बिहार-झारखण्ड
मधुबनी में भीषण सड़क हादसा, दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर, तीन युवकों की मौत, दो गंभीर घायल
31 May, 2026 03:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के लदनिया थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पदमा एनएच के समीप दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर के कारण हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों बाइक तेज रफ्तार में थीं और टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। घटना में घायल हुए युवकों की पहचान खुटौना निवासी श्रीदेव कामत के 18 वर्षीय पुत्र सुजीत कुमार तथा रामख्त निवासी 18 वर्षीय करन कुमार के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए दरभंगा रेफर कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल सचिन कुमार को अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जबकि दो अन्य युवकों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। उधर घटना की सूचना मिलते ही लदनिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस दुर्घटना के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए।
हथियार प्रदर्शन केस में विधायक अनंत सिंह और गायक गुंजन सिंह को बड़ी राहत, 5 जून तक गिरफ्तारी पर लगी रोक
30 May, 2026 05:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज | बिहार के राजनीतिक और कला जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गोपालगंज की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह और प्रख्यात भोजपुरी गायक गुंजन सिंह को एक आपराधिक मुकदमे में फौरी तौर पर बड़ी राहत दी है। विशेष न्यायालय ने दोनों ही नामचीन हस्तियों की गिरफ्तारी पर आगामी 5 जून तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने इस संवेदनशील मामले में अगली सुनवाई के लिए भी 5 जून की तारीख मुकर्रर की है। विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में इस हाई-प्रोफाइल मामले पर गहनता से विचार-विमर्श हुआ और दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद यह सुरक्षा प्रदान की गई।
वैज्ञानिक साक्ष्यों का अभाव: पुलिस नहीं पेश कर सकी एफएसएल रिपोर्ट, सरकारी वकील ने मांगा अतिरिक्त समय
न्यायालय में सुनवाई के दौरान विधायक अनंत सिंह के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पांडेय ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने बेंच के सामने दलील दी कि जांच एजेंसी अब तक इस मामले से जुड़ी विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की जांच रिपोर्ट अदालत के पटल पर रखने में पूरी तरह विफल रही है। ऐसे में किसी भी वैज्ञानिक साक्ष्य की अनुपस्थिति में आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेने या उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने का कोई तार्किक आधार नहीं बनता है। दूसरी तरफ, राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सरकारी वकील (लोक अभियोजक) ने एफएसएल रिपोर्ट दाखिल करने के लिए माननीय न्यायालय से कुछ और दिनों की मोहलत मांगी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत याचिका पर विचार करते हुए अगली सुनवाई तक पुलिस को दोनों की धरपकड़ न करने का आदेश सुनाया।
केस में आया नया मोड़: जिला पुलिस से छिनकर बिहार सीआईडी के हाथों में पहुंची जांच की कमान
इस चर्चित मामले की कानूनी लड़ाई के बीच एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ भी देखने को मिला है। सुनवाई के दौरान सरकारी तंत्र की ओर से अदालत को औपचारिक रूप से अवगत कराया गया कि मामले की संवेदनशीलता और इसमें शामिल रसूखदार चेहरों को देखते हुए इसकी जांच अब बिहार सीआईडी (CID) को सुपुर्द कर दी गई है। गोपालगंज जिला पुलिस ने इस केस से संबंधित तमाम महत्वपूर्ण दस्तावेज, केस डायरी और गोपनीय फाइलें आधिकारिक तौर पर राज्य की इस शीर्ष जांच एजेंसी को सौंप दी हैं। अब सीआईडी की विशेष विंग इस पूरे घटनाक्रम की नए सिरे से पड़ताल करेगी।
जनेऊ संस्कार में हथियारों के प्रदर्शन का वीडियो हुआ था वायरल, 5 जून की तारीख बेहद अहम
विदित हो कि यह पूरा विवाद मीरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सेमरांव गांव से उपजा है। बीते 2 और 3 मई को इस गांव में एक जनेऊ संस्कार का मांगलिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस समारोह में भोजपुरी गायक गुंजन सिंह के न्यौते पर मोकामा के बाहुबली नेता अनंत सिंह बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित होने पहुंचे थे। इस जलसे के दौरान वहां मौजूद कुछ उत्साही समर्थकों द्वारा खुलेआम आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। वीडियो के सार्वजनिक होते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई, जिसके बाद मीरगंज पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए अनंत सिंह और गुंजन सिंह सहित कुल नौ नामजद लोगों के खिलाफ अवैध हथियार लहराने और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। अब सभी की नजरें 5 जून को होने वाली सुनवाई पर हैं, जिससे इन दिग्गजों का कानूनी भविष्य तय होगा।
राबड़ी देवी की दोटूक चेतावनी: सरकारी आवास खाली करने के नोटिस पर बोलीं- 'जो करना है कर लो, बंगला नहीं छोड़ेंगे'
