बिहार-झारखण्ड
बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़, दोषी पिता को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद
10 Mar, 2026 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। बिहार के मुंगेर न्याय मंडल के विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट, प्रदीप कुमार चौधरी की अदालत ने सोमवार को एक सनसनीखेज मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
आरोपी ने अपनी ही नाबालिग बेटियों को बनाया था शिकार
यह मामला वर्ष 2022 का है, जो जमालपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इस मामले में एक पिता पर अपनी ही नाबालिग पुत्रियों के यौन शोषण का आरोप लगा था। इस जघन्य कृत्य की जानकारी सामने आने के बाद उसकी पत्नी ने ही जमालपुर थाना में अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
अपनी नाबालिग बेटियों का शोषण करता था आरोपी
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को जमालपुर के एक होटल से गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि आरोपी होटल बुक कर अपनी नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म और शोषण करता था।
11 गवाहों की हुई गवाही
विशेष लोक अभियोजक (पोक्सो) प्रीतम कुमार वैश्य ने बताया कि पुलिस अनुसंधान के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिन्होंने आरोपों की पुष्टि की। सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने 24 फरवरी 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया था।
कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
इसके बाद सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भारतीय दंड संहिता और पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
सूरजभान के पिता की हत्या पर सस्पेंस, हर एंगल से जांच कर रही पुलिस
10 Mar, 2026 07:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। बाहुबली पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के बीच पुरानी दुश्मनी रही है। हालांकि इस मामले में चर्चा जिस सूरजभान सिंह की हो रही है, वह दूसरा व्यक्ति है। अनंत सिंह के करीबी युवक सूरजभान सिंह और उसके बड़े भाई आशीष सोनू के पिता की बेगूसराय में गोली मारकर हत्या कर दी गई। जमीन कारोबारी की हत्या जिस तरह से की गई और जिस तरह से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं, उसके कारण यह घटना बेगूसराय से लेकर पटना तक चर्चा का विषय बन गई है।
जमीन को लेकर हुई प्रॉपर्टी डीलर की हत्या
सोमवार, 9 मार्च को दिन के करीब दो बजे बेगूसराय नगर निगम के वार्ड 13 में प्रॉपर्टी डीलर वरुण सिंह की तीन बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस पूरे प्रकरण पर सदर डीएसपी आनंद कुमार पांडे का कहना है कि जमीन विवाद में हत्या की आशंका है। हालांकि पुलिस इस घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंच पाएगी या नहीं, यह बड़ा सवाल बनता जा रहा है। शूटर की गिरफ्तारी हो भी जाती है तो क्या असली गुनहगार सामने आएंगे, इसे लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।
जांच में अब तक ये तथ्य आए सामने
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में गांव से लेकर शहर तक करीब बीस बीघा से अधिक जमीन का कारोबार हुआ था। प्राथमिकी में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी से पुलिस जांच की दिशा तय हो पाएगी। बेगूसराय के क्राइम रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में जमीन कारोबार के विवाद में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और शहर में करीब एक दर्जन से अधिक हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें कई मामलों में शूटर और लाइनर की गिरफ्तारी के बावजूद असली मास्टरमाइंड का खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसे में बिहार के बाहुबली विधायक के करीबी से जुड़े इस मामले ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है।
रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में चिंता
बेगूसराय में इस तरह की वारदात से कहीं प्रॉपर्टी डीलिंग में गैंगवार की आशंका को बल न मिले, इसे लेकर जमीन कारोबारियों और रियल एस्टेट से जुड़े लोगों में भी चिंता देखी जा रही है। जिस क्षेत्र में यह हत्या हुई है, वहां कई ऐसे भूमाफिया सक्रिय बताए जाते हैं, जो जमीन कारोबारियों को अपने साथ जोड़ने या लेन-देन के विवाद में उलझाने की कोशिश करते रहते हैं। क्राइम हिस्ट्री के अनुसार भूमि कारोबारियों की हत्या के मामलों में पार्टनरशिप या हिसाब-किताब के लेन-देन को प्रमुख कारण माना जाता रहा है।
