बिहार-झारखण्ड
सरकार का सख्त रुख, परीक्षा सुधार के लिए तैयार किया एक्शन प्लान
26 May, 2026 10:52 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सरकार ने राज्य में आयोजित होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिहीन और निष्पक्ष बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के विशेष दिशा-निर्देशों के बाद, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर की अगुवाई में रविवार को राज्य के प्रमुख भर्ती और चयन आयोगों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षाओं के आयोजन में आने वाली कमियों को दूर करना और पूरी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है।
भर्ती बोर्ड के तमाम बड़े अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
पुराने सचिवालय परिसर में स्थित सामान्य प्रशासन विभाग के कार्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के सभी बड़े चयन मंडलों के आला अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) समेत अन्य प्रमुख भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष, सचिव और सदस्य सचिव विशेष रूप से मौजूद रहे।
तकनीक के इस्तेमाल और परीक्षा को पारदर्शी बनाने पर मंथन
बैठक के दौरान इस बात पर विस्तार से चर्चा की गई कि आगामी परीक्षाओं को किस प्रकार अधिक विश्वसनीय और आधुनिक तकनीक से लैस किया जाए। परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी संभावित गड़बड़ी या मानवीय भूल को रोकने के लिए सभी आयोगों से उनके महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक भी लिए गए। सरकार का इरादा एक ऐसा अभेद्य सिस्टम तैयार करना है जिससे पेपर लीक या मूल्यांकन में गड़बड़ी जैसी समस्याओं को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।
तय समय पर परीक्षा और निष्पक्षता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने बैठक में शामिल सभी आयोगों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षाओं का समय पर आयोजन और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक और तकनीकी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया ताकि प्रदेश के लाखों युवाओं और अभ्यर्थियों को एक निष्पक्ष, साफ-सुथरी और सुचारू परीक्षा प्रणाली का लाभ मिल सके।
आने वाली परीक्षाओं में दिखेंगे बड़े बदलाव
समीक्षा बैठक के अंत में इस बात पर सर्वसम्मति बनी कि बिहार में भविष्य में होने वाली सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए ढांचागत सुधार और जरूरी तकनीकी बदलाव तुरंत लागू किए जाएंगे। सरकार की इस कवायद का अंतिम लक्ष्य राज्य की रोजगार चयन प्रक्रियाओं को पूरी तरह भरोसेमंद, व्यवस्थित और विवादों से परे बनाना है।
बख्तियारपुर में गंगा दशहरा समारोह में शामिल हुए Nitish Kumar
25 May, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बख्तियारपुर। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने सोमवार को गंगा दशहरा के पावन पर्व पर बाढ़ अनुमंडल के बख्तियारपुर का दौरा किया। उनके इस आगमन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक और राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई। नीतीश कुमार के स्वागत के लिए स्थानीय प्रशासन जहां सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आया, वहीं दूसरी ओर जेडीयू कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों में भारी उत्साह और जोश देखा गया।
सीढ़ी घाट पर विधि-विधान से किया गंगा पूजन, समर्थकों का उमड़ा हुजूम
तय कार्यक्रम के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुबह करीब 10:30 बजे बख्तियारपुर के ऐतिहासिक सीढ़ी घाट पहुंचे। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर उन्होंने पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। इस दौरान घाट पर अपने नेता की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और दलीय कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा रही।
राधे-कृष्ण मंदिर में टेका माथा, स्वतंत्रता सेनानी शीलभद्र याजी को दी श्रद्धांजलि
गंगा पूजन संपन्न करने के बाद नीतीश कुमार समीप ही स्थित प्रसिद्ध राधे-कृष्ण मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान कृष्ण की आराधना की और बिहार की सुख, शांति तथा चहुंमुखी समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात, वे प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी पंडित शीलभद्र याजी के स्मारक स्थल पर गए, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित कर देश की आजादी में उनके अमूल्य योगदान को याद किया। इन कार्यक्रमों के बाद वे कुछ समय के लिए अपने पैतृक आवास पर रुके और फिर पटना के लिए रवाना हो गए।
मंत्री बनने के बाद निशांत कुमार का पहला दौरा, भव्य संध्या आरती की तैयारी
नीतीश कुमार के इस दौरे के साथ ही सूबे के नवनियुक्त स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का भी बख्तियारपुर आगमन राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना रहा। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद बख्तियारपुर की धरती पर यह उनका पहला आधिकारिक दौरा था, जिसे लेकर समर्थकों ने उनके भव्य स्वागत की विशेष रूपरेखा तैयार की। स्वास्थ्य मंत्री सीढ़ी घाट पर आयोजित होने वाली भव्य 'संध्या गंगा आरती' में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे।
सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त, महाप्रसाद और भंडारे का आयोजन