30 May, 2026 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को आवंटित सरकारी बंगले को लेकर राज्य में एक नया सियासी घमासान छिड़ गया है। बिहार की मौजूदा नीतीश-सम्राट सरकार ने उन्हें पटना के वीवीआईपी इलाके सर्कुलर रोड पर स्थित बंगला संख्या-10 खाली करने का कड़ा निर्देश जारी किया है। सरकार के इस कदम के बाद सूबे की राजनीति में गर्माहट आ गई है। शनिवार की दोपहर पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान राबड़ी देवी ने इस प्रशासनिक आदेश पर बेहद तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार को यह जगह खाली करानी ही है, तो वह प्रशासन और पुलिस बल का प्रयोग कर ले, लेकिन वे खुद से इस आवास को खाली नहीं करेंगी। गौरतलब है कि राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने पूरे परिवार के साथ लंबे समय से इसी 10-सर्कुलर रोड स्थित बंगले में निवास कर रहे हैं।
भवन निर्माण विभाग की दलील: नया बंगला आवंटित होने के बाद भी पुराना खाली नहीं किया
इस पूरे विवाद पर रुख स्पष्ट करते हुए राज्य के भवन निर्माण विभाग ने आधिकारिक जानकारी साझा की है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 25 नवंबर 2025 को एक सरकारी आदेश जारी किया गया था, जिसके तहत विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के प्रोटोकॉल के मुताबिक राबड़ी देवी के लिए हार्डिंग रोड पर स्थित बंगला संख्या-39 आवंटित किया गया था। प्रशासनिक महकमे का तर्क है कि नियमानुसार नया सरकारी आवास उपलब्ध कराए जाने के बाद पुराना बंगला वापस सौंप देना चाहिए था, परंतु नया ठिकाना मिलने के बावजूद राबड़ी देवी ने अब तक सर्कुलर रोड स्थित अपने पुराने बंगले का कब्जा नहीं छोड़ा है, जिसके चलते यह नोटिस जारी करना पड़ा।
विपक्ष का पलटवार: राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई करने का आरोप
दूसरी ओर, इस प्रशासनिक नोटिस को लेकर मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल के नेताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि लालू परिवार को जानबूझकर परेशान करने और राजनीतिक द्वेष के चलते इस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है। राबड़ी देवी के कड़े रुख से यह साफ हो गया है कि वे इस मामले में आसानी से झुकने वाली नहीं हैं। उनके 'फोर्स बुलाकर खाली कराने' वाले बयान ने इस प्रशासनिक मुद्दे को सीधे तौर पर एक बड़े राजनीतिक टकराव में तब्दील कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में सड़क से लेकर सदन तक हंगामा होने के आसार बढ़ गए हैं।
लालू परिवार का सियासी केंद्र रहा है 10-सर्कुलर रोड, सुरक्षा को लेकर भी चर्चा
पटना का 10-सर्कुलर रोड स्थित यह बंगला सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं, बल्कि पिछले कई सालों से बिहार की राजनीति का एक बड़ा केंद्र बिंदु रहा है। आरजेडी के तमाम बड़े नीतिगत फैसले, बैठकें और गठबंधन की रणनीतियां इसी परिसर के भीतर तैयार होती रही हैं। चूंकि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दोनों ही राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए इस परिसर की सुरक्षा और संवेदनशीलता भी काफी अधिक है। अब देखना दिलचस्प होगा कि राबड़ी देवी की इस खुली चुनौती के बाद सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाला प्रशासनिक अमला क्या रुख अख्तियार करता है और इस गतिरोध का अंत किस प्रकार होता है।
सुबह की शुरुआत और खंभे पर लाश! रेलवे स्टेशन पर शव मिलने से हड़कंप, जीआरपी खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज
30 May, 2026 03:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सारण | सोनपुर-छपरा रेलखंड पर स्थित नयागांव रेलवे स्टेशन पर शनिवार की तड़के उस समय हड़कंप मच गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर-02 के पूर्वी छोर पर एक अज्ञात युवक का शव संदिग्ध अवस्था में बिजली के खंभे से लटका हुआ देखा गया। इस खौफनाक मंजर को देखते ही स्टेशन पर मौजूद रेल कर्मचारियों और यात्रियों में सनसनी फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। घटना की भनक लगते ही सोनपुर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की टीम फौरन घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने नियंत्रण में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी।
प्लेटफॉर्म के खंभे से गमछे के फंदे पर झूलता मिला शव, पुलिस ने शुरू की पड़ताल
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, नयागांव स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-02 पर स्थित खंभा नंबर-283/20 के पास युवक का शव एक गमछे के सहारे बिजली के पोल से बंधा हुआ लटक रहा था। सुबह-सुबह स्टेशन पर पहुंचे लोगों की नजर जैसे ही इस पर पड़ी, उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी रेल प्रशासन और स्थानीय जीआरपी को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची सोनपुर जीआरपी की टीम ने घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया और वहां मौजूद साक्ष्यों को एकत्रित करते हुए अपनी शुरुआती कानूनी कार्रवाई शुरू की।
मृतक की शिनाख्त के लिए पुलिस की कवायद, पोस्टमार्टम के लिए भेजा सदर अस्पताल
इस दुखद घटना के संदर्भ में रेल थाना प्रभारी संजय पासवान ने बताया कि मृतक की उम्र करीब 25 से 32 वर्ष के आसपास लग रही है। हुलिए की बात करें तो युवक ने काले रंग की शर्ट, नीली जींस पैंट और पैरों में हवाई चप्पल पहन रखी थी, जबकि उसके गले में गमछे का फंदा लगा हुआ था। पुलिस ने मौके पर मौजूद यात्रियों और आस-पास के ग्रामीणों से शव की पहचान कराने की काफी कोशिश की, लेकिन काफी प्रयासों के बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। इसके बाद पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है और हुलिए के आधार पर पहचान के लिए पड़ोसी थानों तथा अन्य संबंधित विभागों को वायरलेस मैसेज भेज दिया गया है।
आत्महत्या और हत्या दोनों पहलुओं पर जांच, स्टेशन परिसर में बना रहा तनाव का माहौल
