बिहार-झारखण्ड
कुर्सी विवाद में क्लासरूम ताले, ऑफिस में हंगामा, छात्रों पर असर
23 May, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बाढ़ (बिहार):बिहार के बाढ़ अनुमंडल के दहौर गांव स्थित हाई स्कूल से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यह स्कूल इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकों के आपसी कलह और ड्रामे को लेकर सुर्खियों में है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षकों के बीच ऑफिस में बैठने जैसी मामूली बात को लेकर विवाद इस कदर बढ़ गया है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी परेशान हैं। हालत यह है कि दरभंगा के एक शिक्षक और स्कूल प्रभारी के बीच चल रही तनातनी पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है। हद तो तब हो गई जब शिक्षक क्लासरूम में पढ़ाने के बजाय एक-दूसरे का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं।
वीडियो बनाने पर तनी छड़ी, क्लास की जगह ऑफिस में बीत रहा समय
रोज-रोज के इस वीडियो खेल से तंग आकर हाल ही में एक शिक्षक ने अपने ही सहकर्मी पर छड़ी तान दी, जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। इस आपसी खींचतान का सबसे बुरा असर स्कूल के बच्चों और वहाँ के शैक्षणिक माहौल पर पड़ रहा है। आरोप है कि शिक्षक बच्चों को ज्ञान देने के बजाय अपना पूरा समय दफ्तर में बैठकर एक-दूसरे से बहस करने और नीचा दिखाने में गंवा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) अमित कुमार ने अब सख्त रुख अपना लिया है।
महिला सहकर्मियों और छात्राओं से बदसलूकी के गंभीर आरोप
स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक दीपक कुमार पर पिछले दो सालों से महिला शिक्षकों और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप लग रहे हैं, जिसकी विभागीय जांच जारी है। हालांकि, आरोपी शिक्षक का कहना है कि बुधवार को जब वह स्कूल पहुंचे तो एक अन्य शिक्षक ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें दफ्तर से बाहर जाने को कहा। इसी दौरान दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई और वे एक-दूसरे का वीडियो रिकॉर्ड करने लगे। दीपक कुमार के मुताबिक, सामने वाले शिक्षक को वीडियो बनाने से रोकने के लिए उन्होंने सिर्फ छड़ी उठाई थी, उनका इरादा किसी को डराने या मारने का नहीं था। गुस्से में अपशब्द कहने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने माफी भी मांगी है।
दूसरी तरफ, बाकी स्टाफ का आरोप है कि कंप्यूटर शिक्षक होने के बावजूद वह बच्चों को नहीं पढ़ाते और पूरे दिन दफ्तर में बैठकर दूसरों पर फब्तियां कसते हैं।
कमरे में अकेले पढ़ाने और डेस्क पर खड़ा करने का विवाद
शिक्षक पर छात्राओं को लेकर भी बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि 11वीं कक्षा की छात्राओं में से एक छात्रा को वह बाकी बच्चों से अलग, कमरे का दरवाजा बंद कर पढ़ाते थे। जब अन्य शिक्षकों ने इसका विरोध किया तो उन्होंने बात नहीं मानी। इसके कुछ समय बाद एक छात्रा रोती हुई कमरे से बाहर आई और उसने एक महिला शिक्षिका को आपबीती सुनाई।
इसके अलावा, जब उन्हें 10वीं कक्षा में भेजा जाता था, तो वह गृहकार्य (होमवर्क) न करने वाली छात्राओं को पूरी क्लास के सामने डेस्क पर खड़ा कर देते थे। चूंकि छात्राएं स्कर्ट पहनकर स्कूल आती हैं, इसलिए इस तरह की सजा पर भारी आपत्ति जताई गई है। साथ ही, छात्राओं के लिए "बड़ी गदही" और "छोटी गदही" जैसे अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप है, जिसकी शिकायत अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से की थी।
जांच में दोषी पाए गए शिक्षक, बीईओ बोले- आचरण सुधारें गुरुजी
इस पूरे मामले पर ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर (BEO) अमित कुमार ने कहा कि विवाद का वीडियो उनके पास पहुंचा था, जिसके बाद उन्होंने खुद स्कूल जाकर जांच की। जांच में शिक्षक दीपक कुमार द्वारा स्कूल प्रभारी और अन्य स्टाफ के साथ बदसलूकी की बात सच पाई गई है। बीईओ ने साफ किया कि जब मिडिल स्कूल को हाई स्कूल में अपग्रेड किया गया था, तब विभाग के नियम के तहत ही पुराने प्रभारी को जिम्मेदारी दी गई थी, इसलिए उनके पद पर सवाल उठाना गलत है।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं और बच्चे वही सीखते हैं जो उनके शिक्षक करते हैं। खराब व्यवहार करने वाले शिक्षक देश और समाज को गलत दिशा में ले जाते हैं। बीईओ ने बताया कि साल 2024 में भी आरोपी शिक्षक के खिलाफ शिकायत मिली थी और अब प्रधानाध्यापक की नई रिपोर्ट के आधार पर जांच रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजी जा रही है, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में अपराध पर तुरंत कार्रवाई, पुलिस दे रही ऑन-स्पॉट सजा
23 May, 2026 08:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था की सूरत अब पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। पिछले कुछ समय से राज्य में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का कड़ा और आक्रामक रुख देखने को मिल रहा है। राजनीतिक गलियारों में भले ही यह चर्चा थी कि उत्तर प्रदेश का 'योगी मॉडल' बिहार में लागू नहीं होगा, लेकिन गृह विभाग की कमान संभालते ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में स्थितियां बदल चुकी हैं। पूर्व की सरकारों में जहाँ अपराधियों के 'हाफ एनकाउंटर' की खबरें आती थीं, वहीं अब पुलिस सीधे 'ऑन-स्पॉट' जवाब दे रही है। पिछले साल नवंबर से लेकर अब तक छह खूंखार अपराधी पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं, जबकि 23 अपराधियों को पुलिस ने पैर में गोली मारकर घुटनों पर ला दिया है।
इस सख्त कार्रवाई पर विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि राज्य में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है और एनडीए सरकार जाति देखकर 'फर्जी और सिलेक्टिव एनकाउंटर' कर रही है। इन आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ किया कि अपराधियों की कोई जाति नहीं होती। सरकार पूरी तरह निष्पक्ष होकर समाज में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रही है।
आइए जानते हैं मुठभेड़ में ढेर हुए उन 6 खूंखार अपराधियों का पूरा काला चिट्ठा:
1. बेगूसराय में ₹50 हजार का इनामी नक्सली दयानंद मालाकार ढेर
