बिहार-झारखण्ड
जल्द बदलेगा टाटानगर स्टेशन का चेहरा, स्काई लाउंज से लेकर होटल तक होंगे मौजूद
7 Jun, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन की डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग के सामने चार नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। बकौल सांसद, रेल मंत्रालय को हमने यहां की ट्रैफिक की समस्या का समाधान करने का आग्रह किया है इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास करने के बावजूद इसके डिजाइन में काफी बदलाव किए गए हैं।
अब यह जानकारी मिली है कि वर्तमान में स्टेशन का जो एक नंबर प्लेटफार्म है वह भविष्य में पांच नंबर हो जाएगा और मुख्य बिल्डिंग के सामने पार्किंग एरिया सहित उसके आगे की ओर चार नए प्लेटफार्म आएंगे। इससे स्टेशन का दायरा तो बड़ा होगा ही, नई रेल लाइन बिछने से ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी और पूर्व में बिछी लाइन का उपयोग लूप लाइन सहित अन्य उपयोग में होंगे। मालूम हो कि अमृत भारत योजना के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट होना है। गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 फरवरी 2024 को इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं।
10 कंपनियां बिडिंग में हुई हैं शामिल
चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि स्टेशन बिल्डिंग के री-डेवलपमेंट के लिए 10 कंपनियों ने निर्माण के लिए इच्छा जताई है। ऐसे में सभी कंपनियों की तकनीकी योग्यता की जांच की जा रही है। इसके लिए सभी कंपनियों द्वारा दी गई जानकारियों की जांच की जा रही है इसके लिए रेल मंत्रालय सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारी काम कर रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेक्निकल बीडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद ही बिल्डिंग निर्माण का काम शुरू होगा। वहीं, उन्होंने बताया कि टाटानगर रेलवे स्टेशन की बनने वाली नई बिल्डिंग में सभी प्लेटफार्म पर उतरने-चढ़ने के लिए एसक्लेटर सहित लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
पॉक्सो मामले में अजीबो-गरीब पुलिसिया हरकत, कोर्ट ने लिया संज्ञान
7 Jun, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुजफ्फरपुर: पॉक्सो कोर्ट प्रथम के यहां एक मुकदमा का विचारण चल रहा है, जहां केस का आरोपित चिंटू कुमार ऊर्फ झामू चौधरी नियमित रूप से कोर्ट में उपस्थित हो रहा है।
इसी बीच अहियापुर थाने की पुलिस ने पांच जून को बैंड-बाजा के साथ आरोपित के घर पर पहुंची और इश्तेहार चस्पा कर दिया।
आरोपित की मां ने जब जमानत के पेपर दिखाए तो पुलिस ने बताया कि घर को कुर्की करना है। पुलिस ने जमानत के कागज को फर्जी करार कर दिया।
वकील ने कोर्ट को दी मामले की जानकारी
मामले की जानकारी अधिवक्ता ने कोर्ट को दी। इस पर पॉक्सो की विशेष अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते अहियापुर थाने से रिपोर्ट मांगी है।
मानवाधिकार अधिवक्ता एसके झा ने बताया जनवरी में आरोपित के विरुद्ध इश्तेहार निकला गया था, लेकिन 25 फरवरी को ही आरोपित ने जमानत करा ली थी।
पुलिस ने जनवरी के आदेश का पालन उस वक्त किया जब आरोपित जमानत पर मुक्त हो चुका है। अधिवक्ता ने कहा पुलिस द्वारा किया गया कार्य मानवाधिकार का उल्लंघन है। पूरे मामले में कोर्ट गंभीर है।
सीबीसीएस कोर्स के लिए भारी रुझान, एक लाख से अधिक आवेदन, व्यावसायिक कोर्स पर असमंजस
7 Jun, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। पटना विश्वविद्यालय सहित कई विश्वविद्यालयों में स्नातक में नामांकन के लिए नियमित के साथ-साथ व्यवसायिक कोर्स में एक साथ आवेदन लिए गए है, लेकिन अब तक पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई है।
इससे काफी संख्या में अभ्यर्थी नामांकन के इंतजार में दूसरे-दूसरे विश्वविद्यालय में नामांकन करा रहे है। पीपीयू में पांच हजार से अधिक सीटों पर व्यावसायिक कोर्स में नामांकन लिए जाते है। इसके लिए सरकार व राजभवन से सीटों की अनुशंसा के आलोक में आवेदन प्रक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जाता है कि पीपीयू में बीबीए, बीसीए, बीबीएम सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित हो रहे है। अंगीभूत महाविद्यालयों के लिए एनसीईटी के साथ-साथ सरकार की ओर से भी सीट व नामांकन की अनुमति मिल चुकी है, लेकिन कई संबद्ध महाविद्यालयों को राज्य सरकार की ओर से अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण मामला फंसा हुआ है। छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजीव रंजन ने बताया कि व्यवसायिक कोर्स में नामांकन के लेकर आवश्यक प्रक्रिया कर ली गई है। जल्द ही आनलाइन आवेदन लेने को लेकर कवायद होगी।
स्नातक में नामांकन के लिए 99 हजार से अधिक आवेदन
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) स्नातक नियमित सत्र 2025-2029 में नामांकन आवेदन के लिए अब शुक्रवार की शाम तक 99 हजार से अधिक आवेदन आ चुके हैं। अभ्यर्थी आनलाइन आवेदन प्रक्रिया नौ जून तक पीपीयू के वेबसाइट पर कर सकते है।
इस दौरान पूर्व में किए गए आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि का सुधार भी करा सकते हैं। 12 जून को पहली मेधा सूची जारी होगी, जबकि 15 जुलाई से कक्षाएं आरंभ होगी। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के नालंदा एवं पटना जिले में अवस्थित अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में नामांकन के लिए अभ्यर्थी विवि के वेबसाइट पर आनलाइन आवेदन नौ जून तक दे सकते है।
बिहार चुनावी रण में NDA की एंट्री, टिकट बंटवारे पर बन रही सहमति
7 Jun, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इसको लेकर तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. एनडीए में सीटों के बंटवारे पर चर्चा चल रही है. सूत्रों के मुताबिक लोकसभा चुनाव के फार्मूले के अनुसार ही बिहार में NDA का टिकट बंटवारा होगा. इसको लेकर पटना से लेकर दिल्ली तक बातचीत शुरू हो चुकी है. बता दें कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 17, जेडीयू ने 16, एलजेपी ने 5 और हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने एक-एक सीट पर चुनाव लड़ा था. नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को भी चुनावी रणनीति में ध्यान में रखा जा रहा है.