फिलहाल, युवक की मौत के सटीक कारणों और परिस्थितियों का अभी तक पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है। रेलवे पुलिस इस मामले को आत्महत्या, किसी हादसे या फिर किसी अन्य साजिश सहित सभी संभावित कोणों से जोड़कर गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। इस अप्रत्याशित घटना के चलते काफी देर तक रेलवे स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा। जीआरपी ने आम जनता से अपील की है कि यदि इस हुलिए के युवक के बारे में किसी के पास कोई भी सुराग या जानकारी हो, तो वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें ताकि उसके परिजनों का पता लगाया जा सके।
"नेतरहाट में पर्यटन के चमकते दावों के पीछे छिपा अंधेरा; मूलभूत सुविधाओं को मोहताज आदिम जनजाति, 12 दिनों से ठप जलापूर्ति"
30 May, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लातेहार | झारखंड का सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन नेतरहाट, जो अपनी हसीन वादियों और सदाबहार ठंडे मौसम के लिए पूरे देश में विख्यात है, उसकी तलहटी में बसा नैना गांव इन दिनों एक गंभीर त्रासदी से गुजर रहा है। इस आदिवासी बहुल इलाके के लोग पिछले 12 दिनों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। करीब 300 की आबादी वाले इस गांव का एकमात्र सरकारी कुआं अचानक धंस गया, जिसके बाद से यहां के 60 परिवारों के सामने पीने के पानी का विकट संकट खड़ा हो गया है।
दो किलोमीटर दूर नदी से पानी ढोने को मजबूर हैं मासूम
कुआं नष्ट होने के बाद से ही ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तक के आला अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर केवल कोरे आश्वासन ही हाथ लगे हैं। संकट के इस दौर में गांव में पानी का एक टैंकर तक नहीं भिजवाया गया। इस चिलचिलाती गर्मी में गांव की महिलाएं और मासूम बच्चे सुबह 4 बजे उठकर करीब दो किलोमीटर दूर बहने वाली नदी से सिर पर घड़े रखकर पानी लाने को मजबूर हैं।
केवल निरीक्षण और फोटो खिंचवाने तक सीमित रहे अधिकारी
गांव के निवासी नरेश महतो, उमेश महतो और सोनू महतो ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से अफसर गांव का दौरा तो कर रहे हैं, लेकिन उनकी सक्रियता केवल मौका मुआयना करने, तस्वीरें खिंचवाने और जल्द निवारण का दिलासा देकर लौटने तक ही सीमित है। गांव की मनीता देवी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पानी की किल्लत से पूरा गांव बेहाल है, मगर सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता टूटने का नाम नहीं ले रही है।
फाइलों में सिमटा समाधान और सरकारी दावों की खुली पोल
जब इस विकट स्थिति को लेकर पीएचईडी (PHED) एवं स्वच्छता विभाग, लातेहार के कार्यपालक अभियंता दीपक कुमार महतो से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने दावा किया कि गांव में पानी की व्यवस्था के लिए एक नए बोरिंग का एस्टीमेट (प्राकलन) तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद काम शुरू होगा। यह बेहद चौंकाने वाली बात है कि एक तरफ सरकार नेतरहाट को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाने के लिए पानी की तरह पैसा बहा रही है, वहीं दूसरी तरफ उसी की गोद में बसा एक पूरा गांव पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहा है। नैना गांव के ये मौजूदा हालात शासन-प्रशासन के 'हर घर जल' अभियान के बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत को बयां कर रहे हैं।
"आधी रात को गोलियों की गूंज: गोपालगंज पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में जमीन पर गिरा 50 हजार का इनामी"
30 May, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज | बिहार के गोपालगंज जिले में नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत थावे-बंजारी बाईपास पर शनिवार तड़के पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच जोरदार मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में चलाई गई गोलियां बदमाश के दोनों पैरों में लगीं, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गया। पुलिस ने उसे तुरंत इलाज के लिए स्थानीय सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया है। पुलिस ने मौके से एक अवैध हथियार भी बरामद किया है।
हत्या, लूट और रंगदारी के दर्जनों मामलों में था वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुठभेड़ में घायल हुए शातिर अपराधी की पहचान थावे थाना क्षेत्र के बढ़ईहाता गांव के रहने वाले आकाश सिंह के रूप में हुई है। वह क्षेत्र का एक नामी अपराधी है, जिसके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, लूटपाट, आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे करीब 12 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ थावे, नगर और कुचायकोट थानों में कई मुकदमे लंबे समय से चल रहे हैं। इसमें एक पूर्व मुखिया पर जानलेवा हमला करने और उनसे भारी-भरकम रंगदारी मांगने का एक चर्चित मामला भी शामिल है।
हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस पर ही झोंक दी फायरिंग
घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक सटीक सूचना के आधार पर विशेष टीम ने शुक्रवार की देर रात आकाश सिंह को दबोचा था। इसके बाद नगर थाने में उससे सघन पूछताछ की गई, जिसमें उसने कुबूला कि उसने थावे-बंजारी बाईपास के पास झाड़ियों में हथियार छिपाकर रखे हैं। शनिवार सुबह जब पुलिस टीम उसे लेकर हथियार बरामद करने निर्दिष्ट स्थान पर पहुंची, तो उसने अचानक वहां छिपाकर रखा कट्टा निकाला और पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं। इसके बाद वह अंधेरे का लाभ उठाकर भागने की कोशिश करने लगा।
पुलिस की आत्मरक्षा में कार्रवाई, जांच के लिए पहुंचे आला अधिकारी
