बिहार-झारखण्ड
बेगूसराय के दो सितारे चमके, रुचि और मेजर नीतीश ने UPSC में दिखाया दम
7 Mar, 2026 11:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय।बिहार के बेगूसराय जिले के लिए इस वर्ष संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा खास रही। जिले के दो होनहार युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। चेरिया बरियारपुर प्रखंड के कोरजना गांव की नतनी रुचि सिंह ने ऑल इंडिया रैंक 171 हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में स्थान बनाया है। वर्तमान में वे पंचायती राज अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, शाम्हो थाना क्षेत्र के बिजुलिया पश्चिम टोला निवासी नीतीश कुमार ने 305वीं रैंक प्राप्त कर सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाई है। वे वर्तमान में मेजर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों की सफलता से जिले भर में खुशी का माहौल है।
रुचि सिंह बनीं आईपीएस, 171वीं रैंक हासिल
बेगूसराय की बेटी रुचि सिंह ने यूपीएससी परीक्षा में 171वां रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया है। रुचि सिंह कोरजना गांव निवासी उमा कांत सिंह की नातिनी हैं और उनका बचपन इसी गांव में बीता। जैसे ही उनकी सफलता की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया। रुचि सिंह के पिता रामशंकर सिंह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर बांका जिले में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां निशा सिंह कोरजना गांव की निवासी हैं। रुचि सिंह की प्रारंभिक शिक्षा बेगूसराय के बीआरडीएबी स्कूल से हुई, जहां से उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से आगे की पढ़ाई की और कड़ी मेहनत के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।
आर्मी के मेजर नीतीश कुमार ने हासिल की 305वीं रैंक
जिले के शाम्हो थाना क्षेत्र के बिजुलिया पश्चिम टोला निवासी नीतीश कुमार ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 305वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। नीतीश कुमार शिवाकांत सिंह और शिक्षिका किरण सिंह के पुत्र हैं। उनके दादा नारायण शर्मा अपने समय के जाने-माने नेता रहे हैं और बिजुलिया पैक्स के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। नीतीश कुमार की प्रारंभिक शिक्षा गांव के मध्य विद्यालय बिजुलिया से हुई, जहां से उन्होंने आठवीं तक पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से मैट्रिक और महाराष्ट्र से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इंटर के बाद वे मेडिकल की तैयारी के लिए पटना पहुंचे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने एनडीए परीक्षा पास कर ली और भारतीय सेना में अधिकारी बनने का रास्ता चुना। वे वर्ष 2010 से भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में सेवा दे रहे हैं और वर्तमान में मेजर के पद पर तैनात हैं।
नौकरी की व्यस्तता के बावजूद नीतीश कुमार ने स्वयं अध्ययन करते हुए यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और एंथ्रोपोलॉजी विषय के साथ तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। इससे पहले वे एक बार इंटरव्यू तक भी पहुँच चुके थे। दोनों की इस सफलता से बेगूसराय जिले में युवाओं के लिए प्रेरणा और गर्व का माहौल बना है।
इंसानियत हुई तार-तार: वैशाली में 3 साल के दिव्यांग बच्चे का शव सड़क किनारे फेंका गया
7 Mar, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली।बिहार के वैशाली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने समाज को शर्मसार कर दिया है। एक तीन वर्षीय बच्चे की मौत के बाद उसकी नानी समाज के डर और बहिष्कार के कारण उसका शव सड़क किनारे फेंकने को मजबूर हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चा अपनी नानी के घर रहता था और वहीं उसकी मौत हो गई। समाज के समर्थन के अभाव और पहले से लगे आरोपों के कारण महिला ने किसी से मदद नहीं मांगी और अपने नाती का शव घर से कई किलोमीटर दूर ले जाकर फेंक दिया।
समाज से बहिष्कार का डर बना बड़ी वजह
जानकारी के अनुसार महिला की बेटी ने दो शादियां की थीं, जिसके चलते समाज के लोगों ने कई तरह के आरोप लगाकर महिला को पहले ही समाज से अलग कर दिया था। गांव के लोग न तो उससे बातचीत करते थे और न ही उसके घर के आसपास आने-जाने वाले लोग उससे कोई संबंध रखते थे। इसी डर के कारण महिला समाज के लोगों को बच्चे की मौत के बारे में बता नहीं सकी। उसे यह आशंका थी कि अगर वह लोगों को बताएगी तो भी कोई उसका साथ नहीं देगा। इसी वजह से उसने बच्चे के शव को घर से दूर ले जाकर फेंक देना ही बेहतर समझा।