धार्मिक उत्सव और वीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सीढ़ी घाट पर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की गई है। स्थानीय आयोजन समिति द्वारा शाम की महाआरती के बाद बख्तियारपुर की जनता और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे और महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।
मैथिली भाषा को शिक्षा में बढ़ावा, सीबीएसई पाठ्यक्रम में जोड़ने का फैसला
25 May, 2026 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। मिथिलांचल के लोगों और मैथिली भाषा प्रेमियों के लिए एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने स्कूली पाठ्यक्रम में मैथिली भाषा को आधिकारिक तौर पर शामिल कर लिया है। केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने इस ऐतिहासिक निर्णय की जानकारी स्थानीय सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर को एक पत्र भेजकर दी है। सरकार के इस कदम से मिथिला क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और भाषाई विरासत की एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है।
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर की पहल और नई शिक्षा नीति का असर
केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने अपने पत्र में बताया कि सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर द्वारा संसद और सरकार के समक्ष मैथिली भाषा को सीबीएसई में शामिल करने की मांग को शिक्षा मंत्रालय ने बेहद गंभीरता से लिया था। इस विषय पर राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) से विस्तृत समीक्षा कराई गई। समीक्षा में पाया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत प्राथमिक स्तर (कक्षा 5 और संभव हो तो कक्षा 8) तक के छात्र-छात्राओं को उनकी मातृभाषा में शिक्षा देने की पुरजोर वकालत की गई है, जिसके बाद यह रास्ता साफ हुआ।
सत्र 2026-27 से लागू होगा सिलेबस, वेबसाइट पर पाठ्यक्रम उपलब्ध
सीबीएसई की ओर से साझा की गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से माध्यमिक स्तर (Secondary Level) पर मैथिली विषय को पाठ्यक्रम का हिस्सा बना दिया गया है। बोर्ड ने छात्रों और शिक्षकों की सुविधा के लिए मैथिली भाषा का पूरा सिलेबस और पाठ्य-सामग्री अपनी आधिकारिक अकादमिक वेबसाइट पर भी लाइव (अपलोड) कर दी है। इसके साथ ही, एनसीईआरटी ने मैथिली सहित देश की प्रमुख भाषाओं में 'प्राइमर' (शुरुआती पाठ्यपुस्तकें) भी विकसित कर लिए हैं।
संविधान की 8वीं अनुसूची का मान, 121 भारतीय भाषाओं में अनुवाद का काम जारी
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि मैथिली भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल देश की 22 प्रतिष्ठित भाषाओं में से एक है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (School Education) 2023 के तहत देश की 121 भारतीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में अब अन्य विषयों की मुख्य पाठ्यपुस्तकों का अनुवाद भी मैथिली भाषा में कराया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में मिथिलांचल के बच्चे अपनी ही भाषा में विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय आसानी से पढ़ सकेंगे।
भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने जताई खुशी, कहा— "मातृभाषा और विरासत को मिली नई पहचान"
इस ऐतिहासिक फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए भाजपा नेता ऋतुराज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्य मंत्री जयंत चौधरी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय हमारी मातृभाषा, संस्कृति और समृद्ध विरासत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान देने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा बिहार की लोक संस्कृति और भाषाओं का सम्मान किया है। अब हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों और गौरवशाली परंपरा से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएगी।
Anant Singh के वायरल वीडियो केस में अगली सुनवाई 29 मई को
25 May, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। मोकामा के विधायक अनंत सिंह को गोपालगंज व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) से एक बड़ी कानूनी राहत मिली है। अदालत ने सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन से जुड़े एक वायरल वीडियो के मामले में विधायक की गिरफ्तारी पर फिलहाल अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट के इस अंतरिम आदेश के बाद विधायक और उनके समर्थक खेमे ने बड़ी राहत की सांस ली है। अब इस चर्चित मामले की अगली सुनवाई आगामी 29 मई को मुकर्रर की गई है।
सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन वाले वीडियो से शुरू हुआ था बवाल
यह पूरा विवाद इसी महीने 2 मई को सामने आए एक वीडियो से जुड़ा है। गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमराव गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में सरेआम अत्याधुनिक हथियारों की नुमाइश करने और अश्लील गानों पर अभद्र व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप लगे थे। वीडियो के तूल पकड़ते ही पुलिस महकमा हरकत में आया और मीरगंज थाना पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान (सुओ मोटो) लेते हुए केस दर्ज किया, जिसमें मोकामा विधायक अनंत सिंह को भी नामजद आरोपी बनाया गया था।
