टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया। एफएसएल की टीम ने मौके से खून से सने हथियार और अन्य अहम साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि आखिर इस खूनी खेल के पीछे की मुख्य वजह क्या थी।
एक्शन मोड में राजस्व मंत्री, मुजफ्फरपुर में करेंगे शिकायतों का समाधान
19 May, 2026 08:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मंगलवार को मुजफ्फरपुर के एक दिवसीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वह मुशहरी, मीनापुर और कुढ़नी प्रखंडों में आयोजित होने वाले 'सहयोग शिविरों' का जायजा लेंगे। मंत्री का मुख्य फोकस राजस्व और जमीन से जुड़े मामलों के जल्द निपटारे पर रहेगा। मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद वह सबसे पहले प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लेंगे, जिसके बाद वह सीधे जनता के बीच शिविरों में शामिल होंगे।
जमीन और राजस्व विवादों का मौके पर होगा निपटारा
इन विशेष सहयोग शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता की जमीन से जुड़ी समस्याओं को दूर करना है। शिविर में मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), जमाबंदी और राजस्व से जुड़े मामलों की सीधी सुनवाई होगी। प्रभारी मंत्री खुद जनता से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनेंगे और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को समस्याओं के तुरंत समाधान के निर्देश देंगे।
लापरवाही पर ऑन-द-स्पॉट एक्शन की तैयारी
डॉ. दिलीप जायसवाल मंत्री पद संभालने के बाद से ही लगातार एक्टिव मोड में काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जनता की शिकायतों को गंभीरता से न लेने पर कुढ़नी प्रखंड के राजस्व अधिकारी को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया था। मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद सरकार के मंत्री लगातार एक्शन में हैं, इसलिए इस दौरे के दौरान भी काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
एनडीए नेताओं की मौजूदगी में प्रशासनिक मुस्तैदी
मंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। संबंधित विभागों के आला अधिकारियों को हर हाल में शिविर में मौजूद रहने और पेंडिंग मामलों को निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान प्रभारी मंत्री के साथ बीजेपी, जेडीयू और एलजेपी (लोजपा) के स्थानीय विधायक और नेता भी मौजूद रहेंगे।
नीतीश कुमार की तरह निशांत कुमार, स्वास्थ्य विभाग के फैसले ने डॉक्टरों को चौंकाया
19 May, 2026 07:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की नई सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय की कमान पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को सौंपे जाने के बाद से ही सियासी और प्रशासनिक गलियारों में सुगबुगाहट तेज थी। कयास लगाए जा रहे थे कि क्या नए युवा मंत्री अपने पिता की सबसे महत्वाकांक्षी घोषणा—'सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर रोक'—को लागू कर पाएंगे? हालांकि इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में हाल ही में लिए गए फैसलों ने इसके साफ संकेत दे दिए हैं। जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार अपने पिता के विजन को धीरे-धीरे और योजनाबद्ध तरीके से जमीन पर उतारने का प्रयास कर रहे हैं। इसकी शुरुआत डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी से हो चुकी है।
डॉक्टरों की जवाबदेही तय: बायोमेट्रिक हाजिरी और नाइट ड्यूटी पर सख्ती
स्वास्थ्य विभाग अब सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठा रहा है। नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी कर्मचारियों को निर्धारित ड्यूटी रोस्टर का पालन करना होगा और बायोमेट्रिक सिस्टम से हाजिरी लगानी होगी। विभाग का विशेष ध्यान रात्रिकालीन (नाइट शिफ्ट) सेवाओं पर है। रात के समय डॉक्टरों की मौजूदगी की कड़ी निगरानी की जा रही है, और वरिष्ठ चिकित्सकों को आपातकालीन सेवाओं (इमरजेंसी) की कमान संभालने का निर्देश दिया गया है ताकि मरीजों को 24 घंटे बेहतर इलाज मिल सके।
डॉक्टरों ने सरकार के सामने रखीं शर्तें, सुविधाओं और सुरक्षा की मांग को लेकर निकाला मार्च
