बिहार-झारखण्ड
सुधीर दास सहित 3 आरोपितों को दो दिन के रिमांड पर लेगी ACB
12 Jun, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। शराब घोटाला मामले की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) आज से विभाग के गिरफ्तार दो पूर्व अधिकारियों सहित तीन आरोपितों को रिमांड पर लेगी।
इन आरोपितों में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के महाप्रबंधक वित्त सुधीर कुमार दास, पूर्व महाप्रबंधक वित्त सह अभियान सुधीर कुमार व प्लेसमेंट एजेंसी मार्शन के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह शामिल हैं।
दो दिनों की पूछताछ के बाद 14 जून को फिर से न्यायालय में पेश करना होगा। एसीबी ने रांची स्थित एसीबी की विशेष अदालत से तीनों ही आरोपितों से चार दिनों तक पूछताछ के लिए रिमांड का आग्रह किया था।
रिमांड आवेदन पर सुनवाई के बाद अदालत ने सिर्फ दो दिनों तक ही पूछताछ की अनुमति दी है। इन आरोपितों से फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर दो प्लेसमेंट एजेंसियों को ठेका देने के मामले में भी पूछताछ होगी।
इसके अलावा राज्य में छत्तीसगढ़ माडल से शराब बेचे जाने, एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री से अवैध वसूली कराने, राजस्व वसूली के प्रति गंभीरता नहीं बरतने, जिसके चलते प्लेसमेंट एजेंसियों ने 50 करोड़ से अधिक का राजस्व बकाया जमा नहीं किया, संबंधित आरोपों पर भी एसीबी पूछताछ करेगी।
बिहार चुनाव को लेकर बसपा का एलान
12 Jun, 2025 12:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेहरी आनसोन (रोहतास)। बहुजन समाज पार्टी के डेहरी विधानसभा इकाई के तत्वावधान में बुधवार को कुशवाहा सभा भवन में संगठनात्मक समीक्षा बैठक की गई।
केंद्रीय प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार की उपस्थिति में प्रदेश प्रभारी उमाशंकर गौतम ने कहा कि बहन मायावती के निर्देश पर बिहार में पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है।
आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएगी। बिहार की 243 सीटों पर पार्टी चुनाव में प्रत्याशी खड़ा करेगी। हर विधानसभा में इसकी सतत समीक्षा की जा रही है।
उन्होंने डेहरी विधानसभा क्षेत्र की दुर्दशा को लेकर सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि डेहरी को नेताओं और पदाधिकारियों ने मिलकर लूटा है।
सोन नदी में खनन माफियाओं का कब्जा है, जिसे सांसद, विधायक और अफसरशाही का संरक्षण प्राप्त है। डेहरी आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है, जबकि यह क्षेत्र नगर परिषद है।
अनिल कुमार ने कहा हमारा लक्ष्य डेहरी को एक उद्योग और रोजगार से परिपूर्ण विधानसभा बनाना है। हम पलायन रोकेंगे और स्थानीय लोगों को रोजगार सुनिश्चित करेंगे।
शोषित, दलित, वंचित जनता के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए बसपा प्रतिबद्ध है। गठबंधन के सवाल पर कहा कि पार्टी इंडिया और एनडीए दोनों गठबंधनों से दूरी बनाए रखेगी।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष पवन कुमार, विधानसभा प्रभारी रमा शंकर यादव, जिला प्रभारी संजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष सोनी केसरी, जिला सचिव दिनेश दास, रिंकी देवी, जनार्दन राम समेत अन्य मौजूद थे।
झारखंड को केंद्र सरकार का तोहफा
12 Jun, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। बारिश के बाद जमा पानी को स्वच्छ रखने, सप्लाई वाले वाटर टैंकर की सफाई और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार से पेयजल स्वच्छता विभाग को 65 करोड़ की सहायता राशि मिल रही है।
जल जमाव होने से कई तरह की बीमारियां आसपास फैलती हैं। पेयजल स्वच्छता विभाग ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव से इनपर नियंत्रण करता है।
इस मद में केंद्र सरकार राज्यों को राशि उपलब्ध कराती है। जून के आखिरी सप्ताह तक यह राशि जिलों को आवंटित कर दी जाएगी। पेयजल स्वच्छता विभाग स्थानीय निकायों की मदद से जिलों में इसे खर्च करेगा।
पिछले साल इस मद में 53 करोड़ रुपए दिए गए थे। इसबार इसमें 12 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश के मौसम में कई तरह की समस्याएं होती हैं।
इसके लिए राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को राशि उपलब्ध कराती है। लेकिन पेयजल स्वच्छता विभाग को मिली यह राशि टैंकरों की मरम्मत और स्वच्छता के लिए खर्च होनी है।
50 प्रतिशत बंद हैंडपंप की हो चुकी है मरम्मत
राज्य में करीब 35 हजार खराब हैंडपंप की मरम्मत हो चुकी है। बता दें कि पेयजल स्वच्छता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक कुल 70 हजार हैंडपंप खराब पड़े थे। वित्त एवं योजना विभाग से राशि मिलने के बाद इनमें से आधे की मरम्मत कर दी गई है।