पुलिस को मंगानी बैकअप पड़ी फोर्स
सदर अस्पताल में भीड़ को देखते हुए प्रशासन को बैकअप पुलिस फोर्स भी मंगानी पड़ी। घटना स्थल को पुलिस ने फोरेंसिक टीम के लिए घेराबंदी कर सुरक्षित रखा। एसपी मनीष घटनास्थल पर पहुंचे और विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच की।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: एम्बुलेंस न मिलने से पिता ने डिब्बे में लाया नवजात का शव
9 Mar, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड। की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं. ऐसे में पश्चिमी सिंहभूम जिले में सामने आया ताजा मामला एक बार फिर सिस्टम की संवेदनहीनता को उजागर करता है. कुछ समय पहले जहां एक बच्चे की लाश को झोले में ले जाने की घटना ने लोगों को झकझोर दिया था, वहीं अब एचआईवी पॉजिटिव ब्लड जरूरतमंद मरीजों को चढ़ाने का मामला भी सामने आ चुका है।
गरीब पिता को अपने नवजात शिशु का शव डिब्बे में रखकर ले जाना पड़ा घर
इन घटनाओं की चर्चा अभी थमी ही नहीं थी कि चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल से एक और बेहद दर्दनाक और अमानवीय मामला सामने आ गया. यहां एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण एक गरीब पिता को अपने नवजात शिशु का शव कार्डबोर्ड के डिब्बे में रखकर घर ले जाना पड़ा. यह घटना न सिर्फ हृदयविदारक है, बल्कि झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक सच्चाई को भी सामने लाती है. मामला सामने आने के बाद यह तेजी से सुर्खियों में आ गया और राजनीतिक प्रतिक्रिया भी शुरू हो गई. जमशेदपुर से बीजेपी सांसद विद्युत वरण महतो ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की असंवेदनशीलता और लापरवाही का जीवंत उदाहरण है. उन्होंने कहा कि सरकार अक्सर गरीबों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई देती है।
मामले में दोषी अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को किया जाए निलंबित
सांसद के अनुसार एक गरीब पिता को अपने नवजात बच्चे के शव को डिब्बे में भरकर घर ले जाने की मजबूरी झेलनी पड़ी, इससे अधिक दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक स्थिति ओर क्या हो सकती है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में मौजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने जिस तरह की संवेदनहीनता दिखाई है, वह मानवता को शर्मसार करने वाली है. यदि समय पर एम्बुलेंस की व्यवस्था कर दी जाती तो कम से कम उस पिता को इस अपमानजनक स्थिति से नहीं गुजरना पड़ता. सांसद ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अस्पतालों में बुनियादी सुविधाएं ही उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकार के स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े सारे दावे खोखले साबित होते हैं. उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों तथा स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए. साथ ही पीड़ित परिवार को सम्मानजनक आर्थिक सहायता देने की भी बात कही. सांसद ने यह भी कहा कि यदि इस मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती है, तो इससे यह संदेश जाएगा कि गरीबों की पीड़ा इस सरकार के लिए कोई मायने नहीं रखती।
मां शीतला के दरबार में तीन दिवसीय शीतलाष्टमी मेला आज से, भक्तों की उमड़ेगी भीड़
9 Mar, 2026 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नालंदा। बिहारशरीफ मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक मघड़ा ग्राम में आस्था का सैलाब उमड़ने को तैयार है। पंचाने नदी के पश्चिमी तट पर स्थित प्राचीन सिद्धपीठ मां शीतला के दरबार में मंगलवार से तीन दिवसीय वार्षिक शीतलाष्टमी मेले का भव्य आगाज होगा। चैत्र कृष्ण सप्तमी से शुरू होने वाले इस मेले को लेकर न केवल बिहार, बल्कि उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और उत्तराखंड सहित कई राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालुओं के जत्थे मघड़ा पहुंचने लगे हैं।
इतिहास की परतों में मघड़ा का महत्व
