बिहार-झारखण्ड
बिहार की राजनीति में फिर गरमाहट: नीतीश कुमार और विजय चौधरी की गुप्त बैठक के मायने क्या?
28 May, 2026 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना:बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर जून 2026 में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सूबे की राजधानी पटना का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही सभी प्रमुख सियासी दलों ने अपनी-अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अचानक प्रदेश के डिप्टी सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। दोनों कद्दावर नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बेहद गुप्त और महत्वपूर्ण मंत्रणा हुई। इस अचानक हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद से ही दोनों खेमों और टिकट की रेस में शामिल दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
बंद कमरे में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर हुआ मंथन
नीतीश कुमार और विजय चौधरी की इस औचक मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गुप्त बैठक का मुख्य एजेंडा जदयू कोटे से विधान परिषद जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देना था। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री ने विजय चौधरी के साथ मिलकर एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों के साथ सीटों के तालमेल और वोट ट्रांसफर के समीकरणों को लेकर भी अपनी भविष्य की रणनीति साझा की है।
नए सामाजिक समीकरणों और नफा-नुकसान की समीक्षा
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में जेडीयू इस बार कुछ नए सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में है। बंद कमरे में हुई इस बातचीत के दौरान पार्टी के कुछ बेहद वफादार चेहरों के नामों पर विचार करने के साथ-साथ, नए चेहरों को मौका देने से होने वाले नफा-नुकसान की भी बारीकी से समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि पार्टी इस बार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही टिकटों का बंटवारा करेगी।
संकटमोचक के साथ अंतिम चुनावी रणनीति पर चर्चा
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, विजय कुमार चौधरी को नीतीश कुमार का सबसे विश्वसनीय और बड़ा संकटमोचक माना जाता है। सरकार या संगठन पर जब भी कोई बड़ा फैसला लेना होता है, तो विजय चौधरी की राय बेहद अहम होती है। यही कारण है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर मुहर लगाने और चुनावी बिसात बिछाने से पहले नीतीश कुमार ने उनके साथ अकेले में पूरी चुनावी रणनीति पर अंतिम दौर का मंथन किया है।
गया में लूटपाट और गोलियों की घटना, व्यापारियों ने सुरक्षा पर जताई चिंता
28 May, 2026 11:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया:बिहार के गया जिले के गुरुआ बाजार में एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां बेखौफ बदमाशों ने एक आभूषण व्यवसायी को निशाना बनाते हुए करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए और विरोध करने पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस दुस्साहसिक घटना के विरोध में गुरुवार को स्थानीय व्यापारियों का गुस्सा भड़क उठा। कारोबारियों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए गुरुआ बाजार की सभी दुकानों को पूरी तरह बंद रखा और सड़क पर उतरकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी व्यापारियों ने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, लूटे गए माल की बरामदगी और बाजार क्षेत्र में पुख्ता सुरक्षा देने की मांग की है।
पहले से घात लगाए बैठे थे बदमाश; घर लौट रहे सर्राफा कारोबारी को घेरा
वारदात के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, गुरुआ बाजार में 'एस ब्रदर्स ज्वेलरी' के नाम से दुकान चलाने वाले प्रोपराइटर प्रभाकर कुमार वर्णवाल बुधवार की शाम को रोजाना की तरह अपनी दुकान बढ़ाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार होकर आए पांच नकाबपोश और हथियारबंद अपराधियों ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। बदमाशों ने पिस्तौल तानकर उनके हाथ से जेवरात और नकदी से भरा बैग छीनने का प्रयास किया। जब कारोबारी ने अपनी गाढ़ी कमाई बचाने के लिए इसका कड़ा विरोध किया, तो अपराधियों ने उन पर गोली चला दी।
जांघ में लगी गोली, दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग करते हुए भागे अपराधी
बदमाशों द्वारा चलाई गई गोली सीधे प्रभाकर कुमार की दाहिनी जांघ में जा धंसी, जिससे वे लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसके बाद अपराधी उनके हाथ से बैग छीनने में कामयाब रहे, जिसमें लगभग 40 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और कीमती दस्तावेज थे। इस झड़प में दुकान का एक कर्मचारी सुभाष सिंह भी जख्मी हो गया। चश्मदीदों ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद लुटेरे दहशत फैलाने के लिए हवा में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए गुरारू की तरफ रफूचक्कर हो गए। बाजार के बीचो-बीच हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई।
बाजार बंद कर व्यापारियों ने दी चेतावनी, पूर्व विधायक प्रतिनिधि भी प्रदर्शन में उतरे