इससे संबंधित रिपोर्ट भी विभाग को जिलों से मिल गई है। बाकी के खराब जल स्रोतों की मरम्मत जून के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
झारखंड के अस्पतालों में होगा बड़ा बदलाव
12 Jun, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा है कि स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती के लिए संस्थानों को सशक्त करना जरूरी है।
नामकुम के लोक स्वास्थ्य संस्थान सभागार में बुधवार को आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य विभाग को तेजी, पारदर्शिता और समन्वय के साथ आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
तेजी का मतलब लापरवाही नहीं, बल्कि आपातकालीन स्वास्थ्य जरूरतों को सुव्यवस्थित ढंग से पूरा करना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर सरकारी अस्पताल में इलाज, जांच और दवा की संपूर्ण सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो, ताकि मरीजों को बाहर नहीं जाना पड़े।
डॉ. अंसारी ने झारखंड के सरकारी अस्पतालों में ऐतिहासिक बदलाव की योजना का खुलासा किया। मरीजों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े, इसके लिए अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, डायलसिस, सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने निविदा प्रक्रियाओं में देरी पर नाराजगी जताई और साप्ताहिक समीक्षा का निर्देश दिया ताकि, योजनाओं का कार्यान्वयन तेज हो। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिलें।
स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा
बैठक में डॉ. इरफान अंसारी ने 15वें वित्त आयोग के स्वास्थ्य अनुदान, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम, पीएसए प्लांट और सूचना, शिक्षा, संचार (आईईसी) गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को पारदर्शी और जवाबदेह ढंग से लागू किया जाए। स्वास्थ्य विभाग की प्रगति पर नजर रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और मूल्यांकन पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक अबु इमरान, प्रमुख स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक डॉ. चन्द्र किशोर शाही और प्रशासी पदाधिकारी लक्ष्मी नारायण किशोर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
विभिन्न कार्यक्रमों के प्रभारी और परामर्शदाताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया। मंत्री ने सभी से समन्वित प्रयासों की अपील की ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और पहुंच बढ़े।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि हेमंत सरकार का लक्ष्य झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को देश में अग्रणी बनाना है। इसके लिए संस्थानों को सशक्त करने के साथ-साथ जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
निविदा प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना है।
हेमंत सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने को प्रतिबद्ध है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस की तर्ज पर स्वास्थ्य संस्थानों को भी उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जाएगा।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि झारखंड के लोग न केवल स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करें, बल्कि राज्य बाहरी मरीजों के लिए भी स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बने।
पीएम आवास योजना में धांधली, घर में बना दिया चर्च
12 Jun, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जैंतगढ़। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर को चर्च में बदल देने का मामला प्रकाश में आया है। घर बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना का सूचना पट्ट हटाकर उसमें चर्च लिख दिया गया है।
घर से प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। इसको लेकर चांपुआ थाना में शिकायत भी किया गया है। यह मामला क्योंझर जिला के चांपुआ प्रखंड के बलभद्रपुर गांव का है।
ओडिशा व झारखंड की सीमा पर स्थित बलभद्रपुर गांव में मकरु मुंडा नामक एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर का निर्माण कराया है। उसका यह घर सरकारी जमीन पर बना है।
घर बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना का सूचना पट्ट हटाकर उसमें चर्च लिख दिया गया है। घर से प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है तथा भोले भाले लोगों को धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है। बाहर से ईसाई मिशनरी पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों में गुस्सा और विरोध किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले तो सरकारी जमीन पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाया गया। इसके बाद उसे चर्च में बदल कर अवैध मतांतरण की गतिविधि संचालित किया गया। बाहर से लोग आते हैं और गांव के सद्भाव को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के विरोध के बाद घटना स्थल पर पुलिस पहुंची तथा लोगों को शांत किया। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा है। यही कारण है कि इस तरह की अवैध गतिविधि करने वाले लोगों का उत्साह दिन प्रतिदिन बढता जा रहा है।