इस मंदिर की प्राचीनता का उल्लेख चीनी यात्री ह्वेनसांग के यात्रा वृत्तांतों में भी मिलता है। मंदिर के पुजारी मिथलेश कुमार मिश्रा बताते हैं कि जब ह्वेनसांग नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे थे, तब वे बड़ी पहाड़ी स्थित पुस्तकालय से विश्वविद्यालय जाने के दौरान इसी स्थान पर नीम और पीपल के वृक्षों की छांव में विश्राम किया करते थे। उन्होंने अपने लेखन में इस देवी स्थान का विशेष उल्लेख किया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने माता सती के शरीर के खंड किए थे, तब महादेव ने सती के अवशेषों को एक ‘मघ’ (घड़े) में रखकर इसी पावन धरती पर छिपा दिया था। इसी कारण इस गांव का नाम मघड़ा पड़ा। कालांतर में राजा वृषकेतु को माता ने स्वप्न में दर्शन दिए, जिसके बाद खुदाई के दौरान मां की प्रतिमा प्राप्त हुई।
अनोखी परंपरा: ‘मिट्ठी कुआं’ के जल से बनता है बसियौरा
मघड़ा मंदिर की सबसे विशिष्ट परंपरा ‘बसियौरा’ पूजा है। सप्तमी के दिन श्रद्धालु चने की दाल, चावल और सब्जी का प्रसाद बनाते हैं और अष्टमी के दिन माता को बासी भोग लगाया जाता है। इस दौरान पूरे गांव में चूल्हा नहीं जलता और स्वच्छता का ऐसा नियम है कि घरों में झाड़ू तक नहीं लगाई जाती। प्रसाद बनाने के लिए गांव के ऐतिहासिक ‘मिट्ठी कुआं’ के जल का उपयोग किया जाता है। लोकमान्यता है कि जहां से माता की प्रतिमा प्रकट हुई थी, वही स्थान आज कुएं के रूप में है। इस कुएं का पानी भीषण गर्मी में भी कभी नहीं सूखता।
आरोग्य और मनोकामना की देवी
चेचक (माता) जैसे असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए यह सिद्धपीठ पूरे देश में प्रसिद्ध है। श्रद्धालुओं का मानना है कि माता के दरबार का जल और भभूत लगाने से चर्म रोगों से राहत मिलती है। मन्नत पूरी होने पर भक्त यहां ‘जीव के बदले जीव’ अर्पित करने की परंपरा के तहत कबूतर सहित अन्य भेंट चढ़ाते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मेले की व्यापकता को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि जयंत शर्मा ने बताया कि इस बार पूरे मेला क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। मंदिर परिसर में 16 और बाहरी क्षेत्रों में 20 कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लाइटिंग, पेयजल, मोबाइल शौचालय और मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। तालाब में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए SDRF की टीम को भी तैनात किया गया है।
क्रिकेट मैच बना खूनी विवाद, विकेट गिरने पर युवक ने किशोर को उतारा मौत के घाट
9 Mar, 2026 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। जिले के महनार थाना क्षेत्र के जक्कोपुर गांव में रविवार शाम टी-20 फाइनल मैच देखना एक किशोर को भारी पड़ गया। मैच देखने के दौरान हुए विवाद में 17 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए हाजीपुर सदर अस्पताल भेज दिया गया है। बताया गया कि मोबाइल पर क्रिकेट मैच देखने को लेकर युवकों के बीच विवाद हुआ, जिसमें एक 17 वर्षीय किशोर की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार जक्कोपुर गांव में कुछ युवक भारत-न्यूजीलैंड टी-20 फाइनल मैच देख रहे थे। इसी दौरान भारत का एक विकेट गिरने पर एक किशोर ने जोर से शोर मचा दिया। इस पर वहां मौजूद दूसरे युवक को गुस्सा आ गया और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि बात मारपीट तक पहुंच गई। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी युवक ने 17 वर्षीय कुदन कुमार को जमीन पर पटक दिया और उसके सिर पर गंभीर प्रहार किया। हमले में कुदन गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कुदन को तुरंत महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे हाजीपुर सदर अस्पताल रेफर कर दिया। हाजीपुर में भी स्थिति नाजुक बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) भेज दिया, लेकिन पटना ले जाते समय रास्ते में ही कुदन ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान जक्कोपुर, नगर परिषद महनार के वार्ड संख्या 18 निवासी बृजकिशोर राय के 17 वर्षीय पुत्र कुदन कुमार के रूप में हुई है। वहीं आरोपी की पहचान 18 वर्षीय किसन कुमार, पिता विसुनकांत ठाकुर के रूप में हुई है, जिसका घर मृतक के घर के पास ही बताया जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश है और उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। जक्कोपुर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। महनार थाना पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