दिव्यांग था बच्चा, कई जगह कराया गया था इलाज
बताया जाता है कि बच्चा दिव्यांग था। महिला की बेटी की दूसरी शादी के बाद बच्चे का जन्म हुआ था। महिला की बेटी की शादी वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव में हुई थी। बच्चा तीन साल का हो चुका था और वह शारीरिक रूप से पूरी तरह दिव्यांग था। परिवार के लोगों ने कई जगह उसका इलाज कराया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसी कारण वह अपनी नानी के घर पर ही रहकर पालन-पोषण पा रहा था।
शादी समारोह के दौरान हुई बच्चे की मौत
25 फरवरी को बच्चे की मां के ससुराल में एक शादी समारोह था। उस दौरान मां बच्चे को उसकी नानी के पास छोड़कर समारोह में चली गई। उसी रात अचानक बच्चे की मौत हो गई। नानी ने इस घटना की जानकारी बच्चे की मां को दी। मां ने बच्चे के शव का दाह संस्कार करने के लिए कहा, लेकिन नानी को समाज का साथ नहीं मिला। इसके बाद नानी ने बच्चे के शव को हाजीपुर के सदर थाना क्षेत्र के रजौली इलाके में सड़क किनारे फेंक दिया।
3 मार्च को मिला शव, 6 मार्च को हुई पहचान
3 मार्च को पुलिस को सड़क किनारे एक बच्चे का शव मिला था, जिसकी पहचान उस समय नहीं हो सकी थी। पुलिस ने आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी। 6 मार्च को शव की पहचान वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र के धर्मपुर गांव निवासी गुड्डू सिंह के तीन वर्षीय पुत्र अंश कुमार के रूप में हुई।
जांच में सामने आई नानी की भूमिका
पुलिस जांच में पता चला कि बच्चे की नानी वैशाली जिले के महुआ थाना क्षेत्र के सुरतपुर विद्या गांव की रहने वाली संगीता देवी है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे की नानी और उसकी मां दोनों को थाने पर बुलाकर पूछताछ की।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चे की मौत के बाद उसकी मां पूरी घटना को लेकर चुप रही। यदि मां और नानी चाहतीं तो बच्चे का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया जा सकता था, लेकिन सामाजिक बहिष्कार और डर के कारण ऐसा नहीं हो सका। इस घटना ने एक बार फिर समाज और संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां एक दिव्यांग बच्चे को मौत के बाद भी सम्मान नहीं मिल सका। पुलिस द्वारा शव की पहचान होने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया है। इस संबंध में सदर थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस ने नानी से लिखित आवेदन लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बिहार की सियासत में हलचल, सीएम नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल से की चर्चा
7 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar शनिवार को अचानक Raj Bhavan Patna पहुंच गए। यहां उन्होंने बिहार के राज्यपाल Arif Mohammad Khan से मुलाकात की। मुख्यमंत्री के अचानक राजभवन पहुंचने से राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। उनसे बातचीत की। 13 मिनट बाद सीएम नीतीश कुमार राजभवन से निकल गए।
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोपहर में राजभवन पहुंचे और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से करीब कुछ समय तक चर्चा की। हालांकि, मुलाकात के बाद आधिकारिक तौर पर बातचीत के मुद्दों की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, यह मुलाकात राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर हो सकती है। हाल के दिनों में बिहार की राजनीति में कई घटनाक्रम तेजी से सामने आए हैं, ऐसे में मुख्यमंत्री और राज्यपाल की इस बैठक को अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि राजभवन से राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान विदाई लेने जा रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार विदाई प्रोटोकॉल के तरह उनसे मिलने गए थे। राज्यपाल ने सीएम नीतीश कुमार को राज्यसभा से नई पारी की शुरुआत करने पर बधाई दी
मुख्यमंत्री के राजभवन दौरे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, सरकार या राजभवन की ओर से अभी तक इस मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।
निशांत कुमार की बढ़ती सक्रियता, MLA संग बैठक के बीच आज कहां जाएंगे नीतीश कुमार?