बिहार में सीटों के बंटवारे में पेंच ना फंसे इसलिए सीटों का बंटवारा एकदम आखिर में किया जाएगा. इसके साथ ही लगातार दो बार से हारी जाने वाली सीटों की अदला-बदली भी की जाएगी. मतलब ये की अगर किसी सीट पर बीजेपी पिछले दो चुनावों से लगातार हार रही है तो उस सीट को दूसरे सहयोगी पार्टी को दिया जा सकता है. ताकि वहां जीत की संभावना हो.
कैसा होगा बिहार में सीटों का बंटवारा?
लोक सभा चुनाव में बीजेपी ने जेडीयू से एक सीट ज्यादा पर चुनाव लड़ा था, लेकिन विधानसभा में जेडीयू बीजेपी से एक-दो ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. सूत्रों के अनुसार जेडीयू 243 में से 102-103 और बीजेपी 101-102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है.
इसके अलावा बाकी बची करीब 40 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को दी जाएगी. इसमें बड़ा हिस्सा एलजेपी का होगा, क्योंकि राज्य में उसके पांच सांसद हैं. इस लिहाज से उसे करीब 25-28 सीटें मिल सकती हैं. जबकि हम को 6-7 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4-5 सीटें दी जा सकती हैं.
जातिगत समीकरणों पर होगा खास ध्यान
बिहार विधानसभा चुनाव सीट बंटवारे में जाति समीकरण का ध्यान रखा जाएगा. अगर किसी जिले में 5 विधानसभा सीटें है तो ये ध्यान रखा जाएगा कि उस जिले की सीटों के उम्मीदवारों में सभी जातियों का प्रतिनिधित्व हो. ऐसा भी ना हो कि अगल बगल सीटें बीजेपी -जेडीयू लड़ रही हो और दोनों सीटों पर एक ही जाति के उम्मीदवार हो.
नीतीश की सेहत पर नजर
एनडीए सीट बंटवारे और जीत के लिए सीट दर सीट रणनीति बनाई जा रही है. साथ ही एनडीए और विपक्षी गठबंधन के संभावित बागियों की भी पहचान की जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य को लेकर भी एनडीए का आकलन है कि जितना विपक्ष इसे मुद्दा बनाएगा उतना विपक्ष को नुकसान और एनडीए को सहानुभूति मिलेगी.
कैसा था पिछले चुनावों में सीटों का गणित
बिहार विधानसभा चुनाव में ऐसा पहली बार नहीं है जब सीटों के बंटवारे को लेकर हाई लेवल का मंथन चल रहा हो. लगभग हर चुनाव में ऐसा ही होता आ रहा है. बीजेपी और जेडीयू इससे पहले भी मिलकर चुनाव लड़ चुके हैं. साल 2010 के विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो उस समय जेडीयू ने 141 और बीजेपी ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा था.
2015 के चुनाव से पहले नीतीश ने एनडीए का साथ छोड़ दिया था. उस समय आरजेडी के साथ मिलकर चुनाव लड़ गया था. इस चुनाव में आरजेडी और जेडीयू ने बराबर- बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा था. 2020 के चुनाव से पहले एक बार फिर नीतीश ने बीजेपी से हाथ मिलाया था उस समय जेडीयू ने 115 और बीजेपी ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था. पिछले चुनावों को देखते हुए ऐसा माना जा रहा है कि इस बार भी जेडीयू ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ेगी.
तेजस्वी यादव के काफिले में ट्रक की टक्कर, बाल-बाल बचे नेता प्रतिपक्ष
7 Jun, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव देर रात सड़क हादसे का शिकार होते होते बचे. तेजस्वी के काफिले में बेकाबू ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी. इस घटना में कई सुरक्षा कर्मी घायल हो गए. आनन फानन में सभी घायलों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया है. तेजस्वी यादव बताया कि घटना मात्र उनसे 5 फीट की दूरी पर हुई.
तेजस्वी यादव के काफिले को एस्कॉर्ट कर लोग ट्रक की टक्कर से घायल हो गए. इनमें ड्राइवर, सुरक्षा कर्मी शामिल हैं, जिन्हें आनन फानन में इलाज के लिए पुलिसकर्मियों ने हाजीपुर सदर अस्पताल लाया गया. घटना को लेकर सदर अस्पताल हाजीपुर में अफरा तफरी मच गई.
कैसे हुई पूरी घटना?
घटना के बारे में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि सुबह 10 बजे मधेपुरा कार्यक्रम में गए हुए थे पटना लौटने के दौरान NH 22 हाजीपुर मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग के गोरौल में चाय पीने के लिए रुके थे. उसी दौरान एक ट्रक ने अनियंत्रित होकर मेरे सामने 2/3 गाड़ियों में टक्कर मार दी, वहीं आस पास सुरक्षाकर्मी खड़े थे. इसमें 3 लोग घायल हो गए. उन्होंने कहा कि 05 फिट की दूरी पर हम खड़े थे, थोड़ा और अनियंत्रित होता तो ट्रक हमे भी ठोकर मार देता.