ई-मेल से धमकी मिलने के बाद Begusarai District Court परिसर में सघन जांच
9 Mar, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। में जिला न्यायालय को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है। धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी जिला जज के ई-मेल पर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भेजी गई है। सूचना मिलते ही बेगूसराय पुलिस हरकत में आ गई और न्यायालय परिसर के चप्पे-चप्पे की जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर में आम लोगों और मुवक्किलों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, हालांकि न्यायिक कार्य जारी रखा गया है। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले भी इसी तरह के पैटर्न पर धमकी मिली थी। लगातार मिल रही धमकियों को न्याय व्यवस्था के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। सोमवार सुबह जैसे ही धमकी भरा मेल मिला, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
मिली जानकारी के अनुसार ई-मेल के जरिए न्यायालय परिसर को विस्फोट से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया। मौके पर बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक धमकी की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही न्यायालय परिसर और आसपास के इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। दरअसल, यह पहली बार नहीं है जब बेगूसराय जिला न्यायालय को इस तरह की धमकी मिली हो। इससे पहले भी ऐसी घटना सामने आ चुकी है, जिसके कारण प्रशासन पहले से सतर्क था। फिलहाल पुलिस धमकी भरा ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके स्रोत तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच में जुट गई है। सुरक्षा एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं। खबर लिखे जाने तक किसी संदिग्ध वस्तु के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में हाई अलर्ट जारी है। युवा अधिवक्ता सुमित कुमार ने कहा कि बेगूसराय पुलिस को जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करना चाहिए, ताकि न्यायिक कार्य में किसी तरह की बाधा न उत्पन्न हो।
Patna में खौफनाक वारदात, मोबाइल छीनने आए बदमाशों ने युवक को चाकू मारा
9 Mar, 2026 11:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। पटना सिटी के आलमगंज थाना क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के पास स्थित कावेरी स्वीट्स के समीप बेखौफ अपराधियों ने लूटपाट के दौरान एक युवक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। अपराधियों ने युवक से मोबाइल और नकदी लूट ली और मौके से फरार हो गए। आलमगंज थाना क्षेत्र में लगातार दो दिनों में चाकूबाजी की यह दूसरी घटना है। मिली जानकारी के अनुसार, घटना उस समय हुई जब युवक कावेरी स्वीट्स के पास से गुजर रहा था। तभी चार की संख्या में आए अपराधियों ने उसे घेर लिया। अपराधियों ने पहले युवक के साथ धक्का-मुक्की की और उसके सामान छीनने की कोशिश की। जब युवक ने इसका विरोध किया तो अपराधियों ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
चाकू लगने से युवक लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। इसके बाद अपराधी उसके पास मौजूद कीमती मोबाइल फोन और नकद पैसे लूटकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों की मदद से घायल युवक को आनन-फानन में इलाज के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल युवक की पहचान कुणाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के सुपौल जिले का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह किसी काम से पटना आया हुआ था।घटना की सूचना मिलते ही आलमगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके। इस संबंध में आलमगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार ठाकुर ने बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खुशियां बांटने आया जीजा बना हादसे का शिकार, करंट लगने से गई जान
9 Mar, 2026 10:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैशाली। जिले के मालपुर गांव में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पातेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेज दिया। जानकारी के अनुसार मालपुर गांव निवासी मनोज चौधरी की पुत्री की शादी की तैयारी चल रही थी। 11 मार्च को बारात आने वाली थी, जिसके पहले घर में शिवचर्चा का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रिश्तेदार भी जुटे हुए थे।