31 दिसंबर 2025 को बेगूसराय के तेघड़ा इलाके में एसटीएफ और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें 50 हजार का इनामी नक्सली दयानंद मालाकार उर्फ छोटू मारा गया। सादी वर्दी में पहुंची पुलिस टीम पर सरसों के खेत में घात लगाए नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में दयानंद मारा गया। उस पर माकपा नेता दिनेश सिंह के घर को डायनामाइट से उड़ाने और माकपा नेता रामपुकार चौरसिया की हत्या समेत बेगूसराय, खगड़िया और मुजफ्फरपुर में 16 गंभीर मामले दर्ज थे।
2. वैशाली में ₹2 लाख का इनामी सोना लुटेरा 'प्रिंस' मारा गया
6 फरवरी 2026 को वैशाली में एसटीएफ और पुलिस ने साझा ऑपरेशन चलाकर कुख्यात सोना लुटेरा प्रिंस उर्फ अभिजीत उर्फ चश्मा को मार गिराया। सुबोध सिंह गैंग का यह शार्प शूटर बिहार समेत 7 राज्यों में वांछित था। उस पर 300 किलो से अधिक सोना लूटने, डकैती और रंगदारी के 30 से अधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2018 में हाजीपुर कोर्ट परिसर में हवलदार राम एकबाल रविदास की हत्या कर वह फरार हो गया था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर दो लाख का इनाम रखा था।
3. मोतिहारी में जवान को शहीद करने वाले कुंदन और प्रियांशु का अंत
17 मार्च 2026 को पूर्वी चंपारण के चकिया इलाके में एसटीएफ और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे ढेर हो गए। हालांकि, इस बहादुरी के ऑपरेशन में एसटीएफ जवान श्रीराम कुमार यादव भी शहीद हो गए। आरोपी कुंदन ठाकुर ने पुलिस अधिकारियों को जान से मारने की धमकी दी थी और घेराबंदी के दौरान पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई थीं।
4. भागलपुर में अधिकारियों के हत्यारे रामधनी यादव को लगी 5 गोलियां
29 अप्रैल 2026 को भागलपुर के सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी और सभापति की दिनदहाड़े हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। हथियार बरामदगी के दौरान उसके गुर्गों ने पुलिस पर हमला किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में रामधनी को 5 गोलियां लगीं। रामधनी का अपराध इतिहास साल 1982 से था। उसने साल 2000 में एक व्यापारी की हत्या कर थाने में सरेंडर कर पुलिस को भी चौंका दिया था।
5. सीवान में भाजपा नेता के भांजे की हत्या का आरोपी सोनू यादव ढेर
3 मई 2026 को सीवान में पुलिस मुठभेड़ के दौरान सोनू यादव मारा गया। सोनू ने 29 अप्रैल को भाजपा नेता मनोज कुमार सिंह के भांजे हर्ष सिंह और उनके बहनोई पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थीं, जिसमें हर्ष की मौत हो गई थी। बाइक से भागने की फिराक में लगे सोनू को जब पुलिस ने लकड़ी और गौसीहाता के बीच घेरा, तो उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में सोनू के सीने में गोली लगी और वह मौके पर ही ढेर हो गया।
बिहार AIMIM अपडेट: प्रकोष्ठ भंग, 5 जून तक होगा नया गठन
22 May, 2026 04:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के सियासी हलकों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी आलाकमान ने बड़ा फैसला लेते हुए अपनी बिहार प्रदेश इकाई के अंतर्गत आने वाले सभी प्रकोष्ठों (विंग्स और सेल) को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। यह बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई एआईएमआईएम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरूल ईमान की अनुशंसा और सीधे निर्देश पर अमल में लाई गई है।
संगठन को धारदार बनाने की कवायद; नए चेहरों को आगे लाने की तैयारी
पार्टी की ओर से इस निर्णय को लेकर आधिकारिक तौर पर एक पत्र जारी किया गया है, जिस पर एआईएमआईएम बिहार के संयुक्त सचिव इश्तियाक अहमद के हस्ताक्षर हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सूबे में संगठन के ढांचे को पहले से अधिक सक्रिय, मजबूत और धारदार बनाने के इरादे से यह ढांचागत बदलाव किया गया है। इस कदम के जरिए आने वाले समय में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मठ, ऊर्जावान और युवा कार्यकर्ताओं को आगे आने तथा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का बड़ा अवसर मिलेगा।
5 जून तक पूरी होगी पुनर्गठन की प्रक्रिया; सभी पद हुए खाली
पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, भंग किए गए इन सभी प्रकोष्ठों को दोबारा नए सिरे से गठित करने का लक्ष्य 5 जून तक तय किया गया है। इस आदेश के सामने आने के बाद बिहार में पार्टी के सभी विंग्स के पदाधिकारियों के पद तत्काल प्रभाव से खाली मान लिए गए हैं। एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन ने इस संगठनात्मक बदलाव की पुष्टि करते हुए कहा कि पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा और समर्पण रखने वाले नेताओं को जल्द ही नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि जमीनी पकड़ को और पुख्ता किया जा सके।
सीमांचल में मजबूत पकड़; पिछले चुनावों में पार्टी ने चौंकाया था
गौरतलब है कि बिहार की राजनीति में एआईएमआईएम एक महत्वपूर्ण ताकत बनकर उभरी थी, जब पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने सबको चौंकाते हुए पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज की थी। विशेषकर बिहार के सीमांचल (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया) क्षेत्र में पार्टी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा था, जहाँ कई विधानसभा सीटों पर एआईएमआईएम, एनडीए और महागठबंधन के बीच त्रिकोणीय और कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। चुनावी सफलताओं के बाद राज्य इकाई में यह अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल माना जा रहा है।
विपक्ष ने उठाया सवाल, सचिवालय और अब सीएम हाउस के पास मिली प्रतिबंधित शराब
22 May, 2026 04:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के दावों के बीच राजधानी के सबसे हाई-सिक्योरिटी वाले इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ मुख्यमंत्री आवास के ठीक पास भारी मात्रा में शराब की खाली बोतलें बरामद की गई हैं। इस घटना के बाद से ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। गौरतलब है कि इससे कुछ समय पहले सचिवालय परिसर के भीतर एक कार्यालय के मुख्य गेट के पास भी शराब की तीन बोतलें पाई गई थीं, और अब मुख्यमंत्री आवास (5 देशरत्न मार्ग) के पास यह बरामदगी हुई है।