इस दुस्साहसिक लूटकांड के खिलाफ गुरुवार सुबह से ही गुरुआ बाजार के व्यापारियों ने अपनी मर्जी से शटर डाउन रखे, जिससे बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। इस विरोध प्रदर्शन में पंचायत के पूर्व मुखिया मुरारी प्रसाद और वर्तमान मुखिया पति सह राजद के पूर्व विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र कुमार यादव समेत सैकड़ों व्यवसायी शामिल हुए। आक्रोशित नेताओं और व्यापारियों ने कहा कि क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और व्यापारी वर्ग डर के साए में जीने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को नहीं दबोचा, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
एसएसपी और एसडीपीओ ने संभाला मोर्चा; सीसीटीवी फुटेज से सुराग तलाश रही पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए गया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुशील कुमार, शेरघाटी एसडीपीओ संदीप कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर नेयाज अहमद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। गुरुआ थाना पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर वहां से कारतूसों के खाली खोखे बरामद किए हैं। पुलिस की कई टीमें अपराधियों के भागने वाले रूट और बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि बदमाशों का सुराग लगाया जा सके।
अस्पताल में भर्ती हैं घायल स्वर्ण व्यवसायी, छापेमारी जारी
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हुए कारोबारी प्रभाकर कुमार को घटना के तुरंत बाद स्थानीय गुरुआ अस्पताल ले जाया गया था। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार करने के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज (ANMMCH) रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि संदिग्धों के हुलिए और सीसीटीवी इनपुट के आधार पर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और बहुत जल्द पूरी गैंग को बेनकाब कर दिया जाएगा।
बिहार सरकार ने जारी की कार्रवाई सूची, अंचलाधिकारियों पर गिरी गाज
28 May, 2026 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार में भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अफसरों के खिलाफ राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यह सख्त कार्रवाई राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा की गई है, जिसके तहत प्रदेश के 14 अंचलाधिकारियों (CO) पर शिकंजा कसा गया है। विभाग ने इन सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र (चार्जशीट) गठित कर दिया है, जबकि कई अधिकारियों की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) पर तत्काल रोक लगा दी गई है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कड़े लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में भ्रष्टाचार और किसी भी तरह की अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और 'जीरो टॉलरेंस' की नीति सख्ती से लागू रहेगी। उन्होंने भ्रष्ट अधिकारियों को सुधरने या फिर इससे भी कठोर कार्रवाई भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा है।
गलत दाखिल-खारिज और रिश्वतखोरी पर कड़ा प्रहार
विभाग द्वारा जारी की गई सूची के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की पूर्व अंचल अधिकारी रिषिका पर एक खास व्यक्ति के नाम गलत तरीके से सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) करने का गंभीर आरोप है। पूर्व में विभाग द्वारा उन्हें निलंबित किया गया था, जिसे अब सरकार ने भी अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, पतरघट के पूर्व अंचल अधिकारी राकेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित किया गया है।
लापरवाही और अवैध खनन में संलिप्तता पर थमी वेतन वृद्धि
काम में लापरवाही बरतने के कारण पाटलिपुत्र के पूर्व अंचल अधिकारी अनुज कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। वहीं, गुरारू के पूर्व अंचल अधिकारी संजीव कुमार त्रिवेदी को गलत तरीके से जमाबंदी कायम करने का दोषी पाते हुए उनकी दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। बालू के अवैध खनन मामले में संलिप्तता पाए जाने के कारण पालीगंज के पूर्व अंचल अधिकारी राकेश कुमार की भी एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। सबसे गंभीर कार्रवाई गोपालपुर के पूर्व अंचल अधिकारी राजकिशोर शर्मा पर हुई है, जहां गंभीर अनियमितताओं के चलते अगले 5 सालों तक उनकी पेंशन में 10% की कटौती करने का आदेश जारी हुआ है।
जातिगत हेरफेर और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी पर चार्जशीट
अन्य मामलों में, बैरिया के पूर्व अंचल अधिकारी अनिल कुमार पर जातिगत श्रेणियों में हेरफेर (BC कैटेगरी को EBC दिखाने) के मामले में चार्जशीट दाखिल की गई है। बैकुंठपुर के अंचल अधिकारी पंकज कुमार पर बिना किसी पुख्ता सबूत के ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में जमीन का रकबा बढ़ाने के आरोप में आरोप पत्र गठित हुआ है। साहेबपुर कमाल के पूर्व अंचल अधिकारी सतीश कुमार सिंह पर बाढ़ राहत राशि के वितरण में धांधली करने, गोपालगंज सदर के अंचल अधिकारी रजत कुमार वर्णवाल पर म्यूटेशन कार्यों में पारदर्शिता न रखने और एकमा के पूर्व अंचल अधिकारी अमलेश कुमार पर बिना सूचना ड्यूटी से नदारद रहने के आरोपों में चार्जशीट गठित की गई है।
वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर होगी विभागीय जांच
चंडी की पूर्व अंचल अधिकारी कुमारी आंचल पर वरिष्ठ अधिकारियों और अपील वाद के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप साबित हुआ है, जिसके बाद उन पर चार्जशीट दाखिल की गई है। मधेपुरा के घैलाढ़ के पूर्व अंचल अधिकारी चंदन कुमार पर भी विभागीय लापरवाही के कारण आरोप पत्र गठित किया गया है। वहीं, सुपौल की पूर्व अंचल अधिकारी बुच्ची कुमारी के खिलाफ सरकार ने अब बड़े स्तर पर गहन विभागीय जांच शुरू करने का फैसला किया है।