गिरफ्तारी की तलवार लटकी तो वकीलों ने कोर्ट में लगाई गुहार
पुलिस एफआईआर (FIR) में नाम आने के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि पुलिस किसी भी वक्त विधायक को गिरफ्तार कर सकती है। गिरफ्तारी की इसी आशंका के बीच अनंत सिंह के अधिवक्ताओं ने अदालत की शरण ली और अग्रिम राहत के लिए अर्जी दाखिल की। मामले की शुरुआती दलीलें सुनने के बाद माननीय न्यायाधीश ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि आगामी सुनवाई तक विधायक के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या बलपूर्वक कार्रवाई न की जाए।
29 मई की तारीख बेहद अहम, केस डायरी पर टिकीं नजरें
अदालत से मिली यह राहत अस्थाई है और अब सबकी नजरें 29 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिक गई हैं। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगली तारीख पर पुलिस प्रशासन मामले की केस डायरी (अनुसंधान डायरी) और वायरल वीडियो की फॉरेंसिक व तकनीकी जांच रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश कर सकता है। इन सबूतों की समीक्षा के बाद ही कोर्ट यह तय करेगा कि विधायक की अंतरिम राहत आगे बढ़ेगी या पुलिस को एक्शन की छूट मिलेगी।
बिहार के सियासी गलियारों में हलचल तेज
अदालत के इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में भी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अनंत सिंह बिहार के रसूखदार नेताओं में गिने जाते हैं, इसलिए इस कानूनी लड़ाई पर न सिर्फ उनके समर्थकों बल्कि विपक्षी दलों की भी पैनी नजर बनी हुई है। फिलहाल 29 मई तक के लिए इस मामले में कानूनी टकराव टल गया है।
समय रहते काबू में आई आग, SBI रीजनल ऑफिस में टला बड़ा हादसा
25 May, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवान। शहर के सबसे व्यस्त इलाके राजेंद्र पथ पर स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के रीजनल ऑफिस में सोमवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसमान में काले धुएं का गुबार और उठती तेज लपटों को देखकर आस-पास के लोग सहम गए। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त नगर थाना की गश्ती टीम वहीं से गुजर रही थी, जिसने तत्परता दिखाते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को इसकी सूचना दी और एक बड़ा हादसा होने से बचा लिया।
धुएं के गुबार के बीच दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह करीब सात बजे बैंक की पहली मंजिल से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया था, जो कुछ ही मिनटों में विकराल लपटों में बदल गया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की तीन गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने के काम में जुट गईं। दमकल कर्मी लगातार पानी की बौछारें कर आग पर काबू पाने की मशक्कत करते दिखे। बैंक परिसर से काफी देर तक रुक-रुक कर धुआं निकलता रहा, जिसे देखने के लिए वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने बैरिकेडिंग कर लोगों को दूर हटाया।
बंद था बैंक, टला बड़ा जानी नुकसान
इस पूरी घटना में सबसे राहत की बात यह रही कि हादसा सुबह के वक्त हुआ जब बैंक पूरी तरह बंद था। भवन के भीतर कोई भी कर्मचारी या ग्राहक मौजूद नहीं था, जिसके चलते कोई जनहानि नहीं हुई और एक बहुत बड़ा हादसा होने से टल गया। प्रशासन ने पुष्टि की है कि फिलहाल किसी के भी हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
लाखों के कंप्यूटर और महत्वपूर्ण दस्तावेज खाक होने का अनुमान
भले ही इस हादसे में किसी की जान को नुकसान नहीं पहुंचा, लेकिन बैंक के भीतर रखी संपत्ति को भारी क्षति होने की आशंका है। माना जा रहा है कि आग की चपेट में आने से बैंक के कई बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज, फाइलें, फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जलकर खाक हो गए हैं। शुरुआती अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये का हो सकता है, लेकिन वास्तविक आंकड़ों का पता आग पूरी तरह बुझने और छानबीन के बाद ही चल सकेगा।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की शुरुआती आशंका
नगर थानाध्यक्ष ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर मुस्तैद हैं। प्राथमिक तौर पर आग लगने की वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फायर ब्रिगेड के अधिकारियों का कहना है कि कूलिंग का काम पूरा होने और पूरी जांच के बाद ही हादसे के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
छापेमारी से हड़कंप, पूर्व सांसद के घर पर जांच में जुटी टीम
25 May, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के न्यू एरिया पिपरपांती मोहल्ले में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ड्रग विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कांग्रेस के पूर्व सांसद दिवंगत रंजीत सिंह के मकान पर औचक छापेमारी की, जहां से भारी मात्रा में संदिग्ध नकली और प्रतिबंधित नशीली दवाएं बरामद की गई हैं। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
उसी परिसर में चलता है सरकारी दफ्तर, गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, जिस मकान में यह अवैध धंधा चल रहा था, उसी परिसर में किराए पर पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग का सरकारी कार्यालय भी संचालित होता है। ड्रग विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहे थे कि इस रिहायशी इलाके से बड़े पैमाने पर नशीली और अवैध दवाओं का काला कारोबार चलाया जा रहा है। पुख्ता जानकारी मिलने के बाद सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार के नेतृत्व में ड्रग विभाग और पुलिस बल ने संयुक्त रणनीति बनाकर इस ठिकाने पर धावा बोला।