सचिवालय पुलिस ने शुरू की जांच; सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी
इस गंभीर मामले को लेकर सचिवालय थाना प्रभारी गौतम कुमार ने बताया कि स्थानीय नागरिकों द्वारा इस बात की गुप्त सूचना पुलिस को दी गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया। जांच के दौरान घटनास्थल से शराब की 10 खाली बोतलें और 2 टूटी हुई बोतलें बरामद की गईं। थाना प्रभारी के मुताबिक, इस अति-सुरक्षित क्षेत्र में शराब की बोतलें किसने और कैसे फेंकी, इसका पता लगाने के लिए आसपास लगे सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष का सरकार पर तीखा तंज— 'नेताओं-अफसरों पर मेहरबान है पुलिस'
मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय जैसे अति-संवेदनशील स्थानों पर शराब की बोतलें मिलने के बाद विपक्ष ने सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक आईपी गुप्ता ने कहा कि यह घटना मौजूदा शासन व्यवस्था के दावों पर एक खुला तमाचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सूबे में अगर किसी गरीब के घर से शराब मिलती है, तो पुलिस उसे तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज देती है, लेकिन रसूखदार नेताओं और बड़े अधिकारियों द्वारा किए जा रहे शराब के सेवन पर पुलिस की नजरें बंद रहती हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली व्यवस्था के लिए यह एक बड़ी चुनौती है।
विधायक ने की शराबबंदी खत्म करने की मांग; राजस्व और युवाओं का दिया हवाला
घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक आईपी गुप्ता ने राज्य में लागू शराबबंदी कानून की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि बिहार में शराब पर लगा प्रतिबंध तुरंत हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इसके पीछे दो मुख्य तर्क दिए— पहला यह कि इससे राज्य के राजस्व (कमाई) में भारी बढ़ोतरी होगी, और दूसरा यह कि शराब न मिलने के कारण आज की युवा पीढ़ी स्मैक और ड्रग्स जैसे 'सूखे नशे' की तरफ आकर्षित होकर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रही है, जिस पर रोक लगेगी।
'सूखे नशे' के पीछे बड़ी साजिश का आरोप; राष्ट्रीय राजनीति पर साधा निशाना
विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया कि शराबबंदी की आड़ में देश और राज्य के कोने-कोने तक सोची-समझी रणनीति के तहत ड्रग्स और अन्य घातक नशीले पदार्थों की तस्करी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब कोई शासक धर्म और छद्म राष्ट्रवाद के नाम पर सत्ता हासिल करता है, तो उसका असर अधिकतम दस वर्षों तक ही रहता है। इसके बाद जब जनता का भ्रम टूटता है, तो वे हकीकत समझने लगते हैं। विपक्ष का दावा है कि युवाओं का ध्यान भटकाने के लिए ही इस प्रकार के सिंथेटिक और सूखे नशे का जाल फैलाया जा रहा है।
जल संकट में फंसे ग्रामीण, सीएम के गृह क्षेत्र में पानी के लिए मजबूरी
22 May, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर प्रखंड से पेयजल संकट की एक बेहद परेशान करने वाली तस्वीर सामने आई है। सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल भीम बांध के सोनरवा गांव में पिछले एक महीने से सरकारी नल-जल योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। चिलचिलाती धूप और उमस भरी भीषण गर्मी के बीच बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीणों का सब्र अब जवाब दे गया है। शुद्ध पेयजल न मिलने के कारण ग्रामीण भीम बांध नदी का दूषित पानी लाकर अपनी और अपने परिवार की प्यास बुझाने को विवश हैं। प्रशासनिक उदासीनता से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को जलापूर्ति ठप होने के विरोध में पानी की टंकी के आगे खड़े होकर जमकर प्रदर्शन किया।
300 की आबादी पानी के लिए बेहाल, शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं
यह पूरा मामला गंगटा पंचायत के अंतर्गत आने वाले वार्ड संख्या 12 (सोनरवा गांव) का है, जहां लगभग 300 लोग निवास करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक महीने से नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे पूरे गांव में हाहाकार मचा हुआ है। घरेलू कामकाज और पीने के पानी के लिए महिलाओं और बच्चों को कड़ी धूप में नदी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार लिखित और मौखिक तौर पर अवगत कराया गया, लेकिन लंबे समय तक अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
मुख्यमंत्री के गृह विधानसभा का हवाला देकर वार्ड सदस्य ने उठाए सवाल
पेयजल संकट को लेकर राजनीति भी गरमाने लगी है। स्थानीय वार्ड सदस्य संतन कुमार सिंह ने इस बदहाली पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस समस्या की आधिकारिक शिकायत जिला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) में भी दर्ज कराई गई थी, पर नतीजा सिफर रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का गृह विधानसभा इलाका है; जब मुख्यमंत्री के अपने क्षेत्र के गांवों में विकास योजनाओं का यह हाल है और लोग नदी का पानी पीने को मजबूर हैं, तो सूबे के बाकी सुदूर इलाकों की स्थिति क्या होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
नदी का पानी ढोने को मजबूर हैं महिलाएं, टंकी के सामने किया प्रदर्शन
पानी की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण सुमित कोड़ा, राशि कोड़ा, जितिया देवी, किरण देवी, सुमन देवी और माला देवी सहित दर्जनों महिलाओं ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि सिर पर बर्तनों में नदी का पानी ढोना उनकी नियति बन चुका है। नदी का पानी साफ न होने के कारण बच्चों के बीमार होने का खतरा भी लगातार बना रहता है। अपनी मांग को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए गुरुवार को गांव के पुरुषों और महिलाओं ने पानी की टंकी के पास एकत्रित होकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द से जल्द जलापूर्ति चालू करने की चेतावनी दी।
रांची से बुलाए जा रहे हैं मैकेनिक, विभाग ने दो दिन में सुधार का दिया भरोसा
ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बाद लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के अधिकारी हरकत में आए हैं। इस संबंध में विभाग के एसडीओ तपेश्वर साफी ने तकनीकी खराबी की बात स्वीकार करते हुए बताया कि सोनरवा गांव की नल-जल योजना सोलर पैनल सिस्टम पर आधारित है, जिसमें कुछ बड़ी तकनीकी दिक्कत आ गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस खराबी को दुरुस्त करने के लिए झारखंड की राजधानी रांची से विशेष कारीगर (मिस्त्री) बुलाए गए हैं। आगामी एक से दो दिनों के भीतर तकनीकी खामी को दूर कर गांव में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति दोबारा सुचारू कर दी जाएगी।
राजनीति में हलचल: सीएम सम्राट और तेजस्वी का आमना-सामना, बयान ने लगाई आग
22 May, 2026 11:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार की राजनीति में धुर विरोधी माने जाने वाले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच की हालिया मुलाकात इस समय राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रही है। दोनों नेता न केवल एक साथ मंच साझा करते नजर आए, बल्कि उनके बीच हुए छोटे से अनौपचारिक संवाद ने राज्य का सियासी पारा गरमा दिया है। मौका था बिहार विधान परिषद में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सोनू कुमार राय के शपथ ग्रहण समारोह का, जहां परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।
मंच पर अगल-बगल बैठे नजर आए सत्ता और विपक्ष के शीर्ष नेता
भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट पर हुए उपचुनाव में शानदार जीत हासिल करने वाले सोनू कुमार राय के इस शपथ ग्रहण समारोह में सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव दोनों ने शिरकत की। गरिमामयी मंच पर एक दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब सभापति अवधेश नारायण सिंह के दाहिनी ओर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी विराजमान थे, तो वहीं दूसरी ओर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बैठे हुए थे। तीखे बयानों के दौर के बीच दोनों नेताओं की इस मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा।
तेजस्वी ने मुस्कुराकर दिया जवाब: "हम लोग पहले एक ही दल में थे"
कार्यक्रम के दौरान दोनों राजनेताओं के बीच कड़वाहट की जगह गर्मजोशी दिखाई दी। दोनों ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और कुछ पलों के लिए आपस में बात भी की। समारोह के समापन पर तेजस्वी यादव ने शिष्टाचार निभाते हुए मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। जब कार्यक्रम के बाद मीडियाकर्मियों ने तेजस्वी से मुख्यमंत्री के साथ हुई गुफ्तगू के बारे में जानना चाहा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि "हम लोग एक ही दल में थे ना..."।
पुरानी यादों का हवाला और मौजूदा दौर की तीखी सियासी जंग
दरअसल, तेजस्वी यादव का यह इशारा उस बीते दौर की तरफ था जब सम्राट चौधरी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आने से पहले लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद (RJD) का हिस्सा हुआ करते थे। वह राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान परिदृश्य की बात करें तो सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही तेजस्वी यादव कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर बेहद हमलावर रहे हैं। ऐसे तनावपूर्ण सियासी माहौल में दोनों का यूं मिलना चर्चा का विषय बन गया है।
राजद ने जदयू के गढ़ में लगाई सेंध, कन्हैया प्रसाद को दी मात
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में सोनू कुमार राय की यह जीत राजद के लिए बेहद खास है। उन्होंने सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (JDU) को बड़ा झटका देते हुए यह सीट अपने नाम की है। सोनू राय, पूर्व राजद एमएलसी लालदास राय के सुपुत्र हैं। उन्होंने जदयू विधायक राधाचरण साह के बेटे और जदयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को शिकस्त दी है। विधायक राधाचरण साह के इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट को जीतकर राजद ने इसे एनडीए के कब्जे से छीन लिया है।
छात्राओं के बीच शोक, कॉलेज में महिला का शव बरामद
22 May, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में स्थित प्रतिष्ठित आचार्य ध्रुवाशा कॉलेज परिसर से एक बेहद सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। यहां कॉलेज में कार्यरत एक 26 वर्षीय महिला सफाईकर्मी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ है, जिसके बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मृतका की शिनाख्त कविता के रूप में की गई है। एक नामचीन शैक्षणिक संस्थान के भीतर इस तरह महिला कर्मचारी की रहस्यमयी मौत होने से स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश का माहौल है। इस पूरी घटना का पता गुरुवार की रात करीब साढ़े आठ बजे लगा।
रोज की तरह काम पर आई थी महिला, रात में परिसर से मिली लाश
प्राप्त विवरण के मुताबिक, 26 साल की कविता हर दिन की तरह गुरुवार को भी कॉलेज परिसर में साफ-सफाई के अपने नियमित कार्य के लिए आई थी। लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटी और बाद में कॉलेज के अंदर ही उसका बेजान शरीर मिला, तो वहां मौजूद अन्य कर्मचारी और कॉलेज प्रशासन सन्न रह गया। घटना की भनक लगते ही कॉलेज कैंपस में भारी संख्या में स्थानीय लोगों और परिजनों की भीड़ इकट्ठा हो गई। मृतका के घर में इस हादसे के बाद कोहराम मचा हुआ है और रोते-बिलखते परिजनों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराकर न्याय की गुहार लगाई है।
हत्या या खुदकुशी? मौत की वजहों पर बना हुआ है गहरा सस्पेंस
कॉलेज के भीतर हुई इस संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल पर शव की स्थिति को लेकर आसपास के लोगों और कॉलेज स्टाफ के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग इसे हत्या और आत्महत्या दोनों दृष्टिकोणों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए कॉलेज प्रबंधन या किसी अन्य चश्मदीद ने अभी तक अपनी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे मौत के कारणों पर सस्पेंस और गहरा गया है।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
कॉलेज परिसर में शव मिलने की भनक लगते ही स्थानीय थाने की पुलिस भारी बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल को अपने नियंत्रण में लेकर वहां मौजूद साक्ष्यों का बारीकी से मुआयना किया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया गया और मौत की सही वजह जानने के लिए उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला सदर अस्पताल भिजवा दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज की जांच और कॉलेज स्टाफ से पूछताछ शुरू
मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम हर पहलू को खंगाल रही है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल, सच का पता लगाने के लिए पुलिस कॉलेज के कर्मचारियों, मृतका के करीबियों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। इसके साथ ही, घटना वाले समय में कॉलेज के भीतर और बाहर किसकी आवाजाही थी, यह जानने के लिए परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश घायल, ‘हिरामन’ बुरी तरह बचा
22 May, 2026 10:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। बिहार के जहानाबाद जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। हाल ही में हुए दीपक कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ हिरामन को जब पुलिस हथियार बरामदगी के लिए ले गई, तो उसने पुलिस टीम पर ही गोलियां चला दीं। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया। फिलहाल भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।
दीपक हत्याकांड में हुई थी गिरफ्तारी, हथियार छिपाने की दी थी जानकारी
पुलिस के अनुसार, दो दिन पहले भेलावर थाना इलाके में दीपक कुमार नामक युवक की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस ने मुख्य संदिग्ध बिक्कू सिंह उर्फ हिरामन को दबोच लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसने इस्तेमाल किया गया हथियार घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव के समीप नहर के किनारे छिपा दिया है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम उसे साथ लेकर हथियार बरामद करने रवाना हुई थी।
निशानदेही के दौरान अचानक हमला, थाना प्रभारी की गाड़ी पर लगी गोली
घटनास्थल पर जैसे ही पुलिस टीम आरोपी की निशानदेही वाले स्थान से हथियार बरामद करने की कोशिश कर रही थी, तभी बिक्कू सिंह ने चालाकी दिखाई। उसने वहां पहले से छिपाकर रखे हथियार को अचानक निकाला और पुलिस कर्मियों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में एक गोली घोसी थाना प्रभारी के सरकारी वाहन पर जा लगी, जिससे गाड़ी का शीशा टूट गया और वह क्षतिग्रस्त हो गई। गोलीबारी करते हुए आरोपी ने मौके से भागने का प्रयास किया, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
आत्मरक्षा में पुलिस ने दागी गोली, सदर अस्पताल बना छावनी
परिस्थिति को बेकाबू होते देख पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और आत्मरक्षा में जवाबी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में एक गोली आरोपी बिक्कू सिंह के बाएं पैर में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे तुरंत दबोच लिया। घायल अवस्था में उसे पहले घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से पूरे अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है और मरीजों की सघन चेकिंग के बाद ही एंट्री दी जा रही है।
एसपी की दोटूक: कानून हाथ में लेने वाले बख्शे नहीं जाएंगे
जहानाबाद के पुलिस कप्तान (SP) अपराजित लोहान ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि हत्यारोपी बिक्कू सिंह को साक्ष्य और हथियार जुटाने के लिए मौके पर ले जाया गया था, जहां उसने पुलिस बल पर जानलेवा हमला कर भागने का दुस्साहस किया। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ कार्रवाई की जिसमें वह घायल हुआ है। एसपी ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वर्दी पर हाथ उठाने वालों और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इस मुठभेड़ के बाद जहां इलाके के अपराधियों में खौफ है, वहीं स्थानीय जनता पुलिस की मुस्तैदी की तारीफ कर रही है।
घोटाले के बीच मगध विश्वविद्यालय में परिवर्तन, दिलीप केसरी बने नए प्रभारी
21 May, 2026 04:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के मगध विश्वविद्यालय में 150 से 200 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले, अवैध फंड निकासी और नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्तियों के आरोपों के बाद राजभवन ने बड़ा प्रशासनिक चाबुक चलाया है। राज्यपाल ने कड़ा फैसला लेते हुए तत्कालीन प्रभारी कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही को उनके पद से बेदखल कर दिया है। उनकी जगह पर यूनिवर्सिटी के सबसे सीनियर प्रोफेसर दिलीप केसरी को नया प्रभारी वाइस चांसलर (कुलपति) नियुक्त किया गया है।
पूर्व सांसद ने पीएम मोदी को लिखी थी चिट्ठी, लगाया था करोड़ों की हेरफेर का आरोप
प्रशासनिक गलियारों में यह बड़ी हलचल तब शुरू हुई जब औरंगाबाद के पूर्व सांसद और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार सिंह ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय में चल रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। 15 मई 2026 को भेजे गए इस शिकायती पत्र में आरोप लगाया गया था कि सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद भी पद पर जमे रहे प्रो. शाही ने यूनिवर्सिटी के खजाने से करीब 150 से 200 करोड़ रुपये की अवैध निकासी को अंजाम दिया। पत्र में कुछ प्रभावशाली चेहरों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए इसकी कॉपियां पीएमओ, निगरानी विभाग और राज्यपाल सचिवालय को भी भेजी गई थीं।
हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, राजभवन ने अधिकारों पर लगाई कैंची
यह पूरा विवाद अब कानूनी चौखट पर भी पहुंच चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (CWJC No-5762/2026) दाखिल की गई है, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हलफनामे के साथ गड़बड़ियों के सबूत सौंपे हैं। चौतरफा घिरने के बाद राजभवन ने प्रो. शाही को हटाने का आदेश तो जारी कर दिया, लेकिन साथ ही नए प्रभारी कुलपति प्रो. दिलीप केसरी के पर भी कतर दिए हैं। आदेश के मुताबिक, नए कुलपति बिना राजभवन की पूर्व अनुमति के कोई भी बड़ा नीतिगत या संवैधानिक फैसला नहीं ले सकेंगे।
सियासी और शैक्षणिक गलियारों में भूचाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग तेज