7 Mar, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति के बाद आज अहले सुबह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने शनिवार की सुबह संजय झा के आवास पर श्रवण कुमार, विजय चौधरी समेत 29 विधायकों के साथ बैठक की। इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चाएं हुईं। अब तक की मिली जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार आज अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर जाएंगे, जहां वह विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
इस वजह से सीएम को करनी पड़ी आपातकालीन बैठक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर जदयू के कार्यकर्ता काफी भड़के हुए थे। गुस्सा इतना था कि सीएम हाउस जा रहे संजय गांधी को भी कार्यकर्ताओं ने वहां से खदेड़ दिया था। इतना ही नहीं जदयू के प्रदेश कार्यालय में भी हंगामा होता रहा। मजबूरन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री आवास में विधायकों और एमएलसी की बैठक करनी पड़ी, जिसमें उन्होंने काफी दवाब देते हुए अपने नेताओं को माहौल शांत करने की अपील की। हालांकि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भावुक भी हो गए थे।
महिलाओं ने इन्हें बताया जयचंद
जदयू कार्यालय में पुरुष कार्यकर्ता के साथ-साथ महिला कार्यकर्ता भी नीतीश कुमार के इस निर्णय से आक्रोशित हैं। महिला कार्यकर्ताओं ने इस बात का ठीकरा अपने ही वरीय नेताओं संजय गांधी, संजय झा, ललन सिंह और विजय चौधरी पर फोड़ा। महिला कार्यकर्ता ने कहा कि यही लोग जयचंद हैं, जिन्होंने भाजपा के इशारे पर यह खेल किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये भूंजा पार्टी करने वाले ही असली साजिशकर्ता हैं। इसको सभी बातों की जानकारी थी, लेकिन इनलोगों ने अपना फायदा देखते हुए पार्टी को रसातल में भेजने का काम किया है। महिला कार्यकर्ताओं ने खुली चुनौती देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अगर राज्यसभा गए तो सभी महिलाएं आत्मदाह करने पर मजबूर हो जाएंगी।
आंखों से नहीं देख सकते, लेकिन सपनों की उड़ान ऊंची: रविराज बने UPSC टॉपरों में शामिल
7 Mar, 2026 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवादा।वादा जिले के अकबरपुर प्रखंड स्थित महुली गांव के निवासी दृष्टिबाधित युवक रविराज ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 20वीं रैंक हासिल कर बड़ी सफलता प्राप्त की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। रविराज की इस कामयाबी ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत के दम पर किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।
किसान परिवार से आने वाले रविराज ने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल किया। उनकी इस उपलब्धि से न केवल नवादा जिले का नाम रोशन हुआ है, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए वे प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
पहले भी बीपीएससी में हासिल कर चुके हैं सफलता
रविराज इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुके हैं। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए राजस्व अधिकारी के पद पर चयन प्राप्त किया था। उस परीक्षा में भी वे अपने जिले के टॉपर रहे थे। दृष्टिबाधित रविराज ने कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ इच्छाशक्ति से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में 182वीं रैंक (AIR 182) हासिल की थी। अब यूपीएससी में शानदार रैंक हासिल कर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है।
शिक्षा का सफर और तैयारी का तरीका
रविराज की प्रारंभिक शिक्षा दयाल पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सत्येंद्र नारायण सिंह इंटर स्कूल से पूरी की। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने सीताराम साहू कॉलेज में दाखिला लिया और वहां से राजनीति विज्ञान विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। रविराज ने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा में उन्होंने एक बार फिर सफलता हासिल की है।
घर पर रहकर की 8 से 10 घंटे पढ़ाई
अपनी तैयारी के बारे में रविराज ने बताया कि उन्होंने घर पर रहकर ही नियमित रूप से पढ़ाई की। वे प्रतिदिन लगभग 8 से 10 घंटे तक अध्ययन करते थे। उन्होंने पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी की, जिसका परिणाम आज उनके सामने है।
गांव में जश्न का माहौल
रविराज की इस उपलब्धि से महुली गांव और आसपास के इलाके में खुशी का माहौल है। गांव के लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि उन्हें बधाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके क्षेत्र से यह पहला मौका है जब किसी छात्र ने यूपीएससी में इतनी अच्छी रैंक हासिल की है।
परिवार को बेटे की सफलता पर गर्व
रविराज के माता-पिता भी अपने बेटे की सफलता से बेहद खुश हैं। उनकी मां विभा सिन्हा ने बेटे की मेहनत और संघर्ष को याद करते हुए भावुक होकर उसकी सफलता की कहानी साझा की। वहीं पिता रंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि बेटे की लगन और मेहनत ने आज पूरे परिवार का सपना पूरा कर दिया है।