भारी पुलिस बल की मुस्तैदी के बीच छानबीन, सहायक औषधि नियंत्रक ने की पुष्टि
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिहाज से पूरे पिपरपांती मोहल्ले में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। अचानक हुई इस छापेमारी से दवा माफियाओं में खलबली मच गई। मामले की पुष्टि करते हुए सहायक औषधि नियंत्रक विजय कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह गुप्त सूचना के आधार पर की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाइयां जब्त की गई हैं।
दवाओं की गिनती पूरी होने के बाद होगा आधिकारिक खुलासा
सघन तलाशी के दौरान दवाओं के कई बड़े कार्टन हाथ लगे हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस और विभागीय अधिकारियों ने बताया कि बरामद की गई संदिग्ध दवाओं की कुल खेप और उनकी कीमतों का सटीक आकलन पूरी छानबीन के बाद ही किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जब्ती की सूची (सीजर लिस्ट) तैयार होने और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले का विस्तृत और आधिकारिक खुलासा मीडिया के सामने किया जाएगा।
जानिए कौन थे रंजीत सिंह
जिस मकान में यह छापेमारी हुई है, वह झारखंड के चतरा लोकसभा क्षेत्र से वर्ष 1980 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर संसद पहुंचे पूर्व सांसद रंजीत सिंह उर्फ रंग सिंह का है। पूर्व सांसद रंजीत सिंह का कुछ साल पहले निधन हो चुका है, जिसके बाद उनके इस परिसर के अलग-अलग हिस्सों को किराए पर दिया गया था। फिलहाल पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस अवैध दवा नेटवर्क के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।
तालाब हादसे में छात्र की जान गई, अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
25 May, 2026 07:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण। जिले के मशरक प्रखंड अंतर्गत पचखंडा गांव में रविवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां तालाब में डूबने से केंद्रीय विद्यालय के एक मासूम छात्र की असमय मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद उस समय स्थिति और बिगड़ गई जब परिजन बच्चे को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मशरक पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी मुख्य चिकित्सक उपस्थित नहीं था। डॉक्टर की इस अनुपस्थिति से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए करीब एक घंटे तक मुख्य सड़क को जाम कर दिया।
दोस्तों के साथ खेलते समय गहरे पानी में उतरा मासूम, गांव में पसरा मातम
मृतक बच्चे की पहचान पचखंडा गांव के रहने वाले मंटू शर्मा के 11 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो मशरक के केंद्रीय विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र था। बताया जा रहा है कि मनीष गांव के अन्य बच्चों के साथ खेलते-खेलते चंवर स्थित एक तालाब के पास चला गया था। वहां कुछ बच्चों को नहाते देख वह भी गहरे पानी में उतर गया और डूबने लगा। साथ खेल रहे बच्चों की चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत के बाद मनीष को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी।
अस्पताल में नहीं मिला MBBS डॉक्टर, परिजनों का फूटा गुस्सा
घटना की जानकारी मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और बच्चे को इलाज के लिए सीएचसी मशरक लेकर आई। अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को पता चला कि वहां आपातकालीन स्थिति को संभालने के लिए कोई भी एमबीबीएस डॉक्टर मौजूद नहीं था। इस घोर लापरवाही को देखकर मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का सब्र टूट गया। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल परिसर को घेरकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
आयुष डॉक्टर के भरोसे चल रही थी इमरजेंसी, रोस्टर नियमों की उड़ी धज्जियां
स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मशरक सीएचसी में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और ड्यूटी से गायब रहने का यह कोई पहला मामला नहीं है। आपातकालीन हालातों में भी यहाँ मरीजों को समय पर इलाज नसीब नहीं होता। घटना के समय अस्पताल में केवल राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) से जुड़े एक आयुष चिकित्सक ही ड्यूटी पर तैनात थे। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव द्वारा पूर्व में जारी किए गए शिफ्टवार ड्यूटी रोस्टर के बावजूद अस्पताल प्रशासन डॉक्टरों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।
सड़क जाम से एक घंटे तक थमा रहा यातायात, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
इकलौते चिराग की मौत और अस्पताल की इस संवेदनहीनता से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर धरना देकर चक्का जाम कर दिया, जिससे करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और यातायात पूरी तरह ठप रहा। इधर, हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे पचखंडा गांव में इस घटना के बाद से मातम का माहौल है और लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
नीतीश सरकार के स्वास्थ्य माॅडल ने बदली बिहार की तस्वीर- अंजुम आरा