इसी दौरान कार्यक्रम में उपयोग किया जा रहा माइक खराब हो गया। माइक ठीक करने के दौरान युवक करंट की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उसे तुरंत इलाज के लिए ताजपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) रेफर कर दिया। परिजन घायल युवक को पटना लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में बरडीहा के पास उसकी मौत हो गई। इसके बाद लोग शव को लेकर वापस घर लौट आए और घटना की सूचना पुलिस को दी।
मृतक की पहचान शेरपुर बहोरी गांव निवासी रमेश चौधरी के 31 वर्षीय पुत्र राजेश कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि वह अपनी साली की शादी में शामिल होने के लिए ससुराल आया हुआ था। घर में खुशियों का माहौल था, जो अचानक मातम में बदल गया। घटना की सूचना मिलने पर पातेपुर थानाध्यक्ष रौशन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल हाजीपुर भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
भारत की जीत से मुजफ्फरपुर में खुशी की लहर, मुस्लिम समाज ने कहा– हमारी दुआ रंग लाई
9 Mar, 2026 06:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुज्जफरपुर। टीम इंडिया की टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड पर ऐतिहासिक जीत के बाद मुजफ्फरपुर शहर जश्न में डूब गया। क्रिकेट प्रेमियों ने अलग-अलग अंदाज में खुशी मनाई। जगह-जगह आतिशबाजी की गई और गुलाल उड़ाकर लोगों ने टीम इंडिया की जीत का जश्न मनाया। मुजफ्फरपुर शहर के कल्याणी चौक, सरैयागंज टावर चौक, मक्कन साह चौक समेत कई इलाकों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। खास बात यह रही कि मुस्लिम बस्तियों में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर जश्न मनाया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी और टीम इंडिया की जीत पर खुशी जाहिर की।
शहर के हृदयस्थल माने जाने वाले कल्याणी चौक पर जैसे ही टीम इंडिया के चैंपियन बनने की खबर आई, लोग गाजे-बाजे के साथ सड़कों पर उतर आए। सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने “जीत गया-जीत गया, टीम इंडिया जीत गया” के नारे लगाए और हाथों में तिरंगा झंडा लहराया।
इस दौरान कई जगहों पर विजय जुलूस भी निकाले गए। सरैयागंज टावर के पास भी सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए और जमकर आतिशबाजी की। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जीत की खुशी साझा की। वहीं केदारनाथ रोड पर भी लोगों ने गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया। ब्रह्मपुरा की मुस्लिम बस्ती में भी लोगों ने टीम इंडिया की जीत पर खुशी जताई। स्थानीय लोगों ने कहा कि रमजान के महीने में उन्होंने टीम इंडिया की जीत के लिए दुआ मांगी थी और अल्लाह ने उनकी दुआ कबूल कर ली।
आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों के लिए मुंगेर जिला प्रशासन की ओर से नई पहल
8 Mar, 2026 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। आज रविवार को टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों के लिए मुंगेर जिला प्रशासन की ओर से नई पहल की जा रही है। इसकी जानकारी देते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले फाइनल मुकाबले को लेकर दर्शकों के लिए फैन स्क्रिनिंग पार्क बनाया जा रहा है, जहाँ दर्शक बड़ी स्क्रीन पर लाइव मैच का आनंद ले पाएंगे। इसके लिए जिला मुख्यालय में किला परिसर स्थित केसी सुरेंद्र बाबू पार्क में फैन स्क्रिनिंग पार्क बनाया जा रहा है, जहाँ बड़ी स्क्रीन पर दर्शक कल के मैच का भरपूर आनंद लें सकेंगे। इसी तर्ज पर जमालपुर नगर परिषद परिसर में, तारापुर अनुमंडल अंतर्गत अम्बेडकर भवन में तथा खड़गपुर अनुमंडल अंतर्गत नगर परिषद परिसर में भी फैन स्क्रिनिंग पार्क की व्यवस्था की जा रही है, जहाँ दर्शक इस मुकाबले का आनंद उठा सकते हैं। उन्होंने जिले के सभी खेल प्रेमियों को इस फैन स्क्रिनिंग पार्क में मैच का आनंद उठाने की अपील की है।
रांची में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, एक की मौत, घटना सीसीटीवी में कैद