हिंदू जागरण मंच के ओडिशा के संगठन मंत्री तन्मय दास ने कहा कि ईसाई मिशनरियों की इस तरह की गतिविधि हाल में बढ़ी है। बलभद्रपुर में तो सरकारी पैसे से सरकारी जमीन पर बने भवन का ही उपयोग धर्मांतरण के लिए किया जा रहा है। प्रशासन इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रही है।
ईसाई मिशनरियों के इस गैर कानूनी कार्य से समाज में वैमनस्य का भाव उत्पन्न हो रहा है। समाज को अशांत किये जाने का प्रयास किया जा रहा है। हिंदू जागरण मंच मांग करता है कि प्रशासन ऐसे तत्वों पर कड़ाई से करवाई करें।
रेल सेवाओं में बदलाव: झाड़ग्राम मेमू दो दिन रद्द, राजधानी और आनंद विहार एक्सप्रेस की टाइमिंग प्रभावित
11 Jun, 2025 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
धनबाद। धनबाद से बोकारो व टाटा होकर चलने वाली झाड़ग्राम मेमू आद्रा रेल मंडल में चल रहे विकास कार्याें के कारण बुधवार को दोनों ओर से रद रहेगी। इसके बाद जून के दूसरे पखवाड़े में भी चक्रधरपुर रेल मंडल नॉन इंटरलॉकिंग के कारण अलग-अलग दिनों में नहीं चलेगी।
गोमो होकर चलने वाली हल्दिया-आनंद विहार साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस व अजमेर-सांतरागाछी स्पेशल ट्रेन भी अलग-अलग दिनों में विलंब से चलेगी। रांची-हावड़ा इंटरसिटी व दूसरी ट्रेनों को मार्ग बदल कर चलाया जाएगा।
इन तिथियों में प्रभावित रहेंगी ट्रेनें-
22 एवं 24 को जून को 18019 झाड़ग्राम-धनबाद मेमू
22 एवं 24 को जून को 18020 धनबाद-झाड़ग्राम मेमू
19 जून को चलने वाली 08612 अजमेर-सांतरागाछी स्पेशल अजमेर से 300 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलायी जाएगी।
23 जून को चलने वाली 22857 सांतरागाछी-आनंद विहार टर्मिनल एक्सप्रेस सांतरागाछी से 150 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलायी जाएगी।
24 जून को चलने वाली 22823 भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भुवनेश्वर से 60 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलायी जाएगी।
21 जून को चलने वाली 22892 रांची-हावड़ा इंटरसिटी एक्सप्रेस रांची से टाटा व खड़गपुर के बदले कोटशिला, राजाबेड़ा, जमुनियाटांड़, महुदा, आद्रा होकर चलेगी।
कोलफील्ड व ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस रद, आसनसोल से चलेगी बर्द्धमान-हटिया मेमू
धनबाद से हावड़ा को जोड़ने वाली सबसे लोकप्रिय ट्रेनों में शुमार कोलफील्ड व ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस इस माह के अलग-अलग दिनों में दोनों ओर से रद रहेगी। सुबह और शाम में चलने वाली दोनों ट्रेनों में लगभग तीन हजार यात्री सफर करते हैं। दोनों ट्रेनों के रद होने से हजारों यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी।
धनबाद व गोमो होकर चलने वाली बर्द्धमना-हटिया मेमू बर्द्धमान के बदले आसनसोल से चलेगी। वापसी में हटिया से बर्द्धमान तक ही जाएगी। आसनसोल रेल मंडल में नॉन इंटरलॉकिंग के मद्देनजर ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया जाएगा।
इन तिथियों में रद रहेंगी ट्रेनें-
12339 हावड़ा-धनबाद कोलफील्ड एक्सप्रेस 21 जून
12340 धनबाद- हावड़ा कोलफील्ड एक्सप्रेस 22 जून
22387 हावड़ा-धनबाद ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस 21 व 22 जून
22388 धनबाद- हावड़ा ब्लैक डायमंड एक्सप्रेस 21 व 22 जून
21 एवं 22 जून को 13503 बर्द्धमान-हटिया मेमू एक्सप्रेस आसनसोल से चलेगी।
20 एवं एवं 21 जून को 13504 हटिया-बर्द्धमान मेमू एक्सप्रेस आसनसोल तक जाएगी।
पटना के मैनपुरा में दो युवकों को मारी गोली, एक की मौत
11 Jun, 2025 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटनाः पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के मैनपुरा गेट नंबर 44 के पास में मंगलवार की देर रात बाइक सवार अपराधियों ने दो युवकों को गोली मार दी। वारदात में एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। मृतक की पहचान राजा कुमार (32) के रूप में हुई है। घायल 30 वर्षीय जितेंद्र को पीएमसीएच में भर्ती कराया गया है।
गोली मारने के बाद हथियार लहराते अपराधी फरार
मिली जानकारी के अनुसार एक बाइक पर सवार दो अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया। गोली मारने के बाद हथियार लहराते दोनों फरार हो गए। सूचना मिलने पर पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी पहुंची। टीम साक्ष्य इकट्ठा कर रही है। पुलिस आपसास के लोगों से पूछताछ कर रही है। सीसीटीवी फुटेज भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस खंगार रही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज
बाइक सवार किस दिशा से आए इसके लिए सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी जा रही है। घायल जितेंद्र के होश में आने के बाद पुलिस उसका बयान दर्ज करेगी। मृतक के स्वजनों ने बोरिंग रोड निवासी एक युवक पर संदेह जताया है। पुलिस उस युवक की तलाश कर रही है। तीन लोगों से अबतक घटना को लेकर पूछताछ की जा चुकी है।
बीते चार दिनों में चौथी बड़ी वारदात
राजधानी में बीते चार दिनों में यह चौधी बड़ी वारदात है। इसके पूर्व बिक्रम में डबल मर्डर, पटना सिटी में मां-बेटी की गोली मारकर हत्या एवं पति को जख्मी किया गया था। फतुहा में मंगलवार की देर शाम अधेड़ को गोली मारी गई, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी है। वहीं, राजधानी में ही पंचायती के दौरान सब दारोगा सहित तीन लोगों को गोली मारकर जख्मी किया गया था।
बिहार के शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों के लिए जरूरी खबर
11 Jun, 2025 12:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राज्य में राजकीयकृत एवं परियोजना विद्यालयों के पुराने वेतनमान वाले सहायक शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों का स्थानातंरण होगा। ऐसे शिक्षकों की संख्या 66,433 के आसपास है। विशेष बात यह है कि शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों का स्थानांतरण पारस्परिक एवं ऐच्छिक होगा।
राजकीयकृत एवं परियोजना विद्यालयों के पुराने वेतनमान वाले सहायक शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों का स्थानांतरण भी ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से होगा। पारस्परिक एवं ऐच्छिक स्थानांतरण चाहने वाले सहायक शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को निर्देश जारी किया है। निर्देश के मुताबिक पारस्परिक एवं ऐच्छिक स्थानांतरण चाहने वाले राजकीयकृत और परियोजना विद्यालयों के पुराने वेतनमान वाले सहायक शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार करने काे कहा गया है।
निर्देश में जिला शिक्षा पदाधिकारियों एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों से कहा गया है कि राजकीयकृत एवं परियोजना विद्यालयों के नियमित वेतनमान में नियुक्त सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक का पारस्परिक एवं ऐच्छिक स्थानांतरण ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से किया जाना है।
एक्सेल शीट ई-मेल पर उपलब्ध कराएं
इसके लिए उन्हें ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर करना है। स्थानांतरण के लिए राजकीयकृत एवं परियोजना विद्यालय के नियमित वेतनमान में नियुक्त सहायक शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक से संबंधित सूचना विहित प्रपत्र (एक्सेल शीट) में 13 जून तक माध्यमिक शिक्षा निदेशक के ई-मेल पर उपलब्ध कराएं।
इसके लिए दिए गए प्रपत्र में विद्यालय का नाम, यू-डायस कोड, प्रधानाध्यापक व सहायक शिक्षक का नाम, पदनाम, ई-शिक्षाकोष पर प्रदर्शित शिक्षक आइडी संख्या, जन्म तिथि, नियुक्ति तिथि, मोबाइल नंबर एवं अभ्युक्ति के कालम हैं। इसकी प्रतिलिपि अपर राज्य परियोजना निदेशक, जो केंद्रीयकृत अनुश्रवण कोषांग के प्रभारी हैं, के साथ सभी क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशकों को दी गई है।
झारखंड में कोरोना संक्रमित मरीज की सेप्टिक शॉक से मौत
11 Jun, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची। रिम्स में इलाजरत कोविड से संक्रमित एक मरीज की मौत सेप्टिक शॉक के कारण मंगलवार को हो गई। 44 वर्षीय मरीज को दो जून को सीआईपी रांची से रिम्स रेफर किया गया था।
मरीज को खाना गले में फंस जाने की वजह से दिल का दौरा पड़ा और सांसे रुक गई, जिसके पश्चात उसे सीपीआर दिया गया और बचाने की कोशिश की गई। वेंटिलेटर सपोर्ट के लिए रिम्स लाया गया।
जांच में एस्पीरेशन निमोनिया की पुष्टी हुई। इस कारण ट्रामा सेंटर में वेंटीलेटर पर रखा गया। इसके अलावा मरीज को कई अन्य प्रकार की बीमारियां भी पहले से थी।
पांच जून को भर्ती मरीजों की जांच में मरीज को कोविड पॉजिटिव पाया गया। रांची में 12 कोरोना के एक्टिव केस है, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
रिम्स चिकित्सकों के अनुसार मरीज की मृत्यु सेप्टिक शॉक की वजह से हुई है जिसमें मुख्यतः सर्कुलेटरी फेल्योर होता है न रेस्पिरेटरी फेल्योर जो कि आम तौर पर कोविड मरीजों में मौत का कारण होता है।
सेप्टिक शॉक एक जानलेवा स्थिति होती है जो तब होती है जब शरीर को किसी संक्रमण से लड़ने की प्रक्रिया खुद शरीर को नुकसान पहुंचाने लगती है। यह सेप्सिस का गंभीरतम चरण होता है।
सेप्टिक शॉक क्या है?