ट्रक और ड्राइवर पर हो कार्रवाई
इस हादसे के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भाग रहे ट्रक को पकड़ लिया है. चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. लापरवाही के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि दुर्घटना होती रहती है, लेकिन दुर्घटना जो आज हुई है उसमें साफ लापरवाही हुई है. उस पर एक्शन होना चाहिए. चाहे कोई भी हो उन्होंने कहा कि आए दिन एक्सीडेंट होता है. इस देश में सबसे ज्यादा लोग एक्सीडेंट से मरते हैं. इस घटना में कार्रवाई होनी चाहिए. इस मौके पर महुआ के राजद विधायक डॉ मुकेश रोशन और वैशाली सिविल सर्जन श्याम नंदन प्रसाद,कई कार्यकर्ता सदर अस्पताल पहुंचे. सिविल सर्जन श्यानन्दन प्रसाद के मुताबिक दो लोगों को बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर किया जा रहा है.
टाटानगर स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्लान में बड़ा बदलाव, सामने बनेंगे 4 नए प्लेटफार्म
7 Jun, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन की डिजाइन में बड़ा बदलाव किया गया है। अब स्टेशन की मुख्य बिल्डिंग के सामने चार नए प्लेटफार्म बनाए जाएंगे। दैनिक जागरण से बात करते हुए सांसद बिद्युत बरण महतो ने यह जानकारी दी।
बकौल सांसद, रेल मंत्रालय को हमने यहां की ट्रैफिक की समस्या का समाधान करने का आग्रह किया है इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा शिलान्यास करने के बावजूद इसके डिजाइन में काफी बदलाव किए गए हैं।
अब यह जानकारी मिली है कि वर्तमान में स्टेशन का जो एक नंबर प्लेटफार्म है वह भविष्य में पांच नंबर हो जाएगा और मुख्य बिल्डिंग के सामने पार्किंग एरिया सहित उसके आगे की ओर चार नए प्लेटफार्म आएंगे।
इससे स्टेशन का दायरा तो बड़ा होगा ही, नई रेल लाइन बिछने से ट्रैफिक की समस्या भी कम होगी और पूर्व में बिछी लाइन का उपयोग लूप लाइन सहित अन्य उपयोग में होंगे।
मालूम हो कि अमृत भारत योजना के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन का री-डेवलपमेंट होना है। गति शक्ति प्रोजेक्ट के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 फरवरी 2024 को इसका शिलान्यास भी कर चुके हैं।
10 कंपनियां बिडिंग में हुई हैं शामिल
चक्रधरपुर मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी ने बताया कि स्टेशन बिल्डिंग के री-डेवलपमेंट के लिए 10 कंपनियों ने निर्माण के लिए इच्छा जताई है। ऐसे में सभी कंपनियों की तकनीकी योग्यता की जांच की जा रही है।
इसके लिए सभी कंपनियों द्वारा दी गई जानकारियों की जांच की जा रही है इसके लिए रेल मंत्रालय सहित दक्षिण पूर्व रेलवे के अधिकारी काम कर रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेक्निकल बीडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।
इसके बाद ही बिल्डिंग निर्माण का काम शुरू होगा। वहीं, उन्होंने बताया कि टाटानगर रेलवे स्टेशन की बनने वाली नई बिल्डिंग में सभी प्लेटफार्म पर उतरने-चढ़ने के लिए एसक्लेटर सहित लिफ्ट की सुविधा रहेगी।
धनबाद और रांची से होगा बंगाल जीतने का रोडमैप तैयार, भाजपा ने बनाए आईटी सेंटर
7 Jun, 2025 12:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए वहां से सटे राज्य के शहरों में भाजपा आइटी सेंटर बनाएगी। यहां से मतदाताओं को संदेश भेजे जाएंगे।
इसके साथ ही सीटों पर रणनीति बनाने के लिए रिसर्च और डाटा संग्रहण का काम भी किया जाएगा। बता दें कि 2026 के मार्च महीने में बंगाल में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।
धनबाद और रांची में सेंटर स्थापित करने की योजना
पार्टी की योजना धनबाद और रांची में सेंटर स्थापित करने की है। भाजपा आईटी सेल इससे पहले भी बंगाल के चुनावों के लिए राज्य में रणनीतिक केंद्र बनाता रहा है।
पुरुलिया और इससे सटे बंगाल के इलाकों में बड़े नेताओं की आवाजाही के लिए भी बोकारो, धनबाद और रांची केंद्र का उपयोग होता है।
इसी महीने बंगाल भाजपा के नेता रांची आकर प्रदेश के नेताओं संग बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तैयार करेंगे।
रांची: डेढ़ एकड़ जमीन के लिए 65 वर्षीय बुजुर्ग की पत्थर से कुचलकर हत्या
7 Jun, 2025 12:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेढ़ एकड़ जमीन के चक्कर में रांची के रातू थाना क्षेत्र अंतर्गत सिमलिया पंचायत के नयाटोली बाघलता के रहने वाले 65 साल के बंधना उरांव की बेरहमी से पत्थर से कुचल-कुचल कर हत्या कर दी गई है. आरोप है कि उनके ही घर से थोड़ी दूर रहने वाले गांव के जमीन कारोबारी छोटू कच्छप, अघनु मुंडा ने 6 लाख रुपए की सुपारी देकर उनकी हत्या करवाई है. इस हत्याकांड में लोहरदगा जिला के रहने वाले अमन लकड़ा उर्फ अनीश उरांव और कैलाश उरांव का नाम भी सामने आया है.
65 साल बंधन उरांव की डेढ़ एकड़ बेशकीमती जमीन थी जिस पर उन्हीं के गांव के रहने वाले जमीन कारोबारी छोटू कच्छप और अघनु मुंडा की नजर थी. दोनों उस जमीन को बेचकर अच्छा मुनाफा कमाने की लालच में थे. इसके लिए उन लोगों 2.30 लाख रुपये जमीन मालिक बंधना उरांव को दे दिए और जमीन पर काम करना शुरू कर दिया. जमीन मालिक बंधना उरांव ने आरोपियों से कहा कि जब तक उन्हें पूरे पैसे नहीं मिल जाते हैं तब तक वह काम आगे नहीं बढ़ने देंगे. इसी वजह से छोटू कच्छप और अघनु मुंडा का पैसा फंस गया और वह जमीन को बेच नहीं पा रहे थे.