नवादा शहर में रहते हैं रविराज
फिलहाल रविराज नवादा शहर के नवीन नगर मोहल्ले में किराए के मकान में रहते हैं। हालांकि इस समय वे नवादा से बाहर हैं और घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं है। फोन पर बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी अखिल भारतीय 20वीं रैंक मिलने की पुष्टि की।
मां का रहा सबसे बड़ा योगदान
रविराज की सफलता के पीछे उनकी मां विभा सिन्हा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनकी मां उन्हें पढ़कर सुनाती थीं और रविराज सुनकर उसे याद करते थे। इतना ही नहीं, उनकी मां उनके नोट्स तक लिखती थीं।
सड़क निर्माण के बीच सुरक्षा इंतजाम नदारद, एनएच-31 पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा
7 Mar, 2026 08:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना।एनएच-31 के चौड़ीकरण का कार्य इन दिनों तेज़ी से जारी है। सड़क को चौड़ा करने के दौरान कई स्थानों पर पुलिया का निर्माण भी किया जा रहा है, लेकिन निर्माण स्थलों पर कहीं भी खतरनाक या सावधानी से संबंधित संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रात के समय कोई प्रकाश व्यवस्था या बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में वाहन चालकों को अचानक निर्माण कार्य का पता नहीं चल पाता और वे दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।इसी लापरवाही का एक और मामला बुधवार को सामने आया। जानकारी के अनुसार एक युवक अपने पिता को देखने जा रहा था, जिनकी सड़क दुर्घटना में मौत हो चुकी थी। इसी दौरान एनएच-31 पर एक निर्माणाधीन पुलिया के पास अचानक उसकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे तुरंत पटना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है और वह आईसीयू में इलाजरत है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी से मांग की है कि निर्माण स्थल पर जल्द से जल्द चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएं ताकि हादसों पर रोक लग सके। दरगाही टोला निवासी पप्पू कुमार ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है, लेकिन कहीं भी सावधानी संबंधी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। अनजान लोग इस रास्ते से गुजरते समय अधिक हादसों का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन की गाड़ियां रोज यहां से गुजरती हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। हादसा होने के बाद भी कई घंटे बाद प्रशासन मौके पर पहुंचता है। लोगों में आवाज उठाने पर गलत मामलों में फंसाए जाने का भी डर बना रहता है।
होली के दौरान झगड़ा बना मौत की वजह, मुजफ्फरपुर में युवती की संदिग्ध मौत
6 Mar, 2026 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। के तुर्की थाना क्षेत्र के चंदूआ गांव में होली पर्व के दिन हुए आपसी विवाद में एक युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान मनीषा कुमारी (21 वर्ष) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, विवाद की शुरुआत मिट्टी खेलने को लेकर होली के दिन दो पक्षों में हुई मारपीट से हुई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपी युवती के घर घुसकर परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें मनीषा गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी-परिजन
घटना के बाद परिजन शोक में डूब गए हैं और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है। मृतका के परिजनों ने बताया कि पहले भी इस विवाद को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इस पर नाराज आरोपी ने उनके साथ मारपीट की, जिसके कारण मनीषा गंभीर रूप से घायल हुई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच शुरू
एसडीपीओ वेस्ट अनिमेष चंद्र ज्ञानी ने बताया कि युवती की संदिग्ध मौत के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस FSL की मदद से घटनास्थल का सर्वे कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इस मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं और आगे की कार्रवाई जारी है।
जदयू में बवाल: नेता ने CM आवास के बाहर शुरू किया आमरण अनशन
6 Mar, 2026 11:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा से जनता दल यूनाईटेड के कार्यकर्ता सदमे में हैं। पांच मार्च को पूरे बिहार में जदयू कार्यकर्ता ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। जदयू के प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ की। नाराजगी आज भी दूर नहीं हुई है। अब जदयू के प्रदेश महाचिव अमरेंद्र दास त्रिलोक मुख्यमंत्री आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। वह हाथ में बैनर लेकर सीएम नीतीश कुमार से बिहार नहीं छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग वह किसी भी हालत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे। अमरेंद्र दास त्रिलोक ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री को दिल्ली नहीं जाने देंगे।
किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे
वहीं जदयू कार्यालय के बाहर भी कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखा। इन लोगों ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही हमलोगों ने वोट दिया है। जनता और कार्यकर्ताओं की बात नीतीश कुमार को सुननी ही पड़ेगी। हमलोग किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे। जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। यह अन्याय है। बिहार नीतीश कुमार का परिवार है। वह बिहार की जनता को छोड़कर कैसे जा सकते हैं? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की घोषणा से जनता दल यूनाईटेड के कार्यकर्ता सदमे में हैं। पांच मार्च को पूरे बिहार में जदयू कार्यकर्ता ने प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। जदयू के प्रदेश कार्यालय में तोड़फोड़ की। नाराजगी आज भी दूर नहीं हुई है। अब जदयू के प्रदेश महाचिव अमरेंद्र दास त्रिलोक मुख्यमंत्री आवास के बाहर आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। वह हाथ में बैनर लेकर सीएम नीतीश कुमार से बिहार नहीं छोड़ने की गुहार लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमलोग वह किसी भी हालत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे। अमरेंद्र दास त्रिलोक ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह अपनी जान भी दे देंगे, लेकिन मुख्यमंत्री को दिल्ली नहीं जाने देंगे।
किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे
वहीं जदयू कार्यालय के बाहर भी कार्यकर्ताओं में आक्रोश दिखा। इन लोगों ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही हमलोगों ने वोट दिया है। जनता और कार्यकर्ताओं की बात नीतीश कुमार को सुननी ही पड़ेगी। हमलोग किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे। जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। यह अन्याय है। बिहार नीतीश कुमार का परिवार है। वह बिहार की जनता को छोड़कर कैसे जा सकते हैं?
पीएम मोदी की तस्वीर पर कालिख पोत दी
इधर, कुछ जदयू कार्यकर्तओं ने प्रदेश कार्यालय के पास दीवार पर बनी पीएम मोदी की तस्वीर पर कालिख पोत दी। कार्यकर्ता भाजपा नेताओं का भी विरोध कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार से अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की। इस घटना के बाद मौके पर माहौल काफी देर तक गरमाया रहा और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नाराजगी देखने को मिली।
एक दिन पहले जदयू कार्यालय में जमकर तोड़फोड़ की थी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जब राज्यसभा जाने का एलान किया तो जदयू कार्यकर्ता भड़क गए। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने पहले सीएम हाउस के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद जदयू कार्यालय में तोड़फोड़ करने लगे। इतना ही नहीं गुस्साए नेताओं ने एमएलसी संजय गांधी की गाड़ी को घेर लिया और हंगामा करने लगे। जदयू नेताओं ने कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और ललन सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इनलोगों पर भाजपा से मिले होने का भी आरोप लगाया।
डीजे को लेकर दो पक्षों में भिड़ंत, हालात बिगड़े तो पुलिस पर बरसे पत्थर
6 Mar, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नया टोला दरियापुर गांव में बुधवार रात डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने लगी।घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला कर दिया
बताया जाता है कि गांव के हसनपुर पंचायत भवन में बनाए गए कैंप में तैनात क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के जवान भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचे थे। पुलिस टीम ने ग्रामीणों को शांत कराया और स्थिति सामान्य होने के बाद वापस लौटने लगी। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस टीम पर अचानक हमला कर दिया।
पुलिस गाड़ी क्षतिग्रस्त
ग्रामीणों की ओर से पुलिस टीम पर पथराव किया गया। इस पथराव में मुफस्सिल थाना की 112 नंबर की पुलिस गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं पत्थर लगने से क्यूआरटी टीम के जवान प्रशांत कुमार घायल हो गए। उनके कंधे में चोट लगी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करते हुए मामले को शांत कराया। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है और मामले में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस गांव में मौजूद लोगों को चिन्हित कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
अंधेरे का फायदा उठाया
इस संबंध में एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि गांव में डीजे बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। लेकिन जब पुलिस टीम वापस लौट रही थी, उसी दौरान कुछ लोगों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए पुलिस पर पथराव कर दिया।