जब शरीर में कोई संक्रमण (फेफड़ों, पेट, मूत्र मार्ग, या त्वचा ) बहुत अधिक फैल जाता है, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक प्रतिक्रिया देने लगती है। यह प्रतिक्रिया सिस्टमिक इनफ्लेमेटरी रिस्पांस पैदा करती है, जिससे रक्तचाप बहुत कम हो जाता है। अंगों (जैसे कि किडनी, लिवर, ब्रेन) तक खून की आपूर्ति कम हो जाती है।आक्सीजन की कमी होने लगती है। कई अंग एक-एक करके काम करना बंद करने लगती है।
रघुनाथ पांडेय की वापसी, श्रमिक यूनियन में फिर मिला नेतृत्व का मौका
11 Jun, 2025 12:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर। टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज श्रमिक यूनियन में रघुनाथ पांडेय फिर से अध्यक्ष बने हैं।
मंगलवार देर रात तक चले मतगणना के बाद रात लगभग दो बजे कोषाध्यक्ष व महासचिव व तीन बजे के बाद अध्यक्ष पद के परिणाम सामने आए।
अध्यक्ष पद के लिए कुल चार उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। इसमें अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय (397 मत), विपक्ष से उम्मीदवार परमानंद सिंह (214 मत), तीसरे मोर्चा से चंद्रशेखर भूमिज (13 मत) व निर्दलीय प्रत्याशी राजेश कुमार को मात्र दो मत मिले।
वहीं, महासचिव के पद पर तीन उम्मीदवारों ने दावेदारी पेश की थी। इसमें निवर्तमान महासचिव सीडीएस कृष्णन फिर से बाजी मारी। कड़े मुकाबले में उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार गोपाल जायसवाल को मात्र 22 मतों से हराया।
सीडीएस कृष्णन को (253 मत), गोपाल जायसवाल को (231 मत) और तीसरा मोर्चा से विनय कुमार को (142 मत) मिले।
इसी प्रकार कोषाध्यक्ष के पद पर पहली बार कोई महिला उम्मीदवार अपना भाग्य आजमां रही थी लेकिन उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा। विपक्ष से उम्मीदवार नेहा उपाध्याय (250 मत) व तीसरा मोर्चा से विजय बहादुर सिंह (31 मत) ही मिले।
इन्हें हराकर कमलेश सिंह (345 मत) मिले। ऑफिस बियरर्स के 10 में से नौ पदों पर रघुनाथ पांडेय एंड टीम ने कब्जा किया जबकि उपाध्यक्ष के एक पद पर विपक्ष से पिंटू शर्मा जीतने में सफल रहे।
हम अपने काम के दम पर जीते : कार्यकारी अध्यक्ष
जीत के बाद पत्रकारों से करते हुए कार्यकारी अमरनाथ तिवारी ने कहा कि हम अपने काम के दम पर चुनाव जीते जबकि विपक्ष अफवाहों के आधार पर चुनाव जीतना चाहते थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
भरोसा नहीं जीत सका विपक्ष
उम्मीद थी कि इस बार के चुनाव में विपक्षी टीम बाजी मारेगी और सत्ता पर काबिज होगी लेकिन वे कर्मचारियों का भरोसा नहीं जीत सके। बीते चुनाव में ऑफिस बियरर्स के 11 में से छह पदों पर विपक्ष ने कब्जा किया था लेकिन जिस उम्मीद से कर्मचारियों ने उन्हें जिताया था, वे भरोसे पर खरे नहीं उतरे।
कामकाजी महिलाओं के लिए सौगात: दफ्तर के करीब मिलेगी 'अपनी छत', सफर की परेशानी होगी खत्म
11 Jun, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार सरकार ने महिला कर्मचारियों की रिहाइश की सुविधा उनके कार्यस्थल के पास ही करने की योजना बनाई है. सरकार का प्लान है कि सरकारी महिला कर्मियों को उनके कार्यस्थल के आसपास ही आवास हो. सरकार लीज पर यह सुविधा देने जा रही है. राज्य सरकार की ओर से इस तरह की व्यवस्था पहली बार होने जा रही है. प्रशासन विभाग के इसके मसौदे पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में इस बाबत मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक हुई. इसमें 22 एजेंडों पर मुहर लगी. इसमें लिए सभी मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में दी. उन्होंने कहा कि महिला सरकारी सेवकों को इसका लाभ मिलेगा, उन्हें आवास भत्ता की सुविधा का लाभ नहीं दिया जाएगा.
कमेटी करेगी समुचित जांच
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि भवन का चयन करने के लिए जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय एक कमेटी बनाई जाएगी. अनुमंडल पदाधिकारी इस कमेटी के सदस्य सचिव के अलावा जिला के एसपी, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि एवं भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता को सदस्य बनाया गया है. यह कमेटी किराए के लिए प्राप्त सभी आवेदनों या रूचि की अभिव्यक्ति का विश्लेषण करके समुचित जांच करेगी.
किराए के लिए होगा भवन का चयन
इसके लिए इच्छुक मकान मालिक अपने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के पास आवेदन करेंगे. इसके आधार पर यह देखा जाएगा कि पदस्थापन स्थल के आसपास यह स्थल मौजूद है या नहीं. इस भवन में पानी, शौचालय, बिजली समेत अन्य सभी मूलभूत सुविधाएं मौजूद हैं या नहीं. तमाम पहलुओं की जांच करने के बाद निजी भवन का चयन लीज (पट्टा) के लिए किया जाएगा. इसके बाद सरकार के साथ एकरारनामा होगा. संबंधित महिला कर्मी से आवासन से संबंधित किसी तरह की असुविधा की शिकायत प्राप्त होने पर उसका निराकरण का दायित्व संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी की होगी.
बिहार जन्म-मृत्यु नियमावली में संशोधन
बिहार जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 1999 के नियम-5 समेत अन्य धाराओं में संशोधन किया गया है. इसके बाद अब यह नियमावली बिहार जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रीकरण (संशोधन) नियमावली, 2025 कही जाएगी. इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर विभिन्न डाटाबेस तैयार कर इसे अपडेट करने के साथ ही किसी व्यक्ति के जन्म की तारीख और स्थान को साबित करने, किसी शैक्षणिक संस्थान में दाखिला लेने, चालान लाइसेंस जारी करने, मतदाता सूची तैयार करने, पासपोर्ट जारी करने या किसी अन्य कार्य के लिए जन्म एवं मृत्यु के रजिस्ट्रीकरण कार्य का सरलीकरण कार्य का सरलीकरण, डिजिटाइजेशन कर कंप्यूटर के माध्यम से निर्धारित समयसीमा में जारी किया जाएगा.