24 May, 2026 07:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व और ‘सुशासन के सात निश्चय’ के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। राज्य सरकार की जन-केंद्रित एवं संवेदनशील स्वास्थ्य नीतियों ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाकर आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित किया है। जद (यू0) की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने जारी बयान में आगे कहा कि बिहार में शिशु मृत्यु दर में लगभग 40 प्रतिशत तथा मातृ मृत्यु दर में लगभग 50 प्रतिशत तक की ऐतिहासिक कमी दर्ज होना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सरकार की योजनाएं धरातल पर प्रभावी ढंग से काम कर रही हैं। आज बिहार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के सामने एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं, मुफ्त दवा एवं जांच व्यवस्था, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, टीकाकरण अभियानों की मजबूती तथा स्वास्थ्य अवसंरचना के निरंतर विस्तार ने बिहार के स्वास्थ्य तंत्र को नई पहचान प्रदान की है। इन प्रयासों के कारण आज लाखों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि माताओं एवं नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के कारण स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सकारात्मक सुधार दर्ज किया जा रहा है। यह उपलब्धि नीतीश कुमार जी की दूरदर्शी सोच, सुशासन और जनकल्याणकारी नीतियों का प्रत्यक्ष परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान एनडीए सरकार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चैधरी स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक, सुलभ एवं मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उनके सहयोग एवं प्रयासों से राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना को और सशक्त बनाने तथा जनसुविधाओं के विस्तार का कार्य और तेज गति से आगे बढ़ेगा।
समस्तीपुर जिला में संजीव सहनी की हत्या की जांच हेतु राजद की 11 सदस्यीय जांच समिति आज घटनास्थल का दौरा करेगी- एजाज अहमद
24 May, 2026 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल कोअरविन्द कुमार सहनी, प्रदेश अध्यक्ष, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ, के पत्रांक 05/2026, दिनांक 22.05.2026 के द्वारा जानकारी दी गई कि संजीव कुमार सहनी, पिता देवकी सहनी, ग्रा म-चक मोतीपुर, थाना-ताजपुर, जिला-समस्तीपुर ताजपुर बाजार में नियमित रूप से अपने परिवार का भरण-पोषण करने हेतु मोटर साईकिल रिपेयरिंग का कार्य करते थे। दिनांक 15 मई, 2026 को लगभग 03ः00 बजे तीन लोग मोटरसाईकिल से आए और बेगैर कुछ पूछे या बताए संजीव कुमार सहनी पर ताबड़तोड़ देशी कट्टा (पिस्टल) से गोली चलाना प्रारंभ कर दिया तथा कट्टा लहराते हुए वे सभी वहां से फरार हो गए। जिसके कारण संजीव कुमार सहनी की तत्काल मौत हो गई। बताया जाता है कि मृतक संजीव कुमार सहनी अत्यधिक निर्धन एवं सज्जन व्यक्ति थे। घटना अत्यधिक हृदयविदारक और चिन्ताजनक है। राज्य में विधि व्यवस्था इतनी ध्वस्त हो गई है कि कट्टा से गोली चलाकर जान लेना बहुत ही सहज और आसान और आम बात हो गया है। शासन और प्रशासन का अपराधियों के मन में कोई भय नहीं रह गया है। पार्टी ने इस पर गंभीरता से विचार किया है तथा मृतक के परिवार को न्याय दिलाने तथा इस घटना की गहन जांच के लिए प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल ने 11 सदस्यीय जांच कमिटी का गठन प्रदेश प्रधान महासचिव श्री रणविजय साहू के संयोजकत्व में किया है। जो इस प्रकार है अख्तरूल इस्लाम शाहीन, पूर्व विधायक, सदस्य, सुनील कुमार पुष्पम, पूर्व विधायक, सदस्य, डॉ0 एज्या यादव, पूर्व विधायक, सदस्य, रोमा भारती, पूर्व विधान पार्षद सह जिलाध्यक्ष, समस्तीपुर जिला इकाई, सदस्य अरविन्द कुमार सहनी, प्रदेश अध्यक्ष, अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ, सदस्य, राजेश्वर महतो, जिलाध्यक्ष, उजियारपुर संगठन जिला इकाई, सदस्य, प्रमोद कुमार राम, प्रदेश महासचिव,सदस्य, फैजुल रहमान फैज, प्रदेश महासचिव, सदस्य, विपिन सहनी, प्रधान महासचिव, समस्तीपुर जिला, सदस्य, सत्य बिन्द पासवान, जिलाध्यक्ष, अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ, सदस्य बनाए गए हैं। एजाज ने आगे बताया कि जांच समिति घटना स्थल का रविवार 24 मई को दौरा कर तथा उनके परिवार से मिलकर पूरे तथ्यों से तथा पुलिस के द्वारा अब तक इस संबंध में की गई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति को दर्शाते हुए एक तथ्यात्मक प्रतिवेदन राष्ट्रीय जनता दल के राज्य मुख्यालय, पटना को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जांच समिति दिनांक 24 मई को अपराह्न 03 बजे तक ताजपुर बाजार पहुंचेगी।
संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति- संजय सरावगी