अपराधी द्वारा अचानक की गई इस गोलीबारी में पुलिस टीम के सदस्य बाल-बाल बच गए। इसके बाद पुलिस ने त्वरित निर्णय लेते हुए आत्मरक्षा में पलटवार किया। पुलिस की ओर से चलाई गई दो गोलियां आकाश सिंह के दोनों पैरों में लगीं और वह घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने फौरन उसे अपनी हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा। एनकाउंटर की भनक लगते ही सदर एसडीपीओ चंदन कुमार अस्पताल पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी ली। इस सफल ऑपरेशन में नगर थाना, थावे थाना और डीआईयू (DIU) की टीम ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
प्रकृति का प्रकोप: झारखंड के चार जिलों में वज्रपात से मची तबाही, 13 जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट जारी
30 May, 2026 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रकृति का बेहद रौद्र रूप देखने को मिला है। राज्य के चार अलग-अलग जिलों में वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक मासूम बच्ची और दो महिलाओं समेत कम से कम पांच लोगों की असमय मौत हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, गढ़वा जिले में बिजली गिरने से दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है, जबकि रांची, धनबाद और बोकारो जिलों में एक-एक व्यक्ति इस दैवीय आपदा का शिकार बना है।
बगीचे में आम बीनने गई थी मासूम, बिजली गिरने से मौके पर ही थमी सांसें
वज्रपात की सबसे हृदयविदारक घटना राजधानी रांची के इटकी थाना अंतर्गत कुल्ली गांव में सामने आई। यहां 12 वर्ष की मासूम आश्रिता अपने माता-पिता के साथ खेत के समीप बगीचे में आम बीनने के लिए गई हुई थी। इसी दौरान अचानक तेज कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उस मासूम पर आ गिरी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में बच्ची के माता-पिता भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। इसी तरह गढ़वा के कांडी क्षेत्र के गराखुर्द में एक 45 वर्षीय महिला और बनाजंघा गांव में एक 32 वर्षीय युवक की जान चली गई। वहीं धनबाद के राजगंज और बोकारो के पिंडराजोरा में भी क्रमशः एक महिला और एक 21 वर्षीय युवक वज्रपात की चपेट में आ गए।
भारी बारिश से लुढ़का पारा, मौसम विभाग ने 13 जिलों के लिए जारी किया 'ऑरेंज अलर्ट'
शुक्रवार से शुरू हुआ तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने का यह सिलसिला शनिवार सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में जारी रहा। इस मौसमी बदलाव के कारण झुलसाने वाली गर्मी से जूझ रहे झारखंड वासियों को बड़ी राहत मिली है और पूरे सूबे में अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, मौसम की संवेदनशीलता को देखते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रांची, बोकारो, रामगढ़, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद और गोड्डा सहित सूबे के 13 संवेदनशील जिलों के लिए रविवार सुबह तक गरज-चमक के साथ तेज वज्रपात का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है और लोगों को खराब मौसम में घरों से बाहर न निकलने की हिदायत दी है।
दो ट्रफ सिस्टम सक्रिय होने से बदला मिजाज, अगले चार दिनों में फिर चढ़ेगा पारा
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में वायुमंडल में दो ट्रफ सिस्टम (कम दबाव के क्षेत्र) एक साथ सक्रिय हुए हैं, जिसके चलते अचानक मौसम का यह मिजाज बदला है। इस मौसमी तंत्र के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में सामान्य से 7 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आई है। आंकड़ों के मुताबिक, डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम है, जबकि चाईबासा में 33.4 डिग्री और रांची में पारा लुढ़ककर 27.8 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। हालांकि, मौसम केंद्र का अनुमान है कि यह राहत अस्थायी है और अगले चार दिनों के भीतर सूबे के तापमान में एक बार फिर 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखी जाएगी।
बिहार MLC चुनाव में जातीय गोटियां सेट: क्या तेज प्रताप दोबारा पहुंचेंगे सदन? 10 सीटों पर दांव पर लगी दिग्गजों की साख
29 May, 2026 04:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार विधान परिषद की खाली हो रही सीटों को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। राज्य में कुल 10 सीटों पर चुनावी बिसात बिछने जा रही है, जिनमें से 9 सीटें नियमित रूप से खाली हो रही हैं, जबकि 1 सीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कारण रिक्त हुई है, जिस पर उपचुनाव होना है। विधानसभा के मौजूदा गणित के अनुसार, इस बार पासा पलट चुका है। विपक्ष यानी महागठबंधन के खाते में इस बार केवल 1 सीट ही आती दिख रही है, जबकि सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पाले में 9 सीटें जाने का अनुमान है। एनडीए में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के सुपुत्र दीपक प्रकाश का उच्च सदन जाना लगभग तय माना जा रहा है, जिसके बाद शेष बची 7 सीटों के लिए दावेदारों की कशमकश बढ़ गई है।
तेज प्रताप यादव की उम्मीदवारी और तेजस्वी के सामने 'वादे' की चुनौती
इस बार के समीकरणों में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस दोनों को परिषद में अपनी एक-एक सीट का नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजद के हिस्से आ रही इकलौती सीट पर लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को भेजने की सुगबुगाहट तेज है। हाल ही में नोएडा में पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान लालू परिवार की एकजुटता ने इन चर्चाओं को और बल दिया है, जहाँ सूत्रों के मुताबिक लालू प्रसाद खुद तेज प्रताप के नाम के पक्ष में हैं, जबकि तेजस्वी यादव दलगत समीकरणों को तरजीह देना चाहते हैं। तेजस्वी के सामने बड़ी दुविधा यह भी है कि राज्यसभा चुनाव के वक्त ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने विधान परिषद की एक सीट के आश्वासन पर ही महागठबंधन का समर्थन किया था। इसके अलावा लालू परिवार के बेहद करीबी और निवर्तमान सदस्य सुनील कुमार सिंह की दावेदारी को नजरअंदाज करना भी आसान नहीं होगा।