रिशुश्री का नाम पहली बार जांच में कब आया? सामने आई अहम जानकारी
28 May, 2026 09:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने टेंडर में गड़बड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों के तहत बड़े ठेकेदार रिशु श्री को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार की देर रात विशेष निगरानी इकाई की एक विशेष टीम ने कार्रवाई करते हुए रिशु श्री के मीठापुर स्थित आवास पर दस्तक दी और उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया। इसके बाद आरोपी को तुरंत विशेष निगरानी इकाई के मुख्यालय ले जाया गया, जहाँ देर रात तक उनसे गहन पूछताछ की गई। विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों के मुताबिक, टीम के पास रिशु श्री के खिलाफ पुख्ता और ठोस सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर आगे की कानूनी तफ्तीश की जा रही है।
11 घंटे की मैराथन छापेमारी में करोड़ों के आभूषण और कैश बरामद
इस गिरफ्तारी से ठीक पहले, बुधवार की सुबह विशेष निगरानी इकाई की टीम ने पटना के मीठापुर इलाके में स्थित 'कामत रामसखी इंक्लेव' के फ्लैट नंबर-5A में धावा बोला था। यह सर्च ऑपरेशन करीब 11 घंटे तक लगातार चला। इस मैराथन छापेमारी के दौरान जांच दल को फ्लैट से लगभग 2 करोड़ रुपये मूल्य के कीमती जेवरात और 2.5 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। इसके साथ ही कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज, महत्वपूर्ण कागजात और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जब्त किए गए हैं, जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है।
आईएएस अफसरों से सीधे कनेक्शन की जांच तेज
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार रिशु श्री के तार राज्य के कई रसूखदार आईएएस (IAS) अधिकारियों से जुड़े रहे हैं, जिनमें वरिष्ठ अधिकारी संजीव हंस के नाम की भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल कनेक्शन को लेकर विशेष निगरानी इकाई के अधिकारियों का कहना है कि इस पहलू पर अभी जांच चल रही है और सबूत जुटाए जा रहे हैं। गलियारों में यह भी चर्चा है कि रिशु श्री बिचौलियों के बजाय सीधे आईएएस अधिकारियों से संपर्क साधता था और अपने हिसाब से टेंडर के काम को प्रभावित करता था।
दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की खंगाल रही टीम
गिरफ्तारी और बरामदगी के बाद अब विशेष निगरानी इकाई का पूरा ध्यान रिशु श्री के ठिकाने से मिले डिजिटल और कागजी सबूतों पर है। जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मनी लॉन्ड्रिंग के इस खेल में और कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
राजगीर में बड़ा हादसा, श्रद्धालुओं से भरा ऑटो ट्रक से भिड़ा, कई घायल
27 May, 2026 02:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजगीर: बिहार के प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेले में दर्शन कर अपने घर वापस जा रहे श्रद्धालुओं की खुशियां मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बदल गईं। खिजरसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आईमा मंदिर के समीप एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक ने सवारियों से खचाखच भरे ऑटो को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक भिड़ंत में ऑटो में सवार करीब 10 से 12 श्रद्धालु गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घायलों में दो महिलाओं की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। टक्कर के बाद घटना स्थल पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया।
दर्शन कर गांव लौट रहा था परिवार, रास्ते में काल बनकर आया ट्रक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बहादुर बीघा गांव के रहने वाले श्रद्धालु राजगीर के ऐतिहासिक मलमास मेले का आनंद लेकर ऑटो रिजर्व कर अपने गांव वापस आ रहे थे। जैसे ही उनका ऑटो आईमा मंदिर के पास पहुँचा, विपरीत दिशा से आ रहे एक भारी ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए और वह पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरा। हादसे के बाद गाड़ी में फंसे बच्चे और महिलाएं मदद के लिए चिल्लाने लगे।
ग्रामीणों ने दिखाई इंसानियत, निजी गाड़ियों से घायलों को पहुँचाया अस्पताल
हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। स्थानीय लोगों ने अपनी सूझबूझ से बिना वक्त गंवाए ऑटो में फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने तुरंत अपने निजी वाहनों और एम्बुलेंस का इंतजाम कर सभी घायलों को इलाज के लिए खिजरसराय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल यात्रियों में बिंदी देवी और ममता देवी को गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं, जिसके चलते उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
ट्रक छोड़कर भागा ड्राइवर, पुलिस ने वाहन को किया जब्त
दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक पकड़े जाने के डर से गाड़ी को बीच सड़क पर ही छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से रफूचक्कर हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही खिजरसराय थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और ऑटो को अपने कब्जे में ले लिया है और गाड़ी के नंबर के आधार पर फरार चालक की तलाश में दबिश दे रही है।