24 May, 2026 05:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। भारतीय जनता पार्टी बिहार प्रदेश द्वारा आयोजित “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026” के अंतर्गत पटना महानगर का दो दिवसीय एवं एक रात्रि का जिला स्तरीय प्रशिक्षण वर्ग शनिवार को उषा रिसोर्ट, महादेव स्थान, पटना सिटी में प्रारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस प्रशिक्षण वर्ग में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी भी शामिल हुए। प्रशिक्षण वर्ग को संबोधित करते हुए भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ कार्य करने वाला वैचारिक संगठन है। पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की रीढ़ है और उसी की मेहनत एवं समर्पण के बल पर भाजपा आज विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने कहा कि “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान” का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से सशक्त बनाना, संगठनात्मक दक्षता विकसित करना तथा सेवा, समर्पण और राष्ट्र प्रथम की भावना को और मजबूत करना है। प्रशिक्षण वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को पार्टी की कार्यशैली, संगठनात्मक संरचना, सरकार की योजनाओं एवं जनसंपर्क के प्रभावी तरीकों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने “संगठन और सरकार में समन्वय एवं अपनी जिम्मेदारी ” विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि संगठन और सरकार दोनों एक-दूसरे के पूरक के रूप में कार्य करते हैं। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जबकि संगठन की अपेक्षाओं और जनता की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने का कार्य भी कार्यकर्ता ही करते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग, अनुशासित और समर्पित रहे, यही इस प्रशिक्षण वर्ग का मुख्य उद्देश्य है। कार्यकर्ताओं को समाज के हर वर्ग के बीच जाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचानी चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वहीं बिहार में डबल इंजन की सरकार सुशासन, विकास और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे जनता के बीच जाकर सरकार की नीतियों एवं उपलब्धियों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण वर्ग से प्राप्त अनुभव और ज्ञान को बूथ स्तर तक लेकर जाएं तथा पार्टी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करें। प्रशिक्षण वर्ग में विभिन्न विषयों पर वरिष्ठ नेताओं एवं प्रशिक्षकों द्वारा सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संगठन विस्तार, सामाजिक समरसता, वैचारिक प्रतिबद्धता, डिजिटल संवाद और नेतृत्व क्षमता जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं। इस प्रशिक्षण वर्ग में क्षेत्रीय कार्यवाह मोहन सिंह ने विचार परिवार विषय पर तथा प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दालसनिया ने कार्यकर्ता विकास गुण आचरण और अपेक्षाएं विषय पर मार्गदर्शन किया। भाजपा के प्रदेश प्रशिक्षण प्रमुख और बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने सैद्धांतिक अधिष्ठान, एकात्म मानव दर्शन सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण वर्ग में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ। सभी कार्यकर्ता जोश और उत्साह से भरे थे। इस प्रशिक्षण वर्ग में विधायक संजीव चौरसिया, रत्नेश कुशवाहा ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष सरावगी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ प्रशिक्षण टोली द्वारा लगाई गई भव्य प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में संगठन की मूल विचारधारा, सेवा, सुशासन एवं राष्ट्र समर्पण के भाव को अत्यंत प्रेरणादायी और प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह प्रदर्शनी हम सभी कार्यकर्ताओं में देश सेवा के प्रति एक नई ऊर्जा का संचार करती है। इस कार्यक्रम में सांसद रविशंकर प्रसाद, पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद, एमएलए संजय गुप्ता, रूप नारायण मेहता, अरविंद कुमार शर्मा , प्रेम रंजन चतुर्वेदी, मेयर सीता साहू, अभिषेक चंद्रवंशी, नितिन अभिषेक, विनय केशरी सहित कई जनप्रतिनिधिगण एवं प्रशिक्षण टोली के सभी सम्मानित सदस्यगणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कटिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले 16 पुलिस पदाधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू
24 May, 2026 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कटिहार। कटिहार पुलिस अधीक्षक द्वारा जिले में कांडों के निष्पादन में लापरवाही और शिथिलता बरतने वाले पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपाधीक्षक (परि०) अब्दुल रहमान से जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जिले में अनुसंधान कार्यों में लगातार लापरवाही की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान कई पुलिस अधिकारियों की कार्यशैली संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद कटिहार एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया।
* इन पुलिस पदाधिकारियों पर हुई कार्रवाई
विभागीय कार्रवाई जिन अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई है, उनमें बलिया बेलौन, मनिहारी, बारसोई, आजमनगर, पोठिया, कुर्सेला, कदवा, सुधानी और कोलासी कैंप थाना सहित विभिन्न थानों में पदस्थापित अधिकारी शामिल हैं। सूची में शामिल प्रमुख नाम इस प्रकार हैं-
पुअनि गणेश कुमार– बलिया बेलौन थाना
पुअनि विकास कुमार– मनिहारी थाना
पुअनि प्रवेज आलम– बारसोई थाना
पुअनि रूपम कुमारी– आजमनगर थाना
पुअनि धर्मेंद्र कुमार– पोठिया थाना
पुअनि राजीव रंजन कुमार– कुर्सेला थाना
पुअनि छोटू कुमार– कदवा थाना
सअनि सत्येंद्र पासवान– सुधानी थाना
सअनि विवेकानंद चौधरी– कोलासी कैंप (कोढ़ा थाना)