हर पंचायत में तैनात होंगे लिपिक
राज्य की सभी पंचायतों में 8 हजार 93 निम्नवर्गीय लिपिकों की बहाली की जाएगी. पंचायत सरकार भवन या अन्य पंचायत स्तरीय कार्यालय में इन्हें पदस्थापित किया जाएगा. इनकी जिम्मेदारी पंचायत स्तरीय योजनाओं के क्रियान्वयन और इनका समुचित लेखन करने की होगी. इसके लिए लिपिकीय संवर्ग (भर्ती एवं सेवाशर्त) नियमावली, 2018 का गठन किया गया है. इसके अलावा कृषि विभाग के नवसृजित कषि विपणन निदेशालय के लिए 14 पदों का सृजन किया गया है. इस निदेशालय की मदद से किसानों के उत्पाद में वैल्यू एडिशन या मूल्य संवर्द्धन करवाना समेत अन्य कार्य हैं. मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अंतर्गत विभिन्न श्रेणी के चार पदों की स्वीकृति दी गई है. इसमें वरीय विमान चालक के दो, कन्सलटेंट एवं सिविल इंजीनियर के एक-एक पद शामिल हैं.
21 हजार 600 युवाओं को प्रशिक्षण
राज्य में गठित मेगा स्किल सेंटर से आगामी 5 वर्षों में 21 हजार 600 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. राज्य के युवाओं को बाजार मांग के अनुरूप अत्याधुनिक रोजगारपरक कौशल ज्ञान प्रदान करना इन मेगा स्किल सेंटरों का उदेश्य है. चयनित एजेंसी स्वतंत्र प्लेसमेंट सेल का गठन करेगी, जो प्रशिक्षित युवाओं को नियोजित करेगी. इस परियोजना की लागत 280 करोड़ 87 लाख रुपये है और इसकी अवधि 5 वर्ष की होगी.
नगरपालिका क्षेत्र के विज्ञापन नियम में बदलाव
बिहार नगर निगम क्षेत्र में विज्ञापन नियमावली (संशोधन), 2025 पर कैबिनेट की मुहर लग गई है. इसके अंतर्गत नगरपालिका क्षेत्र में प्रदर्शित होने वाले सभी तरह के विज्ञापन की दर निर्धारित की गई है. सार्वजनिक स्थल पर किसी भी दीवार, वाहन, होर्डिंग, फ्रेम, भवन, जमीन या अन्य किसी स्थान पर प्रदर्शित किए जाने वाले विज्ञापनों पर अलग-अलग दर निर्धारित की गई है. इसके लिए नगर निकायों में 5 कलस्टर बनाते हुए केंद्रीयकृत प्रणाली तैयार की गई है. इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग से लाइसेंस लेने की आवश्यकता है. इसमें निगेटिव विज्ञापन की एक सूची भी तैयार की गई है, जिन्हें विज्ञापन के लिए प्रतिबंधित करके रखा गया है.
एसटी वर्ग को पीएम आवास योजना का लाभ
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के तरह राज्य के अनुसूचित जाति (एसटी) समुदाय के 9 समुह के लोगों को पीएम आवास योजना का लाभ दिया जाएगा. इन आदिवासी समुदाय के लोगों को आवास के लिए 2 लाख रुपये चार बराबर किश्तों में दी जाएगी. जिन एसटी समुदायों को इसमें शामिल किया गया है, उसमें असुर, बिरहोर, बिरजीया, हिलखरिया, कोरवा, मालपहाड़िया, परहईया, सौरियापहाड़िया और सावर शामिल हैं.
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएः-
-पटना में मौजूद लोकनायक जयप्रकाश हड्डी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में स्पोर्ट इंजूरी की इकाई शुरू की गई है. इस इकाई में 20 बेड की व्यवस्था की गई है. साथ ही 36 नए पदों का सृजन किया गया है.
-जल संसाधन विभाग के तहत बाढ़ प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 100 करोड़ रुपये लागत की दो योजनाएं स्वीकृति की गई हैं. इसमें हसनपुर-बनिया से सगुनी के बीच 8.330 किमी लंबाई का नया तटबंध का निर्माण तथा पटना के बख्तियारपुर प्रखंड में गंगा चैनल के दाएं तट पर सुरक्षात्मक कार्य एवं कटाव कार्य शामिल हैं.
-समाज कल्याण विभाग के तहत समेकित बाल विकास सेवाएं अंतर्गत बिहार बाल विकास लिपिकीय संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2025 को स्वीकृति मिली.
-बिहार खेल सेवा संवर्ग (भर्ती एवं सेवा शर्ते) नियमावली, 2025 को स्वीकृति दी गई. इससे राज्य में प्रतिभावान खिलाड़ियों का चयन प्रारंभिक स्तर पर किया जा सकेगा.