एनडीए में जातीय समीकरणों को साधने की कवायद और सहयोगियों की मांग
एनडीए के खेमे में सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन में जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की तरफ से कुर्मी समाज से निशांत कुमार, कोईरी समाज से राजीव कुमार सिंह, अति पिछड़ा वर्ग से ललन मंडल और अल्पसंख्यक कोटे से गुलाम रसूल बलियावी के नामों पर सबसे गंभीर मंथन चल रहा है। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) में कायस्थ समाज से संजय मयूख, राजपूत वर्ग से अमृता भूषण, कुर्मी समाज से प्रेम रंजन पटेल और वैश्य समाज से सिद्धार्थ शंभू तथा अमरनाथ गामी जैसे चेहरे रेस में आगे हैं। इस बीच, गठबंधन के सहयोगी दल भी अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान अपने भतीजे सीमांत मृणाल को उच्च सदन भेजने के इच्छुक बताए जा रहे हैं, तो वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी भी अपने कोटे से एक सीट की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जून के पहले हफ्ते में अधिसूचना और 18 जून को होगा फैसला
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, बिहार विधान परिषद के इस चुनावी दंगल की औपचारिक शुरुआत 1 जून को अधिसूचना जारी होने के साथ हो जाएगी। प्रत्याशी 8 जून तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिनकी स्क्रूटनी (जांच) 9 जून को की जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 11 जून मुकर्रर की गई है। इसके बाद सभी सीटों के लिए 18 जून को सुबह से मतदान होगा और इसी दिन शाम तक मतगणना पूरी कर परिणामों की घोषणा भी कर दी जाएगी। वर्तमान में जिन प्रमुख सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है, उनमें जदयू के गुलाम गौस, भीष्म सहनी, कुमुद वर्मा और श्रीभगवान सिंह कुशवाहा के साथ-साथ भाजपा के संजय मयूख शामिल हैं। वहीं महागठबंधन से राजद के मो. फारूक व सुनील कुमार सिंह और कांग्रेस के डॉ. समीर कुमार सिंह का कार्यकाल भी इसी तिथि को खत्म हो रहा है।
दाखिल-खारिज पर बिहार सरकार सख्त: 3.10 लाख पेंडिंग म्यूटेशन को लेकर गाइडलाइन जारी, डीएम करेंगे डेली मॉनिटरिंग
29 May, 2026 04:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार सरकार ने पूरे प्रदेश में जमीन के लंबित दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के दिशा-निर्देश पर विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों (समाहर्त्ताओं) को एक सख्त पत्र भेजा है। इस पत्र के जरिए स्क्रूटनी और डिफेक्ट चेक स्तर पर फंसे करीब 3.10 लाख आवेदनों को अगले 15 दिनों के भीतर हर हाल में निष्पादित करने का आदेश दिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि हाल ही में राजस्व कर्मचारियों और अंचल अधिकारियों (CO) के सामूहिक अवकाश पर रहने के कारण इतनी बड़ी संख्या में मामले लंबित हुए हैं, जिन्हें सरकार के सात निश्चय पार्ट-3 (ईज ऑफ लिविंग) के तहत जल्द से जल्द निपटाना अनिवार्य है।
तकनीकी खामियों के नाम पर आम जनता को परेशान न करने की चेतावनी
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने प्रशासनिक अमले को कड़े लहजे में हिदायत दी है कि मामूली या छोटी-मोटी तकनीकी गलतियों का बहाना बनाकर आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न कटवाए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दाखिल-खारिज की पूरी व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाना वर्तमान सरकार का मुख्य संकल्प है। यदि इस कार्य में किसी भी स्तर पर अधिकारियों या कर्मचारियों की तरफ से ढिलाई या लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आवेदनों की जांच में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह
विभागीय सचिव द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि जमीन के दस्तावेजों और आवेदनों की स्क्रूटनी करते समय राजस्व कर्मचारी एक सकारात्मक नजरिया अपनाएं। किसी भी आवेदन को केवल छोटी-मोटी त्रुटियों के आधार पर सीधे खारिज या वापस न किया जाए, बल्कि अधिकतम 15 दिनों की समय सीमा के भीतर उनका डिफेक्ट चेक पूरा किया जाए। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकार ने एक नया नियम भी लागू किया है, जिससे आवेदकों को बेवजह की परेशानी से मुक्ति मिलेगी।
अंचल अधिकारियों की जवाबदेही तय, लागू हुआ नया नियम
नए प्रावधान के अनुसार, यदि कोई राजस्व कर्मचारी किसी दाखिल-खारिज आवेदन में कोई कमी या त्रुटि निकालकर उसे रिजेक्ट करने की कोशिश करता है, तो संबंधित अंचल अधिकारी (सीओ) के लिए उस त्रुटि की गहन जांच करना अनिवार्य होगा। यदि अंचल अधिकारी को अपनी जांच में कर्मचारी द्वारा निकाली गई कमी अनुचित या गलत लगती है, तो वह आवेदन आवेदक को वापस नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, अंचल अधिकारी उस फाइल को दोबारा उसी कर्मचारी के पास भेजेंगे ताकि उसे स्वीकार करके म्यूटेशन की आगे की प्रक्रिया को तुरंत पूरा किया जा सके।
PLFI को बड़ा झटका: खूंखार उग्रवादी अमृत होरो चढ़ा पुलिस के हत्थे, उगलेगा कई बड़े राज