8 Mar, 2026 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रांची में रात करीब दो अपराधियों ने एयरपोर्ट के टीटॉस रेस्टोरेंट के अंदर अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि अपराधी रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप की हत्या करने पहुंचे थे। उन्हें 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के पीछे प्रिंस का गिरोह हो सकता है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाइक से रात करीब 8.30 बजे दो अपराधी रेस्टोरेंट पहुंचे। एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा रहा, जबकि दूसरा आरोपी रेस्टोरेंट के अंदर गया और वहां फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर बैठे अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी घायल मनीष गोप को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच के दौरान वहां से गोली के तीन खोखे बरामद किए हैं। होटल समेत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शहर के कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली थी।
रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल 25 दिसंबर को प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था। राजकुमार गोप के मुताबिक रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में हटा ली गई। उनका कहना है कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भेजे जाते रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़कर देखा जा रहा है।
सीएम कुर्सी छोड़ने से पहले नीतीश 10 मार्च से ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ निकालेंगे
8 Mar, 2026 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार 10 मार्च से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के विकास कार्यों का जायजा लेने ‘समृद्धि यात्रा’ और ‘प्रगति यात्रा’ पर निकलेंगे। इस यात्रा में उनका मुख्य पड़ाव मधेपुरा होगा, जहां वे तीन दिनों तक रुकेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत 10 मार्च को सुपौल से होगी, जिसके बाद सीएम मधेपुरा पहुंचेंगे। मधेपुरा में वे नवनिर्मित पुलिस लाइन का लोकार्पण करेंगे। अपनी इस सघन यात्रा में सीएम नीतीश सीमांचल के छह प्रमुख जिलों मधेपुरा, किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया और सहरसा के साथ खगड़िया का भी दौरा करेंगे।
जानकारी के मुताबिक 11 मार्च को वे किशनगंज और अररिया में प्रगति यात्रा के तहत विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करेंगे, जबकि 12 मार्च को कटिहार और पूर्णिया में उनके कार्यक्रम तय है। यात्रा के अंतिम चरण में 13 मार्च को वे मधेपुरा से सहरसा और खगड़िया के लिए रवाना होंगे। सीएम की इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को देखना और जनता से सीधे संवाद करना है।
बता दें बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच उनके पुत्र निशांत कुमार रविवार को आधिकारिक तौर पर जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ग्रहण करेंगे। पटना स्थित पार्टी कार्यालय में उनके भव्य स्वागत की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जानकारी के मुताबिक पार्टी में शामिल होने के तुरंत बाद निशांत भी बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के व्यापक दौरे पर निकलेंगे, जिसका उद्देश्य सीधे जनता से संवाद स्थापित करना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।
निशांत की एंट्री को नीतीश कुमार की विरासत संभालने के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी के अंदर उन्हें सीएम बनाने की मांग पहले ही उठ चुकी है, हालांकि सूत्रों का दावा है कि उनकी शुरुआती ‘लॉन्चिंग’ डिप्टी सीएम और गृह मंत्री जैसे अहम पदों के साथ हो सकती है। सत्ता परिवर्तन के इस दौर में निशांत का सक्रिय राजनीति में आना न केवल जेडीयू के भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि बिहार के आगामी राजनीतिक समीकरणों को भी पूरी तरह से बदल सकता है।
मुंगेर में पेड़ से टकराई यूपी पुलिस की गाड़ी, चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल
8 Mar, 2026 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले के शामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत धपरी मोड़ के समीप शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में उत्तर प्रदेश पुलिस के चार जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांस थाना की एक पुलिस टीम सरकारी कार्य से मुंगेर से जमुई की ओर जा रही थी। इसी दौरान चालक को अचानक झपकी आ जाने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से जा टकराया।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पुलिस वाहन के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए। गाड़ी में सवार चारों पुलिसकर्मी—नीरज राय, अभिजीत उपाध्याय, संजीत सिंह और जयप्रकाश यादव—वाहन के अंदर ही फंस गए और लहूलुहान हो गए। घटना की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही शामपुर 112 की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला। सभी घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत अनुमंडल अस्पताल हवेली खड़गपुर में भर्ती कराया गया। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अजीत कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में नीरज राय और जयप्रकाश यादव की स्थिति काफी नाजुक पाई गई। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए इन दोनों को सदर अस्पताल मुंगेर रेफर कर दिया गया है। वहीं, अभिजीत उपाध्याय और संजीत सिंह का इलाज अनुमंडल अस्पताल में ही चल रहा है, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की खबर मिलते ही शामपुर थाना की पुलिस टीम अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर भी इस घटना की जानकारी उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में मानवीय चूक और चालक की थकान को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है।
रांची में रेस्टोरेंट में घुसकर फायरिंग, एक की मौत, घटना सीसीटीवी में कैद
8 Mar, 2026 01:19 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रांची में रात करीब दो अपराधियों ने एयरपोर्ट के टीटॉस रेस्टोरेंट के अंदर अंधाधुंध फायरिंग की। घटना में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर का काम करता था। बताया जा रहा है कि अपराधी रेस्टोरेंट मालिक राजकुमार गोप की हत्या करने पहुंचे थे। उन्हें 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि वारदात के पीछे प्रिंस का गिरोह हो सकता है। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बाइक से रात करीब 8.30 बजे दो अपराधी रेस्टोरेंट पहुंचे। एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर सड़क किनारे खड़ा रहा, जबकि दूसरा आरोपी रेस्टोरेंट के अंदर गया और वहां फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावर ने करीब चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट के अंदर अफरातफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर बैठे अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रेस्टोरेंट के कर्मचारी घायल मनीष गोप को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जांच के दौरान वहां से गोली के तीन खोखे बरामद किए हैं। होटल समेत आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने शहर के कई इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं मिली थी।
रेस्टोरेंट संचालक राजकुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर संभवतः उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले साल 25 दिसंबर को प्रिंस खान के नाम पर उनसे एक करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी गई थी। इस संबंध में उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था। राजकुमार गोप के मुताबिक रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में हटा ली गई। उनका कहना है कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भेजे जाते रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़कर देखा जा रहा है।
नए सीएम की तलाश में भाजपा, दो बयानों ने बढ़ाई दिल्ली की चिंता
7 Mar, 2026 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोई मसाला नहीं। कोई संभावना नहीं। कोई गणित नहीं। पहले यह दो बयान पढ़िए। आज का। बेहद ताजा।-
पटना|1. "बहुत लोगों को लगता है कि मुख्यमंत्री जी राज्यसभा जा रहे हैं। 2025 से 2030 तक बिहार में जो सरकार चलेगी, उसमें उन्हीं के मार्गदर्शन में सरकार चलेगी। कल के बैठक में उन्होंने बोला भी है। पार्टी का काम वह देखेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं वह। इस सरकार को गाइड करेंगे, जो यहां पर चलेगी। निशांत कुमार भी जदयू में कल से अपना काम शुरू करेंगे। जदयू का भविष्य तो जनता तय करती है। जनता ने 2025 में तय कर दिया। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में चुनाव हुआ। सरकार चल रही है। डिस्कशन वह सबसे करते हैं, लेकिन जो भी फैसला लेते हैं- उनका अपना होता है। 14 करोड़ बिहारियों को सम्मान से तब देखा गया, जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने। पूरे बिहार को लगता है कि नीतीश हैं तो वह सुरक्षित हैं। पार्टी उनके फैसले के साथ है।"