-सात डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है. इन्हें लगातार अनुपस्थित रहने और अन्य कारणों से यह कार्रवाई की गई है. खगड़िया सदर अस्पताल के सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आशीष कुमार एवं डॉ जागृति सोनम, इसी जिले गोगरी के महेशखुंड अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. मो. फिरदौस आलम, लखीसराय सदर अस्पताल की सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अनामिका कुमारी, इसी जिले के बड़हिया रेफरल अस्पताल की डॉ. अनुपम कुमारी, बेगूसराय के बरौनी स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अनुपम कुमार और लखीसराय के हलसी के नौवा अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अभिनव कुमार शामिल हैं.
'दहेज में चाहिए तेरी किडनी', ससुरालवालों की अजीबोगरीब मांग पर महिला ने दर्ज कराई शिकायत
11 Jun, 2025 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दहेज में कार, घर, सोना और संपत्ति मांगने का चलन पुराने समय से ही चला आ रहा है. हालांकि दहेज लेना कानूनन अपराध है, लेकिन शादी में चोरी-छिपे दहेज आज भी लिया ही जाता है. इतना ही नहीं महिला जब ससुराल आ जाती है, उसके बाद भी उससे दहेज की मांग की जाती है. दहेज न लाने पर महिला को ससुराल वाले प्रताड़ित करते हैं, लेकिन क्या आपने सुना है कि दहेज में किसी महिला से उसकी किडनी मांग ली जाए. जाहिर है नहीं सुना होगा, लेकिन ऐसा बिहार में हुआ है.
उत्तर बिहार के मुजफ्फरपुर में एक महिला द्वारा अपने बेटे के लिए दहेज में अपनी बहू से उसकी किडनी मांगने का अजीबोगरीब मामला सामने आया है. दीप्ति नाम की महिला ने इस संबंध में मुजफ्फरपुर महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है. पीड़िता दीप्ति अब अपने मायके में है. पुलिस को अपने साथ हुए अत्याचारों के बारे में बताते हुए दीप्ति ने कहा कि मेरी शादी 2021 में हुई. मेरा ससुराल मुजफ्फरपुर के बोचहा थाना क्षेत्र में है.
दहेज नहीं ला सकती तो किडनी दो
पीड़िता ने बताया कि शादी के बाद शुरू में सब ठीक था. लेकिन फिर मेरे ससुराल वालों ने पैसे, बाइक और जेवर लाने के लिए मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और मेरे साथ मारपीट की. जब मैं अपने ससुराल वालों की मांगें मानने को तैयार नहीं हुई, तो उन्होंने मुझ पर अपने बीमार पति को अपनी एक किडनी देने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया.
पुलिस ने की समझौते की कोशिश
महिला ने बताया कि मुझे अपने पति की किडनी की बीमारी के बारे में शादी के दो साल बाद पता चला. ससुराल वालों ने मुझ पर किडनी देने के लिए दबाव डाला. मुझे मारा-पीटा और प्रताड़ित किया. दीप्ती इसके बाद अपने माता-पिता के घर आ गई और महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई. इस मामले पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी.
दीप्ति ने अपने पति से तलाक मांगा, लेकिन उसके पति ने उसे तलाक देने से मना कर दिया. महिला थाने में 38/25 का मामला दर्ज किया है और उसके पति समेत ससुराल पक्ष के चार लोगों को आरोपी बनाया है.
बिहार के काराकाट में आठ किलो गांजा बरामद
10 Jun, 2025 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास। काराकाट पुलिस ने आठ किलो गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर डेहरी से पटना जाने वाली एक बस से की गई। बिक्रमगंज के एसडीपीओ कुमार संजय ने बताया कि एनएच 120 ए स्थित बहुआरा काली मंदिर के समीप सघन वाहन जांच की जा रही थी। इसी दौरान नासरीगंज की तरफ से आने वाली एक बस को रुकने का इशारा किया गया, तो बस पर बैठा एक व्यक्ति अपनी पीठ पर लदे पिठू बैग एवं हाथ में लिए झोले को लेकर गेट की ओर तेजी से बढ़ने लगा।
शक होने पर उसे सशस्त्र बल के सहयोग से रोका गया। पूछने पर उसने अपना नाम भोजपुर जिला निवासी स्व शिव कुमार प्रसाद का पुत्र गुप्तेश्वर प्रसाद उम्र 58 वर्ष बताया। उसके बैग और झोले की तलाशी एनडीपीएस एक्ट के तहत काराकाट के सीओ डॉ. रितेश कुमार के समक्ष की गई, तो बैग से 5 बंडल एवं झोले से 3 बंडल कुल 8 बंडल गांजा बरामद किया गया। इसका वजन कुल 7 किलो 900 ग्राम था।
उसके पास से एक मोबाइल बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में काराकाट थाना काण्ड सं 300/25 दिनांक 09.06.25 धारा 20 (बी) (8) एनडीपीएस एक्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। एसडीपीओ ने बताया कि इस गिरोह के अन्य लोगों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास पुलिस कर रही है।
गिरफ्तार गुप्तेश्वर प्रसाद उदवन्तनगर थाना काण्ड संख्या-140/23, धारा-342/307 भादवि का अभियुक्त है। छापेमारी दल में काराकाट थानाध्यक्ष भागीरथ कुमार, काराकाट सीओ डॉ. रितेश कुमार, पुअनि रोहित कुमार, पुअनि संजय कुमार ठाकुर, सिपाही रोहन राज शामिल रहे।
गोपालगंज में 7 महीने की प्रेग्नेंट किशोरी का मिला शव