भारी वाहनों की रफ्तार पर नहीं है लगाम, स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद से स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों में प्रशासन के खिलाफ गहरा रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मुख्य मार्ग पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की गति सीमा पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिसके कारण आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहते हैं। लोगों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से मांग की है कि इस रूट पर स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सख्त चेकिंग अभियान चलाया जाए।
खेत में सो रहे किसानों पर गिरी आकाशीय बिजली, हादसे में जान गई
27 May, 2026 02:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले के मुफस्सिल थाना इलाके के अंतर्गत आने वाले मथार दियारा में मंगलवार देर रात एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ गंगा नदी के तट पर परवल के खेत की रखवाली कर रहे दो बुजुर्ग किसानों की आकाशीय बिजली (वज्रपात) की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा है।
खेत में सोते समय हुआ वज्रपात, सुबह किसानों ने अचेत हालत में देखा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बरारी के जंगली मंडल टोला के रहने वाले 55 वर्षीय कापो मंडल और मथार गांव के निवासी 60 वर्षीय गोरख यादव के रूप में हुई है। दोनों किसान रोज की तरह रात के समय गंगा किनारे अपने परवल के खेत में सो रहे थे, ताकि फसलों की रखवाली की जा सके। इसी बीच देर रात अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी-बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। इसी दौरान कड़कती बिजली सीधे दोनों किसानों पर आ गिरी। बुधवार सुबह जब अन्य ग्रामीण खेतों की तरफ काम करने निकले, तो दोनों को वहां अचेत पड़े देखा, जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, कानूनी प्रक्रिया शुरू
खेत में दो किसानों की मौत की खबर मिलते ही रोते-बिलखते परिजन और सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। स्थानीय लोगों द्वारा मुफस्सिल थाना पुलिस को मामले की सूचना दी गई। जानकारी पाकर थाना अध्यक्ष अमरजीत प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुँचे। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
गांव में पसरा मातम, मेहनतकश किसानों की मौत से हर कोई स्तब्ध
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कापो मंडल और गोरख यादव दोनों ही बेहद सीधे, सरल स्वभाव के और कठिन परिश्रम करने वाले किसान थे। अपनी फसलों को बचाने की जद्दोजहद में उन्होंने अपनी जान गंवा दी। एक ही रात में गांव के दो बुजुर्गों की इस तरह अचानक हुई मौत से मथार और बरारी इलाके के लोग स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवारों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की है, वहीं ढांढस बंधाने के लिए मृतकों के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
भ्रष्टाचार का खुलासा, रिश्वत लेते पकड़ा गया एएसआई, कार्रवाई के बाद सस्पेंड
27 May, 2026 12:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में पुलिसिया कार्रवाई के नाम पर पीड़ित पक्ष से ही रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। सोशल मीडिया पर घूस लेते हुए एक एएसआई (जमादार) का वीडियो वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। वीडियो में अधिकारी साफ तौर पर नोटों की गड्डी गिनते हुए दिखाई दे रहा है। मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने त्वरित एक्शन लिया है और आरोपी अधिकारी को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
5 हजार की घूस लेते कैमरे में कैद हुए रोसड़ा थाने के एएसआई
सस्पेंड किए गए जमादार की पहचान रोसड़ा थाने में तैनात योगेश्वर साह के रूप में की गई है। इंटरनेट पर वायरल हो रहे इस वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एएसआई एक पीड़ित व्यक्ति से ₹5,000 की रिश्वत ले रहे थे। पुलिस महकमे में लगातार दूसरे दिन यह बड़ी कार्रवाई हुई है; इससे ठीक एक दिन पहले मुसरीघरारी थाने के दारोगा बी.के. सिंह को शराब पीने के आरोप में निलंबित किया गया था।
दुकान पर पहुंचे थे साहब, 10 हजार और देने की रखी थी मांग
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, एएसआई योगेश्वर साह पीड़ित के बुलाने पर उसकी दुकान पर पहुँचे थे। वहीं पर पीड़ित ने उन्हें यह राशि थमाई। आरोपों के अनुसार, जमादार इतने पर ही नहीं माने और उन्होंने ₹10,000 अतिरिक्त देने की मांग भी रख दी। वीडियो में कथित तौर पर पीड़ित यह कहता सुनाई दे रहा है कि "फिलहाल इतने पैसे रख लीजिए, बाकी के रुपये बाद में दे दूँगा।" इसके बाद जमादार नोटों को गिनकर अपनी टी-शर्ट की जेब में रखते दिखाई दे रहे हैं।
पीड़ित ने गुप्त कैमरे से रची 'क्लिप', डीएसपी की जांच में सच आया सामने
इस पूरी डीलिंग के दौरान पीड़ित ने बेहद चालाकी से गुप्त कैमरे (हिडन कैमरा) के जरिए वीडियो रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो के सामने आते ही एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने रोसड़ा डीएसपी संजय सिन्हा को इस मामले की फौरन जांच करने के आदेश दिए। डीएसपी की प्राथमिक जांच रिपोर्ट में जब रिश्वतखोरी के आरोप पूरी तरह सच पाए गए, तो जमादार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।
विभागीय जांच शुरू, पुलिस महकमे में मची खलबली