इधर, निजी प्रैक्टिस पर संभावित रोक को देखते हुए डॉक्टरों के संगठन भी लामबंद होने लगे हैं। बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ (भासा) के तत्वावधान में डॉक्टरों ने राजधानी में एक महासम्मेलन का आयोजन किया और अपनी मांगों के समर्थन में आईएमए हॉल से जेपी गोलंबर तक पैदल मार्च निकाला। चिकित्सकों का कहना है कि सरकार को पाबंदी लगाने से पहले डॉक्टरों की मूलभूत समस्याओं जैसे—सुरक्षित कार्य माहौल, अस्पतालों में पर्याप्त सुरक्षा गार्डों की तैनाती, डॉक्टरों के लिए आवास और प्रशासनिक पदों पर तैनात चिकित्सा पदाधिकारियों को वाहन की सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए।
अस्पतालों को हाईटेक बनाने और 'नॉन-प्रैक्टिसिंग एलाउंस' देने की उठ रही मांग
स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों और डॉक्टरों का एक वर्ग सरकार को अन्य राज्यों से सीख लेने की सलाह दे रहा है। पीएमसीएच के एक वरिष्ठ चिकित्सक के अनुसार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल की तर्ज पर शर्तों के साथ निजी प्रैक्टिस की छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि असली मुद्दा निजी प्रैक्टिस नहीं, बल्कि अस्पतालों में आधुनिक उपकरणों की कमी और डॉक्टरों के खाली पद हैं। वहीं, राज्य के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अमूल्य सिंह ने निजी प्रैक्टिस पर रोक के विचार को सही ठहराते हुए कहा कि सरकार को इसके बदले सभी डॉक्टरों को 'नॉन-प्रैक्टिसिंग एलाउंस' (NPA) देना चाहिए, ताकि डॉक्टर बिना किसी वित्तीय नुकसान के अस्पतालों में अपना पूरा समय दे सकें।
'सात निश्चय-3' का हिस्सा है यह योजना, केमिस्ट एसोसिएशन ने लगाए गंभीर आरोप
गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 दिसंबर 2025 को 'सात निश्चय-3' की घोषणा की थी, जिसके तहत 'सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन' का संकल्प लिया गया था। इसमें जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने और डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस रोकने की नीति शामिल थी।
इस नीति का समर्थन करते हुए रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी संजय कुमार ने आरोप लगाया कि वर्तमान में कुछ सरकारी डॉक्टर अस्पतालों में बेहद कम समय देते हैं और अपने निजी क्लिनिकों पर ज्यादा ध्यान देते हैं। दलालों के नेटवर्क के कारण गरीब मरीज परेशान होते हैं। उन्होंने कहा कि भारी-भरकम वेतन मिलने के बावजूद डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण पीएमसीएच जैसे बड़े अस्पतालों में गरीब मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पाता, इसलिए सरकार का यह कदम आम जनता के हित में बेहद जरूरी है।
मेले में सुरक्षा पर सवाल, पुलिसकर्मी नजर आए थिएटर में, हड़कंप मचा
18 May, 2026 05:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगीर। बिहार के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल राजगीर में शुरू हुए एक महीने के प्रसिद्ध मलमास मेले के पहले ही दिन सुरक्षा इंतजामों की पोल खुल गई है। मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभालने के बजाय कुछ पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी से गायब होकर एक थिएटर के अंदर बार-बालाओं का डांस देखते हुए रंगे हाथों कैमरे में कैद हो गए हैं। इस शर्मनाक घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
3 हजार जवानों की तैनाती का दावा, वीआईपी सीट पर मनोरंजन करते दिखे रक्षक
आपको बता दें कि इस ऐतिहासिक मलमास मेले की शुरुआत रविवार को ही हुई है, जिसका औपचारिक उद्घाटन सम्राट चौधरी द्वारा किया गया था। जिला प्रशासन ने मेले की चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए 3,000 से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती का बड़ा दावा किया था। लेकिन सोमवार देर रात मेले परिसर में ही चल रहे 'शोभा सम्राट थिएटर' से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ऑन-ड्यूटी तैनात कुछ जवान थिएटर की वीआईपी (VIP) कुर्सियों पर आराम से बैठकर मंच पर चल रहे डांस का लुत्फ उठा रहे हैं और अपने मोबाइल से उसका वीडियो भी बना रहे हैं।
मीडिया के कैमरों को देख चेहरा छिपाकर भागे जवान
जानकारी के मुताबिक, देर रात जब कुछ मीडियाकर्मी मेले की सुरक्षा व्यवस्था और जमीनी हकीकत का जायजा लेने के लिए थिएटर के पास पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। जैसे ही इन पुलिसकर्मियों की नजर मीडिया के कैमरों और फ्लैश लाइट पर पड़ी, वहाँ अफरा-तफरी मच गई। कैमरे के सामने आते ही कानून के ये रखवाले लोक-लाज के डर से अपना चेहरा छिपाते हुए और नजरें चुराते हुए थिएटर के पिछले दरवाजे से बाहर की तरफ भागते नजर आए।
लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा भगवान भरोसे, जनता में भारी आक्रोश
इस धार्मिक मेले में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पवित्र स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जहाँ भारी भीड़ के कारण अक्सर जेबकतरों, उचक्कों और असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है। ऐसे संवेदनशील माहौल में सुरक्षाकर्मियों का अपनी जिम्मेदारी भूलकर मनोरंजन में डूब जाना आम जनता को रास नहीं आ रहा है। मेले में आए श्रद्धालुओं ने पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए इसे घोर लापरवाही करार दिया है।
डीएसपी का बयान- मामले की गहन जांच कर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे घटनाक्रम और वीडियो के सामने आने के बाद जब पुलिस के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो डीएसपी (DSP) सुनील कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल यह मामला अभी उनके संज्ञान में सीधे तौर पर नहीं आया है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस पूरे वीडियो और घटना की बारीकी से जांच कराई जाएगी। यदि जांच में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की लापरवाही और अनुशासनहीनता साबित होती है, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
'भाई और बच्चों को भी काटा'—चार मर्डर करने वाला आरोपी बयान
18 May, 2026 04:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैमूर (रामगढ़)। बिहार के कैमूर जिले के रामगढ़ थाना अंतर्गत डहरक गांव से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ संपत्ति के विवाद में दो कलयुगी भाइयों ने अपने ही बड़े भाई, भाभी और दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या कर दी। एसपी (SP) हरिमोहन शुक्ला ने इस खौफनाक हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, बीती 7 मई को कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी, उनके 8 साल के बेटे अंश और 4 साल की बेटी कीर्ति की कुल्हाड़ी और चाकू से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई। दिल दहला देने वाली बात यह है कि हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शवों को टुकड़ों में काटा गया और सूटकेस व बोरियों में भरकर दुर्गावती नदी और अभेदे नहर के पास फेंक दिया गया।
माँ की एक शिकायत और महाराष्ट्र से आकर रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि 4 मई को कृष्ण मुरारी की माँ ने महाराष्ट्र में रह रहे अपने छोटे बेटे विकास को फोन कर बड़े बेटे द्वारा मारपीट किए जाने की बात कही थी। इसी बात से आक्रोशित होकर विकास ने अपने दोस्त दीपक कुमार राजपूत और छोटे भाई राहुल उर्फ गौतम के साथ मिलकर पूरे परिवार को खत्म करने का ताना-बाना बुना। 6 मई को आरोपी गांव पहुंचे और शव काटने के लिए कटर मशीन व अन्य हथियार जुटाए। अगले ही दिन 7 मई को जैसे ही दोनों मासूम बच्चे स्कूल से घर लौटे, आरोपियों ने एक-एक कर चारों को मौत की नींद सुला दिया और स्कूटी की मदद से शवों के टुकड़ों को ठिकाने लगा दिया। विकास की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों से दंपती के कटे हुए सिर बरामद कर लिए हैं।
कलयुगी माँ के सामने कटते रहे अपनों के गले, मूकदर्शक बन देखती रही मंजर
इस पूरे हत्याकांड का सबसे हैरान और विचलित कर देने वाला पहलू यह रहा कि जब तीनों हत्यारे इस खौफनाक वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब कृष्ण मुरारी की बुजुर्ग माँ वहीं बैठकर सब कुछ अपनी आँखों से देख रही थी। वारदात के बाद बड़े बेटे के पूरे परिवार के अचानक गायब होने पर गांव वालों को कोई शक न हो, इसलिए वह अपने दोनों आरोपी बेटों के साथ चुपचाप महाराष्ट्र फरार हो गई। फिलहाल बच्चों के कटे हुए सिरों की खोज के लिए अकोढ़ी नदी में गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
कटर मशीन और हथियार बरामद, फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता विकास गुप्ता को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आरोपी के घर से पुलिस ने कत्ल में इस्तेमाल चाकू, लोहे काटने वाली कटर मशीन, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद कर ली है। एसपी ने बताया कि मामले के दो अन्य सह-आरोपी राहुल उर्फ गौतम और दीपक राजपूत अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार पुलिस की एक विशेष टीम को महाराष्ट्र भेजा गया है।