एसपी ने बताया कि इस घटना में एक जवान घायल हुआ है, जिसका इलाज अस्पताल में कराया गया है। मुफस्सिल थानाध्यक्ष अभिषेक चौबे के नेतृत्व में घायल जवान के बयान पर अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक जुलूस में बवाल, भगवान की डोली पर पत्थरबाजी से भगदड़
6 Mar, 2026 08:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। जिले में होली के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहां लक्ष्मी नारायण भगवान के डोला कीर्तन जुलूस पर उपद्रवी तत्वों ने अचानक पथराव कर दिया। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों घायलों का इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए दो उपद्रवियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
मंदिर से निकला था भगवान का डोला जुलूस
जानकारी के अनुसार, हाबीभौआड़ गांव स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भजन-कीर्तन समाप्त होने के बाद भगवान की सजी हुई डोली को श्रद्धालुओं द्वारा पूरे गांव में भ्रमण के लिए शोभायात्रा के रूप में निकाला गया था। यह जुलूस गांव के अलग-अलग मोहल्लों से गुजरते हुए आगे बढ़ रहा था।
दलित मोहल्ले में पहुंचते ही शुरू हुई पत्थरबाजी
बताया जा रहा है कि जैसे ही जुलूस दलित मोहल्ले में पहुंचा, पहले से घात लगाए कुछ उपद्रवी तत्वों ने अपने घरों की छतों से अचानक पत्थरबाजी शुरू कर दी। पत्थरबाजी होते ही जुलूस में शामिल लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
चौकीदार सहित कई लोग घायल
इस घटना में जुलूस के साथ चल रहे पुलिसकर्मी और चौकीदार रामविलास समेत कई लोग घायल हो गए। वहीं भगवान का डोला उठाने वाले परमेश्वर झा और अनिल ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल बेनीपुर में भर्ती कराया गया, जहां से दो गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया।
प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम मनीष कुमार झा, एसडीपीओ बासुकीनाथ झा, बीडीओ प्रवीण कुमार और सीओ अश्विनी कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल पूरे गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बर्खास्त सिपाही पर लगा आरोप
घायल ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के एक बर्खास्त सिपाही के इशारे पर जुलूस पर पत्थराव कराया गया। इस मामले में प्रति नियुक्त दंडाधिकारी सह अनुमंडल कृषि पदाधिकारी धर्मेंद्र गुप्ता के आवेदन पर थाने में मनोज पासवान सहित चार नामजद और करीब आधा दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
एसडीएम मनीष कुमार झा और एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस कैंप कर रही है। इस घटना में चौकीदार सहित आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि दो लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है।
आस्था की राह में हादसा, एम्बुलेंस की टक्कर से ई-रिक्शा चालक की जान गई
6 Mar, 2026 08:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर। जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड पर शुक्रवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे में ई-रिक्शा चालक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि ई-रिक्शा में सवार दो महिला श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल भेज दिया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक ई-रिक्शा चालक की पहचान सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के मिर्जा गांव निवासी 65 वर्षीय मनोज कुमार तांती के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
श्रद्धालुओं को गंगा स्नान के लिए ले जा रहे थे
घटना के संबंध में सुल्तानगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार ने बताया कि शुक्रवार सुबह मनोज कुमार तांती अपने ई-रिक्शा पर सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन से दो महिला श्रद्धालुओं को बैठाकर अजगैवीनाथ गंगा घाट गंगा स्नान के लिए ले जा रहे थे।
तेज रफ्तार एम्बुलेंस ने मारी टक्कर
इसी दौरान स्टेशन रोड पर सामने से तेज रफ्तार में आ रही एक एम्बुलेंस ने ई-रिक्शा में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक सहित उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने चालक को किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को तुरंत सुल्तानगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद ई-रिक्शा चालक मनोज कुमार तांती को मृत घोषित कर दिया। वहीं दोनों महिला श्रद्धालुओं की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल एम्बुलेंस को जब्त कर लिया है। हालांकि हादसे के बाद एम्बुलेंस चालक मौके से फरार हो गया। थानाध्यक्ष ने बताया कि फरार चालक की पहचान करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस कार्रवाई कर रही है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
ट्रेन हादसे की खबर सुनते ही पिता की मौत, एक ही दिन में बुझ गए दो घर के चिराग