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी एएसआई के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) शुरू कर दी गई है। इस जांच की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ आगे की कड़ी कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जाएगी। इस घटना के बाद से जिले के अन्य थानों और पुलिस कर्मियों के बीच हड़कंप का माहौल है।
घर की दीवार भरभराकर गिरी, हादसे में महिला की मौत, परिवार घायल
27 May, 2026 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में मंगलवार देर रात आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। जिले के अलग-अलग इलाकों में प्रकृति के इस कहर के कारण बड़े हादसे हुए हैं, जिनमें एक महिला की जान चली गई, जबकि एक अन्य महिला और एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इन घटनाओं के बाद से पीड़ित परिवारों और स्थानीय इलाकों में मातम पसरा हुआ है।
सोते समय ढह गई कच्चे मकान की दीवार, चार बच्चों की बाल-बाल बची जान
पहली दर्दनाक घटना कासिम बाजार थाना क्षेत्र के चूआबाग (नया टोला वार्ड संख्या-41) में सामने आई। यहाँ रात करीब दो बजे जब पप्पू मलिक अपनी पत्नी फूलन देवी (32 वर्ष) और चार बच्चों के साथ घर में सो रहे थे, तभी आंधी के झोंकों से उनके कच्चे मकान की दीवार भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से छप्पर पर लगा एस्बेस्टस भी टूटकर परिवार पर आ गिरा। इस हादसे में चारों बच्चे तो चमत्कारिक रूप से बच गए, लेकिन मलबे में दबने से फूलन देवी की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल पप्पू मलिक को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है।
सौ साल पुराना बरगद का पेड़ घर पर गिरा, मलबे में दबी बुजुर्ग महिला
दूसरी आपदा असरगंज प्रखंड के सजुआ पंचायत स्थित सतीस्थान गांव में आई। यहाँ आंधी-पानी के बीच करीब एक सदी पुराना विशालकाय बरगद का पेड़ उखड़कर एक मकान पर जा गिरा। इस हादसे के वक्त घर के भीतर सो रही 55 वर्षीय सुनैना देवी मलबे के नीचे दब गईं। शोर सुनकर दौड़े ग्रामीणों और परिजनों ने भारी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला। सूचना मिलते ही असरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुँची और घायल महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी, खराब मौसम में सतर्क रहने की अपील
इन दोनों हादसों के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामलों की जांच और राहत कार्य में जुट गए हैं। मौसम के बदले मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आंधी-तूफान और भारी बारिश के दौरान पूरी सतर्कता बरतें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और कच्चे तथा जर्जर मकानों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
पटना की मंडी में देर रात आग, कई दुकानें जलकर खाक
27 May, 2026 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार की राजधानी के नामचीन व्यापारिक केंद्र मारूफगंज मंडी में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह आग एक पूजा सामग्री और कपूर की दुकान में लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी दुकान व गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। यह पूरी घटना मालसलामी थाना क्षेत्र की है।
शॉर्ट सर्किट की चिंगारी बनी बड़ी वजह, कपूर ने भड़काई आग
स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की शुरुआत शॉर्ट सर्किट के कारण उठी एक छोटी सी चिंगारी से हुई थी। चूंकि दुकान के भीतर भारी मात्रा में कपूर, धूप, तेल और अन्य ज्वलनशील सामग्रियां रखी हुई थीं, इसलिए आग ने तुरंत रौद्र रूप ले लिया। दुकान से उठती ऊंची लपटें और धुआं देखकर आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।
दमकल की 4 गाड़ियों ने पाया काबू, टला बड़ा हादसा
घटना की जानकारी तुरंत स्थानीय मालसलामी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुँचीन। अग्निशमन दल के कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। हालांकि, जब तक आग बुझाई जाती, तब तक दुकान और गोदाम में रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था।
सघन बाजार होने से बढ़ गया था खतरा, व्यापारियों में रोष
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मारूफगंज एक बेहद व्यस्त और सघन (घनी आबादी वाला) बाजार है, जहाँ दुकानें एक-दूसरे से सटी हुई हैं। अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर नहीं पहुँचतीं, तो यह आग पूरी मंडी में फैल सकती थी और भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था।
बाजार क्षेत्र में फायर सेफ्टी पुख्ता करने की मांग
इस बड़े हादसे के बाद मारूफगंज के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि संकरी गलियों वाले इस कारोबारी इलाके में फायर ब्रिगेड के वाहनों की आवाजाही के रास्ते हमेशा दुरुस्त रखे जाने चाहिए ताकि आपातकाल में कोई बाधा न आए। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है।
बिहार में सनसनीखेज वारदात, युवक का नाखून उखाड़कर उतारा मौत के घाट
27 May, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीवान: बिहार के सीवान जिले के पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव में मंगलवार देर शाम एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहाँ एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी और दहशत का माहौल है। मृतक की पहचान जसौली मुर्गियां टोला निवासी 30 वर्षीय गुड्डू कुमार सिंह के रूप में हुई है। गुड्डू दुबई में नौकरी करता था और करीब 25 दिन पहले ही अपने बीमार पिता का इलाज कराने गांव आया था।
बाजार जाने के बहाने निकला था घर से, सड़क किनारे मिला शव