मगध यूनिवर्सिटी के इस तख्तापलट ने बिहार के राजनीतिक और शैक्षणिक माहौल में गरमाहट पैदा कर दी है। विभिन्न छात्र संगठनों, शिक्षक संघों और विपक्षी दलों ने इस महाघोटाले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग तेज कर दी है। हालांकि, अब तक पद से हटाए गए प्रो. शशि प्रताप शाही या निवर्तमान विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक सफाई या बयान सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियां इस मामले में क्या रुख अपनाती हैं।
बिहार में राशन कार्ड बनवाने का तरीका हुआ आसान, अब ऑनलाइन आवेदन संभव
21 May, 2026 04:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए राशन कार्ड एक बेहद जरूरी दस्तावेज है, जो न केवल रियायती दरों पर खाद्यान्न सुनिश्चित करता है बल्कि कई सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का आधार भी बनता है। जनता को बड़ी राहत देते हुए बिहार सरकार ने अब राशन कार्ड से जुड़ी तमाम सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। ईपीडीएस (eEPDS) बिहार पोर्टल के माध्यम से शुरू की गई इस डिजिटल पहल से राज्य के लाखों नागरिकों को अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी।
अब घर बैठे हो सकेंगे राशन कार्ड के सारे काम, दलालों से मिलेगी मुक्ति
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की इस नई व्यवस्था के बाद अब लोगों को नया राशन कार्ड बनवाने, उसमें परिवार के किसी नए सदस्य का नाम जुड़वाने, किसी का नाम हटवाने या अपना मौजूदा पता बदलवाने के लिए प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालयों और आपूर्ति विभाग के चक्कर नहीं लगाने होंगे। लोग अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से घर बैठे ही इन सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया के डिजिटल होने से सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार व बिचौलियों पर लगाम कसेगी।
ऑनलाइन ट्रैक होगी फाइल, मिनटों में डाउनलोड होगा डिजिटल राशन कार्ड
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पोर्टल पर आवेदन जमा करने के बाद लाभार्थियों को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने आवेदन की मौजूदा स्थिति (Status) को ऑनलाइन ही ट्रैक कर सकेंगे। जैसे ही प्रशासन द्वारा आवेदन को मंजूरी दी जाएगी, हितग्राही अपना डिजिटल राशन कार्ड सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। यह डिजिटल कार्ड पूरी तरह से मान्य होगा, जिससे कागजी दस्तावेज प्राप्त करने की लंबी प्रतीक्षा समाप्त हो जाएगी।
आवेदन के लिए ये जरूरी दस्तावेज रखने होंगे तैयार
इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाने के लिए सरकार ने जरूरी कागजातों की सूची भी जारी की है। आवेदकों को फॉर्म भरते समय अपने पास निवास प्रमाण पत्र, एक्टिव मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज फोटो, परिवार के सदस्यों के विवरण और पहचान से जुड़े आवश्यक सरकारी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। डिजिटल फॉर्म भरने की प्रक्रिया बेहद सरल बनाई गई है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग बिना किसी तकनीकी परेशानी के खुद ही आवेदन कर सकें।
विभाग की अपील: सही जानकारी भरें ताकि न हो आवेदन निरस्त
खाद्य विभाग ने आम जनता से विशेष अपील की है कि ऑनलाइन फॉर्म भरते समय केवल सही व्यक्तिगत जानकारी और पूरी तरह से वैध (Valid) दस्तावेज ही अपलोड करें। यदि दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की विसंगति या गलत जानकारी पाई जाती है, तो आवेदन को निरस्त किया जा सकता है। सरकार का दावा है कि यह आधुनिक व्यवस्था सुदूर ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक के नागरिकों के समय और पैसे दोनों की बचत करने में गेम-चेंजर साबित होगी।
लव मैरिज में खुशियों के नौ महीने बाद दर्दनाक हत्या, बाइक विवाद में पत्नी की मौत
21 May, 2026 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली: बिहार के वैशाली जिले के बालिगांव थाना क्षेत्र स्थित भूसाही गांव से दहेज उत्पीड़न और हत्या का एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहिता को बुलेट मोटरसाइकिल न मिलने पर उसके ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर बेरहमी से पीटने और जहर देकर मौत के घाट उतारने का आरोप लगा है। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने मामले की बारीकी से तफ्तीश शुरू कर दी है।
प्रेम प्रसंग के बाद हुई थी शादी, महज 9 महीने में उजड़ गई दुनिया
इस दर्दनाक घटना की शिकार 20 वर्षीय अमृता कुमारी थी, जिसकी शादी करीब नौ महीने पहले भूसाही गांव के रहने वाले प्रमोद पंडित के पुत्र मनीष कुमार से हुई थी। बताया जा रहा है कि अमृता और मनीष के बीच पहले प्रेम प्रसंग था, जिसके बाद उन्होंने विवाह करने का फैसला किया। शुरुआत में अमृता के परिजन इस रिश्ते के हक में नहीं थे, लेकिन मनीष के परिवार के लगातार दबाव और रजामंदी के बाद दोनों की शादी करा दी गई थी।
बुलेट बाइक की मांग और मायके से बातचीत पर पाबंदी
मृतका की बड़ी बहन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति मनीष और उसकी सास अमृता को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। ससुराल वालों की तरफ से लगातार एक बुलेट मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। परिजनों का दावा है कि अपनी इस मांग को मनवाने के लिए उन्होंने अमृता के मोबाइल से मायके वालों के सारे नंबर ब्लॉक कर दिए थे, ताकि वह अपना दर्द किसी से साझा न कर सके।
'बाद में दे देंगे बाइक' के आश्वासन पर भी नहीं पसीजा दिल
पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्होंने अमृता की खुशहाली और सुरक्षित भविष्य के लिए मनीष को समझाने का प्रयास भी किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि वे आने वाले समय में उसकी बुलेट गाड़ी की मांग को जरूर पूरा कर देंगे। इसके बावजूद मनीष के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और वह लगातार अमृता के साथ मारपीट और क्रूरता करता रहा।
बेरहमी से पिटाई के बाद जहर देने का आरोप, FSL टीम ने जुटाए सबूत