इसके अलावा अन्य कई पुलिस पदाधिकारी भी कार्रवाई की जद में आए हैं। कटिहार पुलिस की इस कार्रवाई को विभाग में जवाबदेही तय करने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी संपर्क में आया युवक, ATS ने खोले कई राज।
23 May, 2026 03:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा प्रखंड अंतर्गत रतनपुरा गांव का निवासी मोहम्मद मुस्तफा कट्टरपंथी विचारधारा के प्रभाव में आकर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो गया था। जांच में सामने आया है कि वह सोशल मीडिया पर कट्टर इस्लामिक धार्मिक भाषणों को देखकर प्रतिशोध की भावना से भर गया और पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के संपर्क में आ गया। मुस्तफा मुजफ्फरपुर स्थित सशस्त्र सीमा बल (SSB) कैंप की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान भेज रहा था और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। हालांकि, बिहार एटीएस (ATS) ने मुस्तफा को समय रहते गिरफ्तार कर उसकी इस खतरनाक साजिश को नाकाम कर दिया।
उत्तर प्रदेश से जुड़े तार; पाकिस्तानी तस्कर से मांगे थे हथियार
जांच एजेंसियों के अनुसार, मुस्तफा जब उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में रह रहा था, तब वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी हथियार तस्कर शहजाद भट्टी के हैंडलर राणा हुनैन के संपर्क में आया। राणा हुनैन लगातार भारत विरोधी पोस्ट शेयर करता था। एटीएस की कड़ी पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि मुस्तफा ने पाकिस्तानी हैंडलर से हथियारों की मांग करते हुए कहा था कि उसे "बहुत कुछ करना है।" एटीएस को अंदेशा है कि वह हथियारों के दम पर किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था।
संवेदनशील ठिकानों के वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान भेजे
पाकिस्तानी आकाओं के इशारे पर मुस्तफा ने देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए कई संवेदनशील सैन्य और अर्धसैनिक ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो सरहद पार भेजे थे। इसमें मुजफ्फरपुर का एसएसबी कैंप मुख्य रूप से शामिल था। इतना ही नहीं, उसने इन संवेदनशील जगहों के भौगोलिक कोऑर्डिनेट्स (लोकेशन डिटेल्स) भी पाकिस्तानी आतंकियों तक पहुंचाए थे। हथियार देने से पहले पाकिस्तानी तस्करों ने मुस्तफा का पूरी तरह इस्तेमाल किया और उसे और अधिक ट्रेनिंग लेने की हिदायत दी थी।
दिनभर मोबाइल में डूबा रहता था मुस्तफा: पिता का बयान
मुस्तफा के पिता मोहम्मद सगीर, जो गांव में ही मजदूरी का काम करते हैं, ने बताया कि उनका बेटा भी उनके साथ काम में हाथ बंटाता था। पिता के मुताबिक, मुस्तफा ने नौवीं कक्षा में दाखिला तो लिया था, लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लगा। वह दिन का ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर ही बिताता था। परिवार को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका सबसे छोटा बेटा देश विरोधी ताकतों के जाल में फंस चुका है।
एटीएस खंगाल रही मोबाइल, अन्य संदिग्धों की तलाश जारी
बिहार एटीएस अब आरोपी मोहम्मद मुस्तफा के मोबाइल फोन की गहराई से फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि उसके डिलीट किए गए डेटा और चैट को रिकवर किया जा सके। एटीएस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में मुस्तफा के साथ इलाके के कुछ अन्य युवक भी शामिल थे या वह अकेले ही इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था।
खेलते-खेलते पानी भरे गड्ढे तक पहुंचे बच्चे, वापस नहीं लौटे मासूम।
23 May, 2026 03:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सहरसा। बिहार के सहरसा जिले के पतरघट थाना क्षेत्र से एक बेहद ही दर्दनाक खबर सामने आई है, जहाँ शनिवार सुबह पानी से भरे एक गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही मृत बच्चों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस हादसे के बाद से मातम का माहौल है।
खेलते-खेलते चचेरे भाई-बहन के साथ हुआ हादसा
यह दुखद घटना पतरघट प्रखंड के धबोली दक्षिण पंचायत के अंतर्गत आने वाले टेकनमा मानिकपुर पट्टी गांव की है। मृतकों की पहचान जयकुमार सादा के पुत्र दिव्यांश कुमार और रामकुमार सादा की पुत्री श्वेता कुमारी के रूप में हुई है, जो आपस में चचेरे भाई-बहन थे। बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह दोनों बच्चों के माता-पिता रोजाना की तरह पास के खेतों में काम करने गए हुए थे। इसी बीच दोनों मासूम घर के बाहर खेलते-खेलते पास में ही लगे चापाकल (हैंडपंप) के पास चले गए।
पैर फिसलने के कारण गहरे पानी में समाई मासूमों की जिंदगी
चश्मदीदों और परिजनों के मुताबिक, चापाकल के ठीक पास ही पानी का एक गहरा गड्ढा बना हुआ था। खेलते समय अचानक नियंत्रण खोने या पैर फिसलने की वजह से दोनों मासूम बच्चे उस गहरे गड्ढे में जा गिरे। गड्ढे में पानी ज्यादा होने के कारण दोनों बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए और पानी में डूबने से मौके पर ही दोनों की सांसें थम गईं। जब तक आसपास के लोगों को इस बात की भनक लगी, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मौके पर पहुंची पुलिस, शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
हादसे की खबर मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पतरघट थाना अध्यक्ष शशि कुमार अपनी पुलिस टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।
मामले की बारीकी से जांच कर रहा प्रशासन