2. "जब हमारे नेता ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ही नहीं दिया तो नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी कोई सवाल ही बेकार और बेमतलब का है। एनडीए के नेता हमारे नेता नीतीश कुमार हैं। नीतीश कुमार को जनादेश मिला है। उनका इस्तीफा नहीं हुआ है तो नई सरकार के गठन की चर्चा अभी कहां! जब समय आएगा, तब जनादेश हासिल करने वाले नीतीश कुमार तय करेंगे कि सीएम कौन होगा। नीतीश कुमार ने कुछ सोच-समझ कर राज्यसभा के लिए नामांकन किया है। हम उनके हर फैसले में उनके साथ हैं।"जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने कहा ऐसा पहला बयान जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का है और दूसरा प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा का। आज, यानी शनिवार 7 मार्च को दिया गया यह बयान है। रविवार 8 मार्च को निशांत कुमार के जदयू में कामकाज शुरू करने के एक दिन पहले। मतलब, औपचारिक तौर पर पार्टी में आने के एक दिन पहले।
सीएम पद पर हैं... कब तक इस्तीफा नहीं दे सकते, यह भी जानें
दोनों बयानों का भावार्थ लोग अपने हिसाब से लगा सकते हैं, क्योंकि नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने की इच्छा जताते समय जो आधार बताया था- वह चौंकाने वाला था। बहुत अजूबा कि कोई मुख्यमंत्री सिर्फ इसलिए राज्यसभा जाने की इच्छा जताए, क्योंकि वह लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद् का सदस्य तो रहा है लेकिन देश के सर्वोच्च सदन का नहीं। राज्यसभा के नाम पर मुख्यमंत्री का पद त्यागने वाले पहले मुख्यमंत्री के रूप में खबरें भी चल चुकी हैं। लेकिन, सच्चाई यह है कि नीतीश कुमार ने अभी इस्तीफा नहीं दिया है। वह आज भी मुख्यमंत्री हैं। 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव का परिणाम आने तक भी मुख्यमंत्री रह सकते हैं। और, 20 अप्रैल को राज्यसभा के पुराने सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने तक भी। या, शायद उसके बाद भी। मतलब, जीतने के बाद भी राज्यसभा जाकर शपथ नहीं ली, तो भी।
भाजपा को हरी झंडी मिल चुकी, लेकिन महागठबंधन दे रहा गुपचुप ऑफर
नीतीश कुमार 16 मार्च को अगर राज्यसभा के लिए चुन लिए जाते हैं और तब वह इस्तीफा देते हैं तो 15 मार्च से 14 अप्रैल तक चलने वाला खरमास नई सरकार के गठन का रास्ता रोकेगा। यह वक्त काफी होगा कुछ नया खेला करने के लिए। इसलिए, भाजपा अपना सीएम तय कर जल्द से जल्द नीतीश को इस्तीफे के लिए तैयार करना चाहेगी। शायद 15 मार्च के पहले। यही कारण है कि भाजपा सारे काम तेजी से कर रही है। खासकर तब, जबकि वह देख रही है कि चुनाव परिणाम के महज तीन महीने बाद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की बात से गलत मैसेज गया है। इसके साथ ही वह यह भी देख रही है कि नीतीश कुमार ने भले ही भाजपा को अपनी ओर से हरी झंडी दे दी है, लेकिन महागठबंधन लगातार किसी-न-किसी रूप में उन तक ऑफर पहुंचा रहा है। आज भी तेजस्वी यादव ने कहा कि 25 से 30 के लिए जनादेश अगर नीतीश कुमार को मिला है तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाना बड़ी साजिश है, जिसका अंदेशा पहले से था।
भाजपाई सीएम की तैयारी के बीच केंद्र के गणित पर भी लोगों की नजर
भाजपा बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री देने जा रही है। इस चर्चा और भाजपा की अपनी तैयारियों के बीच कई नाम दौड़ में हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दिल्ली बुलाया गया है। ऐसे राजनीतिक गहमागहमी के माहौल में लोग केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के गणित पर भी चर्चा कर रहे हैं। जब 2024 चुनाव के बाद केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की वापसी हुई थी तो नीतीश कुमार को किंगमेकर कहा गया था। लोग उस गणित को याद करना चाह रहे हैं। इसलिए, यह बताना जरूरी है कि सिर्फ नीतीश कुमार के हाथ खींचने से केंद्र की सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 272 सांसद बहुमत के लिए चाहिए और नीतीश कुमार के 12 एमपी समर्थन वापस भी ले लें, तब भी (292-12=280) 280 की संख्या के साथ एनडीए की सरकार केंद्र में चलती रहेगी।
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