10 Jun, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोपालगंज। रविवार रात जादोपुर थाना क्षेत्र के बलुआ टोला में सात माह की गर्भवती एक किशोरी की गला दबाकर हत्या कर शव को गन्ने की खेत में फेंक दिया गया। यह घटना चार दिनों में दूसरी है। चार दिनों के अंदर दो किशोरी की हत्या कर शव को फेंक दिया गया है।
ऐसे में जादोपुर दियारा क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, जादोपुर थाना क्षेत्र के बलुआ टोला निवासी शख्स की 15 वर्षीय बेटी रविवार की रात को अपने घर से खाना खाने के बाद सोने के पहले दरवाजे पर बैठ गई। यहां से वह लापता हो गई।
वहीं दो घंटे की खोजबीन का उसका शव गन्ने के खेत से बरामद कर लिया गया। रविवार की रात को शव बरामद होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए लेकर सदर अस्पताल पहुंची।
यहां पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सक ने बताया कि वह सात माह की गर्भवती थी। फिलहाल इस मामले में जादोपुर थानाध्यक्ष मोहन कुमार निराला चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
शुक्रवार को मिला था एक किशोरी का शव
उधर, गोपालगंज के ही दूसरे गांव में एक किशोरी की हत्या का मामला सामने आया। माता-पिता पर ही अपनी बेटी की हत्या करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय किशोरी का अपने ही गांव के एक युवक से प्रेम-प्रसंग था।
आरोप है कि इसको लेकर स्वजन ने कई बार किशोरी को समझाने के बाद उसकी पिटाई भी की थी। आरोप है कि इसके बाद उसके पिता व मां के अलावा भाई ने मिलकर घर के एक कमरे में किशोरी को ले गए। कमरे में पिता ने बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी।
आरोप है कि भाई और मां ने भी पूरी वारदात में किशोरी के पिता का साथ दिया था। शव पूरी तरह से नहीं जल सका तो पुलिस से बचने के लिए स्वजन ने सिहोरवा बांध के समीप दफन कर दिया था।
शुक्रवार की रात शव को पुलिस ने बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपित माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित भाई की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
डिटेंशन सेंटर से दो महिलाओं सहित 3 बांग्लादेशी फरार
10 Jun, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हजारीबाग। हजारीबाग स्थित जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) के डिटेंशन सेंटर से रविवार रात दो महिलाओं सहित तीन बांग्लादेशी नागरिकों के फरार होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह डिटेंशन सेंटर से फरारी की अब तक की तीसरी घटना है, जिसने पुलिस और जेल प्रशासन की लापरवाही को उजागर कर दिया है। फरार होने वालों में 29 वर्षीय रीना खान उर्फ फीना देवी (निवासी-ढाका), 24 वर्षीय अख्तर खुशी (निवासी-चटगांव) और 22 वर्षीय मोहम्मद नजमुल हक (निवासी-सानिधभांगा, मोरलेगंज) शामिल हैं।
तीनों के खिलाफ भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और बिना वैध पासपोर्ट रहने का मामला दर्ज था। ये विभिन्न जेलों रांची, जामताड़ा और दुमकामें बंद थे, जिन्हें बाद में हजारीबाग के डिटेंशन सेंटर में स्थानांतरित किया गया था।
घटना के समय डिटेंशन सेंटर में आठ सुरक्षाकर्मी तैनात थे और कैदियों को कांटेदार बाड़े वाले कक्षों में रखा गया था, इसके बावजूद तीनों का फरार हो जाना चौकाने वाला है। अब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वे निगरानी और सुरक्षा घेरे को चकमा देकर कैसे फरार हुए।
चौंकाने वाली बात यह है कि फरार हुए आरोपितों की तस्वीर तक पुलिस या जेल प्रशासन द्वारा जारी नहीं की गई है। इस मामले में जेपी कारा और पुलिस प्रशासन एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते नजर आ रहे हैं।
इस मामले को लेकर लोहसिंघना थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। घटना की जानकारी मिलते ही उपायुक्त शशि प्रकाश, एसडीपीओ सदर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति की समीक्षा की।
जानकारी के अनुसार, तीनों विदेशी नागरिक अपनी सजा पूरी कर चुके थे और उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। भारत सरकार लगातार बांग्लादेश दूतावास से संपर्क में थी, लेकिन बांग्लादेश की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई में देरी हो रही थी।
इस कारण से उन्हें जेल से हटाकर जेपी कारा परिसर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर यहां की सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी उजागर करती है। इससे पहले भी दो बांग्लादेशी और एक रोहिंग्या नागरिक यहां से फरार हो चुके हैं, लेकिन किसी को अब तक दोबारा पकड़ा नहीं जा सका है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी किस पर डालता है और फरार विदेशी नागरिकों की तलाश में कितनी तेजी और सफलता दिखाता है।
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