इस दुखद घटना को लेकर थाना अध्यक्ष शशि कुमार ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रशासन की एक टीम घटनास्थल पर मौजूद है और चापाकल के पास बने उस पानी वाले गड्ढे की गहराई के साथ-साथ पूरे मामले की बारीकी से तफ्तीश कर रही है, ताकि हादसे के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर NDA सरकार घिरी
23 May, 2026 03:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार सहित पूरे देश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है, जो शुक्रवार रात से ही प्रभावी हो गई हैं। नई दरों के मुताबिक, पेट्रोल के दामों में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत 110.16 रुपये से छलांग लगाकर 111.11 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गई है, जबकि डीजल 96.19 रुपये से बढ़कर 97.14 रुपये प्रति लीटर हो गया है। तेल के दामों में आई इस तेजी के बाद अब बिहार की सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है।
तेजस्वी यादव का तंज, बोले- कच्चे तेल के दाम कम फिर भी कीमतें दोगुनी
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि इस जनविरोधी और पूंजीपरस्त एनडीए सरकार ने पिछले 10 दिनों में तेल के दाम करीब 5 रुपये तक बढ़ा दिए हैं, यानी हर दिन औसतन 50 पैसे की बढ़ोतरी हो रही है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) सस्ता था, तब भी यह सरकार आम जनता की जेब काटकर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचा रही थी। साल 2014 के मुकाबले आज कच्चे तेल की कीमतें बेहद कम हैं, लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल के दाम दोगुने हो चुके हैं।
आने वाले दिनों में भयंकर मंदी और बेरोजगारी का खतरा
सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी यादव ने देश के आर्थिक भविष्य को लेकर बड़ी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि तेल की इन बढ़ती कीमतों का सीधा असर हर आम और खास चीज पर पड़ेगा, जिससे आने वाले दिनों में जनता को भयंकर महंगाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस आर्थिक बोझ के कारण प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां जाएंगी, प्रवासी मजदूरों को वापस लौटना पड़ेगा, छोटे उद्योग-धंधे ठप हो जाएंगे और देश में गरीबी व बेरोजगारी का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा।
अहम मुद्दों को छोड़कर हेडलाइन मैनेजमेंट में जुटी सरकार
नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने जिस नफरत के कारोबार, भाषणबाजी, रील्स और एंटरटेनमेंट को चुना था, वह उन्हें लगातार मिलता रहेगा। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि नौकरी, गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर विचार करने के बजाय सरकार का पूरा फोकस संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग, हेडलाइन मैनेजमेंट, हिंदू-मुस्लिम विवाद, मंदिर-मस्जिद और शहरों के नाम बदलने पर ही केंद्रित रहेगा।
NEET परीक्षा को लेकर बिहार में राहत, बसें रहेंगी फ्री
23 May, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। NEET पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है। परीक्षा रद्द होने से देश के लाखों छात्र निराश थे, लेकिन उनके भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए एजेंसी ने नई तारीखों की घोषणा कर दी है। अब देशभर के विभिन्न केंद्रों पर 21 जून 2026 को नीट यूजी (NEET-UG) की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इसी बीच, बिहार सरकार ने राज्य के परीक्षार्थियों को एक बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी छात्रों को बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, 'X' पर दी जानकारी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया हैंडल 'X' (ट्विटर) पर इस फैसले की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि NEET परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए राज्य की सभी सरकारी बसों में सफर पूरी तरह मुफ्त रहेगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन, गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं से एक विशेष अपील भी की है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और मुख्य चौराहों पर छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए पीने का पानी, सत्तू और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रशासन की मदद करें। मुख्यमंत्री ने सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
पेपर लीक मामले पर थमता नहीं दिख रहा सियासी घमासान
भले ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी हो, लेकिन नीट पेपर लीक को लेकर देश की राजनीति लगातार सुलग रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि इस गड़बड़ी से देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष लगातार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेर रहा है।
राहुल गांधी के आरोपों पर बिहार के डिप्टी सीएम का पलटवार
इस पूरे राजनीतिक विवाद पर बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ किया कि पेपर लीक मामले की जांच पूरी गंभीरता से चल रही है। राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को सिर्फ बयानबाजी करने की आदत है, इसलिए उनकी बातों को ज्यादा गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच करवा रही है।
राशिफल 27 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