फिर क्या था दोनों जमीन कारोबारी ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रचते हुए लोहरदगा जिला के रहने वाले अमन लकड़ा उर्फ अनीश उरांव और कैलाश उरांव नामक दो युवकों से संपर्क किया. दोनों को जमीन मालिक की हत्या करने के लिए 6 लाख रुपए की सुपारी दी और इसके बाद वृद्ध बंधना उरांव की रेकी करवाने लगे. इसी बीच 31 मई की देर शाम बंधना उरांव अपने घर में बकरियों को बांधकर अपने भतीजे से मिलने निकले लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे. अगले दिन उनकी लाश घर से कुछ ही दूरी पर मिली.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
इसके बाद मृतक की पत्नी ने रातू थाना में शिकायत दर्ज कराई. रांची के ग्रामीण एसपी प्रवीन पुष्कर ने मामले में जांच के लिए एक टीम बनाई. गठित टीम ने पूछताछ, मोबाइल लोकेशन और कॉल डंप के आधार पर पूरे मामले का खुलासा किया. बंधना उरांव की हत्या में शामिल उन्हीं के गांव के रहने वाले जमीन कारोबारी छोटू कच्छप, अघनु मुंडा के अलावा पुलिस ने लोहरदगा के रहने वाले अमल लकड़ा उर्फ अनीश उरांव और कैलाश उरांव को गिरफ्तार किया है.
घर बुलाया, फिर पीछा कर मारा
चारों आरोपियों ने हत्याकांड में अपनी संलिपिता को स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने 31 मई की रात को डेढ़ एकड़ जमीन की डील फाइनल करने को लेकर जमीन मालिक बंधना उरांव को बुलाया था. बंधना उरांव बार-बार जमीन कारोबारी छोटू की बातों को मानने से इनकार कर रहे थे. इसी के बाद सुनसान इलाका देखकर वृद्ध की गला दबाकर हत्या कर दी. फिर बेरहमी से पत्थर से उसके चेहरे समेत शरीर के अन्य हिस्सों को कुचल दिया.
पश्चिम बंगाल से जुड़ा आरा मर्डर केस, जांच एजेंसियां सतर्क
7 Jun, 2025 12:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा। भोजपुर जिले के आरा मुफस्सिल थाना क्षेत्र अन्तर्गत बड़का-डुमरा -गौरैया मठिया इलाके में धारदार हथियार से गला रेतकर नृशंस तरीके से मारे गए अज्ञात युवक का कनेेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
इसे लेकर पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना, बैरकपुर पुलिस ने भोजपुर पुलिस से संपर्क साधा है। इसे लेकर भोजपुर पुलिस की टीम सत्यापन के लिए बंगाल जाएगी। दरअसल, किसी केेस के सिलसिले में अनुसंधान में लगी बंगाल पुलिस एक संदिग्ध को पूछताछ के लिए वहां उठाया है। पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि आरा में मारा गया शख्स बंगाल का ही निवासी है।
इधर, पूछे जाने पर एसपी राज ने कहा कि ऐसी सूचना प्राप्त हुई है। सत्यापन के लिए टीम को वहां भेजा जाएगा। मालूम हो कि 19 अप्रैल की रात 25 वर्षीय एक युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी तथा साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बोरिंग के साइफन में छिपा दिया गया था।
20 अप्रैल की सुबह गांव के ग्रामीण दैनिक क्रिया के लिए निकले हुए थे , तभी उन्होंने शव को देखा था। इसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। इसके बाद एफएसएल की टीम को भी बुलाया था। एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंच ठोंस साक्ष्य एकत्रित किए थे।
डेढ़ माह बाद भी शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। इधर, पश्चिम बंगाल पुलिस का फोन आने के बाद गुत्थी सुलझने की संभावना बढ़ गई है। शुरुआती जांच में किसी गुप्त स्थान पर हत्या कर शव को बोरिंग के साइफन में छिपाए जाने की आशंका जतायी जा रही है। उस समय उसकी जेब से भी कोई पहचान पत्र नहीं मिला था। जिसके कारण हत्या की यह घटना अभी तक अबूझ पहेली बनी हुई है।
कांग्रेस का जनाधार फिर पाने की कवायद, राहुल गांधी पहुंचे नीतीश-मांझी के गढ़
6 Jun, 2025 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार विधानसभा चुनाव का भले ही अभी तक औपचारिक ऐलान न हुआ हो, लेकिन अब सियासी तपिश पूरी तरह से बढ़ गई है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी बिहार में अपने खिसके जनाधार को दोबारा से जोड़ने के लिए लगातार सियासी एक्सरसाइज करने में जुटे हैं. अब राहुल आज शुक्रवार को नीतीश कुमार के गढ़ नालंदा में और जीतनराम मांझी के दुर्ग कहे जाने वाले गया में सियासी सेंधमारी करने की कवायद करते हुए नजर आएंगे.
राहुल गांधी नालंदा में नीतीश के कोर वोटबैंक अतिपिछड़े वर्ग को जोड़ने की कोशिश करेंगे तो गया में माउंटेन मैन दशरथ मांझी के घर पहुंच कर सियासी संदेश देंगे. लोकसभा चुनाव के बाद से ही राहुल गांधी ने अपना फोकस बिहार पर केंद्रित कर दिया. पांच महीने में राहुल पांचवीं बार बिहार दौरे पर पहुंच रहे हैं. वह नालंदा के राजगीर में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शिरकत करेंगे, लेकिन उससे पहले गया जाएंगे.
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी नालंदा में अति पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ संवाद भी करेंगे. इसके बाद वह गया के गहलौर गांव भी जाएंगे, जहां दशरथ मांझी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ ही मांझी के परिवार से मुलाकात करेंगे और फिर महिलाओं से संवाद करेंगे.