परिजनों के मुताबिक, गुड्डू मंगलवार सुबह अपने छोटे भाई अभिषेक के साथ पिता का इलाज कराने पटना गया था। शाम को दोनों वापस लौटे, जिसके कुछ देर बाद गुड्डू बाजार जाने की बात कहकर घर से निकला था। थोड़ी देर बाद गांव के ही एक शख्स ने फोन पर सूचना दी कि गुड्डू सड़क किनारे बेहोश पड़ा है। परिजन तुरंत मौके पर पहुँचे और उसे बाइक से सदर अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
नाखून उखाड़ा, फिर सिर में मारी गोली; शव देखकर कांप उठे लोग
घटना की जानकारी मिलते ही नगर थाना प्रभारी, पचरुखी थाना प्रभारी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी और सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ जांच में जुट गए। पोस्टमार्टम के दौरान जो बात सामने आई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। हत्यारों ने वारदात को बेहद क्रूरता से अंजाम दिया था; मृतक के बाएं पैर का नाखून उखड़ा हुआ था और दाहिने पैर पर गंभीर चोटें थीं। आशंका है कि पहले उसे बुरी तरह टॉर्चर किया गया और फिर सिर में गोली मार दी गई, जो आंख के ऊपर जाकर फंस गई थी।
पड़ोस की महिला से त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग की चर्चा
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस खूनी खेल के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आ रहा है। चर्चा है कि गुड्डू का पड़ोस की एक महिला के साथ कथित संबंध था, जिसकी भनक महिला के पति और उसके परिवार को लग गई थी। इसी विवाद और रंजिश के चलते साजिश रचकर इस वारदात को अंजाम देने की आशंका जताई जा रही है।
मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस, संदिग्धों की तलाश जारी
सीवान के एसपी पूरन कुमार झा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें एक्शन में आ गई थीं। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों (कॉल डिटेल्स और लोकेशन) की गहनता से जांच कर रही है। एसपी ने कहा कि शुरुआती तौर पर मामला प्रेम प्रसंग का लग रहा है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। परिजनों के बयान के आधार पर संदिग्धों को दबोचने के लिए छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बिहार कांस्टेबल ऑपरेटर एग्जाम पोस्टपोन, CSBC ने जारी किया नया शेड्यूल
26 May, 2026 03:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) ने बिहार पुलिस दूरसंचार एवं तकनीकी विभाग में ‘सिपाही (प्रचालक)’ के 993 पदों के लिए होने वाली लिखित परीक्षा की तारीखों में बड़ा बदलाव किया है। पहले यह परीक्षा 21 जून 2026 को होने वाली थी, लेकिन उसी दिन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा NEET (UG) 2026 की स्थगित परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। छात्रों को किसी तरह की असुविधा न हो और दोनों परीक्षाओं की तारीखें आपस में न टकराएं, इसलिए भर्ती बोर्ड ने परीक्षा को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।
21 जून की बजाय अब 28 जून को होगी परीक्षा
बिहार पुलिस सिपाही (प्रचालक) भर्ती की लिखित परीक्षा अब 28 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। बोर्ड द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, यह परीक्षा सिर्फ एक पाली (सिंगल शिफ्ट) में दोपहर 12:00 बजे से 2:00 बजे तक चलेगी। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे के बीच हर हाल में परीक्षा केंद्र पर रिपोर्ट करना होगा।
बिना ई-एडमिट कार्ड के नहीं मिलेगी एंट्री
लिखित परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए CSBC द्वारा जारी e-Admit Card साथ लाना अनिवार्य है। बिना वैध प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा हॉल में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थी 15 जून 2026 से ही CSBC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और जन्मतिथि दर्ज करके परीक्षा की तारीख और आवंटित जिले की जानकारी चेक कर सकते हैं।
22 जून से डाउनलोड करें अपना प्रवेश पत्र
उम्मीदवार अपना फाइनल e-Admit Card 22 जून 2026 (रात 12:00 बजे से) लेकर 28 जून 2026 (सुबह 11:00 बजे तक) वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन एडमिट कार्ड न मिलने पर क्या करें?
यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण कोई उम्मीदवार अपना एडमिट कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड नहीं कर पाता है, तो उसे परेशान होने की जरूरत नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी 26 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक CSBC के पटना स्थित मुख्य कार्यालय जाकर अपना डुप्लीकेट एडमिट कार्ड ले सकते हैं। इसके लिए उम्मीदवार को अपने आवेदन की पावती (रसीद) और एक फोटोयुक्त पहचान पत्र के साथ खुद कार्यालय में उपस्थित होना होगा।
खड़े ट्रैक्टर में जा घुसा सोलर पैनल से भरा ट्रक, NH-327 पर दर्दनाक हादसा
26 May, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किशनगंज। जिले के ठाकुरगंज अंतर्गत कुर्लीकोट थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। यहाँ एनएच-327 पर पीपरीथान चौक के पास पहले से खड़े एक ट्रैक्टर को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। यह ट्रक सोलर पैनलों से लदा हुआ था। इस जबरदस्त भिड़ंत में ट्रैक्टर मालिक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि ट्रक के ड्राइवर और खलासी गंभीर रूप से जख्मी हो गए हैं।
खड़े ट्रैक्टर से टकराया तेज रफ्तार ट्रक