परिजनों ने आरोप लगाया है कि गुरुवार की देर रात ससुराल वालों ने सारी हदें पार करते हुए अमृता को पहले बेरहमी से पीटा और फिर उसे जबरन जहर देकर मार डाला। ग्रामीणों के जरिए पुलिस को इस वारदात की भनक लगी, जिसके बाद बालिगांव थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा। मामले की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य और सैंपल इकट्ठा किए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत विवाद के बाद भतीजी ने थाने पहुंचकर चाचा पर मामला दर्ज कराया
21 May, 2026 03:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले से एक बेहद शर्मनाक और मानवीय रिश्तों को कलंकित करने वाली वारदात सामने आई है। जिले के घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दथूआ गांव में एक नाबालिग किशोरी ने अपने ही रिश्ते के चाचा पर छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। हैरान करने वाली बात यह है कि शुरुआत में इस संगीन जुर्म को सामाजिक लोक-लाज और दबाव के चलते गांव की पंचायत में ही रफा-दफा करने का प्रयास किया गया था, लेकिन बात बिगड़ने के बाद मामला पुलिस स्टेशन तक पहुँच गया।
माता-पिता रहते हैं मुंबई, दादा-दादी के साथ रह रही किशोरी से दरिंदगी
पीड़िता द्वारा थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, उसके माता-पिता अपनी आजीविका चलाने के लिए मुंबई में मजदूरी करते हैं, जिसके कारण वह गांव में अपने वृद्ध दादा-दादी के साथ रहती है। बीते 23 अप्रैल की रात को जब वह घर में अकेली थी, तभी रिश्ते में चाचा लगने वाले आरोपी बसंत तांती ने मौके का फायदा उठाकर घर में घुसपैठ की और पीड़िता के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। जब पीड़िता ने शोर मचाना चाहा, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी और वहां से भाग निकला।
पंचायत ने लगाया जुर्माना, रकम देने के बदले आरोपी पक्ष ने की मारपीट
घटना के बाद सहमे हुए परिवार ने समाज में बदनामी के डर से पहले कानूनी रास्ता नहीं चुना। गांव के कुछ लोगों की मौजूदगी में इस मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने आरोपी को दोषी मानते हुए उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया और पीड़िता के परिवार को मुआवजा देने का हुक्म सुनाया। हालांकि, आरोपी पक्ष ने पंचायत का फैसला मानने से इनकार कर दिया और जुर्माने की रकम देने से मुकर गए। जब पीड़िता के परिवार ने विरोध किया, तो आरोपी पक्ष के लोगों ने उनके साथ जमकर मारपीट की, जिसमें पीड़िता के मौसा का सिर फट गया।
सरपंच पर भी धमकी देने का आरोप, न्याय के रास्ते में खड़े हुए रसूखदार
मारपीट की इस घटना से आहत होकर जब पीड़िता और उसका परिवार इंसाफ के लिए पुलिस के पास जाने लगा, तो उन्हें रास्ते में ही रोकने की कोशिश की गई। दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, गांव के सरपंच और आरोपी के करीबियों ने पीड़ित परिवार को बीच रास्ते में रोककर धमकाया कि यदि उन्होंने थाने में कदम भी रखा, तो पूरे परिवार को जान से हाथ धोना पड़ेगा।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए घनश्यामपुर के थाना प्रभारी आलोक कुमार ने बताया कि पीड़ित पक्ष के आवेदन पर उचित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता को चिकित्सीय परीक्षण (Medical Examination) के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) भेजा गया है। पुलिस ने साफ किया है कि वारदात के बाद से फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
बेटा मिला, लेकिन असली माता-पिता से मिलने से किया इनकार
21 May, 2026 11:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। बिहार के गया जिले से एक ऐसा हैरान और भावुक कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम जनमानस की आंखें भी नम कर दी हैं। चार वर्ष पहले एक प्रसिद्ध मंदिर से गायब हुआ मासूम बच्चा जिस महिला को अपनी सगी मां समझकर बड़ा हो रहा था, डीएनए और पुलिस जांच में वह उसकी असली मां नहीं निकली। जब पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्चे को उसके जन्म देने वाले माता-पिता को सौंपा, तो वह मासूम उन्हें पहचान भी नहीं पाया और पुरानी गोद में जाने के लिए रोता रहा।
भीड़भाड़ का फायदा उठाकर औरंगाबाद के मंदिर से हुआ था लापता
यह पूरा मामला साल 2022 का है, जब औरंगाबाद जिले के विख्यात ओबरा देवी मंदिर में दर्शन के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी। इसी भीड़ का फायदा उठाकर चार साल का मासूम शिवा पांडे अचानक रहस्यमय तरीके से गायब हो गया था। परिजनों ने उसे ढूंढने के लिए जमीन-आसमान एक कर दिया था, लेकिन उसका कोई अता-पता नहीं चला। बच्चे के गम में माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल था और पुलिस की शुरुआती जांच में भी कोई सुराग हाथ नहीं लगा था।
गुप्त सूचना पर गया पुलिस का एक्शन, ऐसे मिला सुराग
वक्त गुजरने के साथ भले ही उम्मीदें धुंधली हो रही थीं, लेकिन हाल ही में गया पुलिस को एक बेहद अहम इनपुट मिला। पुलिस को खबर मिली कि खिजरसराय थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला संदिग्ध रूप से एक बच्चे का पालन-पोषण कर रही है। सूचना की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने जब वहां छापेमारी की, तो बरामद हुए बच्चे का हुलिया और रिकॉर्ड चार साल पहले गायब हुए शिवा पांडे से हूबहू मैच कर गया।
गोद सूनी होने के दर्द में उठाई थी पराई संतान, महिला ने उगला राज
गिरफ्तार महिला ने पुलिसिया पूछताछ में जो कहानी बयां की, वह समाज के एक कड़वे सच को सामने लाती है। महिला ने रोते हुए बताया कि शादी के कई साल बीत जाने के बाद भी जब उसे कोई संतान नहीं हुई, तो उसके पति ने उसे छोड़ दिया और दूसरी शादी कर ली। इस सामाजिक और मानसिक प्रताड़ना से टूटकर वह संतान सुख के लिए तड़प रही थी। इसी पागलपन में वह मंदिरों में भटकने लगी और 2022 में ओबरा देवी मंदिर में अकेले घूम रहे शिवा को देखकर उसकी नीयत डोल गई और वह उसे चुपचाप अपने साथ ले आई। उसने बच्चे को बिल्कुल सगे बेटे की तरह लाड-प्यार से पाला।
अपनों को ही बेगाना समझ बैठा मासूम, अब कराई जा रही काउंसिलिंग
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का सबसे दर्दनाक पहलू तब सामने आया जब कोर्ट और पुलिस की मौजूदगी में शिवा को उसके असली माता-पिता के सामने लाया गया। चार साल के लंबे अंतराल के कारण बच्चा अपने सगे मां-बाप को पूरी तरह भूल चुका था और उसी महिला के पास जाने की जिद कर रहा था जिसने उसे चुराया था। बेटे के वापस मिलने की खुशी के बीच माता-पिता के लिए यह देखना बेहद कष्टकारी था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे को मानसिक आघात से बचाने और नए माहौल में ढालने के लिए बाल मनोवैज्ञानिकों से उसकी विशेष काउंसिलिंग कराई जा रही है, वहीं आरोपी महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बिहार का मौसम बदलू, एक तरफ आंधी-बारिश, दूसरी तरफ हीटवेव