मासूमों की हत्या से गांव में पसरा सन्नाटा, हत्यारों को फांसी देने की मांग
एक ही परिवार के चार लोगों, खासकर दो अबोध बच्चों की इस तरह की गई क्रूर हत्या के बाद से पूरे डहरक गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। इस जघन्य अपराध को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस से गुहार लगाई है कि इस मामले की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराई जाए और इस नरसंहार के सभी दोषियों को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा (फांसी) दिलाई जाए।
Bihar में यात्रा आसान, चम्पारण से नई ट्रेनें चलेंगी दरभंगा और मुजफ्फरपुर
18 May, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नरकटियागंज: पश्चिम चम्पारण के रेल यात्रियों के लिए सोमवार का दिन बेहद ऐतिहासिक और खुशियों भरा रहा। क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा देने के लिए दो नई ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की गई है। पहली ट्रेन नरकटियागंज जंक्शन से दरभंगा जंक्शन के लिए और दूसरी ट्रेन सिकटा से मुजफ्फरपुर जंक्शन के लिए रवाना की गई। इस खास मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे, क्षेत्रीय सांसद सुनील कुमार और सिकटा के विधायक समृद्ध वर्मा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इन ट्रेनों का शुभारंभ किया। इस दौरान भारी संख्या में रेल यात्री, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सिकटा को मिला नया रेल संपर्क, पटना तक विस्तार की उठी मांग
नई ट्रेनों के परिचालन से चम्पारण के ग्रामीण इलाकों की रेल कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होगा। उद्घाटन समारोह के दौरान सिकटा विधायक समृद्ध वर्मा ने कहा कि यह क्षेत्र लंबे समय से बेहतर रेल यातायात के लिए संघर्ष कर रहा था। आज का दिन यहाँ के निवासियों के लिए गौरवशाली है। उन्होंने इस सौगात के लिए केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय का धन्यवाद किया। साथ ही विधायक ने यह मांग भी उठाई कि चूंकि सिकटा से राज्य की राजधानी पटना के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है, इसलिए यदि इस ट्रेन का विस्तार पटना तक कर दिया जाए, तो आम जनता को और भी अधिक सहूलियत होगी।
बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी में बढ़ाए गए अतिरिक्त डिब्बे
रेल यात्रियों की लगातार बढ़ती भीड़ और असुविधा को देखते हुए रेलवे ने एक और बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि यात्रियों के सुगम सफर के लिए बगहा से पाटलिपुत्र के बीच चलने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस में चार अतिरिक्त कोच (डिब्बे) जोड़ दिए गए हैं। इससे इस रूट पर सफर करने वाले दैनिक यात्रियों और नौकरीपेशा लोगों को बर्थ व सीट की किल्लत से बड़ी राहत मिलेगी।
नरकटियागंज में साल 2027 तक तैयार होगा आधुनिक वाशिंग पिट
चम्पारण क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि नरकटियागंज में जल्द ही एक आधुनिक वाशिंग पिट (ट्रेनों की सफाई और रखरखाव का डिपो) का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है। रेलवे ने इस बड़े प्रोजेक्ट को साल 2027 तक पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा है। वाशिंग पिट के बन जाने के बाद नरकटियागंज स्टेशन से देश के अन्य बड़े और दूर-दराज के शहरों के लिए नई लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू करना बेहद आसान हो जाएगा।
शाम के समय मुजफ्फरपुर और पटना के लिए भी चलेगी ट्रेन
नरकटियागंज से मुजफ्फरपुर रूट पर शाम के वक्त ट्रेनों की कमी के कारण स्थानीय यात्रियों को होने वाली दिक्कतों पर भी सरकार ने ध्यान दिया है। इस समस्या पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने आश्वासन दिया कि रेलवे प्रशासन इस रूट पर शाम के समय भी पटना और मुजफ्फरपुर के लिए नई पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू करने की योजना पर गंभीरता से काम कर रहा है, ताकि यात्रियों को देर सफर करने में कोई परेशानी न हो।
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युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