हादसे का शिकार हुए मृतक की पहचान 52 वर्षीय राजू यादव के रूप में हुई है, जो ठाकुरगंज के माणिकपुर गांव के निवासी थे। मिली जानकारी के अनुसार, मक्के से लदा हुआ ट्रैक्टर ठाकुरगंज से गलगलिया स्थित एक फैक्ट्री की तरफ जा रहा था। रास्ते में पीपरीथान चौक के पास ड्राइवर गाड़ी रोककर नीचे उतरा था। इसी दौरान ट्रैक्टर के पास ही खड़े राजू यादव को पीछे से आ रहे अनियंत्रित ट्रक ने कुचल दिया।
गड्ढे में पलटा ट्रक, स्थानीय लोगों ने बचाया
टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर का पिछला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद सोलर पैनल से लदा ट्रक भी संतुलन खो बैठा और सड़क किनारे बने गड्ढे में जा पलटा। दुर्घटना के बाद ट्रक के केबिन में ही ड्राइवर और खलासी बुरी तरह फंस गए। आस-पास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए दोनों को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया।
हाईवे पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने बहाल कराया यातायात
इस अचानक हुए हादसे के बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते एनएच-327 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की जानकारी मिलते ही कुर्लीकोट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने क्रेन को बुलवाकर दोनों दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया, जिसके बाद हाईवे पर दोबारा आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, मामले की जाँच में जुटी पुलिस
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक राजू यादव अपने पीछे छह बच्चों (दो बेटे और चार बेटियां) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस असमय मौत से पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। मामले को लेकर थाना अध्यक्ष अभिषेक गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जाँच की जा रही है।
बिजली-पेट्रोल बचाने के लिए सरकार का अनोखा कदम, कर्मचारियों को निर्देश
26 May, 2026 02:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना: बिहार सरकार ने राज्य में पर्यटन (टूरिज्म) को बढ़ावा देने और ऊर्जा संरक्षण (बिजली-ईंधन की बचत) को लेकर दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र द्वारा सभी विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कर्मचारियों के लिए हर 3 महीने में 3 पर्यटन स्थलों का भ्रमण अनिवार्य
सरकार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को हर तिमाही (तीन महीने) में अपने गृह जिले (होम डिस्ट्रिक्ट) को छोड़कर किसी दूसरे जिले के पर्यटन, इको-टूरिज्म या ग्रामीण पर्यटन स्थलों की यात्रा करनी होगी। यह दौरा 2 दिन और 2 रात का होगा, जिसे शुक्रवार और शनिवार के दिन तय किया जाएगा। इस दौरान कर्मचारियों को कम से कम 3 पर्यटन स्थलों पर जाना और वहां रात बिताना अनिवार्य होगा। सरकार ने साफ किया है कि इस यात्रा के दौरान कोई सरकारी बैठक या निरीक्षण नहीं होगा, ताकि कर्मचारी पूरी तरह पर्यटन का अनुभव ले सकें।
यात्रा के बाद सौंपनी होगी रिपोर्ट और तस्वीरें
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए जमीनी सुझाव जुटाना है। यात्रा पूरी होने के बाद कर्मचारियों को अपने अनुभव, पर्यटन स्थल की तस्वीरें और उसके सुधार से जुड़े सुझावों की एक विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभाग या डीएम कार्यालय में जमा करानी होगी। इसके सुचारू संचालन के लिए जिला और विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात किए जाएंगे, जो इन रिपोर्टों को संकलित कर पर्यटन, पर्यावरण एवं वन और कला व संस्कृति विभाग को आगे भेजेंगे।
बैठकों के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और कार पूलिंग को प्राथमिकता
बढ़ती गर्मी और पेट्रो उत्पादों (पेट्रोल-डीजल) की आसमान छूती कीमतों को देखते हुए सरकार ने ईंधन बचाने के कड़े निर्देश दिए हैं। एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी बैठकों के लिए अधिकारियों को लंबी यात्रा करने की जरूरत नहीं है, बल्कि फिजिकल मीटिंग की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) यानी ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता दी जाए। इसके साथ ही दफ्तर आने-जाने या फील्ड में जाने के लिए कर्मचारियों को 'कार पूलिंग' (साझा वाहन) अपनाने की सलाह दी गई है, जिससे सरकारी वाहनों का इस्तेमाल कम हो और ईंधन की बचत की जा सके।
सरकारी दफ्तरों में एसी (AC) के सीमित इस्तेमाल के निर्देश
ऊर्जा संरक्षण के तहत सरकारी भवनों और कार्यालयों में बिजली की फिजूलखर्ची रोकने पर विशेष जोर दिया गया है। नई एडवाइजरी के मुताबिक, सभी विभागों को अपने दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) का सीमित और संतुलित उपयोग करने को कहा गया है। इसके अलावा, काम खत्म होने के बाद या अनावश्यक रूप से चल रहे बिजली के उपकरणों को तुरंत बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिजली की खपत को कम से कम किया जा सके। सरकार ने सभी विभागों से इन नियमों का सख्ती से पालन करने की बात कही है।
किशोरी के साथ वारदात की कोशिश, आरोपी मौके पर गिरफ्तार
26 May, 2026 12:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली (लालगंज)। बिहार के वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक गांव में रहने वाली नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर सीधे सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पानी लेने गई किशोरी को मक्के के खेत में घसीटा