21 May, 2026 07:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं, जिससे पूरा सूबा प्रभावित है। एक तरफ जहां राज्य के कई हिस्सों में आंधी-तूफान, बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चेतावनी दी गई है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम के जिलों में चिलचिलाती धूप और भीषण लू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, आगामी 24 घंटों के भीतर उत्तर और पूर्वी बिहार के ज्यादातर इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और झमाझम बारिश होने के आसार हैं।
5 जिलों में भीषण लू का रेड अलर्ट, कैमूर में पारा 43.4 डिग्री के पार
मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम बिहार के पांच जिलों—कैमूर, रोहतास, भोजपुर, बक्सर और औरंगाबाद के लिए हीटवेव (लू) का 'रेड अलर्ट' जारी किया है। पिछले 24 घंटों में कैमूर 43.4 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि डेहरी में 43 डिग्री और औरंगाबाद में 41.5 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया। प्रशासन ने इन जिलों के निवासियों को दोपहर के समय बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलने और लगातार ओआरएस या पानी पीते रहने की हिदायत दी है।
राजधानी पटना समेत कई हिस्सों में आंधी-तूफान और वज्रपात की चेतावनी
दूसरी तरफ, राजधानी पटना (अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री), गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों ने खराब मौसम के दौरान लोगों से अपील की है कि वे बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और खुले आसमान के नीचे शरण न लें।
22 से 26 मई तक का मौसम बुलेटिन: जानें अगले 5 दिनों का हाल
मौसम विभाग ने आगामी पांच दिनों के लिए जिलावार पूर्वानुमान जारी किया है:
22 मई: चंपारण, गोपालगंज, सीवान, मुजफ्फरपुर और किशनगंज सहित उत्तर बिहार के लगभग सभी जिलों में वज्रपात और बारिश का येलो अलर्ट है।
23 मई: दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य हिस्सों को छोड़ दें, तो राज्य के बाकी सभी इलाकों में बारिश का 'येलो और ऑरेंज अलर्ट' रहेगा।
24 से 26 मई: उत्तर, उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी बिहार में लगातार बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की स्थिति देखने को मिलेगी।
उत्तर बिहार में पारा कम, मगर उमस ने छुड़ाए पसीने
आंकड़ों के अनुसार, जहां दक्षिण बिहार गर्मी से तप रहा है, वहीं छपरा में 40.2 डिग्री, बक्सर में 39.9 डिग्री और गया में 39.2 डिग्री पारा दर्ज हुआ। इसके विपरीत, उत्तर बिहार के पूर्णिया (36.2 डिग्री) और दरभंगा (35.8 डिग्री) जैसे जिलों में तापमान भले ही थोड़ा कम रहा हो, लेकिन हवा में नमी के उच्च स्तर के कारण पैदा हुई भारी उमस (Humidity) ने लोगों को पसीने-पसीने कर दिया है। पूरे राज्य में तापमान का यह उतार-चढ़ाव इस हफ्ते जारी रहने की संभावना है।
बिहार पुलिस का एनकाउंटर ऑपरेशन, कुख्यात अपराधी पवन चिंटू घायल
21 May, 2026 07:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। बिहार के किशनगंज में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बुधवार की देर रात फरिंगगोला रेलवे गुमटी के पास पुलिस और बदमाशों के बीच हुई सीधी मुठभेड़ में अंतरराज्यीय गिरोह का मुख्य सरगना पवन कुमार उर्फ चिंटू पुलिस की गोली का शिकार होकर घायल हो गया। इस मुठभेड़ में अपराधी का सामना करते हुए दो जांबाज पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गुप्त सूचना पर घेराबंदी, संदिग्ध ने पुलिस को देखते ही झोंक दी फायरिंग
पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि फरिंगगोला इलाके में कुछ शातिर अपराधी किसी बड़ी डकैती या संगीन वारदात को अंजाम देने की फिराक में जुटे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की स्पेशल टीम ने इलाके की घेराबंदी कर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक बिना नंबर की मोटरसाइकिल पर सवार संदिग्ध युवक को जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया, तो उसने रुकने के बजाय बाइक की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने जैसे ही पीछा किया, आरोपी ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में लगी और वह बाइक सहित जमीन पर गिर पड़ा।
एसपी और आला अधिकारी पहुंचे मौके पर, घटनास्थल से हथियार जब्त
मुठभेड़ की गूंज सुनते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1 और पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद अस्पताल जाकर घायल पुलिसकर्मियों का हालचाल जाना। पुलिस ने मुठभेड़ वाली जगह से बिना नंबर की मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्टल और कई जिंदा व खोखा कारतूस बरामद किए हैं। मामले की बारीकी से जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है।
बिहार-बंगाल में फैला था नेटवर्क, कटिहार का रहने वाला है चिंटू
पकड़े गए अपराधी की पहचान पवन कुमार उर्फ चिंटू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कटिहार जिले के रौतारा क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, चिंटू एक ऐसे शातिर अंतरराज्यीय गिरोह को ऑपरेट करता है, जिसके तार बिहार के साथ-साथ पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हुए हैं। यह गैंग मुख्य रूप से हाईवे पर लूटपाट, छिनतई (स्नैचिंग) और बड़ी चोरियों को अंजाम देता था।
कई जिलों की पुलिस को थी तलाश, बाकी साथियों के लिए छापेमारी तेज
गिरफ्तार चिंटू का लंबा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड रहा है। वह पटना, अररिया, मधुबनी और किशनगंज सहित कई जिलों में दर्जनों लूट और डकैती के मामलों में लंबे समय से वांटेड चल रहा था। किशनगंज पुलिस अब चिंटू से मिली जानकारियों के आधार पर उसके गिरोह के अन्य सदस्यों को दबोचने और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए उनके संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