6 Mar, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर। जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के चकवा जगदीशपुर गांव में उस समय मातम छा गया जब पिता और पुत्र की एक साथ अर्थी उठी। दोनों असम से अपने गांव होली पर्व मनाने के लिए लौट रहे थे, लेकिन घर पहुंचने से पहले ही एक दर्दनाक हादसा हो गया। बताया गया है कि पिता के साथ लौट रहे बेटे की ट्रेन से गिरकर मौत हो गई। इस घटना की जानकारी से पिता काफी देर तक अनजान रहे और ट्रेन में आगे तक सफर करते रहे।
न्यू जलपाईगुड़ी और कटिहार के बीच हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार यह हादसा न्यू जलपाईगुड़ी और कटिहार स्टेशन के बीच हुआ। ट्रेन से गिरने के कारण बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। उधर पिता इस बात से अनजान होकर ट्रेन में कई स्टेशन आगे तक पहुंच गए।
बरौनी पहुंचने पर मिली घटना की जानकारी
जब पिता बरौनी स्टेशन पहुंचे, तब साथ में सफर कर रहे एक यात्री ने इस घटना की जानकारी परिजनों को दी। इसके बाद परिजन बुजुर्ग को लेने के लिए पहुंचे और उन्हें निजी वाहन से घर लेकर आने लगे।
बेटे की मौत की खबर सुनते ही पिता की भी मौत
बताया गया है कि रास्ते में जब बुजुर्ग पिता को बेटे की मौत की खबर दी गई, तो यह सदमा वह सहन नहीं कर सके और उन्होंने भी वहीं दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार के लोग दोनों शवों को लेकर गांव पहुंचे।
रेल पुलिस की प्रक्रिया के बाद आई बेटे की लाश
उधर रेल पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद देर रात बेटे का शव भी गांव भेज दिया। जब घर पर पिता और पुत्र दोनों की लाश एक साथ पहुंची तो पूरे गांव में चीत्कार मच गया। मृतकों की पहचान विजय कुमार राय (45 वर्ष) और उनके पिता शंभू राय (68 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों साहेबगंज थाना क्षेत्र के चकवा जगदीशपुर गांव के रहने वाले थे।
परिवार ने बताई पूरी घटना
घटना को लेकर मृतक के परिजन मंजय कुमार ने बताया कि उनके चचेरे भाई विजय कुमार राय और बड़े चाचा शंभू राय असम के डिब्रूगढ़ में रहते थे। दोनों लोग होली पर्व मनाने के लिए अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान बुधवार रात यह खबर मिली कि ट्रेन से गिरने के कारण विजय कुमार राय की मौत हो गई है। उन्होंने बताया कि साथ में यात्रा कर रहे एक यात्री ने ही इस घटना की जानकारी दी थी। इसके बाद परिजनों ने रेल पुलिस को सूचना दी।
बेटे की खबर सुनते ही टूट गए पिता
मंजय कुमार ने बताया कि बरौनी जंक्शन पहुंचने के बाद वे लोग शंभू राय को निजी कार से घर ला रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बेटे की मौत के बारे में पूछ लिया। जब उन्हें पूरी बात बताई गई तो सदमे में आकर उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे परिवार में मातम छा गया है। पिता और पुत्र की एक साथ मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
बिहार की राजनीति में हलचल: नीतीश कुमार बोले– अब मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहना चाहता
5 Mar, 2026 11:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अब बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। वह राज्यसभा जा रहे हैं। उन्होंने खुद इसका एलान कर दिया है। दो दशकों से जिस बिहार में वह सियासत कर रहे थे, उसे उन्होंने अलविदा कर दिया है। अब वह दिल्ली जा रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर जो बयान दिया, उसने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया है। सीएम नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पिछले दो दशक से भी अधिक समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, तथा उसी के बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।
अब मैं राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं
मुख्यमंत्री ने लिखा कि संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
जदयू कार्यकर्ता बोले- हमलोग नीतीश कुमार को दिल्ली नहीं जाने देंगे
इधर, सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के एलान से जदयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिख रही है। जदयू कार्यकर्ताओं ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीएम नीतीश कुमार के चेहरे पर ही हमलोगों ने वोट दिया है। जनता और कार्यकर्ताओं की बात नीतीश कुमार को सुननी ही पड़ेगी। जनता पटना पहुंच रही है। हमलोग किसी भी कीमत पर उन्हें दिल्ली नहीं जाने देंगे। जनता ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया है। यह अन्याय है। बिहार नीतीश कुमार का परिवार है। वह बिहार की जनता को छोड़कर कैसे जा सकते हैं? जदयू कार्यकर्ताओं ने सीएम हाउस के सामने जमकर नारेबाजी की।
ललल सिंह पहुंचे निशांत कुमार से मुलकात करने