29 May, 2026 10:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के सुप्रीमो अमृत होरो को गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से सुरक्षा बलों और कानून-व्यवस्था के लिए सिरदर्द बने इस शीर्ष उग्रवादी पर सरकार ने 10 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम घोषित किया हुआ था। उसकी इस गिरफ्तारी को उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के लिए एक बहुत बड़ा और कमर तोड़ने वाला झटका माना जा रहा है। रांची पुलिस ने इस बड़ी सफलता की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया है कि उसे किसी गोपनीय स्थान पर रखकर सघन पूछताछ की जा रही है।
शादी समारोह में शिरकत करने की सूचना पर बिछा जाल
अमृत होरो की गिरफ्तारी के पीछे सटीक खुफिया तंत्र की बड़ी भूमिका रही। पुलिस को पुख्ता और गुप्त सूचना मिली थी कि 10 लाख का इनामी उग्रवादी अमृत होरो रांची जिले के जमाकेल गांव में आयोजित एक विवाह समारोह में गुपचुप तरीके से शामिल होने के लिए आने वाला है। उल्लेखनीय है कि अमृत होरो इसी गांव का मूल निवासी है। इस इनपुट के मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने पूरे इलाके की सघन घेराबंदी की। इसके बाद देर रात योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया।
हथियारों के ठिकानों और टेरर फंडिंग पर पुलिस का शिकंजा
अमृत होरो खूंटी और उसके आस-पास के सीमावर्ती जिलों में पिछले लंबे समय से अपनी उग्रवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अब विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां उससे संगठन के नेटवर्क को लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस का मुख्य फोकस संगठन से जुड़े अन्य सक्रिय सहयोगियों, जंगलों में छिपे हथियारों के ठिकानों, लेवी (वसूली) और उनकी आर्थिक गतिविधियों (टेरर फंडिंग) की सटीक जानकारी जुटाने पर है, ताकि पीएलएफआई के पूरे तंत्र को हमेशा के लिए नेस्तनाबूद किया जा सके।
जंगलों का फायदा उठाकर पहले भी दे चुका था चकमा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो पिछले कई सालों से राज्य में हिंसक और उग्रवादी वारदातों को अंजाम दे रहा था और संगठन में शीर्ष कमांडर की हैसियत रखता था। करीब डेढ़ साल पहले भी सुरक्षा बलों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया था और दोनों ओर से भारी मुठभेड़ हुई थी, लेकिन उस वक्त वह घने जंगलों और पहाड़ी रास्तों का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा था। अधिकारियों का मानना है कि इस मुख्य चेहरे की गिरफ्तारी के बाद इलाके में उग्रवादी गतिविधियों पर लगाम लगेगी और आने वाले दिनों में कई अन्य चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।
झारखंड बना 'हिल स्टेशन': ठंडी हवाओं और बारिश ने बदला मिजाज, सैलानियों को भा रहा मौसम
29 May, 2026 10:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड के निवासियों को पिछले काफी समय से जारी भीषण तपन और उमस भरे मौसम से शुक्रवार सुबह बड़ी निजात मिली है। सुबह की शुरुआत से ही प्रकृति का एक अलग रूप देखने को मिला। ठंडी और तेज हवाओं के साथ शुरू हुई रिमझिम फुहारों ने राजधानी रांची सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम को बेहद खुशनुमा और सुहाना बना दिया है। आसमान में उमड़ते बादलों और रिमझिम बारिश के चलते लोगों को स्थानीय स्तर पर ही पर्वतीय इलाकों जैसी ठंडक का अनुभव होने लगा। चिलचिलाती धूप से परेशान आम जनता इस बदले हुए सुहावने मौसम का जमकर लुत्फ उठा रही है।
फुहारों से गिरा पारा, खिले लोगों के चेहरे
सुबह लगभग 8 बजे के बाद राज्य के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा का दौर शुरू हुआ, जिसके चलते अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। इस मौसमी बदलाव से पार्कों, बाजारों और सड़कों पर आवाजाही करने वाले लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस खुशनुमा बदलाव का स्वागत करते दिखे। लोग अपने घरों की छतों और बालकनियों में आकर मानसूनी फुहारों का आनंद ले रहे हैं, तो वहीं घरों में चाय और पकौड़ों के साथ इस सुहावने मौसम का स्वागत किया जा रहा है।
एक दर्जन से अधिक जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के समूचे हालात को देखते हुए कई जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों के पूर्वानुमान के अनुसार, 29 और 30 मई को झारखंड के ज्यादातर इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका है। इसके साथ ही मेघगर्जन, तेज बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने का भी खतरा बना हुआ है। इस मौसमी तंत्र का सबसे ज्यादा असर रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, धनबाद, देवघर, दुमका, गिरिडीह और पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम समेत कई जिलों में देखने को मिल सकता है।
आपदा प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक सतर्कता
खराब मौसम की आशंका के बीच मौसम विभाग ने आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन जारी कर सतर्क रहने को कहा है। लोगों को हिदायत दी गई है कि कड़कती बिजली के दौरान वे खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों व तारों के आसपास बिल्कुल न खड़े हों। ग्रामीण इलाकों और खेतों में काम करने वाले किसानों को भी इस दौरान सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर, किसी भी अप्रिय स्थिति या संभावित नुकसान से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और आपदा प्रबंधन की टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्यसभा की जंग: दो सीटों पर आर-पार की लड़ाई, 4 वोटों की खातिर भाजपा का 'मिशन जुगाड़'