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक लालगंज इलाके में स्थित अपनी बहन के घर आया हुआ था। इसी दौरान उसने पड़ोस में रहने वाली एक नाबालिग लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाने की साजिश रची। बताया जा रहा है कि देर रात जब पीड़िता अपने घर के बाहर लगे चापाकल (हैंडपंप) पर पानी लेने के लिए गई थी, तभी घात लगाए बैठे आरोपी ने उसे दबोच लिया। आरोपी ने चिल्लाने की आवाज दबाने के लिए किशोरी के मुंह पर कपड़ा बांध दिया और उसे जबरन पास के ही मक्के के खेत में खींच ले गया, जहां उसने दुष्कर्म की कोशिश की।
परिजनों की मुस्तैदी से बची जान, ग्रामीणों ने आरोपी को घेरा
खेत की तरफ संदिग्ध हलचल होने पर किशोरी के परिजनों को अनहोनी की भनक लग गई। बिना वक्त गंवाए परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जिससे आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। परिजनों ने मौके पर ही आरोपी को रंगे हाथों दबोच लिया। इसके बाद शोर मचने पर भारी संख्या में ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी को घेरकर तुरंत स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना पाते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया।
आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी की पहचान रंजीत राम के रूप में हुई है, जो कि सरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले नरेंद्र प्रबोधी गांव का रहने वाला है। वारदात के बाद लालगंज थाना पुलिस ने पीड़िता के परिजनों की शिकायत (आवेदन) के आधार पर आरोपी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इसके साथ ही, कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़िता का मेडिकल परीक्षण हाजीपुर के सदर अस्पताल में कराया गया है।
मामले की हर पहलू से हो रही है जांच: एसडीपीओ
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ-2 गोपाल मंडल ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी अपनी बहन के घर मेहमान बनकर आया था और इसी दौरान उसने इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए गांव पर नजर रखी जा रही है और पुलिस मामले के हर तकनीकी व जमीनी पहलू की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
रोहिणी बोलीं- 12 साल में जनता को मिला क्या, गरमाई सियासत
26 May, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्या ने मंगलवार सुबह सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर करारा हमला बोला है। उन्होंने केंद्र में मोदी सरकार के मई 2014 से मई 2026 तक के 12 वर्षों के कार्यकाल को 'झूठ और फरेब का बेमिसाल दौर' करार दिया है। इस दौरान उन्होंने न सिर्फ सरकार की नीतियों को आड़े हाथों लिया, बल्कि मुख्यधारा की मीडिया और सरकार समर्थकों पर भी जमकर निशाना साधा। अपने इस विरोध को दर्ज कराने के लिए रोहिणी ने सोशल मीडिया पर एक खास एआई (AI) जेनरेटेड तस्वीर भी साझा की है।
वादों और हकीकत की तुलना में सरकार पूरी तरह विफल: रोहिणी
राजद नेता रोहिणी आचार्या ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि भाजपा के समर्थक और अंधभक्त बिना किसी तर्क, तथ्य या विवेक के पिछले 12 वर्षों को मोदी सरकार का गौरवशाली काल बताने में जुटे हैं। लेकिन अगर पिछले 12 सालों में जनता से किए गए वादों और आज की जमीनी हकीकत की निष्पक्ष और तार्किक तुलना की जाए, तो एक ही निष्कर्ष निकलता है। रोहिणी ने आरोप लगाया कि इस सरकार की नीति सिर्फ यही रही है कि 'झूठ को इतना बड़ा बनाओ और उसे बार-बार दोहराओ' ताकि लोग फरेब के जाल में फंस जाएं और इस तरह देश की जनता को ठगा जाता रहे।
मुख्यधारा की मीडिया और समर्थकों पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री पर हमले के साथ ही रोहिणी आचार्या ने मीडिया के एक बड़े हिस्से की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की प्रायोजित मीडिया का एक बड़ा तबका सरकार से जरूरी और तीखे सवाल पूछने से पूरी तरह कतराता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बिना किसी ठोस आधार और तथ्यों के सरकार की हर बात का आंख मूंदकर समर्थन करने वाले लोग जनता के सामने झूठी तस्वीर पेश कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर एआई तस्वीर साझा कर उठाए महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दे
केंद्र सरकार की घेराबंदी करते हुए रोहिणी आचार्या ने अपने आधिकारिक अकाउंट से एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा तैयार की गई डिजिटल तस्वीर भी पोस्ट की है। इस तस्वीर के शीर्ष पर 'मोदी सरकार के बारह साल, झूठ और फरेब बेमिसाल' लिखा हुआ है। इस ग्राफिक के माध्यम से देश में लगातार बढ़ रही रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और खाने-पीने के राशन की कीमतों (महंगाई) को दर्शाया गया है। इसके साथ ही इस पोस्ट के जरिए युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी, किसानों की दयनीय स्थिति, कथित भ्रष्टाचार और उद्योगपतियों से नजदीकियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है।
'अच्छे दिन' और '15 लाख' जैसे पुराने वादों की दिलाई याद
रोहिणी द्वारा साझा की गई इस तस्वीर में केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में किए गए बड़े वादों की एक सूची भी दिखाई गई है। इसमें 'सबका साथ-सबका विकास', 'भ्रष्टाचार मुक्त भारत', 'अच्छे दिन', हर खाते में '15 लाख रुपये' और सालाना '2 करोड़ नौकरियां' देने जैसे दावों का जिक्र करते हुए सरकार से पूछा गया है कि 12 साल बीत जाने के बाद भी ये चुनावी वादे हकीकत में क्यों नहीं बदल सके।
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