सीएम नीतीश कुमार से बातचीत करने के बाद केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार से मुलाकात की। ललन सिंह निशांत से आगे की योजना पर चर्चा कर रहे हैं। निशांत की भूमिका क्या होगी? उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? यह सब पर ललन सिंह बातचीत कर रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।
रंग खेलते हुए मिले प्रेमी-प्रेमिका, गुस्साए परिजनों ने मंदिर में करवा दी शादी
5 Mar, 2026 11:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गया। जिले के इमामगंज प्रखंड अंतर्गत केंदुआ गांव में होली के दिन एक अनोखी घटना सामने आई। प्रेमी जोड़े को रंग खेलते हुए परिजनों ने पकड़ लिया, जिसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में गांव के मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई। घटना के बाद पूरे इलाके में इसकी चर्चा हो रही है और लोग इसे प्रेम की जीत बता रहे हैं।
दो वर्षोे से चल रहा था प्रेम-प्रसंग
जानकारी के अनुसार, पथरा गांव निवासी 24 वर्षीय सतीश पासवान और 20 वर्षीय हेमंती कुमारी के बीच करीब दो वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों के रिश्ते की चर्चा गांव में पहले से ही थी और लड़की के परिवार को भी इस बारे में जानकारी थी।
चुपके से प्रेमिका के घर पहुंचा था प्रेमी
बताया जाता है कि होली की शाम सतीश चुपके से हेमंती के घर पहुंचा था। दोनों होली का रंग खेल ही रहे थे कि तभी लड़की के परिजनों ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। शोर सुनकर गांव के काफी लोग वहां जुट गए और काफी देर तक मामले पर चर्चा होती रही।
बुजुर्गों ने कराई शादी
ग्रामीणों ने पहले दोनों को समझाया और परिजनों से भी बातचीत की। इसके बाद गांव के बुजुर्गों ने फैसला सुनाया कि जब दोनों पिछले दो साल से एक-दूसरे से प्रेम करते हैं और शादी करना चाहते हैं, तो इसमें देरी क्यों की जाए। सामाजिक सहमति बनते ही गांव के मंदिर को सजाया गया और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में विधि-विधान के साथ दोनों की शादी करा दी गई।
गांव में शादी की चर्चा
शादी के बाद लड़की पक्ष ने लड़के के परिजनों को इसकी सूचना दी। इस घटना के बाद केंदुआ गांव में होली के रंग से ज्यादा इस शादी की चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे प्रेम की जीत बता रहे हैं, तो कुछ इसे गांव की सामाजिक पहल के रूप में देख रहे हैं।
सियासी बयान से बढ़ी हलचल: मदन सहनी ने राज्यसभा फैसले पर जताया संदेह
5 Mar, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा। होली के मौके पर जहां पूरे बिहार में उत्सव का माहौल है, वहीं राजनीतिक गलियारों में मुख्यमंत्री को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चाओं ने हलचल बढ़ा दी है। बिहार सरकार में जदयू के समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने इस तरह के निर्णय पर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने का कोई औचित्य उन्हें नजर नहीं आता।
'राज्यसभा जाने के फैसले पर संदेह'
मंत्री मदन सहनी ने कहा कि विभिन्न चैनलों के माध्यम से यह जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजा जा सकता है, लेकिन उन्हें इसका कोई औचित्य समझ में नहीं आता। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उन्हें भरोसा नहीं है कि राज्यसभा जाने का निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री जी का हो सकता है। ऐसा फैसला वे खुद लेंगे, इस पर भी उन्हें संदेह है। उन्होंने कहा कि अभी सरकार बने दो-चार महीने भी नहीं हुए हैं और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार बेहतर काम कर रही है। ऐसे समय में मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र की राजनीति में जाना क्यों आवश्यक होगा, यह बड़ा सवाल है।
मांझी मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो निशांत डिप्टी सीएम क्यो नहीं?
डिप्टी सीएम के तौर पर निशांत कुमार के नाम की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए मदन सहनी ने कहा कि इसमें कोई असंभव बात नहीं है। जब पहले जीतन राम मांझी मुख्यमंत्री बन सकते हैं, तो निशांत जी उपमुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते? यह कोई बड़ी बात नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि मुख्यमंत्री का पद छोड़कर केंद्र में जाना कितना लाभकारी होगा, इस पर विचार होना चाहिए।
मुख्यमंत्री लेंगे आखिरी फैसला
मदन सहनी ने यह भी कहा कि वे लंबे समय से चाहते हैं कि निशांत जी सक्रिय राजनीति में आएं और पार्टी का नेतृत्व संभालें। हम लोग कई महीनों से इंतजार में हैं कि निशांत जी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएं और जनता दल (यू) के एक नेता के रूप में जिम्मेदारी अपने कंधों पर लें। हम उनके साथ पहले भी थे और आगे भी सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि पार्टी को संभावित नुकसान के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी करने से परहेज किया और कहा कि अंतिम निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री ही लेंगे।
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