29 May, 2026 10:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची | झारखंड में राज्यसभा की दो खाली सीटों पर आगामी 18 जून को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुँच गई है। एक तरफ जहां सत्ताधारी गठबंधन दोनों सीटों पर अपना परचम लहराने के लिए पूरी तरह आश्वस्त दिख रहा है, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी चुनावी मैदान में कड़ी चुनौती देने की योजना बना रही है। विधानसभा के वर्तमान गणित और संख्या बल को देखा जाए तो भाजपा को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कम से कम चार अतिरिक्त मतों (वोटों) की आवश्यकता होगी। ऐसे में भगवा दल की पूरी रणनीति विपक्षी खेमे में संभावित सेंधमारी (क्रॉस वोटिंग) और निर्दलीय व सहयोगी विधायकों के समर्थन को जुटाने पर केंद्रित हो गई है।
सत्ताधारी गठबंधन और कांग्रेस में चेहरों को लेकर मंथन
सत्तारूढ़ खेमे में उम्मीदवारों के चयन को लेकर बैठकों और कयासों का दौर जारी है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के भीतर से पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की सुपुत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बड़ी बहन नेमनी सोरेन का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य और विधायक कल्पना सोरेन के नामों की भी सियासी हलकों में जमकर चर्चा हो रही है। दूसरी ओर, गठबंधन सहयोगी कांग्रेस में भी टिकट के लिए रस्साकशी तेज है, जहां पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप बलमुचु और राजेश ठाकुर को मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी आलाकमान क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।
एनडीए खेमे में दिग्गज नामों पर विचार, 'निशा उरांव' के नाम से चौंकाया
विपक्षी दल भाजपा और एनडीए गठबंधन में भी कई कद्दावर नेताओं के नामों पर गंभीरता से विचार-विमर्श चल रहा है। संभावित प्रत्याशियों की सूची में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और सीता सोरेन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन सबके बीच, एक आईआरएस (IRS) अधिकारी निशा उरांव के नाम ने राजनीतिक पंडितों को चौंका दिया है। निशा उरांव दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक रामेश्वर उरांव की बेटी हैं, जिसके कारण इस नाम के सामने आने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार बेहद गर्म हो गया है।
दिल्ली से तय होंगे नाम, क्रॉस वोटिंग के सहारे उलटफेर की उम्मीद
इस बीच, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश भाजपा इकाई सभी योग्य और संभावित उम्मीदवारों का एक पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज रही है, और टिकट को लेकर अंतिम मुहर दिल्ली में शीर्ष कमान द्वारा ही लगाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी इस चुनाव को पूरी मजबूती से लड़ेगी। दिलचस्प बात यह है कि बाबूलाल मरांडी द्वारा विधायकों से 'अंतरात्मा की आवाज' पर वोट देने की अपील किए जाने के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा विपक्षी खेमे में असंतुष्ट विधायकों के भरोसे किसी बड़े उलटफेर की ताक में है। अब सभी दलों की निगाहें दिल्ली और रांची के आलाकमानों के अंतिम फैसलों पर टिकी हुई हैं।
बिहार में मौसम का महा-अलर्ट: पटना सहित कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश का खतरा
29 May, 2026 09:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना | बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। शुक्रवार सुबह राजधानी पटना में सूरज के दर्शन नहीं हुए और आसमान में घने बादल छाए रहे। धूल भरी तेज हवाओं के साथ पटना के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। राजधानी के अलावा खगड़िया, कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर और औरंगाबाद में भी सुबह से ही झमाझम पानी बरस रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो से तीन घंटों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी आंधी और चक्रवाती हवाएं चलने की आशंका है, जिसे देखते हुए आम जनता से विशेष एहतियात बरतने को कहा गया है।
इन जिलों में रेड अलर्ट, तेज हवाओं का भारी खतरा
मौसम विभाग ने राज्य के एक बड़े हिस्से के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, उनमें अररिया, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भभुआ, भागलपुर, भोजपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा, वैशाली और शेखपुरा शामिल हैं। विशेषकर गया, पटना, नालंदा और पूर्वी चंपारण के सभी प्रखंडों (ब्लॉक्स) में तेज तूफानी हवाओं का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने घरों के अंदर ही सुरक्षित रहें और बिना किसी बेहद जरूरी काम के बाहर कदम न रखें।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव का पूर्वानुमान
इस मानसूनी हलचल के कारण राज्य के तापमान में भी बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा। मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, आने वाले तीन दिनों के भीतर बिहार के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, इसके बाद के अगले चार दिनों में पारा फिर से तेजी से चढ़ेगा और इसमें तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। वहीं, अगले पांच दिनों के दौरान रात के यानी न्यूनतम तापमान में भी दो डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं।
सुरक्षा को लेकर मौसम विभाग की महत्वपूर्ण गाइडलाइन
खराब मौसम और आकाशीय बिजली (वज्रपात) के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने आम नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
पेड़ों और जर्जर इमारतों से दूरी: तेज आंधी के कारण पेड़ या कमजोर ढांचे गिर सकते हैं, इसलिए इनके नीचे खड़े होने से बचें।
खुले मैदान और बिजली के खंभे: कड़कती बिजली के दौरान खुले मैदानों में न जाएं और बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर से दूर रहें।