मांझी के वोटबैंक पर कांग्रेस की नजर
बिहार में कांग्रेस की नजर दलित, अतिपिछड़े और मुस्लिम वोटबैंक पर है. राहुल इसी टारगेट को हासिल करने की कवायद में जुटे हैं, जिसके तहत शुक्रवार को बिहार दौरे पर सबसे पहले गया पहुंचेंगे. गया में राहुल गांधी सबसे पहले दशरथ मांझी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाएंगे. इसके बाद वे दशरथ मांझी के परिवार से मिलेंगे. दशरथ मांझी के बेटे को राहुल गांधी पहले ही कांग्रेस में शामिल करा चुके हैं और अब उनके घर जाकर परिवार से मिलेंगे, जिसके सियासी मायने को समझा जा सकता है.
गया लोकसभा सीट से जीतनराम मांझी सांसद हैं और केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री भी हैं. गया जिले में मुसहर समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं, जिसे जीतनराम मांझी का वोटबैंक माना जाता है. बिहार में मुसहर समुदाय महादलित वर्ग में आते हैं और इनकी आबादी 3 से 4 फीसदी है. मुसहर समाज के वोटों के दम पर ही मांझी केंद्र में और उनके बेटे बिहार सरकार में मंत्री हैं. कांग्रेस की नजर मुसहर समाज के वोटों को साधने की है, जिसके लिए ही राहुल गांधी का गया दौरा प्लान किया गया है.
कांग्रेस का फोकस बिहार में पूरी तरह से दलित वोटबैंक पर है, जिसमें रविदास समुदाय से आने वाले राजेश राम को पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बना रखा. पासी समाज से आन वाले सुशील पासी को बिहार का सह-प्रभारी. अब दशरथ मांझी के परिवार के जरिए राहुल गांधी मुसहर समुदाय के वोटों को साधने की कवायद में है, जिसके लिए गया पहुंचेंगे, जहां पर दशरथ मांझी के परिवार से मिलने के साथ-साथ महिलाओं के साथ संवाद भी करेंगे. वह गया के एक होटल में महिला संवाद कार्यक्रम से शामिल होंगे और महिलाओं से बातचीत भी करेंगे. माना जा रहा है कि इस दौरान महिलाओं के लिए राहुल कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं.
नीतीश के वोटबैंक में भी सेंधमारी का प्लान
राहुल गांधी दशरथ मांझी के परिवार से मिलने के बाद सीधे नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा पहुंचेंगे. नालंदा जिले के राजगीर में एक कन्वेंशन सेंटर में पार्टी की ओर से संविधान सुरक्षा सम्मेलन में शिरकत करेंगे. इस दौरान राहुल अति पिछड़ा वर्ग के लोगों और छात्रों के साथ संवाद करेंगे. उनका नालंदा दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है. वह एक तरफ नीतीश कुमार के गढ़ में अपनी पार्टी की पैठ मजबूत करने की कवायद में हैं तो दूसरी तरफ ओबीसी और अतिपिछड़े वर्ग के वोटों को साधने की स्ट्रैटेजी.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़ में पहुंचकर राहुल गांधी जेडीयू के कोर वोटबैंक माने जाने अत्यंत पिछड़ा वर्ग में सेंधमारी करना चाहते हैं. नालंदा नीतीश कुमार का गृह जिला है और उनकी राजनीतिक ताकत का प्रतीक है. जेडीयू सबसे ज्यादा मजबूत नालंदा में है. साथ ही नालंदा को पिछड़े और अतिपिछड़े समुदाय का गढ़ भी माना जाता है. इसीलिए कांग्रेस ने संविधान सुरक्षा सम्मेलन का कार्यक्रम नालंदा में रखा है, जहां राहुल अपने सामाजिक न्याय के एजेंडे को धार देने के साथ ही अतिपिछड़े वर्ग के लोगों और छात्रों के साथ संवाद कर सियासी संदेश देते नजर आएंगे.
दलित-ईबीसी केमिस्ट्री बना रही कांग्रेस
बिहार में कांग्रेस दोबारा से खड़े होने और अपनी सियासी वापसी के लिए दलित और अतिपिछड़े वर्ग के वोटों की सियासी केमिस्ट्री बनाने में जुटी है. राहुल राजनीतिक रूप से बखूबी समझ रहे हैं कि बिहार में बिना दलित और अतिपिछड़े वोटबैंक को जोड़े बिना सत्ता में आना मुश्किल है. दलित 17 फीसदी हैं तो अतिपिछड़ा वर्ग की आबादी 36 फीसदी है. नीतीश कुमार की पूरी राजनीति इन्हीं दोनों वोटबैंक पर टिकी हुई है. नीतीश कुमार जिस तरह से उम्र के ढलान पर हैं ऐसे में कांग्रेस को लग रहा है कि यही मौका है, जब इन्हें आसानी से अपने साथ जोड़ सकते हैं.
बिहार में किसी भी गठबंधन की जीत के लिए दलित और अतिपिछड़ा समुदाय सबसे अहम माना जाता है. नीतीश कुमार इन्हीं दोनों वोटों के सहारे दो दशक से सत्ता की धुरी बने हुए हैं, लेकिन अब उनकी स्थिति कमजोर हो रही है. ऐसे में राहुल गांधी ने नीतीश कुमार और जीतनराम मांझी के गढ़ से दलित, ओबीसी, अतिपिछड़े वर्ग और महिलाओं के साथ संवाद कर उन्हें अपने साथ जोड़ने की एक सोची-समझी रणनीति है.
पांच महीने में राहुल का पांचवां बिहार दौरा
राहुल गांधी का पिछले पांच महीनों में पांचवां बिहार दौरा है. वह पांच जनवरी को पटना में संविधान सुरक्षा कार्यक्रम में शामिल हुए थे. फिर 5 फरवरी को पटना में श्री कृष्ण मेमोरियल हाल में जगलाल चौधरी की जयंती में शामिल हुए. इसके बाद 7 अप्रैल को पटना में संविधान सम्मेलन के लिए बिहार आए थे. 15 मई को बिहार के दरभंगा में पिछड़े, अतिपिछड़ा और दलित छात्रों के साथ संवाद किया था. अब 6 जून को नालंदा में अतिपिछड़े समुदाय के साथ बातचीत करेंगे और गया में महिलाओं से संवाद कार्यक्रम है.
बिहार में राहुल गांधी के अब जीतने की कार्यक्रम हुए हैं, उन्हें दलित, पिछड़े और अतिपिछडे वर्ग के केंद्रित करके रखा गया है. राहुल गांधी ‘पलायन रोको, नौकरी दो’ और ‘शिक्षा न्याय संवाद’ जैसे अभियानों के जरिए युवाओं, दलितों और अति पिछड़ा वर्ग के लोगों का विश्वास जीतने की कवायद कर रहे हैं. कांग्रेस का ध्यान नीतीश कुमार के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाने पर है. यह नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू के लिए खतरे की घंटी हो सकती है.
राहुल गांधी गया और नालंदा से पूरे बिहार को यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लगभग 20 सालों के कार्यकाल में बिहार में रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ खास काम नहीं हुआ है. इसी तरह जीतनाराम मांझी ने मुसहर समुदाय का भला करने की जगह सिर्फ अपने परिवार को सियासी तौर पर सेट करने का काम किया है.
बिहार में मोदी बनाम राहुल पर गरमाई सियासत, बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने
6 Jun, 2025 02:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के मामले पर बिहार में बीजेपी और कांग्रेस में तलवार खींच गयी है. दोनों ही पार्टियों की तरफ से जमकर जुबानी युद्ध चल रहा है. आलम यह है कि बात अब तू-तड़ाक पर आ गयी है. गुरुवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को आयोजित किया था. इसमें उन्होंने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि राहुल गांधी जहां-जहां जाते हैं, कांग्रेस को डूबा देते हैं. उनका इतिहास रहा है. राजस्थान, हरियाणा यहां तक कि छत्तीसगढ़ में जहां उनकी सरकार चल रही थी, वहां भी डूबा दिए. उन्होंने कहा कि पूरा देश जानता है कि वह एसी में बंद रहते हैं.
देश की जनता को पसंद नहीं राहुल
दिलीप जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस के बड़े नेता भी राहुल गांधी से मिलने जाते हैं तो जैसे चपरासी से बात की जाती है, उनसे भी वह वैसे ही बात करते हैं. आज की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राहुल गांधी की राजनीति का जो स्टाइल है, उसे देश की जनता नहीं पसंद कर रही है. इसलिए कांग्रेस का पतन हो रहा है.
बीजेपी अध्यक्ष ने दिया सुझाव
दिलीप जायसवाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री रहते हुए भी नरेंद्र मोदी 11 वर्षों में 51 बार बिहार आ चुके हैं. वह देश, दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता है. वहीं राहुल गांधी जब चुनाव आएगा तो संविधान लेकर निकल जाएंगे. अरे पांच साल निकलिए. इससे ज्यादा अच्छा सुझाव एक बीजेपी का अध्यक्ष क्या दे सकता है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मजबूती के लिए राहुल गांधी को थोड़ा सीख लेना चाहिए.
20 जून को प्रधानमंत्री सिवान आ रहे हैं. सिवान से वह फिर बिहार को सौगात देने आ रहे हैं. वाजिब है जहां नरेंद्र मोदी हो वहां जनसभा नहीं रैला निकलता है. राहुल गांधी सपने में भी उतनी भीड़ नहीं देख पाएंगे. उन्होंने पलायन रोको यात्रा निकाली थी. अब खुद पलायन कर गए हैं.
नरेंद्र मोदी पिता के समान
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को नहीं पता है कि गाली की संस्कृति नहीं है. नरेंद्र मोदी उनके पिता के समान हैं. अपने पिता के उम्र की व्यक्ति के लिए गाली देना भारत का संस्कार नहीं है. दिलीप जायसवाल यहीं नहीं रूके. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पाप का घड़ा भर रहा है. खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली बात है. जब आदमी बेचैन हो जाता है तो मां-बाप को भी गाली बकने लगता है.
उन्होंने कहा कि दिलीप जायसवाल के पास गाली की पूरी डिक्शनरी है. आप सुने भी नहीं होंगे, ऐसी-ऐसी गाली मैं जानता हूं. लेकिन मेरा संस्कार ऐसा नहीं है. मैं बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष हूं और राहुल इसलिए बोल रहा हूं. क्योंकि वह मुझसे छोटे हैं.
कांग्रेस ने किया तीखा पलटवार
दिलीप जायसवाल के बयान के आने के बाद से कांग्रेस ने पलटवार किया है. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि राहुल गांधी को वह सैकड़ों गालियां दे सकते हैं. गांधी कभी गाली, बंदूक से डरा है क्या? सबको पता है गोडसे का खानदान गाली और गद्दारी में सबसे आगे है. उसी खानदान का एक वंशज दिलीप जायसवाल है. दिलीप जायसवाल हम तुमको क्या बोले? इतिहास पढ़ो और समझो कि गांधी और गोडसे में कितना अंतर होता है.
गांधी का खून साफ और स्वच्छ
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि गांधी का खून साफ और स्वच्छ होता है. गोडसे का खून गंदा और तर्कहीन होता है. आज देश के 140 करोड़ लोगों से तुमको गाली पड़ रही है. उस दिन से जिस दिन से ऑपरेशन सीजफायर की सूचना आई. भारत और दुनिया को तब पता चला कि भारत में शेर को चुना था लेकिन वह मेमना निकल गया. गाली में पीएचडी हासिल कर सकते हो लेकिन सेवा में नहीं. गांधी सेवा में समर्पित थे हैं और समर्पित रहेंगे.
शिल्पी नेहा तिर्की ने सुनी जनता की फरियाद, कहा- त्वरित समाधान होगा
6 Jun, 2025 02:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: कांग्रस मुख्यालय में गुरुवार को कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के जनता दरबार का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने विभिन्न जिलों से आए लोगों की समस्याओं को सुना और त्वरित समाधान लिए अधिकारियों निर्देशित करने की बता कही।
इस दौरान गुमला के चैनपुर के रहने वाले विनोद खलखो ने अपनी जमीन पर कब्जा होने की बात कही। उन्होंने कहा कि उनके पिता फबियानुस खलखो विधायक थे। इनकी जमीन चैनपुर में 1.65 एकड़ जमीन है, जहां पर बाजार लगती है।
इन्होंने कहा कि इनके दादा जोहन खलको ने इगनिश खलखो को नौकर रखा था। पंजी टू में इनका नाम है, लेकिन इस पर किसी अधिकारी का नाम नहीं है और न ही तिथि अंकित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीओ, सीआइ और थाना प्रभारी मामले में मिले हुए हैं। कुछ दिनों पहले उनके परिवार पर हमला भी हुआ था।
वह इसकी शिकायत डीजीपी, मुख्यमंत्री सहित सभी जगहों पर कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
मंत्री ने कहा- मामला अभी कोर्ट में पेंडिंग
मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि यह मामला कोर्ट में भी लंबित है। इस दौरान कृषि विभाग में अनुकंपा पर नौकरी नहीं मिलने, कृषक मित्रों के बकाया नहीं मिलने, तालाब का जीर्णोद्धार सहित अन्य समस्याओं के बारे में सुना।
मंत्री ने कहा कि जनता की उचित समस्याओं का त्वरित निदान उनका मौलिक हक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि जनता की समस्या फाइलों में उलझ कर ना रहे। अगर सरकार के अधिकारी कार्य करने में आनाकानी करते हैं तो शिकायत करें। उस पर कार्रवाई होगी।
जनता दरबार में कुल 85 लोगों ने अपनी समस्याओं को रखा। जनता दरबार में लिट्टीपाड़ा, धनबाद, सरायकेला, बरहेट, रांची, पलामू, लातेहार, गढ़वा, हजारीबाग, धनबाद सहित अन्य क्षेत्र के लोगों ने तालाब जीर्णोद्धार, जमाबंदी, डीप बोरिंग, धान खरीद की राशि नहीं मिलने, लैंप-पैक्स चुनाव, कृषि ऋण माफी, पारिवारिक भूमि विवाद, पेंशन, मुआवजा, मेधा डेयरी, स्टाल, मछुआरा आयोग के गठन, जमीन विवाद की समस्याओं को रखा।
रांची को जाम से मिली राहत, मुख्यमंत्री ने किया सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन
6 Jun, 2025 02:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को राजधानी रांची में बहुप्रतीक्षित सिरमटोली फ्लाईओवर का उद्घाटन किया। सिरमटोली चौक से राजेंद्र चौक होते हुए मेकान गोलचक्कर तक पहुंचने वाले इस फ्लाईओवर के शुरू होने से आम लोगों को जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
सिरमटोली चौक से मेकान चौक तक की यात्रा अब महज पांच-सात मिनट में पूरी हो सकेगी। पहले यह दूरी तय करने में लगभग 30 मिनट का समय लगता था और लोगों को जाम से भी जूझना पड़ता था।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल पर पोस्ट किया गया कि यह सिर्फ संरचना नहीं, बल्कि हेमंत सोरेन सरकार का राज्यवासियों को सुविधा उपलब्ध कराने के प्रति समर्पण का जीवंत प्रमाण है।
बता दें कि 2.34 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर का निर्माण झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग की देखरेख में 355.76 करोड़ की लागत से कराया गया है। लगभग ढाई वर्ष पहले 19 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री ने इसकी आधारशिला रखी थी। इसके साथ ही अब रांची में दो बड़े फ्लाईओवर चालू हो चुके हैं। इससे पहले कांटाटोली फ्लाईओवर का पिछले वर्ष लोकार्पण किया गया था।
निर्माण में नई तकनीक का प्रयोग
सीएमओ की ओर से एक अन्य पोस्ट में लिखा गया कि इस पुल के निर्माण में झारखंड में पहली बार नवीनतम तकनीक मोनो पाइल फाउंडेशन को अपनाया गया है। साथ ही सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रीकास्ट पायर कैप औऱ प्रीकास्ट गिर्डर जैसी नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों का प्रयोग किया गया है। 132 मीटर लंबा एक्स्ट्रा एक्स्ट्रा डोज्ड केबल स्टे और 42 मीटर ऊंचे चार पाइलन भी इसकी विशेषताओं में शामिल हैं।
कार्तिक उरांव के नाम पर फ्लाईओवर का नामकरण
खास बात यह है कि इस फ्लाईओवर के रैंप से जुड़े विवाद को लेकर एक दिन पहले ही कई आदिवासी संगठनों ने झारखंड बंद का आयोजन किया था। इसके ठीक अगले दिन अचानक इसका लोकार्पण कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सबको चौंका दिया। राज्य सरकार ने इस फ्लाईओवर का नामकरण पूर्व केंद्रीय मंत्री और अपने दौर के कद्दावर आदिवासी नेता रहे कार्तिक उरांव के नाम पर करने की घोषणा की है।
सीएम ने सिरमटोली में उठे विवाद को लेकर भी अपनी सफाई पेश की और कहा, हम झारखंड का विकास चाहते हैं। कुछ लोग राजनीति की रोटियां सेकते हैं। आज यह बन गया तो शहर जाम से मुक्त होगा। हम पेट्रोल भी बचाएंगे। जाम से होने वाली परेशानी से भी मुक्ति मिली। अभी इस तरह की कई योजनाएं हैं।
राज्य के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्धः हेमंत सोरेन
डोरंडा के वन भवन परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 30 मिनट के भाषण में विपक्ष पर कटाक्ष भी किया और अपने काम की उपलब्धियां भी बताईं। पर्यावरण दिवस पर उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे बचेंगे तभी इंसान बचेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि सभी लोग एक-एक पौधा अवश्य लगाएं और प्लास्टिक से परहेज करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार को आप सबों का बड़ा सहयोग मिला है। ऐसे में हमारी सरकार राज्य की जनता के प्रति जिम्मेदारियों को पूरी संवेदनशीलता के साथ निभा रही है। एक जिम्मेदार सरकार होने के नाते हम शहर से लेकर गांव तक हर व्यक्ति, वर्ग, समुदाय और तबके के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्य योजनाओं को धरातल पर उतार रहे हैं, ताकि इस राज्य को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सकें।
इस कड़ी में जहां बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, वहीं मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के जरिए नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसी ही कई और योजनाएं हैं, जिनसे लोगों को सशक्त बनाने का प्रयास निरंतर जारी है। गांव की महिलाएं ग्रामीण आर्थिक को गति दे रही हैं।
निर्माण में आई चुनौतियों की भी चर्चा की
इस मौके पर पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने निर्माण में आई चुनौतियों के बारे में बताया। कितनी जमीन ली गई, कितने मकान तोड़े गए, रेलवे के सहयोग को याद किया। इसके प्रति कृतज्ञता भी व्यक्त की। इस मौके पर मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी संबोधित किया और बताया कि सरकार संतुलित विकास की ओर अग्रसर है। इस मौके पर मंत्री संजय प्रसाद यादव ने भी मुख्यमंत्री को बधाई दी कि तमाम अड़चनों के बावजूद फ्लाईओवर आज जनता को समर्पित हो गया।
इस अवसर पर मंत्री सुदिव्य कुमार, राज्यसभा सांसद महुआ माजी, विधायक अमित कुमार महतो, विधायक सुरेश बैठा, राज्य समन्वय समिति के सदस्य राजेश ठाकुर, मुख्य सचिव अलका तिवारी, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, सचिव अबुबकर सिद्दीक, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार औऱ रांची रेल मंडल के डीआरएम जसमीत बिंद्रा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे।
समर्थकों की कमी? नीतीश कुमार की रैली में दिखी मायूसी, जल्द खत्म किया संबोधन
6 Jun, 2025 01:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दरभंगा के नेहरू स्टेडियम में शहीद सूरज नारायण सिंह के स्मृति सभा मे पहुंचे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम में ज्यादातर कुर्सियां खाली ही रह गईं. बताया जा रहा है कि आयोजनकर्ता तकरीबन एक महीने से इस कार्यक्रम की तैयारी में जुटे थे.
इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी, अतिपिछड़ा कल्याण मंत्री हरि सहनी, सूचना जनसंपर्क मंत्री महेश्वर हजारी के अलावा कई सांसदों और विधायकों के एक साथ मंच पर होने के बावजूद सभास्थल पर महज हजार से दो हजार लोग ही दिखाई दिए.
सीएम की जनसभा में कुर्सियां खाली
स्थिति यह थी कि आम लोगों से ज्यादा पुलिस बल सभास्थल पर दिखाई दे रहे थे. वहीं भीड़ नहीं जुटने के कारण कुर्सियों को समेट कर एक जगह कर दिया गया था. और जितनी कुर्सियां सभास्थल पर लगाई गई, उसमें भी ज्यादातर खाली दिखाई दे रही थी. शायद खाली कुर्सियों का ही असर था कि इतने सारे अतिथि मंच पर दिखाई दिए लेकिन इसमें सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चंद मिनट का भाषण दिए और सभा खत्म भी हो गई.
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अव्यवस्था कैसे हुई?
वहीं आयोजनकर्ता पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह ने भी कुर्सी खाली रहने की बात कबूल की और इसका ठीकरा ज़िला प्रशासन की व्यवस्था पर फोड़ा. उन्होंने कहा कि वे इस पूरे मामले पर जिला प्रशासन से जरूर बात करेंगे कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आखिर ऐसी अव्यवस्था कैसे हुई.
करोड़पति इंजीनियर का खुलासा: बिल पास करने के मांगे ₹60,000, एंटी करप्शन टीम ने दबोचा
6 Jun, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
झारखंड के रांची में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सनोत सोरेन को 60 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता सनोत सोरेन को 60 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जाने से हड़कंप मच गया. रंगे हाथ घुस लेते हुए गिरफ्तार सनोत सोरेन की मुश्किलें उसे वक्त और बढ़ गई जब एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने उनके घर पर छापेमारी कर लगभग 17 लाख रुपए जब्त कर लिए.
ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सनोत सुरेंद्र को रंगे हाथ 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो के द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया जिसमें बताया गया कि रांची के अनगड़ा क्षेत्र के अंतर्गत बांद टोली के पास सड़क निर्माण का कार्य एक ठेकेदार के द्वारा किया गया था. काम दिसंबर 2024 में ही पूरा हो गया था लेकिन विभागीय जूनियर इंजीनियर के द्वारा समय पर मॉपन पुस्तिका नहीं भरने के कारण उसका बिल लंबित रह गया, जिसके बाद ठेकेदार ने फरवरी 2025 में मापन पुस्तिका कार्यपालक अभियंता कार्यालय में प्रस्तुत की, जिसमें लगभग 19 लाख का बिल जमा किया गया, हालांकि उसके बिल का भुगतान नहीं हुआ.
60 हजार रुपए की ले रहे थे रिश्वत
हालांकि ठेकेदार किसी प्रकार का घूस देकर अपना काम नहीं करवाना चाहता था. लेकिन अभिंयंता पैसों की डिमांड कर रहा था. ठेकेदार ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई. जांच में एंटी करप्शन ब्यूरो ने सनोत सोरेन को ठेकेदार से बिल भुगतान करने के मामले में लगभग 60 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
ACB की टीम ने किया अरेस्ट
वहीं उनकी गिरफ्तारी के बाद घर की तलाशी लेने के दौरान करीब 17 लाख रुपए बरामद किए गए. सनोत सोरेन के विरुद्ध केस दर्ज कर आगे करवाई की जा रही है. इससे पहले 2 जनवरी 2025 को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रांची के टाउन सीओ के अंचल अधिकारी मुंशी राम को, एक जमीन के मामले में शिकायतकर्ता से 37 हजार घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद एसीबी के द्वारा की गई छापेमारी में रांची शहर अंचल के सीओ मुंशी राम के फ्लैट से लगभग 11.42 लाख रुपए भी बरामद हुए थे.
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