किसानों के लिए चेतावनी: खेतों में काम कर रहे किसान तुरंत किसी पक्के और सुरक्षित आश्रय स्थल में चले जाएं।
यातायात में सावधानी: दृश्यता कम होने और तेज हवा के कारण वाहन बेहद नियंत्रित गति और सावधानी से चलाएं।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सीमित उपयोग: बिजली चमकने के दौरान मोबाइल और अन्य बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से परहेज करें।
गिद्धौर–झाझा रोड पर ट्रक से कुचलकर मौत, यातायात ठप
28 May, 2026 02:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमुई। बिहार के जमुई जिले में गुरुवार को एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जहां एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से 40 वर्षीय आइसक्रीम विक्रेता बिरजू यादव की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए स्थानीय निवासियों ने मुआवजे और आरोपी ड्राइवर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम रखा। पुलिस ने फिलहाल ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
गिद्धौर-झाझा मार्ग पर पसरा मातम
यह दुखद घटना गिद्धौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले संसारपुर गांव के पास गिद्धौर-झाझा मुख्य मार्ग पर हुई। गंगरा पंचायत के तारडीह गांव के रहने वाले बिरजू यादव (40 वर्ष) को एक बेकाबू ट्रक ने रौंद दिया, जिससे उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
काम पर जाने के दौरान हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि बिरजू यादव रोज की तरह झाझा के दादपुर स्थित आइसक्रीम कारखाने से माल लेने जा रहे थे। इसी दौरान गिद्धौर की तरफ से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बिरजू को संभलने का मौका तक नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद चालक घबराकर ट्रक को वहीं छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गया।
तीन घंटे तक थमी रही वाहनों की रफ्तार
हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने संसारपुर गांव के समीप सड़क को दोनों ओर से ब्लॉक कर दिया। लगभग तीन घंटे तक रहे इस जाम के कारण हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और फरार चालक की जल्द से जल्द पकड़ की मांग पर अड़े थे।
पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप से खुला जाम
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिद्धौर थाना प्रभारी राशि मालिक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। साथ ही बीडीओ सुनील कुमार और अन्य प्रशासनिक अफसरों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। गंगरा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि व समाजसेवी कल्याण सिंह ने भी ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उन्हें शांत कराया। अफसरों और स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद आखिरकार जाम हटाया गया और यातायात दोबारा शुरू हो सका।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, ट्रक जब्त
पुलिस प्रशासन ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को सीज कर लिया है। शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार ट्रक चालक की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
किस जगह हुई यह घटना, इलाके में सनसनी
28 May, 2026 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिला मुख्यालय से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के कर्पूरी ठाकुर कॉलेज के प्राचार्य अजीत वर्मा ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहर खा लिया। इस घटना की भनक लगते ही कॉलेज परिसर सहित पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
तबीयत बिगड़ने पर मोतिहारी सदर अस्पताल से निजी हॉस्पिटल रेफर
प्राचार्य की हालत बिगड़ते ही सहकर्मियों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत मोतिहारी सदर अस्पताल पहुँचाया। वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने शुरुआती इलाज तो किया, लेकिन उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। फिलहाल, प्राचार्य को आईसीयू (ICU) में रखा गया है, जहाँ उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है।
घटना से शैक्षणिक जगत और कॉलेज स्टाफ में हड़कंप
इस खबर के आम होते ही जिले के शिक्षा जगत और उनके जानने वालों में शोक और असमंजस की लहर दौड़ गई है। कॉलेज के कर्मचारियों और प्रोफेसरों के बीच इस बात को लेकर गहरी चिंता है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने प्राचार्य को इतना आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
जहर खाने की वजहों पर सस्पेंस, जाँच में जुटी पुलिस
प्राचार्य अजीत वर्मा ने यह कदम किन कारणों से उठाया, इसकी सही वजह अभी तक सामने नहीं आ पाई है। स्थानीय सूत्रों के हवाले से कई तरह की कयासबाजियाँ की जा रही हैं, लेकिन अभी तक किसी भी ठोस कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन मामले की तह तक जाने के लिए सबूत और जानकारी जुटाने में लग गए हैं।
डॉक्टरों की टीम और प्रशासनिक अपडेट पर टिकी सबकी निगाहें
फिलहाल पूरा जिला प्राचार्य के स्वास्थ्य को लेकर दुआएँ कर रहा है। उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए अस्पताल प्रशासन और पुलिस के अगले अपडेट पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इस अप्रत्याशित घटना ने पूरे जिले के शैक्षणिक माहौल को स्तब्ध कर दिया है।
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जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
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बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक
